NCERT Solutions Class 11 History Chapter 05 Changing Cultural Traditions (बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 11 History: Chapter 05 बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ

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Chapter-wise Solutions for History: Chapter 05 बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ

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Question 1: चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृति के किन तत्वों को पुनर्जीवित किया गया?

Answer:

चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दी में साधारण जनता के मन में यूनानी और रोमन संस्कृतियों के अध्ययन के प्रति अनेक जिज्ञासाएँ उत्पन्न हुईं। उस समय शिक्षा व वाणिज्य में काफी प्रगति हो चुकी थी और मानवतावाद के अध्ययन पर जोर दिया जाने लगा था। यूनानी तथा रोमन संस्कृति व सभ्यता से प्रभावित होकर मानव की ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट रचना माना गया तथा अनेक कलाकारों ने मानव से संबंधित विषयों पर अपनी रचनाएँ तथा चित्रकारिता की। कला तथा चित्रकला को पुनर्जीवित किया गया, प्राचीन लेखकों की रचनाओं का अध्ययन किया गया तथा दार्शनिक और तार्किक प्रवृत्ति से प्रभावित होकर वैज्ञानिकों ने आविष्कार किए। कई रूढ़ियों और अंधविश्वासों का यूनानी तथा रोमन तर्कवाद द्वारा उजागर किया गया, जिससे भौतिक जीवन की समस्याओं तथा उससे छुटकारा पाने के लिए अनेक विद्वानों ने नए सिद्धांत प्रतिपादित किए।

मुख्य बिंदु:

• चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दी में यूनानी और रोमन संस्कृतियों के अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ी।
• मानवतावाद के प्रभाव से मानव को ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट रचना माना गया।
• तर्कवाद और विज्ञान के विकास से रूढ़ियों तथा अंधविश्वासों को चुनौती दी गई।

आम गलतियाँ:

• केवल कला पुनरुद्धਾਰ तक सीमित रहना और वैचारिक परिवर्तन को न समझना।
• यूनानी और रोमन संस्कृति के वास्तविक प्रभावों को स्पष्ट न करना।
• मानवतावाद और तर्कवाद के बीच के अंतर को न समझ पाना।

Exam Tips:

a) इस प्रश्न के उत्तर में मानवतावाद और तर्कवाद के उदय का विशेष उल्लेख करें।
b) यूनानी-रोमन संस्कृति के पुनरुद्धार के कारणों को बिंदुओं के रूप में लिखें।
c) कला, साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में आए बदलावों को स्पष्ट करें।

 

Question 2: इस काल की इटली की वास्तुकला और इस्लामी वास्तुकला की विशेषताओं की तुलना कीजिए?

Answer:

इस काल की इटली की वास्तुकला और इस्लामी वास्तुकला दोनों में भिन्न विशेषताएँ थीं। इटली में रोम के अवशेषों के आधार पर एक नवीन वास्तुकला की शैली अपनाई गई जिसे क्लासिकी शैली कहा गया, जबकि इस्लामी कला में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं देखा गया। इस काल में इटली की वास्तुकला तथा इस्लामी वास्तुकला दोनों का प्रयोग नगरों को सजाने में किया गया। इटली की वास्तुकला के प्रारूप हमें गिरजाघरों, राजमहलों तथा किलों के रूप में दिखाई देते हैं, जबकि इस्लामी वास्तुकला की शैली को शास्त्रीय शैली कहा जाता था। शास्त्रीय वास्तुकारों ने इमारतों को चित्रों, मूर्तियों और विभिन्न प्रकार की आकृतियों से सुसज्जित किया, जबकि इस्लामी वास्तुकला ने इमारतों, भवनों तथा मस्जिदों की सजावट के लिए ज्यामितीय नक्शों व पत्थर में पच्चीकारी के काम का सहारा लिया। इसके अतिरिक्त, इटली की वास्तुकला की विशेषता के रूप में हमें भव्य गोलाकार गुंबद, भवनों की भीतरी सजावट, गोल मेहराबदार दरवाजे आदि दिखाई देते हैं, जबकि इस्लामी वास्तुकला इस काल में अपनी चरम सीमा पर थी।

मुख्य बिंदु:

• इटली की वास्तुकला में क्लासिकी शैली और रोमन अवशेषों का प्रभाव था।
• इस्लामी वास्तुकला में ज्यामितीय नक्शे और पच्चीकारी का अत्यधिक प्रयोग किया गया।
• इटली में गिरजाघर और राजमहल प्रमुख थे, जबकि इस्लाम में मस्जिद और भव्य मीनारें थीं।

आम गलतियाँ:

• दोनों संस्कृतियों की वास्तुकला के अंतर को ठीक से स्पष्ट न करना।
• इस्लामी वास्तुकला की ज्यामितीय विशेषताओं को भूल जाना।
• क्लासिकी शैली के उद्गम को गलत लिखना।

Exam Tips:

a) तुलनात्मक प्रश्नों में दोनों पक्षों की विशेषताएँ अलग-अलग बिंदुओं में लिखें।
b) गुंबद, मेहराब और सजावट की शैलियों का सटीक उल्लेख करें।
c) इटली और इस्लामी वास्तुकला के मुख्य अंतर को तालिका या स्पष्ट पैराग्राफ में दर्शाएँ।

 

Question 3: मानवतावादी विचारों का अनुभव सबसे पहले इतालवी शहरों में क्यों हुआ?

Answer:

मानवतावादी मानव मूल्यों तथा चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करने वाला अध्ययन, दर्शन या अभ्यास का एक दृष्टिकोण है। मानवतावादी विचारों का अनुभव सबसे पहले इतालवी शहरों में हुआ क्योंकि यहाँ सामंतवाद की समाप्ति तथा स्वतंत्र नगरों की स्थापना होने से मानवतावादी विचारधारा को विकसित होने के अनुकूल अवसर मिला। चौदहवीं शताब्दी में विद्वानों द्वारा प्लेटो तथा अरस्तू के सिद्धांतों तथा ग्रंथों के अनुवादों का अध्ययन किया गया। इसके अलावा मध्यकाल में कुस्तुदुनिया पर तुर्कों द्वारा आधिपत्य कायम कर लेने से अनेक विद्वानों तथा दार्शनिकों ने इटली में शरण ली तथा वे अपने साथ विपुल मात्रा में साहित्य ले गए। अरबवासियों की कृपाट से इतालवीवासियों को अनेक साहित्यिक रचनाओं के अनुवाद भी प्राप्त हुए। प्राकृतिक विज्ञान, औषधि, खगोल विज्ञान, गणित आदि विषयों की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट हुआ। इसके अतिरिक्त इटली के अनेक विश्वविद्यालयों में मानवतावादी विचारधारा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को ग्रहण किया, जिससे मानवतावादी विचारों का अनुभव सबसे पहले इतालवी शहरों को प्राप्त हुआ।

मुख्य बिंदु:

• सामंतवाद का पतन और स्वतंत्र नगरों का उदय इटली में सबसे पहले हुआ।
• कुस्तुदुनिया के पतन के बाद ग्रीक विद्वान अपने साथ प्राचीन ग्रंथ लेकर इटली आए।
• इटली के विश्वविद्यालयों में मानवतावादी शिक्षा और दर्शन को बढ़ावा मिला।

आम गलतियाँ:

• केवल भौगोलिक स्थिति को कारण बताना और सांस्कृतिक कारकों को छोड़ देना।
• कुस्तुदुनिया के शरणार्थी विद्वानों के योगदान का उल्लेख न करना।
• मानवतावादी विचार की परिभाषा को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) इटली के प्रारंभिक विकास के सभी कारणों (व्यापार, शिक्षा, शरणार्थी विद्वान) को क्रमबद्ध करें।
b) 'मानवतावाद' शब्द के अर्थ को संक्षिप्त रूप में उत्तर के आरंभ में अवश्य लिखें।
c) विश्वविद्यालयों और प्राचीन ग्रंथों की भूमिका पर विशेष बल दें।

 

Question 4: वेनिस और समकालीन फ्रांस में अच्छी सरकार के विचारों की तुलना कीजिए।

Answer:

इटली में तेरहवीं सदी में स्वतंत्र नगर राज्यों के समूह बन गए थे। इन महत्वपूर्ण नगरों में फ्लोरेंस तथा वेनिस भी थे तथा ये गणतंत्र राज्य थे। वेनिस नगर में धर्माधिकारी तथा सामंत वर्ग राजनीतिक दृष्टि से शक्तिशाली नहीं थे। नगर के धनी व्यापारी तथा महाजन नगर के शासन में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। लोगों में नागरिकता की भावना का विकास होने लगा था। नगर का संपूर्ण अधिकार एक ऐसी परिषद के हाथों में था जिसके सदस्य सभ्रांत वर्ग के तथा 35 वर्ष से अधिक आयु वाले थे। वेनिस में शासन की बागडोर नागरिकों के हाथों में थी। वेनिसवासियों में नागरिकता की भावना अधिक व्याप्त थी। दूसरी तरफ फ्रांस की शासन प्रणाली वेनिस के एकदम विपरीत थी। फ्रांस में नगर राज्यों का संचालन निरंकुश शासक वर्ग के हाथों में था। धर्मधिकारी तथा सामंत वर्ग की दृष्टि से अधिक शक्तिसंपन्न थे। वेनिस नगर में किसी प्रकार की क्रांति नहीं हुई किंतु फ्रांस के नगर राज्यों में अनेक क्रांतियों का जन्म हुआ तथा इसका प्रभाव वहाँ की सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक व्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ा। अतः यह कहा जा सकता है कि वेनिस एवं समकालीन फ्रांस की सरकारों में व्यापक स्तर पर भिन्नता थी।

मुख्य बिंदु:

• वेनिस एक गणतंत्र था जहाँ व्यापारियों और नागरिकों के हाथ में शासन था।
• फ्रांस में राजतंत्र और निरंकुश शासक वर्ग का प्रभाव था।
• वेनिस में स्थिरता थी जबकि फ्रांस में क्रांतियों और संघर्षों का दौर चला।

आम गलतियाँ:

• वेनिस और फ्रांस की शासन प्रणालियों को एक समान समझ लेना।
• फ्रांसीसी समाज और वेनिस के गणतांत्रिक स्वरूप में अंतर न स्पष्ट करना।
• नागरिकों की भूमिका के अंतर को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) दोनों की शासन प्रणालियों की तुलना करते समय 'गणतंत्र' बनाम 'राजतंत्र' मुख्य आधार रखें।
b) वेनिस की परिषद और नागरिकों के अधिकारों का वर्णन करें।
c) फ्रांस के निरंकुश शासन और क्रांतियों के प्रभाव को संक्षिप्त में दर्शाएँ।

 

Question 5: मानवतावादी विचारों के प्रमुख अभिलक्षण थे?

Answer:

मानवतावादी विचारों के प्रमुख अभिलक्षणों में मानव का अपना एक अलग विशेष महत्व है। मानवतावादी विचारधारा के तहत मानव जीवन के सुख तथा समृद्धि को प्रोत्साहन दिया जाता था। मानव जीवन को सुधारने तथा उसके भौतिक जीवन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर देना चाहिए, मानव का सम्मान करना चाहिए क्योंकि मानव ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट रचनाओं में से एक है। इसमें मानव के सभी पक्षों की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है इसलिए सभी विषयों- व्याकरण, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, कविता तथा नीति दर्शन के अध्ययन पर जोर दिया जाता है। मानवतावाद के माध्यम से यह तय हो गया कि मानव, धर्म तथा ईश्वर के लिए ही न होकर हमारे अपने लिए भी है। मानव के कल्याण के लिए सभी को आपस में वाद-विवाद तथा विचार- विमर्श करना चाहिए। डेला मिरेन्डोला के अनुसार ऐसा करना दिमाग को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। पंद्रहवीं शताब्दी में अनेक पुस्तकें मुद्रित हुईं जिनका मुख्य विषय मानव ही था।

मुख्य बिंदु:

• मानव को ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट रचना मानकर उसका सम्मान करना।
• भौतिक जीवन की समस्याओं के समाधान और सुख-समृद्धि पर जोर।
• व्याकरण, इतिहास, दर्शन जैसे विषयों के अध्ययन को बढ़ावा देना।

आम गलतियाँ:

• मानवतावाद को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़कर देखना।
• इसके शैक्षिक और तार्किक पक्षों को न लिखना।
• मानव कल्याण और विचार-विमर्श के महत्व को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) मानवतावाद के अभिलक्षणों को बिंदुओं में लिखकर स्पष्ट करें।
b) डेला मिरेन्डोला जैसे विचारकों के विचारों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करें।
c) शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलावों (विषयों के चयन) को अवश्य शामिल करें।

 

Question 6: सत्रहवीं शताब्दी के यूरोपीय को विश्व किस प्रकार भिन्न लगा? उसका एक सुनिश्तित विवरण दीजिए।

Answer:

सत्रहवीं शताब्दी यूरोप के प्रारंभिक आधुनिक काल में आता है। सत्रहवीं शताब्दी के यूरोपीय को विश्व निम्न प्रकार से भिन्न लगा: 17वीं शताब्दी में तथा विज्ञान में बड़े बदलाव हुए। यूरोपीय लोग गैलिलियो सहित वैज्ञानिक क्रांति के पहले वैज्ञानिकों के काम के कारण लघुगणक, बिजली, दुरबीन और माइक्रोस्कोप, कलन, सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण, न्यूटन के गति के नियम, वायुदाब और गणना मशीनों के बारे में जानते थे। यह सामान्य रूप से संस्कृति का विकास काल भी माना जाता था। यूरोप के अन्य देशों में नगरों की संख्या बढ़ रही थी। फ्लोरेंस, वेनिस तथा रोम जैसे नगर कला तथा विद्या के केंद्र बन गए थे। नगरों को राजाओं व चर्च से थोड़ी बहुत स्वायत्तता मिली थी। विज्ञान के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रगति हुई। इसके अलावा रोमन संस्कृति के पुरातात्विक और साहित्यिक पुनरुद्धार के द्वारा भी इस सभ्यता के प्रति बहुत अधिक प्रशंसा के भाव व्यक्त किए गए। कोपरनिकस, कैप्लर तथा गैलिलियो आदि वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया कि पृथ्वी एक बहुत बड़ा ग्रह है और यह 24 घंटे सूर्य के चारों ओर पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है। हार्वे ने रुधिर संचार सिद्धांत का प्रतिपादन किया। धनी तथा अभिजात वर्ग के लोग कलाकारों तथा लेखकों के आश्रयदाता थे। यूरोप में इतिहास की समझ विकसित होने लगी थी। लोग अपने आधुनिक विश्व की तुलना यूनान और रोम की प्राचीन दुनिया से करने लगे थे। अब एक विशेष प्रकार की नगरीय संस्कृति विकसित हो रही थी।

मुख्य बिंदु:

• विज्ञान के क्षेत्र में महान क्रांतियाँ और नए आविष्कार (न्यूटन, गैलिलियो, केप्लर)।
• सौर मंडल के बारे में पुरानी धारणाओं का बदलना (पृथ्वी की गति)।
• नगरों का विकास और कला, साहित्य व संस्कृति का पुनरुद्धार।

आम गलतियाँ:

• केवल एक या दो वैज्ञानिकों के नाम लिखकर उत्तर अधूरा छोड़ देना।
• नगरीय संस्कृति और सामाजिक बदलावों का जिक्र न करना।
• प्राचीन यूनान-रोम और आधुनिक यूरोप की तुलना के बिंदु को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) वैज्ञानिक आविष्कारों (गुरुत्वाकर्षण, गति के नियम, खगोल विज्ञान) को अलग बिंदुओं में लिखें।
b) कला, संस्कृति और नगरों के विकास को भी उत्तर का हिस्सा बनाएँ।
c) सत्रहवीं सदी के परिवर्तन को 'प्रारंभिक आधुनिक काल' के संदर्भ में समझाएँ।

 

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