NCERT Solutions for Class 11 Home Science: Chapter 08 रोग प्रतिरोधक क्षमता (टीकाकरण)
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Practice Class 11 Home Science Solutions: Chapter 08 रोग प्रतिरोधक क्षमता (टीकाकरण)
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RBSE Class 11 Home Science Chapter 8 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(i) चेचक का टीका लगाया जाता है –
(अ) जन्म के प्रथम सप्ताह में
(ब) जन्म के प्रथम माह में
(स) जन्म के एक साल बाद
(द) जन्म के पाँच साल बाद
Answer: (अ) जन्म के प्रथम सप्ताह में
In simple words: चेचक का टीका बच्चे के पैदा होने के पहले सात दिनों में लगता है। यह जल्दी लगाने से बच्चे को सुरक्षा मिलती है।
🎯 Exam Tip: टीकाकरण की सही उम्र याद रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि हर टीके का एक निश्चित समय होता है।
Question 1. (ii) तपेदिक का टीका लगाया जाता है –
(अ) चेचक
(ब) बी. सी. जी.
(स) काली खाँसी
(द) टायफाइड
Answer: (ब) बी.सी.जी.
In simple words: तपेदिक (टीबी) बीमारी से बचने के लिए बी.सी.जी. टीका लगाया जाता है। यह शरीर को टीबी से लड़ने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: टीके का नाम और वह किस बीमारी से बचाता है, यह संबंध स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 1. (iv) मुँह के द्वारा दवाई दी जाती है –
(अ) पीलिया
(ब) हैजा
(स) खसरा
(द) पोलियो
Answer: (द) पोलियो
In simple words: पोलियो की दवा बच्चों को मुँह से पिलाई जाती है। यह एक आसान तरीका है जिससे बच्चों को पोलियो से बचाया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: उन टीकों को पहचानें जो इंजेक्शन के बजाय मुँह से दिए जाते हैं, क्योंकि यह एक विशेष तरीका है।
Question 1. (v) किस बीमारी का टीका सम्मिलित करके भी लगाया जाता है?
(अ) चेचक व खसरा
(ब) पोलियों व टायफाइड
(स) हैजा व टायफाइड
(द) क्षय रोग व काली खाँसी
Answer: (स) हैजा व टायफाइड
In simple words: हैजा और टायफाइड के टीके एक साथ दिए जा सकते हैं, जिससे दोनों बीमारियों से सुरक्षा मिल जाती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि कुछ टीके एक ही बार में कई बीमारियों से बचाने के लिए साथ दिए जा सकते हैं।
Question 2. रिक्त स्थान भरो।
1. हैजा का टीका..........वर्ष में लगाया जाता है।
2. ओ. पी. वी. (OPV).........का पूरा नाम है।
3. ट्रिपिल एण्टीजन वैक्सीन...तथा.........है।
4. बी. सी. जी. का टीका.............बीमारी में लगाया जाता है।
5. चेचक के टीके के आविष्कारक......... हैं।
Answer:
1. हैजा का टीका सामान्यतः **1 - 2** वर्ष की आयु में लगाया जाता है।
2. ओ.पी.वी. (OPV) का पूरा नाम **ओरल पोलियो वैक्सीन** है।
3. ट्रिपिल एण्टीजन वैक्सीन **डिप्थीरिया**, **कुकर खाँसी** (काली खाँसी), तथा **टिटनेस** से बचाव के लिए दी जाती है।
4. बी.सी.जी. का टीका **तपेदिक** रोग से सुरक्षा के लिए लगाया जाता है।
5. चेचक के टीके के आविष्कारक **एडवर्ड जेनर** हैं।
In simple words: हैजा का टीका 1-2 साल के बच्चों को लगता है। OPV का मतलब ओरल पोलियो वैक्सीन है। डिप्थीरिया, कुकर खाँसी और टिटनेस के लिए ट्रिपिल एण्टीजन वैक्सीन है। बी.सी.जी. का टीका टीबी के लिए है। चेचक का टीका एडवर्ड जेनर ने बनाया था।
🎯 Exam Tip: इन सामान्य ज्ञान के बिंदुओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी जानकारी का हिस्सा हैं।
Question 3. टीकाकरण क्यों आवश्यक है?
Answer: टीकाकरण बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह शरीर को कई संक्रामक बीमारियों से बचाता है। टीके लगाने से शरीर उन बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। यह बीमारी से पहले ही शरीर को मजबूत कर देता है।
In simple words: टीकाकरण जरूरी है ताकि शरीर बीमारियों से लड़ सके। यह हमें बीमार होने से पहले ही सुरक्षा देता है।
🎯 Exam Tip: उत्तर में टीकाकरण के दो मुख्य लाभों - संक्रामक रोगों की रोकथाम और प्रतिरक्षा का विकास - को शामिल करें।
Question 4. वर्तमान में कौन-कौन सी बीमारियों के टीके उपलब्ध हैं?
Answer: आजकल काउपॉक्स, स्मॉल पॉक्स, तपेदिक (टी.बी.), काली खाँसी, हैजा, डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियो और आंत्र ज्वर जैसी कई बीमारियों के टीके उपलब्ध हैं। ये टीके हमें इन रोगों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।
In simple words: आजकल कई बीमारियों जैसे टीबी, पोलियो, हैजा और टिटनेस के टीके मिलते हैं। ये टीके हमें इन बीमारियों से बचाते हैं।
🎯 Exam Tip: जितनी अधिक बीमारियों के नाम याद रख सकें, उतना अच्छा है, लेकिन कम से कम 5-6 प्रमुख बीमारियों का उल्लेख ज़रूर करें।
Question 5. रोग प्रतिरोध (Immunization) क्या है?
Answer: रोग प्रतिरोध (इम्यूनाइजेशन) का मतलब है कि शरीर को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना। यह विभिन्न प्रकार के एंटीजन को शरीर में डालकर किया जाता है, जिससे शरीर उस खास बीमारी से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। इससे व्यक्ति का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।
In simple words: रोग प्रतिरोध यानी शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करना। इसमें टीके लगाकर शरीर को इतना मजबूत बना दिया जाता है कि वह बीमारियों से खुद ही लड़ सके।
🎯 Exam Tip: "संक्रामक रोगों से बचाव" और "प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना" ये मुख्य शब्द हैं जिन्हें परिभाषा में शामिल करना चाहिए।
Question 6. प्रतिरक्षीकरण के कितने सोपान हैं?
Answer: प्रतिरक्षीकरण के दो मुख्य चरण होते हैं। पहला चरण प्राथमिक प्रतिरक्षीकरण कहलाता है, और दूसरा चरण गौण प्रतिरक्षीकरण कहलाता है। ये चरण शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता देते हैं।
In simple words: प्रतिरक्षीकरण के दो हिस्से होते हैं - पहला प्राथमिक और दूसरा गौण। यह शरीर की सुरक्षा की प्रक्रिया है।
🎯 Exam Tip: दोनों सोपानों के नाम याद रखें और संक्षेप में समझाएँ कि वे क्या दर्शाते हैं।
Question 7. चेचक का टीका किस बीमारी में लगाया जाता है?
Answer: चेचक का टीका काउ पॉक्स और स्मॉल पॉक्स (चेचक) जैसी बीमारियों से बचाव के लिए लगाया जाता है। यह टीका इन रोगों से लड़ने में शरीर की मदद करता है।
In simple words: चेचक का टीका काउ पॉक्स और स्मॉल पॉक्स जैसी बीमारियों से सुरक्षा के लिए दिया जाता है। यह हमें इन बीमारियों से बचाता है।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट टीके को विशिष्ट बीमारी से जोड़ना महत्वपूर्ण है।
Question 9. आजकल कौन-कौन सी बीमारियों के टीके बाजार में उपलब्ध हैं व उनके क्या लाभ हैं? विस्तार से समझाइए।
Answer: आजकल बाजार में कई बीमारियों के टीके उपलब्ध हैं, जो हमें गंभीर रोगों से बचाते हैं।
- **चेचक या शीतला का टीका:** यह काउ पॉक्स और स्मॉल पॉक्स (बड़ी चेचक) से बचाता है।
- **बी.सी.जी. टीका:** यह तपेदिक (टी.बी.) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा देता है।
- **डी.पी.टी. टीका:** यह डिप्थीरिया, कुकर खाँसी (काली खाँसी) और टिटनेस इन तीनों रोगों से बचाव करता है।
- **पोलियो का टीका:** यह बच्चों को पोलियो रोग से बचाता है, जिससे वे विकलांग होने से बचते हैं।
- **टायफाइड का टीका:** यह आंत्र ज्वर (टाइफाइड) से सुरक्षा प्रदान करता है।
- **हैजे का टीका:** यह हैजा नामक बीमारी से बचाव के लिए लगाया जाता है।
ये सभी टीके बीमारियों को फैलने से रोककर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: आजकल कई बीमारियों के टीके मिलते हैं, जैसे चेचक, टी.बी., डिप्थीरिया, पोलियो, टायफाइड और हैजा। इन टीकों से हमें इन खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न टीकों के नाम और वे किन बीमारियों के खिलाफ प्रभावी हैं, दोनों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 8 बहुविकल्पीयी प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित में से संक्रामक रोग है –
(अ) खसरा
(ब) चेचक
(स) तपेदिक
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: खसरा, चेचक और टीबी, ये सब बीमारियाँ एक से दूसरे में फैलती हैं। इसलिए इन्हें संक्रामक रोग कहते हैं।
🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों की परिभाषा और उनके कुछ उदाहरणों को याद रखें।
Question 2. भारत में कितने प्रतिशत मृत्यु डायरिया के कारण होती हैं?
(स) 25%
Answer: (स) 25%
In simple words: भारत में करीब 25% मौतें डायरिया से होती हैं। यह बीमारी बच्चों के लिए बहुत खतरनाक है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे जुड़े आँकड़ों को याद रखने का प्रयास करें।
Question 3. गौण प्रतिरक्षीकरण को यह भी कहते हैं –
(अ) बूस्टर डोज
(ब) जम्बो डोज
(स) मेगा डोज
(द) हैवी डोज
Answer: (अ) बूस्टर डोज
In simple words: गौण प्रतिरक्षीकरण को बूस्टर डोज भी कहते हैं। यह शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत को बढ़ाता है।
🎯 Exam Tip: प्रतिरक्षीकरण के प्रकार और उनके वैकल्पिक नामों को समझें।
Question 4. वैक्सीन होती है -
(अ) मरे हुए रोगाणु युक्त
(ब) कमजोर रोगाणु युक्त
(स) रोगाणुओं के टॉक्सिन
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: वैक्सीन में मरे हुए, कमजोर रोगाणु या उनके विषैले अंश होते हैं। यह शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करती है।
🎯 Exam Tip: वैक्सीन की संरचना और कार्यप्रणाली को याद रखें, जिसमें उसके विभिन्न प्रकार शामिल हैं।
Question 5. चेचक के टीके द्वारा प्रवेश कराया जाता है –
(अ) वैक्सीनिया वायरस
(ब) काउ पॉक्स वायरस
(स) अ एवं ब दोनों
(द) हरपीज वायरस
Answer: (स) अ एवं ब दोनों
In simple words: चेचक के टीके में वैक्सीनिया और काउ पॉक्स वायरस होते हैं। ये वायरस हमें चेचक से बचाते हैं।
🎯 Exam Tip: टीका जिस बीमारी के लिए है, उसमें कौन से सूक्ष्मजीव (वायरस या बैक्टीरिया) का उपयोग होता है, इसे जानना उपयोगी है।
Question 6. दबाव विधि द्वारा लगाया जाता है –
(अ) तपेदिक का टीका
Answer:
In simple words:
🎯 Exam Tip: प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया गया है।
Question 7. भारत में चेचक का अन्तिम रोगी रिपोर्ट किया गया –
(अ) 1975 में
(ब) 1985 में
(स) 1990 में
(द) 1995 में
Answer: (अ) 1975 में
In simple words: भारत में चेचक का आखिरी मरीज 1975 में मिला था। इसके बाद यह बीमारी देश से खत्म हो गई।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तिथियों और स्वास्थ्य उपलब्धियों को याद रखना परीक्षा में मदद करता है।
Question 8. बी.सी.जी. का टीका लगाया जाता है –
(अ) चेचक के लिए
(ब) तपेदिक के लिए
(स) पोलियों के लिए
(द) इनमें कोई नहीं
Answer: (ब) तपेदिक के लिए
In simple words: बी.सी.जी. का टीका टी.बी. की बीमारी से बचाने के लिए दिया जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक टीके के उद्देश्य और उससे संबंधित बीमारी को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 9. ट्यूबर कुलिन टेस्ट किया जाता है –
(अ) चेचक का टीका लगाने के लिए
(ब) ट्रिपिल एण्टीजन वैक्सीन लगाने के लिए
(स) पोलियो की बूस्टर खुराक के लिए
(द) बी.सी.जी. टीका लगाने के लिए
Answer: (द) बी.सी.जी. टीका लगाने के लिए
In simple words: ट्यूबरकुलिन टेस्ट यह जानने के लिए होता है कि किसी को टी.बी. का इंफेक्शन है या नहीं। यह टेस्ट बी.सी.जी. टीका लगाने से पहले किया जाता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न चिकित्सा परीक्षणों और उनके उद्देश्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर टीकाकरण से संबंधित।
Question 10. ओरल वैक्सीन है -
(अ) हैजा
(ब) पोलियो
Answer: (ब) पोलियो
In simple words: पोलियो की वैक्सीन मुँह से दी जाने वाली दवा है। यह बच्चों को पोलियो से बचाती है।
🎯 Exam Tip: उन टीकों को पहचानें जो इंजेक्शन के बजाय मुँह से दिए जाते हैं, यह उनकी एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
Question 11. आन्त्र ज्वर को यह भी कहा जाता है –
(अ) निमोनिया
(ब) अतिसार
(स) मोतीझरा
(द) आमाशयी अल्सर
Answer: (स) मोतीझरा
In simple words: आंत्र ज्वर का दूसरा नाम मोतीझरा है। यह एक गंभीर बीमारी है जो पेट को प्रभावित करती है।
🎯 Exam Tip: बीमारियों के वैज्ञानिक और आम नामों दोनों को याद रखना उपयोगी होता है।
Question 12. एक ही समय में दिया जाना उपयुक्त रहता है –
(अ) ट्रिपिल एण्टीजन और पोलियो वैक्सीन
(ब) टाइफाइड एवं पोलियो वैक्सीन
(स) ट्रिपिल एण्टीजन एवं चेचक वैक्सीन
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) ट्रिपिल एण्टीजन और पोलियो वैक्सीन
In simple words: ट्रिपिल एंटीजन और पोलियो वैक्सीन एक साथ दिए जा सकते हैं। इससे बच्चे को कई बीमारियों से एक साथ सुरक्षा मिलती है।
🎯 Exam Tip: उन टीकों के संयोजन को याद रखें जिन्हें एक साथ सुरक्षित रूप से दिया जा सकता है, जो टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 13. किस टीके का सर्वोतम समय ग्रीष्मकाल है?
(अ) चेचक
(ब) आन्त्र ज्वर
(स) हैजा
(द) ब और स दोनों।
Answer: (द) ब और स दोनों।
In simple words: आंत्र ज्वर और हैजा के टीके गर्मी के मौसम में लगाना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस समय इन बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।
🎯 Exam Tip: मौसमी बीमारियों और उनके टीकाकरण के समय के बीच संबंध को समझें।
Question 14. Top है -
(अ) Trivalent Oral Polio
(ब) Tri - Oxidant Pill
(स) Tetra Oral Pill
Answer:
In simple words:
🎯 Exam Tip: यदि प्रश्न अधूरा हो तो उपलब्ध जानकारी के आधार पर उत्तर देने का प्रयास करें, और विकल्पों पर ध्यान दें।
Question. निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए -
1. गर्भकालीन विकास के दौरान केवल आन्तरिक वातावरण ही शिशु के .........को प्रभावित करता है।
2. किसी रोग को रोकने की सर्वाधिक व्यावाहरिक विधि .........है।
3. चेचक का टीका .........विधि से लगाया जाता है।
4. प्राथमिक प्रतिरक्षीकरण की अवधि समाप्त होने के बाद ......... किया जाता है।
5. बी. सी. जी. का टीका ......... रोग में लगाया जाता है।
Answer:
1. गर्भकालीन विकास के दौरान केवल आन्तरिक वातावरण ही शिशु के **स्वास्थ्य** को प्रभावित करता है।
2. किसी रोग को रोकने की सर्वाधिक व्यावाहरिक विधि **रोग निरोध** है।
3. चेचक का टीका **दबाव** विधि से लगाया जाता है।
4. प्राथमिक प्रतिरक्षीकरण की अवधि समाप्त होने के बाद **गौण प्रतिरक्षीकरण** किया जाता है।
5. बी. सी. जी. का टीका **क्षय** रोग में लगाया जाता है।
In simple words: शिशु का विकास उसके अंदर के माहौल से प्रभावित होता है। बीमारियों को रोकने का सबसे अच्छा तरीका रोग निरोध है। चेचक का टीका दबाव विधि से लगता है। पहले टीकाकरण के बाद दूसरा टीकाकरण होता है। बी.सी.जी. टीका टी.बी. के लिए है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति में प्रमुख अवधारणाओं और शब्दावली का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question. सुमेलन (स्तम्भ A तथा स्तम्भ B के शब्दों का मिलान कीजिए –)
स्तम्भ A
1. D. P. T.
2. B. C. G.
3. जेनर
4. बूस्टर डोज
5. मोतीझरा
स्तम्भ B
(a) चेचक
(b) टाइफाइड
(c) तपेदिक
(d) डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, टिटनेस
(e) गौण प्रतिरक्षीकरण
Answer:
1. डी.पी.टी. का मिलान (d) डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, टिटनेस से होता है।
2. बी.सी.जी. का मिलान (c) तपेदिक से होता है।
3. जेनर का मिलान (a) चेचक से होता है, क्योंकि उन्होंने चेचक का टीका खोजा था।
4. बूस्टर डोज का मिलान (e) गौण प्रतिरक्षीकरण से होता है।
5. मोतीझरा का मिलान (b) टाइफाइड से होता है।
In simple words: डी.पी.टी. टीका डिप्थीरिया, कुकर खाँसी और टिटनेस के लिए है। बी.सी.जी. टीबी के लिए है। जेनर ने चेचक का टीका बनाया। बूस्टर डोज दूसरे टीकाकरण को कहते हैं। मोतीझरा टाइफाइड को कहते हैं।
🎯 Exam Tip: सही मिलान के लिए प्रत्येक पद की परिभाषा और उसके संबंधित कारक को जानना आवश्यक है।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 8 अति लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. शिशुओं की संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए?
Answer: शिशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने का सबसे व्यावहारिक तरीका रोग निरोध है, जिसमें उन्हें समय पर टीके लगवाना और साफ-सफाई का ध्यान रखना शामिल है। यह सुनिश्चित करता है कि उनका शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहे।
In simple words: बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए उन्हें टीके लगवाने चाहिए और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
🎯 Exam Tip: रोग निरोध के महत्व पर जोर दें और टीकाकरण व स्वच्छता जैसे उपायों का उल्लेख करें।
Question 3. प्रतिरोधक क्षमता से आप क्या समझते हैं?
Answer: प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) का अर्थ है शरीर की वह ताकत जिससे वह बीमारियों और संक्रमणों से लड़ता है। यह क्षमता हमें स्वस्थ रहने में मदद करती है।
In simple words: प्रतिरोधक क्षमता मतलब शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति। यह हमें बीमार होने से बचाती है।
🎯 Exam Tip: "रोगों से लड़ने की क्षमता" को मुख्य वाक्यांश के रूप में शामिल करें।
Question 4. किस बीमारी को शीतला भी कहा जाता है?
Answer: चेचक की बीमारी को शीतला के नाम से भी जाना जाता है। यह एक गंभीर संक्रामक रोग है।
In simple words: चेचक को शीतला रोग भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: बीमारियों के वैकल्पिक नामों को याद रखें।
Question 5. कौन-सी बीमारी अब भारत से पूर्णतः समाप्त हो चुकी है?
Answer: भारत से चेचक की बीमारी अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। यह टीकाकरण अभियानों की बड़ी सफलता है।
In simple words: भारत से चेचक की बीमारी पूरी तरह खत्म हो गई है।
🎯 Exam Tip: भारत में उन्मूलन की गई बीमारियों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 6. बी.सी.जी. का पूरा नाम क्या है?
Answer: बी.सी.जी. का पूरा नाम बैसीलस कालमेट ग्यूरिन (Bacillus Calmette Guerin) है। यह टीका तपेदिक (टी.बी.) से बचाव के लिए उपयोग किया जाता है।
In simple words: बी.सी.जी. का पूरा नाम बैसीलस कालमेट ग्यूरिन है।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण टीकों के पूर्ण रूपों को याद रखें।
Question 7. बी. सी. जी. के टीके का नामकरण किस के नाम पर किया गया?
Answer: बी.सी.जी. टीके का नामकरण दो फ्रांसीसी वैज्ञानिकों - अल्बर्ट कालमेट और केमिली ग्यूरिन के नाम पर किया गया था, जिन्होंने इसे विकसित किया था।
In simple words: बी.सी.जी. टीके का नाम कालमेट और ग्यूरिन नाम के वैज्ञानिकों के नाम पर रखा गया है।
🎯 Exam Tip: टीकों के नामकरण के पीछे के वैज्ञानिकों को याद रखना विज्ञान के इतिहास से जुड़ने में मदद करता है।
Question 8. बी.सी.जी. का टीका किन व्यक्तियों को लगाया जाता है?
Answer: बी.सी.जी. का टीका उन लोगों को लगाया जाता है जिनकी ट्यूबरकुलिन टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आती है। इसका मतलब है कि उन्हें पहले से टी.बी. का संक्रमण नहीं है और उन्हें सुरक्षा की जरूरत है।
In simple words: बी.सी.जी. का टीका उन लोगों को लगता है जिन्हें टी.बी. का संक्रमण नहीं होता (ट्यूबरकुलिन नेगेटिव होते हैं)।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि कुछ टीके विशिष्ट परीक्षणों के परिणाम के आधार पर दिए जाते हैं।
Question 10. किस रोग के टीके को मीठी गोलियों के रूप में मुख से भी दिया जा सकता है?
Answer: पोलियो के टीके को मीठी गोलियों या तरल बूंदों के रूप में मुँह से दिया जा सकता है। यह बच्चों के लिए टीकाकरण को आसान बनाता है।
In simple words: पोलियो का टीका मीठी गोली के रूप में मुँह से भी दिया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: ओरल टीकों की पहचान करें, जो विशेष रूप से बच्चों के टीकाकरण में सुविधा प्रदान करते हैं।
Question 11. किस टीके द्वारा बुखार या पीड़ा नहीं होते?
Answer: पोलियो के टीके से आमतौर पर बुखार या दर्द नहीं होता। यह इसे बच्चों के लिए टीकाकरण को एक आरामदायक टीका बनाता है।
In simple words: पोलियो के टीके से बुखार या दर्द नहीं होता है।
🎯 Exam Tip: उन टीकों को जानें जिनके दुष्प्रभाव बहुत कम या न के बराबर होते हैं।
Question 12. कौन-सा टीका ड्रॉप, गोली तथा इंजैक्शन तीनों रूपों में दिया जा सकता है?
Answer: पोलियो का टीका ड्रॉप (बूंदों), गोली (मीठी गोली) और इंजेक्शन तीनों रूपों में उपलब्ध है। यह लचीलापन टीकाकरण कार्यक्रमों को विभिन्न परिस्थितियों के अनुकूल बनाता है।
In simple words: पोलियो का टीका ड्रॉप, गोली और इंजेक्शन तीनों तरह से दिया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: टीकाकरण के विभिन्न तरीकों को समझें और जानें कि पोलियो टीका कैसे बहुमुखी है।
Question 13. किसी एक संयुक्त टीके का नाम लिखिए।
Answer: एक संयुक्त टीका का उदाहरण टाइफाइड और पैरा-टाइफाइड का टीका है, जिसे दोनों बीमारियों से बचाव के लिए एक साथ दिया जाता है।
In simple words: टाइफाइड और पैरा-टाइफाइड का टीका एक साथ लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त टीकों के उदाहरण याद रखें जो एक साथ कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
Question 14. मोतीझरा के साथ कौन-सा टीका संयुक्त करके लगाया जा सकता है?
Answer: मोतीझरा (टाइफाइड) के साथ हैजे का टीका भी मिलाकर लगाया जा सकता है। यह एक ही बार में दो बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।
In simple words: मोतीझरा के साथ हैजे का टीका भी मिलाकर लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न टीकों के संयोजनों को याद रखें जिन्हें एक साथ दिया जा सकता है।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 8 लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. चेचक के टीके का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
Answer: चेचक या शीतला एक बहुत गंभीर बीमारी थी। इससे बचाव का मुख्य तरीका यह है कि शिशु को जन्म के पहले सप्ताह में ही टीका लगवा दिया जाए। इस टीके में वैक्सीनिया वायरस या काउ पॉक्स वायरस होते हैं, जो शरीर में जाकर बीमारी से लड़ने की शक्ति पैदा करते हैं।
In simple words: चेचक एक खतरनाक बीमारी थी। इससे बचने के लिए बच्चे को जन्म के पहले हफ्ते में टीका लगवाना चाहिए। टीके में वायरस होते हैं जो शरीर को चेचक से लड़ने की शक्ति देते हैं।
🎯 Exam Tip: चेचक के टीके के इतिहास, उसके उपयोग का समय और उसमें प्रयुक्त वायरस को याद रखें।
Question 3. पोलियो के टीके का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Answer: पोलियो रोग का कोई सीधा इलाज नहीं है, इसलिए इसका टीका लगवाना बहुत ज़रूरी है। यह टीका आजकल मुँह से दी जाने वाली बूंदों, मीठी गोलियों या इंजेक्शन के रूप में मिलता है। हमारे देश में ट्राइवैलेंट ओरल पोलियो टीका उपलब्ध है, जिसे 2-3 महीने की उम्र से देना शुरू किया जाता है। इसकी तीन खुराकें 4 से 8 सप्ताह के अंतराल पर दी जाती हैं। इसके बाद हर साल एक बूस्टर खुराक दी जाती है। हालांकि, दस्त या किसी अन्य वायरल संक्रमण होने पर यह टीका नहीं दिया जा सकता। यह टीका बच्चों को स्थायी विकलांगता से बचाता है।
In simple words: पोलियो का कोई इलाज नहीं, इसलिए इसका टीका बहुत जरूरी है। यह मुँह से बूंदों या गोली के रूप में दिया जाता है, या इंजेक्शन भी लगता है। इसे 2-3 महीने की उम्र से देना शुरू करते हैं और बाद में हर साल एक खुराक देते हैं। दस्त होने पर यह टीका नहीं देते।
🎯 Exam Tip: पोलियो टीके के विभिन्न रूपों, खुराक के समय और उन स्थितियों को याद रखें जब इसे नहीं दिया जा सकता।
Question 4. आन्त्र ज्वर के टीका का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
Answer: आंत्र ज्वर, जिसे मोतीझरा भी कहते हैं, भारत में बहुत आम बीमारी है। इसके लिए टाइफाइड और पैरा-टाइफाइड का संयुक्त टीका बाजार में उपलब्ध है। कभी-कभी हैजे का टीका भी इसमें मिला दिया जाता है। यह टीका दो साल या उससे छोटे बच्चों को दिया जाता है। इसकी दो या तीन खुराकें 1 से 4 सप्ताह के अंतराल पर इंजेक्शन के माध्यम से दी जाती हैं। सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर साल एक बूस्टर टीका लगवाना चाहिए।
In simple words: आंत्र ज्वर (मोतीझरा) के लिए टाइफाइड और पैरा-टाइफाइड का टीका मिलता है। कभी-कभी इसमें हैजे का टीका भी मिलाते हैं। इसे 2 साल या छोटे बच्चों को देते हैं, और हर साल एक बूस्टर खुराक लगवानी चाहिए।
🎯 Exam Tip: आंत्र ज्वर के टीके के प्रकार, खुराक और बूस्टर की आवश्यकता पर ध्यान दें।
Question 5. हैजे के टीके का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
Answer: हैजे का टीका टाइफाइड के टीके की तरह, एक या दो साल की उम्र से लगना शुरू हो जाता है। इसे गर्मी के मौसम में लगवाना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि गर्मी में हैजे का खतरा बढ़ जाता है। शुरुआत में, 1 से 4 सप्ताह के अंतराल पर दो या तीन इंजेक्शन दिए जाते हैं। हैजे से बचाव को बनाए रखने के लिए हर साल गर्मियों में टीके की बूस्टर खुराक लेनी चाहिए।
In simple words: हैजे का टीका 1-2 साल के बच्चों को गर्मी में लगना शुरू होता है। इसके दो-तीन इंजेक्शन लगते हैं और हर साल गर्मी में एक और टीका लगवाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: हैजे के टीके के लिए उचित आयु, मौसमी महत्व और बूस्टर खुराक की आवश्यकता को याद रखें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 8 निबन्धात्मक प्रश्न.
Question 1. भारत में संक्रामक रोगों से होने वाली बाल मृत्यु का संक्षिप्त परिचय तथा इससे सुरक्षा सुझाव लिखिए।
Answer: भारत में संक्रामक रोग बच्चों की मृत्यु का एक बड़ा कारण हैं। जन्म के बाद, शिशु एक नए बाहरी वातावरण के संपर्क में आता है, जो माँ के गर्भ से बहुत अलग होता है। इस वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और उन्हें कई बीमारियों का शिकार बना सकते हैं। एक बच्चे का स्वस्थ जीवन उसकी नींव बचपन में ही बनती है। माता-पिता और अभिभावकों का यह कर्तव्य है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाने और उन्हें एक स्वस्थ नागरिक बनाने के लिए, जन्म के तुरंत बाद से ही उन्हें समय पर सभी आवश्यक टीके लगवाने चाहिए। ये टीके बच्चों के शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति पैदा करते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं।
In simple words: भारत में बच्चों की मौत संक्रामक रोगों से बहुत होती है। जन्म के बाद बच्चे को बाहरी दुनिया में कई कीटाणु मिलते हैं जो उन्हें बीमार करते हैं। इसलिए, माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को समय पर टीके लगवाएँ और साफ-सफाई रखें। इससे बच्चे बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे और स्वस्थ जीवन जी पाएँगे।
🎯 Exam Tip: बाल मृत्यु के कारणों में संक्रामक रोगों की भूमिका और टीकाकरण, स्वच्छता जैसे निवारक उपायों पर प्रकाश डालें।
Question 2. रोग निरोध से आप क्या समझते हैं? प्राथमिक तथा गौण प्रतिरक्षीकरण को समझाइए।
Answer:
**रोग निरोध (Immunization):** रोग निरोध का मतलब है किसी बीमारी को होने से पहले ही रोकना। इसमें शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति (प्रतिरोधक क्षमता) को बढ़ाया जाता है। यह शरीर में खास तरह के एंटीजन डालकर किया जाता है, जिससे शरीर एक खास बीमारी से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है और व्यक्ति का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है। टीके या वैक्सीन बीमारियों के कीटाणुओं को बदलकर (जैसे मरे हुए या कमजोर करके) या उनके विषैले पदार्थों से बनाए जाते हैं। जब ये वैक्सीन शरीर में जाते हैं, तो शरीर बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा पैदा करता है। कुछ वैक्सीन इंजेक्शन से लगते हैं और कुछ मुँह से पिलाई जाती हैं।
**प्रतिरक्षीकरण के सोपान:** प्रतिरक्षीकरण मुख्य रूप से दो चरणों में होता है:
1. **प्राथमिक प्रतिरक्षीकरण (Primary Immunization):** इसमें शरीर को पहली बार किसी बीमारी से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। इसमें एक या अधिक इंजेक्शन दिए जाते हैं जो एक निश्चित समय तक काम करते हैं। समय के साथ, यह सुरक्षा धीरे-धीरे कम होने लगती है।
2. **गौण प्रतिरक्षीकरण (Secondary Immunization) या बूस्टर डोज:** प्राथमिक प्रतिरक्षीकरण की सुरक्षा अवधि खत्म होने के बाद, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को फिर से बढ़ाने के लिए बूस्टर डोज दी जाती है। यदि यह बूस्टर डोज नहीं दी जाती है, तो बीमारी होने का खतरा फिर से बढ़ जाता है। इन चरणों से शरीर को लंबे समय तक बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।
In simple words: रोग निरोध का मतलब है शरीर को टीके लगाकर बीमारियों से बचाना। इसमें शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ाई जाती है। टीकाकरण दो तरह का होता है - पहला, प्राथमिक टीकाकरण जो पहली बार होता है। दूसरा, गौण टीकाकरण या बूस्टर डोज जो पहले टीके की सुरक्षा कम होने पर दोबारा दिया जाता है। यह शरीर को बीमारियों से लंबे समय तक बचाता है।
🎯 Exam Tip: रोग निरोध की परिभाषा और प्राथमिक व गौण प्रतिरक्षीकरण के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएँ, साथ ही बूस्टर डोज के महत्व को भी बताएं।
Question 3. तपेदिक, डिप्थीरिया, कुकर खाँसी तथा टिटनेस के वैक्सीन्स का संक्षिप्त विवरण दीजिए। अथवा निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए –
**(1) बी. सी. जी.**
**(2) डिप्थीरिया, कुकर खाँसी और टिटनेस (D.P.T. or Triple Antigen):**
Answer:
**(1) बी. सी. जी. (BCG):** बी.सी.जी. (BCG) का टीका मुख्य रूप से तपेदिक (टी.बी.) रोग से बचाव के लिए लगाया जाता है। यह उन बच्चों को दिया जाता है जिनकी ट्यूबरकुलिन टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आती है, जिसका मतलब है कि उन्हें अभी तक टी.बी. का संक्रमण नहीं हुआ है। यह टीका बाँह के ऊपरी हिस्से में लगाया जाता है। टीका लगाने के बाद 6 सप्ताह से 3 महीने के भीतर एक छोटी गाँठ बन सकती है, जो 2-3 महीने तक रहती है। यदि यह गाँठ लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यह टीका टी.बी. के गंभीर रूपों को रोकने में बहुत प्रभावी है।
**(2) डिप्थीरिया, कुकर खाँसी और टिटनेस (D.P.T. or Triple Antigen):** डिप्थीरिया, कुकर खाँसी (काली खाँसी) और टिटनेस के लिए ट्रिपिल एंटीजन वैक्सीन, जिसे डी.पी.टी. भी कहते हैं, तीनों रोगों के जीवाणुओं के विषैले पदार्थों से बनाई जाती है। सभी नवजात शिशुओं को यह टीका जन्म के तीसरे, चौथे और पाँचवें महीने में लगवाना चाहिए। पहले टीकाकरण के बाद, दूसरे वर्ष में एक बूस्टर टीका भी लगवाना चाहिए। यह टीका बच्चों को इन तीनों खतरनाक बीमारियों से संक्रमण से बचाता है। इस टीके के बाद बच्चे को हल्का बुखार और इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द हो सकता है। बुखार और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर दवा ली जा सकती है। बुखार आमतौर पर 24 घंटे तक रहता है, लेकिन अगर यह ज्यादा समय तक रहे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
In simple words: बी.सी.जी. टीका टी.बी. से बचाता है। यह उन्हीं बच्चों को लगता है जिन्हें टी.बी. नहीं होती। यह बाँह में लगता है और हल्की गाँठ बना सकता है। डी.पी.टी. का टीका डिप्थीरिया, कुकर खाँसी और टिटनेस से बचाता है। यह तीसरे, चौथे और पाँचवें महीने में लगता है, फिर दूसरे साल में बूस्टर डोज लगती है। इससे हल्का बुखार और दर्द हो सकता है, जो सामान्य है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक टीके के उद्देश्य, खुराक के समय, संभावित दुष्प्रभावों और उनसे जुड़ी विशेष सावधानियों का विस्तार से वर्णन करें।
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