NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi

NCERT Solutions for Class 10 Social Science: Chapter 03 जल संसाधन

Review structured textbook solutions for Class 10 Social Science Chapter 03 जल संसाधन. Built according to NCERT guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Practice Class 10 Social Science Solutions: Chapter 03 जल संसाधन

Access the complete solution PDF for Class 10 Social Science below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

Question 1: बहुविकल्पीय प्रश्न
(i) नीचे गई सूचना के आधार पर स्थितियों को 'जल की कमी से प्रभावित' या 'जल की कमी से अप्रभावित' में वर्गीकृत कीजिए।
(क) अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र
(ख) अधिक वर्षा और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र
(ग) अधिक वर्षा वाले परन्तु अत्यधिक प्रदूषित जल क्षेत्र
(घ) कम वर्षा और कम जनसंख्या वाले क्षेत्र
(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं के पक्ष में दिया गया तर्क नहीं है?
(क) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ उन क्षेत्रों में जल लाती हैं जहाँ जल की कमी होती है।
(ख) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ जल बहाव को नियंत्रित करके बाढ़ पर काबू पाती हैं।
(ग) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से बृहत् स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका की समस्या उत्पन्न होती है।
(घ) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ हमारे उद्योग और घरों के लिए विद्युत पैदा करती हैं।
(iii) यहाँ कुछ गलत वक्तव्य दिए गए हैं। इसमें गलती पहचानें और दोबारा लिखें।
(क) शहरों की बढ़ती संख्या, उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन-शैली ने जल संसाधनों के सही उपयोग में मदद की है।
(ख) नदियों पर बांध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव प्रभावित नहीं होता है।
(ग) गुजरात में साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर भी किसान नहीं भड़के।
(घ) आज राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध पेयजल के बावजूद छत वर्षा जल संग्रहण लोकप्रिय हो रहा है।

Answer:

(i) (क) जल की कमी से अप्रभावित, (ख) जल की कमी से प्रभावित, (ग) जल की कमी से प्रभावित, (घ) जल की कमी से अप्रभावित।
(ii) (ग) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से बृहत् स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका की समस्या उत्पन्न होती है। (यह कथन परियोजनाओं के विपक्ष में है, पक्ष में नहीं।)
(iii) (क) शहरों की बढ़ती संख्या, उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन-शैली से जल संसाधनों का अतिशोषण हो रहा है और इनकी कमी होती जा रही है।
(ख) नदियों पर बांध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव अवरुद्ध हो जाता है।
(ग) गुजरात में साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर परेशान किसान उपद्रव करने पर उतारू हो जाते हैं।
(घ) आज राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध पेयजल के बावजूद वर्षाजल संग्रहण की रीति लोकप्रिय होती जा रही है।

मुख्य बिंदु:

• जल की उपलब्धता केवल वर्षा पर नहीं, बल्कि जनसंख्या घनत्व और जल के प्रबंधन पर भी निर्भर करती है।
• बहुउद्देशीय परियोजनाएँ बाढ़ नियंत्रण और बिजली उत्पादन के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं जैसे विस्थापन का कारण भी बनती हैं।
• शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या के कारण जल संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है।

आम गलतियाँ:

• कथन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को आपस में मिला देना।
• गलत वक्तव्यों को बिना समझे ज्यों का त्यों छोड़ देना।
• जल की कमी और जल प्रदूषण के अंतर को न समझ पाना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करते समय प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें।
b) 'पक्ष' और 'विपक्ष' वाले तर्कों में अंतर स्पष्ट रूप से समझें।
c) गलत वक्तव्यों को सुधारते समय नकारात्मक शब्दों (जैसे 'नहीं', 'अवरुद्ध', 'अतिशोषण') का सही प्रयोग करें।

 

Question 2: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।
(i) व्याख्या करें कि जल किस प्रकार नवीकरणीय योग्य संसाधन है?
(ii) जल दुर्लभता क्या है और इसके मुख्य कारण क्या है?
(iii) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से होने वाले लाभ और हानियों की तुलना करें।

Answer:

(i) जल एक नवीकरणीय योग्य संसाधन है क्योंकि जल चक्र के माध्यम से इसकी पुनःपूर्ति लगातार होती रहती है। पृथ्वी पर जल महासागरों, वायुमंडल और भूमि के बीच लगातार घूमता रहता है, जिससे इसका कभी अंत नहीं होता।
(ii) जल की कमी को 'जल दुर्लभता' कहते हैं। इसके मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, जल का अत्यधिक उपयोग, असमान वितरण, अत्यधिक दोहन और घरेलू तथा औद्योगिक कचरे से जल का प्रदूषण होना है।
(iii) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से सिंचाई, विद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, लेकिन इनसे बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन होता है, वनों का विनाश होता है, जलीय जीव प्रभावित होते हैं और नदियाँ तलछट जमा होने से खंडित हो जाती हैं।

मुख्य बिंदु:

• जल चक्र के कारण जल प्राकृतिक रूप से नवीकृत होता रहता है।
• जल दुर्लभता का मुख्य कारण बढ़ती हुई माँग और प्रदूषण है।
• बहुउद्देशीय परियोजनाएँ विकास के साथ-साथ पर्यावरण और समाज के लिए समस्याएँ भी पैदा करती हैं।

आम गलतियाँ:

• नवीकरणीय संसाधन की परिभाषा में जल चक्र का उल्लेख न करना।
• जल दुर्लभता के केवल प्राकृतिक कारणों को लिखना, मानवीय कारणों को छोड़ देना।
• लाभ और हानि लिखते समय केवल एक पक्ष पर ध्यान केंद्रित करना।

Exam Tips:

a) लघु उत्तरीय प्रश्नों में उत्तर को 30-40 शब्दों के भीतर सटीक रखें।
b) 'जल चक्र' और 'अतिशोषण' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
c) लाभ और हानि की तुलना करते समय बिंदुओं या स्पष्ट अंतर के रूप में लिखें।

 

Question 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।
(i) राजस्थान के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण किस प्रकार किया जाता है? व्याख्या कीजिए।
(ii) परंपरागत वर्षा जल संग्रहण की पद्धतियों को आधुनिक काल में अपना कर जल संरक्षण और भंडारण किस प्रकार किया जा रहा है?

Answer:

(i) राजस्थान के अर्ध-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों (जैसे बीकानेर, फलोदी और बाड़मेर) में लगभग हर घर में पीने के पानी के भंडारण के लिए भूमिगत टैंक या 'टांका' बनाने की पारंपरिक प्रथा रही है। ये टांके बड़े कमरों जितने बड़े हो सकते हैं और मुख्य घर या आँगन के नीचे बनाए जाते हैं। ये घरों की ढलवान छतों से पाइप के द्वारा जुड़े होते हैं। जब छत पर बारिश होती है, तो पानी पाइप के जरिए इन underground (भूमिगत) टैंकों में एकत्र कर लिया जाता है। पहली बारिश के पानी का उपयोग छत और पाइपों को साफ करने के लिए किया जाता है, जबकि बाद की बारिश का पानी संग्रहित किया जाता है। यह पानी ग्रीष्म ऋतु तक पीने के पानी का एक अत्यंत विश्वसनीय और शुद्ध स्रोत बना रहता है, क्योंकि यह भूमिगत होने के कारण ठंडा भी रहता है और वाष्पीकरण से भी बचा रहता है।
(ii) आधुनिक काल में भी पारंपरिक जल संग्रहण प्रणालियों को नए स्वरूप में अपनाकर जल संरक्षण किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, कर्नाटक के मैसूर जिले में स्थित थंगूर गाँव के लगभग 200 घरों ने अपनी छतों पर 'छत वर्षा जल संग्रहण' (Rooftop Rainwater Harvesting) की पद्धति को अपनाया है, जिससे उनका पूरा गाँव जल के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है। इसी प्रकार, तमिलनाडु सरकार ने पूरे राज्य में सभी मकानों के लिए छत वर्षा जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण अनिवार्य कर दिया है और ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के लिए कड़ी सजा व जुर्माने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, मेघालय में आज भी बांस की ड्रिप सिंचाई प्रणाली का आधुनिक रूपों में उपयोग किया जाता है। इस प्रकार, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का तालमेल जल संकट से निपटने में बहुत मददगार साबित हो रहा है।

मुख्य बिंदु:

• राजस्थान में भूमिगत 'टांका' प्रणाली पेयजल संग्रहण का मुख्य पारंपरिक साधन है।
• वर्षा जल संग्रहण से ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की गंभीर समस्या से राहत मिलती है।
• आधुनिक समय में थंगूर गाँव (कर्नाटक) और तमिलनाडु का उदाहरण जल संरक्षण की सफलता को दर्शाता है।

आम गलतियाँ:

• टांके की बनावट और उसकी उपयोगिता को स्पष्ट रूप से न समझा पाना।
• आधुनिक काल के उदाहरणों (जैसे तमिलनाडु का नियम या कर्नाटक का गाँव) को भूल जाना।
• उत्तर को बहुत लंबा या अप्रासंगिक विवरण से भर देना।

Exam Tips:

a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में भूमिका, मुख्य विवरण (टांका/संरचना) और निष्कर्ष अवश्य लिखें।
b) उदाहरणों (जैसे थंगूर गाँव या तमिलनाडु) का उल्लेख करने से परीक्षा में अंक अच्छे मिलते हैं।
c) भौगोलिक शब्दों जैसे 'अर्ध-शुष्क क्षेत्र', 'भूमिगत टैंक' और 'छत वर्षा जल संग्रहण' का सही उपयोग करें।

 

Step-by-Step Textbook Answers: Class 10 Social Science Chapter 03 जल संसाधन

Textbook Solutions for Class 10 Social Science Chapter 03 जल संसाधन

Access structured NCERT textbook solutions for Chapter 03 जल संसाधन. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 10 Social Science, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 10 Social Science module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for NCERT exams.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 10 Social Science.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Social Science are as per latest NCERT curriculum.

Are the Social Science NCERT solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Social Science. You can access NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science NCERT solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 10 Social Science Geography Chapter 03 Water Resources (जल संसाधन) in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.