Official GSEB Solutions for Class 9 Hindi: पद भेद (1st Language)
Explore reliable textbook solutions for पद भेद (1st Language) tailored for Class 9 learners. Utilizing these Hindi answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final GSEB evaluations.
Chapter-wise Solutions for Hindi: पद भेद (1st Language)
Navigate directly to the solved Hindi textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
व्याकरणिक दृष्टि से हिन्दी पदों को पाँच प्रकारों में बाँटते हैं:
- संज्ञा,
- सर्वनाम,
- विशेषण,
- क्रिया और
- अव्यय
इनका परिचय पिछली कक्षाओं में कराया जा चुका है। संक्षेप में यहाँ उसका पुनरावर्तन करेंगे।
संज्ञा संज्ञा की परिभाषा:
किसी वस्तु, स्थान, जाति, समूह या भाव के नाम का बोध करानेवाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं। जैसे: अहमदाबाद, शहर, वीरता, दूध, कक्षा आदि।
संज्ञा के भेद:
1. व्यक्तिवाचक संज्ञा: जिन शब्दों से किसी एक ही स्थान, व्यक्ति या प्राणी का बोध हो उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे – बैजू, आगरा, हिमालय, गंगा, रामायण आदि।
2. जातिवाचक संज्ञा: जिन शब्दों से किसी एक ही जाति के संपूर्ण प्राणियों, वस्तुओं और स्थानों आदि का बोध हो उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे – समुद्र, वन, नगर, आदमी, गाय, लड़का, लड़की, नदी।
3. भाववाचक संज्ञा: जिन शब्दों से प्राणियों या वस्तुओं के भाव गुण-दोष, अवस्था, धर्म, दशा आदि का बोध होता हो तो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे: मिठास, लालिमा, शिष्टता, क्रोध, सत्य, बुढ़ापा।
4. समुदायवाचक (समूहवाचक) संज्ञा: जिन शब्दों से अनेक व्यक्तियों के या वस्तुओं के समूह का बोध हो उन्हें समुदायवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे: सेना, कक्षा, परिवार, गुच्छा, बाली।
5. द्रव्यवाचक संज्ञा: जिन शब्दों से किसी धातु, द्रव्य आदि पदार्थ का बोध हो उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे: पानी, लोहा, सोना, तेल आदि।
संज्ञा शब्दों को वाक्य में प्रयोग करते समय उन्हें वाक्य के लिए 'योग्य' बनाते समय लिंग, वचन तथा कारक के अनुरूप उनमें परिवर्तन करना पड़ता है।
(i) संज्ञा लिंग
लिंग की परिभाषा: शब्द की जाति को लिंग कहते हैं। संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की नर या मादा जाति का बोध हो, उसे व्याकरण में 'लिंग' कहते हैं। व्याकरणिक लिंग प्राकृतिक लिंगों से मेल खाये यह अनिवार्य नहीं है।
हिन्दी में लिंग के दो प्रकार होते हैं:
1. पुल्लिंग: पुरुष जाति का बोध करानेवाले शब्द पुल्लिंग कहलाते हैं। जैसे – राजा, लड़का, शेर, बैल, भाई आदि।
2. स्त्रीलिंग: स्त्री जाति का बोध करानेवाले शब्द स्त्रीलिंग कहलाते हैं।
कुछ बहुप्रचलित पुल्लिंग एवं स्त्रीलिंग शब्द:
नित्य पुल्लिंग शब्द: अखबार, अभिमान, आकाश, खिलौना, जल, चावल, दूध, दाँत, पहाड़, पेड़, जंगल, सागर पादि।
नित्य स्त्रीलिंग शब्द: आत्मा, इज्जत, खबर, घास, थकान, पुस्तक, परीक्षा, शाम, कुर्सी, सुई, लता, कलम, डाला आदि।
वचन का पारभाषा: शब्द का जिस रूप से उसके एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।
वचन दो प्रकार के होते हैं:
1. एकवचन: शब्द के जिस रूप से एक प्राणी या वस्तु का बोध हो उसे एकवचन कहते हैं। जैसे – लड़का, नंदी, किताब, गाँव आदि।
2. बहुवचन: शब्द के जिस रूप से अनेक प्राणियों या वस्तुओं का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे – लड़के, नदियाँ, किताबें, गावें आदि।
वचन का वाक्य रचना पर प्रभाव:
लिंग की तरह ही वचन का भी विशेषण, संबंधकारक, क्रिया विशेषण और क्रिया शब्दों पर प्रभाव पड़ता है और वचन परिवर्तन होने पर इनके रूप में भी परिवर्तन हो जाता है। जैसे:
- बैजू नया खिलौना लाया।
- बैजू नए खिलौने लाया।
संबंध-कारक में परिवर्तन:
- एकवचन: जग्गू का दोस्त अच्छा है।
- बहुवचन: जग्गू के दोस्त अच्छे है।
क्रिया विशेषण में परिवर्तन:
- एकवचन: वह पढ़ता-पढ़ता सो गया।
- बहुवचन: वे पढ़ते-पढ़ते सो गए।
क्रिया में परिवर्तन:
- एकवचन: नेता ने भाषण दिया।
- बहुवचन: नेताओं ने भाषण दिये।
एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप:
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| लड़का | लड़के |
| मुर्गा | मुर्गे |
| बेटी | बेटियाँ |
| नदी | नदियाँ |
| वस्तु | वस्तुएँ |
| धेनु | धेनुएँ |
| वधू | वधूएँ |
| चुहिया | चुहियाँ |
| बुढ़िया | बुढ़ियाँ |
| आप | आपलोग |
| प्रजा | प्रजाजन |
| कर्मचारी | कर्मचारीगण |
| टोपी | टोपियाँ |
| सेविका | सेविकाएँ |
| रानी | रानियाँ |
| चादर | चादरें |
| मूर्ति | मूर्तियाँ |
| गधा | गधे |
| तिथि | तिथियाँ |
| लिपि | लिपियाँ |
| पुस्तक | पुस्तके |
| रात | रातें |
| चिड़िया | चिड़ियाँ |
| कुटिया | कुटियाँ |
| लता | लताएँ |
| शाखा | शाखाएँ |
| वस्तु | वस्तुएँ |
| ऋतु | ऋतुएँ |
| पाठशाला | पाठशालाएँ |
| गाड़ी | गाड़ियाँ |
| बहू | बहुएँ |
| खिलौना | खिलौने |
| पुत्री | पुत्रियाँ |
| बात | बातें |
| नारी | नारियाँ |
| बछिया | बछियों |
| उपवन | उपवनों |
| युवती | युवतियों |
(iii) कारक
कारक की परिभाषा: संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों को उनका सम्बन्ध सूचित हो उस रूप को कारक कहते हैं। अर्थात् संज्ञा या सर्वनाम के आगे जब ने, को, से, में आदि विभक्तियाँ लगती हैं उन्हें कारक कहते हैं।
विभक्ति से बने शब्द रूप को 'पद' कहा जाता है। हिन्दी कारक-
कारक और चिह्न:
| कारक | चिह्न |
|---|---|
| कर्ता | -ने |
| कर्म | -को |
| करण | से, द्वारा |
| सम्प्रदान | को, के, लिए |
| अपादान | से |
| सम्बन्ध | का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने |
| अधिकरण | में, पर, पै |
| सम्बोधन | हे, अहो, अरे, अबे आदि । |
कर्ताकारक: वाक्य में जो शब्द काम करनेवाले के अर्थ में आता है उसे कर्ता कहते हैं।
कर्मकारक: वाक्य में क्रिया का फल जिस शब्द पर पड़ता है, उसे कर्म कहते हैं।
करणकारक: वाक्य में जिस शब्द के द्वारा क्रिया के सम्बन्ध का बोध होता है, उसे करण कहते हैं।
सम्प्रदानकारक: जिसके लिए कुछ किया जाता है या जिसको कुछ दिया जाता है, इसका बोध करानेवाले शब्द को सम्प्रदानकारक कहते हैं।
अपादानकारक: संज्ञा के जिस रूप में किसी वस्तु के अलगाव का बोध होता है उसे अपादाकारक कहते हैं।
सम्बन्धकारक: सर्वनाम या संज्ञा के जिस रूप से अन्य किसी शब्द के साथ सम्बन्ध प्रकट होता है, उसे सम्बन्धकारक कहते हैं।
अधिकरणकारक: जिस शब्द से कार्य करने की सूचना हो अर्थात् जो शब्द क्रिया का आधार सूचित करता है, उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
सम्बोधनकारक: जिस संकेत के द्वारा संबोधन करना, पुकारना, दुःख, हर्ष या आश्चर्य का मान प्रकट किया जाता है, उसे सम्बोधनकारक कहते हैं।
कारकों के उदाहरण:
| वाक्य | कारक |
|---|---|
| (1) राम ने पुस्तक पढ़ी। | (कर्ताकारक) |
| (2) बच्चे पढ़ते हैं। | (कर्ताकारक) |
| (3) मोहन गाँव जाता है। | (कर्ताकारक) |
| (4) मोहन गाँव जाता है। | (कर्ताकारक) |
| (5) तुमने नहीं पहचाना। | (कर्ताकारक) |
| (6) मोहन ने राम को कलम दी। | (कर्मकारक) |
| (7) मोहन कलम से लिखता है। | (करणकारक) |
| (8) हम आँखों से देखते हैं। | (करणकारक) |
| (9) मोहन कलम से पत्र लिखता है। | (करणकारक) |
| (10) पिताजी राम के लिए किताब लाए। | (सम्प्रदानकारक) |
| (11) ब्राह्मण को दान दिया। | (सम्प्रदानकारक) |
| (12) बालक छत से गिर पड़ा। | (अपादानकारक) |
| (13) मैं घर से जा रहा हूँ। | (अपादानकारक) |
| (14) राम का भाई | (संबंधकारक) |
| (15) राम के पिता | (संबंधकारक) |
| (16) राम की बहन | (संबंधकारक) |
| (17) अपना घर | (संबंधकारक) |
| (18) अपने लोग | (संबंधकारक) |
| (19) अपनी माँ | (संबंधकारक) |
| (20) मेरा घर | (संबंधकारक) |
| (21) मेरे लोग | (संबंधकारक) |
| (22) मेरी पुस्तक | (संबंधकारक) |
| (23) राम पेड़ पर चढ़ा। | (अधिकरणकारक) |
| (24) राम पेड़ पर चढ़ा। | (अधिकरणकारक) |
| (25) हे राम | (संबोधनकारक) |
| (26) ओ भगवान | (संबोधनकारक) |
| (27) अरे ! मत करो | (संबोधनकारक) |
शब्दों की रूप (पद) रचना
भाववाचक संज्ञा बनाना
आप जानते ही हैं कि जिस शब्द से किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण, दशा, अवस्था, स्वभाव, भाव, व्यापार (कार्य) अथवा धर्म का बोध होता हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे – दया, ममता, बचपना, दरिद्रता, क्रोध, चढ़ाई, घबराहट, मिठास आदि। लक्षण: भाववाचक संज्ञा की पहचान के लिए कुछ चिह्न हैं जो शब्द के अंत में प्रत्यय के रूप में जुड़े होते हैं। ये प्रत्यय हैं – ई, त्व, ता, पन, पा, हट, वट, स, क तथा व। इन प्रत्ययों के जुड़ने से बने एक-एक उदाहरण इस प्रकार हैं –
- भला – भलाई
- शिव – शिवत्व
- सज्जन – सज्जनता
- बच्चा – बचपन
- बूढ़ा – बुढ़ापा
- चिकना – चिकनाहट
- सजाना – सजावट
- मीठा – मिठास
- वैद्य – वैद्यक
- लघु – लाघव
भाववाचक संज्ञाएँ संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया से बनती हैं। कुछ उदाहरण नीचे दिए जा रहे हैं –
संज्ञा शब्दों से भाववाचक संज्ञा –
| शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| शूर | शौर्य |
| धीरज | धैर्य |
| ब्राह्मण | ब्राह्मणत्व |
| ठग | ठगी |
| सखा | सख्य |
| चोर | चोरी |
| ठाकुर | ठकुराई |
| बंधु | बंधुत्व |
| नारी | नारीत्व |
| नर | नरत्व |
| भाई | भाईचार |
| विद्वान | विद्वत्ता |
| शत्रु | शत्रुता |
| देव | देवत्व |
| शिशु | शैशव, शिशुता |
| मित्र | मित्रता, मैत्री |
| दास | दासता, दासत्व |
| गुरु | गुरुता, गुरुत्व, गौरव |
| पुरुष | पौरुष, पुरुषत्व |
| किशोर | कैशौर्य, किशोरपन |
| पशु | पशुता, पशुत्व |
| डाकू | डाका, डकैती |
| साधु | साधुता, साधुत्व |
| प्रभु | प्रभुता, प्रभुत्व |
| मनुष्य | मनुष्यता, मनुष्यत्व |
| भ्राता | भ्रातृत्व |
| भार | भारीपन |
| ईश्वर | ऐश्वर्य |
सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा
| शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| निज | निजत्व |
| स्व | स्वत्व |
| सर्व | सर्वस्व |
| अपना | अपनापन |
| पराया | परायापन |
| मम | ममता, ममत्व |
विशेषण से भाववाचक संज्ञा
| विशेषण | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| ऊँचा | ऊँचाई |
| निम्न | निम्नता |
| उच्च | उच्चता |
| मोटा | मोटापा, मोटाई |
| लघु | लघुता, लघुत्व, लाघव |
| शीतल | शीतलता |
| तीखा | तीखापन |
| मधुर | माधुर्य, मधुरता |
| वृद्ध | वृद्धत्व, वार्द्धक्य |
| कंजूस | कंजूसी |
| गंभीर | गांभीर्य |
| चतुर | चतुराई |
| चालाक | चालाकी |
| मजदूर | मजदूरी |
| कायर | कायरता |
| अच्छा | अच्छाई |
| बुरा | बुराई |
| काला | कालिमा |
| चिकना | चिकनाहट |
| मूढ़ | मूढ़ता, मूढ़त्व |
| क्रूर | क्रूरता |
| वाँका | वाँकपन |
क्रिया से भाववाचक संज्ञा
| क्रिया | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| पहचानना | पहचान |
| कहना | कहानी, कहावत |
| रोना | रुलाई |
| बोना | बुवाई |
| कमाना | कमाई |
| दिखाना | दिखावट |
| पीना | पान |
| चलना | चाल |
| पढ़ना | पढ़ाई |
| लिखना | लिखाई, लिखावट |
| बुलाना | बुलावा, बुलाहट |
| हँसना | हँसी |
| थिरकना | थिरकन |
| काटना | कटाई |
| मारना | मार |
| जलना | जलन |
अव्यय से भाववाचक संज्ञा
| अव्यय | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| निकट | निकटता, नैकट्य |
| दूर | दूरत्व, दूरी |
Question. (क) भाववाचक संज्ञा बनाइए:
1. दो बैलों की कथा
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| बेवकूफ | बेवकूफी | कामचोर | कामचोरी |
| चाकर | चाकरी | सहिष्णु | सहिष्णुता |
| बंधु | बंधुत्व | चपल | चपलता |
| आत्मीय | आत्मीयता | कुशल | कुशलता |
| गर्व | गौरव | उजड्ड | उजड्डपन |
| घनिष्ठ | घनिष्ठता |
2. ल्हासा की ओर
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| निर्जन | निर्जनता | यजमान | यजमानी |
| बेगार | बेगारी | सर्वोच्च | सर्वोच्चता |
3. उपभोक्तावाद की संस्कृति
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| विलास | विलासिता | निरंतर | निरंतरता |
| दास | दासता | गिरफ्त | गिरफ्तारी |
| मान्य | मान्यता | बुनियाद | बुनियादी |
| व्यक्ति-केंद्रक | व्यक्ति-केंद्रकता |
4. साँवले सपनों की याद
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| शोख | शोखी | चंचल | चंचलता |
| जटिल | जटिलता | वकील | वकालत |
| यायावर | यायावरी |
5. नाना साहब की पुत्री देवी मैना ...
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| विद्रोह | विद्रोही | क्रूर | क्रूरता |
| जड़ | जड़ता | वृद्ध | वृद्धावस्था |
| जूते |
6. प्रेमचंद के फटे जूते
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| घृणा | घृणा | सलाम | सलामी |
7. मेरे बचपन के दिन
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| आकर्षक | आकर्षण | प्रभात | प्रभाती |
| संप्रदाय | सांप्रदायिकता | संस्कृति | संस्कार |
8. एक कुत्ता और एक मैना
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| प्रगल्भ | प्रगल्भता | परितृप्त | परितृप्ति |
| धृष्ट | धृष्टता | बाध्य | बाध्यता |
| स्तब्ध | स्तब्धता |
Question. निम्नलिखित शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए:
Answer:
| शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| स्वामी | स्वामित्व |
| कुमार | कुमारत्व |
| नृप | नृपत्व |
| कारीगर | कारीगरी |
| इनसान | इनसानियत |
| शत्रु | शत्रुता |
| वकील | वकालत |
| युवा | यौवन |
| क्षत्रिय | क्षत्रियत्व |
| रंग | रंगीनता |
| लड़का | लड़कपन |
| भाई | भाईचारा |
| अमर | अमरत्व |
| आलसी | आलस्य |
| देव | देवत्व |
| नीच | नीचता |
| लम्बा | लम्बाई |
| बहुत | बहुतायत |
| विधवा | विधवापन |
| खट्टा | खटास |
| महान | महानता |
| बाँझ | बाँझपन |
| उचित | औचित्य |
| जंगली | जंगलापन |
| लाल | लालिमा |
| गंदा | गंदगी |
| वीर | वीरता |
| वक्र | वक्रता |
| छोटा | छुटपन |
| ठीठ | ठीठई |
In simple words: आपको दिए गए शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनानी है। भाववाचक संज्ञाएं वे शब्द हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दशा, अवस्था, स्वभाव, या कार्य का बोध कराते हैं।
Exam Tip: भाववाचक संज्ञा बनाने के लिए अक्सर प्रत्ययों जैसे -त्व, -ता, -पन, -ई, -हट, आदि का प्रयोग होता है। शब्दों के मूल अर्थ को समझते हुए सही प्रत्यय का चुनाव करें।
कर्तृवाचक संज्ञा
Question. कर्तृवाचक संज्ञा बनाइए:
Answer:
| प्रत्यय | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|
| -चर्+अ | नभचर, जलचर, निशाचर, गुप्तचर |
| -अक | गायक, ग्राहक, कृषक, दीपक, पाठक, रक्षक, साधक, वाचक, निवेशक, चालक |
| -अन | मोहन, दमन, साधन, पावन |
| -इन् (ई) | योगी, रोगी, भोगी, द्वेषी, दोषी, लोभी, गुणी, सुखी, दुखी |
| -ता | अध्येता, अभिनेता, ज्ञाता, दाता, नेता, श्रोता, भोक्ता, विक्रेता, प्रणेता, रचयिता, हंता |
| विद्-वेत्ता | इतिहासविद्, इतिहासवेत्ता, शास्त्रविद्, कलाविद्, तत्त्ववेत्ता, प्राच्यवेत्ता, भाषाविद्, विधिवेत्ता |
| -अक्कड़ | घुमक्कड़, पियक्कड़, भुलक्कड़, बुझक्कड़, फक्कड़, भुक्खड़ |
| -आका | उड़ाका, लड़ाका, भड़ाका |
| -इय | डाकिया, धुनिया, जड़िया, नचनिया, रसिया, रसोइया |
| इड़ी | गँजेड़ी, भँगेड़ी, नशेड़ी |
| एरा | लुटेरा, चितेरा |
| ऐत | लठैत, डकैत, भलैत |
| ओरा (ओड़ा) | चटोरा, भगोड़ा, कठफोड़ा |
| औता/औती | समझौता, चुकौता, चुनौती, कसौटी, छुड़ौती, बपौती, बुढ़ौती, मनौती, फिरौती |
| औना/औनी | खिलौना, पहरौनी, बिछौना, मिचौनी |
| वाला | करनेवाला, कहनेवाला, नाचनेवाला, ढोनेवाला, सुननेवाला, गानेवाला (इनके लिए संस्कृत शब्द क्रमशः कर्ता, कथक, नर्तक, वाहक, श्रोता, गायक का प्रयोग भी हिंदी में होता है ।) |
| कार | कथाकार, ग्रंथकार, टीकाकार, पत्रकार, स्वर्णकार, वार्ताकार, संगीतकार, नाटककार, चाटुकार, चित्रकार, कुंभकार, चर्मकार, साहित्यकार, मूर्तिकार, गीतकार |
| कारी | आक्रमणकारी, क्रांतिकारी, दमनकारी, षड्यंत्रकारी |
| मार | पाकेटमार, छापामार, मक्खीमार, लट्ठमार |
| खोर | ब्याजखोर, सूदखोर, गोताखोर |
| हार | कुम्हार, चमार, लुहार, सुनार |
| धर | गदाधर, मुरलीधर, गंगाधर, गिरिधर, चक्रधर |
| अर्थी | विद्यार्थी, शोधार्थी, सम्मानार्थी |
| आगम | मेधागम, वर्षागम, विधागम, धनागम |
| जीवी | बुद्धिजीवी, मसिजीवी, कृषिजीवी, परजीवी, क्षणजीवी |
In simple words: आपको प्रत्ययों का उपयोग करके कर्तृवाचक संज्ञाएं बनानी हैं। कर्तृवाचक संज्ञाएं उन शब्दों को कहते हैं जो किसी काम को करने वाले व्यक्ति का बोध कराते हैं।
Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञा बनाते समय, ध्यान दें कि प्रत्यय का सही रूप और शब्द के साथ उसका मेल व्याकरणिक रूप से सही हो। कई बार मूल शब्द में भी परिवर्तन करना पड़ता है।
(ख) कर्तृवाचक संज्ञा बनाइए:
1. दो बैलों की कथा
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| गुप्त | गुप्तचर | प्रचार | प्रचारक |
| जनम | जन्मदाता/जन्मदात्री | नेग | नेगदाता/नेगदात्री |
| बध | बधिक | स्नेह | स्नेहदाता |
| विग्रह | विग्राहक/विग्रहकारी | प्रवास | प्रवासी |
| संगठित | संगठक/संगठनकर्ता | ||
| रिपोर्ट (रपट) | रिपोर्टर |
2. ल्हासा की ओर
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| व्यापार | व्यापारी | चौकी | चौकीदार |
| राह | राही | भिक्षा | भिक्षु/भिक्षुक |
3. उपभोक्तावाद की संस्कृति
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| उपभोग | उपभोक्ता | उत्पादन | उत्पादक |
| जादू | जादूगर / जादूगरनी | नियंत्रण | नियंत्रक |
4. साँवले सपनों की याद
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|
| वकालत | वकील |
5. नाना साहब की पुत्री देवी मैना को ...
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| विध्वंस | विध्वंसक | संहार | संहारक |
6. प्रेमचंद के फटे जूते
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| आग्रह | आग्रही | ट्रेजेडी | ट्रेजेडीकार |
| गंध | गंधी | प्रवर्तन | प्रवर्तक |
7. मेरे बचपन के दिन
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा | शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| सेवा | सेवक | प्रसार | प्रसारक |
8. एक कुत्ता और एक मैना
| शब्द | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|
| दर्शन | दर्शक |
| सृष्टि | सृष्टिकर्ता |
In simple words: आपको दिए गए शब्दों से कर्तृवाचक संज्ञाएं बनानी हैं, जो यह बताती हैं कि किसी कार्य को किसने किया या कौन कर सकता है।
Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञाएं अक्सर शब्दों के अंत में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती हैं, जैसे -कर, -वाला, -दार, आदि। उचित प्रत्यय का चयन करने के लिए शब्द के अर्थ और सन्दर्भ पर ध्यान दें।
उचित प्रत्यय लगाकर कर्तृवाचक संज्ञा बनाइए :
| धातु | कर्तृवाचक संज्ञा | धातु | कर्तृवाचक संज्ञा | धातु | कर्तृवाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|---|---|
| लेना | लेनदार | मेघ | मेघदूत | किराया | किराएदार |
| टीका | टीकाकार | पढ़ना | पढ़नेवाला | विप्लव | विप्लवी |
| पूजा | पूजारी | बुद्धि | बुद्धिमान | लिखना | लेखक |
| भ्रम | भ्रमिक | उड़ना | उड़नेवाला | लूटना | लुटेरा |
| क्रांति | क्रांतिकारी | गदा | गदाधर | संन्यास | संन्यासी |
| नाच | नाचनेवाला | कहानी | कहानीकार | कविता | कवि |
| द्वेष | द्वेषी | भागन | भागनेवाला | इतिहास | इतिहासकार |
| चाम | चमड़ा | संग्रह | संग्रहकर्ता | अर्थशास्त्र | अर्थशास्त्री |
| शिक्षा | शिक्षक | घूमना | घूमनेवाला | मछली | मछुआरा |
| लट्ठ | लठैत | पत्र | पत्रकार | शास्त्र | शास्त्री |
| सोना | सुनार | यज्ञ | यज्ञकर्ता | विधि | विधिज्ञ |
| भूख | भूखा | मसि | मसिजीवी | भाष्य | भाष्याकार |
| लोहा | लोहार | यश | यशस्वी | भूलना | भुलक्कड़ |
सर्वनाम
सर्वनाम की परिभाषा :
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होनेवाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। जैसे – मैं, तू, वह, आप, यह, वे, कोई, कुछ, क्या, कौन, जो आदि।
Exam Tip: Always remember that pronouns simplify language by avoiding repetition of nouns, making sentences flow better.
सर्वनाम के भेद : हिन्दी में सर्वनाम के 6 भेद हैं :
1. पुरुषवाचक सर्वनाम : बोलनेवाले, सुननेवाले या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग होनेवाले सर्वनामों को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं :
• उत्तम पुरुष : बोलनेवाला या लिखनेवाला व्यक्ति अपने नाम की जगह जिस शब्द का उपयोग करता है, उसे उत्तम पुरुष-वाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे : मैं, हम।
• मध्यम पुरुष : बोलनेवाला या लिखनेवाला व्यक्ति सुननेवाले या पढ़नेवाले व्यक्ति के लिए जिस शब्द का प्रयोग करता है, उसे मध्यम पुरुष-वाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे – तू, तुम, तेरा, तुम्हारा, आपका आदि।
• अन्य पुरुष : जो सर्वनाम बोलनेवाले या लिखनेवाले व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग होता है, उसे अन्य पुरुष वाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे – वह, वे, उसे, उनका आदि।
2. निजवाचक सर्वनाम : जिन शब्दों से अपनापन (स्वयं) का पता चलता है, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे – स्वयं, खुद, अपना, अपने आप आदि।
3. निश्चयवाचक सर्वनाम : जो सर्वनाम पास या दूर की किसी वस्तु की ओर संकेत करते हैं उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे – यह, वह, ये, वे आदि।
4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम : जिन सर्वनाम शब्दों से किसी प्राणी या पदार्थ का निश्चित ज्ञान नहीं होता उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे – कई, कुछ, किसी, कोई आदि।
5. संबंधवाचक सर्वनाम : जिन सर्वनाम शब्दों से एक बात का दूसरी बात से संबंध सूचित होता हो, वे संबंधवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे – जो, सो, वह आदि।
6. प्रश्नवाचक सर्वनाम : जिन सर्वनाम शब्दों से प्रश्न का पता चलता हो, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता है। जैसे – क्या, कौन, किसे, किसको इत्यादि।
Exam Tip: Understanding the specific role of each pronoun type helps in correctly identifying and using them in sentences.
1. लिंग के आधार पर सर्वनामों में कोई परिवर्तन नहीं होता। केवल संबंधकारक में लिंग के कारण मेरा-मेरी, तेरा-तेरी, तुम्हारा-तुम्हारी, उसका-उसकी, उनका-उनकी आदि रूप बनते हैं।
2. वचन तथा कारक के आधार पर सर्वनाम में परिवर्तन होता है। जैसे – मैं, तुम, यह, वह विभक्तिरहित बहुवचनकर्ता के रूप में क्रमशः हम, तुम और वे हो जाते हैं।
3. मैं, तुम, यह, वह के रूपों में कारक की विभक्तियाँ जोड़कर लिखी जाती हैं; जैसे – मैंने, तुमने, इसने, उसने, इसका, उसका इत्यादि। विभक्ति दुहरी होगी तो पहली जोड़ी जायगी, दूसरी नहीं। जैसे – इसके लिए, तुम्हारे द्वारा, मेरे लिए, उसके लिए आदि।
Exam Tip: Remember that pronouns usually change form based on number and case, but not gender, simplifying their usage.
विशेषण
विशेषण की परिभाषा :
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतानेवाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। जैसे – सुंदर, छोटा, ईमानदार, लाल आदि।
Exam Tip: A quick way to find an adjective is to see if it describes a noun or pronoun, telling us more about it.
विशेष्य :
जिन संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताई जाती है, उन्हें विशेष्य कहते हैं। जैसे : वृक्ष पर मीठे फल लगे हैं। विशेषण के भेद : विशेषण के मुख्य पाँच भेद हैं :
Exam Tip: Identifying the noun that the adjective describes helps you locate the 'विशेष्य' in any sentence.
1. गुणवाचक विशेषण :
जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्थान, समय, दिशा आदि का ज्ञान हो उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं :
जैसे :
• आलसी, अच्छा, कंजूस,
• अच्छे लड़के पढ़ने में ध्यान देते हैं।
• सफेद गाय खेत में चर रही है।
Exam Tip: Gunavachak Visheshan always adds detail about the quality or characteristic of a noun or pronoun.
2. परिमाणवाचक विशेषण :
वे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की मापतौल संबंधी विशेषता प्रकट करें वे परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे : थोड़ा, अधिक, सारा, किलो। मैंने ज्यादा खाना खा लिया।
Exam Tip: Look for words that answer "how much?" or "how many?" when identifying adjectives of quantity.
परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद हैं –
1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण : जिन विशेषणों द्वारा किसी वस्तु के निश्चित परिमाण (माप-तौल) का पता चले वे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण होते हैं। जैसे – पाँच लीटर, दो किलो। आज घर में पाँच लीटर दूध आया।
2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण : जिन शब्दों से किसी वस्तु के निश्चित परिमाण का बोध न हो, वे होते हैं। जैसे – कुछ, थोड़ा, ज्यादा, कम आदि। कुछ पैसे दे दो।
Exam Tip: The key difference is whether the quantity is exact (like "two apples") or vague (like "some apples").
3. संख्यावाचक विशेषण :
जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध हो, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे – आधा लाख, पाँच हजार।
Exam Tip: Remember to distinguish between adjectives of quantity (how much) and adjectives of number (how many), as their applications differ.
आधी रोटी से पेट नहीं भरता।
संख्यावाचक विशेषण के दो भेद हैं –
1. निश्चित संख्यावाचक : जिन विशेषणों से निश्चित संख्या का बोध होता है, उन्हें निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे – मैंने पाँच केले खाए।
2. अनिश्चित संख्यावाचक : जिन विशेषणों से किसी निश्चित संख्या का बोध न हो उन्हें अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे : अनेक लोग भाषण सुनने गए।
Exam Tip: Focus on whether the exact count is given or if the number is vague to classify these adjectives.
4. सार्वनामिक विशेषण :
जो सर्वनाम शब्द विशेषण के रूप में प्रयोग हों, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
Exam Tip: Identify pronouns that function as adjectives, pointing to nouns instead of replacing them.
जैसे : उस लड़के को बुलाओ। किसी काम में लग जाओ। विशेषण की अवस्थाएँ : विशेषण की अधिकता या कमी की दृष्टि से तीन होती हैं :
1. मूलावस्था : जब विशेष्य किसी की विशेषता को सामान्य रूप से ही बताए, किसी अन्य से तुलना न हो उसे मूलावस्था कहते हैं। जैसे : श्वेता चतुर विद्यार्थिनी है।
2. उत्तरावस्था : जिसके द्वारा किसी एक की विशेषता की किसी दूसरे की उसी विशेषता से तुलना की जाए, उसे उत्तरावस्था कहते हैं। जैसे : सुहेल जग्गू से अधिक चतुर है।
3. उत्तमावस्था : जिसके द्वारा व्यक्ति या वस्तु की विशेषता सबसे बढ़-चढ़ कर बताई जाए, उसे उत्तमावस्था कहते हैं। जैसे – श्रेयस सभी विद्यार्थियों में चतुरतम है।
Exam Tip: Think of these as positive, comparative, and superlative degrees for adjectives, just like in English.
विशेषण की अवस्थाओं के कुछ शब्द रूप इस प्रकार हैं :
| मूलावस्था | उत्तरावस्था | उत्तमावस्था |
|---|---|---|
| सुन्दर | सुन्दरतर | सुन्दरतम |
| प्राचीन | प्राचीनतर | प्राचीनतम |
| निम्न | निम्नतर | निम्नतम |
| महान | महानतर | महानतम |
| योग्य | योग्यतर | योग्यतम |
Exam Tip: Practice forming all three degrees for common adjectives to master their usage.
विशेषण बनाना
हिन्दी में कुछ शब्द मूल रूप से ही विशेषण होते हैं; जैसे – मोटा, पतला, ऊँचा, नीचा, काला, लाल, चालाक, योग्य, अयोग्य, धूर्त, प्रवीण, निपुण आदि। संस्कृत से आये कुछ प्रत्यय युक्त विशेषण शब्द हिन्दी में मूल शब्द की तरह प्रयोग होते हैं, जैसे – सहिष्णु, आप्त, गुप्त, दीप्त, तृप्त, ध्यात, मृत, लिप्त, व्यस्त, युक्त, दत्त, कष्ट, नष्ट, भ्रष्ट, शिष्ट, कृष्ण, पूर्ण, रूग्ण, नग्न, भिन्न, यत्न, रुद्ध, लब्ध, बुद्ध, वृद्ध, सूर, पार्थिव, कुटिल, जटिल इत्यादि।
Exam Tip: Understanding native Hindi adjectives and Sanskrit-derived ones helps in recognizing their origins and usage.
विशेषण बनानेवाले प्रमुख हिन्दी प्रत्यय हैं – इक, इत, इन, ई, ईय, इल, ईन, ईला, निष्ठ, अनीय, मान, मती, मय। इन प्रत्ययों से बने कुछ विशेषण शब्दों की सूची नीचे दी गई है –
Exam Tip: Learning common suffixes for adjective formation can greatly expand your vocabulary and sentence construction skills.
प्रत्यय – इक
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| कर्म | कार्मिक | अधुना | आधुनिक | ज्ञान | वैज्ञानिक |
| अलंकार | आलंकारिक | विधान | वैधानिक | भूगोल | भौगोलिक |
| समाज | सामाजिक | यंत्र | यांत्रिक | प्रयोग | प्रायोगिक |
| संकेत | सांकेतिक | हृदय | हार्दिक | तत्काल | तात्कालिक |
| परिवार | पारिवारिक | देव | दैविक | बुद्धि | बौद्धिक |
| लोक | लौकिक | व्यवहार | व्यावहारिक | इच्छा | ऐच्छिक |
| संसार | सांसारिक | धर्म | धार्मिक | देह | दैहिक |
| उद्योग | औद्योगिक | संस्कृति | सांस्कृतिक | वेद | वैदिक |
| सप्ताह | साप्ताहिक | साहित्य | साहित्यिक | सेना | सैनिक |
| इतिहास | ऐतिहासिक | कल्पना | काल्पनिक | नीति | नैतिक |
| दिन | दैनिक | संप्रदाय | सांप्रदायिक | भूत | भौतिक |
| मास | मासिक | परलोक | पारलौकिक | मुख | मौखिक |
| अध्यात्म | आध्यात्मिक | व्यक्ति | वैयक्तिक | चरित्र | चारित्रिक |
| योग | यौगिक | विज्ञान | वैज्ञानिक |
Exam Tip: Pay attention to how the root word transforms when adding the '-इक' suffix, especially with initial vowels.
विशेष – 'इक' प्रत्यय जुड़ने पर आरंभ के स्वर में प्राय: वृद्धि होती है। यहाँ अ का आ, इ का ई, ए का ऐ, उ का ऊ तथा ओ का औ हो जाता है।
जब शब्द दो शब्दों से बना हो तो दोनों में भी वृद्धि होती है; जैसे – परलोक से पारलौकिक, अधिदेव से आधिदैविक आदि। कहीं-कहीं वृद्धि नहीं भी होती है; जैसे – क्रम से क्रमिक तथा श्रम से श्रमिक।
Exam Tip: Remember these vowel changes are crucial for correct spelling and pronunciation when applying the '-इक' suffix.
प्रत्यय – इत
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| पुलक | पुलकित | संचय | संचित | द्रव | द्रवित |
| पुष्प | पुष्पित | आनंद | आनंदित | गर्व | गर्वित |
| कलंक | कलंकित | फल | फलित | मर्यादा | मर्यादित |
| कुसुम | कुसुमित | तरंग | तरंगित | कंटक | कंटकित |
| पल्लव | पल्लवित | सुरभि | सुरभित | हर्ष | हर्षित |
| विलंब | विलंबित | मोह | मोहित | योजना | योजित |
| अपेक्षा | अपेक्षित | सम्मान | सम्मानित | अपमान | अपमानित |
| संकोच | संकुचित | निंदा | निंदित | क्षुधा | क्षुधित |
| लक्ष्य | लक्षित | उपेक्षा | उपेक्षित | अंक | अंकित |
| घृणा | घृणित |
Exam Tip: The suffix '-इत' often indicates a past participle or an adjective meaning 'possessing' or 'full of' the base noun's quality.
विशेष : इन विशेषणों में कुछ भूतकालिक कृदंत भी हो सकते हैं; जैसे – रक्षित, मुदित, लांछित, स्थापित,
Exam Tip: Recognize that some adjectives formed with '-इत' act like verbs describing a completed state or action.
प्रत्यय – ई (संज्ञा के अलावा अव्ययों में भी लगकर विशेषण की रचना करता है।)
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| दुःख | दुःखी | ज्ञान | ज्ञानी | देहात | देहाती |
| विनय | विनयी | तामस् | तामसी | रूस | रूसी |
| भीतर | भीतरी | अपकार | अपकारी | अनुभव | अनुभवी |
| धन | धनी | ऋण | ऋणी | राजस् | राजसी |
| उद्यम | उद्यमी | विजय | विजयी | मौन | मौनी |
| बल | बली | प्रेम | प्रेमी | भोग | भोगी |
| जापान | जापानी | दान | दानी | सुख | सुखी |
| बनारस | बनारसी | द्वेष | द्वेषी | संयम | संयमी |
| पाकिस्तान | पाकिस्तानी | योग | योगी | बाहर | बाहरी |
| क्रोध | क्रोधी | हिन्दुस्तान | हिन्दुस्तानी | नाम | नामी |
| ध्यान | ध्यानी | विरोध | विरोधी | अहमदाबाद | अहमदाबादी |
| शहर | शहरी | चीन | चीनी | राक्षस | राक्षसी |
| उपकार | उपकारी | रोग | रोगी | योग | योगी |
Exam Tip: The '-ई' suffix is versatile, forming adjectives of various meanings including belonging, state, or origin. Learn to identify its context.
प्रत्यय - इम
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|
| आदि | आदिम | अंत | अंतिम |
Exam Tip: The '-इम' suffix generally transforms nouns into adjectives indicating the essence or primary form of something.
प्रत्यय - इर
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| मद | मदिर | रुचि | रुचिर | रक्त | रक्तिम |
Exam Tip: The '-इर' suffix often indicates a characteristic or property associated with the base noun.
प्रत्यय - ईय
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| भारत | भारतीय | स्वर्ग | स्वर्गीय | आत्मा | आत्मीय |
| नरक | नारकीय | पर्वत | पर्वतीय | मानव | मानवीय |
| ईश्वर | ईश्वरीय | प्रांत | प्रांतीय | चुंबक | चुंबकीय |
| दर्शन | दर्शनीय | शासक | शासकीय | विभाग | विभागीय |
| शरद | शारदीय | राष्ट्र | राष्ट्रीय | विचार | विचारणीय |
Exam Tip: The '-ईय' suffix typically forms adjectives indicating belonging, relation, or 'suitable for' the base noun.
प्रत्यय - ईन
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| रंग | रंगीन | कुल | कुलीन | प्रातः काल | प्रातः कालीन |
| युग | युगीन | नव | नवीन | ग्राम | ग्रामीण |
| शाला | शालीन | विश्वजन | विश्वजनीन | सर्वजन | सर्वजनीन |
| नमक | नमकीन | संग | संगीन |
Exam Tip: The '-ईन' suffix often forms adjectives indicating a quality, characteristic, or belonging.
प्रत्यय - आ
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| ठंड | ठंडी/ठंडा | नील | नीला | मैल | मैला |
| भूख | भूखा | प्यास | प्यासा | झूठ | झूठा |
Exam Tip: The '-आ' suffix often forms simple descriptive adjectives, sometimes indicating a state or color.
प्रत्यय - इल (वाला)
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| फेन | फेनिल | जटा | जटिल | रोम | रोमिल |
| उर्मि | उर्मिल | पंक | पंकिल | स्वप्न | स्वप्निल |
Exam Tip: The '-इल' suffix is less common but usually implies 'full of' or 'characterized by' the noun's quality.
प्रत्यय - ईला
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| खर्च | खर्चीला | हठ | हठीला | चमक | चमकीला |
| रंग | रंगीला | रस | रसीला | नोक | नुकीला |
| जोश | जोशीला | विष | विषैला | नशा | नशीला |
Exam Tip: The '-ईला' suffix usually creates adjectives meaning 'having the quality of' or 'full of' the base noun.
प्रत्यय - इतर
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| आर्य | आर्येतर | हिन्दी | हिंदीतर | इतर | इतर |
| सहज | सहजेतर | शिक्षा | शिक्षेतर | पाठ्य | पाठ्येतर |
Exam Tip: The '-इतर' suffix means 'other than' or 'different from' the base word, creating distinct adjectives.
प्रत्यय - उक्
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| इच्छा | इच्छुक | भाव | भावुक | भिक्षुक | भिक्षुक |
| काम | कामुक |
Exam Tip: The '-उक्' suffix often forms adjectives indicating a strong desire or tendency towards the base word's meaning.
प्रत्यय - कीय
| संज्ञा | विशेषण | सं संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| स्व | स्वकीय | देव | देवकीय | पर | परकीय |
| राज | राजकीय |
Exam Tip: The '-कीय' suffix helps form adjectives denoting belonging or association, often used for formal or specific contexts.
प्रत्यय - तन
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| अधुना | अद्यतन | नव | नूतन | अद्य | अद्यतन |
| पुरा | पुरातन | प्राक् | प्राक्तन |
Exam Tip: The '-तन' suffix usually forms adjectives indicating a time reference, such as 'present' or 'old'.
प्रत्यय - तम
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| अंतर | अंतरतम | निकट | निकटतम | अधिक | अधिकतम |
| महत् | महत्तम | न्यून | न्यूनतम | श्रेष्ठ | श्रेष्ठतम |
| निम्न | निम्नतम | नवीन | नवीनतम | लघु | लघुतम |
| आधुनिक | आधुनिकतम | प्रिय | प्रियतम | सरल | सरलतम |
Exam Tip: The '-तम' suffix creates superlative adjectives, indicating 'most' or 'highest degree' of a quality.
प्रत्यय - दायक/दायी
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|
| आनंद | आनंददायक/आनंददायी | फल | फलदायी/फलदायक |
| पीड़ा | पीड़ादायक/पीड़ादायी | वर | वरदायक/वरदायी |
| लाभ | लाभदायक/लाभदायी | भय | भयदायक/भयदायी |
| जीवन | जीवनदायक/जीवनदायी | शांति | शांतिदायक/शांतिदायी |
Exam Tip: These suffixes '-दायक' and '-दायी' are used to form adjectives meaning 'giving' or 'providing' the base noun's quality.
प्रत्यय - निष्ठ
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|
| कर्तव्य | कर्तव्यनिष्ठ | धर्म | धर्मनिष्ठ |
| कर्म | कर्मनिष्ठ |
Exam Tip: The '-निष्ठ' suffix forms adjectives indicating dedication, devotion, or adherence to the base noun.
प्रत्यय - अनीय
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| सम्मान | सम्माननीय | पूज्य | पूजनीय | दया | दयनीय |
| विश्वास | विश्वसनीय | आदर | आदरणीय | निंदा | निंदनीय |
Exam Tip: The suffix '-अनीय' forms adjectives meaning 'worthy of', 'suitable for', or 'that which should be' the action or quality of the base noun.
प्रत्यय - मय
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| आनंद | आनंदमय | दुःख | दुःखमय | गौरव | गौरवमय |
| सुख | सुखमय | कंटक | कंटकमय | अन्न | अन्नमय |
| शांति | शांतिमय | अनुराग | अनुरागमय | प्राण | प्राणमय |
Exam Tip: The '-मय' suffix means 'full of' or 'made of' the base noun, creating adjectives that describe composition or pervasive quality.
प्रत्यय - मान/मती
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| बुद्धि | बुद्धिमान/बुद्धिमती | शक्ति | शक्तिमान | श्री | श्रीमान/श्रीमती |
| धी (बुद्धि) | धीमान | कीर्ति | कीर्तिमान् | वृद्धि | वृद्धिमान |
Exam Tip: The suffixes '-मान' and '-मती' are used to form adjectives indicating 'possessing' or 'endowed with' the quality of the base noun, with '-मती' for feminine forms.
प्रत्यय - य
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| मान | मान्य | मुख | मुख्य | चिंता | चिंत्य |
| पूजा | पूज्य | सभा | सभ्य | सेवा | सेव्य |
| उपासना | उपास्य | मृत्यु | मर्त्य | बाहर | बाह्य |
| नासिका | नासिक्य | अंत | अन्त्य | दंत | दंत्य |
| कथा | कथ्य | संध्या | सांध्य | जन | जन्य |
| न्याय | न्याय्य | आदि | आद्य | निदा | निंद्य |
Exam Tip: The '-य' suffix forms adjectives indicating fitness, suitability, or connection to the base noun.
प्रत्यय - र
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|
| कुंज | कुंजर | मुख | मधुर |
Exam Tip: The '-र' suffix is often used to form adjectives or nouns denoting 'one who carries' or 'is connected with'.
प्रत्यय - ल
| संज्ञा | विशेषण |
|---|---|
| वत्स | वत्सल |
Exam Tip: The '-ल' suffix in Hindi often denotes affection, producing adjectives like 'vatsal' (affectionate).
प्रत्यय - वादी
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| भाग्य | भाग्यवादी | समाज | समाजवादी | बुद्धि | बुद्धिवादी |
| यथार्थ | यथार्थवादी | आशा | आशावादी | पूँजी | पूँजीवादी |
Exam Tip: The suffix '-वादी' means 'advocating' or 'believing in' the base noun, creating adjectives related to ideology or proponents.
प्रत्यय - विद्
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| कानून | कानूनविद् | न्याय | न्यायविद् | इतिहास | इतिहासविद् |
| ज्योतिष | ज्योतिषविद् | हस्तरेखा | हस्तरेखाविद् | शास्त्र | शास्त्रविद् |
Exam Tip: The suffix '-विद्' means 'knower' or 'expert' in the field indicated by the base noun, forming adjectives of expertise.
प्रत्यय - वान/वती
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|
| गुण | गुणवान/गुणवती | रूप | रूपवान/रूपवती |
| बल | बलवान/बलवती | विद्या | विद्यावान/विद्यावती |
Exam Tip: The suffixes '-वान' (masculine) and '-वती' (feminine) are used to form adjectives indicating 'possessing' or 'endowed with' the base noun's quality.
प्रत्यय - वी
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| ओज | ओजस्वी | यशस् | यशस्वी | मनस् | मनस्वी |
| तपस | तपस्वी | तेजस् | तेजस्वी | मेद | मेदस्वी |
| ऊर्जा | ऊर्जस्वी | माया | मायावी | मेधा | मेधावी |
Exam Tip: The '-वी' suffix forms adjectives indicating possession of a quality or state, often related to power or energy.
प्रत्यय - शाली
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| प्रतिभा | प्रतिभाशाली | गौरव | गौरवशाली | बल | बलशाली |
| भाग्य | भाग्यशाली | सम्पत्ति | सम्पत्तिशाली | प्रभाव | प्रभावशाली |
Exam Tip: The suffix '-शाली' creates adjectives indicating 'possessing' or 'being full of' a particular quality, often related to power or talent.
प्रत्यय - एरा
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| मामा | ममेरा | चाचा | चचेरा | फूफा | फुफेरा |
| मौसा | मौसेरा | लूट | लुटेरा | काँसा | कसेरा |
Exam Tip: The '-एरा' suffix often forms adjectives or nouns indicating relation, profession, or characteristic derived from the base word.
प्रत्यय - वाला
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| दूध | दूधवाला | पैसा | पैसेवाला | गाड़ी | गाड़ीवाला |
| चाय | चायवाला | रिक्शा | रिक्शेवाला | पपीड़ी | पपीड़ीवाला |
| बर्फ | बर्फवाला | ठेला | ठेलेवाला | पुड़ा | पुड़ावाला |
Exam Tip: The suffix '-वाला' is very common, forming adjectives meaning 'owner', 'seller', 'doer', or 'associated with' the base noun.
प्रत्यय - आलु/आलू
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| दया | दयालु | झगड़ा | झगड़ालु | कृपा | कृपालु |
| ईर्ष्या | ईर्ष्यालु | ढाल | ढालु |
Exam Tip: The suffixes '-आलु' or '-आलू' create adjectives indicating a tendency, nature, or quality of the base noun.
क्रिया शब्दों से विशेषण
प्रत्यय - आऊ
| क्रिया | विशेषण | क्रिया | विशेषण | क्रिया | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| कमाना | कमाऊ | उड़ाना | उड़ाऊ | उपजाना | उपजाऊ |
| जलाना | जलाऊ | बेचना | बिकाऊ | भड़काना | भड़काऊ |
| पंडिताना | पंडिताऊ | टिकना | टिकाऊ | दिखाना | दिखाऊ |
Exam Tip: The '-आऊ' suffix forms adjectives from verbs, often meaning 'suitable for' or 'tending to' the action of the verb.
प्रत्यय - आ
| धातु | विशेषण | धातु | विशेषण | धातु | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| कटा | कटा | तैरना | तैराक | भीग | भीगा |
| छुट | छुटा | चलाना | चालक | ||
| फट | फटा | उड़ना | उड़ाका | ||
| लड़ना | लड़ाका |
Exam Tip: The suffix '-आ' when added to verbs can form adjectives, often indicating a state or characteristic resulting from the action.
प्रत्यय - आड़ी
| क्रिया | विशेषण |
|---|---|
| खेलना | खिलाड़ी |
Exam Tip: The '-आड़ी' suffix forms adjectives or nouns indicating a person who habitually performs the action of the verb.
प्रत्यय - इया
| क्रिया | विशेषण |
|---|---|
| घटना | घटिया |
| बढ़ना | बढ़िया |
Exam Tip: The '-इया' suffix is used to form diminutive or qualitative adjectives from verbs, often implying a characteristic quality.
प्रत्यय - एरा
| क्रिया | विशेषण |
|---|---|
| लूटना | लुटेरा |
| कमाना | कमेरा |
Exam Tip: The '-एरा' suffix, when added to verbs, often forms adjectives indicating 'one who does' or 'is associated with' the action.
कतिपय अन्य प्रत्यय
| प्रत्यय | धातु | विशेषण | धातु | विशेषण |
|---|---|---|---|---|
| क | पालना | पालक | लिखना | लिखित |
| अक्कड़ | भूलना | भुलक्कड़ | घूमना | घुमक्कड़ |
| ओड़/ओड़ा | हँसना | हँसोड़ | भागना | भगोड़ा |
| वाला | जाना | जानेवाला | खाना | खानेवाला |
| पीना | पीनेवाला | उड़ना | उड़नेवाला | |
| हुआ | डरना | डरा हुआ | जागना | जागा हुआ |
| पढ़ना | पढ़ा हुआ | जानना | जाना हुआ |
Exam Tip: Many suffixes can create adjectives from verbs, often indicating a state, ability, or characteristic.
सर्वनाम से विशेषण की रचना
| प्रत्यय | सर्वनाम | विशेषण | सर्वनाम | विशेषण |
|---|---|---|---|---|
| रा | मैं | मेरा | तुम | तुम्हारा |
| हम | हमारा | तू | तेरा | |
| का | वह | उसका | वे | उनका |
| यह | इसका | |||
| रूप बदलकर | यह | ऐसा | वह | वैसा |
Exam Tip: Pronouns often change form to function as possessive adjectives, indicating ownership or relation.
कुछ अरबी-फारसी उपसर्गों से विशेषण की रचना
| उपसर्ग | विशेषण |
|---|---|
| ला | लापरवाह, लापता, लावारिस |
| बे | बेईमान, बेहोश, बेकसूर, बेकाबू, बेवकूफ, बेकरार, बेचारा |
| कम | कमजोर, कम कीमत (सस्ता), कमबख्त (अथागा) |
| खुश | खुशकिस्मत, खुशदिल, खुशबू, खुशामद (चापलूस) |
| गैर | गैर कानूनी, गैर मामूली (असाधारण), गैर मुनासिब (अनुचित) |
| बद | बदइंतजामी, बदचलन, बदकिस्मत, बदज़बान, बदनाम, बदबू, बदतमीज़, बदमिज़ाज, बदसलूकी, बदहाल |
| उर्दू-ना | नाखुश, नापसंद, नाबालिग, नालायक, नामुमकिन, नाकाबिल, नाजायज |
Exam Tip: Understanding these prefixes helps in forming adjectives that convey negation, lack, or specific qualities in Hindi, often from Urdu/Persian origins.
प्रत्ययों के अतिरिक्त अनेक अर्धप्रत्ययों को जोड़कर भी विशेषण बनाया जाता है।
विशेषण बनाइए :
1. दो बैलों की कथा
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| पदवी | पदवीधारी | सहिष्णुता | सहिष्णु | बेवकूफी | बेवकूफ |
| समय | कुसमय | अड़ना | अड़ियल | गुप्तता | गुप्त |
| घनिष्ठता | घनिष्ठ | कामचोर | कामचोर | कुशलता | कुशल |
| जख्म | जख्मी | उजड्डपन | उजड्ड | तृप्ति | तृप्त |
Exam Tip: Practice identifying the root word and the suffix to correctly form adjectives that describe characteristics or states.
2. ल्हासा की ओर
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| व्यापार | व्यापारिक | खून | खूनी | सर्वोच्चता | सर्वोच्च |
| चीरना | चिरी/चिरी हुई | हस्तलेख | हस्तलिखित |
Exam Tip: Be mindful of how different suffixes change the form and meaning of adjectives derived from verbs or nouns.
3. उपभोक्तावाद की संस्कृति
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| मान्यता | मान्य | विलासिता | विलासी | निखारना | निखार |
| धन | धनी | प्रतिष्ठा | प्रतिष्ठित | विशेष | विशेष |
| सामंत | सामंत | संस्कृति | संस्कृत |
Exam Tip: Pay attention to the subtle differences in meaning when transforming nouns into adjectives, especially those related to concepts.
4. साँवले सपनों की याद
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| शोखी | शोख | समर्पण | समर्पित | काया | कायिक |
| निसर्ग | नैसर्गिक |
Exam Tip: Some adjectives are formed by simple conversion or slight modification of the noun, without adding common suffixes.
5. नाना साहब की पुत्री देवी मैना...
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|
| विद्रोह | विद्रोही | क्रूर | क्रूर |
| मोह | मोहित | विनय | विनयी |
| लहू | लहूलुहान |
Exam Tip: Observe how adjectives related to human emotions or conditions are formed, sometimes with the addition of suffixes.
6. प्रेमचंद के फटे जूते
| शब्द | विशेषण |
|---|---|
| आग्रह | आग्रही |
| घृणा | घृणित |
Exam Tip: Some adjectives describing a state (like 'घृणित') are formed from abstract nouns (like 'घृणा').
7. मेरे बचपन के दिन
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|
| आकर्षण | आकर्षक | संस्कार | संस्कारी |
| विवाद | विवादित | झगड़ा | झगड़ालू |
Exam Tip: Notice how suffixes '-क', '-इत', '-ई' and '-आलू' can be used to convert nouns/verbs into adjectives.
8. एक कुत्ता और एक मैना
| शब्द | विशेषण | शब्द | विशेषण |
|---|---|---|---|
| दर्शन | दर्शनीय | स्तब्धता | स्तब्ध |
| बाध्यता | बाध्य | धृष्टता | धृष्ट |
| मुख | मौखिक |
Exam Tip: Understanding the relationship between abstract nouns and their corresponding adjectives is essential for precise language use.
स्वयं करें
उचित प्रत्यय लगाकर विशेषण बनाइए :
| संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण | संज्ञा | विशेषण |
|---|---|---|---|---|---|
| अंश | आंशिक | चलाना | चालक | अनुराग | अनुरागी |
| दैव | दैविक | प्रांत | प्रांतीय | तैरना | तैराक |
| खूब | खूबसूरत | भूत | भौतिक | केन्द्र | केन्द्रीय |
| विनय | विनयी | पल्लव | पल्लवित | नीचे | निचला |
| न्याय | न्याय्य | राष्ट्र | राष्ट्रीय | दुकान | दुकानी |
| सुरभि | सुरभित | भागना | भागनेवाला | देह | दैहिक |
| धूम | धूमिल | तपस् | तपस्वी | अपेक्षा | अपेक्षित |
| डरना | डरावना | बुद्धि | बौद्धिक | फेन | फेनिल |
| ऐश्वर्य | ऐश्वर्यपूर्ण | तरंग | तरंगित | हँसना | हँसोड़ |
| पक्ष | पाक्षिक | रंग | रंगीला | सम्पत्ति | सम्पन्न |
| संकोच | संकोची | पढ़ना | पढ़ाकू | सेना | सैनिक |
| कुल | कुलीन | विश्वास | विश्वसनीय | पियासा | प्यास |
| पालना | पालक | तत्त्व | तात्त्विक | रस | रसीला |
| कर्तव्य | कर्तव्यनिष्ठ | विधान | वैधानिक | चलना | चालक |
| अंक | अंकित | बर्फ | बर्फीला | नमक | नमकीन |
| संसार | सांसारिक | बढ़ना | बढ़ाऊ | क्षुधा | क्षुधित |
| मान | मान्य | आकाश | आकाशीय | करुणा | करुणामय |
| टिकना | टिकाऊ | धृणा | घृणित | श्री. | श्रीमान |
| चिंतन | चिंतनीय | संस्कृति | सांस्कृतिक | घटना | घटित |
| द्रव | द्रवित | निन्दा | निंदनीय | स्वदेश | स्वदेशी |
| इतिहास | ऐतिहासिक | आना | आगत | पुष्प | पुष्पित |
| जल | जलीय | शासक | शासकीय | डरना | डरावना |
| यह | ऐसा | फल | फलित | पाप | पापी |
| यूरोप | यूरोपीय | आप | आपसी | दिन | दैनिक |
| वन | वन्य | आदर | आदरणीय | अभिभूत | अभिभूत |
| हम | हमारा | मुख | मौखिक | ओष्ठ | औष्ठ्य |
| परलोक | पारलौकिक | तुम | तुम्हारा | सत्व | सात्विक |
| मूल | मौलिक | गुण | गुणी | उपयोग | उपयोगी |
| अधिकार | आधिकारिक | आगे | अगला | धर्म | धार्मिक |
| पराक्रम | पराक्रमी | पाकिस्तान | पाकिस्तानी | पीछे | पिछला |
| तेज | तेजस्वी | रक्त | रक्तिम | अनुभव | अनुभवी |
| उपकार | उपकारी | रोग | रोगी | भाग्य | भाग्यशाली |
| शांति | शांतिपूर्ण | अनुकरण | अनुकरणीय | यह | ऐसा |
| अंत | अंतिम | यत्न | यत्नशील | स्थल | स्थलीय |
| संपादक | संपादकीय | वह | वैसा | अग्र | अगला |
| ठंड | ठंडी | दंत | दंतीय | अवकाश | अवकाशप्राप्त |
| तू | तुम | ज्ञान | ज्ञानी | प्यास | प्यासा |
| चिंता | चिंतित | प्रातःकाल | प्रातःकालीन | मैं | मेरा |
| ऋण | ऋणी | ईर्ष्या | ईर्ष्यालु | कथा | कथित |
| चमक | चमकीला | पूत | पुत्रवत | नाम | नामिक |
| श्रद्धा | श्रद्धालु | कर्म | कार्मिक | वर्णन | वर्णनात्मक |
| कसूर | कसूरी | क्रोध | क्रोधी | घड़ी | घड़ीवाला |
| पुण्य | पुण्यवान | कमाना | कमाऊ | पता | पतला |
| रूप | रूपवान | भग | भगोड़ा | धन | धनी |
| भीतर | भीतरी | होश | होशियार |
Exam Tip: To create an adjective from a noun, verb, or adverb, correctly identify the base word and then add the appropriate suffix. Pay attention to how the base word changes when the suffix is added.
क्रिया
जिस शब्द से किसी काम के होने या करने का पता चलता है, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे – हँसना, पढ़ना, खाना, पीना, देना, लेना, खेलना आदि। जैसे :
- चिड़िया उड़ती है।
- राम प्रतिदिन व्यायाम करता है।
इन वाक्यों में 'उड़ती' और 'करता' शब्द क्रिया के रूप हैं, क्योंकि इनके द्वारा किसी कार्य के होने का बोध होता है। धातु : क्रिया के मूल रूप को धातु कहा जाता है। उपर्युक्त वाक्यों में 'उड़' और 'कर' मूल धातु हैं। धातु के दो प्रकार होते हैं :
- मूल धातु : जो धातु किसी दूसरे शब्द के आधार पर न बनी हो, वह मूल धातु है। जैसे – चल, उठ, उड़, खेल आदि।
- यौगिक धातु : जो धातु किसी अन्य शब्दों के योग से बने, उसे यौगिक धातु कहते हैं। जैसे : लिखवाना, बोलना, छुड़ाना, बजाना आदि।
क्रिया के भेद :
कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद हैं –
- अकर्मक क्रिया : जिन क्रियाओं का सीधा कर्ता से सम्बन्ध होता है और उनकी क्रियाओं से कर्म सूचित नहीं होता है ऐसे कर्म न रखनेवाली क्रियाओं को अकर्मक क्रिया कहते हैं।
जैसे :
- राम पढ़ता है।
- सीता खेलती है।
(2) सकर्मक क्रिया : जिस वाक्य में कर्म हो उससे सम्बन्धित क्रिया को सकर्मक क्रिया कहते हैं।
जैसे :
- राम पुस्तक पढ़ता है।
- सीता फल खाती है।
मुख्य क्रिया : जब वाक्य में एक से अधिक क्रियाएँ साथ हों तो उनमें जो क्रिया कर्ता या कर्म के मुख्य कार्य व्यापार के बारे में सूचना देती है, वह मुख्य क्रिया कहलाती है।
जैसे :
सहायक क्रिया : मुख्य क्रिया के बाद बची हुई क्रिया को सहायक क्रिया के रूप में पहचानते हैं।
जैसे :
- स्वेता गाती है।
वाक्य में रेखांकित अंश में 'गाती' और 'है' दो क्रियाएँ हैं। 'गाती' मुख्य क्रिया है और 'है' सहायक क्रिया है। सहायक क्रिया मुख्य क्रिया के काल (वर्तमान-भूत-भविष्य) को सूचित करती है। और मुख्य क्रिया की निरन्तरता, पूर्णता – अपूर्णता की सूचना देती है तथा वह कर्मवाच्य, भाववाच्य की मुख्य क्रिया की सहायता करती है। कालसूचक वह पढ़ता है (वर्तमान) वह पढ़ता था (भूतकाल) वह पढ़ता होगा (भविष्य) निरन्तरता सूचक वह जा रहा है। वह लिख रहा था। वह खा रहा होगा। वाक्य सूचक वह लिखा जाता है। अब मुझसे और चला नहीं जाता।
काल की सूचना में 'हो' निरन्तरता में 'रह' और वाच्य में 'जा' सहायक क्रिया काम में आती है। हिन्दी में 'हो' (कालसूचक) सहायक क्रिया का सर्वाधिक उपयोग होता है।
| पुरुष | वर्तमानकाल | भूतकाल | भविष्यकाल | |||
|---|---|---|---|---|---|---|
| एकवचन | बहुवचन | एकवचन | बहुवचन | एकवचन | बहुवचन | |
| प्रथम पुरुष | है | हैं | था | थे | होऊंगा | होंगे |
| मध्यम पुरुष | हो | हो | था | थे | होगा | होंगे |
| अन्य पुरुष | है | हैं | था | थे | होगा | होंगे |
क्रिया के रूप में परिवर्तन लिंग, वचन, कारक के साथ ही काल पर भी निर्भर करता है। साथ ही क्रिया से संज्ञा या विशेषण पद भी बनते हैं। क्रिया के प्रेरणार्थक क्रिया रूप भी बनते हैं। प्रेरणार्थक क्रिया बनाना प्रेरणार्थक क्रिया – प्रेरणार्थक क्रिया मूल रूप से सकर्मक क्रिया होती है। इसमें क्रिया से कर्ता के स्वयं काम करने का बोध नहीं होता बल्कि किसी अन्य व्यक्ति से कराए जाने का बोध होता है; जैसे – अध्यापक विद्यार्थियों से काम कराता है। यहाँ अध्यापक स्वयं काम नहीं कर रहा है बल्कि विद्यार्थियों से करा रहा है।
प्रेरणार्थक क्रिया दो प्रकार की होती है –
(क) प्रथम प्रेरणार्थक और
(ख) द्वितीय प्रेरणार्थक
1. अकर्मक मूल धातु के अंत में 'आना' जोड़ने से प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया बनती है और 'वाना' जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया; जैसे -
| प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया | |
|---|---|---|
| डरना | डराना | डरवाना |
| दौड़ना | दौड़ाना | दौड़वाना |
| गिरना | गिराना | गिरवाना |
| हँसना | हँसाना | हँसवाना |
| रोना | रूलाना | रूलवाना |
| जगना | जगाना | जगवाना |
| सोना | सुलाना | सुलवाना |
| जुड़ना | जोड़ना | जुड़वाना |
| टूटना | तोड़ना | तुड़वाना |
| भरना | भराना | भरवाना |
| खेलना | खिलाना | खिलवाना |
| भीगना | भिगोना | भिगवाना |
2. सकर्मक मूल धातु के अंत में 'आ' जोडने से प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया तथा 'वा' जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया बनती है; जैसे -
| प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया | |
|---|---|---|
| पढ़ना | पढ़ाता | पढ़वाता |
| लिखना | लिखाना | लिखवाना |
| सुनना | सुनाना | सुनवाना |
| करना | कराना | करवाना |
3. प्रेरणार्थक क्रिया बनाते समय दो अक्षरवाली धातु का पहला स्वर यदि दीर्घ हो, तो वह ह्रस्व हो जाता है। यदि 'ए' या 'ओ' हो तो वह भी 'इ', 'उ' हो जाता है;
जैसे -
| प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया | |
|---|---|---|
| काटना | कटाना | कटवाना |
| छोड़ना | छुड़ाना | छुड़वाना |
| बोलना | बुलाना | बुलवाना |
| सीखना | सिखाना | सिखवाना |
| खेलना | खिलाना | खिलवाना |
| जीतना | जिताना | जितवाना |
4. एक अक्षरवाली धातु के अंत में पहली प्रेरणार्थक क्रिया बनाने के लिए 'ला' और दूसरी प्रेरणार्थक क्रिया बनाने के लिए 'लवा' जोड़कर दीर्घ स्वर को ह्रस्व कर देते हैं; जैसे -
| प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया | |
|---|---|---|
| पीना | पिलाना | पिलवाना |
| देना | दिलाना | दिलवाना |
| धोना | धुलाना | धुलवाना |
| नाचना | नचाना | नचवाना |
अभ्यास – स्वयं हल कीजिए।
Question 1. निम्नलिखित वाक्यों में प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया तथा द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग करके पुन: लिखिए :
(1) बच्चा दूध पीता है।
(2) लड़के फुटबाल खेलते हैं।
(3) मीना कपड़े सिलती है।
(4) रेखा कहानी लिखती है।
(5) रेणुका दौड़ती है।
Answer:
(1) बच्चा दूध पीता है।
प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया: माँ बच्चे को दूध पिलाती है।
द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया: माँ दाई से बच्चे को दूध पिलवाती है।
(2) लड़के फुटबाल खेलते हैं।
प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया: गुरुजी लड़कों को फुटबाल खिलाते हैं।
द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया: गुरुजी कोच से लड़कों को फुटबाल खिलवाते हैं।
(3) मीना कपड़े सिलती है।
प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया: माँ मीना को कपड़े सिलाती है।
द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया: माँ दर्जी से कपड़े सिलवाती है।
(4) रेखा कहानी लिखती है।
प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया: अध्यापक रेखा को कहानी लिखाते हैं।
द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया: अध्यापक लेखक से कहानी लिखवाते हैं।
(5) रेणुका दौड़ती है।
प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया: माँ रेणुका को दौड़ाती है।
द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया: माँ कोच से रेणुका को दौड़वाती है।
In simple words: For each sentence, we show three versions: the original, one where someone makes the subject do the action (first causative), and one where someone gets another person to make the subject do the action (second causative).
Exam Tip: Remember to identify the root verb and apply the correct 'आना' or 'वाना' ending, or 'ला'/'लवा' for single-syllable verbs, making sure the initial vowel changes if necessary.
Question 2. निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक तथा द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया रूप लिखिए : गिरना, चमकना, बढ़ना, बिगड़ना, फूटना, रखना, लूटना, सीना
Answer:
| मूल क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया |
|---|---|---|
| गिरना | गिराना | गिरवाना |
| चमकना | चमकाना | चमकवाना |
| बढ़ना | बढ़ाना | बढ़वाना |
| बिगड़ना | बिगाड़ना | बिगड़वाना |
| फूटना | फुटाना | फुटवाना |
| रखना | रखाना | रखवाना |
| लूटना | लुटाना | लुटवाना |
| सीना | सिलाना | सिलवाना |
In simple words: This table shows how basic action words change when you make someone else do that action, or when you get someone else to make a third person do it.
Exam Tip: Memorize the common patterns for forming first and second causative verbs, especially how vowel lengths change in the stem.
अव्यय
अव्यय की परिभाषा : अव्यय अविकारी पद हैं। ऐसे शब्द जिन पर लिंग, वचन, कारक आदि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता अव्यय कहलाते है। जैसे जब, तब, अभी, किंतु, चूंकि आदि।
• मैं समझती हूँ कि रूठा है, तब मेरी गोद में लेकर प्यार करती हूँ।
• बालक में बुद्धिमानी अच्छी नहीं लगती।
• वह अपने साथियों में जाता है और खेलकर देर से लौटता है।
अव्यय के मुख्य पाँच भेद हैं :
1. क्रियाविशेषण अव्यय :
जो शब्द क्रिया विशेषण की विशेष जानकारी का बोध कराते हैं वे क्रियाविशेषण अव्यय कहलाते हैं। जैसे : उधर, दिनभर, जल्दी, तेज आदि।
- आप वहाँ क्या कर रहे हैं ?
- वह धीरे-धीरे साइकिल चला रहा है।
क्रियाविशेषण के मुख्य चार भेद हैं –
- रीतिवाचक क्रियाविशेषण : जैसे – धीरे-धीरे, ध्यानपूर्वक तेज आदि
- स्थानवाचक क्रियाविशेषण : जैसे – यहाँ, वहाँ, जहाँ, सर्वत्र, कहाँ, यहीं आदि
- कालवाचक क्रियाविशेषण : जैसे – आज, कल, अभी, कब, सदैव, परसों आदि
- परिमाणवाचक क्रियाविशेषण : जैसे – कम, अधिक, ज्यादा, थोड़ा, कितना, जितना आदि।
2. संबंधसूचक अव्यय :
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ कराते हैं, उन्हें सम्बन्धसूचक अव्यय कहते हैं। जैसे-
- खातिर, द्वारा, सिवा आदि।
- वह घर से दूर चला गया।
- मेरी पाठशाला के आगे बस स्टैण्ड है।
(3) समुच्चयबोधक अव्यय :
जो शब्द एक वाक्य का सम्बन्ध दूसरे वाक्य या वाक्यांशों से जोड़ते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक अव्यय कहते जैसे
- लेकिन, क्योंकि, और, तब, बल्कि आदि।
- यदि मेहनत करोगे तो अवश्य सफल होगे।
समुच्चयबोधक अव्यय के दो भेद हैं –
- समानाधिकरण समुच्चयबोधक : जैसे – और, या, तथा, लेकिन, इसलिए
- व्यधिकरण समुच्चयबोधक : जैसे – क्योंकि, कि, ताकि, आदि।
विस्मयादिबोधक अव्यय : हर्ष, शोक, भय, आश्चर्य आदि विविध भावों को सूचित करनेवाले शब्द जिनका सम्बन्ध वाक्य या विशेष पद से नहीं होता हैं विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाते हैं। जैसे :
- अहा ! हाय ! अरे ! आदि।
- आह ! वह गिर गया।
- अरे ! वह कहाँ गया।
निपात
निपात : 'निपात' नये भाव प्रकट करने के लिए प्रयुक्त होते हैं। निपात का कोई लिंग, वचन नहीं होता अतः इन्हें अवयवों में रखा जाता है। मूलतः इसका प्रयोग अव्ययों के लिए होता है फिर भी अव्यय और निपात में किंचित भेद है। इनका प्रयोग वाक्य में अर्थ के अनुसार भिन्न-भिन्न स्थान पर हो सकता है। निपातों का प्रयोग निश्चित शब्द, शब्द-समुदाय या पूरे वाक्य को अन्य भावार्थ प्रदान करने के लिए होता है। जैसे : ही, भी, तो, तक
पायल ने ही उसे मारा था।
पायल ने उसे ही मारा था।
अव्यय की भाँति ये भी अविकारी होते हैं, अतः इन पर लिंग, वचन, कारक या काल का प्रभाव नहीं पड़ता। इनका रूप सदैव एक ही बना रहता है।
Free study material for Hindi
Hindi Class 9 Curriculum Solutions: पद भेद (1st Language)
Chapter Exercise Answers for Class 9 Hindi
Access structured GSEB textbook solutions for पद भेद (1st Language). Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 9 Hindi, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Detailed Answer Guides for पद भेद (1st Language)
Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 9 Hindi text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.
Complete Preparation Kit for Class 9 Exams
Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 9 Hindi.
FAQs
The complete and updated GSEB Class 9 Hindi Vyakaran पद-भेद (1st Language) Solutions is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest GSEB curriculum.
Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Hindi Vyakaran पद-भेद (1st Language) Solutions as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Hindi Vyakaran पद-भेद (1st Language) Solutions will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Vyakaran पद-भेद (1st Language) Solutions in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Vyakaran पद-भेद (1st Language) Solutions in printable PDF format for offline study on any device.