Get the most accurate RBSE Solutions for Class 10 Mathematics Chapter 11 समरूपता here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 10 Mathematics. Our expert-created answers for Class 10 Mathematics are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 11 समरूपता RBSE Solutions for Class 10 Mathematics
For Class 10 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Mathematics solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 11 समरूपता solutions will improve your exam performance.
Class 10 Mathematics Chapter 11 समरूपता RBSE Solutions PDF
प्रश्न 1. दो त्रिभुज ABC और PQR में 28 और BF दोनों त्रिभुजों में से दो कोणों के नाम बताइए जो बराबर होना चाहिए, ताकि ये दोनों A समरूप हो सकें। अपने उत्तर के लिए कारण भी बताइए।
Answer: दिए गए दोनों त्रिभुजों △ABC तथा △PQR में, यदि संगत भुजाओं का अनुपात दिया गया है, तो समरूपता के लिए दो संगत कोणों का बराबर होना आवश्यक है। इस स्थिति में, यदि ∠A = ∠P और ∠C = ∠R हों, तो ∠B = ∠Q स्वतः ही बराबर हो जाएंगे। इस प्रकार, दोनों त्रिभुज समानकोणिक होंगे और AA समरूपता कसौटी से △ABC और △PQR समरूप हो जाएंगे। यह कोण-कोण-कोण (AAA) समरूपता कसौटी का एक विशेष रूप है, जहाँ दो कोणों की समानता तीसरे कोण की समानता को भी सुनिश्चित करती है।
In simple words: दो त्रिभुजों को समरूप बनाने के लिए, यदि भुजाओं का अनुपात दिया हो, तो उनके दो कोण बराबर होने चाहिए। अगर कोण A, कोण P के बराबर हो और कोण C, कोण R के बराबर हो, तो त्रिभुज ABC और PQR समरूप हो जाएंगे।
🎯 Exam Tip: Remember that for two triangles to be similar, it's sufficient for two pairs of corresponding angles to be equal (AA similarity criterion), as the third pair will automatically be equal.
प्रश्न 2. त्रिभुजों ABC एवं DEF में, ∠A = ∠D, ∠B = ∠F हो तो क्या △ABC ~ △DEF है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
Answer: नहीं, △ABC ~ △DEF नहीं है। दिया गया है कि:
\( \angle A = \angle D \)
\( \angle B = \angle F \)
चित्र के अनुसार, त्रिभुज ABC और DEF में कोणों का क्रम इस प्रकार है कि ∠A = ∠D तो ठीक है, लेकिन ∠B = ∠F है। समरूपता के लिए संगत शीर्षों का क्रम महत्वपूर्ण होता है। सही संगत क्रम के अनुसार, त्रिभुज △ABC को △DFE के समरूप होना चाहिए, न कि △DEF के। जब हम कोणों के बराबर होने की जाँच करते हैं, तो हमें संगत शीर्षों को सही क्रम में रखना होता है।
In simple words: नहीं, त्रिभुज ABC और DEF समरूप नहीं हैं। समरूप होने के लिए उनके कोणों का क्रम सही होना चाहिए। यहाँ कोण B, कोण F के बराबर है, जबकि कोण E के बराबर होना चाहिए था। इसलिए, सही क्रम △ABC ~ △DFE होगा।
🎯 Exam Tip: Always pay close attention to the order of vertices when writing similarity statements (e.g., △ABC ~ △PQR), as it indicates the correspondence of angles and sides. Incorrect ordering can lead to wrong conclusions.
प्रश्न 4. यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण के क्रमशः समानुपाती एवं बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं। क्या यह कथन सत्य है? कारण सहित उत्तरे लिखिए।
Answer: नहीं, प्रश्न में दिया गया कथन सत्य नहीं है। समरूपता की SAS (भुजा-कोण-भुजा) कसौटी के अनुसार, दो त्रिभुज तभी समरूप होते हैं जब उनकी दो संगत भुजाएँ समानुपाती हों और उनके बीच का कोण बराबर हो। यहाँ "बीच का कोण" या "अन्तर्गत कोण" होना बहुत जरूरी है। यदि कोण भुजाओं के अंतर्गत न हो, तो त्रिभुज समरूप नहीं हो सकते। यह शर्त गणित में बहुत महत्वपूर्ण है और इसे हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
In simple words: यह बात सही नहीं है। दो त्रिभुज तभी समरूप होते हैं जब उनकी दो भुजाओं का अनुपात एक जैसा हो और उन भुजाओं के बीच का कोण बराबर हो। अगर कोण बीच का नहीं है, तो वे समरूप नहीं होंगे।
🎯 Exam Tip: For SAS similarity, the angle must be *included* between the two proportional sides. If the angle is not the included angle, the triangles may not be similar, even if other conditions are met.
प्रश्न 5. समानकोणिक त्रिभुजों से क्या तात्पर्य है? इनमें परस्पर क्या सम्बन्ध हो सकता है?
Answer: समानकोणिक त्रिभुज वे होते हैं जिनके संगत कोण बराबर हों। यदि दो त्रिभुजों के सभी संगत कोण बराबर होते हैं, तो उन्हें समानकोणिक त्रिभुज कहते हैं। समानकोणिक त्रिभुजों में परस्पर यह सम्बन्ध होता है कि वे हमेशा समरूप होते हैं। इसका अर्थ है कि यदि △ABC और △DEF समानकोणिक हैं (जैसे कि \( \angle A = \angle D \), \( \angle B = \angle E \), \( \angle C = \angle F \)), तो वे समरूप भी होंगे (\( \triangle ABC \sim \triangle DEF \))। इसका मतलब है कि उनकी संगत भुजाएँ भी समानुपाती होंगी। समानकोणिक होने का गुण ही उन्हें समरूप बनाता है। उदाहरण के लिए, △ABC व △DEF में, यदि \( \angle A = \angle D \), \( \angle B = \angle E \), और \( \angle C = \angle F \) है, तो △ABC ~ △DEF होगा।
In simple words: समानकोणिक त्रिभुज वे होते हैं जिनके सारे कोण आपस में बराबर होते हैं। ऐसे त्रिभुज हमेशा एक-दूसरे के समरूप होते हैं, जिसका मतलब है कि उनकी भुजाओं का अनुपात भी एक जैसा होता है।
🎯 Exam Tip: The terms "equiangular triangles" and "similar triangles" are closely related. If two triangles are equiangular, they are similar, and vice-versa. This is a fundamental concept in geometry.
प्रश्न 6. निम्न दिए गए त्रिभुजों की आकृतियों में से समरूप त्रिभुज युग्मों का चयन कीजिए और उन्हें समरूप होने की सांकेतिक भाषा में लिखिए।
Answer:
(a) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (i) व (viii) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △ABC ~ △QPR लिखा जा सकता है क्योंकि यहाँ:
\( \angle A = \angle Q = 40^\circ \)
\( \angle B = \angle P = 60^\circ \)
\( \angle C = \angle R = 80^\circ \)
चूंकि सभी संगत कोण बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज समरूप हैं।
\( \implies \triangle ABC \sim \triangle QPR \)
(b) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (ii) व (vii) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △MPN ~ △ZYX लिखा जा सकता है क्योंकि यहाँ:
\( \angle M = \angle Z = 70^\circ \)
\( \angle P = \angle Y = 30^\circ \)
चूंकि दो संगत कोण बराबर हैं (तीसरा भी अपने आप बराबर होगा), इसलिए त्रिभुज समरूप हैं।
\( \implies \triangle MPN \sim \triangle ZYX \)
(c) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (iii) व (v) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △PQR ~ △EFG लिखा जा सकता है क्योंकि:
\( \frac{PQ}{EF} = \frac{3}{5} \)
\( \frac{QR}{FG} = \frac{2}{3} \)
(This ratio is not \( \frac{3}{5} \),
समरूपता Ex 11.3
प्रश्न 1. दो त्रिभुज ABC और PQR में 28 और BF दोनों त्रिभुजों में से दो कोणों के नाम बताइए जो बराबर होना चाहिए, ताकि ये दोनों A समरूप हो सकें। अपने उत्तर के लिए कारण भी बताइए।
Answer: दिए गए दोनों त्रिभुजों △ABC तथा △PQR में, यदि संगत भुजाओं का अनुपात दिया गया है, तो समरूपता के लिए दो संगत कोणों का बराबर होना आवश्यक है। इस स्थिति में, यदि \( \angle A = \angle P \) और \( \angle C = \angle R \) हों, तो \( \angle B = \angle Q \) स्वतः ही बराबर हो जाएंगे। इस प्रकार, दोनों त्रिभुज समानकोणिक होंगे और AA समरूपता कसौटी से △ABC और △PQR समरूप हो जाएंगे। यह कोण-कोण-कोण (AAA) समरूपता कसौटी का एक विशेष रूप है, जहाँ दो कोणों की समानता तीसरे कोण की समानता को भी सुनिश्चित करती है।
In simple words: दो त्रिभुजों को समरूप बनाने के लिए, यदि भुजाओं का अनुपात दिया हो, तो उनके दो कोण बराबर होने चाहिए। अगर कोण A, कोण P के बराबर हो और कोण C, कोण R के बराबर हो, तो त्रिभुज ABC और PQR समरूप हो जाएंगे।
🎯 Exam Tip: Remember that for two triangles to be similar, it's sufficient for two pairs of corresponding angles to be equal (AA similarity criterion), as the third pair will automatically be equal.
प्रश्न 2. त्रिभुजों ABC एवं DEF में, ∠A = ∠D, ∠B = ∠F हो तो क्या △ABC ~ △DEF है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
Answer: नहीं, △ABC ~ △DEF नहीं है। दिया गया है कि:
\( \angle A = \angle D \)
\( \angle B = \angle F \)
चित्र के अनुसार (जैसे त्रिभुज ABC और DEF के सामान्य चित्र), त्रिभुज ABC और DEF में कोणों का क्रम इस प्रकार है कि \( \angle A = \angle D \) तो ठीक है, लेकिन \( \angle B = \angle F \) है। समरूपता के लिए संगत शीर्षों का क्रम महत्वपूर्ण होता है। सही संगत क्रम के अनुसार, त्रिभुज △ABC को △DFE के समरूप होना चाहिए, न कि △DEF के। जब हम कोणों के बराबर होने की जाँच करते हैं, तो हमें संगत शीर्षों को सही क्रम में रखना होता है।
In simple words: नहीं, त्रिभुज ABC और DEF समरूप नहीं हैं। समरूप होने के लिए उनके कोणों का क्रम सही होना चाहिए। यहाँ कोण B, कोण F के बराबर है, जबकि कोण E के बराबर होना चाहिए था। इसलिए, सही क्रम △ABC ~ △DFE होगा।
🎯 Exam Tip: Always pay close attention to the order of vertices when writing similarity statements (e.g., △ABC ~ △PQR), as it indicates the correspondence of angles and sides. Incorrect ordering can lead to wrong conclusions.
प्रश्न 4. यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण के क्रमशः समानुपाती एवं बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं। क्या यह कथन सत्य है? कारण सहित उत्तरे लिखिए।
Answer: नहीं, प्रश्न में दिया गया कथन सत्य नहीं है। समरूपता की SAS (भुजा-कोण-भुजा) कसौटी के अनुसार, दो त्रिभुज तभी समरूप होते हैं जब उनकी दो संगत भुजाएँ समानुपाती हों और उनके बीच का कोण बराबर हो। यहाँ "बीच का कोण" या "अन्तर्गत कोण" होना बहुत जरूरी है। यदि कोण भुजाओं के अंतर्गत न हो, तो त्रिभुज समरूप नहीं हो सकते। यह शर्त गणित में बहुत महत्वपूर्ण है और इसे हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
In simple words: यह बात सही नहीं है। दो त्रिभुज तभी समरूप होते हैं जब उनकी दो भुजाओं का अनुपात एक जैसा हो और उन भुजाओं के बीच का कोण बराबर हो। अगर कोण बीच का नहीं है, तो वे समरूप नहीं होंगे।
🎯 Exam Tip: For SAS similarity, the angle must be *included* between the two proportional sides. If the angle is not the included angle, the triangles may not be similar, even if other conditions are met.
प्रश्न 5. समानकोणिक त्रिभुजों से क्या तात्पर्य है? इनमें परस्पर क्या सम्बन्ध हो सकता है?
Answer: समानकोणिक त्रिभुज वे होते हैं जिनके संगत कोण बराबर हों। यदि दो त्रिभुजों के सभी संगत कोण बराबर होते हैं, तो उन्हें समानकोणिक त्रिभुज कहते हैं। समानकोणिक त्रिभुजों में परस्पर यह सम्बन्ध होता है कि वे हमेशा समरूप होते हैं। इसका अर्थ है कि यदि △ABC और △DEF समानकोणिक हैं (जैसे कि \( \angle A = \angle D \), \( \angle B = \angle E \), \( \angle C = \angle F \)), तो वे समरूप भी होंगे (\( \triangle ABC \sim \triangle DEF \))। इसका मतलब है कि उनकी संगत भुजाएँ भी समानुपाती होंगी। समानकोणिक होने का गुण ही उन्हें समरूप बनाता है। उदाहरण के लिए, जैसे △ABC व △DEF में, यदि \( \angle A = \angle D \), \( \angle B = \angle E \), और \( \angle C = \angle F \) है, तो △ABC ~ △DEF होगा।
In simple words: समानकोणिक त्रिभुज वे होते हैं जिनके सारे कोण आपस में बराबर होते हैं। ऐसे त्रिभुज हमेशा एक-दूसरे के समरूप होते हैं, जिसका मतलब है कि उनकी भुजाओं का अनुपात भी एक जैसा होता है।
🎯 Exam Tip: The terms "equiangular triangles" and "similar triangles" are closely related. If two triangles are equiangular, they are similar, and vice-versa. This is a fundamental concept in geometry.
प्रश्न 6. निम्न दिए गए त्रिभुजों की आकृतियों में से समरूप त्रिभुज युग्मों का चयन कीजिए और उन्हें समरूप होने की सांकेतिक भाषा में लिखिए।
Answer:
(a) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (i) व (viii) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △ABC ~ △QPR लिखा जा सकता है क्योंकि यहाँ:
\( \angle A = \angle Q = 40^\circ \)
\( \angle B = \angle P = 60^\circ \)
\( \angle C = \angle R = 80^\circ \)
चूंकि सभी संगत कोण बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज समरूप हैं।
\( \implies \triangle ABC \sim \triangle QPR \)
(b) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (ii) व (vii) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △MPN ~ △ZYX लिखा जा सकता है क्योंकि यहाँ:
\( \angle M = \angle Z = 70^\circ \)
\( \angle P = \angle Y = 30^\circ \)
चूंकि दो संगत कोण बराबर हैं (तीसरा भी अपने आप बराबर होगा), इसलिए त्रिभुज समरूप हैं।
\( \implies \triangle MPN \sim \triangle ZYX \)
(c) दी गई आकृतियों में से समरूप त्रिभुज (iii) व (v) हैं। इन्हें सांकेतिक भाषा में △PQR ~ △EFG लिखा जा सकता है।
In simple words: चित्रों में से समरूप त्रिभुजों के जोड़े ढूंढने हैं और उन्हें गणित की भाषा में लिखना है। (a) पहला और आठवां चित्र समरूप हैं। (b) दूसरा और सातवां चित्र समरूप हैं। (c) तीसरा और पांचवां चित्र समरूप हैं। (d) चौथा और छठा चित्र समरूप हैं।
🎯 Exam Tip: When identifying similar triangles, look for equal corresponding angles (AA or AAA similarity) or proportional corresponding sides with an included equal angle (SAS similarity) or proportional corresponding sides (SSS similarity).
प्रश्न 7. आकृति में △PRQ ~ △TRS हो तो इस समरूप त्रिभुज युग्म में कौन-कौनसे कोण परस्पर समान होने चाहिए?
Answer: प्रश्न में दिए अनुसार △PRQ ~ △TRS है। जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं। इसलिए, इन दोनों समरूप त्रिभुजों में निम्न कोण परस्पर समान होने चाहिए:
\( \angle R = \angle R \) (उभयनिष्ठ कोण)
\( \angle P = \angle T \) (संगत कोण)
\( \angle Q = \angle S \) (संगत कोण)
इन समानताओं से यह सिद्ध होता है कि दोनों त्रिभुजों के सभी कोण बराबर हैं।
In simple words: अगर दो त्रिभुज △PRQ और △TRS समरूप हैं, तो उनके एक जैसे दिखने वाले कोण बराबर होंगे। इसका मतलब है कि कोण R, कोण R के बराबर होगा, कोण P, कोण T के बराबर होगा और कोण Q, कोण S के बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: The order of vertices in a similarity statement (e.g., △PRQ ~ △TRS) directly indicates which angles and sides correspond. The first vertex of the first triangle corresponds to the first vertex of the second, and so on.
प्रश्न 8. दो त्रिभुजों का चयन करना है जो परस्पर समरूप हैं। यदि ∠CBE = ∠CAD हो।
Answer: प्रश्न में दी गई शर्त के अनुसार, यदि \( \angle CBE = \angle CAD \) है, तो हम त्रिभुज ADC तथा त्रिभुज BEC का चयन करेंगे।
इन दोनों त्रिभुजों में:
\( \angle CBE = \angle CAD \) (दिया है)
\( \angle C = \angle C \) (उभयनिष्ठ कोण)
AA समरूपता कसौटी के अनुसार, यदि दो कोण बराबर हैं, तो त्रिभुज समरूप होंगे।
\( \implies \triangle ADC \sim \triangle BEC \)
इन त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हैं और इसलिए वे समरूप हैं।
In simple words: अगर कोण CBE, कोण CAD के बराबर है, तो हमें दो त्रिभुज ADC और BEC चुनने होंगे। इन दोनों त्रिभुजों में कोण C समान है और दिया गया कोण भी समान है। इसलिए, ये दोनों त्रिभुज समरूप होंगे।
🎯 Exam Tip: Look for common angles (like a shared vertex) or vertically opposite angles when proving triangle similarity. These often provide the second angle needed for AA similarity.
प्रश्न 9. आकृति में PQ और RS समान्तर हैं, तो सिद्ध कीजिए △POQ ~ △SORI
Answer: हमें सिद्ध करना है कि △POQ ~ △SOR.
दिए गए चित्र में, PQ और RS समान्तर रेखाएँ हैं (\( PQ \parallel RS \))।
जब दो समान्तर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है, तो एकान्तर कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle P = \angle S \) (एकान्तर कोण)
\( \implies \angle Q = \angle R \) (एकान्तर कोण)
साथ ही, दो रेखाएँ जहाँ एक-दूसरे को काटती हैं, वहाँ शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle POQ = \angle SOR \) (शीर्षाभिमुख कोण)
चूंकि त्रिभुज POQ और SOR के सभी संगत कोण बराबर हैं, इसलिए वे AAA समरूपता कसौटी से समरूप हैं।
\( \implies \triangle POQ \sim \triangle SOR \) (इतिसिद्धम्)
इस तरह, समान्तर रेखाओं और तिर्यक रेखा के गुणों का उपयोग करके हम त्रिभुजों की समरूपता को आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।
In simple words: चित्र में, अगर PQ और RS सीधी और समानांतर लाइनें हैं, तो हमें दिखाना है कि त्रिभुज POQ और SOR समरूप हैं। क्योंकि लाइनें समानांतर हैं, कोण P और कोण S बराबर होंगे, और कोण Q और कोण R बराबर होंगे। साथ ही, कोण POQ और कोण SOR भी बराबर हैं क्योंकि वे आमने-सामने के कोण हैं। इसलिए, ये दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
🎯 Exam Tip: When dealing with parallel lines intersected by transversals, remember that alternate interior angles, corresponding angles, and vertically opposite angles are key to proving triangle similarity.
प्रश्न 10. 90 सेमी. की लम्बाई वाली लड़की बल्ब लगे खम्भे के आधार से परे 1.2 मीटर/सेकण्ड की चाल से चल रही है। यदि बल्ब भूमि से 3.6 मीटर की ऊँचाई पर हो तो 4 सेकण्ड के बाद उस लड़की की छाया कितने मीटर होगी?
Answer: माना AB एक बल्ब लगा खम्भा है और CD लड़की है। लड़की खम्भे से 4 सेकंड में कुछ दूरी तय करती है। लड़की की चाल \( = 1.2 \) मीटर/सेकण्ड
4 सेकण्ड के पश्चात् लड़की द्वारा तय की गई दूरी \( = \) चाल \( \times \) समय \( = 1.2 \times 4 = 4.8 \) मीटर।
यह दूरी BD है, यानी \( BD = 4.8 \) मीटर।
बल्ब की ऊँचाई \( AB = 3.6 \) मीटर।
लड़की की ऊँचाई \( CD = 90 \) सेमी \( = 0.9 \) मीटर (क्योंकि 1 मीटर = 100 सेमी)।
माना लड़की की छाया की लम्बाई \( DE = x \) मीटर है।
त्रिभुज △ABE (बल्ब, खम्भा, छाया का शीर्ष) और △CDE (लड़की, छाया का शीर्ष) में:
\( \angle B = \angle D = 90^\circ \) (खम्भा और लड़की दोनों जमीन पर ऊर्ध्वाधर हैं)
\( \angle E = \angle E \) (उभयनिष्ठ कोण)
AA समरूपता कसौटी से, △ABE ~ △CDE.
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{BE}{DE} = \frac{AB}{CD} \)
\( \frac{BD + DE}{DE} = \frac{AB}{CD} \)
\( \frac{4.8 + x}{x} = \frac{3.6}{0.9} \)
\( \frac{4.8 + x}{x} = 4 \)
\( 4.8 + x = 4x \)
\( 4.8 = 4x - x \)
\( 4.8 = 3x \)
\( x = \frac{4.8}{3} \)
\( x = 1.6 \) मीटर।
इस प्रकार, 4 सेकण्ड के बाद लड़की की छाया 1.6 मीटर लम्बी होगी। यह समस्या समान त्रिभुजों के गुणों का उपयोग करके हल की जाती है, जो कि वास्तविक जीवन में ऊँचाई और दूरी को मापने के लिए बहुत उपयोगी है।
In simple words: एक 90 सेमी लंबी लड़की 1.2 मीटर प्रति सेकंड की गति से एक खंभे से दूर चल रही है, जिस पर 3.6 मीटर की ऊंचाई पर एक बल्ब लगा है। 4 सेकंड बाद लड़की की छाया की लंबाई 1.6 मीटर होगी। हमने समान त्रिभुजों का उपयोग करके इसे हल किया।
🎯 Exam Tip: For shadow problems involving a person and a light source, always identify the two similar triangles (one large, one small) and use the ratio of corresponding sides to find the unknown length.
प्रश्न 11. 12 मीटर लम्बाई वाली ऊर्ध्वाधर स्तम्भ की भूमि पर छाया की लम्बाई 8 मीटर है, उसी समय एक मीनार की छाया की लम्बाई 56 मीटर हो तो मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer: जब एक ही समय पर दो अलग-अलग ऊर्ध्वाधर वस्तुओं की छाया बनती है, तो सूर्य का उन्नयन कोण (यानी सूर्य की किरणें जमीन के साथ जो कोण बनाती हैं) समान होता है। इसलिए, दोनों स्थितियों में बनने वाले त्रिभुज समरूप होते हैं। माना AB एक ऊर्ध्वाधर स्तम्भ है और AC उसकी परछाईं है।
स्तम्भ की ऊँचाई \( AB = 12 \) मीटर।
स्तम्भ की छाया की लम्बाई \( AC = 8 \) मीटर।
माना DE एक मीनार है और DF उसकी परछाईं है।
मीनार की ऊँचाई \( DE = x \) मीटर (जो हमें ज्ञात करनी है)।
मीनार की छाया की लम्बाई \( DF = 56 \) मीटर।
त्रिभुज △ABC (स्तम्भ और उसकी छाया) और △DEF (मीनार और उसकी छाया) में:
\( \angle A = \angle D = 90^\circ \) (स्तम्भ और मीनार दोनों ऊर्ध्वाधर हैं)
\( \angle C = \angle F \) (सूर्य का उन्नयन कोण एक ही समय पर समान है)
AA समरूपता कसौटी से, △ABC ~ △DEF.
चूंकि त्रिभुज समरूप हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{AB}{DE} = \frac{AC}{DF} \)
\( \frac{12}{x} = \frac{8}{56} \)
अब, \( x \) का मान ज्ञात करने के लिए तिर्यक गुणा करेंगे:
\( 8x = 12 \times 56 \)
\( x = \frac{12 \times 56}{8} \)
\( x = 12 \times 7 \)
\( x = 84 \) मीटर।
अतः, मीनार की ऊँचाई 84 मीटर है। यह तरीका अज्ञात ऊँचाई या दूरी को ज्ञात करने के लिए एक सरल और प्रभावी गणितीय उपकरण है।
In simple words: एक 12 मीटर ऊँचे खंभे की छाया 8 मीटर है। उसी समय, एक मीनार की छाया 56 मीटर है। मीनार की ऊँचाई 84 मीटर होगी। हमने यह समान त्रिभुजों के नियम से पता किया क्योंकि सूर्य का कोण एक ही समय पर समान होता है।
🎯 Exam Tip: When solving problems involving shadows cast at the same time, always assume the angle of elevation of the sun is the same, making the triangles formed by the object and its shadow similar.
प्रश्न 12. किसी △ABC के शीर्ष A से उसकी सम्मुख भुजा BD पर लम्ब डालने पर AD² = BD × DC प्राप्त होता है, तो सिद्ध कीजिए ABC एक समकोण त्रिभुज है।
Answer: हमें दिया गया है कि △ABC में, शीर्ष A से भुजा BC पर लम्ब AD डाला गया है (जहाँ D, BC पर है), और \( AD^2 = BD \times DC \) है। हमें सिद्ध करना है कि △ABC एक समकोण त्रिभुज है।
हम दिए गए सम्बन्ध को इस प्रकार लिख सकते हैं:
\( \frac{AD}{BD} = \frac{DC}{AD} \)
अब, त्रिभुज △BDA और △ADC में:
\( \frac{AD}{BD} = \frac{DC}{AD} \) (ऊपर दिए गए सम्बन्ध से)
साथ ही, \( \angle ADB = \angle ADC = 90^\circ \) (चूंकि AD, BC पर लम्ब है)
अतः, SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी से:
\( \triangle BDA \sim \triangle ADC \)
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं:
\( \implies \angle ABD = \angle CAD \)
\( \implies \angle BAD = \angle ACD \)
अब, त्रिभुज △ABC में, सभी कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है:
\( \angle BAC + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
हम जानते हैं कि \( \angle BAC = \angle BAD + \angle CAD \)
तो, \( (\angle BAD + \angle CAD) + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
अब, \( \angle CAD \) को \( \angle ABD \) से और \( \angle BAD \) को \( \angle ACD \) से प्रतिस्थापित करें:
\( (\angle ACD + \angle ABD) + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( (\angle ACB + \angle ABC) + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( 2(\angle ABC + \angle ACB) = 180^\circ \)
\( \angle ABC + \angle ACB = 90^\circ \)
चूंकि \( \angle ABC + \angle ACB = 90^\circ \), और हम जानते हैं कि \( \angle BAC + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \), तो:
\( \angle BAC + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle BAC = 180^\circ - 90^\circ \)
\( \angle BAC = 90^\circ \)
अतः, △ABC एक समकोण त्रिभुज है। (इतिसिद्धम्)
यह प्रमेय पाइथागोरस प्रमेय से भी संबंधित है और दर्शाता है कि समकोण त्रिभुज में शीर्षलम्ब से बनने वाले त्रिभुज मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं।
In simple words: अगर किसी त्रिभुज ABC में, A से BC पर लम्ब AD डालने पर \( AD^2 = BD \times DC \) हो, तो हमें सिद्ध करना है कि ABC एक समकोण त्रिभुज है। हमने दिखाया कि त्रिभुज BDA और ADC समरूप हैं, जिससे उनके कोण बराबर होते हैं। इन कोणों का उपयोग करके, हमने सिद्ध किया कि कोण BAC \( 90^\circ \) है, जिसका मतलब है कि △ABC एक समकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: This problem often appears in exams and is a classic application of similarity in right-angled triangles. The key insight is to form two similar triangles using the altitude and then equate their corresponding angles.
प्रश्न 13. सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज की तीनों भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को क्रमशः मिलाने पर बनने वाले चारों त्रिभुज मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि △ABC की भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने पर बनने वाले चारों छोटे त्रिभुज मूल △ABC के समरूप होते हैं।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समान्तर तथा उसकी आधी होती है। यह मध्य-बिन्दु प्रमेय कहलाता है।
स्पष्ट है कि △ABC में E और F क्रमशः भुजाओं AC और AB के मध्य-बिन्दु हैं।
\( \implies FE \parallel BC \) (मध्य-बिन्दु प्रमेय से)
जब \( FE \parallel BC \), तो ∠AFE = ∠B (संगत कोण)
अतः △AFE और △ABC में:
\( \angle AFE = \angle B \)
\( \angle A = \angle A \) (उभयनिष्ठ कोण)
AA समरूपता कसौटी से:
\( \triangle AFE \sim \triangle ABC \)
इसी प्रकार, D भुजा BC का मध्य-बिन्दु है।
चूंकि DE || AB और DF || CA है (मध्य-बिन्दु प्रमेय से), इसलिए अन्य छोटे त्रिभुज भी मूल त्रिभुज के समरूप होंगे:
\( \triangle EDC \sim \triangle ABC \)
\( \triangle FBD \sim \triangle ABC \)
अब हमें सिद्ध करना है कि △DEF भी △ABC के समरूप होगा।
चूंकि E और F क्रमशः भुजाओं AC और AB के मध्य बिन्दु हैं, इसलिए मध्य-बिन्दु प्रमेय से:
\( FE = \frac{1}{2}BC \)
इसी प्रकार, D भुजा BC का मध्य-बिन्दु है:
\( DE = \frac{1}{2}AB \)
\( DF = \frac{1}{2}AC \)
अतः, त्रिभुज △DEF की भुजाओं और △ABC की भुजाओं का अनुपात है:
\( \frac{DE}{AB} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{DF}{AC} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{EF}{BC} = \frac{1}{2} \)
\( \implies \frac{DE}{AB} = \frac{DF}{AC} = \frac{EF}{BC} = \frac{1}{2} \)
SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी से:
\( \triangle DEF \sim \triangle ABC \)
अतः, △AFE, △FBD, △EDC और △DEF प्रत्येक △ABC के समरूप हैं। (इतिसिद्धम्)
यह प्रमेय दर्शाती है कि मध्य बिन्दुओं को जोड़ने से बनने वाले सभी त्रिभुज मूल त्रिभुज के पैमाने पर छोटे संस्करण होते हैं।
In simple words: किसी त्रिभुज की भुजाओं के बीच के बिंदुओं को जोड़ने पर चार छोटे त्रिभुज बनते हैं। हमने मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके सिद्ध किया कि ये चारों छोटे त्रिभुज मूल बड़े त्रिभुज के समरूप होते हैं।
🎯 Exam Tip: The Midpoint Theorem is crucial for this proof. Remember that the line segment joining the midpoints of two sides of a triangle is parallel to the third side and half its length. This property directly leads to the similarity of the smaller triangles.
प्रश्न 14. आकृति दर्शाए अनुसार यदि AB \( \perp \) BC, DC \( \perp \) BC और DE \( \perp \) AC हो तो सिद्ध कीजिए △CED ~ △ABC
Answer: हमें सिद्ध करना है कि △CED ~ △ABC.
दिया है:
\( AB \perp BC \)
\( DC \perp BC \)
\( DE \perp AC \)
उपपत्ति:
△ABC में, \( AB \perp BC \) दिया गया है, इसलिए \( \angle ABC = 90^\circ \)।
\( \implies \angle BAC + \angle BCA = 90^\circ \) (त्रिभुज के कोणों के योग गुण से) ... (1)
साथ ही, \( DC \perp BC \) दिया गया है, इसलिए \( \angle DCB = 90^\circ \)।
हम \( \angle DCB \) को \( \angle DCA + \angle ACB = 90^\circ \) भी लिख सकते हैं, लेकिन हमें \( \angle BCA + \angle ECD = 90^\circ \) का उपयोग करना है जैसा स्रोत में दिया है (D और C के बीच एक बिंदु E या A, C, E एक सीधी रेखा में हैं, जो चित्र में स्पष्ट नहीं है)। स्रोत के अनुसार, \( \angle BCA + \angle ECD = 90^\circ \) ... (2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( \angle BAC + \angle BCA = \angle BCA + \angle ECD \)
\( \implies \angle BAC = \angle ECD \) ... (3)
अब, त्रिभुज △CED और △ABC में:
\( \angle CED = 90^\circ \) (चूंकि \( DE \perp AC \) दिया है)
\( \angle ABC = 90^\circ \) (चूंकि \( AB \perp BC \) दिया है)
\( \implies \angle CED = \angle ABC \) (प्रत्येक \( 90^\circ \))
\( \angle ECD = \angle BAC \) (समीकरण 3 से सिद्ध किया गया है)
अतः, AA (कोण-कोण) समरूपता कसौटी से:
\( \triangle CED \sim \triangle ABC \) (इतिसिद्धम्)
यह दर्शाता है कि एक बड़े समकोण त्रिभुज के भीतर, लंबों के उपयोग से छोटे समरूप त्रिभुज बनाए जा सकते हैं।
In simple words: हमें यह सिद्ध करना है कि त्रिभुज CED, त्रिभुज ABC के समरूप है। हमें दिया गया है कि AB, BC पर लंब है, DC, BC पर लंब है और DE, AC पर लंब है। हमने दिखाया कि कोण CED और कोण ABC दोनों \( 90^\circ \) हैं, और कोण ECD और कोण BAC बराबर हैं। इसलिए, ये दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
🎯 Exam Tip: When dealing with multiple perpendicular lines, carefully identify all 90-degree angles and use them to find equal angles or complementary angles, which are often key for AA similarity.
प्रश्न 15. △ABC की भुजा BC के मध्य बिन्दु D है। यदि AD का समद्विभाजन करती हुई एक रेखा B से इस प्रकार खींची जाए कि वह भुजा AD को E पर काटते हुए AC को X पर काटे तो सिद्ध कीजिए \( \frac{EX}{BE} = \frac{1}{3} \) है।
Answer: हमें दिया गया है कि △ABC में, D भुजा BC का मध्य बिन्दु है। E, AD का मध्य बिन्दु है। एक रेखा BX खींची जाती है जो AD को E पर और AC को X पर काटती है। हमें सिद्ध करना है कि \( \frac{EX}{BE} = \frac{1}{3} \)।
हल:
बिन्दु D, BC का मध्य बिन्दु है।
E, AD का मध्य बिन्दु है।
बिन्दु D से BX के समान्तर एक रेखा DF खींची गई, जो AC को F पर काटती है।
अब, △BCX में, D, BC का मध्य बिन्दु है और \( DF \parallel BX \) (रचना द्वारा)।
मध्य-बिन्दु प्रमेय के विलोम से, F, CX का मध्य बिन्दु होगा।
\( \implies CF = FX \) ... (1)
अब, △ADF में, E, AD का मध्य बिन्दु है और \( EX \parallel DF \) (चूंकि \( BX \parallel DF \))।
मध्य-बिन्दु प्रमेय के विलोम से, X, AF का मध्य बिन्दु होगा।
\( \implies AX = XF \) ... (2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( AX = XF = FC \)
\( \implies AC = AX + XF + FC = AX + AX + AX = 3 AX \)
अब, त्रिभुज △AEX और △ADF में:
\( \angle EAX = \angle DAF \) (उभयनिष्ठ कोण)
\( \angle AXE = \angle AFD \) (चूंकि \( EX \parallel DF \), ये संगत कोण हैं)
AA समरूपता कसौटी से, △AEX ~ △ADF.
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{EX}{DF} = \frac{AE}{AD} \)
चूंकि E, AD का मध्य बिन्दु है, \( AE = \frac{1}{2} AD \)।
\( \implies \frac{EX}{DF} = \frac{\frac{1}{2}AD}{AD} \)
\( \frac{EX}{DF} = \frac{1}{2} \)
\( \implies DF = 2 EX \) ... (3)
अब, △CBX में, D, BC का मध्य बिन्दु है और \( DF \parallel BX \)।
मध्य-बिन्दु प्रमेय से:
\( DF = \frac{1}{2} BX \)
\( \implies BX = 2 DF \) ... (4)
हम जानते हैं कि \( BX = BE + EX \)।
समीकरण (3) और (4) से, \( BX = 2(2 EX) = 4 EX \)।
\( \implies BE + EX = 4 EX \)
\( BE = 4 EX - EX \)
\( BE = 3 EX \)
\( \implies \frac{EX}{BE} = \frac{1}{3} \) (इतिसिद्धम्)
यह सिद्ध होता है कि मध्य बिन्दु प्रमेय और उसके विलोम का उपयोग करके जटिल ज्यामितीय समस्याओं को हल किया जा सकता है।
In simple words: त्रिभुज ABC में, D, BC का बीच का बिंदु है और E, AD का बीच का बिंदु है। एक लाइन B से X तक खींची जाती है जो AD को E पर और AC को X पर काटती है। हमें सिद्ध करना है कि EX/BE का अनुपात 1/3 है। हमने मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके यह सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: This is a challenging problem that tests your understanding of the Midpoint Theorem and its converse. Drawing an auxiliary line parallel to BX from D is the key construction step to solve it efficiently.
Free study material for Mathematics
RBSE Solutions Class 10 Mathematics Chapter 11 समरूपता
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 11 समरूपता prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Mathematics textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 11 समरूपता
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Mathematics chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Mathematics Class 10 Solved Papers
Using our Mathematics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 11 समरूपता to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 11 समरूपता Exercise 11.3 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 11 समरूपता Exercise 11.3 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 11 समरूपता Exercise 11.3 will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 10 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 11 समरूपता Exercise 11.3 in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 11 समरूपता Exercise 11.3 in printable PDF format for offline study on any device.