Step-by-Step Textbook Solutions for Class 9 Social Science Chapter 12 भारतीय लोकतन्त्र
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1. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए :
Question 1. कितनी उम्र होने के बाद मतदान का अधिकार प्राप्त होता है ?
Answer: भारत में, अठारह वर्ष की उम्र प्राप्त करने के बाद, वोट देने का अधिकार प्राप्त होता है। यह भारतीय संविधान द्वारा तय किया गया है।
In simple words: जब कोई व्यक्ति 18 साल का हो जाता है, तो उसे वोट डालने की अनुमति मिल जाती है।
Exam Tip: मतदान का अधिकार भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने की शक्ति देता है।
Question 2. लोकमत जागृत करने के मुख्य माध्यम कौन-कौन से है ?
Answer: रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर, इंटरनेट और MMS जैसे साधन जनमत को जगाने के प्रमुख तरीके हैं। ये माध्यम लोगों तक जानकारी और विचार पहुंचाकर उन्हें जागरूक करते हैं।
In simple words: रेडियो, टीवी, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसे साधन लोगों की राय बनाने में मदद करते हैं।
Exam Tip: जनमत को प्रभावित करने वाले विभिन्न माध्यमों के बारे में जानें, जैसे पारंपरिक मीडिया और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म।
Question 3. भारत में कौन-कौन से प्रादेशिक और राष्ट्रीय पक्ष सक्रिय है ?
Answer: राष्ट्रीय दल - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी।
प्रादेशिक दल - शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, अखिल भारतीय द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, आम आदमी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल, अकाली दल, असम गण परिषद, और अन्य दल सक्रिय हैं।
राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त दल की मान्यता प्राप्त वोटों के आधार पर रद्द की जा सकती है, और कई क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता भी मिल सकती है।
In simple words: भारत में, मुख्य राष्ट्रीय दल कांग्रेस और भाजपा हैं। राज्यों में शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस जैसे कई प्रादेशिक दल भी काम करते हैं।
Exam Tip: भारत की बहुदलीय प्रणाली और राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर काम करने वाले प्रमुख राजनीतिक दलों को समझना महत्वपूर्ण है।
2. निम्नलिखित विधानों को कारण सहित समझाइए :
Question 1. मतदाता लोकतंत्र को जीवंत रखता है ।
Answer: लोकतंत्र में मतदाताओं का बहुत महत्व है। इसमें बिना किसी भेद-भाव के, एक निश्चित आयु प्राप्त करने पर वोट देने का अधिकार मिलता है।
• हर जगह वयस्क मताधिकार में, प्रत्येक व्यक्ति को एक वोट का सिद्धांत स्वीकार किया गया है।
• लोकतंत्र में मतदान के अधिकार के साथ एक कर्तव्य भी जुड़ा होता है। चुनाव के वक्त लोग अपने प्रतिनिधियों का मूल्यांकन करते हैं।
• लोकतंत्र में, लोगों का समर्थन पाकर ही कोई सत्ता में आ सकता है।
• मतदाता सरकार को तानाशाही बनने से रोकते हैं।
• यदि कोई सरकार जनता और राष्ट्र के हितों की अनदेखी करती है, तो उसे अगले चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है।
In simple words: वोटर लोकतंत्र को जिंदा रखते हैं। वे अपने नेताओं को चुनते हैं, सरकार पर नजर रखते हैं और उसे जवाबदेह बनाते हैं। अगर सरकार अच्छा काम नहीं करती, तो वोटर उसे अगले चुनाव में हरा सकते हैं।
Exam Tip: लोकतंत्र में मतदाताओं की भूमिका को विस्तार से समझाएं, जिसमें उनके अधिकार और सरकार के प्रति उनकी जिम्मेदारियां शामिल हों।
Question 2. संसदीय लोकतंत्र अनोखी और महत्त्वपूर्ण है ।
Answer: संसदीय लोकतंत्र में, जिस पार्टी को निचले सदन (लोकसभा) में बहुमत मिलता है, उसके नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नियुक्त करता है। प्रधानमंत्री फिर सरकार बनाता है।
यह संसदीय सरकार पूरी तरह से लोकसभा के प्रति जवाबदेह होती है।
• जब तक सरकार को लोकसभा में विश्वास मिलता है, तभी तक वह सत्ता में बनी रह सकती है।
• लोकसभा जनता के प्रति जवाबदेह होती है।
• इस तरह, संसदीय लोकतंत्र बहुत खास और महत्वपूर्ण है।
In simple words: संसदीय लोकतंत्र में, लोकसभा में जीतने वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। यह सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह होती है और तभी तक रहती है जब तक उसे लोकसभा का समर्थन मिले। इसलिए यह प्रणाली बहुत खास है।
Exam Tip: संसदीय लोकतंत्र की विशेषताओं, जैसे बहुमत दल के नेता का प्रधानमंत्री बनना और सरकार की लोकसभा के प्रति जवाबदेही को याद रखें।
Question 3. “प्रसार माध्यम लोकमत जागृत करने के सघन माध्यम है ।” समझाइए ।
Answer: आजकल, देश और दुनिया की घटनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए, दैनिक समाचार पत्र, साप्ताहिक पत्रिकाएँ, पाक्षिक पत्रिकाएँ और विशेष विषयों की पत्रिकाएँ बहुत उपयोगी हैं।
• दैनिक अखबारों में छपी खबरों से जनमत तैयार होता है, जिससे लोगों को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
• अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों का किसी एक घटना पर अलग-अलग राय बनाना स्वाभाविक है।
• अखबारों द्वारा पेश की गई रिपोर्टें सच्ची, निष्पक्ष और पूर्वाग्रह से मुक्त होनी चाहिए। इसके लिए समाचार पत्रों की स्वतंत्रता ज़रूरी है, ताकि वे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और विशेष लेखों के माध्यम से जनमत का विकास कर सकें।
• अगर समाचार पत्र स्वतंत्र होंगे, तभी वे सरकार के कामकाज का सही चित्रण लोगों तक पहुंचा पाएंगे, और तभी लोगों को संतुलित और निष्पक्ष खबरें मिलेंगी।
लोकमत के दृश्य-श्राव्य माध्यम :
• जनमत बनाने में रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा जैसे दृश्य-श्राव्य माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
• जहाँ साक्षरता दर कम है, उन देशों में दृश्य-श्राव्य माध्यम ज्यादा काम आते हैं।
• देश-दुनिया की खबरें रेडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंच जाती हैं।
• सिनेमा के परदे पर छुआछूत, दहेज प्रथा, महिलाओं का शोषण और गरीबी जैसी सामाजिक-आर्थिक समस्याओं को दिखाकर जागरूकता फैलाई जा सकती है।
• जनमत का विकास प्रभावी ढंग से हो सकता है। टेलीविजन के माध्यम से लोग घर बैठे खबरें, नाटक और फिल्में देख सकते हैं।
• टेलीविजन और सिनेमा के कुछ कार्यक्रमों में शामिल विकृत सामग्री, अश्लील दृश्य और हिंसा का लोगों पर बुरा असर डाल सकती है।
• ऐसी गलत चीजों को रोकने के लिए सही नियंत्रण लगाना चाहिए।
• सरकार, कानून बनाकर, राजनीतिक दल और स्वयंसेवी संगठन मिलकर इन बुराइयों को दूर करने का प्रयास कर सकते हैं।
In simple words: मीडिया लोगों की राय बनाने में बहुत मदद करता है। अखबारों से हमें सच्ची खबरें मिलती हैं, और टीवी-रेडियो से हम घर बैठे खबरें और मनोरंजन देखते हैं। हालांकि, गलत चीजों को रोकने के लिए मीडिया पर नियंत्रण भी जरूरी है।
Exam Tip: संचार माध्यमों की भूमिका को विस्तार से समझाएं, जिसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों शामिल हों, और उनके सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों को भी बताएं।
Question 4. चुनाव लोकतंत्र का आधार स्तंभ है ।
Answer: चुनाव लोकतंत्र का एक पैमाना है और राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों के लिए जीवनरेखा की तरह होते हैं।
• लोकतंत्र में, चुनाव लोगों को अपने प्रतिनिधियों के कामकाज का आकलन करने का अवसर देते हैं।
• ये देश का भविष्य तय करने के लिए नए राजनीतिक रुझान पैदा करते हैं।
• चुनावों से देश के सामाजिक और आर्थिक माहौल का भी पता चलता है।
• इसलिए, स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव होना बहुत ज़रूरी है।
• इस प्रकार, चुनाव लोकतंत्र का आधारभूत स्तंभ हैं।
In simple words: चुनाव लोकतंत्र की जान हैं। वे लोगों को अपने नेताओं का मूल्यांकन करने और देश का भविष्य तय करने का मौका देते हैं। इनसे समाज और अर्थव्यवस्था की स्थिति भी पता चलती है, इसलिए निष्पक्ष चुनाव बहुत जरूरी हैं।
Exam Tip: चुनावों के महत्व को रेखांकित करें, जिसमें लोगों को प्रतिनिधित्व चुनने का अधिकार और सरकार की जवाबदेही तय करने में उनकी भूमिका शामिल है।
3. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :
Question 1. राजनैतिक दल (पक्ष) के प्रकार :
Answer: राष्ट्रीय दल: वे राजनीतिक दल जो पूरे देश में सक्रिय हैं, उन्हें राष्ट्रीय दल कहा जाता है। चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय दलों के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इसके अनुसार, जिस राजनीतिक दल को पिछले चुनाव में कम से कम चार राज्यों में कुल वैध मतों का 4 प्रतिशत प्राप्त हुआ हो, उसे राष्ट्रीय दल के रूप में पहचान मिलती है। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस प्रमुख राष्ट्रीय दल हैं।
प्रादेशिक दल: वे राजनीतिक दल जिनका प्रभाव किसी खास राज्य या क्षेत्र तक सीमित होता है, उन्हें प्रादेशिक दल के रूप में पहचान मिलती है। उदाहरण के लिए, पंजाब में अकाली दल, महाराष्ट्र में शिवसेना, असम में असम गण परिषद जैसे कई क्षेत्रीय दल हैं।
In simple words: राजनीतिक दल दो तरह के होते हैं: राष्ट्रीय और प्रादेशिक। राष्ट्रीय दल पूरे देश में काम करते हैं और चुनाव आयोग द्वारा तय नियमों के अनुसार पहचाने जाते हैं। प्रादेशिक दल केवल कुछ राज्यों या क्षेत्रों में ही काम करते हैं।
Exam Tip: राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजनीतिक दलों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें और प्रत्येक के कुछ उदाहरणों को याद रखें।
Question 2. लोकमत (मतदाता) और सरकार :
Answer: लोकतंत्र में, सरकार को लोगों के माध्यम से सत्ता मिलती है, और यह जनमत पर निर्भर करती है।
• प्रतिनिधि लोकतंत्र में, सत्ताधारी दल सत्ता में बने रहने और फिर से सत्ता में आने का लक्ष्य रखते हैं। इसलिए, जनमत बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
• यदि सरकार विभिन्न समस्याओं से संबंधित अपनी नीतियों पर लोगों की प्रतिक्रिया पर ध्यान देती है, तो ही वह सत्ता में बनी रह सकती है और फिर से जीत सकती है।
• मजबूत और संगठित जनमत लोकतंत्र में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सरकार को गलत काम करने से रोकता है और ऐसी स्थितियां बनाता है जिससे सरकार देश के हितों की अनदेखी न कर सके।
• एक जागृत, बुद्धिमान और जानकार नागरिक सरकार को गुमराह नहीं कर सकता।
In simple words: लोकतंत्र में सरकार लोगों की राय से बनती है। सत्ताधारी दल सत्ता में बने रहने के लिए जनता की राय का सम्मान करते हैं। एक मजबूत जनमत सरकार को जवाबदेह बनाता है और उसे देशहित के खिलाफ जाने से रोकता है। जागरूक नागरिक सरकार को गुमराह नहीं कर सकते।
Exam Tip: लोकमत और सरकार के बीच के संबंध को स्पष्ट करें, यह समझाते हुए कि जनमत कैसे सरकार की जवाबदेही और नीतियों को प्रभावित करता है।
Question 3. चुनाव आयोग तथा राजनैतिक पक्ष ।
Answer: हमारे देश में बहु-दलीय लोकतंत्र की व्यवस्था है।
• राजनीतिक दलों को मान्यता देने के लिए, चुनाव आयोग ने कुछ खास नियम बनाए हैं।
• चुनाव आयोग, तय नीतियों और निर्धारित मानदंडों के आधार पर, किसी भी दल को राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल के तौर पर मान्यता देता है।
• चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 10 मार्च, 2014 तक देश में 1593 दल पंजीकृत थे।
• राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त दल की मान्यता प्राप्त वोटों के आधार पर रद्द की जा सकती है, और कई क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता भी मिल सकती है।
In simple words: हमारे देश में कई राजनीतिक दल हैं। चुनाव आयोग इन दलों को राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता देता है, जिसके लिए कुछ खास नियम होते हैं। यह आयोग राजनीतिक दलों को नियंत्रित करता है।
Exam Tip: चुनाव आयोग की भूमिका और राजनीतिक दलों को मान्यता देने के लिए उसके द्वारा निर्धारित मानदंडों को समझें।
4. अन्तर लिखिए:
Question 1. राष्ट्रीय पक्ष और प्रादेशिक पक्ष ।
Answer: वह राजनीतिक दल जिसे पिछले चुनाव में कम से कम चार राज्यों में 4% वोट मिले हों, उसे राष्ट्रीय दल कहा जाता है। जो इस मानदंड को पूरा नहीं कर पाते, उन्हें प्रादेशिक दल के रूप में पहचान मिलती है। राष्ट्रीय दल का कार्यक्षेत्र चार राज्यों या पूरे देश में फैला होता है, जबकि क्षेत्रीय दल का कार्यक्षेत्र केवल एक-दो राज्यों तक ही सीमित रहता है।
In simple words: राष्ट्रीय दल बड़े होते हैं और पूरे देश में काम करते हैं, जबकि प्रादेशिक दल केवल कुछ राज्यों में ही काम करते हैं। चुनाव आयोग उनके लिए अलग-अलग पहचान के नियम तय करता है।
Exam Tip: राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के बीच के अंतर को स्पष्ट करने के लिए उनके कार्यक्षेत्र, चुनाव मानदंड और उदाहरणों का उपयोग करें।
Question 2. संसदीय लोकतंत्र और अध्यक्षीय लोकतंत्र ।
Answer:
| संसदीय लोकतंत्र | अध्यक्षीय लोकतंत्र |
|---|---|
| लोकसभा में बहुमत वाले दल के नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री बनाता है। | देश का प्रमुख सीधे जनता द्वारा चुना जाता है। |
| सरकार पूरी तरह से लोकसभा के प्रति जवाबदेह होती है। | सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह होती है। |
| जब तक सरकार को लोकसभा में विश्वास मिलता है, तब तक वह सत्ता में बनी रह सकती है। | प्रमुख संविधान में तय समय तक सत्ता में बना रह सकता है। |
| यहां दोहरी कार्यपालिका होती है। | यहां एकल कार्यपालिका होती है। |
| भारत में संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था है। | अमेरिका में अध्यक्षीय लोकतंत्र की व्यवस्था है। |
In simple words: संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत से चुना जाता है और सरकार लोकसभा के प्रति जवाबदेह होती है। अध्यक्षीय लोकतंत्र में, अध्यक्ष सीधे जनता द्वारा चुना जाता है और वह निश्चित समय के लिए सत्ता में रहता है।
Exam Tip: संसदीय और अध्यक्षीय लोकतंत्र प्रणालियों के बीच मुख्य अंतरों को स्पष्ट करें, जिसमें सरकार के प्रमुख का चुनाव और उनकी जवाबदेही शामिल है।
Question 3. मुद्रित माध्यम तथा इलेक्ट्रोनिक माध्यम :
Answer:
| मुद्रित माध्यम | इलेक्ट्रोनिक माध्यम |
|---|---|
| ये सिर्फ शिक्षित लोगों के लिए ही उपयोगी होते हैं। | ये हर वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी होते हैं। |
| ये सस्ते साधन होते हैं। | ये महंगे साधन होते हैं। |
| इनमें कई तरह की जानकारी देना संभव नहीं होता है। | इसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी, मनोरंजन और खेलकूद जैसे कई क्षेत्रों के लिए उपयोगिता होती है। |
In simple words: मुद्रित माध्यम जैसे अखबार, केवल पढ़े-लिखे लोगों के लिए होते हैं और ये सस्ते होते हैं। इलेक्ट्रोनिक माध्यम जैसे टीवी और इंटरनेट, सभी के लिए उपयोगी होते हैं और महंगे होते हैं, लेकिन इनसे कई तरह की जानकारी और मनोरंजन मिलता है।
Exam Tip: मुद्रित और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बीच के मुख्य अंतरों को स्पष्ट करें, जिसमें उनकी पहुंच, लागत और प्रदान की जाने वाली जानकारी के प्रकार शामिल हों।
5. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1. हमारे व्यस्क मताधिकार में .............. सिद्धांत स्वीकार किया गया है।
(A) प्रतिव्यक्ति बहुमत
(B) प्रतिव्यक्ति एकमत
(C) प्रतिव्यक्ति विरोधमत
(D) प्रतिव्यक्ति सार्वजनिक मत
Answer: (B) प्रतिव्यक्ति एकमत
In simple words: इसका मतलब है कि हर बड़े व्यक्ति को वोट डालने का एक ही अधिकार मिलता है।
Exam Tip: भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की अवधारणा और 'एक व्यक्ति, एक वोट' के सिद्धांत को समझें।
Question 2. लोकमत जागृति के ......... माध्यम कम असरकारक है ।
(A) दृश्य-श्राव्य माध्यम
(B) दृश्य माध्यम
(C) श्राव्य माध्यम
(D) मुद्रित माध्यम
Answer: (D) मुद्रित माध्यम
In simple words: जिन जगहों पर लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं, वहाँ अखबार जैसे छपे हुए माध्यम लोगों की राय बनाने में उतने असरदार नहीं होते।
Exam Tip: विभिन्न संचार माध्यमों की प्रभावशीलता का तुलनात्मक अध्ययन करें, खासकर निरक्षरता के स्तर को ध्यान में रखते हुए।
Question 3. EUM का पूरा नाम ............. है ।
(A) इलेक्ट्रोनिक वेल्यु मशीन
(B) इलेक्ट्रोनिक वेइट मशीन
(C) इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मेथड
(D) इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन
Answer: (D) इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन
In simple words: EVM का मतलब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है, जिससे वोट डाले जाते हैं।
Exam Tip: EVM के पूर्ण रूप को याद रखें और यह भी समझें कि भारतीय चुनावों में इसका उपयोग क्यों किया जाता है।
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GSEB Solutions for Class 9 Social Science Chapter 12 भारतीय लोकतन्त्र
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