NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 04 Agriculture (कृषि) in Hindi

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Question 1: बहुविकल्पीय प्रश्न
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिसमें एक ही फसल लंबे-चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है?
(क) स्थानान्तरि कृषि
(ख) रोपण कृषि
(ग) बागवानी
(घ) गहन कृषि
(ii) इनमें से कौन-सी रबी फसल है?
(क) चावल
(খ) मोटे अनाज
(ग) चना
(घ) कपास
(iii) इनमें से कौन-सी एक फलीदार फसल है?
(क) दालें
(ख) मोटे अनाज
(ग) ज्वार
(घ) तिल

Answer:

(i) (ख) रोपण कृषि – रोपण कृषि एक प्रकार की वाणिज्यिक खेती है जिसमें एक ही प्रकार की फसल बहुत बड़े क्षेत्र पर उगाई जाती है।
(ii) (ग) चना – चना एक प्रमुख रबी फसल है जिसे शीत ऋतु में अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोया जाता है और ग्रीष्म ऋतु में काटा जाता है।
(iii) (क) दालें – दालें फलीदार (लेग्यूमिनस) फसलें होती हैं जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती हैं।

मुख्य बिंदु:

• रोपण कृषि में अत्यधिक पूंजी और श्रम का उपयोग किया जाता है।
• रबी की फसलें सर्दियों में उगाई जाती हैं और इन्हें कम तापमान की आवश्यकता होती है।
• फलीदार फसलें फसल चक्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा पुन: स्थापित करती हैं।

आम गलतियाँ:

• रोपण कृषि और बागवानी या गहन कृषि में अंतर न समझ पाना।
• रबी और खरीफ फसलों के मौसम में भ्रमित होना।
• फलीदार फसलों की पहचान गलत करना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देते समय सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।
b) विभिन्न प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, जायद) के उदाहरणों की सूची याद रखें।
c) कृषि के प्रकारों की परिभाषाओं को उनके मुख्य लक्षणों के साथ तैयार करें।

 

Question 2: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।
(i) एक पेय फसल का नाम बताएं तथा उसको उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दें।
(ii) भारत की एक खाद्य फसल का नाम बताएं और जहाँ यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का विवरण दें।
(iii) सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएँ।
(iv) दिन-प्रतिदिन कृषि के अंतर्गत भूमि कम हो रही है। क्या आप इसके परिणामों की कल्पना कर सकते हैं?

Answer:

(i) चाय एक महत्वपूर्ण पेय फसल है। इसके विकास के लिए उष्णकटिबंधीय या उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु, वर्षभर कोष्ण, पाला-रहित और गहरी, उपजाऊ, सुअपवाहित मिट्टी जिसमें प्रचुर मात्रा में ह्यूमस व कार्बनिक पदार्थ हों, की आवश्यकता होती है।
(ii) चावल भारत की एक प्रमुख खाद्य फसल है। यह देश के उत्तर और उत्तर-पूर्वी मैदानों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टा प्रदेशों में उगाई जाती है जहाँ अधिक वर्षा या सिंचाई के साधन उपलब्ध होते हैं।
(iii) किसानों के हित में सरकार द्वारा शुरू किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति, फसल बीमा योजना, कृषि ऋण पर सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना शामिल हैं।
(iv) कृषि भूमि कम होने से भविष्य में खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है, देश की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, किसानों की आय घटेगी और बढ़ती आबादी के लिए अनाज की मांग पूरी करना असंभव हो जाएगा जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

मुख्य बिंदु:

• चाय के लिए तापमान, वर्षा और मिट्टी की विशेष दशाओं की आवश्यकता होती है।
• चावल भारत के अधिकांश लोगों का मुख्य आहार है जो मानसूनी क्षेत्रों में उगता है।
• संस्थागत सुधार किसानों को आर्थिक सुरक्षा और आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद करते हैं।

आम गलतियाँ:

• पेय फसल के रूप में केवल चाय का नाम लिखकर उसकी भौगोलिक दशाओं का वर्णन न करना।
• संस्थागत और तकनीकी सुधारों में अंतर स्पष्ट न करना।
• कृषि भूमि घटने के दूरगामी परिणामों को केवल स्थानीय स्तर पर सोचना।

Exam Tips:

a) 30 शब्दों वाले लघु उत्तरीय प्रश्नों में मुख्य तथ्यों को सीधे और स्पष्ट रूप से लिखें।
b) भौगोलिक दशाओं (तापमान, वर्षा, मिट्टी) के पॉइंट्स बनाकर लिखने से अंक अच्छे मिलते हैं।
c) सरकारी योजनाओं के नाम (जैसे KCC, MSP) सटीक लिखें।

 

Question 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।
(i) कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के सरकार द्वारा किए गए उपाय सुझाइए।
(ii) भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी लिखें।
(iii) चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें।

Answer:

(i) सरकार ने कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। संस्थागत सुधारों के अंतर्गत जोदीदारी प्रणाली का उन्मूलन, चकबंदी और भू-सुधार को प्राथमिकता दी गई। 1960 और 1970 के दशक में कृषि सुधारों के तहत 'हरित क्रांति' तथा 'श्वेत क्रांति' (ऑपरेशन फ्लड) की शुरुआत की गई, जिससे बीज, उर्वरक और सिंचाई के आधुनिक साधनों का प्रसार हुआ। किसानों को कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण बैंकों, सहकारी समितियों और किसान क्रेडिट कार्ड की स्थापना की गई। इसके अलावा, किसानों को मौसम की जानकारी देने के लिए विशेष कृषि बुलेटिन और 'कृषि दर्शन' जैसे कार्यक्रम दूरदर्शन पर प्रसारित किए गए। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करके किसानों को फसल के उचित दाम की गारंटी देती है।
(ii) वैश्वीकरण का भारतीय कृषि पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़े हैं। औपनिवेशिक काल से ही भारतीय मसाले और कपास वैश्विक बाजारों में निर्यात होते रहे हैं। 1990 के उदारीकरण के बाद भारतीय कृषि को वैश्विक बाजार में विकसित देशों की भारी सब्सिडी वाली कृषि से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। यद्यपि इससे मसालों, फलों और फूलों के निर्यात में वृद्धि हुई है और किसानों ने जैविक खेती की ओर रुख किया है, तथापि छोटे किसानों के लिए यह बाजार अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
(iii) चावल भारत की एक खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान (25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर), उच्च आर्द्रता तथा 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में इसे नहरों के पानी और नलकूपों से सिंचाई करके उगाया जाता है। चावल की खेती के लिए चिकनी दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है क्योंकि यह पानी को रोके रखती है। उत्तर और उत्तर-पूर्वी मैदानों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टा प्रदेशों में जहाँ जलभराव की स्थिति आसानी से बन जाती है, चावल की बंपर पैदावार होती है।

मुख्य बिंदु:

• हरित क्रांति और श्वेत क्रांति ने भारत को खाद्यान्न और दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया।
• वैश्वीकरण ने कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाया है लेकिन छोटे किसानों के लिए चुनौतियाँ भी बढ़ाई हैं।
• चावल मुख्य रूप से अधिक वर्षा और उच्च तापमान वाले मानसूनी क्षेत्रों की फसल है।

आम गलतियाँ:

• 120 शब्दों वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में केवल एक या दो बिंदु लिखकर छोड़ देना।
• वैश्वीकरण के केवल सकारात्मक या केवल नकारात्मक पक्षों का ही उल्लेख करना, दोनों पक्षों को न लिखना।
• चावल के लिए आवश्यक वर्षा और तापमान के सही आँकड़े न लिखना।

Exam Tips:

a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तरों को पैराग्राफ या शीर्षकों (headings) के अंतर्गत व्यवस्थित रूप से लिखें।
b) हरित क्रांति, श्वेत क्रांति और वैश्वीकरण जैसे प्रमुख शब्दों का सही और प्रासंगिक उपयोग करें।
c) भौगोलिक दशाओं वाले प्रश्नों में तापमान, वर्षा और मिट्टी का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

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