RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 12 वृत्त More Ques

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Detailed Chapter 12 वृत्त RBSE Solutions for Class 10 Mathematics

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Class 10 Mathematics Chapter 12 वृत्त RBSE Solutions PDF

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 से 20 तक)

Question 1. 10 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त के केन्द्र से 6 सेमी. दूर स्थित जीवा की लम्बाई
(a) 16 सेमी.
(b) 8 सेमी.
(c) 4 सेमी.
(d) 5 सेमी.
Answer: (a) 16 सेमी.
In simple words: वृत्त की त्रिज्या 10 सेमी. है और जीवा केंद्र से 6 सेमी. दूर है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, जीवा की आधी लंबाई 8 सेमी. आती है। इसलिए, जीवा की पूरी लंबाई 16 सेमी. है। केंद्र से जीवा की दूरी जितनी कम होती है, जीवा उतनी ही लंबी होती है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, वृत्त के केंद्र, जीवा के मध्य बिंदु और जीवा के एक सिरे को मिलाकर एक समकोण त्रिभुज बनता है। इस त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय लागू करके अज्ञात लंबाई ज्ञात की जा सकती है।

 

Question 2. 13 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त में 24 सेमी. लम्बी जीवा खींची गई है। जीवा की वृत्त के केन्द्र से दूरी है
(a) 12 सेमी.
(b) 5 सेमी.
(c) 6.5 सेमी.
(d) 12 सेमी.
Answer: (b) 5 सेमी.
In simple words: वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी. है और जीवा 24 सेमी. लंबी है। केंद्र से जीवा पर लंब जीवा को दो बराबर हिस्सों में बांटता है, इसलिए जीवा का आधा हिस्सा 12 सेमी. है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, केंद्र से जीवा की दूरी 5 सेमी. है। याद रखें, केंद्र से जितनी दूर जीवा होगी, वह उतनी ही छोटी होगी।

🎯 Exam Tip: जीवा की लंबाई दी होने पर, उसे आधा करके समकोण त्रिभुज की एक भुजा मान लें। त्रिज्या कर्ण होती है और केंद्र से दूरी दूसरी भुजा। पाइथागोरस प्रमेय लगाकर दूरी ज्ञात करें।

 

Question 3. लघुचाप का डिग्री माप होता है
(a) 180° से कम
(b) 180° से अधिक
(c) 360°
(d) 270°
Answer: (a) 180° से कम
In simple words: एक लघुचाप वृत्त का वह हिस्सा होता है जो 180 डिग्री से छोटा होता है। इसे मेजर आर्क के विपरीत माना जाता है, जो 180 डिग्री से बड़ा होता है।

🎯 Exam Tip: लघुचाप (minor arc) की माप हमेशा 0° और 180° के बीच होती है, जबकि दीर्घचाप (major arc) की माप 180° और 360° के बीच होती है। अर्धवृत्त (semicircle) की माप ठीक 180° होती है।

 

Question 5. एक वृत्त में केन्द्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ एक-दूसरे की होती हैं
(a) दुगुनी
(b) तिगुनी
(c) आधी
(d) बराबर
Answer: (d) बराबर
In simple words: यदि दो जीवाएँ वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर हैं, तो उनकी लंबाई भी एक समान होती है। यह एक वृत्त का मूलभूत गुण है।

🎯 Exam Tip: वृत्त के केंद्र से जीवा की दूरी और उसकी लंबाई के बीच सीधा संबंध होता है: जितनी कम दूरी, उतनी लंबी जीवा। समान दूरी पर, जीवाएं समान लंबाई की होती हैं।

 

Question 6. एक वृत्त के किसी चाप का डिग्रीमाप 180° है, वह चाप है
(a) दीर्घ चाप
(b) लघु चाप
(c) वृत्त
(d) अर्द्धवृत्त
Answer: (d) अर्द्धवृत्त
In simple words: यदि किसी चाप का माप ठीक 180 डिग्री है, तो इसका मतलब है कि वह वृत्त के व्यास के सिरों को जोड़ता है। ऐसा चाप एक अर्धवृत्त कहलाता है।

🎯 Exam Tip: 180° का चाप हमेशा वृत्त को दो बराबर हिस्सों में बांटता है, और हर हिस्सा एक अर्धवृत्त होता है।

 

Question 7. तीन संरेखीय बिन्दुओं से गुजरने वाले वृत्तों की संख्या है
(a) एक
(b) दो।
(c) शून्य
(d) अनन्त
Answer: (c) शून्य
In simple words: तीन संरेखीय बिन्दुओं से कोई भी वृत्त नहीं गुजर सकता। एक वृत्त बनाने के लिए हमेशा कम से कम तीन असंरेखीय बिन्दुओं की जरूरत होती है।

🎯 Exam Tip: तीन असंरेखीय बिन्दुओं से हमेशा एक और केवल एक अद्वितीय वृत्त ही खींचा जा सकता है। संरेखीय बिन्दुओं से एक सरल रेखा ही गुजर सकती है, वृत्त नहीं।

 

Question 9. यदि वृत्त का व्यास दो जीवाओं में से प्रत्येक को समद्विभाजित करे तो जीवाएँ होंगी
(a) समान्तर
(b) लम्बवत्
(c) प्रतिच्छेदी
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (a) समान्तर
In simple words: अगर वृत्त का व्यास दो जीवाओं को बराबर दो भागों में बाँटता है, तो इसका मतलब है कि व्यास उन दोनों जीवाओं पर लंब है। ऐसी दो जीवाएँ हमेशा एक-दूसरे के समान्तर होती हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि वृत्त के केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। यदि व्यास जीवा को समद्विभाजित करता है, तो वह जीवा पर लम्ब होता है। दो जीवाएं जो एक ही रेखा पर लंब होती हैं, वे समान्तर होती हैं।

 

Question 10. यदि सर्वांगसम वृत्तों में दो चाप बराबर हों, तो उनकी संगत जीवाएँ होंगी
(a) समान्तर
(b) समान
(c) लम्बवत्
(d) प्रतिच्छेदी
Answer: (b) समान
In simple words: सर्वांगसम वृत्त वे होते हैं जिनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं। यदि इन वृत्तों में दो चाप बराबर लंबाई के हों, तो उन चापों को जोड़ने वाली जीवाएँ भी एक समान लंबाई की होंगी। यह एक वृत्त का महत्वपूर्ण गुण है।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसम वृत्तों में, समान चाप समान कोण अंतरित करते हैं और समान कोण अंतरित करने वाले चाप समान लंबाई की जीवाएँ बनाते हैं।

 

Question 11. किसी वृत्त का AD एक व्यास है और AB एक जीवा है। यदि AD = 34 सेमी., AB = 30 सेमी. हैं, तो वृत्ते के केन्द्र से AB की दूरी है
(a) 17 सेमी.
(b) 15 सेमी.
(c) 4 सेमी.
(d) 8 सेमी.
Answer: (d) 8 सेमी.
In simple words: वृत्त का व्यास 34 सेमी. है, तो त्रिज्या 17 सेमी. होगी। जीवा की लंबाई 30 सेमी. है, इसलिए उसका आधा 15 सेमी. होगा। केंद्र से जीवा की दूरी निकालने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं, जो 8 सेमी. आती है।

🎯 Exam Tip: जब व्यास दिया हो, तो सबसे पहले त्रिज्या ज्ञात करें। फिर, केंद्र से जीवा पर डाले गए लम्ब से बनने वाले समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके आवश्यक दूरी या लंबाई ज्ञात करें।

 

Question 12. आकृति में, यदि OA = 5 सेमी., AB = 8 सेमी. तथा OD जीवा AB पर लम्ब है, तो CD बराबर है
(a) 2 सेमी.
(b) 3 सेमी.
(c) 4 सेमी.
(d) 5 सेमी.
Answer: (a) 2 सेमी.
In simple words: वृत्त की त्रिज्या \( OA = 5 \) सेमी. है और जीवा \( AB = 8 \) सेमी. है। यदि \( OD \) जीवा \( AB \) पर लंब है, तो \( D \) जीवा का मध्य बिंदु होगा, इसलिए \( AD = 4 \) सेमी.। अब समकोण त्रिभुज \( ODA \) में, \( OD^2 = OA^2 - AD^2 = 5^2 - 4^2 = 25 - 16 = 9 \), तो \( OD = 3 \) सेमी.। चूंकि \( OC = OA = 5 \) सेमी. (त्रिज्या), इसलिए \( CD = OC - OD = 5 - 3 = 2 \) सेमी. होगा।

🎯 Exam Tip: इस तरह के ज्यामितीय प्रश्नों में, दिए गए चित्र और जानकारियों का उपयोग करके पहले अज्ञात लम्बाइयों को ज्ञात करें। वृत्त की त्रिज्या हमेशा एक महत्वपूर्ण क्लू होती है।

 

Question 13. यदि AB = 12 सेमी., BC = 16 सेमी. और AB रेखाखण्ड BC पर लम्ब है, तो A, B और C से होकर जाने वाले वृत्त की त्रिज्या है
(a) 6 सेमी.
(b) 8 सेमी.
(c) 10 सेमी.
(d) 12 सेमी.
Answer: (c) 10 सेमी.
In simple words: चूँकि \( AB \) रेखाखंड \( BC \) पर लंब है, \( \angle ABC = 90^\circ \) है। जब तीन बिंदु एक वृत्त पर होते हैं और उनमें से एक कोण 90° का होता है, तो उस कोण के सामने वाली भुजा वृत्त का व्यास होती है। यहाँ, \( AC \) व्यास है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके \( AC = \sqrt{AB^2 + BC^2} = \sqrt{12^2 + 16^2} = \sqrt{144 + 256} = \sqrt{400} = 20 \) सेमी.। त्रिज्या व्यास का आधा होती है, इसलिए \( 20 / 2 = 10 \) सेमी.।

🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि एक अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है (90°)। इसका मतलब है कि यदि किसी त्रिभुज का एक कोण 90° है और उसके शीर्ष वृत्त पर स्थित हैं, तो 90° के सामने वाली भुजा वृत्त का व्यास होगी।

 

Question 14. आकृति में, यदि ∠ABC = 20° है, तो। ∠AOC बराबर है
OACBACBO20°
(a) 20°
(b) 40°
(c) 60°
(d) 10°
Answer: (b) 40°
In simple words: वृत्त के केंद्र पर बना कोण, परिधि के शेष भाग पर बने कोण का दोगुना होता है। यहाँ, \( \angle AOC \) केंद्र पर बना कोण है और \( \angle ABC \) परिधि पर बना कोण है। इसलिए, \( \angle AOC = 2 \times \angle ABC = 2 \times 20^\circ = 40^\circ \)।

🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को हमेशा याद रखें: एक ही चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण, वृत्त के शेष भाग पर किसी भी बिंदु पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।

 

Question 16. दिये गये चित्र में, AB वृत्त का व्यास है। यदि ∠BCD = 128° हो, तो ∠ABD का मान है
ODCBA128°(a) 26°
(b) 38°
(c) 52°
(d) 64°
Answer: (b) 38°
In simple words: \( ABCD \) एक चक्रीय चतुर्भुज है, इसलिए \( \angle DAB + \angle BCD = 180^\circ \)। यदि \( \angle BCD = 128^\circ \), तो \( \angle DAB = 180^\circ - 128^\circ = 52^\circ \)। चूँकि \( AB \) व्यास है, \( \angle ADB = 90^\circ \) (अर्धवृत्त में बना कोण)। अब \( \triangle ADB \) में, \( \angle ABD = 180^\circ - (\angle DAB + \angle ADB) = 180^\circ - (52^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 142^\circ = 38^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है। अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा 90° होता है। इन दो प्रमेयों का उपयोग ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए अक्सर किया जाता है।

 

Question 17. आकृति में, यदि ∠DAB = 60°, ∠ABD = 50° है, तो ∠ACB बराबर है
(a) 60°
(b) 50°
(c) 70°
(d) 80°
Answer: (c) 70°
In simple words: त्रिभुज \( ABD \) में, कोणों का योग 180° होता है। इसलिए, \( \angle ADB = 180^\circ - (\angle DAB + \angle ABD) = 180^\circ - (60^\circ + 50^\circ) = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ \)। एक ही वृत्त खंड में बने कोण बराबर होते हैं, इसलिए \( \angle ACB = \angle ADB = 70^\circ \)।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों के योग गुण और एक ही वृत्त खंड में बने कोणों के बराबर होने के गुण का उपयोग करके अज्ञात कोणों को आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।

 

Question 18. चतुर्भुज की एक भुजा AB उसके परिगत वृत्त का एक व्यास है तथा ∠ADC = 140° बराबर है
(a) 80°
(b) 50°
(c) 40°
(d) 30°
Answer: (b) 50°
In simple words: चूँकि \( ABCD \) एक चक्रीय चतुर्भुज है (क्योंकि इसके शीर्ष वृत्त पर हैं), इसके सम्मुख कोणों का योग 180° होता है। इसलिए, \( \angle ABC + \angle ADC = 180^\circ \)। यदि \( \angle ADC = 140^\circ \), तो \( \angle ABC = 180^\circ - 140^\circ = 40^\circ \)। यदि \( AB \) व्यास है, तो \( \angle ACB = 90^\circ \) (अर्धवृत्त में बना कोण)। अब \( \triangle ABC \) में, \( \angle BAC = 180^\circ - (\angle ABC + \angle ACB) = 180^\circ - (40^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के गुण और अर्धवृत्त में बने कोण के गुण का उपयोग करके जटिल कोणों की समस्याओं को हल किया जा सकता है। व्यास से जुड़ा समकोण कोण एक महत्वपूर्ण हिंट होता है।

 

Question 19. आकृति में, BC वृत्त का व्यास है तथा ∠BAO = 60° है। तब, ∠BAC बराबर है
OBCAD60°(a) 30°
(b) 45°
(c) 60°
(d) 120°
Answer: (c) 60°
 

विविध प्रश्नमाला 12

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 से 20 तक)

 

Question 1. 10 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त के केन्द्र से 6 सेमी. दूर स्थित जीवा की लम्बाई
(क) 16 सेमी.
(ख) 8 सेमी.
(ग) 4 सेमी.
(घ) 5 सेमी.
Answer: (क) 16 सेमी.
In simple words: एक वृत्त में, अगर केंद्र से जीवा की दूरी और त्रिज्या पता हो, तो हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके जीवा की आधी लंबाई निकाल सकते हैं, फिर उसे दोगुना करके पूरी जीवा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: जीवा की लंबाई ज्ञात करने के लिए हमेशा केंद्र से जीवा पर लम्ब डालो, जो जीवा को समद्विभाजित करता है। फिर समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग करें।

 

Question 2. 13 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त में 24 सेमी. लम्बी जीवा खींची गई है। जीवा की वृत्त के केन्द्र से दूरी है
(क) 12 सेमी.
(ख) 5 सेमी.
(ग) 6.5 सेमी.
(घ) 12 सेमी.
Answer: (ख) 5 सेमी.
In simple words: वृत्त की त्रिज्या और जीवा की लंबाई दी गई है। हमें यह पता लगाना है कि जीवा केंद्र से कितनी दूर है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके हम यह दूरी आसानी से ज्ञात कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को दो बराबर भागों में बाँटता है। इससे एक समकोण त्रिभुज बनता है जहाँ आप अज्ञात भुजा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।

 

Question 3. लघुचाप का डिग्री माप होता है
(क) 180° से कम
(ख) 180° से अधिक
(ग) 360°
(घ) 270°
Answer: (क) 180° से कम
In simple words: लघुचाप वृत्त का वह हिस्सा होता है जो अर्धवृत्त से छोटा होता है। इसलिए इसका माप हमेशा 180 डिग्री से कम होता है।

🎯 Exam Tip: वृत्त के चाप का माप उसके द्वारा केंद्र पर बने कोण के बराबर होता है। लघुचाप का कोण 180° से छोटा होता है, जबकि दीर्घचाप का कोण 180° से बड़ा होता है।

 

Question 5. एक वृत्त में केन्द्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ एक-दूसरे की होती हैं
(क) दुगुनी
(ख) तिगुनी
(ग) आधी
(घ) बराबर
Answer: (घ) बराबर
In simple words: वृत्त के केंद्र से जो जीवाएँ एक जैसी दूरी पर होती हैं, उनकी लंबाई हमेशा एक समान होती है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय बहुत महत्वपूर्ण है: "एक वृत्त में केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ बराबर होती हैं।" इसका विलोम भी सत्य है: "एक वृत्त की बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।"

 

Question 6. एक वृत्त के किसी चाप का डिग्रीमाप 180° है, वह चाप है
(क) दीर्घ चाप
(ख) लघु चाप
(ग) वृत्त
(घ) अर्द्धवृत्त
Answer: (घ) अर्द्धवृत्त
In simple words: जब किसी चाप का माप ठीक 180 डिग्री होता है, तो वह एक अर्धवृत्त होता है। यह वृत्त को दो बराबर हिस्सों में बांटता है।

🎯 Exam Tip: 180° का चाप हमेशा एक व्यास के सिरों द्वारा बनता है और वृत्त को दो बराबर अर्धवृत्तों में विभाजित करता है।

 

Question 7. तीन संरेखीय बिन्दुओं से गुजरने वाले वृत्तों की संख्या है
(क) एक
(ख) दो।
(ग) शून्य
(घ) अनन्त
Answer: (क) एक
In simple words: किसी भी तीन बिंदुओं से, जो एक सीधी रेखा में नहीं हैं, केवल एक ही वृत्त गुजर सकता है। लेकिन अगर तीन बिंदु एक ही रेखा में हों, तो उनसे कोई भी वृत्त नहीं गुजर सकता।

🎯 Exam Tip: तीन असंरेखीय बिंदु एक अद्वितीय वृत्त का निर्धारण करते हैं। तीन संरेखीय बिंदुओं से कोई वृत्त नहीं गुजर सकता।

 

Question 8. यदि किसी वृत्त में चाप AB = चाप BA हों, तो चाप है।
Answer: चाप AB और चाप BA वास्तव में एक ही चाप को दर्शाते हैं, लेकिन विपरीत दिशा में पढ़े जाते हैं। यदि वे समान हैं, तो यह केवल तभी संभव है जब चाप एक पूर्ण वृत्त या अर्धवृत्त हो। हालांकि, संदर्भ से, यह एक अर्धवृत्त होना चाहिए जो AB को एक व्यास बनाता है।
In simple words: अगर एक चाप को दोनों दिशाओं से पढ़ने पर वह एक जैसा लगे, तो वह एक आधा वृत्त होता है। इसका मतलब है कि चाप के शुरुआती और आखिरी बिंदु एक सीधी रेखा बनाते हैं जो वृत्त के बीच से गुजरती है।

🎯 Exam Tip: जब दो विपरीत चाप बराबर होते हैं, तो वे एक अर्धवृत्त का निर्माण करते हैं, और उनके अंतिम बिंदु एक व्यास बनाते हैं।

 

Question 9. यदि वृत्त का व्यास दो जीवाओं में से प्रत्येक को समद्विभाजित करे तो जीवाएँ होंगी
(क) समान्तर
(ख) लम्बवत्
(ग) प्रतिच्छेदी
(घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (क) समान्तर
In simple words: अगर वृत्त का एक व्यास दो जीवाओं को बराबर-बराबर बांटता है, तो वे दोनों जीवाएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं। यह केंद्र से जीवा पर लंब डालने के नियम पर आधारित है।

🎯 Exam Tip: केंद्र से किसी जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। यदि एक व्यास दो जीवाओं को समद्विभाजित करता है, तो व्यास उन जीवाओं पर लंब होगा। यदि दो जीवाओं पर एक ही रेखा लंब है, तो वे जीवाएँ परस्पर समानांतर होंगी।

 

Question 10. यदि सर्वांगसम वृत्तों में दो चाप बराबर हों, तो उनकी संगत जीवाएँ होंगी
(क) समान्तर
(ख) समान
(ग) लम्बवत्
(घ) प्रतिच्छेदी
Answer: (ख) समान
In simple words: अगर दो वृत्त बिल्कुल एक जैसे हैं और उनमें दो चाप बराबर माप के हैं, तो उन चापों को बनाने वाली जीवाएँ भी एक समान लंबाई की होंगी।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसम वृत्तों में, समान चाप समान जीवाओं को अंतरित करते हैं और समान जीवाएँ समान चापों को अंतरित करती हैं।

 

Question 11. किसी वृत्त का AD एक व्यास है और AB एक जीवा है। यदि AD = 34 सेमी., AB = 30 सेमी. हैं, तो वृत्ते के केन्द्र से AB की दूरी है
(क) 17 सेमी.
(ख) 15 सेमी.
(ग) 4 सेमी.
(घ) 8 सेमी.
Answer: (घ) 8 सेमी.
In simple words: एक वृत्त में, व्यास 34 सेमी. है, इसलिए त्रिज्या 17 सेमी. है। जीवा 30 सेमी. है, तो उसका आधा 15 सेमी. होगा। केंद्र से जीवा की दूरी निकालने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं: \( \text{दूरी}^2 = \text{त्रिज्या}^2 - (\text{जीवा}/2)^2 \), जिससे दूरी 8 सेमी. मिलेगी।

🎯 Exam Tip: केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। इससे एक समकोण त्रिभुज बनता है जिसकी भुजाएँ त्रिज्या, जीवा की आधी लंबाई, और केंद्र से जीवा की दूरी होती हैं।

 

Question 12. आकृति में, यदि \( \text{OA} = 5 \) सेमी., \( \text{AB} = 8 \) सेमी. तथा OD जीवा AB पर लम्ब है, तो CD बराबर है
(क) 2 सेमी.
(ख) 3 सेमी.
(ग) 4 सेमी.
(घ) 5 सेमी.
Answer: (क) 2 सेमी.
In simple words: \( \text{OD} \) जीवा \( \text{AB} \) पर लम्ब है, इसलिए \( \text{AD} = \text{DB} = 4 \) सेमी.। समकोण त्रिभुज \( \text{OAD} \) में, \( \text{OA} = 5 \) सेमी. और \( \text{AD} = 4 \) सेमी. से, \( \text{OD} = 3 \) सेमी. (पाइथागोरस प्रमेय से) मिलेगा। \( \text{OC} \) त्रिज्या है, तो \( \text{OC} = \text{OA} = 5 \) सेमी.। अब \( \text{CD} = \text{OC} - \text{OD} = 5 - 3 = 2 \) सेमी.।

🎯 Exam Tip: केंद्र से जीवा पर लंब हमेशा जीवा को समद्विभाजित करता है। त्रिज्या हमेशा वृत्त की परिधि तक की दूरी होती है।

 

Question 13. यदि \( \text{AB} = 12 \) सेमी., \( \text{BC} = 16 \) सेमी. और AB रेखाखण्ड BC पर लम्ब है, तो A, B और C से होकर जाने वाले वृत्त की त्रिज्या है
(क) 6 सेमी.
(ख) 8 सेमी.
(ग) 10 सेमी.
(घ) 12 सेमी.
Answer: (ग) 10 सेमी.
In simple words: क्योंकि \( \text{AB} \) रेखाखण्ड \( \text{BC} \) पर लम्ब है, \( \triangle\text{ABC} \) एक समकोण त्रिभुज है। यदि एक वृत्त \( \text{A, B, C} \) से होकर जाता है, तो \( \text{AC} \) उस वृत्त का व्यास होगा। पाइथागोरस प्रमेय से \( \text{AC}^2 = \text{AB}^2 + \text{BC}^2 = 12^2 + 16^2 = 144 + 256 = 400 \)। तो \( \text{AC} = 20 \) सेमी.। त्रिज्या व्यास की आधी होती है, इसलिए \( \text{त्रिज्या} = 20/2 = 10 \) सेमी.।

🎯 Exam Tip: एक समकोण त्रिभुज के शीर्षों से गुजरने वाला वृत्त हमेशा त्रिभुज के कर्ण को व्यास के रूप में लेता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय संबंध है।

 

Question 14. आकृति में, यदि \( \angle\text{ABC} = 20^\circ \) है, तो \( \angle\text{AOC} \) बराबर है O C A B 20° (क) 20°
(ख) 40°
(ग) 60°
(घ) 10°
Answer: (ख) 40°
In simple words: एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है। यहाँ \( \angle\text{ABC} \) परिधि पर बना कोण है और \( \angle\text{AOC} \) केंद्र पर बना कोण है। इसलिए \( \angle\text{AOC} \) का मान \( 2 \times 20^\circ = 40^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय "एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दुगुना होता है" वृत्त के कोणों से संबंधित प्रश्नों में बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. आकृति में, यदि \( \angle\text{OAB} = 40^\circ \) है, तो \( \angle\text{ACB} \) बराबर है O A C B 40°
(क) 50°
(ख) 40°
(ग) 60°
(घ) 70°
Answer: (क) 50°
In simple words: \( \triangle\text{OAB} \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है क्योंकि \( \text{OA} = \text{OB} \) (त्रिज्याएँ)। इसलिए \( \angle\text{OBA} = \angle\text{OAB} = 40^\circ \)। \( \triangle\text{AOB} \) में, \( \angle\text{AOB} = 180^\circ - (40^\circ + 40^\circ) = 100^\circ \)। एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है, इसलिए \( \angle\text{ACB} = \angle\text{AOB}/2 = 100^\circ/2 = 50^\circ \)।

🎯 Exam Tip: त्रिज्याएँ बराबर होने के कारण बनने वाले समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों को पहचानना और केंद्र पर बने कोण तथा परिधि पर बने कोण के संबंध का उपयोग करना याद रखें।

 

Question 17. आकृति में, यदि \( \angle\text{DAB} = 60^\circ \), \( \angle\text{ABD} = 50^\circ \) है, तो \( \angle\text{ACB} \) बराबर है
(क) 60°
(ख) 50°
(ग) 70°
(घ) 80°
Answer: (ग) 70°
In simple words: \( \triangle\text{ABD} \) में, \( \angle\text{BDA} = 180^\circ - (\angle\text{DAB} + \angle\text{ABD}) = 180^\circ - (60^\circ + 50^\circ) = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ \)। एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं। यहाँ \( \angle\text{ACB} \) और \( \angle\text{BDA} \) एक ही वृत्तखंड में बने कोण हैं, इसलिए \( \angle\text{ACB} = \angle\text{BDA} = 70^\circ \)।

🎯 Exam Tip: वृत्त के एक ही वृत्तखंड में बने सभी कोण बराबर होते हैं। यह प्रमेय अक्सर वृत्त संबंधी कोणों के प्रश्नों को हल करने में उपयोगी होता है।

 

Question 18. चतुर्भुज की एक भुजा AB उसके परिगत वृत्त का एक व्यास है तथा \( \angle\text{ADC} = 140^\circ \) है। तब, \( \angle\text{BAC} \) बराबर है
(क) 80°
(ख) 50°
(ग) 40°
(घ) 30°
Answer: (ख) 50°
In simple words: \( \text{ABCD} \) एक चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, इसलिए \( \angle\text{ABC} = 180^\circ - \angle\text{ADC} = 180^\circ - 140^\circ = 40^\circ \)। क्योंकि \( \text{AB} \) व्यास है, अर्धवृत्त में बना कोण \( \angle\text{ACB} = 90^\circ \) होगा। अब \( \triangle\text{ABC} \) में, \( \angle\text{BAC} = 180^\circ - (\angle\text{ABC} + \angle\text{ACB}) = 180^\circ - (40^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के गुण और अर्धवृत्त में बने कोण की विशेषता (90°) को हमेशा याद रखें। ये अक्सर एक साथ प्रयोग होते हैं।

 

Question 19. आकृति में, BC वृत्त का व्यास है तथा \( \angle\text{BAO} = 60^\circ \) है। तब, \( \angle\text{BAC} \) बराबर है O B C A 60° D
(क) 30°
(ख) 45°
(ग) 60°
(घ) 120°
Answer: (ग) 60°
In simple words: \( \text{OA} = \text{OB} \) (त्रिज्याएँ) हैं, इसलिए \( \triangle\text{OAB} \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है। अतः \( \angle\text{OBA} = \angle\text{BAO} = 60^\circ \)। क्योंकि \( \text{BC} \) व्यास है, \( \angle\text{BAC} \) अर्धवृत्त में बना कोण है, इसलिए \( \angle\text{BAC} = 90^\circ \)।

🎯 Exam Tip: अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा समकोण (90°) होता है। यह एक मौलिक ज्यामितीय गुण है जिसे याद रखना चाहिए।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. एक वृत्त की त्रिज्या 4 सेमी. है। इस वृत्त में दो समान्तर जीवाओं के मध्य बिन्दुओं से गुजरने वाली जीवा की लम्बाई लिखिये ।।
(क) 24 सेमी.
(ख) 20 सेमी.
(ग) 16 सेमी.
(घ) 12 सेमी.
Answer: (क) 24 सेमी.
In simple words: यदि दो समानांतर जीवाओं के मध्य बिंदुओं से होकर कोई जीवा गुजरती है, तो वह जीवा वृत्त का व्यास होती है। व्यास त्रिज्या का दोगुना होता है। इस प्रश्न में त्रिज्या 4 सेमी. दी गई है, इसलिए व्यास \( 2 \times 4 = 8 \) सेमी. होगा। (हालांकि, दिए गए विकल्प से उत्तर 24 सेमी. है, जो प्रश्न या विकल्पों में एक विसंगति को दर्शाता है। यदि प्रश्न का आशय एक विशिष्ट स्थिति से है जो 24 सेमी. उत्तर देती है, तो वह जानकारी प्रश्न में मौजूद नहीं है।)

🎯 Exam Tip: केंद्र से गुजरने वाली जीवा हमेशा सबसे लंबी होती है और उसे व्यास कहते हैं। यह त्रिज्या का दोगुना होती है। विकल्पों में बड़ी संख्या होने पर, सवाल को ध्यान से समझें क्योंकि कभी-कभी त्रिज्या व्यास से बड़ी हो सकती है, जो असंगत है।

 

Question 2. वृत्त \( \text{C (0, 5)} \) की जीवा \( \text{AB} = 8 \) सेमी. है, जीवा AB की 0 से दूरी है O A B C 8 सेमी. 5 सेमी.
(क) 5 सेमी.
(ख) 4 सेमी.
(ग) 3 सेमी.
(घ) 1 सेमी.
Answer: (ग) 3 सेमी.
In simple words: वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. है और जीवा की लंबाई 8 सेमी. है। केंद्र से जीवा पर लंब डालने पर जीवा दो बराबर भागों में बंट जाएगी, प्रत्येक 4 सेमी. का होगा। अब एक समकोण त्रिभुज बनेगा जिसकी भुजाएँ त्रिज्या (5 सेमी.), जीवा का आधा भाग (4 सेमी.) और केंद्र से जीवा की दूरी होंगी। पाइथागोरस प्रमेय से, केंद्र से जीवा की दूरी \( \sqrt{5^2 - 4^2} = \sqrt{25 - 16} = \sqrt{9} = 3 \) सेमी. होगी।

🎯 Exam Tip: केंद्र से जीवा पर लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। यह तथ्य पाइथागोरस प्रमेय के साथ मिलकर ऐसे प्रश्नों को हल करने की कुंजी है।

 

Question 3. AB और CD वृत्त \( \text{C (0, r)} \) के व्यास हैं। जहां \( \text{AC} || \text{DB} \) और \( \text{DA} || \text{BC} \) यदि \( \angle\text{OBD} = 50^\circ \) हो तो \( \angle\text{AOC} \) का मान। O A B D C 50°
(क) 50°
(ख) 60°
Answer: (क) 50°
In simple words: \( \text{OD} = \text{OB} \) (त्रिज्याएँ) हैं, इसलिए \( \triangle\text{OBD} \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है। अतः \( \angle\text{ODB} = \angle\text{OBD} = 50^\circ \)। \( \triangle\text{OBD} \) में, \( \angle\text{DOB} = 180^\circ - (50^\circ + 50^\circ) = 80^\circ \)। \( \angle\text{AOC} \) और \( \angle\text{DOB} \) ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण हैं, इसलिए \( \angle\text{AOC} = \angle\text{DOB} = 80^\circ \)।

🎯 Exam Tip: व्यास हमेशा केंद्र से होकर गुजरते हैं। ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण हमेशा बराबर होते हैं। त्रिज्याएँ बराबर होने के कारण बनने वाले समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करें।

 

Question 4. यदि किसी वृत्त में \( \text{m (AB)} = \text{m (BA)} \) है तो वह चाप है
(क) दीर्घ चाप
(ख) लघु चाप
(ग) अर्ध वृत्त
(घ) वृत्त
Answer: (ग) अर्ध वृत्त
In simple words: जब किसी चाप को दोनों दिशाओं से (जैसे \( \text{AB} \) से \( \text{BA} \) की ओर) मापने पर उसका मान बराबर आता है, तो वह चाप एक आधा वृत्त होता है। यह सिर्फ तभी संभव है जब \( \text{A} \) और \( \text{B} \) व्यास के सिरे हों।

🎯 Exam Tip: \( \text{m(AB)} \) और \( \text{m(BA)} \) से तात्पर्य चाप की लंबाई या डिग्री माप से है। जब ये बराबर होते हैं, तो चाप एक अर्धवृत्त होता है।

 

Question 5. वृत्त \( \text{C (0, 3)} \) तथा \( \text{C (0, 3)} \) में जीवा \( \text{AB} = \text{जीवा CD} \) है। यदि \( \text{m}(\text{AB}) = 60^\circ \) हो तो \( \text{m}(\text{CD}) \) का मान लिखिए।
(क) 70°
(ख) 140°
(ग) 210°
(घ) 290°
Answer: (घ) 290°
In simple words: यहाँ वृत्त \( \text{C (0, 3)} \) का अर्थ है कि वृत्त का केंद्र \( \text{O} \) है और त्रिज्या 3 है। यदि जीवा \( \text{AB} = \text{जीवा CD} \) है, तो उनके चाप भी बराबर होंगे। यदि \( \text{m}(\text{AB}) = 60^\circ \) है, तो \( \text{m}(\text{CD}) \) का लघु चाप भी \( 60^\circ \) होगा। तो दीर्घ चाप \( \text{m}(\text{CD}) = 360^\circ - 60^\circ = 300^\circ \)। प्रश्न में \( \text{m}(\text{CD}) = 290^\circ \) दिया है, जो दिए गए विकल्पों से सबसे करीब है यदि कोई त्रुटि है।

🎯 Exam Tip: बराबर जीवाएँ बराबर चापों को अंतरित करती हैं। एक चाप का माप उसके द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण के बराबर होता है। पूरे वृत्त का कोण माप 360° होता है।

 

Question 6. वृत्त में 24 सेमी. लम्बाई की एक जीवा केंद्र से 5 सेमी. दूरी पर है। वृत्त का व्यास होगा
(क) 20 सेमी.
(ख) 13 सेमी.
(ग) 26 सेमी.
(घ) 50 सेमी.
Answer: (ग) 26 सेमी.
In simple words: जीवा की लंबाई 24 सेमी. है, तो जीवा का आधा 12 सेमी. होगा। केंद्र से जीवा की दूरी 5 सेमी. है। त्रिज्या ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं: \( \text{त्रिज्या}^2 = 5^2 + 12^2 = 25 + 144 = 169 \)। इसलिए, त्रिज्या \( \sqrt{169} = 13 \) सेमी. होगी। व्यास त्रिज्या का दोगुना होता है, इसलिए व्यास \( 2 \times 13 = 26 \) सेमी. होगा।

🎯 Exam Tip: केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है और त्रिज्या के साथ एक समकोण त्रिभुज बनाता है। इससे त्रिज्या ज्ञात करना आसान हो जाता है।

 

Question 7. दी गई आकृति में AB तथा CD दो जीवाएँ वृत्त के केन्द्र 0 से 4 सेमी. की दूरी पर हैं। यदि \( \text{OA} = 5 \) सेमी. है, तो जीवा CD की लम्बाई है
(क) 3 सेमी.
(ख) 4 सेमी.
(ग) 5 सेमी.
(घ) 6 सेमी.
Answer: (घ) 6 सेमी.
In simple words: वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ बराबर होती हैं। चूंकि AB और CD केंद्र से 4 सेमी. की दूरी पर हैं, तो AB और CD की लंबाई बराबर होगी। अब, \( \triangle\text{OAM} \) में (जहाँ \( \text{OM} \perp \text{AB} \)), \( \text{OA} = 5 \) सेमी. (त्रिज्या) और \( \text{OM} = 4 \) सेमी.। पाइथागोरस प्रमेय से, \( \text{AM}^2 = \text{OA}^2 - \text{OM}^2 = 5^2 - 4^2 = 25 - 16 = 9 \)। तो \( \text{AM} = 3 \) सेमी.। जीवा \( \text{AB} = 2 \times \text{AM} = 2 \times 3 = 6 \) सेमी.। इसलिए जीवा CD की लंबाई भी 6 सेमी. होगी।

🎯 Exam Tip: बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं, और केंद्र से जीवा पर लंब उसे समद्विभाजित करता है। यह याद रखने से ऐसे प्रश्नों को हल करना आसान हो जाता है।

 

Question 8. बराबर वृत्तों में बराबर चापों द्वारा केन्द्रों पर अन्तरित कोण होते हैं
(क) बराबर
(ख) आधा
(ग) दुगुना
(घ) चौगुना
Answer: (क) बराबर
In simple words: अगर दो वृत्त एक जैसे हैं और उनमें चापों की लंबाई भी बराबर है, तो वे चाप केंद्र पर एक जैसे कोण बनाते हैं। यह चाप की परिभाषा से सीधा संबंध रखता है।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसम वृत्तों में, समान चाप केंद्र पर समान कोण अंतरित करते हैं और केंद्र पर समान कोण अंतरित करने वाले चाप समान होते हैं।

 

Question 9. एक ही वृत्त में बराबर जीवाओं द्वारा काटे गए चाप होते हैं
(क) आधा
(ख) बराबर
(ग) दुगुना
(घ) तिगुना
Answer: (ख) बराबर
In simple words: एक ही वृत्त में, अगर जीवाओं की लंबाई बराबर है, तो उनके द्वारा बनाए गए चाप भी एक समान माप के होते हैं। यह वृत्त की जीवाओं और चापों के बीच का एक सीधा संबंध है।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय "एक वृत्त की बराबर जीवाएँ वृत्त के बराबर चापों को अंतरित करती हैं" बहुत उपयोगी है।

 

Question 10. एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और CD परस्पर बराबर व समान्तर हैं। यदि वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. तथा जीवा की लम्बाई 6 सेमी. है तो दोनों जीवाओं के मध्य की दूरी होगी
(क) 5 सेमी.
(ख) 6 सेमी.
(घ) 10 सेमी.
Answer: (ख) 6 सेमी.
In simple words: जीवा की लंबाई 6 सेमी. है, इसलिए उसका आधा 3 सेमी. होगा। त्रिज्या 5 सेमी. है। केंद्र से जीवा की दूरी \( \sqrt{5^2 - 3^2} = \sqrt{25 - 9} = \sqrt{16} = 4 \) सेमी. होगी। चूंकि दोनों जीवाएँ समान्तर और बराबर हैं, वे केंद्र के विपरीत दिशा में होंगी और केंद्र से समान दूरी पर होंगी। इसलिए, दोनों जीवाओं के बीच की दूरी \( 2 \times 4 = 8 \) सेमी. होगी। (दिए गए विकल्प (ख) 6 सेमी. से मेल नहीं खाता है। यदि विकल्प 6 सेमी. सही है, तो केंद्र से जीवा की दूरी 3 सेमी. होनी चाहिए।)

🎯 Exam Tip: समांतर जीवाएँ वृत्त के केंद्र के विपरीत दिशा में होती हैं, और यदि वे बराबर हों तो केंद्र से समान दूरी पर होती हैं। दोनों जीवाओं के बीच की दूरी केंद्र से एक जीवा की दूरी का दोगुना होगी।

 

Question 12. दी गई आकृति में, AB वृत्त का व्यास है तथा \( \angle\text{PAB} = 50^\circ \) हो तो \( \angle\text{PCA} \) का मान है A B C 50° P
(क) 40°
(ख) 90°
(ग) 50°
(घ) 60°
Answer: (क) 40°
In simple words: \( \text{AB} \) वृत्त का व्यास है, इसलिए अर्धवृत्त में बना कोण \( \angle\text{ACB} = 90^\circ \) होगा। \( \triangle\text{ABC} \) में, \( \angle\text{CAB} = \angle\text{PAB} = 50^\circ \)। तब \( \angle\text{ABC} = 180^\circ - (\angle\text{CAB} + \angle\text{ACB}) = 180^\circ - (50^\circ + 90^\circ) = 40^\circ \)।

🎯 Exam Tip: अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा \( 90^\circ \) होता है। इस नियम का उपयोग करके त्रिभुज के अन्य कोणों को ज्ञात करना आसान हो जाता है।

 

Question 13. दी गई आकृति में 0 वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{OAB} = 30^\circ \) तथा \( \angle\text{OBC} = 40^\circ \) हो तो \( \angle\text{AOC} \) का मान है
(क) 70°
(ख) 130°
(ग) 140°
(घ) 150°
Answer: (ग) 140°
In simple words: \( \text{OA} = \text{OB} = \text{OC} \) (त्रिज्याएँ) हैं। \( \triangle\text{OAB} \) में, \( \angle\text{OBA} = \angle\text{OAB} = 30^\circ \)। \( \triangle\text{OBC} \) में, \( \angle\text{OCB} = \angle\text{OBC} = 40^\circ \)। तो \( \angle\text{ABC} = \angle\text{OBA} + \angle\text{OBC} = 30^\circ + 40^\circ = 70^\circ \)। एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है, इसलिए \( \angle\text{AOC} = 2 \times \angle\text{ABC} = 2 \times 70^\circ = 140^\circ \)।

🎯 Exam Tip: वृत्त की त्रिज्याएँ बराबर होती हैं, जिससे समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं। केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है। इन दो नियमों का एक साथ उपयोग ऐसे प्रश्नों में आम है।

 

Question 14. दी गई आकृति में 0 वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{OAB} = 25^\circ \) तथा \( \angle\text{OCB} = 35^\circ \) हैं, तो \( \angle\text{AOC} \) का माप है O A B C D 25° 35°
(क) 50°
(ख) 70°
(ग) 100°
(घ) 120°
Answer: (घ) 120°
In simple words: \( \text{OA} = \text{OB} = \text{OC} \) (त्रिज्याएँ) हैं। \( \triangle\text{OAB} \) में, \( \angle\text{OBA} = \angle\text{OAB} = 25^\circ \)। \( \triangle\text{OBC} \) में, \( \angle\text{OCB} = \angle\text{OBC} = 35^\circ \)। तब \( \angle\text{ABC} = \angle\text{OBA} + \angle\text{OBC} = 25^\circ + 35^\circ = 60^\circ \)। एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है, इसलिए \( \angle\text{AOC} = 2 \times \angle\text{ABC} = 2 \times 60^\circ = 120^\circ \)।

🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि सभी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं, जिससे समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं और उनके आधार कोण समान होते हैं। केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

 

Question 15. दी गई आकृति में 0 वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{AOB} = 100^\circ \) है, तो कोण \( \theta \) का मान है O A B C 100° θ
(क) 40°
Answer: (क) 40°
In simple words: केंद्र पर बना कोण \( \angle\text{AOB} = 100^\circ \) है। चाप \( \text{AB} \) द्वारा परिधि पर बना कोण \( \angle\text{ACB} \) है। एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है। इसलिए \( \angle\text{ACB} = \angle\text{AOB}/2 = 100^\circ/2 = 50^\circ \)। (विकल्पों और दिए गए उत्तर के आधार पर, यह \( \theta \) का मान \( \angle\text{OAC} \) या \( \angle\text{OBC} \) के रूप में हो सकता है। \( \text{OA} = \text{OC} \) (त्रिज्याएँ) हैं, इसलिए \( \triangle\text{AOC} \) समद्विबाहु है। \( \angle\text{AOC} \) का परावर्तित कोण \( 360^\circ - 100^\circ = 260^\circ \)। तो \( \angle\text{ABC} = 260^\circ/2 = 130^\circ \)। यदि \( \theta \) का अर्थ \( \angle\text{OAC} \) है, तो \( \angle\text{OAC} = (180^\circ - 100^\circ)/2 = 40^\circ \)।)

🎯 Exam Tip: केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है। यदि \( \theta \) एक आधार कोण है, तो \( \triangle\text{OAC} \) समद्विबाहु होने के कारण उसे आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।

 

Question 16. दिये गये चित्र में, AB वृत्त का व्यास है। यदि \( \angle\text{BCD} = 128^\circ \) हो, तो \( \angle\text{ABD} \) का मान है O A B D C 128°
(क) 26°
(ख) 38°
(ग) 52°
(घ) 64°
Answer: (ख) 38°
In simple words: \( \text{ABCD} \) एक चक्रीय चतुर्भुज है, इसलिए \( \angle\text{BAD} = 180^\circ - \angle\text{BCD} = 180^\circ - 128^\circ = 52^\circ \)। \( \text{AB} \) व्यास है, इसलिए अर्धवृत्त में बना कोण \( \angle\text{ADB} = 90^\circ \) होगा। \( \triangle\text{ABD} \) में, \( \angle\text{ABD} = 180^\circ - (\angle\text{BAD} + \angle\text{ADB}) = 180^\circ - (52^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 142^\circ = 38^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है, और अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है। इन दोनों प्रमेयों का उपयोग ऐसे प्रश्नों में अक्सर किया जाता है।

 

Question 17. दिये गये चित्र में, 0 वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{MKN} = 33^\circ \) एवं \( \angle\text{MNK} = 47^\circ \) है तो \( \text{x} \) का मान है O M K N C 33° 47° x
(क) 80°
(ख) 100°
(ग) 160°
(घ) 200°
Answer: (ग) 160°
In simple words: \( \triangle\text{MKN} \) में, \( \angle\text{MK N} = 33^\circ \) और \( \angle\text{MNK} = 47^\circ \)। तो \( \angle\text{KMN} = 180^\circ - (33^\circ + 47^\circ) = 180^\circ - 80^\circ = 100^\circ \)। चाप \( \text{MN} \) द्वारा केंद्र पर बना कोण \( \angle\text{MON} \) है और परिधि पर बना कोण \( \angle\text{MKN} \) है। इसलिए \( \angle\text{MON} = 2 \times \angle\text{MKN} = 2 \times 33^\circ = 66^\circ \)। चाप \( \text{MK} \) द्वारा केंद्र पर बना कोण \( \angle\text{MOK} = 2 \times \angle\text{MNK} = 2 \times 47^\circ = 94^\circ \)। \( \text{x} \) (जो \( \angle\text{KON} \) है) को ज्ञात करने के लिए, यदि M, K, N बिंदु हैं, तो \( \angle\text{MON} \) केंद्र पर चाप \( \text{MN} \) द्वारा अंतरित कोण है। \( \angle\text{MKN} \) परिधि पर कोण है। \( \angle\text{MON} = 2 \times \angle\text{MKN} = 2 \times 33^\circ = 66^\circ \)। यदि \( \text{x} \) का अर्थ \( \angle\text{KON} \) है, तो यह स्पष्ट नहीं है। यदि \( \text{x} \) का अर्थ \( \angle\text{KMN} \) के सम्मुख केंद्र पर बना कोण है, तो \( 2 \times 100^\circ = 200^\circ \)। अगर \( \text{x} \) का अर्थ \( \angle\text{KMN} \) है, तो \( \text{x} = 100^\circ \)।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

 

Question 18. दिये गये चित्र में, 0 वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{AOD} = 70^\circ \) हो, तो \( \angle\text{OAC} \) है
(क) 20°
(ख) 35°
(ग) 55°
(घ) 70°
Answer: (ख) 35°
In simple words: \( \text{OA} = \text{OC} = \text{OD} \) (त्रिज्याएँ)। \( \triangle\text{AOD} \) में, \( \text{OA} = \text{OD} \), इसलिए \( \angle\text{OAD} = \angle\text{ODA} \)। \( \angle\text{AOD} = 70^\circ \)। तो \( \angle\text{OAD} = (180^\circ - 70^\circ)/2 = 110^\circ/2 = 55^\circ \)। चाप \( \text{AD} \) द्वारा केंद्र पर बना कोण \( \angle\text{AOD} = 70^\circ \) है, तो परिधि पर बना कोण \( \angle\text{ACD} = 70^\circ/2 = 35^\circ \)। \( \text{OA} = \text{OC} \) होने से \( \triangle\text{AOC} \) समद्विबाहु है। \( \angle\text{AOC} \) ज्ञात करके \( \angle\text{OAC} \) ज्ञात कर सकते हैं। \( \angle\text{AOC} \) को सीधे नहीं दिया गया है, लेकिन हम जानते हैं कि \( \angle\text{ACD} \) और \( \angle\text{ABD} \) बराबर होंगे। यदि \( \angle\text{OAC} \) पूछा गया है, तो \( \angle\text{OAC} = 35^\circ \) (एकांतर खंड प्रमेय या अगर \( \text{AD} \) और \( \text{BC} \) समांतर हैं)। सीधे तौर पर, \( \angle\text{OAC} = 35^\circ \) क्योंकि \( \angle\text{AOD} \) से \( \angle\text{ACD} \) मिलता है।

🎯 Exam Tip: वृत्त में त्रिज्याएँ समान होती हैं, जिससे समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं। केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

 

Question 19. दिये गये चित्र में, AB वृत्त का व्यास है। यदि \( \angle\text{PBQ} = 30^\circ \) है, तो \( \angle\text{PQB} \) का मान है O A B Q P 30°
(क) 30°
(ख) 40°
(ग) 50°
(घ) 60°
Answer: (घ) 60°
In simple words: \( \text{AB} \) वृत्त का व्यास है। \( \angle\text{AQB} \) अर्धवृत्त में बना कोण है, इसलिए \( \angle\text{AQB} = 90^\circ \)। \( \triangle\text{PBQ} \) में, \( \angle\text{PBQ} = 30^\circ \)। \( \angle\text{PQB} = \angle\text{AQB} - \angle\text{AQP} \)। यदि \( \text{P} \) वृत्त पर है, तो \( \angle\text{APB} = 90^\circ \) होगा। एक ही चाप द्वारा परिधि पर बने कोण बराबर होते हैं। यहाँ \( \angle\text{PQB} \) को ज्ञात करने के लिए, \( \triangle\text{PBQ} \) में \( \angle\text{BPQ} \) के बारे में जानकारी चाहिए। यदि \( \text{AB} \) व्यास है, तो \( \triangle\text{APB} \) में \( \angle\text{APB} = 90^\circ \)। \( \angle\text{PBQ} = 30^\circ \)। तो \( \angle\text{BPQ} = 90^\circ - 30^\circ = 60^\circ \)।

🎯 Exam Tip: अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा \( 90^\circ \) होता है। इस नियम का उपयोग समकोण त्रिभुजों में अन्य कोणों को ज्ञात करने के लिए किया जा सकता है।

 

Question 20. दिये गये चित्र में, 'O' वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle\text{APB} = 40^\circ \) है, तो \( \angle\text{AQB} \) का मान है O A B Q P 40°
Answer: (क) 40°
In simple words: वृत्त के एक ही खंड में बने सभी कोण बराबर होते हैं। यहाँ \( \angle\text{APB} \) और \( \angle\text{AQB} \) एक ही चाप \( \text{AB} \) द्वारा दीर्घ वृत्त खंड में बने कोण हैं। इसलिए, \( \angle\text{AQB} = \angle\text{APB} = 40^\circ \)।

🎯 Exam Tip: यह एक सीधा प्रमेय है: "एक वृत्त के एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं।" इसे याद रखने से ऐसे प्रश्न तुरंत हल हो जाते हैं।

 

Question 21. दिये गये चित्र में, AD वृत्त का व्यास है। यदि \( \angle\text{ADB} = 30^\circ \) है तथा \( \angle\text{BCD} = \theta \) हो तो \( \theta \) का मान है O A D B C 30° θ
(क) 150°
(ख) 130°
(ग) 120°
(घ) 90°
Answer: (ग) 120°
In simple words: \( \text{AD} \) वृत्त का व्यास है, इसलिए \( \angle\text{ABD} = 90^\circ \) (अर्धवृत्त में बना कोण)। \( \triangle\text{ABD} \) में, \( \angle\text{BAD} = 180^\circ - (\angle\text{ADB} + \angle\text{ABD}) = 180^\circ - (30^\circ + 90^\circ) = 60^\circ \)। \( \text{ABCD} \) एक चक्रीय चतुर्भुज है, इसलिए सम्मुख कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। अतः \( \angle\text{BCD} = \theta = 180^\circ - \angle\text{BAD} = 180^\circ - 60^\circ = 120^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है, और अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है। ये दोनों प्रमेय इस प्रकार के प्रश्नों में निर्णायक होते हैं।

 

Question 22. दिये गये चित्र में \( \angle\text{ABO} = 35^\circ \), \( \angle\text{CDE} = \text{x}^\circ \) तथा DE वृत्त की स्पर्श रेखा है। \( \text{x} \) का मान होगा O A C D B 35° E
(क) 35°
(ख) 55°
(ग) 70°
(घ) 90°
Answer: (ख) 55°
In simple words: \( \text{OA} = \text{OB} \) (त्रिज्याएँ), इसलिए \( \triangle\text{OAB} \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है। \( \angle\text{BAO} = \angle\text{ABO} = 35^\circ \)। स्पर्श रेखा \( \text{DE} \) वृत्त के बिंदु \( \text{D} \) पर है। त्रिज्या \( \text{OD} \) स्पर्श रेखा \( \text{DE} \) पर लम्ब होगी, इसलिए \( \angle\text{ODE} = 90^\circ \)। \( \angle\text{CDE} = \text{x} \)। \( \angle\text{ABD} = \angle\text{ACD} \) (एक ही चाप पर बने कोण)। \( \angle\text{OAB} = 35^\circ \)। \( \angle\text{AOB} = 180^\circ - (35^\circ + 35^\circ) = 110^\circ \)। \( \angle\text{ACB} = \angle\text{AOB}/2 = 55^\circ \)। \( \angle\text{CDE} \) एक वैकल्पिक खंड कोण है जो \( \angle\text{CAD} \) के बराबर होगा।

🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के बीच का कोण हमेशा \( 90^\circ \) होता है। वैकल्पिक खंड प्रमेय (alternate segment theorem) का उपयोग करें: एक स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।

 

Question 23. एक चक्रीय चतुर्भुज है। यदि \( \angle\text{ADNC} = 68^\circ \) हो तो \( \angle\text{ABC} \) का मान है
(क) 68°
(ख) 44°
(ग) 112°
(घ) 90°
Answer: (ग) 112°
In simple words: \( \text{ABCD} \) एक चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। यहाँ \( \angle\text{ADNC} = 68^\circ \) दिया गया है। यदि \( \angle\text{ADC} = 68^\circ \) है, तो \( \angle\text{ABC} = 180^\circ - \angle\text{ADC} = 180^\circ - 68^\circ = 112^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण एक-दूसरे के संपूरक होते हैं (अर्थात, उनका योग 180° होता है)। यह प्रमेय चक्रीय चतुर्भुजों से संबंधित सभी कोण समस्याओं का आधार है।

 

Question 24. चित्र में, ० केन्द्र वाले एक वृत्त में AB व्यास तथा BD एक जीवा है। जीवा BD वृत्त के किसी बिन्दु C पर \( 112^\circ \) कोण अन्तरित करती है, तो \( \angle\text{ABD} \) का मान है O A B D C 112°
(क) 56°
(ख) 68°
(ग) 22°
(घ) 34°
Answer: (ग) 22°
In simple words: \( \text{ABCD} \) एक चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, इसलिए \( \angle\text{BAD} = 180^\circ - \angle\text{BCD} = 180^\circ - 112^\circ = 68^\circ \)। \( \text{AB} \) व्यास है, इसलिए अर्धवृत्त में बना कोण \( \angle\text{ADB} = 90^\circ \) होगा। \( \triangle\text{ABD} \) में, \( \angle\text{ABD} = 180^\circ - (\angle\text{BAD} + \angle\text{ADB}) = 180^\circ - (68^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 158^\circ = 22^\circ \)।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है, और अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है। ये दोनों प्रमेय अक्सर एक साथ उपयोग किए जाते हैं।

 

Question 25. चित्र में व्यास EC जीवा AD के समान्तर एवं \( \angle\text{ABC} = 50^\circ \) हो, तो \( \angle\text{CAD} \) का मान O E C B A D 50°
Answer: (ख) 40°
In simple words: \( \text{AD} || \text{EC} \) दिया गया है। \( \angle\text{ABC} = 50^\circ \)। क्योंकि \( \text{EC} \) व्यास है, \( \angle\text{EAC} = 90^\circ \) (अर्धवृत्त में बना कोण)। \( \angle\text{ABC} = 50^\circ \)। \( \angle\text{ADC} \) और \( \angle\text{ABC} \) चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं, इसलिए \( \angle\text{ADC} = 180^\circ - 50^\circ = 130^\circ \)। \( \text{AD} || \text{EC} \) होने से, \( \angle\text{DAE} = \angle\text{AEC} \) (एकांतर कोण) और \( \angle\text{ADE} + \angle\text{DEC} = 180^\circ \) (समान भुजा पर बने कोण)। \( \angle\text{EAC} = 90^\circ \)। \( \triangle\text{EAC} \) एक समकोण त्रिभुज है। \( \angle\text{AEC} = \angle\text{ABC} = 50^\circ \) (एक ही चाप \( \text{AC} \) पर बने कोण)। तब \( \angle\text{CAD} = \angle\text{ACE} \) (एकांतर कोण)। \( \triangle\text{EAC} \) में, \( \angle\text{ACE} = 180^\circ - (\angle\text{EAC} + \angle\text{AEC}) = 180^\circ - (90^\circ + 50^\circ) = 40^\circ \)। तो \( \angle\text{CAD} = 40^\circ \)।

🎯 Exam Tip: समांतर रेखाओं के एकांतर कोण बराबर होते हैं। अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है। ये दोनों गुण ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. एक वृत्त की त्रिज्या 4 सेमी. है। इस वृत्त में दो समान्तर जीवाओं के मध्य बिन्दुओं से गुजरने वाली जीवा की लम्बाई लिखिए।
Answer: यदि दो समान्तर जीवाओं के मध्य बिंदुओं से होकर कोई जीवा गुजरती है, तो वह जीवा वृत्त के केंद्र से होकर जाती है। इस प्रकार, वह जीवा वृत्त का व्यास बन जाती है। वृत्त का व्यास त्रिज्या का दोगुना होता है, इसलिए जीवा की लंबाई \( 2 \times 4 = 8 \) सेमी होगी। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुणधर्म है।
In simple words: जब एक वृत्त की दो समांतर जीवाओं के बीच से कोई जीवा गुजरती है, तो वह वृत्त के केंद्र से होकर जाती है और वृत्त का व्यास बन जाती है। व्यास की लंबाई त्रिज्या का दोगुना होती है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि वृत्त का सबसे लंबा जीवा उसका व्यास होता है, जो हमेशा केंद्र से होकर गुजरता है।

 

Question 2. दी गई आकृति में O वृत्त का केन्द्र है। तथा जीवाएँ AB = BC हैं। यदि \( \angle BOC = 100^\circ \) है, तो \( \angle AOB \) का मान लिखिए।
Answer: दिए गए वृत्त में, O केंद्र है और जीवाएँ AB और BC बराबर हैं (\( AB = BC \))। वृत्त में, यदि जीवाएँ समान हों, तो वे केंद्र पर समान कोण बनाती हैं। इसलिए, \( \angle AOB = \angle BOC \) होगा। चूंकि \( \angle BOC = 100^\circ \) दिया गया है, तो \( \angle AOB \) का मान भी \( 100^\circ \) होगा। केंद्र पर जीवा द्वारा बनने वाला कोण उस जीवा की लंबाई पर निर्भर करता है।
In simple words: क्योंकि AB और BC जीवाएं बराबर हैं, तो वे केंद्र पर भी बराबर कोण बनाएंगी। अगर \( \angle BOC = 100^\circ \) है, तो \( \angle AOB \) भी \( 100^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक वृत्त में समान जीवाएँ केंद्र पर समान कोण आंतरित करती हैं।

 

Question 3. यदि 16 सेमी. लम्बाई की एक जीवा वृत्त के केन्द्र से 6 सेमी. की दूरी पर है, तो उस वृत्त के व्यास की लम्बाई लिखिए।
Answer:
जीवा की लंबाई \( = 16 \) सेमी.
केंद्र से जीवा की दूरी \( = 6 \) सेमी.
केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। इसलिए, जीवा का आधा भाग \( = \frac{16}{2} = 8 \) सेमी.
अब, हम त्रिज्या (r) ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे:
\( r^2 = (\text{आधा जीवा})^2 + (\text{केंद्र से दूरी})^2 \)
\( r^2 = 8^2 + 6^2 \)
\( r^2 = 64 + 36 \)
\( r^2 = 100 \)
\( r = \sqrt{100} = 10 \) सेमी.
वृत्त का व्यास \( = 2 \times \text{त्रिज्या} = 2 \times 10 = 20 \) सेमी.
यह प्रमेय वृत्त की त्रिज्या, जीवा की आधी लंबाई और केंद्र से जीवा की दूरी के बीच संबंध स्थापित करता है।
In simple words: जीवा की आधी लंबाई 8 सेमी है और केंद्र से उसकी दूरी 6 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके त्रिज्या 10 सेमी आती है। तो, व्यास \( 2 \times 10 = 20 \) सेमी होगा।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों को हल करते समय, केंद्र से जीवा पर लंब खींचकर एक समकोण त्रिभुज बनाना और पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करना न भूलें।

 

Question 4. वृत्त C (O, 5) तथा C (O', 5) में जीवा AB = जीवा CD है। यदि \( \mathrm{m}(\widehat{\mathrm{AB}})=60^{\circ} \) है, तो \( \mathrm{m}(\widehat{\mathrm{CD}}) \) का मान लिखिए।
Answer: दिए गए वृत्त C(O, 5) और C(O', 5) समान त्रिज्या वाले दो सर्वांगसम वृत्त हैं। प्रश्न में कहा गया है कि जीवा AB और जीवा CD बराबर हैं (\( \text{जीवा AB} = \text{जीवा CD} \))। हम जानते हैं कि सर्वांगसम वृत्तों में, बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण आंतरित करती हैं और बराबर माप के चाप बनाती हैं। यदि चाप AB का माप \( \mathrm{m}(\widehat{\mathrm{AB}})=60^{\circ} \) है, तो चाप CD का माप भी \( \mathrm{m}(\widehat{\mathrm{CD}})=60^{\circ} \) होगा। यह वृत्त के महत्वपूर्ण गुणों में से एक है।
In simple words: दो बराबर वृत्त हैं और उनमें दो जीवाएं (AB और CD) बराबर हैं। अगर चाप AB का माप \( 60^\circ \) है, तो चाप CD का माप भी \( 60^\circ \) होगा, क्योंकि बराबर जीवाएं बराबर चाप बनाती हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि सर्वांगसम वृत्तों में बराबर जीवाएं हमेशा बराबर चाप बनाती हैं, और वे केंद्र पर भी समान कोण आंतरित करती हैं।

 

Question 5. एक वृत्त की दो जीवाएँ AB तथा CD हैं जो परस्पर समान्तर और बराबर हैं। यदि प्रत्येक की लम्बाई 8 सेमी. हो और वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. हो तो उनके बीच की दूरी लिखिए।
Answer:
जीवा की लंबाई \( = 8 \) सेमी.
त्रिज्या \( = 5 \) सेमी.
चूंकि जीवाएं AB और CD बराबर और समान्तर हैं, वे वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर होंगी और केंद्र के विपरीत दिशाओं में होंगी।
केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। इसलिए, प्रत्येक जीवा का आधा भाग \( = \frac{8}{2} = 4 \) सेमी.
केंद्र से एक जीवा की दूरी (d) ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे:
\( r^2 = (\text{आधा जीवा})^2 + d^2 \)
\( 5^2 = 4^2 + d^2 \)
\( 25 = 16 + d^2 \)
\( d^2 = 9 \)
\( d = \sqrt{9} = 3 \) सेमी.
चूंकि दोनों जीवाएं केंद्र से 3 सेमी की दूरी पर और केंद्र के विपरीत दिशाओं में हैं, तो उनके बीच की कुल दूरी \( = d + d = 3 + 3 = 6 \) सेमी होगी। यह एक सामान्य स्थिति है जब समानांतर जीवाएं केंद्र के विपरीत दिशा में होती हैं।
In simple words: दोनों बराबर और समांतर जीवाएं केंद्र से 3 सेमी दूर हैं। क्योंकि वे केंद्र के अलग-अलग तरफ हैं, इसलिए उनके बीच की कुल दूरी \( 3 + 3 = 6 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: जब दो समानांतर जीवाएं समान लंबाई की हों, तो वे केंद्र से समान दूरी पर होती हैं और उनके बीच की दूरी केंद्र से एक जीवा की दूरी का दोगुना होती है।

 

Question 6. एक वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. और वृत्त के केन्द्र से एक जीवा पर लम्ब की लम्बाई 4 सेमी. है तो जीवा की लम्बाई ज्ञात करो।
Answer:
वृत्त की त्रिज्या \( r = 5 \) सेमी.
केंद्र से जीवा पर लंब की लंबाई \( d = 4 \) सेमी.
हम जानते हैं कि केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। मान लीजिए जीवा की आधी लंबाई \( x \) है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके:
\( r^2 = x^2 + d^2 \)
\( 5^2 = x^2 + 4^2 \)
\( 25 = x^2 + 16 \)
\( x^2 = 25 - 16 \)
\( x^2 = 9 \)
\( x = \sqrt{9} = 3 \) सेमी.
जीवा की कुल लंबाई \( = 2 \times x = 2 \times 3 = 6 \) सेमी. इस प्रकार, यह हमें जीवा की सटीक लंबाई बताता है।
In simple words: त्रिज्या 5 सेमी है और केंद्र से जीवा की दूरी 4 सेमी है। जीवा का आधा हिस्सा पाइथागोरस प्रमेय से 3 सेमी आता है। तो, पूरी जीवा की लंबाई \( 2 \times 3 = 6 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: लंबवत दूरी, जीवा की आधी लंबाई और त्रिज्या एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं; इस संबंध को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. एक वृत्त की जीवा 7 सेमी. है और केन्द्र से जीवा की दूरी 1.2 सेमी. है तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात करो।
Answer:
जीवा की लंबाई \( = 7 \) सेमी.
केंद्र से जीवा की दूरी \( = 1.2 \) सेमी.
केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। इसलिए, जीवा का आधा भाग \( = \frac{7}{2} = 3.5 \) सेमी.
त्रिज्या (r) ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे:
\( r^2 = (\text{आधा जीवा})^2 + (\text{केंद्र से दूरी})^2 \)
\( r^2 = (3.5)^2 + (1.2)^2 \)
\( r^2 = 12.25 + 1.44 \)
\( r^2 = 13.69 \)
\( r = \sqrt{13.69} \)
\( r \approx 3.7 \) सेमी. यह त्रिज्या की गणना का एक सीधा तरीका है।
In simple words: जीवा की आधी लंबाई 3.5 सेमी है और केंद्र से दूरी 1.2 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके त्रिज्या का मान लगभग 3.7 सेमी आता है।

🎯 Exam Tip: भिन्नों और दशमलव संख्याओं के साथ पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते समय गणना में सटीकता सुनिश्चित करें।

 

Question 9. यदि 16 सेमी. लम्बाई की एक जीवा वृत्त के केन्द्र से 6 सेमी. की दूरी पर है, तो उस वृत्त की त्रिज्या लिखिए।
Answer:
जीवा की लंबाई \( = 16 \) सेमी.
केंद्र से जीवा की दूरी \( = 6 \) सेमी.
केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है, इसलिए जीवा का आधा भाग \( = \frac{16}{2} = 8 \) सेमी.
त्रिभुज AOP (जो कि समकोण त्रिभुज है, जहाँ OP जीवा AB पर लम्ब है) में, पाइथागोरस प्रमेय से त्रिज्या (AO या r) ज्ञात करेंगे:
\( \text{AO}^2 = \text{AP}^2 + \text{OP}^2 \)
\( r^2 = 8^2 + 6^2 \)
\( r^2 = 64 + 36 \)
\( r^2 = 100 \)
\( r = \sqrt{100} = 10 \) सेमी.
त्रिज्या हमें वृत्त के आकार का माप देती है।
In simple words: जीवा की आधी लंबाई 8 सेमी है और केंद्र से दूरी 6 सेमी है। पाइथागोरस के नियम से, वृत्त की त्रिज्या \( \sqrt{8^2 + 6^2} = \sqrt{100} = 10 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: ज्यामिति के सवालों में आकृतियों का उपयोग करने से समस्या को समझने और हल करने में आसानी होती है।

 

Question 10. 8 सेमी. लम्बाई की एक जीवा वृत्त के केन्द्र से 3 सेमी. की दूरी पर है, तो उस वृत्त की त्रिज्या लिखिए।
Answer:
जीवा की लंबाई \( = 8 \) सेमी.
केंद्र से जीवा की दूरी \( = 3 \) सेमी.
केंद्र से जीवा पर लंब डालने पर जीवा दो बराबर भागों में बंट जाती है। इसलिए, जीवा का आधा भाग \( = \frac{8}{2} = 4 \) सेमी.
अब, त्रिज्या (OA) ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे, जो समकोण त्रिभुज OAC में कर्ण है:
\( (\text{OA})^2 = (\text{AC})^2 + (\text{OC})^2 \)
\( (\text{OA})^2 = 4^2 + 3^2 \)
\( (\text{OA})^2 = 16 + 9 \)
\( (\text{OA})^2 = 25 \)
\( \text{OA} = \sqrt{25} = 5 \) सेमी.
यह गणना वृत्त के मौलिक गुणों पर आधारित है।
In simple words: जीवा की आधी लंबाई 4 सेमी है और केंद्र से दूरी 3 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार, वृत्त की त्रिज्या \( \sqrt{4^2 + 3^2} = \sqrt{25} = 5 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि आप जीवा की पूरी लंबाई के बजाय उसकी आधी लंबाई का उपयोग करते हुए गणना कर रहे हैं, क्योंकि लंब उसे समद्विभाजित करता है।

 

Question 11. वृत्त में किन्हीं दो त्रिज्याओं और उनके अन्तिम बिन्दुओं से बनने वाले चाप से घिरे क्षेत्र का नाम लिखिए।
Answer: वृत्त में किन्हीं दो त्रिज्याओं और उनके अंतिम बिंदुओं से बनने वाले चाप से घिरे क्षेत्र को 'त्रिज्यखण्ड' (Sector) कहते हैं। यह वृत्त का एक हिस्सा होता है।
In simple words: वृत्त में दो त्रिज्याएं और उनके सिरों को जोड़ने वाला चाप मिलकर त्रिज्यखण्ड बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: त्रिज्यखण्ड और वृत्तखण्ड (Segment) के बीच का अंतर याद रखें: त्रिज्यखण्ड त्रिज्याओं और चाप से बनता है, जबकि वृत्तखण्ड एक जीवा और चाप से बनता है।

 

Question 12. दी गई आकृति में RS वृत्त का व्यास है तथा \( \angle ROS = 42^\circ \) है, तो \( \angle RTS \) की माप ज्ञात कीजिये।
Answer: दिए गए प्रश्न में कहा गया है कि RS वृत्त का व्यास है। वृत्त के एक महत्वपूर्ण प्रमेय के अनुसार, वृत्त का व्यास परिधि पर किसी भी बिंदु पर \( 90^\circ \) का कोण आंतरित करता है। इसलिए, यदि T वृत्त की परिधि पर कोई बिंदु है, तो \( \angle RTS = 90^\circ \) होगा। प्रश्न में दिया गया \( \angle ROS = 42^\circ \) का मान इस संदर्भ में विरोधाभासी है, क्योंकि यदि RS व्यास है और O केंद्र है, तो \( \angle ROS \) का मान \( 180^\circ \) होना चाहिए। इसलिए, \( \angle RTS \) का मान \( 90^\circ \) है। यह एक मौलिक ज्यामितीय सिद्धांत है।
In simple words: क्योंकि RS वृत्त का व्यास है, तो परिधि पर किसी भी बिंदु T पर बना कोण हमेशा \( 90^\circ \) होता है। इसलिए \( \angle RTS = 90^\circ \)। दिया गया \( 42^\circ \) का मान यहाँ भ्रमित करने वाला हो सकता है।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है कि व्यास द्वारा परिधि पर आंतरित कोण हमेशा एक समकोण होता है। इस तथ्य को हमेशा प्राथमिकता दें यदि प्रश्न में कोई विरोधाभासी जानकारी हो।

 

Question 13. दी गई आकृति में AB वृत्त का व्यास है। यदि \( \angle ABC = 59^\circ \) है, तो \( \angle BAC \) का मान लिखिए।
Answer: दी गई आकृति में, AB वृत्त का व्यास है। हम जानते हैं कि अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है, जिसका अर्थ है कि परिधि पर व्यास द्वारा आंतरित कोण \( 90^\circ \) होता है। इसलिए, \( \angle ACB = 90^\circ \)।
अब, त्रिभुज ABC में, तीनों कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle BAC + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( \angle BAC + 59^\circ + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle BAC + 149^\circ = 180^\circ \)
\( \angle BAC = 180^\circ - 149^\circ \)
\( \angle BAC = 31^\circ \). यह एक सीधा ज्यामितीय सिद्धांत है।
In simple words: क्योंकि AB व्यास है, तो \( \angle ACB = 90^\circ \) होगा। त्रिभुज के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, इसलिए \( \angle BAC = 180^\circ - 59^\circ - 90^\circ = 31^\circ \)।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा समकोण होता है। यह गुण अक्सर त्रिभुज के कोणों को हल करने में मदद करता है।

 

Question 14. दी गई आकृति में O वृत्त का केन्द्र है। यदि \( \angle BAC = 30^\circ \) है, तो \( \angle ABC \) का मान लिखिए।
Answer: दिए गए प्रश्न में \( \angle BAC = 30^\circ \) दिया गया है। \( \angle ABC \) का मान ज्ञात करने के लिए हमें वृत्त के कुछ और गुणों का उपयोग करना होगा। यदि हम यह मान लें कि AB वृत्त का व्यास है (जैसा कि अक्सर ऐसे ज्यामितीय समस्याओं में निहित होता है जब अन्यथा निर्दिष्ट न हो), तो व्यास द्वारा परिधि पर आंतरित कोण \( \angle ACB \) \( 90^\circ \) होगा।
तब, त्रिभुज ABC में, कोणों के योग के नियम से:
\( \angle ABC + \angle BAC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( \angle ABC + 30^\circ + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABC + 120^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABC = 180^\circ - 120^\circ \)
\( \angle ABC = 60^\circ \). यह एक आम ज्यामितीय निष्कर्ष है।
In simple words: अगर हम मानते हैं कि AB व्यास है, तो \( \angle ACB = 90^\circ \) होगा। त्रिभुज के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, तो \( \angle ABC = 180^\circ - 30^\circ - 90^\circ = 60^\circ \)।

🎯 Exam Tip: यदि ज्यामितीय आकृति में स्पष्ट जानकारी कम हो, तो मानक विन्यास (जैसे व्यास द्वारा बना समकोण) को ध्यान में रखना सहायक हो सकता है।

 

Question 16. दिये गये चित्र में \( \angle x \) व \( \angle y \) का मान ज्ञात करो।
Answer: दिए गए चित्र में, \( \angle x \) वृत्त के केंद्र पर आंतरित कोण है और \( \angle y \) (या दिया गया \( 54^\circ \) कोण) परिधि पर आंतरित कोण है, जो एक ही चाप द्वारा बनते हैं। वृत्त के प्रमेय के अनुसार, केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।
इसलिए, \( \angle x = 2 \times \angle y \)
चूंकि \( \angle y = 54^\circ \) दिया गया है:
\( \angle x = 2 \times 54^\circ = 108^\circ \)
इस प्रकार, \( \angle x = 108^\circ \) और \( \angle y = 54^\circ \)। यह प्रमेय विभिन्न ज्यामितीय समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
In simple words: केंद्र पर बना कोण (\( x \)) परिधि पर बने कोण (\( y \)) का दोगुना होता है। चूंकि \( y = 54^\circ \) है, तो \( x = 2 \times 54^\circ = 108^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: केंद्र पर बने कोण और परिधि पर बने कोण के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से समझें; यह अक्सर एक ही चाप पर आधारित होता है।

 

Question 17. चित्र में चाप BD और चाप CD द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( 80^\circ \) और \( 60^\circ \) है, तो \( \angle BAC \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, केंद्र O पर चाप BD द्वारा आंतरित कोण \( \angle BOD = 80^\circ \) है और चाप CD द्वारा आंतरित कोण \( \angle COD = 60^\circ \) है।
सबसे पहले, हम चाप BC द्वारा केंद्र पर आंतरित कुल कोण \( \angle BOC \) ज्ञात करेंगे:
\( \angle BOC = \angle BOD + \angle COD \)
\( \angle BOC = 80^\circ + 60^\circ = 140^\circ \).
अब, \( \angle BAC \) वृत्त की परिधि पर चाप BC द्वारा आंतरित कोण है। हम जानते हैं कि केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।
इसलिए, \( \angle BAC = \frac{1}{2} \angle BOC \)
\( \angle BAC = \frac{1}{2} \times 140^\circ = 70^\circ \). इस प्रमेय का उपयोग अक्सर वृत्त से संबंधित कोणों की समस्याओं में किया जाता है।
In simple words: केंद्र पर चाप BC द्वारा बना कुल कोण \( 80^\circ + 60^\circ = 140^\circ \) है। परिधि पर इसी चाप द्वारा बना कोण इसका आधा होता है, यानी \( \angle BAC = 140^\circ / 2 = 70^\circ \)।

🎯 Exam Tip: केंद्र पर बने कोण और परिधि पर बने कोण का संबंध तभी लागू होता है जब वे एक ही चाप द्वारा आंतरित किए गए हों।

 

Question 18. चित्र में O केंद्र वाले एक वृत्त में चाप BC द्वारा केंद्र O पर \( \angle BOC \) तथा शेष परिधि के किसी बिंदु A पर \( \angle BAC \) आंतरित होता है। यदि \( \angle AOB = 95^\circ \) तथा \( \angle AOC = 125^\circ \) तो \( \angle BAC \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिए गए वृत्त में, O केंद्र है और A, B, C परिधि पर बिंदु हैं। हमें \( \angle AOB = 95^\circ \) और \( \angle AOC = 125^\circ \) दिया गया है। केंद्र पर बनने वाले कोणों का कुल योग \( 360^\circ \) होता है:
\( \angle AOB + \angle AOC + \angle BOC = 360^\circ \)
\( 95^\circ + 125^\circ + \angle BOC = 360^\circ \)
\( 220^\circ + \angle BOC = 360^\circ \)
\( \angle BOC = 360^\circ - 220^\circ \)
\( \angle BOC = 140^\circ \).
अब, \( \angle BAC \) वृत्त की परिधि पर चाप BC द्वारा आंतरित कोण है, और \( \angle BOC \) केंद्र पर इसी चाप द्वारा आंतरित कोण है। हम जानते हैं कि केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है:
\( \angle BAC = \frac{1}{2} \angle BOC \)
\( \angle BAC = \frac{1}{2} \times 140^\circ = 70^\circ \). यह केंद्रीय कोण और परिधीय कोण के बीच का संबंध दिखाता है।
In simple words: केंद्र पर कुल कोण \( 360^\circ \) होते हैं। \( \angle AOB \) और \( \angle AOC \) को जोड़कर \( 220^\circ \) मिलता है। तो, \( \angle BOC = 360^\circ - 220^\circ = 140^\circ \)। परिधि पर \( \angle BAC \) इसका आधा होगा, यानी \( 70^\circ \)।

🎯 Exam Tip: केंद्र के चारों ओर के कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है, और यह केंद्रीय कोण-परिधीय कोण प्रमेय के साथ मिलकर समस्याओं को हल करने में उपयोगी है।

 

Question 19. चित्र में चाप AB द्वारा वृत्त के केंद्र O पर आंतरित कोण \( 120^\circ \) है तथा AC वृत्त का व्यास है, तो \( \angle OBC \) का मान लिखिए।
Answer:
दिए गए चित्र में, O वृत्त का केंद्र है, चाप AB द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( \angle AOB = 120^\circ \) है, और AC वृत्त का व्यास है।
चूंकि AC एक सीधी रेखा (व्यास) है, इसलिए \( \angle AOB \) और \( \angle BOC \) एक सीधी रेखा पर बने कोण हैं, जिनका योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle AOB + \angle BOC = 180^\circ \)
\( 120^\circ + \angle BOC = 180^\circ \)
\( \angle BOC = 180^\circ - 120^\circ = 60^\circ \).
अब, त्रिभुज OBC में, OB और OC दोनों वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, इसलिए \( OB = OC \)। इसका मतलब है कि \( \triangle OBC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और इसके आधार कोण बराबर होंगे:
\( \angle OBC = \angle OCB \).
त्रिभुज OBC के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle OBC + \angle OCB + \angle BOC = 180^\circ \)
\( 2 \angle OBC + 60^\circ = 180^\circ \)
\( 2 \angle OBC = 120^\circ \)
\( \angle OBC = 60^\circ \). यह वृत्त के गुणों का सीधा अनुप्रयोग है।
In simple words: AC व्यास है, तो \( \angle AOB \) और \( \angle BOC \) का योग \( 180^\circ \) होगा, इसलिए \( \angle BOC = 60^\circ \)। त्रिभुज OBC में, OB और OC त्रिज्याएं हैं, इसलिए \( \triangle OBC \) समद्विबाहु है और \( \angle OBC = \angle OCB \)। तो \( \angle OBC = 60^\circ \)।

🎯 Exam Tip: सीधी रेखा पर बने कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, और समद्विबाहु त्रिभुज के आधार कोण बराबर होते हैं - इन दो महत्वपूर्ण गुणों का उपयोग अक्सर समस्याओं में एक साथ किया जाता है।

 

Question 21. एक वृत्त के उस चाप का माप लिखिए जो वृत्त के शेष भाग पर समकोण बनाता है।
Answer: वृत्त का वह चाप जो वृत्त के शेष भाग पर समकोण (या \( 90^\circ \) का कोण) बनाता है, वह 'अर्द्धवृत्त' (Semicircle) होता है। यह वृत्त के एक महत्वपूर्ण प्रमेय पर आधारित है।
In simple words: जिस चाप से वृत्त के दूसरे हिस्से पर \( 90^\circ \) का कोण बनता है, उसे अर्द्धवृत्त कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक अर्द्धवृत्त हमेशा परिधि पर समकोण आंतरित करता है, और इसका उल्टा भी सच है।

 

Question 22. r त्रिज्या वाले वृत्त के केंद्र पर \( 180^\circ \) कोण आंतरित करने वाले चाप की लम्बाई लिखिए।
Answer: r त्रिज्या वाले वृत्त के केंद्र पर \( 180^\circ \) कोण आंतरित करने वाला चाप एक अर्द्धवृत्त होता है। एक वृत्त की परिधि \( 2\pi r \) होती है। इसलिए, एक अर्द्धवृत्त की लंबाई वृत्त की परिधि की आधी होगी:
चाप की लंबाई \( = \frac{180^\circ}{360^\circ} \times 2\pi r = \frac{1}{2} \times 2\pi r = \pi r \). यह सूत्र वृत्त के भागों को समझने में मदद करता है।
In simple words: r त्रिज्या वाले वृत्त के केंद्र पर \( 180^\circ \) का कोण बनाने वाले चाप की लंबाई \( \pi r \) होगी, जो वृत्त की परिधि का आधा है।

🎯 Exam Tip: केंद्रीय कोण के अनुपात को पूरी परिधि से गुणा करके किसी भी चाप की लंबाई ज्ञात करने का सूत्र याद रखें।

 

Question 23. चित्र में यदि \( \angle ADC = 80^\circ \) हो, तो \( \angle CBE \) का मान लिखिए।
Answer: दिए गए चित्र में, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है, और \( \angle CBE \) इस चक्रीय चतुर्भुज का एक बाहरी कोण है। चक्रीय चतुर्भुज के एक महत्वपूर्ण गुणधर्म के अनुसार, एक चक्रीय चतुर्भुज का बाहरी कोण उसके आंतरिक सम्मुख कोण के बराबर होता है।
इसलिए, \( \angle CBE = \angle ADC \)।
चूंकि \( \angle ADC = 80^\circ \) दिया गया है, तो \( \angle CBE \) का मान भी \( 80^\circ \) होगा। यह गुणधर्म चक्रीय चतुर्भुजों की एक विशिष्ट पहचान है।
In simple words: चक्रीय चतुर्भुज में बाहरी कोण उसके सामने वाले अंदरूनी कोण के बराबर होता है। अगर \( \angle ADC = 80^\circ \) है, तो \( \angle CBE \) भी \( 80^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के बाहरी कोण और आंतरिक सम्मुख कोण के बीच के संबंध को याद रखना विभिन्न ज्यामितीय समस्याओं को हल करने में बहुत उपयोगी है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. आकृति में, वृत्त का केंद्र O एवं त्रिज्या 5 सेमी. है। यदि \( \text{OP} \perp \text{AB} \), \( \text{OQ} \perp \text{CD} \), \( \text{AB} \parallel \text{CD} \), \( \text{AB} = 8 \) सेमी. और \( \text{CD} = 6 \) सेमी. हो, तो PQ ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, O वृत्त का केंद्र है और त्रिज्या \( r = 5 \) सेमी. है। AB और CD दो समानांतर जीवाएं हैं।
1. \( \text{OP} \perp \text{AB} \) है, इसलिए OP जीवा AB को समद्विभाजित करता है। अतः \( \text{AP} = \frac{1}{2} \text{AB} = \frac{1}{2} \times 8 = 4 \) सेमी.
समकोण त्रिभुज OPA में, पाइथागोरस प्रमेय से:
\( \text{OP}^2 = \text{OA}^2 - \text{AP}^2 \)
\( \text{OP}^2 = 5^2 - 4^2 = 25 - 16 = 9 \)
\( \text{OP} = \sqrt{9} = 3 \) सेमी.
2. \( \text{OQ} \perp \text{CD} \) है, इसलिए OQ जीवा CD को समद्विभाजित करता है। अतः \( \text{CQ} = \frac{1}{2} \text{CD} = \frac{1}{2} \times 6 = 3 \) सेमी.
समकोण त्रिभुज OQC में, पाइथागोरस प्रमेय से:
\( \text{OQ}^2 = \text{OC}^2 - \text{CQ}^2 \)
\( \text{OQ}^2 = 5^2 - 3^2 = 25 - 9 = 16 \)
\( \text{OQ} = \sqrt{16} = 4 \) सेमी.
चूंकि जीवाएं AB और CD समानांतर हैं, और OP व OQ जीवाओं पर लंब हैं, तो P, O, Q संरेखीय होंगे। चूंकि जीवाओं की लंबाई अलग-अलग है, वे केंद्र के विपरीत दिशाओं में हैं। इसलिए, P और Q के बीच की दूरी PQ \( = \text{OP} + \text{OQ} = 3 + 4 = 7 \) सेमी होगी। यह केंद्र से जीवाओं की दूरी के सिद्धांतों पर आधारित है।
In simple words: जीवा AB की आधी लंबाई 4 सेमी है और जीवा CD की आधी लंबाई 3 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, केंद्र से AB की दूरी OP = 3 सेमी और केंद्र से CD की दूरी OQ = 4 सेमी है। चूंकि जीवाएं समानांतर हैं और केंद्र के विपरीत हैं, तो PQ की कुल दूरी \( 3 + 4 = 7 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: जब दो समानांतर जीवाएं केंद्र के विपरीत दिशा में हों, तो उनके बीच की दूरी केंद्र से दोनों जीवाओं की दूरियों का योग होती है।

 

Question 2. 10 सेमी. त्रिज्या के एक वृत्त में, दो जीवाएँ AB = AC = 12 सेमी. हों, तो जीवा BC की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer:

वृत्त की त्रिज्या \( R = 10 \) सेमी.।
जीवाएँ \( AB = AC = 12 \) सेमी.।
ज्ञात करना है: जीवा BC की लंबाई।
चूंकि \( AB = AC \), त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है। A से BC पर लम्ब AD खींचें। D जीवा BC का मध्यबिंदु होगा, और \( AD \perp BC \)। चूंकि \( AB = AC \), लम्ब AD वृत्त के केंद्र O से होकर भी गुजरेगा, इसलिए A, O, D संरेखीय हैं।
मान लीजिए केंद्र O से जीवा BC की दूरी \( OD = x \) सेमी. है।
तो, A से D तक की दूरी \( AD = AO - OD \) (क्योंकि D केंद्र और A के बीच में है) \( = 10 - x \) सेमी.
समकोण त्रिभुज ODC में, पाइथागोरस प्रमेय से:
\( OC^2 = OD^2 + DC^2 \)
\( 10^2 = x^2 + DC^2 \)
\( DC^2 = 100 - x^2 \).
समकोण त्रिभुज ADC में, पाइथागोरस प्रमेय से:
\( AC^2 = AD^2 + DC^2 \)
\( 12^2 = (10 - x)^2 + (100 - x^2) \)
\( 144 = (100 - 20x + x^2) + (100 - x^2) \)
\( 144 = 200 - 20x \)
\( 20x = 200 - 144 \)
\( 20x = 56 \)
\( x = \frac{56}{20} = 2.8 \) सेमी.। तो, केंद्र O से जीवा BC की दूरी \( OD = 2.8 \) सेमी.
अब, \( DC^2 = 100 - x^2 = 100 - (2.8)^2 = 100 - 7.84 = 92.16 \).
\( DC = \sqrt{92.16} = 9.6 \) सेमी.
इसलिए, जीवा BC की लंबाई \( = 2 \times DC = 2 \times 9.6 = 19.2 \) सेमी. यह समद्विबाहु त्रिभुज और वृत्त के गुणों का एक संयोजन है।
In simple words: A से BC पर लम्ब AD खींचा, जो केंद्र O से होकर गुजरा। केंद्र से BC की दूरी (OD) को x माना। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, \( x = 2.8 \) सेमी आया। फिर \( DC = 9.6 \) सेमी, तो BC की कुल लंबाई \( 2 \times 9.6 = 19.2 \) सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: जब एक समद्विबाहु त्रिभुज वृत्त के अंदर हो, तो शीर्ष से आधार पर डाला गया लम्ब अक्सर केंद्र से होकर गुजरता है, जिससे गणना आसान हो जाती है।

 

Question 3. आकृति में, वृत्त का व्यास AB है और \( \angle DAB = 40^\circ \) हो, तो \( \angle DCA \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, AB वृत्त का व्यास है।
1. चूँकि AB व्यास है, तो अर्धवृत्त में बना कोण \( \angle ADB = 90^\circ \) होगा।
2. त्रिभुज ABD में, कोणों के योग के नियम से:
\( \angle DAB + \angle ADB + \angle DBA = 180^\circ \)
\( 40^\circ + 90^\circ + \angle DBA = 180^\circ \)
\( 130^\circ + \angle DBA = 180^\circ \)
\( \angle DBA = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ \).
3. अब, \( \angle DBA \) और \( \angle DCA \) एक ही वृत्तखण्ड में बने कोण हैं (चाप DA द्वारा आंतरित)। वृत्त के गुणधर्म के अनुसार, एक ही वृत्तखण्ड में बने कोण बराबर होते हैं।
इसलिए, \( \angle DCA = \angle DBA \).
अतः, \( \angle DCA = 50^\circ \). यह वृत्त के विभिन्न कोणों के बीच के संबंध को दर्शाता है।
In simple words: AB व्यास है, तो \( \angle ADB = 90^\circ \)। त्रिभुज ABD में, \( \angle DBA = 180^\circ - 90^\circ - 40^\circ = 50^\circ \)। क्योंकि \( \angle DBA \) और \( \angle DCA \) एक ही चाप DA से बने हैं, तो \( \angle DCA \) भी \( 50^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा \( 90^\circ \) होता है और एक ही वृत्तखण्ड में बने कोण हमेशा बराबर होते हैं।

 

Question 4. आकृति में, चाप AB और चाप AC द्वारा केंद्र O पर आंतरित कोण क्रमशः \( 80^\circ \) और \( 120^\circ \) हैं। \( \angle BAC \) और \( \angle BOC \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में (जैसा कि मानक विन्यास में होता है), O वृत्त का केंद्र है। चाप AB द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( \angle AOB = 80^\circ \) है और चाप AC द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( \angle AOC = 120^\circ \) है।
1. \( \angle BOC \) ज्ञात करना:
केंद्र पर सभी कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है:
\( \angle AOB + \angle AOC + \angle BOC = 360^\circ \)
\( 80^\circ + 120^\circ + \angle BOC = 360^\circ \)
\( 200^\circ + \angle BOC = 360^\circ \)
\( \angle BOC = 360^\circ - 200^\circ = 160^\circ \).
2. \( \angle BAC \) ज्ञात करना:
\( \angle BAC \) वृत्त की परिधि पर चाप BC द्वारा आंतरित कोण है, और \( \angle BOC \) केंद्र पर इसी चाप द्वारा आंतरित कोण है। हम जानते हैं कि केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है:
\( \angle BAC = \frac{1}{2} \angle BOC \)
\( \angle BAC = \frac{1}{2} \times 160^\circ = 80^\circ \). यह प्रमेय कोणों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करता है।
In simple words: केंद्र पर कुल कोण \( 360^\circ \) होते हैं, इसलिए \( \angle BOC = 360^\circ - (80^\circ + 120^\circ) = 160^\circ \)। परिधि पर बना कोण (\( \angle BAC \)) केंद्रीय कोण (\( \angle BOC \)) का आधा होता है, तो \( \angle BAC = 160^\circ / 2 = 80^\circ \)।

🎯 Exam Tip: केंद्र के चारों ओर के कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है, और केंद्रीय कोण-परिधीय कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. सिद्ध कीजिए कि एक समद्विबाहु त्रिभुज की एक समान भुजा को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त, त्रिभुज की असमान भुजा को समद्विभाजित करता है।
Answer:
दिया है: एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC जिसमें \( AB = AC \) है। AC को व्यास मानकर एक वृत्त खींचा गया है, जो BC को बिंदु D पर काटता है।
सिद्ध करना है: \( BD = DC \), अर्थात् वृत्त भुजा BC को समद्विभाजित करता है।
उपपत्ति:
1. चूँकि AC वृत्त का व्यास है, तो वृत्त की परिधि पर व्यास द्वारा आंतरित कोण \( \angle ADC = 90^\circ \) होगा। (अर्धवृत्त में बना कोण)।
इसका अर्थ है कि AD भुजा BC पर लम्ब है।
2. अब, त्रिभुज ABD और त्रिभुज ACD पर विचार करें:
(i) \( AB = AC \) (दिया है, त्रिभुज ABC समद्विबाहु है)।
(ii) \( AD = AD \) (यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है)।
(iii) \( \angle ADB = \angle ADC = 90^\circ \) (जैसा कि ऊपर सिद्ध किया गया है कि AD, BC पर लम्ब है)।
अतः, RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle ABD \cong \triangle ACD \)।
3. सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों (CPCTC) के अनुसार, \( BD = DC \)।
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि AC को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त त्रिभुज की असमान भुजा BC को समद्विभाजित करता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमाण है।
In simple words: जब AC को व्यास मानकर एक वृत्त खींचा जाता है, तो \( \angle ADC \) \( 90^\circ \) होता है, जिसका मतलब AD, BC पर लम्ब है। चूंकि \( AB = AC \) और AD उभयनिष्ठ है, तो त्रिभुज ABD और ACD सर्वांगसम सिद्ध होते हैं, जिससे \( BD = DC \) सिद्ध होता है।

🎯 Exam Tip: यह प्रमाण अर्धवृत्त में बने कोण के गुणधर्म और RHS सर्वांगसमता नियम पर निर्भर करता है। इन दोनों अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. AOC वृत्त का एक व्यास है तथा चाप AXB \( = \frac{1}{2} \) चाप BYC है। \( \angle BOC \) ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिए गए वृत्त में, O केंद्र है और AOC वृत्त का व्यास है।
चाप की माप उसके केंद्र पर आंतरित कोण के बराबर होती है।
मान लीजिए \( \angle AOB = \theta \) और \( \angle BOC = \phi \)।
दिया है कि चाप AXB \( = \frac{1}{2} \) चाप BYC है। इसका अर्थ है कि उनके द्वारा केंद्र पर आंतरित कोणों का माप भी इसी अनुपात में होगा:
\( \theta = \frac{1}{2} \phi \)
\( \implies \phi = 2\theta \).
चूंकि AOC एक सीधी रेखा (व्यास) है, इसलिए \( \angle AOB \) और \( \angle BOC \) एक सीधी रेखा पर बने कोण हैं, जिनका योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle AOB + \angle BOC = 180^\circ \)
\( \theta + \phi = 180^\circ \).
अब, \( \phi = 2\theta \) को समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर:
\( \theta + 2\theta = 180^\circ \)
\( 3\theta = 180^\circ \)
\( \theta = \frac{180^\circ}{3} = 60^\circ \).
इसलिए, \( \angle AOB = 60^\circ \)।
अब \( \phi \) का मान ज्ञात करें:
\( \phi = 2\theta = 2 \times 60^\circ = 120^\circ \).
अतः, \( \angle BOC = 120^\circ \)। यह कोणों के गुणों और चाप की माप के बीच का संबंध है।
In simple words: AOC व्यास है, इसलिए \( \angle AOB + \angle BOC = 180^\circ \)। क्योंकि चाप AXB चाप BYC का आधा है, तो \( \angle AOB \) भी \( \angle BOC \) का आधा होगा। समीकरण हल करने पर \( \angle BOC = 120^\circ \) आता है।

🎯 Exam Tip: चाप की माप और केंद्रीय कोण के बीच के सीधे संबंध को याद रखें, और सीधी रेखा पर कोणों के योग \( 180^\circ \) का उपयोग करना अक्सर उपयोगी होता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 8. आकृति में, \( x \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। हमें \( \angle DAC = 30^\circ \), \( \angle ACB = 40^\circ \) और \( \angle BDC = x \) दिया गया है।
चक्रीय चतुर्भुज के गुणधर्मों का उपयोग करेंगे:
1. एक ही वृत्तखण्ड में बने कोण बराबर होते हैं।
चाप DC द्वारा आंतरित कोण: \( \angle DBC = \angle DAC = 30^\circ \).
चाप AB द्वारा आंतरित कोण: \( \angle ADB = \angle ACB = 40^\circ \).
2. त्रिभुज ADC में कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle DAC + \angle ACD + \angle ADC = 180^\circ \)
हम जानते हैं कि \( \angle ADC = \angle ADB + \angle BDC \)
\( \angle ADC = 40^\circ + x \).
तो, \( 30^\circ + \angle ACD + (40^\circ + x) = 180^\circ \)
\( 70^\circ + \angle ACD + x = 180^\circ \)
\( \angle ACD + x = 110^\circ \).
चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle BAD + \angle BCD = 180^\circ \)
\( (\angle BAC + \angle DAC) + (\angle BCA + \angle ACD) = 180^\circ \)
\( (\angle BAC + 30^\circ) + (40^\circ + \angle ACD) = 180^\circ \)
\( \angle BAC + \angle ACD + 70^\circ = 180^\circ \)
\( \angle BAC + \angle ACD = 110^\circ \).
यदि \( \angle ACD + x = 110^\circ \) और \( \angle BAC + \angle ACD = 110^\circ \), तो \( \angle BAC = x \).
चक्रीय चतुर्भुज के गुणधर्म से, \( \angle BAC = \angle BDC \) (एक ही चाप BC द्वारा बिंदु A पर आंतरित कोण \( \angle BAC \) और बिंदु D पर आंतरित कोण \( \angle BDC \) बराबर होते हैं। चूंकि \( \angle BDC = x \), तो \( \angle BAC = x \)।)
इसलिए, \( x = 30^\circ \). यह केंद्रीय कोण और परिधीय कोण के बीच का संबंध है।
यहां, \( \angle BAC = 30^\circ \) (एक ही चाप BC द्वारा बिंदु A पर आंतरित कोण \( \angle BAC \) और बिंदु D पर आंतरित कोण \( \angle BDC \) बराबर होते हैं। चूंकि \( \angle BDC = x \), तो \( \angle BAC = x \)।)
और \( \angle CAD = 30^\circ \) दिया गया है।
यह दर्शाता है कि \( x \) का मान \( 30^\circ \) है।
In simple words: चक्रीय चतुर्भुज में, एक ही चाप पर बने कोण बराबर होते हैं। \( \angle DAC = 30^\circ \) और \( \angle ACB = 40^\circ \)। चक्रीय चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके, हम पाते हैं कि \( \angle BDC \) का मान \( 30^\circ \) है।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज में एक ही वृत्तखण्ड में बने कोणों की समानता और सम्मुख कोणों के योग \( 180^\circ \) के गुणों का उपयोग करें।

 

Question 9. आकृति में, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। यदि \( \angle AOC = 136^\circ \) हो, तो \( \angle ABC \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, O वृत्त का केंद्र है और ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
हमें \( \angle AOC = 136^\circ \) दिया गया है, जो चाप ADC द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण है।
हम जानते हैं कि केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है, यदि वे एक ही चाप द्वारा आंतरित किए गए हों। \( \angle ABC \) परिधि पर चाप ADC द्वारा आंतरित कोण है।
इसलिए, \( \angle ABC = \frac{1}{2} \angle AOC \)
\( \angle ABC = \frac{1}{2} \times 136^\circ \)
\( \angle ABC = 68^\circ \). यह केंद्रीय कोण और परिधीय कोण के बीच का सीधा संबंध है।
In simple words: केंद्र पर बना कोण \( 136^\circ \) है। परिधि पर बना कोण (\( \angle ABC \)) इसका आधा होगा। तो, \( \angle ABC = 136^\circ / 2 = 68^\circ \)।

🎯 Exam Tip: केंद्रीय कोण-परिधीय कोण प्रमेय का उपयोग करते समय, यह सुनिश्चित करें कि दोनों कोण एक ही चाप द्वारा आंतरित किए गए हों।

 

Question 10. आकृति में, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। \( x \) और \( y \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। हम जानते हैं कि एक चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण सम्पूरक होते हैं (अर्थात् उनका योग \( 180^\circ \) होता है)।
चित्र से दिए गए कोणों के मान हैं:
\( \angle DAB = (5y+5)^\circ \)
\( \angle ABC = (4y-4)^\circ \)
\( \angle BCD = (x+10)^\circ \)
\( \angle CDA = (2x+4)^\circ \)
1. सम्मुख कोणों \( \angle CDA \) और \( \angle ABC \) का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( (2x+4)^\circ + (4y-4)^\circ = 180^\circ \)
\( 2x + 4y = 180 \)
दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर:
\( x + 2y = 90 \) .....(समीकरण 1)
2. सम्मुख कोणों \( \angle DAB \) और \( \angle BCD \) का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( (5y+5)^\circ + (x+10)^\circ = 180^\circ \)
\( x + 5y + 15 = 180 \)
\( x + 5y = 165 \) .....(समीकरण 2)
अब, समीकरण 1 और 2 को हल करेंगे। समीकरण 1 को समीकरण 2 से घटाने पर:
\( (x + 5y) - (x + 2y) = 165 - 90 \)
\( 3y = 75 \)
\( y = \frac{75}{3} = 25 \).
y का मान समीकरण 1 में रखने पर:
\( x + 2(25) = 90 \)
\( x + 50 = 90 \)
\( x = 90 - 50 \)
\( x = 40 \).
अतः, \( x = 40^\circ \) और \( y = 25^\circ \)। यह रैखिक समीकरण युग्म को हल करने का एक उदाहरण है।
In simple words: चक्रीय चतुर्भुज के आमने-सामने के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। इन नियमों से दो समीकरण बनते हैं: \( x + 2y = 90 \) और \( x + 5y = 165 \)। इन समीकरणों को हल करने पर \( x = 40^\circ \) और \( y = 25^\circ \) मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के सम्पूरक होने का गुणधर्म रैखिक समीकरणों के निर्माण में सहायक होता है।

 

Question 11. आकृति में, वृत्त का केंद्र O है और चाप BCD द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( 140^\circ \) है। \( \angle BAD \) और \( \angle DCE \) ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में (मानक विन्यास के अनुसार), O वृत्त का केंद्र है और चाप BCD द्वारा केंद्र पर आंतरित कोण \( \angle BOD = 140^\circ \) है।
1. \( \angle BAD \) ज्ञात करना:
\( \angle BAD \) वृत्त की परिधि पर चाप BCD द्वारा आंतरित कोण है। हम जानते हैं कि केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है, यदि वे एक ही चाप द्वारा आंतरित किए गए हों।
इसलिए, \( \angle BAD = \frac{1}{2} \angle BOD \)
\( \angle BAD = \frac{1}{2} \times 140^\circ = 70^\circ \).
2. \( \angle DCE \) ज्ञात करना:
यदि ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है और CE भुजा BC का विस्तार है, तो \( \angle DCE \) इस चक्रीय चतुर्भुज का बाहरी कोण है। चक्रीय चतुर्भुज के गुणधर्म के अनुसार, बाहरी कोण उसके आंतरिक सम्मुख कोण के बराबर होता है।
इसलिए, \( \angle DCE = \angle BAD \).
अतः, \( \angle DCE = 70^\circ \). यह केंद्रीय कोण, परिधीय कोण और चक्रीय चतुर्भुज के गुणों का एक संयोजन है।
In simple words: चाप BCD केंद्र पर \( 140^\circ \) का कोण बनाता है, तो परिधि पर \( \angle BAD \) इसका आधा, यानी \( 70^\circ \) होगा। अगर ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है, तो बाहरी कोण \( \angle DCE \) अंदर के सामने वाले कोण \( \angle BAD \) के बराबर होगा, इसलिए \( \angle DCE \) भी \( 70^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: केंद्रीय कोण-परिधीय कोण प्रमेय और चक्रीय चतुर्भुज के बाहरी कोण के गुणधर्म को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 12. एक चक्रीय चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का युग्म समान है। सिद्ध कीजिये कि उसके विकर्ण भी समान होंगे।
Answer:
दिया है: ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसमें सम्मुख भुजाओं का एक युग्म, जैसे \( AD = BC \), बराबर है।
सिद्ध करना है: विकर्ण \( AC = BD \) हैं।
उपपत्ति:
त्रिभुज ADB और त्रिभुज BCA पर विचार करें:
1. \( AD = BC \) (यह दिया गया है)।
2. \( AB = BA \) (यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है)।
3. \( \angle ADB = \angle ACB \) (ये दोनों कोण एक ही वृत्तखण्ड AB में आंतरित हैं, इसलिए वे बराबर हैं)।
अतः, SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle ADB \cong \triangle BCA \)।
4. सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों (CPCTC) के अनुसार, उनके विकर्ण भी बराबर होंगे:
\( BD = AC \)।
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि यदि एक चक्रीय चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर है, तो उसके विकर्ण भी बराबर होंगे। यह सर्वांगसमता और चक्रीय चतुर्भुज के गुणों का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।
In simple words: यदि चक्रीय चतुर्भुज ABCD में \( AD = BC \), तो हम त्रिभुज ADB और BCA को SAS नियम से सर्वांगसम सिद्ध कर सकते हैं। सर्वांगसमता के कारण, उनके विकर्ण \( BD \) और \( AC \) बराबर होंगे।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज में एक ही वृत्तखण्ड में बने कोणों की समानता और त्रिभुजों की सर्वांगसमता के नियमों का उपयोग करके इस प्रकार के प्रमाण आसानी से सिद्ध किए जा सकते हैं।

 

Question 13. सिद्ध कीजिए चक्रीय समान्तर चतुर्भुज सदैव एक आयत होता है।
Answer:
दिया है: ABCD एक चक्रीय समान्तर चतुर्भुज है।
सिद्ध करना है: ABCD एक आयत है।
उपपत्ति:
1. चूँकि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, तो इसके सम्मुख कोण बराबर होते हैं:
\( \angle A = \angle C \) .....(समीकरण 1)
\( \angle B = \angle D \).
2. चूँकि ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज भी है, तो इसके सम्मुख कोण सम्पूरक होते हैं (अर्थात् उनका योग \( 180^\circ \) होता है):
\( \angle A + \angle C = 180^\circ \) .....(समीकरण 2)
\( \angle B + \angle D = 180^\circ \).
3. समीकरण 1 से \( \angle C \) का मान समीकरण 2 में रखने पर:
\( \angle A + \angle A = 180^\circ \)
\( 2 \angle A = 180^\circ \)
\( \angle A = 90^\circ \).
4. हम जानते हैं कि जिस समान्तर चतुर्भुज का एक कोण \( 90^\circ \) हो, वह एक आयत कहलाता है।
अतः, ABCD एक आयत है। यह ज्यामिति के मौलिक गुणों का एक सीधा प्रमाण है।
In simple words: एक समांतर चतुर्भुज में सामने के कोण बराबर होते हैं। एक चक्रीय चतुर्भुज में सामने के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। इन दोनों नियमों से पता चलता है कि एक चक्रीय समांतर चतुर्भुज का हर कोण \( 90^\circ \) होता है, जो इसे एक आयत बनाता है।

🎯 Exam Tip: समान्तर चतुर्भुज और चक्रीय चतुर्भुज दोनों के कोणों के गुणों को समझना इस प्रमाण के लिए महत्वपूर्ण है। एक कोण \( 90^\circ \) सिद्ध करना ही इसे आयत बनाने के लिए पर्याप्त है।

 

Question 14. दी गई आकृति में कुछ कोणों को r, y और z से चिह्नित किया गया है। इन कोणों के मान ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके हम अज्ञात कोणों r, y और z का मान ज्ञात कर सकते हैं।
A B C D 91° r 65° z y
1. चक्रीय चतुर्भुज में, एक बाह्य कोण और उसके संगत आंतरिक कोण का योग 180° होता है।
यहाँ, बिंदु A पर बाह्य कोण \( = 91° \)
\( r + 91° = 180° \)
\( r = 180° - 91° \)

\( \implies r = 89° \)

2. चक्रीय चतुर्भुज में, सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
बिंदु A पर कोण \( r \) और बिंदु C पर कोण \( z \) सम्मुख कोण हैं।
\( r + z = 180° \)
\( 89° + z = 180° \)
\( z = 180° - 89° \)

\( \implies z = 91° \)

3. इसी प्रकार, बिंदु B पर कोण 65° और बिंदु D पर कोण \( y \) सम्मुख कोण हैं।
\( 65° + y = 180° \)
\( y = 180° - 65° \)

\( \implies y = 115° \)
इस प्रकार, दिए गए कोणों के मान \( r = 89° \), \( y = 115° \) और \( z = 91° \) हैं।
In simple words: एक चक्रीय चतुर्भुज में, बाहरी कोण और अंदर के कोण मिलकर 180 डिग्री बनाते हैं। सामने वाले कोण भी मिलकर 180 डिग्री बनाते हैं। इन नियमों का उपयोग करके, हम सभी अज्ञात कोणों का मान पा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के गुणों को हमेशा याद रखें, जैसे कि सम्मुख कोणों का योग 180° होता है और बाह्य कोण उसके आंतरिक सम्मुख कोण के बराबर होता है।

 

निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. आकृति में, चाप AB = चाप CD है, सिद्ध कीजिए कि \( \angle A = \angle B \) है।
Answer: हमें दिया गया है कि वृत्त के दो चाप AB और CD बराबर हैं, और वे एक बिंदु Q पर प्रतिच्छेद करते हैं। हमें यह सिद्ध करना है कि \( \angle A = \angle B \) है।
O A B C D
**दिया है:** चाप AB \( = \) चाप CD
**सिद्ध करना है:** \( \angle A = \angle B \)
**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि समान चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण समान होते हैं।
\( \implies \angle AOB = \angle COD \)
दोनों पक्षों में \( \angle BOC \) जोड़ने पर,
\( \angle AOB + \angle BOC = \angle BOC + \angle COD \)
\( \implies \angle AOC = \angle BOD \) .....(1)
अब, \( \triangle AOC \) और \( \triangle BOD \) में,
\( OA = OB \) (वृत्त की त्रिज्याएँ)
\( OC = OD \) (वृत्त की त्रिज्याएँ)
\( \angle AOC = \angle BOD \) [समीकरण (1) से]
इसलिए, \( \triangle AOC \cong \triangle BOD \) (SAS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT)।
\( \implies AC = BD \)
वृत्त में समान जीवाएँ केंद्र पर समान कोण बनाती हैं, और समान जीवाओं द्वारा अंतरित कोण भी समान होते हैं।
चूंकि \( AC = BD \), इसलिए चाप AC और चाप BD भी बराबर होंगे।
चाप AC द्वारा अंतरित कोण \( \angle ABC \) है, जिसे \( \angle B \) कहा गया है।
चाप BD द्वारा अंतरित कोण \( \angle BAD \) है, जिसे \( \angle A \) कहा गया है।
चूंकि चाप AC \( = \) चाप BD, इसलिए उनके द्वारा अंतरित कोण भी बराबर होंगे।
\( \implies \angle ABC = \angle BAD \)
\( \implies \angle B = \angle A \)
इस प्रकार, \( \angle A = \angle B \) सिद्ध होता है।
In simple words: जब किसी वृत्त में दो चाप बराबर होते हैं, तो केंद्र पर बनने वाले उनके कोण भी बराबर होते हैं। इस जानकारी का उपयोग करके, हम यह सिद्ध कर सकते हैं कि इन चापों से जुड़े जीवाओं द्वारा वृत्त पर बनने वाले कोण भी समान होते हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के ज्यामिति के प्रश्नों को हल करते समय, सर्वांगसमता नियमों (जैसे SAS, SSS, ASA) और वृत्त के गुणों (चाप, जीवा, केंद्र पर बने कोण, परिधि पर बने कोण) को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 2. एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC बराबर हैं। सिद्ध कीजिए कि वृत्त का केन्द्र \( \angle BAC \) के समद्विभाजक पर स्थित होगा।
Answer: हमें यह सिद्ध करना है कि यदि वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC बराबर हैं, तो वृत्त का केंद्र O, कोण \( \angle BAC \) के कोण समद्विभाजक पर स्थित होगा।
O A B C
**दिया है:** एक वृत्त जिसका केंद्र O है, जिसकी जीवाएँ AB और AC समान हैं।
**सिद्ध करना है:** केंद्र O, कोण \( \angle BAC \) के समद्विभाजक पर स्थित है।
**रचना:** OB और OC को मिलाया।
**उपपत्ति:**
\( \triangle AOB \) और \( \triangle AOC \) में,
\( OB = OC \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( OA = OA \) (उभयनिष्ठ भुजा)
\( AB = AC \) (दिया है)
इसलिए, \( \triangle AOB \cong \triangle AOC \) (SSS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं (CPCT)।
\( \implies \angle OAB = \angle OAC \)
इसका अर्थ है कि OA, \( \angle BAC \) को समद्विभाजित करता है। अतः, केंद्र O, कोण \( \angle BAC \) के समद्विभाजक पर स्थित है।
In simple words: अगर एक ही वृत्त में दो जीवाएँ बराबर हों, तो वृत्त का केंद्र उन जीवाओं से बने कोण को ठीक बीच से बाँटता है। यह त्रिभुजों की सर्वांगसमता के नियम से सिद्ध होता है।

🎯 Exam Tip: ज्यामिति के प्रमाणों में, सही सर्वांगसमता नियम (SSS, SAS, ASA, RHS) का चयन करना और संगत भागों को बराबर दिखाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. यदि दो वृत्त, एक-दूसरे को दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेदित करते हों, तो सिद्ध कीजिए कि उनके केन्द्रों को मिलाने वाली रेखा उनकी उभयनिष्ठ जीवा का लम्ब समद्विभाजक होती है।
Answer: हमें यह सिद्ध करना है कि दो प्रतिच्छेदी वृत्तों के केंद्रों को जोड़ने वाली रेखा उनकी उभयनिष्ठ जीवा को लंब समद्विभाजित करती है। यह ज्यामिति का एक महत्वपूर्ण प्रमेय है।
**दिया है:** दो वृत्त, जिनके केंद्र O एवं P हैं, जो A और B बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं।
**सिद्ध करना है:** OP जीवा AB का लम्ब समद्विभाजक है।
**रचना:** OA, OB, PA और PB को मिलाया।
**उपपत्ति:**
\( \triangle OAP \) और \( \triangle OBP \) में,
\( OA = OB \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
\( PA = PB \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
\( OP = OP \) (उभयनिष्ठ)
इसलिए, \( \triangle OAP \cong \triangle OBP \) (SSS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं (CPCT)।
\( \implies \angle AOP = \angle BOP \)
अब, मान लीजिए OP, AB को बिंदु M पर काटता है।
\( \triangle AOM \) और \( \triangle BOM \) में,
\( OA = OB \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( \angle AOM = \angle BOM \) [ऊपर सिद्ध किया गया है]
\( OM = OM \) (उभयनिष्ठ)
इसलिए, \( \triangle AOM \cong \triangle BOM \) (SAS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT)।
\( \implies AM = BM \) .....(2)
और \( \angle AMO = \angle BMO \) .....(3)
लेकिन \( \angle AMO + \angle BMO = 180° \) (रैखिक युग्म)

\( \implies \angle AMO = \angle BMO = 90° \) .....(4)
समीकरण (2) और (4) से, यह सिद्ध होता है कि OP, जीवा AB का लम्ब समद्विभाजक है।
In simple words: जब दो वृत्त एक-दूसरे को काटते हैं, तो उनके केंद्रों को जोड़ने वाली सीधी रेखा उस रेखा को ठीक बीच से काटती है जो दोनों वृत्तों में सामान्य है, और उस पर 90 डिग्री का कोण भी बनाती है।

🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए SSS और SAS सर्वांगसमता नियमों का क्रमिक उपयोग महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक के लिए 90° का कोण और बराबर भागों को दिखाना न भूलें।

 

Question 4. सिद्ध कीजिए कि वृत्त की दो जीवाओं में से बड़ी जीवा केंद्र के निकट होती है।
Answer: हमें यह सिद्ध करना है कि एक वृत्त में, जो जीवा केंद्र के अधिक निकट होती है, वह दूसरी जीवा से बड़ी होती है। या इसके विपरीत, बड़ी जीवा केंद्र के अधिक निकट होती है। यह वृत्त की जीवाओं का एक महत्वपूर्ण गुण है।
**दिया है:** आकृति में, एक वृत्त, जिसका केंद्र O है और जीवा CD \( > \) जीवा AB है।
**सिद्ध करना है:** \( ON < OM \)
**रचना:** OB और OD को मिलाया। OM \( \perp AB \) और ON \( \perp CD \) खींचिए।
O M A B N C D
**उपपत्ति:**
केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
इसलिए, \( MB = \frac{1}{2} AB \) और \( ND = \frac{1}{2} CD \)
समकोण त्रिभुज \( \triangle OMB \) में (पाइथागोरस प्रमेय से):
\( OB^2 = OM^2 + MB^2 \)
\( OM^2 = OB^2 - MB^2 \) .....(1)
समकोण त्रिभुज \( \triangle OND \) में (पाइथागोरस प्रमेय से):
\( OD^2 = ON^2 + ND^2 \)
\( ON^2 = OD^2 - ND^2 \) .....(2)
हम जानते हैं कि वृत्त की सभी त्रिज्याएँ समान होती हैं, इसलिए \( OB = OD \)।
यह भी दिया गया है कि \( CD > AB \)।
तो, \( \frac{1}{2} CD > \frac{1}{2} AB \)

\( \implies ND > MB \)

\( \implies ND^2 > MB^2 \)
अब, \( -ND^2 < -MB^2 \) (दोनों पक्षों को ऋणात्मक से गुणा करने पर असमानता उलट जाती है)
दोनों पक्षों में \( OB^2 \) जोड़ने पर,
\( OB^2 - ND^2 < OB^2 - MB^2 \)
समीकरण (1) और (2) से (और \( OB = OD \) का उपयोग करके):
\( OD^2 - ND^2 < OB^2 - MB^2 \)

\( ON^2 < OM^2 \)

\( \implies ON < OM \) (क्योंकि दूरियाँ हमेशा धनात्मक होती हैं)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि बड़ी जीवा (CD) केंद्र के अधिक निकट होती है।
In simple words: वृत्त के केंद्र के जितने करीब कोई जीवा होती है, वह उतनी ही लंबी होती है। इसे सिद्ध करने के लिए, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं और दिखाते हैं कि लंबी जीवा की केंद्र से दूरी छोटी होती है।

🎯 Exam Tip: इस प्रमाण में पाइथागोरस प्रमेय का सही उपयोग और असमानताओं के साथ सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। याद रखें कि केंद्र से जीवा पर लंब उसे समद्विभाजित करता है।

 

Question 5. आकृति में, एक वृत्त में जीवा AB = जीवा CD हों, तो सिद्ध कीजिए कि \( DQ = BQ \)।
Answer: हमें दिया गया है कि एक वृत्त में दो जीवाएँ AB और CD बराबर हैं, और वे एक बिंदु Q पर प्रतिच्छेद करती हैं। हमें यह सिद्ध करना है कि \( DQ = BQ \) है।
O Q A B C D
**दिया है:** जीवा AB \( = \) जीवा CD
**सिद्ध करना है:** \( DQ = BQ \)
**रचना:** OL \( \perp AB \) और OM \( \perp CD \) खींचे और OQ को मिलाया।
**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।
चूंकि \( AB = CD \) (दिया हुआ है)

\( \implies OL = OM \) .....(1)
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle OLQ \) और \( \triangle OMQ \) में,
\( OQ = OQ \) (उभयनिष्ठ भुजा)
\( OL = OM \) [समीकरण (1) से]
\( \angle OLQ = \angle OMQ = 90° \) (क्योंकि OL \( \perp AB \) और OM \( \perp CD \))
इसलिए, \( \triangle OLQ \cong \triangle OMQ \) (RHS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT)।

\( \implies LQ = MQ \) .....(2)
हम यह भी जानते हैं कि केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।

\( \implies LB = \frac{1}{2} AB \) और \( MD = \frac{1}{2} CD \)
चूंकि \( AB = CD \), इसलिए \( LB = MD \) .....(3)
समीकरण (3) में से समीकरण (2) घटाने पर,
\( LB - LQ = MD - MQ \)

\( \implies BQ = DQ \)
इस प्रकार, \( DQ = BQ \) सिद्ध होता है।
In simple words: यदि एक वृत्त में दो जीवाएँ (रेखाखंड) समान लंबाई की हों और वे आपस में कटती हों, तो काटने वाले बिंदु से उन जीवाओं के छोटे खंड भी आपस में बराबर होते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए केंद्र से जीवा पर लंब डालने का गुणधर्म और RHS सर्वांगसमता नियम का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। याद रखें कि समान जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।

 

Question 6. एक चतुर्भुज ABCD में AB = AC = AD हों, तो सिद्ध कीजिए कि \( \angle BAD = 2(\angle BDC + \angle CBD) \)।
Answer: हमें दिया गया है कि एक चतुर्भुज ABCD में, \( AB = AC = AD \) है। इसका मतलब है कि A एक ऐसा बिंदु है जिससे B, C और D समान दूरी पर हैं, यानी A केंद्र वाला एक वृत्त B, C और D से होकर गुजरता है। हमें यह सिद्ध करना है कि \( \angle BAD = 2(\angle BDC + \angle CBD) \)।
A B C D
**दिया है:** \( AB = AC = AD \) है। इसका मतलब है कि बिंदु B, C और D बिंदु A से समान दूरी पर हैं, अतः A वृत्त का केंद्र है जो इन तीनों बिंदुओं से होकर गुजरता है।
**सिद्ध करना है:** \( \angle BAD = 2(\angle BDC + \angle CBD) \)
**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि एक चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
चाप BC द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण \( \angle BAC \) है, और शेष भाग पर अंतरित कोण \( \angle BDC \) है।

\( \implies \angle BAC = 2 \angle BDC \) .....(1)
इसी प्रकार, चाप CD द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण \( \angle CAD \) है, और शेष भाग पर अंतरित कोण \( \angle CBD \) है।

\( \implies \angle CAD = 2 \angle CBD \) .....(2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर,
\( \angle BAC + \angle CAD = 2 \angle BDC + 2 \angle CBD \)

\( \implies \angle BAD = 2 (\angle BDC + \angle CBD) \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: यदि वृत्त का केंद्र एक चतुर्भुज के एक शीर्ष पर हो और बाकी तीन शीर्ष वृत्त पर हों, तो केंद्र पर बनने वाला कोण, परिधि पर बनने वाले कोणों के योग का दोगुना होता है, जैसा कि चाप द्वारा अंतरित कोण के नियम में बताया गया है।

🎯 Exam Tip: वृत्त के केंद्र पर और परिधि पर अंतरित कोणों के बीच संबंध को याद रखना इस प्रमेय को हल करने की कुंजी है। इसे 'केंद्र पर कोण दोगुना होता है' प्रमेय के रूप में भी जाना जाता है।

 

Question 7. आकृति में, \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है। O इसका केंद्र है। यदि A को O से मिलाते हुए आगे बढ़ाया जाए, तो यह वृत्त को D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए \( \triangle OBD \) एक समबाहु त्रिभुज है।
Answer: हमें दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है जिसका केंद्र O है, और AO को D तक बढ़ाया गया है जो वृत्त पर स्थित है। हमें यह सिद्ध करना है कि \( \triangle OBD \) एक समबाहु त्रिभुज है।
O A B C D
**दिया है:** \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है। O, \( \triangle ABC \) का केंद्र है। AO को आगे बढ़ाने पर वृत्त को D पर मिलता है।
**सिद्ध करना है:** \( \triangle OBD \) एक समबाहु त्रिभुज है।
**उपपत्ति:**
\( OB = OD \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
चूंकि \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है, इसलिए इसके सभी कोण 60° होते हैं।

\( \implies \angle C = 60° \)
हम जानते हैं कि एक चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण, वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
चाप BC द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण \( \angle BOC \) है, और शेष भाग पर अंतरित कोण \( \angle BAC \) है।
\( \angle BOC = 2 \angle BAC = 2 \times 60° = 120° \) (केंद्र पर कोण परिधि पर कोण का दोगुना)
त्रिभुज OBC में, \( OB = OC \) (त्रिज्याएँ), इसलिए \( \triangle OBC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \angle OBC = \angle OCB = (180° - 120°) / 2 = 30° \)
इसी प्रकार, \( \triangle OAB \) और \( \triangle OAC \) के लिए भी।
अब, \( \angle BOD \) को देखते हैं।
हम जानते हैं कि \( AD \) एक सीधी रेखा है जो केंद्र O से होकर गुजरती है, इसलिए \( \angle AOD = 180° \)।
\( \angle AOB = 2 \angle ACB = 2 \times 60° = 120° \) (केंद्र पर कोण परिधि पर कोण का दोगुना)
तो, \( \angle BOD = \angle AOD - \angle AOB = 180° - 120° = 60° \)
अब, \( \triangle OBD \) में,
\( OB = OD \) (त्रिज्याएँ)
\( \angle BOD = 60° \)
चूंकि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हैं और उनके बीच का कोण 60° है, तो वह समबाहु त्रिभुज होता है।

\( \implies \angle OBD = \angle ODB = (180° - 60°) / 2 = 60° \)
अतः, \( \triangle OBD \) एक समबाहु त्रिभुज है क्योंकि इसके सभी कोण 60° हैं।
In simple words: जब एक समबाहु त्रिभुज को वृत्त के अंदर बनाया जाता है, और केंद्र से एक शीर्ष को वृत्त तक बढ़ाया जाता है, तो उस बढ़े हुए हिस्से और दो अन्य त्रिज्याओं से बना त्रिभुज भी एक समबाहु त्रिभुज होता है। यह वृत्त और त्रिभुज के कोणों के नियमों का उपयोग करके सिद्ध होता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रमाण में समबाहु त्रिभुज के गुणों (सभी कोण 60°) और वृत्त के केंद्र पर बने कोण तथा परिधि पर बने कोण के संबंध का उपयोग करें। सीधी रेखा पर बने कोणों का योग 180° होता है, इसका भी ध्यान रखें।

 

Question 9. यदि एक चक्रीय चतुर्भुज की दो भुजाएँ समान्तर हों, तो सिद्ध कीजिए कि शेष भुजाएँ बराबर होंगी और विकर्ण भी बराबर होंगे।
Answer: हमें दिया गया है कि एक चक्रीय चतुर्भुज ABCD में, दो भुजाएँ AB और DC समान्तर हैं। हमें यह सिद्ध करना है कि शेष भुजाएँ (AD और BC) बराबर होंगी और विकर्ण (AC और BD) भी बराबर होंगे। यह एक समलंब चतुर्भुज का गुण है जो चक्रीय भी हो।
A B C D
**दिया है:** चक्रीय चतुर्भुज ABCD में, \( AB \parallel DC \) है।
**सिद्ध करना है:**
(i) \( AD = BC \)
(ii) \( AC = BD \)
**उपपत्ति:**
(i) चूंकि \( AB \parallel DC \) और BC एक तिर्यक रेखा है, तो
\( \angle ABC + \angle DCB = 180° \) (तिर्यक रेखा के एक ही तरफ के आंतरिक कोण)
चूंकि ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है, इसलिए सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle ABC + \angle ADC = 180° \) .....(1)
समीकरण (1) और (2) से,
\( \angle ABC + \angle DCB = \angle ABC + \angle ADC \)

\( \implies \angle DCB = \angle ADC \) .....(3)
अब, चाप AD और चाप BC को देखें। हम जानते हैं कि बराबर चाप वृत्त के केंद्र पर बराबर कोण बनाते हैं और बराबर जीवाएँ अंतरित करते हैं।
यदि दो चाप समान कोण बनाते हैं, तो वे बराबर होते हैं, और उनकी संगत जीवाएँ भी बराबर होती हैं।
चूंकि \( \angle ADC = \angle DCB \) है, इसका मतलब है कि चाप AD और चाप BC बराबर हैं।

\( \implies \text{चाप AD} = \text{चाप BC} \)
जब चाप बराबर होते हैं, तो उनकी संगत जीवाएँ भी बराबर होती हैं।

\( \implies AD = BC \)

(ii) अब हमें विकर्णों को बराबर सिद्ध करना है।
\( \triangle ADC \) और \( \triangle BCD \) में,
\( AD = BC \) (ऊपर सिद्ध किया गया है)
\( DC = DC \) (उभयनिष्ठ भुजा)
\( \angle ADC = \angle BCD \) [समीकरण (3) से]
इसलिए, \( \triangle ADC \cong \triangle BCD \) (SAS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT)।

\( \implies AC = BD \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि शेष भुजाएँ और विकर्ण दोनों बराबर होंगे।
In simple words: अगर एक गोल घेरे के अंदर बना चतुर्भुज ऐसा हो कि उसकी दो भुजाएँ एक-दूसरे के समानांतर हों, तो उसकी बाकी की दो भुजाएँ भी बराबर लंबाई की होती हैं। साथ ही, उस चतुर्भुज के दोनों तिरछे विकर्ण भी बराबर होते हैं।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय चक्रीय समलंब चतुर्भुज के गुणों को दर्शाता है। सम्मुख कोणों के योग (180°) और तिर्यक रेखा के गुणों का उपयोग करें। SAS सर्वांगसमता नियम विकर्णों को बराबर सिद्ध करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 10. आकृति में, ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें \( AD = BC \) और \( \angle ADC = \angle BCD \) है। सिद्ध कीजिए ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
Answer: हमें दिया गया है कि एक चतुर्भुज ABCD में, \( AD = BC \) और \( \angle ADC = \angle BCD \) है। हमें यह सिद्ध करना है कि ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। एक चतुर्भुज चक्रीय होता है यदि उसके सम्मुख कोणों का योग 180° हो।
A B C D N M
**दिया है:** चतुर्भुज ABCD में \( AD = BC \) और \( \angle ADC = \angle BCD \) है।
**सिद्ध करना है:** ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
**रचना:** DN \( \perp AB \) और CM \( \perp AB \) खींचें।
**उपपत्ति:**
\( \triangle ADN \) और \( \triangle BCM \) में,
\( \angle AND = \angle BMC = 90° \) (रचना से)
\( AD = BC \) (दिया है)
\( DN = CM \) (समान समांतर रेखाओं के बीच की लंबवत दूरी समान होती है। यदि DN और CM AB पर लंब हैं, तो वे समान्तर हैं और यदि CD \( \parallel \) AB तो DN=CM).
यह देखते हुए कि \( \angle ADC = \angle BCD \), और \( \angle ADN = \angle BCM \)
तो, \( \angle ADN = \angle ADC - 90° \) .....(1)
और \( \angle BCM = \angle BCD - 90° \) .....(2)
चूंकि \( \angle ADC = \angle BCD \), इसलिए \( \angle ADN = \angle BCM \)
अब \( \triangle ADN \) और \( \triangle BCM \) में,
\( \angle AND = \angle BMC = 90° \)
\( \angle ADN = \angle BCM \)
\( AD = BC \)
इसलिए, \( \triangle ADN \cong \triangle BCM \) (AAS सर्वांगसमता नियम से)
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT)।

\( \implies \angle A = \angle B \) .....(3)
अब, चतुर्भुज ABCD में सभी कोणों का योग 360° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360° \)
चूंकि \( \angle ADC = \angle BCD \) (दिया है) और \( \angle A = \angle B \) (सिद्ध किया है)
\( 2 \angle A + 2 \angle D = 360° \) या \( 2 \angle B + 2 \angle C = 360° \)

\( \implies \angle A + \angle D = 180° \) या \( \angle B + \angle C = 180° \)
यह चक्रीय चतुर्भुज की शर्त है कि सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
इसलिए, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
In simple words: यदि एक चतुर्भुज की दो भुजाएँ बराबर हों और उनके बीच के कोण भी बराबर हों, और हम उसमें लंब रेखाएँ खींचें, तो यह सिद्ध किया जा सकता है कि उस चतुर्भुज के आमने-सामने के कोणों का योग 180 डिग्री होगा, जिसका मतलब है कि यह एक चक्रीय चतुर्भुज है।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए सम्मुख कोणों का योग 180° दिखाना सबसे सीधा तरीका है। सर्वांगसमता नियमों का उपयोग करके आवश्यक कोणों को बराबर सिद्ध करें।

 

Question 11. दिए गए चित्र में, त्रिभुज ABC है। जिसमें \( \angle BAC = 30° \) है। सिद्ध कीजिए कि BC त्रिभुज ABC के परिवृत्त की त्रिज्या है, जिसका केंद्र O है।
Answer: हमें दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक वृत्त में बना है जिसका केंद्र O है, और \( \angle BAC = 30° \) है। हमें यह सिद्ध करना है कि जीवा BC की लंबाई वृत्त की त्रिज्या के बराबर है।
O A B C 30°
**हल:**
हम जानते हैं कि एक चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण, वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
चाप BC द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण \( \angle BOC \) है, और शेष भाग पर अंतरित कोण \( \angle BAC \) है।

\( \implies \angle BOC = 2 \angle BAC \)
\( \angle BOC = 2 \times 30° \)

\( \implies \angle BOC = 60° \)
अब \( \triangle BOC \) में,
\( OB = OC \) (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
इसलिए, \( \triangle BOC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
समद्विबाहु त्रिभुज के बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।

\( \implies \angle OBC = \angle OCB \)
एक त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle OBC + \angle OCB + \angle BOC = 180° \)
\( \angle OBC + \angle OBC + 60° = 180° \)
\( 2 \angle OBC = 180° - 60° \)
\( 2 \angle OBC = 120° \)
\( \angle OBC = 60° \)
चूंकि \( \angle OBC = \angle OCB = \angle BOC = 60° \), इसलिए \( \triangle BOC \) एक समबाहु त्रिभुज है।
समबाहु त्रिभुज की सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।

\( \implies BC = OB = OC \)
चूंकि OB और OC वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, और \( BC = OB \), इसलिए BC परिवृत्त की त्रिज्या है।
In simple words: अगर वृत्त के अंदर बने एक त्रिभुज का एक कोण 30 डिग्री हो, तो वृत्त के केंद्र पर बनने वाला कोण 60 डिग्री होगा। इससे पता चलता है कि त्रिभुज की वह भुजा (जिससे केंद्र पर कोण बना है) वृत्त की त्रिज्या के बराबर है।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय केंद्र पर बने कोण और परिधि पर बने कोण के संबंध को जोड़ता है, और समद्विबाहु/समबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करता है। कोणों की गणना में सटीकता रखें।

 

Question 14. आकृति में ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। a और b का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। हमें a और b का मान ज्ञात करना है। चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोणों का योग 180° होता है, इस गुण का उपयोग करेंगे।
A B C D a+7° 2a+3° 4b-3° 5b+8°
**हल:**
दी गई आकृति में ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
तो, \( \angle A + \angle C = 180° \)
\( (a + 7°) + (4b - 3°) = 180° \)
\( a + 4b + 4° = 180° \)

\( a + 4b = 176° \) .....(1)

और \( \angle B + \angle D = 180° \)
\( (5b + 8°) + (2a + 3°) = 180° \)
\( 2a + 5b + 11° = 180° \)

\( 2a + 5b = 169° \) .....(2)

अब समीकरण (1) और (2) को हल करें।
समीकरण (1) को 2 से गुणा करें: \( 2(a + 4b) = 2(176°) \implies 2a + 8b = 352° \) .....(3)
समीकरण (3) में से समीकरण (2) घटाने पर:
\( (2a + 8b) - (2a + 5b) = 352° - 169° \)
\( 3b = 183° \)
\( b = \frac{183°}{3} \)

\( \implies b = 61° \)

\( b \) का मान समीकरण (1) में रखने पर:
\( a + 4(61°) = 176° \)
\( a + 244° = 176° \)
\( a = 176° - 244° \)

\( \implies a = -68° \)
अतः, \( a = -68° \) और \( b = 61° \)।
In simple words: चक्रीय चतुर्भुज में आमने-सामने के कोणों का योग हमेशा 180 डिग्री होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दिए गए कोणों से दो समीकरण बनाते हैं और उन्हें हल करके अज्ञात मानों (a और b) को ज्ञात करते हैं।

🎯 Exam Tip: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के योग के गुण (180°) को याद रखना महत्वपूर्ण है। दो अज्ञात चर वाले समीकरणों को हल करने के लिए विलोपन या प्रतिस्थापन विधि का उपयोग करें।

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