RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 10 बिन्दु पथ More Ques

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Detailed Chapter 10 बिन्दु पथ RBSE Solutions for Class 10 Mathematics

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Class 10 Mathematics Chapter 10 बिन्दु पथ RBSE Solutions PDF

Question 1. किसी त्रिभुज के शीर्षों से समदूरस्थ बिन्दु कहलाता है
(क) गुरुत्व केन्द्र
(ख) परिकेन्द्र
(ग) लम्बकेन्द्र
(घ) अन्त:केन्द्र
Answer: (ख) परिकेन्द्र
In simple words: किसी त्रिभुज के तीनों शीर्षों से समान दूरी पर रहने वाला बिंदु परिकेन्द्र कहलाता है। परिकेन्द्र ही त्रिभुज के परिवृत्त का केंद्र होता है।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के प्रमुख बिन्दुओं जैसे गुरुत्व केंद्र, परिकेन्द्र, लम्बकेन्द्र और अंतःकेन्द्र की परिभाषाएँ और उनके गुणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. त्रिभुज का गुरुत्व केन्द्र होता है
(क) त्रिभुज की भुजाओं के मध्य बिन्दुओं से खींचे गये लम्बे-समद्विभाजक को संगामी-बिन्दु
(ख) त्रिभुज के कोणों के समद्विभाजक का संगामी-बिन्दु
(ग) त्रिभुज की माध्यिकाओं का संगामी-बिन्दु
(घ) त्रिभुज के शीर्षलम्ब का संगामी बिन्दु
Answer: (ग) त्रिभुज की माध्यिकाओं का संगामी-बिन्दु
In simple words: गुरुत्व केन्द्र वह बिंदु होता है जहाँ त्रिभुज की तीनों माध्यिकाएँ मिलती हैं। यह बिंदु त्रिभुज को संतुलित रखता है।

🎯 Exam Tip: माध्यिकाएँ वह रेखाएँ होती हैं जो किसी शीर्ष से सामने वाली भुजा के मध्य बिंदु को मिलाती हैं। गुरुत्व केन्द्र माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।

 

Question 3. समतल में लुढ़कने वाले वृत्त के केन्द्र का बिन्दुपथ होता है
(क) वृत्त
(ख) वक्र
(ग) समतल के समान्तर रेखा
Answer: (ग) समतल के समान्तर रेखा
In simple words: जब एक वृत्त किसी समतल पर लुढ़कता है, तो उसके केंद्र की ऊंचाई हमेशा एक समान रहती है। इसलिए, केंद्र एक सीधी रेखा बनाता है जो समतल के समानांतर होती है।

🎯 Exam Tip: बिन्दुपथ के प्रश्नों में हमेशा यह देखें कि बिंदु की स्थिति किस निश्चित शर्त का पालन करती है। यहाँ केंद्र की तल से दूरी स्थिर रहती है।

 

Question 5. यदि AB और CD दो असमन्तिर रेखाएँ हों, तो इनसे समान दूरी पर रहने वाले बिन्दु P का बिन्दुपथ होगा
(क) बिन्दु P से होकर जाने वाली रेखाओं AB के समान्तर रेखा
(ख) बिन्दु P से होकर जाने वाली रेखाओं AB तथा CD से अन्तरित कोण की समद्विभाजक रेखा
(ग) बिन्दु P से होकर जाने वाली रेखाओं AB तथा CD के समान्तर रेखा
(घ) बिन्दु P से होकर जाने वाली रेखाओं AB तथा CD के लम्बवत् रेखा
Answer: (ख) बिन्दु P से होकर जाने वाली रेखाओं AB तथा CD से अन्तरित कोण की समद्विभाजक रेखा
In simple words: दो गैर-समानांतर रेखाओं से बराबर दूरी पर स्थित बिंदु हमेशा उन रेखाओं के बीच के कोण को आधा करने वाली रेखा पर होते हैं। यह रेखा कोण समद्विभाजक कहलाती है।

🎯 Exam Tip: दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से समान दूरी पर स्थित बिंदु का बिन्दुपथ उन रेखाओं द्वारा बनने वाले कोणों के समद्विभाजक होते हैं।

 

Question 6. वह त्रिभुज जिसके लम्बकेन्द्र, परिकेन्द्र और अन्त:केन्द्र सम्पाती हों, कहलाता है
(क) समबाहु त्रिभुज
(ख) समकोण त्रिभुज
(ग) समद्विबाहु त्रिभुज
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (क) समबाहु त्रिभुज
In simple words: यदि किसी त्रिभुज के सभी मुख्य केंद्र - लम्बकेन्द्र, परिकेन्द्र, और अंतःकेन्द्र - एक ही जगह पर हों, तो वह त्रिभुज हमेशा समबाहु त्रिभुज होता है। समबाहु त्रिभुज में सभी भुजाएँ और कोण समान होते हैं।

🎯 Exam Tip: यह समबाहु त्रिभुज की एक विशेष गुणधर्म है। अन्य प्रकार के त्रिभुजों में ये बिंदु अलग-अलग स्थानों पर होते हैं।

 

Question 7. वह त्रिभुज जिसका लम्बकेन्द्र त्रिभुज का शीर्ष बिन्दु होता है, कहलाता है
(क) समकोण त्रिभुज
(ख) समबाहु त्रिभुज
(ग) समद्विबाहु त्रिभुज
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (क) समकोण त्रिभुज
In simple words: अगर किसी त्रिभुज का लम्बकेन्द्र उसके किसी शीर्ष पर स्थित है, तो वह त्रिभुज हमेशा एक समकोण त्रिभुज होता है। समकोण त्रिभुज में एक कोण 90 डिग्री का होता है और लम्बकेन्द्र समकोण वाले शीर्ष पर होता है।

🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज में लम्बकेन्द्र हमेशा समकोण बनाने वाले शीर्ष पर होता है, जबकि परिकेन्द्र कर्ण के मध्य बिंदु पर होता है।

 

Question 9. एक त्रिभुज ABC की भुजाओं BC, CA और AB के मध्य बिन्दु, क्रमशः D, E और F हों, तो सिद्ध कीजिये कि EE, AD को समद्विभाजित करती है।
Answer: दिया है कि \(\triangle ABC\) में D, E और F क्रमशः भुजाओं BC, CA और AB के मध्य बिन्दु हैं। माध्यिका AD, EF को बिन्दु G पर काटती है। हमें सिद्ध करना है कि EF, AD को समद्विभाजित करती है।
**रचना:** E और D को मिलाया।
**उपपत्ति:**
चूंकि E और F क्रमशः AC और AB के मध्य बिंदु हैं, मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार, रेखाखंड EF भुजा BC के समानांतर है और BC का आधा है।
\(\implies EF \parallel BC\)
\(\implies EF = \frac{1}{2} BC\)
चूंकि D भुजा BC का मध्य बिंदु है, तो \(BD = \frac{1}{2} BC\)।
इसलिए, \(EF = BD\) और \(EF \parallel BD\)।
अब \(\triangle ABD\) में, क्योंकि F भुजा AB का मध्य बिंदु है और \(FG \parallel BD\) (क्योंकि G, EF पर है और EF \(\parallel\) BD), मध्यबिंदु प्रमेय के विलोम से, G भुजा AD का मध्य बिंदु है। एक त्रिभुज में किसी भुजा के मध्य बिन्दु से दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
इसलिए, EF, AD को बिंदु G पर समद्विभाजित करती है।
In simple words: एक त्रिभुज में, अगर आप दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को जोड़ते हैं, तो यह रेखा तीसरी भुजा के समानांतर और आधी होती है। इस नियम का उपयोग करके, हम दिखाते हैं कि रेखाखंड EF, माध्यिका AD को दो बराबर भागों में बाँटता है।

🎯 Exam Tip: मध्यबिंदु प्रमेय और उसके विलोम का उपयोग ज्यामिति में कई सिद्ध करने वाले प्रश्नों में किया जाता है। इसकी अच्छी समझ आवश्यक है।

A B C D F E G

 

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. बँटे से बँधी बकरी बँटे के चारों ओर अधिक से अधिक दूरी पर चक्कर लगाने पर आकृति बनाती है
(क) वर्गाकार
(ख) वृत्ताकार
(ग) त्रिभुजाकार
(घ) आयताकार
Answer: (ख) वृत्ताकार
In simple words: जब एक बकरी एक खूँटे से बँधी होती है, तो वह खूँटे से जितनी दूर जा सकती है, वह एक वृत्त का आकार बनाती है। यह वृत्त रस्सी की लंबाई के बराबर त्रिज्या वाला होता है।

🎯 Exam Tip: यह गति का बिन्दुपथ है, जिसमें बकरी खूँटे से समान दूरी पर रहती है। ऐसे प्रश्नों में स्थिर बिंदु (खूँटा) और स्थिर दूरी (रस्सी) को पहचानें।

 

Question 2. पंखे के ब्लेडों के सिरे से घूमते समय आकृति बनती है
(क) वर्गाकार
(ख) वृत्ताकार
(ग) त्रिभुजाकार
(घ) दीर्घ वृत्ताकार
Answer: (ख) वृत्ताकार
In simple words: जब पंखे के ब्लेड घूमते हैं, तो उनके बाहरी किनारे एक गोल आकार बनाते हैं। यह गोल आकार एक वृत्त होता है, जिसकी त्रिज्या पंखे के केंद्र से ब्लेड के सिरे तक की दूरी होती है।

🎯 Exam Tip: यह भी बिन्दुपथ का उदाहरण है। पंखे के केंद्र से ब्लेड के सिरे की दूरी हमेशा समान रहती है, जो एक वृत्त का निर्माण करती है।

 

Question 3. एक स्थिर बिन्दु A के चारों ओर आकाश में, A से सदा 4 सेमी. की दूरी पर एक दूसरा बिन्दु B परिभ्रमण कर रही है। बिन्दु B का बिन्दुपथ होगा
(क) एक गोला।
(ख) एक वृत्त
(ग) एक अर्द्धगोला
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (क) एक गोला।
In simple words: जब कोई बिंदु अंतरिक्ष में एक स्थिर बिंदु से हमेशा समान दूरी पर रहता है, तो उसका रास्ता एक गोला बनता है। अगर यह केवल एक समतल पर होता, तो यह एक वृत्त होता।

🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि बिन्दुपथ किस आयाम में पूछा गया है। 'आकाश में' (या 'त्रि-आयामी स्थान में') का अर्थ है गोला, जबकि 'समतल में' (या 'द्वि-आयामी स्थान में') का अर्थ है वृत्त।

 

Question 5. \(\triangle ABC\) एक समद्विबाहु त्रिभुज है। शीर्ष A का बिन्दुपथ जो B और C से समान दूरी पर रहता है, होगा
(क) AB के समान्तर रेखा
(ख) AC के समान्तर रेखा
(ग) BC के समान्तर रेखा
(घ) BC की लम्बार्धक रेखा
Answer: (घ) BC की लम्बार्धक रेखा
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष A हमेशा आधार BC के मध्य बिंदु से लंबवत होता है। इसका मतलब है कि शीर्ष A का रास्ता हमेशा BC के लंब समद्विभाजक पर होता है।

🎯 Exam Tip: किसी रेखाखंड के सिरों से समान दूरी पर स्थित बिंदु का बिन्दुपथ उस रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक होता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।

 

Question 6. किसी त्रिभुज की भुजाओं से समदूरस्थ बिन्दु कहलाता है
(क) परिकेन्द्र
(ख) अन्त:केन्द्र
(ग) केन्द्रक
(घ) लम्ब केन्द्र
Answer: (ख) अन्त:केन्द्र
In simple words: त्रिभुज के अंदर वह बिंदु जो उसकी तीनों भुजाओं से बराबर दूरी पर होता है, अंतःकेन्द्र कहलाता है। यह त्रिभुज के अंतःवृत्त का केंद्र भी होता है।

🎯 Exam Tip: अंतःकेन्द्र कोणों के समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है। इन परिभाषाओं को याद रखने से ऐसे प्रश्न हल करने में आसानी होती है।

 

Question 7. AB एक स्थिर रेखा है तथा P एक चर बिन्दु है। जिसकी दूरी AB रेखा से प्रत्येक स्थिति में 2.5 सेमी. रहती है तो P का बिन्दुपथ होगा
(क) P से AB पर डाला गया लम्ब PC 2.5 सेमी.
(ख) रेखा PC
(ग) रेखा PB
(घ) मान्तर रेखा
Answer: (घ) समतल के समान्तर रेखा
In simple words: यदि एक बिंदु एक स्थिर रेखा से हमेशा समान दूरी पर रहता है, तो वह एक नई रेखा बनाता है जो स्थिर रेखा के समानांतर होती है। इस मामले में, यह रेखा AB से 2.5 सेमी. की दूरी पर होगी।

🎯 Exam Tip: एक स्थिर रेखा से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का बिन्दुपथ उस स्थिर रेखा के समानांतर रेखाओं का एक युग्म होता है। यदि दिशा तय न हो तो दो समानांतर रेखाएँ होंगी, एक ऊपर और एक नीचे।

A B P 2.5 सेमी. C

Question 8. किसी त्रिभुज में माध्यिकाओं का प्रतिच्छेद बिन्दु होता है
(क) लम्ब केन्द्र
(ख) परिवृत्त का केन्द्र
(ग) अन्त:वृत्त का केन्द्र
(घ) केन्द्रक
Answer: (घ) केन्द्रक
In simple words: त्रिभुज की तीनों माध्यिकाएँ जिस बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, उसे केन्द्रक या गुरुत्व केंद्र कहते हैं। यह त्रिभुज का गुरुत्वाकर्षण केंद्र होता है।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक हमेशा त्रिभुज के अंदर स्थित होता है और यह प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।

 

Question 9. 5 सेमी. आधार पर समद्विबाहु त्रिभुज बनायें इन त्रिभुजों के शीर्ष बिन्दुओं का बिन्दुपथ होगा
(क) आधार की त्रिज्या मानकर खींचा गया वृत्त
(ख) आधार को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त
(ग) आधार का लम्ब अर्द्धक
(घ) आधार के कोणों के अर्द्धक
Answer: (ग) आधार का लम्ब अर्द्धक
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, बराबर भुजाओं के मिलने वाला शीर्ष हमेशा आधार के लंब समद्विभाजक पर स्थित होता है। इसलिए, सभी ऐसे त्रिभुजों के शीर्षों का रास्ता आधार का लंब समद्विभाजक होगा।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से आधार पर डाला गया लम्ब आधार को समद्विभाजित करता है और शीर्ष कोण को भी समद्विभाजित करता है।

 

Question 10. दो बिन्दुओं में होकर गुजरने वाले वृत्तों के केन्द्र का बिन्दुपथ है
(क) उन बिन्दुओं को मिलाने वाली सरल रेखा के समान्तर सरल रेखा
(ख) उन बिन्दुओं को मिलाने वाली सरल रेखा की लम्ब अर्द्धक रेखा
(ग) वृत्त की परिधि
(घ) वर्ग
Answer: (ख) उन बिन्दुओं को मिलाने वाली सरल रेखा की लम्ब अर्द्धक रेखा
In simple words: अगर कोई वृत्त दो निश्चित बिंदुओं से गुजरता है, तो उस वृत्त का केंद्र हमेशा उन दोनों बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड के ठीक बीच में होता है, और यह उस रेखाखंड के लंबवत भी होता है।

🎯 Exam Tip: वृत्त के केंद्र की दूरी उसकी परिधि पर स्थित सभी बिंदुओं से समान होती है। यह गुणधर्म इस बिन्दुपथ को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. त्रिभुज के केन्द्रक प्रत्येक माध्यिका को विभाजित करता है-
(क) 2:1
(ख) 1:2
(ग) 2:3
(घ) 3:2
Answer: (क) 2:1
In simple words: त्रिभुज का केन्द्रक माध्यिका को शीर्ष की तरफ से 2 और आधार की तरफ से 1 के अनुपात में बाँटता है। यह एक निश्चित नियम है।

🎯 Exam Tip: यह केन्द्रक का एक मौलिक गुण है और ज्यामिति के प्रश्नों में इसका बार-बार उपयोग होता है। अनुपात को हमेशा शीर्ष से आधार की ओर गिना जाता है।

 

Question 13. आकाश में बिन्दुओं के बिन्दुपथ की कल्पना की जा सकती है।
(क) गोला
(ख) घनाभ
(ग) बेलन
(घ) शंकु
Answer: (क) गोला
In simple words: आकाश में बिंदुओं का बिन्दुपथ एक गोला हो सकता है क्योंकि एक गोला उन सभी बिंदुओं का संग्रह है जो अंतरिक्ष में एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर होते हैं।

🎯 Exam Tip: जब 'आकाश' या 'त्रि-आयामी' संदर्भ हो, तो 'वृत्त' के स्थान पर 'गोला' सही विकल्प होता है।

 

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. किसी दिये हुए आधार के एक ही ओर अन्तरित होने वाले समकोणों के शीर्षों का बिन्दुपथ लिखिये।
Answer: आधार के समान्तर शीर्ष बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा इसका बिन्दुपथ होगा। किसी दिए गए आधार के एक ही ओर बने सभी समकोणों के शीर्ष एक अर्द्धवृत्त पर स्थित होते हैं।
In simple words: एक ही आधार पर बने सभी समकोणों के ऊपरी बिंदु एक अर्ध-गोलाकार रास्ता बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: यह वृत्त के गुणधर्म पर आधारित है कि अर्द्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है। इसलिए, ऐसे शीर्षों का बिन्दुपथ उस आधार पर बना अर्द्धवृत्त होता है।

 

Question 2. दो समान्तर सरल रेखाओं से समान दूरी पर रहने वाले बिन्दुओं का बिन्दुपथ लिखिये।।
Answer: समान्तर सरल रेखाओं के मध्य की समान्तर रेखा। यह रेखा दोनों दी गई समानांतर रेखाओं के ठीक बीच में होती है।
In simple words: दो समानांतर रेखाओं के बीच में, जो बिंदु दोनों से बराबर दूरी पर होते हैं, वे एक नई रेखा बनाते हैं जो उन दोनों समानांतर रेखाओं के ठीक बीच में होती है।

🎯 Exam Tip: ऐसे बिन्दुपथ को 'मध्य रेखा' भी कहते हैं, और इसकी दूरी दोनों समानांतर रेखाओं से समान होती है।

 

Question 3. 5 सेमी. आधार पर रचित समद्विबाहु त्रिभुजों में शीर्ष बिन्दुओं को बिन्दुपथ लिखिये।
Answer: आधार का लम्ब अर्द्धक। किसी समद्विबाहु त्रिभुज का शीर्ष हमेशा उसके आधार के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित होता है।
In simple words: 5 सेमी. आधार वाले समद्विबाहु त्रिभुज के सभी ऊपरी बिंदु एक सीधी रेखा बनाते हैं, जो आधार को बीच से काटती है और उस पर लंबवत होती है।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के शीर्ष से आधार पर खींचा गया लंब आधार को समद्विभाजित करता है।

 

Question 5. बिन्दु 0 से 2 सेमी. की दूरी पर रहने वाले बिन्दुओं का बिन्दुपथ – लिखिये।
Answer: बिन्दु 0 से 2 सेमी. की त्रिज्या का खींचा गया वृत्त। यह वृत्त उन सभी बिंदुओं को दर्शाता है जो बिंदु O से ठीक 2 सेमी दूर हैं।
In simple words: बिंदु O से 2 सेमी. की दूरी पर सभी बिंदु मिलकर एक गोल आकृति बनाते हैं, जिसे वृत्त कहते हैं।

🎯 Exam Tip: बिन्दुपथ में 'स्थिर बिंदु' और 'स्थिर दूरी' को पहचानना आवश्यक है। यहां O स्थिर बिंदु है और 2 सेमी. स्थिर दूरी है।

 

Question 6. \(\angle ABC = 135^{\circ}\) उन बिन्दुओं का बिन्दुपथ लिखिये जिनकी AB व BC से दूरी समान हो।
Answer: \(\angle ABC\) को समद्विभाजित करने वाली रेखा बिन्दुपथ होगी। किसी कोण की भुजाओं से समान दूरी पर स्थित बिंदु उस कोण के समद्विभाजक पर होते हैं।
In simple words: जो बिंदु AB और BC रेखाओं से बराबर दूरी पर हैं, वे एक सीधी रेखा पर स्थित होते हैं जो \(\angle ABC\) को दो बराबर भागों में बाँटती है।

🎯 Exam Tip: किसी कोण के समद्विभाजक की परिभाषा यही होती है कि यह कोण की भुजाओं से समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ होता है।

 

Question 7. दो बिन्दुओं में से होकर गुजरने वाले वृत्तों के केन्द्रों का बिन्दुपथ लिखिये।
Answer: दोनों बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा का लम्बअर्द्धक बिन्दुपथ होगा। वृत्त का केंद्र हमेशा जीवा के लंब समद्विभाजक पर स्थित होता है, और दोनों बिंदु एक जीवा बनाते हैं।
In simple words: अगर एक वृत्त दो खास बिंदुओं से गुजरता है, तो उस वृत्त का केंद्र हमेशा उन दोनों बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा के ठीक बीच में होता है और उस पर लंबवत होता है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि वृत्त का केंद्र उसकी सभी जीवाओं के लंब समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है।

 

Question 8. उस बिन्दु का बिन्दुपथ लिखिये जिसका स्थिर बिन्दु M से दूरी सदा 5.3 सेमी. हो।
Answer: स्थिर बिन्दु M को केन्द्र मानकर 5.3 सेमी. त्रिज्या का वृत्त खींचने पर वृत्त की परिधि पर अभीष्ट बिन्दुपथ होगा। यह बिन्दुपथ एक वृत्त है क्योंकि बिंदु M से दूरी हमेशा 5.3 सेमी. रहती है।
In simple words: बिंदु M से हमेशा 5.3 सेमी. दूर रहने वाले सभी बिंदु मिलकर एक वृत्त बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: एक वृत्त उन सभी बिंदुओं का संग्रह है जो एक निश्चित केंद्र से एक निश्चित दूरी पर होते हैं, जिसे त्रिज्या कहते हैं।

 

Question 9. समतल में लुढ़कने वाले वृत्त के केन्द्र का बिन्दुपथ लिखिए।
Answer: समतल के समान्तर रेखा। जब एक वृत्त एक समतल पर लुढ़कता है, तो उसका केंद्र हमेशा समतल से समान ऊंचाई पर रहता है।
In simple words: जब एक गोल पहिया ज़मीन पर लुढ़कता है, तो उसके बीच का बिंदु हमेशा ज़मीन से एक ही ऊंचाई पर चलता है, जिससे एक सीधी रेखा बनती है।

🎯 Exam Tip: इस बिन्दुपथ में केंद्र की लंबवत दूरी स्थिर रहती है, जिससे एक समानांतर रेखा बनती है।

 

Question 10. किसी त्रिभुज के शीर्षों से समान दूरी पर स्थित बिन्दु को नाम लिखिए।
Answer: परिकेन्द्र। परिकेन्द्र वह बिंदु है जो त्रिभुज के तीनों शीर्षों से समान दूरी पर होता है।
In simple words: त्रिभुज के तीनों कोने से एक ही दूरी पर रहने वाले बिंदु को परिकेन्द्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: परिकेन्द्र त्रिभुज के परिवृत्त का केंद्र होता है। यह हमेशा त्रिभुज के अंदर हो, यह जरूरी नहीं है।

 

Question 11. परिकेन्द्र और अन्तःकेन्द्र एक ही हों, उस त्रिभुज का नाम लिखिए।
Answer: समबाहु त्रिभुज। एक समबाहु त्रिभुज में, परिकेन्द्र और अंतःकेन्द्र (और अन्य सभी प्रमुख केंद्र) एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।
In simple words: अगर किसी त्रिभुज का परिकेन्द्र और अंतःकेन्द्र एक ही जगह पर हों, तो वह त्रिभुज समबाहु होता है, जिसका मतलब है कि उसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज एक विशेष प्रकार का त्रिभुज है जहाँ सभी केंद्र एक ही बिंदु पर होते हैं, जो इसकी समरूपता को दर्शाता है।

 

Question 13. तीन असंरेखीय बिन्दु A, B तथा C से होकर जाने वाले वृत्त के केन्द्र का बिन्दुपथ निर्धारित कीजिये।
Answer: एक बिन्दु जो भुजाओं AB तथा BC के लम्ब समद्विभाजकों का प्रतिच्छेद बिन्दु O होगा। तीन असंरेखीय बिन्दुओं से केवल एक अद्वितीय वृत्त गुजर सकता है, और उस वृत्त का केंद्र उन बिन्दुओं से बनी जीवाओं के लम्ब समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है।
In simple words: अगर तीन बिंदु एक सीधी रेखा में नहीं हैं, तो उनसे सिर्फ एक ही वृत्त बन सकता है। उस वृत्त का केंद्र खोजने के लिए, हम किन्हीं भी दो भुजाओं के बीच की लंबवत आधी रेखाएँ खींचते हैं; जहाँ वे मिलती हैं, वही केंद्र होता है।

🎯 Exam Tip: तीन असंरेखीय बिन्दुओं से एक अद्वितीय वृत्त गुजरता है। वृत्त का केंद्र जीवाओं के लंब समद्विभाजकों के प्रतिच्छेदन बिंदु पर होता है।

O A C B M

Question 14. एक घड़ी में सेकण्ड की सुई के सिरे का बिन्दुपथ लिखिए।
Answer: वृत्त। सेकण्ड की सुई का सिरा घड़ी के केंद्र से हमेशा समान दूरी पर रहता है, जिससे वह एक वृत्त बनाती है।
In simple words: घड़ी में सेकण्ड की सुई का सिरा घूमते हुए एक गोलाकार रास्ता बनाता है, जिसे वृत्त कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह एक स्थिर बिंदु (सुई का केंद्र) और एक स्थिर दूरी (सुई की लंबाई) वाले बिन्दुपथ का एक आदर्श उदाहरण है।

 

Question 15. तीन असंरेखीय बिन्दुओं से गुजरने वाले वृत्तों की संख्या लिखिए।
Answer: तीन बिन्दु जो एक सरल रेखा में नहीं हैं, से होकर जाने वाला एक ही वृत्त है। केवल एक अद्वितीय वृत्त ही तीन असंरेखीय बिंदुओं से गुजर सकता है।
In simple words: अगर तीन बिंदु एक सीधी रेखा में न हों, तो उनसे होकर सिर्फ और सिर्फ एक ही गोल घेरा (वृत्त) बनाया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: यह ज्यामिति का एक मूलभूत सिद्धांत है। यदि बिंदु संरेखीय हों, तो उनसे कोई वृत्त नहीं गुजर सकता।

 

Question 16. दो दिये गये बिन्दुओं से समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ लिखिये।
Answer: दो बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का बिन्दुपथ उन बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक होता है।
In simple words: अगर कोई बिंदु दो खास बिंदुओं से बराबर दूरी पर रहता है, तो उसका रास्ता एक सीधी रेखा होती है जो उन दोनों बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा को ठीक बीच से काटती है और उस पर सीधी खड़ी होती है।

🎯 Exam Tip: यह एक रेखाखंड के लंब समद्विभाजक की परिभाषा है, जिसका उपयोग अक्सर ज्यामितीय रचनाओं और सिद्ध करने में होता है।

 

Question 1. सिद्ध करो कि दो स्थिर बिन्दुओं से बराबर दूरी पर स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ स्थिर बिन्दुओं में खींचे जाने वाले रेखाखण्ड की लम्बार्द्धक रेखा होती है।
Answer:**दिया है:** A और B दो स्थिर बिन्दु हैं। एक बिन्दु P इस तरह चलता है कि हर दशा में \(AP = PB\)।
**सिद्ध करना है:** बिन्दु P सरल रेखा AB के लम्बद्विभाजक पर है।
**रचना:** A और B को मिलाओ, AB पर PO लम्ब खींचो। AP और PB को मिलाओ।
**उपपत्ति:**
\(\triangle AOP\) और \(\triangle BOP\) में,
\(AP = BP\) (दिया है)
\(AO = OB\) (रचना से)
\(OP = OP\) (उभयनिष्ठ)
भुजा-भुजा-भुजा (SSS) सर्वांगसमता गुणधर्म से
\(\triangle AOP \cong \triangle BOP\)
\(\implies \angle AOP = \angle BOP\)
चूंकि \(\angle AOP\) और \(\angle BOP\) एक सीधी रेखा AB पर कोण बनाते हैं और बराबर हैं, इसलिए प्रत्येक \(90^\circ\) होगा।
\(\implies \angle AOP = \angle BOP = 90^\circ\)
अर्थात् OP रेखा AB का लम्ब-समद्विभाजक है। यही सिद्ध करना था।
In simple words: हम यह साबित करते हैं कि यदि एक बिंदु दो स्थिर बिंदुओं से हमेशा समान दूरी पर रहता है, तो उसका रास्ता उन दोनों बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा को बीच से काटता है और उस पर लंबवत होता है। यह एक त्रिभुज की सर्वांगसमता का उपयोग करके किया जाता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के ज्यामितीय सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, पहले दिया गया, सिद्ध करना और रचना स्पष्ट रूप से लिखें, फिर सर्वांगसमता के नियमों का सही उपयोग करें।

A B P O

Question 2. \(\triangle PBC\) और \(\triangle QBC\) एक ही आधार पर विपरीत दिशा में दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। सिद्ध कीजिये रेखा PQ, रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
Answer:**दिया है:** दो समद्विबाहु \(\triangle PBC\) व \(\triangle QBC\) आधार BC के विपरीत ओर स्थित हैं, जहाँ \(PB = PC\) और \(QB = QC\)।
**सिद्ध करना है:** रेखा PQ, रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
**उपपत्ति:**
चूंकि \(\triangle PBC\) एक समद्विबाहु त्रिभुज है (दिया है), इसलिए \(PB = PC\)।
दो बिन्दुओं B और C से समदूरस्थ बिन्दु का पथ BC के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित होता है। इसलिए, बिन्दु P रेखाखंड BC के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है।
इसी प्रकार, चूंकि \(\triangle QBC\) एक समद्विबाहु त्रिभुज है (दिया है), इसलिए \(QB = QC\)।
इसका मतलब है कि बिन्दु Q भी रेखाखंड BC के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है।
चूंकि दोनों बिंदु P और Q, रेखाखंड BC के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित हैं, इसलिए रेखा PQ रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
In simple words: जब दो त्रिभुज एक ही आधार पर, विपरीत दिशा में और समद्विबाहु हों, तो उनके शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा (PQ) आधार (BC) को ठीक बीच से काटती है और उस पर सीधी खड़ी होती है।

🎯 Exam Tip: यह गुणधर्म महत्वपूर्ण है कि एक रेखाखंड के सिरों से समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ उस रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक होता है। इस सिद्धांत का उपयोग कई ज्यामितीय समस्याओं में किया जाता है।

B C P Q Question 3. त्रिभुज की भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक संगामी होते हैं। अथवा त्रिभुज की तीनों भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक एक ही बिन्दु से होकर जाते हैं।
Answer:**हल:**
**दिया है:** \(\triangle ABC\) में भुजा AB एवं AC के लम्ब-समद्विभाजक बिन्दु O पर मिलते हैं और OD भुजा BC पर लम्ब है।
**सिद्ध करना है:** OD, भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक है।
**रचना:** OA, OB और OC को मिलाया।
**उपपत्ति:**
चूंकि OE भुजा AC का लम्ब समद्विभाजक है, तो O, A और C से समदूरस्थ है। इसलिए, \(OA = OC\).
चूंकि OF भुजा AB का लम्ब समद्विभाजक है, तो O, A और B से समदूरस्थ है। इसलिए, \(OA = OB\).
इन दोनों कथनों से, हमें मिलता है \(OA = OB = OC\)।
इसका अर्थ है कि बिन्दु O, B और C से भी समान दूरी पर है, यानी \(OB = OC\)।
अब, यदि OB और OC बराबर हैं और OD भुजा BC पर लम्ब है, तो \(\triangle OBD\) और \(\triangle OCD\) सर्वांगसम होंगे (RHS सर्वांगसमता)।
\(\implies BD = CD\)
अतः OD भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक है। इस प्रकार, तीनों लम्ब समद्विभाजक एक ही बिंदु O से होकर जाते हैं।
In simple words: किसी भी त्रिभुज में, अगर आप तीनों भुजाओं को बीच से काटकर उन पर सीधी रेखाएँ खींचते हैं, तो वे तीनों रेखाएँ हमेशा एक ही बिंदु पर मिलेंगी। इस बिंदु को परिकेन्द्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करना परिकेन्द्र की अवधारणा के लिए महत्वपूर्ण है। परिकेन्द्र ही वह बिंदु है जो त्रिभुज के शीर्षों से समान दूरी पर होता है।

A B C D O F E

 

 

Question 4. त्रिभुज के कोणों के समद्विभाजक संगामी होते हैं। अथवा त्रिभुज के कोणों के समद्विभाजक एक ही बिन्दु से होकर जाते हैं।
Answer:**हल:**
**दिया है:** \(\triangle ABC\) में \(\angle B\) एवं \(\angle C\) के समद्विभाजक बिन्दु O पर मिलते हैं।
**सिद्ध करना है:** OA, \(\angle A\) को समद्विभाजित करता है।
**रचना:** O से भुजाओं AB, BC और AC पर लम्ब क्रमशः OD, OE और OF खींचे।
**उपपत्ति:**
चूंकि O, \(\angle B\) के समद्विभाजक पर स्थित है, तो O की दूरी भुजाओं AB और BC से समान होगी।
\(\implies OD = OE\) ...(1)
इसी प्रकार, चूंकि O, \(\angle C\) के समद्विभाजक पर स्थित है, तो O की दूरी भुजाओं BC और AC से समान होगी।
\(\implies OE = OF\) ...(2)
समीकरण (1) और (2) से, हमें मिलता है \(OD = OE = OF\)।
इसका मतलब है कि बिंदु O भुजाओं AB और AC से समान दूरी पर है (\(OD = OF\))।
यह तभी संभव है जब O, \(\angle A\) के समद्विभाजक पर स्थित हो। अतः OA, \(\angle A\) को समद्विभाजित करता है। इतिसिद्धम्।
In simple words: हम दिखाते हैं कि किसी भी त्रिभुज में, अगर हम तीनों कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ खींचते हैं, तो वे सभी रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलेंगी। यह बिंदु त्रिभुज के अंतःकेन्द्र के रूप में जाना जाता है।

🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करना अंतःकेन्द्र के लिए महत्वपूर्ण है। अंतःकेन्द्र ही वह बिंदु है जो त्रिभुज की भुजाओं से समान दूरी पर होता है।

A B C O D F E

 

 

Question 5. \(\triangle ABC\) में AD, BE और CF माध्यिकाएँ हैं और \(\angle A\) का समद्विभाजक AD हो, तो सिद्ध कीजिए कि \(\angle ABP = \angle ACP\)।
Answer:**उपपत्ति:**
चूंकि AD, \(\triangle ABC\) में \(\angle A\) का समद्विभाजक है, इसलिए बिन्दु D, AB और AC से समान दूरी पर है (कोण समद्विभाजक के गुणधर्म से)।
अब, यदि \(\angle A\) का समद्विभाजक AD है और AD माध्यिका भी है, तो यह दर्शाता है कि \(\triangle ABC\) एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें \(AB = AC\) है।
यदि \(AB = AC\), तो उनके सम्मुख कोण भी बराबर होंगे, अर्थात् \(\angle ABC = \angle ACB\) ...(1)
यह दिया गया है कि P भुजा BC के लम्ब-समद्विभाजक पर स्थित है, जिसका अर्थ है कि \(PB = PC\)।
यदि \(PB = PC\), तो \(\triangle PBC\) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और इसके आधार कोण भी बराबर होंगे।
\(\implies \angle PBC = \angle PCB\) ...(2)
अब, समीकरण (1) से समीकरण (2) को घटाने पर:
\(\angle ABC - \angle PBC = \angle ACB - \angle PCB\)
\(\implies \angle ABP = \angle ACP\)
इतिसिद्धम्।
In simple words: एक त्रिभुज में, यदि कोण A को बांटने वाली रेखा (समद्विभाजक) भी माध्यिका हो, तो त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर होती हैं। जब ऐसा होता है, तो कोण \(\angle ABP\) और \(\angle ACP\) भी बराबर होते हैं।

🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करना समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों और कोणों के समद्विभाजकों के उपयोग पर आधारित है। माध्यिका और कोण समद्विभाजक के गुणों को स्पष्ट रूप से समझें।

A B C D P

 

 

Question 6. त्रिभुज ABC में \(\angle A\) को समद्विभाजक AD है। AB एवं AC पर लम्ब क्रमशः DE तथा DF हैं। सिद्ध कीजिए कि \(DE = DF\)।
Answer:**हल:**
**दिया है:** कोण A का समद्विभाजक AD है, और DE भुजा AB पर लम्ब है तथा DF भुजा AC पर लम्ब है।
**सिद्ध करना है:** \(DE = DF\)
**उपपत्ति:**
कोण समद्विभाजक के गुणधर्म के अनुसार, कोण समद्विभाजक पर स्थित कोई भी बिंदु कोण की भुजाओं से समान दूरी पर होता है।
यहां, AD कोण \(\angle BAC\) का समद्विभाजक है।
बिंदु D, AD पर स्थित है।
DE भुजा AB पर लम्ब है, इसलिए DE बिंदु D से AB की लंबवत दूरी है।
DF भुजा AC पर लम्ब है, इसलिए DF बिंदु D से AC की लंबवत दूरी है।
कोण समद्विभाजक के गुणधर्म के अनुसार, बिंदु D भुजाओं AB और AC से समान दूरी पर होगा।
\(\implies DE = DF\)
इतिसिद्धम्।
In simple words: यदि एक रेखा किसी कोण को दो बराबर हिस्सों में बाँटती है, और आप उस रेखा पर किसी भी बिंदु से कोण की दोनों भुजाओं पर सीधी रेखाएँ खींचते हैं, तो वे दोनों सीधी रेखाएँ हमेशा एक ही लंबाई की होंगी।

🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करना कोण समद्विभाजक प्रमेय का एक सीधा अनुप्रयोग है, जो बताता है कि कोण समद्विभाजक पर स्थित प्रत्येक बिंदु कोण की भुजाओं से समदूरस्थ होता है।

A B C D E F

 

 

Question 8. चतुर्भुज ABCD के ∠B एवं ∠C के अर्द्धक परस्पर बिन्दु P पर मिलते हैं। सिद्ध कीजिए कि बिन्दु P सम्मुख भुजाओं AB और CD से समदूरस्थ है।
Answer:

**हल:**

**दिया है:**
एक चतुर्भुज ABCD में, कोण B और कोण C के समद्विभाजक (bisectors) बिन्दु P पर मिलते हैं। साथ ही, PM भुजा AB पर लम्ब है और PN भुजा CD पर लम्ब है।

**सिद्ध करना है:**
हमें यह सिद्ध करना है कि बिन्दु P सम्मुख भुजाओं AB और CD से समान दूरी पर है, यानी PM = PN।

**रचना:**
बिन्दु P से भुजा BC पर एक लम्ब PL खींचिए।

**उपपत्ति:**
चूँकि बिन्दु P कोण B के समद्विभाजक पर स्थित है, और PL \( \perp \) BC तथा PM \( \perp \) AB,
\( \implies \) PM = PL .....(1)
(यह कोण समद्विभाजक के गुणधर्म के अनुसार है कि एक बिंदु कोण की भुजाओं से समान दूरी पर होता है)।

इसी प्रकार, बिन्दु P कोण C के समद्विभाजक पर भी स्थित है, और PL \( \perp \) BC तथा PN \( \perp \) CD.
\( \implies \) PL = PN .....(2)
(यह भी कोण समद्विभाजक के गुणधर्म के अनुसार है)।

समीकरण 1) और (2) से हम देखते हैं:
\( \implies \) PM = PL = PN
\( \implies \) PM = PN

इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि बिन्दु P सम्मुख भुजाओं AB और CD से समान दूरी पर है।
In simple words: एक चतुर्भुज में, अगर एक बिंदु दो कोणों के समद्विभाजकों पर है, तो वह उन कोणों की भुजाओं से बराबर दूरी पर होता है। इसका मतलब है कि बिंदु P से AB, BC और CD पर डाले गए लम्बों की लंबाई बराबर होगी, जिससे सिद्ध होता है कि PM और PN बराबर हैं।

🎯 Exam Tip: ज्यामितीय सिद्ध प्रश्नों में, प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें - दिया है, सिद्ध करना है, रचना और उपपत्ति। कोण समद्विभाजक के गुणधर्म को याद रखना महत्वपूर्ण है कि समद्विभाजक पर स्थित कोई भी बिंदु कोण की भुजाओं से समान दूरी पर होता है।

 

Question 9. एक △ABC में माध्यिकाएँ AD, BE और CF एक बिन्दु G से गुजरती हैं। यदि AG = 6 सेमी., BE = 12.6 सेमी. और FG = 3 सेमी. हो, तो DG, GE और GC ज्ञात कीजिए।
Answer:

**हल:**
हम जानते हैं कि त्रिभुज का केन्द्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। केन्द्रक वह बिंदु है जहाँ त्रिभुज की तीनों माध्यिकाएँ मिलती हैं।

(i) DG का मान ज्ञात करना:
माध्यिका AD के लिए, AG : GD = 2 : 1
हमें AG = 6 सेमी. दिया गया है।
इसलिए, \( \frac{AG}{GD} = \frac{2}{1} \)
\( \implies \frac{6}{GD} = \frac{2}{1} \)
\( \implies 2 \times GD = 6 \times 1 \)
\( \implies GD = \frac{6}{2} \)
\( \implies GD = 3 \) सेमी.

(ii) GE का मान ज्ञात करना:
माध्यिका BE के लिए, BG : GE = 2 : 1
हमें BE = 12.6 सेमी. दिया गया है।
हम जानते हैं कि \( BE = BG + GE \).
चूँकि \( BG = 2 \times GE \), हम इसे लिख सकते हैं:
\( BE = 2 \times GE + GE \)
\( \implies BE = 3 \times GE \)
\( \implies GE = \frac{BE}{3} \)
\( \implies GE = \frac{12.6}{3} \)
\( \implies GE = 4.2 \) सेमी.

(iii) GC का मान ज्ञात करना:
माध्यिका CF के लिए, CG : GF = 2 : 1
हमें FG (या GF) = 3 सेमी. दिया गया है।
इसलिए, \( \frac{CG}{GF} = \frac{2}{1} \)
\( \implies \frac{GC}{3} = \frac{2}{1} \)
\( \implies GC = 2 \times 3 \)
\( \implies GC = 6 \) सेमी.

**संक्षेप में:**
DG = 3 सेमी.
GE = 4.2 सेमी.
GC = 6 सेमी.
In simple words: त्रिभुज के बीच का केंद्र बिंदु (जिसे केन्द्रक कहते हैं) माध्यिका को 2 से 1 के अनुपात में बांटता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दी गई लंबाइयों से बची हुई लंबाइयों को आसानी से निकाल सकते हैं। यह नियम त्रिभुज के संतुलन बिंदु को समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक द्वारा माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में विभाजित करने की संपत्ति को हमेशा याद रखें। यह अनुपात शीर्ष से केन्द्रक तक (2 भाग) और केन्द्रक से भुजा के मध्यबिंदु तक (1 भाग) होता है। अपनी गणनाओं को स्पष्ट रूप से दिखाएं।

निबन्धात्मक प्रश्न

Question 1. त्रिभुज के तीनों शीर्षलम्ब संगामी होते हैं। सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज के शीर्ष लम्ब संगामी होते हैं।
Answer:

**हल:**

**सिद्ध करना है:**
हमें सिद्ध करना है कि किसी त्रिभुज के तीनों शीर्षलम्ब (orthocenter) एक ही बिंदु से होकर गुजरते हैं, यानी वे संगामी होते हैं। (शीर्षलम्ब त्रिभुज के शीर्ष से विपरीत भुजा पर डाला गया लंब होता है)।

**रचना:**
एक त्रिभुज ABC बनाइए। अब, शीर्ष A, B और C से क्रमशः BC के समानांतर एक रेखा RQ, AC के समानांतर एक रेखा RP, और AB के समानांतर एक रेखा QP खींचिए। इन रेखाओं को इस प्रकार मिलाइए कि एक बड़ा त्रिभुज PQR बन जाए, जिसके शीर्ष A, B, C भुजाओं पर स्थित हों।

**उपपत्ति:**
चतुर्भुज BCAR पर विचार करें:
हम जानते हैं कि AC, RB के समानांतर है (रचना द्वारा)।
और BC, RA के समानांतर है (रचना द्वारा)।
\( \implies \) इसलिए, BCAR एक समांतर चतुर्भुज है।
समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं, अतः \( RA = BC \) .....(1)

इसी प्रकार, चतुर्भुज ABCQ पर विचार करें:
हम जानते हैं कि AB, QC के समानांतर है (रचना द्वारा)।
और BC, AQ के समानांतर है (रचना द्वारा)।
\( \implies \) इसलिए, ABCQ भी एक समांतर चतुर्भुज है।
अतः, \( AQ = BC \) .....(2)

समीकरण (1) और (2) से:
\( \implies AR = AQ \) .....(3)
इसका मतलब है कि A, QR का मध्यबिंदु है।

हमें यह भी ज्ञात है कि AD \( \perp \) BC (चूंकि AD एक शीर्षलम्ब है) और BC || QR (रचना द्वारा)।
\( \implies \) इसलिए, AD \( \perp \) QR .....(4)

समीकरण (3) और (4) से, हम निष्कर्ष निकालते हैं कि AD भुजा QR का लंब-समद्विभाजक है।

इसी तरह, हम सिद्ध कर सकते हैं कि BE भुजा PR का लंब-समद्विभाजक है और CF भुजा PQ का लंब-समद्विभाजक है।

हम जानते हैं कि किसी त्रिभुज के भुजाओं के लंब-समद्विभाजक संगामी होते हैं। यहाँ, AD, BE और CF त्रिभुज PQR की भुजाओं के लंब-समद्विभाजक हैं।

\( \implies \) अतः, AD, BE और CF एक ही बिंदु से होकर जाते हैं (संगामी हैं)।
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि त्रिभुज के तीनों शीर्षलम्ब संगामी होते हैं।
In simple words: किसी भी त्रिभुज में, अगर हम हर कोने से सामने वाली भुजा पर सीधा लंब गिराते हैं, तो ये तीनों लंब हमेशा एक ही बिंदु पर मिलते हैं। इस बिंदु को त्रिभुज का लंबकेंद्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: शीर्षलम्ब की संगामिता सिद्ध करने के लिए एक सहायक त्रिभुज (PQR) की रचना करना एक सामान्य और प्रभावी तरीका है। समांतर चतुर्भुज की संपत्तियों और भुजाओं के लंब-समद्विभाजक के गुणों का सही उपयोग करना सुनिश्चित करें।

 

Question 2. यदि एक त्रिभुज की सभी माध्यिकाएँ समान हों, तो वह समबाहु त्रिभुज होगा।
Answer:

**हल:**

**दिया है:**
एक त्रिभुज ABC में, माध्यिकाएँ AD, BE और CF एक बिंदु G पर मिलती हैं (यह त्रिभुज का केन्द्रक है)। हमें दिया गया है कि सभी माध्यिकाएँ समान लंबाई की हैं, यानी AD = BE = CF।

**सिद्ध करना है:**
हमें यह सिद्ध करना है कि त्रिभुज ABC एक समबाहु त्रिभुज है (यानी, इसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हैं: AB = BC = AC)।

**उपपत्ति:**
हम जानते हैं कि त्रिभुज का केन्द्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
चूँकि AD = BE = CF (यह दिया गया है), तो हम केन्द्रक के गुणधर्म का उपयोग करके लिख सकते हैं:

\( AG = \frac{2}{3} AD \), \( BG = \frac{2}{3} BE \), \( CG = \frac{2}{3} CF \)
और
\( GD = \frac{1}{3} AD \), \( GE = \frac{1}{3} BE \), \( GF = \frac{1}{3} CF \)

 

चूँकि AD = BE = CF है, तो इससे यह भी पता चलता है कि:
\( AG = BG = CG \) (माध्यिकाओं के बड़े हिस्से बराबर हैं)
और
\( GD = GE = GF \) (माध्यिकाओं के छोटे हिस्से बराबर हैं)

 

अब, त्रिभुज BGF और त्रिभुज CGE में:
\( BG = CG \) (माध्यिकाओं के बड़े हिस्से बराबर हैं)
\( GF = GE \) (माध्यिकाओं के छोटे हिस्से बराबर हैं)
\( \angle BGF = \angle CGE \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए बराबर हैं)

 

\( \implies \) भुजा-कोण-भुजा (SAS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle BGF \cong \triangle CGE \).
सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान होती हैं, इसलिए:
\( BF = CE \)

 

हम जानते हैं कि F, AB का मध्यबिंदु है और E, AC का मध्यबिंदु है।
इसलिए, \( AB = 2BF \) और \( AC = 2CE \).
चूँकि \( BF = CE \), तो \( 2BF = 2CE \).
\( \implies AB = AC \) .....(3)

 

इसी प्रकार, त्रिभुज CGE और त्रिभुज AGF में भी समान तर्क लगाने पर, हमें मिलता है:
\( BC = AB \) .....(4)

 

समीकरण (3) और (4) से, हमें मिलता है:
\( AB = BC = AC \)

अतः, त्रिभुज ABC एक समबाहु त्रिभुज है।
In simple words: अगर किसी त्रिभुज की सभी माध्यिकाएँ एक ही लंबाई की हों, तो इसका मतलब है कि त्रिभुज की सभी भुजाएँ भी बराबर हैं। ऐसे त्रिभुज को समबाहु त्रिभुज कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए केन्द्रक के गुणधर्म (माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करना) और त्रिभुजों की सर्वांगसमता नियमों का उपयोग करें। यह सुनिश्चित करें कि आप सभी संगत भागों को सही ढंग से पहचानें।

 

Question 3. एक त्रिभुज की दो माध्यिकाएँ समान माप की हों तो वह त्रिभुज समद्विबाहु त्रिभुज होता है।
Answer:

**हल:**

**दिया है:**
एक त्रिभुज ABC में, BE और CF दो माध्यिकाएँ हैं जो समान लंबाई की हैं, यानी BE = CF। F भुजा AB का मध्यबिंदु है और E भुजा AC का मध्यबिंदु है।

**सिद्ध करना है:**
हमें यह सिद्ध करना है कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है (यानी, इसकी दो भुजाएँ समान लंबाई की हैं: AB = AC)।

**उपपत्ति:**
मान लीजिए कि माध्यिकाएँ BE और CF एक बिंदु G पर मिलती हैं, जो त्रिभुज का केन्द्रक है।
हम जानते हैं कि केन्द्रक माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।

माध्यिका BE के लिए:
\( BG = \frac{2}{3} BE \) और \( GE = \frac{1}{3} BE \) .....(1)

माध्यिका CF के लिए:
\( CG = \frac{2}{3} CF \) और \( GF = \frac{1}{3} CF \) .....(2)

चूँकि हमें दिया गया है कि BE = CF, तो समीकरण (1) और (2) से:
\( \implies BG = CG \) (क्योंकि दोनों \( \frac{2}{3} BE \) और \( \frac{2}{3} CF \) के बराबर हैं)
और
\( \implies GE = GF \) (क्योंकि दोनों \( \frac{1}{3} BE \) और \( \frac{1}{3} CF \) के बराबर हैं)

अब, त्रिभुज BGF और त्रिभुज CGE में:
\( BG = CG \) (जैसा कि ऊपर सिद्ध किया गया है)
\( GF = GE \) (जैसा कि ऊपर सिद्ध किया गया है)
\( \angle BGF = \angle CGE \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए बराबर हैं)

\( \implies \) भुजा-कोण-भुजा (SAS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle BGF \cong \triangle CGE \).
सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान होती हैं, इसलिए:
\( BF = CE \)

हम जानते हैं कि F भुजा AB का मध्यबिंदु है, इसलिए \( AB = 2BF \).
हम जानते हैं कि E भुजा AC का मध्यबिंदु है, इसलिए \( AC = 2CE \).
चूँकि \( BF = CE \), तो \( 2BF = 2CE \).
\( \implies AB = AC \)

अतः, त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
In simple words: यदि एक त्रिभुज की कोई भी दो माध्यिकाएँ समान लंबाई की हों, तो उस त्रिभुज की वे दो भुजाएँ भी बराबर होती हैं जिनसे वे माध्यिकाएँ संबंधित होती हैं। ऐसे त्रिभुज को समद्विबाहु त्रिभुज कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय सिद्ध करने के लिए केन्द्रक के गुणों और त्रिभुजों की सर्वांगसमता नियमों का सही उपयोग करना आवश्यक है। विशेष रूप से, 'भुजा-कोण-भुजा' (SAS) सर्वांगसमता नियम अक्सर ऐसे सिद्ध प्रश्नों में काम आता है।

 

Question 4. एक △ABC की माध्यिकाएँ AD, BE और CF एक बिन्दु G से गुजरती हैं। यदि AG = 5 सेमी., BE = 12 सेमी. और FG = 3 सेमी. हो तो AD, GE और GC ज्ञात कीजिए।
Answer:

**हल:**
हम जानते हैं कि त्रिभुज का केन्द्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।

(i) AD का मान ज्ञात करना:
माध्यिका AD के लिए, AG : GD = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( AG = \frac{2}{3} AD \) और \( GD = \frac{1}{3} AD \).
या, \( AD = \frac{3}{2} AG \).
हमें AG = 5 सेमी. दिया गया है।
\( \implies AD = \frac{3}{2} \times 5 \)
\( \implies AD = \frac{15}{2} \)
\( \implies AD = 7.5 \) सेमी.

 

(ii) GE का मान ज्ञात करना:
माध्यिका BE के लिए, BG : GE = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( GE = \frac{1}{3} BE \).
हमें BE = 12 सेमी. दिया गया है।
\( \implies GE = \frac{1}{3} \times 12 \)
\( \implies GE = 4 \) सेमी.

 

(iii) GC का मान ज्ञात करना:
माध्यिका CF के लिए, CG : GF = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( CG = 2 \times GF \).
हमें FG (या GF) = 3 सेमी. दिया गया है।
\( \implies GC = 2 \times 3 \)
\( \implies GC = 6 \) सेमी.

 

**संक्षेप में:**
AD = 7.5 सेमी.
GE = 4 सेमी.
GC = 6 सेमी.
In simple words: त्रिभुज के बीच का केंद्र, जिसे केन्द्रक कहते हैं, माध्यिका को दो हिस्सों में बांटता है, जहाँ एक हिस्सा दूसरे से दोगुना होता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दी गई लंबाइयों से गुम हुई लंबाइयों को आसानी से पता लगा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक के माध्यम से माध्यिकाओं के 2:1 के विभाजन के अनुपात को समझना इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने की कुंजी है। इसे याद रखने से आप तेजी से और सही उत्तर निकाल सकते हैं।

 

Question 5. एक त्रिभुज ABC में माध्यिकाएँ AD, BE और CF एक बिन्दु G से गुजरती हैं। यदि AD = 9 सेमी., GE = 4.2 सेमी. और GC = 6 सेमी., तो AG, BE और FC की लम्बाइयों के मान ज्ञात कीजिए।
Answer:

**हल:**
हम जानते हैं कि त्रिभुज का केन्द्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। यह नियम त्रिभुज के केंद्रक के गुणों को दर्शाता है।

(i) AG का मान ज्ञात करना:
माध्यिका AD के लिए, AG : GD = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( AG = \frac{2}{3} AD \).
हमें AD = 9 सेमी. दिया गया है।
\( \implies AG = \frac{2}{3} \times 9 \)
\( \implies AG = 2 \times 3 \)
\( \implies AG = 6 \) सेमी.

 

(ii) BE का मान ज्ञात करना:
माध्यिका BE के लिए, BG : GE = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( GE = \frac{1}{3} BE \).
या, \( BE = 3 \times GE \).
हमें GE = 4.2 सेमी. दिया गया है।
\( \implies BE = 3 \times 4.2 \)
\( \implies BE = 12.6 \) सेमी.

 

(iii) FC का मान ज्ञात करना:
माध्यिका CF के लिए, CG : GF = 2 : 1
इसका मतलब है कि \( CG = \frac{2}{3} CF \) और \( GF = \frac{1}{3} CF \).
हमें GC (या CG) = 6 सेमी. दिया गया है।
\( \implies CG = 2 \times GF \)
\( \implies 6 = 2 \times GF \)
\( \implies GF = \frac{6}{2} \)
\( \implies GF = 3 \) सेमी.
अब, माध्यिका FC की पूरी लंबाई ज्ञात करने के लिए:
\( FC = CG + GF \)
\( \implies FC = 6 + 3 \)
\( \implies FC = 9 \) सेमी.

 

**संक्षेप में:**
AG = 6 सेमी.
BE = 12.6 सेमी.
FC = 9 सेमी.
In simple words: केन्द्रक माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में बांटता है। इस नियम का उपयोग करके, हम दी गई लंबाइयों के टुकड़ों से माध्यिका के अन्य हिस्सों या पूरी माध्यिका की लंबाई निकाल सकते हैं। माध्यिकाएँ त्रिभुज के केंद्र को दर्शाती हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक के विभाजन अनुपात \( 2:1 \) को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है। ध्यान दें कि कौन सा भाग (शीर्ष से केन्द्रक या केन्द्रक से मध्यबिंदु) 2 है और कौन सा 1। यह गणनाओं में त्रुटियों से बचने में मदद करता है।

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