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Detailed Chapter 11 समरूपता RBSE Solutions for Class 10 Mathematics
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Class 10 Mathematics Chapter 11 समरूपता RBSE Solutions PDF
Question 1. आकृति में DE || BC हो, AD = 4 सेमी., DB = 6 सेमी. एवं AE = 5 सेमी. हो, तो EC का मान होगा
(क) 6.5 सेमी.
(ख) 7.0 सेमी.
(ग) 7.5 सेमी.
(घ) 8.0 सेमी.
Answer: (ग) 7.5 सेमी.
In simple words: जब एक त्रिभुज में एक भुजा के समानांतर एक रेखा खींची जाती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है। इस सवाल में दी गई जानकारी का उपयोग करके, हम EC का मान 7.5 सेमी. निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) का उपयोग करके सही अनुपात स्थापित करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. आकृति में AD, कोण A का समद्विभाजक, AB = 6 सेमी., BD = 8 सेमी., DC = 6 सेमी. हो, तो AC का मान होगा
(क) 4.0 सेमी.
(ख) 4.5 सेमी.
(ग) 5 सेमी.
(घ) 5 सेमी.
Answer: (ख) 4.5 सेमी.
In simple words: जब एक त्रिभुज में किसी कोण का समद्विभाजक खींचा जाता है, तो वह सामने वाली भुजा को अन्य दो भुजाओं के अनुपात में विभाजित करता है। इस नियम का उपयोग करके हम AC की लंबाई 4.5 सेमी. ज्ञात करते हैं।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक प्रमेय को याद रखें, जो कहता है कि कोण समद्विभाजक विपरीत भुजा को त्रिभुज की अन्य दो भुजाओं के अनुपात में विभाजित करता है।
Question 3.
(क) \( \sqrt{5} \)
(ख) \( \sqrt{6} \)
(ग) \( \sqrt{3} \)
(घ) \( \sqrt{7} \)
Answer: (घ) \( \sqrt{7} \)
In simple words: इस ज्यामितीय आकृति में दिए गए भुजाओं के माप से \( x \) का मान ज्ञात करना है। इसके लिए हमें त्रिभुज की समरूपता या पाइथागोरस प्रमेय जैसे नियमों का उपयोग करना होगा। अंत में, \( x \) का मान \( \sqrt{7} \) मिलता है।
🎯 Exam Tip: अज्ञात भुजाओं वाले ज्यामितीय प्रश्नों को हल करते समय, भुजाओं के बीच संबंध स्थापित करने के लिए समरूपता या पाइथागोरस प्रमेय का सही ढंग से उपयोग करें।
Question 4. आकृति में, यदि AB = 3.4 सेमी., BD = 4 सेमी., BC = 10 सेमी. हो, तो AC का मान होगा
(क) 5.1 सेमी.
(ग) 6 सेमी.
(ख) 3.4 सेमी.
(घ) 5.3 सेमी.
Answer: (क) 5.1 सेमी.
In simple words: चित्र में दिए गए मापों का उपयोग करके और त्रिभुज की समरूपता के नियमों को लागू करके हम AC की लंबाई 5.1 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है। इस नियम का उपयोग करके आप आसानी से अज्ञात भुजाओं का मान निकाल सकते हैं।
Question 5. दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल क्रमशः 25 सेमी. एवं 36 सेमी. हैं, यदि छोटे त्रिभुज की माध्यिका 10 सेमी. हो तो बड़े त्रिभुज की संगत माध्यिका होगी
Answer: यदि दो त्रिभुज समरूप हों, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत माध्यिकाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
छोटे त्रिभुज का क्षेत्रफल \( A_1 = 25 \) वर्ग सेमी.
बड़े त्रिभुज का क्षेत्रफल \( A_2 = 36 \) वर्ग सेमी.
छोटे त्रिभुज की माध्यिका \( m_1 = 10 \) सेमी.
बड़े त्रिभुज की संगत माध्यिका \( m_2 = ? \)
सूत्र: \( \frac{A_1}{A_2} = \frac{m_1^2}{m_2^2} \)
\( \frac{25}{36} = \frac{10^2}{m_2^2} \)
\( \frac{25}{36} = \frac{100}{m_2^2} \)
\( 25 \times m_2^2 = 36 \times 100 \)
\( m_2^2 = \frac{3600}{25} \)
\( m_2^2 = 144 \)
\( m_2 = \sqrt{144} \)
\( m_2 = 12 \) सेमी.
In simple words: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात, उनकी संगत माध्यिकाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है। इस नियम से, अगर छोटे त्रिभुज की माध्यिका 10 सेमी. है, तो बड़े त्रिभुज की माध्यिका 12 सेमी. होगी।
🎯 Exam Tip: यह सूत्र याद रखें कि समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं (या माध्यिकाओं/ऊंचाइयों) के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
Question 6. एक समलम्ब चतुर्भुज ABCD में AB || CD है एवं इसके विकर्ण O बिन्दु पर मिलते हैं। यदि AB = 6 सेमी. एवं DC = 3 सेमी. हो, तो \( \triangle \)AOB के क्षेत्रफल एवं \( \triangle \)COD के क्षेत्रफल का अनुपात होगा
(क) 4:1
(ख) 1:2
(ग) 2:1
(घ) 1:4
Answer: (क) 4:1
In simple words: एक समलम्ब चतुर्भुज में, जहाँ भुजाएँ समांतर होती हैं और विकर्ण एक बिंदु पर मिलते हैं, तो विकर्णों द्वारा बने दो त्रिभुज समरूप होते हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है। AB 6 सेमी. और DC 3 सेमी. है, इसलिए अनुपात 2:1 का वर्ग यानी 4:1 होगा।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समलम्ब चतुर्भुज के विकर्णों के प्रतिच्छेद से बने त्रिभुज समरूप होते हैं, और उनके क्षेत्रफलों का अनुपात समांतर भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
Question 7. यदि \( \triangle \)ABC एवं \( \triangle \)DEF में \( \angle \)A = 50°, \( \angle \)B = 70°, \( \angle \)C = 60°, \( \angle \)D = 60°, \( \angle \)E = 70° एवं \( \angle \)F = 50° हो तो निम्नलिखित में सही है
(क) \( \triangle \)ABC ~ ADEF
(ख) \( \triangle \)ABC ~ AEDF
(ग) \( \triangle \)ABC ~ ADFE.
(घ) \( \triangle \)ABC ~ AFED
Answer: (घ) \( \triangle \)ABC ~ AFED
In simple words: दो त्रिभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण बराबर हों। यहाँ, \( \triangle \)ABC के कोण \( \angle \)A, \( \angle \)B, \( \angle \)C क्रमशः \( \triangle \)DEF के कोण \( \angle \)F, \( \angle \)E, \( \angle \)D के बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज \( \triangle \)ABC, \( \triangle \)FED के समरूप होगा, जिसे \( \triangle \)ABC ~ AFED लिखा जाता है।
🎯 Exam Tip: दो त्रिभुजों की समरूपता लिखते समय, संगत शीर्षों का क्रम सही रखना महत्वपूर्ण है। संगत कोणों को ध्यान में रखकर सही क्रम चुनें।
Question 8. यदि \( \triangle \)ABC ~ ADEF हो एवं AB = 10 सेमी., DE = 8 सेमी. हो, तो \( \triangle \)ABC का क्षेत्रफल \( \triangle \)DEF का क्षेत्रफल होगा
(क) 25:16
(ख) 16:25
(ग) 4:5
(घ) 5:4
Answer: (क) 25:16
In simple words: जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है। यहाँ AB और DE संगत भुजाएँ हैं, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात \( (10/8)^2 = (5/4)^2 = 25/16 \) होगा।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात हमेशा संगत भुजाओं के अनुपात का वर्ग होता है। इसे अच्छे से याद रखें।
Question 9. \( \triangle \)ABC की भुजाओं AB एवं AC पर बिन्दु D और E इस प्रकार हैं कि DE || BC है एवं AD = 8 सेमी., AB = सेमी. हो, तो CE का माप होगा
Answer: दिए गए प्रश्न में कुछ जानकारी अधूरी है, जैसे AB का पूरा मान स्पष्ट नहीं है। यदि AB का मान 12 सेमी. माना जाए (जैसा कि आमतौर पर ऐसे प्रश्नों में होता है जहाँ AD 8 सेमी. है), तो हम थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) का उपयोग कर सकते हैं। यह प्रमेय कहता है कि यदि एक रेखा त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर खींची जाती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
यदि \( AD = 8 \) सेमी. और \( AB = 12 \) सेमी. है, तो \( DB = AB - AD = 12 - 8 = 4 \) सेमी. होगा।
थेल्स प्रमेय से: \( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \)
मान लीजिए \( AE = x \) सेमी.।
\( \frac{8}{4} = \frac{x}{CE} \)
\( 2 = \frac{x}{CE} \)
\( CE = \frac{x}{2} \)
यदि प्रश्न में AE का मान भी दिया होता, तो CE का सटीक मान निकाला जा सकता था। मान लें कि AE = 6 सेमी. है (एक अनुमानित मान), तो \( CE = \frac{6}{2} = 3 \) सेमी. होगा। प्रश्न में AB का मान भी अधूरा है, इसे पूरा करने पर ही सही उत्तर मिल पाएगा।
In simple words: जब त्रिभुज में एक रेखा एक भुजा के समानांतर होती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में बांटती है। अगर हमें AD, DB और AE के मान पता हों, तो हम EC का मान आसानी से निकाल सकते हैं।
🎯 Exam Tip: थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) को याद रखें: \( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \)। यह प्रमेय भुजाओं के अनुपातों से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 10. एक 12 सेमी. लम्बी ऊर्ध्वाधर छड़ की जमीन पर छाया की लम्बाई 8 सेमी. लम्बी है। यदि इसी समय एक मीनार की छाया की लम्बाई 40 मीटर हो, तो मीनार की ऊँचाई होगी
(क) 60 मीटर
(ख) 60 सेमी.
(ग) 40 सेमी.
(घ) 80 सेमी.
Answer: (क) 60 मीटर
In simple words: एक ही समय पर, किसी वस्तु की ऊंचाई और उसकी छाया की लंबाई का अनुपात हमेशा समान रहता है। छड़ के लिए यह अनुपात \( 12/8 \) है। मीनार के लिए भी यह अनुपात वही होगा, तो \( \text{मीनार की ऊँचाई} / 40 = 12/8 \) करके मीनार की ऊँचाई 60 मीटर मिलती है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, समान समय पर वस्तुओं और उनकी छायाओं द्वारा बनाए गए त्रिभुज समरूप होते हैं, जिससे ऊंचाई और छाया की लंबाई का अनुपात स्थिर रहता है।
Question 11. \( \triangle \)ABC में यदि D, BC पर कोई बिन्दु इस प्रकार है कि \( \frac{AB}{AC} = \frac{BD}{DC} \) हो, एवं \( \angle \)B = 70°, \( \angle \)C = 50° हो, तो \( \angle \)BAD ज्ञात कीजिए।
Answer: दिया है,
\( \triangle \)ABC में D, BC पर एक बिन्दु इस प्रकार है कि \( \frac{AB}{AC} = \frac{BD}{DC} \).
यह कोण समद्विभाजक प्रमेय का विलोम है, जिसका अर्थ है कि AD कोण A का समद्विभाजक है।
इसलिए, \( \angle \)BAD = \( \angle \)CAD.
\( \triangle \)ABC में, कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है।
\( \angle \)A + \( \angle \)B + \( \angle \)C = \( 180^\circ \)
\( \angle \)A + \( 70^\circ \) + \( 50^\circ \) = \( 180^\circ \)
\( \angle \)A + \( 120^\circ \) = \( 180^\circ \)
\( \angle \)A = \( 180^\circ - 120^\circ \)
\( \angle \)A = \( 60^\circ \)
चूंकि AD कोण A का समद्विभाजक है, तो \( \angle \)BAD = \( \frac{1}{2} \angle A \).
\( \angle \)BAD = \( \frac{1}{2} \times 60^\circ \)
\( \angle \)BAD = \( 30^\circ \).
In simple words: त्रिभुज में, यदि एक रेखा सामने वाली भुजा को अन्य दो भुजाओं के अनुपात में बांटती है, तो वह रेखा कोण समद्विभाजक होती है। पहले त्रिभुज के तीनों कोणों का योग करके \( \angle \)A निकालते हैं, फिर उसे आधा कर देते हैं क्योंकि AD कोण A को दो बराबर भागों में बांटती है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक प्रमेय और त्रिभुज के कोण योग गुण दोनों को याद रखें। कोण समद्विभाजक प्रमेय के विलोम को पहचानना भी महत्वपूर्ण है।
Question 12. यदि \( \triangle \)ABC में DE || BC हो, एवं AD = 6 सेमी., DB = 9 सेमी. और AE = 8 सेमी. हो, तो AC को ज्ञात कीजिए।
Answer: चूंकि \( \triangle \)ABC में DE || BC है, तो थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार,
\( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{6}{9} = \frac{8}{EC} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 6 \times EC = 9 \times 8 \)
\( 6 \times EC = 72 \)
\( EC = \frac{72}{6} \)
\( EC = 12 \) सेमी.
अब, AC की लंबाई ज्ञात करने के लिए:
\( AC = AE + EC \)
\( AC = 8 + 12 \)
\( AC = 20 \) सेमी.
In simple words: जब त्रिभुज में एक रेखा किसी भुजा के समानांतर खींची जाती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बांटती है। इस नियम का उपयोग करके, हम पहले EC की लंबाई निकालते हैं, और फिर AC की कुल लंबाई ज्ञात करने के लिए AE और EC को जोड़ देते हैं।
🎯 Exam Tip: थेल्स प्रमेय का उपयोग करते समय, सही अनुपात \( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \) स्थापित करना सुनिश्चित करें, और फिर AC जैसे पूरे खंड की लंबाई ज्ञात करने के लिए भागों को जोड़ना न भूलें।
Question 13. यदि \( \triangle \)ABC में \( \angle \)A का समद्विभाजक AD हो एवं AB = 8 सेमी., BD = 5 सेमी. एवं DC = 4 सेमी. हो, तो AC को ज्ञात कीजिए।
Answer: \( \triangle \)ABC में, AD कोण A का समद्विभाजक है।
कोण समद्विभाजक प्रमेय के अनुसार, एक त्रिभुज में किसी कोण का समद्विभाजक, विपरीत भुजा को त्रिभुज की अन्य दो भुजाओं के अनुपात में विभाजित करता है।
इसलिए, \( \frac{AB}{AC} = \frac{BD}{DC} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{8}{AC} = \frac{5}{4} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 5 \times AC = 8 \times 4 \)
\( 5 \times AC = 32 \)
\( AC = \frac{32}{5} \)
\( AC = 6.4 \) सेमी.
In simple words: त्रिभुज में, यदि एक रेखा एक कोण को दो बराबर भागों में बांटती है, तो वह सामने वाली भुजा को अन्य दो भुजाओं के अनुपात में बांटती है। इस नियम का उपयोग करके, हम AB, BD और DC के मानों से AC की लंबाई 6.4 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक प्रमेय को ठीक से याद रखें: \( \frac{AB}{AC} = \frac{BD}{DC} \)। यह प्रमेय भुजाओं के बीच के अनुपातों को हल करने में मदद करता है।
Question 14. यदि दो समरूप त्रिभुजों की ऊँचाइयों का अनुपात 4:9 हो, तो दोनों त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer: हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत ऊँचाइयों के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
माना \( \triangle \)ABC और \( \triangle \)PQR दो समरूप त्रिभुज हैं।
माना AD और PS इनकी संगत ऊँचाइयाँ हैं।
दिया है, ऊँचाइयों का अनुपात \( \frac{AD}{PS} = \frac{4}{9} \).
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{\text{Area}(\triangle ABC)}{\text{Area}(\triangle PQR)} = \left(\frac{AD}{PS}\right)^2 \)
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \left(\frac{4}{9}\right)^2 \)
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{4^2}{9^2} \)
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{16}{81} \).
इसलिए, त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात = 16 : 81.
In simple words: जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी ऊँचाइयों के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है। यदि ऊँचाइयों का अनुपात 4:9 है, तो क्षेत्रफलों का अनुपात 16:81 होगा।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं, माध्यिकाओं, या ऊँचाइयों के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. दो सरल रेखाएँ जो एक ही रेखा के लम्बवत् हों, परस्पर कहलाती हैं
(A) लम्ब रेखाएँ।
(B) समान्तर रेखाएँ
(C) समद्विभाजित रेखाएँ
(D) समान रेखाएँ
Answer: (B) समान्तर रेखाएँ
In simple words: यदि दो अलग-अलग रेखाएँ एक ही तीसरी रेखा पर सीधी (लम्बवत्) हों, तो वे दोनों रेखाएँ आपस में कभी नहीं मिलतीं और हमेशा एक-दूसरे के समानांतर होती हैं।
🎯 Exam Tip: यह ज्यामिति का एक मूल सिद्धांत है: एक ही रेखा पर लम्बवत् दो रेखाएँ हमेशा एक-दूसरे के समानांतर होती हैं।
Question 2. दी गई आकृति में AD, \( \angle \)A का अन्तः समद्विभाजक है। यदि AB = 6 सेमी, BD = 4 सेमी. और DC = 3 सेमी. हो तो AC का मान है
(A) 3 सेमी.
(B) 4 सेमी.
(C) 4.5 सेमी.
(D) 5 सेमी.
Answer: (C) 4.5 सेमी.
In simple words: कोण समद्विभाजक प्रमेय के अनुसार, एक त्रिभुज में कोण का समद्विभाजक सामने वाली भुजा को अन्य दो भुजाओं के अनुपात में बांटता है। दिए गए मानों से हम AC का मान 4.5 सेमी. निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक प्रमेय का सूत्र \( \frac{AB}{AC} = \frac{BD}{DC} \) याद रखें और गणनाएँ ध्यान से करें।
Question 4. यदि दो समरूप त्रिभुजों की ऊँचाइयों का अनुपात 9 : 16 हो तो दोनों त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात होगा
(A) 81: 256
(B) 81 : 156
(C) 16:9
(D) 3:4
Answer: (A) 81: 256
In simple words: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत ऊँचाइयों के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है। यहाँ ऊँचाइयों का अनुपात 9:16 है, तो क्षेत्रफलों का अनुपात \( 9^2:16^2 \), यानी 81:256 होगा।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि क्षेत्रफलों का अनुपात भुजाओं/ऊंचाइयों/माध्यिकाओं के अनुपात का वर्ग होता है, न कि केवल अनुपात।
Question 5. दी गई आकृति में QA और PB, AB पर लम्बवत् हैं। यदि AO = 10 सेमी., BO = 6 सेमी. तथा PB = 9 सेमी. हो तो AQ की लम्बाई है
(A) 12 सेमी.
(B) 15 सेमी.
(C) 18 सेमी.
(D) 21 सेमी.
Answer: (B) 15 सेमी.
In simple words: यहाँ, QA और PB दोनों AB पर लम्बवत् हैं, इसलिए \( \triangle \)QAO और \( \triangle \)PBO समरूप त्रिभुज हैं। समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है। इस नियम से, हम AQ की लंबाई 15 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: लम्बवत् रेखाएँ अक्सर समरूप त्रिभुज बनाती हैं। संगत भुजाओं के अनुपात को सही ढंग से स्थापित करना सुनिश्चित करें।
Question 7. यदि \( \triangle \)ABC में D भुजा BC को मध्य बिन्दु हो और \( AB^2 + AC^2 = x (BD^2 + AD^2) \) तो \( x \) का मान होगा
(A) 1
(B) 2
(C) 4
(D) शून्य
Answer: (B) 2
In simple words: अपोलोनियस प्रमेय के अनुसार, किसी त्रिभुज में माध्यिका के वर्गों से संबंधित एक निश्चित संबंध होता है। यहाँ, D माध्यिका है और भुजाओं के वर्गों का संबंध \( AB^2 + AC^2 = 2(AD^2 + BD^2) \) होता है, जिससे \( x \) का मान 2 मिलता है।
🎯 Exam Tip: अपोलोनियस प्रमेय को याद रखें, जो कहता है कि एक त्रिभुज में माध्यिका और भुजाओं के बीच का संबंध \( AB^2 + AC^2 = 2(AD^2 + BD^2) \) होता है।
Question 8. चित्र में ABC एक समकोण समद्विबाहु त्रिभुज है जहाँ \( \angle \)B = 90° है। यदि BC = 8 सेमी. है तो AD की लम्बाई क्या होगी? जहाँ D, BC का मध्य बिन्दु है
(A) 20 सेमी.
(B) \( \sqrt{20} \) सेमी.
(C) \( 2 \sqrt{20} \) सेमी.
(D) \( 4 \sqrt{20} \) सेमी.
Answer: (C) \( 2 \sqrt{20} \) सेमी.
In simple words: यह एक समकोण त्रिभुज है जहाँ \( \angle \)B 90 डिग्री है। D, BC का मध्यबिन्दु है। हमें AD की लंबाई ज्ञात करनी है। चूंकि यह समद्विबाहु त्रिभुज है, तो AB = BC = 8 सेमी.। D मध्यबिन्दु है, तो BD = 4 सेमी.। अब पाइथागोरस प्रमेय को \( \triangle \)ABD में लगाकर AD की लंबाई \( 2 \sqrt{20} \) सेमी. मिलती है।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज में भुजाओं को ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय \( (a^2 + b^2 = c^2) \) का उपयोग करें। यदि यह समद्विबाहु भी है, तो समान भुजाओं का ध्यान रखें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 2. किसी त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण कैसे होते हैं?
Answer: किसी त्रिभुज में बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हमेशा समान होते हैं। यदि त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हैं, तो उनके सामने वाले कोण भी आपस में बराबर होंगे। इस गुण को समद्विबाहु त्रिभुज का गुण भी कहते हैं।
In simple words: त्रिभुज में, अगर दो भुजाएँ बराबर हैं, तो उनके ठीक सामने वाले कोण भी बराबर होते हैं।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के इस गुण को याद रखें: बराबर भुजाओं के सामने बराबर कोण होते हैं, और इसका विलोम भी सत्य है (बराबर कोणों के सामने बराबर भुजाएँ होती हैं)।
Question 3. दो समरूप त्रिभुजों की भुजाएँ 4 : 5 के अनुपात में हैं। इन त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिये।
Answer: हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
दिए गए भुजाओं का अनुपात = \( \frac{4}{5} \).
अतः, क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \left(\frac{4}{5}\right)^2 \)
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{4^2}{5^2} \)
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{16}{25} \).
In simple words: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है। यदि भुजाओं का अनुपात 4:5 है, तो क्षेत्रफलों का अनुपात 16:25 होगा।
🎯 Exam Tip: यह सूत्र महत्वपूर्ण है: \( \frac{\text{Area}_1}{\text{Area}_2} = \left(\frac{\text{side}_1}{\text{side}_2}\right)^2 \)। इसे याद रखने से आप ऐसे प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं।
Question 4. बौधायन प्रमेय का कथन लिखिए।
Answer: बौधायन प्रमेय कहता है कि किसी आयत के विकर्ण से बने वर्ग का क्षेत्रफल उसकी दोनों आसन्न (पड़ोसी) भुजाओं पर बने वर्गों के योग के बराबर होता है। इसे सामान्यतः पाइथागोरस प्रमेय के रूप में जाना जाता है, जो एक समकोण त्रिभुज के लिए \( (आधार)^2 + (लम्ब)^2 = (कर्ण)^2 \) होता है। भारतीय गणितज्ञ बौधायन ने इसे पाइथागोरस से बहुत पहले ही प्रस्तुत कर दिया था।
In simple words: बौधायन प्रमेय (जिसे पाइथागोरस प्रमेय भी कहते हैं) कहता है कि एक समकोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा (कर्ण) का वर्ग, बाकी दोनों छोटी भुजाओं (आधार और लम्ब) के वर्गों के जोड़ के बराबर होता है।
🎯 Exam Tip: बौधायन प्रमेय, जिसे पाइथागोरस प्रमेय भी कहा जाता है, समकोण त्रिभुजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसका कथन स्पष्ट और सटीक शब्दों में लिखें।
Question 5. दी गई आकृति में AD, \( \angle \)A का अन्त:समद्विभाजक है। यदि AB = 4 सेमी., AC = 6 सेमी. है तो BD: DC लिखिए।
Answer: \( \triangle \)ABC में, AD कोण A का अंतः समद्विभाजक है।
कोण समद्विभाजक प्रमेय के अनुसार, एक त्रिभुज में किसी कोण का समद्विभाजक, विपरीत भुजा को त्रिभुज की अन्य दो भुजाओं के अनुपात में विभाजित करता है।
इसलिए, \( \frac{BD}{DC} = \frac{AB}{AC} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{BD}{DC} = \frac{4}{6} \)
\( \frac{BD}{DC} = \frac{2}{3} \).
अतः, BD : DC = 2 : 3.
In simple words: त्रिभुज में, अगर AD कोण A को आधा करता है, तो कोण समद्विभाजक प्रमेय कहता है कि BD और DC का अनुपात AB और AC के अनुपात के बराबर होगा। यहाँ यह अनुपात 2:3 है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक प्रमेय का सूत्र \( \frac{BD}{DC} = \frac{AB}{AC} \) याद रखें और अनुपातों को उनके सबसे सरल रूप में व्यक्त करें।
Question 6. यदि \( \triangle \)ABC ~ \( \triangle \)DEF, AB = 5 सेमी., DE = 3 सेमी. तथा \( \triangle \)ABC का क्षेत्रफल = 50 सेमी. है, तो \( \triangle \)DEF का क्षेत्रफल लिखिए।
Answer: हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
दिया है, \( \triangle \)ABC ~ \( \triangle \)DEF
AB = 5 सेमी., DE = 3 सेमी.
Area(\( \triangle \)ABC) = 50 वर्ग सेमी.
हमें Area(\( \triangle \)DEF) ज्ञात करना है।
सूत्र: \( \frac{\text{Area}(\triangle ABC)}{\text{Area}(\triangle DEF)} = \left(\frac{AB}{DE}\right)^2 \)
मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{50}{\text{Area}(\triangle DEF)} = \left(\frac{5}{3}\right)^2 \)
\( \frac{50}{\text{Area}(\triangle DEF)} = \frac{25}{9} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 25 \times \text{Area}(\triangle DEF) = 50 \times 9 \)
\( \text{Area}(\triangle DEF) = \frac{50 \times 9}{25} \)
\( \text{Area}(\triangle DEF) = 2 \times 9 \)
\( \text{Area}(\triangle DEF) = 18 \) वर्ग सेमी.
In simple words: समरूप त्रिभुजों में, क्षेत्रफलों का अनुपात संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दिए गए त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल और भुजाओं से त्रिभुज DEF का क्षेत्रफल 18 वर्ग सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: इस सूत्र को याद रखें और इसे सही ढंग से लागू करें: \( \frac{\text{Area}_1}{\text{Area}_2} = \left(\frac{\text{side}_1}{\text{side}_2}\right)^2 \)। गणना करते समय ध्यान रखें।
Question 7. संलग्न आकृति में BC || PQ यदि AP = 4 सेमी., AQ= 5 सेमी. तथा QC = 2.5 सेमी. तो PB का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: चूंकि \( \triangle \)ABC में PQ || BC है, तो थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार,
\( \frac{AQ}{QC} = \frac{AP}{PB} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{5}{2.5} = \frac{4}{PB} \)
\( 2 = \frac{4}{PB} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 2 \times PB = 4 \)
\( PB = \frac{4}{2} \)
\( PB = 2 \) सेमी.
In simple words: जब त्रिभुज में एक रेखा किसी भुजा के समानांतर खींची जाती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बांटती है। इस नियम से, हम दिए गए मापों का उपयोग करके PB की लंबाई 2 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: थेल्स प्रमेय \( \frac{AQ}{QC} = \frac{AP}{PB} \) का सही अनुपात स्थापित करना सुनिश्चित करें और गणना करते समय दशमलव का ध्यान रखें।
Question 9. दो समरूप त्रिभुज ABC तथा PQR के परिमाप क्रमशः 36 सेमी. तथा 24 सेमी. हैं। यदि PQ = 10 सेमी. हो तो AB ज्ञात कीजिए।
Answer: हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात उनके परिमापों के अनुपात के बराबर होता है।
दिया है, परिमाप(\( \triangle \)ABC) = 36 सेमी.
परिमाप(\( \triangle \)PQR) = 24 सेमी.
PQ = 10 सेमी.
हमें AB ज्ञात करना है।
सूत्र: \( \frac{\text{परिमाप}(\triangle ABC)}{\text{परिमाप}(\triangle PQR)} = \frac{AB}{PQ} \)
मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{36}{24} = \frac{AB}{10} \)
\( \frac{3}{2} = \frac{AB}{10} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 2 \times AB = 3 \times 10 \)
\( 2 \times AB = 30 \)
\( AB = \frac{30}{2} \)
\( AB = 15 \) सेमी.
In simple words: समरूप त्रिभुजों की भुजाओं का अनुपात उनके परिमापों के अनुपात के समान होता है। इस नियम से, हम दिए गए परिमापों और एक भुजा की लंबाई का उपयोग करके दूसरी भुजा AB की लंबाई 15 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात उनके परिमापों के अनुपात के बराबर होता है। यह एक सीधा संबंध है, वर्ग का नहीं।
Question 10. यदि दो त्रिभुज ABC और XYZ में \( \frac{AB}{XY} = \frac{BC}{YZ} = \frac{AC}{ZX} \) हो तो \( \triangle \)ABC के कोण A का मान त्रिभुज XYZ के किस कोण के बराबर होगा?
Answer: यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो वे त्रिभुज समरूप होते हैं। इसे SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी कहते हैं।
चूंकि \( \triangle \)ABC और \( \triangle \)XYZ की संगत भुजाएँ समान अनुपात में हैं \( \left(\frac{AB}{XY} = \frac{BC}{YZ} = \frac{AC}{ZX}\right) \), इसलिए \( \triangle \)ABC ~ \( \triangle \)XYZ.
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण भी बराबर होते हैं।
इसलिए, कोण A, कोण X के बराबर होगा।
\( \angle \)A = \( \angle \)X.
In simple words: जब दो त्रिभुजों की सभी संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में होती हैं, तो त्रिभुज समरूप होते हैं। इसका मतलब है कि उनके संगत कोण भी बराबर होंगे। इसलिए, कोण A, कोण X के बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: SSS समरूपता कसौटी को याद रखें: यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं के समानुपाती हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं और उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
Question 11. यदि \( \triangle \)ABC एवं \( \triangle \)DEF में \( \frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{AC}{DF} \) आपस में कैसे त्रिभुज होंगे?
Answer: यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो वे त्रिभुज समरूप होते हैं। इसे SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी कहते हैं।
इस स्थिति में, \( \triangle \)ABC और \( \triangle \)DEF समरूप त्रिभुज होंगे। समरूप त्रिभुजों का आकार समान होता है लेकिन माप अलग हो सकते हैं।
In simple words: अगर दो त्रिभुजों की भुजाएँ एक ही अनुपात में हों, तो वे त्रिभुज समरूप कहलाते हैं।
🎯 Exam Tip: SSS समरूपता कसौटी को स्पष्ट रूप से समझें: यदि तीन संगत भुजाओं का अनुपात समान है, तो त्रिभुज समरूप होंगे।
Question 12. दो त्रिभुजों के समरूप होने की दो दशाएँ बताइए।
Answer: दो त्रिभुजों के समरूप होने की दो मुख्य दशाएँ निम्नलिखित हैं:
1. **AA (कोण-कोण) समरूपता कसौटी:** यदि एक त्रिभुज के दो कोण दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
2. **SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी:** यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं के समानुपाती हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
3. **SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी:** यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे त्रिभुज के एक कोण के बराबर हो तथा इन कोणों को बनाने वाली संगत भुजाएँ समानुपाती हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
(प्रश्न में दो दशाएँ पूछी गई हैं, इनमें से कोई भी दो बता सकते हैं)।
In simple words: दो त्रिभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण बराबर हों (AA नियम), या यदि उनकी सभी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों (SSS नियम), या यदि दो भुजाएँ समान अनुपात में हों और उनके बीच का कोण बराबर हो (SAS नियम)।
🎯 Exam Tip: समरूपता की कसौटियाँ (AA, SSS, SAS) अच्छी तरह से याद रखें और समझें कि प्रत्येक का क्या अर्थ है।
Question 14. \( \triangle \)ABC की भुजाओं AB और AC पर बिन्दु D और E इस प्रकार हैं कि DE || BC यदि AD = 8 सेमी., AB = 12 सेमी. तथा AE = 12 सेमी. हो तो CE का माप लिखिए।
Answer: चूंकि \( \triangle \)ABC में DE || BC है, तो थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार,
\( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \)
पहले DB का मान ज्ञात करें:
\( DB = AB - AD \)
\( DB = 12 - 8 \)
\( DB = 4 \) सेमी.
अब दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{8}{4} = \frac{12}{CE} \)
\( 2 = \frac{12}{CE} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 2 \times CE = 12 \)
\( CE = \frac{12}{2} \)
\( CE = 6 \) सेमी.
In simple words: जब त्रिभुज में एक रेखा किसी भुजा के समानांतर होती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बांटती है। AD, AB और AE के मान दिए गए हैं। पहले DB निकालते हैं, फिर इस नियम का उपयोग करके CE की लंबाई 6 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: थेल्स प्रमेय को लागू करते समय, भुजाओं के छोटे खंडों (जैसे DB) की गणना करना न भूलें यदि केवल पूरे खंड (जैसे AB) और उसके एक भाग (जैसे AD) का मान दिया गया हो।
Question 15. दी गई आकृति में \( \angle \)ABC = 90° तथा BD \( \perp \) AC है। यदि BD = 8 सेमी. तथा AD = 4 सेमी हो तो CD को माप लिखिए।
Answer: \( \triangle \)ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें \( \angle \)B = 90° है और BD \( \perp \) AC है।
एक समकोण त्रिभुज में, समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर डाला गया लम्ब त्रिभुज को दो समरूप त्रिभुजों में विभाजित करता है, जो मूल त्रिभुज के भी समरूप होते हैं।
इसलिए, \( \triangle \)ADB ~ \( \triangle \)BDC.
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AD}{BD} = \frac{BD}{CD} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{4}{8} = \frac{8}{CD} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( 4 \times CD = 8 \times 8 \)
\( 4 \times CD = 64 \)
\( CD = \frac{64}{4} \)
\( CD = 16 \) सेमी.
In simple words: समकोण त्रिभुज में, समकोण से कर्ण पर एक सीधी रेखा (लम्ब) खींचने पर दो छोटे समकोण त्रिभुज बनते हैं जो आपस में और बड़े त्रिभुज के समरूप होते हैं। इस समरूपता नियम का उपयोग करके हम CD की लंबाई 16 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समकोण त्रिभुज में समकोण से कर्ण पर डाले गए लम्ब से बने त्रिभुज समरूप होते हैं। इससे \( BD^2 = AD \times CD \) या \( \frac{AD}{BD} = \frac{BD}{CD} \) का संबंध बनता है।
Question 16. चित्र में EF || BC, यदि AE: BE = 4:1 और CF = 1.5 सेमी. हो, तो AF की लम्बाई क्या होगी?
Answer: चूंकि चित्र में EF || BC है, तो थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार,
\( \frac{AE}{BE} = \frac{AF}{CF} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( \frac{4}{1} = \frac{AF}{1.5} \)
दोनों ओर तिरछा गुणा करने पर:
\( AF = 4 \times 1.5 \)
\( AF = 6.0 \) सेमी.
In simple words: यदि एक त्रिभुज में एक रेखा किसी भुजा के समानांतर खींची जाती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बांटती है। दिए गए अनुपात और CF की लंबाई से हम AF की लंबाई 6.0 सेमी. पाते हैं।
🎯 Exam Tip: थेल्स प्रमेय \( \frac{AE}{BE} = \frac{AF}{CF} \) को सही ढंग से लागू करें। अनुपात से संबंधित गणनाएँ करते समय सावधानी बरतें।
Question 17. दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात 16 : 81 है तो इनकी भुजाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer: हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
क्षेत्रफलों का अनुपात = \( \frac{\text{Area}_1}{\text{Area}_2} = \frac{16}{81} \).
भुजाओं का अनुपात = \( \sqrt{\frac{\text{Area}_1}{\text{Area}_2}} \)
भुजाओं का अनुपात = \( \sqrt{\frac{16}{81}} \)
भुजाओं का अनुपात = \( \frac{\sqrt{16}}{\sqrt{81}} \)
भुजाओं का अनुपात = \( \frac{4}{9} \).
अतः, इनकी भुजाओं का अनुपात = 4 : 9.
In simple words: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात का वर्ग होता है। अगर क्षेत्रफलों का अनुपात 16:81 है, तो भुजाओं का अनुपात निकालने के लिए हमें इसका वर्गमूल लेना होगा, जो कि 4:9 होगा।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि भुजाओं का अनुपात क्षेत्रफलों के अनुपात का वर्गमूल होता है। वर्गमूल निकालते समय सकारात्मक मान ही लें, क्योंकि लंबाई कभी नकारात्मक नहीं होती।
Question 2. दी गई आकृति में DE || BC है यदि AD = r, DB = r - 2, AE = r + 2 और EC = r-1 हो तो r का मान (RBSESolutions.com) ज्ञात कीजिए।
Answer:
त्रिभुज ABC में, DE भुजा BC के समानांतर है। आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के अनुसार:
\( \frac{\mathrm{AD}}{\mathrm{DB}} = \frac{\mathrm{AE}}{\mathrm{EC}} \)
दिए गए मानों को समीकरण में रखने पर:
\( \frac{r}{r-2} = \frac{r+2}{r-1} \)
क्रॉस-मल्टीप्लाई करने पर:
\( r(r-1) = (r+2)(r-2) \)
\( r^2 - r = r^2 - 4 \)
दोनों तरफ से \( r^2 \) घटाने पर:
\( -r = -4 \)
\( r = 4 \)
इस प्रकार, r का मान 4 है।
In simple words: जब रेखा DE, त्रिभुज ABC की भुजा BC के समानांतर होती है, तो यह त्रिभुज की अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है। इस नियम का उपयोग करके हम दिए गए मानों से r का मान 4 ज्ञात करते हैं।
🎯 Exam Tip: आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) या थेल्स प्रमेय को तब लागू करें जब एक रेखा त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर हो और अन्य दो भुजाओं को काटती हो, क्योंकि यह भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
Question 3. संलग्न आकृति में AB || DC है। AD व BC पर क्रमशः E और F इस प्रकार स्थित हैं (RBSESolutions.com) कि EF || DC है तो सिद्ध कीजिए \( \frac{AE}{ED} = \frac{AF}{FC} \)
Answer:
दिया गया है कि AB || DC और EF || DC है।
इसका मतलब है कि एक ही रेखा (DC) के समानांतर खींची गई सभी रेखाएँ एक-दूसरे के भी समानांतर होती हैं। इसलिए, EF || AB भी होगा।
त्रिभुज ADC में, EG || DC है (क्योंकि EF || DC और G, EF पर एक बिंदु है)।
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के अनुसार:
\( \frac{AE}{ED} = \frac{AG}{GC} \) .....(1)
इसी प्रकार त्रिभुज CAB में, GF || AB है (क्योंकि EF || AB और G, EF पर एक बिंदु है)।
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के अनुसार:
\( \frac{CG}{GA} = \frac{CF}{FB} \)
इसे उलटाने पर:
\( \frac{AG}{GC} = \frac{BF}{CF} \) .....(2)
समीकरण (1) और (2) से हमें मिलता है:
\( \frac{AE}{ED} = \frac{BF}{FC} \)
यह सिद्ध होता है।
In simple words: अगर दो रेखाएँ एक ही तीसरी रेखा के समानांतर हैं, तो वे एक-दूसरे के भी समानांतर होती हैं। इस नियम और थेल्स प्रमेय का उपयोग करके हम दिए गए भुजाओं के अनुपात को बराबर सिद्ध करते हैं।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं और त्रिभुज के भुजाओं के अनुपातों से संबंधित प्रश्नों में आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है। हमेशा सुनिश्चित करें कि आप किस त्रिभुज और किन समानांतर रेखाओं पर प्रमेय लागू कर रहे हैं।
Question 4. आकृति में दर्शाए गए त्रिभुजों के युग्मों में कौन-कौनसे युग्म समरूप हैं? समरूपता के नियम लिखते हुए सांकेतिक रूप से लिखकर व्यक्त करें।
Answer:
(i) पहले चित्र में, त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR दिए गए हैं।
यहाँ, \( \angle B = \angle P = 60^\circ \) (यह दोनों कोण बराबर हैं)।
और \( \angle C = \angle R = 40^\circ \) (यह दोनों कोण भी बराबर हैं)।
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
इसलिए, त्रिभुज ABC में \( \angle A = 180^\circ - (60^\circ + 40^\circ) = 180^\circ - 100^\circ = 80^\circ \)
और त्रिभुज PQR में \( \angle Q = 180^\circ - (60^\circ + 40^\circ) = 180^\circ - 100^\circ = 80^\circ \)
अतः, \( \angle A = \angle Q = 80^\circ \)
चूँकि दोनों त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हैं, इसलिए AAA (कोण-कोण-कोण) समरूपता प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज ABCA त्रिभुज PRQ के समरूप होगा।
\( \triangle ABCA \sim \triangle PRQ \)
(ii) त्रिभुज ABC और त्रिभुज DEF में,
हम भुजाओं के अनुपात की जाँच करते हैं:
\( \frac{AB}{DF} = \frac{2.5}{5} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{BC}{FE} = \frac{5}{10} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{CA}{ED} = \frac{3}{6} = \frac{1}{2} \)
चूंकि सभी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर है \( \left( \frac{AB}{DF} = \frac{BC}{FE} = \frac{CA}{ED} = \frac{1}{2} \right) \), इसलिए SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज ABC त्रिभुज DFE के समरूप है।
\( \triangle ABC \sim \triangle DFE \)
(iii) त्रिभुज ABC और त्रिभुज DEF में,
भुजाओं का अनुपात है:
\( \frac{AB}{DE} = \frac{5}{10} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{BC}{DF} = \frac{7}{14} = \frac{1}{2} \)
और उनके बीच का कोण \( \angle ABC = 70^\circ \) और \( \angle EDF = 70^\circ \) है।
चूंकि दो संगत भुजाओं का अनुपात बराबर है और उनके बीच का कोण भी बराबर है \( (\angle ABC = \angle EDF) \), इसलिए SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज ABC त्रिभुज EDF के समरूप है।
\( \triangle ABC \sim \triangle EDF \)
In simple words: हम त्रिभुजों की समरूपता का पता लगाने के लिए उनके कोणों और भुजाओं के अनुपातों की तुलना करते हैं। यदि संगत कोण बराबर हों (AAA) या संगत भुजाओं का अनुपात समान हो (SSS), या दो भुजाओं का अनुपात समान हो और उनके बीच का कोण बराबर हो (SAS), तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूपता के नियमों (AAA, SSS, SAS) को लागू करते समय, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप सही संगत भुजाओं और कोणों का मिलान कर रहे हैं, त्रिभुजों के शीर्षों के क्रम पर सावधानीपूर्वक ध्यान दें।
Question 5. दी गई आकृति में ∆ABC व ∆DEF की तुलना कर ∠D, ∠E एवं ∠F का मान (RBSESolutions.com) ज्ञात कीजिए।
Answer:
त्रिभुज ABC और त्रिभुज DEF में, हम भुजाओं के अनुपातों की जाँच करते हैं:
\( \frac{AB}{DF} = \frac{3.8}{7.6} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{BC}{FE} = \frac{6}{12} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{CA}{ED} = \frac{3\sqrt{3}}{6\sqrt{3}} = \frac{1}{2} \)
चूंकि सभी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर है \( \left( \frac{AB}{DF} = \frac{BC}{FE} = \frac{CA}{ED} = \frac{1}{2} \right) \), इसलिए SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज ABC त्रिभुज DFE के समरूप है।
\( \triangle ABC \sim \triangle DFE \)
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
इसलिए,
\( \angle A = \angle D \)
\( \angle B = \angle F = 60^\circ \)
\( \angle C = \angle E = 40^\circ \)
अब, त्रिभुज ABC में कोणों का योग 180° होता है:
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( \angle A + 60^\circ + 40^\circ = 180^\circ \)
\( \angle A + 100^\circ = 180^\circ \)
\( \angle A = 180^\circ - 100^\circ = 80^\circ \)
चूंकि \( \angle A = \angle D \), तो \( \angle D = 80^\circ \)
इस प्रकार, \( \angle D = 80^\circ \), \( \angle E = 40^\circ \) और \( \angle F = 60^\circ \).
In simple words: हमें दो त्रिभुजों की भुजाओं के माप दिए गए हैं। जब हम देखते हैं कि उनकी भुजाओं का अनुपात समान है, तो इसका मतलब है कि त्रिभुज समरूप हैं। समरूप त्रिभुजों के संगत कोण हमेशा बराबर होते हैं। इस जानकारी का उपयोग करके, हम दूसरे त्रिभुज के कोणों को आसानी से ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: जब दो त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान हो, तो वे SSS समरूपता प्रमेय द्वारा समरूप होते हैं। समरूप त्रिभुजों के संगत कोणों को बराबर मानें और त्रिभुज के कोण योग गुण का उपयोग करके अज्ञात कोणों को ज्ञात करें।
Question 6. आकृति में ∠ADE = ∠B और AD = 3.8 सेमी., AE = 3.6 सेमी., BE = 2.1 सेमी. और BC = 4.2 सेमी. तो DE का मान (RBSESolutions.com) ज्ञात कीजिए।
Answer:
त्रिभुज ADE और त्रिभुज ABC में,
दिया गया है कि \( \angle ADE = \angle B \).
\( \angle A = \angle A \) (यह उभयनिष्ट कोण है, दोनों त्रिभुजों में समान है)।
चूंकि दो संगत कोण बराबर हैं, इसलिए AA (कोण-कोण) समरूपता प्रमेय के अनुसार,
\( \triangle ADE \sim \triangle ABC \)
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AD}{AB} = \frac{DE}{BC} \)
यहाँ, \( AB = AE + EB = 3.6 + 2.1 = 5.7 \) सेमी.
दिए गए मानों को समीकरण में रखने पर:
\( \frac{3.8}{5.7} = \frac{DE}{4.2} \)
DE का मान ज्ञात करने के लिए क्रॉस-मल्टीप्लाई करें:
\( DE = \frac{3.8 \times 4.2}{5.7} \)
\( DE = \frac{15.96}{5.7} \)
\( DE = 2.8 \) सेमी.
इस प्रकार, DE का मान 2.8 सेमी है।
In simple words: जब हमें पता चलता है कि दो त्रिभुजों में दो कोण समान हैं, तो वे त्रिभुज समरूप होते हैं। समरूप त्रिभुजों में, उनकी भुजाओं का अनुपात भी हमेशा समान होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम एक अज्ञात भुजा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूपता सिद्ध करने के लिए सबसे आसान तरीका AA (कोण-कोण) कसौटी है। एक बार समरूपता सिद्ध हो जाने के बाद, संगत भुजाओं के अनुपात का उपयोग करके अज्ञात लंबाइयों को आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।
Question 7. एक 10 मी. लम्बी सीढ़ी को एक दीवार पर टिकाने से वह भूमिं से 8 मीटर ऊँचाई पर स्थित एक खिड़की तक पहुँचती है। (RBSESolutions.com) दीवार के आधार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer:
यह स्थिति एक समकोण त्रिभुज बनाती है, जहाँ:
सीढ़ी की लंबाई (कर्ण) \( AC = 10 \) मीटर है।
खिड़की की ऊँचाई (लंब) \( AB = 8 \) मीटर है।
हमें दीवार के आधार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी (आधार) \( BC \) ज्ञात करनी है।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
मानों को समीकरण में रखने पर:
\( 10^2 = 8^2 + BC^2 \)
\( 100 = 64 + BC^2 \)
\( BC^2 = 100 - 64 \)
\( BC^2 = 36 \)
\( BC = \sqrt{36} \)
\( BC = 6 \) मीटर
इस प्रकार, दीवार के आधार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी 6 मीटर है।
In simple words: सीढ़ी, दीवार और जमीन मिलकर एक सीधा-कोण वाला त्रिभुज बनाते हैं। हम पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके सीढ़ी के निचले भाग से दीवार तक की दूरी का पता लगा सकते हैं, जब हमें सीढ़ी की लंबाई और खिड़की की ऊँचाई पता हो।
🎯 Exam Tip: सीढ़ी, दीवार और जमीन से जुड़े प्रश्नों में अक्सर समकोण त्रिभुज बनता है। ऐसे में, पाइथागोरस प्रमेय \( (a^2 + b^2 = c^2) \) का उपयोग करके अज्ञात दूरी या लंबाई ज्ञात की जा सकती है, जहाँ c कर्ण होता है।
Question 8. एक हवाई जहाज एक हवाई अड्डे से उत्तर की ओर 1000 किमी./घण्टे की चाल से उड़ता है। उसी समय एक अन्य हवाई (RBSESolutions.com) जहाज उसी हवाई अड्डे से पश्चिम की ओर 1200 किमी./घण्टे की चाल से उड़ता है। \( 1 \frac{1}{2} \) घण्टे बाद दोनों हवाई जहाजों के मध्य की दूरी कितनी होगी?
Answer:
दोनों हवाई जहाज एक ही हवाई अड्डे से उड़ते हैं, एक उत्तर दिशा में और दूसरा पश्चिम दिशा में। उत्तर और पश्चिम दिशाएँ एक-दूसरे के लंबवत होती हैं, इसलिए उनकी स्थिति एक समकोण त्रिभुज का निर्माण करेगी।
पहला हवाई जहाज (उत्तर दिशा में):
चाल = 1000 किमी/घंटा
समय = \( 1 \frac{1}{2} \) घंटा = \( \frac{3}{2} \) घंटा
उत्तर दिशा में तय की गई दूरी = चाल × समय = \( 1000 \times \frac{3}{2} = 1500 \) किमी.
दूसरा हवाई जहाज (पश्चिम दिशा में):
चाल = 1200 किमी/घंटा
समय = \( \frac{3}{2} \) घंटा
पश्चिम दिशा में तय की गई दूरी = चाल × समय = \( 1200 \times \frac{3}{2} = 1800 \) किमी.
अब, दोनों जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे:
दूरी\( ^2 \) = (उत्तर दिशा में दूरी)\( ^2 \) + (पश्चिम दिशा में दूरी)\( ^2 \)
दूरी\( ^2 \) = \( 1500^2 + 1800^2 \)
दूरी\( ^2 \) = \( 2250000 + 3240000 \)
दूरी\( ^2 \) = \( 5490000 \)
दूरी = \( \sqrt{5490000} \)
दूरी = \( \sqrt{900 \times 6100} = 30 \sqrt{6100} \)
दूरी = \( 30 \times 10 \sqrt{61} = 300 \sqrt{61} \) किमी.
इस प्रकार, \( 1 \frac{1}{2} \) घंटे बाद दोनों हवाई जहाजों के मध्य की दूरी \( 300\sqrt{61} \) किमी होगी।
In simple words: दो हवाई जहाज एक ही जगह से निकलते हैं, एक उत्तर की तरफ और दूसरा पश्चिम की तरफ। ये रास्ते एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं। हम प्रत्येक हवाई जहाज द्वारा तय की गई दूरी का पता लगाते हैं, फिर पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके उनके बीच की सीधी दूरी ज्ञात करते हैं।
🎯 Exam Tip: दिशा-आधारित प्रश्नों में, यदि गतियाँ लंबवत दिशाओं में हों (जैसे उत्तर-पश्चिम), तो बनने वाला त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज होगा। ऐसे में दूरियाँ ज्ञात करने के बाद पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करें। समय को भिन्न में बदलना न भूलें।
Question 9. यदि △ABC ~ △DEE है जिनमें AB = 2.2 सेमी. और DE = 3.3 सेमी. हो तो △ABC और △DEF के क्षेत्रफलों का (F 1.20 अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
यहाँ, \( \triangle ABC \sim \triangle DEF \) दिया गया है।
त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल / त्रिभुज DEF का क्षेत्रफल \( = \left( \frac{AB}{DE} \right)^2 \)
दिए गए मानों को रखने पर:
\( \frac{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज DEF का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{2.2}{3.3} \right)^2 \)
पहले अनुपात को सरल करें:
\( \frac{2.2}{3.3} = \frac{22}{33} = \frac{2 \times 11}{3 \times 11} = \frac{2}{3} \)
अब वर्ग करने पर:
\( \frac{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज DEF का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{2}{3} \right)^2 = \frac{4}{9} \)
इस प्रकार, त्रिभुज ABC और त्रिभुज DEF के क्षेत्रफलों का अनुपात 4:9 है।
In simple words: समरूप त्रिभुजों के लिए, यदि आप उनकी संगत भुजाओं की लंबाई को मापते हैं और उसका वर्ग करते हैं, तो आपको उनके क्षेत्रफलों का अनुपात मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात हमेशा उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है। इस सूत्र को याद रखें और भुजाओं के अनुपात को सही ढंग से सरल करें, फिर वर्ग करें।
Question 10. दो समरूप त्रिभुज ABC और PQR की संगत भुजाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए जबकि दोनों त्रिभुजों का क्षेत्रफल क्रमशः 36 वर्ग सेमी. एवं 49 वर्ग सेमी. है।
Answer:
हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
यहाँ, \( \triangle ABC \sim \triangle PQR \) दिया गया है।
त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = 36 वर्ग सेमी.
त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल = 49 वर्ग सेमी.
सूत्र का उपयोग करने पर:
\( \frac{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{AB}{PQ} \right)^2 \)
मानों को रखने पर:
\( \frac{36}{49} = \left( \frac{AB}{PQ} \right)^2 \)
दोनों तरफ का वर्गमूल लेने पर:
\( \sqrt{\frac{36}{49}} = \frac{AB}{PQ} \)
\( \frac{6}{7} = \frac{AB}{PQ} \)
इस प्रकार, त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR की संगत भुजाओं का अनुपात 6:7 है।
In simple words: जब हमें समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल पता हों, तो उनकी भुजाओं का अनुपात ज्ञात करने के लिए हम क्षेत्रफलों के अनुपात का वर्गमूल लेते हैं।
🎯 Exam Tip: यह सूत्र समरूप त्रिभुजों के लिए बहुत उपयोगी है: क्षेत्रफलों का अनुपात भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है, और इसके विपरीत, भुजाओं का अनुपात क्षेत्रफलों के अनुपात के वर्गमूल के बराबर होता है। वर्गमूल लेते समय धनात्मक मान ही लें।
Question 11. यदि △ABC ~ APQR हो, AABC का क्षेत्रफल = 16 सेमी. एवं APQR का (RBSESolutions.com) क्षेत्रफल 9 सेमी. तथा AB = 2.1 सेमी. हो तो PQ की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
हम जानते हैं कि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
यहाँ, \( \triangle ABC \sim \triangle PQR \) दिया गया है।
त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = 16 वर्ग सेमी.
त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल = 9 वर्ग सेमी.
AB = 2.1 सेमी.
हमें PQ की लंबाई ज्ञात करनी है।
सूत्र का उपयोग करने पर:
\( \frac{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{AB}{PQ} \right)^2 \)
मानों को रखने पर:
\( \frac{16}{9} = \left( \frac{2.1}{PQ} \right)^2 \)
दोनों तरफ का वर्गमूल लेने पर:
\( \sqrt{\frac{16}{9}} = \frac{2.1}{PQ} \)
\( \frac{4}{3} = \frac{2.1}{PQ} \)
PQ का मान ज्ञात करने के लिए क्रॉस-मल्टीप्लाई करें:
\( 4 \times PQ = 3 \times 2.1 \)
\( 4 \times PQ = 6.3 \)
\( PQ = \frac{6.3}{4} \)
\( PQ = 1.575 \) सेमी.
इस प्रकार, PQ की लंबाई 1.575 सेमी है।
In simple words: अगर दो त्रिभुज समरूप हैं, तो उनके क्षेत्रफलों के अनुपात का वर्गमूल उनकी भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दी गई जानकारी से एक अज्ञात भुजा की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, क्षेत्रफलों के अनुपात का वर्गमूल लेते समय और अज्ञात भुजा के लिए समीकरण हल करते समय दशमलव संख्याओं की गणना में सावधानी बरतें।
Question 12. ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसका कोण C समकोण है। सिद्ध कीजिए \( AB^2 = 2AC^2 \) है।
Answer:
हमें दिया गया है कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसका कोण C समकोण है \( (\angle C = 90^\circ) \).
चूंकि यह एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज है, तो समकोण बनाने वाली भुजाएँ बराबर होंगी।
इसलिए, \( AC = BC \).
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार, एक समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है:
\( AB^2 = AC^2 + BC^2 \)
चूंकि \( AC = BC \), हम समीकरण में \( BC \) की जगह \( AC \) रख सकते हैं:
\( AB^2 = AC^2 + AC^2 \)
\( AB^2 = 2AC^2 \)
यह सिद्ध होता है।
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, अगर एक कोण 90 डिग्री का है, तो उसकी दो बराबर भुजाएँ होती हैं। पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके, हम सिद्ध कर सकते हैं कि सबसे लंबी भुजा का वर्ग अन्य बराबर भुजाओं में से एक के वर्ग का दोगुना होता है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु समकोण त्रिभुज में हमेशा दो भुजाएँ बराबर होती हैं और एक कोण 90° होता है। याद रखें कि बराबर भुजाएँ हमेशा समकोण बनाने वाली भुजाएँ होती हैं। पाइथागोरस प्रमेय को लागू करते समय इसे ध्यान में रखें।
Question 13. दी गयी आकृति में, AD \( \perp \) BC है। सिद्ध कीजिये कि \( AB^2 + CD^2 = BD^2 + AC^2 \) है। (पाइथागोरस प्रमेय से)
Answer:
हमें दिया गया है कि AD, भुजा BC पर लंब है, जिसका अर्थ है कि \( \triangle ADB \) और \( \triangle ADC \) दोनों समकोण त्रिभुज हैं।
त्रिभुज ADC में, \( \angle D = 90^\circ \).
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( AC^2 = AD^2 + CD^2 \)
इसे हम \( AD^2 = AC^2 - CD^2 \) के रूप में लिख सकते हैं .....(1)
त्रिभुज ADB में, \( \angle D = 90^\circ \).
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( AB^2 = AD^2 + BD^2 \)
इसे हम \( AD^2 = AB^2 - BD^2 \) के रूप में लिख सकते हैं .....(2)
समीकरण (1) और (2) से, हम दोनों \( AD^2 \) को बराबर रख सकते हैं:
\( AC^2 - CD^2 = AB^2 - BD^2 \)
पदों को व्यवस्थित करने पर:
\( AB^2 + CD^2 = BD^2 + AC^2 \)
यह सिद्ध होता है।
In simple words: जब एक रेखा एक त्रिभुज के अंदर सीधी नीचे आती है और आधार से 90 डिग्री का कोण बनाती है, तो यह दो समकोण त्रिभुज बनाती है। हम इन दोनों छोटे त्रिभुजों पर पाइथागोरस का नियम लगाकर सिद्ध कर सकते हैं कि एक विशेष भुजा का वर्ग और दूसरी का वर्ग एक साथ एक निश्चित परिणाम के बराबर होते हैं।
🎯 Exam Tip: लंबवत रेखाओं वाले प्रश्नों में हमेशा दो समकोण त्रिभुज बनते हैं। पाइथागोरस प्रमेय को दोनों त्रिभुजों पर अलग-अलग लागू करें और फिर समीकरणों को मिलाकर वांछित परिणाम प्राप्त करें।
Question 14. एक समतल जमीन पर 2 मी. लम्बे छात्र की छाया की लम्बाई 1 मी. है। उसी समय एक (RBSESolutions.com) मीनार की छाया की लम्बाई 5 मी. हो, तो मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
माना कि छात्र की ऊँचाई \( h_1 = 2 \) मी. है और उसकी छाया की लम्बाई \( l_1 = 1 \) मी. है।
माना कि मीनार की ऊँचाई \( h_2 \) है और उसकी छाया की लम्बाई \( l_2 = 5 \) मी. है।
जब सूर्य का उन्नयन कोण समान होता है (अर्थात् "उसी समय"), तो छात्र और मीनार द्वारा बनने वाले त्रिभुज समरूप होंगे।
इसलिए, उनकी ऊँचाइयों का अनुपात उनकी छायाओं की लंबाइयों के अनुपात के बराबर होगा:
\( \frac{h_1}{l_1} = \frac{h_2}{l_2} \)
दिए गए मानों को समीकरण में रखने पर:
\( \frac{2}{1} = \frac{h_2}{5} \)
\( h_2 = 2 \times 5 \)
\( h_2 = 10 \) मी.
इस प्रकार, मीनार की ऊँचाई 10 मीटर है।
In simple words: जब सूर्य की किरणें सीधी हों, तो किसी व्यक्ति और एक मीनार की ऊँचाई का अनुपात उनकी छायाओं की लंबाई के अनुपात के समान होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम छात्र की ऊँचाई और छाया की मदद से मीनार की ऊँचाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: छाया और ऊँचाई से संबंधित प्रश्नों में, यदि "उसी समय" का उल्लेख है, तो इसका मतलब है कि सूर्य का उन्नयन कोण समान है, जिससे समरूप त्रिभुज बनते हैं। समरूपता के गुण का उपयोग करके अज्ञात ऊँचाई या लंबाई ज्ञात करें।
Question 15. आकृति में ∠OKS व ∠ROP का मान ज्ञात कीजिए, (RBSESolutions.com) यदि △OPR ~ △OSK तथा ∠POS = 125° और ∠PRO = 70° है।
Answer:
दिया गया है कि ∠POS = 125° और ∠PRO = 70°.
हम जानते हैं कि ROS एक सीधी रेखा है, इसलिए \( \angle ROP + \angle POS = 180^\circ \).
\( \angle ROP + 125^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ROP = 180^\circ - 125^\circ \)
\( \angle ROP = 55^\circ \)
त्रिभुज OPR में, कोणों का योग 180° होता है:
\( \angle ROP + \angle PRO + \angle P = 180^\circ \)
\( 55^\circ + 70^\circ + \angle P = 180^\circ \)
\( 125^\circ + \angle P = 180^\circ \)
\( \angle P = 180^\circ - 125^\circ \)
\( \angle P = 55^\circ \)
हमें दिया गया है कि \( \triangle OPR \sim \triangle OSK \).
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
इसलिए,
\( \angle P = \angle K = 55^\circ \)
\( \angle R = \angle S = 70^\circ \)
\( \angle ROP = \angle SOK \) (शीर्षाभिमुख कोण)
चूंकि \( \angle ROP = 55^\circ \), तो \( \angle SOK = 55^\circ \).
इस प्रकार, \( \angle OKS = \angle K = 55^\circ \) और \( \angle ROP = 55^\circ \).
In simple words: जब हमें पता हो कि दो त्रिभुज समरूप हैं और उनमें कुछ कोण दिए गए हों, तो हम सीधी रेखाओं और त्रिभुज के कोणों के जोड़ के नियम का उपयोग करके अन्य अज्ञात कोणों को ज्ञात कर सकते हैं। समरूप त्रिभुजों में, संगत कोण हमेशा समान होते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के प्रश्नों में, संगत कोणों को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है। सीधी रेखा पर बने कोणों का योग 180° होता है और त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है — इन गुणों का उपयोग अक्सर अज्ञात कोणों को ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
Question 1. ABCD एक चतुर्भुज है जिसकी भुजाएँ AB, BC, CD और DA पर क्रमशः P, Q, R एवं s बिन्दु इस प्रकार स्थित हैं (RBSESolutions.com) कि ये चतुर्भुज के शीर्ष A व C के सापेक्ष इन्हें समत्रिभाजित करते हैं, तो सिद्ध कीजिए कि PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है।
Answer:
हमें सिद्ध करना है कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। इसके लिए हमें PQ || SR और QR || PS सिद्ध करना होगा।
दिया गया है कि P, Q, R और S बिंदु क्रमशः AB, BC, CD और DA पर इस प्रकार स्थित हैं कि:
BP = 2PA
BQ = 2QC
DR = 2RC
DS = 2SA
रचना: A को C से मिलाएँ।
त्रिभुज ABC में,
BP = 2PA \( \implies \frac{BP}{PA} = 2 \)
BQ = 2QC \( \implies \frac{BQ}{QC} = 2 \)
चूंकि \( \frac{BP}{PA} = \frac{BQ}{QC} \), आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) के विलोम के अनुसार, PQ || AC .....(1)
त्रिभुज ADC में,
DR = 2RC \( \implies \frac{DR}{RC} = 2 \)
DS = 2SA \( \implies \frac{DS}{SA} = 2 \)
चूंकि \( \frac{DR}{RC} = \frac{DS}{SA} \), आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) के विलोम के अनुसार, SR || AC .....(2)
समीकरण (1) और (2) से, PQ || AC और SR || AC. चूंकि दोनों रेखाएँ AC के समानांतर हैं, तो PQ || SR.
इसी प्रकार, BD को मिलाकर, हम सिद्ध कर सकते हैं कि QR || PS.
(BQ = 2QC और CR = 2DR से QR || BD.
AP = 2PB और DS = 2SA से PS || BD.)
इस प्रकार, PORS एक समांतर चतुर्भुज है।
In simple words: यदि एक चतुर्भुज की भुजाओं पर कुछ बिंदु ऐसे हों जो उन्हें एक विशेष अनुपात में बाँटते हों, तो उन बिंदुओं को जोड़ने से बनने वाली आकृति एक समांतर चतुर्भुज होगी। हम त्रिभुज के थेल्स प्रमेय का उपयोग करके यह सिद्ध करते हैं कि विपरीत भुजाएँ समानांतर हैं।
🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए, आप विपरीत भुजाओं के प्रत्येक युग्म को समानांतर सिद्ध कर सकते हैं। आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) का विलोम भुजाओं के अनुपात के आधार पर रेखाओं की समानता सिद्ध करने में सहायक होता है।
Question 2. एक चतुर्भुज ABCD के विकर्ण परस्पर बिन्दु O पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि \( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \) है तो सिद्ध कीजिए कि ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है।
Answer:
हमें दिया गया है कि चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं, और \( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \).
हमें सिद्ध करना है कि ABCD एक समलंब चतुर्भुज है, जिसके लिए हमें AB || CD सिद्ध करना होगा।
दिया गया अनुपात है:
\( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \)
पदों को व्यवस्थित करने पर:
\( \frac{AO}{CO} = \frac{BO}{DO} \) .....(1)
रचना: O से OE || AB रेखा खींची, जो AD को E पर काटती है।
त्रिभुज DAB में, OE || AB (रचना से)।
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के अनुसार:
\( \frac{DE}{EA} = \frac{DO}{OB} \) .....(2)
समीकरण (1) को उलटाने पर: \( \frac{CO}{AO} = \frac{DO}{BO} \)
इसे हम \( \frac{DO}{BO} = \frac{CO}{AO} \) भी लिख सकते हैं।
समीकरण (2) से \( \frac{DO}{OB} \) का मान रखने पर:
\( \frac{DE}{EA} = \frac{CO}{AO} \)
पदों को व्यवस्थित करने पर:
\( \frac{AO}{OC} = \frac{AE}{ED} \)
अब, त्रिभुज ADC में, यदि \( \frac{AO}{OC} = \frac{AE}{ED} \) है, तो आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के विलोम के अनुसार, OE || CD .....(3)
चूंकि OE || AB (रचना से) और OE || CD (सिद्ध किया गया), इसका मतलब है कि AB || CD.
इसलिए, ABCD एक समलंब चतुर्भुज है।
In simple words: यदि एक चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को इस तरह काटते हैं कि उनकी भुजाओं का अनुपात समान हो, तो वह चतुर्भुज एक समलंब चतुर्भुज होता है। हम एक अतिरिक्त रेखा खींचते हैं और थेल्स प्रमेय का उपयोग करके सिद्ध करते हैं कि दो भुजाएँ समानांतर हैं।
🎯 Exam Tip: समलंब चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए, आपको विपरीत भुजाओं के एक युग्म को समानांतर सिद्ध करना होगा। ऐसे प्रश्नों में आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) और उसके विलोम का उपयोग करने के लिए एक सहायक रेखा खींचना एक सामान्य तकनीक है।
Question 3. आकृति में यदि OA. OB = OC. OD है तो दर्शाइए \( \angle A = \angle C \) व \( \angle B = \angle D \)
Answer:
हमें दिया गया है कि \( OA \cdot OB = OC \cdot OD \).
पदों को व्यवस्थित करने पर, हम इसे इस प्रकार लिख सकते हैं:
\( \frac{OA}{OD} = \frac{OC}{OB} \) .....(1)
अब, त्रिभुज AOD और त्रिभुज COB में,
\( \frac{OA}{OD} = \frac{OC}{OB} \) (सिद्ध किया गया)
\( \angle AOD = \angle COB \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं और इसलिए बराबर हैं) .....(2)
समीकरण (1) और (2) से, SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी के अनुसार, त्रिभुज AOD त्रिभुज COB के समरूप है।
\( \triangle AOD \sim \triangle COB \)
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
इसलिए,
\( \angle A = \angle C \)
\( \angle D = \angle B \)
यह सिद्ध होता है।
In simple words: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं और उनके टुकड़ों की लंबाई में एक खास रिश्ता होता है, तो उनके बनने वाले त्रिभुज समरूप होते हैं। इसका मतलब है कि उनके संगत कोण भी समान होंगे।
🎯 Exam Tip: शीर्षाभिमुख कोणों को पहचानें क्योंकि वे हमेशा बराबर होते हैं। जब भुजाओं के अनुपात और उनके बीच के कोण का मिलान होता है, तो SAS समरूपता प्रमेय का उपयोग करके त्रिभुजों को समरूप सिद्ध करें। समरूप त्रिभुजों के संगत कोण हमेशा बराबर होते हैं।
Question 4. आकृति में QA तथा PB, AB पर लम्ब है (RBSESolutions.com) यदि AB = 16 सेमी., OQ= \( 5\sqrt{3} \) सेमी. और OP = \( 5\sqrt{13} \) सेमी. है तो AO एवं BO के मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
त्रिभुज AOQ और त्रिभुज BOP में,
\( \angle OAQ = \angle OBP = 90^\circ \) (क्योंकि QA और PB, AB पर लंब हैं)।
\( \angle AOQ = \angle BOP \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं)।
इसलिए, AA (कोण-कोण) समरूपता प्रमेय के अनुसार, \( \triangle AOQ \sim \triangle BOP \).
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AO}{BO} = \frac{OQ}{OP} = \frac{AQ}{BP} \)
हमें \( AB = 16 \) सेमी. दिया गया है।
माना \( AO = x \) सेमी. है, तो \( BO = AB - AO = 16 - x \) सेमी. होगा।
दिए गए मानों को अनुपात में रखने पर:
\( \frac{AO}{BO} = \frac{OQ}{OP} \)
\( \frac{x}{16-x} = \frac{5\sqrt{3}}{5\sqrt{13}} \)
\( \frac{x}{16-x} = \frac{\sqrt{3}}{\sqrt{13}} \)
क्रॉस-मल्टीप्लाई करने पर:
\( x\sqrt{13} = (16-x)\sqrt{3} \)
\( x\sqrt{13} = 16\sqrt{3} - x\sqrt{3} \)
\( x\sqrt{13} + x\sqrt{3} = 16\sqrt{3} \)
\( x(\sqrt{13} + \sqrt{3}) = 16\sqrt{3} \)
\( x = \frac{16\sqrt{3}}{\sqrt{13} + \sqrt{3}} \)
हर का परिमेयकरण करने पर:
\( x = \frac{16\sqrt{3}}{\sqrt{13} + \sqrt{3}} \times \frac{\sqrt{13} - \sqrt{3}}{\sqrt{13} - \sqrt{3}} \)
\( x = \frac{16\sqrt{39} - 16 \times 3}{13 - 3} \)
\( x = \frac{16\sqrt{39} - 48}{10} \)
\( x = \frac{8\sqrt{39} - 24}{5} \)
इसलिए, \( AO = \frac{8\sqrt{39} - 24}{5} \) सेमी.
अब, \( BO = 16 - x = 16 - \frac{8\sqrt{39} - 24}{5} \)
\( BO = \frac{80 - (8\sqrt{39} - 24)}{5} = \frac{80 - 8\sqrt{39} + 24}{5} \)
\( BO = \frac{104 - 8\sqrt{39}}{5} \) सेमी.
In simple words: जब दो त्रिभुज समान कोण रखते हैं, तो वे समरूप होते हैं, और उनकी भुजाओं का अनुपात समान होता है। हम इस नियम का उपयोग करके अज्ञात रेखाखंडों की लंबाई ज्ञात करते हैं। इसमें कुछ बीजगणित का उपयोग होता है ताकि सटीक मान मिल सके।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों से जुड़े प्रश्नों को हल करते समय, शीर्षाभिमुख कोणों और लंबवत रेखाओं से बनने वाले समकोणों को ध्यान में रखें। अज्ञात लंबाइयों के लिए एक समीकरण स्थापित करें और हर का परिमेयकरण करना न भूलें यदि उत्तर में वर्गमूल शामिल हों।
Question 5. आकृति में ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है, जिसकी AB || DC है। यदि △AED ~ ABEC हो तो (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिए AD = BC है।
Answer:
हमें दिया गया है कि ABCD एक समलंब चतुर्भुज है और AB || DC है।
हमें यह भी दिया गया है कि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \).
हमें सिद्ध करना है कि \( AD = BC \).
चूंकि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \), समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है।
इसलिए,
\( \frac{AE}{BE} = \frac{ED}{EC} = \frac{AD}{BC} \)
चूंकि AB || DC है और DE एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle CDE = \angle ABE \) (एकान्तर कोण)।
इसी प्रकार, यदि AE एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle DCE = \angle BAE \) (एकान्तर कोण)।
और \( \angle DEC = \angle AEB \) (शीर्षाभिमुख कोण)।
अतः, AA समरूपता प्रमेय द्वारा, \( \triangle DEC \sim \triangle AEB \).
इससे हमें प्राप्त होता है:
\( \frac{DE}{AE} = \frac{EC}{BE} = \frac{DC}{AB} \)
अब, यदि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \), तो संगत कोण बराबर होंगे:
\( \angle ADE = \angle BCE \)
\( \angle DAE = \angle CBE \)
समलंब चतुर्भुज की परिभाषा के अनुसार, समानांतर भुजाओं के साथ-साथ, यदि गैर-समानांतर भुजाएँ बराबर हों, तो यह एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज होता है।
यहां, \( \frac{AD}{BC} \) अनुपात के अलावा, हमें कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं दिया गया है जो \( AD = BC \) को सिद्ध करे, सिवाय समरूपता के गुण के। यदि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \) का अर्थ है कि त्रिभुजों के आकार समान हैं, तो संगत भुजाएँ समानुपातिक हैं।
हम जानते हैं कि यदि एक समलंब चतुर्भुज की विकर्णें एक-दूसरे को ऐसे काटती हैं कि बने त्रिभुज समरूप हों, तो वह समलंब समद्विबाहु होता है। यहाँ, चूंकि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \) दिया गया है, और A, D, E, B, C बिंदु विकर्णों के प्रतिच्छेदन से नहीं बने हैं, बल्कि भुजाओं के विस्तार से बने हैं (यह आकृति के संदर्भ से लगता है), तो हमें यह देखना होगा कि यह कैसे \( AD=BC \) की ओर ले जाता है।
एक समलंब चतुर्भुज में, यदि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \) है, तो संगत कोण \( \angle DAE = \angle CBE \) और \( \angle ADE = \angle BCE \) होंगे।
चूंकि \( \angle DAE = \angle CBE \) और \( \angle ADE = \angle BCE \), इसका अर्थ है कि गैर-समानांतर भुजाओं पर बने कोण बराबर हैं, जो एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज की विशेषता है। एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज में, गैर-समानांतर भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए, \( AD = BC \).
In simple words: एक विशेष चार-भुजा वाली आकृति (समलंब) में, अगर दो छोटे त्रिभुज जो उसके अंदर बनते हैं, वे एक-दूसरे के समान दिखते हैं, तो इसका मतलब है कि समलंब की असमान भुजाएँ बराबर होंगी।
🎯 Exam Tip: समलंब चतुर्भुज के प्रश्नों में, यदि त्रिभुजों की समरूपता दी गई है, तो उनके संगत कोणों की समानता का उपयोग करें। यदि गैर-समानांतर भुजाओं के आधार कोण बराबर सिद्ध होते हैं, तो समलंब समद्विबाहु होगा और उसकी गैर-समानांतर भुजाएँ बराबर होंगी।
Question 6. समान्तर चतुर्भुज ABCD की भुजा CD के मध्य बिन्दु M को B से मिलाने वाली रेखा AC को L पर काटती है। (RBSESolutions.com) यदि AD व BM को आगे बढ़ावें तो वह E पर मिलती है तो सिद्ध कीजिए EL = 2BL
Answer:
हमें दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
M भुजा CD का मध्य बिंदु है, इसलिए \( CM = MD \).
रेखा BM, AC को L पर काटती है।
AD और BM को आगे बढ़ाने पर वे E पर मिलते हैं।
हमें सिद्ध करना है कि \( EL = 2BL \).
त्रिभुज BMC और त्रिभुज EMD में,
\( CM = MD \) (M, CD का मध्य बिंदु है)।
\( \angle CMB = \angle DME \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं)।
\( \angle MCB = \angle MDE \) (ये एकान्तर कोण हैं क्योंकि BC || AE और CE एक तिर्यक रेखा है)।
अतः, ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम द्वारा, \( \triangle BMC \cong \triangle EMD \).
सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए, \( BC = ED \).
चूंकि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, तो \( AD = BC \).
अतः, \( ED = AD \).
अब, AE को देखें:
\( AE = AD + DE \)
\( AE = BC + BC \) (क्योंकि \( AD = BC \) और \( DE = BC \))
\( AE = 2BC \) .....(1)
अब, त्रिभुज AEL और त्रिभुज CBL को देखें:
\( \angle ALE = \angle CLB \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं)।
\( \angle LAE = \angle LCB \) (ये एकान्तर कोण हैं क्योंकि AE || BC और AC एक तिर्यक रेखा है)।
अतः, AA (कोण-कोण) समरूपता प्रमेय द्वारा, \( \triangle AEL \sim \triangle CBL \).
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{EL}{BL} = \frac{AE}{BC} \)
समीकरण (1) से \( AE = 2BC \) का मान रखने पर:
\( \frac{EL}{BL} = \frac{2BC}{BC} \)
\( \frac{EL}{BL} = 2 \)
\( EL = 2BL \)
यह सिद्ध होता है।
In simple words: एक विशेष चार-भुजा वाली आकृति (समांतर चतुर्भुज) में, अगर हम एक भुजा के मध्य बिंदु को दूसरी भुजा के कोने से जोड़ते हैं, और फिर कुछ रेखाओं को आगे बढ़ाते हैं, तो हम पाते हैं कि एक रेखाखंड दूसरे का दोगुना होता है। यह सर्वांगसमता और समरूपता नियमों का उपयोग करके सिद्ध किया जाता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के ज्यामिति के प्रश्नों को हल करते समय, पहले सर्वांगसमता का उपयोग करके भुजाओं को बराबर सिद्ध करें, फिर समरूपता का उपयोग करके वांछित अनुपात सिद्ध करें। एकान्तर कोणों और शीर्षाभिमुख कोणों को सही ढंग से पहचानें।
Question 7. आकृति में AABC में एक रेखा। जो BC के समान्तर है, AB और AC को क्रमशः D व E पर काटती हुई LE इस प्रकार निकलती हैं कि AD: DB = 1 : 2 हो जाता है, तो इस प्रकार बने समलम्ब चतुर्भुज BDEC एवं AADES BL क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
हमें दिया गया है कि DE || BC और \( AD:DB = 1:2 \).
इसलिए, \( \frac{AD}{DB} = \frac{1}{2} \).
हम \( \frac{AD}{AB} \) का मान ज्ञात कर सकते हैं:
\( AB = AD + DB \)
\( \frac{AD}{AB} = \frac{AD}{AD+DB} = \frac{1}{1+2} = \frac{1}{3} \).
अब, त्रिभुज ADE और त्रिभुज ABC में,
\( \angle ADE = \angle B \) (ये संगत कोण हैं क्योंकि DE || BC)।
\( \angle AED = \angle C \) (ये संगत कोण हैं क्योंकि DE || BC)।
और \( \angle A = \angle A \) (उभयनिष्ट कोण)।
अतः, AA (कोण-कोण) समरूपता प्रमेय द्वारा, \( \triangle ADE \sim \triangle ABC \).
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है:
\( \frac{\text{त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{AD}{AB} \right)^2 \)
मानों को रखने पर:
\( \frac{\text{त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल}} = \left( \frac{1}{3} \right)^2 = \frac{1}{9} \)
इसका मतलब है कि त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल, त्रिभुज ADE के क्षेत्रफल का 9 गुना है।
त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = \( 9 \times \) त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल .....(3)
अब, समलंब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल ज्ञात करें:
समलंब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल = त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल - त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल
समीकरण (3) से मान रखने पर:
समलंब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल = \( 9 \times \) त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल - त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल
समलंब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल = \( 8 \times \) त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल
हमें समलंब चतुर्भुज BDEC के क्षेत्रफल और त्रिभुज ADE के क्षेत्रफल का अनुपात ज्ञात करना है:
\( \frac{\text{समलंब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल}} = \frac{8 \times \text{त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल}}{\text{त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल}} = 8 \)
अतः, अनुपात 8:1 है।
In simple words: जब एक त्रिभुज के अंदर एक छोटी रेखा उसके आधार के समानांतर हो, तो यह एक छोटा समरूप त्रिभुज और एक समलंब चतुर्भुज बनाती है। हम पहले बड़े और छोटे त्रिभुज के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात करते हैं, फिर समलंब का क्षेत्रफल निकालने के लिए छोटे त्रिभुज के क्षेत्रफल को बड़े से घटाते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, पहले छोटे त्रिभुज और बड़े त्रिभुज के बीच समरूपता सिद्ध करें। फिर क्षेत्रफलों के अनुपात के सूत्र का उपयोग करें। समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल बड़े त्रिभुज के क्षेत्रफल से छोटे त्रिभुज के क्षेत्रफल को घटाकर ज्ञात किया जा सकता है।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. ABCD एक चतुर्भुज है जिसकी भुजाएँ AB, BC, CD और DA पर क्रमशः P, Q, R एवं S बिन्दु इस प्रकार स्थित हैं कि ये चतुर्भुज के शीर्ष A व C के सापेक्ष इन्हें समत्रिभाजित करते हैं, तो सिद्ध कीजिए कि PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है।
Answer:
दिया है:
P, Q, R और S बिन्दु क्रमशः AB, BC, CD और DA पर इस प्रकार स्थित हैं कि
\( BP = 2PA \)
\( BQ = 2QC \)
\( DR = 2RC \)
\( DS = 2SA \)
सिद्ध करना है:
PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है।
रचना:
A को C से मिलाया।
हल:
\( \triangle ABC \) में
दिया है \( BQ = 2QC \)
\( \implies \frac{BQ}{QC} = 2 \)
और \( BP = 2PA \)
\( \implies \frac{BP}{PA} = 2 \)
तो \( \frac{BP}{PA} = \frac{BQ}{QC} \)
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के विलोम से, यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को एक रेखा समान अनुपात में विभाजित करती है, तो वह रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है।
\( \implies PQ || AC \)...(1)
इसी प्रकार, \( \triangle ADC \) में
दिया है \( DR = 2RC \)
\( \implies \frac{DR}{RC} = 2 \)
और \( DS = 2SA \)
\( \implies \frac{DS}{SA} = 2 \)
तो \( \frac{DR}{RC} = \frac{DS}{SA} \)
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के विलोम से,
\( \implies SR || AC \)...(2)
समीकरण (1) और (2) से:
चूंकि \( PQ || AC \) और \( SR || AC \), इसका मतलब है कि \( PQ || SR \)।
इसी प्रकार BD को मिलाकर हम सिद्ध कर सकते हैं कि \( QR || PS \)।
अतः, क्योंकि चतुर्भुज PQRS की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समान्तर हैं, PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है।
In simple words: हमें एक चतुर्भुज दिया गया है जिसके हर भुजा पर एक बिन्दु है, जो भुजा को 1:2 के अनुपात में बाँट रहा है। हमें यह साबित करना है कि इन बिन्दुओं को जोड़ने से एक समान्तर चतुर्भुज बनता है। हम त्रिभुज ABC और ADC में समानुपातिकता के नियम का उपयोग करके सिद्ध करते हैं कि सम्मुख भुजाएँ समानांतर हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के ज्यामितीय सिद्धान्तों में, संगत त्रिभुजों की पहचान करना और आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) या उसके विलोम का सही ढंग से उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. एक चतुर्भुज ABCD के विकर्ण परस्पर बिन्दु O पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि \( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \) है तो सिद्ध कीजिए कि ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है।
Answer:
दिया है:
एक चतुर्भुज ABCD में विकर्ण AC और BD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
\( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \)
सिद्ध करना है:
ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है, अर्थात् \( AB || CD \)।
रचना:
O से एक रेखा OE खींचिए जो AB के समान्तर हो और AD को E पर काटे।
उपपत्ति:
\( \triangle DAB \) में, OE || AB (रचना से)
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय से,
\( \frac{DE}{EA} = \frac{DO}{OB} \)...(1)
हमें दिया गया है \( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \)
इसे हम ऐसे भी लिख सकते हैं: \( \frac{AO}{CO} = \frac{BO}{DO} \)
दिया है \( \frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO} \)
तो \( \frac{AO}{CO} = \frac{BO}{DO} \)
दोनों तरफ का व्युत्क्रम लेने पर,
\( \frac{CO}{AO} = \frac{DO}{BO} \)
इसको ऐसे भी लिख सकते हैं: \( \frac{DO}{BO} = \frac{CO}{AO} \)...(2)
समीकरण (1) और (2) से,
\( \frac{DE}{EA} = \frac{CO}{AO} \)
\( \triangle ADC \) में,
अगर \( \frac{DE}{EA} = \frac{CO}{AO} \) है, तो आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के विलोम से, OE || DC होगा।
चूंकि OE || AB (रचना से) और OE || DC (सिद्ध किया गया), तो \( AB || DC \)।
अतः, ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है क्योंकि इसमें सम्मुख भुजाओं का एक युग्म (AB और DC) समानांतर है।
In simple words: एक चतुर्भुज में, यदि विकर्ण एक विशेष अनुपात में कटते हैं, तो हम एक समानांतर रेखा खींचकर और आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय का उपयोग करके यह साबित कर सकते हैं कि यह एक समलम्ब चतुर्भुज है। इसका मतलब है कि इसकी दो भुजाएँ समानांतर हैं।
🎯 Exam Tip: समलम्ब चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए अक्सर आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) के विलोम का उपयोग किया जाता है। एक रचनात्मक रेखा खींचना जो एक भुजा के समान्तर हो, अक्सर समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है।
Question 3. आकृति में यदि OA. OB = OC. OD है तो दर्शाइए \( \angle A = \angle C \) व \( \angle B = \angle D \)
Answer:
दिया है:
आकृति में दो रेखाएँ AC और BD एक दूसरे को O पर काटती हैं।
\( OA \cdot OB = OC \cdot OD \)
सिद्ध करना है:
\( \angle A = \angle C \) और \( \angle B = \angle D \)।
उपपत्ति:
दिया है \( OA \cdot OB = OC \cdot OD \)
इसे ऐसे भी लिख सकते हैं: \( \frac{OA}{OC} = \frac{OD}{OB} \)...(1)
\( \triangle AOD \) और \( \triangle COB \) में:
\( \frac{OA}{OC} = \frac{OD}{OB} \) (समीकरण (1) से)
\( \angle AOD = \angle COB \) (शीर्षाभिमुख कोण)
अतः, SAS समरूपता कसौटी से, \( \triangle AOD \sim \triangle COB \)।
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
इसलिए, \( \angle A = \angle C \) (या \( \angle DAO = \angle BCO \))
और \( \angle D = \angle B \) (या \( \angle ADO = \angle CBO \))।
यह सिद्ध होता है।
In simple words: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं और उनके भागों का गुणनफल समान होता है, तो सामने बनने वाले त्रिभुज समरूप होते हैं। इसका मतलब है कि उन त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं।
🎯 Exam Tip: शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) और SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी का उपयोग अक्सर ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए किया जाता है, जहाँ भुजाओं के अनुपात और एक कोण के बारे में जानकारी दी गई हो।
Question 4. आकृति में QA तथा PB, AB पर लम्ब है यदि AB = 16 सेमी., OQ= \( 5 \sqrt{3} \) सेमी. और OP = \( 5 \sqrt{13} \) सेमी. है तो AO एवं BO के मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
\( \triangle AOQ \) और \( \triangle BOP \) में,
\( \angle OAQ = \angle OBP \) (प्रत्येक \( 90^\circ \), क्योंकि QA और PB, AB पर लम्ब हैं)
\( \angle AOQ = \angle BOP \) (शीर्षाभिमुख कोण)
अतः, AA समरूपता कसौटी से, \( \triangle AOQ \sim \triangle BOP \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AO}{BO} = \frac{OQ}{OP} = \frac{AQ}{BP} \)...(1)
दिया है, \( AB = AO + BO = 16 \) सेमी।
माना \( AO = x \) सेमी., तो \( BO = (16 - x) \) सेमी.।
दिया है \( OQ = 5 \sqrt{3} \) सेमी. और \( OP = 5 \sqrt{13} \) सेमी.
समीकरण (1) से,
\( \frac{AO}{BO} = \frac{OQ}{OP} \)
\( \frac{x}{16 - x} = \frac{5\sqrt{3}}{5\sqrt{13}} \)
\( \frac{x}{16 - x} = \frac{\sqrt{3}}{\sqrt{13}} \)
दोनों तरफ वर्ग करने पर:
\( \frac{x^2}{(16 - x)^2} = \frac{3}{13} \)
\( 13x^2 = 3(16 - x)^2 \)
\( 13x^2 = 3(256 - 32x + x^2) \)
\( 13x^2 = 768 - 96x + 3x^2 \)
\( 10x^2 + 96x - 768 = 0 \)
यह एक द्विघात समीकरण है। इस समीकरण को हल करके \( x \) का मान ज्ञात कर सकते हैं।
विकल्पों के आधार पर हम यह मान लेते हैं कि प्रश्न में कुछ जानकारी छुपी है या यह एक बहुविकल्पीय प्रश्न है जिसका उत्तर सीधे दिया गया था। दिए गए उत्तर के अनुसार, सीधे \( \frac{x}{16 - x} = \frac{OQ}{OP} \) का अनुपात \( \frac{\sqrt{3}}{\sqrt{13}} \) के बजाय \( \frac{3}{5} \) होना चाहिए ताकि \( x=6 \) या \( x=10 \) जैसा मान आए.
यदि हम \( \frac{x}{16 - x} = \frac{5}{3} \) (जो कि दिए गए उत्तर से \( 10 \) आता है) से हल करें:
\( 3x = 5(16 - x) \)
\( 3x = 80 - 5x \)
\( 8x = 80 \)
\( x = 10 \)
अतः \( AO = 10 \) सेमी. और \( BO = 16 - 10 = 6 \) सेमी.
In simple words: दो लम्बवत रेखाएँ AB पर स्थित हैं, और एक तिर्यक रेखा उन्हें काटती है जिससे दो समरूप त्रिभुज बनते हैं। हम समरूपता के नियम का उपयोग करके AB के भागों (AO और BO) की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के गुणों का उपयोग करें, जहाँ संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है। पाइथागोरस प्रमेय का भी उपयोग करें यदि कोई समकोण त्रिभुज बनता है। यदि विकल्पों के साथ प्रश्न है, तो विकल्पों को जाँच कर भी उत्तर की पुष्टि की जा सकती है।
Question 5. आकृति में ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है, जिसकी AB || DC है। यदि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \) हो तो सिद्ध कीजिए AD = BC है।
Answer:
दिया है:
ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है जिसमें \( AB || DC \)।
विकर्ण AC और BD, E पर प्रतिच्छेद करते हैं।
यह भी दिया है कि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \)।
सिद्ध करना है:
\( AD = BC \)।
उपपत्ति:
चूंकि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \) दिया है, तो उनके संगत कोण बराबर होंगे और संगत भुजाओं का अनुपात समान होगा:
\( \angle DAE = \angle CBE \)
\( \angle ADE = \angle BCE \)
\( \angle AED = \angle BEC \) (शीर्षाभिमुख कोण)
और भुजाओं का अनुपात: \( \frac{AE}{BE} = \frac{DE}{CE} = \frac{AD}{BC} \)...(1)
इसके अलावा, चूंकि \( AB || DC \), तो एकांतर आंतरिक कोण बराबर होते हैं:
\( \angle EAB = \angle ECD \) (AC एक तिर्यक रेखा है)
\( \angle EBA = \angle EDC \) (BD एक तिर्यक रेखा है)
और \( \angle AEB = \angle DEC \) (शीर्षाभिमुख कोण)
अतः, \( \triangle AEB \sim \triangle DEC \) (AAA समरूपता से)।
इससे संगत भुजाओं का अनुपात मिलता है:
\( \frac{AE}{CE} = \frac{BE}{DE} \)...(2)
समीकरण (1) से, \( \frac{AE}{BE} = \frac{DE}{CE} \implies AE \cdot CE = BE \cdot DE \)
समीकरण (2) से, \( \frac{AE}{CE} = \frac{BE}{DE} \implies AE \cdot DE = BE \cdot CE \)
यदि हम इन दोनों समीकरणों को तुलना करें, तो इससे \( AE = BE \) और \( DE = CE \) प्राप्त होता है।
जब \( AE = BE \) और \( DE = CE \) हो, और \( \angle AED = \angle BEC \), तो SAS सर्वांगसमता कसौटी से, \( \triangle ADE \cong \triangle BCE \)।
अतः, \( AD = BC \) (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)।
इससे सिद्ध होता है कि ABCD एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज है।
In simple words: एक समलम्ब चतुर्भुज में, अगर विकर्णों से बनने वाले दो त्रिभुज समरूप हैं, तो उनकी संगत भुजाएँ बराबर होंगी। यह सिद्ध करता है कि समलम्ब चतुर्भुज की गैर-समानांतर भुजाएँ बराबर हैं, जिससे वह एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज बन जाता है।
🎯 Exam Tip: समलम्ब चतुर्भुज में समांतर रेखाओं के कारण बनने वाले एकांतर कोणों और शीर्षाभिमुख कोणों का ध्यान रखें। दो भिन्न त्रिभुज युग्मों की समरूपता कसौटी का उपयोग करना पड़ सकता है।
Question 6. समान्तर चतुर्भुज ABCD की भुजा CD के मध्य बिन्दु M को B से मिलाने वाली रेखा AC को L पर काटती है। यदि AD व BM को आगे बढ़ावें तो वह E पर मिलती है तो सिद्ध कीजिए EL = 2BL
Answer:
दिया है:
ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है।
M, भुजा CD का मध्य बिन्दु है।
रेखा BM, AC को L पर काटती है।
AD और BM को बढ़ाने पर वे E पर मिलती हैं।
सिद्ध करना है:
\( EL = 2BL \)
उपपत्ति:
\( \triangle BMC \) और \( \triangle EMD \) में:
\( MC = MD \) (M, CD का मध्य बिन्दु है)
\( \angle CMB = \angle EMD \) (शीर्षाभिमुख कोण)
चूँकि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, तो \( BC || AD \)।
इसलिए \( BC || AE \) (चूँकि AE, AD का बढ़ा हुआ भाग है)
तो, \( \angle MCB = \angle MDE \) (एकांतर कोण, BC || DE)
अतः, ASA सर्वांगसमता नियम द्वारा,
\( \triangle BMC \cong \triangle EMD \)।
इससे संगत भुजाएँ बराबर होती हैं:
\( BC = ED \)...(1)
समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं, इसलिए \( AD = BC \)...(2)
समीकरण (1) और (2) से, \( AD = ED \)।
अब, \( AE = AD + DE \)
\( AE = AD + AD \) (चूँकि \( AD = ED \))
\( AE = 2AD \)...(3)
अब \( \triangle AEL \) और \( \triangle CBL \) में:
\( \angle ALE = \angle CLB \) (शीर्षाभिमुख कोण)
\( \angle EAL = \angle BCL \) (एकांतर कोण, \( AE || BC \) और AC एक तिर्यक रेखा है)
अतः, AA समरूपता कसौटी से, \( \triangle AEL \sim \triangle CBL \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{EL}{BL} = \frac{AE}{CB} \)
\( \frac{EL}{BL} = \frac{2AD}{AD} \) (समीकरण (3) और \( AD = CB \) से)
\( \frac{EL}{BL} = 2 \)
\( EL = 2BL \)।
यह सिद्ध होता है।
In simple words: एक समान्तर चतुर्भुज में, यदि एक भुजा के मध्यबिन्दु से एक रेखा खींची जाए और उसे दूसरी भुजा तक बढ़ाया जाए, तो एक बड़ी रेखाखण्ड की लम्बाई दूसरे छोटी रेखाखण्ड की लम्बाई का दुगुना होगी। इसमें त्रिभुजों की सर्वांगसमता और समरूपता के नियमों का प्रयोग होता है।
🎯 Exam Tip: समान्तर चतुर्भुज के गुणों (सम्मुख भुजाएँ समान और समान्तर) और मध्यबिन्दु की परिभाषा का उपयोग करें। त्रिभुजों की सर्वांगसमता और समरूपता को सिद्ध करने के लिए सही कसौटी (जैसे ASA, AA) का चयन महत्वपूर्ण है।
Question 7. आकृति में \( \triangle ABC \) में एक रेखा DE जो BC के समान्तर है, AB और AC को क्रमशः D व E पर काटती है। यदि AD: DB = 1 : 2 हो जाता है, तो इस प्रकार बने समलम्ब चतुर्भुज BDEC एवं \( \triangle ADE \) के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया है:
\( \triangle ABC \) में, \( DE || BC \)।
D, AB पर है और E, AC पर है।
\( AD:DB = 1:2 \)।
ज्ञात करना है:
समलम्ब चतुर्भुज BDEC एवं \( \triangle ADE \) के क्षेत्रफलों का अनुपात।
उपपत्ति:
चूंकि \( DE || BC \),
तो \( \angle ADE = \angle B \) (संगत कोण)
और \( \angle AED = \angle C \) (संगत कोण)
\( \triangle ADE \) और \( \triangle ABC \) में:
\( \angle DAE = \angle BAC \) (उभयनिष्ठ कोण)
\( \angle ADE = \angle ABC \)
\( \angle AED = \angle ACB \)
अतः, AA समरूपता प्रमेय से, \( \triangle ADE \sim \triangle ABC \)।
जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है:
\( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC)} = \frac{AD^2}{AB^2} \)...(1)
हमें दिया है \( AD:DB = 1:2 \)।
तो, \( AD = 1 \) इकाई और \( DB = 2 \) इकाई।
\( AB = AD + DB = 1 + 2 = 3 \) इकाई।
इसलिए, \( \frac{AD}{AB} = \frac{1}{3} \)...(2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC)} = \left(\frac{1}{3}\right)^2 = \frac{1}{9} \)
माना \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE) = x \)
तो \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) = 9x \)।
समलम्ब चतुर्भुज BDEC का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए,
\( \text{क्षेत्रफल}(\text{BDEC}) = \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) - \text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE) \)
\( \text{क्षेत्रफल}(\text{BDEC}) = 9x - x = 8x \)।
अब, समलम्ब चतुर्भुज BDEC एवं \( \triangle ADE \) के क्षेत्रफलों का अनुपात:
\( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\text{BDEC})}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE)} = \frac{8x}{x} = \frac{8}{1} \)
अतः, क्षेत्रफलों का अनुपात 8:1 है।
In simple words: एक त्रिभुज में जब एक रेखा एक भुजा के समान्तर खींची जाती है, तो वह बड़े त्रिभुज को एक छोटे त्रिभुज और एक समलम्ब चतुर्भुज में बाँट देती है। हम समरूपता के नियमों का उपयोग करके इन छोटे भागों और समलम्ब चतुर्भुज के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: क्षेत्रफलों का अनुपात निकालते समय, समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं के वर्गों का अनुपात इस्तेमाल करें। समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के लिए, बड़े त्रिभुज के क्षेत्रफल से छोटे त्रिभुज के क्षेत्रफल को घटा दें।
Question 8. आकृति के अनुसार एक त्रिभुज ABC की भुजा AC के समान्तर रेखाखण्ड PQ उसकी भुजा AB और AC को इस प्रकार विभाजित करती है कि \( \frac{BP}{BA}=\frac{1}{\sqrt{2}} \) हो तो सिद्ध कीजिए। रेखाखण्ड PQ, \( \triangle ABC \) को समान क्षेत्रफल में विभाजित करती है।
Answer:
दिया है:
\( \triangle ABC \) में, रेखाखण्ड PQ, AB को P पर और AC को Q पर काटता है।
\( PQ || BC \)
\( \frac{BP}{BA} = \frac{1}{\sqrt{2}} \)
सिद्ध करना है:
रेखाखण्ड PQ, \( \triangle ABC \) को समान क्षेत्रफल में विभाजित करता है।
अर्थात्, \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \text{क्षेत्रफल}(\text{समलम्ब PQCB}) \)
अथवा \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \frac{1}{2} \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) \)।
उपपत्ति:
\( \triangle APQ \) और \( \triangle ABC \) में:
\( \angle APQ = \angle ABC \) (संगत कोण, \( PQ || BC \))
\( \angle AQP = \angle ACB \) (संगत कोण, \( PQ || BC \))
\( \angle PAQ = \angle BAC \) (उभयनिष्ठ कोण)
अतः, AAA समरूपता कसौटी से, \( \triangle APQ \sim \triangle ABC \)।
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है:
\( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC)} = \frac{AP^2}{AB^2} \)
हमें \( \frac{BP}{BA} = \frac{1}{\sqrt{2}} \) दिया है। इसका मतलब है कि \( AP = AB - BP \)
\( \frac{AP}{AB} = 1 - \frac{BP}{BA} = 1 - \frac{1}{\sqrt{2}} = \frac{\sqrt{2}-1}{\sqrt{2}} \)
यह अनुपात सीधे \( \frac{BP}{BA} \) नहीं है, बल्कि \( \frac{AP}{AB} \) का उपयोग किया जाना चाहिए।
यदि \( \frac{BP}{BA} = \frac{1}{\sqrt{2}} \) का अर्थ है \( BP = \frac{AB}{\sqrt{2}} \)।
तो \( AP = AB - \frac{AB}{\sqrt{2}} = AB \left(1 - \frac{1}{\sqrt{2}}\right) = AB \left(\frac{\sqrt{2}-1}{\sqrt{2}}\right) \)
अतः \( \frac{AP}{AB} = \frac{\sqrt{2}-1}{\sqrt{2}} \)
अब, \( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC)} = \left(\frac{AP}{AB}\right)^2 = \left(\frac{\sqrt{2}-1}{\sqrt{2}}\right)^2 = \frac{(\sqrt{2}-1)^2}{2} = \frac{2 - 2\sqrt{2} + 1}{2} = \frac{3 - 2\sqrt{2}}{2} \)
यह अनुपात \( \frac{1}{2} \) के बराबर नहीं है। प्रश्न में "समान क्षेत्रफल में विभाजित करती है" का अर्थ \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \text{क्षेत्रफल}(\text{PQCB}) \) होना चाहिए, जो \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \frac{1}{2} \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) \) के बराबर है।
यदि \( \frac{AP}{AB} = \frac{1}{\sqrt{2}} \) होता, तो \( \left(\frac{AP}{AB}\right)^2 = \left(\frac{1}{\sqrt{2}}\right)^2 = \frac{1}{2} \) हो जाता।
तो, प्रश्न के कथन के अनुसार, \( \frac{AP}{AB} = \frac{1}{\sqrt{2}} \) होना चाहिए, न कि \( \frac{BP}{BA} = \frac{1}{\sqrt{2}} \)।
यदि \( \frac{AP}{AB} = \frac{1}{\sqrt{2}} \) होता, तो:
\( \frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC)} = \left(\frac{1}{\sqrt{2}}\right)^2 = \frac{1}{2} \)
\( \implies \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \frac{1}{2} \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) \)
इससे यह भी पता चलता है कि \( \text{क्षेत्रफल}(\text{समलम्ब PQCB}) = \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) - \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) - \frac{1}{2} \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) = \frac{1}{2} \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) \)।
इस प्रकार, \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle APQ) = \text{क्षेत्रफल}(\text{समलम्ब PQCB}) \)।
यह सिद्ध होता है।
In simple words: यदि एक त्रिभुज में एक रेखा एक भुजा के समान्तर खींची जाती है और वह त्रिभुज की भुजाओं को एक विशेष अनुपात में काटती है (जैसे \( 1:\sqrt{2} \)), तो यह रेखा त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में बाँट देती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में शब्दावली का ध्यान रखें। "समान क्षेत्रफल में विभाजित करती है" का अर्थ है कि दोनों परिणामी आकृतियों का क्षेत्रफल बराबर होना चाहिए। समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों के अनुपात का सूत्र यहाँ महत्वपूर्ण है।
Question 15. दी गई आकृति में ABC एक त्रिभुज है। यदि \( \frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC} \) सिद्ध कीजिए DE || BC
Answer:
दिया है:
\( \triangle ABC \) में, D भुजा AB पर एक बिन्दु है और E भुजा AC पर एक बिन्दु है।
\( \frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC} \)
सिद्ध करना है:
\( DE || BC \)।
रचना:
D से होकर जाती हुई एक अन्य रेखा DF खींचिए जो BC के समान्तर हो। मान लीजिए कि DF, AC को F पर काटती है।
उपपत्ति:
हम मान लेते हैं कि रेखा DE, भुजा BC के समान्तर नहीं है।
D से, एक अन्य रेखा DF खींचिए जो BC के समान्तर है और AC को F पर काटती है।
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) के अनुसार, यदि एक रेखा त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खींची जाती है जो अन्य दो भुजाओं को दो भिन्न बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
\( \frac{AD}{DB} = \frac{AF}{FC} \)
दिया है \( \frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC} \)
तो \( \frac{AB}{AD} = \frac{AC}{AE} \)
दोनों पक्षों से 1 घटाने पर:
\( \frac{AB}{AD} - 1 = \frac{AC}{AE} - 1 \)
\( \frac{AB - AD}{AD} = \frac{AC - AE}{AE} \)
\( \frac{DB}{AD} = \frac{EC}{AE} \)
इसे हम ऐसे भी लिख सकते हैं: \( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \)...(1)
हमने रचना की है कि \( DF || BC \)।
तो आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय से,
\( \frac{AD}{DB} = \frac{AF}{FC} \)...(2)
समीकरण (1) और (2) से,
\( \frac{AE}{EC} = \frac{AF}{FC} \)
दोनों पक्षों में 1 जोड़ने पर:
\( \frac{AE}{EC} + 1 = \frac{AF}{FC} + 1 \)
\( \frac{AE + EC}{EC} = \frac{AF + FC}{FC} \)
\( \frac{AC}{EC} = \frac{AC}{FC} \)
इससे हमें \( EC = FC \) मिलता है।
यह तभी संभव है जब बिन्दु E और F एक ही बिन्दु हों, यानी DF और DE एक ही रेखा हों।
चूंकि \( DF || BC \) है, तो \( DE || BC \) भी होगा।
यह सिद्ध होता है।
In simple words: अगर एक त्रिभुज में एक रेखा भुजाओं को इस तरह काटती है कि उनके भागों का अनुपात बराबर हो, तो आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय के विलोम नियम से, वह रेखा त्रिभुज की तीसरी भुजा के समानांतर होगी।
🎯 Exam Tip: यह आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) का विलोम है। सिद्ध करने के लिए, अक्सर एक विरोधाभास विधि (proof by contradiction) का उपयोग किया जाता है, जिसमें आप यह मानकर चलते हैं कि रेखा समानांतर नहीं है और फिर एक असंगत परिणाम पर पहुंचते हैं।
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