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This is a CBSE Class 9 Hindi annual exam question paper with answers, set for 43 marks in 1 hour 30 minutes and made up of 29 questions in 3 sections. It is based on the current NCERT syllabus and covers अपठित गद्यांश (घर तथा राष्ट्रभाषा पर आधारित), हिंदी का व्यावहारिक व्याकरण (अनुस्वार-अनुनासिक, उपसर्ग, प्रत्यय, विराम-चिह्न, वाक्य-भेद और संधि) तथा रचनात्मक लेखन (अनुच्छेद, पत्र और संवाद)। Attempt it in exam conditions without looking at the answers, then open the answers and teacher's notes below to check your work.
Question Paper
Time Allowed: 1 hour 30 minutes
Maximum Marks: 43
General Instructions
1. इस प्रश्नपत्र में कुल तीन खंड हैं: खंड क, खंड ख और खंड ग।
2. खंड क में प्रश्न संख्या 1 से 10 तक दो अपठित गद्यांशों पर आधारित एक-एक अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
3. खंड ख में प्रश्न संख्या 11 से 26 तक व्यावहारिक व्याकरण के एक-एक अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
4. खंड ग में प्रश्न संख्या 27 से 29 तक रचनात्मक लेखन के प्रश्न हैं।
5. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। जहाँ विकल्प दिया गया है, वहाँ केवल एक विकल्प का उत्तर लिखिए।
6. प्रश्नपत्र का पूर्णांक 43 है और समय 1 घंटा 30 मिनट है।
खंड क: अपठित गद्यांश (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 1 से 10: प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का
Q1. नीचे दिया गया गद्यांश ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
‘घर’ जैसा छोटा सा शब्द भावात्मक दृष्टि से बहुत विशाल होता है। इस आधार पर मकान, भवन, फ्लैट, कमरा, कोठी, बंगला आदि इसके समानार्थी बिल्कुल भी नहीं लगते हैं क्योंकि इनका सामान्य संबंध दीवारों, छतों और बाहरी व आंतरिक साज-सज्जा तक सीमित होता है। जबकि घर प्यार, भरोसे और रिश्तों की मिठास से बनता है। एक आदर्श घर वही है जिसमें प्रेम व भरोसे की दीवारें आपसी तालमेल की छतें, रिश्तों की मधुरता के खिले-खिले रंग, स्नेह, सम्मान व संवेदनाओं की सज्जा हो। घर में भावात्मकता है, वह भावात्मकता, जो संबंधों को महका कर परिवार को जोड़े रखती है। यह बात हमें अच्छी तरह याद रखनी चाहिए कि जब रिश्ते महकते हैं तो घर महकता है, प्यार अठखेलियाँ करता है तो घर अठखेलियाँ करता है, रिश्तों का उल्लास घर का उल्लास होता है। इसलिए रिश्ते हैं तो घर है और रिश्तों के बीच बहता प्रेम घर की नींव है। यह नींव जितनी मजबूत होगी घर उतना ही मजबूत होगा।
न जाने क्यों आज का मनुष्य संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है। उसके मन की कोमलता कठोरता में बदल रही है। दिन-रात कार्य में व्यस्त रहने और धनोपार्जन की अति तीव्र लालसा से उसके अंदर मशिनियत बढ़ रही है। इसलिए उसके लिए घर के मायने बदल रहे हैं। उसकी अहमियत बदल रही है। इसी कारण आज परिवार में आपसी कलह, द्वंद्व आदि बढ़ रहे हैं। आज की पीढ़ी प्राइवेसी (व्यक्तिगतता) के नाम पर एकाकीपन में सुख खोज रही है। उसकी सोच ‘मेरा कमरा, मेरी दुनिया’ तक सिमट गई है। एक छत के नीचे रहते हुए भी हम एकाकी होते जा रहे हैं। काश, सब घर की अहमियत समझें और अपना अहम हटाकर घर को घर बनाए रखने का प्रयास करें।
सामान्य रूप से मकान, भवन, फ्लैट, कमरा, कोठी आदि शब्दों का संबंध किससे होता है? [1 mark]
(a) हृदय की भावनाओं से
(b) वैभव और समृद्धि से
(c) स्थानीय सुविधाओं से
(d) बनावट व सजावट से
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Answer: (घ) बनावट व सजावट से
गद्यांश के अनुसार इन शब्दों का सामान्य संबंध दीवारों, छतों और बाहरी व आंतरिक साज-सज्जा तक सीमित होता है।
Teacher's Note:
1. अपठित में उत्तर सदा गद्यांश की पंक्तियों से मिलाकर चुनिए, अपने अनुमान से नहीं।
2. ‘दीवारों, छतों और साज-सज्जा’ जैसे संकेत-शब्द ही सही विकल्प तक पहुँचाते हैं।
Q2. (प्रथम गद्यांश ‘घर’ के आधार पर) आज की पीढ़ी को सुख किसमें दिखाई दे रहा है? [1 mark]
(a) निजी जीवन व एकांतिकता में
(b) पारिवारिक भावनात्मक संबंधों में
(c) बिना मेहनत सब कुछ मिल जाने में
(d) धन कमाने के लिए जी तोड़ मेहनत करने में
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Answer: (क) निजी जीवन व एकांतिकता में
गद्यांश में कहा गया है कि आज की पीढ़ी प्राइवेसी के नाम पर एकाकीपन में सुख खोज रही है।
Teacher's Note:
1. प्रश्न में ‘आज की पीढ़ी’ पर ध्यान दें, क्योंकि धन कमाने वाली बात मनुष्य के लिए अलग से कही गई है।
2. पास के अर्थ वाले विकल्पों में गद्यांश के शब्द ‘प्राइवेसी’ और ‘एकाकीपन’ से मेल खाने वाला चुनिए।
Q3. (प्रथम गद्यांश ‘घर’ के आधार पर) गद्यांश में प्रेम को घर का क्या बताया गया है? [1 mark]
(a) आभूषण
(b) आधार
(c) भरोसा
(d) उल्लास
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Answer: (ख) आधार
गद्यांश में लिखा है कि ‘रिश्तों के बीच बहता प्रेम घर की नींव है’, और नींव का अर्थ आधार है।
Teacher's Note:
1. यहाँ ‘नींव’ शब्द का पर्याय ही उत्तर है, इसलिए पर्यायवाची शब्दों का अभ्यास रखें।
2. ‘भरोसा’ और ‘उल्लास’ घर की दूसरी विशेषताएँ हैं, प्रेम का रूप नहीं।
Q4. (प्रथम गद्यांश ‘घर’ के आधार पर) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए।
कथन (A): आदमी के अंदर संवेदनाओं की जगह मशिनियत बढ़ती जा रही है।
कारण (R): व्यस्तता और अर्थोपार्जन की अति महत्वाकांक्षा ने उसे यहाँ तक पहुँचा दिया है। [1 mark]
(a) कथन (A) गलत है किंतु कारण (R) सही है
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत हैं
(c) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है
(d) कथन (A) सही है किंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
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Answer: (ग) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है
गद्यांश के अनुसार दिन-रात की व्यस्तता और धन की तीव्र लालसा से ही मनुष्य में मशिनियत बढ़ रही है, इसलिए (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) कारण बताता है।
Teacher's Note:
1. पहले (A) और (R) को अलग-अलग जाँचिए, फिर देखिए कि क्या (R) से (A) का कारण निकलता है।
2. दोनों कथन गद्यांश में दिए हों तो अक्सर उत्तर ‘सही व्याख्या’ वाला विकल्प होता है।
Q5. (प्रथम गद्यांश ‘घर’ के आधार पर) भावात्मक दृष्टि से ‘घर’ जैसे छोटे से शब्द की विशालता में क्या निहित है? [1 mark]
(a) प्रेम, विश्वास, नातों का माधुर्य व संवेदनाएँ
(b) आकर्षक बनावट, सुंदर लोग, वैभव व संपन्नता
(c) सुंदर रंग-संयोजन, आंतरिक सजावट एवं हरियाली
(d) स्नेह, सम्मान, सरसता, संवेदनाएँ, संपन्नता व साज-सज्जा
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Answer: (क) प्रेम, विश्वास, नातों का माधुर्य व संवेदनाएँ
गद्यांश में घर को प्यार, भरोसे और रिश्तों की मिठास से बना बताया गया है; बनावट, वैभव या साज-सज्जा वाले विकल्प मकान की बातें हैं।
Teacher's Note:
1. जिस विकल्प में सजावट या संपन्नता जैसी बाहरी बातें आ जाएँ, वह यहाँ ‘घर’ के भाव का उत्तर नहीं हो सकता।
2. अंतिम विकल्प आधा सही दिखता है, इसलिए पूरा विकल्प पढ़कर ही चुनिए।
Q6. नीचे दिया गया गद्यांश ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हर राष्ट्र को अपने सामान्य काम-काज एवं राष्ट्रव्यापी व्यवहार के लिए किसी एक भाषा को अपनाना होता है। राष्ट्र की कोई एक भाषा स्वाभाविक विकास और विस्तार करती हुई अधिकांश जन-समूह के विचार-विनिमय और व्यवहार का माध्यम बन जाती है। इसी भाषा को वह राष्ट्र, राष्ट्रभाषा का दर्जा देकर, उस पर शासन की स्वीकृति की मुहर लगा देता है। हर राष्ट्र की प्रशासकीय सुविधा तथा राष्ट्रीय एकता और गौरव के निमित्त एक राष्ट्रभाषा का होना परम आवश्यक होता है। सरकारी काम-काज की केन्द्रीय भाषा के रूप में यदि एक भाषा स्वीकृत न होगी तो प्रशासन में नित्य ही व्यावहारिक कठिनाइयाँ आयेंगी। अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय में भी राष्ट्र की निजी भाषा का होना गौरव की बात होती है। एक राष्ट्रभाषा के लिए सर्वप्रथम गुण है- ‘उसकी व्यापकता’। राष्ट्र के अधिकांश जन-समुदाय द्वारा वह बोली तथा समझी जाती हो। दूसरा गुण है- ‘उसकी समृद्धता’। वह संस्कृति, धर्म, दर्शन, साहित्य एवं विज्ञान आदि विषयों को अभिव्यक्त करने की सामर्थ्य रखती हो। उसका शब्दकोश व्यापक और विशाल हो और उसमें समयानुकूल विकास की सामर्थ्य हो। यदि निष्पक्ष दृष्टि से विचार किया जाए तो हिन्दी को ये सभी योग्यताएँ प्राप्त हैं। अत: हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा होने की सभी योग्यताएँ रखती है।
उपर्युक्त गद्यांश के शीर्षक का चयन कीजिए। [1 mark]
(a) राष्ट्रभाषा
(b) राजभाषा
(c) केंद्रीय भाषा
(d) राष्ट्रभाषा हिंदी
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Answer: (क) राष्ट्रभाषा
पूरा गद्यांश राष्ट्रभाषा की आवश्यकता और उसके गुणों पर है; हिंदी का उल्लेख केवल अंत में उदाहरण के रूप में आता है।
Teacher's Note:
1. शीर्षक पूरे गद्यांश का सार होना चाहिए, किसी एक पंक्ति का नहीं।
2. छोटा और विषय को पूरी तरह घेरने वाला शीर्षक सबसे उपयुक्त माना जाता है।
Q7. (दूसरे गद्यांश ‘राष्ट्रभाषा’ के आधार पर) राष्ट्रभाषा की आवश्यकता क्यों होती है? [1 mark]
(a) गौरव के लिए
(b) राष्ट्रीय एकता के लिए
(c) प्रशासकीय सुविधा के लिए
(d) उपर्युक्त सभी
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Answer: (घ) उपर्युक्त सभी
गद्यांश के अनुसार प्रशासकीय सुविधा, राष्ट्रीय एकता और गौरव, तीनों के लिए राष्ट्रभाषा परम आवश्यक है।
Teacher's Note:
1. जब तीनों विकल्प गद्यांश में अलग-अलग मिलें, तो ‘उपर्युक्त सभी’ ही उत्तर होता है।
2. पहले तीनों विकल्प पंक्तियों से जाँच लें, फिर अंतिम विकल्प चुनें।
Q8. (दूसरे गद्यांश ‘राष्ट्रभाषा’ के आधार पर) राष्ट्रभाषा का उदय कैसे होता है? [1 mark]
(a) व्यक्ति के द्वारा
(b) समूह के द्वारा
(c) अधिकांश जनसमूह के द्वारा
(d) सभी के द्वारा
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Answer: (ग) अधिकांश जनसमूह के द्वारा
गद्यांश के अनुसार कोई एक भाषा स्वाभाविक विकास करती हुई अधिकांश जन-समूह के विचार-विनिमय का माध्यम बन जाती है।
Teacher's Note:
1. ‘अधिकांश’ शब्द पर ध्यान दें, क्योंकि ‘सभी’ का प्रयोग गद्यांश में नहीं हुआ है।
2. ऐसे प्रश्नों में गद्यांश का मुख्य शब्द विकल्प में ज्यों का त्यों मिल जाता है।
Q9. (दूसरे गद्यांश ‘राष्ट्रभाषा’ के आधार पर) अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में गौरव की बात होना किस संदर्भ में कहा गया है? [1 mark]
(a) पर भाषा के संदर्भ में
(b) निज भाषा के संदर्भ में
(c) क्षेत्रीय भाषा के संदर्भ में
(d) बोली के संदर्भ में
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Answer: (ख) निज भाषा के संदर्भ में
गद्यांश में लिखा है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में राष्ट्र की निजी भाषा का होना गौरव की बात होती है।
Teacher's Note:
1. ‘निजी’ और ‘निज’ एक ही शब्द के रूप हैं, इसलिए यहाँ अर्थ पहचानना ज़रूरी है।
2. ‘पर भाषा’ का अर्थ दूसरे की भाषा है, जो गद्यांश के भाव के उलटा है।
Q10. (दूसरे गद्यांश ‘राष्ट्रभाषा’ के आधार पर) भारत की राष्ट्रभाषा होने की सभी योग्यताएँ किस भाषा में हैं? [1 mark]
(a) तमिल
(b) संस्कृत
(c) बंगला
(d) हिंदी
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Answer: (घ) हिंदी
गद्यांश के अंतिम वाक्य में स्पष्ट लिखा है कि हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा होने की सभी योग्यताएँ रखती है।
Teacher's Note:
1. निष्कर्ष प्रायः गद्यांश की अंतिम पंक्ति में मिलता है, इसलिए उसे ध्यान से पढ़िए।
2. उत्तर देते समय अपनी पसंद नहीं, गद्यांश का कथन देखिए।
खंड ख: व्यावहारिक व्याकरण (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 11 से 26: प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का
Q11. अनुस्वार युक्त कौन-सा शब्द सही है? [1 mark]
(a) बंजर
(b) बन्जर
(c) बनज्ज़
(d) कोई नहीं
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Answer: (क) बंजर
‘बंजर’ में अनुस्वार (ं) का सही प्रयोग है; ‘बन्जर’ तथा ‘बनज्ज़’ अशुद्ध रूप हैं।
Teacher's Note:
1. पंचम वर्ण (ङ्, ञ्, ण्, न्, म्) जब अपने वर्ग के व्यंजन से पहले आए तो उसकी जगह अनुस्वार लग सकता है।
2. अनुस्वार का प्रयोग करते समय वर्तनी शुद्ध रखें, क्योंकि यही अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।
Q12. अनुनासिक चिह्न वाले शब्द का चयन कीजिए। [1 mark]
(a) अंक
(b) आंग्ल
(c) आँख
(d) ऑफ
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Answer: (ग) आँख
‘आँख’ में चंद्रबिंदु (ँ) अर्थात अनुनासिक चिह्न है; ‘अंक’ और ‘आंग्ल’ में अनुस्वार है और ‘ऑफ’ में अर्धचंद्र (ॉ) है।
Teacher's Note:
1. चंद्रबिंदु (ँ) में अर्धचंद्र के ऊपर बिंदु होता है, जबकि अनुस्वार केवल बिंदु (ं) है।
2. जो अक्षर शिरोरेखा के ऊपर पूरी तरह न समाए, वहाँ बिंदु की जगह चंद्रबिंदु लगता है, जैसे आँख।
Q13. अनुनासिक का प्रयोग चिह्न निम्न में से कौन-सा है? [1 mark]
(a) ॅ
(b) ँ
(c) ं
(d) ॰
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Answer: (ख) ँ
अनुनासिक का चिह्न चंद्रबिंदु (ँ) है; (ं) अनुस्वार का चिह्न है।
Teacher's Note:
1. अनुनासिक (ँ) में ध्वनि केवल नाक से निकलती है, जबकि अनुस्वार (ं) में न् या म् जैसा स्पष्ट नासिक्य व्यंजन सुनाई देता है।
2. चंद्रबिंदु और अनुस्वार को आपस में मत बदलिए, क्योंकि कई शब्दों का अर्थ इसी पर बदल जाता है, जैसे हंस और हँस।
Q14. शब्द ‘पद’ कब बन जाते हैं? [1 mark]
(a) जब वे शब्दों के साथ होते हैं
(b) जब वे अर्थ प्रदान करते हैं
(c) जब वे व्याकरण के नियम में बँधकर वाक्य में प्रयोग होते हैं
(d) जब वे अकेले होते हैं
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Answer: (ग) जब वे व्याकरण के नियम में बँधकर वाक्य में प्रयोग होते हैं
वाक्य में प्रयुक्त होने पर शब्द लिंग, वचन, कारक आदि से जुड़ जाते हैं और ‘पद’ कहलाते हैं।
Teacher's Note:
1. याद रखिए: स्वतंत्र रूप में ‘शब्द’ और वाक्य में प्रयोग होने पर ‘पद’।
2. अर्थ तो शब्द में पहले से होता है, इसलिए केवल ‘अर्थ प्रदान करना’ पद की पहचान नहीं है।
Q15. ‘प्रकृति’ में उपसर्ग है - [1 mark]
(a) पर
(b) प्रक
(c) प्र
(d) प्रा
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Answer: (ग) प्र
‘प्रकृति’ = प्र + कृति; यहाँ ‘प्र’ उपसर्ग है।
Teacher's Note:
1. उपसर्ग शब्द के आरंभ में जुड़ता है, इसलिए शब्द के पहले भाग को अलग करके देखिए।
2. बचे हुए अंश ‘कृति’ का अर्थ होने पर ही आप उपसर्ग सही पहचान पाएँगे।
Q16. ‘विज्ञान’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग व शब्द है - [1 mark]
(a) विज्ञ + आन
(b) वी + ज्ञान
(c) वि + ज्ञान
(d) विज्ञा + न
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Answer: (ग) वि + ज्ञान
‘विज्ञान’ में ‘वि’ उपसर्ग है और ‘ज्ञान’ मूल शब्द है।
Teacher's Note:
1. ‘वि’ उपसर्ग का अर्थ विशेष है, इसलिए विज्ञान का अर्थ ‘विशेष ज्ञान’ होता है।
2. जिस भाग का स्वतंत्र अर्थ बने, उसे मूल शब्द और छोटे से आरंभिक अंश को उपसर्ग मानिए।
Q17. निम्न में से अल्प विराम चिह्न कौन-सा है? [1 mark]
(a) !
(b) ?
(c) ,
(d) ;
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Answer: (ग) ,
अल्प विराम का चिह्न (,) है; (!) विस्मयादिबोधक, (?) प्रश्नवाचक और (;) अर्द्ध विराम का चिह्न है।
Teacher's Note:
1. अल्प विराम में बोलते समय सबसे थोड़ी देर रुकना होता है, जैसे सूची के शब्दों के बीच।
2. अर्द्ध विराम (;) और अल्प विराम (,) की आकृति पास-पास होती है, इसलिए दोनों को ध्यान से पहचानिए।
Q18. योजक ( - ) चिह्न का प्रयोग किसके लिए किया जाता है? [1 mark]
(a) वर्णों को जोड़ने के लिए
(b) शब्दों को जोड़ने के लिए
(c) वाक्यों को जोड़ने के लिए
(d) कोई नहीं
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Answer: (ख) शब्दों को जोड़ने के लिए
योजक चिह्न दो शब्दों को जोड़ता है, जैसे माता-पिता, सुख-दुख।
Teacher's Note:
1. योजक चिह्न द्वंद्व समास और दोहराए गए शब्दों, जैसे धीरे-धीरे, में प्रायः आता है।
2. योजक (-) और निर्देशक (—) चिह्न की लंबाई अलग होती है, इसलिए दोनों को मत मिलाइए।
Q19. ‘भारत’ में ‘ईय’ जोड़ने से कौन-सा शब्द बनता है? [1 mark]
(a) भारतीय
(b) भराटीय
(c) भारतिय
(d) भाररीय
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Answer: (क) भारतीय
भारत + ईय = भारतीय; ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ने पर अंतिम अ का लोप होता है और ई की मात्रा लगती है।
Teacher's Note:
1. प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ता है, इसलिए पहले मूल शब्द का क्रम ज्यों का त्यों रखिए।
2. अशुद्ध ‘भारतिय’ जैसे रूप से बचिए, क्योंकि ‘ईय’ में दीर्घ ‘ई’ है।
Q20. वाक्य रचना की दृष्टि से मुख्य रूप से कितने भेद होते हैं? [1 mark]
(a) दो
(b) तीन
(c) पाँच
(d) आठ
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Answer: (ख) तीन
रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन भेद हैं: सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य।
Teacher's Note:
1. वाक्य के भेद दो आधारों पर होते हैं: रचना (तीन भेद) और अर्थ (आठ भेद)।
2. प्रश्न में आधार न दिया हो तो उसे अपने उत्तर में स्वयं लिखकर स्पष्ट कर दें।
Q21. ‘वाला’ प्रत्यय युक्त शब्द का चयन कीजिए - [1 mark]
(a) हवाला
(b) मलाला
(c) दूधवाला
(d) लजाला
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Answer: (ग) दूधवाला
दूध + वाला = दूधवाला; इसमें ‘वाला’ प्रत्यय जुड़ा है, जबकि बाकी शब्दों में ‘ला’ मूल शब्द का ही भाग है।
Teacher's Note:
1. जिस शब्द में ‘वाला’ हटाने पर बचा भाग अर्थवान हो, वही प्रत्यय वाला शब्द होता है।
2. ‘हवाला’ में ‘वाला’ जैसी ध्वनि है, पर वह मूल शब्द है, इसलिए केवल ध्वनि देखकर उत्तर न दें।
Q22. निषेधात्मक वाक्य का उचित उदाहरण है - [1 mark]
(a) मटके में पानी है
(b) मटके में पानी है क्या
(c) क्या मटके में पानी है
(d) मटके में पानी नहीं है
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Answer: (घ) मटके में पानी नहीं है
जिस वाक्य में ‘नहीं’, ‘न’ आदि से किसी बात का निषेध (अभाव) बताया जाए, वह निषेधात्मक वाक्य होता है।
Teacher's Note:
1. निषेधात्मक वाक्य में नहीं, न, मत जैसे शब्द ढूँढिए।
2. पहला विकल्प विधानवाचक है और बाकी दो प्रश्नवाचक हैं, इसलिए उन्हें अलग पहचानिए।
Q23. स्वर संधि मुख्य रूप से कितने प्रकार की होती है? [1 mark]
(a) तीन
(b) चार
(c) पाँच
(d) सात
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Answer: (ग) पाँच
स्वर संधि के पाँच भेद हैं: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि संधि।
Teacher's Note:
1. क्रम से ‘दी-गु-वृ-य-अ’ जैसे संकेत बनाकर पाँचों नाम याद कर लें।
2. व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के भेद अलग होते हैं, इसलिए उन्हें स्वर संधि से मत मिलाइए।
Q24. परम + आनंद की सही संधि है - [1 mark]
(a) परमानंद
(b) परमानन्दं
(c) प्रेमानंद
(d) प्रनानद
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Answer: (क) परमानंद
परम + आनंद में अ + आ मिलकर आ बन जाता है (परम् + आनंद = परमानंद), यह दीर्घ संधि है।
Teacher's Note:
1. अ या आ के बाद अ या आ आने पर दोनों मिलकर ‘आ’ बनते हैं, यह दीर्घ संधि का नियम है।
2. संधि करने के बाद शब्द की वर्तनी और मात्राएँ एक बार फिर जाँच लें।
Q25. ‘सूर्योदय’ का उचित संधि विच्छेद है - [1 mark]
(a) सुर + उदय
(b) सूर्य + उदय
(c) सुरय + उदया
(d) शुर + उदय
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Answer: (ख) सूर्य + उदय
सूर्य + उदय में अ + उ मिलकर ओ हो जाता है, जिससे ‘सूर्योदय’ बना; यह गुण संधि है।
Teacher's Note:
1. संधि विच्छेद करके दोनों शब्द फिर से जोड़कर देखिए कि मूल शब्द वापस बनता है या नहीं।
2. अ/आ के बाद उ/ऊ आने पर ओ बनता है, यह गुण संधि का उदाहरण है।
Q26. ‘विद्यार्थी’ किस प्रकार की संधि का उदाहरण है? [1 mark]
(a) गुण संधि
(b) यण संधि
(c) दीर्घ संधि
(d) वृद्धि संधि
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Answer: (ग) दीर्घ संधि
विद्या + अर्थी = विद्यार्थी; यहाँ आ + अ मिलकर आ हो गया, इसलिए यह दीर्घ संधि है।
Teacher's Note:
1. पहले संधि विच्छेद कीजिए, फिर देखिए कि कौन-से स्वर मिले हैं।
2. समान स्वरों के मेल से दीर्घ स्वर बने तो उसे दीर्घ संधि कहते हैं।
खंड ग: रचनात्मक लेखन
प्रश्न 27 और 28: 6 अंक प्रत्येक; प्रश्न 29: 5 अंक
Q27. संकेत बिंदुओं के आधार पर निम्न में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
(क) आत्मनिर्भर: आत्मनिर्भरता का अर्थ, स्वतंत्रता, विकास में सहायक
(ख) मेरे जीवन का लक्ष्य: लक्ष्य का अर्थ, लक्ष्य का कारण, लक्ष्य का प्रयास और लाभ [6 marks]
View Answer & Explanation
Answer: (क) आत्मनिर्भर
आत्मनिर्भरता का अर्थ है अपने कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहकर स्वयं अपने बल पर खड़ा होना। जो व्यक्ति आत्मनिर्भर होता है, वह अपने निर्णय खुद ले सकता है और उसे दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। यही आत्मनिर्भरता व्यक्ति को सच्ची स्वतंत्रता देती है, क्योंकि जो दूसरों पर निर्भर है वह पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हो सकता। आत्मनिर्भर व्यक्ति में आत्मविश्वास, साहस और परिश्रम की भावना बढ़ती है। जब देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनते हैं तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और उसका विकास तेज़ी से होता है। इसलिए हमें बचपन से ही अपने काम स्वयं करने की आदत डालनी चाहिए।
(ख) मेरे जीवन का लक्ष्य
लक्ष्य का अर्थ है जीवन में पाने योग्य कोई निश्चित उद्देश्य। बिना लक्ष्य का जीवन उस नाव के समान है जो बिना मल्लाह के लहरों में भटकती रहती है। मेरे जीवन का लक्ष्य एक अच्छा शिक्षक बनना है। मैं ऐसा इसलिए चाहता हूँ क्योंकि शिक्षक समाज की नींव मजबूत करते हैं और बच्चों को सही राह दिखाते हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए मैं मन लगाकर पढ़ाई करता हूँ, समय का सदुपयोग करता हूँ और अपने अध्यापकों से मार्गदर्शन लेता हूँ। लक्ष्य पर ध्यान रखने से मेहनत की प्रेरणा मिलती है और सफलता पाने पर समाज और देश दोनों का भला होता है।
Teacher's Note:
1. अनुच्छेद एक ही अनुच्छेद में लिखिए और दिए गए तीनों संकेत बिंदुओं को क्रम से अवश्य शामिल कीजिए।
2. भाषा की शुद्धता, शब्द-सीमा (लगभग 100 शब्द) और विषय पर टिके रहने से पूरे अंक मिलते हैं।
Q28. ‘हिंदी विषय’ का महत्व बताते हुए अपने पिताजी को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
अथवा
‘वार्षिक परीक्षा’ की समाप्ति पर आपके मन में ख़ुशी के जो बुलबुले उठ रहे हैं, उसे बताते हुए अपनी दादी माँ को एक पत्र लिखिए। [6 marks]
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Answer: पत्र (पिताजी को: हिंदी विषय का महत्व)
123, गांधी नगर
नई दिल्ली
दिनांक: 10 मार्च 2023
पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम।
आशा है आप सकुशल होंगे। मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ और अपनी पढ़ाई मन लगाकर कर रहा हूँ। आज मैं आपको हिंदी विषय के महत्व के बारे में लिखना चाहता हूँ। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा और मातृभाषा है, जो हमें अपनी संस्कृति और साहित्य से जोड़ती है। इसके अध्ययन से हमारे विचारों को व्यक्त करने की क्षमता बढ़ती है और शब्द-भंडार समृद्ध होता है। हिंदी में अच्छे अंक पाने से कुल प्रतिशत भी बढ़ता है। इसलिए मैं इस विषय पर विशेष ध्यान दे रहा हूँ। माताजी को मेरा प्रणाम कहिएगा।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
क ख ग
अथवा पत्र (दादी माँ को: परीक्षा समाप्ति की खुशी)
123, गांधी नगर
नई दिल्ली
दिनांक: 25 मार्च 2023
आदरणीय दादी माँ,
सादर चरण स्पर्श।
आशा है आप स्वस्थ और प्रसन्न होंगी। आपको यह जानकर खुशी होगी कि मेरी वार्षिक परीक्षा आज समाप्त हो गई है। पिछले कई दिनों से रात-दिन पढ़ाई में जुटा रहने के बाद अब मन बिल्कुल हल्का हो गया है। सभी पर्चे अच्छे हुए हैं और मुझे अच्छे अंकों की पूरी आशा है। अब मैं कुछ दिन खेलकूद और आराम करूँगा। छुट्टियों में आपके पास गाँव आऊँगा, तब आपसे ढेर सारी कहानियाँ सुनूँगा। आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा।
आपका प्यारा पोता
क ख ग
Teacher's Note:
1. औपचारिक रूप से पत्र में पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन, विषयवस्तु, समाप्ति और हस्ताक्षर क्रम से लिखें।
2. अपना असली नाम और पता लिखने के बजाय क ख ग जैसा नाम रखें और पत्र की भाषा विनम्र रखें।
Q29. चाय पर बैठे दो मित्रों के बीच का संभावित संवाद अपने शब्दों में लिखिए।
अथवा
29 मार्च 2023 को आपके परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस संबंध में दो छात्रों के बीच हुए संवाद को लिखिए। [5 marks]
View Answer & Explanation
Answer: संवाद (चाय पर दो मित्र: रोहन और अमन)
रोहन: अमन, आओ बैठो। चाय तैयार है।
अमन: वाह, सुबह की चाय का अपना ही मज़ा है। कहो, आजकल क्या चल रहा है?
रोहन: पढ़ाई में व्यस्त हूँ। अगले महीने से मेरी प्रतियोगिता की तैयारी शुरू होने वाली है।
अमन: बहुत बढ़िया। मैं भी रोज़ सुबह टहलने और व्यायाम का समय निकाल रहा हूँ।
रोहन: यह तो अच्छी आदत है। इससे पढ़ाई में भी मन लगता है।
अमन: सही कहते हो। चाय के साथ ऐसी बातें करके मन हल्का हो जाता है।
रोहन: चलो, अगली बार हम दोनों साथ टहलने चलेंगे।
अमन: ज़रूर, अब मैं चलता हूँ। धन्यवाद।
अथवा संवाद (परिणाम के बारे में दो छात्र: मोहन और सोहन)
मोहन: सोहन, कल यानी 29 मार्च को हमारा परिणाम घोषित होगा। क्या तुम घबरा रहे हो?
सोहन: थोड़ा-सा घबराहट तो है, पर मैंने पूरी मेहनत की है।
मोहन: मुझे भी अच्छे परिणाम की आशा है, पर गणित का पर्चा थोड़ा कठिन था।
सोहन: चिंता मत करो, तुम्हारी तैयारी अच्छी थी। हमें परिणाम जो भी आए, उसे स्वीकार करना चाहिए।
मोहन: तुम ठीक कहते हो। परिणाम देखने हम साथ चलेंगे।
सोहन: हाँ, सुबह नौ बजे विद्यालय के द्वार पर मिलते हैं।
मोहन: ठीक है, शुभकामनाएँ।
Teacher's Note:
1. संवाद में वक्ता का नाम और कोलन लगाकर हर कथन नई पंक्ति में लिखिए, और अंत में बातचीत का स्वाभाविक अंत कीजिए।
2. संवाद की भाषा छोटी, सरल और बोलचाल वाली रखिए, और विषय से भटकिए नहीं।
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