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SECTION - A (40 Marks)
Attempt all questions
Q.1 Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics : [15]
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :
1. ऐसा क्यों कहा जाता है कि श्रम ही जीवन है। श्रम की महत्ता बताते हुए परिश्रम पर अपने विचार प्रकट करें।
2. विद्यालय में प्रत्येक वर्ष वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाता है अपने ऐसे ही किसी वार्षिकोत्सव का वर्णन कीजिए।
3. जीव जंतु मानव की ज़िन्दगी का एक अविभाज्य अंग है इस आधार बताइए कि किस प्रकार जीव-जंतु किस प्रकार से मानव के लिए उपयोगी है।
4. एक कहानी लिखिए जिसका आधार निम्नलिखित उक्ति हो : - 'जैसी करनी वैसी भरनी।'
5. नीचे दिये गये चित्र को ध्यान से देखिये और चित्र को आधार बनाकर वर्णन कीजिए अथवा कहानी लिखिए, जिसका सीधा व स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिए।
[Figure: A modern cinema hall interior showing rows of red seats facing a glowing projection screen with an audience watching a movie]
Answer: (Selected Topic 1 - श्रम ही जीवन है)
परिश्रम का अर्थ है उद्यम अथवा 'मेहनत'। परिश्रम वह माध्यम है जो मनुष्य को अपने लक्ष्य तक पहुँचाता है। परिश्रम का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। मनुष्य परिश्रम के द्वारा कठिन से कठिन कार्य सिद्ध कर सकता है। मेहनत के ही द्वारा मनुष्य अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। हर मानव की कुछ इच्छाएँ व आवश्यकता होती हैं। वह सुख शांति की कामना करता है, दुनिया में नाम की इच्छा रखता है। किन्तु कल्पना से ही सब कार्य सिद्ध नहीं हो जाते, उसके लिए हमें कठिन परिश्रम का सहारा लेना पड़ता है।
परिश्रम के बल पर मानव अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुँच सकता है। परिश्रम के ही बल पर मनुष्य अपना भाग्य बना सकता है। परिश्रम केवल अकेले मनुष्य के लिए ही नहीं लाभदायक होता है। हम देख सकते हैं, कि जिस देश के लोग परिश्रमी होते हैं, वह पूरा देश तरक्की प्राप्त करता है। अमरीका, चीन, रूस और जापान, इसके उदहारण हैं। भारत के टाटा, बाटा, बिड़ला, रिलायंस आदि धनकुबेरों ने अपने अनुभव बतलाते हुए यही कहा है कि वे लोग जन्मजात धन संपन्न नहीं थे। उनकी इस विशाल संपत्ति का मूलाधार वह अगाध परिश्रम ही रहा है जिससे उन्होंने कभी मुँह नहीं चुराया। परिश्रम करते-करते उनमें प्रतिभा का विकास होता गया जिससे वे इतने लंबे-चौड़े कारोबार की स्थापना कर सके। प्रबंध एवं संचालन में सफल हो सके। प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की प्रेरणा देती है। चीटियाँ और मधुमक्खियाँ प्रकृति की प्रेरणा स्रोत हैं। छात्रों के जीवन में तो परिश्रम का बहुत अधिक महत्त्व होता है। मानव का शारीरिक व मानसिक विकास भी परिश्रम पर निर्भर करता है। आधुनिक मनुष्य वैज्ञानिक यंत्रों की पुजारी बनता जा रहा है।परिश्रम की ओर से लापरवाही इसमें घर करती जा रही हैं। नैतिक पतन हो रहा है जिससे अशांति फैलती जा रही है। फलस्वरूप समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए भी परिश्रम आवश्यक है।
कुछ लोग सफलता का राज़, परिश्रम की जगह भाग्य को मानते हैं। उनका कहना होता है, कि भाग्य में जो लिखा होता है, उसे टाला नहीं जा सकता। यह बात असत्य है। मनुष्य यदि परिश्रम करे, तो होनी को भी टाल सकता है। किसी ने सत्य ही कहा है, कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। एक आलसी व अकर्मण्य मानव कभी अपना लक्ष्य नहीं प्राप्त कर सकता। भाग्य के सहारे बैठने से कार्य संपन्न नहीं होते। विद्यार्थी वर्ग को भी परीक्षा में सफलता पाने के लिये अटूट श्रम करना पड़ता है। मानव परिश्रम से अपने भाग्य को बना सकता है, कहा जाता है कि ईश्वर भी उन्ही की मदद करता है जो अपनी मदद स्वयं करते हैं। जैसे सोये हुए शेर के मुख में पशु स्वयं ही प्रवेश नहीं करता उसे भी परिश्रम करना पड़ता है, वैसे ही केवल मन की इच्छा से काम सिद्ध नही होते उनके लिये परिश्रम करना पड़ता है।
परिश्रम व सफलता का आपस में बड़ा गहरा संबंध है। हमें तभी सफलता मिलती है जब हम परिश्रम करते हैं। परिश्रम से मनुष्य सदैव मेहनती बना रहता है, परिश्रम जीवन को गति प्रदान करता है। यह मनुष्य के जीवन में बहुत ही महत्व रखता है। परिश्रम की उपेक्षा मनुष्य को निकम्मा व असफल बना देती है। परिश्रम समस्त कठिनाइयों से निकालने में समर्थ होता है। परिश्रमी मनुष्य भाग्य के भरोसे नहीं बैठे रहते हैं। परिश्रम के दम पर कई महान विभूतियों ने असंभव कार्यों को संभव कर दिखाया है। जिस देश में लोग परिश्रम करते हैं, वह देश उन्नति, विकास और सफलता के शिखर पर खड़ा रहता है।
अतः हम कह सकते हैं कि मेहनत वह सुनहरी कुंजी है जो भाग्य के बंद कपाट खोल देती है। परिश्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है।
Teacher's Note:
a) निबंध लेखन में प्रस्तावना, विषय का विस्तार (जैसे श्रम का महत्व और उदाहरण) तथा उपसंहार का होना अनिवार्य है।
b) छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि भाषा सरल, स्पष्ट और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध हो तथा निर्धारित शब्द-सीमा का ध्यान रखा जाए।
Q.2 Write a letter in Hindi in approximately 120 Words on any one of the topics given below : [7]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए :
(i) नगर में बढ़ते अवैध निर्माण की समस्या की ओर प्रकाश का ध्यान आकृष्ट करने के लिए किसी दैनिक समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखें।
(ii) आपकी मित्र किसी खेल प्रतियोगिता के लिए विदेश जा रही है। मंगलकामना करते हुए उसे पत्र लिखिए।
Answer: (Selected Topic - (i))
सेवा में
संपादक
नवभारत टाईम्स
मुंबई
विषय: नगर में बढ़ते अवैध निर्माण के संदर्भ में पत्र।
महोदय
मैं आपके इस प्रतिष्ठित समाचार पत्र के माध्यम से नगर प्रशासन का ध्यान अवैध निर्माण की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। पिछले करीब डेढ़ वर्षों से हमारे नगर में अवैध निर्माण अपने चरम पर पहुँच चुका है मुख्य बाजार में बनी दुकानों के परिसर को दुकानदारों ने इतना बढ़ा दिया है कि जिसके कारण चलने और यातायात में हमेशा ही असुविधा बनी रहती है। परिसर बढ़ाने के अलावा ये अपने दुकानों का सामान भी दुकान से काफी आगे लगा देते हैं जिससे आए दिन कोई न कोई टकराकर गिर पड़ता है।
धर्म और निजी स्वार्थ के नाम पर भी अनेक छोटे-बड़े धर्मस्थलों का निर्माण बिना मंजूरी से धड़ल्ले से हो रहा है।
अतः आपसे अनुरोध है कि प्रशासन इस ओर ध्यान दें और उचित कार्यवाही करे।
सधन्यवाद।
भवदीय
कमल शर्मा
2/42, सरला निवास,
राम नगर,
मुंबई
दिनाँक - 27 फरवरी 2015
Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र लिखते समय प्रारूप (सेवा में, विषय, संबोधन, विषय-वस्तु, धन्यवाद, भवदीय) का पूर्ण पालन करना चाहिए।
b) पत्र की भाषा औपचारिक, गंभीर और संक्षिप्त होनी चाहिए ताकि संपादक महोदय उस पर ध्यान आकर्षित कर सकें।
Q.3 Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible : [10]
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिए :
दहेज एक विकट समस्या है। दहेज-प्रथा का उद्भव कब और कहाँ हुआ यह कह पाना असंभव है। विश्व के विभिन्न सभ्यताओं में दहेज लेने और देने के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं। इससे यह तो स्पष्ट होता है कि दहेज का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। आज दहेज एक बुरे का रूप धारण करती जा रही है। इस दहेज प्रथा की बीमारी की जड़ एक तो काला धन है, दूसरा मनुष्य की लोभ की दुष्प्रवृत्ति इस कार्य को और प्रेरित करती है।
आज हमारी सरकारों द्वारा लड़कियों के उत्थान व विकास के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें शिक्षा, रोजगार सहित विवाहापरांत मदद भी शामिल है। यह सब इसलिए ताकि बेटियों के परिवारों को बेटियाँ बोझ न लगें और लड़कियाँ आत्मनिर्भर हो सकें। दहेज लेना और देना तो कानूनन अपराध है ही। सरकार ने भी दहेज प्रथा के विरुद्ध कानून बना दिया है। आज इस प्रथा के विरोध में कई जन-जागृति अभियान चलाए जा रहे हैं। लड़कियाँ आज शिक्षित और आत्म-निर्भर होने के कारण स्वयं दहेज लेने वाले परिवार को ठुकरा रही है आज अंतजातीय विवाह होने लगे हैं जिसमें लड़का और लड़की समान विचार धारा के होने के कारण दहेज के लिए कोई स्थान ही नहीं बचता है। इसलिए आने वाले समय इस प्रथा का धीरे-धीरे समूल नाश हो ही जाएगा।
1. दहेज का इतिहास अत्यंत प्राचीन है यह हम कैसे कह सकते हैं? [2]
Answer:
दहेज-प्रथा का उद्भव कब और कहाँ हुआ यह कह पाना असंभव है। विश्व के विभिन्न सभ्यताओं में दहेज लेने और देने के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि दहेज का इतिहास अत्यंत प्राचीन है।
Teacher's Note:
a) गद्यांश के आधार पर सटीक और संक्षिप्त उत्तर लिखें।
b) तथ्यात्मक जानकारी गद्यांश से ही ली जानी चाहिए।
2. दहेज लेने के क्या कारण हो सकते हैं [2]
Answer:
दहेज लेने के कारण काला धन और मनुष्य की लोभ की दुष्प्रवृत्ति हो सकते हैं।
Teacher's Note:
a) गद्यांश में दिए गए मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
b) वर्तनी की अशुद्धियों से बचें।
3. सरकार इस समस्या को निपटने के लिए क्या प्रयास कर रही है? [2]
Answer:
आज हमारी सरकारों द्वारा लड़कियों के उत्थान व विकास के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें शिक्षा, रोजगार सहित विवाहापरांत मदद भी शामिल है। इस प्रथा को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कानून भी बनाए हैं।
Teacher's Note:
a) सरकार द्वारा उठाए गए कदमों (जैसे शिक्षा, रोजगार और कड़े कानून) का उल्लेख करना आवश्यक है।
b) उत्तर को गद्यांश के संदर्भ में लिखें।
4. वर्तमान में दहेज प्रथा के लिए स्थान क्यों नहीं बचता? [2]
Answer:
लड़कियाँ आज शिक्षित और आत्म-निर्भर होने के कारण स्वयं दहेज लेने वाले परिवार को ठुकरा रही है आज अंतजातीय विवाह होने लगे हैं जिसमें लड़का और लड़की समान विचार धारा के होने के कारण दहेज के लिए कोई स्थान ही नहीं बचता है।
Teacher's Note:
a) शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अंतर्जातीय विवाहों के प्रभाव को मुख्य बिंदु बनाएं।
b) वाक्य विन्यास स्पष्ट होना चाहिए।
5. उपयुक्त गद्यांश को उचित शीर्षक दीजिए। [2]
Answer:
उपयुक्त गद्यांश के लिए उचित शीर्षक 'दहेज प्रथा का भविष्य' हो सकता है।
Teacher's Note:
a) शीर्षक गद्यांश के मूल भाव पर आधारित होना चाहिए।
b) शीर्षक संक्षिप्त और आकर्षक होना चाहिए।
Q.4 Answer the following according to the instructions given :
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए :
1. निम्नलिखित शब्दों से विशेषण बनाइए : [1]
- बेईमानी -
- खेल -
Answer:
- बेईमानी - बेईमान
- खेल - खिलाड़ी
Teacher's Note:
a) संज्ञा या भाववाचक संज्ञा शब्दों से विशेषण शब्दों का निर्माण व्याकरण के नियमों के अनुसार किया गया है।
b) प्रत्यय या रूप परिवर्तन को ध्यान में रखें।
2. निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए : [1]
- उद्देश्य -
- कपट -
Answer:
- उद्देश्य - लक्ष्य, ध्येय, मकसद
- कपट - छल, धोखा
Teacher's Note:
a) समान अर्थ प्रकट करने वाले शब्दों को पर्यायवाची कहते हैं।
b) कम से कम दो सटीक पर्यायवाची लिखें।
3. निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों के विपरीतार्थक शब्द लिखिए : [1]
- जागरण -
- खाद्य -
- गोचर -
- चढ़ाव -
Answer:
- जागरण - निद्रा
- खाद्य - अखाद्य
- गोचर - अगोचर
- चढ़ाव - उतार
Teacher's Note:
a) विलोम (विपरीतार्थक) शब्दों का चयन सटीक होना चाहिए।
b) तत्सम शब्दों के विलोम तत्सम रूप में ही दिए जाने चाहिए।
4. भाववाचक संज्ञा बनाइए : [1]
- दास -
- वकील -
Answer:
- दास - दासता
- वकील - वकालत
Teacher's Note:
a) जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाते समय उपयुक्त प्रत्यय (जैसे -ता, -वत) जोड़ा जाता है।
b) वर्तनी का विशेष ध्यान रखें।
5. निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक की सहायता से वाक्य बनाइए : [1]
- आस्तीीन का साँप -
- उँगली उठाना -
Answer:
- आस्तीन का साँप - रमेश जैसे धोखेबाज मित्र से दूर रहना वह तो आस्तीन का साँप है।
- उँगली उठाना - रामप्रसाद जैसे ईमानदार व्यक्ति पर तुम उँगली नहीं उठा सकते।
Teacher's Note:
a) मुहावरे का प्रयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए किया जाना चाहिए।
b) वाक्य रचना स्वाभाविक और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध होनी चाहिए।
6. कोष्ठक में दिए गए निर्देशानुसार वाक्यों में परिवर्तन कीजिए :
(a) पिताजी का निर्णय सुनकर वह अप्रसन्न हुआ। [1] (वाक्य में नहीं का प्रयोग कीजिए।)
(b) मैं चल नहीं सकता। ('म' के स्थान पर 'से' का प्रयोग कीजिए) [1]
(c) मोहित विद्यालय जाता है। (भूतकाल में बदलिए) [1]
Answer:
(a) पिताजी का निर्णय सुनकर उसे प्रसन्नता नहीं हुई।
(b) मुझसे चला नहीं जाता।
(c) मोहित विद्यालय गया।
Teacher's Note:
a) वाक्य परिवर्तन करते समय अर्थ में परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
b) काल परिवर्तन तथा वाच्य परिवर्तन के नियमों का उचित पालन करें।
SECTION - B (40 Marks)
Attempt four questions from this section.
You must answer at least one question from each of two books you have studied and any two other questions.
(साहित्य सागर गद्य)
Q.5 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
वह सोचता, "यहाँ इतने सालों से हूँ। अमीर लोग नौकरों पर विश्वास नहीं करते पर मुझपर यहाँ कभी किसी ने संदेह नहीं किया। यहाँ से जाऊँ तो शायद कोई ग्यारह-बारह दे दे, पर ऐसा आदर नहीं मिलेगा।"
पाठ - बात अठन्नी की
लेखक - सुदर्शन
1. उपर्युक्त वाक्य के वक्ता का परिचय दें। [2]
Answer:
उपर्युक्त वाक्य का वक्ता इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर रसीला है। वह सालों से इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ नौकर है।
Teacher's Note:
a) वक्ता का सटीक परिचय गद्यांश और पाठ के संदर्भ में दें।
b) चरित्र की मुख्य विशेषता स्पष्ट होनी चाहिए।
2. रसीला बार-बार किससे, कौन-सी और क्यों प्रार्थना करता था? [2]
Answer:
रसीला इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर था। वह सालों से इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ नौकर था। उसे दस रूपए वेतन मिलता था। गाँव में उसके बूढ़े पिता, पत्नी, एक लड़की और दो लड़के थे। इन सबका भार उसी के कंधों पर था। इसी कारण वह बार-बार अपने मालिक इंजीनियर बाबू जगतसिंह से अपना वेतन बढ़ाने की प्रार्थना करता था।
Teacher's Note:
a) रसीला की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक दायित्वों का वर्णन करना आवश्यक है।
b) उत्तर बिंदुवार या स्पष्ट पैराग्राफ में लिखें।
3. वेतन की बात पर इंजीनियर बाबू जगतसिंह का जवाब क्या होता था? [3]
Answer:
रसीला इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर था। वह सालों से इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ नौकर था। उसे दस रूपए वेतन मिलता था। गाँव में उसके बूढ़े पिता, पत्नी, एक लड़की और दो लड़के थे। इन सबका भार उसी के कंधों पर था। इसी कारण वह बार-बार अपने मालिक इंजीनियर बाबू जगतसिंह से अपना वेतन बढ़ाने की माँग करता था। परंतु हर बार इंजीनियर साहब का यही जवाब होता था कि वे रसीला की तनख्वाह नहीं बढ़ाएंगे यदि उसे यहाँ से ज्यादा और कोई तनख्वाह देता है तो वह बेशक जा सकता है।
Teacher's Note:
a) मालिक के कठोर और असंवेदनशील स्वभाव को स्पष्ट करें।
b) उत्तर में सभी मुख्य त थ्य शामिल होने चाहिए।
4. तनख्वाह न बढ़ाने के बावजूद रसीला नौकरी क्यों नहीं छोड़ना चाहता था? [3]
Answer:
रसीला बार-बार अपने मालिक से तनख्वाह बढ़ाने की माँग करता था और हर बार उसकी माँग ठुकरा दी जाती थी परंतु इस सबके बावजूद रसीला यह नौकरी नहीं छोड़ना चाहता था क्योंकि वह जानता था कि अमीर लोग किसी पर विश्वास नहीं करते हैं। यहाँ पर रसीला सालों से नौकरी कर रहा था और कभी किसी ने उस पर संदेह नहीं किया था। दूसरी जगह भले उसे यहाँ से ज्यादा तनख्वाह मिले पर इस घर जैसा आदर नहीं मिलेगा।
Teacher's Note:
a) सम्मान और विश्वास का महत्व इस उत्तर का मुख्य आधार है।
b) भाषा को पाठ के अनुकूल रखें।
Q.6 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
वाह भाई! क्या आइडिया है। मूरत कपड़े नहीं बदल सकती, लेकिन चश्मा हर बार बदल कैसे जाता है?
पाठ - नेताजी का चश्मा
लेखक - स्वयंप्रकाश
1. प्रस्तुत कथन के वक्ता का परिचय दें। [2]
Answer:
प्रस्तुत कथन के वक्ता हालदार साहब हैं। वे अत्यंत भावुक और संवेदनशील होने के साथ एक देशभक्त भी हैं। उन्हें देशभक्तों का मज़ाक उड़ाया जाना पसंद नहीं है। वे कैप्टन की देशभावना के प्रति सम्मान और सहानुभूति रखते हैं।
Teacher's Note:
a) हालदार साहब के व्यक्तित्व की संवेदनशीलता को दर्शाएं।
b) पाठ के मुख्य पात्र का संक्षिप्त परिचय दें।
2. प्रस्तुत कथन के श्रोता का परिचय दें। [2]
Answer:
प्रस्तुत कथन का श्रोता पानवाला है। पानवाला पूरी की पूरी पान की दुकान है, सड़क के चौराहे के किनारे उसकी पान की दुकान है। वह काला तथा मोटा है, उसकी तोंद भी निकली हुई है, उसके सिर पर गिने-चुने बाल ही बचे हैं। वह एक तरफ़ ग्राहक के लिए पान बना रहा है, वहीं दूसरी ओर उसका मुँह पान से भरा है। पान खाने के कारण उसके होंठ लाल तथा कहीं-कहीं काले पड़ गए हैं। स्वभाव से वह मजाकिया है। वह बातें बनाने में माहिर है।
Teacher's Note:
a) पानवाले के शारीरिक और मानसिक स्वभाव का सटीक वर्णन करें।
b) पाठ में उसके चरित्र की भूमिका स्पष्ट करें।
3. कस्बे से गुजरते समय हालदार साहब को क्या आदत पड़ गई थी? [3]
Answer:
कस्बे से गुजरते समय हालदार साहब को उस कस्बे के मुख्य बाज़ार के चौराहे पर रुकना, पान खाना और मूर्ति को ध्यान से देखने की आदत पड़ गई थी।
Teacher's Note:
a) हालदार साहब की दिनचर्या और मूर्ति के प्रति उनकी जिज्ञासा का उल्लेख करें।
b) उत्तर स्पष्ट और सीधा होना चाहिए।
4. मूर्ति का चश्मा हर-बार कौन और क्यों बदल देता था? [3]
Answer:
मूर्ति का चश्मा हर-बार कैप्टन बदल देता था। कैप्टन असलियत में एक गरीब चश्मेवाला था। उसकी कोई दुकान नहीं थी। फेरी लगाकर वह अपने चश्मे बेचता था। जब उसका कोई ग्राहक नेताजी की मूर्ति पर लगे फ्रेम की माँग करता तो कैप्टन मूर्ति पर अन्य फ्रेम लगाकर वह फ्रेम अपने ग्राहक को बेच देता। इसी कारणवश मूर्ति पर कोई स्थाई फ्रेम नहीं रहता था।
Teacher's Note:
a) कैप्टन चश्मेवाले की देशभक्ति और उसकी व्यावसायिक व्यवस्था को समझाएं।
b) मूर्ति पर बदलते फ्रेम का कारण स्पष्ट करें।
Q.7 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
‘पर सब दिन न जात एक समान अकस्मात् दिन फिरे और सेठ जी को गरीबी का मुँह देखना पड़ा।’
पाठ - महायज्ञ का पुरस्कार
लेखक - यशपाल
1. प्रस्तुत पाठ के आधार पर सेठ जी की विशेषताएँ बताइए। [2]
Answer:
प्रस्तुत पाठ लेखक यशपाल द्वारा रचित है। प्रस्तुत पाठ में सेठ जी कुछ ख़ास विशेषताओं का उल्लेख किया है। सेठजी बड़े विनम्र और उदार थे। सेठ जी इतने बड़े धर्मपरायण थे कि कोई साधू-संत उनके द्वार से निराश न लौटता, भरपेट भोजन पाता। उनके भंडार का द्वार हमेशा सबके लिए खुला रहता। उन्होंने बहुत से यज्ञ किए और दान में न जाने कितना धन दीन दुखीियों में बाँट दिया था। यहाँ तक कि गरीब हो जाने के बावजूद भी उन्होंने अपनी उदारता को नहीं छोड़ा और पुनःधन प्राप्ति के बाद भी ईश्वर से सद्बुद्धि ही माँगी।
Teacher's Note:
a) सेठ जी की उदारता, धर्मपरायणता और परोपकारी स्वभाव का वर्णन करें।
b) उनकी सादगी और मानवीय गुणों को हाइलाइट करें।
2. सेठजी के दुःख का कारण क्या था? [2]
Answer:
सेठ जी के उदार होने के कारण कोई भी उनके द्वार से खाली नहीं जाता था परंतु अकस्मात् सेठ जी के दिन फिरे और सेठ जी को गरीबी का मुँह देखना पड़ा। ऐसे समय में संगी-साथियों ने भी मुँह फेर दिया और यही सेठ जी के दुःख का कारण था।
Teacher's Note:
a) अचानक आई विपत्ति और सामाजिक व्यवहार के बदलाव को कारण बताएं।
b) उत्तर तथ्यात्मक होना चाहिए।
3. सेठाणी ने सेठ को क्या सलाह और क्यों दी? [3]
Answer:
उन दिनों एक प्रथा प्रचलित थी। यज्ञों के फल का क्रय-विक्रय हुआ करता था। छोटा-बड़ा जैसा यज्ञ होता, उनके अनुसार मूल्य मिल जाता। जब बहुत तंगी हुई तो एक दिन सेठाणी ने सेठ को सलाह दी कि क्यों न वे अपना एक यज्ञ बेच डाले। इस प्रकार बहुत अधिक गरीबी आ जाने के कारण सेठाणी ने सेठ को अपना यज्ञ बेचने की सलाह दी।
Teacher's Note:
a) उस समय की मान्यताओं और पारिवारिक आर्थिक तंगी का संदर्भ दें।
b) सेठाणी की व्यावहारिक सोच को स्पष्ट करें।
4. धन्ना सेठ की पत्नी के संबंध में क्या अफवाह थी? [3]
Answer:
धन्ना सेठ की पत्नी के संबंध में यह अफवाह थी कि उसे कोई दैवीय शक्ति प्राप्त है जिससे वह तीनों लोकों की बात जान सकती है।
Teacher's Note:
a) कहानी के इस रहस्यमयी और रोचक तथ्य का उल्लेख करें।
b) उत्तर संक्षिप्त और सटीक होना चाहिए।
(साहित्य सागर पद्य)
Q.8 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
मेघ आये बड़े बन-ठन के, सँवर के।
आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली
दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगी गली-गली
पाहुन ज्यों आये हों गाँव में शहर के。
पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाये
आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाये
बाँकी चितवन उठा नदी, ठठकी, घूँघट सरकाए。
कविता - मेघ आए
कवि-सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
1. मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए? [2]
Answer:
मेघ रूपी मेहमान के आने से हवा के तेज बहाव के कारण आँधी चलने लगती है जिससे पेड़ कभी झुक जाते हैं तो कभी उठ जाते हैं। दरवाजे खिड़कियाँ खुल जाती हैं। नदी बाँकी होकर बहने लगी। पीपल का वृक्ष भी झुकने लगता है, तालाब के पानी में उथल-पुथल होने लगती है, अंत में आसमान से वर्षा होने लगती है।
Teacher's Note:
a) प्रकृति में होने वाले मानवीकृत परिवर्तनों (हवा, पेड़, नदी) का वर्णन करें।
b) कविता के बिंबों को स्पष्ट करें।
2. 'बाँकी चितवन उठा, नदी ठठकी, घूँघट सरकाए।' पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। [2]
Answer:
उपर्युक्त पंक्ति का भाव यह है कि मेघ के आने का प्रभाव सभी पर पड़ा है। नदी ठठककर कर जब ऊपर देखने की चेष्टा करती है तो उसका घूँघट सरक जाता है और वह तिरछी नज़र से आए हुए आगंतुक को देखने लगती है।
Teacher's Note:
a) नदी का मानवीकरण यहाँ मुख्य भाव है।
b) ग्रामीण वधू के संदर्भ से जोड़कर स्पष्ट करें।
3. मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है? [3]
Answer:
कवि ने मेघों में सजीवता लाने के लिए बन ठन की बात की है। जब हम किसी के घर बहुत दिनों के बाद जाते हैं तो बन सँवरकर जाते हैं ठीक उसी प्रकार मेघ भी बहुत दिनों बाद आए हैं क्योंकि उन्हें बनने सँवरने में देर हो गई थी।
Teacher's Note:
a) प्राकृतिक सौंदर्य और मेहमान (दामाद) के आने की समानता को समझाएं।
b) मानवीकरण अलंकार के प्रयोग को हाइलाइट करें।
4. शब्दार्थ लिखिए - बन ठन के, बाँकी चितवन, पाहुन, ठठकना [3]
Answer:
बन ठन के - सज-धज के
बाँकी चितवन - तिरछी नजर
पाहुन - अतिथि
ठठकना - सहम जाना
गरदन - ग्रीवा
बयार - हवा
Teacher's Note:
a) शब्दों के सटीक अर्थ कविता के संदर्भ में लिखे जाने चाहिए।
b) सभी शब्दों के अर्थ स्पष्ट होने चाहिए।
Q.9 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।
झरने अनेक झरते जिसकी पहाड़ियों में,
चिड़िया चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में।
अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है,
बहती मलय पवन है, तन मन सँवारती है।
वह धर्मभूमि मेरी, वह कर्मभूमि मेरी।
कविता - वह जन्मभूमि मेरी
कवि – सोहनलाल द्विवेदी
1. कवि ने भारत के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है? [2]
Answer:
कवि ने भारत के लिए जन्मभूमि, मातृभूमि, धर्मभूमि तथा कर्मभूमि विशेषणों का प्रयोग किया है।
Teacher's Note:
a) देश के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाले विशेषणों को रेखांकित करें।
b) उत्तर सीधे पद्यांश पर आधारित हो।
2. झरने कहाँ झरते हैं? [2]
Answer:
झरने भारत माता की पवित्र पहाड़ियों पर झरते हैं।
Teacher's Note:
a) भौगोलिक विशेषताओं का काव्यात्मक वर्णन दें।
b) संक्षिप्त और सटीक उत्तर लिखें।
3. भारत की हवा कैसी है? उसका हम पर क्या प्रभाव होता है? [3]
Answer:
भारत में बहने वाली हवा सुगंधित है। यह हमारे तन-मन को सँवारती है।
Teacher's Note:
a) मलय पवन के प्रभाव को स्पष्ट करें।
b) प्राकृतिक सौंदर्य के महत्व को दर्शाएं।
4. शब्दार्थ लिखिए :
1. अमराइयाँ, मलय, पवन, घनी, तन, कोयल [3]
Answer:
अमराइयाँ - आम के पेड़ों के बाग
मलय - पर्वत का नाम
पवन - हवा
घनी - सघन
तन - शरीर
कोयल - पिक
Teacher's Note:
a) प्रत्येक शब्द का मानक और शुद्ध अर्थ लिखें।
b) छात्रों को पर्यायवाची व तत्सम अर्थ की जानकारी होनी चाहिए।
Q.10 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागू पायँ।
बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोबिंद दियो बताय॥
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।
प्रेम गली अति साँकरी, ता में दो न समाहि॥
कविता - साखी
कवि - कबीरदास
1. कबीर के गुरु के प्रति दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए। [2]
Answer:
कबीरदास ने गुरु का स्थान ईश्वर से श्रेष्ठ माना है। कबीर कहते है जब गुरु और गोविंद (भगवान) दोनों एक साथ खडे हो तो गुरु के श्रीचरणों मे शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रुपी प्रसाद से गोविंद का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु ज्ञान प्रदान करते हैं, सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, मोह-माया से मुक्त कराते हैं।
Teacher's Note:
a) कबीर की साखियों में गुरु की महिमा सर्वोपरि है।
b) ईश्वर प्राप्ति में गुरु की भूमिका को स्पष्ट करें।
2. कबीर के अनुसार कौन परमात्मा से मिलने का रास्ता दिखाता है? [2]
Answer:
कबीर के अनुसार गुरु परमात्मा से मिलने का रास्ता दिखाता है।
Teacher's Note:
a) गुरु मार्गदर्शक के रूप में ईश्वर तक पहुँचाता है।
b) सरल और स्पष्ट उत्तर दें।
3. 'जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।' - का भावार्थ स्पष्ट कीजिए। [3]
Answer:
इस पंक्ति द्वारा कबीर का कहते है कि जब तक यह मानता था कि 'मैं हूँ', तब तक मेरे सामने हरि नहीं थे। और अब हरि आ प्रगटे, तो मैं नहीं रहा। अँधेरा और उजाला एक साथ, एक ही समय, कैसे रह सकते हैं? जब तक मनुष्य में अज्ञान रुपी अंधकार छाया है वह ईश्वर को नहीं पा सकता अर्थात् अहंकार और ईश्वर का साथ-साथ रहना नामुमकिन है। यह भावना दूर होते ही वह ईश्वर को पा लेता है।
Teacher's Note:
a) अहंकार और ईश्वर के अस्तित्व का विरोध समझाया गया है।
b) दार्शनिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।
4. यहाँ पर 'मैं' और 'हरि' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? [3]
Answer:
यहाँ पर 'मैं' और 'हरि' शब्द का प्रयोग क्रमशः अहंकार और परमात्मा के लिए किया है।
Teacher's Note:
a) प्रतीक के रूप में शब्दों के अर्थ समझें।
b) सटीक और सीधा उत्तर दें।
एकांकी संचय
Q.11 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
काश कि मैं निर्मम हो सकती, काश कि मैं संस्कारों की दासता से मुक्त हो पाती तो कुल धर्म और जाति का भूत मुझे तंग न करता और मैं अपने बेटे से न बिछुड़ती। स्वयं उसने मुझसे कहा था, संस्कारों की दासता सबसे भयंकर शत्रु है।
एकांकी-संस्कार भावना
लेखक - विष्णु प्रभाकर
1. कौन संस्कारों की दासता से मुक्त होने में विफल रहा और क्यों? [2]
Answer:
यहाँ पर अतुल और अविनाश की माँ हिन्दू समाज की रूढ़िवादी संस्कारों से ग्रस्त हैं। वे संस्कारों की दास हैं। एक मध्यम परिवार में अपने पुराने संस्कारों की रक्षा करना धर्म माना जाता है। इसलिए माँ संस्कारों की दासता से मुक्त होने में विफल रही।
Teacher's Note:
a) रूढ़िवादी परंपराओं और मानसिक जकड़न को कारण बताएं।
b) माँ की विवशता को स्पष्ट करें।
2. माँ ने अपने विचारों के प्रति क्या पश्चाताप किया है? [2]
Answer:
माँ ने अपने रूढ़ीवादी विचारों के कारण अपने बेटे-बहू से बिछड़ने का पश्चाताप किया है।
Teacher's Note:
a) वैचारिक परिवर्तन और पश्चाताप की भावना को दर्शाएं।
b) एकांकी के मुख्य संदेश को समझें।
3. अतुल और उमा माँ के किस निर्णय से प्रसन्न हैं? [3]
Answer:
जब माँ को अविनाश की पत्नी की बीमारी की सूचना मिलती है तब उसका हृदय मातृत्व की भावना से भर उठता है। उसे इस बात का आभास है कि यदि बहू को कुछ हो गया तो अविनाश नहीं बचेगा। माँ को पता है कि अविनाश को बचाने की शक्ति केवल उसी में है। इसलिए वह प्राचीन संस्कारों के बाँध को तोड़कर अपने बेटे के पास जाना चाहती है।
Teacher's Note:
a) मातृत्व प्रेम के आगे रूढ़िवादी परंपराओं के टूटने का प्रसंग महत्वपूर्ण है।
b) माँ के साहसी निर्णय को रेखांकित करें।
4. अविनाश की वधू का चरित्र-चित्रण कीजिए। [3]
Answer:
अविनाश की वधू बहुत भोली और प्यारी थी, जो उसे एक बार देख लेता उसके रूप पर मंत्रमुग्ध हो जाता। बड़ी-बड़ी काली आँखें उनमें शैशव की भोली मुस्कराहट उसके रूप तथा बड़ों के प्रति आदर के भाव ने अतुल और उमा को प्रभावित किया।
Teacher's Note:
a) वधू के रूप, स्वभाव और संस्कारों की विशेषता बताएं।
b) एकांकी में उसके चरित्र की सकारात्मक छवि को स्पष्ट करें।
Q.12 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'तुम कभी रात में अकेले नहीं जाओगे। चारों तरफ जहरीले सर्प घूम रहे हैं। किसी समय भी तुम्हें डस सकते हैं।'
एकांकी - दीपदान
लेखक - डॉ. रामकुमार वर्मा
1. वक्ता कौन है? उसका परिचय दीजिए। [2]
Answer:
वक्ता पन्ना धाय है।वह स्वर्गीय महाराणा साँगा की स्वामिभक्त सेविका है। वह कर्तव्यनिष्ठ तथा आदर्श भारतीय नारी है।वह हमेशा कुँवर की सुरक्षा का ध्यान रखती है।
Teacher's Note:
a) पन्ना धाय के त्याग और स्वामिभक्ति का परिचय दें।
b) एकांकी में उनके महत्वपूर्ण स्थान को स्पष्ट करें।
2. श्रोता कौन है? उसका वक्ता से क्या संबंध है? [2]
Answer:
श्रोता स्वर्गीय महाराणा साँगा का सबसे छोटा पुत्र है। उसकी माँ की मृत्यु के पश्चात से पन्ना धाय जोकि महाराज की सेविका थी उसने उसे माँ की तरह पाला।
Teacher's Note:
a) कुँवर उदय सिंह और पन्ना धाय के आपसी संबंध को दर्शाएं।
b) वात्सल्य भाव को स्पष्ट करें।
3. वक्ता के उपयुक्त कथन कहने के पीछे क्या कारण था? [3]
Answer:
महाराणा साँगा की मृत्यु के बाद उनका पुत्र राज सिंहासन का उत्तराधिकारी था परन्तु उनकी आयु मात्र 14 वर्ष होने के कारण महाराणा साँगा के भाई पृथ्वीराज के दासी पुत्र बनवीर को राज्य की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे वह राज्य हड़पने की योजना बनाने लगा। इस वजह से कुँवर उदय सिंह की जान को खतरा बढ़ जाने से पन्ना धाय ने उपयुक्त कथन कहा।
Teacher's Note:
a) राजनीतिक षड्यंत्र और खतरे की स्थिति को कारण बताएं।
b) पन्ना धाय की सतर्कता को स्पष्ट करें।
4. वक्ता श्रोता की सुरक्षा के प्रति चिंतित क्यों रहती थी? [3]
Answer:
वक्ता पन्ना धाय एक देशभक्त राजपूतनी थी तथा अपने राजा के उत्तराधिकारी की रक्षा करना वह परम कर्तव्य समझती थी। महाराणा साँगा की मृत्यु के बाद उनका पुत्र राज सिंहासन का उत्तराधिकारी था परन्तु उनकी आयु मात्र 14 वर्ष होने के कारण महाराणा साँगा के भाई पृथ्वीराज के दासी पुत्र बनवीर को राज्य की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे वह राज्य हड़पने की योजना बनाने लगा। इसलिए पन्ना धाय कुँवर उदय सिंह की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थी।
Teacher's Note:
a) राजवंश के प्रति कर्तव्य और निष्ठा का वर्णन करें।
b) बनवीर के कुत्सित इरादों का संदर्भ दें।
Q.13 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
जिस राज्य पर रत्ती भर भी अधिकार नहीं था, उसी को पाने के लिए तुमने युद्ध ठाना, यह स्वार्थ का तांडव नृत्य नहीं तो और क्या है? भला किस न्याय से तुम राज्याधिकार की माँग करते थे?
एकांकी - महाभारत की एक साँझ
लेखक - भारत भूषण अग्रवाल
1. उपर्युक्त अवतरण के वक्ता तथा श्रोता के बारे में बताइए। [2]
Answer:
उपर्युक्त अवतरण के वक्ता युधिष्ठिर और श्रोता दुर्योधन हैं। इस समय वक्ता युधिष्ठिर मरणासन्न श्रोता दुर्योधन को शांति प्रदान करने के उद्देश्य से आए हैं। इस समय दोनों के मध्य उचित अनुचित विचारों पर वार्तालाप चल रहा है।
Teacher's Note:
a) युधिष्ठिर और दुर्योधन के अंतिम भेंट के प्रसंग को स्पष्ट करें।
b) पात्रों की मानसिकता का परिचय दें।
2. उपर्युक्त अवतरण में किस अधिकार की बात की जा रही है? [2]
Answer:
उपर्युक्त अवतरण में राज्य के वास्तविक उत्तराधिकारी के संदर्भ में बात की जा रही है। यहाँ पर युधिष्ठिर का कहना है कि राज्य पर उनका वास्तविक अधिकार यह जानते हुए भी दुर्योधन यह मानने के लिए कभी तैयार नहीं हुआ और इस कारण परिवार में ईर्ष्या और और झगड़े बढ़कर अंत में महाभारत के युद्ध में तब्दील हो गए।
Teacher's Note:
a) राज्याधिकार और हठधर्मिता के विवाद को स्पष्ट करें।
b) युद्ध की पृष्ठभूमि को रेखांकित करें।
3. प्रस्तुत एकांकी का उद्देश्य लिखिए। [3]
Answer:
प्रस्तुत एकांकी का उद्देश्य यह है कि आप चाहे कितने भी कूटनीतिज्ञ, बलवान और बुद्धिमान क्यों न हो परंतु यदि आपका रास्ता धर्म का नहीं है तो आपका अंत होना निश्चित है। साथ यह एकांकी मनुष्य को त्याग और सहनशीलता का पाठ भी पढ़ाती है। यही वे दो मुख्य कारण थे जिसके अभाव में महाभारत का युद्ध लड़ा गया। इसके अतिरिक्त इस एकांकी का एक और उद्देश्य यह भी दिखाना था कि इस युद्ध के लिए कौरव और पांडव दोनों ही पक्ष बराबर जिम्मेदार थे।
Teacher's Note:
a) एकांकी के केंद्रीय संदेश (धर्म, त्याग और युद्ध की विभीषिका) को समझाएं।
b) लेखक के दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।
4. महाभारत के युद्ध से हमें कौन-सी सीख मिलती है? [3]
Answer:
महाभारत का युद्ध तो शुरू से लेकर अंत तक सीखों से ही भरा पड़ा हैं परंतु मुख्य रूप से यह युद्ध हमें यह सीख देता है कि कभी भी पारिवारिक धन-संपत्ति के लिए अपने ही भाईयों से ईर्ष्या और वैमनस्य नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस प्रकार के लड़ाई-झगड़े में जीत कर भी हार ही होती है।
Teacher's Note:
a) पारिवारिक सौहार्द और लालच के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालें।
b) युद्ध के परिणामों से मिलने वाली सीख का सार लिखें।
नया रास्ता
(सुषमा अग्रवाल)
Q.14. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अंगुलियाँ नहीं उठाता, चाहे वह कितना ही अपराध क्यों न करता हो परंतु एक लड़की,चाहे वह कितना ही संयम शील जीवन क्यों न व्यतीत करती हो, फिर भी समाज उस पर दोषारोपण करता है।
1. किसी बातें सुनकर वक्ता इतनी परेशान है? [2]
Answer:
मीणू जहाँ रहती थी वहीं पर उनके पड़ोस में एक महिला रहती थी जिसे मीणू मौसी के नाम से संबोधित करती थी। यह पड़ोस वाली मौसी उसे एक दिन बस में मिल जाती है। वह एक अन्य महिला के साथ मीणू के अभी तक अविवाहित रहने की बात करती है और यह बातें सुनकर वह आहत हो जाती है।
Teacher's Note:
a) समाज की संकीर्ण मानसिकता और ताने देने की प्रवृत्ति को कारण बताएं।
b) मीणू की मानसिक पीड़ा को स्पष्ट करें।
2. समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों है? [2]
Answer:
हमारे समाज में पहले से ही लड़की और लड़के में अंतर किया जाता रहा है। लड़का कितनी भी गलती करें उसे कभी कोई कुछ नहीं कहता परंतु यदि लड़की छोटी भी गलती करे तो पूरा समाज उस पर दोषारोपण करने लगता है।
Teacher's Note:
a) लैंगिक भेदभाव की समस्या को रेखांकित करें।
b) रूढ़िवादी सोच के अंतर को स्पष्ट करें।
3. लड़की के जीवन में इतनी कठिनाियाँ क्यों आती है? [3]
Answer:
बचपन से ही लड़की को लड़कों से कम समझा और आँका जाता है इसलिए जब कभी कोई लड़की लड़कों के साथ बराबरी या कुछ अलग करने की कोशिश करती है तो पूरा समाज उसके विरुद्ध खड़ा हो जाता है इसलिए लड़की के जीवन में इतनी कठिनाियाँ आती है।
Teacher's Note:
a) सामाजिक पूर्वाग्रहों और बाधाओं का उल्लेख करें।
b) लड़की के संघर्ष को समझें।
4. इन पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए? [3]
Answer:
इन पंक्तियों का भाव लड़का और लड़की में भेद से है। यहाँ पर कहने का तात्पर्य यह है कि इस भेद के कारण लड़की अपने आप को कम समझने लगती है। उसके छोटे से भी अपराध को बहुत बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है उसी जगह पर लड़का कितना भी अपराध क्यों न करे उसे कोई कुछ नहीं कहता है।
Teacher's Note:
a) दोहरे मानदंडों (Double Standards) की आलोचना को स्पष्ट करें।
b) समाज की पक्षपातपूर्ण नीति को समझाएं।
Q.15. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
पत्र लिखने के बाद पिताजी को लगा कि शायद उनसे कोई घोर अपराध हो गया है, उनकी मन:स्थिति विकल हो गई।
1. घर लौटने पर मायाराम का इंतजार कौन कर रहा था? वे मायाराम के पास क्यों आए थे? [2]
Answer:
घर लौटने पर माया राम का इंतजार उनके ही शहर के एक धनी व्यक्ति कर रहे थे। उनकी बेटी सरिता विवाह योग्य हो गई थी अतः वे मायाराम के पास अपनी बेटी सरिता का रिश्ता लेकर आए थे।
Teacher's Note:
a) कथा के इस मोड़ पर विवाह प्रस्ताव के प्रसंग को स्पष्ट करें।
b) आगंतुकों के उद्देश्य को बताएं।
2. व्यवहार के बारे में माँ की क्या राय थी? [2]
Answer:
अमित ने जब अपनी माँ से यह जानना चाहा कि क्या बड़े घर की बेटी उनके घर के वातावरण में मीणू की तरह घुल-मिल पाएँगी तो माँ ने जवाब दिया कि हम किसी के व्यवहार के बारे में तब तक कुछ नहीं बता सकते जब तक हम उनके साथ नहीं रहते। फिर चाहे लड़की छोटे घर की हो या बड़े घर की।
Teacher's Note:
a) माँ की व्यावहारिक और निष्पक्ष सोच को दर्शाएं।
b) मनुष्य के स्वभाव के आकलन पर माँ के विचार को स्पष्ट करें।
3. मीणू का रिश्ता ठुकराने के लिए क्या योजना बनाई गई? [3]
Answer:
घर वाले अमित के लिए आए धनी सरिता का रिश्ता ठुकराना नहीं चाहते थे परंतु उनके सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि मीणू का रिश्ता किस प्रकार ठुकराया जाय। तभी माताजी को एक युक्ति सूची कि मीणू का रिश्ता यह कहकर ठुकराया जाय कि मीणू की अपेक्षा उन्हें उनकी छोटी बेटी आशा पसंद है। यदि वे शादी करना चाहते ही हैं तो आशा के साथ अमित की शादी करवाँ दें। अब यह तो सबको पता है कि बड़ी बेटी के होते कोई अपनी छोटी बेटी का विवाह पहले नहीं करेगा और अतः बिना ना कहे भी यह रिश्ता न होगा।
Teacher's Note:
a) उपन्यास में रची गई कूटनीतिक चाल और पारिवारिक असमंजस को समझें।
b) समस्या के समाधान के लिए अपनाए गए तरीके को स्पष्ट करें।
4. किसकी मन:स्थिति विकल और क्यों हो गई? [3]
Answer:
अमित के पिता की मन:स्थिति विकल हो गई क्योंकि वे भी स्वयं एक बेटी के पिता थे और यह समझते थे कि बेटी का रिश्ता ठुकराया जाना क्या होता है। इसलिए मीणू के पिता को पत्र रिश्ता ठुकराने का पत्र भेजने के बाद उनकी मन:स्थिति विकल हो गई।
Teacher's Note:
a) एक पिता की संवेदनाओं और आत्मग्लानि को दर्शाएं।
b) निर्णय के मानसिक दबाव को स्पष्ट करें।
Q.16. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
तभी नीलिमा ने मीणू को शादी के बारे में पूछ लिया, “मीणू, तू शादी नहीं कर रही है अभी? मैंने सुना है आशा का रिश्ता हो गया है।”
“हाँ नीलिमा ! आशा का रिश्ता हो गया है। लड़का इंजीनियर है। घर भी अच्छा है।”
“पर मीणू, तू शादी के लिए तैयार क्यों नहीं है?” “नीलिमा ने पूछा।
“नीलिमा, अब मैं कुछ निराश सी हो गई हूँ। कौन करेगा मुझसे शादी?”
1. नीलिमा कौन है? वह मीणू को राय क्यों दे रही है? [2]
Answer:
नीलिमा मीणू की समउम्र और उसकी अभिन्न मित्र है। वह मीणू को विवाह करने की सलाह दे रही है। नीलिमा को जब पता चलता है कि मीणू की छोटी बहन का रिश्ता तय हो गया है और मीणू ने शादी न करने का निर्णय लिया है तो उसे विवाह समय पर करने की राय देती है।
Teacher's Note:
a) नीलिमा और मीणू की मित्रता का परिचय दें।
b) सलाह के पीछे की हितैषी भावना को स्पष्ट करें।
2. शादी के नाम से मीणू उदास क्यों हो जाती है? [2]
Answer:
मीणू का रिश्ता कई बार साधारण रंग-रूप होने के कारण ठुकराया जा चुका है इसलिए जब उसकी सहेली नीलिमा उसकी शादी के विषय में पूछताछ करती है तो वह उदास हो जाती है।
Teacher's Note:
a) मीणू की हीनभावना और पूर्व अनुभवों की पीड़ा को बताएं।
b) उत्तर संक्षिप्त और सीधा हो।
3. नीलिमा उसकी शादी के लिए उत्साहित क्यों है? [3]
Answer:
नीलिमा और मीणू समउम्र सहेलियाँ हैं। नीलिमा की शादी हो चुकी है और वह चाहती है कि उसकी सहेली मीणू का भी विवाह हो जाय इसलिए वह उसकी शादी के लिए उत्साहित है।
Teacher's Note:
a) सहेली के प्रति प्रेम और उसकी गृहस्थ जीवन की इच्छा को दर्शाएं।
b) उत्साह का कारण स्पष्ट करें।
4. “कौन करेगा मुझसे शादी?” भाव स्पष्ट कीजिए। [3]
Answer:
यहाँ पर नीलिमा के प्रश्न के उत्तर में मीणू के मुँह से यह उद्गार निकलते हैं। मीणू का रिश्ता बहुत बार ठुकराया जा चुका था उसे अब अपने विवाह की कोई उम्मीद नहीं बचती थी ऐसे में अपनी सहेली के इस प्रश्न से वह निराश हो जाती है और कहती है कि अब कौन उसके साथ शादी करेगा।
Teacher's Note:
a) मीणू के मन की निराशा और कुंठा को समझें।
b) सामाजिक रूढ़ियों के शिकार व्यक्ति के दर्द को स्पष्ट करें।
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