NCERT Solutions Class 7 Social Science Chapter 03 Climates of India (भारत की जलवायु) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 7 Social Science: Chapter 03 भारत की जलवायु

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Chapter-wise Solutions for Social Science: Chapter 03 भारत की जलवायु

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Question 1: भारतीय जलवायु को कौन-कौन से तत्व विविध बनाते हैं?

Answer:

भारत की जलवायु को विविधता प्रदान करने वाले मुख्य कारक निम्नलिखित हैं:
• अक्षांश: भारत का विस्तार उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय दोनों क्षेत्रों में है, जिससे यहाँ गर्म और ठंडी दोनों तरह की जलवायु मिलती है।
• ऊँचाई: हिमालय जैसे ऊँचे पर्वत ठंडे रहते हैं, जबकि मैदानी इलाके गर्म होते हैं।
• समुद्र से दूरी: समुद्र के पास के स्थानों (जैसे मुंबई) का मौसम समशीतोष्ण होता है, जबकि समुद्र से दूर के स्थानों (जैसे दिल्ली) में मौसम विषम (बहुत गर्म या बहुत ठंडा) होता है।
• पवन: हवाओं की दिशा, बारिश और तापमान को प्रभावित करती है।
• स्थलाकृति: पहाड़, पठार और मैदान भी स्थानीय जलवायु को बदलते हैं।

मुख्य बिंदु:

• अक्षांश और ऊँचाई जलवायु को सीधे प्रभावित करते हैं।
• समुद्र के निकट समकारी प्रभाव देखा जाता है।
• पवनें और स्थलाकृति वर्षा और तापमान तय करती हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल तापमान को जलवायु का एकमात्र कारक मान लेना।
• समुद्र से दूरी के प्रभाव को गलत समझना।
• अक्षांशों के प्रभाव को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) सभी पाँचों कारकों (अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी, पवन, स्थलाकृति) के नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
b) प्रत्येक कारक का एक संक्षिप्त उदाहरण दें जैसे मुंबई और दिल्ली का अंतर।
c) उत्तर को बिंदुओं में लिखकर प्रस्तुत करना परीक्षق के लिए अधिक प्रभावी होता है।

 

Question 2: मानसून क्या है? यह कैसे बनता है?

Answer:

मानसून क्या है: ‘मानसून’ शब्द अरबी शब्द ‘मौसिम’ से बना है, जिसका अर्थ है मौसम। यह विशेष रूप से उन हवाओं को कहते हैं जो ऋतु (मौसम) के अनुसार अपनी दिशा बदल लेती हैं और अपने साथ बारिश लाती हैं।
यह कैसे बनता है: गर्मी में, जमीन समुद्र की तुलना में जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे जमीन पर ‘निम्न वायुदाब’ बन जाता है। समुद्र ठंडा रहता है और वहाँ ‘उच्च वायुदाब’ होता है। हवा हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती है, इसलिए समुद्र से नमी वाली हवाएँ जमीन की ओर चलती हैं और बारिश करती हैं। इसे ही मानसून कहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• मानसून शब्द अरबी भाषा के ‘मौसिम’ से लिया गया है।
• यह हवाओं की दिशा में मौसमी बदलाव का परिणाम है।
• गर्मी के समय स्थल पर निम्न दाब और समुद्र पर उच्च दाब बनता है।

आम गलतियाँ:

• मानसून को केवल साधारण हवा समझ लेना।
• वायुदाब (निम्न और उच्च दाब) के अंतर को ठीक से न समझाना।
• हवा की दिशा के नियम को भूल जाना।

Exam Tips:

a) परिभाषा और निर्माण की प्रक्रिया को अलग-अलग शीर्षकों के तहत लिखें।
b) 'उच्च वायुदाब' और 'निम्न वायुदाब' शब्दों का सही प्रयोग करें।
c) समुद्री हवाओं के नमीयुक्त होने का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 3: जलवायु का समाज, संस्कृति और आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Answer:

जलवायु हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है:
• समाज और संस्कृति: हमारे वस्त्र, भोजन और त्यौहार जलवायु के अनुसार होते हैं। जैसे- पोंगल, बैसाखी और ओणम जैसे त्यौहार फसलों और ऋतुओं से जुड़े हैं।
• आर्थिक स्थिति: भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि (खेती) पर निर्भर है, और कृषि ‘मानसून’ (वर्षा) पर निर्भर है। अच्छी बारिश से फसल अच्छी होती है और देश समृद्ध होता है। मानसून के खराब होने पर सूखा पड़ सकता है और महंगाई बढ़ सकती है।

मुख्य बिंदु:

• खान-पान, पहनावा और त्यौहार जलवायु पर आधारित होते हैं।
• कृषि और भारतीय अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर मानसून से जुड़ी है।
• खराब जलवायु या सूखा देश की आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है।

आम गलतियाँ:

• केवल कृषि पर ध्यान देना और सांस्कृतिक पक्ष को छोड़ देना।
• त्यौहारों का जलवायु से संबंध स्पष्ट न करना।
• आर्थिक प्रभावों को गलत शब्दों में लिखना।

Exam Tips:

a) उत्तर को 'समाज और संस्कृति' तथा 'आर्थिक स्थिति' दो भागों में बाँटकर लिखें।
b) फसल और त्यौहारों के सटीक उदाहरण दें।
c) कृषि और मानसून के गहरे संबंध को रेखांकित करें।

 

Question 4: जलवायु की समझ हमें प्राकृतिक आपदा के लिए तैयार रहने में किस प्रकार सहायता करती है?

Answer:

जलवायु और मौसम की सही समझ हमें आने वाली मुसीबतों से बचा सकती है:
• पूर्वानुमान: यदि हमें पहले से पता हो कि चक्रवात (तूफान) या भारी बारिश आने वाली है, तो सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा सकती है।
• तैयारी: किसान सूखे या बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपनी फसलों की योजना बना सकते हैं।
• संसाधन: प्रशासन भोजन और दवाइयों का इंतज़ाम समय पर कर सकता है।

मुख्य बिंदु:

• समय पूर्व पूर्वानुमान से जीवन की रक्षा की जा सकती है।
• किसान अपनी कृषि गतिविधियों को मौसम के अनुसार ढाल सकते हैं।
• प्रशासनिक स्तर पर राहत सामग्री का प्रबंध किया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• आपदा प्रबंधन में जनता और सरकार दोनों की भूमिका को न समझाना।
• केवल किसानों तक सीमित कर देना।
• सटीक बिंदुओं के बजाय सामान्य बातें लिखना।

Exam Tips:

a) पूर्वानुमान, तैयारी और संसाधन प्रबंधन जैसे बिंदुओं का प्रयोग करें।
b) सरकार और आम नागरिक दोनों के दृष्टिकोण को शामिल करें।
c) उत्तर को सरल और स्पष्ट भाषा में लिखें।

 

Question 5: जलवायु परिवर्तन क्या है? इसके परिणाम क्या-क्या होते हैं?

Answer:

जलवायू परिवर्तन: जब किसी जगह के तापमान और मौसम के पैटर्न में लंबे समय (दशकों) के लिए बदलाव आ जाता है, तो उसे जलवायु परिवर्तन कहते हैं। आजकल यह मानवीय गतिविधियों (प्रदूषण) के कारण तेजी से हो रहा है。
परिणाम:
• वैश्विक तापन: पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ रहा है।
• पिघलते ग्लेशियर: गर्मी के कारण पहाड़ों की बर्फ पिघल रही है, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ सकता है।
• आपदाएँ: बाढ़, सूखा और तूफानों की संख्या और तीव्रता बढ़ रही है।

मुख्य बिंदु:

• जलवायु परिवर्तन एक दीर्घकालिक तापमान और मौसम का बदलाव है।
• मानवीय गतिविधियाँ इसका प्रमुख कारण हैं।
• इसके परिणामस्वरूप वैश्विक तापन और प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ रही हैं।

आम गलतियाँ:

• मौसम के दैनिक बदलाव को जलवायु परिवर्तन मान लेना।
• ग्लोबल वार्मिंग और ग्लेशियर पिघलने के प्रभाव को न लिखना।
• केवल प्राकृतिक कारणों को जिम्मेदार ठहराना।

Exam Tips:

a) परिभाषा में 'लंबे समय' (दशकों) शब्द का उल्लेख अवश्य करें।
b) परिणामों को उप-शीर्षकों (जैसे वैश्विक तापन, पिघलते ग्लेशियर) के साथ दर्शाएँ।
c) मानवीय गतिविधियों की भूमिका का जिक्र करना न भूलें।

 

Question 6: (क) मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?

Answer:

मौसम: यह वायुमंडल की अल्पकालिक स्थिति है जो दिन-प्रतिदिन या घंटे-दर-घंटे बदल सकती है। जैसे— आज धूप है, कल बारिश हो सकती है。
जलवायु: यह किसी विशाल क्षेत्र के मौसम का दीर्घकालिक औसत है, जो लगभग 30 वर्षों या उससे अधिक समय तक बना रहता है। यह जल्दी नहीं बदलता।

मुख्य बिंदु:

• मौसम अल्पकालिक होता है, जबकि जलवायु दीर्घकालिक होती है।
• मौसम कुछ घंटों या दिनों में बदल सकता है, जलवायु में 30 वर्ष या अधिक समय लगता है।
• मौसम का दायरा छोटा और जलवायु का क्षेत्र बड़ा होता है।

आम गलतियाँ:

• दोनों की परिभाषाओं को आपस में मिला देना।
• समय अवधि (30 वर्ष) का उल्लेख न करना।
• उपयुक्त उदाहरण न देना।

Exam Tips:

a) उत्तर हमेशा अंतर स्पष्ट करने वाली तालिका या दो अलग-अलग पैराग्राफ में लिखें।
b) समय-सीमा (अल्पकालिक बनाम दीर्घकालिक) को मुख्य अंतर के रूप में दिखाएँ।
c) एक-एक दैनिक उदाहरण जरूर दें।

 

Question 7: (ख) समुद्र के निकट स्थित स्थानों का तापमान समुद्र से दूर स्थित स्थानों की तुलना में कम क्यों होता है?

Answer:

ऐसा ‘समुद्र के समकारी प्रभाव’ के कारण होता है। पानी, जमीन की तुलना में देर से गर्म और देर से ठंडा होता है। दिन के समय या गर्मियों में, समुद्र से ठंडी हवाएँ जमीन की ओर चलती हैं, जो तटीय क्षेत्रों के तापमान को बढ़ने नहीं देतीं और उन्हें ठंडा/सुहावना रखती हैं। जबकि समुद्र से दूर के स्थान (जैसे दिल्ली/नागपुर) जल्दी गर्म हो जाते हैं।

मुख्य बिंदु:

• इसे समुद्र का समकारी प्रभाव कहा जाता है।
• जल और थल के गर्म व ठंडे होने की गति में अंतर होता है।
• तटीय हवाएँ तापमान को नियंत्रित रखती हैं।

आम गलतियाँ:

• 'समकारी प्रभाव' शब्द का प्रयोग न करना।
• पानी और जमीन की तापीय विशेषता को गलत बताना।
• तटीय और भीतरी क्षेत्रों के अंतर को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) 'समुद्र के समकारी प्रभाव' और जल-थल की विशिष्टता को मुख्य कारण बताएँ।
b) तटीय और आंतरिक स्थानों का उदाहरण दें।
c) हवाओं की दिशा (समुद्र से थल की ओर) का स्पष्टीकरण दें।

 

Question 8: (ग) भारतीय जलवायु को प्रभावित करने में मानसूनी पवन की क्या भूमिका है?

Answer:

भारतीय जलवायु को ‘मानसूनी जलवायु’ कहा जाता है। ये पवनें अपने साथ समुद्र से नमी (वाष्प) लेकर आती हैं, जिससे पूरे भारत में वर्षा होती है। यह वर्षा कृषि (खेती) के लिए अत्यंत आवश्यक है और भीषण गर्मी से राहत दिलाती है।

मुख्य बिंदु:

• भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है।
• ये पवनें बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी लाती हैं।
• भारतीय कृषि पूरी तरह इसी वर्षा पर निर्भर है।

आम गलतियाँ:

• मानसून को केवल हवा मान लेना, नमी और वर्षा के संबंध को छोड़ देना।
• कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख न करना।
• संक्षिप्त उत्तर लिखना जिसमें मुख्य बिंदु छूट जाए।

Exam Tips:

a) मानसून और नमी के संबंध को स्पष्ट करें।
b) भारतीय कृषि के साथ इसके जुड़ाव को अवश्य लिखें।
c) उत्तर को सटीक और बिंदुवार रखें।

 

Question 9: (घ) चेन्नई पूरे वर्ष गर्म रहता है, जबकि लेह ठंडा रहता है?

Answer:

चेन्नई: यह भूमध्य रेखा के करीब है और समुद्र तट पर स्थित है। यहाँ सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं और समुद्र की नमी के कारण मौसम साल भर गर्म और उमस भरा रहता है。
लेह: यह समुद्र से बहुत दूर और हिमालय में बहुत अधिक ऊँचाई पर स्थित है। ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान गिरता है और भूमध्य रेखा से दूर होने के कारण यहाँ सूर्य की गर्मी कम पहुँचती है, इसलिए यह बहुत ठंडा रहता है।

मुख्य बिंदु:

• चेन्नई की स्थिति भूमध्य रेखा के निकट और समुद्र तट पर है।
• लेह अत्यधिक ऊँचाई और भूमध्य रेखा से अधिक दूरी पर स्थित है।
• ऊँचाई और अक्षांश तापमान को नियंत्रित करते हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल एक कारक (या तो अक्षांश या ऊँचाई) का जिक्र करना।
• दोनों शहरों की भौगोलिक स्थिति की तुलना न करना।
• उमस और ठंड के कारणों को मिला देना।

Exam Tips:

a) चेन्नई और लेह दोनों के लिए अलग-अलग कारण स्पष्ट करें।
b) अक्षांश, समुद्र से दूरी और ऊँचाई जैसे भौगोलिक शब्दों का प्रयोग करें।
c) उत्तर को तुलनात्मक रूप में प्रस्तुत करें।

 

Question 10: किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे – चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन या दावानल) की पहचान कीजिए और एक छोटा निबंध लिखिए, जिसमें इसके कारण और प्रभाव सम्मिलित हों। ऐसे सुझाव दीजिए जो व्यक्ति, समुदाय और सरकार को इस आपदा के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

Answer:

निबंध: चक्रवात – एक विनाशकारी आपदा
परिचय: चक्रवात एक भयंकर समुद्री तूफान होता है जिसमें बहुत तेज हवाएँ घूमती हुई चलती हैं और भारी बारिश होती है। भारत का पूर्वी तट (जैसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु) अक्सर चक्रवातों का सामना करता है।
कारण:
• निम्न वायुदाब: जब समुद्र के ऊपर गर्मी के कारण हवा गर्म होकर ऊपर उठती है, तो वहाँ ‘निम्न वायुदाब’ का क्षेत्र बन जाता है।
• तेज हवाएँ: आसपास की ठंडी हवा इस खाली जगह को भरने के लिए तेजी से दौड़ती है, जिससे हवा गोल-गोल घूमने लगती है और चक्रवात का रूप ले लेती है।
प्रभाव:
• जन-धन की हानि: तेज हवाओं से कच्चे घर, बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ जाते हैं।
• बाढ़: भारी बारिश और समुद्र की लहरों के जमीन पर आने से बाढ़ आ जाती है, जिससे फसलें नष्ट हो जाती हैं।
• मिट्टी का कटाव: उपजाऊ मिट्टी बह जाती है (मृदा अपरदन)।
बचाव के सुझाव:
सरकार के लिए: मौसम विभाग को समय रहते चक्रवात की जानकारी और चेतावनी जारी करनी चाहिए। राहत कार्य के लिए एन.डी.आर.एफ. जैसी बचाव टीमों को तैयार रखना चाहिए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना चाहिए।
समुदाय के लिए: निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊँचे स्थानों पर चले जाना चाहिए। मिल-जुलकर भोजन और दवाइयों का इंतजाम करना चाहिए।
व्यक्ति के लिए: अफवाहों पर ध्यान न दें, सिर्फ आधिकारिक समाचार सुनें। अपने घर की खिड़कियाँ और दरवाजे मजबूत रखें। बैटरी, टॉर्च, सूखा खाना और पानी पहले से जमा कर लें।

मुख्य बिंदु:

• चक्रवात समुद्री सतह पर निम्न वायुदाब के कारण उत्पन्न होता है।
• इससे भारी वर्षा, तेज हवा और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आती है।
• सरकार, समुदाय और व्यक्तिगत स्तर पर पूर्व तैयारी से नुकसान कम किया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• केवल कारण लिखकर प्रभाव और बचाव के उपायों को छोड़ देना।
• सरकार और व्यक्तिगत स्तर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट न करना।
• निबंध को बिना शीर्षकों के पैराग्राफ में लिख देना।

Exam Tips:

a) निबंध में स्पष्ट शीर्षक (परिचय, कारण, प्रभाव, बचाव के उपाय) बनाएँ।
b) सरकार, समुदाय और व्यक्ति तीनों के लिए अलग-अलग सुझाव लिखें।
c) सटीक भौगोलिक शब्दों (निम्न वायुदाब, मृदा अपरदन) का प्रयोग करें।

 

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Chapter 03 भारत की जलवायु

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