NCERT Solutions for Class 10 Mathematics: Chapter 14 रचनाएँ
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Practice Class 10 Mathematics Solutions: Chapter 14 रचनाएँ
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रचनाए Ex 14.1
Question 1. 6.7 सेमी. लम्बाई के एक रेखाखण्ड को 2 : 3 में विभाजित कीजिए।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले 6.7 सेमी. लम्बा रेखाखण्ड AB खींचिए।
2. अब बिन्दु A से एक किरण AC खींचिए, जो AB के साथ कोई भी न्यूनकोण (90 डिग्री से कम) बनाए।
3. किरण AC पर, A से शुरू करके 2 + 3 = 5 बराबर त्रिज्या के चाप लगाइए। इन बिन्दुओं को \( A_1, A_2, A_3, A_4 \) और \( A_5 \) नाम दीजिए। प्रत्येक चाप एक ही दूरी का होना चाहिए।
4. अब \( A_5 \) को B से मिलाइए।
5. बिन्दु \( A_2 \) से \( A_5B \) के समानांतर एक रेखा \( A_2P \) खींचिए, जो रेखाखण्ड AB को बिन्दु P पर काटे। ऐसा करने के लिए, आप \( \angle AA_5B \) के बराबर \( \angle AA_2P \) बना सकते हैं।
6. इस प्रकार, बिन्दु P रेखाखण्ड AB को 2 : 3 के अनुपात में विभाजित करता है। नापने पर, \( AP \approx 2.6 \) सेमी. और \( PB \approx 4.1 \) सेमी. होगा।
स्पष्टीकरण:
त्रिभुज \( \triangle ABA_5 \) में, हमने \( PA_2 \) को \( BA_5 \) के समानांतर खींचा है।
\( \implies \) इसलिए, आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem) के अनुसार, त्रिभुज \( \triangle APA_2 \) और \( \triangle ABA_5 \) समरूप होंगे।
\( \implies \)
\( \frac { AP }{ PB } = \frac { AA_2 }{ A_2A_5 } = \frac { 2 }{ 3 } \)
इस तरह, AP और PB का अनुपात 2:3 है, जैसा कि हमें चाहिए था।
In simple words: पहले एक रेखा खींचें। फिर एक कोण बनाते हुए दूसरी रेखा खींचें। उस पर बराबर दूरी पर निशान लगाएं। आखिरी निशान को पहली रेखा के अंत से मिलाएं। फिर पहले निशान से आखिरी निशान के समानांतर एक और रेखा खींचें। यह रेखा हमारी पहली रेखा को सही अनुपात में बांट देगी।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाएँ खींचने के लिए कोणों का सही मापन या परकार का उपयोग महत्वपूर्ण है। आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) का उल्लेख करके आप अपने समाधान को मजबूत करते हैं।
Question 2. 8.3 सेमी. लम्बाई का एक रेखाखण्ड AB बनाइए। इस पर एक बिन्दु C ऐसा ज्ञात कीजिए कि C, AB को 1 : 2 के अनुपात में बाँटता है।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले 8.3 सेमी. लम्बा रेखाखण्ड AB खींचिए।
2. अब बिन्दु A से एक किरण AC खींचिए, जो रेखाखण्ड AB के साथ कोई भी न्यूनकोण बनाए।
3. किरण AC पर, A से शुरू करके 1 + 2 = 3 बराबर त्रिज्या के चाप लगाइए। इन बिन्दुओं को \( A_1, A_2, A_3 \) नाम दीजिए। प्रत्येक चाप समान दूरी पर होना चाहिए।
4. अब \( A_3 \) को B से मिलाइए।
5. बिन्दु \( A_1 \) से \( A_3B \) के समानांतर एक रेखा \( A_1C \) खींचिए, जो रेखाखण्ड AB को बिन्दु C पर काटे। ऐसा करने के लिए, आप \( \angle AA_3B \) के बराबर \( \angle AA_1C \) बना सकते हैं।
6. इस प्रकार, बिन्दु C रेखाखण्ड AB को 1 : 2 के अनुपात में विभाजित करता है।
सत्यापन:
त्रिभुज \( \triangle ABA_3 \) में, चूँकि \( BA_3 || CA_1 \) है, तो आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के अनुसार:
\( \frac { AC }{ CB } = \frac { AA_1 }{ A_1A_3 } \)
\( \frac { AC }{ CB } = \frac { 1 }{ 2 } \)
\( \implies \)
\( \frac { CB }{ AC } = \frac { A_1A_3 }{ AA_1 } \)
\( \frac { CB }{ AC } + 1 = \frac { A_1A_3 }{ AA_1 } + 1 \)
\( \implies \)
\( \frac { CB + AC }{ AC } = \frac { A_1A_3 + AA_1 }{ AA_1 } \)
\( \frac { AB }{ AC } = \frac { 3 }{ 1 } \)
\( \implies \)
\( AC = \frac { 1 }{ 3 } AB \)
इससे साबित होता है कि C, AB को 1:2 के अनुपात में बांटता है।
In simple words: एक रेखा को 8.3 सेमी. लंबा खींचें। एक तरफ से एक तिरछी लाइन बनाएं और उस पर तीन बराबर निशान लगाएं। आखिरी निशान को मुख्य रेखा के दूसरे छोर से मिलाएं। पहले निशान से एक समानांतर रेखा खींचें जो मुख्य रेखा को काटे। यह बिंदु रेखा को 1:2 के अनुपात में बांट देगा।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप चाप और समानांतर रेखाओं की रचना के चरणों को सही ढंग से क्रमबद्ध करें। सत्यापन भाग में BPT का उपयोग करके अपने परिणाम को गणितीय रूप से सिद्ध करें।
Question 3. किसी दिए गए बिंदु O पर 2.8 सेमी त्रिज्या का वृत्त बनाइए। वृत्त पर बिंदु P लेकर OP पर लम्बवत XY रेखा खींचिए।
Answer:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 2.8 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. इस वृत्त की परिधि पर कोई भी बिन्दु P लीजिए।
3. बिन्दु P पर रेखाखण्ड OP के लम्बवत् एक रेखा XY खींचिए। आप परकार और रूलर का उपयोग करके 90 डिग्री का कोण बना सकते हैं।
यह रेखा XY वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखा होगी। यह रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, जो बिंदु P है।
In simple words: एक गोल घेरा (वृत्त) बनाएं। उसके बीच में एक बिंदु O है। वृत्त पर कहीं भी एक और बिंदु P लें। O और P को सीधी रेखा से जोड़ें। अब P पर एक सीधी रेखा (XY) बनाएं जो OP रेखा से ठीक 90 डिग्री पर हो। यही आपकी स्पर्श रेखा है।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखा हमेशा वृत्त की त्रिज्या के लम्बवत् होती है, उस बिन्दु पर जहाँ वह वृत्त को छूती है। यह ज्यामिति का एक महत्वपूर्ण नियम है।
Question 4. एक 3 सेमी. त्रिज्या के व्यास के दोनों सिरों पर स्पर्श रेखाओं की रचना कीजिए। क्या वह परस्पर प्रतिच्छेद करेगी? कारण सहित उत्तर लिखिए।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 3.0 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. अब वृत्त का एक व्यास PQ खींचिए, जो केंद्र O से होकर गुजरता हो।
3. बिन्दु P पर OP के लम्बवत् एक रेखा (APB) खींचिए और बिन्दु Q पर OQ के लम्बवत् एक रेखा (XQY) खींचिए। ये APB और XQY वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
4. इन स्पर्श रेखाओं को रेखाखंड AB और XY तक बढ़ाइए।
उत्तर:
नहीं, दोनों स्पर्श रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद नहीं करेंगी। इसका कारण यह है कि दोनों स्पर्श रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर हैं। जब दो स्पर्श रेखाएँ वृत्त के व्यास के सिरों पर खींची जाती हैं, तो वे वृत्त की त्रिज्या के लम्बवत् होती हैं और इसलिए आपस में समानांतर होती हैं। समानांतर रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
In simple words: एक 3 सेमी त्रिज्या का गोल घेरा बनाएं। उसके बीच से एक सीधी रेखा खींचें जो किनारे तक जाए (व्यास)। व्यास के दोनों सिरों पर, घेरे को छूती हुई दो सीधी रेखाएं बनाएं (स्पर्श रेखाएं)। ये दोनों रेखाएं कभी नहीं मिलेंगी क्योंकि वे एक-दूसरे के समानांतर होती हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक वृत्त के व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ हमेशा समानांतर होती हैं। इस नियम को समझें और इसे अपने कारण के रूप में प्रस्तुत करें।
Question 5. 3.1 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त बनाइए। वृत्त की परिधि पर एक बिन्दु P से 2.3 सेमी त्रिज्या का चाप काट कर जीवा PQ प्राप्त कीजिए। इस जीवा के दोनों सिरों पर स्पर्श रेखाएँ खींचिए।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 3.1 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. वृत्त की परिधि पर कोई एक बिन्दु P लीजिए। अब P को केंद्र मानकर 2.3 सेमी. त्रिज्या का एक चाप वृत्त की परिधि पर काटिए, जिससे बिन्दु Q प्राप्त होगा। PQ वृत्त की जीवा है।
3. अब त्रिज्या OP और OQ को मिलाइए। बिन्दु P पर OP के लम्बवत् एक रेखा APB खींचिए। इसी प्रकार, बिन्दु Q पर OQ के लम्बवत् एक रेखा XQY खींचिए।
4. रेखाओं AP और QX को आगे B और Y तक बढ़ाइए। रेखाएँ APB और XQY वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं जो जीवा PQ के सिरों पर खींची गई हैं।
In simple words: एक 3.1 सेमी त्रिज्या का गोल घेरा बनाएं। घेरे पर एक बिंदु P लें। P से 2.3 सेमी दूर घेरे पर एक और बिंदु Q खोजें। P और Q पर दो सीधी रेखाएं बनाएं जो घेरे को सिर्फ एक बार छूती हों। ये स्पर्श रेखाएं होंगी।
🎯 Exam Tip: इस तरह की रचना में, जीवा को सही ढंग से अंकित करना और फिर प्रत्येक सिरे पर लम्ब खींचना महत्वपूर्ण है। स्पर्श रेखाएँ लम्बवत् होनी चाहिएं।
Question 6. एक 2.7 सेमी. त्रिज्या लेकर एक वृत्त की रचना कीजिए। उस वृत्त पर एक स्पर्श रेखा खींचिए।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 2.7 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. इस वृत्त की परिधि पर कोई भी बिन्दु P लीजिए।
3. अब केंद्र O को बिन्दु P से मिलाइए (त्रिज्या OP)। बिन्दु P पर रेखाखण्ड OP के लम्बवत् एक रेखा XY खींचिए। आप परकार और रूलर का उपयोग करके 90 डिग्री का कोण बना सकते हैं।
यह रेखा XY वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखा होगी। यह रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, जो बिंदु P है।
In simple words: एक 2.7 सेमी त्रिज्या का गोल घेरा (वृत्त) बनाएं। उसके बीच में एक बिंदु O है। वृत्त पर कहीं भी एक बिंदु P लें। O और P को सीधी रेखा से जोड़ें। अब P पर एक सीधी रेखा (XY) बनाएं जो OP रेखा से ठीक 90 डिग्री पर हो। यही आपकी स्पर्श रेखा है।
🎯 Exam Tip: वृत्त पर किसी भी बिंदु पर स्पर्श रेखा बनाने के लिए, उस बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत एक रेखा खींचें। यह सबसे सरल और सीधी विधि है।
Question 7. 2.4 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त बनाइए। इसके केन्द्र पर 60° का कोण बनाती हुई दो त्रिज्याएँ OA और OB खींचिए। बिन्दु A और B पर समकोण की रचना करके स्पर्श रेखाएँ AT और BT प्राप्त कीजिए। कोण ATP को मापकर लिखिए।
Answer:
1. सबसे पहले, 2.4 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए और उसका केंद्र O चिह्नित कीजिए।
2. केंद्र O पर 60° का कोण बनाते हुए दो त्रिज्याएँ OA और OB खींचिए।
3. बिन्दु A पर त्रिज्या OA के लम्बवत् एक रेखा (स्पर्श रेखा AT) खींचिए। इसी प्रकार, बिन्दु B पर त्रिज्या OB के लम्बवत् एक रेखा (स्पर्श रेखा BT) खींचिए। ये दोनों स्पर्श रेखाएँ एक दूसरे को बिन्दु T पर काटेंगी।
4. कोण \( \angle ATP \) को मापने पर, हमें \( \angle ATP = 120° \) प्राप्त होगा। यह कोण चतुर्भुज AOBT के कोणों के योग से भी निकाला जा सकता है, जहाँ \( \angle A = \angle B = 90° \) और \( \angle AOB = 60° \) है।
In simple words: एक 2.4 सेमी त्रिज्या का गोल घेरा बनाएं। उसके बीच से दो रेखाएं (त्रिज्याएं) बनाएं जो एक दूसरे से 60 डिग्री का कोण बनाती हों। जहां ये रेखाएं घेरे को छूती हैं, वहां से सीधी लाइनें (स्पर्श रेखाएं) खींचें जो घेरे के बाहर मिलें। फिर उस बिंदु पर बने कोण को मापें।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार की रचना में, चतुर्भुज AOBT में, त्रिज्या और स्पर्श रेखा के बीच का कोण हमेशा 90° होता है। यह गुण आपको अज्ञात कोण ज्ञात करने में मदद करता है, जैसे \( \angle ATB = 180° - \angle AOB \)।
Question 8. एक 3.2 सेमी. त्रिज्या का वृत्त खींचिए। उस पर दो स्पर्श रेखाएँ इस प्रकार खींचिए कि वे परस्पर 70° का कोण बनाती हों।
Answer:
हल:
यह दिया गया है कि स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण \( \angle ATB = 70° \) है।
हमें पता है कि त्रिज्याएँ और स्पर्श रेखाएँ संपर्क बिन्दुओं पर लम्बवत् होती हैं, इसलिए \( \angle OAT = \angle OBT = 90° \)।
एक चतुर्भुज AOBT के सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
इसलिए, \( \angle AOB + \angle OAT + \angle OBT + \angle ATB = 360° \)
\( \angle AOB + 90° + 90° + 70° = 360° \)
\( \angle AOB + 250° = 360° \)
\( \implies \)
\( \angle AOB = 360° - 250° = 110° \)
रचना के चरण:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 3.2 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. अब वृत्त की कोई भी त्रिज्या OA खींचिए।
3. केंद्र O पर \( \angle AOB = 110° \) का कोण बनाते हुए एक और त्रिज्या OB खींचिए।
4. बिन्दु A पर त्रिज्या OA के लम्बवत् एक रेखा (स्पर्श रेखा AT) खींचिए। इसी प्रकार, बिन्दु B पर त्रिज्या OB के लम्बवत् एक रेखा (स्पर्श रेखा BT) खींचिए। ये दोनों स्पर्श रेखाएँ एक दूसरे को बिन्दु T पर काटेंगी।
इस प्रकार, AT और BT अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं जो परस्पर 70° का कोण बनाती हैं।
In simple words: 3.2 सेमी त्रिज्या का एक गोल घेरा बनाएं। केंद्र से दो रेखाएं (त्रिज्याएं) बनाएं जो एक-दूसरे से 110 डिग्री का कोण बनाती हों। जहां ये रेखाएं घेरे को छूती हैं, वहां से दो और सीधी रेखाएं (स्पर्श रेखाएं) खींचें जो घेरे के बाहर मिलें। ये स्पर्श रेखाएं एक-दूसरे से 70 डिग्री का कोण बनाएंगी।
🎯 Exam Tip: यह एक मानक निर्माण है जहाँ केंद्र पर बनने वाला कोण और स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण संपूरक होते हैं (अर्थात् उनका योग 180° होता है)। इस संबंध का उपयोग करके आप आसानी से केंद्रीय कोण की गणना कर सकते हैं।
Question 9. 3 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त बनाइए जिसका केन्द्र O है। केन्द्र O से 5 सेमी दूर स्थित बिन्दु P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींचिए।
Answer:
रचना के चरण:
1. सबसे पहले, एक बिन्दु O को केंद्र मानकर 3 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. केंद्र O से 5 सेमी. दूर एक बिन्दु P लीजिए और OP को मिलाइए।
3. रेखाखण्ड OP का लम्ब समद्विभाजक (perpendicular bisector) खींचिए। यह OP को एक बिन्दु C पर काटेगा। C रेखाखण्ड OP का मध्य-बिन्दु है।
4. बिन्दु C को केंद्र मानकर और OC (या CP) त्रिज्या लेकर एक और वृत्त खींचिए। यह वृत्त पहले वाले वृत्त को दो बिन्दुओं A और B पर काटेगा।
5. बिन्दु P को A और B से मिलाइए। PA और PB ही वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं जो बाहरी बिन्दु P से खींची गई हैं। PA और PB की लंबाई समान होगी।
In simple words: एक 3 सेमी त्रिज्या का गोल घेरा बनाएं। केंद्र से 5 सेमी दूर एक बिंदु P लें। P से घेरे तक दो सीधी रेखाएं (स्पर्श रेखाएं) बनाएं जो घेरे को केवल एक बार छूती हों। ऐसा करने के लिए, आप केंद्र से P तक की रेखा का मध्य-बिंदु खोजें और उसे केंद्र मानकर एक और घेरा बनाएं। जहां ये दोनों घेरे मिलते हैं, उन्हें P से जोड़ दें।
🎯 Exam Tip: बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई हमेशा समान होती है। यह एक महत्वपूर्ण गुण है जिसे आप अपनी रचना की सटीकता की जांच के लिए उपयोग कर सकते हैं।
Question 10. दो वृत्त जिनकी त्रिज्याएँ 3 सेमी. एवं 4 सेमी. हैं और जिनके केन्द्रों के मध्य की दूरी 8 सेमी. है। दोनों वृत्तों पर कितनी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं? दो उभयनिष्ठ अनुस्पर्श रेखाओं की रचना कीजिए।
Answer:
हल:
दिया है-
पहले वृत्त की त्रिज्या \( r_1 = 4 \) सेमी.
दूसरे वृत्त की त्रिज्या \( r_2 = 3 \) सेमी.
दोनों केन्द्रों के बीच की दूरी \( C_1C_2 = 8 \) सेमी.
यहाँ, \( r_1 + r_2 = 4 + 3 = 7 \) सेमी.
चूँकि \( C_1C_2 = 8 \) सेमी., और \( r_1 + r_2 = 7 \) सेमी.,
हम देखते हैं कि \( C_1C_2 > r_1 + r_2 \) (यानी, 8 > 7)।
जब दो वृत्तों के केन्द्रों के बीच की दूरी उनकी त्रिज्याओं के योग से अधिक होती है, तो उन पर चार उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं। इनमें से दो अनुस्पर्श (सीधी) स्पर्श रेखाएँ और दो तिर्यक (अप्रत्यक्ष) स्पर्श रेखाएँ होती हैं।
अतः, इस स्थिति में चार उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं। हमें दो उभयनिष्ठ अनुस्पर्श रेखाओं की रचना करनी है।
रचना के चरण (उभयनिष्ठ अनुस्पर्श रेखाएँ):
1. सबसे पहले, दो वृत्त खींचिए जिनकी त्रिज्याएँ 3 सेमी. और 4 सेमी. हैं। उनके केंद्र \( C_1 \) और \( C_2 \) के बीच की दूरी 8 सेमी. रखिए।
2. अब \( C_1 \) को केंद्र मानकर एक और वृत्त खींचिए जिसकी त्रिज्या \( r_1 - r_2 = 4 - 3 = 1 \) सेमी. हो। इसे 'अंतर वृत्त' कहते हैं।
3. रेखाखण्ड \( C_1C_2 \) का लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो \( C_1C_2 \) को बिन्दु O पर काटेगा। O को केंद्र मानकर और \( OC_1 \) (या \( OC_2 \)) त्रिज्या लेकर एक तीसरा वृत्त खींचिए।
4. यह तीसरा वृत्त अंतर वृत्त (1 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त) को दो बिन्दुओं पर काटेगा (मान लीजिए P और Q)। \( C_2P \) और \( C_2Q \) को मिलाइए।
5. \( C_2P \) को \( C_1 \) से गुज़रते हुए \( R \) तक बढ़ाएँ, जहाँ \( R \) बड़े वृत्त \( C_1 \) पर है। \( C_2Q \) को \( C_1 \) से गुज़रते हुए \( S \) तक बढ़ाएँ, जहाँ \( S \) बड़े वृत्त \( C_1 \) पर है।
6. अब \( R \) और \( S \) से \( C_1C_2 \) के समानांतर रेखाएँ खींचिए जो छोटे वृत्त \( C_2 \) को T और U पर काटें।
7. \( RT \) और \( SU \) को मिलाइए। \( RT \) और \( SU \) अभीष्ट उभयनिष्ठ अनुस्पर्श रेखाएँ हैं।
In simple words: दो गोले बनाएं, एक 4 सेमी. और दूसरा 3 सेमी. त्रिज्या का। उनके बीच की दूरी 8 सेमी. रखें। आप इन पर चार सीधी छूने वाली रेखाएं (स्पर्श रेखाएं) खींच सकते हैं। सीधी स्पर्श रेखाएं बनाने के लिए, एक नए छोटे वृत्त का उपयोग करें जिसकी त्रिज्या दोनों मूल वृत्तों की त्रिज्याओं का अंतर हो।
🎯 Exam Tip: वृत्तों की स्थिति के आधार पर उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाओं की संख्या बदलती है। जब \( C_1C_2 > r_1 + r_2 \) हो, तो चार उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ संभव होती हैं (दो अनुस्पर्श और दो तिर्यक)। यह याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 11. दो वृत्तों, जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः 1.7 सेमी. और 2.8 सेमी. हैं, की एक उभयनिष्ठ तिर्यक स्पर्श रेखा की रचना कीजिए जबकि दोनों के केन्द्र एक दूसरे से 6 सेमी. दूरी पर हैं।
Answer:
हल:
दिया है-
पहले वृत्त की त्रिज्या \( r_1 = 1.7 \) सेमी.
दूसरे वृत्त की त्रिज्या \( r_2 = 2.8 \) सेमी.
दोनों केन्द्रों के बीच की दूरी \( C_1C_2 = 6 \) सेमी.
रचना के चरण (उभयनिष्ठ तिर्यक स्पर्श रेखाएँ):
1. सबसे पहले, \( C_1C_2 = 6 \) सेमी. लम्बा एक रेखाखण्ड खींचिए। अब \( C_1 \) को केंद्र मानकर 1.7 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए और \( C_2 \) को केंद्र मानकर 2.8 सेमी. त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. अब \( C_1 \) को केंद्र मानकर एक और वृत्त खींचिए जिसकी त्रिज्या \( r_1 + r_2 = 1.7 + 2.8 = 4.5 \) सेमी. हो। इसे 'योग वृत्त' कहते हैं।
3. रेखाखण्ड \( C_1C_2 \) का लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो \( C_1C_2 \) को बिन्दु O पर काटेगा। O को केंद्र मानकर और \( OC_1 \) (या \( OC_2 \)) त्रिज्या लेकर एक तीसरा वृत्त खींचिए।
4. यह तीसरा वृत्त योग वृत्त (4.5 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त) को दो बिन्दुओं पर काटेगा (मान लीजिए R और R')। \( C_2R \) और \( C_2R' \) को मिलाइए। ये रेखाएँ योग वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।
5. \( C_2R \) रेखा जहाँ 4.5 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त को छूती है, वहाँ से \( C_1 \) को एक रेखा \( C_1Q \) समानांतर \( C_2R \) खींचिए जो 1.7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त को Q पर काटे।
6. \( C_2R \) को आगे बढ़ाइए ताकि वह बड़े वृत्त \( C_2 \) को P पर काटे।
7. अब \( PQ \) को मिलाइए। \( PQ \) ही अभीष्ट उभयनिष्ठ तिर्यक स्पर्श रेखा है। इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ दोहराकर दूसरी तिर्यक स्पर्श रेखा प्राप्त की जा सकती है।
In simple words: दो गोले बनाएं, एक 1.7 सेमी. और दूसरा 2.8 सेमी. त्रिज्या का। उनके बीच की दूरी 6 सेमी. रखें। तिर्यक स्पर्श रेखा (एक लाइन जो दोनों गोलों को क्रॉस करती हुई छूती है) बनाने के लिए, एक नया बड़ा वृत्त बनाएं जिसकी त्रिज्या दोनों मूल वृत्तों की त्रिज्याओं का योग हो।
🎯 Exam Tip: तिर्यक स्पर्श रेखाओं के लिए, सहायक वृत्त की त्रिज्या दोनों मूल वृत्तों की त्रिज्याओं के योग के बराबर होती है। अनुस्पर्श रेखाओं के लिए, यह त्रिज्याओं के अंतर के बराबर होती है।
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