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Detailed Sahitya Sagar Chapter 5.1 Apna Apna Bhagya ICSE Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi Sahitya Sagar Chapter 5.1 Apna Apna Bhagya ICSE Solutions PDF
Question क-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : मैंने देखा कि कुहरे की सफेदी में कुछ ही हाथ दूर से एक काली-सी मूर्ति हमारी तरफ आ रही थी। मैंने कहा – “होगा कोई" लेखक किसके साथ कहाँ बैठा था?
Answer: लेखक अपने मित्र के साथ नैनीताल में संध्या के समय बहुत देर तक निरुद्देश्य घूमने के बाद एक बेंच पर बैठे थे?
In simple words: लेखक अपने दोस्त के साथ नैनीताल में शाम के समय बेंच पर बैठे हुए थे, जहाँ वे घूम रहे थे।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में गद्यांश के शुरुआती विवरण को ध्यान से पढ़ना महत्वपूर्ण है ताकि लेखक की स्थिति और संगति का सही पता चल सके।
Question क-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : मैंने देखा कि कुहरे की सफेदी में कुछ ही हाथ दूर से एक काली-सी मूर्ति हमारी तरफ आ रही थी। मैंने कहा – “होगा कोई" बादलों का लेखक ने कैसा वर्णन किया है?
Answer: लेखक अपने मित्र के साथ नैनीताल में संध्या के समय बहुत देर तक निरुद्देश्य घूमने के बाद एक बेंच पर बैठे थे। उस समय संध्या धीरे-धीरे उतर रही थी। रुई के रेशे की तरह बादल लेखक के सिर को छूते हुए निकल रहे थे। हल्के प्रकाश और अँधियारी से रंग कर कभी बादल नीले दिखते, तो कभी सफ़ेद और फिर कभी जरा लाल रंग में बदल जाते।
In simple words: लेखक ने बादलों को रुई के रेशों जैसा बताया है जो उनके सिर को छूकर निकल रहे थे, और उन्होंने देखा कि हल्के प्रकाश व अँधेरे के कारण बादल कभी नीले, कभी सफ़ेद और कभी लाल रंग के दिख रहे थे।
🎯 Exam Tip: बादलों के रंग बदलने और उनकी बनावट के वर्णन पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह लेखक के अवलोकन कौशल को दर्शाता है।
Question क-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : मैंने देखा कि कुहरे की सफेदी में कुछ ही हाथ दूर से एक काली-सी मूर्ति हमारी तरफ आ रही थी। मैंने कहा – “होगा कोई" लेखक ने नैनीताल की उस संध्या में कुहरे की सफेदी में क्या देखा?
Answer: लेखक ने उस शाम एक दस-बारह वर्षीय बच्चे को देखा जो नंगे पैर, नंगे सिर और एक मैली कमीज लटकाए चला आ रहा था। उसकी चाल से कुछ भी समझ पाना लेखक को असंभव सा लग रहा था क्योंकि उसके पैर सीधे नहीं पड़ रहे थे। उस बालक का रंग गोरा था परंतु मैल खाने से काला पड़ गया था, आँखें अच्छी, बड़ी पर सूनी थी माथा ऐसा था जैसे अभी से झुरियों आ गईं हो।
In simple words: लेखक ने कोहरे में एक दस-बारह साल के बच्चे को देखा जो नंगे पैर और सिर पर था, मैली कमीज पहने हुए था। उसकी चाल असामान्य थी और उसका रंग गोरा होने के बावजूद मैल से काला पड़ गया था, आँखों में सूनापन और माथे पर झुर्रियाँ थीं।
🎯 Exam Tip: बच्चे के शारीरिक विवरण और उसकी अवस्था का सटीक वर्णन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कहानी का मुख्य पात्र है।
Question क-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : मैंने देखा कि कुहरे की सफेदी में कुछ ही हाथ दूर से एक काली-सी मूर्ति हमारी तरफ आ रही थी। मैंने कहा – “होगा कोई" लेखक और मित्र ने उस बालक के विषय में कौन-सी बातें जानी?
Answer: नैनीताल की संध्या के समय लेखक और उसके मित्र जब एक बेंच पर बैठे थे तो उनकी मुलाकात एक दस-बारह वर्षीय बालक से होती है। दोनों को आश्चर्य होता है कि इतनी ठंड में यह बालक बाहर क्या कर रहा है। वे उससे तरह-तरह के प्रश्न करते हैं। उससे उन्हें पता चलता है कि वो कोई पास की दुकान पर काम करता था और उसे काम के बदले में एक रूपया और जूठा खाना मिलता था।
In simple words: लेखक और उनके दोस्त ने उस बालक से बात करके जाना कि वह इतनी ठंड में बाहर क्यों है। उन्हें पता चला कि वह एक दुकान पर काम करता है और उसे मजदूरी के तौर पर एक रूपया और बचा हुआ खाना मिलता है।
🎯 Exam Tip: बालक की पृष्ठभूमि और उसके काम-काज से संबंधित जानकारी को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए, जो उसकी दयनीय स्थिति को उजागर करता है।
Question ख-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : “अजी ये पहाड़ी बड़े शैतान होते हैं। बच्चे-बच्चे में अवगुण छिपे रहते हैं - आप भी क्या अजीब हैं उठा लाए कहीं से-लो जी यह नौकर लो।” उपर्युक्त अवतरण में किस की बात की जा रही है?
Answer: उपर्युक्त अवतरण में एक दस-बारह वर्षीय पहाड़ी बालक की बात की जा रही है।
In simple words: इस अंश में एक दस-बारह साल के पहाड़ी बच्चे की चर्चा की जा रही है, जिसे नौकर रखने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
🎯 Exam Tip: उद्धरण में 'पहाड़ी' और 'बच्चे-बच्चे' जैसे शब्दों पर ध्यान दें ताकि सही पात्र की पहचान की जा सके।
Question ख-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : “अजी ये पहाड़ी बड़े शैतान होते हैं। बच्चे-बच्चे में अवगुण छिपे रहते हैं - आप भी क्या अजीब हैं उठा लाए कहीं से-लो जी यह नौकर लो।” प्रस्तुत कथन के वक्ता का परिचय दें।
Answer: प्रस्तुत कथन के वक्ता लेखक के वकील मित्र हैं और साथ ही होटल के मालिक भी हैं।
In simple words: यह बात लेखक के वकील दोस्त कह रहे हैं, जो एक होटल के मालिक भी हैं।
🎯 Exam Tip: वक्ता की पहचान उसके कथन के संदर्भ और कहानी में उसकी भूमिका से की जा सकती है, जो यहाँ लेखक के मित्र और होटल मालिक के रूप में है।
Question ख-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : “अजी ये पहाड़ी बड़े शैतान होते हैं। बच्चे-बच्चे में अवगुण छिपे रहते हैं - आप भी क्या अजीब हैं उठा लाए कहीं से-लो जी यह नौकर लो।" लेखक उस बच्चे को वकील साहब के पास क्यों ले गए?
Answer: लेखक को रास्ते में एक दस-बारह वर्षीय बालक मिला जिसके पास कोई काम और रहने की जगह नहीं थी। लेखक के एक वकील मित्र थे जिन्हें अपने होटल के लिए एक नौकर की आवश्यकता थी इसलिए लेखक उस बच्चे को वकील साहब के पास ले गए।
In simple words: लेखक ने रास्ते में एक बेघर बच्चे को देखा जिसे काम और रहने की जगह की जरूरत थी, और चूंकि उनके वकील दोस्त को अपने होटल के लिए नौकर चाहिए था, इसलिए लेखक उस बच्चे को उनके पास ले गए।
🎯 Exam Tip: लेखक के उद्देश्य को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है – बालक की मदद करना और वकील मित्र की नौकर की आवश्यकता को पूरा करना।
Question ख-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : “अजी ये पहाड़ी बड़े शैतान होते हैं। बच्चे-बच्चे में अवगुण छिपे रहते हैं - आप भी क्या अजीब हैं उठा लाए कहीं से-लो जी यह नौकर लो।" वकील साहब उस बच्चे को नौकर क्यों नहीं रखना चाहते थे?
Answer: वकील उस बच्चे को नौकर इसलिए नहीं रखना चाहते थे क्योंकि वे और लेखक दोनों ही उस बच्चे के बारे में कुछ जानते नहीं थे। साथ ही वकील साहब को यह लगता था कि पहाड़ी बच्चे बड़े शैतान और अवगुणों से भरे होते हैं। यदि उन्होंने ने किसी ऐरे गैरे को नौकर रख लिया और वह अगले दिन वह चीजों को लेकर चंपत हो गया तो। इस तरह भविष्य में चोरी की आशंका के कारण वकील साहब ने उस बच्चे को नौकरी पर नहीं रखा।
In simple words: वकील साहब बच्चे को नौकर नहीं रखना चाहते थे क्योंकि उन्हें बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, और उन्हें पहाड़ी बच्चों के शरारती होने और चोरी करने का डर था।
🎯 Exam Tip: वकील साहब के निर्णय के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं, विशेष रूप से अविश्वास और भविष्य में चोरी की आशंका।
Question ग-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पर बतलाने वालों ने बताया कि गरीब के मुँह पर छाती, मुट्ठियों और पैरों पर बर्फ की हल्की-सी चादर चिपक गई थी, मानो दुनिया की बेहयाई ढँकने के लिए प्रकृति ने शव के लिए सफ़ेद और ठंडे कफ़न का प्रबंध कर दिया था। यहाँ पर गरीब किसे और क्यों संबोधित किया गया है?
Answer: यहाँ पर गरीब उस पहाड़ी बालक को संबोधित किया गया, जो कल रात ठंड के कारण मर गया था। उस बालक के कई भाई-बहन थे। पिता के पास कोई काम न था घर में हमेशा भूख पसरी रहती थी इसलिए वह बालक घर से भाग आया था यहाँ आकर भी दिनभर काम के बाद जूठा खाना और एक रूपया ही नसीब होता था।
In simple words: यहाँ 'गरीब' उस पहाड़ी बालक को कहा गया है जो ठंड से मर गया था। वह घर से गरीबी और भूख के कारण भागा था, जहाँ उसे केवल एक रूपया और जूठा खाना मिलता था।
🎯 Exam Tip: 'गरीब' शब्द के लक्ष्यार्थ को स्पष्ट करें और बालक के जीवन की कठिनाइयों और उसके परिवार की स्थिति का उल्लेख करें।
Question ग-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पर बतलाने वालों ने बताया कि गरीब के मुँह पर छाती, मुट्ठियों और पैरों पर बर्फ की हल्की-सी चादर चिपक गई थी, मानो दुनिया की बेहयाई ढँकने के लिए प्रकृति ने शव के लिए सफ़ेद और ठंडे कफ़न का प्रबंध कर दिया था। लड़के की मृत्यु का क्या कारण था?
Answer: लड़का अपनी घर की गरीबी से तंग आकर काम की तलाश में नैनीताल भाग कर आया था। यहाँ पर आकर उसे एक दुकान में काम मिल गया था परंतु किसी कारणवश उसका काम छूट जाता है और उसके पास रहने की कोई जगह नहीं रहती है। उस दिन बहुत अधिक ठंड थी और उसके पास कपड़ों के नाम पर एक फटी कमीज थी इसी कारण उसे रात सड़क के किनारे एक पेड़ के नीचे बितानी पड़ी और अत्यधिक ठंड होने के कारण उस लड़के की मृत्यु हो गई।
In simple words: लड़के की मृत्यु अत्यधिक ठंड के कारण हुई। वह गरीबी के कारण नैनीताल आया था, अपना काम खो चुका था, और फटी कमीज में सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे रात बिताने के लिए मजबूर हुआ था।
🎯 Exam Tip: मृत्यु के तात्कालिक कारण (अत्यधिक ठंड) के साथ-साथ उसकी पृष्ठभूमि की गरीबी और बेघर होने की स्थिति को भी उजागर करें।
Question ग-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पर बतलाने वालों ने बताया कि गरीब के मुँह पर छाती, मुट्ठियों और पैरों पर बर्फ की हल्की-सी चादर चिपक गई थी, मानो दुनिया की बेहयाई ढँकने के लिए प्रकृति ने शव के लिए सफ़ेद और ठंडे कफ़न का प्रबंध कर दिया था। 'दुनिया की बेहयाई ढँकने के लिए प्रकृति ने शव के लिए सफ़ेद और ठंडे कफ़न का प्रबंध कर दिया था'- इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रस्तुत पंक्ति का आशय सामान्य जनमानस की संवेदन-शून्यता और स्वार्थ भावना से है। एक पहाड़ी बालक गरीबी के कारण ठंड से ठिठुरकर मर जाता है। परंतु प्रकृति ने उसके तन पर बर्फ की हल्की चादर बिछाकर मानो उसके लिए कफ़न का इंतजाम कर दिया। जिसे देखकर ऐसा लगता था मानो प्रकृति मनुष्य की बेहयाई को ढँक रही हो।
In simple words: इस पंक्ति का अर्थ है कि मनुष्य की संवेदनहीनता और स्वार्थपरता इतनी बढ़ गई है कि एक गरीब बच्चे की ठंड से मौत हो जाती है, और प्रकृति को मानो उसकी बेहयाई (बेशर्मी) को छुपाने के लिए बर्फ का कफ़न देना पड़ता है।
🎯 Exam Tip: इस लाक्षणिक पंक्ति के गहरे अर्थ को समझाते हुए सामाजिक संवेदनहीनता और प्रकृति के मानवीय कार्य के बीच के विरोधाभास को स्पष्ट करें।
Question ग-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पर बतलाने वालों ने बताया कि गरीब के मुँह पर छाती, मुट्ठियों और पैरों पर बर्फ की हल्की-सी चादर चिपक गई थी, मानो दुनिया की बेहयाई ढँकने के लिए प्रकृति ने शव के लिए सफ़ेद और ठंडे कफ़न का प्रबंध कर दिया था। 'अपना अपना भाग्य' कहानी के उद्देश्य पर विचार कीजिए।
Answer: प्रस्तुत कहानी का उद्देश्य आज के समाज में व्याप्त स्वार्थपरता, संवेदनशून्यता और आर्थिक विषमता को उजागर करना है। आज के समाज में परोपकारिता का अभाव हो गया है। निर्धन की सहायता करने की अपेक्षा सब उसे अपना-अपना भाग्य कहकर मुक्ति पा लेते हैं। हर कोई अपनी सामजिक जिम्मेदारी से बचना चाहता है। किसी को अन्य के दुःख से कुछ लेना-देना नहीं होता।
In simple words: 'अपना अपना भाग्य' कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज की स्वार्थपरता, संवेदनहीनता और आर्थिक असमानता को दर्शाना है, जहाँ लोग दूसरों की मदद करने के बजाय अपने भाग्य का बहाना बनाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों से भागते हैं।
🎯 Exam Tip: कहानी के मूल संदेश और सामाजिक आलोचना को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, जिसमें स्वार्थ, संवेदनहीनता और सामाजिक जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति पर जोर दिया गया हो।
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