Get the most accurate RBSE Solutions for Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 11 Accountancy. Our expert-created answers for Class 11 Accountancy are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 9 बैंक समाधान विवरण RBSE Solutions for Class 11 Accountancy
For Class 11 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 11 Accountancy solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 9 बैंक समाधान विवरण solutions will improve your exam performance.
Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण RBSE Solutions PDF
प्रश्न 1. बैंक समाधान विवरण बनाया जाता है
(अ) व्यापारी द्वारा
(ब) लेनदारों द्वारा
(स) बैंक द्वारा
(द) देनदारों द्वारा
Answer: (अ) व्यापारी द्वारा
In simple words: बैंक समाधान विवरण एक व्यापारी या व्यवसाय द्वारा बनाया जाता है ताकि उसकी रोकड़ बही (Cash Book) और बैंक पासबुक (Passbook) के बीच के अंतर को पता लगाया जा सके।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि बैंक समाधान विवरण हमेशा व्यापार द्वारा अपनी आंतरिक लेखा-जोखा (रोकड़ बही) को बैंक के रिकॉर्ड (पासबुक) से मिलाने के लिए तैयार किया जाता है।
प्रश्न 2. बैंक समाधान विवरण बनाया जाता है
(अ) कपट वे अशुद्धियों को ज्ञात करने के लिये
Answer: (अ) कपट वे अशुद्धियों को ज्ञात करने के लिये
In simple words: बैंक समाधान विवरण बनाने से रोकड़ बही और पासबुक में हुई गलतियों या धोखेबाजी को ढूंढने में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण का मुख्य उद्देश्य दोनों रिकॉर्ड्स के बीच के अंतर का कारण जानना होता है, जिसमें त्रुटियाँ और कपट भी शामिल हैं।
प्रश्न 3. बैंक समाधान विवरण किन पुस्तकों के आधार पर बनाया जाता है
(अ) रोकड़ बही व क्रय बही
(ब) क्रय बही व विक्रय बही
(स) पासबुक व विक्रय बही
(द) रोकड़ बही व पास बुक
Answer: (द) रोकड़ बही व पास बुक
In simple words: बैंक समाधान विवरण बनाने के लिए हम रोकड़ बही (Cash Book) और बैंक पासबुक (Passbook) का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण (BRS) हमेशा फर्म की रोकड़ बही के बैंक कॉलम और बैंक द्वारा जारी की गई पासबुक के आधार पर बनता है।
प्रश्न 4. बैंक समाधान विवरण बनाने हेतु किसे शेष को कोम में लिया जाता है
(अ) खाता बही का
(ब) पास बुक का
(स) रोकड़ बही का
(द) रोकड़ बही अथवा पास बुक का
Answer: (द) रोकड़ बही अथवा पास बुक का
In simple words: बैंक समाधान विवरण बनाने के लिए या तो रोकड़ बही का बैंक शेष या पासबुक का बैंक शेष लिया जाता है।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण शुरू करने के लिए किसी एक पुस्तक (रोकड़ बही या पासबुक) के शेष को प्रारंभिक बिंदु के रूप में लेना आवश्यक होता है।
प्रश्न 5. एक व्यापारी ने Rs 36,000 के चेक 25 जून, 2016 को निर्गमित किये जिनमें से Rs 16,000 के चेक 15 जुलाई, 2016 को भुगतान हेतु प्रस्तुत हुए। 30 मार्च, 2016 को रोकड़ बही व पासबुक के शेष में अन्तर होगा-
(अ) Rs 16,000 का
(ब) Rs 20,000 का
(स) Rs 36,000 का
(द) Rs 52,000 का
Answer: (अ) Rs 16,000 का
In simple words: व्यापारी ने 25 जून को Rs 36,000 के चेक दिए, लेकिन उनमें से केवल Rs 16,000 के चेक ही 15 जुलाई तक बैंक में भुगतान के लिए पहुंचे. इसका मतलब है कि 30 मार्च तक Rs 16,000 के चेक अभी भी बैंक में नहीं पहुंचे थे, और यही राशि रोकड़ बही और पासबुक के बीच का अंतर होगी।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण में अंतर की राशि सिर्फ उन चेकों के कारण होती है जो एक खाते में दर्ज हो गए हैं लेकिन दूसरे खाते में अभी तक दर्ज नहीं हुए हैं।
प्रश्न 6. एक व्यापारी ने 28 मार्च 2017 को Rs 16,000 के चेक बैंक में जमा कराये उनमें से Rs 6,000 का चेक 1 अप्रैल, 2017 को बैंक द्वारा जमा किया गया । 31 मार्च, 2017 को दोनों शेषों में अन्तर होगा-
(स) Rs 6,000 का
Answer: (स) Rs 6,000 का
In simple words: व्यापारी ने 28 मार्च को Rs 16,000 के चेक बैंक में जमा किए, लेकिन 31 मार्च तक उनमें से Rs 6,000 के चेक बैंक में जमा नहीं हो पाए थे क्योंकि वे 1 अप्रैल को जमा हुए। इसलिए 31 मार्च को रोकड़ बही और पासबुक के बीच का अंतर Rs 6,000 होगा।
🎯 Exam Tip: अंतर की राशि हमेशा उन लेन-देनों से आती है जो एक निश्चित तिथि तक एक बही में तो दर्ज हो गए हैं, लेकिन दूसरी बही में नहीं।
प्रश्न 7. एक व्यापारी के बैंक खाने का (रोकड़ बही) में Rs 6,000 का क्रेडिट शेष है । एक ग्राहक ने सीधे बैंक में Rs 2,000, 30 जून, 2015 को जमा करा दिये । पासबुक का 30 जून 2015 को शेष होगा-
(अ) Rs 6,000
(ब) Rs 2,000
(स) Rs 8,000
(द) Rs 4,000
Answer: (द) Rs 4,000
In simple words: रोकड़ बही में Rs 6,000 का क्रेडिट शेष का मतलब है कि बैंक में Rs 6,000 का ओवरड्राफ्ट (नकारात्मक शेष) है। जब ग्राहक ने सीधे Rs 2,000 जमा किए, तो पासबुक का शेष इस ओवरड्राफ्ट को Rs 2,000 से कम कर देगा। इसलिए, Rs 6,000 (क्रेडिट शेष) में से Rs 2,000 घटाने पर पासबुक का शेष Rs 4,000 क्रेडिट होगा।
🎯 Exam Tip: क्रेडिट शेष का मतलब बैंक ओवरड्राफ्ट भी हो सकता है। सीधे जमा की गई राशि ओवरड्राफ्ट को कम करती है, इसलिए इसे घटाया जाता है।
प्रश्न 8. रोकड़ बही का शेष पास बुक के शेष से मेल नहीं खायेगा यदि
(अ) बैंक में जमा कराये गये चेक संग्रहित कर लिये गये
(ब) बैंक द्वारा वसूल किये गये शुल्क का लेखा रोकड़ बही में कर लिया गया
(स) बैंक में एक ग्राहक द्वारा Rs 6,000 सीधे जमा कराये जिसकी सूचना व्यापारी को भी दे दी गई।
(द) स्थायी आदेश में बैंक द्वारा बीमा प्रीमियम का भुगतान किया किन्तु व्यापारी को सूचित नहीं किया।
Answer: (द) स्थायी आदेश में बैंक द्वारा बीमा प्रीमियम का भुगतान किया किन्तु व्यापारी को सूचित नहीं किया।
In simple words: अगर बैंक ने व्यापारी के स्थायी आदेश पर बीमा प्रीमियम का भुगतान कर दिया है और व्यापारी को इसकी जानकारी नहीं दी है, तो रोकड़ बही और पासबुक का शेष अलग-अलग होगा। बैंक ने तो भुगतान दर्ज कर लिया, लेकिन व्यापारी ने अपनी रोकड़ बही में नहीं किया।
🎯 Exam Tip: रोकड़ बही और पासबुक के शेष में अंतर तब आता है जब एक लेन-देन एक पुस्तक में दर्ज हो जाता है लेकिन दूसरी पुस्तक में नहीं, या जानकारी की कमी के कारण।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 9 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. बैंक समाधान विवरण बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
Answer: बैंक समाधान विवरण बनाने का मुख्य उद्देश्य रोकड़ बही के बैंक कॉलम के शेष और पासबुक के शेष के बीच के अंतर को मिलाना और उन अंतरों के कारणों को जानना है। यह सुनिश्चित करता है कि दोनों रिकॉर्ड सही हैं।
In simple words: बैंक समाधान विवरण इसलिए बनाया जाता है ताकि रोकड़ बही और पासबुक के बैंक शेष के अंतर का कारण पता चल सके।
🎯 Exam Tip: मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट रूप से बताएं: रोकड़ बही और पासबुक के बैंक शेषों में अंतर का पता लगाना और उन्हें समझाना।
प्रश्न 2. उन पुस्तकों के नाम लिखिए जिनके आधार पर बैंक समाधान विवरण बनाया जाता है।
Answer: बैंक समाधान विवरण बनाने के लिए निम्नलिखित दो मुख्य पुस्तकों का उपयोग किया जाता है:
- रोकड़ बही (Cash Book)
- पासबुक (Passbook)
In simple words: बैंक समाधान विवरण दो किताबों से बनता है: रोकड़ बही और पासबुक।
🎯 Exam Tip: हमेशा दो पुस्तकों (रोकड़ बही और पासबुक) का उल्लेख करें क्योंकि वे बैंक समाधान विवरण के आधार हैं।
प्रश्न 4. पास बुक का कौन-सा शेष अधिविकर्ष व्यक्त करता है ?
Answer: पासबुक का डेबिट शेष (Debit balance) अधिविकर्ष (Overdraft) व्यक्त करता है।
In simple words: पासबुक में जब डेबिट शेष होता है, तो इसका मतलब होता है कि बैंक में पैसा कम है जितना होना चाहिए, यानी यह बैंक से लिया गया अतिरिक्त पैसा है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि पासबुक में डेबिट शेष का अर्थ बैंक अधिविकर्ष होता है, जबकि रोकड़ बही में क्रेडिट शेष का अर्थ अधिविकर्ष होता है।
प्रश्न 5. बैंक समाधान विवरण कब बनाया जाता है ?
Answer: बैंक समाधान विवरण किसी विशेष समय पर बनाया जाता है जब व्यापारी को अपनी रोकड़ बही और पासबुक के शेष को मिलाने की आवश्यकता होती है। यह किसी भी समय तैयार किया जा सकता है, जैसे महीने के अंत में या किसी खास तारीख को।
In simple words: बैंक समाधान विवरण किसी भी समय बनाया जा सकता है जब व्यापारी को रोकड़ बही और पासबुक को मिलाना हो।
🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बैंक समाधान विवरण किसी निश्चित तिथि पर बनाया जाता है, अक्सर वित्तीय अवधि के अंत में।
प्रश्न 6. Rs 10,000 का चेक बैंक में जमा करवाया लेकिन मिलान तिथि तक संग्रहित नहीं हुआ, इसका रोकड़ बही के शेष (बैंक कॉलम) तथा पासबुक के शेष पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: यदि Rs 10,000 का चेक बैंक में जमा करवाया गया लेकिन मिलान तिथि तक संग्रहित नहीं हुआ, तो इसका प्रभाव यह होगा कि रोकड़ बही का शेष (बैंक कॉलम) Rs 10,000 से अधिक दिखेगा, जबकि पासबुक का शेष Rs 10,000 से कम दिखेगा। इस तरह दोनों शेषों में Rs 10,000 का अंतर होगा।
In simple words: चेक जमा करने पर रोकड़ बही में पैसा ज्यादा दिखेगा, लेकिन बैंक में जमा न होने के कारण पासबुक में कम दिखेगा, जिससे Rs 10,000 का अंतर आएगा।
🎯 Exam Tip: चेक जमा कराने के बाद संग्रह न होने पर रोकड़ बही का शेष ज्यादा होता है, और पासबुक का शेष कम होता है, जिससे दोनों में अंतर आता है।
प्रश्न 7. Rs 3,000 के चेक निर्गमित किये लेकिन मिलान तिथि तक Rs 2,000 के चेक भुगतान हेतु प्रस्तुत नहीं हुए, पासबुक का शेष व रोकड़ बही का शेष किस प्रकार प्रभावित होगा ?
Answer: जब Rs 3,000 के चेक निर्गमित किए जाते हैं, तो रोकड़ बही में Rs 3,000 कम हो जाते हैं। लेकिन अगर मिलान तिथि तक केवल Rs 2,000 के चेक भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुए हैं, तो बैंक में (पासबुक में) केवल Rs 1,000 ही कम होंगे। इसका मतलब है कि पासबुक में Rs 2,000 ज्यादा शेष दिखेगा जबकि रोकड़ बही में Rs 2,000 कम शेष होगा।
In simple words: चेक जारी करने पर रोकड़ बही में तुरंत Rs 3,000 घट जाते हैं। लेकिन अगर Rs 2,000 के चेक बैंक में नहीं पहुंचे, तो पासबुक में अभी भी Rs 2,000 ज्यादा दिखेंगे, जिससे रोकड़ बही से Rs 2,000 का अंतर होगा।
🎯 Exam Tip: जारी किए गए और प्रस्तुत न हुए चेकों के मामले में, रोकड़ बही का शेष कम हो जाता है, जबकि पासबुक का शेष अपरिवर्तित रहता है, जिससे अंतर आता है।
प्रश्न 8. रोकड़ बही के बैंक कॉलम का क्रेडिट शेष होना क्या व्यक्त करता है ?
Answer: रोकड़ बही के बैंक कॉलम का क्रेडिट शेष होना बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) को व्यक्त करता है। इसका मतलब है कि व्यापार ने बैंक से उसकी जमा राशि से अधिक पैसे निकाले हैं, और उसे बैंक को पैसे चुकाने हैं।
In simple words: रोकड़ बही के बैंक वाले हिस्से में क्रेडिट शेष होने का मतलब है कि बैंक से ज्यादा पैसे निकाल लिए गए हैं, जिसे बैंक ओवरड्राफ्ट कहते हैं।
🎯 Exam Tip: रोकड़ बही में क्रेडिट शेष और पासबुक में डेबिट शेष दोनों बैंक अधिविकर्ष को दर्शाते हैं।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 9 लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 2. बैंक समाधान विवरण क्यों बनाया जाता है ?
Answer: बैंक समाधान विवरण बनाने के कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
- यह रोकड़ बही या पासबुक में हुई गलतियों या भूलचूक को सामने लाता है।
- प्रबंधकों को बैंक के सही शेष की जानकारी मिलती है, जिससे वे सही निर्णय ले पाते हैं।
- यह व्यवसाय के कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी (गबन) को रोकने में मदद करता है, क्योंकि नियमित मिलान से अनियमितताओं का पता चल जाता है।
- यह चेकों के संग्रह में होने वाली अनावश्यक देरी का पता लगाने में भी सहायक होता है।
In simple words: बैंक समाधान विवरण गलतियों और धोखाधड़ी को ढूंढने, बैंक के सही पैसे जानने और चेक जमा होने में देरी का पता लगाने के लिए बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण का उद्देश्य सिर्फ अंतर मिलाना नहीं, बल्कि वित्तीय नियंत्रण और आंतरिक ऑडिट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
प्रश्न 3. रोकड़ बही एवं पास बुक के शेषों में अन्तर के कोई चार कारण बताइये।
Answer: रोकड़ बही और पासबुक के शेषों में अंतर के चार मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- चेक जमा कराए लेकिन अभी तक बैंक द्वारा संग्रहित नहीं हुए: व्यापारी चेक जमा करते ही रोकड़ बही में एंट्री कर लेता है, लेकिन बैंक उसे तुरंत क्रेडिट नहीं करता, जिससे अंतर आ जाता है।
- बैंक द्वारा वसूल किए गए शुल्क: बैंक विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क लेता है, जिसे वह पासबुक में दर्ज कर देता है, लेकिन इसकी जानकारी व्यापारी को तुरंत नहीं होती, इसलिए रोकड़ बही में यह दर्ज नहीं होता।
- ग्राहक द्वारा सीधे बैंक में जमा राशि: कुछ ग्राहक सीधे व्यापारी के बैंक खाते में पैसे जमा कर देते हैं। इसकी सूचना व्यापारी को देर से मिलती है, जिससे रोकड़ बही में यह दर्ज नहीं हो पाता।
- चेक जारी किए गए लेकिन भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुए: जब व्यापारी चेक जारी करता है, तो वह तुरंत रोकड़ बही में उसे घटा देता है। लेकिन जब तक वह चेक बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं होता, तब तक पासबुक में वह राशि नहीं घटती, जिससे अंतर आता है।
In simple words: रोकड़ बही और पासबुक में अंतर तब आता है जब चेक जमा होकर बैंक में पहुंचे नहीं, बैंक कोई फीस काट ले, ग्राहक सीधे बैंक में पैसा जमा कर दे, या हमने चेक दिया हो पर वह बैंक में जमा न हुआ हो।
🎯 Exam Tip: इन कारणों को 'टाइमिंग डिफरेंस' (समय का अंतर) और 'एरर डिफरेंस' (गलतियों का अंतर) जैसी श्रेणियों में बांटकर भी समझा जा सकता है।
प्रश्न 4. रोकड़ बही तथा पास बुक के कौन से शेष अधिविकर्ष बतलाते हैं ?
Answer: रोकड़ बही के बैंक कॉलम का क्रेडिट शेष (Cr.) और पासबुक का डेबिट शेष (Dr.) अधिविकर्ष (Overdraft) को दर्शाते हैं।
In simple words: रोकड़ बही में अगर 'क्रेडिट' बैलेंस है या पासबुक में 'डेबिट' बैलेंस है, तो इसका मतलब है कि बैंक से ज्यादा पैसे निकाले गए हैं।
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि रोकड़ बही और पासबुक के लिए डेबिट/क्रेडिट शेष के सामान्य अर्थ विपरीत होते हैं, खासकर ओवरड्राफ्ट के मामले में।
प्रश्न 5. रोकड़ बही के क्रेडिट शेष होने पर अन्तर के किन्हीं पाँच कारणों से एक काल्पनिक प्रारूप बनाइये।
Answer: यदि रोकड़ बही में क्रेडिट शेष (अर्थात बैंक अधिविकर्ष) है, तो बैंक समाधान विवरण का काल्पनिक प्रारूप और अंतर के कारण निम्नलिखित हैं:
| Particulars | Amount (Rs.) | Total Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| Balance as per Cash Book (Cr.) | XXXX | |
| Add: | ||
| (1) Cheque deposited but not yet collected | XXXX | |
| (2) Bank charges charged by Bank | XXXX | |
| (3) House Tax directly paid by Bank | XXXX | XXXX |
| XXXX | ||
| Less: | ||
| (1) Cheque issued but not yet presented for payment | XXXX | |
| (2) Direct deposited by customer | XXXX | XXXX |
| Balance as per Pass Book | XXXX |
In simple words: जब रोकड़ बही में क्रेडिट बैलेंस (ओवरड्राफ्ट) होता है, तो बैंक समाधान विवरण में चेक जो जमा तो हो गए पर बैंक तक नहीं पहुंचे, बैंक के शुल्क, या बैंक द्वारा सीधा भुगतान आदि को जोड़ा जाता है। वहीं, चेक जो जारी कर दिए पर भुगतान नहीं हुए या ग्राहक ने सीधे बैंक में पैसा जमा कर दिया उसे घटाया जाता है, ताकि पासबुक के बैलेंस से मिलान हो सके।
🎯 Exam Tip: अधिविकर्ष (ओवरड्राफ्ट) की स्थिति में, डेबिट और क्रेडिट के प्रभाव सामान्य स्थिति से उलट हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखकर एडजस्टमेंट करें।
प्रश्न 6. समायोजित रोकड़ बही कब बनाई जाती है ?
Answer: समायोजित रोकड़ बही (Adjusted Cash Book) तब बनाई जाती है जब बैंक समाधान विवरण बनाते समय कुछ ऐसी मदें सामने आती हैं जो पासबुक में तो दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन रोकड़ बही में दर्ज नहीं हुई हैं। इन मदों को बैंक समाधान विवरण में दिखाने से पहले रोकड़ बही में ठीक किया जाता है, ताकि बैंक समाधान विवरण सिर्फ उन अंतरों को दिखाए जो समय के अंतर (timing differences) के कारण हैं।
In simple words: समायोजित रोकड़ बही तब बनाते हैं जब कुछ एंट्रीज सिर्फ पासबुक में हों और रोकड़ बही में उन्हें ठीक करना हो, इससे बैंक समाधान विवरण आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: समायोजित रोकड़ बही का उद्देश्य रोकड़ बही को अद्यतन करना है, जिससे उसमें केवल वही अंतर रह जाएं जो 'समय के अंतर' से संबंधित हैं, न कि गलतियों या छोड़ी गई एंट्रीज से।
प्रश्न 7. रोकड़ बही में बैंक कॉलम का Rs 10,000 का क्रेडिट शेष है तथा बैंक द्वारा बैंक शुल्क के Rs 500 वसूल किये गये तथा एक स्थायी आदेश में बीमा प्रीमियम बैंक द्वारा Rs 1,000 चुकाया गया। बैंक पास बुक का शेष क्या होगा ?
Answer:
रोकड़ बही में क्रेडिट शेष (अधिविकर्ष) \( = \) Rs 10,000
बैंक शुल्क बैंक द्वारा वसूल किया गया \( = \) Rs 500
बैंक द्वारा चुकाया गया बीमा प्रीमियम \( = \) Rs 1,000
ये दोनों मदें रोकड़ बही में दर्ज नहीं हैं, लेकिन पासबुक में दर्ज हो गई हैं।
पासबुक का शेष निकालने के लिए, हमें रोकड़ बही के क्रेडिट शेष में ये मदें जोड़नी होंगी क्योंकि ये अधिविकर्ष को और बढ़ाएंगी (यानी बैंक ने हमारे खाते से पैसे और घटा दिए हैं)।
पासबुक का शेष \( = \) रोकड़ बही में क्रेडिट शेष \( + \) बैंक शुल्क \( + \) बीमा प्रीमियम
पासबुक का शेष \( = \) Rs 10,000 \( + \) Rs 500 \( + \) Rs 1,000
पासबुक का शेष \( = \) Rs 11,500 डेबिट
इसलिए, पासबुक का शेष Rs 11,500 डेबिट होगा। (पासबुक में डेबिट शेष का मतलब अधिविकर्ष होता है)
In simple words: रोकड़ बही में Rs 10,000 का ओवरड्राफ्ट है। बैंक ने Rs 500 शुल्क और Rs 1,000 बीमा प्रीमियम काट लिया, जिनकी जानकारी हमें नहीं थी। तो, पासबुक में ओवरड्राफ्ट कुल Rs 11,500 हो जाएगा, जिसे डेबिट शेष कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जब रोकड़ बही का क्रेडिट शेष (ओवरड्राफ्ट) दिया हो, तो बैंक द्वारा घटाए गए खर्चों को इसमें जोड़ा जाता है ताकि पासबुक के डेबिट शेष (ओवरड्राफ्ट) तक पहुंचा जा सके।
प्रश्न 8. व्यापारी द्वारा एक ग्राहक से प्राप्त Rs 5,000 का बिल बैंक से भुना लिया गया बाद में यह बिल अनादृत हो गया। पास बुक के क्रेडिट शेष का मिलान रोकड़ बही से करने के लिए इस मद का समायोजन कैसे दिखाया जायेगा ?
Answer:
यह मद Bank Reconciliation Statement में इस प्रकार समायोजित की जाएगी:
जब बिल बैंक से भुनाया जाता है, तो बैंक व्यापारी के खाते में Rs 5,000 क्रेडिट कर देता है (यानी पासबुक का शेष बढ़ जाता है) और व्यापारी रोकड़ बही में इसे डेबिट करता है।
जब यह बिल अनादृत (dishonoured) हो जाता है, तो बैंक व्यापारी के खाते से Rs 5,000 डेबिट कर देता है (यानी पासबुक का शेष Rs 5,000 से घट जाता है)। यदि व्यापारी को इस अनादरण की सूचना तुरंत नहीं मिलती है, तो वह इसे अपनी रोकड़ बही में दर्ज नहीं करेगा।
इस स्थिति में, यदि हम पासबुक के क्रेडिट शेष से शुरू कर रहे हैं और रोकड़ बही से मिलान करना चाहते हैं, तो इस Rs 5,000 की अनादृत बिल राशि को पासबुक के शेष से घटाया जाएगा क्योंकि यह बैंक ने पहले ही घटा दिया है, लेकिन रोकड़ बही में अभी तक इसकी कोई एंट्री नहीं हुई है।
In simple words: ग्राहक से मिला Rs 5,000 का बिल जब बैंक से अनादृत हो गया और हमें पता नहीं चला, तो पासबुक में तो पैसे घट गए लेकिन हमारी रोकड़ बही में नहीं घटे। इसलिए पासबुक के बैलेंस से मिलान करते समय इसे घटाना होगा।
🎯 Exam Tip: अनादृत बिलों के मामले में, बैंक ने पहले ही राशि काट ली होती है। यदि व्यापारी को इसकी सूचना नहीं मिली है, तो बैंक समाधान विवरण में इसे घटाकर समायोजित किया जाता है।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 9 निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. बैंक समाधान विवरण किसे कहते हैं ? इसके बनाने की क्यों आवश्यकता है?
Answer:
बैंक समाधान विवरण का अर्थ (Meaning of Bank Reconciliation Statement)
बैंक समाधान विवरण एक ऐसा विवरण है जो एक व्यापारी द्वारा एक खास तारीख पर अपने बैंक खाते से संबंधित रोकड़ बही (Cash Book) के शेष और बैंक द्वारा दिए गए पासबुक (Passbook) के शेष के बीच के अंतर को पता लगाने और उन्हें मिलाने के लिए बनाया जाता है। आम तौर पर, दोनों पुस्तकों के शेष समान होने चाहिए क्योंकि बैंक के साथ हुए सभी लेन-देन दोनों में दर्ज होते हैं। लेकिन कई कारणों से इन शेषों में अंतर आ सकता है। उन अंतरों के कारणों को जानने और उन्हें ठीक करने के लिए यह विवरण बनाया जाता है।
आर. जी. विलियम्स के अनुसार, "बैंक द्वारा ग्राहक के लिए बताई गई राशि और ग्राहक की रोकड़ बही में बैंक की राशि को मिलाने के लिए जो विवरण बनाया जाता है, उसे बैंक समाधान विवरण कहते हैं।"
कार्टर के अनुसार, "बैंक समाधान विवरण एक ऐसा विवरण है जो किसी ग्राहक द्वारा पासबुक के शेष को रोकड़ बही द्वारा दिखाए गए बैंक शेष से मिलाने के लिए एक खास तारीख पर बनाया जाता है।"
बैंक समाधान विवरण बनाने की आवश्यकता (Need for Preparing Bank Reconciliation Statement)
बैंक समाधान विवरण बनाने के कई कारण या महत्व हैं, जो निम्नलिखित हैं:
- अंतर के कारणों का पता लगाना: यह रोकड़ बही के बैंक कॉलम और बैंक पासबुक के शेषों को मिलाकर यह समझने में मदद करता है कि अंतर क्यों आ रहा है।
- त्रुटियों और भूलचूक का पता लगाना: व्यवसाय या बैंक के कर्मचारियों द्वारा लेखा करते समय हुई गलतियों और त्रुटियों का पता लगाने और उन्हें सुधारने में यह सहायक होता है।
- छूटे हुए लेन-देनों का लेखा: कुछ लेन-देन ऐसे होते हैं जिनकी जानकारी व्यापारी को नहीं होती, लेकिन वे पासबुक में दर्ज होते हैं (जैसे बैंक द्वारा लगाया गया ब्याज, स्थायी आदेश पर बीमा भुगतान)। बैंक समाधान विवरण बनाने से व्यापारी को इन लेन-देनों की जानकारी मिल जाती है और वह इन्हें रोकड़ बही में दर्ज कर सकता है।
- धोखाधड़ी (गबन) को रोकना: व्यवसाय या बैंक के कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियमित रूप से बैंक समाधान विवरण बनाना जरूरी है। इससे रोकड़ बही और पासबुक के मिलान के बाद किसी भी गड़बड़ी का पता चल जाता है।
- अधिविकर्ष पर ब्याज की जानकारी: यदि बैंक अधिविकर्ष पर ब्याज लगाता है, तो इसकी जानकारी व्यापारी को बैंक समाधान विवरण से मिलती है, जिससे वह इसे अपनी रोकड़ बही में दर्ज कर सकता है।
- देनदारों द्वारा सीधे जमा की जानकारी: कभी-कभी ग्राहक सीधे व्यापारी के बैंक खाते में पैसे जमा कर देते हैं। इसकी जानकारी व्यापारी को बैंक समाधान विवरण बनाते समय ही होती है।
- चेकों के बारे में जानकारी: निर्गमित और संग्रह हेतु बैंक में जमा किए गए चेकों के बारे में जानकारी मिलती है, कि कौन से चेक भुगतान हो चुके हैं और कौन से अभी नहीं हुए हैं।
संक्षेप में, बैंक समाधान विवरण कानूनी रूप से अनिवार्य न होने पर भी एक व्यापारी के लिए बहुत आवश्यक है ताकि वह अपने बैंक खाते का सही और सटीक रिकॉर्ड रख सके।
In simple words: बैंक समाधान विवरण एक ऐसा कागज है जो बैंक खाते के रिकॉर्ड (पासबुक) और हमारे अपने रिकॉर्ड (रोकड़ बही) के पैसों में अंतर को बताता है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे गलतियां, धोखाधड़ी, और छूटी हुई एंट्रीज का पता चलता है, जिससे हमें पता चलता है कि बैंक में हमारा असली पैसा कितना है।
🎯 Exam Tip: बैंक समाधान विवरण की परिभाषा लिखते समय, विलियम्स और कार्टर जैसे विशेषज्ञों की परिभाषाओं का उल्लेख करना अच्छे अंक दिला सकता है। इसकी आवश्यकताओं को बुलेट पॉइंट्स में स्पष्ट रूप से समझाएं।
प्रश्न 2. बैंक समाधान विवरण बनाने के महत्व पर प्रकाश डालिए। इसके बनाने की विभिन्न विधियाँ कौन-कौन सी हैं ?
Answer:
बैंक समाधान विवरण बनाने के महत्व (Importance for Making Bank Reconciliation Statement)-
(महत्व के लिए निबन्धात्मक प्रश्न नं. 1 का उत्तर देखें।) - जैसा कि निबंधात्मक प्रश्न 1 में बताया गया है, बैंक समाधान विवरण त्रुटियों और धोखाधड़ी का पता लगाने, बैंक के सही शेष की जानकारी प्राप्त करने, छूटे हुए लेन-देनों को दर्ज करने और वित्तीय नियंत्रण बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।
बैंक समाधान विवरण बनाने की विधि (Preparation of Bank Reconciliation Statement)
बैंक समाधान विवरण बनाने की मुख्य रूप से दो विधियाँ प्रचलन में हैं:
(1) रोकड़ बही के शेष को आधार मानकर: इस विधि में बैंक समाधान विवरण रोकड़ बही के बैंक कॉलम के शेष से शुरू किया जाता है।
(अ) रोकड़ बही के नाम शेष (Debit Balance) को आधार मानकर
(ब) रोकड़ बही के जमा शेष (Credit Balance) को आधार मानकर
(2) पासबुक के शेष को आधार मानकर: इस विधि में बैंक समाधान विवरण पासबुक के शेष से शुरू किया जाता है।
(अ) पासबुक के नाम शेष (Debit Balance) को आधार मानकर
(ब) पासबुक के जमा शेष (Credit Balance) को आधार मानकर
उपरोक्त दोनों विधियों से बैंक समाधान विवरण बनाया जा सकता है, और अंतिम परिणाम (यानी दूसरे खाते का शेष) समान होगा।
In simple words: बैंक समाधान विवरण क्यों जरूरी है, यह प्रश्न 1 में बताया गया है। इसे बनाने के दो तरीके हैं: पहला, रोकड़ बही के बैलेंस से शुरू करना (चाहे डेबिट हो या क्रेडिट)। दूसरा, पासबुक के बैलेंस से शुरू करना (चाहे डेबिट हो या क्रेडिट)।
🎯 Exam Tip: महत्व के बिंदुओं को संक्षेप में दोहराएं और दोनों मुख्य विधियों (रोकड़ बही से शुरू करना और पासबुक से शुरू करना) और उनके उप-भेदों (डेबिट/क्रेडिट शेष) को स्पष्ट रूप से बताएं।
प्रश्न 3. बैंक समाधान विवरण का अर्थ बताइये। विस्तार से बताइये कि रोकड़ बही और पास बुक के शेष में अन्तर के कौन-कौन से कारण हैं ?
Answer:
बैंक समाधान विवरण एक ऐसा विवरण है जो एक निश्चित तिथि पर रोकड़ बही के बैंक कॉलम के शेष और पासबुक के शेष के बीच के अंतर को पता लगाने और उन्हें मिलाने के लिए बनाया जाता है।
रोकड़ बही और पासबुक के शेष में अंतर के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. चेक निर्गमित किए गए लेकिन भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुए (Cheque issued but not yet presented for payment): व्यापारी किसी लेनदार को चेक जारी करते ही उसे रोकड़ बही के क्रेडिट पक्ष में दर्ज कर देता है, जिससे रोकड़ बही का बैंक शेष कम हो जाता है। लेकिन जब तक वह चेक बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं होता, तब तक बैंक में जमा व्यापारी के खाते का शेष अपरिवर्तित रहता है। इसलिए, चेक जारी करने और उसके भुगतान होने के समय के अंतर के कारण दोनों शेषों में अंतर आता है।
2. चेक बैंक में जमा कराए लेकिन उनका संग्रह नहीं हुआ (Cheque deposited in bank but not yet collected): जब हम ग्राहकों से प्राप्त चेक बैंक में जमा करने के लिए भेजते हैं, तो उन्हें तुरंत रोकड़ बही के डेबिट पक्ष में दर्ज करके बैंक शेष बढ़ा लेते हैं। लेकिन बैंक अपने रिकॉर्ड में तब तक एंट्री नहीं करता जब तक उसे चेक की राशि प्राप्त नहीं हो जाती। इस समय के अंतर के कारण भी बैंक और रोकड़ बही के शेषों में अंतर बना रहता है।
3. बैंक द्वारा ब्याज देना या लेना (Interest credited or debited by the Bank): बैंक हमारे जमा पर ब्याज देता है (खाते में क्रेडिट करता है) और अधिविकर्ष (overdraft) पर ब्याज लेता है (खाते से डेबिट करता है)। बैंक पासबुक में इन लेन-देनों को दर्ज कर देता है, लेकिन अक्सर इसकी जानकारी व्यापारी को तुरंत नहीं होती, इसलिए वह इन्हें रोकड़ बही में दर्ज नहीं कर पाता। इस कारण भी दोनों शेषों में अंतर आता है।
4. बैंक प्रभार (Bank Charges): बैंक अपनी सेवाओं के लिए शुल्क या कमीशन लेता है, जिसे वह पासबुक में दर्ज कर देता है। व्यापारी को इसकी जानकारी न होने पर वह इसे रोकड़ बही में दर्ज नहीं कर पाता, जिससे दोनों शेषों में अंतर आता है।
5. बैंक द्वारा ग्राहक की ओर से किया गया भुगतान (Payment made by the Bank on behalf of customer): स्थायी आदेश के तहत बैंक ग्राहक के बीमा प्रीमियम, किराया आदि का भुगतान सीधे कर देता है और ग्राहक के खाते को डेबिट कर देता है। पासबुक का शेष कम हो जाता है, लेकिन रोकड़ बही में इसका लेखा न होने के कारण अंतर आता है।
6. ग्राहक द्वारा सीधे बैंक में जमा कराना (Direct deposit into Bank by the Customer): कभी-कभी ग्राहक सीधे व्यापारी के बैंक खाते में पैसा जमा कर देते हैं। इसकी जानकारी व्यापारी को तुरंत नहीं मिलती है। इससे बैंक शेष बढ़ जाता है, लेकिन रोकड़ बही में इसका लेखा नहीं हो पाता, परिणामस्वरूप दोनों शेषों में अंतर आ जाता है।
7. बैंक द्वारा ग्राहक के लिए किया गया संग्रह (Collection made by the Bank for the customer): बैंक ग्राहक के स्थायी आदेश पर ब्याज, लाभांश आदि की राशि प्राप्त कर उसके खाते में क्रेडिट कर देता है। इसकी सूचना व्यापारी को देर से मिलने पर रोकड़ बही में दर्ज नहीं हो पाता, जिससे अंतर आता है।
8. रोकड़ बही अथवा पासबुक में गलत प्रविष्टियाँ होना (Wrong entries in Cash Book or Pass Book): कभी-कभी बैंक या व्यवसायी द्वारा गलत एंट्री कर दी जाती है, जैसे गलत पक्ष में लिखना, गलत राशि लिखना, योग में गलती करना या किसी और के खाते में दर्ज करना। इन गलतियों के कारण भी पासबुक और रोकड़ बही के शेषों में अंतर आ जाता है।
9. चेक संग्रह के लिए बैंक भेजा लेकिन रोकड़ बही में नहीं लिखा गया (Cheque sent to Bank for collection but not recorded in cash book): जब चेक संग्रह के लिए बैंक भेज दिए जाते हैं और बैंक में जमा हो जाते हैं, लेकिन इन्हें रोकड़ बही में दर्ज नहीं किया जाता, तो पासबुक और रोकड़ बही के शेषों में अंतर आता है।
10. चेक का लेखा रोकड़ बही में हो गया लेकिन बैंक नहीं भेजा गया (Cheque entered in cash book but not sent to bank): जब चेक को बैंक में भेजने के उद्देश्य से रोकड़ बही में दर्ज कर लिया जाए, लेकिन उसे वास्तव में बैंक में न भेजा जाए, तो रोकड़ बही का शेष अधिक दिखेगा जबकि बैंक का शेष नहीं बढ़ेगा। इससे दोनों में अंतर आ जाता है।
In simple words: बैंक समाधान विवरण एक ऐसा पर्चा है जो बैंक में जमा पैसे (पासबुक) और हमारे रिकॉर्ड (रोकड़ बही) के बीच के अंतर को बताता है। यह अंतर इसलिए आता है क्योंकि: हमने चेक दिए पर बैंक में नहीं पहुंचे; हमने चेक जमा किए पर बैंक ने अभी तक पैसे जमा नहीं किए; बैंक ने ब्याज दिया या फीस काटी पर हमें पता नहीं; ग्राहक ने सीधे बैंक में पैसे जमा कर दिए पर हमें जानकारी नहीं; या फिर किसी भी किताब में कोई गलती हो गई हो।
🎯 Exam Tip: अर्थ को स्पष्ट रूप से बताएं और अंतर के कारणों को समय के अंतर (timing differences) और त्रुटियों (errors) में बांटकर समझाएं। प्रत्येक कारण का संक्षिप्त उदाहरण भी दें।
प्रश्न 4. रोकड़ बही के डेबिट शेष का पासबुक के शेष से मिलान करने के लिए कौन-सी मदें जोड़ी जाती हैं व कौन-सी मदें घटाई जाती हैं ?
Answer:
जब रोकड़ बही के डेबिट शेष से पासबुक के क्रेडिट शेष से मिलान करना होता है, तो जिन लेन-देनों के कारण रोकड़ बही का डेबिट शेष पासबुक के क्रेडिट शेष से कम हो जाता है, उन्हें जोड़ा जाता है, और जिन लेन-देनों के कारण रोकड़ बही का डेबिट शेष पासबुक के क्रेडिट शेष से अधिक हो जाता है, उन्हें घटाया जाता है।
प्रश्नानुसार निम्न मदों को जोड़ा एवं घटाया जाता है:
जोड़ी जाने वाली मदें (Items to be Added)
(i) चेक निर्गमित हुए किन्तु भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत नहीं हुए (Cheque issued but not yet presented for payment): जब व्यापारी चेक जारी करता है, तो वह तुरंत रोकड़ बही में इसे क्रेडिट करके अपना बैंक शेष कम कर देता है। लेकिन जब तक वह चेक बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं होता, तब तक पासबुक का शेष अपरिवर्तित रहता है। इसलिए, पासबुक के शेष के अनुसार रोकड़ बही का शेष बनाने के लिए इस राशि को जोड़ा जाता है।
(ii) चेक निर्गमित किए किन्तु अनादृत हो गए (Cheque issued but dishonored): चेक निर्गमित होने पर रोकड़ बही का डेबिट शेष कम हो जाता है। लेकिन यदि यह चेक अनादृत हो जाता है, तो बैंक इसे पासबुक में डेबिट कर देता है, जिससे पासबुक का शेष भी कम हो जाता है (यदि पहले क्रेडिट हुआ था)। यदि व्यापारी को अनादरण की सूचना नहीं मिली है और उसने रोकड़ बही में इसे क्रेडिट ही रहने दिया है, तो अंतर को दूर करने के लिए इसे जोड़ा जाता है।
(iii) बैंक द्वारा ब्याज क्रेडिट करना (Interest credited by the bank): जब बैंक व्यापारी के जमा पर ब्याज क्रेडिट करता है, तो पासबुक का शेष बढ़ जाता है। व्यापारी को इसकी जानकारी न होने पर रोकड़ बही का शेष कम रहता है। इसलिए, शेष बराबर करने के लिए ब्याज की राशि को जोड़ा जाता है।
(iv) बैंक द्वारा विनियोगों पर ब्याज अथवा लाभांश प्राप्त करना (Interest or dividend collected by the bank): यदि बैंक व्यापारी की ओर से उसके विनियोगों पर ब्याज या लाभांश एकत्र करता है, तो बैंक इसे पासबुक में क्रेडिट कर देता है। व्यापारी को इसकी जानकारी न होने पर रोकड़ बही में इसका लेखा नहीं हो पाता। इसलिए इस राशि को रोकड़ बही के शेष में जोड़ा जाता है।
(v) बैंक में किसी ग्राहक द्वारा सीधी जमा कराई गई राशि (Amount deposited in bank directly by the customer): जब कोई देनदार सीधे व्यापारी के बैंक खाते में पैसा जमा करता है, तो पासबुक का शेष बढ़ जाता है। व्यापारी को इसकी जानकारी न होने पर रोकड़ बही का शेष कम रहता है। इसलिए, राशि बराबर करने के लिए इसे रोकड़ बही में जोड़ा जाता है।
(vi) पासबुक के क्रेडिट पक्ष में की गई कोई गलत प्रविष्टि (Any entry wrongly passed in credit side of the pass book): यदि पासबुक के क्रेडिट पक्ष में गलती से कोई राशि दर्ज हो जाती है, जिससे पासबुक का शेष गलत तरीके से बढ़ जाता है। इस गलती को ठीक करने के लिए उतनी ही धनराशि को रोकड़ बही के डेबिट शेष में जोड़ा जाता है।
घटाई जाने वाली मदें (Items to be Deducted)
(i) चेक या प्राप्य बिल वसूली के लिए बैंक भेजे लेकिन वसूल नहीं हुए (Cheque or B/R sent to bank but not yet collected): जब वसूली के लिए चेक या बिल बैंक भेजा जाता है, तो रोकड़ बही के डेबिट शेष में वृद्धि कर ली जाती है। लेकिन जब तक वह बैंक में वसूल होकर जमा नहीं होता, तब तक पासबुक में वह राशि नहीं बढ़ती। इसलिए, रोकड़ बही के डेबिट शेष में से इस राशि को घटाया जाता है।
(ii) चेक वसूली के लिए बैंक भेजे लेकिन अनादृत हो गए (Cheques sent to bank for collection but dishonoured): जब रोकड़ बही में चेक वसूली के लिए बैंक भेजा जाता है और डेबिट किया जाता है, लेकिन वह अनादृत हो जाता है, तो बैंक इसे पासबुक से घटा देता है। यदि व्यापारी को इसकी जानकारी नहीं मिलती है, तो रोकड़ बही का शेष अधिक दिखेगा। इसलिए, इस राशि को रोकड़ बही के शेष में से घटाया जाता है।
(iii) चेक निर्गमित किए लेकिन उन्हें रोकड़ बही में लिखना भूल गए (Cheque issued but not recorded in cash book): यदि चेक निर्गमित कर दिया गया लेकिन उसे रोकड़ बही में दर्ज करना भूल गए, तो रोकड़ बही का शेष अधिक दिखेगा जबकि पासबुक से राशि घट गई होगी (जब चेक प्रस्तुत हुआ होगा)। इसलिए, इस राशि को रोकड़ बही के शेष में से घटाया जाता है।
(iv) चेक जो रोकड़ बही में प्रविष्ट कर लिए गए लेकिन संग्रह के लिए बैंक नहीं भेजे गए (Cheque which entered in cash book but not sent to bank for collection): यदि चेक रोकड़ बही में डेबिट कर दिया गया लेकिन संग्रह के लिए बैंक नहीं भेजा गया, तो रोकड़ बही का शेष अधिक दिखेगा जबकि पासबुक का शेष अपरिवर्तित रहेगा। इसलिए, इस राशि को रोकड़ बही के शेष में से घटाया जाता है।
(v) बैंक द्वारा बैंक व्यय कमीशन आदि लेना (Bank charges, commission etc. charged by bank): जब बैंक अपने खर्च या कमीशन वसूल करता है, तो वह पासबुक में दर्ज हो जाता है और शेष कम हो जाता है। यदि व्यापारी को इसकी जानकारी नहीं मिलती, तो रोकड़ बही का शेष अधिक दिखेगा। इसलिए, इन खर्चों को रोकड़ बही के शेष में से घटाया जाता है।
(vi) पासबुक के डेबिट पक्ष में भूल से लेखा करना (Any amount wrongly debited in pass book): यदि पासबुक के डेबिट पक्ष में गलती से कोई राशि दर्ज हो जाती है, तो पासबुक का शेष गलत तरीके से कम हो जाता है। रोकड़ बही का शेष अपरिवर्तित रहता है। इस गलती को ठीक करने के लिए उतनी ही धनराशि को रोकड़ बही के शेष में से घटाया जाता है।
इस प्रकार, जोड़ी जाने वाली मदों को रोकड़ बही के नाम शेष में जोड़कर तथा घटाई जाने वाली मदों के योग को घटाकर जो शेष आता है, यदि वह सकारात्मक है, तो पासबुक का क्रेडिट शेष निकलता है और यदि नकारात्मक है, तो पासबुक का डेबिट शेष आता है।
In simple words: जब रोकड़ बही के डेबिट बैलेंस से शुरू करते हैं, तो वे चीजें जोड़ते हैं जिनसे रोकड़ बही का बैलेंस कम हुआ था लेकिन बैंक में नहीं (जैसे चेक जारी किए पर प्रस्तुत नहीं हुए)। और वे चीजें घटाते हैं जिनसे रोकड़ बही का बैलेंस बढ़ गया था लेकिन बैंक में नहीं (जैसे चेक जमा किए पर अभी तक वसूल नहीं हुए)। ऐसा करने से दोनों किताबों का बैलेंस मिल जाता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में प्रत्येक समायोजन को स्पष्ट रूप से 'जोड़ा जाने वाली मद' या 'घटाई जाने वाली मद' के तहत वर्गीकृत करें और प्रत्येक के पीछे का कारण स्पष्ट करें कि यह रोकड़ बही के डेबिट शेष को पासबुक के क्रेडिट शेष तक कैसे ले जाता है।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 9 आंकिक प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित सूचनाओं से 31 मार्च, 2017 को बैंक समाधान विवरण बनाइये।
(Prepare bank reconciliation statement as on 31st March, 2017 from the following)
(1) चेक जारी किये परन्तु भुगतान हेतु प्रस्तुत नहीं हुए Rs 6,000
(Cheque issued but not yet presented for payment)
(2) चेक बैंक में संग्रह हेतु जमा कराये परन्तु संग्रहित नहीं हुए Rs 5,000
(Cheque deposited into bank for collection but not yet collected)
(3) बीमा प्रीमियम का भुगतान बैंक द्वारा किया गया Rs 1,000
(Bank paid insurance premium)
(4) रमेश एक देनदार ने सीधे बैंक में जमा कराये Rs 4,000
(Directly deposited into bank by Ramesh as debtor)
(5) व्यापारी की खाताबही में बैंक खाते (रोकड़ बही में) का डेबिट शेष Rs 28,000
(Bank account (cash book) in marchant's ledger showed a debit balance)
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) | Total Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 28,000 | |
| Add: | ||
| (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 6,000 | |
| (2) Direct deposited by customer but not entered in cash book | 4,000 | 10,000 |
| 38,000 | ||
| Less: | ||
| (1) Cheque deposited but not yet collected | 5,000 | |
| (2) Insurance premium paid by Bank | 1,000 | 6,000 |
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 32,000 |
In simple words: हमने रोकड़ बही के डेबिट बैलेंस Rs 28,000 से शुरुआत की। फिर हमने वे चेक जोड़े जो जारी किए गए पर बैंक में प्रस्तुत नहीं हुए (Rs 6,000) और वह पैसा जो ग्राहक ने सीधे बैंक में जमा किया (Rs 4,000) क्योंकि ये हमारी रोकड़ बही में नहीं थे। फिर हमने वे चेक घटाए जो जमा किए पर बैंक ने वसूल नहीं किए (Rs 5,000) और बीमा प्रीमियम जो बैंक ने भरा (Rs 1,000) क्योंकि ये पासबुक में घट गए थे पर हमारी रोकड़ बही में नहीं। इससे पासबुक का क्रेडिट बैलेंस Rs 32,000 आया।
🎯 Exam Tip: जब रोकड़ बही के डेबिट शेष से शुरू करते हैं, तो वे मदें जोड़ें जिनसे रोकड़ बही का शेष कम हुआ था, और वे मदें घटाएं जिनसे रोकड़ बही का शेष बढ़ा था, ताकि पासबुक के शेष तक पहुंचा जा सके।
प्रश्न 2. निम्नलिखित विवरण से 30 जून, 2016 को पास बुक का शेष दर्शाते हुए बैंक समाधान विवरण बनाइए।
(From the following particulars prepare a Bank Reconciliation statement showing the balance as per Pass Book as 30th June, 2016)
(1) रोकड़ बही का डेबिट शेष Rs 4,300 है
(Debit balance as per cash book Rs 4,300)
(2) राकेश को Rs 3,000 का एक चेक दिया जो भुगतान के लिए अभी तक प्रस्तुत नहीं हुआ।
(A cheque of Rs 3,000 issued to Rakesh but was not yet presented for payment)
(3) Rs 10,000 के चेक बैंक में जमा कराये उनमें से Rs 2,000 के चेक जुलाई में संग्रहित हुए।
(Cheque deposited into bank Rs 10,000 out of which Rs 2,000 cheque collected in July)
(4) बैंक द्वारा चार्ज किया हुआ शुल्क Rs 300 ।
(Fee charged by bank Rs 300)
(5) बैंक द्वारा बीमा प्रीमियम का भुगतान किया गया Rs 500 ।
(Insurance premium paid by bank Rs 500)
(6) स्थायी आदेश में बैंक ने Rs 200 सदस्यता शुल्क का भुगतान किया।
(Membership fee paid by bank under standing order Rs 200.)
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) | Total Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 4,300 | |
| Add: | ||
| (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 3,000 | |
| (2) Bank charges charged by Bank | 300 | |
| (3) Insurance premium directly paid by Bank | 500 | |
| (4) Membership fee paid by Bank under standing order | 200 | 4,000 |
| 8,300 | ||
| Less: | ||
| (1) Cheque deposited but not yet collected (Rs 10,000 - Rs 2,000) | 8,000 | 8,000 |
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 300 |
In simple words: हमने रोकड़ बही के Rs 4,300 डेबिट शेष से शुरू किया। फिर, वे चेक जोड़े जो जारी तो हुए पर बैंक में नहीं पहुंचे (Rs 3,000), बैंक द्वारा काटे गए शुल्क (Rs 300), बैंक द्वारा भरा गया बीमा प्रीमियम (Rs 500), और सदस्यता शुल्क (Rs 200) क्योंकि इन सबकी एंट्री रोकड़ बही में नहीं थी। फिर, वे चेक घटाए जो जमा तो किए पर बैंक ने वसूल नहीं किए (Rs 10,000 में से Rs 2,000 जुलाई में वसूल हुए, तो Rs 8,000 घटाए)। आखिर में, पासबुक का क्रेडिट शेष Rs 300 निकला।
🎯 Exam Tip: हमेशा यह ध्यान रखें कि 'चेक जमा किए पर वसूल नहीं हुए' वाली मद में केवल वही राशि शामिल करें जो निर्धारित तिथि तक वसूल नहीं हुई है (अर्थात, जो राशि जुलाई में वसूल हुई, उसे 30 जून के विवरण में शामिल नहीं किया जाएगा)।
प्रश्न 3. 31 मार्च, 2017 को 'अ' की रोकड़ पुस्तक Rs 43,200 का क्रेडिट शेष दर्शाती है, किन्तु उनकी पासबुक निम्नलिखित कारणों से अन्तर दर्शाती है
(On 31st March, 2017 the cash book of Mr 'A' shows a credit balance of Rs 43,200 but their pass book: shown a difference due to following reasons)
(i) एक Rs 890 का बाहर का चेक 28 मार्च, 2017 को बैंक में जमा कराया जो अब तक संग्रहित नहीं हुआ।
(An outstation cheque for Rs 890 deposited into Bank on 28th March, 2017 has not yet collected.)
(ii) Rs 2,320 का चेक महेश को जारी किया गया जिसे भुगतान के लिए अभी तक प्रस्तुत नहीं किया गया।
(A cheque for Rs 2,320 issued to Mahesh but has not yet been presented for payment.)
(iii) 31 मार्च, 2017 को एक ग्राहक ने Rs 570 व्यापारी को सूचित किये बिना सीधे ही बैंक में जमा कराये।
(A customer deposited Rs 570 direct into Bank on 31st March, 2017 without informing to merchant.)
(iv) बैंक शुल्क के Rs 52 तथा अधिविकर्ष पर ब्याज के Rs 480 पास बुक में डेबिट किये ।।
(Bank charges Rs 52 and interest on overdraft Rs 480 have been debited in the pass book)
(v) एक Rs 2,700 का आगे की तिथि का चेक बैंक में जमा कराया किन्तु संग्रहित नहीं किया जा सका।
(A post dated cheque Rs 2,700 was deposited into bank but could not have been collected in any case.)
(vi) स्थायी आदेशानुसार Rs 1,000 का अग्नि बीमा प्रीमियम बैंक द्वारा चुकाया गया किन्तु रोकड़ पुस्तक में दर्ज नहीं हुआ।
(Fire insurance premium amounting to Rs 1,000 paid by the barik under standing order has not been entered in cash book.)
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) | Total Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Dr.) | 30,780 | |
| Add: | ||
| (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 14,778 | |
| (2) Cheque received & entered in cash book but not sent to Bank | 39,156 | |
| (3) Fire insurance premium paid by Bank by standing order | 1,000 | 54,934 |
| 85,714 | ||
| Less: | ||
| (1) Cheque deposited but not yet collected (Rs 890 + Rs 2,700) | 3,590 | |
| (2) Interest on overdraft charged by Bank | 480 | |
| (3) Bank charges charged by Bank | 52 | |
| (4) Direct deposited by customer but not entered in cash book | 570 | 4,692 |
| Balance as per Cash Book (Cr.) | 81,022 |
In simple words: हमने पासबुक के डेबिट बैलेंस (ओवरड्राफ्ट) Rs 30,780 से शुरुआत की। फिर, हमने वे चेक जोड़े जो जारी किए पर बैंक में प्रस्तुत नहीं हुए (Rs 14,778), वे चेक जो रोकड़ बही में दर्ज किए पर बैंक नहीं भेजे (Rs 39,156), और बैंक द्वारा भरा गया बीमा प्रीमियम (Rs 1,000)। फिर, हमने वे चेक घटाए जो जमा तो किए पर वसूल नहीं हुए (Rs 890 + Rs 2,700), बैंक द्वारा काटे गए ओवरड्राफ्ट ब्याज (Rs 480) और बैंक शुल्क (Rs 52), और वह पैसा जो ग्राहक ने सीधे बैंक में जमा किया पर हमें पता नहीं (Rs 570)। आखिर में, रोकड़ बही का क्रेडिट बैलेंस Rs 81,022 आया।
🎯 Exam Tip: जब पासबुक के डेबिट शेष (ओवरड्राफ्ट) से शुरू करते हैं, तो उन मदों को जोड़ें जिनसे पासबुक का शेष कम हुआ था, और उन मदों को घटाएं जिनसे पासबुक का शेष बढ़ा था, ताकि रोकड़ बही के क्रेडिट शेष (ओवरड्राफ्ट) तक पहुंचा जा सके।
Question 4. 30 जून, 2016 को निम्नलिखित विवरणों से बैंक समाधान विवरण बनाइये।
(From the following particulars prepare a Bank Reconciliation statement as on 30th June, 2016)
(i) पास बुक के अनुसार क्रेडिट शेष था । (The Pass Book showed a credit balance) Rs 25,340
(ii) चेक निर्गमित किये गये किन्तु भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुए Rs 1,200
(Cheque issued but not yet presented for payment)
(iii) चेक जमा कराये किन्तु संग्रहित नहीं हुए। (Cheque deposited but not yet collected) Rs 1,800
(iv) बैंक ने गृहकर के चुकाये (House tax paid by bank) Rs 1,000
(v) बैंक द्वारा बैंक शुल्क वसूल किया गया (Bank charges realised by bank) Rs 60
(vi) ग्राहक द्वारा सीधे बैंक में जमा कराये। (Directly deposited by a customer) Rs 1,600
(vii) विनियोगों पर ब्याज के बैंक ने संग्रहित किये (Interest on investment collected by Bank) Rs 400
Answer:
Bank Reconciliation Statement
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 25,340 | |
| Add : (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 1,200 | |
| (2) Interest on investment collected by Bank | 400 | 1,600 |
| 26,940 | ||
| Less : (1) Cheque deposited but not yet collected | 1,800 | |
| (2) House tax paid by bank | 1,000 | |
| (3) Bank charges realised by bank | 60 | |
| (4) Directly deposited by a customer | 1,600 | 4,460 |
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 22,480 |
In simple words: बैंक समाधान विवरण, पासबुक के क्रेडिट शेष से शुरू करके, जारी किए गए चेक और निवेश पर ब्याज जोड़ता है, और जमा न हुए चेक, गृह कर भुगतान, बैंक शुल्क तथा सीधे जमा की गई राशि को घटाकर कैश बुक के डेबिट शेष तक पहुँचता है।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बैंक समाधान विवरण में प्रत्येक मद को सही ढंग से "जोड़ें" या "घटाएँ" ताकि रोकड़ बही और पासबुक का शेष सही ढंग से मिलान हो सके।
Question 5. निम्नलिखित विवरण से बैंक समाधान विवरण तैयार कीजिए।
(Prepare Bank Reconciliation Statement from the following particulars)
(i) 31 जनवरी, 2017 को पास बुक का अधिविकर्ष शेष (डेबिट)Rs 30,780 है।
(Balance as per pass book on 31st Jan., 2017 overdraft (debit) Rs 30,780.)
(ii) 31 जनवरी, 2017 को निर्गमित चेक जो फरवरी 17 तक प्रस्तुत नहीं हुए, Rs 14,778 ।।
(Cheque drawn on 31st January 2017 but not cleared till Feb. 17 Rs 14,778)
(iii) 31 जनवरी, 2017 को अधिविकर्ष पर बैंक ने Rs 4,830 ब्याज लगाया जिसे रोकड़ बही में दर्ज नहीं किया गया ।
(Bank overdraft interest charged on 31st Jan. 2017 not entered in the cash book Rs 4,830)
(iv) Rs 39,156 का चेक दिनांक 28.1.2017 को प्राप्त किया एवं रोकड़ पुस्तक में दर्ज कर दिया किन्तु 2 फरवरी, 2017 तक बैंक में जमा नहीं कराया।
(Cheques of Rs 39,156 received on 28.1.2017 entered in cash book but not deposited to bank till 2nd Feb. 2017.)
(v) Rs 90 का प्राप्त चेक रोकड़ पुस्तक में दो बार दर्ज हो गया।
(Cheque received Rs 90 entered in cash book twice)
(vi) 25.1.17 को देय हुये प्राप्य बिल Rs 8,940 को 26.1.17 को बैंक में संग्रह के लिए जमा कराये एवं रोकड़ पुस्तक में दर्ज कर लिये गये किन्तु यह राशि बैंक पास बुक में 1.2.2017 तक जमा नहीं की गई।
(Bills receivable due on 25.1.17 was sent to the bank for collection on 26.1.2017 and was entered in the cash book but the proceeds were not credited in pass book till 1.2.2017 Rs 8,940.)
(vii) बैंक द्वारा Rs 120 का सामयिक भुगतान स्थायी आदेशानुसार किया गया जिसे रोकड़ पुस्तक में दर्ज नहीं किया गया।
(A periodic payment made by Bank Rs 120 understanding order not entered in cash book.)
(viii) Rs 5,670 का चेक 31 दिसम्बर, 2017 को जमा कराया जो अनादरित हो गया लेकिन जिसकी प्रविष्टि रोकड़ बही में नहीं की
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 31st Jan. 2017)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Dr.) | 30,780 | |
| Add: (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 14,778 | 14,778 |
| 45,558 | ||
| Less: (1) Interest on overdraft charged by Bank | 4,830 | |
| (2) Cheque received & entered in cash book but not sent to Bank | 39,156 | |
| (3) Cheque 90 double entered in cash | 90 | |
| (4) B/R deposited for collection but not yet collected | 8,940 | |
| (5) A periodic payment made by Bank but not entered in cash book | 120 | |
| (6) Cheque deposited but dishonoured not entered in cash book | 5,670 | 58,806 |
| Balance as per cash book (Dr.) | (13,248) |
In simple words: पासबुक के डेबिट शेष से शुरू करके, जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक को जोड़ा जाता है। अधिविकर्ष पर ब्याज, संग्रह के लिए भेजे गए लेकिन जमा न हुए चेक, कैश बुक में दो बार दर्ज किए गए चेक, बैंक द्वारा की गई आवधिक भुगतान, और बेईमानी वाले चेक को घटाया जाता है, जिससे कैश बुक का डेबिट शेष मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब पासबुक में अधिविकर्ष शेष (डेबिट) दिया हो, तो 'ऐड' और 'लेस' मदों को विपरीत तरीके से समायोजित करें ताकि सही परिणाम मिल सके।
Question 6. निम्नलिखित विवरण से 30 सितम्बर, 2016 को एक बैंक समाधान विवरण बनाइये
(From the following particulars prepare a Bank Reconciliation Statement as on 30th September 2016.)
(1) फर्म की रोकड़ बही (बैंक कॉलम) Rs 15,000 नाम शेष दर्शाती थी।
(The cash book of firm showed the debit balance of Rs 15,000.)
(2) Rs 12,500 के चेक निर्गमित किये गये जिनमें से केवल Rs 10,000 के चेक ही भुगतान के लिए प्रस्तुत किये गये।
(Cheque issued Rs 12,500 out of which cheque worth Rs 10,000 only were presented for payment.)
(3) Rs 3,500 के चेक 28 सितम्बर, 2016 को जमा कराये लेकिन बैंक द्वारा अभी तक जमा नहीं किये गये । इसके अतिरिक्त एक चेक Rs 1,250 का रोकड़ बही में 30 सितम्बर, 2016 को दर्ज किया गया किन्तु 3 अक्टूबर, 2016 को बैंक में जमा कराया गया।
(A cheque accounted Rs 3,500 deposited into Bank on 28th September, 2015 but had not yet been credited by the Bank in addition to this one cheque for Rs 1,250 was entered cash book on 30th September, 2016 but was Banked on 3rd October, 2016.) (4) 25 सितम्बर, 2016 को सुमित का Rs 1,000 का चेक बैंक में जमा कराया गया किन्तु वह अनादरित हो गया था एवं उसकी सूचना 1 अक्टूबर, 2016 को प्राप्त हुई थी ।
(A cheque from Sumit for Rs 1,000 was deposited in the Bank on 25th Sept. 2016 but was dishonoured and the advice was received on 1st Oct., 2016.)
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 30 Sept. 2016)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 15,000 | |
| Add: (1) Cheque issued but not yet present for payment | 2,500 | |
| (2) Direct deposited by customer | 1,250 | 3,750 |
| 18,750 | ||
| Less: (1) Cheque deposited but not yet collected | 3,500 | |
| (2) Cheque entered in cash book but not sent to Bank up to 30 Sep. | 1,250 | |
| (3) Cheque of Rs 1,000 deposited but dishonoured | 1,000 | |
| (4) Bank charges charged by Bank | 50 | 5,800 |
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 12,950 |
In simple words: बैंक समाधान विवरण, कैश बुक के डेबिट शेष से शुरू होकर, जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक और ग्राहक द्वारा सीधे जमा की गई राशि को जोड़ता है। फिर, जमा न हुए चेक, बैंक न भेजे गए चेक, अनादरित चेक, और बैंक शुल्कों को घटाकर पासबुक का क्रेडिट शेष प्राप्त करता है।
🎯 Exam Tip: चेक के निर्गमन और भुगतान की तारीखों पर ध्यान दें, साथ ही जमा किए गए चेक के संग्रह की तारीखों पर भी, क्योंकि ये अक्सर बैंक और कैश बुक के बीच अंतर का कारण बनते हैं।
Question 7. निम्नांकित सूचनाओं से 31 मार्च, 2017 को बैंक समाधान विवरण तैयार कीजिए। पासबुक के अनुसार 31 मार्च, 2017 को Rs 30,000 का क्रेडिट शेष था।
From the following informations prepare a Bank Reconciliation Statement as on 31st March, 2017. The pass book showed a credit balance of Rs 30,000 on 31st March, 2017:
(i) चेक संग्रह के लिए बैंक में जमा कराये किन्तु संग्रहित नहीं हुए Rs 15,000 I
(Cheque deposited into bank for collection but not yet collected Rs 15,000.)
(ii) चेक निर्गमित किये गये किन्तु भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं किये गये Rs 7,500 ।।
(Cheque issued but not yet presented for payment Rs 7,500.)
(iii) बैंक शुल्क Rs 30 जिसकी प्रविष्टि रोकड़ पुस्तक में नहीं हुई।
(Bank charges Rs 30 not yet entered in cash book.)
(iv) स्थायी आदेश के अन्तर्गत बैंक ने किराया चुकाया Rs 1,500 जिसकी प्रविष्टि रोकड़ बही में नहीं हुई ।।
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 31 March, 2017)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 30,000 | |
| Add: (1) Cheque deposited but not yet collected | 15,000 | |
| (2) Bank charges charged by Bank | 30 | |
| (3) Rent paid by Bank understanding order | 1,500 | 16,530 |
| 46,530 | ||
| Less: (1) Cheque issued but not yet present for payment | 7,500 | |
| (2) Direct deposited by customer | 4,500 | 12,000 |
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 34,530 |
In simple words: पासबुक के क्रेडिट शेष से शुरू करते हुए, बैंक समाधान विवरण में जमा हुए लेकिन अभी तक संग्रहित न हुए चेक, बैंक शुल्क, और बैंक द्वारा स्थायी आदेश पर चुकाया गया किराया जोड़ा जाता है। फिर, जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक और ग्राहक द्वारा सीधे जमा की गई राशि को घटाकर कैश बुक का डेबिट शेष प्राप्त किया जाता है।
🎯 Exam Tip: पासबुक के क्रेडिट शेष से शुरू करते समय, उन मदों को जोड़ें जो कैश बुक में कम होती हैं और उन मदों को घटाएं जो कैश बुक में अधिक होती हैं।
Question 8. निम्नलिखित सूचनाओं से 30 जून, 2016 को बैंक समाधान विवरण तैयार कीजिए
(Prepare Bank Reconciliation Statement as on 30th June, 2016 from the following information 😊)
(i) पास बुक का अधिविकर्ष (डेबिट) शेष Rs 15,000.1
(Overdraft (debit) as per pass book.)
(ii) 28 जून, 2016 को Rs 25,000 के चेक बैंक में संग्रहण हेतु जमा कराये लेकिन 30 जून, 2016 तक बैंक में Rs 6,250 के चेक ही संग्रहित हुए।
(Cheque deposited into bank for collection on 28 June, 2016 Rs 25,000 but out of these, upto 30 June, 2016 Rs 6,250 were credited by bank)
(iii) प्रभार शुल्क के Rs 125 बैंक ने वसूल किये
(Bank realized incidental charges Rs 125.)
(iv) Rs 15,000 के चेक निर्गमित किये परन्तु 30 जून, 2016 से पहले Rs 5,000 के चेक ही प्रस्तुत हुए
(Cheque issued for Rs 15,000 but only cheque of Rs 5,000 were presented before 30 June, 2016)
(v) पास बुक में Rs 1,475 तथा 2,375 की दो गलत प्रविष्टियाँ डेबिट पक्ष में हुयी परन्तु 30 जून, 2016 से पूर्व Rs 1,475 की विपरीत प्रविष्टि पासबुक में कर दी गई।
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 30th June, 2016)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Dr.) (Overdraft) | 15,000 | |
| Add: (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 10,000 | 10,000 |
| 25,000 | ||
| Less: (1) Cheque deposited but not yet collected | 18,750 | |
| (2) Bank charges charged by Bank | 125 | |
| (3) Rs 2,375 wrongly debited by Bank | 2,375 | |
| (4) Transfer by the Bank to another account but not entered in cash book | 6,250 | 27,500 |
| Balance as per Cash Book (Dr.) | (2,500) |
In simple words: पासबुक के अधिविकर्ष (डेबिट) शेष से शुरू करके, जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक को जोड़ा जाता है। जमा न हुए चेक, बैंक शुल्क, बैंक द्वारा गलत तरीके से डेबिट की गई राशि, और बैंक द्वारा अन्य खाते में ट्रांसफर किए गए लेकिन कैश बुक में दर्ज न किए गए ट्रांसफर को घटाया जाता है।
🎯 Exam Tip: पासबुक के अधिविकर्ष शेष को समायोजित करते समय, ध्यान रखें कि बैंक द्वारा डेबिट की गई मदें कैश बुक के शेष को बढ़ाती हैं और क्रेडिट की गई मदें घटाती हैं।
Question 9. मैसर्स शर्मा ब्रदर्स की जून, 2016 माह के लिए रोकड़ पुस्तक (बैंक स्तम्भ) को अन्तिम शेष Rs 19,200 है। बैंक विवरण की जाँच से आपको मालूम चलता है कि
(The closing balance of cash book (bank column) Rs 19,200 of M/s Sharma brothers for the Month of June, 2016. On Scruting of the bank statement you find that :
(i) बैंक विवरण पासमुक का Rs 2,480 का अधिविकर्ष शेष दर्शाता है।
(The bank statement shows as overdraft balance at pass book Rs 2,480.)
(ii) बैंक विवरण में Rs 700 का बैंक शुल्क दिखाया गया है, जिसे रोकड़ पुस्तक में दर्ज नहीं किया गया है।
(Bank charges of Rs 700 shown in the bank statement have not been entered in the cash book)
(iii) Rs 940 को एक चेक लिखा गया जिसे रोकड़ पुस्तक में प्राप्ति के रूप में दर्ज किया गया।
(A cheque drawn for Rs 940 has been entered as a receipt in cash book.)
(iv) Rs 360 का एक चेक बैंक द्वारा लौटाया गया लेकिन रोकड़ पुस्तक में वापस नहीं लिखा गया।
(A cheque of Rs 360 has been return by the bank but not written back in the cash book.)
(v) रोकड़ पुस्तक का प्रारम्भिक शेष Rs 29,400 के स्थान पर Rs 28,140 लिखा गया।
(The opening balance of cash book had wrongly carried down Rs 28,140 at place of Rs 29,400.)
(vi) लेनदारों को Rs 12,280 के चेक निर्गमित किये गये किन्तु अभी तक बैंक को प्रस्तुत नहीं किये गये हैं।
आपसे चाहा गया है कि रोकड़ पुस्तक के शेष को बैंक विवरण के शेष से मिलाने करने हेतु समाधान विवरण बनाइये।
You are required to prepare a statement of reconciling.the balance in the cash book with the balance as per the bank statement.
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 30 June, 2016)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Pass Book (Dr.) (Overdraft) | 2,480 | |
| Add: (1) Opening balance of cash book had wrongly carried down Rs 28,140 at place of Rs 29,400, now corrected | 1,260 | |
| (2) Cheque issued but not yet present for payment | 12,280 | 13,540 |
| 16,020 | ||
| Less: (1) Bank charges charged by Bank | 700 | |
| (2) Cheque issued Rs 940 but entered in cash book in receipt side | 1,880 | |
| (3) A cheque of Rs 360 returned by Bank but not entered in Cash Book | 360 | |
| (4) Amount of Rs 30,840 pay slip deposited but not entered (credited) by Bank | 30,840 | |
| (5) A cheque of Rs 1,440 wrongly debited by Bank | 1,440 | 35,220 |
| Balance as per Cash Book (Dr.) | (19,200) |
In simple words: पासबुक के डेबिट अधिविकर्ष शेष से शुरू करके, कैश बुक के गलत ओपनिंग बैलेंस को ठीक करने वाली राशि और जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक को जोड़ा जाता है। फिर, बैंक शुल्क, कैश बुक में गलत दर्ज किए गए चेक, बैंक द्वारा लौटाए गए चेक, जमा किए गए लेकिन बैंक में क्रेडिट न हुए चेक, और बैंक द्वारा गलत डेबिट किए गए चेक को घटाकर कैश बुक का अंतिम डेबिट शेष प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: ओपनिंग बैलेंस की गलतियों को ठीक करते समय, सही राशि और गलत दर्ज की गई राशि के बीच का अंतर समायोजित करें।
Question 10. एक व्यापारी की रोकड़ बही और पासबुक निम्न प्रकार दी हुई है। आप इनकी सहायता से 30 जून, 2016 को बैंक समाधान विवरण तैयार कीजिए।
(A cash book and pass book of a trader are given as under. You are required to prepare a Bank Reconciliation Statement on 30th June, 2016 with the help to these books.)
Cash Book
| Feb. 7 | To Shri Gopal | 4,750 | Mar. 13 | By Surendra | 1,000 |
|---|---|---|---|---|---|
| June 3 | To Manish | 2,000 | May 3 | By Rajesh | 3,000 |
| June 10 | To Cash | 3,000 | June 30 | By Balance c/d | 21,750 |
| 32,750 | 32,750 |
Bank Pass Book
| Date | Particulars | Debit (With-drawn) Rs | Credit (Deposit) Rs | Dr/Cr. | Balance Rs |
|---|---|---|---|---|---|
| 2016 | |||||
| Jan. 1 | By Balance b/d | - | - | Cr. | 23,000 |
| Feb. 10 | By Cheque | - | 4,750 | Cr. | 27,750 |
| Mar. 13 | To Surendra | 1,000 | - | Cr. | 26,750 |
| May 3 | To Rajesh | 3,000 | - | Cr. | 23,750 |
| June 10 | By Cash | - | 3,000 | Cr. | 26,750 |
| June 18 | To Bank Charges | 75 | - | Cr. | 26,675 |
| June 22 | To Insurance Premium | 100 | - | Cr. | 26,575 |
| June 30 | To Interest | - | 125 | Cr. | 26,700 |
Answer:
Bank Reconciliation Statement (as on 30, June, 2016)
| Particulars | Amount Rs | Total Amount Rs |
|---|---|---|
| Balance as per Cash Book (Dr.) | 21,750 | |
| Add: (1) Cheque issued but not yet presented for payment | 7,000 | |
| (2) Bank interest credited by Bank | 125 | 7,125 |
| 28,875 | ||
| Less: (1) Cheque deposited but not yet collected | 2,000 | |
| (2) Bank charges charged by Bank | 75 | |
| (3) Insurance premium paid by Bank | 100 | 2,175 |
| Balance as per Pass Book (Cr.) | 26,700 |
In simple words: कैश बुक के डेबिट शेष से शुरू करके, जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत न हुए चेक और बैंक द्वारा क्रेडिट किए गए ब्याज को जोड़ा जाता है। फिर, जमा किए गए लेकिन संग्रहित न हुए चेक, बैंक शुल्क और बैंक द्वारा चुकाए गए बीमा प्रीमियम को घटाकर पासबुक का क्रेडिट शेष प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: जब कैश बुक और पासबुक दोनों दी गई हों, तो दोनों के बीच के सभी अंतरों को ध्यान से पहचानें और उन्हें सही कॉलम में समायोजित करें।
Free study material for Accountancy
RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 9 बैंक समाधान विवरण prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 11 Accountancy textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 9 बैंक समाधान विवरण
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 11 Accountancy chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 11 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Accountancy Class 11 Solved Papers
Using our Accountancy solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 11 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 9 बैंक समाधान विवरण to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Accountancy are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Accountancy concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 11 Accountancy. You can access RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 11 Accountancy Chapter 9 बैंक समाधान विवरण in printable PDF format for offline study on any device.