Class 10 Hindi Solved Question Papers: ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2017 with Solutions
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ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper with Solutions
SECTION - A (40 Marks)
Q.1 Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics : [15]
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :
1. पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं तथा हमारी सच्ची मित्र एवं गुरु भी होती हैं। हाल ही में पढ़ी गई अपनी किसी पुस्तक के विषय में बताते हुए लिखिए कि वह आपको पसंद क्यों आई आपने उससे क्या सीखा?
2. ‘पर्यावरण है तो मानव है’ विषय को आधार बनाकर पर्यावरण सुरक्षा को लेकर आप क्या-क्या प्रयास कर रहे हैं? विस्तार से लिखिए।
3. कम्प्यूटर तथा मोबाइल मनोरंजन के साथ-साथ हमारी जरूरत का साधन अधिक बन गए हैं। हर क्षेत्र में इनसे मिलने वाले लाभों तथा हानियों का वर्णन करते हुए अपने विचार लिखिए।
4. अरे मित्र ! “तुमने तो सिद्ध कर दिया कि तुम ही मेरे सच्चे मित्र हो” इस पंक्ति से आरंभ करते हुए कोई कहानी लिखिए।
5. प्रस्तुत चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर उसका परिचय देते हुए कोई लेख, कहानी अथवा घटना लिखिए जिसका सीधा व स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिए।
[Figure: Four child laborers working in a cramped and unhygienic room making bangles or small items.]
Answer:
(चयनित विषय - 1. पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं...)
पुस्तकें ज्ञान का अद्भुत भंडार ही नहीं हमारे सच्चे मित्र भी हैं। पुस्तक के बगैर ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है। पुस्तकें तो सर्वत्र सहजता से उपलब्ध हो जाती हैं। ज्ञान का महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं - पुस्तकें। आज संसार की प्राचीनतम पुस्तकें भी हमें उपलब्ध हैं। प्रत्येक भाषा में विपुल साहित्य उपलब्ध है। प्रत्येक मनुष्य अपनी क्षमता के अध्ययन करके अपने ज्ञान क्षितिज का विस्तार कर सकता है।
हाल ही में मैंने बेबी हालदार की जीवनी पढ़ी कि किस तरह अपने पति के अत्याचारों से तंग आकर वह अपना घर अपने नन्हे-नन्हे बच्चों के साथ छोड़ देती है और घरेलू नौकरानी बन जाती है। अलग हो जाने के बाद अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष, बच्चों का पालन-पोषण वह कैसे करती है। वहीं एक घर में काम करने पर उसे घर के मालिक उसे हर प्रकार की सहायता देते हैं और लिखने के लिए प्रेरित करते हैं। इन्हीं के कारण दिन-भर काम में जुटी रहने के बावजूद जितना भी समय उसे मिलता वह अपने बचपन से लेकर वर्तमान तक की बातों का लेखा-जोखा लिखती रहती। बेबी हालदार की कहानी अपने आप में एक मिसाल है कि मनुष्य चाहे तो क्या नहीं कर सकता। बेबी हालदार के जीवन में कई कठिनाइयाँ आईं पर उसने अपने जीवन से हार नहीं मानी और सारी जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए एक सफल लेखिका भी बनी।
Teacher's Note:
a) ऐसे निबंधात्मक प्रश्नों में छात्रों को विषय के सभी पहलुओं (भूमिका, मुख्य भाग और निष्कर्ष) को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
b) व्याकरण की अशुद्धियों से बचना चाहिए और निर्धारित शब्द सीमा (लगभग 250 शब्द) का ध्यान रखना चाहिए।
Q.2 Write a letter in Hindi in approximately 120 Words on any one of the topics given below : [7]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए :
(i) आपके क्षेत्र में एक ही साधारण सा सरकारी अस्पताल है, जिसके कारण आम जनता को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन परेशानियों का उल्लेख करते हुए, एक और सुविधायुक्त सरकारी अस्पताल खुलवाने का अनुरोध करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।
(ii) ओलम्पिक में अपने देश के बढ़ते कदम देख कर आपको बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। इस वर्ष की ओलम्पिक की उपलब्धियों को बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।
Answer:
(चयनित विषय - (i) सरकारी अस्पताल खुलवाने हेतु स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र)
सेवा में
स्वास्थ्य अधिकारी
बिनसार
उत्तराखंड
विषय : सुविधायुक्त सरकारी अस्पताल खुलवाने के संदर्भ में पत्र।
महोदय
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र की ओर दिलाना चाहता हूँ। हमारे क्षेत्र में सामान्य सा सरकारी अस्पताल है जहाँ पर अक्सर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं रहता। वहाँ किसी भी प्रकार की बीमारी की जाँच करने के उपकरण और दक्ष विशेषज्ञ भी मौजूद नहीं हैं। अस्पताल इतना छोटा है कि मरीजों को बाहर धूप में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके कारण छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी कई किलोमीटर दूर बड़े अस्पताल जाना पड़ता है जिसके कारण स्थानीय नगरवासियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रास्ते में ही कितने मरीजों की हालत बहुत अधिक बिगड़ जाती है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि हमारे इलाके में एक सुविधायुक्त सरकारी अस्पताल खुलवाने का कष्ट करें। आशा करता हूँ कि आप इस अनुरोध की ओर ध्यान देकर उचित कार्यवाही करेंगे।
सधन्यवाद।
भवदीय
कमल शर्मा
2/42, सरला निवास,
राम नगर,
बिनसार
उत्तराखंड
दिनांक - 27 फरवरी 2017
Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र लिखते समय प्रेषक का पता, दिनांक, सेवा में, विषय और महोदय जैसे प्रारूप के अंगों का सही क्रम में होना आवश्यक है।
b) पत्र की भाषा शिष्ट और स्पष्ट होनी चाहिए तथा मुख्य विषय कम शब्दों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
Q.3 Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible : [10]
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिए :
पंजाब में उस वर्ष भयंकर अकाल पड़ा था। उन दिनों वहाँ महाराजा रणजीत सिंह का राज था। उन्होंने यह घोषणा करवा दी, “महाराज के आदेश से शाही भण्डार-गृह हर जरूरतमंद के लिए खुला है। प्रत्येक जरूरतमंद एक बार में जितना उठा सके, ले जाए।” यह घोषणा सुनते ही गाँवों व शहरों से जरूरतमंदो की भीड़ राजमहल में उमड़ पड़ी।
उन दिनों लाहौर में एक सद्गृहस्थ बूढ़े सज्जन रहते थे। वे कट्टर सनातनी विचारों के थे। उन्होंने जीवन में कभी भी किसी के आगे अपना हाथ नहीं फैलाया था। अँधेरा होने पर वह शाही भंडार के दरवाजे पर पहुंचे। द्वार खुला था किसी तरह की कोई जाँच-पड़ताल नहीं हुई। उन्होंने बड़े संकोच से अपनी चादर को फैलाया, उसके कोने में थोड़ा सा अनाज बाँध लिया। ज्यादा अनाज उठाना उनके लिए मुश्किल था। इतने में पगड़ी बाँधे एक व्यक्ति वहाँ आया। उसने कहा, “भ्राताजी आपने तो काफी कम अनाज लिया है।” बूढ़े सज्जन ने कहा, “असल में मैं बढ़ा लाचार हूँ। इस अकाल में तो थोड़ा अनाज लेना ही सही है, जिससे सब जरुरतमंदो को मिल जाए।”
उस व्यक्ति ने बूढ़े की गठरी खोल दी। उसमें भरपूर अनाज भर दिया। बूढ़े सज्जन ने कहा, “मैं इतना अनाज नहीं उठा सकता और न ही इसकी मजदूरी का पैसा दे सकता हूँ।” इतने में उस अजनबी ने बूढ़े की गठरी अपने कन्धे पर ले ली और बूढ़े के पीछे-पीछे चल पड़ा। जब वे बूढ़े के घर द्वार पर पहुंचे तो वहाँ दो बच्चे उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्हें देखते ही वे बोले - “बाबा, कहाँ चले गए थे?” बूढ़ा खामोश रहा। अजनबी ने कहा, “घर में कोई बड़ा लड़का नहीं है?” वह बोला, “लड़का था लेकिन काबुल की लड़ाई में शहीद हो गया। अब बहू है तथा मेरे ये पोते हैं।” वह अजनबी बोला, “भाई जी धन्य है आप, जिनका बेटा देश के लिए शहीद हो गया।”
रोशनी में बूढ़े ने उस अजनबी को पहचान लिया। वे खुद महाराज रणजीत सिंह थे। बूढ़े से पोतों से कहा, “इनके सामने दंडवत प्रणाम करो।” और स्वयं भी प्रणाम करने लगे और थोड़ी देर बाद बोले, “आज मुझसे बड़ा पाप हो गया। आपसे बोझा उठवाया।” “नहीं यह पाप नहीं, मेरा सौभाग्य था कि मैं शहीद के परिवार की सेवा कर सका। आप सबकी सेवा करना मेरा फ़र्ज़ है। अब आप जीवन भर हमारे साथ रहिए और हमें कृतार्थ कीजिए।”
1. राज्य को किस विपत्ति का सामना करना पड़ा था? उन दिनों वहाँ के राजा कौन थे और उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला? [2]
Answer:
राज्य को अकाल का सामना करना पड़ा। उन दिनों वहाँ महाराजा रणजीत सिंह का राज था। उन्होंने यह घोषणा करवा दी कि उनके आदेश से शाही भण्डार-गृह हर जरूरतमंद के लिए खुला है। प्रत्येक जरूरतमंद एक बार में जितना उठा सके, ले जाए।
Teacher's Note:
a) गद्यांश के आधार पर उत्तर संक्षिप्त और सटीक होना चाहिए।
b) सभी तीनों प्रश्नों (विपत्ति, राजा का नाम, और समाधान) के उत्तर एक साथ स्पष्ट रूप से लिखे जाने चाहिए।
2. राजा ने राज्य में क्या घोषणा करवाई और क्यों [2]
Answer:
राजा ने राज्य में यह घोषणा करवा दी कि उनके आदेश से शाही भण्डार-गृह हर जरूरतमंद के लिए खुला है। प्रत्येक जरूरतमंद एक बार में जितना उठा सके, ले जाए ताकि राज्य में पड़े भयंकर अकाल के समय कोई भी भूखा न रहे।
Teacher's Note:
a) उत्तर में राजा की घोषणा और उसका कारण दोनों स्पष्ट होने चाहिए।
b) भाषा गद्यांश के संदर्भ के अनुकूल होनी चाहिए।
3. बूढ़े आदमी के बारे में आप क्या जानते हैं? उनका पूर्ण परिचय दीजिए। [2]
Answer:
बूढ़ा लाहौर के एक सद्गृहस्थ बूढ़े सज्जन थे। वे कट्टर सनातनी विचारों के थे। उन्होंने जीवन में कभी भी किसी के आगे अपना हाथ नहीं फैलाया था। उनका लड़का काबुल की लड़ाई में शहीद हो गया था तथा घर में उनकी बहू और दो पोते थे।
Teacher's Note:
a) बूढ़े व्यक्ति के स्वभाव, विचारों और पारिवारिक स्थिति का उल्लेख करना आवश्यक है।
b) छात्रों को गद्यांश से ही मुख्य बिंदुओं को चुनकर उत्तर लिखना चाहिए।
4. बूढ़े आदमी ने थोड़ा सा अनाज ही क्यों लिया था? कारण स्पष्ट करते हुए बताइए कि उस अजनबी व्यक्ति ने उस बूढ़े की कैसे सहायता की? [2]
Answer:
बूढ़े आदमी ने थोड़ा सा ही अनाज लिया क्योंकि वे बूढ़े थे और अधिक बोझ उठाने में असमर्थ थे। एक अजनबी व्यक्ति ने जब यह देखा तो उन्होंने बूढ़े की सहायता का निश्चय किया। अजनबी व्यक्ति ने ढेर सारा अनाज उनकी पोटली में भर दिया और स्वयं उसे उसके घर तक छोड़ आते हैं।
Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भागों (अनाज कम लेने का कारण और अजनबी द्वारा सहायता) का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए।
b) अजनबी (महाराज रणजीत सिंह) की उदारता को दर्शाना मुख्य बिंदु है।
5. इस गद्यांश से मिलने वाली शिक्षाओं पर प्रकाश डालिए। [2]
Answer:
उपर्युक्त गद्यांश से हमें यह शिक्षा मिलती है कि एक राजा को कैसा होना चाहिए। राजा को सदैव अपनी प्रजा का ध्यान रखना चाहिए और विशेषकर देश के लिए प्राण अर्पण करने वाले शहीदों के परिवार का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
Teacher's Note:
a) नैतिक शिक्षा या संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
b) राजा की प्रजा-वत्सलता और संवेदनशीलता इस गद्यांश का मुख्य संदेश है।
Q. 4 Answer the following according to the instructions given :
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए :
1. निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए : [1]
• आनंद
• पुत्र
• राक्षस
Answer:
आनंद - हर्ष, मोद
(या पुत्र - सूत, बेटा / राक्षस - दानव, निशाचर)
Teacher's Note:
a) छात्रों को निर्देशानुसार केवल एक ही शब्द के दो पर्यायवाची लिखने थे, यहाँ तीनों के उत्तर दिए गए हैं।
b) वर्तनी की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
2. निम्नलिखित शब्दों में से दो शब्दों के विलोम लिखिए : [1]
• आलस्य
• सदाचार
• सामिष
• कृत्रिम
Answer:
आलस्य - स्फूर्ति
सदाचार - अनाचार
(अन्य विकल्प: सामिष - निरामिष, कृत्रिम - प्राकृतिक)
Teacher's Note:
a) निर्देशानुसार किन्हीं दो शब्दों के विलोम शब्द लिखने थे।
b) विलोम शब्द लिखते समय मूल शब्द के व्याकरणिक स्वरूप का ध्यान रखना चाहिए।
3. निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों को शुद्ध कीजिए : [1]
• प्रतिस्टा
• ग्रन्थ
• परीस्थती
Answer:
प्रतिस्टा - प्रतिष्ठा
ग्रन्थ - ग्रंथ
परीस्थती - परिस्थिति
Teacher's Note:
a) वर्तनी शुद्धि के अंतर्गत वर्णों और मात्राओं का सही प्रयोग परखा जाता है।
b) किन्हीं दो शब्दों को ही शुद्ध करना था।
4. निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक का वाक्य में प्रयोग कीजिए: [1]
अपना उल्लू सीधा करना, हाथ मलना।
Answer:
अपना उल्लू सीधा करना - वोट मिल जाने के बाद नेता अपना उल्लू सीधा करने में लगे रहते हैं।
हाथ मलना - अब हाथ मलने से क्या फायदा यदि समय रहते अपने व्यवसाय पर ध्यान देते तो आज यह घाटे की नौबत न आती।
Teacher's Note:
a) मुहावरे का वाक्य प्रयोग ऐसा होना चाहिए जिससे उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।
b) परीक्षा में किसी एक का ही वाक्य प्रयोग करना था।
5. कोष्ठक में दिए गए निर्देशानुसार वाक्यों में परिवर्तन कीजिए :
(a) विद्यार्थी को जानने की इच्छा रखने वाला होना चाहिए। [1]
(रेखांकित शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग कीजिये।)
Answer:
विद्यार्थी को जिज्ञासु होना चाहिए।
Teacher's Note:
a) वाक्यांश के लिए एक शब्द का यह एक सटीक उदाहरण है।
b) वाक्य का मूल अर्थ अपरिवर्तित रहना चाहिए।
(b) इतनी आयु होने पर भी वह विवाहित नहीं है। [1]
(‘नहीं’ हटाइए परन्तु वाक्य का अर्थ न बदले।)
Answer:
इतनी आयु होने पर भी वह अविवाहित है।
Teacher's Note:
a) 'नहीं' हटाने के लिए विलोम शब्द (विवाहित का अविवाहित) का प्रयोग किया गया है।
b) वाक्य रूपांतरण में अर्थ परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
(c) रात में सर्दी बढ़ जाएगी। [1]
(अपूर्ण वर्तमान काल में बदलिए)
Answer:
रात में सर्दी बढ़ती जा रही है।
Teacher's Note:
a) अपूर्ण वर्तमान काल में कार्य का वर्तमान में जारी रहना पाया जाता है (रहा है / रही है / रहे हैं)।
b) काल परिवर्तन के नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
(d) अन्याय का सब विरोध करते हैं। [1]
(रेखांकित का विशेषण लिखते हुए वाक्य पुनः लिखिए)
Answer:
अन्यायी का सब विरोध करते हैं।
Teacher's Note:
a) 'अन्याय' भाववाचक संज्ञा का विशेषण रूप 'अन्यायी' होता है।
b) वाक्य को निर्देशानुसार पुन: लिखना आवश्यक है।
SECTION - B (40 Marks)
(साहित्य सागर – संक्षप्त कहानियाँ / Sahitya Sagar – Short Stories)
Q.5 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
“उसने कोई बहाना न बनाया। चाहता तो कह सकता कि यह साजिश है। मैं नौकरी नहीं करना चाहता इसीलिए हलवाई से मिलकर मुझे फँसा रहे हैं, पर एक और अपराध करने का साहस वह न जुटा पाया। उसकी आँखें खुल गई थीं।”
[बात अठन्नी की - सुदर्शन]
[Baat Athanni Ki - Sudarshan]
1.किसे कौन फँसा रहा था? उसने क्या अपराध किया था? [2]
Answer:
इंजीनियर बाबू जगतसिंह अपने नौकर रसीला को फँसा रहे थे। रसीला वर्षों से इंजीनियर जगत सिंह का नौकर था। उसने कभी कोई बेईमानी नहीं की थी। परंतु इस बार भूलवश अपना अठन्नी का कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने मालिक के लिए पाँच रूपए की जगह साढ़े चार रुपए की मिठाई खरीदी और बची अठन्नी रमजान को देकर अपना कर्ज चुका दिया और इसी आरोप में रसीला के ऊपर इंजीनियर जगत सिंह ने मुकदमा दायर कर दिया था।
Teacher's Note:
a) कहानी के मुख्य पात्र रसीला और उसके मालिक जगतसिंह के प्रसंग को स्पष्ट करना है।
b) अठन्नी की चोरी के प्रसंग को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से लिखें।
2. रसीला कौन है? uska परिचय दीजिये। [2]
Answer:
रसीला इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर था। वह सालों से इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ नौकर था। उसे दस रूपए वेतन मिलता था। गाँव में उसके बूढ़े पिता, पत्नी, एक लड़की और दो लड़के थे। इन सबका भार उसी के कंधों पर था। इसी कारण वह बार-बार अपने मालिक इंजीनियर बाबू जगतसिंह से अपना वेतन बढ़ाने की प्रार्थना करता था।
Teacher's Note:
a) रसीला की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जिम्मेदारियों का परिचय देना आवश्यक है।
b) उत्तर में उसके वेतन और आश्रितों का सटीक उल्लेख होना चाहिए।
3. हमें अपने नौकरों से कैसा व्यवहार करना चाहिए? कहानी के आधार पर उदाहरण देकर समझाइए। [3]
Answer:
रसीला इंजीनियर बाबू जगतसिंह का नौकर था। वह सालों से इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ नौकर था। उसे दस रूपए वेतन मिलता था। गाँव में उसके बूढ़े पिता, पत्नी, एक लड़की और दो लड़के थे। इन सबका भार उसी के कंधों पर था। इसी कारण वह बार-बार अपने मालिक इंजीनियर बाबू जगतसिंह से अपना वेतन बढ़ाने की माँग करता था। परंतु हर बार इंजीनियर साहब का यही जवाब होता था कि वे रसीला की तनख्वाह नहीं बढ़ाएंगे यदि उसे यहाँ से ज्यादा और कोई तनख्वाह देता है तो वह बेशक जा सकता है। इंजीनियर बाबू को अपने नौकर रसीला के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। रसीला एक ईमानदार नौकर था और यदि इंजीनियर बाबू उसका वेतन बढ़ा देते तो उसे मामूली अठन्नी के लिए चोरी नहीं करनी पड़ती।
Teacher's Note:
a) मानवीय दृष्टिकोण और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार का पाठ इस कहानी से मिलता है।
b) मालिक और नौकर के संबंधों की संवेदनशीलता को कहानी के संदर्भ में समझाना चाहिए।
4. इस कहानी में लेखक ने समाज की कौन-सी बुराई को प्रकट करने का प्रयास किया है? क्या वे अपने प्रयास में सफल हुए? समझाकर लिखिए। [3]
Answer:
बात अठन्नी की कहानी में लेखक पूर्णतया अपनी बात सिद्ध करने में सफल हुए हैं। प्रस्तुत पाठ में लेखक ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और घूसखोरी की ओर संकेत किया है। शेख साहब और इंजीनियर बाबू घूस लेते हैं, परंतु ऊँचे ओहदे पर होने के कारण कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता दूसरी ओर मामूली अठन्नी की चोरी के लिए गरीब रसीला को सजा हो जाती है।
Teacher's Note:
a) न्याय व्यवस्था की दोहरी नीति और भ्रष्टाचार को कहानी का केंद्रीय विषय बताया गया है।
b) उदाहरण सहित यह स्पष्ट करना चाहिए कि कैसे अमीर और गरीब के लिए न्याय के मानदंड अलग हैं।
Q.6 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
“नेताजी सुंदर लग रहे थे। कुछ-कुछ मासूम और कमसिन। फौजी वर्दी में। मूर्ति को देखते ही ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो…….’ वगैरह याद आने लगते थे। इस दृष्टि में यह सफल और सराहनीय प्रयास था। केवल एक चीज़ की कसर थी जो देखते ही खटकती थी।”
[ नेताजी का चश्मा - स्वयं प्रकाश ]
[Netaji Ka Chasma – Swayam prakash]
1. मूर्ति किसकी थी और वह कहाँ लगाई गई थी। [2]
Answer:
मूर्ति नेताजी सुभाष चंद्र बोस की थी और नगर के मुख्य चौराहे पर लगाई गई थी
Teacher's Note:
a) मूर्ति के व्यक्तित्व और स्थापना स्थल का संक्षिप्त परिचय देना है।
b) उत्तर पूर्ण वाक्य में होना चाहिए।
2. यह मूर्ति किसने बनाई थी और इसकी क्या विशेषताएँ थीं? [2]
Answer:
मूर्ति उसी कस्बे के स्थानीय विद्यालय के मास्टर मोतीलाल ने बनाई थी। उस मूर्ति की विशेषता यह थी कि मूर्ति संगमरमर की थी। टोपी की नोक से कोट के दूसरे बटन तक कोई दो फुट ऊँची और सुंदर थी। नेताजी फौजी वर्दी में सुंदर लगते थे। मूर्ति को देखते ही ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो... आदि याद आने लगते थे। केवल एक चीज़ की कसर थी जो देखते ही खटकती थी नेताजी की आँख पर संगमरमर चश्मा नहीं था बल्कि उसके स्थान पर सचमुच के चश्मे का चौड़ा काला फ्रेम मूर्ति को पहना दिया गया था।
Teacher's Note:
a) निर्माता (मास्टर मोतीलाल) और मूर्ति की भौतिक बनावट (संगमरमर, चश्मा) का वर्णन महत्वपूर्ण है।
b) छात्रों को गद्यांश में दी गई विशेषताओं को सटीक रूप से लिखना चाहिए।
3. मूर्ति में क्या कमी थी? उस कमी को कौन पूरा करता था और कैसे? [3]
Answer:
मूर्ति में केवल यह कमी थी कि नेताजी का चश्मा नहीं था इस कमी को कैप्टन पूरा करता था मूर्ति का चश्मा हर-बार कैप्टन बदल देता था। कैप्टन असलियत में एक गरीब चश्मेवाला था। उसकी कोई दुकान नहीं थी। फेरी लगाकर वह अपने चश्मे बेचता था। जब उसका कोई ग्राहक नेताजी की मूर्ति पर लगे फ्रेम की माँग करता तो कैप्टन मूर्ति पर अन्य फ्रेम लगाकर वह फ्रेम अपने ग्राहक को बेच देता था इस उस कैप्टन चश्में की कमी को कमी पूरा करता था।
Teacher's Note:
a) कैप्टन चश्मेवाले की देशभक्ति और उसकी कार्यप्रणाली का वर्णन करना है।
b) मूर्ति के चश्मे के बदलने के पीछे के कारण को स्पष्ट करें।
4. नेताजी का परिचय देते हुए बताइए कि चौराहे पर उनकी मूर्ति लगाने का क्या उद्धेश्य रहा होगा? क्या उस उद्देश्य में सफलता प्राप्त हुई? स्पष्ट कीजिए। [3]
Answer:
नेताजी हमारे देश के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने देश को आजाद करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है और इसी को स्मरणीय और सम्मान देने के लिए कस्बे के चौराहे पर उनकी मूर्ति लगवाई गई थी। मूर्ति में केवल एक कमी चश्मे की रह गई थी। पर उसको भी साधारण फेरी लगाने वाला कैप्टन अपनी क्षमतानुसार पूरी करता रहता था। यहाँ तक कि जब उसकी मौत भी हो जाती है तो कस्बे के बच्चे सरकंडे का चश्मा लगाकर उस कमी को पूरा करते हैं। इससे यह साबित होता है कि कस्बे पर मूर्ति लगाने का उद्देश्य पूरा हुआ।
Teacher's Note:
a) नेताजी के योगदान और देशप्रेम की भावना को समाज में जीवित रखने के उद्देश्य को समझाना है।
b) अंत में बच्चों द्वारा सरकंडे का चश्मा लगाना इस बात का प्रतीक है कि देशप्रेम की भावना भावी पीढ़ी में भी जीवित है।
Q.7 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
“बड़े भोले हैं आप सरकार ! अरे मालिक, रूप-रंग बदल देने से तो सुना है आदमी तक बदल जाते हैं। फिर ये तो सियार् है।”
[भेड़े और भेड़िए – हरिशंकर परसाई]
[Bhede Aur bhedeya – Hari Shankar Parsai]
1. उपर्युक्त कथन कौन, किससे क्यों कह रहा है? [2]
Answer:
प्रस्तुत कथन बूढ़ा सियार् भेड़िए से कह रहा है। उपर्युक्त कथन बूढ़ा सियार् भेड़िए के मन में सियारों के प्रति उपजी शंका के समाधान में कहता है कि सियार के अनुसार आदमी तक बदल जाते हैं तो ये तो सियार हैं इन्हें तो आसानी से बदला जा सकता है।
Teacher's Note:
a) वक्ता (बूढ़ा सियार) और श्रोता (भेडिया) के बीच के संवाद के संदर्भ को स्पष्ट करना है।
b) राजनीतिक चालाकियों और फरेब को इस कहानी के माध्यम से उजागर किया गया है।
2. बूढ़े सियार ने भेड़िए का रूप किस प्रकार बदला? [2]
**Answer:**
अपनी योजना को सफल बनाने के लिए बूढ़े सियार ने भेड़िए को एक संत के रूप में बदल दिया उसने भेड़ों के सामने उसे उनका हितचिंतक और शुभचिंतक के रूप में पेश किया।
Teacher's Note:
a) छद्मवेश धारण करने की प्रवृत्ति को दर्शाया गया है।
b) भोले-भाली जनता को मूर्ख बनाने के लिए नेताओं द्वारा अपनाए जाने वाले ढोंग का प्रतीक है।
3. बूढ़े सियार ने किन तीन बातों का ख्याल रखने के लिए कहा? क्यों कहा?[3]
Answer:
अपनी योजना को सफल बनाने के लिए बूढ़े सियार ने अपने साथियों को रंगने के बाद भेड़िए के रूप को भी बदला। भेड़िए का रूप बदलने के बाद बूढ़े सियार ने उसे तीन बातें याद रखने की सलाह दी कि वह अपनी हिंसक आँखों को ऊपर न उठाए, हमेशा जमीन की ओर ही देखें और कुछ न बोलें और सब से जरूरी बात सभा में बहुत-सी भेड़ें आएगी गलती से उनपर हमला न कर बैठना।
Teacher's Note:
a) भेड़िए को अपनी प्राकृतिक हिंसक प्रवृत्ति को छिपाने की हिदायत दी गई थी।
b) यह इस बात का प्रतीक है कि सत्ता प्राप्ति के लिए किस प्रकार ढोंग करना पड़ता है।
4. सियारों को किन-किन रंगों में रंगा गया? वे किसके प्रतीक थे? इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है? [3]
Answer:
अपनी योजना को सफल बनाने के लिए सियार ने तीन सियारों को क्रमशः पीले, नीले और हरे में रंग दिया और भेड़ों के सामने उनका परिचय इस प्रकार दिया कि पीले रंगवाला सियार विद्वान,विचारक,कवि और लेखक है, नीले रंगवाले सियार को नेता और स्वर्ग का पत्रकार बताया गया और वहीं हरे रंगवाले सियार को धर्मगुरु का प्रतीक बताया गया।
‘भेड़ और भेड़िए’ कहानी हमें राजनीतिज्ञों के षडयंत्रों तथा अपने चुनाव के अधिकार के सही प्रयोग करने का संदेश देता है। भोली-भाली जनता को नेता और उनके चापलूस मिलकर गुमराह करते रहते हैं अतः जनता की चाहिए कि वे सतर्क और सावधान रहकर अपने अधिकारों का प्रयोग करें।
Teacher's Note:
a) समाज के विभिन्न वर्गों (बुद्धिजीवी, राजनेता, धर्मगुरु) के छद्म रूप को उजागर किया गया है।
b) जनता को जागरूक रहने का संदेश इस कहानी का मुख्य उद्देश्य है।
(साहित्य सागर पद्य)
Q.8 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
“मेघ आये बड़े बन-ठन के, साँवर के।
आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली
दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगी गली-गली
पाहुन ज्यों आये हों गाँव में शहर के।
मेघ आये बड़े बन-ठन के, साँवर के।”
[मेघ आए – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना]
[Megh Aaye – Sarveshwar Dayal Saxena]
1. मेघ कहाँ आए हुए हैं? कवि को मेघ देखकर क्या प्रतीत हो रहा है? [2]
Answer:
मेघ गाँव में आये हुए हैं। मेघों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कोई शहरी दामाद सज संवरकर गाँव में आये हैं और दामाद के आने से पूरे गाँव में उत्साह का माहौल छा गया है।
Teacher's Note:
a) प्रकृति का मानवीकरण इस कविता की मुख्य विशेषता है।
b) बादलों के आने की तुलना मेहमान (दामाद) के आने से की गई है।
2. ‘बयार’ शब्द से आप क्या समझते हैं? कवि इसके बारे में क्या बताना चाहता है? [2]
Answer:
‘बयार’ शब्द का अर्थ है हवा का बहना। कवि यहाँ पर बयार के बारे में यह बताना चाहता है कि बादलों के आते ही हवा या बयार के साथ धूल भी उड़ने लगती है। यह उड़ती धूल मेघ के आने की प्रथम सूचना देती है। हवा के झोंकों से घर के दरवाजे और खिड़कियाँ खुलने-बन्द होने लगते हैं। लगता है जैसे किसी आगंतुव मेहमान को देखने के लिए सभी उत्सुक हैं।
Teacher's Note:
a) 'बयार' (हवा) को मेहमान के आगमन की अग्रदूत के रूप में चित्रित किया गया है।
b) ग्रामीण परिवेश के जीवंत चित्रण को स्पष्ट करना चाहिए।
3. दरवाजे-खिड़कियाँ क्यों खुलने लगी हैं? किसका स्वागत कहाँ पर किस प्रकार किया जाने लगा है? कवि के भाव स्पष्ट कीजिए। [3]
Answer:
गाँव में आये नए मेहमान को देखने के लिए दरवाजे और खिड़कियाँ खुलने लगी।
यहाँ पर मेघ रूपी मेहमान का गाँव के दामाद के रूप में स्वागत किया जाने लगा। गाँव से बड़े बुजुर्ग से लेकर छोटे बड़े सभी मेहमान के स्वागत में जुट जाते हैं। सभी अपने-अपने ढंग से उसकी खातिरदारी या आभगत करते हैं। मेहमान की अगवानी में कोई बुजुर्ग व्यक्ति आगे आता है। बड़ी-बड़ी महिलाएँ भी पदेदारी का निर्वाहन करती हैं। युवकों में मेहमान के प्रति जिज्ञासा होती है। सभी उनका हार्दिक स्वागत करते हैं। स्वागत के क्रम में सबसे पहले परात में पानी लाकर मेहमान के ‘पाँवों-पखारे’ जाते हैं अर्थात् धोए जाते हैं।
Teacher's Note:
a) ग्रामीण संस्कृति में मेहमान नवाजी की परंपरा का सुंदर चित्रण किया गया है।
b) बादलों के आगमन पर प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों को मानवीकरण अलंकार के माध्यम से समझाया गया है।
4. कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। [3]
Answer:
प्रस्तुत कविता में मेघ के आने से वातावरण में छाए उल्लास का वर्णन किया गया है कि किस प्रकार बहुत प्रतीक्षा के बाद मेघ आते हैं तो वातावरण में किस प्रकार परिवर्तन होने लगता है बादलों के आते ही हवा या बयार के साथ धूल भी उड़ने लगती है। यह उड़ती धूल मेघ के आने की प्रथम सूचना देती है। हवा के झोंकों से घर के दरवाज़े और खिड़कियाँ खुलने-बन्द होने लगते हैं। लगता है जैसे किसी आगंतुक मेहमान को देखने के लिए सभी उत्सुक हैं। पेड़-पौधे सभी झूमने लगते हैं और बरसात के होते सभी की प्यास बुझ जाती है और सभी प्रसन्न हो जाते हैं।
Teacher's Note:
a) कविता का केंद्रीय भाव वर्षा ऋतु के आगमन पर प्रकृति और मनुष्यों में होने वाले उल्लास को दर्शाना है।
b) मानवीकरण अलंकार और सुंदर ग्रामीण बिंबों का प्रयोग इसकी विशेषता है।
Q.9 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
"गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पायँ।"
बलिहारी गुरु अपिन जिन गोविंद दियो बताय।।
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।
प्रेम गली अति साँकरी, तामे दो न समाहि।।
[साखी – कबीर दास]
[Sakhi – Kabir Das]
1. कवि किसके बारे में क्या सोच रहे हैं? [2]
Answer:
कबीर यहाँ पर गुरु के बारे में सोच रहें हैं कबीर के अनुसार गुरु का स्थान ईश्वर से श्रेष्ठ है। कबीर कहते हैं जब गुरु और गोविंद (भगवान) दोनों एक साथ खड़े हो तो गुरु के श्रीचरणों मे शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविंद का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु ज्ञान प्रदान करते हैं, सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, मोह-माया से मुक्त कराते हैं।
Teacher's Note:
a) कबीर दास जी ने गुरु की महिमा को ईश्वर से भी बढ़कर बताया है।
b) गुरु शिष्य परंपरा के महत्व को इस दोहे के माध्यम से समझाना चाहिए।
2. कवि किसके ऊपर न्योछावर (समर्पण) हो जाना चाहते हैं तथा क्यों? [2]
Answer:
कवि अपने गुरु पर न्योछावर होना चाहते हैं। क्योंकि गुरु ज्ञान प्रदान करते हैं, सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, मोह-माया से मुक्त कराते हैं।
Teacher's Note:
a) गुरु के प्रति अपार श्रद्धा और समर्पण भाव को व्यक्त किया गया है।
b) अज्ञानता के अंधकार को दूर करने में गुरु की भूमिका सर्वोपरि है।
3. ईश्वर का वास कहाँ नहीं होता है? कवि हमें क्या त्यागने की प्रेरणा दे रहे हैं? कवि का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताइए। [3]
Answer:
ईश्वर का वास जहाँ अहंकार होता है वहाँ नहीं होता है कवि हमें अहंकार त्यागने की प्रेरणा दे रहे हैं। प्रस्तुत साखी के कवि संत कबीर हैं। कबीर साधु-सन्यासियों की संगति में रहते थे। इस कारण उनकी भाषा में अनेक भाषाओं तथा बोलियों के शब्द पाए जाते हैं। कबीर की भाषा में भोजपुरी, अवधी, ब्रज, राजस्थानी, पंजाबी, कड़ी बोली, उर्दू और फारसी के शब्द घुल-मिल गए हैं। अतः विद्वानों ने उनकी भाषा को सधुक्क़ड़ी या पंचमेल खिचड़ी कहा है।
Teacher's Note:
a) अहंकार और ईश्वर का अस्तित्व एक साथ नहीं रह सकता, यह कबीर का मुख्य दर्शन है।
b) कबीर की भाषा शैली (सधुक्कड़ी) का परिचय देना आवश्यक है।
4. साँकरी शब्द का क्या अर्थ है? प्रेम गली से कवि का क्या तात्पर्य है? उसमें कौन दो एक साथ नहीं रह सकते हैं समझाइए। [3]
Answer:
साँकरी शब्द यह अर्थ है कि ह्रदय रूपी प्रेम गली इतनी संकरी है जिसमें दोनों में से सिर्फ एक ही समा सकते हैं। प्रेमगली से तात्पर्य मनुष्य के हृदय से है। इस प्रेम रूपी गली में ईश्वर और मनुष्य का अहंकार साथ नहीं रह सकते जिस प्रकार अँधेरा और उजाला एक साथ, एक ही समय, कैसे रह सकते हैं? जब तक मनुष्य में अज्ञान रूपी अंधकार छाया है वह ईश्वर को नहीं पा सकता अर्थात् अहंकार और ईश्वर का साथ-साथ रहना नामुमकिन है। यह भावना दूर होते ही वह ईश्वर को पा लेता है।
Teacher's Note:
a) 'साँकरी' का अर्थ 'संकरी' (तंग) है जहाँ अहंकार और ईश्वर दोनों का समा पाना असंभव है।
b) भक्ति मार्ग में अहंकार के त्याग की अनिवार्यता को समझाया गया है।
Q.10 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
सुनाँगी माता की आवाज़
रहूँगी मरने को तैयार।
कभी भी उस वेदी पर देव
न होने दूँगी अत्याचार।।
न होने दूँगी अत्याचार
चलो, मैं हों जाऊँ बलिदान
मातृ मंदिर से हुई पुकार,
चढ़ा दो मुझको, हे भगवान्।।
[मातृ मंदिर की ओर – सुभद्रा कुमारी चौहान]
[Matri Mandir Ki Or – Subhadra Kumari Chauhan]
1. ‘मातृ मंदिर’ से क्या तात्पर्य है? वहाँ से कवयित्री को क्या पुकार सुनाई दे रही है? [2]
Answer:
‘मातृ मंदिर’ से यहाँ तात्पर्य देश से है। वहाँ से कवयित्री को देश पर प्राण न्योछावर होने की पुकार सुनाई दे रही है।
Teacher's Note:
a) मातृभूमि को मंदिर की संज्ञा दी गई है।
b) देशप्रेम और बलिदान की भावना इस पन्क्तियों का सार है।
2. कवयित्री अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए क्या करने को तैयार है और क्यों? [2]
Answer:
कवयित्री अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण तक त्यागने के लिए तैयार है। कवयित्री अपनी मातृभूमि को अपनी माँ समान मानती है और वह अपने देश पर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं सहन कर सकती।
Teacher's Note:
a) मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम और निष्ठा का वर्णन किया गया है।
b) देश की आन-बान पर मिटने की प्रेरणा दी गई है।
3. मंदिर तक पहुँचने के मार्ग में कवयित्री को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? [3]
Answer:
मंदिर तक पहुँचने के लिए कवयित्री को अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है मंदिर की ऊँची सीढ़ियाँ हैं और उनके पैर दुर्बल हैं। साथ ही मार्ग के पहरेदार भी बाधक बने हुए हैं।
Teacher's Note:
a) स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बाधाओं का प्रतीकात्मक चित्रण है।
b) तमाम कठिनाइयों के बावजूद मार्ग पर आगे बढ़ने के संकल्प को दर्शाया गया है।
4. प्रस्तुत पद्यांश में कवयित्री की किस भावना को दर्शाया गया है? वह इस कविता के माध्यम से पाठकों को क्या संदेश देना चाहती हैं? [3]
Answer:
प्रस्तुत पद्यांश में कवयित्री की देश प्रेम की भावना को दर्शाया गया है। इस कविता द्वारा कवयित्री यही संदेश देना चाहती है कि देश की आन पर यदि कभी संकट आये तो हमें अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
Teacher's Note:
a) देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाना इस कविता का मुख्य उद्देश्य है।
b) सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं में ओज और राष्ट्रप्रेम की भावना स्पष्ट झलकती है।
नया रास्ता (सुषमा अग्रवाल)
(Naya Rasata – Sushma Agarwal)
Q.11 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
"माँ को लगा, शायद अमित सरिता के रिश्ते को तैयार नहीं हैं। इसलिए वह बोली", "बेटे, व्यवहार का तो किसी का भी पता नहीं है। न सरिता के बारे में ही कुछ कहा जा सकता है और न ही मीनू के बारे में व्यवहार का तो साथ रहने पर ही पता चलता है।"
1. माँ को कैसे पता चलता है कि अमित सरिता के रिश्ते के लिए तैयार नहीं हैं? [2]
Answer:
अमित बार-बार मीनू और सरिता के व्यवहार के बारे में बात करता है तो माँ को लगता है कि अमित सरिता के रिश्ते के लिए तैयार नहीं है।
Teacher's Note:
a) उपन्यास के कथानक के अनुसार पात्रों के मन की दुविधा को समझना आवश्यक है।
b) अमित की मनोस्थिति का आकलन माँ द्वारा किया जाना यहाँ दर्शाया गया है।
2. अमित के पिता मायाराम जी सरिता के रिश्ते को क्यों नहीं स्वीकार करना चाहते है? [2]
Answer:
सरिता के पिता ने मायारामजी के सामने कुछ ऐसी शर्ते रखी जो उन्हें मान्य नहीं थीं इसलिए वे इस रिश्ते को स्वीकार करना नहीं चाहते थे।
Teacher's Note:
a) दोनों परिवारों के बीच अहं और शर्तों का टकराव रिश्ते में बाधा बनता है।
b) मायाराम जी की जिद्द और पारिवारिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखना चाहिए।
3. अमित और सरिता का रिश्ता तय होने के लिए माँ किसको और क्यों उकसाती है? माँ की ऐसी धारणा से उनके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है? समझाकर लिखिए। [3]
Answer:
अमित और सरिता का रिश्ता तय होने के लिए माँ अमित को उकसाती है। वे तरह-तरह से अमित को उकसाती हैं कि हम किसी के स्वभाव के बारे में कुछ नहीं कह सकते जब तक कि हम उनके साथ न रहे इससे उनके स्वार्थी और लालची और संवेदीहीन स्वभाव के बारे में पता चलता है। वे केवल अमित से सरिता का रिश्ता इसलिए करवाना चाहती हैं क्योंकि वह अमीर है। उन्हें अपने बेटे की इच्छा अनिच्छा से कुछ लेना देना नहीं है।
Teacher's Note:
a) माँ के स्वार्थी और अवसरवादी स्वभाव को यहाँ उजागर किया गया है।
b) धन-दौलत को रिश्तों से ऊपर रखने की मानसिकता पर प्रकाश डाला गया है।
4. शादी के विषय में समाज की क्या परम्परा है? आप इससे कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए। [3]
Answer:
शादी के विषय में हमारे समाज में दोगली राय होती है। यदि लड़का कुँवारा रहे तो कोई उसे कुछ नहीं कहता परंतु लड़की कुँवारी रही तो समाज उसे जीने नहीं देता। बार- बार उसके सामने यही प्रश्न दोहराया जाता है कि वह विवाह क्यों नहीं कर रही है।
Teacher's Note:
a) समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता (Gender Bias) को इस प्रश्न के माध्यम से रेखांकित किया गया है।
b) छात्र अपने तार्किक दृष्टिकोण से इस दोहरे मापदंड की आलोचना करते हुए उत्तर लिख सकते हैं।
Q.12 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
"मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ है। मीनू को देखकर उन्होंने उसे प्रेमपूर्वक बैठाया। उसे देखकर अमित के मुरझाये चेहरे पर भी खुशी की लहर दौड़ गई।"
1. मीनू अमित को देखने कहाँ गई थी? जाते समय वह मन में क्या सोच रही थी? [2]
Answer:
मीनू को अमित के एक्सीडेंट की खबर मिलती है तो वह उसे मिलने के लिए अस्पताल जाती है। रास्ते भर यह सोचती है कि जिस लड़के ने उसका रिश्ता ठुकराया वह उसी लड़के से क्यों मिलने जा रही है
Teacher's Note:
a) मीनू के मन में उठने वाले द्वंद्व को यहाँ दर्शाया गया है।
b) मानवीय संवेदना और क्षमाशीलता का भाव मीनू के चरित्र में झलकता है।
2. कमरे में प्रवेश करते ही उसने क्या देखा? अमित की माँ ने मीनू से क्या पूछा? उसने क्या उत्तर दिया? [2]
Answer:
मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ अपनी माँ से बातें कर रहा था। अमित की माँ मीनू को प्रेमपूर्वक बैठाती है और उसके बारे में पूछताछ करती है। पूछताछ करने पर उन्हें पता चलता है कि मीनू ने वकालत पास कर ली और प्रैक्टिस कर रही है।
Teacher's Note:
a) मीनू की आत्मनिर्भरता और सफलता का पता इस प्रसंग से चलता है।
b) अमित की माँ की शुरुआती प्रतिक्रिया और जिज्ञासा का वर्णन है।
3. मीनू के वकालत पास करने पर अमित की माँ को विशेष खुशी क्यों हो रही थी? क्या उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया था? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिये। [3]
Answer:
अमित का एक्सीडेंट हो गया था और ऐसे में वही लड़की जिसे इन लोगों के पैसों के खातिर ठुकरा दिया था अमित से मिलने आती है। और पूछताछ करने पर जब उन्हें पता चलता है कि वह कोई साधारण लड़की न होकर वकील है तो अमित की माँ बड़ी खुश होती है। और उस समय अमित की माँ को अपनी गलती का अहसास होता है कि इतनी गुणी लड़की का रिश्ता ठुकरा कर उसने अच्छा नहीं किया।
Teacher's Note:
a) परिस्थितियों के बदलने पर लोगों की सोच में आने वाले बदलाव को दर्शाया गया है।
b) अमित की माँ के मन में उपजे पश्चाताप को तर्कसंगत रूप से स्पष्ट करना चाहिए।
4. मीनू के हृदय में बचपन से ही किसके प्रति दया की भावना थी? वह उनकी किस प्रकार सहायता करने का निश्चय कर रही है? [3]
Answer:
मीनू के हृदय में बचपन से ही समाज के दबे कुचले और निर्धनों के प्रति दया की भावना थी और शादी के बाद भी वह इन लोगों की सहायता का निश्चय कर रही थी।
Teacher's Note:
a) मीनू का परोपकारी और सेवाभावी चरित्र उपन्यास का मुख्य आकर्षण है।
b) समाज सेवा के प्रति उसका समर्पण उसकी उच्च सोच को दर्शाता है।
Q.13 Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
अमित का नाम सुनते ही दरवाजे की ओर पीठ किए बैठी मीनू ने मुड़कर देखा तो वह आश्चर्यचकित रह गई। मीनू जब भी अमित को देखती, उसके मन में अजीब सी घृणा उत्पन्न हो जाती। अमित व उसके सभी मित्र वहाँ आ चुके थे परन्तु मीनू अभी भी सोच में डूबी हुई थी।
1. मीनू इस समय कहाँ थी? वहाँ अमित से उसकी कैसे मुलाकात हो गई?[2]
Answer:
मीनू इस समय उसकी अभिन्न सहेली के नीलिमा बेटे के नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए नीलिमा के घर पर है। अमित नीलिमा के पति सुरेन्द्र का घनिष्ठ मित्र होने के नाते वह भी उनके बेटे के नामकरण संस्कार में शामिल होने आया था और इस तरह से वहाँ पर अमित और मीनू की मुलाकात हो जाती है।
Teacher's Note:
a) संयोगवश होने वाली इस मुलाकात के प्रसंग को स्पष्ट करना है।
b) घटना स्थल और पात्रों की उपस्थिति का सही संदर्भ देना आवश्यक है।
2. मीनू और अमित के बीच क्या सम्बन्ध था? वह उससे घृणा क्यों करती थी? [2]
Answer:
वैसे तो मीनू और अमित के बीच में कोई पारस्परिक कोई संबंध नहीं था परन्तु अमित वही लड़का था जिसने उसका रिश्ता ठुकराया था इसी कारण वह उससे घृणा करती थी।
Teacher's Note:
a) पूर्व में अस्वीकृत रिश्ते के कारण मीनू के मन में उपजे क्षोभ को बताना है।
b) घृणा के मूल कारण को स्पष्ट करना आवश्यक है।
3. उसे वहाँ किस सच्चाई का पता चला? उन बातों का उसपर क्या प्रभाव पड़ा? [3]
Answer:
उसे वहाँ पर इस सच्चाई का पता चलता है कि उससे रिश्ता तोड़ने के लिए अमित कतई तैयार नहीं था केवल अपने माता-पिता की आज्ञा का सम्मान करने के लिए उसने यह रिश्ता ठुकराया था परन्तु उसने अभी तक कोई विवाह नहीं किया है और वह अभी तक मीनू को नहीं भूला है। इन बातों से मीनू के मन में अमित के प्रति घृणा प्रेम में बदल जाती है।
Teacher's Note:
a) अमित की विवशता और उसके सच्चे प्रेम का पता चलने पर मीनू की भावनाओं में आने वाले बदलाव को दर्शाया गया है।
b) घृणा का प्रेम में परिवर्तन उपन्यास के कथानक का महत्वपूर्ण मोड़ है।
4. "मीनू परिस्थितियों से हार मानने वाली कोई साधारण नारी नहीं थी" – स्पष्ट कीजिए कि उसने अपने जीवन को कैसे नई दिशा दी? [3]
Answer:
मीनू का रंग-रूप साँवला होने के कारण उसका रिश्ता हर बार ठुकराया जाता है परंतु इससे मीनू अपने आत्मविश्वास में कोई कमी आने नहीं देती। वह जी जान से अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी करती है और एक सफल वकील बनती है और अपने जीवन को एक नई दिशा देती है।
Teacher's Note:
a) मीनू का सशक्त, आत्मनिर्भर और संघर्षशील व्यक्तित्व नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है।
b) शारीरिक सुंदरता से अधिक आंतरिक गुणों और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया गया है।
एकांकी संचय
(Ekanki Sanchay)
Q.14. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
"दहेज देना तो दूर, बारात की खातिर भी ठीक से नहीं की गई। मेरे नाम पर जो धब्बा लगा, मेरी शान में जो ठेस पहुँचाई, भरी बिरादरी में जोँसी हुई, उस करारी चोट का घाव आज भी हरा है। जाओ, कह देना अपनी माँ से कि अगर बेटी को विदा कराना चाहती है तो पहले उस घाव के लिए मरहम भेजे।"
[बहू की विदा – विनोद रस्तोगी]
[Bahu Ki Vida – Vinod Rastogi]
1. प्रस्तुत कथन किसने, किससे कहा? संदर्भ सहित उत्तर लिखिए। [2]
Answer:
प्रस्तुत कथन जीवनलाल ने प्रमोद से कहा है। प्रमोद अपनी बहन को विदा करवाने आया है परंतु जीवनलाल बहू की विदा इसलिए नहीं करना चाहते क्योंकि विवाह में प्रमोद में उन्हें मुँह माँगा दहेज नहीं दिया।
Teacher's Note:
a) वक्ता (जीवनलाल) और श्रोता (प्रमोद) के बीच दहेज को लेकर उपजे विवाद के संदर्भ को स्पष्ट करना है।
b) जीवनलाल की जिद और अड़ियल रवैये को दर्शाना मुख्य बिंदु है।
2. ‘मरहम’ का क्या अर्थ है? यहाँ मरहम से क्या तात्पर्य है? स्पष्ट कीजिए।[2]
Answer:
यहाँ पर 'घाव के लिए मरहम भेजने' का आशय दहेज से है। जीवन लाल शादी में कम दहेज मिलने के घाव को पाँच हजार रूपी मरहम देकर दूर करने कहते हैं।
Teacher's Note:
a) प्रतीकात्मक रूप से 'मरहम' शब्द का प्रयोग दहेज की माँग के लिए किया गया है।
b) जीवनलाल की लालची प्रवृत्ति को यह स्पष्ट करता है।
3. वक्ता के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए। [3]
Answer:
यहाँ वक्ता जीवन लाल है। जीवन लाल अत्यंत लोभी, लालची और असंवेदनशील व्यक्ति है। वह अपनी बहू की विदा इसलिए नहीं करना चाहता क्योंकि दहेज में उसे मुँहमाँगे रुपये नहीं मिले। उसे पैसों का भी बहुत घमंड है और अपनी तारीफ खुद ही करते हुए कहता है कि उसने अपनी बेटी का विवाह बड़े धूमधाम से किया।
Teacher's Note:
a) जीवनलाल के चरित्र के माध्यम से समाज में व्याप्त दहेजलोभी मानसिकता पर प्रहार किया गया है।
b) अहंकार, संकीर्णता और लालच उनके मुख्य लक्षण हैं।
4. प्रस्तुत एकांकी में किस समस्या को उठाया गया है? उस समस्या को दूर करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं? अपने विचार दीजिए। [3]
Answer:
प्रस्तुत एकांकी में दहेज की समस्या को उठाया गया है। दहेज प्रथा को रोकने के लिए सरकार द्वारा कई कानून बनाए गए हैं इसकी शिकायत मिलने पर कड़ा जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। लड़कियाँ आज शिक्षित और आत्म-निर्भर होने के कारण स्वयं दहेज लेने वाले परिवार को ठुकरा रही है आज अंतर्जातीय विवाह होने लगे हैं जिसमें लड़का और लड़की समान विचार धारा के होने के कारण दहेज के लिए कोई स्थान ही नहीं बचता है।
Teacher's Note:
a) दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति का सजीव चित्रण इस एकांकी में किया गया है।
b) शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
Q.15. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
‘प्राण जाएँ पर वचन न जाएँ’ – यह हमारे जीवन का मूलमंत्र है। जो तीर ترکش से निकालकर कमान से छूट गया, उसे बीच में लौटाया नहीं जा सकता। मेरी प्रतिज्ञा कठिनाई से पूरी होगी, यह मैं जानता हूँ और इस बात की हाल के युद्ध में पुष्टि भी हो चुकी है कि हाड़ा जाति वीरता में हम लोगों से किसी प्रकार हीन नहीं है।"
[मातृभूमि का मान – हरिकृष्ण ‘प्रेमी’]
[Matri Bhoomi Ka Man – Hari Krishna ‘Premi’]
1. उपरोक्त कथन के वक्ता और श्रोता का संक्षिप्त परिचय दीजिए। [2]
Answer:
उपरोक्त कथन के वक्ता महाराणा लाखा हैं। वे मेवाड़ के शासक हैं। और श्रोता मेवाड़ के सेनापति अभय सिंह हैं।
Teacher's Note:
a) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस एकांकी के पात्रों का परिचय देना है।
b) महाराणा लाखा की प्रतिज्ञा और उनके दृढ़ संकल्प का संदर्भ यहाँ महत्वपूर्ण है।
2. वक्ता ने क्या प्रतिज्ञा ली थी? कारण सहित लिखिए। [2]
Answer:
वक्ता ने यह प्रतिज्ञा ली है कि जब तक वे बूंदी के दुर्ग में ससैन्य प्रवेश नहीं कर लेते तब तक वे अन्न- जल ग्रहण नहीं करेंगे। इस प्रतिज्ञा का यह कारण था कि बूंदी में महाराजा की अधीनता की अस्वीकार कर दिया था और उन्हें युद्ध भूमि से भागने पर मजबूर कर दिया था।
Teacher's Note:
a) महाराणा लाखा के आत्मसम्मान और उनकी प्रतिज्ञा के पीछे के कारणों को स्पष्ट करना है।
b) राजपूतों की आन-बान-शान से जुड़ा यह प्रसंग है।
3. हाड़ा वंश के राजा कौन थे? हाड़ा लोगों की क्या विशेषताएँ थीं? उनपर प्रकाश डालिए। [3]
Answer:
हाड़ा वंश के राजा राव हेमू थे। हाड़ा लोग बहुत ही शूरवीर और बलशाली थे। प्रेम के अनुशासन को मानने वाले हाड़ा शक्ति से किए गए अनुशासन को नहीं मानते थे। हाड़ा अपनी मातृभूमि का अपमान कतई सहन नहीं कर सकते थे। अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए वे अपने प्राणों की बाजी लगा देने से भी नहीं चुकते थे।
Teacher's Note:
a) हाड़ा वीरों की वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि प्रेम का वर्णन करना है।
b) वे बल से नहीं बल्कि प्रेम और आन से जीते जाने वाले योद्धा थे।
4. ‘प्राण जाएँ पर वचन न जाएँ’ – इस कहावत का क्या अर्थ है? एकांकी के सन्दर्भ प्रकाश डालिए। [3]
Answer:
इस कहावत का यह अर्थ है कि वचन के पालन करने में यदि प्राणों का बलिदान भी देना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। महाराणा ने जब प्रतिज्ञा ली कि जब तक वे बूंदी के दुर्ग में ससैन्य प्रवेश नहीं कर लेते तब तक वे अन्न- जल ग्रहण करेंगे। तो उन्हें पता था कि उनकी यह प्रतिज्ञा बड़ी कठिनाई से पूरी होगी परन्तु एक बार जो ठान लिया तो अब पीछे नहीं हटाया जा सकता था।
Teacher's Note:
a) वचनों के पालन के प्रति दृढ़ता राजपूत संस्कृति की पहचान रही है।
b) महाराणा लाखा के चरित्र के माध्यम से इस आदर्श को प्रस्तुत किया गया है।
Q.16. Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
"मेरी आकांक्षा है कि डालियाँ साथ-साथ फलें-फूलें, जीवन की सुखद, शीतल वायु के स्पर्श से झूमें और सरसराएँ। विटप से अलग होने वाली डाली की कल्पना मुझे सिहरा देती है।"
[सूखी डाली – उपेन्द्र नाथ ‘अश्क’]
[Sookhi Dali – Upendra Nath ‘Ashk’]
1. उपयुक्त कथन कौन, किससे किस संदर्भ में कह रहा है? [2]
Answer:
उपयुक्त कथन घर के दादाजी इंदु तथा मंझली बहू से घर की छोटी बहू बेला के संदर्भ में कह रहे हैं।
Teacher's Note:
a) संयुक्त परिवार की महत्ता और एकजुटता को बनाए रखने के संदर्भ में दादाजी का यह कथन है।
b) परिवार के विघटन की आशंका से दादाजी चिंतित हैं।
2. सब डालियाँ साथ-साथ फलने-फूलने से क्या आशय है? ‘डालियाँ’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? [2]
Answer:
सब डालियाँ साथ-साथ फलने-फूलने से यहाँ आशय परिवार के एक साथ मिलजुलकर रहने से है। यहाँ पर डालियाँ परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Teacher's Note:
a) पेड़ और उसकी डालियों का रूपक परिवार और उसके सदस्यों के लिए दिया गया है।
b) संयुक्त परिवार के सभी सदस्यों का मिलजुलकर रहना ही फलना-फूलना है।
3. किसकी आकांक्षा है कि सब खुशहाल रहें और क्यों? इस एकांकी से आपको क्या शिक्षा मिलती है? [3]
Answer:
घर के दादाजी की यह इच्छा है कि परिवार खुशहाल रहे। इस एकांकी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि परिवार जब एक-साथ मिलजुलकर रहता है तो खुशहाल रहता है।
Teacher's Note:
a) दादाजी (मूलचंद जी) परिवार के मुख्य स्तंभ हैं जो सबको जोड़कर रखना चाहते हैं।
b) संयुक्त परिवार की मजबूती और आपसी सामंजस्य का पाठ इस एकांकी से मिलता है।
4. प्रस्तुत कथन से वक्ता की किस चरित्रिक विशेषता का पता चलता है? अपने विचार भी प्रस्तुत कीजिये। [3]
Answer:
प्रस्तुत कथन से वक्ता के सामंजस्य पूर्ण, व्यवहार कुशलता विशेषता का पता चलता है। घर के दादाजी सारे परिवार को एक साथ रखना चाहते थे। इसलिए घर में सभी लोगों को अपने विचारों से हमेशा जोड़कर रखते हैं। दादाजी उन विचारों को मानने वाले थे कि समय रहते ही समस्या का समाधान कर देना चाहिए। और उनके इसी व्यवहार कुशलता के कारण वे अपने घर को एक साथ बाँध कर रख पाते हैं।
Teacher's Note:
a) दादाजी की सहनशीलता, दूरदर्शिता और पारिवारिक प्रेम उनके चरित्र की मुख्य विशेषताएँ हैं।
b) परिवार को टूटने से बचाने में बड़ों की सूझबूझ कितनी आवश्यक है, यह इस एकांकी का संदेश है।
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