NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 07 जलते चलो

Official NCERT Solutions for Class 6 Hindi: Chapter 07 जलते चलो

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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 07 जलते चलो

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पेज 74 - मेरी समझ से

 

Question 1. निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है?
(a) भलाई के कार्य करते रहना
(b) दीपावली के दीपक जलाना
(c) बल्ब आदि जलाकर अंधकार दूर करना
(d) तिमिर मिलने तक नाव चलाते रहना
Answer: (a) भलाई के कार्य करते रहना
In simple words: इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें हमेशा दूसरों की भलाई के लिए अच्छे काम करते रहने चाहिए।

Exam Tip: कविता के मूल भाव को समझने के लिए परोपकार और भलाई से संबंधित पंक्तियों पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 2. "जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी" यह वाक्य किससे कहा गया है?
(a) तूफान से
(b) मनुष्यों से
(c) दीपकों से
(d) तिमिर से
Answer: (b) मनुष्यों से
In simple words: कवि ने यहाँ मनुष्य के अदम्य साहस की सराहना की है, जिसने सबसे पहले कठिनाइयों का डटकर सामना किया था।

Exam Tip: चुनौती स्वीकार करने का सामर्थ्य केवल चेतन मनुष्य में होता है, इस संकेत से सही उत्तर पहचानें।

 

Question 3. अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
Answer: हमने अपने सहपाठियों से विचार-विमर्श करके पहले प्रश्न का विकल्प (क) चुना क्योंकि पूरी कविता में 'स्नेह भर-भरकर' दीपक जलाने यानी लगातार भलाई करने की सीख दी गई है। दूसरे प्रश्न का उत्तर (ख) चुनने का कारण यह है कि सृष्टि में मनुष्य ही वह एकमात्र प्राणी है जो अपनी बुद्धि और साहस से किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकता है, इसलिए पहला दीप जलाने का श्रेय मनुष्य को ही दिया गया है।
In simple words: पूरी कविता हमें हिम्मत से आगे बढ़ने और दूसरों की मदद करने का पाठ सिखाती है, इसलिए हमने ये उत्तर चुने हैं।

Exam Tip: चर्चा वाले प्रश्नों में अपने उत्तर की पुष्टि के लिए हमेशा पाठ की संबंधित पंक्तियों का प्रमाण दें।

 

पेज 75 - मिलकर करें मिलान

 

Question 4. कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए -

शब्दअर्थ या संदर्भ
1. अमवास1. पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है।
2. पूर्णिमा2. विद्युत् दिये अर्थात् बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण।
3. विद्युत्-दिये3. समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं - सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग।
4. युग4. अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।


Answer:
सही मिलान इस प्रकार है:
1. अमवास → अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।
2. पूर्णिमा → पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है।
3. विद्युत्-दिये → विद्युत् दिये अर्थात् बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण।
4. युग → समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं - सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग।

In simple words: इस मिलान में पाठ में आए खगोलीय और व्याकरण संबंधी कठिन शब्दों को उनके सही और सरल अर्थों के साथ जोड़ा गया है।

 

Exam Tip: 'अमवास' और 'पूर्णिमा' जैसे विलोम शब्दों के वास्तविक अर्थों को ध्यान से समझ लें, यह परीक्षाओं में बहुत उपयोगी होता है।

 

Question 5. कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए -
"दिये और तूफ़ान की यह कहानी चली आ रही है और चलती रहेगी,
जली जो प्रथम बार लौ दीप की स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।।
रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।"

Answer:
इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि जीवन में संघर्ष (तूफान) और आशा (दीपक) का द्वंद्व हमेशा से चलता आया है और आगे भी चलता रहेगा। जब से दुनिया में ज्ञान और भलाई की पहली लौ जली है, वह हमेशा सोने जैसी चमक के साथ जलती आ रही है और जलती रहेगी। यदि धरती पर सच्चाई और परोपकार का एक भी छोटा सा अंश बचा रहा, तो वह बड़े से बड़े संकट रूपी अंधकार को समाप्त कर नया सवेरा लाने में समर्थ होगा।
In simple words: चाहे कितनी भी बड़ी मुसीबत आए, भलाई की एक छोटी सी कोशिश भी बड़े संकट को दूर कर सकती है।

Exam Tip: इन पंक्तियों का भाव स्पष्ट करते समय 'दीपक' को अच्छाई और 'तूफान' को बुराई के प्रतीक के रूप में अवश्य दर्शाएं।

 

पेज 76 - सोच-विचार के लिए

 

Question 6. कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
(क) कविता में अंधेरे या तिमिर के लिए किन वस्तुओं के उदाहरण दिए गए हैं?
(ख) यह कविता आशा और उत्साह जगाने वाली कविता है। इसमें क्या आशा की गई है? यह आशा क्यों की गई है?
(ग) कविता में किसे जलाने और किसे बुझाने की बात कही गई है?

Answer:
(क) कविता में सघन अंधकार या तिमिर को दर्शाने के लिए 'निशा' (रात), 'अमावस्या की काली रात' तथा 'तिमिर की सरित' (अंधकार की नदी) जैसी विशाल प्राकृतिक उपमाओं का उदाहरण दिया गया है।
(ख) इस कविता में यह आशा की गई है कि भलाई का प्रकाश कभी बुझेगा नहीं और एक न एक दिन अंधकार का अंत अवश्य होगा। यह उम्मीद इसलिए जताई गई है क्योंकि मनुष्य की भीतर की अच्छाई और परोपकार की शक्ति किसी भी संकट से कहीं अधिक प्रभावशाली होती है।
(ग) कविता में प्रेम, करुणा और परोपकार रूपी 'स्नेह भरे दीपकों' को निरंतर जलाने की बात कही गई है। इसके साथ ही, बाहरी दिखावे, स्वार्थ और आडंबर के 'बिना स्नेह वाले विद्युत्-दियों' को बुझाने की सलाह दी गई है।

In simple words: कविता में रात को अंधकार का रूप माना गया है। हमें अपने अच्छे काम जारी रखने चाहिए और सिर्फ दिखावे की चीज़ों से बचना चाहिए।

Exam Tip: 'अंधकार' और 'प्रकाश' के बीच के दार्शनिक अंतर को कविता के संदर्भ में संक्षेप में लिखना सीखें।

 

पेज 77 - कविता की रचना

 

Question 7. इस कविता को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए, जैसे इस कविता की पंक्तियों को 2-4, 2-4 के क्रम में बाँटा गया है आदि।

Answer:
'जलाते चलो' कविता की प्रमुख शिल्पगत और भावगत विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
लयात्मकता और गेयता: कविता में बहुत ही मधुर तुकबंदी है, जिससे इसे आसानी से गाया जा सकता है।
प्रतीकात्मक शैली: कवि ने दीपक और अंधकार के माध्यम से ज्ञान और अज्ञान के सनातन संघर्ष को बड़े सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है।
सहज भाषा: कविता में बहुत सरल और दिल को छूने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है जो पाठकों को सीधे प्रभावित करते हैं।
सकारात्मक दृष्टिकोण: पूरी रचना पाठकों में नया उत्साह, साहस और आशा का संचार करने वाली है।

In simple words: यह कविता गाने में बहुत आसान है और इसके शब्द हमारे मन में हिम्मत और परोपकार की भावना भर देते हैं।

Exam Tip: कविता की विशेषताओं की सूची बनाते समय भाव पक्ष (प्रेरणा) और कला पक्ष (लय, प्रतीक) दोनों का संतुलन बनाए रखें।

 

पेज 78 - मिलान और अनुमान या कल्पना से

 

Question 8. स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए -

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा।1. विश्व की भलाई का ध्यान रखे बिना प्रगति करने से कोई लाभ नहीं होगा।
2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर।2. विश्व में सुख-शांति क्यों कम होती जा रही है?
3. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।3. विश्व की समस्याओं से एक न एक दिन छुटकारा अवश्य मिलेगा।
4. बिना स्नेह विद्युत्-दिय जल रहे जो बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा।4. दूसरों के सुख-चैन के लिए प्रयास करते रहिए।


Answer:
सही मिलान इस प्रकार है:
1. कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा। → विश्व की समस्याओं से एक न एक दिन छुटकारा अवश्य मिलेगा।
2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर। → दूसरों के सुख-चैन के लिए प्रयास करते रहिए।
3. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी। → विश्व में सुख-शांति क्यों कम होती जा रही है?
4. बिना स्नेह विद्युत्-दिय जल रहे जो बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा। → विश्व की भलाई का ध्यान रखे बिना प्रगति करने से कोई लाभ नहीं होगा।

In simple words: इस मिलान के माध्यम से कविता की पंक्तियों में छिपे गहरे दार्शनिक अर्थों को सरल शब्दों में स्पष्ट किया गया है।

Exam Tip: प्रत्येक पंक्ति के लाक्षणिक अर्थ को ध्यान से पढ़ें, जैसे 'विद्युत्-दिये' का अर्थ बिना प्रेम की भौतिक प्रगति से है।

 

Question 9. अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए और कारण बताइए -
(क) "दिये और तूफ़ान की यह कहानी चली आ रही है और चलती रहेगी" - दीपक और तूफ़ान की यह कौन-सी कहानी हो सकती है जो सदा से चली आ रही है?
(ख) "जली जो प्रथम बार लौ दीप की स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी" - दीपक की यह सोने जैसी लौ क्या हो सकती है जो अनगिनत सालों से जल रही है?

Answer:
(क) दीपक और तूफान की यह कहानी असल में अच्छाई और बुराई, ज्ञान और अज्ञान तथा आशा और निराशा के सनातन संघर्ष की कहानी है। युगों-युगों से इंसान के जीवन में मुसीबतें रूपी तूफान आते रहे हैं, लेकिन मनुष्य ने अपने साहस और परोपकार रूपी दीपक के बल पर हमेशा उन पर विजय पाई है।
(ख) दीपक की सोने जैसी चमकदार लौ वास्तव में मानवीय करुणा, ज्ञान की धारा, आशा की शाश्वत किरण और परोपकार की पवित्र भावना है। जब से मानव सभ्यता विकसित हुई है, तब से इंसानियत और ज्ञान का यह प्रकाश अनगिनत पीढ़ियों से जलता आ रहा है और आगे भी मार्ग दिखाता रहेगा।

In simple words: दीपक और तूफान की कहानी का मतलब है कि अच्छाई हमेशा मुश्किलों से लड़कर जीतती है। सोने जैसी लौ हमारे मन की उम्मीद और प्यार है जो कभी खत्म नहीं होती।

Exam Tip: परीक्षा में इन प्रतीकों का अर्थ विस्तार से लिखने के लिए संस्मरण या कविता के मूल जीवन मूल्यों को आधार बनाएं।

 

पेज 80 - शब्दों के रूप और अर्थ की बात

 

Question 10. "कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी" 'अमावस' का अर्थ है 'अमावस्या'। इन दोनों शब्दों का अर्थ तो समान है लेकिन इनके लिखने-बोलने में थोड़ा-सा अंतर है। ऐसे ही कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनसे मिलते-जुलते दूसरे शब्द कविता से खोजकर लिखिए।
1. दिया
2. उजेला
3. अनगिन
4. तिमिर
5. निशा
6. धरा

Answer:
कविता में प्रयुक्त मिलते-जुलते समानार्थी या भिन्न रूप इस प्रकार हैं:
1. दिया → दीपक / दीप
2. उजेला → सवेरा / प्रकाश
3. अनगिन → असंख्य / अनगिनत
4. तिमिर → अँधेरा / अंधकार
5. निशा → रात्रि / रात
6. धरा → पृथ्वी / धरती

In simple words: कई शब्दों के अर्थ एक जैसे होते हैं पर उनका रूप थोड़ा बदल जाता है, जैसे दिया को हम दीपक या दीप भी कह सकते हैं।

Exam Tip: हिंदी में तत्सम (संस्कृत के समान) और तद्भव (सहज रूप) शब्दों का यह अंतर समझना व्याकरण के लिए बेहद आवश्यक है।

 

Question 11. "जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर" इस पंक्ति में 'चलो' के स्थान पर 'रहो' शब्द रखकर पढ़िए। इस शब्द के बदलने से पंक्ति के अर्थ में क्या अंतर आ रहा है? अपने समूह में चर्चा कीजिए।

Answer:
'चलो' शब्द गतिशीलता, उत्साह और लगातार आगे बढ़ने का संदेश देता है, जिससे मन में एक क्रियाशील भाव उत्पन्न होता है। इसके विपरीत, यदि हम यहाँ 'रहो' शब्द रख दें, तो वह एक ही स्थान पर रुकने या निष्क्रियता का संकेत देगा। इससे कविता की ओजस्वी भावना और प्रेरणादायक प्रभाव बहुत कम हो जाएगा।
In simple words: 'चलो' शब्द से आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है, जबकि 'रहो' शब्द से ऐसा लगता है जैसे हमें एक ही जगह रुक जाना है।

Exam Tip: कविता में क्रिया पदों का चयन उसके छंद और गति को बनाए रखने के लिए बहुत सोच-समझकर किया जाता है, इस बात को ध्यान में रखें।

 

Question 12. नीचे दिए पंक्तियों के अनुसार कोष्ठक में से उपयुक्त शब्दों का चयन करके वाक्य पूरा कीजिए -
1. बहाते चलो ________ तुम वह निरंतर (नैया, नाव, नौका) / कभी तो तिमिर का ________ मिलेगा।। (तट, तीर, किनारा)
2. रहेगा ________ पर दिया एक भी यदि (धरा, धरती, भूमि) / कभी तो निशा को ________ मिलेगा।। (प्रातः, सुबह, सवेरा)
3. जला दीप पहला तुम्हीं ने ________ की (तिमिर, अंधकार, अंधेरा) / चुनौती ________ बार स्वीकार की थी। (प्रथम, अव्वल, पहली)

Answer:
1. बहाते चलो नैया तुम वह निरंतर / कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा।
2. रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि / कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।
3. जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की / चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी।

In simple words: कविता की लय और मिठास को बनाए रखने के लिए सही शब्दों का चयन बहुत ज़रूरी होता है, जैसे नाव की जगह 'नैया' शब्द ज़्यादा सुंदर लगता है।

Exam Tip: काव्यात्मक शब्दों का चयन करते समय तुकबंदी और लयबद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 

पेज 81 - प्रतीक और शब्द-वर्गीकरण

 

Question 13. "कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा" 'निशा' का अर्थ है - रात। 'सवेरा' का अर्थ है - सुबह। आपने अनुभव किया होगा कि कविता में इन दोनों शब्दों का प्रयोग 'रात' और 'सुबह' के लिए नहीं किया गया है। अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि 'निशा' और 'सवेरा' का इस कविता में क्या-क्या अर्थ हो सकता है?

Answer:
इस कविता में 'निशा' केवल अंधकारमयी रात नहीं है, बल्कि यह जीवन की कठिनाइयों, दुखों, अज्ञानता और घोर निराशा का प्रतीक है। वहीं दूसरी ओर, 'सवेरा' केवल सुबह की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह आशा की नई किरण, ज्ञान का उदय, सुखद परिवर्तन और खुशहाली का प्रतीक है।
In simple words: 'निशा' का मतलब है जीवन की मुश्किलें और दुःख, और 'सवेरा' का मतलब है अच्छी उम्मीदें, नया ज्ञान और खुशियाँ।

Exam Tip: काव्यात्मक प्रतीकों के लाक्षणिक अर्थ को स्पष्ट करना सीखें, क्योंकि परीक्षा में भाव-सौन्दर्य इसी आधार पर परखा जाता है।

 

Question 14. कविता से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए -
मञ्जूषा: ज्योति, उजेला, दिवस, स्वर्ण, लौ, नाव, किनारा, किया, देये, पूर्णिमा, शिला, अँधेरा, अमावस, तूफ़ान, तिमिर, बुझना, दिये, पूर्णिमा

Answer:
सवेरा और निशा के अनुसार शब्दों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
सवेरा (सकारात्मकता/प्रकाश): ज्योति, उजेला, दिवस, स्वर्ण, लौ, नाव, किनारा, पूर्णिमा।
निशा (कठिनाई/अंधकार): शिला, अँधेरा, अमावस, तूफ़ान, तिमिर, बुझना, दिये।

In simple words: इस वर्गीकरण में हमने उजाले और अच्छी उम्मीदों वाले शब्दों को 'सवेरा' के नीचे रखा है और अँधेरे व मुसीबतों वाले शब्दों को 'निशा' के नीचे रखा है।

Exam Tip: शब्दों के अर्थ और उनके भावनात्मक जुड़ाव को समझकर उन्हें वर्गीकृत करें।

 

पेज 83 - पंक्ति से पंक्ति

 

Question 15. कविता की इस पंक्ति को वाक्य के रूप में इस प्रकार लिख सकते हैं - "तुम्हीं ने पहला दीप जला तिमिर की चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी।" अब नीचे दी गई पंक्तियों को इसी प्रकार वाक्यों के रूप में लिखिए -
1. बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर।
2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर।
3. बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा।
4. मगर आज विश्व पर क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।

Answer:
गद्य रूप (वाक्य रूप) में परिवर्तन:
1. तुम वह नाव निरंतर बहाते चलो।
2. ये दिये स्नेह भर-भरकर जलाते चलो।
3. इन्हें बुझा दो, इस प्रकार रास्ता नहीं मिल सकेगा।
4. मगर आज संसार पर दिन में ही अमावस्या की रात की तरह अंधकार क्यों घिरा आ रहा है?

In simple words: कविता की पंक्तियों को सीधे और सरल वाक्यों की तरह लिखना ही गद्य रूप कहलाता है, जिससे बात आसानी से समझ आ जाती है।

Exam Tip: पद्य से गद्य में बदलते समय क्रिया को वाक्य के अंत में और कर्ता को सामान्यतः शुरुआत में रखें।

 

पेज 84 - सा/सी/से का प्रयोग और आपकी बात

 

Question 16. 'सा/सी/से' का प्रयोग जब समानता दिखाने के लिए किया जाता है तो इनसे पहले योजक चिह्न (-) का प्रयोग किया जाता है। अब आप भी विभिन्न शब्दों के साथ 'सा/सी/से' का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

Answer:
समानता दर्शाने वाले 'सा/सी/से' के प्रयोग के पाँच वाक्य:
1. वह फूल-सा कोमल और कोमल स्वभाव वाला बालक है।
2. आसमान में चाँद-सा सुंदर मुखड़ा चमक रहा था।
3. उसकी मधुर वाणी कोयल-सी मीठी लगती है।
4. वीर सैनिक सीमा पर पर्वत-सा अडिग खड़ा रहा।
5. शिशु की मासूम हँसी गुलाब-सी खिली हुई लगती है।

In simple words: जब हम किसी चीज़ की तुलना दूसरी चीज़ से करते हैं, तो हम 'सा' या 'सी' का इस्तेमाल योजक चिह्न (-) के साथ करते हैं, जैसे फूल-सा कोमल।

Exam Tip: योजक चिह्न (-) का सही स्थान पर प्रयोग करें, इसे शब्द और 'सा/सी/से' के ठीक बीच में लगाया जाता है।

 

Question 17. आपकी बात -
(क) "रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा" यदि हर व्यक्ति अपना कर्तव्य समझे और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करे तो पूरी दुनिया सुंदर बन जाएगी। आप भी दूसरों के लिए प्रतिदिन बहुत-से अच्छे कार्य करते होंगे। अपने उन कार्यों के बारे में बताइए।
(ख) इस कविता में निराश न होने, चुनौतियों का सामना करने और सबके सुख के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया है। यदि आपको अपने किसी मित्र को निराश न होने के लिए प्रेरित करना हो तो आप क्या करेंगे? क्या कहेंगे? अपने समूह में बताइए।

Answer:
(क) मैं दूसरों की भलाई और अपने कर्तव्य के लिए हर दिन ये छोटे काम करता हूँ: मैं अपनी कक्षा के उन साथियों की मदद करता हूँ जिन्हें पढ़ाई में दिक्कत होती है। मैं रोज़ अपने घर की छत पर पक्षियों के लिए पानी और दाना रखता हूँ। मैं बिजली और पानी की बचत करता हूँ ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
(ख) यदि मेरा कोई मित्र निराश होगा, तो मैं सबसे पहले उसकी समस्या को बहुत ध्यान से सुनूँगा। मैं उसके कंधे पर हाथ रखकर कहूँगा, "घबराओ मत, मुश्किलें हमारे जीवन का अंत नहीं होतीं, वे हमें और मज़बूत बनाती हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ और हम दोनों मिलकर इस समस्या का हल ज़रूर निकाल लेंगे।"

In simple words: हमें रोज़ दूसरों की छोटी-छोटी मदद करनी चाहिए। यदि हमारा कोई दोस्त दुखी हो, तो हमें उसका हौसला बढ़ाना चाहिए और उसका साथ देना चाहिए।

Exam Tip: अपने अनुभवों को लिखते समय हमेशा सकारात्मक, सरल और प्रेरणादायक भाषा का प्रयोग करें।

 

पेज 89 - तिथिपत्र (कैलेंडर)

 

Question 18. जनवरी 2023 के तिथिपत्र (कैलेंडर) को ध्यान से देखिए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
(क) दिए गए महीने में कुल कितने दिन हैं?
(ख) पूर्णिमा और अमावस्या किस दिनांक और वार को पड़ रही है?
(ग) कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी में कितने दिनों का अंतर है?
(घ) इस महीने में कृष्ण पक्ष में कुल कितने दिन हैं?
(ङ) 'वसंत पंचमी' की तिथि बताइए।

Answer:
तिथिपत्र के विश्लेषण के आधार पर उत्तर निम्न प्रकार हैं:
(क) जनवरी 2023 के इस महीने में कुल 31 दिन हैं।
(ख) पूर्णिमा 06 जनवरी 2023 (शुक्रवार) को और अमावस्या 21 जनवरी 2023 (शनिवार) को पड़ रही है।
(ग) कृष्ण पक्ष की सप्तमी (14 तारीख) और शुक्ल पक्ष की सप्तमी (28 तारीख) के बीच ठीक 14 दिनों का अंतर है।
(घ) इस महीने में कृष्ण पक्ष के कुल 15 दिन हैं।
(ङ) इस कैलेंडर के अनुसार वसंत पंचमी की तिथि 26 जनवरी 2023 (गुरुवार) है।

In simple words: तिथिपत्र को देखकर हम तारीख, दिन और त्योहारों की सही जानकारी आसानी से पा सकते हैं, जैसे इस महीने में कुल ३१ दिन हैं।

Exam Tip: कैलेंडर आधारित प्रश्नों का उत्तर देते समय पक्ष (कृष्ण/शुक्ल) और तिथियों की गणना बहुत सावधानी से करें।

 

पेज 90 - आज की पहेली (अक्षर-जाल)

 

Question 19. 'पवन' शब्द का अर्थ है हवा। नीचे एक अक्षर-जाल दिया गया है। इसमें 'पवन' के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है और लिखना है -

Answer:
अक्षर-जाल से खोजे गए पवन (हवा) के छह पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित हैं:
1. मारुत (अक्षर समूह: मा, रु, त)
2. वात (अक्षर समूह: वा, त)
3. हवा (अक्षर समूह: ह, वा)
4. वायु (अक्षर समूह: वा, यु)
5. समीर (अक्षर समूह: स, मी, र)
6. बयार (अक्षर समूह: ब, या, र)

In simple words: इस अक्षर-जाल में हवा के कई सुंदर नाम छिपे थे, जिन्हें हमने ढूँढ निकाला है, जैसे वायु, समीर और पवन।

Exam Tip: हिंदी व्याकरण में किसी शब्द के समान अर्थ वाले अन्य शब्दों को 'पर्यायवाची' या 'समानार्थी' शब्द कहा जाता है, इन्हें याद रखना ज्ञान बढ़ाता है।

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