NCERT Solutions for Class 11 Mathematics: Chapter 02 सम्बन्ध एवं फलन
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Practice Class 11 Mathematics Solutions: Chapter 02 सम्बन्ध एवं फलन
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Question 1. स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए :
(i) \( m R_1 n \Leftrightarrow \) m तथा n दोनों विषम हैं, \( \forall m, n \in N \)
(ii) समुच्चय A के घात समुच्चय (Power set) P(A) में \( A R_2 B \Leftrightarrow A \subseteq B, \forall A, B \in P(A) \)
(iii) त्रिविम समष्टि (Three dimensional Space) में स्थित, सरल रेखाओं के समुच्चय S में \( L_1 R_3 L_2 \Leftrightarrow L_1 \) तथा \( L_2 \) समतलीय है, \( \forall L_1, L_2 \in S \)
(iv) \( a R_4 b \Leftrightarrow \) b, a से भाज्य हो, \( \forall a, b \in N \)
Answer:
(i) **R₁ की स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( m \in N \). यदि m एक विषम संख्या है, तो \( m R_1 m \) सत्य है क्योंकि m और m दोनों विषम हैं।
परन्तु यदि m एक सम संख्या है, तो \( m R_1 m \) असत्य है क्योंकि m और m दोनों विषम नहीं हैं।
अतः \( R_1 \) स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**R₁ की संक्रामकता की जाँच:**
माना \( m R_1 n \) और \( n R_1 p \).
\( m R_1 n \Rightarrow \) m तथा n दोनों विषम हैं।
\( n R_1 p \Rightarrow \) n तथा p दोनों विषम हैं।
क्योंकि n विषम है, और \( m R_1 n \) से m भी विषम है, तथा \( n R_1 p \) से p भी विषम है।
अतः m तथा p दोनों विषम हैं।
\( \implies m R_1 p \)
इसलिए, \( R_1 \) एक संक्रामक सम्बन्ध है।
(नोट: सममितता का भाग स्रोत में अनुपलब्ध है। लेकिन अगर \( mR_1n \) का अर्थ है कि m और n दोनों विषम हैं, तो \( nR_1m \) का भी यही अर्थ होगा।) यदि \( m, n \) दोनों विषम हैं तो \( n, m \) भी विषम होंगे, अतः यह सममित भी होगा।
(ii) **R₂ की स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( A \in P(A) \).
\( A R_2 A \Rightarrow A \subseteq A \).
यह सत्य है, क्योंकि प्रत्येक समुच्चय स्वयं का उपसमुच्चय होता है।
अतः \( R_2 \) स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**R₂ की सममितता की जाँच:**
माना \( A, B \in P(A) \) और \( A R_2 B \).
\( A R_2 B \Rightarrow A \subseteq B \).
लेकिन \( A \subseteq B \) का अर्थ यह नहीं है कि \( B \subseteq A \). उदाहरण के लिए, यदि \( A = \{1\} \) और \( B = \{1, 2\} \), तो \( A \subseteq B \) लेकिन \( B \not\subseteq A \).
\( \implies B \not R_2 A \)
अतः \( R_2 \) सममित सम्बन्ध नहीं है।
**R₂ की संक्रामकता की जाँच:**
माना \( A, B, C \in P(A) \), \( A R_2 B \) और \( B R_2 C \).
\( A R_2 B \Rightarrow A \subseteq B \).
\( B R_2 C \Rightarrow B \subseteq C \).
चूंकि \( A \subseteq B \) और \( B \subseteq C \), इसका अर्थ है कि \( A \subseteq C \).
\( \implies A R_2 C \)
अतः \( R_2 \) संक्रामक सम्बन्ध है।
(iii) **R₃ की स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( L_1 \in S \).
\( L_1 R_3 L_1 \Rightarrow L_1 \) और \( L_1 \) समतलीय हैं।
यह सत्य है, क्योंकि प्रत्येक रेखा स्वयं के समतल में होती है।
अतः \( R_3 \) स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**R₃ की सममितता की जाँच:**
माना \( L_1, L_2 \in S \) और \( L_1 R_3 L_2 \).
\( L_1 R_3 L_2 \Rightarrow L_1 \) तथा \( L_2 \) समतलीय हैं।
यदि \( L_1 \) तथा \( L_2 \) समतलीय हैं, तो \( L_2 \) तथा \( L_1 \) भी समतलीय होंगे।
\( \implies L_2 R_3 L_1 \)
अतः \( R_3 \) सममित सम्बन्ध है।
**R₃ की संक्रामकता की जाँच:**
स्रोत में संक्रामकता की जाँच अनुपलब्ध है, लेकिन निष्कर्ष दिया गया है।
\( R_3 \) संक्रामक सम्बन्ध नहीं है। (यदि \( L_1, L_2 \) समतलीय हैं और \( L_2, L_3 \) समतलीय हैं, तो \( L_1, L_3 \) का समतलीय होना आवश्यक नहीं है, उदाहरण के लिए तीन रेखाएं जो एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हों लेकिन समतलीय न हों।) अतः \( R_3 \) संक्रामक सम्बन्ध नहीं है।
(iv) **R₄ की स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( a \in N \).
\( a R_4 a \Rightarrow \) a, a से भाज्य हो, अर्थात \( \frac{a}{a} = 1 \).
यह सत्य है।
अतः \( R_4 \) स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**R₄ की सममितता की जाँच:**
माना \( a, b \in N \) और \( a R_4 b \).
\( a R_4 b \Rightarrow \) b, a से भाज्य हो (अर्थात \( a|b \)).
यदि \( a|b \), तो \( b|a \) होना आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए, 2, 4 से भाज्य है (2|4), लेकिन 4, 2 से भाज्य नहीं है (4 \(\nmid\) 2).
यह तभी संभव है जब \( a = b \).
\( \implies b \not R_4 a \)
अतः \( R_4 \) सममित सम्बन्ध नहीं है।
**R₄ की संक्रामकता की जाँच:**
माना \( a, b, c \in N \), \( a R_4 b \) और \( b R_4 c \).
\( a R_4 b \Rightarrow \) b, a से भाज्य हो, अर्थात \( b = \lambda_1 a \) (जहाँ \( \lambda_1 \) एक पूर्णांक है).
\( b R_4 c \Rightarrow \) c, b से भाज्य हो, अर्थात \( c = \lambda_2 b \) (जहाँ \( \lambda_2 \) एक पूर्णांक है).
अब, \( c = \lambda_2 b = \lambda_2 (\lambda_1 a) = (\lambda_1 \lambda_2) a \).
चूंकि \( \lambda_1 \lambda_2 \) भी एक पूर्णांक है, इसलिए c, a से भाज्य है।
\( \implies a R_4 c \)
अतः \( R_4 \) संक्रामक सम्बन्ध है।
In simple words: हमें दिए गए संबंधों के लिए तीन गुण - स्वतुल्यता (अपने आप से संबंधित), सममितता (यदि A, B से संबंधित है तो B, A से संबंधित है) और संक्रामकता (यदि A, B से संबंधित है और B, C से संबंधित है, तो A, C से संबंधित है) - की जाँच करनी है। पहले संबंध में यदि संख्या सम है तो वह खुद से संबंधित नहीं है, इसलिए स्वतुल्य नहीं है। दूसरे संबंध में यदि एक समुच्चय दूसरे का उपसमुच्चय है, तो जरूरी नहीं कि दूसरा पहले का उपसमुच्चय हो, इसलिए सममित नहीं है। तीसरे संबंध में यदि दो रेखाएँ समतलीय हैं, तो यह स्वतुल्य और सममित है, लेकिन संक्रामक नहीं है। चौथे संबंध में यदि a, b को विभाजित करता है, तो यह स्वतुल्य और संक्रामक है लेकिन सममित नहीं है।
🎯 Exam Tip: संबंधों की जांच करते समय, परिभाषा को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक गुण (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक) के लिए उदाहरण या प्रतिउदाहरण (counterexample) का उपयोग करें। यदि संबंध सभी तत्वों के लिए सत्य नहीं है, तो वह गुण नहीं रखता है।
Question 2. अशून्य वास्तविक संख्याओं के समुच्चय \( R_0 \) में सम्बन्ध P निम्न प्रकार परिभाषित है :
(i) \( x P y \Leftrightarrow x^2 + y^2 = 1 \)
(ii) \( x P y \Leftrightarrow xy = 1 \)
(iii) \( x P y \Leftrightarrow (x + y) \) एक परिमेय संख्या है।
(iv) \( x P y \Leftrightarrow x/y \) एक परिमेय संख्या है।
इन सम्बन्धों की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
(i) \( x P y \Leftrightarrow x^2 + y^2 = 1 \)
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( x \in R_0 \).
\( x P x \Leftrightarrow x^2 + x^2 = 1 \Rightarrow 2x^2 = 1 \Rightarrow x^2 = \frac{1}{2} \).
यह सभी \( x \in R_0 \) के लिए सत्य नहीं है (उदाहरण के लिए, यदि \( x=1 \), तो \( 2(1)^2 \neq 1 \)).
अतः P स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( x, y \in R_0 \) और \( x P y \).
\( x P y \Rightarrow x^2 + y^2 = 1 \).
\( y^2 + x^2 = 1 \) भी सत्य है।
\( \implies y P x \).
अतः P सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( x, y, z \in R_0 \), \( x P y \) और \( y P z \).
\( x P y \Rightarrow x^2 + y^2 = 1 \).
\( y P z \Rightarrow y^2 + z^2 = 1 \).
इन दोनों समीकरणों से, \( x^2 + y^2 = y^2 + z^2 \Rightarrow x^2 = z^2 \).
लेकिन \( x^2 = z^2 \) का अर्थ यह नहीं है कि \( x P z \) सत्य हो, अर्थात \( x^2 + z^2 = 1 \) हो।
उदाहरण के लिए, स्रोत में दिए गए उदाहरण के आधार पर (जहाँ \( R_0 \) के बजाय R का प्रयोग किया गया प्रतीत होता है):
माना \( x = -1, y = 0, z = 1 \) (यदि \( 0 \) को \( R_0 \) में अनुमति हो, अन्यथा अन्य उदाहरण लें).
\( (-1) P 0 \Rightarrow (-1)^2 + 0^2 = 1 \) (सत्य).
\( 0 P 1 \Rightarrow 0^2 + 1^2 = 1 \) (सत्य).
लेकिन \( (-1) P 1 \Rightarrow (-1)^2 + 1^2 = 1 + 1 = 2 \neq 1 \).
अतः P संक्रामक सम्बन्ध नहीं है।
(ii) \( x P y \Leftrightarrow xy = 1 \)
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( x \in R_0 \).
\( x P x \Leftrightarrow x \cdot x = 1 \Rightarrow x^2 = 1 \).
यह सभी \( x \in R_0 \) के लिए सत्य नहीं है (उदाहरण के लिए, यदि \( x=2 \), तो \( 2^2 \neq 1 \)).
अतः P स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( x, y \in R_0 \) और \( x P y \).
\( x P y \Rightarrow xy = 1 \).
चूंकि वास्तविक संख्याओं के गुणन में क्रम बदल सकते हैं, \( yx = 1 \) भी सत्य है।
\( \implies y P x \).
अतः P सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( x, y, z \in R_0 \), \( x P y \) और \( y P z \).
\( x P y \Rightarrow xy = 1 \).
\( y P z \Rightarrow yz = 1 \).
यहां से, \( x = \frac{1}{y} \) और \( z = \frac{1}{y} \).
तो \( x = z \).
अब, \( x P z \) का अर्थ है \( xz = 1 \). यदि \( x=z \), तो \( x^2 = 1 \).
यह हमेशा सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए:
माना \( x=2, y=\frac{1}{2}, z=2 \).
\( x P y \Rightarrow 2 \cdot \frac{1}{2} = 1 \) (सत्य).
\( y P z \Rightarrow \frac{1}{2} \cdot 2 = 1 \) (सत्य).
लेकिन \( x P z \Rightarrow 2 \cdot 2 = 4 \neq 1 \).
अतः P संक्रामक सम्बन्ध नहीं है।
(iii) \( x P y \Leftrightarrow (x + y) \) एक परिमेय संख्या है।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( x \in R_0 \).
\( x P x \Leftrightarrow x + x = 2x \) एक परिमेय संख्या है।
यह सभी \( x \in R_0 \) के लिए सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि \( x = \sqrt{2} \), तो \( 2\sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है।
अतः P स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( x, y \in R_0 \) और \( x P y \).
\( x P y \Rightarrow (x + y) \) एक परिमेय संख्या है।
\( (y + x) \) भी एक परिमेय संख्या होगी, क्योंकि योग में क्रम बदल सकते हैं।
\( \implies y P x \).
अतः P सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( x, y, z \in R_0 \), \( x P y \) और \( y P z \).
\( x P y \Rightarrow (x + y) \) एक परिमेय संख्या है।
\( y P z \Rightarrow (y + z) \) एक परिमेय संख्या है।
स्रोत के अनुसार, \( x+z \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
\( \implies x P z \).
अतः P संक्रामक सम्बन्ध है। (नोट: सामान्य गणितीय रूप से, यह संक्रामक नहीं है। यदि \( x+y = q_1 \) और \( y+z = q_2 \), तो \( x+z = q_1 + q_2 - 2y \). यह तभी परिमेय होगा जब \( 2y \) परिमेय हो, जो हमेशा सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए, \( x = \sqrt{2}, y = 1-\sqrt{2}, z = \sqrt{2} \). \( x+y = 1 \) और \( y+z = 1 \), लेकिन \( x+z = 2\sqrt{2} \) अपरिमेय है।) हालाँकि, हम स्रोत के निष्कर्ष का पालन करेंगे।
(iv) \( x P y \Leftrightarrow x/y \) एक परिमेय संख्या है।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( x \in R_0 \).
\( x P x \Leftrightarrow x/x = 1 \).
चूंकि 1 एक परिमेय संख्या है, यह सभी \( x \in R_0 \) के लिए सत्य है।
अतः P स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( x, y \in R_0 \) और \( x P y \).
\( x P y \Rightarrow x/y \) एक परिमेय संख्या है।
यदि \( x/y = q \) (एक परिमेय संख्या), तो \( y/x = 1/q \). चूंकि q एक अशून्य परिमेय संख्या है, \( 1/q \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
\( \implies y P x \).
अतः P सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( x, y, z \in R_0 \), \( x P y \) और \( y P z \).
\( x P y \Rightarrow x/y \) एक परिमेय संख्या है (माना \( x/y = q_1 \)).
\( y P z \Rightarrow y/z \) एक परिमेय संख्या है (माना \( y/z = q_2 \)).
अब, \( \frac{x}{z} = \frac{x}{y} \cdot \frac{y}{z} = q_1 \cdot q_2 \).
चूंकि \( q_1 \) और \( q_2 \) दोनों परिमेय संख्याएँ हैं, उनका गुणनफल \( q_1 q_2 \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
\( \implies x P z \).
अतः P संक्रामक सम्बन्ध है।
In simple words: हम चार अलग-अलग संबंधों की जाँच कर रहे हैं कि क्या वे स्वतुल्य, सममित और संक्रामक हैं। पहले संबंध में \( x^2+y^2=1 \) है, यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि \( 2x^2=1 \) हमेशा सच नहीं होता। यह सममित है लेकिन संक्रामक नहीं है। दूसरे संबंध \( xy=1 \) में भी यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि \( x^2=1 \) हमेशा सच नहीं होता। यह सममित है लेकिन संक्रामक नहीं है। तीसरे संबंध में \( x+y \) एक परिमेय संख्या है, यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि \( 2x \) हमेशा परिमेय नहीं होता। यह सममित है, और स्रोत के अनुसार संक्रामक है। चौथे संबंध में \( x/y \) एक परिमेय संख्या है, यह तीनों गुणों को पूरा करता है, इसलिए यह स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।
🎯 Exam Tip: जब संबंध \( R_0 \) (अशून्य वास्तविक संख्याओं का समुच्चय) पर परिभाषित हो, तो यह सुनिश्चित करें कि आप शून्य को अपने उदाहरणों या प्रतिउदाहरणों में शामिल न करें, जब तक कि स्पष्ट रूप से अनुमति न हो। हमेशा परिभाषाओं पर टिके रहें।
Question 4. N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है। यदि N x N में कोई सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित हो कि \( (a, b) R (c, d) \Leftrightarrow ad = bc \forall (a, b), (c, d) \in N \times N \) तो सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
दिए गए संबंध R को N x N पर परिभाषित किया गया है जहाँ \( (a, b) R (c, d) \Leftrightarrow ad = bc \).
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( (a, b) \in N \times N \).
\( (a, b) R (a, b) \Leftrightarrow ab = ba \).
चूंकि \( ab = ba \) (वास्तविक संख्याओं के गुणन में क्रमविनिमयता), यह सभी \( (a, b) \in N \times N \) के लिए सत्य है।
अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( (a, b), (c, d) \in N \times N \) और \( (a, b) R (c, d) \).
\( (a, b) R (c, d) \Rightarrow ad = bc \).
हमें यह दिखाना है कि \( (c, d) R (a, b) \), जिसका अर्थ है \( cb = da \).
चूंकि \( ad = bc \) है, तो हम इसे \( bc = ad \) लिख सकते हैं, जो \( cb = da \) के समान है।
\( \implies (c, d) R (a, b) \).
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( (a, b), (c, d), (e, f) \in N \times N \) और \( (a, b) R (c, d) \) तथा \( (c, d) R (e, f) \).
\( (a, b) R (c, d) \Rightarrow ad = bc \). (समीकरण 1)
\( (c, d) R (e, f) \Rightarrow cf = de \). (समीकरण 2)
समीकरण 1 को f से गुणा करने पर: \( adf = bcf \).
समीकरण 2 को b से गुणा करने पर: \( bcf = bde \).
तो, \( adf = bde \).
क्योंकि \( d \in N \) और \( d \neq 0 \), हम d से भाग दे सकते हैं:
\( af = be \).
\( \implies (a, b) R (e, f) \).
अतः R संक्रामक सम्बन्ध है।
चूंकि R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है, अतः R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
In simple words: हमें यह दिखाना है कि दिया गया संबंध R, जिसमें \( (a,b) \) और \( (c,d) \) संबंधित होते हैं यदि \( ad=bc \), एक तुल्यता संबंध है। इसके लिए, हमें यह साबित करना होगा कि यह तीन गुण रखता है: स्वतुल्य (यह अपने आप से संबंधित है क्योंकि \( ab=ba \)), सममित (यदि \( ad=bc \) है, तो \( cb=da \) भी है), और संक्रामक (यदि \( ad=bc \) और \( cf=de \), तो \( af=be \) भी होगा)। चूंकि यह तीनों गुण पूरे करता है, तो यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: तुल्यता संबंध सिद्ध करते समय, प्रत्येक गुण (स्वतुल्यता, सममितता, संक्रामकता) की जांच के लिए स्पष्ट और चरण-दर-चरण प्रमाण प्रस्तुत करें। बीजगणितीय हेरफेर में सावधानी बरतें।
Question 5. अशून्य परिमेय संख्याओं के समुच्चय \( Q_0 \) में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( a R b \Leftrightarrow a = 1/b, \forall a, b \in Q_0 \). क्या R एक तुल्यता सम्बन्ध है?
Answer:
दिए गए संबंध R को \( Q_0 \) पर परिभाषित किया गया है जहाँ \( a R b \Leftrightarrow a = 1/b \).
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( a \in Q_0 \).
\( a R a \Leftrightarrow a = 1/a \).
इससे \( a^2 = 1 \) होता है, जिसका अर्थ है \( a = \pm 1 \).
चूंकि यह सभी \( a \in Q_0 \) के लिए सत्य नहीं है (उदाहरण के लिए, यदि \( a=2 \), तो \( 2 \neq 1/2 \)), अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( a, b \in Q_0 \) और \( a R b \).
\( a R b \Rightarrow a = 1/b \).
इस समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर, हम पाते हैं \( b = 1/a \).
\( \implies b R a \).
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( a, b, c \in Q_0 \), \( a R b \) और \( b R c \).
\( a R b \Rightarrow a = 1/b \).
\( b R c \Rightarrow b = 1/c \).
अब, b का मान पहले समीकरण में रखने पर, \( a = 1/(1/c) \).
\( \implies a = c \).
हमें यह देखना है कि क्या \( a R c \) सत्य है, अर्थात \( a = 1/c \).
चूंकि \( a=c \), तो \( a = 1/a \). इससे \( a^2 = 1 \) होता है, जिसका अर्थ है \( a = \pm 1 \).
यह सभी \( a, b, c \in Q_0 \) के लिए सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए,
माना \( a=2, b=1/2, c=2 \).
\( a R b \Rightarrow 2 = 1/(1/2) \) (सत्य).
\( b R c \Rightarrow 1/2 = 1/2 \) (सत्य).
लेकिन \( a R c \Rightarrow 2 = 1/2 \) (असत्य).
अतः R संक्रामक सम्बन्ध नहीं है।
चूंकि R स्वतुल्य और संक्रामक नहीं है, अतः R एक तुल्यता सम्बन्ध नहीं होगा।
In simple words: हमें यह जांचना है कि अशून्य परिमेय संख्याओं के एक समुच्चय पर परिभाषित संबंध, जहां \( a \) और \( b \) संबंधित हैं यदि \( a = 1/b \), एक तुल्यता संबंध है या नहीं। यह संबंध स्वतुल्य नहीं है क्योंकि \( a=1/a \) हमेशा सत्य नहीं होता (सिर्फ \( \pm 1 \) के लिए)। यह सममित है क्योंकि यदि \( a=1/b \) है तो \( b=1/a \) भी होगा। लेकिन यह संक्रामक नहीं है क्योंकि यदि \( a=1/b \) और \( b=1/c \) है, तो \( a=c \) होता है, लेकिन \( a=1/c \) होने के लिए \( a=\pm 1 \) होना चाहिए, जो हमेशा सच नहीं है। चूंकि यह स्वतुल्य और संक्रामक नहीं है, इसलिए यह एक तुल्यता संबंध नहीं है।
🎯 Exam Tip: तुल्यता संबंध की जांच करते समय, यदि कोई एक गुण (स्वतुल्यता, सममितता, संक्रामकता) भी विफल हो जाता है, तो संबंध तुल्यता संबंध नहीं होता है। एक भी प्रतिउदाहरण पूरे गुण को नकारने के लिए पर्याप्त है।
Question 7. एक समतल में स्थित त्रिभुजों के समुच्चय में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( x R y \Leftrightarrow x,y \) के सदृश्य है। सिद्ध कीजिए R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
दिए गए संबंध R को समतल में स्थित त्रिभुजों के समुच्चय पर परिभाषित किया गया है जहाँ \( x R y \Leftrightarrow x,y \) सदृश्य हैं।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( x \) समुच्चय में एक त्रिभुज है।
\( x R x \Leftrightarrow x, x \) के सदृश्य है।
यह सत्य है, क्योंकि प्रत्येक त्रिभुज स्वयं के सदृश्य होता है।
अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( x, y \) समुच्चय में त्रिभुज हैं और \( x R y \).
\( x R y \Rightarrow x, y \) के सदृश्य हैं।
यदि \( x, y \) के सदृश्य हैं, तो \( y, x \) भी के सदृश्य होंगे।
\( \implies y R x \).
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( x, y, z \) समुच्चय में त्रिभुज हैं और \( x R y \) तथा \( y R z \).
\( x R y \Rightarrow x, y \) के सदृश्य हैं।
\( y R z \Rightarrow y, z \) के सदृश्य हैं।
यदि \( x, y \) के सदृश्य हैं और \( y, z \) के सदृश्य हैं, तो \( x, z \) भी के सदृश्य होंगे।
\( \implies x R z \).
अतः R संक्रामक सम्बन्ध है।
चूंकि R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है, अतः R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
In simple words: हमें यह दिखाना है कि "सदृश्य होने" का संबंध एक तुल्यता संबंध है। यह स्वतुल्य है क्योंकि हर त्रिभुज खुद के सदृश्य होता है। यह सममित है क्योंकि यदि एक त्रिभुज दूसरे के सदृश्य है, तो दूसरा पहले के भी सदृश्य होगा। यह संक्रामक है क्योंकि यदि पहला दूसरे के सदृश्य है और दूसरा तीसरे के सदृश्य है, तो पहला भी तीसरे के सदृश्य होगा। चूंकि यह सभी तीन गुण रखता है, यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति में संबंधों को सिद्ध करते समय, "सदृश्यता" या "सर्वांगसमता" जैसे गुणों की परिभाषाओं को अच्छी तरह से समझें। इन गुणों के अंतर्निहित नियम आमतौर पर स्वतुल्य, सममित और संक्रामक होते हैं।
Question 8. माना \( A = \{1, 2, 3\} \). A में एक सम्बन्ध R निम्न प्रकार परिभाषित है : \( R = \{(1, 1), (1, 2), (2, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3), (3, 1), (2, 3), (3, 2)\} \). R की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
दिया गया समुच्चय \( A = \{1, 2, 3\} \)
दिया गया संबंध \( R = \{(1, 1), (1, 2), (2, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3), (3, 1), (2, 3), (3, 2)\} \).
**स्वतुल्यता की जाँच:**
एक संबंध स्वतुल्य होता है यदि \( \forall a \in A \), \( (a, a) \in R \).
यहां, \( (1, 1) \in R, (2, 2) \in R, (3, 3) \in R \).
अतः R एक स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**सममितता की जाँच:**
एक संबंध सममित होता है यदि \( (a, b) \in R \Rightarrow (b, a) \in R \).
\( (1, 2) \in R \Rightarrow (2, 1) \in R \) (विद्यमान है).
\( (1, 3) \in R \Rightarrow (3, 1) \in R \) (विद्यमान है).
\( (2, 3) \in R \Rightarrow (3, 2) \in R \) (विद्यमान है).
अन्य सभी युग्मों के लिए (जैसे \( (1,1) \)), व्युत्क्रम युग्म समान होता है।
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
एक संबंध संक्रामक होता है यदि \( (a, b) \in R \) और \( (b, c) \in R \Rightarrow (a, c) \in R \).
कुछ उदाहरण देखें:
\( (1, 2) \in R \) और \( (2, 3) \in R \Rightarrow (1, 3) \in R \) (विद्यमान है).
\( (2, 1) \in R \) और \( (1, 3) \in R \Rightarrow (2, 3) \in R \) (विद्यमान है).
\( (1, 3) \in R \) और \( (3, 2) \in R \Rightarrow (1, 2) \in R \) (विद्यमान है).
\( (3, 1) \in R \) और \( (1, 2) \in R \Rightarrow (3, 2) \in R \) (विद्यमान है).
सभी संभव संयोजनों की जाँच करने पर, संबंध R संक्रामक प्रतीत होता है।
अतः R संक्रामक सम्बन्ध है।
In simple words: हमें दिए गए समुच्चय \( A=\{1,2,3\} \) पर परिभाषित संबंध R की जाँच करनी है कि क्या यह स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है। यह स्वतुल्य है क्योंकि \( (1,1), (2,2), (3,3) \) सभी R में हैं। यह सममित है क्योंकि हर \( (a,b) \) के लिए \( (b,a) \) भी R में है। यह संक्रामक है क्योंकि यदि \( (a,b) \) और \( (b,c) \) R में हैं, तो \( (a,c) \) भी R में है। चूंकि यह सभी तीन गुण रखता है, यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: सीमित समुच्चयों पर संबंधों की जांच करते समय, स्वतुल्यता के लिए सभी \( (a,a) \) युग्मों की उपस्थिति की पुष्टि करें। सममितता के लिए, प्रत्येक \( (a,b) \) युग्म के लिए \( (b,a) \) की जांच करें। संक्रामकता के लिए, सभी \( (a,b) \) और \( (b,c) \) युग्मों की जांच करें और पुष्टि करें कि \( (a,c) \) मौजूद है।
Question 9. अशून्य सम्मिश्र संख्याओं के समुच्चय \( C_0 \) में एक सम्बन्ध R निम्न प्रकार परिभाषित है कि \( z_1 R z_2 \Leftrightarrow \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} \) वास्तविक है। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
दिए गए संबंध R को अशून्य सम्मिश्र संख्याओं के समुच्चय \( C_0 \) पर परिभाषित किया गया है जहाँ \( z_1 R z_2 \Leftrightarrow \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} \) एक वास्तविक संख्या है।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( z \in C_0 \).
\( z R z \Leftrightarrow \frac{z - z}{z + z} = \frac{0}{2z} = 0 \).
चूंकि 0 एक वास्तविक संख्या है, यह सभी \( z \in C_0 \) के लिए सत्य है।
अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( z_1, z_2 \in C_0 \) और \( z_1 R z_2 \).
\( z_1 R z_2 \Rightarrow \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} = k \), जहाँ k एक वास्तविक संख्या है।
अब, \( \frac{z_2 - z_1}{z_2 + z_1} = \frac{-(z_1 - z_2)}{z_1 + z_2} = -k \).
चूंकि k एक वास्तविक संख्या है, -k भी एक वास्तविक संख्या होगी।
\( \implies z_2 R z_1 \).
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( z_1, z_2, z_3 \in C_0 \), \( z_1 R z_2 \) और \( z_2 R z_3 \).
\( z_1 R z_2 \Rightarrow \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} = k_1 \) (एक वास्तविक संख्या).
\( z_2 R z_3 \Rightarrow \frac{z_2 - z_3}{z_2 + z_3} = k_2 \) (एक वास्तविक संख्या).
इन समीकरणों से, यह दिखाया जा सकता है कि \( z_1, z_2, z_3 \) मूलबिंदु के साथ संरेख (collinear) हैं या एक वृत्त पर स्थित हैं जो मूलबिंदु से गुजरता है। अधिक सटीक रूप से, यदि \( \frac{z_1-z_2}{z_1+z_2} \) वास्तविक है, तो \( z_1 \) और \( z_2 \) मूलबिंदु के साथ एक ही रेखा पर स्थित होते हैं।
यदि \( z_1 \) और \( z_2 \) मूलबिंदु के साथ संरेख हैं, और \( z_2 \) और \( z_3 \) मूलबिंदु के साथ संरेख हैं, तो \( z_1 \) और \( z_3 \) भी मूलबिंदु के साथ संरेख होंगे।
अतः \( \frac{z_1 - z_3}{z_1 + z_3} \) भी एक वास्तविक संख्या होगी।
\( \implies z_1 R z_3 \).
अतः R संक्रामक सम्बन्ध है।
चूंकि R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है, अतः R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
In simple words: हमें दिखाना है कि सम्मिश्र संख्याओं के बीच का संबंध, जहाँ \( \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} \) एक वास्तविक संख्या है, एक तुल्यता संबंध है। यह स्वतुल्य है क्योंकि \( \frac{z-z}{z+z} = 0 \) जो एक वास्तविक संख्या है। यह सममित है क्योंकि यदि \( \frac{z_1 - z_2}{z_1 + z_2} \) वास्तविक है, तो उसका नकारात्मक \( \frac{z_2 - z_1}{z_2 + z_1} \) भी वास्तविक होगा। यह संक्रामक है क्योंकि यदि \( z_1, z_2 \) और \( z_2, z_3 \) मूलबिंदु के साथ संरेख हैं, तो \( z_1, z_3 \) भी संरेख होंगे, और उनका अनुपात भी वास्तविक होगा। चूंकि यह सभी गुण रखता है, यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: सम्मिश्र संख्याओं पर संबंधों को सिद्ध करते समय, वास्तविक और काल्पनिक भागों के गुणों का उपयोग करें। यदि \( \frac{z_1-z_2}{z_1+z_2} \) एक वास्तविक संख्या है, तो इसका अर्थ है कि \( \frac{z_1-z_2}{z_1+z_2} = \overline{\left(\frac{z_1-z_2}{z_1+z_2}\right)} \). इस गुण का उपयोग करके भी आप परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
Question 10. यदि R, समुच्चयों के समूह में “A, B से असंयुक्त (Disjointed) है" द्वारा परिभाषित सम्बन्ध हो तो R की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
समुच्चयों के समूह में संबंध R को \( A R B \Leftrightarrow A \) और \( B \) असंयुक्त हैं (अर्थात \( A \cap B = \emptyset \)) द्वारा परिभाषित किया गया है।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( A \) समुच्चयों के समूह में एक समुच्चय है।
\( A R A \Leftrightarrow A \) और \( A \) असंयुक्त हैं (अर्थात \( A \cap A = \emptyset \)).
\( A \cap A = A \). इसलिए, \( A \cap A = \emptyset \) तभी होगा जब \( A = \emptyset \).
चूंकि सभी समुच्चय रिक्त समुच्चय नहीं होते, इसलिए यह सभी \( A \) के लिए सत्य नहीं है।
अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध नहीं है।
**सममितता की जाँच:**
माना \( A, B \) समुच्चयों के समूह में हैं और \( A R B \).
\( A R B \Rightarrow A \cap B = \emptyset \).
चूंकि समुच्चय के प्रतिच्छेद में क्रमविनिमयता होती है, \( B \cap A = \emptyset \) भी सत्य है।
\( \implies B R A \).
अतः R सममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( A, B, C \) समुच्चयों के समूह में हैं, \( A R B \) और \( B R C \).
\( A R B \Rightarrow A \cap B = \emptyset \).
\( B R C \Rightarrow B \cap C = \emptyset \).
इसका अर्थ यह नहीं है कि \( A \) और \( C \) भी असंयुक्त होंगे (अर्थात \( A \cap C = \emptyset \)).
उदाहरण के लिए:
माना \( A = \{1\}, B = \{2\}, C = \{1\} \).
\( A \cap B = \{1\} \cap \{2\} = \emptyset \), इसलिए \( A R B \) सत्य है।
\( B \cap C = \{2\} \cap \{1\} = \emptyset \), इसलिए \( B R C \) सत्य है।
लेकिन \( A \cap C = \{1\} \cap \{1\} = \{1\} \neq \emptyset \).
अतः \( A R C \) असत्य है।
अतः R संक्रामक सम्बन्ध नहीं है।
In simple words: हमें यह जांचना है कि "असंयुक्त होने" का संबंध (यानी, कोई सामान्य तत्व नहीं) स्वतुल्य, सममित या संक्रामक है या नहीं। यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि कोई भी गैर-रिक्त समुच्चय अपने आप से असंयुक्त नहीं हो सकता। यह सममित है क्योंकि यदि \( A \) और \( B \) असंयुक्त हैं, तो \( B \) और \( A \) भी असंयुक्त होंगे। लेकिन यह संक्रामक नहीं है क्योंकि यदि \( A \) और \( B \) असंयुक्त हैं और \( B \) और \( C \) असंयुक्त हैं, तो \( A \) और \( C \) अभी भी एक दूसरे के साथ साझा तत्व रख सकते हैं (एक उदाहरण \( A=\{1\}, B=\{2\}, C=\{1\} \) है)।
🎯 Exam Tip: समुच्चय संबंधों के साथ काम करते समय, वेन आरेख का उपयोग करके अवधारणाओं को समझने में मदद मिल सकती है। असंयुक्ता के लिए, हमेशा एक प्रतिउदाहरण की तलाश करें जहां \( A \cap B = \emptyset \) और \( B \cap C = \emptyset \) लेकिन \( A \cap C \neq \emptyset \) हो, यह संक्रामकता को खंडित करेगा।
Question 11. प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( a R b \) यदि a,b का भाजक है। सिद्ध कीजिए। कि R एक आंशिक क्रम सम्बन्ध है परन्तु पूर्ण क्रम सम्बन्ध नहीं है।
Answer:
प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में संबंध R को \( a R b \Leftrightarrow \) a,b का भाजक है (अर्थात \( a|b \)) द्वारा परिभाषित किया गया है।
हमें यह सिद्ध करना है कि R एक आंशिक क्रम संबंध है (यानी स्वतुल्य, प्रतिसममित और संक्रामक) लेकिन पूर्ण क्रम संबंध नहीं है।
**स्वतुल्यता की जाँच:**
माना \( a \in N \).
\( a R a \Leftrightarrow \) a, a का भाजक है (अर्थात \( a|a \)).
यह सत्य है, क्योंकि प्रत्येक प्राकृत संख्या स्वयं को विभाजित करती है (\( a = 1 \cdot a \)).
अतः R स्वतुल्य सम्बन्ध है।
**प्रतिसममितता की जाँच:**
माना \( a, b \in N \) और \( a R b \) तथा \( b R a \).
\( a R b \Rightarrow a|b \) (अर्थात \( b = \lambda_1 a \), जहाँ \( \lambda_1 \) एक प्राकृत संख्या है).
\( b R a \Rightarrow b|a \) (अर्थात \( a = \lambda_2 b \), जहाँ \( \lambda_2 \) एक प्राकृत संख्या है).
इन दोनों समीकरणों से, \( a = \lambda_2 (\lambda_1 a) = (\lambda_1 \lambda_2) a \).
चूंकि \( a \neq 0 \), हम \( a \) से भाग दे सकते हैं: \( 1 = \lambda_1 \lambda_2 \).
चूंकि \( \lambda_1, \lambda_2 \) प्राकृत संख्याएँ हैं, तो \( \lambda_1 = 1 \) और \( \lambda_2 = 1 \) होना चाहिए।
\( \implies a = b \).
अतः R प्रतिसममित सम्बन्ध है।
**संक्रामकता की जाँच:**
माना \( a, b, c \in N \), \( a R b \) और \( b R c \).
\( a R b \Rightarrow a|b \) (अर्थात \( b = \lambda_1 a \), जहाँ \( \lambda_1 \) एक प्राकृत संख्या है).
\( b R c \Rightarrow b|c \) (अर्थात \( c = \lambda_2 b \), जहाँ \( \lambda_2 \) एक प्राकृत संख्या है).
अब, \( c = \lambda_2 b = \lambda_2 (\lambda_1 a) = (\lambda_1 \lambda_2) a \).
चूंकि \( \lambda_1 \lambda_2 \) भी एक प्राकृत संख्या है, इसलिए \( a|c \).
\( \implies a R c \).
अतः R संक्रामक सम्बन्ध है।
चूंकि R स्वतुल्य, प्रतिसममित और संक्रामक है, अतः R एक आंशिक क्रम सम्बन्ध है।
**पूर्ण क्रम सम्बन्ध नहीं होने की जाँच:**
एक संबंध पूर्ण क्रम होता है यदि वह आंशिक क्रम हो और उसके समुच्चय में प्रत्येक दो तत्व तुलनीय हों (अर्थात, \( \forall a, b \in N \), \( a R b \) या \( b R a \) सत्य हो).
प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में, कुछ तत्व ऐसे हैं जो एक-दूसरे को विभाजित नहीं करते हैं।
उदाहरण के लिए, 2 और 3. 2, 3 को विभाजित नहीं करता (\( 2 \nmid 3 \)), और 3, 2 को विभाजित नहीं करता (\( 3 \nmid 2 \)).
चूंकि 2 और 3 तुलनीय नहीं हैं, इसलिए R एक पूर्ण क्रम सम्बन्ध नहीं है।
In simple words: हमें दिखाना है कि संख्याओं के बीच "विभाजित करने" का संबंध (जैसे 2, 4 को विभाजित करता है) एक आंशिक क्रम है लेकिन पूर्ण क्रम नहीं है। यह स्वतुल्य है क्योंकि हर संख्या खुद को विभाजित करती है। यह प्रतिसममित है क्योंकि यदि \( a, b \) को विभाजित करता है और \( b, a \) को विभाजित करता है, तो \( a=b \) होना चाहिए। यह संक्रामक है क्योंकि यदि \( a, b \) को विभाजित करता है और \( b, c \) को विभाजित करता है, तो \( a, c \) को भी विभाजित करेगा। इसलिए, यह एक आंशिक क्रम है। लेकिन यह एक पूर्ण क्रम नहीं है क्योंकि सभी संख्याएँ एक-दूसरे को विभाजित नहीं करती हैं (जैसे 2, 3 को विभाजित नहीं करता और 3, 2 को विभाजित नहीं करता), इसलिए वे तुलनीय नहीं हैं।
🎯 Exam Tip: आंशिक क्रम संबंध के लिए स्वतुल्यता, प्रतिसममितता और संक्रामकता सिद्ध करें। पूर्ण क्रम के लिए, तुलनीयता का परीक्षण करें। यदि आपको दो अतुलनीय तत्व मिलते हैं, तो यह पूर्ण क्रम नहीं है।
Question 11. बताइए कि N के निम्न उपसमुच्चय सम्बन्ध x, y को विभाजित करता है के लिए पूर्णतया क्रमित समुच्चय है या नहीं :
(i) {2, 4, 6, 8......}
(ii) {0, 2, 4, 6......}
(iii) {3, 9, 5, 15.......}
(iv) {5, 15, 30}
(v) {1, 2, 3, 4}
(vi) {a, b, ab}, \( \forall a, b \in R \)
Answer:
संबंध "x, y को विभाजित करता है" के लिए पूर्णतया क्रमित समुच्चय होने की जाँच करनी है।
(i) {2, 4, 6, 8......} – पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। (उदाहरण के लिए, 6 और 8 तुलनीय नहीं हैं क्योंकि 6, 8 को विभाजित नहीं करता और 8, 6 को विभाजित नहीं करता)।
(ii) {0, 2, 4, 6......} – पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। (ध्यान दें कि 0 प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में नहीं है, जैसा कि प्रश्न में दिया गया है। यदि 0 को शामिल किया जाता है, तो 0 किसी भी गैर-शून्य संख्या को विभाजित नहीं करता, और कोई भी गैर-शून्य संख्या 0 को विभाजित नहीं करती, इसलिए यह बहुत सारे अतुलनीय युग्म बनाता है)।
(iii) {3, 9, 5, 15.......} – पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। (उदाहरण के लिए, 9 और 5 तुलनीय नहीं हैं)।
(iv) {5, 15, 30} – पूर्णक्रम सम्बन्ध नहीं है क्योंकि यहाँ सम्बन्ध सममित नहीं है जिसका कारण है कि 5R15 \( \Rightarrow \) 5, 15 को विभाजित करता है, जबकि 15, 5 को विभाजित नहीं करता है, अर्थात् यह प्रतिसममित है लेकिन यह पूर्ण क्रम संबंध नहीं है क्योंकि कुछ जोड़े अतुलनीय हो सकते हैं।
(नोट: स्रोत में दिया गया तर्क ("सममित नहीं है") भ्रामक है, क्योंकि "विभाजित करता है" संबंध प्रतिसममित होता है, सममित नहीं। इस समुच्चय के लिए, 5|15 और 15|30 है, इसलिए 5|30 भी है। सभी तत्व तुलनीय हैं, तो यह एक पूर्णतया क्रमित समुच्चय होना चाहिए। लेकिन हम स्रोत के निष्कर्ष का पालन करेंगे।)
यह संबंध (विभाजन) संक्रामक होता है:
माना \( a R b \Rightarrow \frac{b}{a} = \lambda_1 \) (जहाँ \( \lambda_1 \) एक पूर्णांक है).
एवं \( b R c \Rightarrow \frac{c}{b} = \lambda_2 \) (जहाँ \( \lambda_2 \) एक पूर्णांक है).
गुणा करने पर \( \frac{b}{a} \times \frac{c}{b} = \frac{c}{a} = \lambda_1 \lambda_2 \).
चूंकि \( \lambda_1 \lambda_2 \) भी एक पूर्णांक है, इसलिए \( a|c \).
(v) {1, 2, 3, 4} – पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। (उदाहरण के लिए, 2 और 3 तुलनीय नहीं हैं)।
(vi) {a, b, ab}, \( \forall a, b \in R \) – पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। (यहाँ \( R \) वास्तविक संख्याओं को दर्शाता है, जबकि विभाजन संबंध प्राकृत संख्याओं पर बेहतर परिभाषित होता है। यदि \( a, b \) प्राकृत संख्याएँ हैं, तो \( a \) और \( b \) के मानों के आधार पर यह पूर्ण क्रम हो भी सकता है और नहीं भी। सामान्यतः नहीं होगा, जैसे \( \{2,3,6\} \).)
In simple words: हमें कुछ संख्याओं के समूहों को देखकर बताना है कि क्या वे "विभाजित करने" के संबंध के तहत पूरी तरह से क्रमबद्ध हैं। इसका मतलब है कि हर जोड़ी को एक-दूसरे को विभाजित करना चाहिए (या तो पहला दूसरे को या दूसरा पहले को)। (i), (ii), (iii), (v) और (vi) पूरी तरह से क्रमबद्ध नहीं हैं क्योंकि उनमें ऐसी संख्याएँ हैं जो एक-दूसरे को विभाजित नहीं करती हैं (जैसे 6 और 8, या 2 और 3)। (iv) {5, 15, 30} के लिए, स्रोत कहता है कि यह पूर्ण क्रम संबंध नहीं है, भले ही यहाँ 5, 15 को और 15, 30 को विभाजित करता है, यानी सभी तुलनीय हैं।
🎯 Exam Tip: एक समुच्चय को "पूर्णतया क्रमित" तभी कहा जाता है जब उसमें प्रत्येक दो तत्वों के लिए, एक तत्व दूसरे को विभाजित करता हो। यदि आपको ऐसे दो तत्व मिलते हैं जो एक-दूसरे को विभाजित नहीं करते हैं, तो समुच्चय पूर्णतया क्रमित नहीं होता है। शून्य को प्राकृत संख्याओं में शामिल नहीं किया जाता है, इसलिए प्रश्नों में इसका ध्यान रखें।
Question 1. निम्न सम्बन्धों की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए :
(i) \( m R₁ n \Leftrightarrow m \) तथा \( n \) दोनों विषम हैं, \( \forall m, n \in N \)
(ii) समुच्चय A के घात समुच्चय (Power set) \( P(A) \) में \( A R₂ B \Leftrightarrow A \subseteq B \), \( \forall A, B \in P(A) \)
(iii) त्रिविम समष्टि (Three dimensional Space) में स्थित, सरल रेखाओं के समुच्चय S में \( L₁ R₃ L₂ \Leftrightarrow L₁ \) तथा \( L₂ \) समतलीय है, \( \forall L₁, L₂ \in S \)
(iv) \( a R₄ b \Leftrightarrow b \), \( a \) से भाज्य हो, \( \forall a, b \in N \)
Answer:
(i) (रिलेशन \( R₁ \): \( m R₁ n \) यदि \( m \) और \( n \) दोनों विषम हैं)
स्वतुल्य: माना \( m \in N \). यदि \( m \) विषम है, तो \( m R₁ m \) सत्य है क्योंकि \( m \) और \( m \) दोनों विषम हैं। परन्तु यदि \( m \) सम है, तो \( m R₁ m \) असत्य है क्योंकि \( m \) और \( m \) दोनों विषम नहीं हैं। अतः, \( R₁ \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: (स्रोत में नहीं दिया गया है)
संक्रामक: माना \( m R₁ n \) और \( n R₁ p \). इसका मतलब है कि \( m, n \) विषम हैं और \( n, p \) विषम हैं। यदि \( n \) विषम है, तो \( m \) और \( p \) भी विषम होने चाहिए। इसलिए, \( m R₁ p \) सत्य है। अतः, \( R₁ \) संक्रामक संबंध है।
(ii) (रिलेशन \( R₂ \): \( A R₂ B \) यदि \( A \subseteq B \))
स्वतुल्य: माना \( A \in P(A) \). \( A R₂ A \) का अर्थ है \( A \subseteq A \). चूंकि प्रत्येक समुच्चय स्वयं का उपसमुच्चय होता है, यह सत्य है। अतः, \( R₂ \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( A, B \in P(A) \). यदि \( A R₂ B \), तो \( A \subseteq B \). लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि \( B \subseteq A \). उदाहरण के लिए, यदि \( A = \{1\} \) और \( B = \{1, 2\} \), तो \( A \subseteq B \) सत्य है लेकिन \( B \subseteq A \) असत्य है। अतः, \( R₂ \) सममित संबंध नहीं है।
संक्रामक: माना \( A, B, C \in P(A) \). यदि \( A R₂ B \) और \( B R₂ C \), तो \( A \subseteq B \) और \( B \subseteq C \). यदि \( A \) का हर तत्व \( B \) में है और \( B \) का हर तत्व \( C \) में है, तो \( A \) का हर तत्व \( C \) में होगा। इसलिए, \( A \subseteq C \), जिसका अर्थ है \( A R₂ C \). अतः, \( R₂ \) संक्रामक संबंध है।
(iii) (रिलेशन \( R₃ \): \( L₁ R₃ L₂ \) यदि \( L₁ \) तथा \( L₂ \) समतलीय हैं)
स्वतुल्य: माना \( L₁ \in S \). \( L₁ R₃ L₁ \) का अर्थ है कि \( L₁ \) और \( L₁ \) समतलीय हैं। क्योंकि हर रेखा अपने आप के समतलीय होती है, यह सत्य है। अतः \( R₃ \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( L₁, L₂ \in S \). यदि \( L₁ R₃ L₂ \), तो \( L₁ \) और \( L₂ \) समतलीय हैं। इसका मतलब है कि \( L₂ \) और \( L₁ \) भी समतलीय हैं। इसलिए, \( L₂ R₃ L₁ \) सत्य है। अतः \( R₃ \) सममित संबंध है।
संक्रामक: \( R₃ \) संक्रामक संबंध नहीं है। उदाहरण के लिए, \( L₁ \) और \( L₂ \) समतलीय हो सकते हैं, \( L₂ \) और \( L₃ \) समतलीय हो सकते हैं, लेकिन \( L₁ \) और \( L₃ \) आवश्यक नहीं कि समतलीय हों।
(iv) (रिलेशन \( R₄ \): \( a R₄ b \) यदि \( b \), \( a \) से भाज्य हो, यानी \( a \) विभाजित करता है \( b \) को)
स्वतुल्य: माना \( a \in N \). \( a R₄ a \) का अर्थ है \( a \), \( a \) से भाज्य है, जो सत्य है (जैसे \( a/a = 1 \)). अतः \( R₄ \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( a, b \in N \). यदि \( a R₄ b \), तो \( a \), \( b \) को विभाजित करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि \( b \), \( a \) को विभाजित करे। उदाहरण के लिए, \( 2 R₄ 4 \) सत्य है (2, 4 को विभाजित करता है) लेकिन \( 4 R₄ 2 \) असत्य है (4, 2 को विभाजित नहीं करता)। अतः \( R₄ \) सममित संबंध नहीं है।
संक्रामक: माना \( a, b, c \in N \). यदि \( a R₄ b \) और \( b R₄ c \), तो \( a \), \( b \) को विभाजित करता है और \( b \), \( c \) को विभाजित करता है। इसका मतलब है कि \( b = ka \) और \( c = lb \) कुछ पूर्णांक \( k, l \) के लिए। \( c = l(ka) = (lk)a \). चूंकि \( lk \) भी एक पूर्णांक है, तो \( a \), \( c \) को विभाजित करता है, जिसका अर्थ है \( a R₄ c \). अतः \( R₄ \) संक्रामक संबंध है।
In simple words: हमने हर संबंध के लिए देखा कि क्या वह खुद से, या उलटा संबंध रखता है, और क्या वह दो चरणों में भी सीधा संबंध रखता है। इससे पता चला कि कुछ संबंध ये गुण रखते हैं और कुछ नहीं।
🎯 Exam Tip: किसी भी संबंध की स्वतुल्यता, सममितता और संक्रामकता की जाँच करते समय, परिभाषाओं को ध्यान में रखें और यदि कोई गुण लागू नहीं होता है, तो एक साधारण प्रतिउदाहरण दें।
Question 2. अशून्य वास्तविक संख्याओं के समुच्चय \( R₀ \) में सम्बन्ध P निम्न प्रकार परिभाषित है :
(i) \( x P y \Leftrightarrow x² + y² = 1 \)
(ii) \( x P y \Leftrightarrow xy = 1 \)
(iii) \( x P y \Leftrightarrow (x + y) \) एक परिमेय संख्या है।
(iv) \( x P y \Leftrightarrow x/y \) एक परिमेय संख्या है।
इन सम्बन्धों की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
(i) (रिलेशन \( P \): \( x P y \) यदि \( x² + y² = 1 \))
स्वतुल्य: माना \( x \in R₀ \). \( x P x \) का अर्थ है \( x² + x² = 1 \), यानी \( 2x² = 1 \). यह केवल तभी सत्य है जब \( x = \pm 1/\sqrt{2} \). यह सभी \( x \in R₀ \) के लिए सत्य नहीं है (जैसे, \( x=1 \) के लिए \( 1²+1²=2 \neq 1 \)). अतः, \( P \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: माना \( x, y \in R₀ \). यदि \( x P y \), तो \( x² + y² = 1 \). चूंकि योग क्रमविनिमेय है, \( y² + x² = 1 \) भी सत्य होगा। इसलिए, \( y P x \). अतः, \( P \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( x, y, z \in R₀ \). यदि \( x P y \) और \( y P z \), तो \( x² + y² = 1 \) और \( y² + z² = 1 \). इससे \( x² = 1 - y² \) और \( z² = 1 - y² \) मिलता है, तो \( x² = z² \). लेकिन \( x P z \) के लिए \( x² + z² = 1 \) होना चाहिए। यदि \( x² = z² \), तो \( 2x² = 1 \), जो हमेशा सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि \( x=1/\sqrt{2}, y=0, z=1/\sqrt{2} \). तो \( xPy \) असत्य है (\( (1/\sqrt{2})²+0²=1/2 \neq 1 \)). स्रोत द्वारा दिया गया उदाहरण बेहतर है: \( -1, 0, 1 \in R₀ \). \( -1 P 0 \) का अर्थ है \( (-1)² + 0² = 1 \). \( 0 P 1 \) का अर्थ है \( 0² + 1² = 1 \). लेकिन \( -1 P 1 \) का अर्थ है \( (-1)² + 1² = 2 \neq 1 \). अतः, \( P \) संक्रामक संबंध नहीं है।
(ii) (रिलेशन \( P \): \( x P y \) यदि \( xy = 1 \))
स्वतुल्य: माना \( x \in R₀ \). \( x P x \) का अर्थ है \( x \cdot x = 1 \), यानी \( x² = 1 \). यह केवल तभी सत्य है जब \( x = \pm 1 \). यह सभी \( x \in R₀ \) के लिए सत्य नहीं है। अतः, \( P \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: माना \( x, y \in R₀ \). यदि \( x P y \), तो \( xy = 1 \). चूंकि गुणा क्रमविनिमेय है, \( yx = 1 \) भी सत्य होगा। इसलिए, \( y P x \). अतः, \( P \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( x, y, z \in R₀ \). यदि \( x P y \) और \( y P z \), तो \( xy = 1 \) और \( yz = 1 \). इससे \( y = 1/x \) और \( y = 1/z \) मिलता है, तो \( 1/x = 1/z \), जिसका अर्थ है \( x = z \). संक्रामकता के लिए \( x P z \) होना चाहिए, जिसका अर्थ है \( xz = 1 \). चूंकि \( x = z \), यह \( x² = 1 \) तक कम हो जाता है, जो \( x = \pm 1 \) के लिए ही सत्य है। यह सभी \( x, y, z \in R₀ \) के लिए सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए, \( x=2, y=1/2, z=2 \). \( x P y \) (\( 2 \cdot 1/2 = 1 \)) और \( y P z \) (\( 1/2 \cdot 2 = 1 \)) सत्य हैं। लेकिन \( x P z \) (\( 2 \cdot 2 = 4 \neq 1 \)) असत्य है। अतः, \( P \) संक्रामक संबंध नहीं है।
(iii) (रिलेशन \( P \): \( x P y \) यदि \( (x + y) \) एक परिमेय संख्या है)
स्वतुल्य: माना \( x \in R₀ \). \( x P x \) का अर्थ है \( x + x = 2x \) एक परिमेय संख्या है। यह केवल तभी सत्य है जब \( x \) स्वयं एक परिमेय संख्या हो। यदि \( x \) एक अपरिमेय संख्या है, तो \( 2x \) एक अपरिमेय संख्या होगी। अतः, \( P \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: माना \( x, y \in R₀ \). यदि \( x P y \), तो \( (x + y) \) एक परिमेय संख्या है। चूंकि योग क्रमविनिमेय है, \( (y + x) \) भी एक परिमेय संख्या होगी। इसलिए, \( y P x \). अतः, \( P \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( x, y, z \in R₀ \). यदि \( x P y \) और \( y P z \), तो \( (x + y) \) एक परिमेय संख्या है और \( (y + z) \) भी एक परिमेय संख्या है। यह हमेशा जरूरी नहीं कि \( (x + z) \) भी एक परिमेय संख्या हो। उदाहरण के लिए, यदि \( x = \sqrt{2}, y = 1 - \sqrt{2}, \) और \( z = \sqrt{2} \), तो \( (x+y) = \sqrt{2} + (1 - \sqrt{2}) = 1 \) (परिमेय) और \( (y+z) = (1 - \sqrt{2}) + \sqrt{2} = 1 \) (परिमेय), लेकिन \( (x+z) = \sqrt{2} + \sqrt{2} = 2\sqrt{2} \) (अपरिमेय)। अतः, \( P \) संक्रामक संबंध नहीं है।
(iv) (रिलेशन \( P \): \( x P y \) यदि \( x/y \) एक परिमेय संख्या है)
स्वतुल्य: माना \( x \in R₀ \). \( x P x \) का अर्थ है \( x/x = 1 \), जो एक परिमेय संख्या है। अतः, \( P \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( x, y \in R₀ \). यदि \( x P y \), तो \( x/y \) एक परिमेय संख्या है। यदि \( x/y \) एक परिमेय संख्या है, तो \( y/x = 1/(x/y) \) भी एक परिमेय संख्या होगी (क्योंकि परिमेय संख्या का व्युत्क्रम परिमेय होता है)। इसलिए, \( y P x \). अतः, \( P \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( x, y, z \in R₀ \). यदि \( x P y \) और \( y P z \), तो \( x/y \) एक परिमेय संख्या है और \( y/z \) एक परिमेय संख्या है। परिमेय संख्याओं का गुणनफल भी परिमेय होता है, इसलिए \( (x/y) \cdot (y/z) = x/z \) भी एक परिमेय संख्या होगी। इसलिए, \( x P z \). अतः, \( P \) संक्रामक संबंध है।
In simple words: हमने हर संबंध के लिए जांच की कि क्या वह अपने आप से जुड़ा है, क्या वह उलटा होने पर भी सही रहता है, और क्या वह दो कड़ियों में भी सीधा संबंध रखता है। कुछ संबंध इन सभी शर्तों को पूरा करते हैं, और कुछ नहीं।
🎯 Exam Tip: वास्तविक संख्याओं के संबंधों की जाँच करते समय, अक्सर अपरिमेय संख्याओं का उपयोग करके प्रतिउदाहरण खोजना आसान होता है, खासकर जब संबंध परिमेय संख्या पर आधारित हो।
Question 4. N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है। यदि \( N \times N \) में कोई सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित हो कि \( (a, b) R (c, d) \Leftrightarrow ad = bc \forall (a, b), (c, d) \in N \times N \) तो सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
रिलेशन \( R \): \( (a, b) R (c, d) \) यदि \( ad = bc \).
(i) स्वतुल्य: माना \( (a, b) \in N \times N \). \( (a, b) R (a, b) \) का अर्थ है \( a \cdot b = b \cdot a \). चूंकि प्राकृतिक संख्याओं में गुणा क्रमविनिमेय होता है, \( ab = ba \) हमेशा सत्य है। अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध है।
(ii) सममित: माना \( (a, b), (c, d) \in N \times N \). यदि \( (a, b) R (c, d) \), तो \( ad = bc \). चूंकि गुणा क्रमविनिमेय है, हम इस समीकरण को \( cb = da \) भी लिख सकते हैं। इसका अर्थ है \( (c, d) R (a, b) \). अतः, \( R \) सममित संबंध है।
(iii) संक्रामक: माना \( (a, b) R (c, d) \) और \( (c, d) R (e, f) \).
इसका मतलब है कि \( ad = bc \) ------ (1) और \( cf = de \) ------ (2).
समीकरण (1) से, \( a/b = c/d \) (यदि \( b, d \neq 0 \)).
समीकरण (2) से, \( c/d = e/f \) (यदि \( d, f \neq 0 \)).
इन दोनों से, \( a/b = e/f \), जिसका अर्थ है \( af = be \).
और \( af = be \) का अर्थ है \( (a, b) R (e, f) \). अतः, \( R \) संक्रामक संबंध है।
चूंकि \( R \) एक स्वतुल्य, सममित और संक्रामक संबंध है, अतः \( R \) एक तुल्यता संबंध है।
In simple words: हमने यह दिखाया कि संबंध \( R \) तीनों गुण (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक) रखता है। इसका मतलब है कि \( R \) एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: तुल्यता संबंध सिद्ध करने के लिए, आपको प्रत्येक गुण (स्वतुल्यता, सममितता, संक्रामकता) की परिभाषा का पालन करते हुए एक अलग प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। गुणा या भाग के गुणों का उपयोग करें।
Question 5. अशून्य परिमेय संख्याओं के समुच्चय \( Q₀ \) में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( a Rb \Leftrightarrow a = 1/b, \forall a, b \in Q₀ \). क्या R एक तुल्यता सम्बन्ध है?
Answer:
रिलेशन \( R \): \( a R b \) यदि \( a = 1/b \).
स्वतुल्य: माना \( a \in Q₀ \). \( a R a \) का अर्थ है \( a = 1/a \), यानी \( a² = 1 \). यह केवल तभी सत्य है जब \( a = \pm 1 \). यह सभी \( a \in Q₀ \) के लिए सत्य नहीं है (जैसे, \( a=2 \) के लिए \( 2 \neq 1/2 \)). अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: माना \( a, b \in Q₀ \). यदि \( a R b \), तो \( a = 1/b \). समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें \( b = 1/a \) मिलता है। इसका अर्थ है \( b R a \). अतः, \( R \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( a, b, c \in Q₀ \). यदि \( a R b \) और \( b R c \), तो \( a = 1/b \) और \( b = 1/c \). समीकरणों में \( b \) का मान रखने पर, हमें \( a = 1/(1/c) \), यानी \( a = c \) मिलता है। संक्रामकता के लिए \( a R c \) होना चाहिए, जिसका अर्थ है \( a = 1/c \). लेकिन हमें \( a = c \) मिला है। तो \( a = 1/c \) तभी सत्य होगा जब \( c = 1/c \Rightarrow c² = 1 \Rightarrow c = \pm 1 \). यह सभी \( a, b, c \in Q₀ \) के लिए सत्य नहीं है। उदाहरण के लिए, \( a=2, b=1/2, c=2 \). \( a R b \) (\( 2 = 1/(1/2) \)) और \( b R c \) (\( 1/2 = 1/2 \)) सत्य हैं। लेकिन \( a R c \) (\( 2 = 1/2 \)) असत्य है। अतः, \( R \) संक्रामक संबंध नहीं है।
चूंकि \( R \) स्वतुल्य एवं संक्रामक नहीं है, अतः \( R \) एक तुल्यता संबंध नहीं होगा।
In simple words: हमने जाँच की कि क्या संबंध \( R \) स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है। यह स्वतुल्य नहीं था और संक्रामक भी नहीं था, इसलिए यह तुल्यता संबंध नहीं है।
🎯 Exam Tip: यह दिखाने के लिए कि कोई संबंध तुल्यता संबंध नहीं है, आपको केवल यह दिखाना होगा कि वह स्वतुल्य, सममित या संक्रामक में से किसी एक गुण को संतुष्ट नहीं करता है।
Question 7. एक समतल में स्थित त्रिभुजों के समुच्चय T में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( xRy \Leftrightarrow x,y \) के सदृश्य है। सिद्ध कीजिए R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
रिलेशन \( R \): \( x R y \) यदि \( x, y \) के सदृश्य है (अर्थात \( x \) त्रिभुज \( y \) त्रिभुज के समरूप है)।
स्वतुल्य: माना \( x \in T \). \( x R x \) का अर्थ है \( x \), \( x \) के सदृश्य है। चूंकि प्रत्येक त्रिभुज स्वयं के समरूप होता है, यह सत्य है। अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( x, y \in T \). यदि \( x R y \), तो \( x \), \( y \) के सदृश्य है। यदि \( x \), \( y \) के सदृश्य है, तो \( y \), \( x \) के सदृश्य भी होगा। इसलिए, \( y R x \). अतः, \( R \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( x, y, z \in T \). यदि \( x R y \) और \( y R z \), तो \( x \), \( y \) के सदृश्य है और \( y \), \( z \) के सदृश्य है। चूंकि त्रिभुजों की समरूपता एक संक्रामक गुण है, यदि \( x \), \( y \) के सदृश्य है और \( y \), \( z \) के सदृश्य है, तो \( x \), \( z \) के सदृश्य होगा। इसलिए, \( x R z \). अतः, \( R \) संक्रामक संबंध है।
चूंकि \( R \) एक स्वतुल्य, सममित एवं संक्रामक संबंध है, अतः \( R \) एक तुल्यता संबंध है।
In simple words: हमने सिद्ध किया कि त्रिभुजों की समरूपता का संबंध स्वतुल्य, सममित और संक्रामक तीनों गुण रखता है, इसलिए यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: ज्यामितीय संबंधों में तुल्यता गुण सिद्ध करते समय, ज्यामितीय अवधारणाओं (जैसे समरूपता, सर्वांगसमता) के ज्ञात गुणों का उपयोग करें।
Question 8. माना \( A = \{1, 2, 3\} \) A में एक सम्बन्ध R निम्न प्रकार परिभाषित है : \( R = \{(1, 1), (1, 2), (2, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3), (3, 1), (2, 3), (3, 2)\} \) I R की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
समुच्चय \( A = \{1, 2, 3\} \) में संबंध \( R = \{(1, 1), (1, 2), (2, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3), (3, 1), (2, 3), (3, 2)\} \).
स्वतुल्य: चूंकि \( (1,1) \in R, (2,2) \in R \) और \( (3,3) \in R \) हैं, तो \( R \) एक स्वतुल्य संबंध है।
सममित: यदि \( (a,b) \in R \), तो \( (b,a) \in R \) है या नहीं, यह जांचते हैं:
\( (1,2) \in R \implies (2,1) \in R \) (सत्य)
\( (1,3) \in R \implies (3,1) \in R \) (सत्य)
\( (2,3) \in R \implies (3,2) \in R \) (सत्य)
अतः, \( R \) एक सममित संबंध है।
संक्रामक: यदि \( (a,b) \in R \) और \( (b,c) \in R \), तो \( (a,c) \in R \) है या नहीं, यह जांचते हैं। कुछ उदाहरण:
\( (1,2) \in R \) और \( (2,1) \in R \implies (1,1) \in R \) (सत्य)
\( (1,2) \in R \) और \( (2,3) \in R \implies (1,3) \in R \) (सत्य)
\( (2,1) \in R \) और \( (1,3) \in R \implies (2,3) \in R \) (सत्य)
सभी संभव संयोजनों की जाँच करने पर, यह पाया जाता है कि \( R \) संक्रामक है।
अतः, दिया गया संबंध \( R \) स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।
In simple words: हमने \( R \) में दिए गए जोड़ों को देखा और पाया कि यह स्वतुल्यता, समरूपता और संक्रामकता तीनों शर्तों को पूरा करता है।
🎯 Exam Tip: छोटे समुच्चयों के लिए, सभी संभावित जोड़ियों की जाँच करना सबसे अच्छा तरीका है। स्वतुल्यता के लिए \( (x,x) \) जोड़ियों को देखें, सममितता के लिए \( (x,y) \) और \( (y,x) \) जोड़ियों को, और संक्रामकता के लिए \( (x,y), (y,z), (x,z) \) जोड़ियों को।
Question 9. अशून्य सम्मिश्र संख्याओं के समुच्चय \( C₀ \) में एक सम्बन्ध R निम्न प्रकार परिभाषित है : \( z₁ R z₂ \Leftrightarrow \frac {z₁ - z₂}{z₁ + z₂} \) वास्तविक है। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
Answer:
रिलेशन \( R \): \( z₁ R z₂ \) यदि \( \frac {z₁ - z₂}{z₁ + z₂} \) एक वास्तविक संख्या है।
स्वतुल्य: माना \( z₁ \in C₀ \). \( z₁ R z₁ \) का अर्थ है \( \frac {z₁ - z₁}{z₁ + z₁} = \frac {0}{2z₁} = 0 \), जो एक वास्तविक संख्या है। अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध है।
सममित: माना \( z₁, z₂ \in C₀ \). यदि \( z₁ R z₂ \), तो \( \frac {z₁ - z₂}{z₁ + z₂} \) एक वास्तविक संख्या है (मान लीजिए \( k \)).
हमें दिखाना है कि \( z₂ R z₁ \) भी सत्य है, यानी \( \frac {z₂ - z₁}{z₂ + z₁} \) एक वास्तविक संख्या है।
\( \frac {z₂ - z₁}{z₂ + z₁} = \frac {-(z₁ - z₂)}{z₁ + z₂} = -k \).
चूंकि \( k \) एक वास्तविक संख्या है, तो \( -k \) भी एक वास्तविक संख्या है। इसलिए, \( z₂ R z₁ \). अतः, \( R \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( z₁, z₂, z₃ \in C₀ \). यदि \( z₁ R z₂ \) और \( z₂ R z₃ \), तो \( \frac {z₁ - z₂}{z₁ + z₂} \) एक वास्तविक संख्या \( k₁ \) है और \( \frac {z₂ - z₃}{z₂ + z₃} \) एक वास्तविक संख्या \( k₂ \) है। यह दिखाया जा सकता है कि इस स्थिति में \( \frac {z₁ - z₃}{z₁ + z₃} \) भी एक वास्तविक संख्या होगी, जिसका अर्थ है \( z₁ R z₃ \). अतः, \( R \) संक्रामक संबंध है।
चूंकि \( R \) एक स्वतुल्य, सममित और संक्रामक संबंध है, अतः \( R \) एक तुल्यता संबंध है।
In simple words: हमने यह सिद्ध किया कि संबंध \( R \) (जहाँ दो सम्मिश्र संख्याओं के अंतर और योग का अनुपात वास्तविक है) स्वतुल्य, सममित और संक्रामक तीनों है, इसलिए यह एक तुल्यता संबंध है।
🎯 Exam Tip: सम्मिश्र संख्याओं के संबंधों में, वास्तविक संख्या होने के गुण को सिद्ध करने के लिए अक्सर व्युत्क्रम या नकारात्मक गुणों का उपयोग किया जाता है। संक्रामकता के लिए थोड़ा अधिक जटिल बीजगणित की आवश्यकता हो सकती है।
Question 10. यदि R, समुच्चयों के समूह में “A, B से असंयुक्त (Disjointed) है" द्वारा परिभाषित सम्बन्ध हो तो R की स्वतुल्यता, सममितता तथा संक्रामकता की जाँच कीजिए।
Answer:
रिलेशन \( R \): \( A R B \) यदि \( A \) और \( B \) असंयुक्त हैं (यानी \( A \cap B = \emptyset \)).
स्वतुल्य: माना \( A \) समुच्चयों के समूह में एक समुच्चय है। \( A R A \) का अर्थ है \( A \) और \( A \) असंयुक्त हैं, यानी \( A \cap A = \emptyset \). लेकिन \( A \cap A = A \) होता है। तो \( A \cap A = \emptyset \) तभी होगा जब \( A = \emptyset \) (रिक्त समुच्चय) हो। यह सभी गैर-रिक्त समुच्चयों के लिए सत्य नहीं है। अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध नहीं है।
सममित: माना \( A \) और \( B \) समुच्चयों के समूह में हैं। यदि \( A R B \), तो \( A \) और \( B \) असंयुक्त हैं, यानी \( A \cap B = \emptyset \). चूंकि समुच्चय का प्रतिच्छेदन क्रमविनिमेय होता है, \( B \cap A = \emptyset \) भी सत्य होगा। इसका अर्थ है \( B \) और \( A \) असंयुक्त हैं, यानी \( B R A \). अतः, \( R \) सममित संबंध है।
संक्रामक: माना \( A, B, C \) समुच्चयों के समूह में हैं। यदि \( A R B \) और \( B R C \), तो \( A \cap B = \emptyset \) और \( B \cap C = \emptyset \). लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि \( A \cap C = \emptyset \). उदाहरण के लिए, \( A = \{1, 2\}, B = \{3, 4\}, C = \{1, 5\} \). \( A \cap B = \emptyset \) और \( B \cap C = \emptyset \) हैं, लेकिन \( A \cap C = \{1\} \neq \emptyset \). इसलिए, \( A R C \) असत्य है। अतः, \( R \) संक्रामक संबंध नहीं है।
In simple words: हमने जाँच की कि जब दो समुच्चय असंयुक्त होते हैं तो यह संबंध खुद से जुड़ा नहीं होता और हमेशा दो कड़ियों में भी सीधा संबंध नहीं रखता, लेकिन यह उलटा करने पर भी सही रहता है।
🎯 Exam Tip: असंयुक्तता जैसे संबंधों की जाँच करते समय, विभिन्न प्रकार के समुच्चयों के साथ ठोस उदाहरणों का उपयोग करें (जैसे संख्याओं के समुच्चय) यह दिखाने के लिए कि कोई गुण विफल हो जाता है।
Question 11. प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक सम्बन्ध R इस प्रकार परिभाषित है कि \( aRb \) यदि \( a,b \) का भाजक है। सिद्ध कीजिए। कि R एक आंशिक क्रम सम्बन्ध है परन्तु एक पूर्ण क्रम सम्बन्ध नहीं है।
Answer:
रिलेशन \( R \): \( a R b \) यदि \( a \), \( b \) को विभाजित करता है (यानी \( a | b \)).
(i) स्वतुल्य: माना \( a \in N \). \( a R a \) का अर्थ है \( a \), \( a \) को विभाजित करता है। यह सत्य है क्योंकि \( a/a = 1 \). अतः, \( R \) स्वतुल्य संबंध है।
(ii) प्रति-सममित (Anti-symmetric): माना \( a, b \in N \). यदि \( a R b \) और \( b R a \), तो \( a \), \( b \) को विभाजित करता है और \( b \), \( a \) को विभाजित करता है। इसका मतलब है \( b = ka \) और \( a = lb \) कुछ प्राकृतिक संख्याओं \( k, l \) के लिए। इन समीकरणों को हल करने पर, \( b = k(lb) = klb \). चूंकि \( b \neq 0 \), हम \( kl = 1 \) प्राप्त करते हैं। क्योंकि \( k, l \) प्राकृतिक संख्याएँ हैं, \( k=1 \) और \( l=1 \) होना चाहिए। इससे \( a=b \) प्राप्त होता है। अतः, \( R \) प्रति-सममित संबंध है।
(iii) संक्रामक: माना \( a, b, c \in N \). यदि \( a R b \) और \( b R c \), तो \( a \), \( b \) को विभाजित करता है और \( b \), \( c \) को विभाजित करता है। इसका मतलब है \( b = ka \) और \( c = lb \) कुछ प्राकृतिक संख्याओं \( k, l \) के लिए। अब, \( c = l(ka) = (lk)a \). चूंकि \( lk \) भी एक प्राकृतिक संख्या है, तो \( a \), \( c \) को विभाजित करता है। इसका अर्थ है \( a R c \). अतः, \( R \) संक्रामक संबंध है।
चूंकि \( R \) स्वतुल्य, प्रति-सममित एवं संक्रामक है, अतः \( R \) एक आंशिक क्रम संबंध है।
पूर्ण क्रम संबंध नहीं है: एक संबंध पूर्ण क्रम संबंध तब होता है जब दिए गए समुच्चय में हर दो तत्वों \( a, b \) के लिए या तो \( a R b \) हो या \( b R a \) हो। प्राकृत संख्याओं के समुच्चय \( N \) में, 2 और 3 के लिए, न तो 2, 3 को विभाजित करता है और न ही 3, 2 को विभाजित करता है। अतः, \( R \) एक पूर्ण क्रम संबंध नहीं है।
In simple words: हमने दिखाया कि भाजक संबंध अपने आप से, उलटा होने पर केवल बराबर तत्वों के लिए, और दो कड़ियों में भी सीधा संबंध रखता है, इसलिए यह एक आंशिक क्रम है। लेकिन चूंकि सभी जोड़े एक-दूसरे को विभाजित नहीं करते, यह पूर्ण क्रम नहीं है।
🎯 Exam Tip: आंशिक क्रम संबंध सिद्ध करने के लिए, आपको स्वतुल्यता, प्रति-सममितता और संक्रामकता की जांच करनी होगी। यह दिखाने के लिए कि यह पूर्ण क्रम नहीं है, एक ऐसा उदाहरण दें जहां दो तत्व एक-दूसरे से संबंधित न हों।
Question 12. बताइए कि N के निम्न उपसमुच्चय सम्बन्ध \( x, y \) को विभाजित करता है के लिए पूर्णतया क्रमित समुच्चय है या नहीं :
(i) \( \{2, 4, 6, 8......\} \)
(ii) \( \{0, 2, 4, 6......\} \)
(iii) \( \{3, 9, 5, 15.......\} \)
(iv) \( \{5, 15, 30\} \)
(v) \( \{1, 2, 3, 4\} \)
(vi) \( \{a, b, ab\}, \forall a, b \in R \)
Answer:
एक समुच्चय को 'पूर्णतया क्रमित' कहा जाता है यदि उसके किन्हीं भी दो तत्वों \( x, y \) के लिए, या तो \( x, y \) को विभाजित करता है या \( y, x \) को विभाजित करता है।
(i) \( \{2, 4, 6, 8, ......\} \): यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। उदाहरण के लिए, 6, 8 को विभाजित नहीं करता और 8, 6 को विभाजित नहीं करता।
(ii) \( \{0, 2, 4, 6, ......\} \): यदि हम मानते हैं कि 0 प्राकृतिक संख्या नहीं है (जैसे आमतौर पर \( N = \{1, 2, 3, ...\} \)), तो यह समुच्चय \( N \) का उपसमुच्चय नहीं है। यदि 0 शामिल है, तो यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है क्योंकि 0, 2 को विभाजित नहीं करता और 2, 0 को विभाजित नहीं करता।
(iii) \( \{3, 9, 5, 15, ......\} \): यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। उदाहरण के लिए, 5, 9 को विभाजित नहीं करता और 9, 5 को विभाजित नहीं करता।
(iv) \( \{5, 15, 30\} \): यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय है। इसमें \( 5|15 \), \( 15|30 \), और \( 5|30 \) है, इसलिए किसी भी दो तत्वों के लिए, एक दूसरे को विभाजित करता है।
(v) \( \{1, 2, 3, 4\} \): यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। उदाहरण के लिए, 2, 3 को विभाजित नहीं करता और 3, 2 को विभाजित नहीं करता।
(vi) \( \{a, b, ab\}, \forall a, b \in R \): यह समुच्चय \( N \) का उपसमुच्चय नहीं है यदि \( a, b \) कोई भी वास्तविक संख्याएँ हैं। यदि \( a, b \) प्राकृतिक संख्याएँ हैं, तो भी यह पूर्णतया क्रमित समुच्चय नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि \( a=2, b=3 \), तो समुच्चय \( \{2, 3, 6\} \) होता है। 2, 3 को विभाजित नहीं करता और 3, 2 को विभाजित नहीं करता।
In simple words: हमने हर दिए गए समुच्चय की जाँच की कि क्या उनमें से कोई भी दो संख्याएँ एक-दूसरे को विभाजित करती हैं। यदि वे हमेशा ऐसा करती हैं, तो वह 'पूर्णतया क्रमित' होता है, अन्यथा नहीं।
🎯 Exam Tip: यह जाँचने के लिए कि कोई समुच्चय 'विभाजन' संबंध के लिए पूर्णतया क्रमित है या नहीं, समुच्चय के सभी संभावित युग्मों पर विचार करें। यदि आपको एक भी युग्म मिलता है जहाँ \( x|y \) और \( y|x \) दोनों सत्य नहीं हैं, तो वह पूर्णतया क्रमित नहीं है।
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