ICSE Class 9 Hindi Sample Paper with Solutions Set 04

Official ICSE Practice Papers for Class 9 Hindi

Review targeted exam resources with the ICSE Class 9 Hindi Sample Paper with Solutions Set 04. Built according to official ICSE standards for the 2026-27 academic year, these downloadable Class 9 Hindi sample papers support effective revision and performance tracking.

Solved Model Papers for Hindi

Access the complete sample paper PDF for Class 9 Hindi below. Regular practice with these targeted mock exams builds familiarity with expected question patterns and chapter weightage to help secure higher marks.

SECTION - A (40 Marks)

Attempt all questions

 

1. Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics : [15]
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :
1. भारत की बढ़ती जनसंख्या देश की प्रगति में बाधक बनती जा रही है इस विषय पर प्रस्ताव लिखिए।
2. पहले वृद्धावस्था में वृद्धों को आश्रम में रखने की संकल्पना विदेशों में देखी जाती थी परंतु आज भारत में भी यह आम बात हो गई है इस पर अपने विचार प्रकट कीजिए。
3. मानव जीवन में समय के महत्त्व को स्पष्ट करते हुए प्रस्ताव लेखन कीजिए।
4. एक कहानी लिखिए जिसका आधार निम्नलिखित उक्ति हो : 'ईमानदारी का फल हमेशा ही सुखद होता है।'
5. नीचे दिये गये चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर वर्णन कीजिए अथवा कहानी लिखिए, जिसका सीधा व स्पष्ट संबंध चित्र से होना चाहिए।

[Figure: Outline of a flooded area where houses, household items, and vehicles are submerged in water with people struggling to save their lives.]

Answer: (Model answer for Topic 1 - भारत की बढ़ती जनसंख्या देश की प्रगति में बाधक बनती जा रही है)
बढ़ती हुई जनसंख्या हमारे देश में एक विकराल रूप लेती जा रही है। किसी भी देश की जनसंख्या यदि उस देश के संसाधनों की तुलना में अधिक हो जाती है तो वह देश पर अनचाहा बोझ बन जाती है। जनसंख्या बढ़ने से जीवन की प्राथमिक आवश्यकताएँ - भोजन, वस्त्र और मकान भी पूरे नहीं पड़ते।
बढ़ती हुई जनसंख्या किस तरह से प्राकृतिक संसाधनों को निगलती जा रही है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है बढ़ती हुई मँगाई। बढ़ती जनता को रोजगार देने के लिए, जंगलों को खत्म करने के बाद बढ़ता औद्यागिक अब हमारे गाँव में पैर पसार रहा है! फलस्वरूप कारखाने अब गाँव की शुद्ध जलवायु में जहर घोल रही है वहाँ की उपजाऊ जमीन पर बसी फैक्ट्री अब गेहूं के दाने नहीं तों काँच की गोलियाँ पैदा कर रही है! आबादी बढ़ने से स्थिति और भी अधिक भयावह हो जाएगी, तब जलापूर्ति, आवास, परिवहन, गंदे पानी का निकासी, बेरोजगारी का अतिरिक्त भार, मँगाई, बिजली जैसी आधारभूत संरचना पर अत्यधिक दबाव पड़ता नजर आयेगा।
सरकार को चाहिए कि वह कुछ गंभीर और सख्त नियम बनाए। जिससे जनसंख्या नियंत्रित की जा सके। आज जनसंख्या के मामले में राष्ट्र को सही शिक्षा देने की सबसे ज्यादा जरूरत है क्योंकि शिक्षा, राष्ट्र की सबसे सस्ती सुरक्षा मानी जाती रही है। जन जागरण अभियान, पुरुष नसबंदी, गर्भ निरोधक गोलियाँ, देर से विवाह जनसंख्या को रोकने के उपाय हैं।

Teacher's Note:
a) Short compositions in ICSE Hindi exams should be well structured with an introductory paragraph, a well-argued body, and a concluding thought, keeping within the 250-word limit.
b) Students must ensure correct grammar, proper punctuation, and avoid spelling mistakes to score full marks.

 

2. Write a letter in Hindi in approximately 120 Words on any one of the topics given below : [7]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए :
1. आर्थिक सहायता पाने हेतु विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखें।
2. रुपये मँगवाने के लिए पिताजी को पत्र लिखिए।

Answer: (Model answer for Topic 1)
प्रधानाचार्य महोदय
लोकमान्य विद्या निकेतन
इन्दौर
दिनाँक - 15 अप्रैल 2014
मान्यवर महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा आठवीं 'ब' की छात्रा हूँ। गत वर्ष से मेरे पिताजी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उनका कामकाज ठप्प हो गया है तथा परिवार में आमदनी का कोई अन्य साधन न होने के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है। मेरी माताजी एक अशासकीय विद्यालय में शिक्षिका है पर उनके अल्प वेतन से परिवार का गुजारा हो पाना असंभव है।
मान्यवर, मैं पिछले तीन वर्षों से अपनी कक्षा में सर्वोच्च अंक लेकर उत्तीर्ण होती रही हूँ। आपसे अनुरोध है कि मुझे विद्यालय की ओर से आर्थिक सहायता या छात्रवृत्ति प्रदान करें जिससे मैं आगामी कक्षाओं की पढ़ाई जारी रख सकूँ।
आपकी इस कृपा एवं सहयोग के लिए मैं आजीवन आपकी आभारी रहूँगी।
सधन्यवाद
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या
रीता रानी

Teacher's Note:
a) Formal letters must strictly follow the standard format, including sender and receiver details, proper salutation, subject line, and formal subscription.
b) Pay close attention to paragraph breaks and polite phrasing while requesting financial aid from school authorities.

 

3. Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible : [10]
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिए :
पर्यटन का अर्थ है - भ्रमण या घूमना। भारत के भिन्न-भिन्न प्रांतों की संस्कृति और सभ्यता भिन्न है। अपने देश को ठीक से समझने के लिए हमारे लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों का पर्यटन आवश्यक है। विश्व की संस्कृति को समझने के लिए भी देशाटन प्रमुख साधन है। हम जितना अधिक घूमते हैं, उतना ही अधिक हमारा ज्ञान बढ़ता है, उतना ही अनुभव भी बढ़ता है। देश और विदेश में लोग कैसे रहते हैं? कभी कहीं नहीं जाने वाला व्यक्ति कुएँ के मेंढक के समान होता है। जिस प्रकार मेंढक यह समझता है कि कुएँ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक ही संसार है, इसके बाहर कुछ नहीं, उसी प्रकार कहीं बाहर न जाने वाले व्यक्ति की भी विचार धाराएँ संकीर्ण हो जाती हैं, उसका ज्ञान और अनुभव भी सीमित हो जाता है।
1. पर्यटन का क्या अर्थ है?
2. भारत के भिन्न-भिन्न प्रांतों में क्या भिन्नता देखने मिलती है?
3. घूमने से क्या होता है?
4. कभी कहीं नहीं जाने वाला व्यक्ति कैसा होता है और क्या समझता है?
5. उपयुक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।

Answer:
1. पर्यटन का अर्थ है - भ्रमण या घूमना।
2. भारत के भिन्न-भिन्न प्रांतों की संस्कृति और सभ्यता भिन्न है।
3. घूमने से हमारा ज्ञान बढ़ता है, उतना ही अनुभव भी बढ़ता है।
4. कभी कहीं नहीं जाने वाला व्यक्ति कुएँ के मेंढक के समान होता है और वह यह समझता है कि कुएँ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक ही संसार है, इसके बाहर कुछ नहीं है।
5. पर्यटन ज्ञान का स्रोत

Teacher's Note:
a) Answers to comprehension passages must be derived strictly from the given text and written in simple, clear Hindi.
b) Ensure that the title captures the core theme of the passage accurately.

 

4. Answer the following according to the instructions given:
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए :
1. निम्नलिखित शब्दों से विशेषण बनाइए : [1]
- व्यवहार -
- विज्ञान -
2. निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए : [1]
- दुःखों -
- प्रतीक -
3. निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों के विपरीतार्थक शब्द लिखिए : [1]
- रक्षक -
- मूक -
- राग -
- धूप -
4. भाववाचक संज्ञा बनाइए : [1]
- दास -
- वकील -
5. निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक की सहायता से वाक्य बनाइए : [1]
- विष उगलना -
- रंग में भंग पड़ना -
6. कोष्ठक में दिए गए निर्देशानुसार वाक्यों में परिवर्तन कीजिए :
(a) धूम्रपान के कारण वह कैंसर का रोगी हो गया। ('रोग' शब्द का प्रयोग करें।) [1]
(b) पुस्तक पर लेखक ने हस्ताक्षर किए हैं। (रेखांकित शब्द का लिंग बदलकर लिखें) [1]
(c) कृषक खेत में बीज बो रहा है। (भूतकाल में बदलिए) [1]

Answer:
1. व्यवहार - व्यावहारिक, विज्ञान - वैज्ञानिक
2. दुःखों - कष्ट, पीड़ित, अवसाद (कोई दो)
प्रतीक - चिह्न, संकेत, निशान (कोई दो)
3. रक्षक - भक्षक, मूक - वाचाल, राग - विराग, धूप - छाँँव (किन्हीं दो के उत्तर)
4. दास - दासता, वकील - वकालत
5. विष उगलना - आजकल विपक्ष के नेताओं का काम केवल सरकार के खिलाफ विष उगलना ही रह गया है।
6. (a) धूम्रपान के कारण उसे कैंसर का रोग हो गया।
(b) पुस्तक पर लेखिका ने हस्ताक्षर किए हैं।
(c) कृषक ने खेत में बीज बोए।

Teacher's Note:
a) Grammar questions test foundational knowledge of suffixes, antonyms, synonyms, and transformations; precision is crucial.
b) Check gender changes and tense conversions thoroughly to avoid silly mistakes.

 

SECTION - B (40 Marks)

Attempt four questions from this section. You must answer at least one question from each of two books you have studied and any two other questions.

साहित्य सागर - गद्य

 

Q.5 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
पहले तो रसीला छिपाता रहा। फिर रमजान ने कहा, "कोई बात नहीं है, तो खाओ सौगंध।"
पाठ - बात अठन्नी की
लेखक - सुदर्शन
1. उपर्युक्त वाक्य के वक्ता तथा श्रोता का परिचय दें। [2]
2. वक्ता श्रोता को सौगंध खाने के लिए क्यों कहता है? [2]
3. श्रोता की उदासी का कारण क्या था? [3]
4. वक्ता ने श्रोता की परेशानी का क्या हल सुझाया? [3]

Answer:
1. उपर्युक्त वाक्य का वक्ता जिला मजिस्ट्रेट शेख सलीमूद्दीन का चौकीदार मियाँ रमजान हैं और वक्ता उनके पड़ोसी इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर रसीला है। दोनों बड़े ही अच्छे मित्र थे।
2. एक दिन रमजान ने रसीला को बहुत ही उदास देखा। रमजान ने अपने मित्र रसीला की उदासी का कारण जानना चाहा परंतु रसीला उससे छुपाता रहा तब रमजान ने उसकी उदासी का कारण जानने के लिए उसे सौगंध खाने के लिए कहा।
3. श्रोता रसीला का परिवार गाँव में रहता था। उसके परिवार में बूढ़े पिता, पत्नी और तीन बच्चे थे। इन सबका भार उसी के कंधों पर था और रसीला को मासिक तनख्वाह मात्र दस रुपए मिलती थी पूरे पैसे भेजने के बाद भी घर का गुजारा नहीं हो पाता था उसपर गाँव से ख़त आया था कि बच्चे बीमार हैं पैसे भेजो। रसीला के पास गाँव भेजने के लिए पैसे नहीं थे और यही उसकी उदासी का कारण था।
4. वक्ता ने श्रोता की परेशानी का यह हल सुझाया कि वह सालों से अपने मालिक के यहाँ काम कर रहा है तो वह अपने मालिक से कुछ रुपए पेशगी के क्यों नहीं माँग लेता?

Teacher's Note:
a) Character identification and context from the story "Baat Athanni Ki" should be precise.
b) Mention all relevant details regarding Raseela's financial distress and family background.

 

Q.6 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
हालदार साहब भावुक हैं। इतनी सी बात पर उनकी आँखें भर आईं।
पाठ - नेताजी का चश्मा
लेखक - स्वयंप्रकाश
1. हालदार साहब ने अपने ड्राईवर को चौराहे पर रुकने के लिए मना क्यों किया? [2]
2. हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे? [2]
3. मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है? [3]
4. हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे? [3]

Answer:
1. करीब दो सालों तक हालदार साहब उस कस्बे से गुजरते रहे और नेताजी की मूर्ति में बदलते चश्मे को देखते रहे फिर एक बार ऐसा हुआ कि नेताजी के चेहरे पर कोई चश्मा नहीं था। पता लगाने पर हालदार साहब को पता चला कि मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला कैप्टन मर गया और अब ऐसा उस कस्बे में कोई नहीं था जो नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाता इसलिए हालदार साहब ने अपने ड्राईवर को चौराहे पर न रुकने का निर्देश दिया।
2. कैप्टन की मृत्यु के बाद हालदार साहब को लगा कि क्योंकि कैप्टन के समान अब ऐसा कोई अन्य देश प्रेमी बचा न था जो नेताजी के चश्मे के बारे में में सोचता। हालदार साहब स्वयं देशभक्त थे और नेताजी जैसे देशभक्त के लिए उसके मन में सम्मान की भावना थी। यही सब सोचकर हालदार साहब पहले मायूस हो गए थे।
3. मूर्ति पर लगे सरकंडे का चश्मा इस बात का प्रतीक है कि आज भी देश की आने वाली पीढ़ी के मन में देशभक्तों के लिए सम्मान की भावना है। भले ही उनके पास साधन न हो परंतु फिर भी सच्चे हृदय से बना वह सरकंडे का चश्मा भी भावनात्मक दृष्टि से मूल्यवान है। अतः उम्मीद है कि बच्चे गरीबी और साधनों के बिना भी देश के लिए कार्य करते रहेंगे।
4. उचित साधन न होते हुए भी किसी बच्चे ने अपनी क्षमता के अनुसार नेताजी को सरकंडे का चश्मा पहनाया। यह बात उनके मन में आशा जगाती है कि आज भी देश में देश-भक्ति जीवित है भले ही बड़े लोगों के मन में देशभक्ति का अभाव हो परंतु वही देशभक्ति सरकंडे के चश्मे के माध्यम से एक बच्चे के मन में देखकर हालदार साहब भावुक हो गए।

Teacher's Note:
a) Connect the emotional state of Haldar Sahab with the ideals of patriotism in the story "Netaji ka Chashma".
b) Highlight how the children keeping patriotism alive deeply moves the protagonist.

 

Q.7 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
यह देख सेठ का दिल भर आया - "बेचारे को कई दिन से खाना नहीं मिला दिखता, तभी तो यह हालत हो गई है।"
पाठ - महायज्ञ का पुरस्कार
लेखक- यशपाल
1. सेठ जी ने अपना यज्ञ बेचने का निर्णय क्यों लिया? [2]
2. यज्ञ बेचने के लिए सेठ जी कहाँ गए? [2]
3. सेठ जी ने कहाँ विश्राम और भोजन करने की सोची? [3]
4. सेठ जी ने अपना सारा भोजन कुत्ते को क्यों खिला दिया? [3]

Answer:
1. सेठ जी को जब पैसों की बहुत तंगी होने लगी और सेठानी ने उन्हें यज्ञ बेचने का सुझाव दिया। सेठानी की यज्ञ बेचने की बात पर पहले सेठ बड़े दुखी हुए परंतु बाद में तंगी का विचार त्यागकर सेठ अपना एक यज्ञ बेचने के लिए तैयार हो गए।
2. कुंदनपुर नाम का एक नगर था, जिसमें एक बहुत सेठ रहते थे। लोग उन्हें धन्ना सेठ कहते थे। धन की उनके पास कोई कमी न थी। विपद्ग्रस्त सेठ ने उन्हीं के हाथ एक यज्ञ बेचने का का विचार किया। इस तरह सेठ जी ने कुंदनपुर के धन्ना सेठ के पास अपना यज्ञ बेचने गए।
3. सेठ जी बड़े तड़के उठे और कुंदनपुर की ओर चल दिए। गर्मी के दिन थे सेठ जी सोचा कि सूरज निकलने से पूर्व जितना ज्यादा रास्ता पार कर लेंगें उतना ही अच्छा होगा परंतु आधा रास्ता पार करते ही थकान ने उन्हें घेरा। सामने वृक्षों का कुंज और कुआँ देखा तो सेठ जी ने थोड़ा देर रुककर विश्राम और भोजन करने का निश्चय किया।
4. सामने वृक्षों का कुंज और कुआँ देखा तो सेठ जी ने थोड़ा देर रुककर विश्राम और भोजन करने का निश्चय किया। पोटली से लोटा-डोर निकालकर पानी खींचा और हाथ-पाँव धोए। उसके बाद एक लोटा पानी ले पेड़ के नीचे आ बैठे और खाने के लिए रोटी निकालकर तोड़ने ही वाले थे कि क्या देखते हैं एक कुत्ता हाथ भर की दूरी पर पड़ा छटपटा रहा था। भूख के कारण वह इतना दुबल हो गया कि अपनी गर्दन भी नहीं उठा पा रहा था। यह देख सेठ का दिल भर आया और उन्होंने अपना सारा भोजन धीरे-धीरे कुत्ते को खिला दिया।

Teacher's Note:
a) Emphasize the core moral values of selflessness and true charity portrayed in "Mahayagya ka Puraskar".
b) Ensure accurate narrative flow from the text regarding the Seth's journey and compassion.

 

साहित्य सागर - पद्य

 

Q.8 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागू पाँय्।
बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोबिंद दियो बताय॥
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।
प्रेम गली अति साँكري, तामे दो न समाहि॥
कविता - साखी
कवि - कबीर
1. कबीर के गुरु के प्रति दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए। [2]
2. कबीर के अनुसार कौन परमात्मा से मिलने का रास्ता दिखाता है? [2]
3. 'जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।' - का भावार्थ स्पष्ट कीजिए। [3]
4. यहाँ पर 'मैं' और 'हरि' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? [3]

Answer:
1. कबीरदास ने गुरु का स्थान ईश्वर से श्रेष्ठ माना है। कबीर कहते है जब गुरु और गोविंद (भगवान) दोनों एक साथ खडे हो तो गुरु के श्रीचरणों मे शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रुपी प्रसाद से गोविंद का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु ज्ञान प्रदान करते हैं, सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, मोह-माया से मुक्त कराते हैं।
2. कबीर के अनुसार गुरु परमात्मा से मिलने का रास्ता दिखाता है।
3. इस पंक्ति द्वारा कबीर का कहते हैं कि जब तक यह मानता था कि 'मैं हूँ', तब तक मेरे सामने हरि नहीं थे। और अब हरि आ प्रगटे, तो मैं नहीं रहा। अँधेरा और उजाला एक साथ, एक ही समय, कैसे रह सकते हैं? जब तक मनुष्य में अज्ञान रुपी अंधकार छाया है वह ईश्वर को नहीं पा सकता अर्थात् अहंकार और ईश्वर का साथ-साथ रहना नामुमकिन है। यह भावना दूर होते ही वह ईश्वर को पा लेता है।
4. यहाँ पर 'मैं' और 'हरि' शब्द का प्रयोग क्रमशः अहंकार और परमात्मा के लिए किया है।

Teacher's Note:
a) Explain the philosophical significance of Kabir's couplets regarding ego ('main') and the divine ('Hari').
b) Highlight the elevated status of the Guru over God in Kabir's teachings.

 

Q.9 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।
ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,
नीचे चरण तले झुक, नित सिंधु झूमता है।
गंगा यमुना त्रिवेणी नदियाँ लहर रही हैं,
जगमग छटा निराली पग-पग छहर रही है।
वह पुण्य भूमि मेरी, वह स्वर्ण भूमि मेरी।
कविता - वह जन्मभूमि मेरी
कवि - सोहनलाल द्विवेदी
1. कवि किस भूमि की बात कर रहा है? [2]
2. कवि ने हिमालय के बारे में क्या कहा है? [2]
3. त्रिवेणी नदियों के नाम लिखिए। [3]
4. शब्दार्थ लिखिए : मातृभूमि, सिंधु, नित, पुण्य भूमि, आकाश, छटा [3]

Answer:
1. कवि अपनी जन्मभूमि भारतमाता की बात कर रहा है।
2. कवि कहते हैं कि हिमालय इतना ऊँचे है मानो आसमान को चूम रहा है। वह हमारे भारत की रक्षा करता है।
3. गंगा, यमुना और सरस्वती त्रिवेणी नदियाँ हैं।
4. मातृभूमि - जन्म भूमि
सिंधु - समुद्र
नित - प्रतिदिन
पुण्य भूमि - पवित्र भूमि
आकाश - गगन
छटा - शोभा

Teacher's Note:
a) Appreciate the patriotic tone of Sohanlal Dwivedi's poem praising India's geographical and cultural heritage.
b) Word meanings must be accurate and directly correspond to classical Hindi vocabulary.

 

Q.10 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
भूख से सूख ओंठ जब जाते
दाता-भाग्य विधाता से क्या पाते?
घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते।
चाट रहे जूठी पत्तल वे सभी सड़क पर खड़ हुए,
और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए!
कविता - भिक्षुक
कवि - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
1. भिक्षुक के आँसुओं के घूँट पी जाने का क्या कारण है? [2]
2. भूख मिटाने की विवशता उनसे क्या करवाती है? [2]
3. 'और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए' - पंक्ति का आशय स्पष्ट करें। [3]
4. शब्दार्थ लिखिए - ओंठ, सड़क, कुत्ते, झपट, आँसू, विधाता [3]

Answer:
1. भिक्षुक भूख के मारे व्याकुल है, साथ में उसके बच्चे भी हैं। भिक्षुक शरीर से भी दुर्बल है भीख में जब उसे कुछ नहीं मिलता तब वह आँसुओं के घूँट पी जाता है।
2. भिक्षुक को जब कुछ नहीं मिलता तो वे जूठी पत्तलें चाटने के लिए विवश हो जाते हैं। जूठी पत्तलों में जो कुछ थोड़ा बहुत अन्न बचा था वे उसकी को खाकर अपनी भूख शांत करने का प्रयास करते हैं।
3. उपर्युक्त पंक्ति का आशय भूख की विवशता से है। भिक्षुक जब सड़क पर खड़े होकर जूठी पत्तलों को चाटकर अपनी भूख को मिटाने का प्रयास कर रहे थे तब सड़क के कुत्ते भी उन्हीं पत्तलों को पाने के लिए भिक्षुक पर झपट पड़े थे।
4. ओंठ - ओष्ठ
सड़क - मार्ग
कुत्ते - श्वान
झपट - छिनना
आँसू - अश्रु
विधाता - ईश्वर

Teacher's Note:
a) Explain the pathetic and harsh reality of poverty depicted by Nirala in "Bhikshuk".
b) Pay attention to exact word meanings and metaphorical implications.

 

एकांकी संचय

 

Q.11 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
जिन बातों का हम प्राण देकर भी विरोध करने को तैयार रहते हैं। एक समय आता है, जब चाहे किसी कारण से भी हो, हम उन्हीं बातों को चुपचाप स्वीकार कर लेते हैं।
एकांकी - संस्कार भावना
लेखक - विष्णु प्रभाकर
1. अविनाश का अपने परिवार वालों से किस बात पर विरोध था? [2]
2. माँ की मनोवृत्ति बदलने में अतुल और उमा ने क्या भूमिका निभाई? [2]
3. अतुल का चरित्र-चित्रण कीजिए। [3]
4. एकांकी का सारांश लिखिए। [3]

Answer:
1. अविनाश ने एक विजातीय (बंगाली) कन्या से विवाह किया था। किसी ने इस विवाह का समर्थन नहीं किया। अविनाश की माँ ने इसका सबसे ज्यादा विरोध किया और उसको घर से निकाल दिया।
2. अविनाश की माँ ने इसका सबसे ज्यादा विरोध किया और उसको घर से निकाल दिया। माँ की इस रूढ़िवादी मनोवृत्ति को बदलने में अतुल और उमा ने भरपूर प्रयास किया। उन दोनों ने अविनाश की पत्नी के गुणों तथा विचारों से माँ को अवगत करवाया अतुल ने ही अपनी माँ को अविनाश की बहू को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अतुल के द्वारा ही माँ को पता चलता है कि किस प्रकार उनकी बहू ने अपने प्राणों की پرवाह न करके अविनाश की जान बचाई और अब बहू स्वयं बीमार है। इसलिए जब माँ को अविनाश की पत्नी की बीमारी की सूचना मिलती है तो उसका हृदय मातृत्व की भावना से भर उठता है। उसे इस बात का आभास है कि यदि बहू को कुछ हो गया तो अविनाश नहीं बचेगा। इस प्रकार अतुल और उमा के सम्मलित प्रयास से माँ अपनी बहू को अपना लेती है।
3. अतुल एकांकी का प्रमुख पुरुष पात्र है। वह माँ का छोटा पुत्र है। वह प्राचीन संस्कारों को मानते हुए आधुनिकता में यकीन रखने वाला एक प्रगतिशील नवयुवक है। वह माँ का आज्ञाकारी पुत्र होते हुए भी माँ की गलत बातों का विरोध भी करता है। वह अपनी माँ से अपने बड़े भाई को विजातीय स्त्री से विवाह करने पर न अपनाने का भी विरोध करता है। अतुल संयुक्त परिवार में विश्वास रखता है। उसमें भ्रातृत्व की भावना है। वह अपने बड़े भाई का सम्मान करता है。
4. विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित "संस्कार और भावना" एकांकी में भारतीय हिंदू परिवार के पुराने संस्कारों से जकड़ी हुई रूढ़िदिता तथा आधुनिक परिवेश में पले बड़े बच्चों के बीच संघर्ष की चेतना को चित्रित किया गया है।
अविनाश ने एक विजातीय (बंगाली) कन्या से विवाह किया था। किसी ने इस विवाह का समर्थन नहीं किया। अविनाश की माँ ने इसका सबसे ज्यादा विरोध किया और उसको घर से निकाल दिया। माँ अपने छोटे बेटे अतुल और उसकी पत्नी उमा के साथ रहती है पर बड़े बेटे से अलग रहना उसके मन को कष्ट पहुँचाता है।
एक बार जब माँ को पता चला कि अविनाश को प्राणघातक हैजे की बीमारी हुई थी और बहू ने अपने पति अविनाश को प्राण देकर बचा लिया। अब वह खुद बीमार है परंतु अविनाश में उसे बचाने की ताकत नहीं है। जब माँ को अविनाश की पत्नी की बीमारी की सूचना मिलती है तब उसका हृदय मातृत्व की भावना से भर उठता है। उसे इस बात का आभास है कि यदि बहू को कुछ हो गया तो अविनाश नहीं बचेगा। तब पुत्र-प्रेम की मानवीय भावना का प्रबल प्रवाह रूढ़िग्रस्त प्राचीन संस्कारों के जर्जर होते बाँध को तोड़ देता है। माँ अपने बेटे और बहू को अपनाने का निश्चय करती है।

Teacher's Note:
a) Discuss the conflict between traditional orthodoxy and progressive human values in "Sanskar aur Bhavna".
b) Describe Atul's role as a bridge of reconciliation within the family.

 

Q.12 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'तुम कभी रात में अकेले नहीं जाओगे। चारों तरफ़ जहरीले सर्प घूम रहे हैं। किसी समय भी तुम्हें डस सकते हैं।'
एकांकी - दीपदान
लेखक - डॉ. रामकुमार वर्मा
1. वक्ता कौन है? उसका परिचय दीजिए। [2]
2. श्रोता कौन है? उसका वक्ता से क्या संबंध है? [2]
3. वक्ता के उपर्युक्त कथन कहने के पीछे क्या कारण था? [3]
4. वक्ता श्रोता की सुरक्षा के प्रति चिंतित क्यों रहती थी? [3]

Answer:
1. वक्ता पन्ना धाय है। वह स्वर्गीय महाराणा साँगा की स्वाभिमक्त सेविका है। वह कर्तव्यनिष्ठ तथा आदर्श भारतीय नारी है। वह हमेशा कुँवर की सुरक्षा का ध्यान रखती है।
2. श्रोता स्वर्गीय महाराणा साँगा का सबसे छोटा पुत्र है। उसकी माँ की मृत्यु के पश्चात से पन्ना धाय जोकि महाराज की सेविका थी उसने उसे माँ की तरह पाला।
3. महाराणा साँगा की मृत्यु के बाद उनका पुत्र राज सिंहासन का उत्तराधिकारी था परंतु उनकी आयु मात्र 14 वर्ष होने के कारण महाराणा साँगा के भाई पृथ्वीराज के दासी पुत्र बनवीर को राज्य की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे वह राज्य हथपने की योजना बनाने लगा। इस वजह से कुँवर उदय सिंह की जान को खतरा बढ़ जाने से पन्ना धाय ने उपर्युक्त कथन कहा।
4. वक्ता पन्ना धाय एक देशभक्त राजपूतनी थी तथा अपने राजा के उत्तराधिकारी की रक्षा करना वह परम कर्तव्य समझती थी। महाराणा साँगा की मृत्यु के बाद उनका पुत्र राज सिंहासन का उत्तराधिकारी था परंतु उनकी आयु मात्र 14 वर्ष होने के कारण महाराणा साँगा के भाई पृथ्वीराज के दासी पुत्र बनवीर को राज्य की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे वह राज्य हथपने की योजना बनाने लगा। इसलिए पन्ना धाय कुँवर उदय सिंह की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थी।

Teacher's Note:
a) Highlight Panna Dhay's supreme sacrifice and unwavering loyalty in "Deepdan".
b) Clearly explain the political instability and Banvir's threat to Uday Singh.

 

Q.13 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
कह नहीं सकता संजय किसके पापों का परिणाम है, किसकी भूल थी जिसका भीषण विष फल हमें मिला। ओह! क्या पुत्र-मोह अपराध है, पाप है? क्या मैंने कभी भी...कभी भी...
एकांकी - महाभारत की एक साँझ
लेखक - भारत भूषण अग्रवाल
1. उपर्युक्त अवतरण के वक्ता कौन हैं? उनका परिचय दें। [2]
2. यहाँ पर श्रोता कौन है? वह वक्ता को क्या सलाह देता है और क्यों? [2]
3. यहाँ पर भीषण विष फल किस ओर संकेत करता है स्पष्ट कीजिए। [3]
4. पुत्र-मोह से क्या तात्पर्य है? [3]

Answer:
1. उपर्युक्त अवतरण के वक्ता धृतराष्ट्र हैं। धृतराष्ट्र जन्म से ही नेत्रहीन थे। वे कौरवों के पिता हैं। दुर्योधन उनका ज्येष्ठ पुत्र हैं। इस समय वे अपने मंत्री संजय के सामने अपनी व्यथा को प्रकट कर रहे हैं।
2. यहाँ पर श्रोता धृतराष्ट्र का मंत्री है। उन्हें दिव्य दृष्टि प्राप्त थी। अपनी दिव्य दृष्टि की सहायता से वे धृतराष्ट्र को महाभारत के युद्ध का वर्णन बताते रहते हैं। इस समय वे धृतराष्ट्र को शांत रहने की सलाह देते हैं। संजय के अनुसार जो हो चुका है उस पर शोक करना व्यर्थ है।
3. यहाँ पर धृतराष्ट्र के अति पुत्र-मोह से उपजे महाभारत के युद्ध की ओर संकेत किया गया है। पुत्र-स्नेह के कारण दुर्योधन की हर अनुचित माँगों और हरकतों को धृतराष्ट्र ने उचित माना। धृतराष्ट्र ने पुत्र-मोह में बड़ों की सलाह, राजनैतिक कर्तव्य आदि सबको नकारते हुए अपने पुत्र को सबसे अहम् स्थान दिया और जिसकी परिणति महाभारत के भीषण युद्ध में हुई।
4. पुत्र-मोह से यहाँ तात्पर्य अंधे प्रेम से है। धृतराष्ट्र अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन से अंधा प्रेम करते थे इसलिए वे उसकी जायज नाजायज सभी माँगों को पूरा करते थे। इसी कारणवश दुर्योधन बचपन से दंभी और अहंकारी होता गया।

Teacher's Note:
a) Analyze Dhartrashtra's tragic flaw of blind parental love ('putra-moh') leading to the destruction of the Kauravas.
b) Contrast Sanjaya's pragmatic view with Dhartrashtra's remorse.

 

नया रास्ता (सुषमा अग्रवाल)

 

Q.14 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
मीनू के मुख से अपनी प्रशंसा सुनकर नीलिमा दिल-दिल-में प्रसन्न हो उठी। परंतु उसे मीनू के दिल में छिपी पीड़ा का आभास था।
1. प्रस्तुत अवतरण में नीलिमा और मीनू कौन हैं उनका परिचय दें। [2]
2. मीनू प्रसन्न क्यों थी? [2]
3. कुछ सोचकर मीनू उदास क्यों हो गई? [3]
4. किसे किसकी पीड़ा का अहसास था? [3]

Answer:
1. प्रस्तुत अवतरण में नीलिमा और मीनू दो सहेलियाँ हैं।
2. मीनू प्रसन्न इसलिए थी क्योंकि बहुत कोशिशों के बाद मेरठ में रहने वाले लड़के को उसका फोटो पसंद आ गया था।
3. मीनू पहले यह सोचकर प्रसन्न थी की उसकी फोटो को लड़के वालों ने पसंद कर लिया है लेकिन उसे कुछ पुरानी बातें याद आ जाती इससे पहले कई लड़कों ने उसे सांवली बनकर उसका रिश्ता ठुकराया है और यही सब सोचकर वह उदास हो जाती है।
4. नीलिमा को अपनी सहेली मीनू की पीड़ा का अहसास था। नीलिमा यह जानती थी कि उसकी मित्र अपने रंग को लेकर हीन भावना से ग्रसित है। इसलिए जब वह अपनी फोटो पसंद आ जाने की खबर सुनाती है तो बड़ी प्रसन्न रहती है परंतु कुछ ही क्षण में उसकी खुशी उन पुराने ठुकराए रिश्तों को याद कर काफ़ूर भी हो जाती है। और यही बात से नीलिमा बड़ी अच्छी तरह से वाकिफ थी।

Teacher's Note:
a) Highlight the themes of self-doubt and societal bias regarding skin color in the novel "Naya Rasta".
b) Emphasize the deep bond of empathy between Nilima and Meenu.

 

Q.15 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
पत्र लिखने के बाद पिताजी को लगा की शायद उनसे कोई घोर अपराध हो गया है, उनकी मन:स्थिति विकल हो गई।
1. घर लौटने पर मायाराम का इंतजार कौन कर रहा था?वे मायाराम के पास क्यों आए थे? [2]
2. व्यवहार के बारे में माँ की क्या राय थी? [2]
3. मीनू का रिश्ता ठुकराने के लिए क्या योजना बनाई गई? [3]
4. किसकी मन:स्थिति विकल और क्यों हो गई? [3]

Answer:
1. घर लौटने पर माया राम का इंतजार उनके ही शहर के एक धनी व्यक्ति कर रहे थे। उनकी बेटी सरिता विवाह योग्य हो गई थी अतः वे मायाराम के पास अपनी बेटी सरिता का रिश्ता लेकर आए थे।
2. अमित ने जब अपनी माँ से यह जानना चाहा कि क्या बड़े घर की बेटी उनके घर के वातावरण में मीनू की तरह घुल-मिल पाएँगी तो माँ ने जवाब दिया कि हम किसी के व्यवहार के बारे में तब तक कुछ नहीं बता सकते जब तक हम उनके साथ नहीं रहते। फिर चाहे लड़की छोटे घर की हो या बड़े घर की।
3. घर वाले अमित के लिए आए धनी सरिता का रिश्ता ठुकराना नहीं चाहते थे परंतु उनके सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि मीनू का रिश्ता किस प्रकार ठुकराया जाय। तभी माताजी को एक युक्ति सूची कि मीनू का रिश्ता यह कहकर ठुकराया जाय कि मीनू की अपेक्षा उन्हें उनकी छोटी बेटी आशा पसंद है। यदि वे शादी करना चाहते ही हैं तो आशा के साथ अमित की शादी करवा दें। अब यह तो सबको पता है कि बड़ी बेटी के होते कोई अपनी छोटी बेटी का विवाह पहले नहीं करेगा और अतः बिना ना कहे भी यह रिश्ता न होगा।
4. अमित के पिता की मन:स्थिति विकल हो गई क्योंकि वे भी स्वयं एक बेटी के पिता थे और यह समझते थे कि बेटी का रिश्ता ठुकराया जाना क्या होता है। इसलिए मीनू के पिता को पत्र रिश्ता ठुकराने का पत्र भेजने के बाद उनकी मन:स्थिति विकल हो गई।

Teacher's Note:
a) Explain the moral dilemmas faced by characters regarding marriage proposals in "Naya Rasta".
b) Illustrate the sensitive handling of family pressures by the characters.

 

Q.16 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
माँ ने उसे सीने से लगाकर आशीर्वाद दिया, “बेटी, एक देदीप्यमान नक्षत्र बनकर तुम जग को प्रकाशमय कर दो। जीवन की सारी खुशियाँ तुम्हारे पास हों, तुम अपने उद्देश्य प्राप्ति में सफल हो, यही ईश्वर से मेरी प्रार्थना है।”
1. मीनू के मन में किस प्रकार के भाव उभरते रहते थे? [2]
2. मीनू को वकालत करने की आज्ञा किस तरह मिली? [2]
3. किस कल्पना से मीनू सिहर उठती थी? [3]
4. होस्टल पहुँचने के बाद शुरू में मीनू को कैसा लगा? [3]

Answer:
1. मीनू अपनी जीवन की परिस्थितियों से विवश होकर कई बार वह हीन भावना से ग्रसित हो जाती थी उसे ऐसा आभास होने लगता था कि उसका जीवन व्यर्थ है जल्द की वह अपनी भावनाओं पर काबू भी पा लेती थी कि उस जैसी होनहार युवती के लिए इस तरह की भावना उचित नहीं है।
2. बचपन से मीनू की इच्छा वकील बनने की थी परंतु मीनू के माता-पिता उसे होस्टल नहीं भेजना चाहते थे। पर मीनू की वकील बनने के प्रति लगन ने उन्हें आज्ञा देने के लिए मजबूर कर दिया।
3. मीनू पहली बार अपने माता-पिता से अलग हो रही थी अभी तक हमेशा अपने भाई-बहन के साथ मिलकर पढ़ाई करते हुए बड़ी हुई थी अचानक उन सबसे दूर हो जाने की कल्पना से ही मीनू सिहर उठती थी।
4. होस्टल में पहुँचने के बाद कई दिनों तक मीनू का दिल बिल्कुल भी नहीं लगा। उसे कुछ नया और अजीब सा प्रतीत होता रहता था। सुरु में वहाँ उसकी अधिक सहेली भी नहीं बन पाई थी। वह अपना अधिकतर समय पुस्तकों के साथ ही बिताती थी।

Teacher's Note:
a) Discuss Meenu's journey towards higher education and independence overcoming initial insecurities.
b) Emphasize her emotional attachment to her family and initial struggles in the hostel.

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