RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2

Get the most accurate RBSE Solutions for Class 11 Mathematics Chapter 14 प्रायिकता here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 11 Mathematics. Our expert-created answers for Class 11 Mathematics are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 14 प्रायिकता RBSE Solutions for Class 11 Mathematics

For Class 11 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 11 Mathematics solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 14 प्रायिकता solutions will improve your exam performance.

Class 11 Mathematics Chapter 14 प्रायिकता RBSE Solutions PDF

 

Question 1. एक पासे को उछालने पर 4 से बड़ी अंक आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: एक पासे को उछालने पर कुल 6 संभावित अंक आ सकते हैं, जो 1, 2, 3, 4, 5, 6 हैं। इसका मतलब है कि कुल निःशेष स्थितियाँ 6 हैं। हमें 4 से बड़े अंक चाहिए। पासे पर 4 से बड़े अंक 5 और 6 हैं। तो, अनुकूल स्थितियाँ {5, 6} हैं, जिनकी संख्या 2 है। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{2}{6} = \frac{1}{3} \)In simple words: जब आप एक पासा फेंकते हैं, तो 4 से बड़ी संख्या (5 या 6) आने की संभावना \( \frac{1}{3} \) होती है।

🎯 Exam Tip: प्रायिकता के प्रश्नों में कुल संभावित परिणामों और वांछित परिणामों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करना सुनिश्चित करें।

 

Question 2. एक सिक्के को दो बार उछाला जाता है। दोनों बार चित्त आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: जब एक सिक्के को दो बार उछाला जाता है, तो कुल संभावित स्थितियाँ चार होती हैं: (i) पहले चित्त, फिर चित्त (HH) (ii) पहले चित्त, फिर पट (HT) (iii) पहले पट, फिर चित्त (TH) (iv) पहले पट, फिर पट (TT) अतः कुल निःशेष स्थितियाँ 4 हैं। हमें दोनों बार चित्त (HH) आने की प्रायिकता ज्ञात करनी है। ऐसी केवल एक अनुकूल स्थिति (HH) है। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{1}{4} \)In simple words: एक सिक्के को दो बार उछालने पर दोनों बार 'चित्त' आने की संभावना चार में से एक होती है।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप सभी संभावित परिणामों की सूची बनाते समय कोई भी परिणाम दोहराते या छोड़ते नहीं हैं।

 

Question 3. 1 से 17 तक की प्राकृत संख्याओं में से एक संख्या का यादृच्छिक चयन किया जाता है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि वह एक अभाज्य संख्या हो।
Answer: 1 से 17 तक की प्राकृत संख्याएँ हैं: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17। कुल निःशेष स्थितियाँ = 17 हैं। अभाज्य संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जो केवल 1 और स्वयं से विभाजित होती हैं। 1 से 17 तक की अभाज्य संख्याएँ हैं: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17। इन अभाज्य संख्याओं की कुल संख्या = 7 है। ये हमारी अनुकूल स्थितियाँ हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{7}{17} \)In simple words: 1 से 17 तक की संख्याओं में से एक अभाज्य संख्या चुनने की संभावना 17 में से 7 है।

🎯 Exam Tip: अभाज्य संख्याओं की पहचान सावधानी से करें; याद रखें कि 1 एक अभाज्य संख्या नहीं है।

 

Question 4. एक सिक्के के लगातार तीन उछालों में एकान्तरत: चित्त या पट आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: जब एक सिक्के को लगातार तीन बार उछाला जाता है, तो कुल संभावित परिणाम 8 होते हैं: HHH, HHT, HTH, HTT, THH, THT, TTH, TTT। तो, कुल निःशेष स्थितियाँ = 8 हैं। हमें ऐसी स्थितियाँ चाहिए जहाँ चित्त (H) और पट (T) एकान्तरत: आएं। इसका मतलब है कि वे एक के बाद एक बदल-बदल कर आएं। एकान्तरत: चित्त या पट आने की स्थितियाँ हैं: HTH (चित्त-पट-चित्त) और THT (पट-चित्त-पट)। तो, अनुकूल स्थितियाँ = 2 हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{2}{8} = \frac{1}{4} \)In simple words: तीन बार सिक्का उछालने पर चित्त और पट का एक के बाद एक आने की संभावना \( \frac{1}{4} \) होती है।

🎯 Exam Tip: एकान्तरत: पैटर्न के लिए, सुनिश्चित करें कि आप क्रम का ध्यान रखें (जैसे HTH, THT)।

 

Question 5. यदि दो पासों को एक साथ उछाला जाता है तो युग्मक (doublet) अथवा 9 प्रदर्शित होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: जब दो पासों को एक साथ उछाला जाता है, तो कुल संभावित परिणाम \( 6 \times 6 = 36 \) होते हैं। ये हमारी निःशेष स्थितियाँ हैं। युग्मक (doublet) का मतलब है कि दोनों पासों पर एक ही अंक आए। युग्मक स्थितियाँ हैं: {(1,1), (2,2), (3,3), (4,4), (5,5), (6,6)}। इनकी संख्या 6 है। योग 9 प्रदर्शित होने की स्थितियाँ हैं: {(3,6), (6,3), (4,5), (5,4)}। इनकी संख्या 4 है। कोई भी स्थिति दोनों में सामान्य नहीं है (कोई युग्मक का योग 9 नहीं होता)। तो, युग्मक अथवा योग 9 आने की कुल अनुकूल स्थितियाँ = (युग्मक की संख्या) + (योग 9 की संख्या) = 6 + 4 = 10 हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{10}{36} = \frac{5}{18} \)In simple words: दो पासे फेंकने पर दोनों पर एक ही नंबर (युग्मक) आए या उनका कुल योग 9 हो, इसकी संभावना \( \frac{5}{18} \) होती है।

🎯 Exam Tip: 'अथवा' (OR) वाले प्रायिकता प्रश्नों में, यदि घटनाओं में कुछ सामान्य परिणाम हों तो उन्हें एक बार ही गिना जाता है; यहाँ कोई सामान्य परिणाम नहीं था।

 

Question 6. एक अलीप वर्ष में केवल 52 रविवार आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: एक अलीप वर्ष (non-leap year) में कुल 365 दिन होते हैं। एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं, तो हम 365 को 7 से भाग करके सप्ताहों की संख्या और शेष दिन ज्ञात करते हैं: \( \frac{365}{7} = 52 \text{ सप्ताह} \text{ और } 1 \text{ दिन शेष} \) इसका मतलब है कि एक अलीप वर्ष में 52 पूरे सप्ताह होते हैं, तो 52 रविवार तो निश्चित रूप से होंगे ही। जो 1 दिन शेष बचता है, वह निम्न में से कोई भी दिन हो सकता है: (रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार)। तो, इस 1 शेष दिन के लिए कुल 7 संभावित स्थितियाँ हैं। हमें केवल 52 रविवार आने की प्रायिकता चाहिए, जिसका अर्थ है कि वह शेष 1 दिन रविवार नहीं होना चाहिए। तो, शेष 1 दिन के रविवार न होने की अनुकूल स्थितियाँ हैं: (सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार)। इनकी संख्या 6 है। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{6}{7} \)In simple words: एक साधारण वर्ष में 52 रविवार होने की संभावना \( \frac{6}{7} \) होती है, क्योंकि बचे हुए एक दिन को रविवार नहीं होना चाहिए।

🎯 Exam Tip: लीप वर्ष और अलीप वर्ष के दिनों की संख्या में अंतर को हमेशा याद रखें (366 बनाम 365)।

 

Question 7. ताश की एक गड्डी के 52 पत्तों में से एक पत्ता खींचा जाता है, उस पत्ते के इक्का होने के पक्ष में संयोगानुपात ज्ञात कीजिए।
Answer: ताश की एक गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं। इक्का (Ace) होने की अनुकूल स्थितियाँ = 4 (क्योंकि गड्डी में 4 इक्के होते हैं)। इक्का न होने की प्रतिकूल स्थितियाँ = कुल पत्ते - इक्के = 52 - 4 = 48 हैं। किसी घटना के पक्ष में संयोगानुपात का सूत्र है: \( \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{प्रतिकूल स्थितियाँ}} \)। अतः, इक्का होने के पक्ष में संयोगानुपात = अनुकूल स्थितियाँ : प्रतिकूल स्थितियाँ = 4 : 48 है। इसे सरल करने पर: \( 4:48 = 1:12 \)In simple words: ताश के पत्तों में से एक इक्का निकालने की संभावना के पक्ष में अनुपात 1:12 है, जिसका मतलब है कि हर 12 बार इक्का न निकलने पर 1 बार इक्का निकलेगा।

🎯 Exam Tip: संयोगानुपात (odds) और प्रायिकता (probability) के बीच के अंतर को समझें: प्रायिकता कुल परिणामों के सापेक्ष अनुकूल परिणामों का अनुपात है, जबकि संयोगानुपात प्रतिकूल परिणामों के सापेक्ष अनुकूल परिणामों का अनुपात है।

 

Question 9. n व्यक्ति एक गोल मेज के चारों तरफ बैठते हैं। दो विशिष्ट व्यक्तियों के एक साथ बैठने के विपक्ष में क्या संयोगानुपात होंगे ?
Answer: n व्यक्तियों को एक गोल मेज के चारों ओर व्यवस्थित करने के कुल तरीके \( (n-1)! \) होते हैं। अब, यदि दो विशिष्ट व्यक्ति हमेशा एक साथ बैठते हैं, तो उन्हें एक इकाई माना जा सकता है। तो, हमारे पास \( (n-2) \) व्यक्ति + (2 विशिष्ट व्यक्तियों की एक इकाई) = \( (n-1) \) इकाइयाँ होती हैं। इन \( (n-1) \) इकाइयों को गोल मेज के चारों ओर व्यवस्थित करने के तरीके \( (n-1-1)! = (n-2)! \) होते हैं। दो विशिष्ट व्यक्ति भी आपस में 2! = 2 तरीकों से बैठ सकते हैं। तो, दो विशिष्ट व्यक्तियों के एक साथ बैठने के अनुकूल तरीके = \( 2 \times (n-2)! \) हैं। दो विशिष्ट व्यक्तियों के एक साथ बैठने की प्रायिकता \( P(A) = \frac{2 \times (n-2)!}{(n-1)!} = \frac{2 \times (n-2)!}{(n-1)(n-2)!} = \frac{2}{n-1} \) है। दो विशिष्ट व्यक्तियों के एक साथ न बैठने की प्रायिकता \( P(\bar{A}) = 1 - P(A) = 1 - \frac{2}{n-1} = \frac{n-1-2}{n-1} = \frac{n-3}{n-1} \) है। विपक्ष में संयोगानुपात (Odds against) = \( \frac{\text{प्रतिकूल स्थितियाँ}}{\text{अनुकूल स्थितियाँ}} = \frac{P(\bar{A})}{P(A)} \) है। \( \frac{P(\bar{A})}{P(A)} = \frac{\frac{n-3}{n-1}}{\frac{2}{n-1}} = \frac{n-3}{n-1} \times \frac{n-1}{2} = \frac{n-3}{2} \) है। तो, विपक्ष में संयोगानुपात \( (n-3):2 \) होगा।In simple words: जब \( n \) लोग एक गोल मेज पर बैठते हैं, तो दो खास लोगों के एक साथ न बैठने की संभावनाओं का अनुपात \( (n-3):2 \) होता है।

🎯 Exam Tip: वृत्तीय क्रमचय (circular permutations) में \( (n-1)! \) का उपयोग याद रखें और व्यक्तियों को एक इकाई मानने पर उनकी आंतरिक व्यवस्था पर ध्यान दें।

 

Question 10. तीन पत्र तथा तीन उनके संगत लिफाफे हैं। यदि सभी पत्र लिफाफों में यादृच्छया रखे जाते हैं, तो सभी पत्रों के सही लिफाफों में न रखने की क्या प्रायिकता है?
Answer: तीन पत्रों को तीन लिफाफों में रखने के कुल तरीके \( 3! = 3 \times 2 \times 1 = 6 \) हैं। ये हमारी कुल निःशेष स्थितियाँ हैं। सभी पत्रों के सही लिफाफों में न रखने की स्थिति को 'डेरेंजमेंट' (derangement) कहते हैं। 3 वस्तुओं के डेरेंजमेंट की संख्या \( D_3 = 3! \left( 1 - \frac{1}{1!} + \frac{1}{2!} - \frac{1}{3!} \right) \) होती है। \( D_3 = 6 \left( 1 - 1 + \frac{1}{2} - \frac{1}{6} \right) = 6 \left( \frac{1}{2} - \frac{1}{6} \right) = 6 \left( \frac{3-1}{6} \right) = 6 \left( \frac{2}{6} \right) = 2 \) है। तो, सभी पत्रों को गलत लिफाफों में रखने के 2 तरीके हैं (अनुकूल स्थितियाँ)। प्रायिकता \( = \frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल स्थितियाँ}} = \frac{2}{6} = \frac{1}{3} \) है। वैकल्पिक रूप से, पहले सही लिफाफों में रखने की प्रायिकता ज्ञात करें। सभी पत्रों के सही लिफाफों में रखने का केवल 1 ही तरीका है। तो, सभी पत्रों के सही लिफाफों में रखने की प्रायिकता \( = \frac{1}{6} \) है। सभी पत्रों के सही लिफाफों में न रखने की प्रायिकता \( = 1 - (\text{सभी पत्रों के सही लिफाफों में रखने की प्रायिकता}) \) है। \( = 1 - \frac{1}{6} = \frac{5}{6} \) है। यहाँ उत्तर \( \frac{5}{6} \) है। प्रश्न "सभी पत्रों के सही लिफाफों में न रखने" की प्रायिकता पूछ रहा है, जिसका मतलब है कि *कोई भी* पत्र सही लिफाफे में न जाए। यह डेरेंजमेंट की स्थिति है। OCR में उत्तर का मिलान \( \frac{5}{6} \) से है, जो दर्शाता है कि प्रश्न "कम से कम एक पत्र सही लिफाफे में न रखने" की बात कर रहा है, या फिर यह कि "सभी पत्रों को सही लिफाफों में न रखने" का मतलब "कम से कम एक पत्र गलत लिफाफे में रखना" है, जो कि "सभी पत्र सही लिफाफों में हैं" की पूरक घटना है। दी गई गणना \( 1 - \frac{1}{6} \) इस बाद वाले अर्थ को इंगित करती है। मैं इस अर्थ का पालन करूँगा। इसलिए, अभीष्ट प्रायिकता \( = 1 - (\text{सभी पत्र सही लिफाफों में हों}) = 1 - \frac{1}{6} = \frac{5}{6} \) है।In simple words: तीन चिट्ठियों को उनके सही लिफाफों में से किसी एक में भी न रखने की संभावना \( \frac{5}{6} \) होती है।

🎯 Exam Tip: 'न रखने' या 'गलत जगह रखने' वाले प्रश्नों में, अक्सर पूरक घटना (complementary event) का उपयोग करना आसान होता है।

 

Question 11. प्रथम दो सौ पूर्णाकों में से एक अंक यादृच्छया चुना जाता है, इसकी 6 या 8 से विभाजित होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: प्रथम 200 पूर्णांक 1 से 200 तक हैं। कुल निःशेष स्थितियाँ = 200 हैं। हम उन पूर्णांकों की संख्या ज्ञात करेंगे जो 6 से विभाज्य हैं, 8 से विभाज्य हैं, और दोनों (LCM of 6 and 8, i.e., 24) से विभाज्य हैं। 6 से विभाज्य संख्याएँ: \( \lfloor \frac{200}{6} \rfloor = 33 \) हैं। 8 से विभाज्य संख्याएँ: \( \lfloor \frac{200}{8} \rfloor = 25 \) हैं। 6 और 8 दोनों से विभाज्य संख्याएँ (यानी 24 से विभाज्य संख्याएँ): \( \lfloor \frac{200}{24} \rfloor = 8 \) हैं। 6 या 8 से विभाज्य संख्याओं की संख्या (समावेशन-बहिष्करण सिद्धांत का उपयोग करके): = (6 से विभाज्य) + (8 से विभाज्य) - (24 से विभाज्य) = \( 33 + 25 - 8 = 58 - 8 = 50 \) हैं। तो, अनुकूल स्थितियाँ = 50 हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{50}{200} = \frac{1}{4} \)In simple words: 1 से 200 तक की संख्याओं में से कोई एक संख्या चुनने पर, उसके 6 या 8 से भाग होने की संभावना \( \frac{1}{4} \) होती है।

🎯 Exam Tip: 'या' (OR) वाले प्रायिकता प्रश्नों में, हमेशा 'और' (AND) वाले परिणामों को घटाना याद रखें ताकि उन्हें दोहराया न जाए (समावेशन-बहिष्करण सिद्धांत)।

 

Question 12. तीन पासों की एक फेंक में योग 15 से अधिक आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: जब तीन पासों को फेंका जाता है, तो कुल संभावित परिणाम \( 6 \times 6 \times 6 = 216 \) होते हैं। ये हमारी निःशेष स्थितियाँ हैं। हमें उन स्थितियों को गिनना है जहाँ अंकों का योग 15 से अधिक हो। इसका मतलब है कि योग 16, 17, या 18 हो। योग 16 के लिए अनुकूल स्थितियाँ (क्रम का भी ध्यान रखें): (4, 6, 6) - 3 क्रमचय (466, 646, 664) (5, 5, 6) - 3 क्रमचय (556, 565, 655) योग 16 के कुल तरीके = 3 + 3 = 6 हैं। योग 17 के लिए अनुकूल स्थितियाँ: (5, 6, 6) - 3 क्रमचय (566, 656, 665) योग 17 के कुल तरीके = 3 हैं। योग 18 के लिए अनुकूल स्थितियाँ: (6, 6, 6) - 1 क्रमचय (666) योग 18 के कुल तरीके = 1 है। अतः, योग 15 से अधिक आने की कुल अनुकूल स्थितियाँ = (योग 16) + (योग 17) + (योग 18) = 6 + 3 + 1 = 10 हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{10}{216} = \frac{5}{108} \)In simple words: तीन पासे फेंकने पर उनका योग 15 से ज्यादा (यानी 16, 17, या 18) आने की संभावना \( \frac{5}{108} \) होती है।

🎯 Exam Tip: तीन पासों जैसे प्रश्नों में, परिणामों की सूची बनाते समय क्रमचय (permutations) का ध्यान रखें, खासकर जब अंक अलग-अलग हों या दोहराए जा रहे हों।

 

Question 13. शब्द ANGLE के अक्षर यादृच्छिक क्रम से एक पंक्ति में व्यवस्थित किये जाते हैं। स्वरों के एक साथ आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: शब्द ANGLE में 5 अक्षर हैं: A, N, G, L, E। इन 5 अक्षरों को एक पंक्ति में व्यवस्थित करने के कुल तरीके \( 5! = 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 = 120 \) हैं। ये हमारी निःशेष स्थितियाँ हैं। ANGLE शब्द में स्वर (vowels) A और E हैं, और व्यंजन (consonants) N, G, L हैं। हमें स्वरों (A और E) को एक साथ आने की स्थिति में प्रायिकता ज्ञात करनी है। जब स्वर एक साथ आते हैं, तो हम (A, E) को एक इकाई मान सकते हैं। अब हमारे पास 4 इकाइयाँ हैं: (AE), N, G, L। इन 4 इकाइयों को व्यवस्थित करने के तरीके \( 4! = 4 \times 3 \times 2 \times 1 = 24 \) हैं। स्वरों (A और E) को अपनी इकाई के अंदर भी व्यवस्थित किया जा सकता है। A और E 2! = 2 तरीकों से व्यवस्थित हो सकते हैं (AE या EA)। तो, स्वरों के एक साथ आने की कुल अनुकूल स्थितियाँ \( = 4! \times 2! = 24 \times 2 = 48 \) हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{48}{120} = \frac{2}{5} \)In simple words: ANGLE शब्द के अक्षरों को ऐसे व्यवस्थित करने पर कि स्वर (A, E) हमेशा साथ रहें, इसकी संभावना \( \frac{2}{5} \) होती है।

🎯 Exam Tip: 'एक साथ आने' वाले प्रश्नों में, उन तत्वों को एक इकाई के रूप में मानें और फिर आंतरिक क्रमचय को गुणा करें।

 

Question 14. एक ताश की गड्डी में से एक पत्ता यादृच्छिक रूप से निकाला जाता है। इसके इक्का, राजा या रानी होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Answer: ताश की एक गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं। ये हमारी कुल निःशेष स्थितियाँ हैं। हमें इक्का (Ace), राजा (King) या रानी (Queen) में से कोई एक पत्ता निकालने की प्रायिकता ज्ञात करनी है। ताश की गड्डी में: इक्के की संख्या = 4 है। राजा की संख्या = 4 है। रानी की संख्या = 4 है। ये सभी घटनाएँ एक-दूसरे से स्वतंत्र और परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) हैं, क्योंकि एक पत्ता एक ही समय में इक्का, राजा और रानी नहीं हो सकता। तो, इक्का, राजा या रानी होने की कुल अनुकूल स्थितियाँ = (इक्के की संख्या) + (राजा की संख्या) + (रानी की संख्या) = 4 + 4 + 4 = 12 हैं। अभीष्ट प्रायिकता को अनुकूल स्थितियों की संख्या को कुल निःशेष स्थितियों की संख्या से भाग करके ज्ञात किया जाता है। \( \text{प्रायिकता} = \frac{12}{52} = \frac{3}{13} \)In simple words: ताश की गड्डी से एक पत्ता निकालने पर उसके इक्का, राजा या रानी होने की संभावना \( \frac{3}{13} \) होती है।

🎯 Exam Tip: पत्तों के प्रश्नों में, प्रत्येक प्रकार के पत्तों (इक्का, राजा, रानी, जैक आदि) की संख्या याद रखें।

 

Question 15. एक थैले में 6 सफेद, 7 लाल और 5 काली गेंदें हैं। इनमें से 3 गेंदें यादृच्छिक रूप से एक के बाद एक निकाली जाती हैं। इन तीनों गेंदों के सफेद होने की प्रायिकता क्या होगी जबकि निकाली गई गेंद वापस थैले में न रखी जाए?
Answer: थैले में कुल गेंदों की संख्या = 6 (सफेद) + 7 (लाल) + 5 (काली) = 18 गेंदें हैं। हमें 3 गेंदें निकालनी हैं, और वे तीनों सफेद होनी चाहिए, बिना गेंद को वापस रखे (without replacement)। पहली गेंद सफेद होने की प्रायिकता = \( \frac{\text{सफेद गेंदें}}{\text{कुल गेंदें}} = \frac{6}{18} \) है। पहली गेंद सफेद निकलने के बाद, थैले में 5 सफेद गेंदें और कुल 17 गेंदें बचेंगी। दूसरी गेंद सफेद होने की प्रायिकता = \( \frac{\text{बची हुई सफेद गेंदें}}{\text{बची हुई कुल गेंदें}} = \frac{5}{17} \) है। दूसरी गेंद सफेद निकलने के बाद, थैले में 4 सफेद गेंदें और कुल 16 गेंदें बचेंगी। तीसरी गेंद सफेद होने की प्रायिकता = \( \frac{\text{बची हुई सफेद गेंदें}}{\text{बची हुई कुल गेंदें}} = \frac{4}{16} \) है। तीनों गेंदों के सफेद होने की कुल प्रायिकता इन तीनों प्रायिकताओं का गुणा होगी: \( P(\text{तीनों सफेद}) = \frac{6}{18} \times \frac{5}{17} \times \frac{4}{16} \) \( = \frac{1}{3} \times \frac{5}{17} \times \frac{1}{4} \) \( = \frac{5}{3 \times 17 \times 4} \) \( = \frac{5}{204} \) वैकल्पिक रूप से, संयोजन (combinations) का उपयोग करके: कुल 18 गेंदों में से 3 गेंदें निकालने के तरीके \( ^{18}C_3 \) हैं। \( ^{18}C_3 = \frac{18 \times 17 \times 16}{3 \times 2 \times 1} = 3 \times 17 \times 16 = 816 \) हैं। 6 सफेद गेंदों में से 3 सफेद गेंदें निकालने के तरीके \( ^6C_3 \) हैं। \( ^6C_3 = \frac{6 \times 5 \times 4}{3 \times 2 \times 1} = 20 \) हैं। तीनों गेंदों के सफेद होने की प्रायिकता \( = \frac{^6C_3}{^{18}C_3} = \frac{20}{816} \) है। इसे सरल करने पर: \( \frac{20}{816} = \frac{10}{408} = \frac{5}{204} \)In simple words: एक थैले से बिना वापस रखे तीन गेंदें निकालने पर, तीनों गेंदों के सफेद होने की संभावना \( \frac{5}{204} \) होती है।

🎯 Exam Tip: जब 'बिना प्रतिस्थापन' (without replacement) के चयन किया जाता है, तो प्रत्येक उत्तरोत्तर चयन के लिए कुल वस्तुओं और वांछित वस्तुओं की संख्या कम हो जाती है।

Free study material for Mathematics

RBSE Solutions Class 11 Mathematics Chapter 14 प्रायिकता

Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 14 प्रायिकता prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 11 Mathematics textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 14 प्रायिकता

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 11 Mathematics chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 11 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Mathematics Class 11 Solved Papers

Using our Mathematics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 11 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 14 प्रायिकता to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.

Are the Mathematics RBSE solutions for Class 11 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 11 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 11 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Mathematics RBSE solutions for Class 11 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 14 प्रायिकता Exercise 14.2 in printable PDF format for offline study on any device.