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Detailed Chapter 10 बिन्दु पथ RBSE Solutions for Class 10 Mathematics
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Class 10 Mathematics Chapter 10 बिन्दु पथ RBSE Solutions PDF
Question 1. निम्नलिखित कथनों में से सत्य या असत्य लिखिए और अपने उत्तर का औचित्य भी दीजिए
1. किसी रेखा से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का समुच्चय एक रेखा होती
2. एक वृत्त उन बिन्दुओं का बिन्दुपथ है जो किसी दिए गए बिन्दु से नियत दूरी पर स्थित है।
3. तीन दिए गए बिन्दु संरेख तभी होंगे जब वह एक रेखा के बिन्दुओं के समुच्चय के अवयव नहीं हों।
4. दो रेखाओं से समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ दोनों रेखाओं के समान्तर रेखा होगी।
5. दो दिए गए बिन्दुओं से समदूरस्थ बिन्दु का बिन्दुपथ दोनों बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा का लम्बअर्द्धक होता है।
Answer:
1. **असत्य** है। एक रेखा से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ उस रेखा के दोनों ओर, उसके समानांतर दो रेखाएँ बनाता है। उदाहरण के लिए, एक रेलवे ट्रैक की पटरियां हमेशा एक ही दूरी पर होती हैं.
2. **सत्य** है। एक वृत्त ऐसे सभी बिन्दुओं का संग्रह है जो एक निश्चित बिन्दु (केंद्र) से हमेशा एक ही निश्चित दूरी (त्रिज्या) पर होते हैं। वृत्त की त्रिज्या उस निश्चित दूरी को दर्शाती है।
3. **असत्य** है। तीन दिए गए बिन्दु तभी संरेख होते हैं जब वे तीनों एक ही रेखा पर स्थित हों। यदि वे रेखा के समुच्चय के अवयव नहीं हैं, तो वे संरेख नहीं हो सकते।
4. **असत्य** है। बिन्दुपथ इस बात पर निर्भर करता है कि रेखाएँ कैसी हैं। यदि दोनों रेखाएँ समानांतर हैं, तो बिन्दुपथ उनके समानांतर एक रेखा होगी। लेकिन, यदि वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ हैं, तो बिन्दुपथ उनके प्रतिच्छेद बिन्दु पर बनने वाले कोणों का समद्विभाजक होगा।
5. **सत्य** है। दो दिए गए बिन्दुओं से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ उन दोनों बिन्दुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक होता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय अवधारणा है।
In simple words: आपको यह बताना है कि दिए गए कथन सही हैं या गलत, और इसका कारण भी बताना है। बिन्दुओं का रास्ता कभी-कभी एक रेखा या वृत्त हो सकता है, यह उनकी स्थिति पर निर्भर करता है।
🎯 Exam Tip: ज्यामितीय अवधारणाओं को समझने के लिए हमेशा एक छोटा सा चित्र बनाकर देखने से बहुत मदद मिलती है।
Question 2. एक चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। सिद्ध कीजिए कि यह चतुर्भुज समान्तर चतुर्भुज है।
Answer:
**दिया है:** एक चतुर्भुज ABCD है जिसके विकर्ण AC और BD एक-दूसरे को बिन्दु O पर समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि \( OA = OC \) और \( OB = OD \).
**सिद्ध करना है:** ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है।
**उत्पत्ति:**
त्रिभुज \( \triangle AOB \) और \( \triangle COD \) को देखें:
1. \( OA = OC \) (यह दिया गया है)
2. \( \angle AOB = \angle COD \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, जो हमेशा बराबर होते हैं)
3. \( OB = OD \) (यह भी दिया गया है)
इसलिए, भुजा-कोण-भुजा (SAS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle AOB \cong \triangle COD \). जब दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \) \( \angle OAB = \angle OCD \).
ये कोण तिर्यक रेखा AC द्वारा रेखाओं AB और CD पर बनाए गए एकान्तर कोण हैं। यदि एकान्तर कोण बराबर होते हैं, तो रेखाएँ समानांतर होती हैं।
\( \implies \) \( AB || CD \).
इसी तरह, हम \( \triangle AOD \) और \( \triangle BOC \) को सर्वांगसम सिद्ध कर सकते हैं, जिससे \( AD || BC \) प्राप्त होगा।
चूंकि चतुर्भुज ABCD में सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समानांतर हैं (\( AB || CD \) और \( AD || BC \)), इसलिए ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। एक समांतर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर और समानांतर होती हैं।
In simple words: अगर किसी चार-भुजा वाली आकृति (चतुर्भुज) के बीच की दो रेखाएँ (विकर्ण) एक-दूसरे को ठीक बीच से काटती हैं, तो वह आकृति हमेशा एक समांतर चतुर्भुज होती है। हम त्रिभुजों को बराबर दिखाकर इसे साबित कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए अक्सर सम्मुख भुजाओं को समानांतर या बराबर दिखाना पड़ता है, या फिर विकर्णों का समद्विभाजित होना एक मुख्य शर्त होती है।
Question 3. तीन असंरेख बिन्दुओं A, B और C के समदूरस्थ बिन्दुओं का बिन्दुपथ क्या होगा? अपने उत्तर का कारण स्पष्ट कीजिए।
Answer:
**दिया है:** तीन असंरेख बिन्दु A, B और C हैं (जो एक ही सीधी रेखा में नहीं हैं)।
**सिद्ध करना है:** A, B और C से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ।
**रचना:**
1. बिन्दुओं A, B, और C को मिलाकर त्रिभुज ABC बनाएँ।
2. रेखाखंड AB, BC और CA के लम्ब समद्विभाजक OF, OD और OE खींचें। ये सभी लम्ब समद्विभाजक एक ही बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। यह बिन्दु त्रिभुज का परिकेन्द्र कहलाता है।
**उपपत्ति:**
हमें पता है कि कोई भी बिन्दु जो किसी रेखाखंड के लम्ब समद्विभाजक पर होता है, वह उस रेखाखंड के दोनों अंतबिन्दुओं से समान दूरी पर होता है।
1. बिन्दु O, रेखाखंड BC के लम्ब समद्विभाजक (OD) पर स्थित है।
\( \implies \) \( OB = OC \) (समीकरण 1)
2. इसी प्रकार, बिन्दु O, रेखाखंड AB के लम्ब समद्विभाजक (OF) पर स्थित है।
\( \implies \) \( OA = OB \) (समीकरण 2)
समीकरण (1) और (2) से, हमें मिलता है: \( OA = OB = OC \).
यह बिन्दु O तीनों असंरेख बिन्दुओं A, B और C से समान दूरी पर है। ऐसे बिन्दु का बिन्दुपथ उस वृत्त का केंद्र होगा जो इन तीनों बिन्दुओं से होकर गुजरता है। इस विशेष बिन्दु को परिकेन्द्र कहा जाता है।
In simple words: अगर तीन बिन्दु एक सीधी रेखा में नहीं हैं, तो उन तीनों से बराबर दूरी पर सिर्फ एक ही बिन्दु होता है। यह बिन्दु उस वृत्त का बीच का हिस्सा होता है जो इन तीनों बिन्दुओं को छूकर निकलता है।
🎯 Exam Tip: तीन असंरेख बिन्दुओं से होकर गुजरने वाला केवल एक ही वृत्त हो सकता है, और उसका केंद्र (परिकेन्द्र) तीनों भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों का प्रतिच्छेद बिन्दु होता है।
Question 4. तीन समरेख बिन्दुओं से समदूरस्थ बिन्दुओं को बिन्दुपथ क्या होगा? अपने उत्तर का कारण स्पष्ट कीजिए।
Answer:
**हल:**
कल्पना कीजिए कि \( l \) एक सीधी रेखा है, और इस पर A, B तथा C तीन अलग-अलग बिन्दु हैं। हमें इन तीनों बिन्दुओं से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ ज्ञात करना है।
मान लीजिये कोई बिन्दु P, बिन्दुओं A, B और C से समान दूरी पर स्थित है।
**परीक्षण:**
1. यदि P, बिन्दुओं A तथा B से समान दूरी पर है, तो P रेखाखंड AB के लम्ब समद्विभाजक \( m \) पर होगा।
2. \( m \perp l \).
3. इसी प्रकार, यदि P, बिन्दुओं B और C से समान दूरी पर है, तो P रेखाखंड BC के लम्ब समद्विभाजक \( n \) पर होगा।
4. \( n \perp l \).
इससे हमें मिलता है कि \( m \perp l \) और \( n \perp l \).
\( \implies \) \( m || n \). इसका मतलब है कि रेखाएँ \( m \) और \( n \) एक-दूसरे के समानांतर हैं।
समानांतर रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
\( \implies \) \( m \cap n = \emptyset \) (अर्थात, रेखाओं \( m \) तथा \( n \) का कोई उभयनिष्ठ बिन्दु नहीं है)।
इसलिए, ऐसा कोई बिन्दु P नहीं है जो बिन्दुओं A, B और C तीनों से समान दूरी पर हो। यदि ऐसा कोई बिन्दु होता, तो उसे \( m \) और \( n \) दोनों पर होना चाहिए था।
**उत्तर:** ऐसे बिन्दु का अस्तित्व नहीं है। तीन संरेख बिन्दुओं से समान दूरी पर स्थित बिन्दुओं का कोई बिन्दुपथ नहीं होता है।
In simple words: अगर तीन बिन्दु एक ही सीधी रेखा में हैं, तो उन तीनों से एक साथ बराबर दूरी पर कोई बिन्दु नहीं मिल सकता। ऐसा कोई रास्ता नहीं है।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि रेखाखंड के लम्ब समद्विभाजक की अवधारणा केवल दो बिन्दुओं के लिए लागू होती है। तीन संरेख बिन्दुओं के लिए ऐसा उभयनिष्ठ बिन्दु नहीं होता।
Question 5. सिद्ध कीजिए कि A और B बिन्दुओं से होकर जाने वाले वृत्तों के केन्द्रों का बिन्दुपथ रेखाखण्ड AB का लम्बअर्द्धक है।
Answer:
**हल:**
**दिया है:** बिन्दु A और B दो दिए हुए बिन्दु हैं। कई वृत्त हैं जो इन दोनों बिन्दुओं से होकर गुजरते हैं, और उनके केंद्र P, Q और R इत्यादि हैं।
**सिद्ध करना है:** P, Q और R जैसे वृत्तों के केन्द्रों का बिन्दुपथ, रेखाखण्ड AB का लम्ब समद्विभाजक है।
**उपपत्ति:**
मान लीजिए बिन्दु P एक ऐसे वृत्त का केंद्र है जो बिन्दुओं A तथा B से होकर गुजरता है।
चूँकि A और B वृत्त पर स्थित हैं, इसलिए केंद्र P से A और B की दूरी बराबर होगी, क्योंकि वे वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
\( \implies \) \( PA = PB \).
हम जानते हैं कि किसी रेखाखंड के दो अंतबिन्दुओं से समान दूरी पर स्थित कोई भी बिन्दु उस रेखाखंड के लम्ब समद्विभाजक पर होता है।
\( \implies \) बिन्दु P, रेखाखंड AB के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है।
इसी प्रकार, Q और R भी ऐसे वृत्तों के केंद्र हैं जो बिन्दुओं A तथा B दोनों से होकर जाते हैं।
\( \implies \) Q तथा R भी बिन्दुओं A तथा B से समान दूरी पर हैं।
\( \implies \) Q तथा R भी रेखाखंड AB के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित हैं।
अतः, P, Q तथा R जैसे सभी वृत्त-केंद्र रेखाखण्ड AB के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित हैं। इसलिए, वृत्तों के केन्द्रों का बिन्दुपथ रेखाखण्ड AB का लम्ब समद्विभाजक है।
In simple words: अगर कोई वृत्त दो बिन्दुओं A और B से होकर गुजरता है, तो उस वृत्त का बीच का बिन्दु (केंद्र) हमेशा A और B को जोड़ने वाली सीधी रेखा के ठीक बीच में और उस रेखा पर 90 डिग्री के कोण पर बनी रेखा पर ही होगा।
🎯 Exam Tip: दो दिए गए बिन्दुओं से होकर गुजरने वाले वृत्तों की संख्या अनंत हो सकती है, लेकिन उन सभी वृत्तों के केंद्र हमेशा एक ही सीधी रेखा पर होंगे, जो उन दो बिन्दुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक होती है।
Question 6. दी गई आकृति में उभयनिष्ठ आधार BC पर रेखा BC के विपरीत ओर दो समद्विबाहु त्रिभुज \( \triangle PBC \) और \( \triangle QBC \) स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि P और Q को मिलाने वाली रेखा, BC को समकोण पर समद्विभाजित करती है।
Answer:
**हल:**
**दिया है:** दो समद्विबाहु त्रिभुज \( \triangle PBC \) और \( \triangle QBC \) हैं, जिनका उभयनिष्ठ आधार BC है। ये आधार BC के विपरीत दिशाओं में स्थित हैं।
चूंकि \( \triangle PBC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, \( PB = PC \).
चूंकि \( \triangle QBC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, \( QB = QC \).
हमें यह भी दिया गया है कि PQ और BC बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
**सिद्ध करना है:** रेखा PQ, रेखाखंड BC को समकोण पर समद्विभाजित करती है (यानी \( BO = CO \) और \( \angle BOP = 90^\circ \)).
**उपपत्ति:**
त्रिभुज \( \triangle PBQ \) और \( \triangle PCQ \) को देखें:
1. \( PB = PC \) (दिया है, \( \triangle PBC \) समद्विबाहु है)
2. \( QB = QC \) (दिया है, \( \triangle QBC \) समद्विबाहु है)
3. \( PQ = PQ \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
इसलिए, SSS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle PBQ \cong \triangle PCQ \).
\( \implies \) \( \angle BPQ = \angle CPQ \) (CPCT द्वारा).
अब, त्रिभुज \( \triangle BPO \) और \( \triangle CPO \) को देखें:
1. \( PB = PC \) (दिया है)
2. \( \angle BPO = \angle CPO \) (हमने अभी ऊपर सिद्ध किया है)
3. \( PO = PO \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle BPO \cong \triangle CPO \).
\( \implies \) \( BO = CO \) (CPCT द्वारा). यह दिखाता है कि PQ, BC को समद्विभाजित करती है।
\( \implies \) \( \angle BOP = \angle COP \) (CPCT द्वारा).
हम जानते हैं कि \( \angle BOP \) और \( \angle COP \) एक सीधी रेखा (BC) पर रैखिक युग्म बनाते हैं।
\( \implies \) \( \angle BOP + \angle COP = 180^\circ \).
चूंकि \( \angle BOP = \angle COP \), हम लिख सकते हैं \( \angle BOP + \angle BOP = 180^\circ \).
\( \implies \) \( 2 \angle BOP = 180^\circ \).
\( \implies \) \( \angle BOP = 90^\circ \).
यह दिखाता है कि PQ, BC को समकोण पर प्रतिच्छेद करती है। इस प्रकार, रेखा PQ, रेखाखंड BC को समकोण पर समद्विभाजित करती है। जब दो त्रिभुज समद्विबाहु होते हैं और एक ही आधार पर होते हैं, तो उनके शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा आधार के लम्ब समद्विभाजक के रूप में कार्य करती है।
In simple words: दो त्रिभुज जिनके पास एक ही निचली भुजा है और जिनकी बाकी दो भुजाएँ बराबर हैं, उन्हें समद्विबाहु त्रिभुज कहते हैं। अगर ये त्रिभुज निचली भुजा के दोनों तरफ हों, तो उनके ऊपर वाले बिन्दुओं को जोड़ने वाली रेखा निचली भुजा को ठीक बीच में और सीधा काटती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, सर्वांगसमता के नियमों (SSS, SAS, ASA, RHS) का सही ढंग से उपयोग करना महत्वपूर्ण है। CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) का उपयोग करके समान भुजाओं और कोणों को पहचानें।
Question 7. दी गई आकृति में उभयनिष्ठ आधार QR पर एक ही ओर दो समद्विबाहु त्रिभुज PQR और SQR स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि SP रेखा QR की लम्बअर्द्धक है।
Answer:
**हल:**
**दिया गया है:** दी गई आकृति के अनुसार, आधार QR पर एक ही तरफ दो समद्विबाहु त्रिभुज \( \triangle PQR \) और \( \triangle SQR \) हैं।
\( \triangle PQR \) में, \( QP = PR \) (समद्विबाहु त्रिभुज की भुजाएँ)
\( \triangle SQR \) में, \( QS = SR \) (समद्विबाहु त्रिभुज की भुजाएँ)
**सिद्ध करना है:** रेखा SP, रेखाखंड QR की लम्ब समद्विभाजक है।
**उपपत्ति:**
त्रिभुज \( \triangle PQS \) और \( \triangle PRS \) को देखें:
1. \( QP = PR \) (दिया है)
2. \( QS = SR \) (दिया है)
3. \( PS = PS \) (उभयनिष्ठ भुजा)
इसलिए, SSS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle PQS \cong \triangle PRS \).
\( \implies \) \( \angle QPS = \angle RPS \) (CPCT द्वारा).
अब, त्रिभुज \( \triangle PQM \) और \( \triangle PRM \) को देखें, जहाँ M रेखाखंड QR पर है और SP उसे काटता है:
1. \( QP = PR \) (दिया है)
2. \( \angle QPM = \angle RPM \) (हमने अभी ऊपर सिद्ध किया है कि \( \angle QPS = \angle RPS \), इसलिए \( \angle QPM = \angle RPM \))
3. \( PM = PM \) (उभयनिष्ठ भुजा)
इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle PQM \cong \triangle PRM \).
\( \implies \) \( QM = RM \) (CPCT द्वारा). यह दिखाता है कि SP, QR को समद्विभाजित करती है।
\( \implies \) \( \angle PMQ = \angle PMR \) (CPCT द्वारा).
चूंकि \( \angle PMQ \) और \( \angle PMR \) एक सीधी रेखा (QR) पर रैखिक युग्म बनाते हैं, तो:
\( \angle PMQ + \angle PMR = 180^\circ \).
चूंकि \( \angle PMQ = \angle PMR \), हम लिख सकते हैं \( \angle PMQ + \angle PMQ = 180^\circ \).
\( \implies \) \( 2 \angle PMQ = 180^\circ \).
\( \implies \) \( \angle PMQ = 90^\circ \).
यह दिखाता है कि SP, QR को समकोण पर काटती है। अतः, रेखाखंड SP आधार QR की लम्ब समद्विभाजक है।
In simple words: अगर दो बराबर भुजाओं वाले त्रिभुज (समद्विबाहु त्रिभुज) एक ही निचली भुजा पर, एक ही तरफ हों, तो उनके ऊपर वाले बिन्दुओं को जोड़ने वाली रेखा निचली भुजा को ठीक बीच में और सीधी काटती है।
🎯 Exam Tip: यह एक सामान्य ज्यामितीय प्रमेय है। जब एक ही आधार पर दो समद्विबाहु त्रिभुज हों, तो उनके शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा हमेशा आधार का लम्ब समद्विभाजक होती है। इसे याद रखना चाहिए।
Question 8. दी गई आकृति में \( \angle P \) का अर्द्धक PS, भुजा QR को S बिन्दु पर प्रतिच्छेद करता है। \( SN \perp PQ \) एवं \( SM \perp PR \) खींचे गए हैं। सिद्ध कीजिए कि \( SN = SM \)
Answer:
**हल:**
**प्रश्नानुसार:** \( \angle P \) का अर्द्धक PS है। इसका मतलब है कि PS कोण \( \angle QPR \) को दो बराबर भागों में बांटता है, यानी \( \angle QPS = \angle RPS \).
बिन्दु S से भुजा PQ पर \( SN \perp PQ \) खींचा गया है, जिसका अर्थ है कि \( \angle SNP = 90^\circ \).
बिन्दु S से भुजा PR पर \( SM \perp PR \) खींचा गया है, जिसका अर्थ है कि \( \angle SMP = 90^\circ \).
**सिद्ध करना है:** \( SN = SM \).
**उपपत्ति:**
त्रिभुज \( \triangle SPN \) और \( \triangle SPM \) को देखें:
1. \( \angle SNP = \angle SMP = 90^\circ \) (दोनों लंबवत होने के कारण समकोण हैं)
2. \( \angle SPN = \angle SPM \) (क्योंकि PS, \( \angle P \) का कोण समद्विभाजक है)
3. \( PS = PS \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है)
इसलिए, कोण-कोण-भुजा (AAS) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle SPN \cong \triangle SPM \).
जब दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत भाग भी बराबर होते हैं।
\( \implies \) \( SN = SM \) (CPCT द्वारा).
अतः, हम कह सकते हैं कि यदि किसी कोण समद्विभाजक पर कोई बिन्दु लिया जाए, तो वह बिन्दु कोण बनाने वाली दोनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।
In simple words: अगर एक रेखा किसी कोण को दो बराबर हिस्सों में बांटती है, और आप उस रेखा पर कोई बिन्दु लेते हैं, तो वह बिन्दु कोण बनाने वाली दोनों सीधी लाइनों से हमेशा बराबर दूरी पर होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को "कोण समद्विभाजक प्रमेय" के नाम से जाना जाता है। याद रखें कि एक बिन्दु की रेखा से दूरी हमेशा उस बिन्दु से रेखा पर खींचे गए लंब की लंबाई होती है।
Question 9. दी गई आकृति में \( \angle ABC \) दिया गया है। BA और BC से समदूरस्थ तथा \( \angle ABC \) के अन्तः भाग में किसी बिन्दुओं का बिन्दुपथ ज्ञात कीजिए।
Answer:
**हल:**
हमें \( \angle ABC \) दिया गया है। हमें ऐसे बिन्दुओं का बिन्दुपथ ज्ञात करना है जो भुजाओं BA और BC से समान दूरी पर हों और \( \angle ABC \) के अंदर स्थित हों।
यह एक ज्यामितीय प्रमेय है कि किसी कोण के अन्तः भाग में स्थित बिन्दुओं का बिन्दुपथ, जो उस कोण की दोनों भुजाओं से समान दूरी पर होते हैं, उस कोण का समद्विभाजक (angle bisector) होता है।
इसलिए, बिन्दुओं का बिन्दुपथ कोण \( \angle ABC \) का कोण समद्विभाजक होगा। यह एक सीधी रेखा होती है जो कोण B के शीर्ष से निकलती है और कोण को दो बराबर हिस्सों में बांटती है।
In simple words: किसी कोण के अंदर के सभी बिन्दु, जो कोण बनाने वाली दोनों सीधी लाइनों से बराबर दूरी पर होते हैं, वे एक सीधी रेखा पर होते हैं। यह रेखा उस कोण को ठीक बीच से दो बराबर कोणों में बांटती है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। याद रखें कि यह न केवल कोण को दो बराबर भागों में बांटता है, बल्कि उस पर स्थित कोई भी बिन्दु कोण की भुजाओं से समान लंबवत दूरी पर होता है।
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