NCERT Solutions Class 11 Geography Chapter 14 Biodiversity and Conservation (जैव विविधता एवं संरक्षण) in Hindi

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Question 1: (i) जैव-विविधता का संरक्षण निम्न में किसके लिए महत्वपूर्ण है?
(क) जंतु
(ख) पौधे
(ग) पौधे और प्राणी
(घ) सभी जीवधारी

Answer:

(घ) सभी जीवधारी
जैव-विविधता का संरक्षण पृथ्वी पर मौजूद सभी जीवधारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और जीवन के अस्तित्व के लिए सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।

मुख्य बिंदु:

• जैव-विविधता में पादप और जंतु दोनों शामिल हैं।
• संरक्षण से संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहता है।
• किसी एक प्रजाति का लुप्त होना पूरी खाद्य श्रृंखला को प्रभावित करता है।

आम गलतियाँ:

• केवल पौधों या केवल जंतुओं को महत्वपूर्ण मानना।
• प्रश्न के सभी विकल्पों को ध्यान से न पढ़ना।
• जैव-विविधता के व्यापक अर्थ को न समझना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी विकल्पों को पढ़कर सही उत्तर चुनें।
b) 'सभी जीवधारी' जैसे व्यापक विकल्पों पर विशेष ध्यान दें।
c) पर्यावरण अध्ययन से जुड़े मूल सिद्धांतों को स्पष्ट रखें।

 

Question 2: (ii) निम्नलिखित में से असुरक्षित प्रजातियाँ कौन सी हैं?
(क) जो दूसरों को असुरक्षा दें
(ख) बाघ व शेर
(ग) जिनकी संख्या अत्यधिक हो
(घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।

Answer:

(घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।
असुरक्षित (Vulnerable) प्रजातियाँ वे होती हैं जिनकी संख्या लगातार कम हो रही है और यदि उनके संरक्षण पर ध्यान न दिया जाए, तो उनके निकट भविष्य में लुप्त होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।

मुख्य बिंदु:

• असुरक्षित प्रजातियों की संख्या में लगातार गिरावट आती है।
• इनके आवास का नष्ट होना मुख्य खतरा है।
• इन्हें रेड डाटा बुक में श्रेणीबद्ध किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• असुरक्षित और विलुप्त प्रजातियों में भ्रमित होना।
• केवल खतरनाक दिखने वाले जानवरों को असुरक्षित मान लेना।
• आईयूसीएन (IUCN) की श्रेणियों को ठीक से न समझना।

Exam Tips:

a) प्रजातियों के वर्गीकरण (विलुप्त, संकटग्रस्त, असुरक्षित) की परिभाषाएँ याद रखें।
b) शब्दों के शाब्दिक अर्थ के बजाय भौगोलिक और पर्यावरणीय संदर्भ को समझें।
c) ऐसे प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में सीधे पूछे जाते हैं।

 

Question 3: (iii) नेशनल पार्क (National park) और पशुविहार (Sanctuaries) निम्न में से किस उद्देश्य के लिए बनाए गए हैं?
(क) मनोरंजन
(ख) पालतू जीवों के लिए
(ग) शिकार के लिए
(घ) संरक्षण के लिए

Answer:

(घ) संरक्षण के लिए
नेशनल पार्क और वन्यजीव अभयारण्य (पशुविहार) प्राकृतिक आवासों में वन्यजीवों और वनस्पतियों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के उद्देश्य से स्थापित किए जाते हैं ताकि जैव-विविधता बनी रहे।

मुख्य बिंदु:

• इनका मुख्य उद्देश्य वन्य जीवों और वनस्पतियों की रक्षा करना है।
• इनमें मानवीय गतिविधियों और शिकार पर प्रतिबंध होता है।
• यह प्राकृतिक आवास में संरक्षण (In-situ conservation) का उदाहरण हैं।

आम गलतियाँ:

• इन्हें केवल पर्यटन या मनोरंजन का केंद्र समझना।
• नेशनल पार्क और अभयारण्य के बीच का अंतर भूल जाना।
• संरक्षण शब्द के महत्व को कम आंकना।

Exam Tips:

a) संरक्षण के प्रकार (स्व-स्थान और बाह्य-स्थान) को अच्छे से तैयार करें।
b) राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से समझें।
c) यह प्रश्न अवधारणात्मक समझ के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 4: (iv) जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र हैं:
(क) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र
(ख) शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र
(ग) ध्रुवीय क्षेत्र
(घ) महासागरीय क्षेत्र

Answer:

(क) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वर्षभर अनुकूल जलवायु, प्रचुर मात्रा में सूर्य का प्रकाश और वर्षा मिलती है, जिसके कारण यहाँ पौधों और जंतुओं की अत्यधिक विविधता पाई जाती है।

मुख्य बिंदु:

• उष्णकटिबंधीय क्षेत्र भूमध्य रेखा के पास स्थित होते हैं।
• यहाँ जैव-विविधता ग्रह के अन्य भागों की तुलना में सबसे अधिक होती है।
• इसे पृथ्वी का 'हॉट स्पॉट' क्षेत्र भी कहा जाता है।

आम गलतियाँ:

• ध्रुवीय या शीतोष्ण क्षेत्रों को जैव विविधता से समृद्ध मान लेना।
• जलवायु और जैव-विविधता के संबंध को न समझ पाना।
• उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंध में अंतर न कर पाना।

Exam Tips:

a) अक्षांशीय प्रवणता (Latitudinal gradients) के नियमों को याद रखें।
b) मानचित्र पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की स्थिति स्पष्ट रखें।
c) यह भूगोल और जीव विज्ञान दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण प्रश्न है।

 

Question 5: (v) निम्न में से किस देश में पृथ्वी सम्मेलन हुआ था?
(क) यू.के. (U.K.)
(ख) ब्राजील
(ग) मैक्सिको
(घ) चीन

Answer:

(ख) ब्राजील
प्रसिद्ध पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) वर्ष 1992 में रियो डि जेनेरियो, ब्राजील में आयोजित किया गया था, जिसमें पर्यावरण और विकास पर ऐतिहासिक समझौते किए गए थे।

मुख्य बिंदु:

• यह सम्मेलन रियो डि जेनेरियो शहर में हुआ था।
• इसमें जैव विविधता पर समझौता (CBD) भी अपनाया गया था।
• इसे वैश्विक पर्यावरण सम्मेलनों में मील का पत्थर माना जाता है।

आम गलतियाँ:

• सम्मेलन के वर्ष या स्थान को किसी अन्य यूरोपीय देश से जोड़ देना।
• सम्मेलनों के नाम और उनके स्थानों में भ्रमित होना।
• रियो सम्मेलन के मुख्य उद्देश्यों को भूल जाना।

Exam Tips:

a) प्रमुख वैश्विक सम्मेलनों (क्योटो, रियो, पेरिस) के वर्ष और स्थान याद रखें।
b) रियो सम्मेलन को 'पृथ्वी सम्मेलन' के रूप में पहचानें।
c) इस प्रकार के सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्न परीक्षा में जरूर आते हैं।

 

Question 6: (i) जैव विविधता क्या है?

Answer:

जैव विविधता (Biodiversity) दो शब्दों 'बायो' (जीवन) और 'डाइवर्सिटी' (विविधता) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है- जीव तथा डायवर्सिटी की विविधता। साधारण शब्दों में किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की संख्या और उनकी विविधता को जैव विविधता कहते हैं। इसका संबंध पौधों, प्राणियों और सूक्ष्म जीवों तथा उनकी आनुवंशिकी और उनके द्वारा निर्मित पारितंत्र से है। यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवधारियों की एक ही प्रजाति या विभिन्न प्रजातियों में परिवर्तनशीलता तथा विभिन्न पारितंत्रों में विविधता से संबंधित है। जैव विविधता वह सजीव संपदा है जो विकास के लाखों वर्षों के इतिहास का परिणाम है।

मुख्य बिंदु:

• जैव विविधता जीवों की संख्या और उनकी विभिन्न प्रजातियों का कुल योग है।
• इसमें आनुवंशिक, प्रजाति और पारितंत्र विविधता शामिल होती है।
• यह लाखों वर्षों की विकास प्रक्रिया का परिणाम है।

आम गलतियाँ:

• जैव विविधता को केवल पेड़-पौधों या केवल जंतुओं तक सीमित समझना।
• आनुवंशिक और पारितंत्र के पहलुओं को छोड़ देना।
• परिभाषा को बहुत अधिक संक्षिप्त या अपूर्ण लिखना।

Exam Tips:

a) परिभाषा लिखते समय 'आनुवंशिक', 'प्रजाति' और 'पारितंत्र' तीनों स्तरों का उल्लेख अवश्य करें।
b) उत्तर को सटीक और वैज्ञानिक शब्दों में लिखें।
c) यह लघु उत्तरीय प्रश्नों के लिए एक आदर्श प्रश्न है।

 

Question 7: (ii) जैव विविधता के विभिन्न स्तर क्या हैं?

Answer:

जैव विविधता को मुख्य रूप से तीन स्तरों में विभक्त किया गया है। पहला, प्रजातीय जैव विविधता: यह प्रजातियों के आकार, शरीर क्रियात्मक तथा आनुवंशिक लक्षणों द्वारा प्रतिबिंबित होती है। दूसरा, आनुवंशिक जैव विविधता: आनुवंशिक जैव विविधता वह है जो प्रजाति के भीतर आनुवंशिक या अन्य परिवर्तनों से युक्त होती है। तीसरा, परितंत्रीय जैव विविधता: परितंत्रीय जैव विविधता जो विभिन्न जैव भौगोलिक क्षेत्रों, जैसे- झील, मरुस्थल, तटीय क्षेत्र, ज्वारनदमुख आदि द्वारा प्रतिबिंबित होती है। ये तीनों स्तर मिलकर पृथ्वी पर जीवन की संपूर्ण विविधता का निर्माण करते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।

मुख्य बिंदु:

• जैव विविधता के तीन प्रमुख स्तर: आनुवंशिक, प्रजातीय और परितंत्रीय हैं।
• आनुवंशिक विविधता एक ही प्रजाति के भीतर पाई जाती है।
• परितंत्रीय विविधता विभिन्न आवासों और पारिस्थितिकी तंत्रों से जुड़ी है।

आम गलतियाँ:

• तीनों स्तरों के नाम और उनके बीच का अंतर स्पष्ट न कर पाना।
• केवल प्रजातीय विविधता को ही सब कुछ मान लेना।
• उदाहरणों को गलत या अनुपयुक्त लिखना।

Exam Tips:

a) तीनों स्तरों की हेडिंग डालकर स्पष्ट रूप से वर्णन करें।
b) प्रत्येक स्तर के साथ एक छोटा उदाहरण भी दें।
c) आनुवंशिक और प्रजाति स्तर के अंतर को विशेष रूप से समझें।

 

Question 8: (iii) हॉट स्पॉट (hot spots) से आप क्या समझते हैं?

Answer:

जिन क्षेत्रों में प्रजातीय विविधता अधिक होती है, उन्हें विविधता के हॉट स्पॉट कहते हैं। ऐसे क्षेत्र जो अधिक संकट में हैं, उनमें संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ ने उसे जैव विविधता हॉट स्पॉट क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। हॉट स्पॉट उनकी वनस्पति के आधार पर परिभाषित किए गए हैं। पादप महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे ही किसी पारितंत्र की प्राथमिक उत्पादकता को निर्धारित करते हैं। ये क्षेत्र न केवल स्थानिक प्रजातियों का घर होते हैं, बल्कि मानवीय दबाव के कारण सबसे अधिक खतरे में भी रहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• हॉट स्पॉट वे क्षेत्र हैं जहाँ असाधारण रूप से उच्च प्रजातीय विविधता पाई जाती है।
• इन क्षेत्रों में स्थानिक प्रजातियाँ (Endemic species) अधिक होती हैं जो अन्यत्र नहीं मिलतीं।
• यह क्षेत्र अत्यधिक पर्यावरणीय खतरे और मानवीय दबाव का सामना करते हैं।

आम गलतियाँ:

• हॉट स्पॉट का संबंध केवल तापमान या गर्मी से जोड़ लेना।
• स्थानिक प्रजातियों की अवधारणा को स्पष्ट न करना।
• पौधों की प्राथमिक उत्पादकता की भूमिका को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) 'हॉट स्पॉट' शब्द की सही भौगोलिक परिभाषा और उसका आधार (वनस्पति) लिखें।
b) स्थानिक प्रजातियों (Endemic species) का उल्लेख करना न भूलें।
c) भारत के प्रमुख हॉट स्पॉट (जैसे पश्चिमी घाट, उत्तर-पूर्व) के नाम भी याद रखें।

 

Question 9: (iv) मानव जाति के लिए जंतुओं के महत्व का वर्णन संक्षेप में करें।

Answer:

जैव विविधता ने मानव जाति के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। जंतुओं द्वारा ही पर्यावरण संतुलित रहता है। जंतु मानव जाति के लिए बहुत उपयोगी हैं, जैसे: पेड़-पौधों से कई प्रकार की लकड़ियाँ, उद्योगों के लिए कच्चा माल तथा पर्यावरण के संतुलन में भी योगदान मिलता है। पेड़-पौधे भूमि के अपरदन को भी रोकते हैं। एक जंतु दूसरे जंतु के आहार के रूप में काम आता है। सभी मनुष्यों के लिए दैनिक जीवन में जैव विविधता एक महत्वपूर्ण साधन है। जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण भाग फसलों में भी विविधता है। जैव विविधता को संसाधनों के उन भंडारों के रूप में भी समझा जा सकता है, जिनकी उपयोगिता भोज्य पदार्थ, औषधि और सौंदर्य प्रसाधन आदि बनाने के लिए किया जाता है। खाद्य फसलें, पशु, मत्स्य, वन संसाधन और दवा संसाधन आदि कुछ प्रमुख अधिक महत्व के उत्पाद हैं जो मानव को जैव विविधता के फलस्वरूप प्राप्त होते हैं।

मुख्य बिंदु:

• जंतु और पादप पारिस्थितिक संतुलन और खाद्य श्रृंखला को बनाए रखते हैं।
• ये मनुष्य को भोजन, वस्त्र, औषधि और कच्चा माल प्रदान करते हैं।
• पर्यावरण संरक्षण और मृदा अपरदन रोकने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

आम गलतियाँ:

• जंतुओं के महत्व को केवल भोजन तक सीमित रखना।
• आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों पहलुओं का उल्लेख न करना।
• उत्तर को बहुत अधिक लंबा या बिखरा हुआ लिखना.

Exam Tips:

a) बिंदुओं के रूप में या स्पष्ट अनुच्छेदों में उत्तर लिखें।
b) पारिस्थितिक, आर्थिक और औषधीय महत्व को अलग-अलग दर्शाएँ।
c) यह सामान्य समझ और विश्लेषणात्मक प्रश्न है।

 

Question 10: (v) विदेशज प्रजातियों से आप क्या समझते हैं?

Answer:

वे प्रजातियाँ जो स्थानीय आवास की मूल जैव प्रजाति नहीं हैं, लेकिन उस तंत्र में स्थापित की गई हैं, विदेशज प्रजातियाँ (Exotic species) कहलाती हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब विदेशज प्रजातियों के आगमन से पारितंत्र में प्राकृतिक या मूल जैव समुदाय को व्यापक हानि हुई है। पिछले कुछ दशकों से, कुछ जंतुओं, जैसे- बाघ, चीता, हाथी, गैंडा, मगरमच्छ, मिंक और पक्षियों का शिकार उनके सींग व खालों के लिए किया जा रहा है। ये प्रजातियाँ अक्सर स्थानीय प्रजातियों के लिए खतरा बन जाती हैं क्योंकि प्राकृतिक नियंत्रण के अभाव में इनकी संख्या तेजी से बढ़ती है।

मुख्य बिंदु:

• विदेशज प्रजातियाँ बाहर से लाई गई प्रजातियाँ हैं जो स्थानीय पारितंत्र का हिस्सा नहीं होतीं।
• ये स्थानीय जीवों के लिए प्रतिस्पर्धा खड़ी करती हैं और उन्हें नुकसान पहुँचाती हैं।
• इनका स्थानीय पारितंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आम गलतियाँ:

• विदेशज और स्थानिक प्रजातियों के बीच अंतर न समझ पाना।
• केवल अवैध शिकार को विदेशज प्रजाति मान लेना (शिकार अलग मुद्दा है)।
• इनके दुष्प्रभावों को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) विदेशज प्रजातियों की सटीक परिभाषा दें और कुछ सामान्य उदाहरण दें।
b) यह स्पष्ट करें कि ये स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरनाक क्यों होती हैं।
c) शब्दावली (Exotic species) का सही प्रयोग करें।

 

Question 11: (i) प्रकृति को बनाए रखने में जैव विविधता की भूमिका का वर्णन करें।

Answer:

प्रकृति को बनाए रखने में जैव विविधता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पारितंत्र में विभिन्न प्रजातियाँ कोई न कोई क्रिया करती हैं। पारितंत्र में कोई भी प्रजाति बिना कारण न तो विकसित हो सकती है और न ही बनी रह सकती है अर्थात् जीव अपनी जरूरत पूरा करने के साथ-साथ दूसरे जीवों के पनपने में भी सहायक होते हैं। पारितंत्र जीव व प्रजातियाँ ऊर्जा ग्रहण कर उसका संग्रहण तथा संवहन करती हैं। कार्बनिक पदार्थ उत्पन्न एवं विघटित करते हैं और पारितंत्र में जल व पोषक तत्वों के चक्र को बनाए रखने में सहायक होती हैं। इसके अतिरिक्त प्रजातियाँ वायुमंडलीय गैस को स्थिर करती हैं और जलवायु को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं। ये पारितंत्रीय तालमेल मानव जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण हैं। पारितंत्र में जितनी अधिक विविधता होगी, प्रजातियों के अनुकूल स्थितियों में भी रहने की संभावना और उनकी क्षमता भी बढ़ जाएगी। अधिक आनुवंशिक विविधता वाली प्रजातियों की तरह अधिक जैव विविधता वाले पारितंत्र में जितनी प्रकार की प्रजातियाँ होंगी, वह पारितंत्र उतना ही अधिक स्थायी होगा।

मुख्य बिंदु:

• जैव विविधता पोषक तत्वों के चक्र और ऊर्जा प्रवाह को संचालित करती है।
• यह जलवायु नियंत्रण और वायुमंडलीय संतुलन बनाए रखती है।
• अधिक जैव विविधता वाला पारितंत्र अधिक स्थिर और लचीला होता है।

आम गलतियाँ:

• केवल जंतुओं के दृष्टिकोण से लिखना, वनस्पतियों और सूक्ष्मजीवों को छोड़ देना।
• पारितंत्र की स्थिरता और जैव विविधता के संबंध को न समझा पाना।
• उत्तर को बहुत संक्षिप्त लिख देना जबकि यह दीर्घ उत्तरीय प्रश्न है।

Exam Tips:

a) उत्तर को तार्किक बिंदुओं या उचित अनुच्छेदों में विभाजित करके लिखें।
b) 'पारितंत्र की स्थिरता' और 'ऊर्जा चक्र' जैसे मुख्य वैज्ञानिक शब्दों का प्रयोग करें।
c) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के रूप में संपूर्णता बनाए रखें।

 

Question 12: (ii) जैव विविधता के ह्रास के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारकों का वर्णन करें। इसे रोकने के उपाय भी बताएँ।

Answer:

जैव विविधता के ह्रास के निम्नलिखित कारण हैं: (क) कृषि भूमि को बढ़ाने के लिए वनों का तेजी से ह्रास किया जा रहा है। वन भूमि के ह्रास के कारण वन्य-जीवों के निवास स्थल का भी ह्रास होता जा रहा है। (ख) कई क्षेत्रों में मनुष्य ने जंगली जानवरों का अधिक शिकार किया है, जिससे इन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की संख्या काफी कम हो गई है। (ग) वर्तमान औद्योगिक युग में उद्योगों से निकलने वाला रसायनयुक्त जल जब जलशायों में मिल जाता है तो उन जलाशयों के जीव-जंतु या तो खत्म हो जाते हैं या उनका जीवन खतरे में रहता है। इसे रोकने के निम्नलिखित उपाय हैं: विश्व की बंजर भूमि में वनों को लगाना चाहिए। जहरीली गैसों से युक्त उद्योगों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए या जनसंख्या विहीन क्षेत्रों में उनकी स्थापना की जानी चाहिए। जैव विविधता के संरक्षण से संबंधित एक रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। जिसको अमल में लाने के सभी देशों को प्रयास करना चाहिए।

मुख्य बिंदु:

• वनोन्मूलन, अवैध शिकार और प्रदूषण जैव विविधता के मुख्य कारण हैं।
• प्राकृतिक आवासों के नष्ट होने से प्रजातियाँ विलुप्त हो रही हैं।
• वनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और सख्त कानून संरक्षण के उपाय हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल कारणों का वर्णन करना और उपायों को भूल जाना (या इसके विपरीत)।
• मानवीय हस्तक्षेप और औद्योगिक प्रभावों को ठीक से न समझाना।
• उत्तर अधूरा छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रश्न के दोनों भागों (कारण और उपाय) को स्पष्ट रूप से अलग-अलग हेडिंग या बुलेट पॉइंट्स में लिखें।
b) वर्तमान पर्यावरण समस्याओं (प्रदूषण, वनों की कटाई) से जोड़कर उत्तर लिखें।
c) यह परीक्षा की दृष्टि से एक अति महत्वपूर्ण प्रश्न है।

 

Question 13: जिस राज्य में आपका स्कूल हैं, वहाँ के नेशनल पार्क (National park), पशुविहार (Sanctuary) और जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) के नाम लिखें और उन्हें भारत के मानचित्र पर रेखांकित करें।

Answer:

आकृति का विवरण: इस परियोजना कार्य में भारत के मानचित्र पर देश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और जीवमंडल आरक्षित क्षेत्रों (जैसे कॉर्जिबेट, काजीरंगा, सुंदरबन, गिर आदि) की अवस्थिति को दर्शाया जाता है।
छात्र अपने-अपने राज्य के अनुसार इस प्रश्न का उत्तर देंगे। उदाहरण के लिए, यदि स्कूल दिल्ली या उत्तर प्रदेश में है, तो उत्तर प्रदेश का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा नेशनल पार्क' तथा वन्यजीव अभयारण्य और जीवमंडल क्षेत्रों के नाम लिखे जा सकते हैं और उन्हें भारत के मानचित्र पर चिह्नित किया जा सकता है। इसी प्रकार अन्य राज्यों के विद्यार्थी अपने स्थानीय संरक्षित क्षेत्रों के नाम लिखकर मानचित्र में दर्शाएंगे।

मुख्य बिंदु:

• यह एक प्रायोगिक (Project) और मानचित्र आधारित प्रश्न है।
• इसमें स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण पार्कों की जानकारी होनी चाहिए।
• मानचित्र में सही स्थान पर मार्किंग करना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• अपने राज्य के बजाय किसी अन्य राज्य के पार्क लिख देना।
• मानचित्र में स्थानों को गलत अक्षांश-देशांतर या गलत राज्य में दर्शा देना।
• केवल नाम लिखकर मानचित्र का प्रयोग न करना।

Exam Tips:

a) भारत के भौतिक और राजनीतिक मानचित्र पर प्रमुख नेशनल पार्कों का अभ्यास करें।
b) अपने राज्य के कम से कम एक राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य का नाम अवश्य याद रखें।
c) मानचित्र कार्य में संकेत सूची (Index) का प्रयोग करना न भूलें।

 

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