NCERT Solutions Class 5 Hindi Veena Chapter 03 चाँद का कुरता

NCERT Solutions for Class 5 Hindi: Veena Chapter 03 चाँद का कुरता

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Practice Class 5 Hindi Solutions: Veena Chapter 03 चाँद का कुरता

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बातचीत के लिए

 

Question 1. आपका प्रिय खेल कौन-सा है? आप उसे कैसे खेलते हैं?
Answer: मेरा सबसे पसंदीदा खेल खो-खो है। इस खेल को खेलने के लिए मैदान में दो दल बनाए जाते हैं। एक दल के बच्चे भागते हैं और दूसरे दल के बच्चे उन्हें छूने की कोशिश करते हैं। पकड़ने वाले दल का सदस्य "खो-खो" कहकर भागने वालों के पीछे दौड़ता है। सभी विपक्षी खिलाड़ियों को जो टीम पहले छू लेती है, उसकी जीत होती है।
In simple words: खो-खो मेरा पसंदीदा खेल है, जिसमें दो टीमें मैदान पर एक-दूसरे को पकड़ने के लिए दौड़ती हैं।

Exam Tip: Describe your favorite game in 3-4 simple sentences, clearly explaining how it is played and won.

 

Question 2. क्या आपने कभी किसी समस्या का समाधान किया है? अपना अनुभव साझा कीजिए।
Answer: जी हाँ, एक दफ़ा विद्यालय में मेरे दो सहपाठी एक पुस्तक के लिए आपस में लड़ रहे थे। हर कोई उस पुस्तक को अपनी बता रहा था। मैंने बीच-बचाव करते हुए उनसे पूछा कि क्या पुस्तक पर उनका कोई नाम या पहचान है। तब एक मित्र ने बताया कि उसके पिताजी के दस्तखत आख़िरी पृष्ठ पर हैं। जाँच करने पर वह दस्तखत मिल गए। इस प्रकार असली मालिक की पहचान हुई और उनका विवाद सुलझ गया।
In simple words: एक बार मैंने किताब के लिए लड़ रहे दो दोस्तों का झगड़ा उनके पिता के हस्ताक्षर देखकर सुलझाया था।

Exam Tip: When sharing a personal experience, use first-person pronouns and write events in a clear, step-by-step chronological order.

 

Question 3. यदि आप राजा के स्थान पर होते और आपको लड़के के बारे में पता चलता तो आप क्या करते?
Answer: यदि मैं राजा के पद पर होता, तो उस नन्हें बालक के बढ़िया न्याय के बारे में जानकर अत्यंत प्रसन्न होता। मैं उसे आदरपूर्वक महल में आमंत्रित करता और पुरस्कृत करता। उसे राज्य सभा में एक उचित स्थान दिया जाता ताकि उसकी समझदारी से प्रजा का भला हो सके। मैं स्वयं भी उससे निष्पक्ष न्याय करने के गुण सीखता।
In simple words: अगर मैं राजा होता तो उस बुद्धिमान लड़के को अपने दरबार में रखता और उसकी सूझबूझ की सराहना करता।

Exam Tip: Begin your answer by placing yourself directly in the character's shoes and use words showing respect and admiration.

 

Question 4. लड़के के अंदर ऐसे कौन-कौन से गुण होंगे जिनके कारण वह सिंहासन पर बैठ पा रहा था?
Answer:
• सच्चाई और ईमानदारी: उसके मन में किसी के प्रति द्वेष या पाप नहीं था।
• न्याय की भावना: वह उचित और अनुचित का निर्णय पूरी निष्पक्षता से करता था।
• तीव्र बुद्धि: वह कठिन से कठिन उलझन को भी चुटकियों में सुलझा लेता था।
• साहस: उसे किसी का भय नहीं था, यहाँ तक कि वह सम्राट के सामने भी अडिग रहता।
• सरलता: उसका अंतःकरण एकदम निर्मल और लोभ से दूर था।
In simple words: लड़के के मन में सच्चाई, साहस, तेज दिमाग, निष्पक्षता और निश्छल स्वभाव होने की वजह से वह न्याय की गद्दी पर बैठने लायक था।

Exam Tip: Presenting qualities in bullet points makes the answer clear and helps score maximum marks in descriptive questions.

 

पाठ से

 

Question 1. राजा को लड़के द्वारा न्याय करने के विषय में कैसे पता चला?
(a) लड़के द्वारा की गई शरारतों को सुनकर
(b) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर
(c) लड़के द्वारा अपने न्याय की बुराई सुनकर
(d) मंत्रियों द्वारा लड़के की बुद्धि की प्रशंसा सुनकर
Answer: (b) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर
In simple words: राजा को गाँव वालों की बातचीत और लड़के के सही न्याय की तारीफों से इस बात की जानकारी मिली।

Exam Tip: Read all options carefully before choosing, as multiple options can sometimes be correct in comprehension tests.

 

Question 2. राजा को सबसे अधिक आश्चर्य किस बात से हुआ?
(a) बच्चे खेल-खेल में न्याय कर रहे थे।
(b) लोग राजा के दरबार में नहीं आ रहे थे।
(c) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था।
(d) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी।
Answer: (a) बच्चे खेल-खेल में न्याय कर रहे थे और (c) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था।
In simple words: राजा इस बात से चकित था कि बच्चे खेलते हुए भी इतना सटीक न्याय कर रहे थे और वह लड़का गद्दी पर बैठते ही बिल्कुल सच बोलता था।

Exam Tip: Look out for multiple-response questions where more than one choice accurately answers the question.

 

Question 3. लड़कों को यह खेल इतना अच्छा क्यों लगा कि वे प्रतिदिन इसे खेलने लगे?
(a) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
(b) क्योंकि यह अन्य खेलों से अधिक मनोरंजक था।
(c) क्योंकि उन्हें न्याय करने का अनुभव अच्छा लगा।
(d) क्योंकि इस खेल से वे नगर भर में प्रसिद्ध हो गए थे।
Answer: (a) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे और (c) क्योंकि उन्हें न्याय करने का अनुभव अच्छा लगा।
In simple words: बच्चों को राजा बनने का खेल बहुत मजेदार लगता था और उन्हें गद्दी पर बैठकर फैसला सुनाने में बहुत आनंद आता था।

Exam Tip: Sometimes options contain psychological or emotional motivators for characters; analyze their feelings in the story.

 

Question 4. राजा ने उपवास और प्रायश्चित क्यों किया?
(a) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके।
(b) क्योंकि उसे अपने कर्मों पर पछतावा था।
(c) क्योंकि मूर्तियों ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।
(d) क्योंकि जनता ने उसे ऐसा करने को कहा था।
Answer: (c) क्योंकि मूर्तियों ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।
In simple words: राजा ने पूजा-पाठ और व्रत इसलिए रखा क्योंकि गद्दी को थामने वाली पत्थर की पुतलियों ने उसे खुद को शुद्ध करने की सलाह दी थी।

Exam Tip: Directly trace the actions of characters to the instructions given to them by mystical elements in the text.

 

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सोचिए और लिखिए

 

Question 1. सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पा रहे थे लेकिन राजा नहीं बैठ पाया। ऐसा क्यों?
Answer: गाँव के सभी बच्चे मन के सच्चे और निष्कपट थे। उनके भीतर किसी प्रकार का लालच, ईर्ष्या या कपट नहीं था। इस कारण वे निष्पक्ष होकर न्याय करते थे। इसके विपरीत, राजा ने अपने ही दरबारी की भूमि बलपूर्वक छीन ली थी, स्वार्थ के लिए झूठ बोला और प्रजा को पीड़ा दी। इसी पापी आचरण के कारण वह पवित्र सिंहासन पर बैठने के काबिल नहीं था।
In simple words: बच्चे बिल्कुल निष्पाप और सच्चे थे, जबकि राजा ने दूसरों की जमीन छीनी थी और झूठ बोला था, इसलिए वह गद्दी के लायक नहीं था।

Exam Tip: Draw a sharp contrast between the innocent nature of the children and the greedy deeds of the king to highlight why the king was unworthy.

 

Question 2. क्या राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए था? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
Answer: नहीं, राजा को प्रायश्चित के उपरांत भी उस गद्दी पर आसीन होने का हक नहीं था। केवल बाहरी अनुष्ठान करने से पूर्व के कर्मों का दोष भले ही कम हो जाए, किंतु व्यक्ति का आंतरिक स्वभाव और चरित्र तुरंत नहीं सुधरता। राजा के मन में अभी भी श्रेष्ठता का अहंकार व्याप्त था, जो अंत में उसकी सोच से प्रकट हो गया। न्याय की इस पवित्र गद्दी के लिए पूर्णतः निर्मल हृदय की आवश्यकता थी, जो राजा के पास नहीं था।
In simple words: केवल दिखावे के पछतावे से किसी का मन साफ नहीं होता। राजा के भीतर अभी भी घमंड बचा हुआ था, इसलिए उसे गद्दी नहीं मिलनी चाहिए थी।

Exam Tip: Support your opinion with logical reasoning from the story about the permanent nature of character versus temporary penance.

 

Question 3. दोनों किसानों ने अपने झगड़े के निपटारे के लिए राजा के दरबार में जाने के बजाय लड़के के पास जाने का फैसला क्यों किया?
Answer: उस नन्हें चरवाहे के निष्पक्ष न्याय की कीर्ति समूचे क्षेत्र में फैल चुकी थी। हर कोई जानता था कि वह बालक अत्यंत समझदार है और बिना किसी पक्षपात के बिल्कुल सच और सही फैसला करता है। किसानों को विश्वास था कि राजा के पेचीदा दरबार में चक्कर काटने से बेहतर है कि वे उस सच्चे लड़के से शीघ्र और उचित न्याय प्राप्त करें।
In simple words: लड़के के बुद्धिमान और सच्चे फैसलों की चर्चा हर तरफ थी, इसलिए किसानों को लगा कि वहाँ उन्हें जल्दी और निष्पक्ष न्याय मिलेगा।

Exam Tip: Highlight terms like 'निष्पक्ष न्याय' (impartial justice) and 'त्वरित निर्णय' (quick decision) to emphasize the reasons for the farmers' choice.

 

Question 4. चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में क्यों उड़ गई?
Answer: अंतिम क्षणों में राजा के मन में पुनः अभिमान जाग उठा था। उसने स्वयं को उस नन्हें बालक से अधिक समृद्ध, शक्तिशाली और चतुर समझा और गद्दी पर केवल अपना दावा जताया। राजा का यह अहंकार दर्शा रहा था कि उसका मन अब भी इस पवित्र आसन के अनुकूल शुद्ध नहीं हुआ है। अतः चौथी पुतली उसे गद्दी सौंपने के बजाय सिंहासन सहित आकाश में चली गई।
In simple words: राजा के मन में आखिरी वक्त पर फिर से घमंड आ गया था, इसलिए आखिरी मूर्ति सिंहासन लेकर आकाश में उड़ गई।

Exam Tip: Focus on the 'अहंकार' (ego/arrogance) of the king as the turning point that prevented him from achieving his goal.

 

Question 5. इस कहानी को एक नया शीर्षक दीजिए और बताइए कि आपने यह शीर्षक क्यों चुना?
Answer: वैकल्पिक शीर्षक: "पवित्र हृदय का न्याय"
चयन का कारण: यह शीर्षक यह दर्शाता है कि सच्चा न्याय किसी राजसी ठाठ-बाट या ऊँचे पद से नहीं, बल्कि एक साफ और निश्छल मन से उत्पन्न होता है। एक छोटा बालक भी अपनी सच्चाई के बल पर बड़ों-बड़ों को सही राह दिखा सकता है।
In simple words: नया शीर्षक "पवित्र हृदय का न्याय" होना चाहिए क्योंकि सच्चा न्याय केवल साफ और बिना लालच वाले मन से ही हो सकता है।

Exam Tip: A good title is concise and captures the main moral or theme of the story. Always explain your reasoning clearly.

 

अनुमान और कल्पना

 

Question 1. कहानी में सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर किसी और जगह चली जाती हैं। वे कहाँ जाती होंगी और वहाँ क्या करती होंगी?
Answer: मेरी कल्पना के अनुसार, वे देव-पुतलियाँ किसी ऐसे स्थान की खोज में गई होंगी जहाँ कोई सच्चा, परोपकारी और निष्कपट मनुष्य वास करता हो। वे संभवतः दूर-दराज के किसी गाँव या वन में जाकर सीधे-सादे और भले लोगों की परख करती होंगी। जब उन्हें कोई अत्यंत योग्य व्यक्ति मिलता, तो वे उसे न्याय के इस पावन सिंहासन पर बिठातीं ताकि समाज में धर्म बना रहे।
In simple words: पुतलियाँ किसी सच्चे और भले इंसान को ढूंढने गई होंगी ताकि उसे इस जादुई सिंहासन पर बिठाकर दुनिया में न्याय करवा सकें।

Exam Tip: Use creative verbs and imaginative ideas while keeping the core theme of justice intact for imaginative questions.

 

Question 2. यदि इस कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता तो क्या होता?
Answer: यदि राजा सिंहासन प्राप्त करने में कामयाब हो जाता, तो निश्चित ही वह एक आदर्श सम्राट सिद्ध होता। अपनी पुरानी त्रुटियों का पश्चाताप करने के बाद उसका हृदय बदल चुका होता। इस दिव्य आसन के प्रभाव से उसकी विवेकशीलता और न्यायप्रियता और निखर जाती। वह अपनी प्रजा के हित में उत्तम निर्णय लेता, जिससे पूरे राज्य में सुख, समृद्धि और शांति का प्रसार होता।
In simple words: अगर राजा गद्दी पर बैठ जाता, तो वह अपनी भूलों को सुधारकर एक बहुत दयालु, न्यायप्रिय और बढ़िया राजा बनता।

Exam Tip: Consider the positive character development of the king and its beneficial impact on his subjects for hypothetical scenarios.

 

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भाषा की बात

विराम चिह्न की समझ
यदि हम किसी वाक्य को बिना किसी रुकने के संकेत के पढ़ते हैं, तो उसका सही अर्थ समझ में नहीं आता। जैसे ही हम वाक्यों में उचित स्थानों पर विशेष संकेतों (जैसे - अल्पविराम, पूर्णविराम, विस्मयादिबोधक चिह्न) का प्रयोग करते हैं, तो वाक्यों का भाव एकदम स्पष्ट हो जाता है। इन विशेष संकेतों को 'विराम चिह्न' कहा जाता है। ये हमें वाक्यों को सही ढंग से पढ़ने और समझने में मदद करते हैं।

 

Question 1(a). नीचे दिए गए वाक्य में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए:
चौथी मूर्ति ने कहा ठहरो जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे वे भोले भाले थे उनके मन में कलुष नहीं था अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो
Answer: चौथी मूर्ति ने कहा, "ठहरो! जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे, वे भोले-भाले थे। उनके मन में कलुष नहीं था। अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो, तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो।"
In simple words: किसी की कही बात को हमेशा उद्धरण चिह्नों (" ") में और रुकने वाली जगहों पर सही विराम चिह्न लगाए जाते हैं।

Exam Tip: Pay attention to pauses and dialogue delivery to place commas and double quotes correctly.

 

Question 1(b). नीचे दिए गए वाक्य में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए:
राजा बड़ी देर तक सोचता रहा फिर उसने मन ही मन कहा अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ मैं राजा हूँ मुझसे ज्यादा धनवान बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ
Answer: राजा बड़ी देर तक सोचता रहा। फिर उसने मन ही मन कहा, "अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है, तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ? मैं राजा हूँ। मुझसे ज्यादा धनवान, बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा! मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ।"
In simple words: राजा की मन की बात को दिखाने के लिए कोमा, पूर्णविराम और प्रश्नवाचक चिह्नों का प्रयोग किया गया है।

Exam Tip: Remember to use a question mark (?) at the end of interrogative statements like "क्यों नहीं बैठ सकता हूँ?".

 

Question 2. "तीसरी मूर्ती भी उड़ गई।" इस वाक्य के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
(क) इस वाक्य में संज्ञा शब्द कौन-सा है?
(ख) कौन-सा शब्द इस संज्ञा शब्द के गुण या विशेषता को बता रहा है?
Answer:
(क) इस वाक्य में 'मूर्ति' शब्द संज्ञा है।
(ख) 'तीसरी' शब्द इस संज्ञा शब्द की विशेषता (संख्यावाचक विशेषण) को दर्शा रहा है।
In simple words: 'मूर्ति' नाम है इसलिए वह संज्ञा है, और वह कौन-सी मूर्ति है बताने वाला शब्द 'तीसरी' उसका विशेषण है।

Exam Tip: Nouns (संज्ञा) represent names, while words describing nouns are adjectives (विशेषण).

 

Question 3. कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इनमें विशेषण शब्द पहचानकर उनके नीचे रेखा खींचिए —
(क) एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खले रहा था।
(ख) उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था।
(ग) इतनी छोटी उम्र में इतनी बुद्धि का होना आश्‍चर्य की बात है।
(घ) राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था।
(ङ) बात ही बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।
Answer:
(क) एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था।
(ख) उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था।
(ग) इतनी छोटी उम्र में इतनी बुद्धि का होना आश्चर्य की बात है।
(घ) राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था।
(ङ) बात ही बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।
In simple words: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं या उनकी संख्या/मात्रा दर्शाते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। यहाँ रेखांकित शब्द विशेषण हैं।

Exam Tip: Words indicating number (एक), quality (प्राचीन, ऐतिहासिक, सुंदर, लंबा-चौड़ा), or quantity (इतनी, अच्छी खासी) are all adjectives.

 

Question 4. आपमें कौन-कौन सी विशेषताएँ होनी चाहिए जिससे आप कहानी के सिंहासन पर बैठ सकें? लिखिए —
Answer:
• सच्चाई (सदा सत्य मार्ग पर चलना और झूठ से बचना)
• निर्भीकता (बिना किसी डर के सच का साथ देना)
• निष्पक्षता (सभी लोगों से एक जैसा व्यवहार करना)
• करुणा (दूसरों के प्रति दयाभाव रखना और कष्ट न पहुँचाना)
• मृदुता (अभिमान से दूर रहकर विनम्र बने रहना)
• विवेकशीलता (सही और गलत में अंतर करने की समझ होना)
In simple words: सिंहासन पर बैठने के लिए इंसान को सच्चा, निडर, निष्पक्ष, दयालु, विनम्र और बुद्धिमान होना चाहिए।

Exam Tip: Relate personal values to moral stories to construct well-rounded answers in character-building questions.

 

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पाठ से आगे

 

Question 1. कहानी में गाँव वाले न्याय करवाने या झगड़े सुलझाने बच्चों के पास जाया करते थे। आप अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए किन-किन के पास जाते हैं? आप उन्हीं के पास क्यों जाते हैं?
Answer: अपनी किसी भी उलझन या कठिनाई को दूर करने के लिए मैं सर्वप्रथम अपने माता-पिता के पास और उसके बाद अपनी कक्षा अध्यापिका के पास जाता हूँ। मैं ऐसा इसलिए करता हूँ क्योंकि वे मुझसे बहुत स्नेह करते हैं, मेरी हर परेशानी को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और हमेशा उचित मार्गदर्शन करते हैं। मुझे पूर्ण भरोसा है कि वे मेरी समस्या का सर्वोत्तम हल ढूँढ निकालेंगे।
In simple words: मैं अपनी परेशानी बताने अपने माता-पिता और टीचर के पास जाता हूँ क्योंकि वे मुझसे प्यार करते हैं और हमेशा सही सलाह देते हैं।

Exam Tip: Provide reasons based on trust, guidance, and love to explain why you approach certain guardians for help.

 

Question 2. क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी ने आपके साथ अन्याय किया हो? आपने उस स्थिति का सामना कैसे किया?
Answer: हाँ, एक बार विद्यालय में एक सहपाठी ने अकारण ही मेरी ज्यामिति पेटी (ज्योमेट्री बॉक्स) झपट ली और मुझे धक्का मार दिया। मैंने सर्वप्रथम उसे बड़ी नम्रता से ऐसा गलत व्यवहार न करने के लिए कहा। परंतु जब उसने मेरी बात अनसुनी कर दी, तो मैंने इसकी सूचना अपनी वर्ग शिक्षिका को दी। अध्यापिका ने उस छात्र को उसकी गलती का बोध कराया, जिसके बाद उसने मुझसे क्षमा याचना की। इस प्रकार मैंने हिंसा के बिना धैर्य से परिस्थिति को सुलझाया।
In simple words: एक बार एक लड़के ने स्कूल में मेरी चीजें छीन ली थीं। मैंने लड़ने के बजाय शांत रहकर टीचर को बताया और समस्या को शांतिपूर्वक सुलझा लिया।

Exam Tip: Emphasize non-violent conflict resolution and utilizing school or family authority figures in situational questions.

 

पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत

 

Question. पुस्तकालय में से "सिंहासन बत्तीसी" पुस्तक खोजकर पढ़िए और अपनी मनपसंद कहानी कक्षा में सुनाइए।
Answer: मेरी पसंदीदा कहानी "राजा और पिशाच" वाली है। इस कहानी में महाराजा विक्रमादित्य एक बेताल (पिशाच) को बंदी बनाने के लिए अमावस्या की गहन अंधकारमय रात्रि में श्मशान की ओर जाते हैं और एक शव को अपने कंधे पर उठाते हैं। रास्ते में पिशाच राजा को विचलित करने के उद्देश्य से कई रहस्यमयी कथाएँ सुनाता है और अंत में एक प्रश्न पूछता है। राजा विक्रमादित्य अपनी अपूर्व वीरता, धैर्य और विलक्षण बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए मौन रहकर या सही उत्तर देकर आगे बढ़ते जाते हैं। यह रोमांचक कथा राजा के साहस और अडिग संकल्प को दर्शाती है, जो मुझे बेहद प्रेरित करती है।
In simple words: मुझे विक्रम और बेताल की कहानी सबसे अच्छी लगती है क्योंकि इसमें राजा विक्रमादित्य की बहादुरी और सूझबूझ देखने को मिलती है।

Exam Tip: Choose stories with clear moral lessons or acts of bravery when preparing reading assignments.

 

Question. "सिंहासन बत्तीसी" की तरह भारत में अनेक पारंपरिक कहानियाँ प्रचलित हैं, जैसे – पंचतंत्र, हितोपदेश, जातक कथाएँ आदि। इन्हें भी पुस्तकालय से ढूँढ़कर पढ़िए और अपना अनुभव साझा कीजिए।
Answer: मैंने पुस्तकालय जाकर "सिंहासन बत्तीसी" तथा "पंचतंत्र" की प्रसिद्ध कथाएँ पढ़ीं। सिंहासन बत्तीसी में बताया गया है कि किस प्रकार राजा भोज को महाराज विक्रमादित्य का दिव्य सिंहासन प्राप्त हुआ। जब भी राजा उस पर आसीन होने का यत्न करते, उसकी बत्तीस पुतलियाँ सजीव हो उठतीं और उन्हें विक्रमादित्य की महानता की कथाएँ सुनाकर सचेत करती थीं। वहीं, पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षियों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी शिक्षाएं दी गई हैं, जैसे "एकता में अटूट शक्ति है" तथा "बिना विचारे कोई कार्य नहीं करना चाहिए"।
In simple words: पंचतंत्र और सिंहासन बत्तीसी जैसी प्राचीन कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ हमें जीवन जीने के अच्छे संस्कार और ज्ञान भी सिखाती हैं।

Exam Tip: Mention key characters or direct morals when writing short reviews of traditional books.

 

पता लगाकर कीजिए

 

Question. नीचे दी गई तालिकानुसार विभिन्न बैठने के साधनों का वर्णन कीजिए और अपनी भाषा में उनका नाम लिखिए:

वस्तुवर्णनआपकी भाषा में नाम
चटाईयह घास, बाँस या प्लास्टिक से बनी होती है। इसे भूमि पर बिछाकर बैठा जाता है।चटाई
दरीयह मोटे कपड़े या सूती धागों से बनी होती है। यह उत्सवों या सामाजिक कार्यक्रमों में उपयोग की जाती है।दरी
मूढ़ायह बाँस या सरकंडे की घास से बना गोल बैठने का आसन है।मूढ़ा
चारपाईयह लकड़ी और रस्सी से बनी बैठने और सोने की खाट है।चारपाई / खटिया
पीढ़ायह लकड़ी का बना एक छोटा, चौकोर या गोल बैठने का आसन है।पीढ़ा / पाटा
टाट पट्टीयह जूट या टाट से बनी एक लंबी पट्टी होती है जिस पर बैठक या सभा में बैठा जाता है।टाट पट्टी
In simple words: इस तालिका में घर-गाँव में बैठने के लिए काम आने वाली पारंपरिक वस्तुओं और उनके उपयोग के बारे में बताया गया है।

Exam Tip: Learn the local and standard names of traditional household items as they are frequently asked in vocabulary and descriptive questions.

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