Official RBSE Solutions for Class 10 Mathematics: Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा
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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा
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Question 1. निम्न में से प्रत्येक कथन सत्य या असत्य है लिखिए और उत्तर का कारण भी लिखिए।
1. किसी वृत्त की स्पर्श रेखा वह रेखा है जो वृत्त को दो बिन्दु पर प्रतिच्छेद करती है।
2. एक स्पर्श रेखा XY, O केन्द्र वाले वृत्त को P पर स्पर्श करती है और Q स्पर्श रेखा पर अन्य बिन्दु है तो OP = OQ होता है।
3. वृत्त पर स्थित बिन्दु P व Q पर दो स्पर्श रेखाएँ LM एवं XY खींची गई हैं। यदि PQ व्यास है तो LMIXY है।
4. एक वृत्त का केन्द्र O दूसरे वृत्त पर स्थित है जिसका केन्द्र A है। यदि O केन्द्र वाला वृत्त बिन्दु A और B से इस प्रकार गुजरता है कि AOB एक ही रेखा पर हो, तो B से खींची गई स्पर्श रेखाएँ दोनों वृत्तों के प्रतिच्छेदी बिन्दुओं से गुजरती हैं।
Answer:
1. यह कथन **असत्य** है। **कारण:** हम जानते हैं कि वृत्त की स्पर्श रेखा उसे केवल एक बिन्दु पर प्रतिच्छेद करती है। यदि कोई रेखा दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है, तो वह छेदक रेखा कहलाती है।
2. यह कथन **असत्य** है। **कारण:** त्रिज्या OP स्पर्श रेखा XY पर लम्ब होती है। वृत्त के केंद्र से स्पर्श बिंदु तक की दूरी त्रिज्या कहलाती है और यह सभी अन्य दूरियों से छोटी होती है।
3. यह कथन **सत्य** है। **कारण:** हम जानते हैं कि यदि वृत्त के किसी व्यास के सिरों पर स्पर्श रेखाएँ खींची जाती हैं, तो वे आपस में एक-दूसरे के समान्तर होती हैं।
4. यह कथन **सत्य** है। **कारण:** AOB एक व्यास है और एक अर्द्धवृत्त पर बना कोण हमेशा समकोण (90°) होता है। यह वृत्त की एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय विशेषता है।
In simple words: हमें यह बताना है कि दिए गए कथन सही हैं या गलत, और साथ में उनका कारण भी समझाना है। वृत्त की स्पर्श रेखा केवल एक जगह छूती है, त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है, और व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ समान्तर होती हैं।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति के प्रश्नों को हल करते समय वृत्त की मूलभूत परिभाषाओं और प्रमेयों को याद रखना बहुत ज़रूरी है। प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप उसके पीछे के तर्क को पूरी तरह समझते हैं।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
1. एक वृत्त पर स्थित एक बिन्दु से ________ स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
2. वृत्त को दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा ________ कहलाती है।
3. एक वृत्त की ________ समान्तर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं।
4. वृत्त तथा स्पर्श रेखा के उभयनिष्ठ बिन्दु को ________ कहते हैं।
Answer:
1. एक वृत्त पर स्थित एक बिन्दु से **एक** स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
2. वृत्त को दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा **छेदक रेखा** कहलाती है।
3. एक वृत्त की **दो** समान्तर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं। यह दोनों समान्तर स्पर्श रेखाएँ व्यास के विपरीत सिरों पर होती हैं।
4. वृत्त तथा स्पर्श रेखा के उभयनिष्ठ बिन्दु को **स्पर्श बिन्दु** कहते हैं।
In simple words: वृत्त से जुड़े कुछ खाली स्थानों को भरना है। एक बिन्दु से एक स्पर्श रेखा, दो बिन्दुओं से गुजरने वाली रेखा छेदक रेखा, दो समान्तर स्पर्श रेखाएँ और स्पर्श रेखा तथा वृत्त के मिलने वाले बिन्दु को स्पर्श बिन्दु कहते हैं।
🎯 Exam Tip: वृत्त और स्पर्श रेखा से संबंधित इन मूलभूत परिभाषाओं को याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यह ज्यामिति के कई अन्य प्रमेयों को समझने का आधार है।
Question 3. दो संकेन्द्रीय वृत्तों जिनकी त्रिज्याएँ 5 cm और 3 cm हैं, बड़े वृत्त की उस जीवा की लम्बाई ज्ञात कीजिए जो छोटे वृत्त को स्पर्श करती है।
Answer:
माना दो संकेन्द्रीय वृत्त हैं जिनका केन्द्र \(O\) है। बड़े वृत्त की त्रिज्या \(R = 5\) सेमी. और छोटे वृत्त की त्रिज्या \(r = 3\) सेमी. है। मान लीजिए \(PQ\) बड़े वृत्त की वह जीवा है जो छोटे वृत्त को \(M\) पर स्पर्श करती है।
चूंकि \(PQ\) छोटे वृत्त की स्पर्श रेखा है और \(OM\) छोटे वृत्त की त्रिज्या है, इसलिए त्रिज्या स्पर्श बिन्दु पर स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है।
\( \implies OM \perp PQ \)
इसलिए, \( \triangle OMP \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(OP\) कर्ण है।
\( OP = 5 \) सेमी. (बड़े वृत्त की त्रिज्या)
\( OM = 3 \) सेमी. (छोटे वृत्त की त्रिज्या)
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( OP^2 = OM^2 + PM^2 \)
\( 5^2 = 3^2 + PM^2 \)
\( 25 = 9 + PM^2 \)
\( PM^2 = 25 - 9 \)
\( PM^2 = 16 \)
\( PM = \sqrt{16} \)
\( PM = 4 \) सेमी.
अब, हम जानते हैं कि वृत्त के केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।
\( \implies PQ = 2 \times PM \)
\( PQ = 2 \times 4 \)
\( PQ = 8 \) सेमी.
अतः, बड़े वृत्त की जीवा की लम्बाई 8 सेमी. है।
In simple words: हमारे पास दो वृत्त हैं जिनका केंद्र एक ही है। बड़े वृत्त की जीवा छोटे वृत्त को छूती है। हमने पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके आधे जीवा की लम्बाई निकाली और फिर उसे दोगुना करके पूरी जीवा की लम्बाई 8 सेमी. प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक वृत्त की त्रिज्या स्पर्श बिन्दु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है। यह एक समकोण त्रिभुज बनाता है, जिससे आप पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग कर सकते हैं।
Question 4. किसी वृत्त के केन्द्र से 10 सेमी. दूर स्थित किसी बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लम्बाई यदि 4 सेमी. है तो वत्त की त्रिज्या कितनी होगी?
Answer:
मान लीजिए वृत्त का केन्द्र \(O\) है और \(A\) वृत्त के बाहर एक बिन्दु है। केन्द्र \(O\) से बिन्दु \(A\) की दूरी \(OA = 10\) सेमी. है। स्पर्श रेखा \(PA\) की लम्बाई \(4\) सेमी. है। हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श बिन्दु पर स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है।
\( \implies OP \perp PA \)
इसलिए, \( \triangle OPA \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(OA\) कर्ण है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( OA^2 = OP^2 + PA^2 \)
\( 10^2 = OP^2 + 4^2 \)
\( 100 = OP^2 + 16 \)
\( OP^2 = 100 - 16 \)
\( OP^2 = 84 \)
\( OP = \sqrt{84} \)
\( OP = \sqrt{4 \times 21} \)
\( OP = 2\sqrt{21} \) सेमी.
अतः, वृत्त की त्रिज्या \(2\sqrt{21}\) सेमी. होगी। त्रिज्या हमेशा स्पर्श रेखा के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती है।
In simple words: हमें वृत्त की त्रिज्या निकालनी है। हमें केंद्र से बाहरी बिन्दु की दूरी (10 सेमी) और स्पर्श रेखा की लम्बाई (4 सेमी) दी गई है। हमने समकोण त्रिभुज और पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके त्रिज्या \(2\sqrt{21}\) सेमी. प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: जब स्पर्श रेखा और त्रिज्या शामिल हों, तो हमेशा याद रखें कि स्पर्श बिन्दु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है। इससे एक समकोण त्रिभुज बनता है जहाँ आप पाइथागोरस प्रमेय का आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
Question 5. एक O केन्द्र वाला वृत्त, चतुर्भुज ABCD की चारों भुजाओं को अन्तःस्पर्श इस प्रकार करता है यदि AB को स्पर्श बिन्दु 3:1 भागों में विभाजित करे तथा AB = 8 सेमी. है तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जबकि OA = 10 सेमी. है।
Answer:
प्रश्नानुसार, एक वृत्त चतुर्भुज \(ABCD\) की चारों भुजाओं को स्पर्श कर रहा है और इसका केन्द्र \(O\) है। स्पर्श रेखा \(AB\) पर स्पर्श बिन्दु \(E\) है। \(AB\) को \(E\) बिन्दु \(3:1\) के अनुपात में विभाजित करता है।
हमें दिया गया है:
\(AB = 8\) सेमी.
\(OA = 10\) सेमी.
अब, हम \(AE\) और \(EB\) की लम्बाई ज्ञात करेंगे:
\(AE = \frac{3}{3+1} \times AB = \frac{3}{4} \times 8 = 6\) सेमी.
\(EB = \frac{1}{3+1} \times AB = \frac{1}{4} \times 8 = 2\) सेमी.
हमें पता है कि स्पर्श बिन्दु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है।
\( \implies OE \perp AB \)
इसलिए, \( \triangle OEA \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(OA\) कर्ण है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( OA^2 = OE^2 + AE^2 \)
\( 10^2 = OE^2 + 6^2 \)
\( 100 = OE^2 + 36 \)
\( OE^2 = 100 - 36 \)
\( OE^2 = 64 \)
\( OE = \sqrt{64} \)
\( OE = 8 \) सेमी.
अतः, वृत्त की अभीष्ट त्रिज्या 8 सेमी. है। वृत्त की त्रिज्या हमेशा स्पर्श बिंदु पर भुजा के लंबवत होती है, जिससे पाइथागोरस प्रमेय लागू करना आसान हो जाता है।
In simple words: एक वृत्त एक चार भुजाओं वाली आकृति (चतुर्भुज) के अंदर है। हमें वृत्त की त्रिज्या निकालनी है। हमने पहले भुजा AB को 3:1 के अनुपात में बांटा, जिससे AE की लम्बाई 6 सेमी. मिली। फिर, हमने पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके, OA (10 सेमी.) और AE (6 सेमी.) से त्रिज्या (OE) को 8 सेमी. पाया।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों को हल करते समय, यह समझना महत्वपूर्ण है कि एक वृत्त को चतुर्भुज के अंदर स्पर्श करने वाली भुजाओं पर त्रिज्याएँ लम्बवत् होती हैं। इससे समकोण त्रिभुज बनते हैं जहाँ पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग किया जा सकता है।
Question 6. एक वृत्त एक चतुर्भुज की सभी भुजाओं को स्पर्श करता है। सिद्ध कीजिए कि केन्द्र पर सम्मुख भुजाओं द्वारा आन्तरित कोण सम्पूरक होते हैं।
Answer:
**दिया है:**
एक वृत्त जिसका केन्द्र \(O\) है, एक चतुर्भुज \(PQRS\) की सभी भुजाओं \(PQ, QR, RS\) और \(SP\) को क्रमशः \(L, M, N\) और \(T\) पर स्पर्श करता है।
**सिद्ध करना है:**
\( \angle POQ + \angle SOR = 180^\circ \)
और \( \angle SOP + \angle ROQ = 180^\circ \)
**रचना:**
केन्द्र \(O\) से सभी शीर्षों \(P, Q, R, S\) को मिलाएँ और सभी स्पर्श बिन्दुओं \(L, M, N, T\) को भी केन्द्र \(O\) से मिलाएँ।
**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि वृत्त के बाहरी बिन्दु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाएँ केन्द्र पर समान कोण बनाती हैं।
\( \implies \triangle OPL \cong \triangle OPT \) (RHS सर्वांगसमता)
\( \implies \angle 1 = \angle 8 \)
इसी प्रकार,
\( \angle 2 = \angle 3 \) (Q से स्पर्श रेखाएँ)
\( \angle 4 = \angle 5 \) (R से स्पर्श रेखाएँ)
\( \angle 6 = \angle 7 \) (S से स्पर्श रेखाएँ)
हम यह भी जानते हैं कि एक बिन्दु पर बने सभी कोणों का योग \(360^\circ\) होता है।
\( \implies \angle 1 + \angle 2 + \angle 3 + \angle 4 + \angle 5 + \angle 6 + \angle 7 + \angle 8 = 360^\circ \)
समान कोणों को प्रतिस्थापित करने पर:
\( \angle 1 + \angle 2 + \angle 2 + \angle 5 + \angle 5 + \angle 6 + \angle 6 + \angle 1 = 360^\circ \)
\( 2(\angle 1 + \angle 2 + \angle 5 + \angle 6) = 360^\circ \)
\( \angle 1 + \angle 2 + \angle 5 + \angle 6 = \frac{360^\circ}{2} \)
\( \angle 1 + \angle 2 + \angle 5 + \angle 6 = 180^\circ \)
अब, \( \angle POQ = \angle 1 + \angle 2 \) और \( \angle SOR = \angle 5 + \angle 6 \)
\( \implies \angle POQ + \angle SOR = 180^\circ \)
इसी प्रकार,
\( \angle SOP + \angle ROQ = 180^\circ \)
अतः, वृत्त के परिगत बने चतुर्भुज के आमने-सामने की भुजाएँ केन्द्र पर सम्पूरक कोण आन्तरित करती हैं। यह प्रमेय वृत्त की स्पर्श रेखाओं के महत्वपूर्ण गुणों में से एक है।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि अगर एक वृत्त एक चार-भुजाओं वाली आकृति (चतुर्भुज) को छूता है, तो चतुर्भुज की सामने वाली भुजाएँ वृत्त के केंद्र पर जो कोण बनाती हैं, उनका जोड़ 180 डिग्री होता है। हम स्पर्श रेखाओं के गुणों का उपयोग करके यह सिद्ध करते हैं कि केंद्र पर बने सभी छोटे कोणों का योग 360 डिग्री होता है, और फिर जोड़-घटाव करके यह परिणाम निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए बाहरी बिन्दु से खींची गई स्पर्श रेखाओं द्वारा केंद्र पर बनाए गए बराबर कोणों के गुण का उपयोग करें। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक बिंदु के चारों ओर के सभी कोणों का योग 360° होता है।
Question 7. आकृति में, वृत्त का केन्द्र O है और बाह्य बिन्दु P से खींची हुई स्पर्श रेखाएँ PA और PB वृत्त को क्रमशः A व B पर स्पर्श करती हैं। सिद्ध कीजिए कि OP रेखाखण्ड AB का समद्विभाजक है।
Answer:
**दिया है:**
वृत्त का केन्द्र \(O\) है। बाहरी बिन्दु \(P\) से खींची गई स्पर्श रेखाएँ \(PA\) और \(PB\) वृत्त को क्रमशः \(A\) और \(B\) पर स्पर्श करती हैं। रेखाखण्ड \(OP\) जीवा \(AB\) को बिन्दु \(C\) पर प्रतिच्छेद करता है।
**सिद्ध करना है:**
\(OP\) रेखाखण्ड \(AB\) का समद्विभाजक है। (अर्थात् \(AC = BC\))
**उपपत्ति:**
\( \triangle PAC \) और \( \triangle PBC \) में,
\( PA = PB \) (वृत्त के बाहरी बिन्दु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लम्बाईयाँ बराबर होती हैं।)
\( \angle APC = \angle BPC \) (स्पर्श रेखाएँ \(OP\) के साथ बराबर कोण पर झुकी होती हैं।)
\( PC = PC \) (यह एक उभयनिष्ठ भुजा है।)
\( \implies \triangle PAC \cong \triangle PBC \) (SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCTC):
\( \implies AC = BC \)
और \( \angle ACP = \angle BCP \)
हम जानते हैं कि एक सीधी रेखा पर बने कोणों का योग \(180^\circ\) होता है:
\( \angle ACP + \angle BCP = 180^\circ \)
\( \implies \angle ACP = \angle BCP = \frac{180^\circ}{2} = 90^\circ \)
चूंकि \(OP\) रेखा \(AB\) को समद्विभाजित करती है और \(AB\) पर लम्बवत् भी है, अतः \(OP\) रेखाखण्ड \(AB\) का समद्विभाजक है।
In simple words: हमें यह दिखाना है कि एक बाहरी बिन्दु P से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं (PA, PB) को जोड़ने वाली जीवा (AB) को, P और केंद्र O को जोड़ने वाली रेखा (OP) दो बराबर भागों में बांटती है। हमने दो त्रिभुजों (PAC और PBC) को बराबर (सर्वांगसम) सिद्ध करके यह दिखाया कि AC और BC बराबर हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए बाहरी बिन्दु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लम्बाईयों की समानता और केंद्र पर बने कोणों के गुणों का उपयोग करें। सर्वांगसमता नियमों को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है।
Question 8. आकृति में, बाह्य बिन्दु P से O केन्द्र वाले वृत्त को PA एवं PB दो स्पर्श रेखाएँ क्रमशः A व B पर स्पर्श करती हैं। सिद्ध कीजिए कि PAOB एक चक्रीय चतुर्भुज है।
Answer:
**दिया है:**
एक वृत्त जिसका केन्द्र \(O\) है और बाहरी बिन्दु \(P\) से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ \(PA\) और \(PB\) खींची गई हैं, जो वृत्त को क्रमशः \(A\) और \(B\) पर स्पर्श करती हैं।
**सिद्ध करना है:**
चतुर्भुज \(PAOB\) एक चक्रीय चतुर्भुज है।
**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि वृत्त की त्रिज्या स्पर्श बिन्दु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है।
\( \implies OA \perp PA \)
\( \implies \angle OAP = 90^\circ \)
इसी प्रकार,
\( OB \perp PB \)
\( \implies \angle OBP = 90^\circ \)
अब, चतुर्भुज \(PAOB\) के चारों कोणों का योग \(360^\circ\) होता है।
\( \angle OAP + \angle APB + \angle OBP + \angle AOB = 360^\circ \)
दिए गए मानों को रखने पर:
\( 90^\circ + \angle APB + 90^\circ + \angle AOB = 360^\circ \)
\( 180^\circ + \angle APB + \angle AOB = 360^\circ \)
\( \implies \angle APB + \angle AOB = 360^\circ - 180^\circ \)
\( \implies \angle APB + \angle AOB = 180^\circ \)
हमें ज्ञात हुआ कि चतुर्भुज \(PAOB\) के सम्मुख कोणों (\(\angle APB\) और \(\angle AOB\)) का योग \(180^\circ\) है। एक चक्रीय चतुर्भुज वह होता है जिसके सम्मुख कोणों का योग 180 डिग्री होता है।
अतः, चतुर्भुज \(PAOB\) एक चक्रीय चतुर्भुज है।
In simple words: हमें यह दिखाना है कि PAOB एक चक्रीय चतुर्भुज है। हमें पता है कि त्रिज्या स्पर्श रेखा के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती है। तो, कोण OAP और OBP दोनों 90 डिग्री के हैं। एक चतुर्भुज के सभी कोणों का जोड़ 360 डिग्री होता है। जब हमने इसे हल किया, तो हमें पता चला कि सामने वाले कोणों (APB और AOB) का जोड़ 180 डिग्री है, जो इसे एक चक्रीय चतुर्भुज बनाता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण यह है कि त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है। यह गुण दो समकोण बनाता है, जिससे चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° सिद्ध करना आसान हो जाता है।
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