Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Home Science Chapter 21 वस्त्रों की बुनाई
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RBSE Class 11 Home Science Chapter 21 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(i) वस्त्र का निर्माण किया जाता है -
(अ) रेशे द्वारा
(ब) सूत द्वारा
(स) रेशे एवं सूत दोनों से
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (स) रेशे एवं सूत दोनों से
In simple words: कपड़े बनाने के लिए रेशों (छोटे टुकड़ों) और सूत (धागे) दोनों का इस्तेमाल किया जाता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि रेशे कपड़े की सबसे छोटी इकाई हैं, और सूत रेशों को मिलाकर बनते हैं। कपड़े इन दोनों से मिलकर बनते हैं।
Question 1. (iv) सबसे मजबूत कपड़े की बुनाई हेतु उपयोगी बुनाई है -
(अ) सादी बुनाई
(ब) द्वील बुनाई
(स) साटिन बुनाई
(द) फैन्सी बुनाई
Answer: (ब) द्वील बुनाई
In simple words: सबसे मजबूत कपड़ा बनाने के लिए 'द्वील बुनाई' का उपयोग किया जाता है। यह बुनाई कपड़े को बहुत टिकाऊ बनाती है।
🎯 Exam Tip: अलग-अलग बुनाई के तरीके कपड़े को अलग-अलग खूबियां देते हैं, जैसे ताकत, चमक या बनावट।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
1. ऊनी रेशों के उपयोग से बने वस्त्र ...... कहलाते हैं।
2. शेडिंग, पीकिंग, बैटनिंग आदि प्रक्रिया ...... द्वारा वस्त्र की बुनाई में उपयोग लाई जाती है।
3. ...... प्रक्रिया से बने वस्त्र पहनने के उपरान्त शरीर रचना के अनुरूप फिट हो जाते हैं।
4. बुनाई के दौरान नई भरी गई पंक्तियों को ठोकने का ......कार्य करता है।
Answer:
1. नमदा
2. करघे
3. निटिंग
4. रीड।
In simple words: ऊन से नमदा बनता है। बुनाई में करघे का उपयोग होता है। निटिंग से कपड़े शरीर पर फिट बैठते हैं, और रीड बुनाई में पंक्तियों को मजबूत करता है।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और दिए गए विकल्पों को ध्यान से समझें।
Question 3. वस्त्र का निर्माण कितने प्रकार से किया जाता है?
Answer: वस्त्र का निर्माण तीन मुख्य प्रकार से किया जाता है:
1. रेशों द्वारा वस्त्र निर्माण: इसमें रेशों को सीधे जोड़कर कपड़ा बनाया जाता है, जैसे नमदा।
2. सूत या धागे द्वारा वस्त्र निर्माण (गूंथना): यह विधि दो-तीन धागों को आपस में गूंथकर लैस, पैराशूट या कॉर्ड बनाने में इस्तेमाल होती है। निटिंग, जाली या लैस भी इसी तरीके से बनते हैं।
3. बुनाई द्वारा वस्त्र निर्माण: यह धागों को आपस में बुनकर कपड़ा बनाने का सबसे आम तरीका है।
In simple words: कपड़े तीन तरह से बनते हैं: रेशों को जोड़कर (जैसे नमदा), धागों को गूंथकर (जैसे निटिंग या लैस), और धागों को बुनकर (सबसे आम तरीका)।
🎯 Exam Tip: वस्त्र निर्माण की मुख्य विधियों के नाम और उनके एक-एक उदाहरण याद रखें।
Question 4. नमदा कैसे तैयार होता है?
Answer: नमदा रेशों से कपड़ा बनाने का एक तरीका है। इसे बनाने के लिए ज़्यादातर ऊनी रेशों का उपयोग किया जाता है, क्योंकि ऊनी रेशे गर्मी और दबाव पड़ने पर आपस में आसानी से चिपक जाते हैं। इस विधि में, छोटे और ढीले, नमी वाले रेशों को आपस में फँसाया जाता है। फिर गर्मी और दबाव की मदद से उन्हें कसकर कपड़े का रूप दिया जाता है। आजकल नमदा बनाने के लिए स्वचालित मशीनें भी इस्तेमाल होती हैं। नमदे की लंबाई और चौड़ाई अपनी पसंद के अनुसार रखी जा सकती है, लेकिन इसकी मोटाई 3 इंच से ज़्यादा और 0.01 इंच से कम नहीं रखी जाती है। इससे कम्बल, पटू, शॉल, कोट, दुशाला, और टोपी जैसी चीज़ें बनाई जाती हैं।
In simple words: नमदा ऊनी रेशों से बनता है। रेशों को गर्मी और दबाव से चिपकाकर मजबूत कपड़ा बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: नमदा बनाने की प्रक्रिया में ऊन की खास चिपकाने वाली खूबी और गर्मी-दबाव की भूमिका को बताएं।
Question 5. क्लॉथ बीम क्या है?
Answer: क्लॉथ बीम करघे का एक हिस्सा होता है जो करघे के सामने वाले भाग में लगा होता है। सबसे पहले, वार्प बीम से आने वाले ताने के धागों का आखिरी सिरा इस पर लपेटा जाता है। इससे ताने के धागे दोनों बीम पर ठीक से कस जाते हैं। जैसे-जैसे कपड़ा बुना जाता है, वैसे-वैसे बुना हुआ कपड़ा इस बीम पर लिपटता जाता है। इसी कारण इसे क्लॉथ बीम कहते हैं।
In simple words: क्लॉथ बीम करघे का एक हिस्सा है। इस पर बुना हुआ कपड़ा लपेटते जाते हैं।
🎯 Exam Tip: क्लॉथ बीम की जगह और उसके मुख्य काम को स्पष्ट करें कि यह बुने हुए कपड़े को लपेटता है।
Question 6. फैन्सी बुनाई के कोई पाँच प्रकारों के नाम लिखो।
Answer: फैन्सी बुनाई के प्रकार हैं:
1. पाइल या रोंयेदार बुनाई
2. डॉबी बुनाई
3. द्विवस्त्र बुनाई
4. क्रेप बुनाई
5. कार्डराय बुनाई
6. मखमली बुनाई
7. लीनो बुनाई
8. पैकार्ड बुनाई
9. स्वीवेल बुनाई
In simple words: फैन्सी बुनाई के कई प्रकार होते हैं, जैसे रोंयेदार, डॉबी, क्रेप और मखमली बुनाई।
🎯 Exam Tip: कम से कम पाँच फैन्सी बुनाई के नाम याद रखें और उन्हें सही ढंग से लिखें।
Question 7. द्वील बुनाई के बारे में लिखो।
Answer: द्वील बुनाई से बने कपड़े में तिरछी धारियाँ दिखाई देती हैं। इस बुनाई में बाने का धागा ताने के धागे से ऊपर और नीचे से गुजरता है, जिससे एक खास कोण पर तिरछी रेखाएँ बनती हैं। यह बुनाई सादी बुनाई से ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होती है।
In simple words: द्वील बुनाई से कपड़े में तिरछी लाइनें बनती हैं। यह एक मजबूत तरह की बुनाई है।
🎯 Exam Tip: द्वील बुनाई की मुख्य पहचान 'तिरछी धारियाँ' हैं, इसे उत्तर में जरूर लिखें।
Question 8. करघा क्या है? उसके विभिन्न भागों का वर्णन कीजिए।
Answer: करघा एक सरल उपकरण है जिसका उपयोग कपड़े बुनने के लिए किया जाता है। हाथ से चलने वाले करघे को 'हस्त करघा' और बिजली से चलने वाले करघे को 'विद्युत चालित करघा' कहते हैं। दोनों प्रकार के करघे के हिस्से लगभग एक जैसे होते हैं। एक करघे के मुख्य भाग इस प्रकार हैं:
1. वार्प बीम: यह हथकरघे के पिछले हिस्से पर एक गोल सिलेंडर के रूप में लगा होता है। इस पर ताने के धागों को बराबर दूरी पर लपेटा जाता है। ताने के धागे का आखिरी सिरा क्लॉथ बीम से जुड़ा होता है। वार्प बीम लगातार घूमता रहता है, और जैसे ही बाने के धागे भर जाते हैं, यह धीमी गति से घूमकर लपेटे हुए धागे को ढीला छोड़ता है, ताकि बुनाई लगातार चलती रहे।
2. क्लॉथ बीम: यह करघे के अगले हिस्से में होता है। पहले ताने के धागे का आखिरी सिरा वार्प बीम से आकर इस पर लपेटा जाता है, ताकि धागे दोनों बीम पर कसकर बंधे रहें। जैसे ही कपड़ा बुनना शुरू होता है, तैयार कपड़ा इस बीम पर लिपटता जाता है।
3. हार्नेस: ये वे हिस्से होते हैं जो ताने के धागों को ऊपर-नीचे करने का काम करते हैं, जिससे शटल के लिए रास्ता बनता है।
4. शटल: इस पर बाने के धागे को लपेटा जाता है। शटल दाईं से बाईं ओर और बाईं से दाईं ओर घूमती रहती है। इसके घूमने से कपड़े की पंक्तियाँ एक के बाद एक बुनी जाती हैं और तैयार कपड़ा क्लॉथ बीम पर लिपटता जाता है। शटल द्वारा एक पंक्ति बुनने की क्रिया को 'पिक' कहते हैं।
5. रीड: करघे में यह पतले तारों से बनी कंघी जैसा एक हिस्सा होता है। जब शटल से एक पंक्ति बुनकर तैयार हो जाती है, तब यह रीड बुने हुए हिस्से को ठोककर ठीक से बैठा देता है, जिससे कपड़ा घना और मजबूत बनता है।
In simple words: करघा वह मशीन है जिससे कपड़े बुने जाते हैं। इसके खास हिस्से हैं वार्प बीम (जिस पर ताने के धागे लपेटे जाते हैं), क्लॉथ बीम (जिस पर बुना कपड़ा लपेटते हैं), हार्नेस (जो धागों को ऊपर-नीचे करते हैं), शटल (जो बाने के धागे ले जाता है), और रीड (जो बुने हुए धागों को कसता है)।
🎯 Exam Tip: करघे के मुख्य भागों के नाम और उनके कार्यों को स्पष्ट रूप से समझाएँ, आप चित्र बनाकर भी समझा सकते हैं।
Question 9. बुनाई की प्रक्रिया समझाते हुए बुनाई के प्रकार लिखो।
Answer: बुनाई वह प्रक्रिया है जिससे धागों को आपस में गूंथकर या बुनकर कपड़ा बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से चार चरण होते हैं:
1. शेडिंग: इसमें हार्नेस की मदद से ताने के धागों को ऊपर-नीचे किया जाता है, जिससे शटल के लिए रास्ता (शेड) बनता है।
2. पीकिंग: शेड बनने के बाद शटल को बाने के धागे के साथ इस रास्ते से गुजारा जाता है। शटल एक तरफ से दूसरी तरफ जाता है और बाने का धागा ताने के धागों के बीच फँस जाता है।
3. बेटनिंग (ठोकना): पीकिंग के बाद रीड ताने और बाने के धागों को पास लाकर कसकर ठोक देता है, जिससे बुना हुआ कपड़ा मजबूत और घना बनता है।
4. लपेटना व छोड़ना: यह कपड़े बनाने का आखिरी चरण है। पीकिंग और बेटनिंग के बाद वार्प बीम थोड़ा घूमकर ताने के धागों को ढीला छोड़ता है, और क्लॉथ बीम भी थोड़ा घूमकर बुने हुए कपड़े को लपेट लेता है। ये चारों चरण बार-बार दोहराए जाते हैं, जिससे कपड़ा बनता है।
बुनाई के प्रकार: बुनाई मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है –
1. साधारण बुनाई: इसमें सादी बुनाई, रिव बुनाई, बास्केट बुनाई आदि आते हैं।
2. फैन्सी बुनाई: इसमें पाइल, डॉबी, द्विवस्त्र, क्रेप, कार्डराय, मखमली, लीनो, पैकार्ड और स्वीवेल बुनाई शामिल हैं।
In simple words: बुनाई धागों को जोड़कर कपड़ा बनाने की प्रक्रिया है। इसमें धागों को ऊपर-नीचे करना, शटल से धागा गुजारना, धागों को कसना और कपड़े को लपेटना जैसे काम होते हैं। बुनाई दो तरह की होती है - साधारण बुनाई और फैन्सी बुनाई।
🎯 Exam Tip: बुनाई के चारों मुख्य चरणों को सही क्रम में समझाएँ और बुनाई के मुख्य प्रकारों के नाम भी लिखें।
Question 10. सादी व साटिन बुनाई को चित्र सहित समझाइए।
Answer:
सादी बुनाई:
यह बुनाई का सबसे सरल और आम तरीका है। इसमें बुनाई के लिए दो हार्नेस का उपयोग होता है। एक हार्नेस सम धागों को और दूसरा विषम धागों को नियंत्रित करता है। इसमें ताने के धागे बाने के धागों से एक के ऊपर-एक और एक के नीचे से गुजरते हैं। यानी, जो धागा पहले ऊपर था, वह अगली बार नीचे चला जाता है, और जो पहले नीचे था, वह ऊपर आ जाता है। सादी बुनाई से बने कपड़े दोनों तरफ से एक जैसे दिखते हैं। सादी बुनाई में धागे की अलग-अलग मोटाई या ताने और बाने में विभिन्न रेशों का उपयोग भी किया जाता है।
(एक सादी बुनाई पैटर्न का चित्र यहाँ दिखाया गया है।)
साटिन बुनाई:
इस बुनाई से चिकने और चमकदार कपड़े बनते हैं। इस विधि में कपड़े की सतह पर मुख्य रूप से ताने के धागे दिखाई देते हैं और बाने के धागे छिप जाते हैं। इससे कपड़े की सतह बहुत चिकनी दिखती है। साटिन बुनाई में बाने के धागे ताने के चार से ज़्यादा धागों को फांदकर निकलते हैं, जिससे बाने के धागे छिप जाते हैं और सिर्फ ताने के धागे ही दिखते हैं। इस बुनाई से रेशम, रेयॉन और रासायनिक रेशों से बने कपड़े बनाए जाते हैं। ये कपड़े सुंदर और आकर्षक होते हैं, और खास अवसरों या समारोहों पर पहने जाते हैं। हालांकि, इनकी बुनाई पतली होने के कारण ये ज़्यादा मजबूत नहीं होते हैं।
(एक साटिन बुनाई पैटर्न का चित्र यहाँ दिखाया गया है।)
In simple words: सादी बुनाई सबसे आसान है, जिसमें धागे एक-दूसरे के ऊपर-नीचे जाते हैं, जिससे दोनों तरफ का कपड़ा एक जैसा दिखता है। साटिन बुनाई से चमकदार और चिकने कपड़े बनते हैं, जिसमें ताने के धागे ज़्यादा दिखते हैं और बाने के धागे छिपे रहते हैं।
🎯 Exam Tip: सादी और साटिन बुनाई की मुख्य विशेषताओं और धागों के गुजरने के तरीके का वर्णन करें। चित्र का उल्लेख करना न भूलें।
Question 11. वस्त्र की किनारी, वस्त्र गुणांक एवं वस्त्र संतुलन से आप क्या समझते हैं?
Answer:
वस्त्र की किनारी (Selvage):
कपड़े के दोनों किनारों को मजबूत बनाने और धागे निकलने व टूटने से रोकने के लिए, ताने के धागों को ताने के समय वार्प बीम पर दोनों तरफ 2 सेमी. तक मजबूत और मोटे धागे लगाए जाते हैं। ताने के धागे की मोटाई और मजबूती के कारण ही कपड़े के दोनों किनारों पर घनापन आ जाता है। इसी को कपड़े की सेल्वेज (किनारी) कहते हैं।
वस्त्र का गुणांक (Fabric Count):
कपड़े की गुणवत्ता (Quality), टिकाऊपन और काम करने की क्षमता, कपड़े की सघन और घनी बुनाई पर निर्भर करती है। यह सघन बुनाई ताने और बाने के धागों की संख्या पर निर्भर करती है। ताने और बाने के धागों की संख्या जितनी ज़्यादा होगी, कपड़ा उतना ही टिकाऊ, मजबूत, चिकना, घना और अच्छा होगा। एक वर्ग इंच कपड़े में मौजूद ताने और बाने के धागों की कुल संख्या को वस्त्र का गुणांक कहा जाता है। इसका सूत्र है: ताने के धागों की संख्या + बाना के धागों की संख्या = वस्त्र गुणांक।
कपड़े का संतुलन (Fabric Balance):
कपड़े बनाने में ताने और बाने के सूत का अनुपात वस्त्र संतुलन कहलाता है। अगर ताने और बाने के धागे बराबर संख्या में हों, तो कपड़ा अच्छा संतुलित माना जाता है। धागों की संख्या में कमी-बेशी होने पर कपड़े का संतुलन बिगड़ जाता है और कपड़ा घटिया किस्म का बन जाता है।
In simple words: किनारी कपड़े के किनारे को मजबूत बनाती है ताकि धागे न निकलें। वस्त्र गुणांक बताता है कि एक वर्ग इंच में कितने धागे हैं, जो कपड़े की मजबूती दिखाता है। वस्त्र संतुलन तब होता है जब ताने और बाने के धागे बराबर संख्या में होते हैं।
🎯 Exam Tip: इन तीनों शब्दों की परिभाषा को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में समझाएँ और उनके महत्व पर प्रकाश डालें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 21 बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. निटिंग की विधि में प्रयुक्त धागों की संख्या होती है –
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार
Answer: (अ) एक
In simple words: निटिंग यानी बुनाई की विधि में केवल एक ही धागे का उपयोग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: निटिंग की खास बात याद रखें कि यह एक धागे से ही की जाती है।
Question 3. विशिष्ट समारोहों के लिए आकर्षक परिधान बनाए जाते हैं -
(अ) सादी बुनाई से
(ब) साटिन बुनाई से
(स) फैल्टेड वस्त्र
(द) ब्रेडेड वस्त्र
Answer: (ब) साटिन बुनाई से
In simple words: खास मौकों के लिए सुंदर कपड़े 'साटिन बुनाई' से बनाए जाते हैं, क्योंकि यह कपड़ा चमकदार होता है।
🎯 Exam Tip: साटिन बुनाई की पहचान उसकी चमक और चिकनाई है, जो इसे खास कपड़ों के लिए उपयुक्त बनाती है।
Question 4. बुनाई के दौरान नई भरी पंक्तियों को ठोकने का कार्य करता है -
(अ) हारनेश
(ब) क्रोशिया
(स) रीड
(द) हीडल
Answer: (स) रीड
In simple words: बुनाई करते समय, रीड नए बुने हुए धागों की पंक्तियों को कसकर अपनी जगह पर बैठाने का काम करता है।
🎯 Exam Tip: रीड का कार्य बुनाई को घना और मजबूत बनाना है, इसे याद रखें।
Question 5. शटल के गुजरने के लिए सुगम रास्ता बनाता है –
(अ) हारनेश
(ब) क्लॉथ बीम
(स) वार्प बीम
(द) रीड
Answer: (अ) हारनेश
In simple words: हार्नेस, ताने के धागों को ऊपर-नीचे करके शटल को आसानी से गुजरने के लिए जगह बनाता है।
🎯 Exam Tip: हार्नेस का मुख्य कार्य शेड बनाना है, जो शटल के लिए मार्ग होता है।
रिक्त स्थान भरिए:
Question 6. निम्नलिखित वाक्यों में खाली स्थान भरिए -
1. बुनाई की प्रक्रिया में ताने व बाने के धागे एक-दूसरे के ...... फँसाए जाते हैं।
2. साटिन बुनाई में वस्त्र की सतह पर ताने के लम्बे-लम्बे ...... दिखाई देते हैं।
3. एक वर्ग इंच के कपड़े में विद्यमान ताने एवं बाने की संख्या को वस्त्र का ...... कहते हैं।
Answer:
1. आपस में
2. धागे
3. गुणांक
In simple words: बुनाई में धागे आपस में फँसाए जाते हैं। साटिन बुनाई में ताने के धागे दिखते हैं। कपड़े में धागों की संख्या को गुणांक कहते हैं।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान को भरने के लिए वाक्य के संदर्भ को ध्यान से समझें और सही शब्द का चुनाव करें।
सुमेलन
Question 7. स्तम्भ A तथा स्तम्भ B के शब्दों का मिलान कीजिए -
| स्तम्भ A | स्तम्भ B |
|---|---|
| 1. नमदा | (a) सजावटी वस्त्र |
| 2. निटिंग | (b) शॉल, कोट, कम्बल |
| 3. ब्रेडिंग | (c) रेयॉन, रेशम से बने वस्त्र |
| 4. बुनाई | (d) मोजे, स्वेटर, शॉल |
| 5. साटिन | (e) सामान्य वस्त्र |
Answer:
1. (b) शॉल, कोट, कम्बल
2. (d) मोजे, स्वेटर, शॉल
3. (a) सजावटी वस्त्र
4. (e) सामान्य वस्त्र
5. (c) रेयॉन, रेशम से बने वस्त्र
In simple words: नमदा से शॉल, कोट, कम्बल बनते हैं। निटिंग से मोजे, स्वेटर बनते हैं। ब्रेडिंग सजावटी वस्त्रों में होती है। बुनाई से सामान्य कपड़े बनते हैं, और साटिन से रेशम जैसे चमकदार कपड़े बनते हैं।
🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, प्रत्येक शब्द के मुख्य उपयोग या विशेषता को ध्यान में रखें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 21 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 8. सामान्यतया वस्त्रों का निर्माण किस विधि द्वारा किया जाता है?
Answer: सामान्यतया वस्त्रों का निर्माण बुनाई (Weaving) विधि द्वारा किया जाता है।
In simple words: कपड़े आमतौर पर बुनाई करके बनाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: वस्त्र निर्माण की सबसे आम विधि 'बुनाई' है।
Question 9. फैल्टिंग विधि से कैसे वस्त्र बनाए जाते हैं?
Answer: फैल्टिंग विधि से छोटे-छोटे रेशों से ऊनी वस्त्र बनाए जाते हैं, जैसे कम्बल। इसमें रेशों को आपस में चिपकाकर कपड़ा बनाया जाता है।
In simple words: फैल्टिंग से ऊन के छोटे रेशों को जोड़कर कपड़े (जैसे कम्बल) बनते हैं।
🎯 Exam Tip: फैल्टिंग विधि में रेशों को चिपकाने और ऊन के उपयोग पर जोर दें।
Question 10. नमदा से बने दो वस्त्रों के नाम लिखिए।
Answer: नमदा से बने दो वस्त्रों के नाम हैं: कम्बल और शॉल।
In simple words: नमदा से कम्बल और शॉल बनते हैं।
🎯 Exam Tip: नमदा से बनने वाले दो कपड़ों के नाम याद रखें।
Question 11. नमदा बनाने के लिए अधिकतर ऊनी रेशों का प्रयोग क्यों किया जाता है?
Answer: नमदा बनाने के लिए ज़्यादातर ऊनी रेशों का प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि उनमें गर्मी (ताप) और दबाव के प्रभाव से आपस में चिपक जाने का गुण होता है।
In simple words: ऊनी रेशे गर्मी और दबाव से चिपक जाते हैं, इसलिए नमदा बनाने में उनका उपयोग होता है।
🎯 Exam Tip: ऊन के 'चिपकाने वाले गुण' को उत्तर में प्रमुखता से शामिल करें।
Question 12. बेटनिंग प्रक्रिया के लिए करघे का कौन-सा भाग प्रयुक्त होता है?
Answer: बेटनिंग प्रक्रिया के लिए करघे का 'रीड' भाग प्रयुक्त होता है। रीड बुने हुए धागों को ठोककर कसता है।
In simple words: बेटनिंग में करघे का 'रीड' हिस्सा इस्तेमाल होता है।
🎯 Exam Tip: बेटनिंग और रीड के बीच के संबंध को याद रखें।
Question 13. करघे में हारनेस का क्या कार्य है?
Answer: करघे में हारनेस का कार्य ताने के धागों को ऊपर-नीचे करना है। यह शटल को गुजरने के लिए रास्ता (शेड) बनाता है।
In simple words: हार्नेस ताने के धागों को ऊपर-नीचे करके शटल को जाने का रास्ता देता है।
🎯 Exam Tip: हार्नेस का काम 'शेड बनाना' और धागों को नियंत्रित करना है।
Question 14. एक पिक किसे कहते है?
Answer: शटल द्वारा एक पंक्ति बुनने की प्रक्रिया को 'एक पिक' कहते हैं। इसमें शटल बाने के धागे को शेड से गुजारता है।
In simple words: शटल जब कपड़े में एक लाइन धागा बुनता है, उसे एक 'पिक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'पिक' का अर्थ बुनाई की एक इकाई (एक पंक्ति) से है।
Question 15. वस्त्र निर्माण की प्रचलित एवं पुरातन विधि कौन-सी है?
Answer: वस्त्र निर्माण की सबसे प्रचलित और पुरातन विधि 'बुनाई' है।
In simple words: कपड़े बनाने का सबसे पुराना और आम तरीका 'बुनाई' है।
🎯 Exam Tip: बुनाई को सबसे पुरानी और आम विधि के रूप में पहचानें।
Question 16. किस बुनाई से बने वस्त्र में तिरछी धारियाँ दिखाई देती हैं?
Answer: द्वील बुनाई से बने वस्त्र में तिरछी धारियाँ दिखाई देती हैं।
In simple words: 'द्वील बुनाई' से बने कपड़ों में तिरछी लाइनें दिखती हैं।
🎯 Exam Tip: द्वील बुनाई की खास पहचान उसकी 'तिरछी धारियाँ' हैं।
Question 17. बुनाई के टाँक के प्रकार
बुनाई के टाँक चार प्रकार के होते हैं:
• उल्टा
• सीधा
• टक
• मिस।
In simple words: बुनाई में चार तरह के टाँक होते हैं: उल्टा, सीधा, टक और मिस।
🎯 Exam Tip: बुनाई के विभिन्न टाँकों के नाम याद रखें।
Question 18. बुनाई की सामान्य गुंथने की विधि का नमूना चित्र बनाइए।
Answer: बुनाई की सामान्य गुंथने की विधि को एक चित्र द्वारा दर्शाया जा सकता है जिसमें धागों के आपस में जुड़ने के पैटर्न को दिखाया जाता है। आमतौर पर, इसमें दो या दो से अधिक धागों को एक-दूसरे के ऊपर और नीचे से गुजारकर एक मजबूत संरचना बनाई जाती है।
(यहाँ बुनाई की सामान्य गुंथने की विधि के नमूने चित्र (a) और (b) दिए गए हैं।)
In simple words: बुनाई में धागे आपस में गूंथकर एक पैटर्न बनाते हैं। यह पैटर्न दिखाती है कि धागे कैसे एक-दूसरे के ऊपर-नीचे से गुजरते हैं।
🎯 Exam Tip: बुनाई के पैटर्न को सरल रेखाचित्रों के माध्यम से समझाना महत्वपूर्ण है, जिसमें धागों के आपस में गुंथने का तरीका स्पष्ट हो।
Question 19. वस्त्र बनाने की निटिंग विधि को लिखिए।
Answer: निटिंग: यह कपड़े बनाने की एक विधि है जिसमें केवल एक धागे का उपयोग किया जाता है। इस विधि में एक ही धागे से फंदे (लूप) डाले जाते हैं, और फिर एक फंदे में से दूसरा फंदा निकालकर कपड़ा पंक्ति दर पंक्ति बुना जाता है। निटिंग से सूती, ऊनी और कृत्रिम धागों से स्वेटर, मोजे, शॉल आदि बनाए जाते हैं। इन कपड़ों में अच्छा खिंचाव (प्रत्यास्थता) होता है, जिससे ये पहनने पर शरीर के आकार के अनुसार फिट हो जाते हैं।
In simple words: निटिंग कपड़े बनाने का तरीका है जिसमें एक धागे से फंदे बनाकर कपड़े को बुना जाता है। स्वेटर और मोजे इसी से बनते हैं, और यह खिंचावदार होता है।
🎯 Exam Tip: निटिंग की प्रक्रिया में 'एक धागे' और 'फंदों' के निर्माण पर ध्यान दें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 21 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 20. बुनाई की निम्न विधियों का विवरण दीजिए –
1. ब्रेडिंग या लेस
2. बुनाई
Answer:
1. ब्रेडिंग या लेस:
'ब्रेड्स' का मतलब है गुंथा हुआ फीता। इस विधि में तीन या तीन से ज़्यादा धागों को गूंथकर चपटी, पतली या गोल पट्टियाँ बनाई जाती हैं। इन पट्टियों को कश्मीरी शॉलों के किनारों पर लंबाई में लगाया जाता है। लेस हाथ से और मशीनों दोनों से बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए क्रोशिया, टेटिंग और दूसरी खास सुइयों का इस्तेमाल होता है। सुंदर और आकर्षक सजावटी कपड़ों में लेस और ब्रेड्स का उपयोग होता है।
(यहाँ गुंथे हुए फीते का एक चित्र दिया गया है।)
2. बुनाई:
यह कपड़े बनाने की सबसे आम और पुरानी विधि है। इसमें एक लंबा धागा (ताना) और एक आड़ा धागा (बाना) इस्तेमाल होता है। बुनाई के लिए सबसे पहले लंबे धागों को बीम पर बराबर कसकर ताना जाता है। ताने के धागे की लंबाई से यह तय होता है कि बनने वाला कपड़ा कितना लंबा होगा। फिर बाने के धागे को शटल पर लपेटकर, ताने के धागों के बीच से गुजारकर चौड़ाई में फँसाया जाता है। इसी से कपड़ा बुना जाता है, और इसे 'भराई विधि' भी कहते हैं।
In simple words: ब्रेडिंग या लेस धागों को गूंथकर फीते या पट्टियाँ बनाने का तरीका है, जो सजावट के लिए इस्तेमाल होता है। बुनाई धागों को ताने और बाने के रूप में एक-दूसरे में पिरोकर कपड़ा बनाने की सबसे पुरानी और मुख्य विधि है।
🎯 Exam Tip: ब्रेडिंग और बुनाई दोनों विधियों की प्रक्रिया, उपयोग और मुख्य विशेषताओं को अलग-अलग समझाएँ।
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