Class 10 Hindi Solved Question Papers: ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2025 with Solutions
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ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper with Solutions
SECTION - A (40 Marks)
Attempt all questions from this Section.
Question 1
Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics : -
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त हिन्दी निबंध लिखिए : - [15]
(i) आधुनिक समय में विज्ञापन हमें कहाँ-कहाँ किस रूप में दिखाई देते हैं ? उनका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ? इस विषय पर अपने विचार निबंध रूप में लिखिए।
Answer:
विज्ञापन - आधुनिक जीवन का अभिन्न अंग
आधुनिक युग में विज्ञापन हमारे जीवन का एक ऐसा अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं जिनसे बचना असंभव सा प्रतीत होता है। सुबह आँख खुलने से लेकर रात को सोने तक हम विज्ञापनों के जाल से घिरे रहते हैं। सुबह का अखबार हो, रेडियो के कार्यक्रम हों, टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक हों, मोबाइल फोन के ऐप्स हों या सोशल मीडिया के मंच - हर तरफ विज्ञापनों की भरमार है। यहाँ तक कि सड़कों के किनारे बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बसों, मेट्रो और यहाँ तक कि लिफ्ट और मॉल की दीवारों पर भी आकर्षक विज्ञापन हमारा ध्यान खींचते हैं। इंटरनेट पर जब हम कोई वीडियो देखते हैं या वेबसाइट खोलते हैं, तो बीच-बीच में विज्ञापन आ जाते हैं।
इन विज्ञापनों का हमारे जीवन पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ता है। एक सकारात्मक पक्ष यह है कि ये हमें नए उत्पादों और तकनीकों की जानकारी देते हैं, जिससे हमारे पास चयन के बेहतर विकल्प होते हैं। कई बार सामाजिक जागरूकता से जुड़े विज्ञापन हमें स्वच्छता, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूक भी करते हैं।
परंतु इसका एक नकारात्मक पहलू भी है। विज्ञापनों की चमक-दमक और भ्रामक प्रलोभन उपभोक्ताओं में अनावश्यक खरीदारी की प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हैं। लोग उन चीज़ों को भी खरीदने के लिए प्रेरित हो जाते हैं जिनकी उन्हें वास्तव में कोई आवश्यकता नहीं होती। इसके कारण बच्चों और युवाओं में दिखावे की संस्कृति बढ़ रही है और कई बार घरेलू बजट भी गड़बड़ा जाता है। इसलिए आवश्यक है कि हम विज्ञापनों की चकाचौंध में न उलझकर अपनी वास्तविक ज़रूरतों के अनुसार ही विवेकपूर्ण निर्णय लें।
Teacher's Note:
a) निबंध में विषय के दोनों पहलुओं (उपस्थिति और प्रभाव) को स्पष्ट रूप से लगभग 250 शब्दों में संतुलित रूप से प्रस्तुत करना आवश्यक है।
b) भाषा की शुद्धता, विराम चिह्नों का सही प्रयोग और सुंदर शब्दावली परीक्षक पर अच्छा प्रभाव डालती है।
(ii) वर्षा ऋतु मनुष्यों के साथ-साथ सभी प्राणियों के मन को खुशियों से भर देती है। आप भी किसी ऐसे वर्षा ऋतु के दिन का वर्णन कीजिए जब आप ने अपने परिवार और मित्रों के साथ खूब आनन्द मनाया।
Answer:
सुहाना वर्षा ऋतु का एक दिन
ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी और उमस से जब हर जीव त्रिधाह हो रहा था, तब सावन के आगमन ने प्रकृति में एक नया प्राण फूँक दिया। आकाश में उमड़-घुमड़ कर काले-काले घने बादल छा गए और ठंडी हवा के झोंकों ने मन को प्रफुल्लित कर दिया। वह रविवार का दिन था और मेरा पूरा परिवार तथा कुछ घनिष्ठ मित्र हमारे घर पर ही मौजूद थे।
दोपहर होते-होते झमाझम बारिश शुरू हो गई। रिमझिम फुहारों के बाद मूसलाधार बारिश ने चारों ओर हरियाली और ठंडक फैला दी। हम सभी बच्चों और मित्रों ने बालकनी में खड़े होकर इस सुहाने मौसम का आनंद लेना शुरू किया। मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू वातावरण में फैल गई थी। कुछ ही देर में गली के बच्चों के साथ मिलकर हमने कागज की कश्तियाँ बनाकर पानी के तेज बहाव में तैरानी शुरू कर दीं, जिससे पुरानी यादें ताज़ा हो गईं।
इस बीच, माँ ने बड़े प्यार से गरमा-गरम चाय, पकौड़े और समोसे बनाए। हम सबने खिड़की के पास बैठकर बारिश की बूँदों को निहारते हुए उन पकौड़ों और चाय का आनंद लिया। प्रकृति का यह रूप जितना सुंदर था, उतना ही हमारे मन को शांति देने वाला था। शाम को बारिश रुकने के बाद जब हम बाहर पार्क में टहलने निकले, तो पेड़ों के पत्ते धुले हुए चमक रहे थे और ठंडी हवा मन को तृप्त कर रही थी। वह दिन आज भी मेरी स्मृति में अत्यंत सुखद रूप से अंकित है।
Teacher's Note:
a) व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित वर्णनात्मक निबंध में सजीव चित्रण और भावनाओं की अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण होती है।
b) घटनाक्रम को क्रमानुसार लिखते समय भाषा में प्रवाह और उचित विशेषणों का प्रयोग करना चाहिए।
(iii) आधुनिक युग में भूमंडलीय उष्मीकरण (Global Warming) किसे कहा गया है ? यह हमारी धरती के साथ-साथ मनुष्यों के लिए भी अत्यन्त हानिकारक है। इस ग्लोबल वार्मिंग को मनुष्यों तथा सरकार के संयुक्त प्रयासों से कैसे नियंत्रित किया जा सकता है ? इसके कारण तथा इससे होने वाले नुकसानों पर अपने विचार प्रस्ताव रूप में लिखिए।
Answer:
भूमंडलीय उष्मीकरण (Global Warming) - कारण, नुकसान और नियंत्रण
आधुनिक युग में मानवीय गतिविधियों के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार हो रही वृद्धि को 'भूमंडलीय उष्मीकरण' (Global Warming) कहा गया है। यह हमारी सुंदर धरती और समस्त मानव जाति के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है।
कारण: इसके मुख्य कारणों में अंधाधुंध वनों की कटाई, कारखानों और वाहनों से निकलने वाला धुआँ, जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक प्रयोग तथा क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (CFC) जैसी ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता उत्सर्जन शामिल है। इन गैसों के कारण सूर्य की गर्मी वायुमंडल में ही कैद होकर रह जाती है, जिससे पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।
नुकसान: इसके परिणाम अत्यंत भयानक हैं। ध्रुवीय क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और तटीय शहर डूबने के कगार पर हैं। इसके अलावा, मौसम चक्र पूरी तरह असंतुलित हो गया है - कहीं भयंकर सूखा तो कहीं अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ आम हो गई हैं।
नियंत्रण के उपाय: इस संकट से निपटने के लिए केवल सरकारें ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को संयुक्त प्रयास करने होंगे। बड़े पैमाने पर पौरोपण (वृक्षारोपण) करना होगा, प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगानी होगी तथा कोयले और पेट्रोल के स्थान पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना होगा। सरकार को कड़े पर्यावरण नियम लागू करने चाहिए ताकि पृथ्वी को बचाया जा सके।
Teacher's Note:
a) समस्या प्रधान निबंध में कारण, प्रभाव और निवारण (सुझाव) तीनों बिंदुओं को स्पष्ट शीर्षकों या अनुच्छेदों में लिखना चाहिए।
b) तथ्यात्मक और तार्किक भाषा का प्रयोग करते हुए प्रस्तावना और उपसंहार को प्रभावी बनाना आवश्यक है।
(iv) एक मौलिक कहानी लिखिए जिसका आरंभ इस वाक्य से हो - "यह मेरे लिए अत्यंत खुशी का पल था।"
Answer:
सफलता की बूँद
यह मेरे लिए अत्यंत खुशी का पल था जब मंच पर मुख्य अतिथि ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार के रूप में मेरा नाम पुकारा। पिछले छह महीनों से मैंने जिस कड़े परिश्रम और लगन के साथ अपने विज्ञान मॉडल पर काम किया था, उसकी सार्थकता आज सिद्ध हो गई थी।
कक्षा नौ का यह छात्र होने के नाते मेरे पास संसाधन सीमित थे, लेकिन कुछ नया करने का जज्बा अटूट था। मैंने और मेरे दो सहपाठियों ने मिलकर एक ऐसा कम लागत वाला जल शोधक यंत्र (Water Purifier) तैयार किया था जो ग्रामीण क्षेत्रों के गंदे पानी को तुरंत पीने योग्य बना सकता था। जब हमने इसे प्रतियोगिता में प्रस्तुत किया, तो शुरुआत में बड़े-बड़े विद्यालयों के आधुनिक मॉडलों को देखकर हमारा आत्मविश्वास थोड़ा डगमगाया था।
परीक्षकों ने जब हमारे मॉडल का परीक्षण किया और इसके व्यावहारिक उपयोग की सराहना की, तो हमारी उम्मीदें बढ़ गईं। और जब परिणाम घोषित हुआ, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। माता-पिता और अध्यापकों के चेहरे पर गर्व भरी मुस्कान देखकर मुझे ऐसा लगा मानो मेरी मेहनत सफल हो गई। उस क्षण ने मुझे यह सिखाया कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
Teacher's Note:
a) कहानी की शुरुआत दी गई आरंभिक पंक्ति से ही होनी चाहिए और कथानक में एक स्पष्ट संदेश या निष्कर्ष होना चाहिए।
b) पात्रों और घटनाओं का सजीव वर्णन कहानी को अधिक रोचक बनाता है।
(v) नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर उसका परिचय देते हुए कोई लेख, घटना अथवा कहानी लिखिए, जिसका सीधा संबंध चित्र से होना चाहिए।
[Figure: Picture showing a classical Indian classical dancer performing in a traditional mudra with an expressive pose and traditional attire, surrounded by cultural artistic elements.]
Answer:
भारतीय शास्त्रीय नृत्य - संस्कृति की अनमोल धरोहर
प्रस्तुत चित्र भारतीय शास्त्रीय नृत्य की एक भावपूर्ण और सजीव मुद्रा को दर्शाता है। भारतीय संस्कृति में नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने और अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक दिव्य माध्यम रहा है। चित्र में दिख रही नर्तकी अपनी पारंपरिक वेशभूषा, आभूषणों और चेहरे के सुंदर भावों (मुद्राओं) के माध्यम से किसी पौराणिक कथा या प्रसंग को सजीव कर रही है।
इस चित्र को देखकर मुझे अपनी छोटी बहन अनन्या के पहले मंच प्रदर्शन (अरंगेत्रम) की याद आ गई। अनन्या ने भरतनाट्यम सीखने के लिए सात वर्षों तक कठोर परिश्रम किया था। जिस दिन उसका पहला मंच प्रदर्शन था, वह मंच पर इसी प्रकार पारंपरिक पोशाक और घुंघरुओं के साथ उतरी थी। जब उसने अपने नृत्य के माध्यम से शिव तांडव और महिषासुर मर्दिनी के प्रसंगों को प्रस्तुत किया, तो दर्शक दीर्घा में बैठे सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। उसके पैरों की थाप और हाथों की हर मुद्रा तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठी।
यह चित्र हमें यह सिखाता है कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक कलाओं और परंपराओं को जीवित रखना हम सबका कर्तव्य है। ये कलाएँ हमारी पहचान हैं और हमारी युवा पीढ़ी को इनसे जुड़कर गौरवान्वित महसूस करना चाहिए।
Teacher's Note:
a) चित्र आधारित लेखन में चित्र का प्रत्यक्ष वर्णन करने के साथ-साथ उससे जुड़ी किसी प्रासंगिक घटना या कहानी को जोड़ना आवश्यक है।
b) चित्र के सभी मुख्य तत्वों (वेशभूषा, भाव, संस्कृति) का उल्लेख उत्तर को सटीक बनाता है।
Question 2
Write a letter in Hindi of approximately 120 words on any one of the topics given below : -
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए : - [7]
(i) आपके विद्यालय में 'विज्ञान प्रदर्शनी' का आयोजन किया गया था जिसमें आपने बढ़-चढ़ कर भाग लिया था, इसके परिणामस्वरूप आपको क्या लाभ मिला था ? इस विषय पर अपने मित्र को पत्र लिखकर बताइए।
Answer:
परीक्षा भवन,
क ख ग।
दिनांक : 15 मार्च 2025
प्रिय मित्र रोहन,
सप्रेम नमस्कार।
आशा है तुम सकुशल होगे। मैं भी यहाँ ठीक हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं तुम्हें अपने विद्यालय में हाल ही में आयोजित 'विज्ञान प्रदर्शनी' के बारे में बताना चाहता हूँ।
हमारे विद्यालय में पिछले सप्ताह एक भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था, जिसमें मैंने अपने मित्रों के साथ मिलकर 'स्मार्ट सिंचाई प्रणाली' (Smart Irrigation System) पर एक मॉडल तैयार किया था। प्रतियोगिता में राज्य भर के कई विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया था। मेरे मॉडल को न केवल प्रथम पुरस्कार मिला, बल्कि मुख्य अतिथि (जो एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे) ने इसकी बहुत सराहना की।
इस प्रदर्शनी में भाग लेने से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है और मुझे वैज्ञानिक अनुसंधान के नए तौर-तरीके सीखने का अवसर मिला। विज्ञान के प्रति मेरी रुचि और भी गहरी हो गई है। अगली छुट्टियों में जब तुम आओगे, तो मैं तुम्हें वह मॉडल ज़रूर दिखाऊँगा। माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
अमित
Teacher's Note:
a) अनौपचारिक पत्र के प्रारूप (पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन, मुख्य विषय और समापन) का सही पालन करें।
b) शब्द सीमा (लगभग 120 शब्द) का ध्यान रखते हुए विषय-वस्तु को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें।
OR
(ii) आपको आधार कार्ड बनवाने की आवश्यकता पड़ गई है, उस आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए जनसेवा केन्द्र के अधिकारी को अनुरोध पत्र लिखिए।
Answer:
सेवा में,
प्रभारी अधिकारी,
आधार जनसेवा केंद्र,
सिविल लाइन्स, नई दिल्ली।
दिनांक : 15 मार्च 2025
विषय : नया आधार कार्ड बनवाने हेतु अनुरोध पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मेरा नाम राहुल शर्मा है और मैं सिविल लाइन्स क्षेत्र का निवासी हूँ। वर्तमान में मेरे पास मेरा आधार कार्ड नहीं है, जिसके कारण मुझे बैंक खाता खुलवाने, पासपोर्ट आवेदन करने तथा अन्य कई आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरा नया आधार कार्ड बनवाने की कृपा करें। इसके लिए आवश्यक सभी दस्तावेज (पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र) इस पत्र के साथ संलक्षित हैं।
सधन्यवाद।
भवदीय,
राहुल शर्मा
मकान संख्या 45, ए-ब्लॉक,
सिविल लाइन्स, नई दिल्ली।
Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र में सेवा में, विषय, संबोधन, मुख्य भाग, और भवदीय जैसे पारंपरिक चरणों का सही क्रम होना अनिवार्य है।
b) पत्र की भाषा शिष्ट, स्पष्ट और सीधी होनी चाहिए।
Question 3
Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible : -
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिए :-
एक उथला तालाब मछलियों से भरपूर था। उसमें तीन विशालकाय मछलियाँ भी रहती थीं, जो पक्की सखियाँ थीं। इनमें पहली मछली दूरदर्शी एवं दीर्घकाल की बात सोचने वाली थी, दूसरे की प्रतिभा ठीक समय पर काम करने वाली थी, परंतु तीसरी मछली आलसी और प्रत्येक काम को देरी से करने वाली थी। एक दिन कुछ मछुआरों ने इस कम गहराई वाले तालाब की छोटी-बड़ी नालियाँ बनाकर नीचे वाली भूमि की ओर प्रवाहित करना (ताकि पानी कम होने से वे सुगमता से वहाँ की मछलियों तथा दूसरे जल-जीवों को पकड़ सकें) प्रारम्भ कर दिया।
सरोवर के घटते जलस्तर को देखकर दूरदर्शी मछली ने अपनी दोनों सखियों से कहा - 'सखियों! ऐसा जान पड़ता है कि हमारे ऊपर संकट के बादल घिरने लगे हैं। जब तालाब का पानी कम हो जाएगा तो मछुआरे हमें शेष मछलियों के साथ आसानी से पकड़ सकते हैं अतः हमें जलाशय का पानी कम होने से पूर्व ही किसी अन्य सरोवर में पहुँचने का मार्ग ढूँढना चाहिए। बुद्धिमान वही है जो आने वाले संकट को पहले से ही अपनी नीति द्वारा मिटा देता है।' इस पर साधारण बुद्धि वाली मछली कहने लगी - 'हे सखियों! तुम्हारी बात सर्वथा उचित है, परंतु मेरे विचारानुसार हमें अभी तालाब छोड़ने की शीघ्रता नहीं करनी चाहिए।' उसी समय तीसरी मछली अपनी सखियों से कहने लगी - 'जब मेरे ऊपर संकट आएगा उसी समय मैं अपने बचाव का उपाय करूँगी। अभी तो मैं जी भरकर अन्य छोटे जीवों को खाकर आराम से सोना चाहती हूँ। बाद में जो देखा जाएगा !'
जब तीनों सखियों संकट की इस घड़ी में भी एक मत नहीं हो सकी तो परम बुद्धिमान दूरदर्शी मछली रात को ही वहाँ से पानी की नालियों द्वारा निकलकर किसी दूसरे गहरे जलाशय में चली गई। कुछ समय पश्चात मछुआरों ने देखा कि तालाब का सारा पानी लगभग बाहर निकल चुका है तो उन्होंने अपना जाल बिछाकर अनेक मछलियों सहित दोनों मछलियों को भी उसमें फँसा लिया। दूसरी मछली जाल में फँस गयी तो उसने जान बूझकर अपनी श्वास रोक ली और निश्चल होकर मरने का ढोंग करने लगा। जब मछुआरों ने देखा कि वह मछली मर चुकी है, तो उन्होंने उसे अपने जाल से निकालकर फेंक दिया। वह किसी तरह घिसटती हुई एक जलाशय में समा गई और इस प्रकार उसने अपने प्राणों की रक्षा की। परंतु आलसी तथा मूर्ख तीसरी मछली भाग्य पर भरोसा करती हुई जाल में फँसती तड़पती रही। मुसीबत के समय उसे अपनी मृत्यु को निकट आते देख सूझ नहीं रहा था। मछुआरों के आते ही अन्य मछलियों के साथ उसे भी जाल से निकाला और उसे उठाकर बाजार में बेचने के लिए चल पड़े।
ऋषियों तथा विद्वानों ने धर्म शास्त्रों में लिखा है जो प्राणी संकट आने से पहले ही अपने बचाव के लिए उपाय सोचे उसे दूरदर्शी और जो ठीक समय पर आने पर आत्मरक्षा के बारे में विचार करे उसे साधारण बुद्धि कहा जाता है। एक प्रकार का जीव भी होता है जिसे दीर्घसूत्री कहा जाता है। ऐसा व्यक्ति अपने आलस्य के कारण घोर संकट को प्राप्त करता है।
जो व्यक्ति सोच समझकर सावधान होकर कार्य करता है वह निश्चय ही अपनी इच्छानुसार फल प्राप्त करता है। कार्य को भविष्य पर छोड़ने वाला व्यक्ति जीवन में उन्नति नहीं कर सकता। सच है 'आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।'
(i) तीनों मछलियाँ कहाँ रहती थीं ? प्रत्येक की विशेषता बताइए। [2 Marks]
Answer:
तीनों विशालकाय मछलियाँ एक उथले तालाब में रहती थीं। उनकी विशेषताएँ इस प्रकार थीं: पहली मछली दूरदर्शी एवं भविष्य की सोचने वाली थी, दूसरी मछली संकट के समय तुरंत उचित निर्णय लेने वाली थी, और तीसरी मछली अत्यंत आलसी थी जो हर काम को टालती थी।
Teacher's Note:
a) गद्यांश के आरंभिक भाग से तीनों मछलियों का निवास स्थान और उनकी व्यक्तिगत विशेषताएँ संक्षेप में लिखी जानी चाहिए।
b) उत्तर सरल और स्पष्ट भाषा में होना चाहिए।
(ii) मछुआरों ने जलाशय के जल को किस ओर प्रवाहित कर दिया और क्यों ? [2 Marks]
Answer:
मछुआरों ने जलाशय के पानी को छोटी-बड़ी नालियाँ बनाकर नीचे वाली भूमि की ओर प्रवाहित कर दिया, ताकि तालाब का पानी कम हो जाए और वे सुगमता से वहाँ की मछलियों तथा अन्य जल-जीवों को पकड़ सकें।
Teacher's Note:
a) गद्यांश की पहली और दूसरी पंक्ति में इसका सटीक उत्तर दिया गया है।
b) कारण और कार्य दोनों का उल्लेख करना आवश्यक है।
(iii) दूरदर्शी मछली ने अपनी दोनों सखियों को क्या सलाह दी ? क्या उन्होंने उसकी बात मानी ? स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
दूरदर्शी मछली ने सलाह दी कि तालाब का पानी कम होने से पहले ही हमें किसी अन्य सुरक्षित और गहरे जलाशय में चले जाना चाहिए, क्योंकि संकट आने से पहले उपाय करना ही बुद्धिमत्ता है। उसकी दोनों सखियों ने उसकी यह बात नहीं मानी और तालाब छोड़ने से मना कर दिया।
Teacher's Note:
a) दूरदर्शी मछली की सलाह और सखियों की प्रतिक्रिया दोनों बिंदुओं को स्पष्ट करना चाहिए।
b) उत्तर गद्यांश के दूसरे अनुच्छेद पर आधारित है।
(iv) पहली और दूसरी मछली ने अपनी जान कैसे बचायी ? [2 Marks]
Answer:
पहली (दूरदर्शी) मछली तो रात में ही पानी की नालियों के सहारे निकलकर किसी दूसरे गहरे जलाशय में चली गई थी। दूसरी मछली जब जाल में फँस गई, तो उसने जानबूझकर अपनी साँस रोक ली और मरने का ढोंग किया, जिससे मछुआरों ने उसे मृत समझकर फेंक दिया और इस प्रकार उसने घिसटकर दूसरे जलाशय में पहुँचकर अपने प्राण बचा लिए।
Teacher's Note:
a) दोनों मछलियों की अलग-अलग रणनीतियों का वर्णन करना अनिवार्य है।
b) बुद्धिमत्ता और समय पर की गई युक्ति के महत्व को दर्शाना चाहिए।
(v) तीसरी मछली को किस संकट का सामना करना पड़ा ? प्रस्तुत गद्यांश में निहित संदेश भी लिखिए। [2 Marks]
Answer:
तीसरी मछली को यह संकट का सामना करना पड़ा कि वह आलस्य के कारण जाल में फँस गई और मछुआरे उसे अन्य मछलियों के साथ पकड़कर बाज़ार में बेचने के लिए ले गए। इस गद्यांश का संदेश यह है कि 'आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है' और संकट आने से पहले ही बचाव के उपाय करने चाहिए, भविष्य पर काम नहीं छोड़ना चाहिए।
Teacher's Note:
a) तीसरी मछली का अंत और गद्यांश से मिलने वाली नैतिक शिक्षा दोनों स्पष्ट होने चाहिए।
b) मुख्य संदेश (आलस्य का त्याग और दूरदर्शिता) को सही शब्दों में लिखें।
Question 4
Answer the following according to the instructions given below : -
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए : - [8]
(i) 'निर्मल' का विलोम चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) कोमल
(B) निर्बल
(C) दुर्बल
(D) मलीन
Answer: (D) मलीन
'निर्मल' (स्वच्छ) का विलोम शब्द 'मलीन' (गंदा) होता है।
Teacher's Note:
a) विलोम शब्द चुनते समय अर्थ की विपरीतता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
b) निर्बल और दुर्बल आपस में समानार्थी या अलग शब्द हैं, अतः सही विकल्प (D) ही है।
(ii) 'वस्त्र' के उचित पर्यायवाची शब्दों के जोड़ा चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) पट - वसन
(B) आवरण - पर्दा
(C) अस्त्र - शस्त्र
(D) अंबर - आकाश
Answer: (A) पट - वसन
'पट' और 'वसन' दोनों वस्त्र के पर्यायवाची शब्द हैं।
Teacher's Note:
a) पर्यायवाची जोड़ों में दोनों शब्द दिए गए मुख्य शब्द के समानार्थक होने चाहिए।
b) अन्य विकल्प या तो अलग अर्थ रखते हैं या आंशिक रूप से भिन्न हैं।
(iii) 'मूर्ख' की भाववाचक संज्ञा चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) अज्ञानी
(B) बेवकूफ
(C) मौसिक
(D) मूर्खता
Answer: (D) मूर्खता
'मूर्ख' विशेषण शब्द से बनने वाली भाववाचक संज्ञा 'मूर्खता' है।
Teacher's Note:
a) भाववाचक संज्ञा किसी गुण, दशा या भाव का बोध कराती है।
b) प्रत्यय जोड़कर संज्ञा निर्माण के नियमों को समझें।
(iv) 'शक्ति' का विशेषण चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) शक्तिपूर्वक
(B) शक्तिशाली
(C) शक्तिदायी
(D) शक्तिमय
Answer: (B) शक्तिशाली
'शक्ति' संज्ञा शब्द का विशेषण रूप 'शक्तिशाली' है।
Teacher's Note:
a) विशेषण शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।
b) अन्य विकल्प क्रियाविशेषण या अन्य रूप हैं।
(v) 'मिठाईयाँ' शब्द का शुद्ध रूप चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) मिठाईयाँ
(B) मिठाईईया
(C) मीठाइया
(D) मिठाइयाँ
Answer: (D) मिठाइयाँ
'मिठाई' का बहुवचन 'मिठाइयाँ' शुद्ध वर्तनी है जिसमें 'ई' की मात्रा छोटी हो जाती है।
Teacher's Note:
a) इकारंत शब्दों के बहुवचन बनाते समय बड़ी ई की मात्रा छोटी इ में बदल जाती है और अंत में 'याँ' जुड़ता है।
b) वर्तनी की अशुद्धियों से बचें।
(vi) 'रंग उड़ना' मुहावरे का अर्थ चुनकर लिखिए : [1 Mark]
(A) उड़कर भाग जाना
(B) रंग चला जाना
(C) भाग जाना
(D) चेहरा फीका पड़ना
Answer: (D) चेहरा फीका पड़ना
'रंग उड़ना' मुहावरे का सही अर्थ भय या घबराहट के कारण चेहरा फीका पड़ जाना है।
Teacher's Note:
a) मुहावरों का शाब्दिक अर्थ न लेकर उनका विशेष (लक्षार्थ) अर्थ समझना चाहिए।
b) भय या आश्चर्य की स्थिति में रंग उड़ जाता है।
(vii) निम्नलिखित रेखांकित वाक्यांश हेतु उचित एक शब्द चुनकर लिखिए : [1 Mark]
ताजमहल देखने योग्य है।
(A) ताजमहल दर्शनीय हैं।
(B) ताजमहल अद्भुत है।
(C) ताजमहल अददर्शनीय है।
(D) ताजमहल प्रदर्शनी है।
Answer: (A) ताजमहल दर्शनीय हैं।
'देखने योग्य' वाक्यांश के लिए एक उपयुक्त शब्द 'दर्शनीय' है।
Teacher's Note:
a) अनेक शब्दों के लिए एक शब्द वाक्यांशों की संक्षिप्तता और सुंदरता बढ़ाते हैं।
b) वाक्य रचना और लिंग-वचन का ध्यान रखें।
(viii) निर्देशानुसार उचित शब्द बताइए : [1 Mark]
"आजकल महँगाई चरम सीमा पर है।"
(रेखांकित शब्द के स्थान पर उचित शब्द का प्रयोग चुनकर लिखिए।)
(A) ऊँची
(B) चरम
(C) चोटी
(D) नीची
Answer: (B) चरम
वाक्य में 'चरम' शब्द ही उचित और सटीक है, जो उच्चतम स्थिति को दर्शाता है।
Teacher's Note:
a) वाक्य में प्रयुक्त शब्दों के संदर्भ के अनुसार उपयुक्त शब्द का चयन किया जाता है।
b) 'चरम सीमा' एक मानक और प्रचलित प्रयोग है।
SECTION - B (40 Marks)
Questions from only two textbooks are to be answered.
Attempt four questions from this section.
You must answer at least one question from each of the two books you have studied and any two other questions from the same books that you have chosen.
साहित्य सागर - संक्षिप्त कहानियाँ
SAHITYA SAGAR - SHORT STORIES
Question 5
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
सोचने लगा, 'यह दुनिया न्याय नगरी नहीं, अंधेर नगरी है। चोरी पकड़ी गई तो अपराध हो गया। असली अपराधी बड़ी-बड़ी कोठियों में बैठकर दोनों हाथों से धन बटोर रहे हैं। उन्हें कोई नहीं पकड़ता।'
बात अघट्री की - सुदर्शन
Baat Athanni Ki - Sudarshan
(i) उपर्युक्त कथन को सोचने वाला व्यक्ति कौन है ? इस कथन का संदर्भ स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
उपर्युक्त कथन को सोचने वाला व्यक्ति रसिकलाल है, जो जिला मजिस्ट्रेट साहब के यहाँ बाबू था और रिश्वत लिया करता था। इस कथन का संदर्भ तब आता है जब इंजीनियर साहब (सुशील बाबू) के यहाँ से अलीशान रिश्वत लेने के बाद भी रसिकलाल को कोई नहीं पकड़ता, जबकि न्यायलय मामूली अठन्नी की चोरी करने वाले सुजान सिंह को छह महीने की सजा सुना देता है।
Teacher's Note:
a) वक्ता का नाम (रसिकलाल) और घटना की पृष्ठभूमि का स्पष्ट उल्लेख करें।
b) समाज की न्याय व्यवस्था पर व्यंग्य को समझें।
(ii) किस व्यक्ति से, क्या अपराध हो गया था ? कारण स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
सुजान सिंह से अपराध यह हो गया था कि उसने अपनी बहन की बेटी के विवाह के लिए अपने पूर्व सहकर्मी और मित्र रसिकलाल से आठ आने (अठन्नी) उधार मांगे थे और अत्यधिक गरीबी व बेबसी के कारण वह समय पर चुका नहीं पाया था। उसने रिश्वत या चोरी जैसी मजबूरी में अठन्नी की चोरी की थी ताकि उसका परिवार भूखा न मरे।
Teacher's Note:
a) सुजान सिंह द्वारा की गई अठन्नी की चोरी का प्रसंग लिखें।
b) अपराध के पीछे उसकी आर्थिक लाचारी और गरीबी का कारण स्पष्ट करें।
(iii) दोनों हाथों से धन बटोरने वाले लोग कौन हैं ? पाठ के आधार पर उनकी मानसिकता पर प्रकाश डालते हुए बताइए कि उनके न पकड़े जाने का क्या कारण है ? [3 Marks]
Answer:
दोनों हाथों से धन बटोरने वाले वे भ्रष्ट अधिकारी और उच्च वर्ग के लोग हैं जो बड़ी-बड़ी कोठियों में रहते हैं और रिश्वतखोरी तथा भ्रष्टाचार द्वारा अवैध रूप से धन कमाते हैं। उनकी मानसिकता यह होती है कि कानून केवल गरीबों और कमजोरों के लिए बना है। वे पकड़े इसलिए नहीं जाते क्योंकि उनके पास धन, रसूख और अधिकार होता है तथा वे पर्दे के पीछे रहकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करते हैं, जिसे आम कानून आसानी से नहीं पकड़ पाता।
Teacher's Note:
a) बड़े अधिकारियों और रसिकलाल जैसे भ्रष्ट लोगों की कार्यशैली का उल्लेख करें।
b) कानून की दोहरी नीति और गरीबों व अमीरों के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
(iv) 'यह दुनिया न्याय नगरी नहीं, अंधेर नगरी है' - इस कथन का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहानी का उद्देश्य बताइए। [3 Marks]
Answer:
इस कथन का अर्थ यह है कि इस दुनिया में न्याय निष्पक्ष नहीं है; यहाँ गरीबों के लिए कठोर दंड है और अमीरों व भ्रष्ट अधिकारियों के लिए खुली छूट है। कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और न्याय प्रणाली की दोहरी नीतियों को बेनकाब करना है। यह पाठ सिखाता है कि कानून को अंधा और पक्षपाती नहीं होना चाहिए, बल्कि हर अपराधी के लिए न्याय समान होना चाहिए चाहे वह गरीब हो या अमीर।
Teacher's Note:
a) कथन के निहितार्थ और कहानी के केंद्रीय संदेश (संदेश/उद्देश्य) को लिखें।
b) सुदर्शन जी की इस कहानी की सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालें।
Question 6
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
आज चित्रा को जाना था। अरुणा सवेरे से ही उसका सारा सामान ठीक कर रही थी। एक-एक करके चित्रा सबसे मिल आई। बस, गुरुजी से मिलना रह गया था सो उनका आशीर्वाद लेने चल पड़ी। तीन बज गए थे पर, वह लौटी नहीं। पाँच बजे की गाड़ी से वह जाने वाली थी। अरुणा ने सोचा वह खुद जाकर देख आए कि आखिर बात क्या हो गई। तभी बड़बड़ाती-सी चित्रा ने प्रवेश किया, 'बड़ी देर हो गई यार।'
दो कलाकार - मन्नू भंडारी
Do Kalakar - Mannu Bhandari
(i) चित्रा को कहाँ जाना था और क्यों ? [2 Marks]
Answer:
चित्रा को विदेश (शायद पेरिस या विदेश अध्ययन के लिए) जाना था, क्योंकि उसे कला के क्षेत्र में छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) मिली थी और वह एक प्रसिद्ध चित्रकार बनने के अपने सपने को पूरा करना चाहती थी।
Teacher's Note:
a) चित्रा के विदेश जाने के उद्देश्य और छात्रवृत्ति का उल्लेख करें।
b) कहानी की शुरुआत की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करें।
(ii) चित्रा तथा अरुणा का परिचय दीजिए। [2 Marks]
Answer:
चित्रा और अरुणा दोनों एक ही हॉस्टल में रहने वाली पक्की सहेलियाँ थीं, किंतु दोनों के स्वभाव और दृष्टिकोण में जमीन-आसमान का अंतर था। चित्रा एक महत्वाकांक्षी चित्रकार थी जो अपनी कला और प्रसिद्धि को सर्वोपरि मानती थी, जबकि अरुणा एक संवेदनशील और परोपकारी युवती थी जो दीन-दुखियों और बाढ़ पीड़ितों की सेवा को ही सच्ची कला और धर्म मानती थी।
Teacher's Note:
a) दोनों के विपरीत चरित्र और स्वभाव की तुलना करें।
b) कहानी के केंद्रीय पात्रों के रूप में उनकी भूमिका समझाएँ।
(iii) चित्रा को आने में देर क्यों हो गई थी ? विस्तार से लिखिए। [3 Marks]
Answer:
चित्रा को आने में इसलिए देर हो गई थी क्योंकि जब वह अपने गुरुजी से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने गई थी, तो रास्ते में उसने एक गरीब मजदूर की बीमार बच्ची को देखा जिसकी हालत बहुत गंभीर थी और उसके पास इलाज के पैसे नहीं थे। चित्रा ने अपने जाने से पहले अपनी कला और चित्रों को भूलकर उस दुखी परिवार की मदद की और उस बच्ची के इलाज का प्रबंध किया, इसी मानवीय संवेदना के कारण उसे लौटने में देर हो गई थी।
Teacher's Note:
a) घटना का विस्तार से वर्णन करें कि कैसे चित्रा का कला प्रेम मानवता के आगे आया।
b) अंत में चित्रा के भीतर आए मानवीय परिवर्तन को दर्शाएँ।
(iv) पाठ के शीर्षक के अनुसार चित्रा और अरुणा, दोनों कलाकार हैं। कहानी के माध्यम से स्पष्ट कीजिए कि आपकी दृष्टि में कौन सच्चा कलाकार है ? [3 Marks]
Answer:
पाठ के शीर्षक 'दो कलाकार' के अनुसार चित्रा रंगों और तूलिका से चित्र बनाती है जबकि अरुणा समाज की सेवा करके मानवीय जीवन में रंग भरती है। हमारी दृष्टि में अरुणा सच्ची कलाकार है, क्योंकि केवल कैनवास पर सुंदर चित्र उकेरना ही सच्ची कला नहीं है; असली कला तो दीन-दुखियों के जीवन में खुशियाँ लाना और मानवता की सेवा करना है। अरुणा ने अपनी स्वार्थ भावना त्यागकर समाज सेवा को अपनाया, जो श्रेष्ठ कला का प्रतीक है।
Teacher's Note:
a) दोनों की कला के स्वरूप की तुलना करते हुए अपना दृष्टिकोण रखें।
b) मन्नू भंडारी के इस संदेश को स्पष्ट करें कि मानवीय संवेदना सबसे बड़ी कला है।
Question 7
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
भोला ने कहा, 'इन्होंने मँगाई थी। कहते थे, इनसे पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेंगे।' विश्वेश्वर हतबुद्धि होकर वहीं खड़े रह गए। उन्होंने फटी हुई पतंग उठाकर देखी। उस पर चिपके हुए कागज पर लिखा था - काकी।
काकी - सियारामशरण गुप्त
Kaki - Siyaram Sharan Gupta
(i) भोला कौन था ? उसके अनुसार किसने पतंग मँगाई थी ? [2 Marks]
Answer:
भोला विश्वेश्वर का पुत्र और असीम (उमा) का नन्हा साथी था। उसके अनुसार पतंग असीम (श्यामा) ने मँगाई थी।
Teacher's Note:
a) भोला की पहचान और उसके कथन को स्पष्ट करें।
b) कहानी के बाल पात्रों की मासूमियत को दर्शाएँ।
(ii) पतंग मँगाने का क्या कारण था ? स्पष्ट करें। [2 Marks]
Answer:
पतंग मँगाने का कारण यह था कि श्यामा (असीम) की माँ की मृत्यु हो चुकी थी और बड़ों ने उसे बताया था कि उसकी माँ राम के यहाँ (भगवान के पास) चली गई है। बच्चों की बाल-बुद्धि ने यह मान लिया था कि यदि वे आसमान में एक लंबी पतंग भेजेंगे, तो उस पर चढ़कर 'काकी' नीचे उतर आएगी।
Teacher's Note:
a) बच्चों की अंसार और बाल-सुलभ कल्पना को समझाएँ।
b) काकी के प्रति बच्चे के प्रेम और पीड़ा को उजागर करें।
(iii) विश्वेश्वर का परिचय देते हुए बताएँ कि उनके हतबुद्धि होकर खड़े रह जाने का क्या कारण था ? [3 Marks]
Answer:
विश्वेश्वर असीम (श्यामा) के पिता और गाँव के एक समझदार व्यक्ति थे, जिनकी पत्नी की हाल ही में मृत्यु हो गई थी। उनके हतबुद्धि होकर खड़े रह जाने का कारण यह था कि जब उन्होंने फटी हुई पतंग पर 'काकी' लिखा हुआ देखा और भोला की बात सुनी, तब उन्हें अपने छोटे से बच्चे के मन की अपार पीड़ा, मातृहीनता के दर्द और उसकी मासूम जिद का अहसास हुआ। उन्हें यह समझ आया कि उनका बच्चा किस कदर अपनी माँ को याद कर रहा है, जिसे वे अब तक समझ नहीं पाए थे।
Teacher's Note:
a) विश्वेश्वर की भूमिका और उनके पश्चाताप को रेखांकित करें।
b) पिता की लाचारी और बच्चे के आत्मीय प्रेम को स्पष्ट करें।
(iv) यह कहानी बच्चों के स्वभाव की किन विशेषताओं को प्रकट करती है ? उदाहरण सहित बताइए। [3 Marks]
Answer:
यह कहानी बच्चों के स्वभाव की मासूमियत, अक्खड़पन, कल्पनाशीलता और जिद्दीपन को प्रकट करती है। बच्चे दुनिया के तौर-तरीकों से अनजान होते हैं; वे बड़ों की हर बात को सच मान लेते हैं। उदाहरण के लिए, जब श्यामा को बताया गया कि उसकी माँ भगवान के यहाँ चली गई है, तो उसने सचमुच पतंग के सहारे अपनी माँ को वापस बुलाने का उपाय सोच लिया। इसके अलावा, बच्चों में अपनी माँ के प्रति अगाध प्रेम और निष्ठा होती है, जिसके लिए वे चोरी करने या डाँट खाने से भी नहीं डरते।
Teacher's Note:
a) बाल-मनोविज्ञान और बच्चों की कल्पना शक्ति की विशेषताओं का वर्णन करें।
b) कहानी के प्रसंगों का हवाला देते हुए उत्तर को पुष्ट करें।
साहित्य सागर - पद्य भाग
SAHITYA SAGAR - PADYA BHAG
Question 8
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
"जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाही।
प्रेम गली अति साँकरी, तामे दो न समाहि।।"
साखी - कबीरदास
Sakhi - Kabir Das
(i) यह पंक्तियाँ किस भाषा में रचित हैं ? उक्त पंक्ति में 'मैं' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है ? [2 Marks]
Answer:
ये पंक्तियाँ सधुक्कड़ी (पंचमेल खिचड़ी) भाषा में रचित हैं। इन पंक्तियों में 'मैं' शब्द का प्रयोग 'अहंकार' (अहम या घमंड) के अर्थ में हुआ है।
Teacher's Note:
a) कबीर की भाषा शैली और 'मैं' के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करें।
b) अहंकार और ईश्वर के मिलन में विरोध को समझाएँ।
(ii) प्रथम पंक्ति में कवि ने क्या कहना चाहा है ? स्पष्ट करें। [2 Marks]
Answer:
प्रथम पंक्ति में कवि कबीरदास कहना चाहते हैं कि जब तक मनुष्य के हृदय में अहंकार ('मैं') विद्यमान रहता है, तब तक उसे ईश्वर ('हरि') की प्राप्ति नहीं हो सकती। और जब सच्चे ज्ञान से अहंकार समाप्त हो जाता है, तब हृदय में ईश्वर का वास हो जाता है।
Teacher's Note:
a) अहंकार के नाश और ईश्वर की प्राप्ति के संबंध को समझाएँ।
b) कबीर की दार्शनिक सोच को स्पष्ट करें।
(iii) "तामे दो न समाहि" का क्या अभिप्राय है ? कवि यहाँ किस बात पर बल देते हैं ? [3 Marks]
Answer:
"तामे दो न समाहि" का अभिप्राय यह है कि प्रेम की सँकरी (पतली) गली इतनी संकीर्ण है कि उसमें अहंकार और ईश्वर दोनों एक साथ नहीं समा सकते। कवि इस बात पर बल देते हैं कि यदि भक्त को ईश्वर का साक्षात्कार करना है, तो उसे अपने भीतर से स्वार्थ, अहंकार और 'मैं' की भावना का सर्वनाश करना होगा, क्योंकि प्रेम में द्वैत (दोपन) के लिए कोई स्थान नहीं है।
Teacher's Note:
a) प्रेम की मार्ग की संकीर्णता और एकात्मकता को समझाएँ।
b) भक्ति मार्ग की मुख्य शर्त को स्पष्ट करें।
(iv) कबीरदास को कवि से अधिक समाज सुधारक क्यों माना जाता है ? पठित पाठ के आधार पर बताइए कि उनकी भक्ति भावना कैसी थी ? [3 Marks]
Answer:
कबीरदास को कवि से अधिक समाज सुधारक इसलिए माना जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी साखियों और पदों के माध्यम से समाज में फैली कुप्रथाओं, जाति-पाँति के भेदभाव, पाखंड, ढोंग और बाहरी आडंबरों का खुलकर विरोध किया तथा मानवता व सद्व्यवहार का पाठ पढ़ाया। उनकी भक्ति भावना निर्गुण ब्रह्म की थी; वे मूर्तिपूजा, बाह्य आचार-विचार के विरोधी थे और ईश्वर को हर कण में तथा अपने भीतर ही अनुभव करने पर बल देते थे।
Teacher's Note:
a) कबीर के समाज सुधारक रूप और निर्गुण भक्तिधारा का वर्णन करें।
b) उनके विद्रोही और मानवतावादी दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।
Question 9
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
लेकिन विघ्न अनेक अभी
इस पथ पर अड़े हुए हैं
मानवता की राह रोककर
पर्वत अड़े हुए हैं।
न्यायोचित सुख सुलभ नहीं
जब तक मानव-मानव को
चैन कहाँ धरती पर तब तक
शांति कहाँ इस भव को ?
स्वर्ग बना सकते हैं - रामधारी सिंह 'दिनकर'
Swarg Bana Sakte Hain - Ramdhari Singh 'Dinkar'
(i) इस कविता में 'धर्मराज' कहकर किसे संबोधित किया गया है तथा धर्मराज को यह संदेश कौन दे रहा है ? [2 Marks]
Answer:
इस कविता में 'धर्मराज' कहकर युधिष्ठिर को संबोधित किया गया है, और यह संदेश स्वयं भगवान श्रीकृष्ण (या कवि दिनकर) दे रहे हैं।
Teacher's Note:
a) 'धर्मराज' संबोधन के ऐतिहासिक/पौराणिक संदर्भ (महाभारत के युधिष्ठिर) को स्पष्ट करें।
b) कुरुक्षेत्र के प्रसंग से जोड़कर उत्तर दें।
(ii) कवि के अनुसार मनुष्य का जीवन कैसा होना चाहिए ? कविता के आधार पर बताइए। [2 Marks]
Answer:
कवि के अनुसार मनुष्य का जीवन केवल अपनी मुक्ति या सुख तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वह ऐसा होना चाहिए जिसमें समाज के सभी मनुष्यों को न्यायोचित सुख और अधिकार समान रूप से मिल सकें तथा धरती पर शांति और समानता की स्थापना हो सके।
Teacher's Note:
a) मानव जीवन के कल्याण और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।
b) दिनकर जी की प्रगतिवादी सोच को दर्शाएँ।
(iii) मानव जीवन के विकास में कौन-कौन सी बाधाएँ और आशंकाएँ उपस्थित हैं ? ये बाधाएँ और आशंकाएँ कैसे दूर हो सकती है ? [3 Marks]
Answer:
मानव जीवन के विकास में असमानता, अन्याय, स्वार्थ, आपसी फूट, और शोषण जैसी बाधाएँ पर्वत के समान अड़ी हुई हैं। इसके कारण यह आशंका बनी रहती है कि समाज में शांति स्थापित नहीं हो सकेगी। ये बाधाएँ और आशंकाएँ आपसी भाईचारे, संघर्ष, श्रम के सम्मान, और जब तक प्रत्येक मानव को उसका न्यायोचित सुख व अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक पुरुषार्थ और एकता के बल पर दूर हो सकती हैं।
Teacher's Note:
a) पद्यांश में उल्लिखित बाधाओं (पर्वत रूपी विघ्न) का उल्लेख करें।
b) उनके समाधान के लिए आवश्यक मानवीय प्रयत्नों को समझाएँ।
(iv) 'भव' शब्द का अर्थ लिखकर कविद्देश्य स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
Answer:
'भव' शब्द का अर्थ 'संसार' या 'दुनिया' है। कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' का मुख्य उद्देश्य इस कविता के माध्यम से यह संदेश देना है कि मनुष्य अपनी शक्ति, परिश्रम और पुरुषार्थ से इसी धरती को स्वर्ग के समान सुंदर, न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण बना सकता है। जब तक समाज में हर व्यक्ति को उसका अधिकार और न्याय नहीं मिलता, तब तक सुख-शांति संभव नहीं है, अतः हमें मिलकर समाज की विसंगतियों को दूर करना चाहिए।
Teacher's Note:
a) 'भव' का अर्थ लिखकर कविता के केंद्रीय संदेश को स्पष्ट करें।
b) दिनकर जी के क्रांतिकारी और मानवतावादी विचारों का उल्लेख करें।
Question 10
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
व्यथित है मेरा हृदय प्रदेश,
चलूँ उसको बहलाऊँ आज।
बताकर अपना सुख-दुःख उसे,
हृदय का भार हटाऊँ आज।।
चलूँ माँ के पद-पंकज पकड़,
नयन जल से नहलाऊँ आज।
मातृ-मंदिर में मैंने कहा
चलूँ दर्शन कर आऊँ आज।।
मातृ मंदिर की ओर - श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान
Maatri Mandir Ki Or - Shrimati Subhadra Kumari Chauhan
(i) 'व्यथित' शब्द का अर्थ लिखकर बताइए कि यहाँ किसका हृदय व्यथित है ? [2 Marks]
Answer:
'व्यथित' शब्द का अर्थ 'दुखी' या 'पीडि़त' है। यहाँ कवयित्री (सुभद्रा कुमारी चौहान) का हृदय अपनी भारतमाता (मातृभूमि) की दयनीय और परतंत्र दशा को देखकर व्यथित है।
Teacher's Note:
a) शब्दार्थ और व्यथित हृदय के संदर्भ (देशभक्ति) को स्पष्ट करें।
b) कवयित्री की राष्ट्र के प्रति वेदना को दर्शाएँ।
(ii) कवयित्री अपना सुख-दुःख किसके साथ साझा करना चाहती है और किस प्रकार ? [2 Marks]
Answer:
कवयित्री अपना सुख-दुःख अपनी मातृभूमि (भारत माता) के साथ साझा करना चाहती है। वह मातृभूमि के चरणों में बैठकर, अपने आंसुओं से उनके चरण धोकर और अपने मन की व्यथा उन्हें बताकर अपने हृदय का भार हल्का करना चाहती है।
Teacher's Note:
a) मातृभूमि के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण भाव को स्पष्ट करें।
b) पद्यांश की पंक्तियों के आधार पर उत्तर की पुष्टि करें।
(iii) कविता के आधार पर बताइए कि मातृ मंदिर का मार्ग किस प्रकार है ? उसे पार करने हेतु कवयित्री किससे सहायता की प्रार्थना करती है ? [3 Marks]
Answer:
कविता के आधार पर मातृ मंदिर (स्वतंत्रता और देशसेवा) का मार्ग अत्यंत कठिन, दुर्गम और काँटों भरा है। उस मार्ग को पार करने और अपनी मातृभूमि की सेवा करने हेतु कवयित्री भगवान (या अपनी शक्ति और आराध्य) से सहायता की प्रार्थना करती है ताकि वह हर बाधा को पार कर सके।
Teacher's Note:
a) मार्ग की कठिनाइयों और दुर्गमता का वर्णन करें।
b) कवयित्री की अटूट आस्था और देशभक्ति को समझाएँ।
(iv) कविता का मूल-भाव बताते हुए इसमें निहित संदेश लिखिए। [3 Marks]
Answer:
कविता का मूल-भाव राष्ट्रप्रेम, मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा और देशवासियों के त्याग की भावना को प्रकट करना है। इसमें निहित संदेश यह है कि देश की परतंत्रता और उसकी पीड़ा से हर सच्चे देशभक्त का हृदय दुखी होना चाहिए। हमें अपने व्यक्तिगत सुख-दुःख को भूलकर अपनी मातृभूमि की सेवा और उसकी स्वतंत्रता के लिए समर्पित हो जाना चाहिए।
Teacher's Note:
a) कविता के केंद्रीय भाव और देशभक्ति के संदेश को स्पष्ट करें।
b) सुभद्रा कुमारी चौहान की काव्य शैली के अनुरूप उत्तर लिखें।
एकांकी संचय
EKANKI SANCHAY
Question 11
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
"शिकायत आपको हमसे है, उस भोली-भाली लड़की ने आपका क्या बिगाड़ा है, जो विदा न करके आप से बदला ले रहे हैं।"
बहू की विदा - विनोद रस्तोगी
Bahu Ki Vida - Vinod Rastogi
(i) जीवनलाल को किस व्यक्ति से शिकायत थी और क्या शिकायत थी ? [2 Marks]
Answer:
जीवनलाल को लड़की के पिता (जोतराम) से शिकायत थी। शिकायत यह थी कि जोतराम ने उसकी हैसियत और प्रतिष्ठा के अनुसार दहेज में मोटर कार, जेवर और अन्य मनचाही वस्तुएँ नहीं दी थीं और विवाह में उसकी शान के मुताबिक आवभगत नहीं की थी।
Teacher's Note:
a) जीवनलाल के अहंकार और दहेजलोभी स्वभाव को स्पष्ट करें।
b) शिकायत के मूल कारण (दहेज और मान-सम्मान) का उल्लेख करें।
(ii) भोली-भाली लड़की कौन है ? उसके पति का नाम बताइए। [2 Marks]
Answer:
भोली-भाली लड़की जीवनलाल की बहू कमला है। उसके पति का नाम प्रमोद है।
Teacher's Note:
a) पात्रों की पहचान (कमला और प्रमोद) स्पष्ट करें।
b) एकांकी के अन्य प्रमुख पात्रों से संबंध जोड़ें।
(iii) क्या जीवनलाल ने अपनी बहू को विदा किया ? यदि हाँ, तो उनके हृदय-परिवर्तन का कारण बताइए। [3 Marks]
Answer:
हाँ, अंततः जीवनलाल ने अपनी बहू कमला को विदा कर दिया। उनके हृदय-परिवर्तन का मुख्य कारण यह था कि जब उन्होंने देखा कि उनकी अपनी पोती गौरी (जो अभी छोटी थी) को भी समाज और परिवार में उसी प्रकार की प्रताड़ना और उपेक्षा का सामना करना पड़ सकता है जैसा वे बहू के साथ कर रहे थे, और जब उन्होंने प्रमोद तथा राजाराम के तर्कों से समझा कि दहेज से बढ़कर बहू का जीवन और मानवीय प्रेम मूल्यवान है, तब उनका अहंकार पिघल गया और उन्होंने अपनी बहू को सहर्ष विदा किया।
Teacher's Note:
a) जीवनलाल के अंत में हुए हृदय परिवर्तन की घटना का वर्णन करें।
b) पोती गौरी की स्थिति और मानवीय संवेदना के प्रभाव को समझाएँ।
(iv) जीवनलाल की पत्नी कौन थी ? जीवनलाल एवं उनकी पत्नी के चरित्र का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए। [3 Marks]
Answer:
जीवनलाल की पत्नी का नाम यशोदा था। तुलनात्मक दृष्टि से, जीवनलाल एक अहंकारी, कठोर, और दहेज के लोभी व्यक्ति थे जो अपनी प्रतिष्ठा और धन को इंसानियत से बढ़कर मानते थे और किसी की भावनाओं की परवाह नहीं करते थे। इसके विपरीत, यशोदा एक ममतामयी, कोमल हृदय, और संवेदनशीलता से भरी भारतीय नारी थीं जो अपनी बहू कमला को अपनी बेटी की तरह मानती थीं और जीवनलाल के कठोर निर्णयों से दुखी रहती थीं। यशोदा परिवार को जोड़कर रखना चाहती थीं जबकि जीवनलाल अपने अहंकार में सबको दूर कर रहे थे।
Teacher's Note:
a) दोनों के स्वभाव के अंतर (कठोरता बनाम कोमलता) को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के संदेश को इन चरित्रों के माध्यम से उभारें।
Question 12
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
ताकत की बात छोड़ो, अभय सिंह! प्रत्येक राजपूत को अपनी ताकत पर नाज़ है। इतने बड़े दंभ को मेड़वा अपने प्राणों में आश्रय न दें, इसी में उसका कल्याण है। रह गई बात एक माला गूँथने की, तो वह माला तो बनी हुई है। हाँ, उस माला को तोड़ने का श्रीगणेश हो गया है।
मातृभूमि का मान - हरिकृष्ण 'प्रेमी'
Matribhoomi Ka Maan - Harikrishna 'Premi'
(i) अभय सिंह कौन है ? वे राव हेमू के पास किसका, क्या संदेश लेकर आए हैं ? [2 Marks]
Answer:
अभय सिंह मेवाड़ का एक सामंत या राजपूत योद्धा है। वह राव हेमू के पास महाराणा की ओर से यह संदेश लेकर आया है कि मेवाड़ के सभी सामंतों और सरदारों को अपने आपसी अहंकार (दंभ) को छोड़कर मेवाड़ की रक्षा के लिए एकजुट हो जाना चाहिए और युद्ध की तैयारी करनी चाहिए।
Teacher's Note:
a) अभय सिंह की पहचान और उसका संदेश स्पष्ट करें।
b) एकांकी की राजनीतिक पृष्ठभूमि को समझाएँ।
(ii) उपर्युक्त कथन का वक्ता कौन है ? इस कथन के पीछे उनका क्या आशय है ? [2 Marks]
Answer:
उपर्युक्त कथन का वक्ता राव हेमू है। इस कथन के पीछे उनका आशय यह है कि राजपूतों को अपनी व्यक्तिगत शक्ति और वीरता पर बहुत अहंकार (दंभ) है, और यही अहंकार उनके पतन का कारण बनता है। मेवाड़ की रक्षा के लिए इस अहंकार को त्यागना होगा, अन्यथा आपसी फूट के कारण एकता की माला टूट जाएगी।
Teacher's Note:
a) वक्ता (राव हेमू) का नाम लिखें।
b) कथन के प्रतीकात्मक अर्थ (माला और दंभ) को समझाएँ।
(iii) राव हेमू की तीन चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। [3 Marks]
Answer:
राव हेमू की तीन प्रमुख चारित्रिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. राष्ट्रभक्त और कर्तव्यनिष्ठ: उनके लिए मेवाड़ की रक्षा और उसकी मान-मर्यादा सर्वोपरि थी।
2. दूरदर्शी और विवेकशील: वे राजपूतों के आपसी अहंकार और फूट के परिणामों को भली-भांति समझते थे और एकता पर बल देते थे।
3. साहसी और निष्ठावान: वे विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटते थे और अपने प्राणों की बाजी लगाकर भी मातृभूमि की रक्षा करना जानते थे।
Teacher's Note:
a) राव हेमू के चरित्र के सकारात्मक और देशभक्तिपूर्ण पहलुओं को उभारें।
b) बिंदुओं के रूप में उत्तर देने से अंक अच्छे मिलते हैं।
(iv) 'मातृभूमि का मान' एकांकी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
Answer:
'मातृभूमि का मान' एकांकी का मुख्य उद्देश्य देशप्रेम, एकता, और बलिदान की भावना को जागृत करना है। एकांकी यह संदेश देती है कि व्यक्तिगत अहंकार, आपसी मनमुटाव और छोटे-मोटे विवाद देश की सुरक्षा और स्वतंत्रता से बढ़कर नहीं हो सकते। मातृभूमि की मान-रक्षा के लिए सभी को अपने आंतरिक भेदों को भुलाकर एक संगठित शक्ति के रूप में खड़े होना चाहिए।
Teacher's Note:
a) एकांकी के केंद्रीय संदेश और उद्देश्य को स्पष्ट करें।
b) राजपूत वीरता और राष्ट्रनिष्ठा के समन्वय को समझाएँ।
Question 13
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
'चली गई। ऐसा मैं नहीं सुन सकूँगी। जो मुझे करना है वह सामली सुन भी न सकेगी। भवानी तुमने मेरे हृदय को कैसा कष्ट दिया ? मुझे बल दो कि मैं राजवंश की रक्षा में अपना रक्त दे सकूँ।'
दीपदान - डॉ. रामकुमार वर्मा
Deepdan - Dr. Ram Kumar Verma
(i) यहाँ किस राजवंश की बात की जा रही है ? उस पर कौन सा संकट आया था ? [2 Marks]
Answer:
यहाँ मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश की बात की जा रही है। उस पर यह संकट आया था कि दासी पुत्र बनवीर ने विक्रमादित्य की हत्या कर दी थी और अब वह उत्तराधिकारी कुंवर उदयसिंह की भी हत्या करके चित्तौड़ की गद्दी हथियाना चाहता था।
Teacher's Note:
a) राजवंश (मेवाड़) और बनवीर के षड्यंत्र का उल्लेख करें।
b) संकट की गंभीरता को स्पष्ट करें।
(ii) वक्ता क्या करना चाहता था क्यों करना चाहता था ? [2 Marks]
Answer:
वक्ता (पन्ना धाय) अपने इकलौते पुत्र चंदन का बलिदान देकर कुंवर उदयसिंह की जान बचाना चाहती थी। वह ऐसा इसलिए करना चाहती थी ताकि मेवाड़ के राजवंश के एकमात्र वारिस उदयसिंह की रक्षा हो सके और वह देश व राजवंश के प्रति अपनी सच्ची निष्ठा निभा सके।
Teacher's Note:
a) वक्ता पन्ना धाय के महान त्याग को स्पष्ट करें।
b) राजभक्ति और मातृत्व के संघर्ष को समझाएँ।
(iii) राजवंश की रक्षा किसने किस प्रकार की ? वर्णन कीजिए। [3 Marks]
Answer:
मेवाड़ के राजवंश (कुंवर उदयसिंह) की रक्षा पन्ना धाय ने अपने अद्वितीय और अतुलनीय त्याग द्वारा की। जब बनवीर उदयसिंह की हत्या करने के लिए तलवार लेकर आया, तो पन्ना धाय ने अपनी सूझबूझ और असीम साहस का परिचय देते हुए सोते हुए कुंवर उदयसिंह को एक झूठी टोकरी (या पत्तलों के नीचे) सुलाकर सुरक्षित बाहर भेज दिया, और अपने ही प्यारे पुत्र चंदन को उदयसिंह की पलंग पर सुला दिया। क्रूर बनवीर ने चंदन को ही उदयसिंह समझकर उसकी हत्या कर दी, और इस प्रकार पन्ना ने अपने कलेजे के टुकड़े का बलिदान देकर राजवंश की रक्षा की।
Teacher's Note:
a) पन्ना धाय के इस ऐतिहासिक और मर्मस्पर्शी त्याग का वर्णन करें।
b) चंदन के बलिदान की घटना को स्पष्ट करें।
(iv) "दीपदान" का अर्थ क्या है ? एकांकीकार ने 'दीपदान' से क्या संदेश देना चाहा है ? [3 Marks]
Answer:
'दीपदान' का शाब्दिक अर्थ दीपों का दान या उत्सव है (जो पन्ना धाय ने चित्तौड़ के कुँवर के लिए उत्सव के रूप में आयोजित किया था)। एकांकीकार डॉ. रामकुमार वर्मा ने इस प्रतीक के माध्यम से यह संदेश देना चाहा है कि अपने देश, कर्तव्य और राजवंश की रक्षा के लिए अपने सबसे प्रिय वस्तु (पुत्र के प्राण) का बलिदान देना ही सच्चा दीपदान है। यह एकांकी सर्वोच्च त्याग, कर्तव्यपरायणता और देशप्रेम की मिसाल पेश करती है।
Teacher's Note:
a) दीपदान के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के शीर्षक की सार्थकता और केंद्रीय संदेश को समझाएँ।
नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल
NAYA RAASTA - SUSHMA AGARWAL
Question 14
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
आखिर मीनू का हॉस्टल जाने का दिन आ ही गया। उसके सामने एक उद्देश्य था, एक सपना था जो पूरा करना था। घर छोड़ते समय मीनू की आँखों में आँसू छलक पड़े। कितना अजीब लग रहा था उसे घर छोड़ना। अपनी माँ से, भाई-बहन से पहली बार अलग हो रही थी।
नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल
Naya Raasta - Sushma Agarwal
(i) मीनू अपने किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कहाँ जा रही थी ? [2 Marks]
Answer:
मीनू उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने पैरों पर आत्मनिर्भर होने (डॉक्टर या शिक्षिका बनने/अपने सपनों को पूरा करने) के उद्देश्य से हॉस्टल (छात्रावास) जा रही थी।
Teacher's Note:
a) मीनू के उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास के कथानक की इस महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख करें।
(ii) हॉस्टल जाने से पूर्व मीनू के मन में क्या भाव उठे ? उसकी आँखें क्यों छलक पड़ी ? [2 Marks]
Answer:
हॉस्टल जाने से पूर्व मीनू के मन में अपने परिवार से बिछड़ने का दुख और अज्ञात भविष्य को लेकर एक अजीब सी घबराहट और संकोच के भाव उठे। उसकी आँखें इसलिए छलक पड़ीं क्योंकि वह पहली बार अपने घर, अपनी माँ, भाई और बहन से दूर जा रही थी और अपनों का स्नेह छोड़कर अनजान माहौल में कदम रख रही थी।
Teacher's Note:
a) मीनू की भावनात्मक स्थिति और पारिवारिक जुड़ाव को दर्शाएँ।
b) विदाई के समय के स्वाभाविक आंसुओं का कारण स्पष्ट करें।
(iii) मीनू के जाने से पहले उसकी माँ और पिताजी हर रोज क्या बनाकर एवं क्या लाकर अपना स्नेह प्रदर्शित करते थे ? माँ ने जाते समय मीनू को क्या आशीर्वाद दिया ? [3 Marks]
Answer:
मीनू के जाने से पहले उसकी माँ उसके पसंद के व्यंजन बनाकर और पिताजी उसके लिए उसकी पसंद की चीज़ें व फल लाकर अपना अगाध स्नेह प्रदर्शित करते थे। माँ ने जाते समय मीनू को यह आशीर्वाद दिया कि वह खूब मन लगाकर पढ़े, अपने जीवन में सफलता प्राप्त करे और हमेशा अपने संस्कारों पर अडिग रहते हुए एक स्वावलंबी नारी बने।
Teacher's Note:
a) माता-पिता के स्नेह और माँ के आशीर्वाद का वर्णन करें।
b) उपन्यास में पारिवारिक सहयोग की भावना को स्पष्ट करें।
(iv) मीनू ने विवाह का सपना देखना क्यों छोड़ दिया था ? उसका यह फैसला उसकी किस चारित्रिक विशेषता की ओर संकेत करता है ? [3 Marks]
Answer:
मीनू ने विवाह का सपना इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि उसने समाज की रूढ़ियों, दहेज प्रथा और लड़कियों को पराया धन मानकर उनके सपनों को कुचलने वाली मानसिकता को करीब से देख लिया था। उसने यह समझ लिया था कि केवल विवाह करना ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य नहीं है। उसका यह फैसला उसकी आत्मनिर्भरता, दृढ़ संकल्प, स्वावलंबन और स्वतंत्र विचार वाली चारित्रिक विशेषता की ओर संकेत करता है, जो समाज की परंपरागत जंजीरों को तोड़कर अपना एक नया रास्ता बनाना चाहती थी।
Teacher's Note:
a) मीनू के इस क्रांतिकारी और परिपक्व निर्णय का कारण समझाएँ।
b) उसके स्वावलंबी और प्रगतिशील चरित्र को रेखांकित करें।
Question 15
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
'यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़ प्यार से करते हैं उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों सौंप देते हैं। हर पल साथ रहने वाली बिटिया के लिए घर पराया हो जाता है। घर ही क्या बिटिया की तो पराया धन ही हो जाती है।'
नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल
Naya Raasta - Sushma Agarwal
(i) प्रस्तुत अवतरण का उल्लेख किसकी शादी के संदर्भ में किया गया है ? उसकी शादी कहाँ और किसके साथ हो रही थी ? [2 Marks]
Answer:
प्रस्तुत अवतरण 'आशा' की शादी के संदर्भ में किया गया है। उसकी शादी शहर के ही एक सुशिक्षित और सभ्य युवक (या उपन्यास के प्रसंगानुसार उचित वर) के साथ हो रही थी।
Teacher's Note:
a) आशा की विदाई और विवाह के प्रसंग को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास के पात्रों की स्थिति का उल्लेख करें।
(ii) 'बेटी पराया धन होती है' - भारतीय परंपरा को आधार बनाकर इस कथन का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
'बेटी पराया धन होती है' इस भारतीय परंपरा का अर्थ यह है कि लड़की का जन्म जिस घर में होता है, वह वहाँ कुछ वर्षों तक रहकर अंततः विवाह के पश्चात अपने पति के घर (ससुराल) चली जाती है। समाज की पारंपरिक दृष्टि से उसे दूसरे घर की अमानत माना जाता है जिसे बड़े लाड़-प्यार से पाल-पोसकर दूसरे को सौंप दिया जाता है।
Teacher's Note:
a) पारंपरिक सामाजिक दृष्टिकोण और विदाई के संदर्भ को समझाएँ।
b) इस धारणा के सामाजिक प्रभावों का उल्लेख करें।
(iii) विदाई के बाद माँ को फूट-फूट कर रोता देख मीनू के मस्तिष्क में कौन से विचार घूमने लगे ? [3 Marks]
Answer:
विदाई के बाद माँ को फूट-फूटकर रोता देख मीनू के मस्तिष्क में यह विचार घूमने लगे कि समाज की यह कैसी रूढ़िवादी परंपरा है जो माता-पिता और बेटी को इस तरह जुदा कर देती है। उसके मन में आया कि क्यों एक लड़की को पराया मानकर घर से विदा किया जाता है? उसने यह भी सोचा कि यदि लड़कियाँ आत्मनिर्भर और शिक्षित बन जाएँ, तो वे केवल 'पराया धन' बनकर नहीं रहेंगी बल्कि अपने माता-पिता का सहारा बन सकती हैं और समाज की इस संकीर्ण सोच को बदल सकती हैं।
Teacher's Note:
a) विदाई के समय मीनू की वैचारिक परिपक्वता को दर्शाएँ।
b) समाज की रूढ़ियों के प्रति उसके विरोध और चिंतन को स्पष्ट करें।
(iv) 'आशा के विवाह में मीनू एक आदर्श बहन तथा योग्य बेटी की भूमिका निभाने में पूर्णतया सफल रही' - इस कथन को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
Answer:
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि आशा के विवाह में मीनू ने एक आदर्श बहन और योग्य बेटी की भूमिका निभाई। जब विवाह की तैयारियों में माता-पिता पर आर्थिक और मानसिक दबाव था, तब मीनू ने आगे बढ़कर सारी जिम्मेदारियाँ संभालीं। उसने न केवल घर के कामों में हाथ बँटाया बल्कि अपनी समझदारी और सूझबूझ से हर कठिनाई को दूर किया। विदाई के समय उसने अपनी बहन आशा को ढांढस बंधाया और माता-पिता को भी सांत्वना दी, जिससे साबित होता है कि वह एक आदर्श पुत्री और बहन थी।
Teacher's Note:
a) आशा के विवाह में मीनू के सहयोग और उसकी परिपक्वता का उदाहरण दें।
b) पारिवारिक संकट में मीनू के संबल बनने के गुण को समझाएँ।
Question 16
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow : -
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए : -
धनीमल जी के साथ आई फल की पेटी अमित को एक आँख भी नहीं भा रही थी। वह समझता था कि वे अपने पैसे का जादू डालकर सबको मोह लेना चाहते हैं। जब अभी रिश्ता पक्का नहीं हुआ तो फल किस बात के। अमित से रहा नहीं गया। उसने धनीमल जी से पूछ ही लिया,'' ये फल क्यों लेके आए हैं आप ! इस सब की क्या जरूरत थी ?''
नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल
Naya Raasta - Sushma Agarwal
(i) धनीमल जी कौन हैं तथा वे वहाँ क्यों आए थे ? [2 Marks]
Answer:
धनीमल जी एक अमीर और संभ्रांत व्यक्ति (तथा विवाह प्रस्ताव लेकर आने वाले पक्ष के व्यक्ति या बिचौलिए/रिश्तेदार) थे। वे वहाँ अमित के परिवार के साथ रिश्ते की बात पक्की करने और फल-मिठाई लेकर आए थे।
Teacher's Note:
a) धनीमल जी की पहचान और उनके आने के उद्देश्य को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास के इस प्रसंग की पृष्ठभूमि को समझाएँ।
(ii) अमित का परिचय देते हुए बताएँ कि उसे फल की पेटी एक आँख भी क्यों नहीं भा रही थी ? [2 Marks]
Answer:
अमित एक स्वाभिमानी, शिक्षित और आधुनिक विचारों वाला युवक था। उसे फल की पेटी इसलिए नहीं भा रही थी क्योंकि वह दिखावे, धन के प्रदर्शन और दहेज व रिश्ते की इस सौदेबाजी जैसी संस्कृति के सख्त खिलाफ था। वह समझता था कि धनीमल जी अपने पैसे के प्रभाव से सब पर रोब जमाना चाहते हैं।
Teacher's Note:
a) अमित के स्वाभिमानी चरित्र का परिचय दें।
b) धन के प्रदर्शन के प्रति उसकी नाराजगी को स्पष्ट करें।
(iii) यहाँ किस रिश्ते की बात हो रही है ? क्या अमित इस रिश्ते से प्रसन्न था ? यदि नहीं, तो क्यों ? स्पष्ट करें। [3 Marks]
Answer:
यहाँ अमित के विवाह के रिश्ते की बात हो रही है। अमित इस रिश्ते से प्रसन्न नहीं था, क्योंकि वह ऐसी लड़की से विवाह नहीं करना चाहता था जो केवल धन और दिखावे के आधार पर चुनी गई हो, या जिसके परिवार वाले पैसे का रोब जमाते हों। वह अपनी पसंद और वैचारिक मेल के आधार पर जीवनसाथी चुनना चाहता था, न कि पारिवारिक दबाव या पैसों के लेन-देन के आधार पर।
Teacher's Note:
a) रिश्ते की प्रकृति और अमित की असहमति के कारणों को स्पष्ट करें।
b) अमित के आधुनिक और स्वतंत्र दृष्टिकोण को रेखांकित करें।
(iv) अमित द्वारा फल की पेटी लाने के पीछे उद्देश्य पूछने पर धनीमल जी ने क्या उत्तर दिया ? उनके उत्तर को सुनकर अमित की क्या प्रतिक्रिया हुई ? [3 Marks]
Answer:
अमित द्वारा पूछने पर धनीमल जी ने अहंकार और परंपरा का हवाला देते हुए उत्तर दिया कि यह हमारे यहाँ की रीति-रिवाज और परंपरा है, रिश्ता पक्का होने से पहले शगुन के तौर पर फल और मिठाइयाँ लाना जरूरी होता है। उनके इस रूढ़िवादी और अहंकाकारी उत्तर को सुनकर अमित और अधिक क्षुब्ध हो गया, और उसने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि वह इस प्रकार के दिखावे और थोपी गई परंपराओं को नहीं मानता, जिससे वहाँ एक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
Teacher's Note:
a) धनीमल जी के रूढ़िवादी उत्तर और अमित की तीखी प्रतिक्रिया का वर्णन करें।
b) उपन्यास में पीढ़ी के अंतराल और वैचारिक टकराव को समझाएँ।
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