RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 14 रचनाएँ Exercise 14.2

Official RBSE Solutions for Class 10 Mathematics: Chapter 14 रचनाएँ

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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 14 रचनाएँ

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Question 1. निम्न में सत्य अथवा असत्य बताइए और अपने उत्तर का यदि सम्भव हो तो कारण लिखिए
(i) समबाहु त्रिभुज के अन्तर्गत वृत्त एवं परिगत वृत्त की रचना, एक ही बिन्दु को केन्द्र मानकर की जा सकती है।
(ii) त्रिभुज की सभी भुजाएँ उसके अन्तर्गत वृत्त को स्पर्श करती हैं।
(iii) त्रिभुज का परिकेन्द्र उसकी एक भुजा पर स्थित होता है, जब वह त्रिभुज अधिक कोण त्रिभुज होता है।
(iv) त्रिभुज का परिकेन्द्र त्रिभुज के अन्दर स्थित होता है जब वह न्यून कोण त्रिभुज होता है।
(v) त्रिभुज के अन्तर्गत वृत्त की रचना त्रिभुज की दो भुजाओं के लम्ब व समद्विभाजकों के प्रतिच्छेदों बिन्दु को ज्ञात करके की जाती है।
Answer:
(i) यह सत्य है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक समबाहु त्रिभुज में, इसका अन्तःकेन्द्र (अंदर के वृत्त का केंद्र), परिकेन्द्र (बाहर के वृत्त का केंद्र), और लम्ब केंद्र (ऊँचाईयों का प्रतिच्छेदन बिंदु) सभी एक ही जगह पर होते हैं। समबाहु त्रिभुज में ये सभी केंद्र एक साथ होने से रचनाएँ बहुत सरल हो जाती हैं।
(ii) यह सत्य है। किसी त्रिभुज के अंदर बनने वाले वृत्त (अन्तर्गत वृत्त) को बनाने के लिए, हम अन्तःकेन्द्र (अंदर के वृत्त का केंद्र) से त्रिभुज की किसी भी भुजा पर एक सीधी रेखा खींचते हैं जो 90 डिग्री का कोण बनाती है। इस रेखा की लंबाई ही वृत्त की त्रिज्या होती है, जिससे वृत्त भुजाओं को ठीक छूता है। यह नियम अंतर्गत वृत्त की परिभाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बताता है कि वृत्त सभी भुजाओं को छूता है।
(iii) यह असत्य है। परिकेन्द्र (बाहर के वृत्त का केंद्र) केवल समकोण त्रिभुज में ही उसकी सबसे लंबी भुजा (कर्ण) के ठीक बीच में होता है। अगर त्रिभुज अधिक कोण वाला है (जिसमें एक कोण 90 डिग्री से बड़ा होता है), तो परिकेन्द्र त्रिभुज के बाहर स्थित होता है। समकोण त्रिभुज में परिकेन्द्र हमेशा कर्ण का मध्य बिंदु होता है, जो त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होती है।
(iv) यह सत्य है। जब कोई त्रिभुज न्यून कोण त्रिभुज होता है (मतलब जिसके सभी कोण 90 डिग्री से कम होते हैं), तो उसका परिकेन्द्र (बाहर के वृत्त का केंद्र) हमेशा त्रिभुज के अंदर ही स्थित होता है। न्यून कोण त्रिभुज में परिकेन्द्र अंदर रहने से परिगत वृत्त त्रिभुज को पूरी तरह से घेर लेता है।
(v) यह असत्य है। अन्त:केन्द्र (अंदर के वृत्त का केंद्र) बनाने के लिए, हम त्रिभुज के किन्हीं भी दो कोणों को बराबर भागों में बांटने वाली रेखाएँ खींचते हैं। ये रेखाएँ जिस बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, वही बिंदु अन्त:केन्द्र कहलाता है। कोण समद्विभाजक का उपयोग अंदर के वृत्त के लिए और भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक का उपयोग बाहर के वृत्त के लिए होता है।
In simple words:
(i) यह सही है। समबाहु त्रिभुज में, अंदर और बाहर बनने वाले वृत्त के केंद्र और लम्ब केंद्र एक ही बिंदु होते हैं।
(ii) यह सही है। अंदर वाले वृत्त को बनाने के लिए, हम केंद्र से भुजा तक एक सीधी रेखा खींचते हैं। यही रेखा वृत्त की गोलाई की दूरी होती है।
(iii) यह गलत है। परिकेन्द्र केवल समकोण त्रिभुज की सबसे बड़ी भुजा पर होता है। अधिक कोण वाले त्रिभुज में यह त्रिभुज के बाहर होता है।
(iv) यह सही है। अगर त्रिभुज के सभी कोण 90 डिग्री से कम हैं, तो परिकेन्द्र त्रिभुज के अंदर ही रहेगा।
(v) यह गलत है। अंदर के वृत्त का केंद्र खोजने के लिए, हम त्रिभुज के कोणों को आधा करते हैं, न कि भुजाओं की लम्ब समद्विभाजकों को।

🎯 Exam Tip: इन ज्यामितीय अवधारणाओं को समझने के लिए त्रिभुज के प्रकार (समबाहु, समकोण, अधिक कोण, न्यून कोण) और उनके विशिष्ट गुणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. 4.6 सेमी. भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के अन्तर्गत वृत्त की रचना कीजिए। क्या इसका परिकेन्द्र एवं अन्तःकेन्द्र सम्पाती है? क्यों, कारण सहित बताइए।
Answer:
रचना के पद:
1. पहले त्रिभुज PQR के लिए 4.6 सेमी. की आधार रेखा PQ खींचिए।
2. P और Q बिंदुओं से 4.6 सेमी. की लंबाई वाले चाप काटिए। जहाँ ये चाप एक-दूसरे को काटते हैं, उसे R बिंदु नाम दीजिए। अब R को P से और R को Q से मिलाइए, जिससे रेखाएँ PR और QR बनेंगी।
3. ∠P और ∠Q के कोण समद्विभाजक खींचिए। ये रेखाएँ जिस बिंदु पर मिलें, उसे O नाम दीजिए। यही अन्तःकेन्द्र है।
4. O से भुजा PQ पर एक लंब (सीधी 90 डिग्री वाली रेखा) OK खींचिए। OK की लंबाई ही अंतःवृत्त की त्रिज्या होगी।
5. O को केंद्र मानकर और OK को त्रिज्या मानकर एक वृत्त खींचिए। यही त्रिभुज PQR का अभीष्ट अंतःवृत्त होगा।

हाँ, इस त्रिभुज में परिकेन्द्र और अन्त:केन्द्र दोनों एक ही बिंदु पर स्थित हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह एक समबाहु त्रिभुज है। समबाहु त्रिभुज में, कोणों को दो बराबर भागों में बांटने वाली रेखाएँ (कोण समद्विभाजक) और भुजाओं को दो बराबर भागों में बांटने वाली रेखाएँ (भुजा लम्ब समद्विभाजक), दोनों ही एक ही बिंदु पर मिलती हैं। यह त्रिभुज की समरूपता को दर्शाता है, जहाँ सभी कोण और भुजाएँ समान होती हैं।
In simple words: पहले 4.6 सेमी. भुजा वाला समबाहु त्रिभुज बनाओ। फिर उसके कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ खींचकर अंतःकेन्द्र O ढूंढो। O से एक भुजा पर लंब डालो और उसे त्रिज्या मानकर वृत्त बनाओ। हाँ, इसका परिकेन्द्र और अन्त:केन्द्र एक ही बिंदु पर हैं, क्योंकि यह एक समबाहु त्रिभुज है।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज में सभी केंद्र (अन्तःकेन्द्र, परिकेन्द्र, लम्बकेन्द्र, केन्द्रक) एक ही बिंदु पर होते हैं, यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है जिसे याद रखना चाहिए।

 

Question 3. △ARC के अन्तर्गत वृत्त की रचना कीजिए जहाँ AB = 4.6 सेमी., AC = 4.2 सेमी. एवं ∠A = 90° है।
Answer:
रचना के पद:
1. आधार रेखा AB की लंबाई 4.6 सेमी. खींचिए।
2. बिंदु A पर, 90 डिग्री का कोण बनाइए। अब A से 4.2 सेमी. की दूरी पर इस 90 डिग्री वाली रेखा पर एक चाप काटिए और उसे बिंदु C अंकित कीजिए।
3. बिंदु C को बिंदु B से मिलाइए। इससे त्रिभुज ABC पूरा हो जाएगा।
4. ∠B और ∠A के कोण समद्विभाजक खींचिए। ये रेखाएँ जिस बिंदु पर मिलें, उसे I नाम दीजिए। यही अन्तःकेन्द्र है।
5. बिंदु I से भुजा AB पर एक लंब (सीधी 90 डिग्री वाली रेखा) IP खींचिए। IP की लंबाई ही अंतःवृत्त की त्रिज्या होगी। समकोण त्रिभुज में अन्त:केन्द्र, समकोण वाले कोने से बराबर दूरी पर होता है, जिससे वृत्त के निर्माण में सुविधा होती है।
6. I को केंद्र मानकर और IP को त्रिज्या मानकर एक वृत्त खींचिए। यही त्रिभुज ABC का अभीष्ट अंतःवृत्त होगा।
In simple words: पहले AB 4.6 सेमी. और AC 4.2 सेमी. लेकर एक समकोण त्रिभुज ABC बनाओ, जिसमें कोण A 90 डिग्री हो। फिर कोण B और कोण A को आधा करने वाली रेखाएँ खींचकर उनका मिलन बिंदु I ढूंढो। I से AB पर लंब IP खींचो और IP को त्रिज्या मानकर I से वृत्त बनाओ।

A B C 4.6 सेमी 4.2 सेमी I P

🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज के लिए, समकोण बनाने वाली भुजाओं और कर्ण के संबंध को हमेशा ध्यान में रखें, इससे अंतःवृत्त की त्रिज्या ज्ञात करने में आसानी होती है।

 

Question 4. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए, जिसमें AB = 13 सेमी., AC = 10.5 सेमी. और BC = 12.7 सेमी. है। इस त्रिभुज का परिकेन्द्र कहाँ स्थित होगा इसकी पुष्टि रचना द्वारा कीजिए, और इसके परिगत वृत्त की भी रचना कीजिए।
Answer:
रचना के पद:
1. सबसे पहले, 13 सेमी. लंबाई का रेखाखंड AB खींचिए। A को केंद्र मानकर 10.5 सेमी. त्रिज्या का एक चाप लगाइए। B को केंद्र मानकर 12.7 सेमी. त्रिज्या का एक और चाप लगाइए। इन दोनों चापों के कटान बिंदु को C नाम दीजिए। अब C को A और B से मिलाइए। इस प्रकार, अभीष्ट त्रिभुज ABC बन जाएगा।
2. अब, भुजा AB का लंब समद्विभाजक खींचिए। इसी प्रकार, भुजा BC का भी लंब समद्विभाजक खींचिए। इन दोनों लंब समद्विभाजकों के कटान बिंदु को O नाम दीजिए। यही परिकेन्द्र है।
3. O से A, B या C तक की दूरी मापिए। यह दूरी (OA, OB, या OC) परिवृत्त की त्रिज्या होगी। O को केंद्र मानकर और इस त्रिज्या से एक वृत्त खींचिए। यह त्रिभुज ABC का परिवृत्त होगा। मापने पर, OA = OB = OC प्राप्त होगी। इस त्रिभुज में परिकेन्द्र (बाहर वाले वृत्त का केंद्र) 13 सेमी. वाली भुजा पर स्थित नहीं है। किसी भी त्रिभुज के प्रकार के आधार पर परिकेन्द्र की स्थिति बदलती रहती है, जो त्रिभुज की ज्यामितीय विशेषताओं को दर्शाती है। यदि यह त्रिभुज समकोण त्रिभुज होता तथा 13 सेमी. वाली भुजा कर्ण होती, तब परिकेन्द्र कर्ण के मध्य में स्थित होता।
In simple words: 13 सेमी., 10.5 सेमी. और 12.7 सेमी. भुजाओं वाला त्रिभुज ABC बनाओ। फिर भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक खींचकर उनका मिलन बिंदु O ढूंढो। O को केंद्र मानकर और OA को त्रिज्या मानकर एक वृत्त बनाओ। इस त्रिभुज में परिकेन्द्र त्रिभुज के अंदर होगा, न कि किसी भुजा पर, क्योंकि यह एक न्यून कोण त्रिभुज है।

A B C 13 सेमी 10.5 सेमी 12.7 सेमी O

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के प्रकार (न्यून कोण, समकोण या अधिक कोण) के अनुसार परिकेन्द्र की स्थिति बदलती है—न्यून कोण त्रिभुज में अंदर, समकोण त्रिभुज में कर्ण पर, और अधिक कोण त्रिभुज में बाहर होता है।

 

Question 5. 5 सेमी., 4.5 सेमी. एवं 7 सेमी. भुजाओं वाले त्रिभुज का परिकेन्द्र कहाँ स्थित होना चाहिए की पुष्टि रचना के द्वारा कीजिए। साथ ही इसके परिगत वृत्त की भी रचना कीजिए।
Answer:
रचना के पद:
1. सबसे पहले, 7 सेमी. लंबाई का रेखाखंड AB खींचिए।
2. बिंदु B से 5 सेमी. त्रिज्या का एक चाप लगाइए और बिंदु A से 4.5 सेमी. त्रिज्या का एक और चाप लगाइए। इन चापों के कटान बिंदु को C नाम दीजिए।
3. बिंदु A को C से और बिंदु B को C से मिलाइए। इससे त्रिभुज ABC पूरा हो जाएगा।
4. भुजा AB का लंब समद्विभाजक खींचिए। इसी प्रकार, भुजा BC का भी लंब समद्विभाजक खींचिए। इन दोनों लंब समद्विभाजकों के कटान बिंदु को O नाम दीजिए। यही परिकेन्द्र है।
5. बिंदु O से त्रिभुज ABC के शीर्षों (A, B, और C) की दूरी मापिए। आप पाएंगे कि OA = OB = OC है। यह दर्शाता है कि अधिक कोण त्रिभुज में परिकेन्द्र हमेशा सबसे बड़े कोण के सामने वाली भुजा से दूर, त्रिभुज के बाहर स्थित होता है। बिंदु O परिकेन्द्र है, और O को केंद्र मानकर OA को त्रिज्या मानकर बनाया गया वृत्त त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर जाएगा, जो परिवृत्त होगा। इस स्थिति में, परिकेन्द्र O त्रिभुज ABC के बाहर स्थित होगा।
In simple words: पहले 7 सेमी., 5 सेमी. और 4.5 सेमी. भुजाओं वाला एक त्रिभुज ABC बनाओ। फिर भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक खींचकर उनका मिलन बिंदु O ढूंढो। O को केंद्र मानकर और OA को त्रिज्या मानकर एक वृत्त बनाओ। इस त्रिभुज का परिकेन्द्र त्रिभुज के बाहर स्थित है, क्योंकि यह एक अधिक कोण त्रिभुज है।

A B C 7 सेमी 4.5 सेमी 5 सेमी O

🎯 Exam Tip: जब त्रिभुज में कोई एक कोण 90 डिग्री से बड़ा (अधिक कोण) होता है, तो उसका परिकेन्द्र हमेशा त्रिभुज के बाहर स्थित होता है।

 

Question 6. AABC की रचना कीजिए जिसमें AB = 6 सेमी., BC = 4 सेमी. और ∠B = 120° हो, त्रिभुज के अन्तर्गत वृत्त की रचना कीजिए।
Answer:
रचना के पद:
1. सबसे पहले, 4 सेमी. लंबाई का रेखाखंड BC खींचिए। बिंदु B पर 120 डिग्री का कोण बनाइए। इस 120 डिग्री वाली रेखा पर, B से 6 सेमी. की दूरी पर एक चाप काटिए और उसे बिंदु A नाम दीजिए। अब बिंदु A को C से मिलाइए। इस प्रकार, त्रिभुज ABC बन जाएगा।
2. ∠B और ∠C के कोण समद्विभाजक खींचिए। ये रेखाएँ जिस बिंदु पर एक-दूसरे को काटें, उसे O नाम दीजिए। यह बिंदु अन्तःकेन्द्र होगा।
3. बिंदु O से भुजा AC पर एक लंब (सीधी 90 डिग्री वाली रेखा) OK खींचिए। OK की लंबाई ही अंतःवृत्त की त्रिज्या होगी। अन्त:केन्द्र की यह विशेषता इसे त्रिभुज के सभी कोणों और भुजाओं के लिए एक संतुलन बिंदु बनाती है।
4. O को केंद्र मानकर और OK को त्रिज्या लेकर एक वृत्त खींचिए। यही त्रिभुज ABC का अभीष्ट अंतःवृत्त होगा।
In simple words: पहले एक त्रिभुज ABC बनाओ जिसमें BC 4 सेमी., AB 6 सेमी. और कोण B 120 डिग्री हो। फिर कोण B और कोण C को आधा करने वाली रेखाएँ खींचकर उनका मिलन बिंदु O ढूंढो। O से AC पर लंब OK खींचो और OK को त्रिज्या मानकर O से वृत्त बनाओ।

A B C 4 सेमी 6 सेमी 120° O K

🎯 Exam Tip: किसी भी त्रिभुज में, चाहे वह न्यून कोण, समकोण या अधिक कोण हो, अंतःकेन्द्र हमेशा त्रिभुज के अंदर ही स्थित होता है क्योंकि यह कोण समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है।

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RBSE Solutions for Class 10 Mathematics Chapter 14 रचनाएँ

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