RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 10 बिन्दु पथ Exercise 10.2

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 10 Mathematics Chapter 10 बिन्दु पथ

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प्रश्न 1. त्रिभुज के तीनों शीर्षों एवं तीनों भुजाओं से समदूरस्थ बिन्दु का (RBSESolutions.com) बिन्दुपथ ज्ञात कीजिये।
(i) दिया हुआ है- ABC एक त्रिभुज है जिसमें D और E, AB और AC के मध्य बिन्दु हैं। ज्ञात करना है-ऐसे बिन्दु का बिन्दुपथ जो △ABC के शीर्षों से समदूरस्थ रहकर गमन करे।
Answer: त्रिभुज के तीनों शीर्षों से समान दूरी पर रहने वाले बिन्दु का पथ परिकेन्द्र कहलाता है। यह बिन्दु त्रिभुज की भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों के कटान बिन्दु पर स्थित होता है। AB और AC भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों का कटान बिन्दु O, त्रिभुज ABC के तीनों शीर्षों A, B और C से समान दूरी पर होता है। किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों का कटान बिन्दु परिवृत्त का केंद्र होता है। इसलिए, △ABC के तीनों शीर्षों से समदूरस्थ बिन्दु का अभीष्ट बिन्दुपथ इसका परिकेन्द्र O होगा। यह परिकेन्द्र ही त्रिभुज के परिवृत्त का केंद्र होता है।
U A B C D E O
In simple words: किसी त्रिभुज के तीनों कोनों से बराबर दूरी पर रहने वाला बिन्दु उसका परिकेन्द्र होता है। यह बिन्दु त्रिभुज की भुजाओं के बीच की लम्ब रेखाओं के मिलने की जगह पर होता है।
(ii) दिया हुआ है- ABC एक त्रिभुज है। ज्ञात करना है-उस बिन्दु का बिन्दुपथ जो △ABC की भुजाओं से समदूरस्थ रहकर गमन करे।
Answer: त्रिभुज की तीनों भुजाओं से समान दूरी पर रहने वाले बिन्दु का पथ अन्तःकेन्द्र कहलाता है। यह बिन्दु त्रिभुज के कोणों के समद्विभाजकों के कटान बिन्दु पर स्थित होता है। जब कोणों के समद्विभाजक मिलते हैं, तो वह बिन्दु त्रिभुज की तीनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है। इसलिए, △ABC की भुजाओं से समदूरस्थ बिन्दु का अभीष्ट बिन्दुपथ इसका अन्तःकेन्द्र O होगा। यह अन्तःकेन्द्र ही त्रिभुज के अन्तःवृत्त का केंद्र होता है।
In simple words: किसी त्रिभुज की तीनों भुजाओं से बराबर दूरी पर रहने वाला बिन्दु उसका अन्तःकेन्द्र होता है। यह बिन्दु त्रिभुज के कोणों को आधा करने वाली रेखाओं के मिलने की जगह पर होता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि परिकेन्द्र शीर्षों से समदूरस्थ होता है, और अन्तःकेन्द्र भुजाओं से समदूरस्थ होता है।

 

प्रश्न 2. एक △ABC में, माध्यिकाएँ AD, BE और CF बिन्दू G पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि AG = 6 सेमी., BE = 9 सेमी. और GF = 4.5 सेमी. हों, तो GD, BG और CF ज्ञात कीजिये।
Answer: △ABC में AD, BC की माध्यिका है और माध्यिकाओं का प्रतिच्छेद बिन्दु G है। हम जानते हैं कि त्रिभुज में माध्यिकाएँ एक दूसरे को 2:1 के अनुपात में विभाजित करती हैं। यह अनुपात गुरुत्व केंद्र की स्थिति को बताता है, जहाँ त्रिभुज का द्रव्यमान केंद्रित होता है।
A B C D G E F
\( \therefore \frac{AG}{GD} = \frac{2}{1} \)
\( \implies \frac{6}{GD} = \frac{2}{1} \)
\( \implies GD = \frac{6}{2} = 3 \) सेमी.
इसी प्रकार △ABC में BE, AC की माध्यिका है।
\( \therefore \frac{BG}{GE} = \frac{2}{1} \)
लेकिन \( BE = BG + GE = 9 \) सेमी.
\( \implies \frac{BG}{BE-BG} = \frac{2}{1} \)
\( \implies BG = 2(9-BG) \)
\( \implies BG = 18 - 2BG \)
\( \implies 3BG = 18 \)
\( \implies BG = \frac{18}{3} = 6 \) सेमी.
इसी प्रकार से △ABC में CF, भुजा AB की माध्यिका है।
\( \therefore \frac{GC}{GF} = \frac{2}{1} \)
\( \implies \frac{GC}{4.5} = \frac{2}{1} \)
\( \implies GC = 2 \times 4.5 = 9 \) सेमी.
इसलिए \( CF = GC + GF = 9 + 4.5 = 13.5 \) सेमी.
In simple words: माध्यिकाएँ एक-दूसरे को 2:1 के अनुपात में बांटती हैं। दिए गए मानों का उपयोग करके, हम इस अनुपात को लगाकर अज्ञात लम्बाइयों GD, BG और CF को ज्ञात कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि केंद्रक माध्यिका को शीर्ष से 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है, जहाँ बड़ा भाग शीर्ष की ओर होता है।

 

प्रश्न 3. एक △ABC में, माध्यिकाएँ AD, BE और CF बिन्दु G पर प्रतिच्छेद करती हैं। (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिये कि AD+ BE > \( \frac{3}{2} \) AB [संकेत AG + BG > AB]
Answer: दिया है- AD, BE और CE, △ABC की तीन माध्यिकाएँ हैं जो बिन्दु G पर प्रतिच्छेद करती हैं। हम जानते हैं कि त्रिभुज में किसी भी दो भुजाओं का योग हमेशा तीसरी भुजा से अधिक होता है। माध्यिकाएँ एक-दूसरे को 2:1 के अनुपात में विभाजित करती हैं।
पहले, माध्यिकाओं के विभाजन अनुपात का उपयोग करते हैं:
\( \frac{AG}{GD} = \frac{2}{1} \)
\( \implies 1 + \frac{GD}{AG} = 1 + \frac{1}{2} \) (दोनों तरफ AG से भाग देने पर)
\( \implies \frac{AG+GD}{AG} = \frac{3}{2} \)
चूँकि \( AG + GD = AD \), तो
\( \frac{AD}{AG} = \frac{3}{2} \)
\( \implies AD = \frac{3}{2} AG \) .....(1)
इसी तरह से,
\( BE = \frac{3}{2} BG \) .....(2)
और \( CF = \frac{3}{2} CG \) .....(3)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
\( AD + BE = \frac{3}{2} AG + \frac{3}{2} BG \)
\( \implies AD + BE = \frac{3}{2} (AG + BG) \) .....(4)
परन्तु △AGB में, त्रिभुज असमानता नियम के अनुसार,
\( AG + BG > AB \) .....(5)
समीकरण (4) में \( AG + BG \) का मान समीकरण (5) से रखने पर,
\( AD + BE > \frac{3}{2} AB \) (इतिसिद्धम्)
In simple words: यह सिद्ध करने के लिए कि त्रिभुज की दो माध्यिकाओं का योग तीसरी भुजा के 1.5 गुना से अधिक होता है, हम त्रिभुज असमानता और माध्यिका विभाजन अनुपात का उपयोग करते हैं। माध्यिकाएँ जहाँ मिलती हैं, वहाँ एक छोटा त्रिभुज बनता है, जिसमें दो माध्यिका खंडों का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, त्रिभुज असमानता नियम (किन्हीं भी दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होता है) और माध्यिका के विभाजन अनुपात का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 4. सिद्ध कीजिये कि त्रिभुज की दो माध्यिकाओं का योग तीसरी (RBSESolutions.com) माध्यिका से अधिक होता है।
Answer: दिया है- AD, BE और CE, △ABC की तीन माध्यिकाएँ हैं जिनका प्रतिच्छेद बिन्दु G है। अतः G केन्द्रक होगा।
सिद्ध करना है- दो माध्यिकाओं का योग > तीसरी माध्यिका से, अर्थात्:
\( AD + BE > CF \)
\( BE + CF > AD \)
\( AD + CF > BE \)
रचना: AD को H तक बढ़ाया गया है ताकि \( AG = GH \) हो। HB और HC को मिलाया।
A B C D G H
उपपत्ति-
△ABH में E, AB का मध्य बिन्दु है (दिया है)। G, AH का मध्य बिन्दु है (रचना से)।
\( \therefore FG \parallel BH \) (मध्य बिन्दु प्रमेय से, त्रिभुज में दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समान्तर होती है)।
इसी प्रकार, △ACH में,
\( \therefore GE \parallel HC \)
हम जानते हैं कि माध्यिकाएँ एक-दूसरे को \( 2:1 \) के अनुपात में विभाजित करती हैं, इसलिए \( BG \parallel HC \) और \( GC \parallel BH \)।
इस प्रकार चतुर्भुज BHCG एक समान्तर चतुर्भुज है।
\( \implies BH = CG \)
और \( HC = BG \)
चूँकि, त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है, △BHG में:
\( BG + GH > BH \)
क्योंकि \( AG = GH \) (रचना से), और \( BH = CG \) (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ),
\( \implies BG + AG > CG \)
\( \implies BE + AD > CF \)
इसी प्रकार अन्य दो असमानताएँ भी सिद्ध की जा सकती हैं:
\( BE + CF > AD \)
\( AD + CF > BE \) (इतिसिद्धम्)
In simple words: किसी त्रिभुज में किन्हीं दो माध्यिकाओं का योग हमेशा तीसरी माध्यिका से बड़ा होता है। इसे सिद्ध करने के लिए, हम एक माध्यिका को दोगुना करके एक समानांतर चतुर्भुज बनाते हैं, फिर त्रिभुज असमानता नियम का उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रमाण में मध्य बिन्दु प्रमेय और समानांतर चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करें। रचना में माध्यिका को बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

प्रश्न 5. एक △ABC में माध्यिकाएँ AD, BE और CF बिन्दु G पर प्रतिच्छेद करती हैं। (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिये कि- 4(AD + BE + CF) > 3(AB + BC + CA)
Answer: दिया है- △ABC की माध्यिकाएँ AD, BE और CF का प्रतिच्छेद बिन्दु G है। हम जानते हैं कि त्रिभुज में किन्हीं भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है। साथ ही, माध्यिकाएँ केंद्रक G पर 2:1 के अनुपात में विभाजित होती हैं।
उपपत्ति-
प्रश्न 3 के परिणाम से, हम जानते हैं कि:
\( 2(AD + BE) > 3AB \) .....(iv)
इसी प्रकार,
समीकरण (ii) व समीकरण (iii) को जोड़ने पर:
\( BE + CF = \frac{3}{2} BG + \frac{3}{2} GC \)
\( \implies BE + CF = \frac{3}{2} (BG + GC) \)
परन्तु △BGC में, \( BG + GC > BC \) (त्रिभुज असमानता)
\( \implies BE + CF > \frac{3}{2} BC \)
\( \implies 2(BE + CF) > 3BC \) .....(v)
समीकरण (iii) व समीकरण (i) को जोड़ने पर:
\( CF + AD = \frac{3}{2} CG + \frac{3}{2} AG \)
\( \implies CF + AD = \frac{3}{2} (CG + AG) \)
परन्तु △AGC में, \( CG + AG > CA \) (त्रिभुज असमानता)
\( \implies CF + AD > \frac{3}{2} CA \)
\( \implies 2(CF + AD) > 3CA \) .....(vi)
समीकरण (iv), (v) व (vi) को जोड़ने पर:
\( 2(AD + BE) + 2(BE + CF) + 2(CF + AD) > 3AB + 3BC + 3CA \)
\( \implies 4AD + 4BE + 4CF > 3AB + 3BC + 3CA \)
\( \implies 4(AD + BE + CF) > 3(AB + BC + CA) \) (इतिसिद्धम्)
In simple words: यह सिद्ध करने के लिए कि माध्यिकाओं के कुल योग का 4 गुना त्रिभुज की भुजाओं के कुल योग के 3 गुना से अधिक है, हम पिछली सिद्ध की गई असमानताओं का उपयोग करते हैं और उन्हें जोड़ते हैं। यह दिखाता है कि माध्यिकाएँ त्रिभुज की भुजाओं से कैसे संबंधित हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रमाणों में, पहले से सिद्ध की गई असमानताओं का उपयोग करके नए परिणामों को प्राप्त करना एक कुशल तरीका है। प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

प्रश्न 6. △ABC का लम्ब केन्द्र P है। (RBSESolutions.com) सिद्ध कीजिए कि APBC को लम्ब केन्द्र बिन्दु A है।
Answer: दिया है- △ABC का लम्ब केन्द्र P है।
उपपत्ति-
माना कि AP, BP और CP को बढ़ाने पर बिन्दु D, E, F पर क्रमशः भुजा BC, AC एवं AB पर काटते हैं।
A B C D P
तब, चूँकि P △ABC का लम्ब केन्द्र है, तो
\( AD \perp BC \)
\( BE \perp AC \)
\( CF \perp AB \)
इससे स्पष्ट है कि
\( AD \perp BC \)
\( AB \perp CP \)
\( AC \perp BP \)
अब △PBC में, AD भुजा BC पर लम्ब है, BE भुजा AC पर लम्ब है, और CF भुजा AB पर लम्ब है।
बिन्दु A, BC के संबंध में लंबवत ऊंचाई का प्रतिनिधित्व करता है, PB के संबंध में C से लंबवत ऊंचाई का प्रतिनिधित्व करता है, और PC के संबंध में B से लंबवत ऊंचाई का प्रतिनिधित्व करता है।
अतः, △PBC का लम्ब केन्द्र बिन्दु A है। (इतिसिद्धम्)
In simple words: यदि किसी त्रिभुज ABC का लम्ब केन्द्र P है, तो यह सिद्ध करने के लिए कि A, त्रिभुज PBC का लम्ब केन्द्र है, हम देखते हैं कि त्रिभुज ABC की ऊंचाईयाँ PBC की भुजाओं पर लंबवत हैं। लम्ब केन्द्र वह बिन्दु होता है जहाँ से शीर्षों से विपरीत भुजाओं पर खींची गई ऊँचाईयाँ मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: लम्ब केन्द्र की परिभाषा को ध्यान में रखें: यह शीर्षों से विपरीत भुजाओं पर खींची गई ऊँचाईयों का प्रतिच्छेद बिन्दु होता है। इस प्रश्न में त्रिभुजों को ध्यान से देखें।

 

प्रश्न 7. AABC में माध्यिकाएँ AD, BE और CF बिन्दु G से गुजरती (a) यदि GF = 4 सेमी. हो तो GC का मान ज्ञात कीजिए। (b) यदि AD = 7.5 सेमी. हो तो GD का (RBSESolutions.com) मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हल:
(i) △ABC में CE, भुजा AB की माध्यिका है। माध्यिकाएँ केंद्रक G पर 2:1 के अनुपात में विभाजित होती हैं।
\( \frac{GC}{GF} = \frac{2}{1} \)
हमें GF = 4 सेमी दिया गया है।
\( \implies \frac{GC}{4} = \frac{2}{1} \)
\( \implies GC = 2 \times 4 = 8 \) सेमी.
इसलिए, \( CF = GC + GF = 8 + 4 = 12 \) सेमी.
A B C D G E F
(ii) पुनः, △ABC में AD, भुजा BC की माध्यिका है। माध्यिका AD को केंद्रक G 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
\( \frac{AG}{GD} = \frac{2}{1} \)
हमें AD = 7.5 सेमी दिया गया है। हम जानते हैं कि \( AD = AG + GD \)।
इस समीकरण को दूसरे तरीके से भी लिखा जा सकता है: \( \frac{AD}{GD} = \frac{AG+GD}{GD} = \frac{AG}{GD} + 1 \)
\( \implies \frac{AD}{GD} = \frac{2}{1} + 1 = 3 \)
\( \implies GD = \frac{AD}{3} \)
\( \implies GD = \frac{7.5}{3} = 2.5 \) सेमी.
In simple words: त्रिभुज की माध्यिकाएँ केंद्रक पर 2:1 के अनुपात में कटती हैं। इस नियम का उपयोग करके, हम दिए गए GF और AD के मानों से GC और GD का मान आसानी से निकाल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: जब भी माध्यिका से संबंधित प्रश्न हों, माध्यिकाओं के 2:1 विभाजन अनुपात को याद रखें। यह अनुपात शीर्ष से केंद्रक तक और केंद्रक से भुजा तक की दूरी को दर्शाता है।

 

प्रश्न 9. △ABC समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC, D, BC का मध्य बिन्दु है।। सिद्ध करना है-परिके न्द्र, अंत.. केन्द्र, लम्बकेन्द्र तथा केन्द्रक सभी AD रेखा पर स्थित हैं। उपपत्ति-परिकेन्द्र-किसी त्रिभुज का परिकेन्द्र इसकी भुजा के लम्ब समद्विभाजक पर होता है।
Answer: दिया है- △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें \( AB = AC \) है, और D, BC का मध्य बिन्दु है।
सिद्ध करना है कि परिकेन्द्र, अंतःकेन्द्र, लम्बकेन्द्र और केन्द्रक सभी AD रेखा पर स्थित हैं।
A B C D
उपपत्ति-
1. परिकेन्द्र:
किसी त्रिभुज का परिकेन्द्र उसकी भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों पर होता है।
△ABD और △ACD में:
\( AB = AC \) (दिया है)
\( BD = DC \) (D मध्य बिन्दु है)
\( AD = AD \) (उभयनिष्ठ भुजा)
\( \implies \triangle ABD \cong \triangle ACD \) (भुजा-भुजा-भुजा नियम)
\( \implies \angle ADB = \angle ADC \) (CPCT से)
चूँकि \( \angle ADB + \angle ADC = 180^\circ \), तो \( \angle ADB = \angle ADC = 90^\circ \)।
अतः \( AD \perp BC \) है। क्योंकि D, BC का मध्य बिन्दु है, AD, BC का लम्ब समद्विभाजक है। इसलिए, परिकेन्द्र AD पर स्थित होगा।
2. अन्तःकेन्द्र:
त्रिभुज का अन्तःकेन्द्र कोणों के समद्विभाजकों पर स्थित होता है।
चूँकि \( \triangle ABD \cong \triangle ACD \), तो \( \angle BAD = \angle CAD \) (CPCT से)।
अतः AD, कोण BAC का समद्विभाजक है। इसलिए, अन्तःकेन्द्र AD पर स्थित होगा।
3. लम्बकेन्द्र:
त्रिभुज का लम्बकेन्द्र शीर्षों से विपरीत भुजाओं पर डाले गए लम्बों पर स्थित होता है।
चूँकि \( AD \perp BC \), AD शीर्ष A से भुजा BC पर डाला गया लम्ब है। इसलिए, लम्बकेन्द्र AD पर स्थित होगा।
4. केन्द्रक:
त्रिभुज का केन्द्रक माध्यिकाओं पर स्थित होता है।
चूँकि D, BC का मध्य बिन्दु है, AD एक माध्यिका है। इसलिए, केन्द्रक AD पर स्थित होगा।
अतः परिकेन्द्र, अन्तःकेन्द्र, लम्बकेन्द्र और केन्द्रक सभी AD रेखा पर स्थित हैं। (इतिसिद्धम्)
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, जो रेखा शीर्ष से आधार के मध्यबिंदु तक जाती है (इस मामले में AD), उस पर ही सभी महत्वपूर्ण केंद्र - परिकेन्द्र, अंतःकेन्द्र, लम्बकेन्द्र और केन्द्रक - स्थित होते हैं।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों को याद रखें, विशेषकर वह रेखा जो असमान भुजा के मध्य बिन्दु से विपरीत शीर्ष तक जाती है। यह रेखा कई ज्यामितीय केंद्रों का स्थान होती है।

 

प्रश्न 10. △ABC की भुजा BC में वह बिन्दु किस प्रकार (RBSESolutions.com) ज्ञात करेंगे जो भुजाओं AB और AC से समदूरस्थ हों।
Answer: हल:
एक बिन्दु जो त्रिभुज की भुजाओं AB और AC से समदूरस्थ होता है, वह ∠BAC के समद्विभाजक पर स्थित होता है।
A B C X P N M
∠A का समद्विभाजक AX खींचा जो BC को D पर काटता है। AX पर कोई बिन्दु P लेते हैं, बिन्दु P से भुजा AB पर PN तथा AC पर PM लम्ब डाला।
△APN और △APM में:
\( \angle PNA = \angle PMA = 90^\circ \) (रचना से)
\( \angle PAN = \angle PAM \) (AX कोण A का समद्विभाजक है)
\( AP = AP \) (उभयनिष्ठ)
\( \implies \triangle APN \cong \triangle APM \) (AAS सर्वांगसमता नियम से)
\( \implies PN = PM \) (CPCT से)
अतः बिन्दु P से AB व AC समान दूरी पर हैं।
इस प्रकार, AX रेखा पर स्थित कोई भी बिन्दु AB व AC से समान दूरी पर होगा।
BC रेखा पर स्थित बिन्दु D, AB व AC से समान दूरी पर होगा क्योंकि यह कोण A के समद्विभाजक AX पर स्थित है।
In simple words: किसी त्रिभुज की दो भुजाओं से बराबर दूरी पर रहने वाला बिन्दु उस कोण के समद्विभाजक पर स्थित होता है जो उन दोनों भुजाओं के बीच बनता है। इसलिए, AB और AC भुजाओं से समान दूरी पर रहने वाला बिन्दु ∠BAC के समद्विभाजक पर मिलेगा।

🎯 Exam Tip: यह एक मौलिक ज्यामितीय अवधारणा है कि एक कोण का समद्विभाजक उस कोण की भुजाओं से समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ होता है।

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RBSE Solutions for Class 10 Mathematics Chapter 10 बिन्दु पथ

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