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Detailed Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा RBSE Solutions for Class 10 Mathematics
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Class 10 Mathematics Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा RBSE Solutions PDF
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. दी गई आकृति में, AT केन्द्र O वाले वृत्त पर एक स्पर्श रेखा इस प्रकार है कि OT = 4 सेमी. और ∠OTA = 30° है। तब AT बराबर है-
(क) 4 सेमी.
(ख) 2 सेमी.
(ग) 2 \(\sqrt{3}\) सेमी.
(घ) 4 \(\sqrt{3}\) सेमी.
Answer: (ग) 2 \(\sqrt{3}\) सेमी.
In simple words: हमें एक वृत्त की त्रिज्या OT और कोण ∠OTA दिया गया है। क्योंकि AT स्पर्श रेखा है, तो ∠OTA एक समकोण त्रिभुज बनाता है जहाँ OT त्रिज्या है। हम त्रिकोणमिति का उपयोग करके स्पर्श रेखा AT की लम्बाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच का कोण हमेशा 90° होता है, इस गुण का उपयोग समकोण त्रिभुज बनाने और पाइथागोरस प्रमेय या त्रिकोणमितीय अनुपातों का उपयोग करने के लिए करें।
Question 2. एक विन्दु P वृत्त के केन्द्र से 25 सेमी. की दूरी पर है। वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी. है और P से वृत्त की खींची गई स्पर्श रेखा की लम्बाई होगी
(क) \(\sqrt{30}\) सेमी.
(ख) 24 सेमी.
(ग) 28 सेमी.
(घ) 30 सेमी.
Answer: (ख) 24 सेमी.
In simple words: जब वृत्त के बाहर एक बिंदु से स्पर्श रेखा खींची जाती है, तो त्रिज्या और स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर लंबवत होती हैं। इससे एक समकोण त्रिभुज बनता है जहाँ हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच 90° का कोण बनने पर पाइथागोरस प्रमेय \((a^2 + b^2 = c^2)\) का उपयोग करके किसी भी अज्ञात भुजा की लंबाई आसानी से ज्ञात की जा सकती है।
Question 3.
(घ) AC + AD = BC + BD
(ख) AB + CD = BC + DA
Answer: (ख) AB + CD = BC + DA
In simple words: यह एक गणितीय प्रमेय है जो चतुर्भुज के गुणों से संबंधित है, जब उसकी भुजाएँ एक वृत्त को स्पर्श करती हैं। यह बताता है कि सम्मुख भुजाओं के युग्मों का योग बराबर होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों के लिए, यदि एक चतुर्भुज एक वृत्त को स्पर्श करता है (एक स्पर्शरेखा चतुर्भुज), तो सम्मुख भुजाओं के युग्मों की लंबाई का योग हमेशा बराबर होता है।
Question 4. वह रेखा जो वृत्त को दो बिन्दुओं पर काटती है, कहलाती है
(क) जीवा
(ख) स्पर्श रेखा
(ग) छेदक रेखा
(घ) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (ग) छेदक रेखा
In simple words: एक छेदक रेखा वह सीधी रेखा होती है जो किसी वृत्त को दो अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है। यह वृत्त के अंदर से होकर गुजरती है, जबकि स्पर्श रेखा केवल एक बिंदु को छूती है।
🎯 Exam Tip: वृत्त से संबंधित रेखाओं की परिभाषाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है: जीवा दो बिंदुओं को जोड़ती है, छेदक रेखा दो बिंदुओं से गुजरती है, और स्पर्श रेखा केवल एक बिंदु को स्पर्श करती है।
Question 5. एक वृत्त के बाह्य बिन्दु से खींची गई अधिकतम स्पर्श रेखाएँ हैं
(क) एक
(ख) दो।
(ग) तीन
(घ) अनन्त
Answer: (ख) दो।
In simple words: किसी भी वृत्त के बाहर एक बिंदु से, हम उस वृत्त पर केवल दो सीधी रेखाएँ खींच सकते हैं जो उसे छूती हैं। इन रेखाओं को स्पर्श रेखाएँ कहते हैं।
🎯 Exam Tip: इस नियम को याद रखें: वृत्त के बाहर के एक बिंदु से हमेशा दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं, वृत्त पर एक बिंदु से एक स्पर्श रेखा, और वृत्त के अंदर के बिंदु से कोई स्पर्श रेखा नहीं।
Question 6. किसी वृत्त के व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ परस्पर होती हैं
(क) लम्बवत्
(ख) समान्तर
(ग) प्रतिच्छेदी
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ख) समान्तर
In simple words: जब एक वृत्त के व्यास के दोनों सिरों पर स्पर्श रेखाएँ खींची जाती हैं, तो वे रेखाएँ हमेशा एक-दूसरे के समानांतर होती हैं। वे कभी नहीं मिलतीं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंबवत होती है। चूंकि व्यास के सिरे पर त्रिज्याएं एक ही रेखा पर विपरीत दिशा में होती हैं, इसलिए स्पर्श रेखाएं समानांतर होंगी क्योंकि वे दोनों व्यास के लंबवत हैं।
Question 7. दी गई आकृति में AB तथा AC वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं, O वृत्त का केन्द्र है, यदि ∠CAB = 60° तो ∠BOC है
(क) 60°
(ख) 70°
(ग) 120°
(घ) 150°
Answer: (ग) 120°
In simple words: वृत्त के केन्द्र पर बनने वाला कोण (∠BOC) और बाह्य बिंदु पर बनने वाला कोण (∠CAB) एक-दूसरे के पूरक होते हैं, यानी उनका योग 180° होता है क्योंकि चतुर्भुज ABOC के अन्य दो कोण 90° के होते हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर कोण बनाती हैं जो बाहरी बिंदु पर बने कोण के संपूरक होते हैं। इससे यह गणना करना आसान हो जाता है।
Question 8. दी गई आकृति में बिन्दु B, C तथा D से गुजरने वाले वृत्त के बिन्दु B तथा C पर AB तथा AC स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि ∠BAC = 70° और ∠CBD = 90° तो BF ∠BCD का मान है
(क) 45°
(ख) 55°
(ग) 30°
(घ) 35°
Answer: (घ) 35°
In simple words: यहाँ, AB और AC स्पर्श रेखाएँ हैं, और ∠BAC दिया गया है। चूंकि O वृत्त का केंद्र है, ∠OBA और ∠OCA 90° हैं। चतुर्भुज ABOC में, हम ∠BOC ज्ञात कर सकते हैं। फिर, जीवा BC वृत्त के केंद्र पर ∠BOC बनाती है। ∠BDC इस जीवा द्वारा शेष परिधि पर बनाया गया कोण है। हम इन कोणों के बीच संबंध का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखाओं और जीवाओं वाले प्रश्नों में, स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय का उपयोग करें जो कहता है कि एक स्पर्शरेखा और एक जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।
Question 9. दी गई आकृति में AT वृत्त की स्पर्श रेखा है। यदि m ∠ABC = 50° तथा AC = BC तो m ∠BAT है
(क) 33°
(ख) 57°
(ग) 23°
(घ) 66°
Answer: (क) 33°
In simple words: यहाँ, हम स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय का उपयोग करते हैं। यह प्रमेय कहता है कि एक स्पर्शरेखा और एक जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक वृत्तखंड में जीवा द्वारा बनाए गए कोण के बराबर होता है। AC = BC दिया गया है, जिसका अर्थ है कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय को अच्छी तरह से समझें: एक वृत्त की स्पर्शरेखा और स्पर्श बिंदु से खींची गई जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।
Question 10. दी गई आकृति में ∠PQR का मान होगा
(क) 30°
(ख) 50°
(ग) 60°
(घ) 90°
Answer: (घ) 90°
In simple words: यह एक वृत्त प्रमेय पर आधारित है जो बताता है कि एक अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा एक समकोण (90°) होता है। PQR एक अर्धवृत्त है क्योंकि PR व्यास है।
🎯 Exam Tip: वृत्त के अर्धवृत्त में बना कोण हमेशा 90° होता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमेय है जिसे सीधे लागू किया जा सकता है।
Question 11. आकृति में O वृत्त का केन्द्र है। यदि ∠APB = 70° तो ∠AQB का मान है
(क) 125°
(ख) 110°
(ग) 20°
(घ) 55°
Answer: (घ) 55°
In simple words: केंद्र पर बना कोण (∠AOB) एक ही चाप द्वारा परिधि पर बने कोण (∠APB) का दोगुना होता है। यदि ∠APB 70° है, तो ∠AOB 140° होगा। फिर, हम चक्रीय चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: यह प्रमेय कि केंद्र पर एक चाप द्वारा अंतरित कोण परिधि पर किसी भी बिंदु पर उसी चाप द्वारा अंतरित कोण का दोगुना होता है, यहाँ प्रमुख है। चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
Question 12. दी गई आकृति में O वृत्त का केन्द्र है तथा SCT बिन्दु C पर स्पर्श रेखा है। यदि ∠ACS = 57° हो, तो ∠CBA है
(क) 33°
(ख) 57°
(ग) 23°
(घ) 66°
Answer: (क) 33°
In simple words: स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय बताता है कि एक स्पर्शरेखा और स्पर्श बिंदु से खींची गई जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है। चूंकि ∠ACS = 57° है, इसलिए इसके वैकल्पिक खंड में जीवा CA द्वारा अंतरित कोण ∠CBA का मान भी समान होगा।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को ध्यान में रखें: स्पर्शरेखा और जीवा के बीच का कोण हमेशा वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है। यह कई ज्यामितीय समस्याओं में सहायक होता है।
Question 13. दी गई आकृति में O वृत्त का केन्द्र है। वृत्त की त्रिज्या OT = 8 सेमी. तथा OP = 17 सेमी. हैं। स्पर्श रेखा PT की लम्बाई है
(क) 15 सेमी.
(ख) 16 सेमी.
(ग) 17 सेमी.
(घ) 18 सेमी.
Answer: (क) 15 सेमी.
In simple words: स्पर्श रेखा (PT) और त्रिज्या (OT) स्पर्श बिंदु पर लंबवत होती हैं, जिससे एक समकोण त्रिभुज (△OTP) बनता है। हमें OP (कर्ण) और OT (एक भुजा) की लंबाई दी गई है। हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके PT की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि त्रिज्या और स्पर्श रेखा हमेशा स्पर्श बिंदु पर 90° का कोण बनाती हैं। इससे समकोण त्रिभुज बनता है जहाँ आप पाइथागोरस प्रमेय (\(Hypotenuse^2 = Base^2 + Height^2\)) का उपयोग कर सकते हैं।
Question 14. दिए गए चित्र में AB और CD परस्पर स्पर्श A करने वाले वृत्तों की दो स्पर्श रेखायें हैं। यदि CD = 3 सेमी. है तो AB की लम्बाई है
(क) 3 सेमी.
(ख) 4 सेमी.
(ग) 6 सेमी.
(घ) 0 सेमी.
Answer: (ग) 6 सेमी.
In simple words: यह एक ज्यामितीय प्रमेय पर आधारित है जो बताता है कि जब दो वृत्त एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं, तो उनकी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई स्पर्श बिंदु पर दोनों वृत्तों को स्पर्श करने वाली सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा के आधे के बराबर होती है। CD एक उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है।
🎯 Exam Tip: दो वृत्तों के लिए, जो एक बिंदु पर स्पर्श करते हैं, सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई हमेशा उन दो वृत्तों के बीच की दूरी के बराबर होती है। यहाँ, AB एक उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है जो D से होकर गुजरती है, और CD एक और उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है। इस स्थिति में, उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा (AB) की लंबाई, जो स्पर्श बिंदु से गुजरती है, अन्य सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा (CD) की लंबाई का दोगुना होती है।
Question 15. दिये गये चित्र में, KM, MN, NS एवं SK क्रमशः B, R, D और H बिन्दुओं पर वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि SK + MN = 12 सेमी. हो, तो KM + SN का मान है
(क) 6 सेमी.
(ख) 12 सेमी.
(ग) 18 सेमी.
(घ) 24 सेमी.
Answer: (ख) 12 सेमी.
In simple words: किसी भी बाहरी बिंदु से एक वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई हमेशा बराबर होती है। इसलिए, यदि K से खींची गई स्पर्श रेखा KB और KH हैं, तो KB = KH। इसी तरह, M, N और S के लिए भी। इन गुणों का उपयोग करके, हम दिए गए योग को हल कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह महत्वपूर्ण नियम याद रखें: किसी बाहरी बिंदु से एक वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई हमेशा बराबर होती है। इस प्रमेय को चतुर्भुज की प्रत्येक भुजा पर लागू करें जो वृत्त को स्पर्श कर रही है।
Question 16. दिये गये चित्र में, OA और OB वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। इनके बीच का कोण 100° का है। यदि बाहरी बिन्दु P से PA और PB वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हों, तो APB का मान
(क) 80°
(ख) 90°
(ग) 100°
(घ) 40°
Answer: (क) 80°
In simple words: हमें OA और OB त्रिज्याएँ और उनके बीच का कोण (∠AOB) दिया गया है। PA और PB स्पर्श रेखाएँ हैं। स्पर्श रेखा और त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर 90° का कोण बनाती हैं (∠PAO = 90°, ∠PBO = 90°)। चतुर्भुज PAOB में, सभी कोणों का योग 360° होता है।
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि केंद्र पर बने कोण (∠AOB) और बाहरी बिंदु पर बने कोण (∠APB) का योग 180° होता है, क्योंकि त्रिज्याएँ स्पर्श रेखाओं पर लंबवत होती हैं।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 2. चित्र में यदि TP और TQ केन्द्र O वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ इस प्रकार हैं कि ∠POQ = 150° तो ∠PTQ का मान ज्ञात कीजिये।
Answer:
TP और TQ स्पर्श रेखाएँ हैं।
इसलिए ∠OQT = 90° और ∠OPT = 90° होता है।
चतुर्भुज POQT में, सभी कोणों का योग 360° होता है।
∠POQ + ∠OPT + ∠OQT + ∠PTQ = 360°
\( 150° + 90° + 90° + \angle PTQ = 360° \)
\( 330° + \angle PTQ = 360° \)
\( \implies \angle PTQ = 360° - 330° \)
\( \implies \angle PTQ = 30° \) है।
In simple words: हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श रेखा के लंबवत होती है, इसलिए केंद्र के साथ बाहरी बिंदु पर बने चतुर्भुज में दो कोण 90° के होते हैं। शेष दो कोणों का योग 180° होना चाहिए। इसलिए, ∠PTQ को 180° में से ∠POQ घटाकर आसानी से पाया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर जो कोण बनाती हैं (जैसे ∠POQ) और बाहरी बिंदु पर जो कोण बनाती हैं (जैसे ∠PTQ), वे दोनों एक-दूसरे के संपूरक होते हैं (अर्थात उनका योग 180° होता है)।
Question 3. दिये गये चित्र में, बाह्य बिन्दु A से वृत्त की दो स्पर्श रेखाएँ AB व AC खींची गई हैं। यदि ∠BAC = 48° हो, तो ∠ABC का मान लिखिए।
Answer:
हमें दिया गया है कि AB और AC वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं जो बिंदु A से खींची गई हैं।
इसलिए, AB = AC (बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है)।
अतः, त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
इसका मतलब है कि ∠ABC = ∠ACB।
त्रिभुज ABC में कोणों के योग के नियम से:
∠BAC + ∠ABC + ∠ACB = 180°
\( 48° + \angle ABC + \angle ABC = 180° \)
\( 48° + 2 \angle ABC = 180° \)
\( 2 \angle ABC = 180° - 48° \)
\( 2 \angle ABC = 132° \)
\( \implies \angle ABC = \frac{132°}{2} \)
\( \implies \angle ABC = 66° \) है।
In simple words: चूंकि बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ समान होती हैं, इसलिए त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है। हमें ∠BAC दिया गया है, इसलिए हम जानते हैं कि ∠ABC और ∠ACB बराबर होंगे। एक त्रिभुज में सभी कोणों का योग 180° होता है, जिसका उपयोग करके हम ∠ABC का मान ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह महत्वपूर्ण है कि याद रखें कि एक बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की लंबाई हमेशा समान होती है, जो अक्सर एक समद्विबाहु त्रिभुज बनाती है, और त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
Question 4. चित्र में AB, BC तथा CA वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि BC = 6.3 सेमी. तथा MC = 2.7 सेमी. हो, तो BL की नाप लिखिए।
Answer:
हम जानते हैं कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
इसलिए, BN = BL, CM = CL, और AN = AM (यहाँ, N, L, M स्पर्श बिंदु हैं)।
हमें BC = 6.3 सेमी. और MC = 2.7 सेमी. दिया गया है।
जैसा कि MC वृत्त की स्पर्श रेखा है, CL भी 2.7 सेमी. होगी (MC = CL)।
अब, BC = BL + CL
\( 6.3 = BL + 2.7 \)
\( BL = 6.3 - 2.7 \)
\( \implies BL = 3.6 \) सेमी. है।
In simple words: चूंकि वृत्त के बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई समान होती है, तो हम इस नियम का उपयोग करके अज्ञात लंबाई BL का पता लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को ध्यान में रखें: एक बाहरी बिंदु से एक वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है। इसका उपयोग अक्सर वृत्त से संबंधित समस्याओं में अज्ञात लंबाई को ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
Question 5. दो वृत्त बाह्यतः स्पर्श करते हैं। यदि दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 5 सेमी. तथा 3 सेमी. हों, तो उनके केन्द्रों के बीच की दूरी लिखिए।
Answer:
जब दो वृत्त बाह्यतः स्पर्श करते हैं, तो उनके केन्द्रों के बीच की दूरी उनकी त्रिज्याओं के योग के बराबर होती है।
पहले वृत्त की त्रिज्या = 5 सेमी.
दूसरे वृत्त की त्रिज्या = 3 सेमी.
केन्द्रों के बीच की दूरी = \( 5 + 3 = 8 \) सेमी. है।
In simple words: यदि दो वृत्त बाहर से एक-दूसरे को छूते हैं, तो उनके केंद्रों को मापने के लिए, बस उनकी दो त्रिज्याओं को एक साथ जोड़ दें।
🎯 Exam Tip: यह नियम याद रखें: यदि वृत्त बाहर से स्पर्श करते हैं, तो केंद्रों के बीच की दूरी त्रिज्याओं का योग होती है। यदि वृत्त आंतरिक रूप से स्पर्श करते हैं, तो दूरी त्रिज्याओं का अंतर होती है।
Question 6. दो वृत्त स्पर्श करते हैं, तो उनकी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाओं की संख्या लिखिए।
Answer:
जब दो वृत्त स्पर्श करते हैं (बाह्य रूप से स्पर्श करते हैं), तो उनकी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाओं की संख्या 3 होती है।
ये तीन स्पर्श रेखाएँ हैं:
1. दो सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ।
2. एक उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा जो स्पर्श बिंदु से होकर गुजरती है।
In simple words: यदि दो वृत्त एक-दूसरे को बाहर से छूते हैं, तो उनके पास कुल तीन रेखाएँ होती हैं जो उन्हें दोनों को छू सकती हैं।
🎯 Exam Tip: दो वृत्तों के सापेक्ष स्थिति के आधार पर उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाओं की संख्या को याद रखना महत्वपूर्ण है: यदि वृत्त अलग-अलग हैं (4), बाहरी रूप से स्पर्श कर रहे हैं (3), दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद कर रहे हैं (2), आंतरिक रूप से स्पर्श कर रहे हैं (1), या एक के अंदर एक हैं (0)।
Question 8. दिए गए चित्र में PBQ, बिन्दु B पर वृत्त की स्पर्श रेखा है। ∠ABP का मान लिखिए।
Answer:
हमें दिया गया है कि PBQ बिन्दु B पर वृत्त की स्पर्श रेखा है।
हमें पता है कि वृत्त की स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है।
यदि O वृत्त का केंद्र है और OB त्रिज्या है, तो OB ⊥ PBQ होगा।
अतः, ∠OBP = 90°।
हालाँकि, प्रश्न में ∠ABP पूछा गया है और चित्र में A, O के साथ संरेखित है। यदि A वृत्त पर कोई बिंदु है, तो यह स्पर्श रेखा से बनने वाला कोण है।
दिए गए चित्र में, AB जीवा है और PBQ स्पर्श रेखा है।
स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय के अनुसार, स्पर्शरेखा (PBQ) और जीवा (AB) के बीच का कोण वैकल्पिक वृत्तखंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।
यदि A वृत्त का एक बिंदु है और B स्पर्श बिंदु है, और AB एक जीवा है, तो ∠ABP एक समकोण है यदि AB व्यास हो, अन्यथा यह वैकल्पिक खंड के कोण के बराबर होगा।
दिए गए चित्र में, AB एक व्यास प्रतीत होता है क्योंकि यह O से होकर गुजरता है।
यदि AB व्यास है, तो ∠ABP = 90°।
In simple words: चित्र में, AB वृत्त का व्यास है और PBQ एक स्पर्श रेखा है। हम जानते हैं कि व्यास स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लंबवत होता है, इसलिए ∠ABP का मान 90° होगा।
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि वृत्त का व्यास स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के हमेशा लंबवत होता है, जिसका अर्थ है कि उनके बीच का कोण 90° होता है।
Question 9. किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लम्बाई 12 सेमी. है, यदि वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. है तो केन्द्र से बाह्य बिन्दु की दूरी बताइए।
Answer:
मान लीजिए वृत्त का केंद्र O है, बाहरी बिंदु P है, और स्पर्श बिंदु T है।
तब, PT = 12 सेमी. (स्पर्श रेखा की लंबाई)।
OT = 5 सेमी. (वृत्त की त्रिज्या)।
हमें OP (केंद्र से बाहरी बिंदु की दूरी) ज्ञात करनी है।
हमें पता है कि त्रिज्या OT स्पर्श रेखा PT पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OTP = 90°।
अब, समकोण त्रिभुज OTP में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके:
\( OP^2 = OT^2 + PT^2 \)
\( OP^2 = 5^2 + 12^2 \)
\( OP^2 = 25 + 144 \)
\( OP^2 = 169 \)
\( \implies OP = \sqrt{169} \)
\( \implies OP = 13 \) सेमी. है।
In simple words: स्पर्श रेखा, त्रिज्या और केंद्र से बाहरी बिंदु तक की रेखा एक समकोण त्रिभुज बनाती है। हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके केंद्र से बाहरी बिंदु तक की दूरी का पता लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को हमेशा याद रखें: एक वृत्त की त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लंबवत होती है। यह गुण अक्सर पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके दूरियों या लंबाइयों की गणना करने में मदद करता है।
Question 10. दिए गए चित्र में O वृत्त का केन्द्र है। AB व AC वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि OA = 10 सेमी. तथा OB = 6 सेमी. हैं तो AC की लम्बाई ज्ञात कीजिये।
Answer:
हमें दिया गया है कि O वृत्त का केंद्र है, और AB व AC बाहरी बिंदु A से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं।
हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है, इसलिए AB = AC।
हमें OA = 10 सेमी. (केंद्र से बाहरी बिंदु A तक की दूरी) और OB = 6 सेमी. (त्रिज्या) दिया गया है।
हम यह भी जानते हैं कि त्रिज्या OB स्पर्श रेखा AB पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OBA = 90°।
अब, समकोण त्रिभुज OBA में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके:
\( OA^2 = OB^2 + AB^2 \)
\( 10^2 = 6^2 + AB^2 \)
\( 100 = 36 + AB^2 \)
\( AB^2 = 100 - 36 \)
\( AB^2 = 64 \)
\( \implies AB = \sqrt{64} \)
\( \implies AB = 8 \) सेमी. है।
चूंकि AB = AC है, इसलिए AC की लंबाई भी 8 सेमी. है।
In simple words: हम बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं, क्योंकि त्रिज्या स्पर्श रेखा के लंबवत होती है। चूंकि दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई पहली के बराबर होती है, तो हमें AC की लंबाई भी मिल जाती है।
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि एक बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई समान होती है (AB = AC), और त्रिज्या स्पर्श रेखा के लंबवत होती है (∠OBA = 90°)। ये दो गुण ज्यामितीय समस्याओं को हल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 11. वृत्त की सतह पर स्थित बिन्दु पर कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
Answer:
वृत्त की सतह पर स्थित किसी भी बिंदु पर केवल एक और केवल एक ही स्पर्श रेखा खींची जा सकती है। यह रेखा उस विशेष बिंदु पर वृत्त को छूती हुई गुजरती है।
In simple words: वृत्त पर किसी एक बिंदु से सिर्फ एक सीधी रेखा खींच सकते हैं जो उस बिंदु पर वृत्त को छूती है।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखाओं की संख्या वृत्त के सापेक्ष बिंदु की स्थिति पर निर्भर करती है: वृत्त पर एक बिंदु (एक स्पर्श रेखा), वृत्त के बाहर एक बिंदु (दो स्पर्श रेखाएँ), और वृत्त के अंदर एक बिंदु (कोई स्पर्श रेखा नहीं)।
Question 12. यदि बिन्दु R से O केन्द्र वाले किसी वृत्त पर RA व RB स्पर्श रेखाएँ परस्पर \( \theta \) के कोण पर झुकी हों तथा ∠AOB = 40° हो तो कोण \( \theta \) का मान ज्ञात करें।
Answer:
हमें दिया गया है कि RA व RB स्पर्श रेखाएँ हैं जो बिंदु R से O केंद्र वाले वृत्त पर खींची गई हैं।
हमें पता है कि त्रिज्या OA स्पर्श रेखा RA पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OAR = 90°।
इसी तरह, त्रिज्या OB स्पर्श रेखा RB पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OBR = 90°।
चतुर्भुज OARB में, सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
∠AOB + ∠OAR + ∠OBR + ∠ARB = 360°
\( 40° + 90° + 90° + \angle ARB = 360° \)
\( 220° + \angle ARB = 360° \)
\( \implies \angle ARB = 360° - 220° \)
\( \implies \angle ARB = 140° \) है।
चूंकि RA व RB परस्पर \( \theta \) कोण पर झुकी हैं, इसलिए \( \theta = \angle ARB \)।
अतः, \( \theta = 140° \) है।
In simple words: क्योंकि स्पर्श रेखाएँ त्रिज्या पर 90° का कोण बनाती हैं, चतुर्भुज OARB में दो कोण 90° के होते हैं। केंद्र पर दिए गए कोण का उपयोग करके, हम बाहरी बिंदु पर कोण \( \theta \) ज्ञात कर सकते हैं क्योंकि चतुर्भुज के कोणों का योग 360° होता है।
🎯 Exam Tip: यह महत्वपूर्ण है कि याद रखें कि एक स्पर्श रेखा और त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर लंबवत होती हैं। केंद्र पर बना कोण और बाहरी बिंदु पर बना कोण एक-दूसरे के संपूरक होते हैं (उनका योग 180° होता है)।
Question 13. दी गयी आकृति में O एक वृत्त का केन्द्र है जिसके बाह्य बिन्दु Q से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ QP और QR खींची गई हैं कोण POR का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
हमें दिया गया है कि O वृत्त का केंद्र है, और QP व QR बाहरी बिंदु Q से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं।
हमें पता है कि त्रिज्या OP स्पर्श रेखा QP पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OPQ = 90°।
इसी तरह, त्रिज्या OR स्पर्श रेखा QR पर लंबवत होती है, इसलिए ∠ORQ = 90°।
दिए गए चित्र में, ∠PQR = 70°।
चतुर्भुज OPQR में, सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
∠POR + ∠OPQ + ∠ORQ + ∠PQR = 360°
\( \angle POR + 90° + 90° + 70° = 360° \)
\( \angle POR + 250° = 360° \)
\( \implies \angle POR = 360° - 250° \)
\( \implies \angle POR = 110° \) है।
In simple words: हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंबवत होती है, इसलिए स्पर्श बिंदुओं पर दो कोण 90° के होते हैं। बाहरी बिंदु पर दिया गया कोण (70°) चतुर्भुज के केंद्र पर बनने वाले कोण के संपूरक होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को याद रखें: किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर जो कोण बनाती हैं (जैसे ∠POR) और बाहरी बिंदु पर जो कोण बनाती हैं (जैसे ∠PQR), वे दोनों एक-दूसरे के संपूरक होते हैं (अर्थात उनका योग 180° होता है)।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. चित्र में TP और TQ, O केन्द्र वाले वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि ∠TOQ = 50° हो, तो ∠OTP ज्ञात कीजिये।
Answer:
हमें दिया गया है कि TP और TQ, O केंद्र वाले वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।
∠TOQ = 50°।
हम जानते हैं कि त्रिज्या (OQ) स्पर्श रेखा (TQ) पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OQT = 90°।
समकोण त्रिभुज OQT में, कोणों के योग के नियम से:
∠OQT + ∠TOQ + ∠OTQ = 180°
\( 90° + 50° + \angle OTQ = 180° \)
\( 140° + \angle OTQ = 180° \)
\( \implies \angle OTQ = 180° - 140° \)
\( \implies \angle OTQ = 40° \) है।
इसी तरह, त्रिभुज OPT एक समकोण त्रिभुज है जहाँ ∠OPT = 90°।
हमें पता है कि एक बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर समान कोण बनाती हैं, इसलिए त्रिभुज OPT और OQT सर्वांगसम होते हैं।
अतः, ∠OTP = ∠OTQ।
\( \implies \angle OTP = 40° \) है।
In simple words: सबसे पहले, हम समकोण त्रिभुज OQT में अज्ञात कोण ∠OTQ का पता लगाते हैं। चूंकि दो त्रिभुज OPT और OQT सर्वांगसम हैं (केंद्र पर समान कोण बनाते हैं), तो ∠OTP, ∠OTQ के बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर समान कोण बनाती हैं (जो त्रिभुजों को सर्वांगसम बनाता है), और त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंबवत होती है (जो समकोण त्रिभुज बनाती है)।
Question 2. एक बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लम्बाई ज्ञात कीजिए, जबकि बिन्दु की वृत्त के केन्द्र से दूरी 13 सेमी. है और वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. है।
Answer:
मान लीजिए वृत्त का केंद्र O है, बाहरी बिंदु Q है, और स्पर्श बिंदु P है।
हमें दिया गया है कि केंद्र से बाहरी बिंदु Q तक की दूरी OQ = 13 सेमी. है।
वृत्त की त्रिज्या OP = 5 सेमी. है।
हमें स्पर्श रेखा PQ की लंबाई ज्ञात करनी है।
हम जानते हैं कि त्रिज्या OP स्पर्श रेखा PQ पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OPQ = 90°।
अब, समकोण त्रिभुज OPQ में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके:
\( OQ^2 = OP^2 + PQ^2 \)
\( 13^2 = 5^2 + PQ^2 \)
\( 169 = 25 + PQ^2 \)
\( PQ^2 = 169 - 25 \)
\( PQ^2 = 144 \)
\( \implies PQ = \sqrt{144} \)
\( \implies PQ = 12 \) सेमी. है।
In simple words: जब एक बाहरी बिंदु से वृत्त पर एक स्पर्श रेखा खींची जाती है, तो त्रिज्या और स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर लंबवत होती हैं। यह एक समकोण त्रिभुज बनाता है, और हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को हमेशा याद रखें: एक वृत्त की त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लंबवत होती है। यह गुण अक्सर पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके दूरियों या लंबाइयों की गणना करने में मदद करता है।
Question 3. दो संकेन्द्रीय वृत्तों में बड़े वृत्त की जीवा यदि छोटे वृत्त को स्पर्श करे तो स्पर्श बिन्दु उस जीवा का समद्विभाजन करता है।
Answer:
**दिया हुआ है-**
दो संकेन्द्रीय वृत्त हैं जिनका केंद्र O है। AB बड़े वृत्त की जीवा है, जो छोटे वृत्त को बिंदु P पर स्पर्श करती है।
**सिद्ध करना है-**
AP = PB
**उपपत्ति-**
चूंकि AB छोटे वृत्त को बिंदु P पर स्पर्श करती है, और OP छोटे वृत्त की त्रिज्या है।
इसलिए, OP ⊥ AB (स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है)।
अब, चूंकि AB बड़े वृत्त की जीवा है और O बड़े वृत्त का केंद्र है, और OP जीवा AB पर लंबवत है।
हम जानते हैं कि वृत्त के केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।
अतः, P, जीवा AB का मध्य बिंदु है।
इसलिए, AP = PB।
इस प्रकार यह सिद्ध होता है।
In simple words: जब एक बड़ी वृत्त की जीवा एक छोटी वृत्त को छूती है, और दोनों वृत्त का केंद्र एक ही होता है, तो वह जीवा छूने वाले बिंदु पर दो बराबर हिस्सों में बंट जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि केंद्र से छूने वाली रेखा (त्रिज्या) जीवा पर सीधी (लंबवत) होती है, और केंद्र से जीवा पर सीधी रेखा हमेशा उसे दो बराबर हिस्सों में बांट देती है।
🎯 Exam Tip: इस महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमेय को याद रखें: वृत्त के केंद्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। स्पर्श रेखा के गुण (त्रिज्या पर लंबवत) और जीवा के गुण का संयोजन इस प्रकार के प्रमाणों में महत्वपूर्ण है।
Question 4. निम्नलिखित कथन का उत्तर सत्य या असत्य लिखिए तथा अपने उत्तर का औचित्य भी दीजिए। “आकृति में ∠BAC = 70° है जहाँ PQ वृत्त के बिन्दु C पर स्पर्श करती है।"
Answer:
यह कथन असत्य है।
**औचित्य:**
चित्र में स्पष्टतः कोई आकृति नहीं दी गई है जो PQ को वृत्त की स्पर्श रेखा और C को स्पर्श बिंदु के रूप में दर्शाती हो, और जिसमें ∠BAC = 70° दिया गया हो। हालांकि, यदि हम एक सामान्य स्थिति पर विचार करें जहाँ ∠BAC एक वृत्त के अंदर अंतरित कोण है और PQ बिंदु C पर स्पर्श रेखा है, और ∠PCB एक वैकल्पिक वृत्तखंड का कोण है।
स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय के अनुसार, स्पर्शरेखा और जीवा के बीच का कोण (जैसे ∠PCB) वैकल्पिक वृत्तखंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण (जैसे ∠A) के बराबर होता है।
यदि ∠A = 70° है, तो ∠PCB = 70° होगा।
यहां, उत्तर में दिए गए हल के अनुसार, ∠PCB को 180° - (70° + 30°) = 80° के रूप में गणना की गई है, जिसका अर्थ है कि ∠A = 80° होना चाहिए।
इसलिए, दिए गए कथन का प्रारंभिक मान ∠BAC = 70° गलत है, यदि हल में दी गई गणना सही है।
अतः, कथन असत्य है क्योंकि दिया गया ∠BAC = 70° हल के परिणाम से मेल नहीं खाता है।
In simple words: यह कथन गलत है क्योंकि स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय के अनुसार, एक जीवा और स्पर्शरेखा के बीच का कोण वृत्त के विपरीत हिस्से में जीवा द्वारा बनाए गए कोण के बराबर होता है। यदि ∠BAC 70° होता, तो प्रमेय के अनुसार अन्य संबंधित कोण भी 70° होना चाहिए, लेकिन गणना 80° दिखाती है, जिससे एक विरोधाभास पैदा होता है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, हमेशा कथन को सिद्ध करने या असत्य साबित करने के लिए उचित ज्यामितीय प्रमेय (जैसे स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय) का उपयोग करके विस्तृत औचित्य प्रदान करें।
Question 5. आकृति में PQ तथा RS एक वृत्त पर क्रमशः बिन्दु A और C पर स्पर्श रेखाएँ हैं। यदि ∠ABC = 60° और ∠BAP = 40° हो तो ∠BCR ज्ञात कीजिए।
Answer:
हमें दिया गया है कि PQ और RS वृत्त पर क्रमशः बिंदु A और C पर स्पर्श रेखाएँ हैं।
∠ABC = 60° और ∠BAP = 40°।
हमें ∠BCR ज्ञात करना है।
स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय के अनुसार, स्पर्शरेखा (PQ) और जीवा (AB) के बीच का कोण वैकल्पिक वृत्तखंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।
अतः, ∠ACB = ∠BAP = 40°। (1)
इसी प्रकार, स्पर्शरेखा (RS) और जीवा (BC) के बीच का कोण वैकल्पिक वृत्तखंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है।
अतः, ∠BAC = ∠BCS या ∠BCR = ∠BAC।
यह थोड़ा गलत है, प्रमेय ∠BCR = ∠BAC नहीं कहता। यह कहता है कि ∠BCR = ∠BAC तब होता है जब C स्पर्श बिंदु हो, और BC जीवा हो।
सही प्रमेय यह है: ∠ACR = ∠ABC = 60° (जहाँ RS स्पर्श रेखा है, AC जीवा है)।
अब, हम ∠BCR की गणना कर सकते हैं। ∠BCR = ∠BCA + ∠ACR।
∠BCR = 40° + 60°
\( \implies \angle BCR = 100° \) है।
In simple words: हम स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय का उपयोग करके ∠ACB का मान ज्ञात करते हैं (∠BAP के बराबर)। फिर, हम उसी प्रमेय का उपयोग करके ∠ACR का मान ज्ञात करते हैं (∠ABC के बराबर)। फिर, हम ∠BCR प्राप्त करने के लिए इन दोनों कोणों को जोड़ते हैं।
🎯 Exam Tip: स्पर्शरेखा-जीवा प्रमेय को समझना और लागू करना महत्वपूर्ण है: स्पर्शरेखा और स्पर्श बिंदु से खींची गई जीवा के बीच का कोण वैकल्पिक खंड में जीवा द्वारा अंतरित कोण के बराबर होता है। यह अक्सर कई कोणों की गणना करने में मदद करता है।
Question 6. दिये गये चित्र में, यदि PA व PB, केन्द्र O वाले किसी वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ इस प्रकार हैं कि कोण APB = 80°, तो कोण AOB का मान ज्ञात कीजिये।
Answer:
हमें दिया गया है कि PA व PB, O केंद्र वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ हैं।
कोण ∠APB = 80°।
हमें ∠AOB का मान ज्ञात करना है।
हम जानते हैं कि त्रिज्या OA स्पर्श रेखा PA पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OAP = 90°।
इसी तरह, त्रिज्या OB स्पर्श रेखा PB पर लंबवत होती है, इसलिए ∠OBP = 90°।
चतुर्भुज OAPB में, सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
∠AOB + ∠OAP + ∠OBP + ∠APB = 360°
\( \angle AOB + 90° + 90° + 80° = 360° \)
\( \angle AOB + 260° = 360° \)
\( \implies \angle AOB = 360° - 260° \)
\( \implies \angle AOB = 100° \) है।
In simple words: हम जानते हैं कि त्रिज्याएं स्पर्श रेखाओं पर 90° का कोण बनाती हैं। एक चतुर्भुज के चारों कोणों का कुल योग 360° होता है। दिए गए कोण (80°) और दो 90° कोणों का उपयोग करके, हम केंद्र पर बने शेष कोण को ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह महत्वपूर्ण है कि याद रखें कि एक स्पर्श रेखा और त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर लंबवत होती हैं। केंद्र पर बना कोण और बाहरी बिंदु पर बना कोण एक-दूसरे के संपूरक होते हैं (अर्थात उनका योग 180° होता है)।
Question 7. यदि एक बिन्दु A से, O केन्द्र वाले किसी वृत्त पर AB व AC दो स्पर्श रेखाएँ इस प्रकार हैं (RBSESolutions.com) कि \( \angle BOC = 140^\circ \) तो \( \angle BAC \) का मान लिखिये।
Answer: चित्र में AB और AC, केंद्र O वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ हैं। हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है, इसलिए \( \angle ABO = 90^\circ \) और \( \angle ACO = 90^\circ \). चतुर्भुज ABOC में, सभी कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है।
\( \angle ABO = \angle ACO = 90^\circ \)
और \( \angle BOC = 140^\circ \) दिया गया है।
इसलिए, \( \angle BAC + \angle BOC + \angle ABO + \angle ACO = 360^\circ \)
\( \angle BAC + 140^\circ + 90^\circ + 90^\circ = 360^\circ \)
\( \angle BAC + 320^\circ = 360^\circ \)
\( \angle BAC = 360^\circ - 320^\circ \)
\( \angle BAC = 40^\circ \)
In simple words: हमें एक वृत्त में स्पर्श रेखाएं दी गई हैं। जब एक वृत्त के केंद्र से स्पर्श बिंदु तक रेखा खींची जाती है, तो वह स्पर्श रेखा पर \( 90^\circ \) का कोण बनाती है। एक चतुर्भुज के चारों कोणों का कुल जोड़ \( 360^\circ \) होता है, जिससे हम अज्ञात कोण का पता लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि किसी वृत्त की त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लंबवत होती है, यानी \( 90^\circ \) का कोण बनाती है। यह गुण अक्सर कोण-संबंधी समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
Question 8. 5 सेमी. त्रिज्या वाले एक वृत्त के बिन्दु P पर स्पर्श रेखा PQ केन्द्र O से जाने वाली एक रेखा (RBSESolutions.com) के बिन्दु Q पर इस प्रकार मिलती है कि OQ = 13 सेमी. तो PQ की लम्बाई ज्ञात कीजिये।
Answer: प्रश्न के अनुसार, एक आकृति बनाने पर, हमें एक समकोण त्रिभुज OPQ मिलता है। यहाँ, OP वृत्त की त्रिज्या है, इसलिए \( OP = 5 \) सेमी. OQ वृत्त के केंद्र से Q बिंदु तक की दूरी है, इसलिए \( OQ = 13 \) सेमी. चूंकि PQ स्पर्श रेखा है और OP त्रिज्या है, तो स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा के लंबवत् होती है।
अतः \( \angle OPQ = 90^\circ \).
अब समकोण त्रिभुज \( \triangle OPQ \) में, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग कर सकते हैं:
\( OP^2 + PQ^2 = OQ^2 \)
\( 5^2 + PQ^2 = 13^2 \)
\( 25 + PQ^2 = 169 \)
\( PQ^2 = 169 - 25 \)
\( PQ^2 = 144 \)
\( PQ = \sqrt{144} \)
\( PQ = 12 \) सेमी.
In simple words: एक वृत्त की त्रिज्या और स्पर्श रेखा हमेशा \( 90^\circ \) पर मिलती हैं। जब हमें त्रिज्या (5 सेमी) और केंद्र से बाहरी बिंदु तक की दूरी (13 सेमी) पता हो, तो हम स्पर्श रेखा (PQ) की लंबाई जानने के लिए पाइथागोरस के नियम का उपयोग कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: पाइथागोरस प्रमेय को सही ढंग से लागू करने के लिए हमेशा पहचानें कि कौन सी भुजा कर्ण है (सबसे लंबी भुजा, \( 90^\circ \) कोण के सामने वाली)।
Question 9. यदि एक बिन्दु T से O केन्द्र वाले किसी वृत्त पर TA व TB स्पर्श रेखाएँ परस्पर \( 70^\circ \) के कोण पर (RBSESolutions.com) झुकी हों, तो \( \angle AOB \) को ज्ञात कीजिए।
Answer: चित्र के अनुसार, TA और TB, केंद्र O वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ हैं। हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है।
इसलिए, \( \angle TAO = 90^\circ \) और \( \angle TBO = 90^\circ \).
और \( \angle ATB = 70^\circ \) दिया गया है।
चतुर्भुज AOBT में, सभी कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है।
\( \angle AOB + \angle ATB + \angle TAO + \angle TBO = 360^\circ \)
\( \angle AOB + 70^\circ + 90^\circ + 90^\circ = 360^\circ \)
\( \angle AOB + 250^\circ = 360^\circ \)
\( \angle AOB = 360^\circ - 250^\circ \)
\( \angle AOB = 110^\circ \). यह दर्शाता है कि स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण और केंद्र पर बना कोण संपूरक होते हैं।
In simple words: जब एक ही बाहरी बिंदु से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएं खींची जाती हैं, तो वे त्रिज्याओं के साथ एक चतुर्भुज बनाती हैं। हमें पता है कि त्रिज्या स्पर्श रेखा से \( 90^\circ \) पर मिलती है। यदि हमें स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण पता हो, तो हम \( 360^\circ \) के कुल योग का उपयोग करके केंद्र पर बने कोण को आसानी से ढूंढ सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है: किसी बाहरी बिंदु से एक वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण और केंद्र पर उनके स्पर्श बिंदुओं को जोड़ने वाली त्रिज्याओं के बीच का कोण संपूरक होते हैं (अर्थात उनका योग \( 180^\circ \) होता है)।
Question 10. सिद्ध कीजिए कि किसी बाह्य बिन्दु से किसी वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की (RBSESolutions.com) लम्बाइयाँ बराबर होती अथवा सिद्ध कीजिए कि एक बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ बराबर होती हैं।
Answer: दिया है: एक वृत्त जिसका केंद्र O है और R एक बाहरी बिंदु है। R से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ RP और RQ खींची गई हैं।
हमें सिद्ध करना है: \( RP = RQ \).
रचना: OP, OQ और OR को मिलाएँ। OP और OQ वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि स्पर्श रेखा, वृत्त की त्रिज्या पर लम्बवत् होती है।
अतः \( \angle OPR = 90^\circ \) और \( \angle OQR = 90^\circ \).
अब \( \triangle OPR \) और \( \triangle OQR \) में:
\( \angle OPR = \angle OQR = 90^\circ \) (प्रत्येक \( 90^\circ \))
\( OR = OR \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
\( OP = OQ \) (ये वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( \implies \) समकोण-कर्ण-भुजा (RHS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle OPR \cong \triangle OQR \).
इसलिए, सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान होंगी।
\( \implies RP = RQ \).
इस प्रकार यह सिद्ध होता है कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाईयाँ बराबर होती हैं।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि अगर हम वृत्त के बाहर किसी बिंदु से दो रेखाएं खींचते हैं जो वृत्त को छूती हैं (स्पर्श रेखाएं), तो वे दोनों रेखाएं बराबर लंबाई की होती हैं। हम वृत्त के केंद्र से उन स्पर्श बिंदुओं तक और बाहरी बिंदु तक रेखाएं खींचते हैं। इससे दो त्रिभुज बनते हैं। क्योंकि त्रिज्या हमेशा स्पर्श रेखा से \( 90^\circ \) पर मिलती है, और दोनों त्रिभुजों में एक ही केंद्र से खींची गई त्रिज्याएं और एक उभयनिष्ठ भुजा होती है, तो वे त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। सर्वांगसम त्रिभुजों की भुजाएं बराबर होती हैं, इसलिए स्पर्श रेखाएं भी बराबर होती हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमाण को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ज्यामिति में अक्सर उपयोग होता है। RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता मानदंड को ध्यान में रखें, जिसमें दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं यदि उनके कर्ण और एक अन्य भुजा बराबर हों और एक कोण \( 90^\circ \) हो।
Question 11. यदि किसी वृत्त के किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची (RBSESolutions.com) जाये तो सिद्ध कीजिये कि (i) वे रेखाएँ वृत्त के केन्द्र पर समान कोण बनाती हैं तथा (ii) वृत्त के केन्द्र से मिलाने वाले रेखाखण्ड के साथ, दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर कोण बनाती हैं।
Answer: दिया है: एक वृत्त C(O, r) है। A एक बाहरी बिंदु है जिससे वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ AP और AQ खींची गई हैं।
हमें सिद्ध करना है:
(i) \( \angle AOP = \angle AOQ \)
(ii) \( \angle OAP = \angle OAQ \)
रचना: OA, OP तथा OQ को मिलाया।
उपपत्ति:
अब \( \triangle OPA \) और \( \triangle OQA \) में:
\( AP = AQ \) (यह एक ही वृत्त के एक बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं, जिनकी लंबाई बराबर होती है)
\( OA = OA \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
\( OP = OQ \) (ये वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( \implies \) भुजा-भुजा-भुजा (SSS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle OPA \cong \triangle OQA \).
चूंकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं, उनके संगत कोण भी बराबर होंगे।
\( \implies \)
(i) \( \angle AOP = \angle AOQ \) (पहला भाग सिद्ध हुआ)
(ii) \( \angle OAP = \angle OAQ \) (दूसरा भाग सिद्ध हुआ)
इस प्रकार, एक बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाएँ केंद्र पर समान कोण बनाती हैं और केंद्र को बाहरी बिंदु से जोड़ने वाले रेखाखंड के साथ भी समान कोण बनाती हैं।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि जब वृत्त के बाहर एक बिंदु से दो स्पर्श रेखाएं खींची जाती हैं, तो वे वृत्त के केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं। साथ ही, वे रेखाएं केंद्र से बाहरी बिंदु को जोड़ने वाली रेखा के साथ भी बराबर कोण बनाती हैं। हम दो त्रिभुज बनाते हैं (एक हर स्पर्श रेखा और केंद्र के साथ)। क्योंकि दोनों स्पर्श रेखाएं, त्रिज्याएं और बाहरी बिंदु से केंद्र तक की रेखाएं बराबर होती हैं, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। इसका मतलब है कि उनके सभी कोण बराबर होते हैं, और इससे हमारा प्रमाण पूरा होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय के लिए SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता मानदंड का उपयोग अक्सर किया जाता है, जहाँ तीन संगत भुजाएँ बराबर होने पर त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। अपने प्रमाण में सभी चरणों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 12. सिद्ध करो कि वृत्त की किसी जीवा के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ, (RBSESolutions.com) जीवा से समान कोण बनाती हैं।
Answer: मान लीजिए वृत्त C(O, r) की जीवा AB है। A और B बिंदुओं पर स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची गई हैं, जो बिंदु P पर एक-दूसरे को काटती हैं।
हमें सिद्ध करना है: \( \angle PAC = \angle PBC \).
रचना: मान लीजिए OP जीवा AB को बिंदु C पर काटती है।
उपपत्ति: हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
इसलिए, \( PA = PB \).
\( \triangle PAB \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \implies \angle PAB = \angle PBA \).
जीवा AB और स्पर्श रेखा PA के बीच का कोण, एकांतर वृत्त खंड में बने कोण के बराबर होता है।
यानी, \( \angle PAB = \angle ACB \).
इसी तरह, \( \angle PBA = \angle CAB \).
हम जानते हैं कि \( \angle ACB = \angle CAB \) क्योंकि \( \triangle PAB \) समद्विबाहु है।
एक स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से होकर जाने वाली जीवा के बीच का कोण जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
अतः \( \angle PAC = \angle ABC \).
इसी प्रकार \( \angle PBC = \angle BAC \).
चूंकि \( \angle PAB = \angle PBA \) (बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है और इस प्रकार एक समद्विबाहु त्रिभुज बनता है),
हम कह सकते हैं कि \( \angle PAC = \angle PBC \).
In simple words: हमें यह दिखाना है कि अगर हम वृत्त की एक जीवा के दो सिरों से स्पर्श रेखाएं खींचते हैं, तो वे रेखाएं जीवा के साथ बराबर कोण बनाती हैं। हम जानते हैं कि एक ही बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएं बराबर होती हैं, जिससे एक समद्विबाहु त्रिभुज बनता है। साथ ही, एक स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से गुजरने वाली जीवा के बीच का कोण वृत्त के दूसरे हिस्से में उसी जीवा द्वारा बने कोण के बराबर होता है। इन गुणों का उपयोग करके हम यह साबित कर सकते हैं कि कोण बराबर हैं।
🎯 Exam Tip: स्पर्श रेखा-जीवा प्रमेय (The Alternate Segment Theorem) को याद रखें, जिसमें कहा गया है कि एक स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से होकर जाने वाली जीवा के बीच का कोण जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
Question 13. केन्द्र O वाले वृत्त पर बाह्य बिन्दु A से दो स्पर्श रेखाएँ AB तथा AC खींची गई हैं। (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिये कि \( \angle BAC = 2 \angle OBC \).
अथवा
केन्द्र O वाले वृत्त पर बाह्य बिन्दु T से दो स्पर्श रेखाएँ TP तथा TQ खींची गई हैं। सिद्ध कीजिए कि \( \angle PTQ = 2 \angle OPQ \) है।
Answer: हमें केंद्र O वाला एक वृत्त दिया गया है। A एक बाहरी बिंदु है, और AB तथा AC वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ हैं, जहाँ B और C स्पर्श बिंदु हैं, जैसा कि आकृति में दिखाया गया है।
हमें सिद्ध करना है: \( \angle BAC = 2 \angle OBC \).
रचना: BC को मिलाएँ।
प्रमेय से हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
अतः \( AB = AC \).
इसलिए, \( \triangle ABC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \implies \angle ABC = \angle ACB \).
हम जानते हैं कि \( \angle AOB + \angle AOC = 360^\circ \).
साथ ही, \( \angle OBA = 90^\circ \) और \( \angle OCA = 90^\circ \) (त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लम्बवत् होती है)।
चतुर्भुज ABOC में, कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है:
\( \angle BAC + \angle OBC + \angle OCB + \angle BOC = 360^\circ \).
\( \angle BAC + 90^\circ + 90^\circ + \angle BOC = 360^\circ \).
\( \angle BAC + \angle BOC = 180^\circ \).
अब \( \triangle OBC \) में, \( OB = OC \) (वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)।
इसलिए, \( \triangle OBC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और \( \angle OBC = \angle OCB \).
\( \angle BOC + \angle OBC + \angle OCB = 180^\circ \).
\( \angle BOC + 2 \angle OBC = 180^\circ \).
इससे \( \angle BOC = 180^\circ - 2 \angle OBC \).
अब, समीकरण \( \angle BAC + \angle BOC = 180^\circ \) में \( \angle BOC \) का मान रखने पर:
\( \angle BAC + (180^\circ - 2 \angle OBC) = 180^\circ \).
\( \angle BAC - 2 \angle OBC = 0 \).
\( \implies \angle BAC = 2 \angle OBC \).
यह सिद्ध होता है।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि बाहरी बिंदु A से खींची गई स्पर्श रेखाओं AB और AC के बीच का कोण, केंद्र O और बिंदु B को जोड़ने वाली त्रिज्या के कोण का दुगुना होता है। हम जानते हैं कि स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं और त्रिज्याएँ स्पर्श रेखा पर \( 90^\circ \) का कोण बनाती हैं। हम त्रिभुज OBC में कोणों को देखते हैं, जहाँ OB और OC त्रिज्याएँ हैं, इसलिए ये बराबर हैं। इस जानकारी का उपयोग करके, हम कोणों के बीच के संबंध को दिखा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करने के लिए कि \( \angle BAC = 2 \angle OBC \), चतुर्भुज ABOC में कोणों के योग गुण और \( \triangle OBC \) के समद्विबाहु गुण का उपयोग करें। कोणों के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए प्रत्येक चरण को ध्यान से लिखें।
Question 14. चित्र में, AD = 15 सेमी., CF = 12 सेमी. और BE = 7 सेमी., तो त्रिभुज ABC की परिमिति (RBSESolutions.com) ज्ञात कीजिये।
Answer: हम जानते हैं कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की लंबाईयाँ बराबर होती हैं।
चित्र में, A, B, C बाहरी बिंदु हैं और D, E, F स्पर्श बिंदु हैं।
\( AD = AE = 15 \) सेमी. (बिंदु A से स्पर्श रेखाएँ)
\( BE = BF = 7 \) सेमी. (बिंदु B से स्पर्श रेखाएँ)
\( CF = CD = 12 \) सेमी. (बिंदु C से स्पर्श रेखाएँ)
त्रिभुज ABC की परिमिति (perimeter) \( = AB + BC + CA \).
\( AB = AE + EB = 15 + 7 = 22 \) सेमी.
\( BC = BF + FC = 7 + 12 = 19 \) सेमी.
\( CA = CD + DA = 12 + 15 = 27 \) सेमी.
\( \triangle ABC \) की परिमिति \( = (AE + EB) + (BF + FC) + (CD + DA) \)
\( = (15 + 7) + (7 + 12) + (12 + 15) \)
\( = 22 + 19 + 27 \)
\( = 68 \) सेमी.
In simple words: एक वृत्त के बाहर से एक ही बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हमेशा बराबर होती हैं। इस नियम का उपयोग करके, हम त्रिभुज की सभी भुजाओं की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं। फिर, त्रिभुज की परिमिति (किनारों का कुल जोड़) निकालने के लिए सभी भुजाओं की लंबाई को जोड़ दिया जाता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, समान लंबाई वाली स्पर्श रेखाओं की पहचान करना महत्वपूर्ण है। त्रिभुज की परिमिति उसकी सभी भुजाओं की लंबाई का योग होती है।
Question 1. एक वृत्त \( \triangle ABC \) की भुजा BC को P पर बाह्य स्पर्श करता है। (RBSESolutions.com) तथा AB व AC को बढ़ाए जाने पर Q और R पर स्पर्श करता है तो सिद्ध कीजिए कि \( \mathrm{AQ}=\frac{1}{2} \) ( \( \triangle ABC \) की परिमिति)
Answer: दिया हुआ है: \( \triangle ABC \) की भुजा BC वृत्त को P पर स्पर्श करती है, और AB व AC को बढ़ाने पर वृत्त को Q व R पर क्रमशः स्पर्श करती है।
हमें सिद्ध करना है: \( AQ = \frac{1}{2} \) ( \( \triangle ABC \) की परिमिति).
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
बिंदु A से: \( AQ = AR \) (बाहरी बिंदु A से स्पर्श रेखाएँ)
बिंदु B से: \( BQ = BP \) (बाहरी बिंदु B से स्पर्श रेखाएँ)
बिंदु C से: \( CP = CR \) (बाहरी बिंदु C से स्पर्श रेखाएँ)
अब, \( AQ + AR = [AB + BQ] + [AC + CR] \).
(यहाँ, \( AQ \) को \( AB + BQ \) लिखा जा सकता है, और \( AR \) को \( AC + CR \) लिखा जा सकता है)।
क्योंकि \( BQ = BP \) और \( CR = CP \), हम समीकरण को इस प्रकार बदल सकते हैं:
\( AQ + AR = [AB + BP] + [AC + CP] \).
\( AQ + AR = AB + (BP + CP) + AC \).
\( AQ + AR = AB + BC + AC \).
चूंकि \( AQ = AR \), हम लिख सकते हैं \( 2AQ = AB + BC + AC \).
हमें पता है कि \( AB + BC + AC \) \( \triangle ABC \) की परिमिति है।
\( \implies 2AQ = \) ( \( \triangle ABC \) की परिमिति).
\( \implies AQ = \frac{1}{2} \) ( \( \triangle ABC \) की परिमिति).
इस प्रकार यह सिद्ध होता है।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि एक त्रिभुज के बाहर एक वृत्त को स्पर्श करने पर, बाहरी बिंदु से वृत्त तक खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई त्रिभुज की परिमिति के आधे के बराबर होती है। हम जानते हैं कि एक ही बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएं हमेशा बराबर होती हैं। इन बराबर लंबाई का उपयोग करके, हम समीकरण को सरल बना सकते हैं और साबित कर सकते हैं कि AQ त्रिभुज की कुल परिमिति का आधा है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय के लिए "बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है" का गुणधर्म महत्वपूर्ण है। परिमिति को भुजाओं के योग के रूप में लिखें और फिर स्पर्श रेखा गुणों का उपयोग करके प्रतिस्थापित करें।
Question 2. \( \triangle ABC \) की भुजाएँ AB, BC एवं CA एक 4 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त (RBSESolutions.com) को क्रमशः L, M एवं N पर स्पर्श करती हैं। यदि AN = 6 सेमी. एवं CN = 8 सेमी. हो तो \( \triangle ABC \) की परिमिति ज्ञात कीजिए।
Answer: मान लीजिए त्रिभुज \( \triangle ABC \) के अंतर्गत वृत्त का केंद्र O है।
त्रिज्या 4 सेमी. है।
हम जानते हैं कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाईयाँ बराबर होती हैं।
बिंदु A से: \( AL = AN = 6 \) सेमी.
बिंदु B से: \( BL = BM \).
बिंदु C से: \( CM = CN = 8 \) सेमी.
मान लीजिए \( BL = x \) सेमी.
तो \( BM = x \) सेमी.
अब त्रिभुज की भुजाएँ होंगी:
\( AB = AL + LB = 6 + x \) सेमी.
\( BC = BM + MC = x + 8 \) सेमी.
\( CA = CN + NA = 8 + 6 = 14 \) सेमी.
\( \triangle ABC \) की परिमिति \( = AB + BC + CA \)
\( = (6 + x) + (x + 8) + 14 \)
\( = 2x + 28 \) सेमी.
अर्ध-परिमिति \( s = \frac{2x + 28}{2} = x + 14 \) सेमी.
हीरोन के सूत्र से \( \triangle ABC \) का क्षेत्रफल \( = \sqrt{s(s-a)(s-b)(s-c)} \)
यहाँ, \( a = BC = x + 8 \), \( b = CA = 14 \), \( c = AB = x + 6 \).
\( = \sqrt{(x+14)(x+14-(x+8))(x+14-14)(x+14-(x+6))} \)
\( = \sqrt{(x+14)(x+14-x-8)(x)(x+14-x-6)} \)
\( = \sqrt{(x+14)(6)(x)(8)} \)
\( = \sqrt{48x(x+14)} \) ..........(1)
इसके अलावा, \( \triangle ABC \) का क्षेत्रफल \( = \triangle AOB \) का क्षेत्रफल \( + \triangle BOC \) का क्षेत्रफल \( + \triangle AOC \) का क्षेत्रफल।
\( = \frac{1}{2} \times AB \times OL + \frac{1}{2} \times BC \times OM + \frac{1}{2} \times AC \times ON \).
(यहाँ OL, OM, ON त्रिज्याएँ हैं और स्पर्श रेखाओं पर लंबवत् हैं, इसलिए \( OL = OM = ON = 4 \) सेमी.)
\( = \frac{1}{2} (AB \times 4 + BC \times 4 + CA \times 4) \)
\( = \frac{1}{2} \times 4 (AB + BC + CA) \)
\( = 2 (6 + x + x + 8 + 14) \)
\( = 2 (2x + 28) \)
\( = 4x + 56 \) ..........(2)
अब समीकरण (1) और (2) से:
\( \sqrt{48x(x+14)} = 4x + 56 \).
\( \sqrt{48x(x+14)} = 4(x+14) \).
दोनों ओर वर्ग करने पर:
\( 48x(x+14) = [4(x+14)]^2 \).
\( 48x(x+14) = 16(x+14)^2 \).
\( \implies 3x(x+14) = (x+14)^2 \).
\( \implies 3x = x + 14 \) (क्योंकि \( x+14 \neq 0 \), हम \( x+14 \) से भाग दे सकते हैं).
\( 2x = 14 \).
\( x = 7 \).
इसलिए, \( \triangle ABC \) की परिमिति \( = 4x + 56 = 4(7) + 56 = 28 + 56 = 84 \) सेमी.
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया गया है जिसके अंदर एक वृत्त है, और वृत्त त्रिभुज की भुजाओं को छूता है। बाहरी बिंदु से वृत्त को छूने वाली रेखाएं (स्पर्श रेखाएं) हमेशा बराबर लंबाई की होती हैं। इस नियम का उपयोग करके, हम त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई को एक अज्ञात मान \( x \) के रूप में व्यक्त कर सकते हैं। फिर, त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए दो अलग-अलग तरीकों (हीरोन का सूत्र और केंद्र से त्रिज्याओं का उपयोग करके) से समीकरण बनाते हैं। इन समीकरणों को बराबर रखकर, हम \( x \) का मान ढूंढते हैं और फिर त्रिभुज की कुल परिमिति की गणना करते हैं।
🎯 Exam Tip: हीरोन का सूत्र और त्रिभुज के क्षेत्रफल के लिए \( \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \) का उपयोग करके दो समीकरण बनाना ऐसे प्रश्नों को हल करने की कुंजी है। सुनिश्चित करें कि आप स्पर्श रेखाओं के गुणों का सही उपयोग करते हैं।
Question 4. आकृति में PQ, O केन्द्र वाले, P वृत्त की स्पर्श रेखा है जो वृत्त को R पर स्पर्श करती है। (RBSESolutions.com) यदि कोण TRQ = \( 30^\circ \) हो, तो \( \angle SOR \) एवं \( \angle RTO \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हल:
चूँकि SOT वृत्त का व्यास है। व्यास अर्धवृत्त में \( 90^\circ \) का कोण बनाता है।
अतः \( \angle SRT = 90^\circ \).
एकांतर खंड प्रमेय के अनुसार, स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से होकर जाने वाली जीवा के बीच का कोण जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
इसलिए, \( \angle RST = \angle TRQ = 30^\circ \).
अब, \( \triangle ORS \) में, \( OS = OR \) (ये एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)।
इसलिए, \( \triangle ORS \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और \( \angle ORS = \angle OSR = 30^\circ \).
एक त्रिभुज के कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, इसलिए \( \triangle ORS \) में:
\( \angle SOR + \angle ORS + \angle OSR = 180^\circ \)
\( \angle SOR + 30^\circ + 30^\circ = 180^\circ \)
\( \angle SOR + 60^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle SOR = 180^\circ - 60^\circ = 120^\circ \).
अब \( \angle ORT = \angle SRT - \angle SRO \).
\( \angle ORT = 90^\circ - 30^\circ = 60^\circ \).
अब \( \triangle ORT \) में:
\( OR = OT \) (ये एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)।
इसलिए, \( \triangle ORT \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और \( \angle ROT = \angle RTO \).
\( \angle RTO = \frac{1}{2} (180^\circ - \angle ROT) \).
हमें \( \angle SOR = 120^\circ \) मिला है। चूंकि \( S, O, T \) एक सीधी रेखा में हैं, \( \angle ROT \) को \( \angle SOT \) का एक हिस्सा माना जा सकता है।
\( \angle ROT = 180^\circ - \angle SOR = 180^\circ - 120^\circ = 60^\circ \).
\( \implies \angle RTO = \frac{1}{2} (180^\circ - 60^\circ) = \frac{1}{2} (120^\circ) = 60^\circ \).
अतः, \( \angle SOR = 120^\circ \) और \( \angle RTO = 60^\circ \).
In simple words: हमें एक वृत्त दिया गया है जिसमें कुछ स्पर्श रेखाएं और जीवाएं हैं। हम एकांतर खंड प्रमेय का उपयोग करते हैं, जो कहता है कि एक स्पर्श रेखा और एक जीवा के बीच का कोण वृत्त के दूसरे खंड में उसी जीवा द्वारा बनाए गए कोण के बराबर होता है। वृत्त की त्रिज्याएं बराबर होती हैं, इसलिए समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं। इन गुणों और त्रिभुज के कोणों के योग \( 180^\circ \) का उपयोग करके, हम अज्ञात कोणों का पता लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति की समस्याओं में एकांतर खंड प्रमेय और त्रिज्या-स्पर्श रेखा गुणधर्म का उपयोग करना सीखें। समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों (आधार कोण बराबर होते हैं) का भी ध्यान रखें।
Question 5. 5 cm. त्रिज्या के एक वृत्त की 8 cm. लम्बी एक जीवा PQ है। P और Q पर स्पर्श रेखाएँ (RBSESolutions.com) परस्पर एक बिन्दु T पर प्रतिच्छेद करती हैं (देखिए। आकृति)। TP की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: OT को मिलाएँ। मान लीजिए OT, PQ को बिंदु R पर प्रतिच्छेद करती है।
हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है, इसलिए \( TP = TQ \).
\( \triangle TPQ \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है। OT, \( \angle PTQ \) का कोणार्धक है और PQ पर लंबवत् है।
इसलिए, \( OT \perp PQ \) और \( PR = RQ \).
दिया है, जीवा \( PQ = 8 \) सेमी., इसलिए \( PR = RQ = \frac{8}{2} = 4 \) सेमी.
वृत्त की त्रिज्या \( OP = 5 \) सेमी.
अब समकोण \( \triangle OPR \) में, पाइथागोरस प्रमेय से:
\( OR^2 + PR^2 = OP^2 \)
\( OR^2 + 4^2 = 5^2 \)
\( OR^2 + 16 = 25 \)
\( OR^2 = 25 - 16 \)
\( OR^2 = 9 \)
\( OR = \sqrt{9} = 3 \) सेमी.
अब, मान लीजिए \( TP = x \) और \( TR = y \).
समकोण \( \triangle PRT \) में ( \( \angle PRT = 90^\circ \) ):
\( PR^2 + TR^2 = TP^2 \)
\( 4^2 + y^2 = x^2 \)
\( 16 + y^2 = x^2 \) ..........(1)
समकोण \( \triangle OPT \) में ( \( \angle OPT = 90^\circ \) क्योंकि त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्बवत् होती है):
\( OP^2 + TP^2 = OT^2 \)
\( OP^2 + TP^2 = (OR + RT)^2 \)
\( 5^2 + x^2 = (3 + y)^2 \)
\( 25 + x^2 = 9 + 6y + y^2 \) ..........(2)
समीकरण (1) से \( x^2 = 16 + y^2 \) का मान समीकरण (2) में रखने पर:
\( 25 + (16 + y^2) = 9 + 6y + y^2 \)
\( 41 + y^2 = 9 + 6y + y^2 \)
दोनों ओर से \( y^2 \) को रद्द करने पर:
\( 41 = 9 + 6y \)
\( 6y = 41 - 9 \)
\( 6y = 32 \)
\( y = \frac{32}{6} = \frac{16}{3} \).
अब \( y \) का मान समीकरण (1) में रखने पर \( x \) का मान ज्ञात करें:
\( x^2 = 16 + y^2 \)
\( x^2 = 16 + \left(\frac{16}{3}\right)^2 \)
\( x^2 = 16 + \frac{256}{9} \)
\( x^2 = \frac{16 \times 9 + 256}{9} \)
\( x^2 = \frac{144 + 256}{9} \)
\( x^2 = \frac{400}{9} \)
\( x = \sqrt{\frac{400}{9}} = \frac{20}{3} \).
इसलिए, TP की लम्बाई \( = \frac{20}{3} \) सेमी. या लगभग \( 6.67 \) सेमी.
In simple words: हमें एक वृत्त दिया गया है जिसकी त्रिज्या और जीवा की लंबाई पता है। जीवा के सिरों से खींची गई स्पर्श रेखाएँ एक बिंदु T पर मिलती हैं। हमें TP की लंबाई ज्ञात करनी है। हम केंद्र से जीवा पर एक लंब खींचते हैं, जो जीवा को आधा कर देता है। फिर, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके छोटे त्रिभुज की एक भुजा ज्ञात करते हैं। उसके बाद, हम दो अलग-अलग समकोण त्रिभुजों में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके समीकरण बनाते हैं और उन्हें हल करके TP की लंबाई प्राप्त करते हैं।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न पाइथागोरस प्रमेय और वृत्त के गुणों का एक संयोजन है। सुनिश्चित करें कि आप \( TP = TQ \) और OT जीवा PQ पर लंबवत होने के गुणों का सही उपयोग करते हैं, जिससे गणना आसान हो जाती है।
Question 6. बाह्य बिन्दु R से दो स्पर्श रेखाएँ RP और RQ हैं।
Answer: हल: दिया है- वृत्त का केंद्र O है। P और Q स्पर्श बिंदु हैं।
हमें सिद्ध करना है: \( RP = RQ \).
रचना: OP, OQ और OR को मिलाया।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्बवत् होती है।
अतः \( \angle OPR = 90^\circ \) और \( \angle OQR = 90^\circ \).
अब \( \triangle OPR \) और \( \triangle OQR \) में:
\( OP = OQ \) (ये एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( OR = OR \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
\( \angle OPR = \angle OQR = 90^\circ \)
\( \implies \) RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle OPR \cong \triangle OQR \).
इसलिए, सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होंगी।
\( \implies RP = RQ \).
इस प्रकार यह सिद्ध होता है कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाईयाँ बराबर होती हैं।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि वृत्त के बाहर के एक बिंदु R से खींची गई दो स्पर्श रेखाएं RP और RQ बराबर लंबाई की होती हैं। हम वृत्त के केंद्र O से P, Q और R तक रेखाएं खींचते हैं। हमें पता है कि त्रिज्या (OP, OQ) स्पर्श रेखा (RP, RQ) से \( 90^\circ \) पर मिलती है। इसके अलावा, OR दोनों त्रिभुजों \( \triangle OPR \) और \( \triangle OQR \) में एक उभयनिष्ठ भुजा है। RHS सर्वांगसमता नियम का उपयोग करके, हम इन दोनों त्रिभुजों को सर्वांगसम साबित कर सकते हैं। जब त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनकी संगत भुजाएं बराबर होती हैं, जिससे \( RP = RQ \) साबित होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को "बाहरी बिंदु से स्पर्श रेखाओं की लंबाई" प्रमेय के रूप में जाना जाता है। RHS सर्वांगसमता नियम (समकोण-कर्ण-भुजा) का उपयोग करके प्रमाण अक्सर छोटा और सीधा होता है।
Question 7. समकोण त्रिभुज ABC की भुजा AB को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त कर्ण AC को P पर प्रतिच्छेद करता है। (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिए कि बिन्दु P पर वृत्त की स्पर्श रेखा भुजा BC को समद्विभाजित करती है।
Answer: दिया है: \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \( \angle B = 90^\circ \). AB को व्यास मानकर एक वृत्त खींचा गया है, जो कर्ण AC को बिंदु P पर प्रतिच्छेद करता है।
हमें सिद्ध करना है: BQ = QC (जहाँ Q, P पर खींची गई स्पर्श रेखा एवं BC का प्रतिच्छेद बिंदु है).
रचना: BP को मिलाया।
उपपत्ति:
चूँकि P बिंदु AB व्यास वाले वृत्त पर स्थित है, इसलिए \( \angle APB = 90^\circ \) (अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है)।
हमें \( \angle ABC = 90^\circ \) दिया गया है।
\( \implies \angle BPC = 180^\circ - \angle APB = 180^\circ - 90^\circ = 90^\circ \).
इस प्रकार, BP \( \perp AC \).
अब, \( \triangle ABC \) में, \( \angle B = 90^\circ \).
तो \( \angle BAC + \angle BCA = 90^\circ \) ..........(i)
हम जानते हैं कि स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से होकर जाने वाली जीवा के बीच का कोण जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
इस वृत्त में, PQ स्पर्श रेखा है और PB जीवा है।
\( \implies \angle BPQ = \angle BAP \) ..........(ii)
चूंकि \( \triangle BPC \) एक समकोण त्रिभुज है \( (\angle BPC = 90^\circ) \),
तो \( \angle PBC + \angle PCB = 90^\circ \).
हमें (i) से पता है कि \( \angle BAC + \angle ACB = 90^\circ \).
अतः \( \angle BAP = \angle BAC \).
\( \angle PBC = 90^\circ - \angle PCB \).
\( \angle BAC = 90^\circ - \angle ACB \).
इनसे, \( \angle BAP = \angle PBC \).
समीकरण (ii) से, \( \angle BPQ = \angle PBC \).
यह दर्शाता है कि PQ \( || \) BC नहीं है।
पुनः, \( \triangle BQC \) में, Q बिंदु पर स्पर्श रेखा PQ है।
और \( BP = BC \) नहीं है।
हम जानते हैं कि बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
माना Q से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएं QB और QP हैं।
\( \implies QB = QP \) ..........(iii)
माना P से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएं QP और QC हैं।
\( \implies QP = QC \) ..........(iv)
समीकरण (iii) और (iv) से:
\( QB = QP = QC \).
\( \implies QB = QC \).
अतः P पर वृत्त की स्पर्श रेखा (जो BC को Q पर काटती है) भुजा BC को समद्विभाजित करती है।
In simple words: हमें एक समकोण त्रिभुज दिया गया है और AB को व्यास मानकर एक वृत्त खींचा गया है। यह वृत्त कर्ण AC को P पर काटता है। हमें यह साबित करना है कि P पर खींची गई स्पर्श रेखा BC भुजा को दो बराबर भागों में बांटती है। हम जानते हैं कि अर्धवृत्त में बना कोण \( 90^\circ \) होता है, और एक ही बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएं बराबर लंबाई की होती हैं। इन गुणों का उपयोग करके, हम यह दिखा सकते हैं कि बिंदु Q से वृत्त तक की दोनों स्पर्श रेखाएं (QB और QP) बराबर हैं, और बिंदु P से वृत्त तक की दोनों स्पर्श रेखाएं (QP और QC) बराबर हैं। इस तरह QB और QC दोनों QP के बराबर होते हैं, जिससे यह साबित होता है कि QB = QC.
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय के लिए अर्धवृत्त में बना कोण \( 90^\circ \) होता है और बाहरी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है, इन दोनों गुणों का उपयोग महत्वपूर्ण है। चरण-दर-चरण प्रमाण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
Question 8. दी गई आकृति में O एक वृत्त का केन्द्र है जिसके बाह्य बिन्दु K से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ KR, KS खींची गई हैं, तो सिद्ध कीजिए कि KR = KS.
Answer: दिया है: वृत्त का केंद्र O है और K एक बाहरी बिंदु है। K से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ KR और KS खींची गई हैं, जहाँ R और S स्पर्श बिंदु हैं।
हमें सिद्ध करना है: \( KR = KS \).
रचना: OR, OS और OK को मिलाया।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्बवत् होती है।
अतः \( \angle ORK = 90^\circ \) और \( \angle OSK = 90^\circ \).
अब \( \triangle ORK \) और \( \triangle OSK \) में:
\( OR = OS \) (ये एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं)
\( OK = OK \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
\( \angle ORK = \angle OSK = 90^\circ \)
\( \implies \) RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle ORK \cong \triangle OSK \).
इसलिए, सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होंगी।
\( \implies KR = KS \).
इस प्रकार यह सिद्ध होता है कि किसी बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाईयाँ बराबर होती हैं।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि अगर हम वृत्त के बाहर एक बिंदु K से दो रेखाएं (KR और KS) खींचते हैं जो वृत्त को छूती हैं, तो उन दोनों रेखाओं की लंबाई बराबर होती है। हम केंद्र O से स्पर्श बिंदुओं R और S तक रेखाएं खींचते हैं, और केंद्र O से बाहरी बिंदु K तक भी एक रेखा खींचते हैं। हमें पता है कि त्रिज्या हमेशा स्पर्श रेखा से \( 90^\circ \) पर मिलती है। दोनों त्रिभुजों \( \triangle ORK \) और \( \triangle OSK \) में त्रिज्याएं बराबर हैं, OK एक उभयनिष्ठ भुजा है, और कोण \( 90^\circ \) हैं। इससे ये त्रिभुज सर्वांगसम साबित होते हैं, जिसका मतलब है कि उनकी संगत भुजाएं (KR और KS) भी बराबर हैं।
🎯 Exam Tip: यह प्रमेय ज्यामिति में बहुत महत्वपूर्ण है। इसे सिद्ध करने के लिए RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता मानदंड का उपयोग करें और ध्यान दें कि त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा के लंबवत् होती है।
Question 9. दी गई आकृति में O एक वृत्त का केन्द्र है जिसके बाह्य बिन्दु C से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ CA, CB खींची गईं हैं, (RBSESolutions.com) तो सिद्ध कीजिए \( \angle AOB \) व \( \angle ACB \) संपूरक हैं।
Answer: दिया है: वृत्त का केंद्र O है। C एक बाहरी बिंदु है जिससे वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ CA और CB खींची गई हैं, जहाँ A और B स्पर्श बिंदु हैं।
हमें सिद्ध करना है: \( \angle AOB + \angle ACB = 180^\circ \) (अर्थात, संपूरक हैं).
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा पर लम्बवत् होती है।
अतः \( \angle OAC = 90^\circ \) और \( \angle OBC = 90^\circ \).
चतुर्भुज OACB में, सभी कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है।
\( \angle OAC + \angle ACB + \angle OBC + \angle AOB = 360^\circ \).
\( 90^\circ + \angle ACB + 90^\circ + \angle AOB = 360^\circ \).
\( 180^\circ + \angle ACB + \angle AOB = 360^\circ \).
\( \implies \angle AOB + \angle ACB = 360^\circ - 180^\circ \).
\( \implies \angle AOB + \angle ACB = 180^\circ \).
इस प्रकार यह सिद्ध होता है कि \( \angle AOB \) और \( \angle ACB \) संपूरक हैं।
In simple words: हमें यह साबित करना है कि वृत्त के केंद्र पर बना कोण (\( \angle AOB \)) और बाहरी बिंदु से खींची गई दो स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण (\( \angle ACB \)) का जोड़ \( 180^\circ \) होता है। हम जानते हैं कि त्रिज्या हमेशा स्पर्श रेखा से \( 90^\circ \) पर मिलती है, जिससे दो \( 90^\circ \) के कोण बनते हैं। एक चतुर्भुज के सभी कोणों का कुल जोड़ \( 360^\circ \) होता है। इस जानकारी का उपयोग करके, हम यह दिखा सकते हैं कि \( \angle AOB \) और \( \angle ACB \) का योग \( 180^\circ \) है, जिसका मतलब है कि वे संपूरक कोण हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय के लिए चतुर्भुज के कोणों का योग गुणधर्म और त्रिज्या का स्पर्श रेखा पर लम्बवत् होने का गुणधर्म महत्वपूर्ण है। कोणों को सही ढंग से पहचानें और समीकरण में प्रतिस्थापित करें।
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RBSE Solutions Class 10 Mathematics Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा
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Detailed Explanations for Chapter 13 वृत्त एवं स्पर्श रेखा
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Benefits of using Mathematics Class 10 Solved Papers
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FAQs
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