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Detailed Chapter 6 1919-1945 के मध्य का विश्व RBSE Solutions for Class 11 History
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Class 11 History Chapter 6 1919-1945 के मध्य का विश्व RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 History Chapter 6 पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर
RBSE Class 11 History Chapter 6 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ की स्थापना में किस अमेरिकी राष्ट्रपति का सर्वाधिक योगदान रहा?
Answer: राष्ट्र संघ की स्थापना में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन का सबसे अधिक योगदान था। उन्होंने इस संघ को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
In simple words: अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने राष्ट्र संघ बनाने में सबसे ज्यादा मदद की।
🎯 Exam Tip: जब भी किसी महत्वपूर्ण संगठन की स्थापना से संबंधित प्रश्न पूछा जाए, तो उसके मुख्य संस्थापक या प्रेरक व्यक्ति का नाम अवश्य याद रखें।
Question 2. आर्थिक मंदी से उबरने के लिए न्यूडील की नीति किसने अपनाई?
Answer: आर्थिक मंदी से निकलने के लिए सन् 1933 ई. में अमेरिका के राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने 'न्यू डील' नाम की नीति शुरू की थी। इस नीति का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करना था।
In simple words: आर्थिक मंदी से बाहर आने के लिए, अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने 1933 में न्यू डील नीति लागू की।
🎯 Exam Tip: आर्थिक संकटों और उनसे निपटने के लिए अपनाई गई नीतियों के नाम और संबंधित नेताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. स्वास्तिक किस दल का प्रतीक चिन्ह था?
Answer: स्वास्तिक नाजीदल का प्रतीक चिन्ह था। यह जर्मनी के नाजी पार्टी का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था।
In simple words: स्वास्तिक चिन्ह नाजीदल का प्रतीक था।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक दलों के प्रतीक चिन्हों को अक्सर ऐतिहासिक घटनाओं और विचारधाराओं से जोड़ा जाता है, इसलिए इन्हें याद रखना चाहिए।
Question 6. हिटलर द्वारा लिखी पुस्तक का क्या नाम है?
Answer: हिटलर ने 'मीन काम्फ' नाम की पुस्तक लिखी थी। यह पुस्तक उसकी विचारधाराओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताती है।
In simple words: हिटलर की किताब का नाम 'मीन काम्फ' है।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध ऐतिहासिक शख्सियतों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के नाम और उनके विषयों को याद रखना सहायक होता है।
Question 7. द्वितीय विश्व युद्ध कब आरम्भ हुआ था?
Answer: द्वितीय विश्व युद्ध सन् 1939 ई. में शुरू हुआ था। यह एक बहुत बड़ा और विनाशकारी युद्ध था।
In simple words: द्वितीय विश्व युद्ध 1939 में शुरू हुआ।
🎯 Exam Tip: प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं की सही तिथियाँ याद रखना, खासकर विश्व युद्धों जैसी घटनाओं की, बहुत महत्वपूर्ण है।
Question 8. परमाणु बम का प्रयोग सर्वप्रथम किस राष्ट्र द्वारा किया गया?
Answer: परमाणु बम का इस्तेमाल सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका ने किया था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था।
In simple words: संयुक्त राज्य अमेरिका ने सबसे पहले परमाणु बम का प्रयोग किया था।
🎯 Exam Tip: युद्ध और हथियारों से संबंधित महत्वपूर्ण पहली घटनाओं को याद रखें, जैसे परमाणु बम का पहला प्रयोग।
Question 9. सुरक्षा परिषद में कुल कितने सदस्य होते हैं?
Answer: सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें से 5 सदस्य स्थायी होते हैं और 10 सदस्य अस्थायी होते हैं।
In simple words: सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी होते हैं।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र के अंगों की संरचना, विशेषकर सुरक्षा परिषद के सदस्यों की संख्या और प्रकार, याद रखें।
Question 10. 'निषेधाधिकार' से क्या तात्पर्य है?
Answer: जब सुरक्षा परिषद का कोई स्थायी सदस्य किसी प्रस्ताव के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है, तो उसे 'निषेधाधिकार' या 'वीटो' कहा जाता है। इसका मतलब है कि वह प्रस्ताव पास नहीं हो सकता।
In simple words: अगर स्थायी सदस्य किसी प्रस्ताव को नामंजूर करे, तो उसे वीटो कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'वीटो' शब्द की परिभाषा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसके महत्व को समझें।
6 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 2. आर्थिक मंदी के प्रभाव लिखिए।
Answer: सन् 1929 से 1934 तक पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दौर चला, जिसके मुख्य प्रभाव ये थे:
1. आर्थिक मंदी के कारण देशों में सैन्यवाद बढ़ गया, यानी सेना पर ज्यादा जोर दिया जाने लगा।
2. बेरोजगारी, महंगाई और अस्थिरता जैसी समस्याओं से लोकतांत्रिक सरकारें निपट नहीं पाईं, जिससे लोगों का भरोसा लोकतंत्र से उठ गया।
3. लोकतांत्रिक सरकारों के असफल होने से अधिनायकवादी शासन को बढ़ावा मिला।
4. मंदी की वजह से सरकार ने आर्थिक कामों पर अपना नियंत्रण और सख्त कर दिया।
5. आर्थिक व्यवस्था से असंतुष्ट लोग साम्यवाद की ओर आकर्षित होने लगे।
6. सुरक्षा की भावना से डरे देशों ने अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाना शुरू कर दिया।
7. आर्थिक मंदी ने राष्ट्र संघ के शांति के उद्देश्यों को बहुत नुकसान पहुँचाया; देश वैश्विक सुरक्षा के बजाय अपनी-अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर ध्यान देने लगे।
In simple words: आर्थिक मंदी से दुनिया भर में सैन्यवाद बढ़ा, लोगों का लोकतंत्र से भरोसा उठा, अधिनायकवाद फैला, और देशों ने अपनी सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया।
🎯 Exam Tip: आर्थिक मंदी जैसे बड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रभावों को बिंदुवार याद रखें।
Question 5. नाजीवाद के प्रमुख विचार लिखिए।
Answer: जर्मनी में हिटलर के नेतृत्व में नाजी दल सत्ता में आया था। इस दल की विचारधारा को नाजीवाद कहा जाता है, जिसके मुख्य विचार इस प्रकार थे:
1. नाजीवाद राज्य और उसके प्रतीक अधिनायक को सबसे ऊपर मानता था।
2. लोगों को अधिनायक का समर्थन और पालन करना होता था, और उसके लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार रहना पड़ता था।
3. शासन की सारी शक्ति नेता के हाथों में केंद्रित होती थी।
4. दल के भीतर सैनिक अनुशासन और पद के अनुसार काम करना जरूरी था।
5. लोगों की बोलने और व्यक्त करने की आजादी पर रोक लगाई जाती थी।
6. देशभक्ति और युद्ध के जुनून को पैदा करना, और आतंक का सहारा लेना नाजीवाद के प्रमुख सिद्धांतों में से थे।
In simple words: नाजीवाद राज्य और नेता को सर्वोच्च मानता था, अधिनायक का पूरा समर्थन करता था, सारी शक्ति नेता के हाथ में थी, सैनिक अनुशासन ज़रूरी था, अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक थी, और देशभक्ति व युद्ध को बढ़ावा दिया जाता था।
🎯 Exam Tip: किसी भी विचारधारा के मुख्य सिद्धांतों को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से बताने की क्षमता विकसित करें।
Question 6. तुष्टीकरण की नीति से आप क्या समझते हैं?
Answer: तुष्टीकरण की नीति एक ऐसी कूटनीतिक रणनीति है जिसमें किसी दूसरी शक्तिशाली पार्टी को इसलिए कुछ छूट दी जाती है ताकि बड़े युद्ध को टाला जा सके। उदाहरण के लिए, हिटलर साम्यवादियों का विरोधी था, इसलिए अमेरिका और ब्रिटेन को लगा कि यह सोवियत रूस के खिलाफ उनके उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करेगा। इसी वजह से उन्होंने जर्मनी के प्रति तुष्टीकरण की नीति अपनाई थी।
In simple words: तुष्टीकरण की नीति में युद्ध टालने के लिए एक शक्तिशाली देश को कुछ छूट दी जाती है, जैसा कि ब्रिटेन और अमेरिका ने जर्मनी के साथ किया था।
🎯 Exam Tip: तुष्टीकरण की नीति की परिभाषा और इतिहास के महत्वपूर्ण उदाहरणों को याद रखें।
Question 7. गुट निरपेक्षता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
Answer: गुट निरपेक्षता का मतलब है किसी भी बड़े गुट की नीतियों का समर्थन न करना और तटस्थ रहना। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, नए स्वतंत्र देशों ने शीतयुद्ध से अलग रहने के लिए गुट निरपेक्षता की नीति अपनाई। इसका मुख्य लक्ष्य महाशक्तियों से बराबर की दूरी बनाए रखते हुए अपना विकास करना और खुद को विकासशील देशों की श्रेणी में लाना था।
In simple words: गुट निरपेक्षता का मतलब है किसी भी बड़े गुट का साथ न देना और अपना विकास करना।
🎯 Exam Tip: गुट निरपेक्षता की अवधारणा, उसके उद्देश्यों और शीतयुद्ध काल में उसके महत्व को संक्षेप में समझाना सीखें।
Question 8. संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता ग्रहण करने के लिए आवश्यक शर्ते लिखिये।
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता पाने के लिए चार्टर के अनुच्छेद 4 के अनुसार कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
1. सदस्य बनने वाला देश शांतिप्रिय होना चाहिए।
2. देश को संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन करने का इच्छुक होना चाहिए।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने के लिए देश को शांतिप्रिय होना चाहिए और उसके नियमों को मानने की इच्छा रखनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के लिए निर्धारित प्रमुख शर्तों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 9. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के कार्य लिखिए।
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ का महासचिव उसका मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। उसके मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:
1. महासचिव संस्था की सभी बैठकों में हिस्सा लेता है और महासभा को अपने कामों की रिपोर्ट देता है।
2. वह सुरक्षा परिषद, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद, और न्यासधारिता परिषद द्वारा सौंपे गए कामों को भी पूरा करता है।
3. सचिवालय का पूरा प्रशासन महासचिव के नियंत्रण में होता है।
4. बजट तैयार करवाना, सदस्य देशों से आर्थिक मदद जुटाना, और खर्चों पर नियंत्रण रखना उसके वित्तीय कार्य हैं।
5. अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सुरक्षा परिषद को अपनी राय और सुझाव देना।
6. महासचिव पूरे संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिनिधित्व करता है।
In simple words: महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो बैठकें करवाता है, रिपोर्ट देता है, सचिवालय संभालता है, वित्तीय कार्य देखता है, सुरक्षा पर सलाह देता है, और संगठन का प्रतिनिधित्व करता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विभिन्न प्रशासनिक, वित्तीय और राजनीतिक कार्यों को बिंदुवार याद रखें।
Question 10. मानव अधिकार घोषणा पत्र क्या है?
Answer: मानव अधिकार घोषणा पत्र वह दस्तावेज है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने 10 दिसंबर, 1948 को स्वीकार किया था। यह एक बहुत ही विस्तृत दस्तावेज़ है जो अपने 30 अनुच्छेदों में सभी मूल मानवाधिकारों और स्वतंत्रताओं के बारे में बताता है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, रंग, लिंग, भाषा, धर्म, राजनीतिक विचारों, राष्ट्रीयता, संपत्ति, जन्म, या किसी अन्य कारण के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह घोषणा पत्र इंसानों को भयमुक्त और भूखमुक्त जीवन जीने में मदद करता है।
In simple words: मानव अधिकार घोषणा पत्र संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1948 में अपनाया गया एक दस्तावेज़ है, जो बताता है कि हर इंसान को बिना किसी भेदभाव के कौन-कौन से अधिकार मिलने चाहिए।
🎯 Exam Tip: मानव अधिकार घोषणा पत्र की तिथि, उसके मुख्य सिद्धांत और यह किसलिए महत्वपूर्ण है, इन बातों को अच्छे से समझें और याद रखें।
RBSE Class 11 History Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्य, अंगों का वर्णन करते हुए उसकी असफलता के कारण लिखिये।
Answer: अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के लगातार प्रयासों से 10 जनवरी, 1920 को विश्व शांति के लिए राष्ट्र संघ की स्थापना हुई। इसका मुख्य कार्यालय स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा में था।
राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्य:
1. विश्व में शांति और सुरक्षा बनाए रखना इसका मुख्य लक्ष्य था।
2. इसका एक उद्देश्य भविष्य के युद्धों को रोकना था।
3. राष्ट्रों के बीच निरस्त्रीकरण की नीति का पालन करवाना।
4. पेरिस शांति सम्मेलन में हुई संधियों का सही ढंग से पालन सुनिश्चित करना।
5. सदस्य राष्ट्रों के बीच होने वाले झगड़ों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना।
6. मानव कल्याण के लिए कई तरह के काम करना और सभी राष्ट्रों के हितों का ध्यान रखना।
राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग:
1. **साधारण सभा:** यह राष्ट्र संघ का सबसे महत्वपूर्ण अंग था। इसके मुख्य कामों में संघ का बजट पास करना, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों को चुनना, परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव करना और नए सदस्य बनाना शामिल थे।
2. **परिषद:** यह एक शक्तिशाली अंग था जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जापान और अमेरिका जैसे पाँच स्थायी सदस्य थे। इसका मुख्य काम बाहरी हमलों से सदस्य देशों की सुरक्षा करना और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करना था।
3. **सचिवालय:** इसका प्रमुख महासचिव होता था। सचिवालय का काम साधारण सभा और परिषद के लिए जरूरी जानकारी तैयार करना, बैठकों का इंतजाम करना और संधियों का रिकॉर्ड रखना था।
4. **अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय:** इसका मुख्यालय हेग में था। इसमें 15 न्यायाधीश थे। इसका काम राष्ट्रों के बीच विवादों को सुलझाना, नियमों को समझाना और साधारण सभा व परिषद को कानूनी सलाह देना था।
5. **अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन:** इसका मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजदूरों की स्थिति और जीवन स्तर को सुधारना था। इसका मुख्यालय जिनेवा में था।
राष्ट्र संघ की असफलता के कारण:
1. शक्तिशाली देशों ने राष्ट्र संघ के नियमों का पालन नहीं किया, उनके अपने स्वार्थ और साम्राज्यवादी सोच ने राष्ट्र संघ के सिद्धांतों को कमजोर कर दिया।
2. सदस्य देशों की अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीयता की भावना ने अंतर्राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को खत्म कर दिया।
3. सैन्यवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद के बढ़ने से राष्ट्र संघ के सुरक्षा और शांति के सिद्धांत उपेक्षित हो गए।
4. राष्ट्र संघ के पास अपनी कोई सेना नहीं थी, इसलिए अपने फैसलों को लागू करवाने के लिए उसे सदस्य देशों की सेनाओं पर निर्भर रहना पड़ता था।
5. इटली, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल जैसे देशों में निरंकुश सरकारों ने राष्ट्र संघ के सिद्धांतों को नहीं माना।
6. बड़ी शक्तियों के असहयोग के कारण भी राष्ट्र संघ अपने लक्ष्यों में सफल नहीं हो पाया।
In simple words: राष्ट्र संघ की स्थापना विश्व शांति के लिए हुई थी, जिसके प्रमुख उद्देश्य युद्ध रोकना, निरस्त्रीकरण और विवाद सुलझाना थे। इसके मुख्य अंग साधारण सभा, परिषद, सचिवालय, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन थे। लेकिन, बड़े देशों के स्वार्थ, राष्ट्रीयता, सैन्यवाद और संघ के पास अपनी सेना न होने के कारण यह असफल रहा।
🎯 Exam Tip: राष्ट्र संघ जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की स्थापना के उद्देश्य, संरचना और असफलता के कारणों का विस्तार से विश्लेषण करना सीखें।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग:
संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुच्छेद 7 के अनुसार इसके 6 प्रमुख अंग हैं –
1. **महासभा:** यह संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य व्यवस्थापिका है जिसमें सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इसके प्रमुख कार्य हैं-
• बजट पारित करना।
• सदस्यों का चुनाव करना।
• अन्य अंगों से रिपोर्ट लेना।
• मानव कल्याण के लिए सहयोग करना।
• अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास करना।
• सदस्य देशों के प्रवेश, निष्कासन आदि पर विचार करना।
2. **सुरक्षा परिषद:** यह संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यपालिका है इसमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी कुल 15 सदस्य होते हैं। इसका प्रमुख कार्य ऐसे विवाद के कारणों का पता लगाना है जिससे विश्व शांति को खतरा हो। साथ ही इसका कार्य हथियारों के नियमन की योजना भी बनाना है। यह किसी भी राष्ट्र के आक्रमण के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही कर सकती है।
3. **आर्थिक और सामाजिक परिषद:** यह संस्था विश्व को गरीबी से मुक्ति दिलाती है। इसके प्रमुख कार्य हैं-
• आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए अनुकूल हालात बनाना।
• मौलिक स्वतंत्रताओं को लागू करने की सिफारिश करना।
• विषयों से संबंधित समझौतों के रिकॉर्ड महासभा को भेजना।
• सुरक्षा परिषद को सूचनाएं भेजना।
• महासभा द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरा करना।
4. **न्यास परिषद्:** इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
• न्यासीय प्रदेशों की जनता की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा शिक्षा संबंधी प्रगति की रिपोर्ट तैयार करना।
• प्रशासनिक सत्ताओं से मिली रिपोर्टों की जांच करना।
• निरीक्षण के लिए न्यासीय प्रदेशों का दौरा करना।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रत्येक प्रमुख अंग की भूमिका, कार्य और महत्व को स्पष्ट रूप से समझें और याद रखें।
• अनिवार्य क्षेत्राधिकार।
• परामर्शात्मक क्षेत्राधिकार।
🎯 Exam Tip: अंतर्राष्ट्रीय कानून और वैश्विक शासन में न्यायालयों की भूमिका के संदर्भ में इन अवधारणाओं को समझें।
6. **सचिवालय:** संयुक्त राष्ट्र संघ का महासचिव इसका मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। महासचिव सचिवालय के प्रशासन की देख-रेख करता है तथा कर्मचारियों की नियुक्ति करता है। त्रिग्वेली संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम महासचिव थे। वर्तमान में बान की मून इसके महासचिव हैं।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र के सचिवालय की भूमिका और महासचिव के महत्व को याद रखें।
संयुक्त राष्ट्र संघ के विशिष्ट निकायः
संयुक्त राष्ट्र संघ के विशिष्ट निकाय निम्नलिखित हैं –
1. **यूनेस्को:** इसकी स्थापना 4 नवम्बर, 1946 ई. को हुई। विश्व में विज्ञान के क्षेत्र में नए प्रयोग करना, ज्ञान को हर जगह उपयोगी और उपलब्ध कराना इसका कार्य है। इसका मुख्यालय पेरिस में है।
2. **अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन:** इसकी स्थापना 11 अप्रैल, 1919 ई. को वर्साय की संधि के आधार पर हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा में है। यह विश्व के मजदूरों से संबंधित सूचनाओं का संग्रह करता है और रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
3. **खाद्य एवं कृषि संगठन:** इस संगठन की स्थापना 16 अक्टूबर, 1945 ई. को हुई। इसका कार्य खाद्य पदार्थों के उत्पादन तथा वितरण की क्षमता में वृद्धि करना एवं ग्रामीण जनसंख्या के रहन-सहन के स्तर को सुधारना है।
4. **विश्व स्वास्थ्य संगठन:** इसकी स्थापना 7 अप्रैल, 1948 को हुई। यह सदस्य देशों को स्वास्थ्य के स्तर को सुधारने के लिए सहायता देता है।
5. **अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष:** इस संगठन की स्थापना दिसम्बर, 1945 में की गई। इसका मुख्यालय वाशिंगटन में है। सदस्य देशों की आर्थिक उन्नति करना इसका प्रमुख कार्य है।
6. **अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक:** इसे विश्व बैंक भी कहा जाता है। विश्व बैंक का कार्य जून 1946 से प्रारम्भ हुआ। इसका मुख्यालय वाशिंगटन में है। यह सदस्य देशों की आर्थिक सुविधाओं के विकास के लिए धन उधार देता है।
7. **यूनीसेफ:** बच्चों के कल्याण के उद्देश्य से इसकी स्थापना 1946 में की गई। इसका मुख्यालय न्यूयार्क में है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ के विभिन्न विशिष्ट निकायों और उनकी स्थापना की तिथियों, उद्देश्यों और मुख्यालयों को याद रखें।
RBSE Class 11 History Chapter 6 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 11 History Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई?
(क) 1919 ई.
(ख) 1920 ई.
(ग) 1921 ई.
(घ) 1922 ई.
Answer: (ख) 1920 ई.
In simple words: राष्ट्र संघ की स्थापना 1920 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण संगठनों की स्थापना की सही तिथि याद रखना एक प्रमुख बिंदु है।
Question 2. “संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्यों सिद्धांतों, संस्थाओं और पद्धतियों पर तथा उसकी प्रत्येक बात पर राष्ट्र संघ की स्पष्ट छाप है।" यह कथन है -
(क) मुसोलिनी को
(ख) विल्सन का
(ग) वाल्टर का
(घ) रूजवेल्ट का
Answer: (ग) वाल्टर का
In simple words: यह बात वाल्टर ने कही थी कि संयुक्त राष्ट्र संघ पर वाल्टर की छाप है।
🎯 Exam Tip: किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति के कथनों को याद रखना और उन्हें सही व्यक्ति से जोड़ना महत्वपूर्ण होता है।
Question 3. आर्थिक मंदी के लिए प्रमुख रूप से कौन-सा कारण उत्तरदायी था?
(क) प्रथम विश्व युद्ध
(ख) औद्योगीकरण
(ग) राष्ट्रवाद
(घ) द्वितीय महायुद्ध
Answer: (क) प्रथम विश्व युद्ध
In simple words: आर्थिक मंदी का मुख्य कारण प्रथम विश्व युद्ध था।
🎯 Exam Tip: बड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों के पीछे के मुख्य कारणों को समझना और पहचानना आवश्यक है।
Question 5. समाजवादी पत्रिका अवंती को सम्पादन किसने प्रारम्भ किया?
(क) रूजवेल्ट ने
(ख) हिटलर ने
(ग) मुसोलिनी ने
(घ) विल्सन ने
Answer: (ग) मुसोलिनी ने
In simple words: मुसोलिनी ने समाजवादी पत्रिका अवंती का संपादन शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख नेताओं और उनके प्रकाशनों या आंदोलनों के बीच संबंधों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 6. एण्टी कॉमिन्टर्न पैक्ट किन-किन देशों के मध्य हुआ?
(क) यूनान व इटली
(ख) जर्मनी व रूस
(ग) इटली व जर्मनी
(घ) ब्रिटेन व फ्रांस
Answer: (ग) इटली व जर्मनी
In simple words: एण्टी कॉमिन्टर्न पैक्ट इटली और जर्मनी के बीच हुआ था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक संधियों और पैक्ट के पक्षों को याद रखना, विशेषकर प्रमुख राष्ट्रों के बीच, महत्वपूर्ण है।
Question 7. “तृतीय विश्व युद्ध के बारे में तो मैं नहीं कह सकता परन्तु चौथा विश्व युद्ध पाषाण अस्त्रों से लड़ा जाएगा।” यह कथन है?
(क) विल्सन का
(ख) आइंसटाइन का
(ग) वाल्टर का
(घ) लैंगसम का
Answer: (ख) आइंसटाइन का
In simple words: यह बात आइंस्टीन ने कही थी, जो युद्धों के भविष्य पर उनकी चिंता दिखाती है।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध वैज्ञानिकों या विचारकों के विश्व शांति या युद्धों पर दिए गए बयानों को याद रखें।
Question 9. संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रथम बैठक किस स्थान पर हुई?
(क) जेनेवा में
(ख) न्यूयार्क में
(ग) पेरिस में
(घ) लन्दन में
Answer: (घ) लन्दन में
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ की पहली बैठक लंदन में हुई थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की शुरुआती बैठकों के स्थानों को याद रखना सामान्य ज्ञान का हिस्सा है।
Question 10. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव हैं?
(क) बान की मून
(ख) कोफी अन्नान
(ग) त्रिग्वेली
(घ) रूजवेल्ट
Answer: (क) बान की मून
In simple words: बान की मून संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्तमान महासचिव हैं।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के वर्तमान प्रमुखों के नाम हमेशा अपडेटेड रखें।
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न
Question 1. मिलान कीजिए -
स्तम्भ 'अ' (Column 'A') और स्तम्भ 'ब' (Column 'B') के सही मिलान इस प्रकार हैं:
1. मीन काम्फ - (ग) हिटलर
2. न्यूडील - (घ) रूजवेल्ट
3. राष्ट्र संघ की स्थापना - (क) वुडरो विल्सन
4. फासीवाद का जन्मदाता - (ख) मुसोलिनी
5. प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति - (छ) नेल्सन मण्डेला
6. सं. रा. संघ के प्रथम महासचिव - (ङ) त्रिग्वेली
7. विश्व बैंक के प्रबन्धक - (च) गौतम काजी
In simple words: यहाँ दिए गए व्यक्तियों और उनसे संबंधित चीजों को सही ढंग से मिलाया गया है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक जोड़ी को ध्यान से देखें और उनके ऐतिहासिक संबंध को सुनिश्चित करें।
RBSE Class 11 History Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 9. संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रथम बैठक किस स्थान पर हुई?
(क) जेनेवा में
(ख) न्यूयार्क में
(ग) पेरिस में
(घ) लन्दन में
Answer: (घ) लन्दन में
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ की पहली बैठक लन्दन में हुई थी।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों और तिथियों को याद रखना परीक्षा में मदद करेगा।
Question 10. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव हैं?
(क) बान की मून
(ख) कोफी अन्नान
(ग) त्रिग्वेली
(घ) रूजवेल्ट
Answer: (क) बान की मून
In simple words: इस समय बान की मून संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव हैं।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के नाम हमेशा अपडेटेड रखें।
सुमेलन संबंधी प्रश्न
Question 1. मिलान कीजिए -
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| 1. मीन काम्फ | (ग) हिटलर |
| 2. न्यूडील | (घ) रूजवेल्ट |
| 3. राष्ट्र संघ की स्थापना | (क) वुडरो विल्सन |
| 4. फासीवाद का जन्मदाता | (ख) मुसोलिनी |
| 5. प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति | (छ) नेल्सन मण्डेला |
| 6. सं. रा. संघ के प्रथम महासचिव | (ङ) त्रिग्वेली |
| 7. विश्व बैंक के प्रबन्धक | (च) गौतम काजी |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ों को हल करें जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बचे हुए विकल्पों को मिलाकर सही उत्तर निकालें।
RBSE Class 11 History Chapter 6 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ का मुख्य कार्यालय किस स्थान पर था?
Answer: राष्ट्र संघ का मुख्य कार्यालय स्विट्जरलैण्ड की राजधानी जेनेवा में था।
In simple words: राष्ट्र संघ का मुख्य दफ्तर स्विट्जरलैण्ड के जेनेवा शहर में था।
🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मुख्यालयों के नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 2. राष्ट्र संघ के महासचिव की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती थी?
Answer: राष्ट्र संघ के महासचिव की नियुक्ति साधारण सभा की अनुमति से परिषद द्वारा की जाती थी।
In simple words: राष्ट्र संघ के महासचिव को परिषद नियुक्त करती थी, लेकिन साधारण सभा की सहमति जरूरी थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण पदों की नियुक्ति प्रक्रियाओं को समझना संगठन के कामकाज को स्पष्ट करता है।
Question 3. राष्ट्र संघ का सर्वाधिक शक्ति सम्पन्न अंग कौन सा था?
Answer: राष्ट्र संघ का सर्वाधिक शक्ति सम्पन्न अंग परिषद था।
In simple words: राष्ट्र संघ में सबसे ज्यादा ताकतवर हिस्सा परिषद थी।
🎯 Exam Tip: किसी भी संगठन में सबसे शक्तिशाली निकाय को पहचानना उसकी संरचना को समझने में सहायक होता है।
Question 4. 'स्थायी प्रादेश आयोग' की स्थापना कब और किसने की?
Answer: राष्ट्र संघ ने 1920 में 'स्थायी प्रादेश आयोग' की स्थापना की।
In simple words: राष्ट्र संघ ने 'स्थायी प्रादेश आयोग' को 1920 में बनाया था।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट आयोगों और उनकी स्थापना की तारीखें ऐतिहासिक संदर्भ के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
Question 5. विश्वव्यापी आर्थिक मंदी का तात्कालिक कारण क्या था?
Answer: अमेरिकी शेयर बाजार पर आया आर्थिक संकट था।
In simple words: पूरी दुनिया में आई आर्थिक मंदी का तुरंत कारण अमेरिका के शेयर बाजार में संकट था।
🎯 Exam Tip: किसी बड़ी घटना के तात्कालिक और दीर्घकालिक कारणों को अलग-अलग समझना चाहिए।
Question 7. फासीवाद का प्रतीक चिन्ह क्या था?
Answer: फासीवाद का प्रतीक चिन्ह 'कुल्हाड़ी सहित लकड़ियों का गठ्ठर' था।
In simple words: फासीवाद का निशान कुल्हाड़ी और लकड़ियों का एक बंडल था।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े प्रतीकों को समझना उनकी पहचान में मदद करता है।
Question 8. मुसोलिनी का जन्म कहाँ और कब हुआ था?
Answer: मुसोलिनी का जन्म इटली के रोमाग्ना शहर में 29 जुलाई, 1883 ई. को हुआ था।
In simple words: मुसोलिनी का जन्म 29 जुलाई, 1883 को इटली के रोमाग्ना शहर में हुआ था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक हस्तियों के जन्म स्थान और तारीखें याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।
Question 9. मुसोलिनी ने सन् 1912 ई. में किस समाजवादी पत्रिका का सम्पादन प्रारम्भ किया?
Answer: मुसोलिनी ने 1912 में समाजवादी पत्रिका अवती का सम्पादन प्रारम्भ किया।
In simple words: मुसोलिनी ने 1912 में 'अवंती' नाम की समाजवादी पत्रिका को छापना शुरू किया।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक नेताओं और उनके शुरुआती करियर से जुड़ी जानकारी को ध्यान में रखें।
Question 10. मुसोलिनी को किसने और कब प्रधानमंत्री नियुक्त किया?
Answer: राजा विक्टर इमेनुअल तृतीय ने 31 अक्टूबर, 1922 को मुसोलिनी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
In simple words: राजा विक्टर इमेनुअल तृतीय ने मुसोलिनी को 31 अक्टूबर, 1922 को प्रधानमंत्री बनाया।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्तियों की तारीखें और संबंधित व्यक्तियों को याद रखें।
Question 11. इटली ने अबीसीनिया का अधिग्रहण कब किया।
Answer: 3 अक्टूबर, 1935 को इटली ने अबीसीनिया पर आक्रमण कर उसका अधिग्रहण कर लिया।
In simple words: इटली ने 3 अक्टूबर, 1935 को अबीसीनिया पर हमला करके उसे अपने कब्जे में ले लिया।
🎯 Exam Tip: उपनिवेशवादी विस्तार और संबंधित घटनाओं की तिथियाँ ऐतिहासिक कालक्रम के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 12. नाजीवादी विचारधारा का जनक कौन था?
Answer: नाजीवादी विचारधारा का जनक जर्मनी का तानाशाह एडोल्फ हिटलर था।
In simple words: एडोल्फ हिटलर जर्मनी में नाजीवाद का संस्थापक था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख राजनीतिक विचारधाराओं के संस्थापकों के नाम और उनके मूल देशों को याद रखें।
Question 13. हिटलर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
Answer: एडोल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल, 1889 को ऑस्ट्रिया में हुआ था।
In simple words: हिटलर का जन्म 20 अप्रैल, 1889 को ऑस्ट्रिया में हुआ था।
🎯 Exam Tip: विश्व युद्ध से जुड़े नेताओं के जीवन से जुड़ी सामान्य जानकारी याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 15. द्वितीय विश्व युद्ध का आरम्भ किस घटना के साथ हुआ?
Answer: 1 सितम्बर, 1939 ई. को जर्मनी ने पोलैण्ड पर आक्रमण कर दिया इस घटना के साथ द्वितीय विश्व युद्ध आरम्भ हो गया।
In simple words: जर्मनी ने 1 सितंबर, 1939 को पोलैंड पर हमला किया, जिससे दूसरा विश्व युद्ध शुरू हुआ।
🎯 Exam Tip: विश्व युद्ध जैसी बड़ी घटनाओं के तात्कालिक कारणों और तारीखों को याद रखें।
Question 16. निःशस्त्रीकरण सम्मेलन कब आरम्भ हुआ?
Answer: 1932 ई. में राष्ट्र संघ के तत्वधान में जेनेवा में नि:शस्त्रीकरण सम्मेलन आरम्भ हुआ।
In simple words: राष्ट्र संघ ने 1932 में जेनेवा में नि:शस्त्रीकरण सम्मेलन शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: विश्व शांति के प्रयासों से जुड़े महत्वपूर्ण सम्मेलनों और उनकी तिथियों को याद रखना चाहिए।
Question 17. ब्रिटेन ने जर्मनी के प्रति तुष्टिकरण की नीति क्यों अपनाई ?
Answer: ब्रिटेन ने जर्मनी के प्रति तुष्टिकरण की नीति इसलिए अपनाई ताकि आवश्यकता पड़ने पर शक्तिशाली जर्मन साम्यवादी रूस का मुकाबला कर सके।
In simple words: ब्रिटेन ने जर्मनी को खुश करने की नीति अपनाई, ताकि ज़रूरत पड़ने पर उसे सोवियत रूस के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सके।
🎯 Exam Tip: तुष्टिकरण जैसी राजनीतिक नीतियों के पीछे के कारणों और परिणामों को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 18. संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान के किन दो शहरों पर अणु बम गिराया?
Answer: संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा तथा नागासाकी शहरों पर अणु बम गिराया।
In simple words: अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे।
🎯 Exam Tip: द्वितीय विश्व युद्ध की प्रमुख घटनाओं और उनके भौगोलिक संदर्भ को याद रखें।
Question 19. साम्यवादी विचारधारा की प्रमुख विशेषता क्या है?
Answer: साम्यवादी विचारधारा के अनुसार उत्पादन के साधनों पर समाज का अधिकार है एवं समाज वर्गविहीन है।
In simple words: साम्यवाद में, उत्पादन के सभी साधन समाज के होते हैं और समाज में कोई वर्ग नहीं होता।
🎯 Exam Tip: विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं की मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 20. जर्मनी में संघीय गणतंत्र की स्थापना कब हुई?
Answer: जर्मनी में संघीय गणतंत्र की स्थापना 7 सितम्बर, 1949 को हुई।
In simple words: जर्मनी में संघीय गणतंत्र 7 सितंबर, 1949 को बना।
🎯 Exam Tip: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के राजनीतिक परिवर्तनों और राष्ट्रों की स्थापना की तारीखों को याद रखें।
Question 22. गुट निरपेक्षता का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Answer: गुट निरपेक्षता का प्रमुख उद्देश्य महाशक्तियों से समान दूरी बनाए रखते हुए अपने विकास में उनसे सहयोग प्राप्त करना था।
In simple words: गुट निरपेक्षता का मुख्य लक्ष्य बड़ी ताकतों से समान दूरी बनाए रखकर अपना विकास करना और उनसे मदद लेना था।
🎯 Exam Tip: गुट निरपेक्ष आंदोलन के सिद्धांतों और उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 23. संयुक्त राष्ट्र संघ का जन्मदाता किसे कहा जाता है?
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ का जन्मदाता अटलाण्टिक घोषणा पत्र को कहा जाता है।
In simple words: अटलांटिक घोषणा पत्र को संयुक्त राष्ट्र संघ की शुरुआत माना जाता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ की नींव रखने वाले दस्तावेजों और घटनाओं को याद रखें।
Question 24. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अधिकृत भाषायें कौन-कौन सी हैं?
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अधिकृत भाषायें-अँग्रेजी, फ्रेंच, चीनी, अरबी, रूसी तथा स्पेनिश हैं।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाएँ अंग्रेजी, फ्रेंच, चीनी, अरबी, रूसी और स्पेनिश हैं।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 25. संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय कहाँ है?
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयार्क शहर के मैनहटन द्वीप में है।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य दफ्तर न्यूयॉर्क शहर के मैनहटन द्वीप पर है।
🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मुख्यालयों के नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 26. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव कौन हैं?
Answer: वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून (द कोरिया) हैं।
In simple words: अभी बान की मून (कोरिया से) संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव हैं।
🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वर्तमान प्रमुखों के नामों को नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
Question 27. 1969 में शान्ति का नोबेल पुरस्कार किस संगठन को मिला था?
Answer: 1969 में शान्ति का नोबेल पुरस्कार अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को मिला था।
In simple words: 1969 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था।
🎯 Exam Tip: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता संगठनों और व्यक्तियों के नाम याद रखें।
Question 28. भारत कितनी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य निर्वाचित हुआ है?
Answer: भारत 8 बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य निर्वाचित हुआ है।
In simple words: भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य 8 बार चुना गया है।
🎯 Exam Tip: भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका से जुड़े तथ्यों को याद रखना परीक्षा में उपयोगी है।
Question 30. भारत की कौन-सी महिला विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्षा रहीं?
Answer: भारत की राजकुमारी अमृत कौर विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्षा रहीं।
In simple words: राजकुमारी अमृत कौर भारत की पहली महिला थीं जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्ष बनीं।
🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारतीय हस्तियों के योगदान को याद रखना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 11 History Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्य क्या थे?
Answer: राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे –
1. विश्व में सुरक्षा और शान्ति की स्थापना करना तथा भावी युद्धों को रोकना।
2. निःशस्त्रीकरण की नीति का पालन करवाना।
3. यह सुनिश्चित करना कि सदस्य राष्ट्र पेरिस शान्ति सम्मेलन की संधियों का उचित ढंग से पालन करें।
4. राष्ट्रों के मध्य होने वाले विवादों को शान्तिपूर्ण ढंग से सुलझाना।
5. मानव मात्र के कल्याण के लिए विविध उपाय करना तथा प्रत्येक कार्य में सभी राष्ट्रों के समान हितों का ध्यान रखना।
In simple words: राष्ट्र संघ का लक्ष्य दुनिया में शांति बनाए रखना, युद्धों को रोकना, देशों को हथियार कम करने के लिए कहना, पेरिस शांति संधियों का पालन करवाना, देशों के झगड़ों को शांति से सुलझाना और सभी लोगों की भलाई के लिए काम करना था।
🎯 Exam Tip: राष्ट्र संघ के उद्देश्यों को क्रमबद्ध तरीके से याद करें, यह उसके महत्व को समझने में मदद करेगा।
Question 2. राष्ट्र संघ ने सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्र में क्या कार्य किए?
Answer: राष्ट्र संघ ने सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किये -
1. राष्ट्र संघ ने कई आर्थिक और वित्तीय समितियों की स्थापना की जिन्होंने सम्पूर्ण विश्व से आँकड़ों का संकलन किया।
2. राष्ट्र संघ ने सभी देशों को स्वस्थ आर्थिक नीतियाँ अपनाने को प्रेरित किया।
3. राष्ट्र संघ की परिषद ने बौद्धिक सहयोग के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय समिति बनाई। इस समिति में प्रसिद्ध बुद्धिजीवी प्रो. आइन्सटाइन, मैडम क्यूरी आदि सम्मिलित थे।
4. इस समिति का उद्देश्य राष्ट्रों के आपसी सहयोग द्वारा सभ्यता एवं संस्कृति की उन्नति करना था।
5. राष्ट्र संघ ने चिकित्सा, नारी एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में तथा मादक द्रव्यों पर नियंत्रण के लिए भी प्रयास किए।
In simple words: राष्ट्र संघ ने दुनिया भर से आर्थिक आंकड़े इकट्ठा करने, देशों को अच्छी आर्थिक नीतियां अपनाने, बुद्धिजीवियों के सहयोग से संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए समितियाँ बनाईं। साथ ही, इसने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण और नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर भी काम किया।
🎯 Exam Tip: राष्ट्र संघ के केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक योगदानों पर भी ध्यान दें।
Question 3. आर्थिक मंदी के कारणों में मशीनीकरण ने क्या भूमिका निभाई?
Answer: मशीनीकरण के युग में उद्योगों में नए-नए उपकरणों का आविष्कार हुआ। इससे उत्पादन क्षमता बहुत बढ़ गई, लेकिन पर्याप्त खरीदार नहीं थे। परिणामस्वरूप, फैक्ट्रियाँ बंद होने लगीं और बड़ी संख्या में श्रमिक बेरोजगार हो गए, जिससे आर्थिक मंदी और बढ़ गई।
In simple words: मशीनों के कारण बहुत ज़्यादा सामान बनने लगा, पर खरीदने वाले कम थे। इससे फैक्ट्रियां बंद हो गईं और लोग बेरोजगार हो गए, जिससे आर्थिक मंदी और तेज़ हो गई।
🎯 Exam Tip: आर्थिक मंदी जैसे बड़े मुद्दों के लिए विभिन्न कारकों के बीच के संबंधों को समझने का प्रयास करें।
Question 4. फासीवाद का प्रसार कैसे हुआ?
Answer: फासीवाद के प्रसार को हम निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत समझ सकते हैं –
1. प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात् 1919 ई. में मुसोलिनी ने फासिस्ट काम्बाटिमेटो नामक संगठन बनाया।
2. मुसोलिनी ने अपने संगठन के लिए 'कुल्हाड़ी सहित लकड़ियों का गठ्ठर' को प्रतीक चिह्न बनाया।
3. फासिस्ट दल में लोगों की संख्या जो 1919 ई. में 22000 थी उसमें वृद्धि हुई और 1921 ई. में वह 5 लाख हो गई।
4. मई 1921 ई. के चुनाव में फासिस्ट दल ने 35 सीटें जीतीं तथा नवम्बर 1921 ई. में उसने एक राजनीतिक दल को स्थापित कर लिया। तत्पश्चात उसने रोम पर आक्रमण की चुनौती दी।
5. गृह युद्ध से बचने के लिए राजा विक्टर इमेनुअल तृतीय ने 31 अक्टूबर, 1922 ई. को मुसोलिनी को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया।
6. 1924 ई. के चुनाव में उसकी फासिस्ट पार्टी ने पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लिया। ऐसी स्थिति में मुसोलिनी ने स्वयं को अधिनायक घोषित कर दिया।
In simple words: प्रथम विश्व युद्ध के बाद मुसोलिनी ने 1919 में फासिस्ट संगठन बनाया, जिसका प्रतीक कुल्हाड़ी और लकड़ियों का गठ्ठर था। 1921 तक इसके सदस्य 22,000 से 5 लाख हो गए। 1921 के चुनाव में 35 सीटें जीतने के बाद, पार्टी ने एक राजनीतिक दल बनाया और रोम पर हमले की धमकी दी। गृहयुद्ध से बचने के लिए, राजा विक्टर इमेनुअल तृतीय ने 1922 में मुसोलिनी को प्रधानमंत्री बनाया। 1924 के चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद मुसोलिनी ने खुद को तानाशाह घोषित कर दिया।
🎯 Exam Tip: किसी भी राजनीतिक आंदोलन के उदय और प्रसार के पीछे के प्रमुख चरणों और घटनाओं को क्रमवार याद रखें।
Question 5. इटली ने अबीसीनिया पर आक्रमण क्यों किया?
Answer: अधिनायक बनने के पश्चात् मुसोलिनी ने इटली की जनता के मन में साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षा जागृत कर दी। सन् 1935 ई. तक अफ्रीका में अबीसीनिया, मिस्र, लाइबेरिया और दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर पूरा महाद्वीप यूरोपीय शक्तियों के साम्राज्य का अंग था। इटली की 1896 ई. में एडोवा में हुई हार का प्रतिशोध लेने के लिए वह अबीसीनिया पर आक्रमण करना चाहता था। अतः उसने 3 अक्टूबर, 1935 को अबीसीनिया पर आक्रमण कर उसे अधिकार में ले लिया।
In simple words: मुसोलिनी ने इटली के लोगों में बड़े साम्राज्य की इच्छा जगाई। 1935 तक, अफ्रीका का अधिकांश हिस्सा यूरोपीय कब्जे में था, और मुसोलिनी 1896 में एडोवा में मिली हार का बदला लेने के लिए अबीसीनिया पर कब्ज़ा करना चाहता था। इसलिए, उसने 3 अक्टूबर, 1935 को अबीसीनिया पर हमला कर दिया।
🎯 Exam Tip: उपनिवेशवादी युद्धों के पीछे के कारणों-जैसे बदला, राष्ट्रीय गौरव, या संसाधन-को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 6. हिटलर का उदय किस प्रकार हुआ?
Answer: हिटलर जर्मन जाति को श्रेष्ठ मानता था वह यहूदियों से घृणा करता था। उसने प्रथम विश्व युद्ध में वीरता का परिचय दिया। इस कारण उसे वीरता पुरस्कार “आयरन क्रॉस' मिला। युद्ध समाप्ति के पश्चात् 1918 ई. में वह म्यूनिख पहुँचा तथा 1920 ई. में जर्मन श्रमिक दल का सदस्य बन गया। धीरे-धीरे वह इस दल का नेता बन गया। उसने इस दल का नाप परिवर्तित करके राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन श्रमिक दल रख दिया जो बाद में नाजीदल के नाम से विख्यात हुआ। उसने स्वास्तिक को अपने दल का चिन्ह बनाया। आर्थिक मंदी के फलस्वरूप पूर्व सरकार से असन्तुष्ट जनता ने हिटलर के नाजीदल पर विश्वास व्यक्त किया। सन् 1932 ई. में हिटलर जर्मनी का चांसलर नियुक्त हुआ।
In simple words: हिटलर खुद को जर्मन जाति का श्रेष्ठ मानता था और यहूदियों से नफरत करता था। प्रथम विश्व युद्ध में उसकी बहादुरी के कारण उसे 'आयरन क्रॉस' मिला। 1920 में उसने जर्मन श्रमिक दल में शामिल होकर उसे नाजी दल में बदल दिया और स्वास्तिक को उसका प्रतीक बनाया। आर्थिक संकट के कारण जनता ने हिटलर पर भरोसा किया, और 1932 में वह जर्मनी का चांसलर बन गया।
🎯 Exam Tip: किसी तानाशाह के उदय के पीछे के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों को विस्तार से समझें।
Question 8. फौलादी समझौता कब और किनके बीच हुआ?
Answer: जर्मनी व इटली के मध्य 22 मई, 1939 ई. को एक सैनिक समझौता हुआ जो फौलादी समझौता कहलाया। इस समझौते की प्रमुख बातें निम्नलिखित थीं –
1. दोनों राष्ट्र पारस्परिक विचार विमर्श करेंगे।
2. दोनों राष्ट्र एक-दूसरे के सामान्य हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य करेंगे।
3. पारस्परिक राजनीतिक एवं कूटनीतिक समर्थन जारी रखेंगे।
4. सैनिक तथा आर्थिक क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग करेंगे।
5. एक पक्ष के किसी अन्य देश के साथ युद्ध की कठिनाइयों में पारस्परिक सहयोग किया जायेगा।
In simple words: फौलादी समझौता 22 मई, 1939 को जर्मनी और इटली के बीच हुआ एक सैनिक समझौता था। इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे से सलाह लेंगे, आपसी हितों पर काम करेंगे, राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग देंगे, सैनिक और आर्थिक मदद करेंगे, और किसी भी देश के साथ युद्ध में एक-दूसरे का साथ देंगे।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण संधियों की तिथियाँ, हस्ताक्षरकर्ता और मुख्य प्रावधानों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 9. वर्साय की सन्धि जर्मनी के लिए अपमानजनक क्यों थी?
Answer: प्रथम विश्व युद्ध में प्राप्त हार के कारण जर्मनी को वर्साय की सन्धि पर हस्ताक्षर करने पड़े। इस सन्धि ने जर्मनी को राजनीतिक, आर्थिक व सैनिक रूप से पंगु बना दिया। इस सन्धि के अनुसार –
1. जर्मनी के सारे उपनिवेश, 15% कृषि योग्य भूमि, 12% पशु, 10% कारखाने छीन लिए गए।
2. जर्मनी के व्यापारिक जहाज 57 लाख टन से घटाकर केवल 5 लाख टन तक सीमित कर दिये गये।
3. उसकी नौ सैनिक शक्ति को नष्ट कर दिया गया और स्थल सेना की संख्या एक लाख निश्चित कर दी गयी।
4. जर्मनी को अपने कोयले के 2/3 भाग, लोहे के 2/3 भाग, जस्ते के 7/10 भाग और सीसे के आधे क्षेत्र से हाथ धोना पड़ा।
5. उपनिवेश छीन लिए जाने से उसे रबड़ और तेल की कमी का सामना करना पड़ा।
6. वर्साय की प्रादेशिक व्यवस्थाओं ने उसके उद्योग-धन्धों और व्यापार को पूर्णतः चौपट कर दिया।
In simple words: प्रथम विश्व युद्ध में हार के बाद जर्मनी को वर्साय की संधि माननी पड़ी, जिसने उसे राजनैतिक, आर्थिक और सैनिक रूप से कमजोर कर दिया। जर्मनी ने अपने सभी उपनिवेश, 15% कृषि भूमि, 12% पशु और 10% कारखाने खो दिए। उसके व्यापारिक जहाजों की संख्या बहुत कम कर दी गई, और उसकी सेना तथा नौसेना को सीमित कर दिया गया। उसे कोयला, लोहा, जस्ता और सीसा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से भी हाथ धोना पड़ा, जिससे उद्योगों और व्यापार को भारी नुकसान हुआ।
🎯 Exam Tip: किसी संधि के प्रावधानों का देश पर क्या प्रभाव पड़ा, इसे विस्तार से समझने का प्रयास करें।
Question 10. द्वितीय विश्व युद्ध को जर्मनी पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: मित्र राष्ट्र जर्मनी को द्वितीय विश्व युद्ध का उत्तरदायी मानते थे। अतः जर्मनी को शक्तिहीन कर उसे पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी में विभक्त कर दिया गया। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा अधिकृत पश्चिमी जर्मनी के क्षेत्रों का एकीकरण कर 21 सितम्बर, 1949 ई. को जर्मन संघीय गणतन्त्र तथा पूँजीवादी अर्थव्यवस्था की स्थापना हुई। पूर्वी जर्मनी में 7 अक्टूबर, 1949 को प्रजातंत्रात्मक गणराज्य तथा समाजवादी अर्थव्यवस्था की स्थापना हुई। इसके कुछ समय बाद सन् 1990 ई. में पूर्वी व पश्चिमी जर्मनी का पुनः एकीकरण हो गया।
In simple words: दूसरे विश्व युद्ध के बाद, मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को दोषी ठहराया और उसे कमजोर करने के लिए पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी में बांट दिया। पश्चिमी जर्मनी 21 सितंबर, 1949 को पूंजीवादी संघीय गणतंत्र बन गया, जिसे फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने नियंत्रित किया। पूर्वी जर्मनी 7 अक्टूबर, 1949 को समाजवादी लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। बाद में, 1990 में, दोनों जर्मनी फिर से एक हो गए।
🎯 Exam Tip: विश्व युद्धों के बाद के भू-राजनीतिक परिवर्तनों, विशेषकर जर्मनी के विभाजन और एकीकरण को समझें।
Question 12. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के क्षेत्राधिकार के विषय में आप क्या जानते हैं?
Answer: अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ की न्यायपालिका है। इसमें पन्द्रह न्यायाधीश कार्यरत हैं। इसके क्षेत्राधिकार निम्नलिखित हैं –
1. ऐच्छिक क्षेत्राधिकारः ऐसे विवाद जिन्हें दोनों पक्ष सहमत होकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
2. अनिवार्य क्षेत्राधिकारः इसके अन्तर्गत-संधि की व्याख्या, अन्तर्राष्ट्रीय कानून के क्षेत्र से सम्बन्धित सभी मसले, किसी अन्तर्राष्ट्रीय विधि के उल्लंघन पर क्षतिपूर्ति का रूप और परिणाम आते हैं।
3. परामर्शात्मक क्षेत्राधिकारः महासभा अथवा सुरक्षा परिषद किसी भी कानूनी प्रश्न पर अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का परामर्श माँग सकती है।
In simple words: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ की न्यायपालिका है, जिसमें 15 न्यायाधीश होते हैं। इसके अधिकार क्षेत्र में ऐसे मामले आते हैं जिन पर दोनों पक्ष सहमत हों, संधियों की व्याख्या करना, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के परिणाम तय करना, और महासभा या सुरक्षा परिषद द्वारा पूछे गए कानूनी सवालों पर सलाह देना शामिल है।
🎯 Exam Tip: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के विभिन्न प्रकार के क्षेत्राधिकारों को उदाहरणों के साथ समझना उपयोगी है।
Question 13. यूनीसेफ की स्थापना किस उद्देश्य से और कब की गई ?
Answer: संयुक्त राष्ट्र बाल संकट कोष (यूनीसेफ) की स्थापना द्वितीय महायुद्ध के बाद शिशुओं को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से 1946 ई. में की गई। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण आदि कार्यक्रमों के माध्यम से बाल-कल्याण से सम्बन्धित कार्यों को प्रोत्साहन देना है। यह व्यक्तियों तथा सरकारों से धन दान में लेकर एक कोष का निर्माण करता है, जिससे विश्व के बालकों की सहायता की जाती है। इसके अतिरिक्त यह प्राकृतिक आपदाओं में भी बालकों और उनके अभिभावकों की अपेक्षित सहायता करता है। 1965 ई. में इस संगठन को नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
In simple words: यूनिसेफ की स्थापना 1946 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद बच्चों को मदद पहुँचाने के लिए की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों से बच्चों की भलाई को बढ़ावा देना, दान इकट्ठा करके दुनिया भर के बच्चों की मदद करना और प्राकृतिक आपदाओं में सहायता प्रदान करना है। 1965 में इसे नोबेल पुरस्कार भी मिला।
🎯 Exam Tip: प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के गठन के उद्देश्य, वर्ष और उनके महत्वपूर्ण योगदानों को याद रखें।
Question 14. संयुक्त राष्ट्र संघ की असफलताओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। अथवा संयुक्त राष्ट्र संघ किन संघ उद्देश्यों को पूरा करने में सफल नहीं हुआ है ?
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ अपनी स्थापना के कुछ प्रमुख उद्देश्यों को पूरा करने में सफल नहीं हो पाया।
1. कोरिया अभी भी बंटा हुआ है।
2. संयुक्त राष्ट्र संघ बड़े युद्धों को रोकने में सफल नहीं हो पाया है।
3. व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) को अभी तक प्रभावी नहीं बनाया जा सका है।
4. यह आतंकवाद को रोकने में भी विफल रहा है।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ कोरिया के एकीकरण, बड़े युद्धों को रोकने, CTBT को प्रभावी बनाने और आतंकवाद को रोकने जैसे कुछ बड़े लक्ष्यों में सफल नहीं हो पाया है।
🎯 Exam Tip: किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन की सफलताओं और असफलताओं दोनों को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 15. भारत की किन महान विभूतियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया है?
Answer: भारत, संयुक्त राष्ट्र संघ का संस्थापक सदस्य है। आजादी के पश्चात् भारत छः बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् का अस्थायी सदस्य निर्वाचित हुआ है तथा इसकी स्थायी सदस्यता का सशक्त दावा कर रहा है। अनेक भारतीय संयुक्त राष्ट्र संघ के महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं -
1. श्रीमती विजय लक्ष्मी पण्डित – इनको संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के आठवें अधिवेशन की अध्यक्षा चुना गया।
2. डॉ. राधाकृष्णन – इन्होंने यूनेस्को के प्रधान पद को सुशोभित किया।
3. मौलाना अब्दुल कलाम आजाद – ये भी यूनेस्को के प्रधान पद पर कार्यरत रह चुके हैं।
4. डॉ. नगेन्द्र सिंह – इन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद का उत्तरदायित्व सम्भाला।
5. डॉ. एच. जे. भाभा – ये अणुशक्ति के शान्ति पूर्ण उपयोग हेतु गठित कमीशन के पद पर नियुक्त हुए।
6. राजकुमारी अमृत कौर – विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्षा नियुक्त हुईं।
7. श्री गौतम काजी – ये पहले भारतीय हैं जिन्हें विश्व बैंक का प्रबन्ध निदेशक नियुक्त किया गया।
In simple words: भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का संस्थापक सदस्य है और छह बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रहा है। कई भारतीय हस्तियों ने संयुक्त राष्ट्र में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है: विजय लक्ष्मी पंडित महासभा की अध्यक्ष रहीं, डॉ. राधाकृष्णन और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद यूनेस्को के प्रमुख पद पर रहे, डॉ. नागेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने, डॉ. एच. जे. भाभा परमाणु ऊर्जा आयोग में नियुक्त हुए, राजकुमारी अमृत कौर विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्ष बनीं, और गौतम काजी विश्व बैंक के पहले भारतीय प्रबंध निदेशक बने।
🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय नेताओं और विशेषज्ञों के योगदान को याद रखना भारत के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
RBSE Class 11 History Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. राष्ट्र संघ की स्थापना किस प्रकार हुई एवं इसके क्या कार्य थे?
Answer: अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के अथक प्रयासों से राष्ट्र संघ की स्थापना हुई। जनवरी 1918 ई. में विल्सन ने अपना प्रसिद्ध चौदह सूत्री कार्यक्रम प्रकाशित किया। इसके अन्तिम सूत्र में राष्ट्र संघ की स्थापना पर विशेष बल दिया गया था। 28 अप्रैल, 1919 को पेरिस शान्ति सम्मेलन में राष्ट्र संघ के प्रारूप को स्वीकारा गया। इस प्रकार 10 जनवरी, 1920 को राष्ट्र संघ वैधानिक रूप से अस्तित्व में आ गया।
राष्ट्र संघ के कार्य:
राष्ट्र संघ के कार्यों को निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट किया जा सकता है –
1. प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् विश्व में शान्ति व सुरक्षा की स्थापना के लिए राष्ट्र संघ की स्थापना की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के द्वारा
3. मेण्डेट अथवा संरक्षण व्यवस्था: प्रथम विश्व युद्ध के अन्त में जर्मनी और टर्की से प्राप्त उपनिवेशों को राष्ट्र संघ ने मेण्डेट व्यवस्था के अन्तर्गत जापान, फ्रांस, बेल्जियम, इंग्लैण्ड आदि देशों के संरक्षण में प्रशासन के लिए दे दिया। राष्ट्र संघ ने 1920 में एक 'स्थायी प्रादेश आयोग' की स्थापना की। यह आयोग मेण्डेट व्यवस्था के अन्तर्गत आने वाले भू-भागों के प्रशासन की निगरानी करता था।
4. सामाजिक, आर्थिक और मानवता सम्बन्धी कार्य: राष्ट्र संघ ने कई आर्थिक और वित्तीय समितियों की स्थापना की जिन्होंने सम्पूर्ण विश्व से आँकड़ों का संकलन किया। इसके अतिरिक्त चिकित्सा, नारी एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में भी अनेक प्रशंसनीय कार्य किये। इनके अतिरिक्त अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा तथा मानव कल्याण सम्बन्धी कार्य भी राष्ट्र संघ के दायित्वों में सम्मिलित थे।
In simple words: अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के प्रयासों से 10 जनवरी, 1920 को राष्ट्र संघ की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य प्रथम विश्व युद्ध के बाद दुनिया में शांति और सुरक्षा स्थापित करना था। इसके कार्यों में जर्मनी और तुर्की के उपनिवेशों के लिए मेण्डेट व्यवस्था लागू करना, जिसके तहत जापान, फ्रांस, बेल्जियम और इंग्लैंड जैसे देशों ने उनका प्रशासन संभाला, तथा 1920 में 'स्थायी प्रादेश आयोग' की स्थापना करना शामिल था। सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर, इसने आर्थिक और वित्तीय समितियां बनाईं, आंकड़े इकट्ठा किए, चिकित्सा, महिला एवं बाल कल्याण, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा जैसे मानवीय कार्यों में भी योगदान दिया।
🎯 Exam Tip: राष्ट्र संघ की स्थापना, उसके कारणों और विभिन्न क्षेत्रों में उसके कार्यों को विस्तृत रूप से समझाएं।
Question 2. फासीवाद के उदय के प्रमुख कारण एवं परिणाम लिखिए।
Answer: प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात् इटलीवासियों को निराशा से निकालने हेतु मुसोलिनी ने 'फासिस्ट काम्बाटिमेटो' नामक संगठन बनाया। इसकी विचारधारा को फासीवाद की संज्ञा दी जाती है।
फासीवाद के उदय के कारण:
फासीवाद के उदय के निम्न कारण थे –
1. वर्साय की सन्धि से उत्पन्न निराशा: इस सन्धि में इटली को मित्र राष्ट्रों द्वारा जो क्षेत्र देने का वचन दिया गया था वह पूर्ण नहीं हो पाने का प्रमुख कारण जनता ने इटली में एक कमजोर जनतन्त्र को बताया। इसका सर्वाधिक लाभ मुसोलिनी के फासिस्ट दल को प्राप्त हुआ।
2. शिथिल अर्थव्यवस्थाः प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात मिली निराशा के फलस्वरूप इटली की आर्थिक स्थिति में गिरावट आने लगी। उद्योग, व्यापार, कृषि आदि को बहुत हानि हुई तथा आम लोगों का जीवन निर्वाह मुश्किल हो गया। इस कारण इटली की जनता तत्कालीन सरकार के विरुद्ध हो गई।
3. साम्यवाद से प्रभावित इटली: साम्यवादी दल ने वहाँ की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि वह इटली को सशक्त बनाएगा परन्तु इसका लाभ मुसोलिनी ने लिया और जनता को अपने पक्ष में कर लिया।
4. दार्शनिक हीगल की विचारधारा का प्रभावः हीगल की विचारधारा थी कि व्यक्ति राज्य के अनुशासन में रहकर ही अपनी श्रेष्ठता की ओर अग्रसर हो सकता है। तात्कालिक परिस्थितियों में इटली का मंत्रिमण्डल अपनी स्थिर सरकार बनाने में असमर्थ रहा। ऐसी स्थिति में मुसोलिनी ने जनता को स्थिर सरकार देने का वचन देकर अपने पक्ष में कर लिया।
7. इटली की साम्राज्यवादी लिप्सा: इटली भूमध्यसागर में रोमन झील का निर्माण करना चाहता था तथा 1896 ई. में उसने अबीसीनिया पर जो हमला किया उसमें भी वह परास्त हुआ। मुसोलिनी ने इटली को उसकी साम्राज्यवादी आकांक्षा पूर्ण करने के लिए आश्वस्त किया।
8. मुसोलिनी का राजनीति में प्रवेश: आक्रोश व अराजकता व्याप्त इटली की राजनीति में जब मुसोलिनी को प्रवेश हुआ तो उसके सम्मोहक उद्बोधन ने लोगों को बहुत अधिक प्रभावित किया। इस कारण इटली ने मुसोलिनी को अपने शासक के रूप में स्वीकार किया।
फासीवाद के परिणाम:
फासीवाद के निम्नलिखित परिणाम हुए –
1. फासीवाद के उदय के परिणामस्वरूप विश्व के अधिकांश देशों में तानाशाही शासन को प्रारम्भ हुआ।
2. साम्यवाद के बढ़ते प्रभाव से लाभ उठाकर मुसोलिनी रूस व साम्यवाद का ही विरोधी हो गया।
3. अधिनायक तंत्र की स्थापना के पश्चात् इटली में प्रजातंत्र विरोधी विचारों का प्रसार किया जाने लगा।
4. मुसोलिनी के बढ़ते हुए प्रभाव को देखकर पूँजीवादी राष्ट्रों ने इटली के प्रति तुष्टिकरण की नीति अपनाई।
5. मुसोलिनी वैश्विक जगत् में इटली की प्रतिष्ठा को पुनः कायम करना चाहता था। अतः उसने शक्तिशाली सेना का गठन किया।
6. इटली को सबल राष्ट्र बनाने तथा साम्राज्यवाद के प्रसार हेतु मुसोलिनी ने अन्य राष्ट्रों के प्रति कूटनीति अपनाई।
7. 1923 ई. में हुई यूनान व इटली के मध्य लोसाने की संधि द्वारा इटली ने रोड्स व डोडेकमीज द्वीप क्षेत्र पुनः प्राप्त कर लिए।
8. मुसोलिनी के सत्ता में आने के पश्चात् इटली व फ्रांस में मतभेद गहरे हो गये।
9. मुसोलिनी ने 1896 में एडोवा में हुई हार का प्रतिशोध लेने के लिए 1935 में अबीसीनिया पर आक्रमण कर उसे अधिग्रहीत कर लिया।
10. मुसोलिनी ने जर्मनी की सैन्य शक्ति का सहयोग प्राप्त करने के लिए 1939 ई. में जर्मनी के साथ फौलादी समझौता किया।
In simple words: प्रथम विश्व युद्ध के बाद इटली में निराशा थी, जिससे मुसोलिनी ने 'फासिस्ट काम्बाटिमेटो' संगठन बनाया, जो फासीवाद कहलाया। इसके उदय के कारणों में वर्साय संधि से निराशा, खराब अर्थव्यवस्था, साम्यवाद का बढ़ता प्रभाव, हीगल जैसे दार्शनिकों का प्रभाव, इटली की साम्राज्यवादी इच्छा और मुसोलिनी का प्रभावशाली राजनीति में प्रवेश शामिल थे। फासीवाद के परिणामों में दुनिया भर में तानाशाही शासन की शुरुआत, मुसोलिनी का साम्यवाद विरोधी रुख, इटली में लोकतंत्र विरोधी विचारों का प्रसार, पूंजीवादी देशों द्वारा तुष्टिकरण, इटली की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए सैन्य शक्ति का गठन और साम्राज्यवादी विस्तार की कूटनीति शामिल थी। लोसाने की संधि से रोड्स और डोडेकमीज द्वीप क्षेत्र की वापसी हुई, इटली और फ्रांस में मतभेद बढ़े, अबीसीनिया पर कब्ज़ा हुआ और जर्मनी के साथ 1939 में फौलादी समझौता हुआ।
🎯 Exam Tip: फासीवाद के उदय और परिणाम को विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों से जोड़कर विश्लेषण करें।
Question 3. यह शान्ति सन्धि नहीं यह तो बीस वर्ष के लिए युद्ध विराम सन्धि है।” मार्शल फौच का यह कथन कहाँ तक सत्य सिद्ध हुआ? अथवा वे कौन सी परिस्थितियाँ थीं जिन्होंने द्वितीय महायुद्ध को जन्म दिया ?
Answer: 1919 ई. में प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर हुई वर्साय की सन्धि के सम्बन्ध में मार्शल फौच ने यह कहा था कि “यह शान्ति संधि नहीं यह तो बीस वर्ष के लिए युद्ध विराम संधि है।” उनकी यह भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई। प्रथम महायुद्ध की समाप्ति के ठीक 20 वर्ष बाद वर्साय में हुई संधि से जर्मनी इटली आदि राष्ट्र संतुष्ट नहीं थे क्योंकि –
4. राष्ट्र संघ भी अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के प्रयासों में असफल रहा और राष्ट्रों द्वारा उसके लक्ष्यों की अवमानना की गई।
5. यूरोप के सभी छोटे बड़े साम्राज्यवादी राष्ट्र; जैसे-इंग्लैण्ड, इटली, जर्मनी, रूस, पोलैण्ड आदि अन्तर्राष्ट्रीय न्याय तथा संधि की शर्तों के विपरीत शस्त्रीकरण की विनाशकारी होड़ में लग गये।
इन सभी परिस्थितियों का स्वाभाविक परिणाम द्वितीय विश्वयुद्ध था। प्रथम विश्वयुद्ध तुलनात्मक रूप से सीमित था किन्तु द्वितीय विश्व युद्ध ने सम्पूर्ण विश्व को अपने घातक परिणामों से प्रभावित किया। द्वितीय विश्वयुद्ध की भयंकरता ने राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों के हृदय में यह आशंका पैदा कर दी कि यदि तृतीय विश्वयुद्ध हुआ तो सम्पूर्ण मानव सभ्यता ही नष्ट हो जाएगी।
In simple words: मार्शल फौच का यह कहना सही साबित हुआ कि 1919 की वर्साय संधि सिर्फ 20 साल का युद्ध विराम थी, शांति संधि नहीं। ठीक 20 साल बाद दूसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया क्योंकि जर्मनी, इटली और अन्य देश संधि से खुश नहीं थे। राष्ट्र संघ भी शांति बनाए रखने में नाकाम रहा, और यूरोपीय देशों ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हथियारों की होड़ लगा दी। इन सब बातों से दूसरा विश्व युद्ध हुआ, जो पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक था और इसने राजनेताओं और वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि तीसरा विश्व युद्ध पूरी मानव सभ्यता को खत्म कर देगा।
🎯 Exam Tip: वर्साय संधि और द्वितीय विश्व युद्ध के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से समझाएं, जिसमें मार्शल फौच के कथन का उल्लेख भी करें।
Question 4. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना किस प्रकार हुई इसके उद्देश्य एवं सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापनाः द्वितीय विश्वयुद्ध का शंखनाद होते ही मित्रराष्ट्रों ने एक नये अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना के लिए प्रयास शुरू किये, जो इस प्रकार हैं -
1. अटलाण्टिक चार्टर: 14 अगस्त, 1941 ई. को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चर्चिल व अमरीकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने संयुक्त घोषणा की। इस अटलाण्टिक घोषणा को ही संयुक्त राष्ट्र संघ का जन्मदाता माना जाता है। अटलाण्टिक घोषणा पर 26 राष्ट्रों ने जनवरी 1942 ई. में हस्ताक्षर किए। सोवियत रूस के हस्ताक्षर करते ही यह संगठन अस्तित्व में आ गया।
2. तेन फ्रांसिरको सम्मेलन 1945 ई.: संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर को अन्तिम रूप देने के लिए अमेरिका के सेनफ्रांसिस्को में एक सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें चार्टर को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। चार्टर पर राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अन्ततोगत्वा 24 अक्टूबर, 1945 ई. को संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर लागू हुआ। 10 फरवरी, 1946 ई. को लन्दन के वेस्टमिन्सटर हाल में संघ की प्रथम बैठक हुई।
3. संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य: चार्टर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ के चार प्रमुख उद्देश्य हैं -
• सामूहिक व्यवस्था द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा कायम रखना और आक्रामक प्रवृत्तियों को नियन्त्रण में रखना।
• अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का शान्तिपूर्ण समाधान करना।
• राष्ट्रों के आत्मनिर्णय और उपनिवेशवाद विघटन की प्रक्रिया को गति देना।
• सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय क्षेत्रों में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना।
संघ ने इन उद्देश्यों से जुड़े हुए दो और लक्ष्य भी निर्धारित किए, वे हैं – निःशस्त्रीकरण और नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की
• शान्तिपूर्ण साधनों से अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का निपटारा।
• चार्टर के प्रतिकूल कार्य करने वाले राष्ट्र को असहयोग।
• गैर सदस्य राष्ट्रों से भी अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा बनाए रखने वाले सिद्धान्तों का पालन करवाना।
• राष्ट्रों के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना।
• अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में अन्य राज्यों के विरुद्ध धमकी या बल का प्रयोग निषेध।
In simple words: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, अटलांटिक चार्टर (1941) और सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन (1945) के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई, जिसका चार्टर 24 अक्टूबर, 1945 को लागू हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना, राष्ट्रों के आत्मनिर्णय को बढ़ावा देना और सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करना था। इसके अन्य लक्ष्यों में निःशस्त्रीकरण और एक नई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की स्थापना शामिल थी, साथ ही यह सुनिश्चित करना था कि कोई देश दूसरे देश के खिलाफ बल का प्रयोग न करे और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न हो।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के ऐतिहासिक चरणों, उसके मुख्य उद्देश्यों और उसके सिद्धांतों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 5. दक्षिण अफ्रीका के राजनीतिक सुधारों में नेल्सन मण्डेला का क्या योगदान रहा?
Answer: नेल्सन मण्डेला दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति थे। इनका जन्म 18 जुलाई, 1918 को दक्षिण अफ्रीका के नेल्सन नामक स्थान पर हुआ था। अपने समाज में गोरे लोगों के अत्याचारों को इन्होंने निकटता से अनुभव किया तथा बचपन में ही रंगभेद की नीति को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प ले लिया। स्कूल शिक्षा पूर्ण करने पर 1939 में उन्हें कॉलेज में प्रवेश मिल गया परन्तु जातिगत भेदभाव का विरोध करने पर उन्हें संस्था से निष्कासित कर दिया गया।
मण्डेला मण्डेला का रंगभेद विरोधी संघर्षः अपने विचारों को गति प्रदान करने के लिए उन्होंने सन् 1944 में अफ्रीकन राष्ट्रीय काँग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके माध्यम से असहयोग, बहिष्कार जैसे कदम उठाये जाने लगे। मण्डेला की गतिविधियाँ प्रशासन से छिपी नहीं रहीं। 1961 में मण्डेला को पाँच वर्ष की सजा दी गई। सजा के दो वर्ष पश्चात् पुनः इन पर मुकदमा चलाया गया और आजन्म कैद की सजा सुनाई गई।
नीति परिवर्तन को सरकार विवश: जेल में रहते हुए भी मण्डेला ने रंगभेद नीति के विरोध में कई प्रयास किये। फलस्वरूप चारों ओर से रंगभेद की आलोचना होने लगी।
In simple words: नेल्सन मंडेला, दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति, 1918 में पैदा हुए थे। उन्होंने बचपन से ही रंगभेद का विरोध किया और इसे खत्म करने का संकल्प लिया। कॉलेज से निष्कासित होने के बाद, वे 1944 में अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस में शामिल हुए और असहयोग व बहिष्कार जैसे आंदोलन चलाए। 1961 में उन्हें पाँच साल की जेल हुई, जो बाद में आजीवन कारावास में बदल गई। जेल में रहकर भी उन्होंने रंगभेद के खिलाफ लड़ाई जारी रखी, जिससे यह नीति विश्व भर में आलोचित हुई और सरकार को इसे बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
🎯 Exam Tip: नेल्सन मंडेला के जीवन, उनके संघर्ष और दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति को समाप्त करने में उनके योगदान को विस्तार से बताएं।
Question 6. राष्ट्र संघ के उद्देश्यों का वर्णन करते हुए यह बताइये कि इन उद्देश्यों को पूर्ण करने में वह कहाँ तक सफल हुआ?
Answer: राष्ट्र संघ की स्थापना 10 जनवरी, 1920 को हुई थी। इसका मुख्य लक्ष्य दुनिया को युद्ध के विनाशकारी प्रभावों से बचाना था। अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के प्रयासों से यह संघ बना। राष्ट्र संघ के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे-
• विश्व में शांति और सुरक्षा बनाए रखना और भविष्य के युद्धों को रोकना।
• निःशस्त्रीकरण की नीति का पालन करवाना।
• पेरिस शांति सम्मेलन की संधियों का सही ढंग से पालन करवाना।
• देशों के बीच विवादों को शांतिपूर्वक हल करना।
• सभी मनुष्यों के कल्याण के लिए अलग-अलग उपाय करना और हर कार्य में सभी देशों के हितों का ध्यान रखना।
राष्ट्र संघ की कुछ मुख्य सफलताएँ इस प्रकार थीं-
1. राष्ट्र संघ ने राजनीति के क्षेत्र में कई झगड़ों को सुलझाने में मदद की, जैसे अल्बानिया, हॉलैंड द्वीप, हंगेरियन, यावर्जनों, लौटेशिया और बुल्गारिया तथा यूनान के सीमा विवाद।
2. युद्धबंदियों को रिहा करवाकर उन्हें अपने देश वापस भेजने की व्यवस्था भी राष्ट्र संघ की एक बड़ी सफलता थी।
3. राष्ट्र संघ ने कई आर्थिक और वित्तीय समितियाँ बनाईं, जिन्होंने पूरी दुनिया से आंकड़े और जानकारी इकट्ठी की और देशों को अच्छी आर्थिक नीतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
4. राष्ट्र संघ ने चिकित्सा, नारी और बाल कल्याण के साथ-साथ नशीली दवाओं पर नियंत्रण के लिए भी अच्छे प्रयास किए।
इन सभी कार्यों से यह कहा जा सकता है कि राष्ट्र संघ अपने उद्देश्यों को पूरा करने में काफी हद तक सफल रहा।
In simple words: राष्ट्र संघ 1920 में युद्ध रोकने और शांति बनाए रखने के लिए बना था। इसने कई देशों के झगड़े सुलझाए, युद्धबंदियों को घर भेजा और आर्थिक व सामाजिक सुधारों में मदद की।
🎯 Exam Tip: राष्ट्र संघ के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से लिखें और उसकी सफलताओं को उदाहरणों के साथ बताएं ताकि उत्तर पूरा और प्रभावशाली लगे।
Question 7. द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् कौन से राष्ट्र स्वतंत्र हुए? इन राष्ट्रों ने स्वतंत्रता के पश्चात् किस नीति का अनुसरण किया और क्यों?
Answer: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, जब उपनिवेशवादी साम्राज्य खत्म होने लगे, तो बहुत से नए देश स्वतंत्र हुए। इन नए स्वतंत्र देशों के सामने यह एक बड़ी चुनौती थी कि वे किसी बड़ी महाशक्ति के गुट में शामिल न हों। हर स्वतंत्र देश शीत युद्ध के माहौल में खुद को तटस्थ रखना चाहता था। इसी वजह से इन नए स्वतंत्र देशों ने भारत की तरह 'गुट निरपेक्षता' की नीति को अपनी विदेश नीति के रूप में चुना।
गुट निरपेक्षता का मुख्य उद्देश्य महाशक्तियों से बराबर दूरी बनाए रखना था। इसके साथ ही, अपने विकास के लिए उनसे सहयोग प्राप्त करना, खुद को विकासशील देशों की श्रेणी में लाना, गुलाम देशों के स्वतंत्रता संघर्ष में मदद करना और उपनिवेशवाद के खिलाफ आवाज उठाना भी इसके लक्ष्य थे। इस तरह, नए स्वतंत्र देशों ने अपनी संप्रभुता (स्वयं शासन करने का अधिकार) और अपनी राजनीतिक-सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा के लिए गुट निरपेक्षता की नीति अपनाई।
In simple words: दूसरे विश्व युद्ध के बाद कई देश आज़ाद हुए। उन्होंने किसी बड़ी ताकत के गुट में शामिल न होकर 'गुट निरपेक्षता' की नीति अपनाई। ऐसा इसलिए किया ताकि वे अपनी आज़ादी बनाए रख सकें और अपना विकास कर सकें।
🎯 Exam Tip: स्वतंत्रता के बाद के देशों और गुट निरपेक्षता की नीति को परिभाषित करते समय, इसके कारणों और उद्देश्यों को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 8. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के कार्यों का विस्तार से वर्णन करो।
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ का महासचिव उसके महत्वपूर्ण अंग सचिवालय का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर महासभा द्वारा उसकी नियुक्ति की जाती है। महासचिव का कार्यकाल पाँच साल का होता है। महासचिव के उम्मीदवार के लिए सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों की सकारात्मक सहमति आवश्यक है। महासचिव के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
1. प्रशासनिक कार्य: महासचिव संस्था की सभी बैठकों में भाग लेता है और संस्था के कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट महासभा को देता है।
2. तकनीकी कार्य: महासचिव महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद और न्यासधारिता परिषद द्वारा सौंपे गए कार्य भी करता है।
3. सचिवालय का दायित्व: महासचिव सचिवालय का सबसे बड़ा अधिकारी होता है। इसलिए सचिवालय का पूरा दायित्व उस पर होता है। वह कर्मचारियों की नियुक्ति सहित सभी प्रशासन से संबंधित काम करता है।
4. वित्तीय कार्य: महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट तैयार करवाता है। वह सदस्य देशों से आर्थिक मदद (अनुदान) इकट्ठा करता है और खर्च पर नियंत्रण रखता है।
5. राजनीतिक कार्य: जिन मामलों से अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा हो, महासचिव उन विषयों पर सुरक्षा परिषद का ध्यान आकर्षित करवाता है।
6. प्रतिनिध्यात्मक कार्य: महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिनिधित्व करता है।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ का महासचिव मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह संगठन का बजट बनाता है, बैठकों में हिस्सा लेता है, स्टाफ नियुक्त करता है और अंतरराष्ट्रीय शांति के मामलों पर सुरक्षा परिषद को जानकारी देता है।
🎯 Exam Tip: महासचिव के कार्यों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करके, प्रत्येक कार्य को स्पष्ट और संक्षिप्त वाक्यों में समझाएं।
Question 10. संयुक्त राष्ट्र संघ की उपलब्धियों का वर्णन करो।
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए की गई थी। संयुक्त राष्ट्र संघ ने राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त की हैं। इस संगठन ने कई बार युद्ध की स्थिति को टालकर मानवता को बड़े युद्ध से बचाया है। विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य उपलब्धियाँ और कुछ चुनौतियाँ/कमियाँ इस प्रकार हैं:
1. इज़राइल राज्य का निर्माण: इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद में मध्यस्थता करके संयुक्त राष्ट्र संघ ने इज़राइल राज्य के निर्माण में मदद की।
2. कश्मीर का प्रश्न: कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार युद्ध की स्थिति बनने से संयुक्त राष्ट्र संघ ने रोका है।
3. कोरिया अभी तक विभाजित है।
4. यह युद्धों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हुआ है।
5. व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) को अभी तक पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सका है।
6. यह आतंकवाद को रोकने में भी विफल रहा है।
7. औपनिवेशिक साम्राज्यों का अंत: संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रयासों से एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद समाप्त हुआ।
8. क्यूबा संकट: संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1962 में क्यूबा संकट को हल करने में मदद की।
9. साइप्रस की समस्या: 1964 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने साइप्रस में कानून और व्यवस्था द्वारा शांति स्थापित की।
10. निःशस्त्रीकरण का प्रयास: निःशस्त्रीकरण की नीति का पालन करवाकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने हथियारों की होड़ को रोकने का प्रयास किया।
11. कुवैत को मुक्त कराना: फरवरी 1991 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर बहुराष्ट्रीय सेना ने कुवैत को इराक के कब्जे से आज़ाद करवाया।
12. विस्थापितों के पुनर्वास में सहयोग: संयुक्त राष्ट्र संघ ने विस्थापित लोगों के पुनर्वास में अपने सराहनीय प्रयासों से सहायता की।
13. रासायनिक हथियारों पर प्रतिबंध: संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रयासों से रासायनिक हथियारों के प्रतिबंध में सफलता मिली।
14. पूर्वी तिमोर की स्वतंत्रता: संयुक्त राष्ट्र संघ ने पूर्वी तिमोर की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ ने केवल राजनीतिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शांति बनाए रखने और मानव जीवन को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
In simple words: संयुक्त राष्ट्र संघ ने इज़राइल बनने, कश्मीर विवाद रोकने और उपनिवेशवाद खत्म करने जैसे कई काम किए हैं। हालांकि, यह कोरिया विभाजन और आतंकवाद जैसी कुछ समस्याओं को पूरी तरह सुलझाने में सफल नहीं रहा है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त राष्ट्र संघ की उपलब्धियों को लिखते समय, विशिष्ट उदाहरणों का उपयोग करें और उन क्षेत्रों को उजागर करें जहाँ इसने महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। उन चुनौतियों को भी संक्षेप में बताएं जो संगठन के सामने आई हैं।
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Benefits of using History Class 11 Solved Papers
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FAQs
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