RBSE Solutions Class 11 Home Science Chapter 22 वस्त्र परिसज्जा

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Detailed Chapter 22 वस्त्र परिसज्जा RBSE Solutions for Class 11 Home Science

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Class 11 Home Science Chapter 22 वस्त्र परिसज्जा RBSE Solutions PDF

 

Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(i) करघे द्वारा बुनकर तैयार वस्त्र कहलाता है –
(अ) ग्रे-गुड्स
(ब) खुरदरा वस्त्र
(स) परिष्कृत वस्त्र
(द) चिकना वस्त्र
Answer: (अ) ग्रे-गुड्स
In simple words: जब कपड़ा करघे से सीधे बनता है, बिना किसी खास प्रक्रिया के, तो उसे ग्रे-गुड्स कहते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रे-गुड्स वस्त्र वह शुरुआती रूप होता है जिसमें कपड़ा बुनाई के बाद होता है, जिस पर अभी कोई अंतिम प्रक्रिया नहीं की गई होती है।

 

Question 1. (ii) यांत्रिक परिसज्जा का उदाहरण है –
(अ) सिजिंग
(ब) मर्सिराइजिंग

 

Question 1. (iv) रासायनिक परिसज्जा का उदाहरण है –
(अ) टेटरिंग
(ब) कुटाई
(स) नेपिंग
(द) फफूंदी रोधक
Answer: (द) फफूंदी रोधक
In simple words: रासायनिक परिसज्जा में फफूंदी रोधक एक प्रक्रिया है जो कपड़े को फफूंदी से बचाती है। इसमें रसायन का इस्तेमाल होता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक परिसज्जाओं में विभिन्न रसायन का उपयोग होता है, जैसे फफूंदी से बचाने के लिए 'फफूंदी रोधक' का इस्तेमाल होता है।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करो
1. परिसज्जा वस्त्र को आज की ......... के आधार पर तैयार करते हैं।
2. यांत्रिक परिसज्जा ......... द्वारा दी जाती है।
3. रासायनिक परिसज्जा ......... के द्वारा दी जाती है।
4. मर्सिराइजिंग क्रिया में ......... रसायन का प्रयोग होता है।
5. मोएरिंग परिसज्जा में वस्त्र की सतह पर ......... के समान नमूने बनाए जाते हैं।
Answer:
1. मांग व उपयोगिता
2. यंत्रों
3. रसायनों
4. कास्टिक सोडा
5. पानी की धारियों।
In simple words: वस्त्र को कैसा बनाना है और लोग उसे कैसे इस्तेमाल करेंगे, यह देखकर तय करते हैं कि कौन सी परिसज्जा करनी है। यांत्रिक काम मशीनों से होते हैं और रासायनिक काम रसायनों से। मर्सिराइजिंग के लिए कास्टिक सोड़ा का उपयोग होता है, जबकि मोएरिंग में कपड़े पर पानी जैसी धारियां बनती हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, सही शब्द या वाक्यांश का चयन करें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो और विषय से संबंधित हो।

 

Question 3. वस्त्र परिसज्जा के उद्देश्यों को लिखिए।
Answer: वस्त्र परिसज्जा के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • वस्त्रों में नए-नए बदलाव लाना।
  • वस्त्र को ज्यादा उपयोगी और काम लायक बनाना।
  • कपड़े की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाना।
  • कपड़े को सुंदर और अलग-सा दिखाना।
  • कपड़े का रखरखाव आसान बनाना।
  • वस्त्रों को सख्त और भारी बनाना।
  • साधारण कपड़ों को भी आकर्षक बनाना।

In simple words: वस्त्र परिसज्जा का मकसद कपड़े को बेहतर बनाना है। यह उसे सुंदर, मजबूत और ज्यादा इस्तेमाल लायक बनाता है, साथ ही उसका ध्यान रखना भी आसान कर देता है।

🎯 Exam Tip: वस्त्र परिसज्जा के उद्देश्यों को सूची के रूप में स्पष्ट बिंदुओं में प्रस्तुत करें ताकि परीक्षक आसानी से समझ सकें।

 

Question 4. वस्त्र परिसज्जा का अर्थ बताते हुए यांत्रिक एवं रासायनिक परिसज्जा को उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer:
वस्त्र परिसज्जा:
करघे से निकला कपड़ा अक्सर उपयोग लायक नहीं होता, आकर्षक नहीं दिखता और उसमें कमियां होती हैं। कपड़े को उपयोगी, सुंदर और बिना किसी कमी वाला बनाने के लिए, और आज की ज़रूरतों के हिसाब से बदलने की प्रक्रिया को वस्त्र परिसज्जा कहते हैं।

यांत्रिक परिसज्जा:
जो परिसज्जाएं मशीनों की मदद से की जाती हैं, उन्हें यांत्रिक परिसज्जा कहते हैं। उदाहरण के लिए, जब कपड़ा बुना जाता है तो उसमें जो छेद रह जाते हैं, उन्हें भरने के लिए और कपड़े को घना व चिकना बनाने के लिए लोहे या लकड़ी के हथोड़ों से कपड़े की सतह को पीटा जाता है। कपड़े से रेशे और धागे हटाने के लिए सिजिंग प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।

रासायनिक परिसज्जा:
जो परिसज्जाएं रासायनिक पदार्थों का उपयोग करके की जाती हैं, उन्हें रासायनिक परिसज्जा कहते हैं। उदाहरण के लिए, कपड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए उनकी सतह पर कुछ फ्लोराइड लगाया जाता है। इसी तरह, फफूंदी से बचाने के लिए फार्मेल्डिहाइड का उपयोग किया जाता है।
In simple words: वस्त्र परिसज्जा कपड़ों को सुंदर और उपयोगी बनाने का तरीका है। इसमें दो मुख्य तरीके हैं: यांत्रिक (मशीनों से) और रासायनिक (रसायनों से)। जैसे, मशीन से कपड़े को चिकना करना या रसायन से कीटाणुओं से बचाना।

🎯 Exam Tip: परिसज्जा का अर्थ बताते हुए, यांत्रिक और रासायनिक दोनों प्रकारों को स्पष्ट उदाहरणों के साथ समझाएं, ताकि अंतर स्पष्ट हो सके।

 

Question 5. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –
1. कड़ा करना एवं भरना,
2. सिलवटरोधी परिसज्जा,
3. जलभेद (जल निरोधक) परिसज्जा
Answer:
1. कड़ा करना एवं भरना: (उत्तर इस OCR में उपलब्ध नहीं है)

2. सिलवटरोधी परिसज्जा:
सूती और लिनन के कपड़ों में खिंचाव न होने और आसानी से मुड़ने के कारण, एक बार पहनने के बाद वे जल्दी ही सिकुड़ जाते हैं। इन सिकुड़नों को रोकने के लिए सिलवटरोधी परिसज्जा की जाती है। इस विधि में, रासायनिक राल, जैसे फिनॉल फार्मेल्डिहाइड या यूरिया फार्मेल्डिहाइड, को धागों में मिलाया जाता है, जिससे कपड़े में लचीलापन आता है। इस तरह कपड़ा सिकुड़न प्रतिरोधी बन जाता है।

3. जलभेद (जल निरोधक) परिसज्जा:
बारिश के मौसम में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों को पानी से बचाने के लिए उन्हें जल अवरोधक बनाया जाता है, ताकि पानी कपड़े के अंदर न जा सके। इसके लिए कपड़े की सतह पर रबड़ या प्लास्टिक की रासायनिक राल की परत चढ़ाई जाती है। यह रसायन कपड़े के छेदों को बंद कर देता है, जिससे पानी ऊपर से फिसल कर बह जाता है। हालांकि, इससे कपड़े का नरमपन खत्म हो जाता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता। आजकल, बेहतर जल निवारक पदार्थों का उपयोग करके ऐसे कपड़े बनाए जाते हैं जिनमें नरमपन भी बना रहता है और पानी अंदर नहीं जाता।
In simple words: सिलवटरोधी परिसज्जा कपड़े को सिकुड़ने से रोकती है, जिसमें रसायन का प्रयोग होता है। जल निरोधक परिसज्जा कपड़े को पानी से बचाती है, अक्सर रबड़ या प्लास्टिक की परत चढ़ाकर, लेकिन अब नए तरीके भी आ गए हैं जो कपड़े को नरम रखते हैं।

🎯 Exam Tip: संक्षिप्त टिप्पणी लिखते समय, प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट और संक्षेप में समझाएं, उसके मुख्य गुण और उद्देश्य बताएं।

RBSE Class 11 Home Science Chapter 22 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

 

Question 1. वस्त्र पर परिसज्जा का प्रयोग निर्भर करता है –
(अ) समय पर
(ब) आवश्यकता पर
(स) प्रकृति पर
(द) प्रकृति एवं प्रयोजन पर
Answer: (द) प्रकृति एवं प्रयोजन पर
In simple words: कपड़े पर किस तरह की परिसज्जा करनी है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कपड़ा किस चीज से बना है और उसे किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

🎯 Exam Tip: परिसज्जा का चयन करते समय, हमेशा कपड़े के मूल गुण (प्रकृति) और उसके अंतिम उपयोग (प्रयोजन) को ध्यान में रखें।

 

Question 2. परिसज्जा के प्रकार हैं –
(अ) दो

 

Question 3. वस्त्र की सतह को चिकना बनाने के लिए परिसज्जा की जाती है –
(अ) बीटिंग
(ब) सिजिंग
(स) मोएरिंग
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) सिजिंग
In simple words: कपड़े को चिकना करने के लिए सिजिंग की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।

🎯 Exam Tip: सिजिंग प्रक्रिया में कपड़े की सतह के छोटे रेशों को हटाकर उसे चिकना बनाया जाता है।

 

Question 4. अस्थाई परिसज्जा का उदाहरण है –
(अ) सिकुड़न निरोधक
(ब) जल निरोधक
(स) कड़ापन
(द) स्थाई इस्त्री
Answer: (स) कड़ापन
In simple words: कड़ापन एक ऐसी परिसज्जा है जिसका प्रभाव समय के साथ खत्म हो जाता है, इसलिए इसे अस्थाई परिसज्जा कहते हैं।

🎯 Exam Tip: अस्थाई परिसज्जा वे होती हैं जिनका प्रभाव धुलाई या उपयोग के बाद खत्म हो जाता है, जैसे कड़ापन।

 

Question 5. वस्त्र पर फफूंदी के बचाव के लिए प्रयोग किया जाता है –
(अ) मैग्नीशियम फ्लोराइड
(ब) कैल्सियम क्लोराइड
(स) जिंक क्लोराइड
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: कपड़े को फफूंदी से बचाने के लिए मैग्नीशियम फ्लोराइड, कैल्सियम क्लोराइड और जिंक क्लोराइड जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है।

🎯 Exam Tip: फफूंदी रोधक के लिए विभिन्न प्रकार के फ्लोराइड यौगिकों का उपयोग किया जाता है, जो कपड़े को नमी और फफूंदी से बचाते हैं।

 

Question. रिक्त स्थान भरिए
निम्नलिखित वाक्यों में खाली स्थान भरिए -
1. वस्त्र परिसज्जा का प्रयोग वस्त्र की ......... एवं ......... पर निर्भर है।
2. सौन्दर्यात्मक आकर्षण प्रवृत्ति एवं फैशन के दौर ने ......... में क्रान्ति ला दी है।
3. दी जाने वाली परिसज्ज............. कहलाती है।
Answer:
1. प्रकृति, प्रयोजन
2. वस्त्रों के निर्माण
3. विशेष
In simple words: कपड़े पर की जाने वाली परिसज्जा उसकी बनावट और इस्तेमाल पर निर्भर करती है। फैशन ने कपड़े बनाने के तरीकों में बड़े बदलाव लाए हैं। हर कपड़े को एक खास परिसज्जा दी जाती है ताकि वह अच्छा दिखे और काम करे।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ को समझें और सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।

 

Question. सुमेलन स्तम्भ A तथा स्तम्भ B के शब्दों का मिलान कीजिए -

स्तम्भ Aस्तम्भ B
1. ग्रे-गुड्स(a) वस्त्र की लम्बाई-चौड़ाई इकसार करना
2. सिजिंग(b) ढीले-ढाले वस्त्रों को स्थायित्व देना
3. मर्सिराइजिंग(c) वस्त्रों को चिकना व चमकीला बनाना
4. विरंजन(d) करघे से उतारा गया वस्त्र
5. टेंटरिंग(e) कपड़े से रंग उड़ाना
Answer:
1. (d) करघे से उतारा गया वस्त्र
2. (b) ढीले-ढाले वस्त्रों को स्थायित्व देना
3. (c) वस्त्रों को चिकना व चमकीला बनाना
4. (e) कपड़े से रंग उड़ाना
5. (a) वस्त्र की लम्बाई-चौड़ाई इकसार करना
In simple words: ग्रे-गुड्स वह कपड़ा है जो अभी-अभी करघे से निकला है। सिजिंग से ढीले कपड़ों को मजबूती मिलती है। मर्सिराइजिंग कपड़े को चमकदार और चिकना बनाती है। विरंजन से कपड़े का रंग उड़ जाता है, और टेंटरिंग से कपड़े की लंबाई-चौड़ाई बराबर होती है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक शब्द या वाक्यांश के सही अर्थ को समझें और फिर उसके सही जोड़े को चुनें।

RBSE Class 11 Home Science Chapter 22 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. ग्रे-वस्त्र किसे कहते हैं?
Answer: करघे से उतारे गए वस्त्रों को ग्रे-गुड्स या ग्रे वस्त्र कहते हैं। ऐसे वस्त्रों पर अभी कोई परिसज्जा प्रक्रिया नहीं की गई होती है।
In simple words: ग्रे-वस्त्र वे कपड़े होते हैं जो सीधे करघे से बनते हैं, जिन पर अभी तक कोई खास प्रक्रिया नहीं की गई होती।

🎯 Exam Tip: ग्रे-वस्त्र की परिभाषा को सीधे और सटीक शब्दों में बताएं, उसके मुख्य गुण का उल्लेख करें।

 

Question 2. यांत्रिक एवं रासायनिक परिसज्जा से क्या अभिप्राय है?
Answer: यंत्रों द्वारा की जाने वाली परिसज्जा को यांत्रिक परिसज्जा कहते हैं, और रसायनों द्वारा की जाने वाली परिसज्जा को रासायनिक परिसज्जा कहते हैं।
In simple words: यांत्रिक परिसज्जा मशीनों से होती है, जबकि रासायनिक परिसज्जा रसायनों का उपयोग करके की जाती है।

🎯 Exam Tip: दोनों परिसज्जाओं के बीच का अंतर स्पष्ट करें, उनके नाम से ही उनकी प्रक्रिया का पता चलता है।

 

Question. किन प्रक्रियाओं द्वारा वस्त्र क्रमशः सघन रचना वाले, श्वेत एवं कड़क हो जाते हैं?
Answer: कुटाई, विरंजन और टेंटरिंग की प्रक्रियाओं द्वारा वस्त्र क्रमशः सघन, सफेद और कड़क हो जाते हैं।
In simple words: कुटाई, विरंजन और टेंटरिंग से कपड़े मजबूत, सफेद और सख्त बनते हैं।

🎯 Exam Tip: इन प्रक्रियाओं को उनके विशिष्ट प्रभावों के साथ याद रखें, जैसे कुटाई से सघनता, विरंजन से श्वेतता, और टेंटरिंग से कड़ापन।

 

Question 5. सेन्फोराइज्ड किसे कहते हैं?
Answer: जिस वस्त्र को सिकुड़ने से बचाने के लिए पहले से ही उसका आकार स्थिर कर दिया जाता है, उसे सेन्फोराइज्ड वस्त्र कहते हैं।
In simple words: सेन्फोराइज्ड कपड़े वे होते हैं जिन्हें पहले ही सिकुड़ने से रोकने के लिए एक खास आकार दे दिया जाता है।

🎯 Exam Tip: सेन्फोराइज्ड प्रक्रिया कपड़े को स्थायी रूप से सिकुड़न-मुक्त बनाने में मदद करती है, जिससे उसकी गुणवत्ता बढ़ती है।

 

Question 6. आधारभूत परिसज्जाओं के कुछ उदाहरण दीजिए।
Answer: आधारभूत परिसज्जाओं के कुछ उदाहरण हैं: सफाई, कुटाई, कड़ा करना और टेंटरिंग।
In simple words: सफाई, कुटाई, कड़ा करना और टेंटरिंग कपड़े की कुछ सामान्य सुधार प्रक्रियाएं हैं।

🎯 Exam Tip: आधारभूत परिसज्जाएं वे प्रारंभिक प्रक्रियाएं होती हैं जो कपड़े को सामान्य उपयोग के लिए तैयार करती हैं।

 

Question 7. विशिष्ट परिसज्जाओं के उदाहरण लिखिए।
Answer: विशिष्ट परिसज्जाओं के उदाहरण हैं: मर्सिराइजिंग, अग्नि निरोधन, सिलवट निरोधन और फफूंद निरोधन।
In simple words: मर्सिराइजिंग, आग से बचाव, सिकुड़न से बचाव और फफूंदी से बचाव कुछ खास परिसज्जाएं हैं।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट परिसज्जाएं कपड़े को खास गुणों से लैस करती हैं, जैसे आग या फफूंदी से बचाना।

 

Question 8. आधारभूत परिसज्जा एवं विशिष्ट परिसज्जा में क्या अन्तर है?
Answer: आधारभूत परिसज्जा से वस्त्र साफ, सफेद, चमकीले और कड़क हो जाते हैं। इसके विपरीत, विशिष्ट परिसज्जा से वस्त्रों को विभिन्न रंगों और नमूनों द्वारा डिज़ाइनदार और आकर्षक बनाया जाता है।
In simple words: आधारभूत परिसज्जा कपड़े को साफ और मजबूत बनाती है, जबकि विशिष्ट परिसज्जा उसे सुंदर और डिजाइनर बनाती है।

🎯 Exam Tip: दोनों परिसज्जाओं के मूल अंतर को स्पष्ट करें - आधारभूत सामान्य सुधार के लिए है, जबकि विशिष्ट विशेष गुणों और सौंदर्य के लिए है।

 

Question 9. सूती वस्त्रों को सिलवट प्रतिरोधी बनाने के लिए क्या किया जाता है?
Answer: सूती वस्त्रों को सिलवट प्रतिरोधी बनाने के लिए फिनाइल फार्मेल्डिहाइड और यूरिया फार्मेल्डिहाइड का प्रयोग किया जाता है।
In simple words: सूती कपड़ों को सिकुड़ने से रोकने के लिए खास रसायनों जैसे फिनाइल फार्मेल्डिहाइड और यूरिया फार्मेल्डिहाइड का उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: सिलवट प्रतिरोधी परिसज्जा में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख रसायनों के नाम याद रखें।

RBSE Class 11 Home Science Chapter 22 लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. परिसज्जा को प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।
Answer: वस्त्र परिसज्जा को मुख्य रूप से दो कारक प्रभावित करते हैं:
1. तन्तु की प्रकृति: कपड़े को उपयोगी बनाने के लिए, तन्तु के भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर ही उस पर अलग-अलग प्रक्रियाएं की जाती हैं।
2. बुनाई की विधि: कपड़े की बुनाई का तरीका भी परिसज्जा को प्रभावित करता है। यदि कपड़ा सामान्य बुनाई से बना है, तो उस पर किसी भी तरह की परिसज्जा दी जा सकती है। लेकिन जटिल बुनाई वाले कपड़ों पर परिसज्जा करना मुश्किल होता है।
In simple words: कपड़े की परिसज्जा इस बात पर निर्भर करती है कि उसके रेशे कैसे हैं और उसे कैसे बुना गया है।

🎯 Exam Tip: परिसज्जा को प्रभावित करने वाले कारकों को तन्तु की प्रकृति और बुनाई की विधि के रूप में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।

 

Question 2. टेंटरिंग से आप क्या समझते हैं? यह कैसे किया जाता है?
Answer:
टेंटरिंग (Tantering):
कपड़े के टेढ़ेपन और असमान आकार को ठीक करके, उसकी पूरी लंबाई में एक समान चौड़ाई बनाने की प्रक्रिया को टेंटरिंग कहते हैं। इस प्रक्रिया के लिए टेंटरिंग मशीन के दोनों ओर लगे हुक में कपड़े के किनारों को फंसाकर, कपड़े को फ्रेम पर फैलाया जाता है। इसके बाद गर्म हवा प्रवाहित की जाती है, जिससे कपड़ा जहां से फैलना या सिकुड़ना होता है, वह फैलकर या सिकुड़कर एक समान चौड़ाई वाला हो जाता है।
In simple words: टेंटरिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जो कपड़े की चौड़ाई और आकार को बराबर करती है, ताकि वह टेढ़ा न दिखे। इसमें मशीन में हुक और गर्म हवा का उपयोग होता है।

🎯 Exam Tip: टेंटरिंग की परिभाषा देते हुए उसकी प्रक्रिया को संक्षेप में बताएं और यह भी स्पष्ट करें कि यह क्यों की जाती है।

 

Question 4. परिसज्जा के मुख्य प्रकारों के नाम लिखो। कार्यशील परिसज्जा क्या है?
Answer: परिसज्जा मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

  • यांत्रिक परिसज्जा
  • रासायनिक परिसज्जा
  • कार्यशील परिसज्जा

कार्यशील परिसज्जा:
यह विशेष कार्यों के लिए की जाने वाली परिसज्जाओं का समूह है। जैसे - जल अवरोधक, अग्निरोधक, कीट से बचाव, फफूंद से बचाव और कीटाणुनाशक परिसज्जाएं।
In simple words: परिसज्जा तीन तरह की होती है: यांत्रिक, रासायनिक और कार्यशील। कार्यशील परिसज्जा कपड़े को खास काम के लिए तैयार करती है, जैसे उसे पानी या आग से बचाना।

🎯 Exam Tip: परिसज्जा के प्रकारों को सूचीबद्ध करें और कार्यशील परिसज्जा की परिभाषा को उसके विशिष्ट उदाहरणों के साथ समझाएं।

 

Question 5. कुटाई प्रक्रिया को समझाइए।
Answer:
कुटाई (Beating):
करघे से बुना हुआ कपड़ा अक्सर खुरदरा, सख्त और बीच-बीच में छेद वाला होता है। ऐसे कपड़े को घना, चिकना और चमकदार बनाने के लिए लकड़ी और लोहे के हथोड़ों से कपड़े की सतह को पीटा जाता है। इस प्रक्रिया से कपड़े के बीच के छेद भर जाते हैं। इससे धागे चपटे हो जाते हैं और कपड़े की संरचना घनी हो जाती है।
In simple words: कुटाई प्रक्रिया में कपड़े को हथोड़ों से पीटकर उसे चिकना और मजबूत बनाते हैं, ताकि उसमें कोई छेद न रहे।

🎯 Exam Tip: कुटाई प्रक्रिया का उद्देश्य और उसके तरीके को स्पष्ट शब्दों में वर्णित करें, यह भी बताएं कि इससे कपड़े में क्या सुधार होता है।

 

Question 6. साइजिंग से आप क्या समझते हैं? समझाइए।
Answer:
साइजिंग (Sizing):
ग्रे-गुड्स यानी बिना परिसज्जा वाले कपड़े की सतह को चिकना बनाने के लिए, बुनाई के बाद सतह पर निकले रोएं, गांठें और धागों को गर्म रोलरों और प्लेटों के बीच से गुजारकर जला दिया जाता है। इससे कपड़े की सतह चिकनी हो जाती है। इस प्रक्रिया को साइजिंग कहते हैं।
In simple words: साइजिंग वह प्रक्रिया है जिसमें कपड़े की सतह से छोटे-छोटे रोएं और गांठें जलाकर हटा दी जाती हैं, जिससे कपड़ा चिकना हो जाता है।

🎯 Exam Tip: साइजिंग का उद्देश्य और उसकी प्रक्रिया को समझाएं, और बताएं कि यह कपड़े की सतह को कैसे चिकना करती है।

 

Question 2. निम्नलिखित को समझाइए -
1. अग्नि निरोधक परिसज्जा
2. कीड़ों से बचाना
3. फफूंदी से बचाव
Answer:
1. अग्नि निरोधक परिसज्जा:
इस परिसज्जा में सामान्य कपड़े की सतह पर अमोनियम सल्फेट की एक मोटी परत लगा दी जाती है, जिससे कपड़े के धागे पूरी तरह छिप जाते हैं। इस तरह, आग न पकड़ने वाले मसालों से धागे ढके होने के कारण कपड़ा आग नहीं पकड़ता। यह अग्निशमन में काम आने वाले कपड़ों में इस्तेमाल होता है।

2. कीड़ों से बचाना: (उत्तर इस OCR में उपलब्ध नहीं है)

3. फफूंदी से बचाव:
नमी और सीलन वाली जगह पर रखे कपड़ों पर अक्सर फफूंदी लग जाती है, जिससे कपड़े पर काले धब्बे दिखते हैं। कपड़ों को फफूंदी से बचाने के लिए उनकी सतह पर मैग्नीशियम फ्लोराइड, कैल्सियम क्लोराइड या जिंक क्लोराइड का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए फार्मेल्डिहाइड और टरपेन्टाइन का प्रयोग भी किया जाता है।
In simple words: अग्नि निरोधक परिसज्जा कपड़े को आग से बचाती है, जैसे अमोनियम सल्फेट लगाकर। फफूंदी से बचाने के लिए कपड़े पर खास रसायन जैसे फ्लोराइड और फार्मेल्डिहाइड का उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार की परिसज्जा का उद्देश्य और उसमें प्रयुक्त मुख्य पदार्थ या प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख करें।

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