ICSE Class 10 Hindi Ekanki Sanchay Chapter 4 Sukhi Daali Solutions

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Detailed Ekanki Sanchay Chapter 4 Sukhi Daali ICSE Solutions for Class 10 Hindi

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Class 10 Hindi Ekanki Sanchay Chapter 4 Sukhi Daali ICSE Solutions PDF

 

Question क-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
इस फ़र्नीचर पर हमारे बाप-दादा बैठते थे, पिता बैठते थे, चाचा बैठते थे। उन लोगों को कभी शर्म नहीं आई, उन्होंने कभी
फ़र्नीचर के सड़े-गले होने की शिकायत नहीं की।
उपर्युक्त अवतरण का वक्ता कौन है और इस समय वह किससे और क्यों बहस कर रहा है?
Answer: उपर्युक्त अवतरण का वक्ता परेश है जो कि तहसीलदार है। इस समय वह अपनी पत्नी बेला से फ़र्नीचर के बाबत बहस
कर रहा है।
बेला पढ़ी-लिखी और आधुनिक विचारधारा को मानने वाली स्त्री है। वह घर के पुराने फ़र्नीचर को बदलना चाहती है और
इसलिए वह इस बात पर अपने पति परेश से बहस करती है।
In simple words: इस अंश का वक्ता परेश है, जो एक तहसीलदार है, और वह अपनी पत्नी बेला से घर के पुराने फर्नीचर को बदलने को लेकर बहस कर रहा है, क्योंकि बेला आधुनिक विचारों के कारण इसे बदलना चाहती है।

🎯 Exam Tip: गद्यांश के आधार पर वक्ता की पहचान और उसके बहस के विषय व कारण को स्पष्टता से प्रस्तुत करना चाहिए।

 

Question क-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
इस फ़र्नीचर पर हमारे बाप-दादा बैठते थे, पिता बैठते थे, चाचा बैठते थे। उन लोगों को कभी शर्म नहीं आई, उन्होंने कभी
फ़र्नीचर के सड़े-गले होने की शिकायत नहीं की।
श्रोता बेला के मायके और ससुराल में क्या अंतर है?
Answer: बेला जो की घर की छोटी बहू है, बड़े घर से ताल्लुक रखती है। घर की इकलौती लड़की होने के कारण उसे अपने घर में
बहुत अधिक लाड़-प्यार, मान सम्मान और स्वच्छंद वातावरण मिला था। उसके विपरीत उसका ससुराल एक संयुक्त
परिवार था जो घर के दादाजी की छत्रछाया में जीता था। यहाँ के लोग सभी पुराने संस्कारों में ढले हैं।
In simple words: बेला को अपने मायके में बहुत लाड़-प्यार और स्वतंत्रता मिली थी क्योंकि वह इकलौती बेटी थी, जबकि उसके ससुराल में एक बड़ा संयुक्त परिवार है जहाँ सभी सदस्य पुराने संस्कारों और दादाजी के नियमों का पालन करते हैं।

🎯 Exam Tip: मायके और ससुराल के पारिवारिक वातावरण और मूल्यों के अंतर को विस्तार से बताएं।

 

Question क-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
इस फ़र्नीचर पर हमारे बाप-दादा बैठते थे, पिता बैठते थे, चाचा बैठते थे। उन लोगों को कभी शर्म नहीं आई, उन्होंने कभी
फ़र्नीचर के सड़े-गले होने की शिकायत नहीं की।
बेला की फ़र्नीचर के बारे क्या राय थी?
Answer: बेला बड़ी घर की एकलौती बेटी होने के कारण अपने मायके में लाड़-प्यार से पली-बढ़ी थी। यहाँ ससुराल में सभी पुराने
संस्कारों को मानने वाले थे अत:घर की कोई भी चीज को बदलना नहीं चाहते थे। बेला की राय में कमरे का फ़र्नीचर सड़ा-
गला और टूटा-फूटा है और वह इस प्रकार के फ़र्नीचर को अपने कमरे में रखने की बिल्कुल भी इच्छुक नहीं थी।
In simple words: बेला को लगता था कि घर का फर्नीचर बहुत पुराना, सड़ा-गला और टूटा-फूटा है, और वह इसे अपने कमरे में बिलकुल भी नहीं रखना चाहती थी क्योंकि वह आधुनिक विचारों वाली थी।

🎯 Exam Tip: बेला के व्यक्तिगत दृष्टिकोण को स्पष्ट करें और उसके विचारों का आधार भी बताएं।

 

Question क-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
इस फ़र्नीचर पर हमारे बाप-दादा बैठते थे, पिता बैठते थे, चाचा बैठते थे। उन लोगों को कभी शर्म नहीं आई, उन्होंने कभी
फ़र्नीचर के सड़े-गले होने की शिकायत नहीं की।
घर के फ़र्नीचर के बारे में वक्ता की राय क्या थी और वह उसे क्यों नहीं बदलना चाहता था?
Answer: वक्ता परेश पढ़ा-लिखा और तहसीलदार पद को प्राप्त किया युवक है परंतु संयुक्त परिवार में रहने के कारण उसे घर के
माहौल के साथ ताल-मेल बिठाकर कार्य करना होता है। उसकी पत्नी बेला को कमरे का फ़र्नीचर टूटा-पुराना और सड़ा-
गला लगता है तो इस पर वक्ता कहता है कि यह वही फ़र्नीचर है जिस पर उसके दादा, पिता और चाचा बैठा करते थे।
उन्होंने तो कभी फ़र्नीचर की ऐसी शिकायत नहीं की और यदि इस फ़र्नीचर को वह कमरे में न रखे तो उसके परिवार इसे
ठीक नहीं समझेंगे। अत:वक्ता अपने कमरे का फ़र्नीचर बदलना नहीं चाहता था।
In simple words: परेश, वक्ता, फर्नीचर को नहीं बदलना चाहता था क्योंकि यह उसके पूर्वजों द्वारा इस्तेमाल किया गया था और उसे डर था कि परिवार के अन्य सदस्य इस बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे और इसे अनादर मानेंगे।

🎯 Exam Tip: वक्ता के विचारों के पीछे के भावनात्मक और पारिवारिक कारणों को विस्तार से समझाना आवश्यक है।

 

Question ख-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
मुझे किसी ने बताया तक नहीं। यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस
तत्काल दवाई न लगा दी जाए, बढ़कर एक घाव बन जाती और घाव नासूर हो जाता है, फिर लाख मरहम लगाओ ठीक
नहीं होता।
उपर्युक्त अवतरण के वक्ता का परिचय दें।
Answer: उपर्युक्त अवतरण के वक्ता घर के सबसे मुख्य सदस्य मूलराज परिवार के मुखिया हैं। वे संयुक्त परिवार के ताने-बाने में
विश्वास रखते हैं। वे 72 वर्षीय हैं। परिवार के सभी लोग उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने अपनी सूझ-बुझ और दूरदर्शिता से
अपने परिवार को एक वट वृक्ष की भांति बाँध रखा है।
In simple words: इस अंश के वक्ता मूलराज परिवार के 72 वर्षीय मुखिया हैं, जो संयुक्त परिवार के समर्थक हैं और अपनी सूझ-बूझ से पूरे परिवार को एकजुट रखते हैं।

🎯 Exam Tip: वक्ता के पद, आयु, विचारधारा और परिवार में उनकी भूमिका का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question ख-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
मुझे किसी ने बताया तक नहीं। यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस
तत्काल दवाई न लगा दी जाए, बढ़कर एक घाव बन जाती और घाव नासूर हो जाता है, फिर लाख मरहम लगाओ ठीक
नहीं होता।
उपर्युक्त कथन से वक्ता का क्या आशय है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: उपर्युक्त कथन से वक्ता का आशय है कि जैसे ही कोई समस्या खड़ी होती है तुरंत उस समस्या का समाधान कर देना
चाहिए अन्यथा बाद समस्या बड़ी गंभीर हो जाती है और फिर वह समस्या हल नहीं होती। यहाँ पर वक्ता का संकेत परेश
की पत्नी बेला की समस्या की ओर है। वक्ता का मानना है कि छोटी बहू बेला की यदि कोई शिकायत है तो जल्द ही उसका
निदान कर देना चाहिए।
In simple words: वक्ता का मतलब है कि छोटी समस्याओं को तुरंत सुलझा लेना चाहिए, नहीं तो वे बड़ी होकर अनसुलझी हो जाती हैं; उनका इशारा बेला की शिकायतों को जल्द से जल्द दूर करने की ओर है।

🎯 Exam Tip: कथन के निहितार्थ को उदाहरण सहित स्पष्ट करें और वक्ता के मुख्य संदेश को हाइलाइट करें।

 

Question ख-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
मुझे किसी ने बताया तक नहीं। यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस
तत्काल दवाई न लगा दी जाए, बढ़कर एक घाव बन जाती और घाव नासूर हो जाता है, फिर लाख मरहम लगाओ ठीक
नहीं होता।
घर की छोटी बहू की समस्या क्या है?
Answer: घर की छोटी बहू संपन्न कुल की सुशिक्षित लड़की है। उसके घर और यहाँ के वातावरण में काफी अंतर होने के कारण वह
घर के पारिवारिक सदस्यों के साथ ताल-मेल बैठाने में दिक्कत महसूस कर रही है। वहीँ घर के सदस्य उसे गर्वीली और
अभिमानी समझते हैं और उसकी निंदा और उपहास करते रहते हैं। इसी कारण घर में अलगाव की नौबत आ चुकी है।
In simple words: छोटी बहू, बेला, अपने मायके के खुले वातावरण से ससुराल के पुराने रीति-रिवाजों में तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रही है, और परिवार के सदस्य उसे घमंडी मानकर उसका उपहास करते हैं, जिससे घर में अलगाव बढ़ रहा है।

🎯 Exam Tip: छोटी बहू की समस्या को उसके मायके और ससुराल के माहौल के अंतर के साथ स्पष्ट करें और उसके परिणामों का भी उल्लेख करें।

 

Question ख-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
मुझे किसी ने बताया तक नहीं। यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस
तत्काल दवाई न लगा दी जाए, बढ़कर एक घाव बन जाती और घाव नासूर हो जाता है, फिर लाख मरहम लगाओ ठीक
नहीं होता।
वक्ता ने समस्या का क्या समाधान सुझाया?
Answer: घर को अलगाव से बचाने के लिए वक्ता ने घर के सभी सदस्यों को बुलाकर समझाया कि उन सभी को किस प्रकार से
छोटी बहू के साथ व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सभी को समझाया कि घर के सभी सदस्यों को छोटी बहू से ज्ञानार्जन
करना चाहिए न कि उसकी बातों का मज़ाक उड़ाना चाहिए। इस प्रकार दादाजी की बातों का घर के सभी सदस्यों पर
असर पड़ा और धीरे-धीरे छोटी बहू को भी बात समझ आ गई और वह मिलजुलकर घर के सदस्यों के साथ रहने लगी।
In simple words: वक्ता ने परिवार को अलग होने से बचाने के लिए सभी सदस्यों को समझाया कि छोटी बहू से सही से व्यवहार करें, उसकी बातों का सम्मान करें और उससे सीखने का प्रयास करें, जिससे घर में शांति स्थापित हो सके।

🎯 Exam Tip: वक्ता द्वारा दिए गए समाधान के मुख्य बिंदुओं और उसके सकारात्मक प्रभाव को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question ग-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
दादाजी, आप पेड़ से किसी डाली का टूटकर अलग होना पसंद नहीं करे, पर क्या आप यह चाहेंगे कि पेड़ से लगी-लगी
वह डाल सूखकर मुरझा जाय...
उपर्युक्त अवतरण की वक्ता का परिचय दें।
Answer: उपर्युक्त अवतरण की वक्ता मूलराज परिवार की छोटी बहू बेला है। वह एक संपन्न घराने की सुशिक्षित लड़की है। ससुराल
के पुराने संस्कार और पारिवारिक सदस्यों से पहले वह सामंजस्य नहीं बैठा पाती है परंतु अंत में वह परिवार के सदस्यों के
साथ मिलजुलकर रहने लगती है।
In simple words: इस अंश की वक्ता बेला है, जो मूलराज परिवार की शिक्षित और धनी परिवार से आई छोटी बहू है; शुरू में उसे ससुराल के पारंपरिक माहौल में ढलने में मुश्किल हुई, लेकिन बाद में वह परिवार के साथ घुल-मिल जाती है।

🎯 Exam Tip: वक्ता का परिचय देते समय उसकी शिक्षा, पारिवारिक पृष्ठभूमि और परिवार में उसके शुरुआती तथा बाद के व्यवहार का उल्लेख करें।

 

Question ग-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
दादाजी, आप पेड़ से किसी डाली का टूटकर अलग होना पसंद नहीं करे, पर क्या आप यह चाहेंगे कि पेड़ से लगी-लगी
वह डाल सूखकर मुरझा जाय...
घर के सदस्यों का व्यवहार छोटी बहू के प्रति बदल कैसे जाता है?
Answer: छोटी बहू हर समय अपने मायके की ही तारीफ़ करती रहती है। इस कारण घर के सभी सदस्य उसे अभिमानी समझते हैं
और उसकी बातों पर हँसते रहते हैं परंतु जब घर के दादाजी द्वारा उन्हें समझाया जाता है तब घर के सभी सदस्यों का
व्यवहार छोटी बहू के प्रति बदल जाता है।
In simple words: छोटी बहू के मायके की लगातार तारीफ से परिवार के सदस्य उसे घमंडी समझते थे और उसका मजाक उड़ाते थे, लेकिन दादाजी के समझाने के बाद उनका व्यवहार बदल गया और वे छोटी बहू का सम्मान करने लगे।

🎯 Exam Tip: छोटी बहू के व्यवहार और दादाजी के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप पारिवारिक सदस्यों के व्यवहार में आए परिवर्तन को स्पष्ट करें।

 

Question ग-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
दादाजी, आप पेड़ से किसी डाली का टूटकर अलग होना पसंद नहीं करे, पर क्या आप यह चाहेंगे कि पेड़ से लगी-लगी
वह डाल सूखकर मुरझा जाय...
उपर्युक्त कथन से वक्ता का क्या आशय है?
Answer: उपर्युक्त कथन से वक्ता का आशय उसे अधिक दिए जाने वाले मान-सम्मान से हैं। दादाजी के समझाने पर परिवार के
सदस्यों का व्यवहार इस हद तक बदल गया कि वे उसे जरूरत से ज्यादा सम्मान देने लगे जिसके कारण वह अपने आप
को घर में उपेक्षित समझने लगी। पर इसके साथ ही उसे अपनी भूल का अहसास भी होने लगता है कि ऐसे व्यवहार के
लिए वह खुद भी दोषी है।
In simple words: इस कथन से वक्ता का आशय है कि उसे इतना सम्मान मिलने लगा कि वह खुद को उपेक्षित महसूस करने लगी और अपनी पिछली गलतियों के लिए खुद को दोषी भी मानने लगी।

🎯 Exam Tip: कथन के गहरे अर्थ को समझाते हुए वक्ता की भावनात्मक स्थिति और उसके आत्म-चिंतन को स्पष्ट करें।

 

Question ग-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
दादाजी, आप पेड़ से किसी डाली का टूटकर अलग होना पसंद नहीं करे, पर क्या आप यह चाहेंगे कि पेड़ से लगी-लगी
वह डाल सूखकर मुरझा जाय...
वक्ता की मन:स्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer: बेला एक सुशिक्षित लड़की है। उसे अपने प्रति परिवार का बदला व्यवहार अच्छा नहीं लगता पर जब उसे पता चलता है
कि घर का हर-एक सदस्य परिवार को अलगाव से बचाने के लिए दादाजी की आज्ञा का पालन कर रहा है तो उसे अपनी
भूल समझ आती है कि वह भी इस परिवार का ही एक अंग है। क्यों न वह भी पहल करे और परिवार के साथ मिलजुलकर
रहें और उपर्युक्त कथन वक्ता की इसी पारिवारिक जुड़ाव और मन की व्यथा का वर्णन करता है।
In simple words: वक्ता (बेला) की मनःस्थिति बदल गई है; वह परिवार के बदले व्यवहार से खुश नहीं है, लेकिन जब उसे पता चलता है कि यह परिवार को जोड़े रखने के लिए है, तो वह अपनी गलती मानती है और परिवार के साथ रहने का फैसला करती है।

🎯 Exam Tip: वक्ता की मनःस्थिति को उसके विचारों में आए बदलाव और उसके पीछे के कारणों के साथ समझाएं।

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ICSE Solutions Class 10 Hindi Ekanki Sanchay Chapter 4 Sukhi Daali

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