Chapter-wise Worksheets for Class 9 Hindi: All Chapters
Explore structured practice materials through the CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 14. Tailored for Class 9 learners, utilizing these Hindi worksheets ensures thorough preparation and strengthens problem-solving accuracy before final school evaluations.
Practice Class 9 Hindi Worksheets: All Chapters
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Question 1. निम्नलिखित शब्दों में 'र' का मानक रूप प्रयुक्त कीजिए - पर्यावरण, ट्रक, चूर्ण, गरम, सरदी, दूरमा, वरतनी, द्रश्य, वरणन, करिया, गरहण
Answer: दिए गए शब्दों में 'र' के विभिन्न रूपों (पदेन, रेफ) का मानक वर्तनी के अनुसार प्रयोग इस प्रकार है:
1. पर्यावरण -> पर्यावरण
2. ट्रक -> ट्रक
3. चूर्ण -> चूर्ण
4. गरम -> गर्म
5. सरदी -> सर्दी
6. दूरमा -> दूर्मा / दुरमा
7. वरतनी -> वर्तनी
8. द्रश्य -> दृश्य
The following steps apply:
9. वरणन -> वर्णन
10. करिया -> क्रिया
11. गरहण -> ग्रहण
In simple words: 'र' वर्ण के रेफ (₹ ऊपर) और पदेन (नीचे लगने वाले) रूपों को मानक हिंदी व्याकरण के अनुसार सही करके लिखा गया है।
Exam Tip: हिंदी वर्तनी में रेफ हमेशा स्वर रहित 'र' होता है जो अगले वर्ण के ऊपर लगता है, और पदेन स्वर सहित 'र' होता है जो पैरों में लगता है।
Question 2. रेखांकित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए -
1.गीता के अनुसार, मनुष्य को करम करना चाहिए।
2.बारिश सब पर किरपा करते हैं।
3.यह चिकित्सा-गरह है।
4.समूचा देश जागारित हो उठा।
5.यह चित्र किसने बनाया था।
Answer: अशुद्ध शब्दों को शुद्ध करके वाक्य इस प्रकार हैं:
1. गीता के अनुसार, मनुष्य को कर्म करना चाहिए। (करम -> कर्म)
2. बारिश सब पर कृपा करती है। (किरपा -> कृपा)
3. यह चिकित्सा-गृह है। (गरह -> गृह)
4. समूचा देश जागृत हो उठा। (जागारित -> जागृत)
5. यह चित्र किसने बनाया था? (पूर्णविराम के स्थान पर प्रश्नसूचक चिह्न या वाक्य संरचना सुधार)।
In simple words: वाक्यों में आए वर्तनी संबंधी अशुद्ध शब्दों को मानक वर्तनी के अनुसार ठीक किया गया है।
Exam Tip: तत्सम शब्दों (जैसे कर्म, कृपा, गृह) का प्रयोग करते समय उनकी मूल वर्तनी का विशेष ध्यान रखें।
Question 3. अनुस्वार और अनुनासिक वाले शब्द अलग कीजिए - हंस, हँस, आँख, आतंक, अंधकार, संविधान, ईदगाह, मांग, रहेगा, निश्चित, रंगीला, रंगीन
Answer: दिए गए शब्दों का अनुस्वार (.) और अनुनासिक (ँ) के आधार पर वर्गीकरण:
अनुस्वार वाले शब्द (बिंदु - ): आतंक, अंधकार, संविधान, निश्चित, रंगीन, हंस
अनुनासिक वाले शब्द (चंद्रबिंदु - ँ): हँस, आँख, मांग, रहेगा, रंगीला, ईदगाह (मानक रूप में ईदगाह अनुस्वार के अंतर्गत नहीं आता, किंतु यहाँ मानक सूची अनुसार पृथक किया गया है)
In simple words: जिन शब्दों के उच्चारण में हवा केवल नाक से निकले वहाँ अनुस्वार (.) लगता है और जहाँ मुँह और नाक दोनों से निकले वहाँ अनुनासिक (ँ) लगता है।
Exam Tip: शिरोरेखा के ऊपर मात्रा होने पर सुविधा के लिए अनुस्वार (.) का प्रयोग किया जाता है, भले ही उच्चारण अनुनासिक हो।
Question 4. अनुस्वार या अनुनासिक लगाइए - चाँद, पहुंच, तांगा, आंदोलन, संचालन, झांसी, हंसी, बांधी, पूछ, साधना, पैंतीस, होग, अंधार, दिनाक, ध्वनियां
Answer: सही अनुस्वार या अनुनासिक लगाकर शब्द इस प्रकार होंगे:
1. चाँद (चूँद/चाँद)
2. पहुँच
3. ताँगा (या तांगा)
4. आंदोलन
5. संचालन
6. झाँसी
7. हँसी
8. बाँधी
9. पूछ (या पूँछ)
10. साधना
11. पैंतीस
12. होंग (होंगे)
13. अंधकार / अँधेर
14. दिनांक
15. ध्वनियाँ
In simple words: उचित स्थान पर चंद्रबिंदु या बिंदु लगाकर शब्दों को पूर्ण किया गया है।
Exam Tip: शब्द के मानक रूप का अभ्यास करते समय उच्चारण पर विशेष ध्यान दें।
Question 5. अर्द्धचंद्राकार लगाइए - (अंग्रेजी शब्दों पर) - इन्सुराय, स्कार्ब, नाब, नावकटी, कैआस, काटेज, रिस्टवाच, डुकपाट, गिलास, फामूला
Answer: अंग्रेजी आगत ध्वनियों (ऑ - ॉ) का प्रयोग करके शब्द इस प्रकार लिखे जाएंगे:
1. इन्सुराय -> इन्शुरन्स / पॉलिसी (या आगत ध्वनि अनुसार)
2. स्कार्ब -> स्कार्फ
3. नाब -> नॉब (Knob)
4. नावकटी -> नॉवल्टी (Novelty)
5. कैआस ->कॉफ़ी / कैफ़े
6. काटेज -> कॉटेज (Cottage)
7. रिस्टवाच -> रिस्टवॉच
8. डुकपाट -> डॉकयार्ड (Dockyard)
9. गिलास -> गिलास
10. फामूला -> फॉर्मूला (Formula)
In simple words: अंग्रेजी शब्दों की सही ध्वनि प्रकट करने के लिए 'ऑ' (अर्द्धचंद्राकार) की मात्रा का प्रयोग किया जाता है।
Exam Tip: आगत ध्वनियाँ हिंदी में अंग्रेजी शब्दों के सटीक उच्चारण के लिए अपनाई गई हैं।
Question 6. उपयुक्त स्थनों पर नुक्ता का प्रयोग कीजिए - राजडेट, रिलीफ, अफलातून, मजबूर, फारिन, जिन्दगी, फर्ज, फारिया, तुजड़ी, फिल्म, फारसी, रोशन, मजदूर, फोस, फौज, साज़
Answer: नुक्ता (़) का सही प्रयोग करके शब्द इस प्रकार लिखे जाएंगे:
1. राजडेट -> राजदूत / गजट
2. रिलीफ -> रिलीफ
3. अफलातून -> अफ़लातून
4. मजबूर -> मजबूर
5. फारिन -> फ़ारिन (फॉरेन)
6. जिन्दगी -> ज़िंदगी
7. फर्ज -> फ़र्ज़
8. फारिया -> फ़रियाद
9. तुजड़ी -> तर्जुमा
10. फिल्म -> फ़िल्म
11. फारसी -> फ़ारसी
12. रोशन -> रौशन
13. मजदूर -> मज़दूर
14. फोस -> फ़ौज
15. फौज -> फ़ौज
16. साज़ -> साज़
In simple words: अरबी-फारसी मूल के शब्दों (जैसे फ़, ज़) के नीचे नुक्ता लगाया जाता है ताकि उनका सही उच्चारण हो सके।
Exam Tip: क, ख, ग, ज, फ ऐसे वर्ण हैं जिनके नीचे नुक्ता लगने से विदेशी ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं।
Question 7. वर्ण-विच्छेद कीजिए - कृपा, आर्द, रुपया, शुद्ध, भद्र, दृग, विश्व, श्री, यथा, उत्तर, उन्नति, कोयल, गाय, गणेश, क्षमयता, ग्यारेश, तलवार, जंगल, डंडा, तेवर, नदी, नास्तिक, पत्र, परिवार
Answer: दिए गए शब्दों का वर्ण-विच्छेद:
1. कृपा = क् + ऋ + प् + आ
2. आर्द = आ + र् + द् + अ
3. रुपया = र् + उ + प् + अ + य् + आ
4. शुद्ध = श् + उ + द् + ध् + अ
5. भद्र = भ् + अ + द् + र् + अ
6. दृग = द् + ऋ + ग् + अ
7. विश्व = व् + इ + श् + व् + अ
8. श्री = श् + र् + ई
9. यथा = य् + अ + थ् + आ
10. उत्तर = उ + त् + त् + अ + र् + अ
11. उन्नति = उ + न् + न + त् + इ
12. कोयल = क् + ओ + य् + अ + ल् + अ
13. गाय = ग् + आ + य् + अ
14. गणेश = ग् + अ + ष् + अ + श् + अ
15. क्षमयता = क् + ष् + अ + म् + अ + य् + अ + त + आ
16. ग्यारेश = ग् + य् + आ + र् + ए + श् + अ
17. तलवार = त् + अ + ल् + व् + आ + र् + अ
18. जंगल = ज् + अ + ङ् + ग + ल् + अ
19. डंडा = ड् + अ + ङ् + ड + आ
20. तेवर = त् + ए + व् + अ + र् + अ
21. नदी = न् + अ + द् + ई
22. नास्तिक = न् + आ + स् + त् + इ + क् + अ
23. पत्र = प् + अ + त् + र् + अ
24. परिवार = प् + अ + र् + इ + व् + आ + र् + अ
In simple words: किसी शब्द के सभी स्वरों और व्यंजनों को अलग-अलग करके लिखना वर्ण-विच्छेद कहलाता है।
Exam Tip: हलंत (्) का प्रयोग यह दर्शाता है कि व्यंजन में स्वर शामिल नहीं है। संयुक्त अक्षरों को तोड़ते समय उनके घटक व्यंजनों का विशेष ध्यान रखें।
Question 8. उपसर्ग छाँटिए - दुराचारी, संकल्प, विदेश, सद्भाव, निष्प्रपञ्च, उपकार, प्रख्यात, सहस्रार, प्रतिकूल, आधिपति, बेईमान, उपहार, आधार, संवेदना, विश्राम
Answer: शब्दों में से उपसर्ग और मूल शब्द अलग इस प्रकार हैं:
1. दुराचारी = दुर् + आचारी
2. संकल्प = सम् + कल्प
3. विदेश = वि + देश
4. सद्भाव = सद् (सत्) + भाव
5. निष्प्रपञ्च = निस् (निष्) + प्रपंच
6. उपकार = उप + कार
7. प्रख्यात = प्र + ख्यात
8. सहस्रार = सहस्र + आर (या सह + स्रार)
9. प्रतिकूल = प्रति + कूल
10. आधिपति = आधि + पति (या आ + धिपति)
11. बेईमान = बे + ईमान
12. उपहार = उप + हार
13. आधार = आ + धार
14. संवेदना = सम् + वेदना
15. विश्राम = वि + श्राम
In simple words: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ को बदल देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
Exam Tip: संधि नियमों के कारण उपसर्ग का रूप बदल सकता है (जैसे सम् + कल्प = संकल्प)।
Question 9. उपसर्ग से शब्द बनाइए - प्र, आति, वि, सु, कु, अनु, परि, अधि, अप, उप, पार, निर, अन, आ, अना, ई, उक, एया, के, कर, या, नि, नी, आई, आऊ
Answer: दिए गए उपसर्गों (व कुछ प्रत्ययों) से निर्मित शब्द:
1. प्र - प्रगति, प्रकार
2. आति (अति) - अत्यधिक, अतिक्रमण
3. वि - विदेश, विज्ञान
4. सु - सुपुत्र, सुगम
5. कु - कुपुत्र, कुमार्ग
6. अनु - अनुशासन, अनुभव
7. परि - परिधि, पर्यावरण
8. अधि - अधिकार, अध्यक्ष
9. अप - अपमान, अपयश
10. उप - उपकार, उपहार
11. पार - पारंगत, पारदर्शी
12. निर - निरादर, निर्भय
13. अन - अनादर, अनपढ़
14. आ - आगमन, आजन्म
15. अना - अनादर, अनासक्त
16. (नोट: आगे दिए गए शब्दांश प्रत्यय श्रेणी के हैं जिनका अभ्यास अगले प्रश्न में है)
In simple words: उपसर्ग आगे जुड़ते हैं और नए शब्दों का निर्माण करते हैं।
Exam Tip: नए शब्द बनाते समय मूल शब्द का सार्थक होना अनिवार्य है।
Question 10. प्रत्यय छाँटिए - ठंड्हताहट, आईडंनी, कल्पना, बचपना, बनाना, झाड़ू, आवश्यक, सहायक, रोचक, वाचक, साहसिक, पारचारिका, आंतरिक, साप्ताहिक
Answer: शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके:
1. ठंड्हताहट (ठंडाहट) = ठंडा + आहट
2. आईडंनी = आईना + ड़ी (या अन्य प्रत्यय)
3. कल्पना = कल्प + ना (मूल शब्द)
4. बचपना = बच्चा + अपना (बचपन = बच्चा + पन)
5. बनाना = बन + आना
6. झाड़ू = झाड़ + ऊ
7. आवश्यक = आवश्यक (मूल शब्द)
8. सहायक = सहाय + अक
9. रोचक = रोच + अक
10. वाचक = वाच + अक
11. साहसिक = साहस + इक
12. पारचारिका (प्रचारिका) = प्रचार + इका
13. आंतरिक = अंतर + इक
14. साप्ताहिक = सप्ताह + इक
In simple words: जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़कर अर्थ में विशेषता लाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
Exam Tip: 'इक' प्रत्यय लगने पर शब्द के पहले स्वर में वृद्धि हो जाती है (जैसे सप्ताह -> साप्ताहिक)।
Question 11. प्रत्यय से शब्द बनाइए - वान, आऊ, पन, बापू, बाड़ी, नी, आ, वाला, वाली, वाना, वाळा, दारा, सार, कार, तन, इला, एरा, इया, इक, इका, आवट
Answer: दिए गए प्रत्ययों से बने शब्द:
1. वान - बलवान, गुणवान
2. आऊ - टिकाऊ, कमाऊ
3. पन - अपनापन, बचपन
4. बाड़ी - फुलवारी / फलवाड़ी
5. नी - मोरनी, शेरनी
6. आ - प्यासा, भूखा
7. वाला - गाड़ीवाला, टोपीवाला
8. वाली - टोपीवाली, पढ़नेवाली
9. दारा - समझदार (या दार - चौकीदार)
10. सार - मिलनसार, समझसार
11. कार - कलाकार, साहित्यकार
12. इला - शर्मीला, जहरीला
13. एरा - लुटेरा, चमेरा
14. इया - डिबिया, खटिया
15. इक - दैनिक, सामाजिक
16. इका - लेखिका, गायिका
17. आवट - थकावट, सजावट
In simple words: प्रत्ययों को शब्दों के पीछे जोड़कर नए शब्दों की रचना की जाती है।
Question 12. पर्यायवाची शब्द लिखिए -
नदी, मृत्यु, कमल, बचपन, सेना, समुद्र,
लड़ाई, मित्रता, प्रेम, अतिथि, पवित्र, बंदर,
सूर्य, अमृत, सिंह, सांप, समूह, सोना।
Answer: प्रत्येक शब्द के दो-दो प्रमुख पर्यायवाची:
1. नदी - सरिता, तटिनी
2. मृत्यु - मौत, देहावसान
3. कमल - पंकज, सरोज
4. बचपन - बालपन, बाल्यावस्था
5. सेना - दल, वाहिनी
6. समुद्र - सागर, सिंधु
7. लड़ाई - युद्ध, संघर्ष
8. मित्रता - सख्य, दोस्तो
9. प्रेम - स्नेह, अनुराग
10. संगीत - गान, गायन
11. पवित्र - पावन, निर्मल
12. बंदर - वानर, मर्कट
13. सूर्य - रवि, भानु
14. अमृत - पीयूष, सुधा
15. सिंह - शेर, केसरी
16. साप (सांप) - सर्प, भुजंग
17. समूह - दल, वृंद
18. सोना - कनक, स्वर्ण
In simple words: समान अर्थ प्रकट करने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
Exam Tip: परीक्षा में कम से कम दो सटीक पर्यायवाची शब्द अवश्य लिखें।
Question 13. विलोम शब्द लिखिए - अंधकार, आधिक, अनाथ, अनुज्य, अमर, आदर, उत्तर, उदय, एक, कायर, कमल, घृणा, चतुर, न्याय, निंदा, भाव, प्रेम
Answer: दिए गए शब्दों के विलोम (विपरीतार्थक) शब्द:
1. अंधकार - प्रकाश
2. आधिक (अधिक) - अल्प / न्यून
3. अनाथ - सनाथ
4. अनुज्य (अनुज) - अग्रज
5. अमर - मर्त्य / नश्वर
6. आदर - अनादर
7. उत्तर - दक्षिण / प्रश्न
8. उदय - अस्त
9. एक - अनेक
10. कायर - वीर
11. कमल (यदि कोमल हो तो - कठोर)
12. घृणा - प्रेम
13. चतुर - मूर्ख / भोला
14. न्याय - अन्याय
15. निंदा - स्तुति / प्रशंसा
16. भाव - अभाव / कुभाव
17. प्रेम - घृणा
In simple words: एक-दूसरे का उल्टा अर्थ बताने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं।
Answer: कुछ प्रमुख अनेकार्थी शब्दों के अर्थ:
1. अंक - संख्या, गोद, नाटक का भाग
2. अंबर - वस्त्र, आकाश, कपास
3. अमर - देवता, कभी न मरने वाला, अविनाश
4. अवकाश - छुट्टी, अवसर, अंतराल
5. खेचर - पक्षी, ग्रह, बादलों में चलने वाला
6. धन - संपत्ति, योग, धान्य
7. गुरु - शिक्षक, भारी, बड़ा
8. चपला - बिजली, चंचल स्त्री, लक्ष्मी
9. जवान - युवा, सिपाही
10. दल - पत्ता, समूह, सेना का भाग
11. नाक - नासिका, इज्जत
12. पत्र - चिट्ठी, पत्ता, पंख
13. पानी - जल, चमक, इज्जत
14. नग - पर्वत, नगीना, वृक्ष
15. नव - नया, नौ (संख्या)
16. तार - धागा, टेलीफोन तार, संगीत यंत्र का तार
17. तन - शरीर, विस्तार
In simple words: जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं।
Exam Tip: वाक्य के प्रसंग के अनुसार अनेकार्थी शब्दों के अर्थ स्पष्ट होते हैं।
Question 15. वाक्यांशों के लिए एक शब्द -
1. जो करने योग्य न हो -
2. जिसका कोई कारण न हो -
3. अत्याचार करने वाला -
4. जो दिखाई न दे -
5. कभी न मरने वाला -
Answer: वाक्यांशों के लिए एक शब्द:
1. जो करने योग्य न हो - अकरणीय / असंभव
2. जिसका कोई कारण न हो - अकारण
3. अत्याचार करने वाला - अत्याचारी
4. जो दिखाई न दे - अदृश्य / ओझल
5. कभी न मरने वाला - अमर
In simple words: अनेक शब्दों के स्थान पर एक सार्थक शब्द का प्रयोग करना वाक्यांश के लिए एक शब्द कहलाता है।
Question 16. वाक्यों में उद्देश्य और विधेय
1. मोहिनी डॉक्टर है।
2. चुनाव में कौन जीता है?
3. सांता पुस्तक लिखती है।
4. मध्य प्रदेश से काम कर लिया है।
5. मोहन बीमार है।
Answer: वाक्यों में उद्देश्य (कर्ता/उसके विस्तार) और विधेय (क्रिया व अन्य भाग):
1. मोहिनी डॉक्टर है।
- उद्देश्य: मोहिनी
- विधेय: डॉक्टर है
2. चुनाव में कौन जीता है?
- उद्देश्य: कौन
- विधेय: चुनाव में जीता है
3. सांता पुस्तक लिखती है।
- उद्देश्य: सांता
- विधेय: पुस्तक लिखती है
4. मध्य प्रदेश से काम कर लिया है।
- उद्देश्य: (छिपा हुआ कर्ता - उसने/हमने)
- विधेय: मध्य प्रदेश से काम कर लिया है
5. मोहन बीमार है।
- उद्देश्य: मोहन
- विधेय: बीमार है
In simple words: वाक्य में जिसके बारे में बात हो वह 'उद्देश्य' और उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाए वह 'विधेय' कहलाता है।
Exam Tip: साधारण वाक्य में कर्ता प्रायः उद्देश्य होता है और क्रियायुक्त शेष भाग विधेय होता है।
Question 17. निम्नलिखित वाक्य से सरल, मिश्र और संयुक्त वाक्य बनाइए -
1. बालक सो रहा था। मैंने उसे देखा।
2. मैं दिल्ली गया, कुआँ थी। मैं शादी में आया।
Answer: दिए गए वाक्यों के भेद:
1. बालक सो रहा था। मैंने उसे देखा।
- सरल वाक्य: मैंने सोते हुए बालक को देखा।
- संयुक्त वाक्य: बालक सो रहा था और मैंने उसे देखा।
- मिश्र वाक्य: मैंने देखा कि बालक सो रहा था।
2. मैं दिल्ली गया... (संशोधित):
- सरल वाक्य: मैं दिल्ली शादी में गया।
- संयुक्त वाक्य: मैं दिल्ली गया और शादी में सम्मिलित हुआ।
- मिश्र वाक्य: जब मैं दिल्ली गया, तब शादी में सम्मिलित हुआ।
In simple words: रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं - सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य।
Answer: अनुच्छेद: समय का महत्त्व
जीवन में समय का सदुपयोग सबसे महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति समय के मूल्य को पहचान लेता है, वह जीवन में अवश्य सफलता प्राप्त करता है। बीता हुआ समय कभी लौटकर वापस नहीं आता। इतिहास गवाह है कि जिन महान पुरुषाें ने समय के हर पल का सही उपयोग किया, वे साधारण से असाधारण बन गए। विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। जो छात्र अपनी दिनचर्या निर्धारित कर समय पर पढ़ाई और खेलकूद करते हैं, वे परीक्षा में उत्तम अंक प्राप्त करते हैं। अतः हमें कभी भी अपना समय व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए और प्रत्येक कार्य समय पर करना चाहिए।
In simple words: समय किसी के लिए नहीं रुकता, इसलिए हमें हर कार्य समय पर पूरा करना चाहिए।
Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय विषय की प्रस्तावना, मुख्य विचार और उपसंहार को 80 से 100 शब्दों के दायरे में समेटें।
Question 19. पत्र लिखिए -
1. अपने मित्र के विवाद (विवाद/विजेता) प्रतियोगिता में प्रथम आने पर बधाई-पत्र लिखिए।
2. अपने जन्म-दिन पर अपने मित्र को आमंत्रित करते हुए पत्र लिखिए।
3. मित्र की माता के निधन पर संवेदना पत्र।
4. अपने पिताजी को पत्र लिखकर मनाली घूमने की अनुमति माँगिए।
5. अपनी छोटी बहन के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए एक पत्र लिखिए।
Answer: विषय: अपने मित्र को जन्मदिन का आमंत्रण पत्र
परीक्षा भवन,
क. ख. ग.
दिनांक: 15 अक्टूबर 2023
प्रिय मित्र सुमित,
सप्रेम नमस्ते।
तुम्हें यह जानकर खुशी होगी कि आगामी 25 अक्टूबर को मेरा जन्मदिन है। इस अवसर पर हमने घर पर एक छोटी सी पार्टी का आयोजन किया है। शाम को सभी मित्र एकत्रित हो रहे हैं। मैं चाहता हूँ कि तुम भी इस अवसर पर अवश्य उपस्थित रहो। हम सब मिलकर खूब आनंद करेंगे। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना। तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा में।
तुम्हारा मित्र,
अमित
In simple words: अनौपचारिक पत्रों में शिष्टाचार, स्नेह और स्पष्ट संदेश का विशेष ध्यान रखा जाता है।
Exam Tip: अनौपचारिक पत्र के बाईं ओर भेजने वाले का पता, दिनांक और संबोधन (जैसे 'प्रिय मित्र') का सही प्रारूप लिखें।
Question 20. प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
1. हमारी सभ्यता धूल से क्यों बचना चाहती है?
2. अकाइई को तुम्हारी क्या विशेषता होती है?
3. धूल और मिट्टी में क्या अंतर बताया गया है?
4. धूल पाठ का मूल भाव स्पष्ट कीजिए?
5. कविता की विडंबना मानते हुए लेखक ने क्या कहा है?
6. बुढ़िया को कोई भी उधार क्यों नहीं दे रहा था?
7. मनुष्य के जीवन में पोशाक का क्या महत्त्व है?
8. पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?
9. भगवान अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता है?
10. दुख का अधिकार शीर्षक कहाँ तक सार्थक है?
11. आश्रम दल का नेतृत्व कौन कर रहा था?
12. उपनंता प्रेमचंद ने किन सिद्धांतों से अवगत कराया?
13. पहले पद में भगवान और भक्त की किन-किन चीजों से तुलना की गई है?
14. दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है?
15. प्रभू का चौगा उतरने पर पहले की भाँति क्यों नहीं रह पाता?
16. मुक्तिबोध, मानुष-चून के संदर्भ में पानी के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए?
17. आदमियों की प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए?
18. आदमी को किन रूपों का बखान किया गया है?
Answer: संक्षित और सटीक उत्तर:
1. हमारी आधुनिक सभ्यता शहरी चमक-दमक और बनावटीपन के कारण धूल से बचना चाहती है, क्योंकि वह इसे गंदगी मानती है जबकि असलियत में धूल हमारी संस्कृति और श्रम का प्रतीक है।
2. अकाइई (इकाई) या आकाई की विशेषता उसकी मौलिकता और जुड़ाव में होती है।
3. धूल और मिट्टी में सूक्ष्म अंतर यह है कि मिट्टी धरातल का ठोस रूप है और धूल उसी मिट्टी का सूक्ष्म एवं उड़ने वाला रूप (गोद का कंज) है।
4. 'धूल' पाठ का मूल भाव यह है कि हमें बाहरी चमक-दमक के पीछे न भागकर अपनी माटी, श्रम और संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए।
5. समाज की विषमताओं और मानवीय संवेदनाओं के अभाव को लेखक ने कविता/जीवन की विडंबना माना है जहाँ गरीब को दुख मनाने का भी अधिकार नहीं है।
6. बुढ़िया के बेटे की अकाल मृत्यु के बाद घर में सूतक और कंगाली छा जाने के कारण तथा उसकी आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण कोई उसे उधार नहीं दे रहा था।
7. समाज में पोशाक मनुष्य का दर्जा तय करती है, समाज में उसका मान-सम्मान बढ़ाती है और उसके व्यक्तित्व को प्रभावी बनाती है।
8. जब पोशाक हमारी सीमाओं को तय करने लगे, दूसरों के दुख को महसूस करने से रोके या समाज में कृत्रिम दूरियाँ पैदा करे, तब वह बंधन बन जाती है।
9. भगवान अपनी कृपा और सर्वव्यापकता से अपने भक्तों की हर आवश्यकता पूरी करते हैं और उनका निर्वाह करते हैं।
10. 'दुख का अधिकार' शीर्षक पूर्णतः सार्थक है क्योंकि यह कहानी दिखाती है कि समाज में उच्च वर्ग के लोगों को ही शोक मनाने का अधिकार है, गरीबों को नहीं।
11. पाठ्यक्रमानुसार आश्रम दल का नेतृत्व संबंधित गद्य/पाठ के प्रसंगानुसार विशिष्ट पात्र द्वारा किया जा रहा था।
12. प्रेमचंद ने जीवन के यथार्थ, सादगी और मानवीय मूल्यों के सिद्धांतों से अवगत कराया है।
13. पहले पद में भक्त और भगवान की तुलना चंदन-पानी, मोर-बादल, चाकोर-चन्द्रमा, दीपक-बाती और मोती-धागे से की गई है।
14. दूसरे पद में रैदास जी ने 'गरीब निवाजु' भगवान को कहा है जो अछूत और दीन-दुखियों पर भी कृपा करते हैं।
15. प्रभु की कृपा का प्रभाव अमिट होता है; एक बार ईश्वर का रंग चढ़ जाने पर भक्त का जीवन पहले जैसा साधारण नहीं रहता।
16. मानुष-चून (आटा/शरीर) के संदर्भ में पानी जीवन का आधार है; पानी के बिना न तो आटे की रोटी बन सकती है और न ही मनुष्य जीवित रह सकता है।
17. आदमियों में विभिन्न प्रकार की प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं - कुछ परोपकारी होते हैं, कुछ स्वार्थी और कुछ संवेदनहीन।
18. कविता या गद्य पाठ के अनुसार आदमी के कई रूप हैं - अच्छा, बुरा, मददगार, और कभी-कभी समाज के लिए समस्या पैदा करने वाला।
In simple words: पाठ्यपुस्तकों के इन प्रश्नों के उत्तर गद्य और पद्य खंड की मूल संवेदनाओं पर आधारित हैं।
Exam Tip: उत्तर लिखते समय पाठ का नाम, लेखक/कवि का नाम तथा मुख्य संदेश का उल्लेख करने से पूरे अंक मिलते हैं।
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