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Detailed Chapter 14 चंद्र गहना से लौटती बेर GSEB Solutions for Class 9 Hindi
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Class 9 Hindi Chapter 14 चंद्र गहना से लौटती बेर GSEB Solutions PDF
प्रश्न-अभ्यास
Question 1. 'इस विजन में ... अधिक है' – पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों ?
Answer: 'इस विजन में ... अधिक है' – इन पंक्तियों द्वारा कवि ने शहरी स्वार्थपूर्ण रिश्तों पर हमला किया है। कवि के अनुसार शहरी संबंध व्यावसायिक होते हैं। वे आपसी प्यार के बजाय पैसों को ज्यादा महत्व देते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह उनका प्रकृति से दूर रहना है। उनके विपरीत जो लोग प्रकृति के करीब रहते हैं, वे आपसी प्रेम को महत्व देते हैं। इसलिए कवि ने गाँव की ज़मीन को प्यार के मामले में ज्यादा फलदायी माना है।
In simple words: कवि इन पंक्तियों में शहरी, स्वार्थ-भरे रिश्तों पर गुस्सा दिखाते हैं, क्योंकि शहरों में लोग पैसों को रिश्तों से ज्यादा महत्व देते हैं और प्रकृति से दूर रहते हैं, जबकि गांवों में प्यार को महत्व दिया जाता है।
Exam Tip: जब भी किसी कविता में 'आक्रोश' या 'भाव' पूछा जाए, तो कवि के विचारों को स्पष्ट रूप से बताएं और उसके पीछे के कारणों का भी उल्लेख करें।
Question 2. सरसों को 'सयानी' कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा?
Answer: सरसों के मुकाबले चना, अलसी आदि छोटे हैं। सरसों में पीले फूल भी खिल गए हैं। कवि को लगता है कि वह हाथ पीले कर शादी के मंडप में जाने के लिए तैयार है, यह सब देखकर कवि सरसों को सयानी कहना चाहता है।
In simple words: कवि सरसों को 'सयानी' इसलिए कहते हैं क्योंकि उसमें पीले फूल खिल गए हैं, और वह शादी के लिए तैयार युवती जैसी दिखती है, जबकि दूसरे पौधे अभी छोटे हैं।
Exam Tip: कविता में किसी शब्द के प्रतीकात्मक अर्थ को समझाते समय, उसके शाब्दिक अर्थ के साथ-साथ कवि के भावार्थ को भी जोड़कर स्पष्ट करें।
Question 3. अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: कवि ने अलसी को एक सुंदर युवती के रूप में दिखाया है। यह बहुत जिद्दी है। उसका शरीर पतला और कमर बहुत लचीली है। वह अपने सिर पर नीले फूल लगाकर प्यार में व्याकुल हो रही है कि उसे जो छुएगा उसको वह अपना दिल दे देगी, मतलब उससे प्रेम करेगी।
In simple words: कवि अलसी को एक सुंदर, जिद्दी लड़की बताते हैं जिसका शरीर पतला और कमर लचीली है। वह अपने सिर पर नीले फूल लगाए हुए है और कहती है कि जो उसे छुएगा, वह उसे अपना दिल दे देगी।
Exam Tip: मानवीकरण वाले प्रश्नों में, पहले बताएं कि कवि ने किस रूप में चित्रण किया है, फिर उस चित्रण की विशेषताओं को विस्तार से समझाएं।
Question 4. अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है ?
Answer: कवि ने अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण इसलिए इस्तेमाल किया है क्योंकि पहली बात तो वह जिद्द करके चने के पास उगी है। दूसरी बात यह कि वह बदन से पतली है, हवा के हर झटके से मुड़ जाती है। परन्तु फिर वह फौरन सीधी हो जाती है। तीसरी बात उसने ठान रखा है कि वह अपना दिल उसे ही देगी जो उसके सिर पर लगे नीले फूल को छुएगा।
In simple words: अलसी को 'हठीली' इसलिए कहा गया है क्योंकि वह जिद्द करके चने के पास उगी है, पतली होने के बावजूद झुककर फिर सीधी हो जाती है, और उसने ठान रखा है कि वह अपना प्यार उसी को देगी जो उसके फूल को छुएगा।
Exam Tip: विशेषण के प्रयोग से संबंधित प्रश्नों में, विशेषण के अर्थ के साथ-साथ कविता में उसकी प्रासंगिकता और कवि के उद्देश्य को भी समझाएं।
Question 5. 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?
Answer: तालाब के साफ पानी में जब सूर्य की किरणें पड़ती हैं तो वे गोल और सीधी चमक पैदा करती हैं। इसे देखने पर चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा प्रतीत होता है। इस तरह, प्रकाश को खंभे के रूप में सोचना कवि की बारीक कल्पना का एहसास मिलता है।
In simple words: कवि ने सूरज की किरणों को 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' कहा है, क्योंकि जब वे साफ तालाब के पानी पर पड़ती हैं, तो वे गोल और चमकदार दिखती हैं, जो कवि की बारीक कल्पना को दर्शाता है।
Exam Tip: प्रतीकात्मक भाषा के प्रश्नों में, पहले प्रतीक का सीधा अर्थ बताएं, फिर उसका कवि द्वारा किया गया गहरा अर्थ समझाएं।
Question 6. कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौन्दर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।
Answer: कवि ने चने के पौधों का इंसान जैसा बताया है। हरे चने का पौधा छोटा-सा है। उसके सिर पर गुलाबी फूल लगे हैं। इसे देखकर लगता है कि उसने सिर पर गुलाबी पगड़ी पहन रखी है और तैयार होकर दूल्हा बना खड़ा है।
In simple words: कवि ने हरे चने को एक छोटे दूल्हे जैसा बताया है, जिसने गुलाबी फूलों की पगड़ी पहन रखी है और वह सज-धजकर खड़ा है।
Exam Tip: किसी भी प्राकृतिक वस्तु के सौंदर्य का वर्णन करते समय, कवि ने उसमें कौन से मानवीय गुण देखे हैं, यह अवश्य बताएं।
Question 7. कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है ?
Answer: कविता में, कवि ने बहुत सी पंक्तियों में मानवीय गुणों का प्रयोग किया है। जैसे –
1. यह हरा ठिगना चना, बाँधे मुरैठा शीश पर छोटे गुलाबी फूल का, सज कर खड़ा है । } चने का दूल्हे की तरह सजना
2. बीच में अलसी हठीली देह की पतली, कमर की है लचीली, नीले फूल को सिर पर चढ़ाकर कह रही है, जो छुए यह दूँ हृदय का दान उसको । } अलसी में नारी सौंदर्य, मनोभाव चित्रण
3. और सरसों की नं पूछो – हो गई सबसे सयानी हाथ पीले कर लिए हैं ब्याह-मंडप में पधारी । } सरसों को एक विवाह योग्य कन्या के रूप में चित्रण
4. फाग गाता मास फागुन आ गया है आज जैसे । } फागुन महीने के गाते हुए आना
5. हैं कई पत्थर किनारे पी रहे चुपचाप पानी । } पत्थरों का पानी पीना
In simple words: कवि ने प्रकृति की कई चीज़ों को इंसान जैसा दिखाया है, जैसे चने को दूल्हा, अलसी को प्रेमिका, सरसों को दुल्हन, फागुन को गीत गाता महीना और पत्थरों को पानी पीते हुए दिखाया है।
Exam Tip: मानवीकरण वाले उदाहरण देते समय, कविता की पंक्ति के साथ-साथ उसका स्पष्टीकरण भी दें कि किस मानवीय क्रिया को दर्शाया गया है।
Question 8. कविता में से उन पंक्तियों को ढूंढ़िए, जिनमें निम्नलिखित भाव व्यजित हो रहा है और चारों तरफ सूखी और उजाड़ जमीन है लेकिन हाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।
Answer: चित्रकूट की बेतरतीब, कम ऊंची पहाड़ियां दूर-दूर तक फैली हुई हैं। बंजर ज़मीन पर रीवा के कांटेदार और बदसूरत पेड़ खड़े हैं। सुन पड़ता है मीठा-मीठा रस टपकाता सुम्गे का स्वर टेँ टेँ टेँ टेँ;
In simple words: इन पंक्तियों में चित्रकूट की नीची, टेढ़ी-मेढ़ी पहाड़ियां और बंजर ज़मीन पर खड़े कांटेदार पेड़ बताए गए हैं, लेकिन इन सबके बावजूद तोते की मीठी आवाज मन को लुभा रही है।
Exam Tip: भावार्थ ढूंढते समय, कविता की उन पंक्तियों को सीधे उद्धृत करें जो दिए गए भाव को सबसे सटीक रूप से व्यक्त करती हैं।
रचना और अभिव्यक्ति
Question 9. 'और सरसों की न पूछो' – इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं ?
Answer: किसी बात को असरदार तरीके से कहने या किसी की तारीफ करने के लिए इस नकारने का तरीका इस्तेमाल किया जाता है। जैसे, हिमालय पर ठंड की बात मत पूछो। हमारे सैनिकों की बहादुरी की न पूछो।
In simple words: इस तरह की शैली का प्रयोग किसी बात पर जोर देने या किसी की बहुत तारीफ करने के लिए किया जाता है, ताकि सुनने वाले पर गहरा असर पड़े।
Exam Tip: किसी विशेष काव्य शैली के प्रयोग के कारण पूछते समय, उस शैली का प्रभाव और उसके पीछे के सामान्य मानवीय मनोभावों को स्पष्ट करें।
Question 10. काले माथे और सफेद पंखोंबाली चिड़िया आपकी दृष्टि में किस प्रकार के व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है ?
Answer: काले माथे और सफेद पंखोंवाली चिड़िया सफेदपोश नेता की शख्सियत का प्रतीक हो सकती है, जो भलाई और सेवा की तो बातें करता हो परन्तु अपने फायदे पर भी निगाह रखता है और मौका मिलते ही अपना लक्ष्य साध लेता है।
In simple words: कवि के अनुसार, यह चिड़िया ऐसे नेता का प्रतीक है जो ऊपर से समाज सेवा की बातें करता है, लेकिन मौका मिलते ही अपना स्वार्थ साध लेता है।
Exam Tip: प्रतीकों से संबंधित प्रश्नों में, प्रतीक के गुणों और उससे जुड़ी मानवीय विशेषताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करें।
भाषा-अध्ययन
Question 11. बीते बराबर, ठिगना, मरठा, आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, लेकिन कविता में इन्हीं से सौन्दर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्दों की सूची बनाइए।
Answer: कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्द हैं: लचीली, हठीली, सयानी, चकमकाता, चट, झपाटे, चटुल, लहरियाँ, अनगढ़, सुग्गा, जुगुल जोड़ी, टें 2 टें, टिरटों-टिरटों, चुप्पे चुप्पे आदि।
In simple words: कवि ने कविता को सुंदर और आसान बनाने के लिए रोजमर्रा के बातचीत वाले कई शब्द इस्तेमाल किए हैं।
Exam Tip: भाषा-अध्ययन के प्रश्नों में, दिए गए शब्दों के प्रकार को पहचानें और कविता से संबंधित अन्य समान शब्दों को सूचीबद्ध करें।
Question 12. कविता पढ़ते समय कुछ मुहावरे मानस-पटल पर उभर आते हैं, उन्हें लिखिए और अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
Answer:
1. सिर चढ़ाना (बहुत बढ़ावा देना) किसी को इतना सिर मत चढ़ाओ कि बाद में वह आपके लिए परेशानी खड़ी कर दे।
2. हृदय का दान देना (पूरी तरह सौंप देना) मधूलिका तो पहले ही अरुण को अपना दिल सौंप चुकी थी।
3. हाथ पीले करना (शादी करना) भारत में आज भी छोटी उम्र में कई लड़कियों की शादी करवा दी जाती है।
4. हृदय चीरना (बहुत दुख पहुंचाना) किसी की सख्त बातों ने विधवा का दिल तोड़ दिया।
5. प्यास बुझाना (पूरी तरह शांत होना) यात्रा के दौरान हमने झरने के पानी से अपनी प्यास शांत की।
6. झपाटे मारना (अचानक हमला करना) बाज पक्षी आकाश से अपने शिकार पर नज़र रखता है और जैसे ही मौका मिलता है, वह झपट्टा मारकर उसे ले उड़ता है।
In simple words: कविता में कई मुहावरे जैसे 'सिर चढ़ाना', 'हृदय का दान देना', 'हाथ पीले करना', 'हृदय चीरना', 'प्यास बुझाना' और 'झपाटे मारना' का प्रयोग किया गया है।
Exam Tip: मुहावरों को लिखते समय, उनका अर्थ और उदाहरण वाक्य दोनों स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें। उदाहरण वाक्य मुहावरे के प्रयोग को सही ढंग से दर्शाना चाहिए।
अतिरिक्त प्रश्न
Question 1. चने ने किसकी पगड़ी बाँध रखी है ?
Answer: चने ने गुलाबी फूलों की पगड़ी पहन रखी है, जिससे उसकी खूबसूरती बढ़ गई है।
In simple words: चने ने गुलाबी फूलों की पगड़ी बांध रखी है, जिससे उसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है।
Exam Tip: छोटे और सीधे सवालों के जवाब में सीधे तौर पर जानकारी दें, और यदि संभव हो तो एक वाक्य में पूरा कर दें।
Question 2. अलसी अपने हृदय का दान किसे करना चाहती है ?
Answer: अलसी अपना दिल उसे देना चाहती है, जो उसके सिर पर लगे फूल को छुएगा।
In simple words: अलसी उसे अपना दिल देना चाहती है जो उसके सिर पर लगे फूलों को छुएगा।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, कविता में व्यक्त सीधी बात को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 3. कवि को स्वयंवर-सा क्यों प्रतीत हो रहा है ?
Answer: कवि खेत की मेड़ पर बैठा जब आसपास देखता है तो देखता है कि सरसों, चना, अलसी की फसलें सजी-संवरी खड़ी हैं। चना अपने सिर लाल साफा बांधकर दूल्हे की तरह खड़ा है। अलसी सिर पर फूलों से सजी हुई है। सरसों शादी के लिए तैयार होकर ब्याह-मंडप में बैठी है। फागुन महीने में होली के गीत गाए जा रहे हैं, जिसे देखकर कवि को स्वयंवर-सा लग रहा है।
In simple words: कवि को खेत में सरसों, चना, और अलसी की सजी-संवरी फसलें देखकर स्वयंवर जैसा लग रहा है, क्योंकि चना दूल्हे, अलसी सजी युवती, और सरसों दुल्हन जैसी दिख रही है, और फागुन होली के गीत गा रहा है।
Exam Tip: 'क्यों' वाले प्रश्नों में, पहले घटना बताएं, फिर उसके पीछे के सभी कारणों को विस्तार से समझाएं।
Question 4. तालाब के किनारे पत्थर क्या कर रहे हैं ?
Answer: तालाब के किनारे पत्थर पड़े हुए हैं। हवा से पानी में उठने वाली छोटी लहरें पत्थरों को छू रही हैं, इसे देखकर लगता है कि पत्थर तालाब के किनारे खामोशी से पानी पी रहे हैं।
In simple words: तालाब के किनारे पड़े पत्थर, हवा से उठती लहरों के स्पर्श के कारण, ऐसे लग रहे हैं जैसे वे चुपचाप पानी पी रहे हों।
Exam Tip: प्रकृति के मानवीकरण वाले उदाहरणों में, प्रकृति की वस्तु को मानवीय क्रिया करते हुए कैसे दिखाया गया है, यह स्पष्ट करें।
Question 5. चिड़िया आकाश में कब उड़ जाती है ?
Answer: चिड़िया मछली की तलाश में पानी की ऊपरी सतह से कुछ ऊंचाई पर उड़ती रहती है। जैसे ही मछली दिखती है, चिड़िया झपट्टा मारकर मछली को चोंच में पकड़ लेती है, इस प्रकार शिकार करने के बाद चिड़िया आकाश में उड़ जाती है।
In simple words: चिड़िया पानी में मछली को देखते ही उस पर झपट्टा मारकर अपनी चोंच में पकड़ लेती है और फिर आसमान में उड़ जाती है।
Exam Tip: किसी प्रक्रिया का वर्णन करते समय, घटनाओं के क्रम को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से बताएं।
Question 6. सारसों को देखते ही कवि के मन में क्या भाव पैदा हुआ ?
Answer: सारसों को देखते ही कवि का मन चाहता है कि वह सारस के साथ उड़कर वहां पहुंच जाए, जहां यह जोड़ी रहती है और आपस में प्यार भरी बातें करती हैं। कवि छुपकर उनकी प्रेम कहानी सुनना चाहता है।
In simple words: सारसों को देखकर कवि का मन करता है कि वह उनके साथ उड़कर उस जगह जाए जहाँ वे प्यार भरी बातें करते हैं, ताकि वह उनकी प्रेम कहानी छुपकर सुन सके।
Exam Tip: कवि की भावनाओं से जुड़े प्रश्नों में, कवि के आंतरिक विचारों और इच्छाओं को स्पष्ट करें।
भावार्थ और अर्थबोधन संबंधी प्रश्न
Question 1. चन्द्र गहना से लौटते समय कवि कहाँ रूका और क्यों ?
Answer: चंद्र गहना से लौटते समय कवि हरे-भरे खेतों की मेड़ पर अकेले बैठ गया और आस-पास फैली प्राकृतिक सुंदरता को देखकर खुश होने लगा।
In simple words: कवि चंद्र गहना से लौटते हुए खेतों के किनारे रुका क्योंकि वह आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर आनंद लेना चाहता था।
Exam Tip: किसी पात्र के कार्य और उसके पीछे के कारण को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. चने का पौधा कैसा है ?
Answer: चने का पौधा छोटा और हरे रंग का है। उसके सिर पर गुलाबी फूल लगे हैं।
In simple words: चने का पौधा छोटा, हरे रंग का है और उसके सिर पर गुलाबी फूल हैं।
Exam Tip: सीधे प्रश्नों में, सटीक और संक्षिप्त उत्तर दें जो प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सीधा बताते हैं।
Question 3. चने के पौधे को देखकर कवि के मन में क्या कल्पना जगी ?
Answer: चने के पौधे को देखकर कवि सोचता है कि उसने सिर पर गुलाबी रंग की पगड़ी पहन ली है और वह विवाह में जाने को तैयार है।
In simple words: कवि को चने के पौधे को देखकर ऐसा लगता है कि उसने गुलाबी पगड़ी पहन ली है और वह शादी के लिए तैयार है।
Exam Tip: कवि की कल्पनाओं का वर्णन करते समय, उस कल्पना के मूल स्रोत (यहां, चना पौधा) और कवि ने उसे किस रूप में देखा, यह बताएं।
Question 4. 'छोटे गुलाबी फूल का, सज कर खड़ा है।' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'छोटे गुलाबी फूल का सज कर खड़ा है' में मानवीकरण अलंकार है।
In simple words: इस पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है क्योंकि एक निर्जीव वस्तु (फूल) को इंसान जैसी क्रिया करते हुए दिखाया गया है।
Exam Tip: अलंकार से संबंधित प्रश्नों में, अलंकार का नाम बताएं और एक संक्षिप्त स्पष्टीकरण भी दें कि वह अलंकार क्यों है।
Question 1. अलसी का पौधा कैसा होता है ?
Answer: अलसी (तीसी) का पौधा पतला, चने की अपेक्षा थोड़ा लंबा पतला, बिना टहनियों वाला और लचीला होता है।
In simple words: अलसी का पौधा चने से थोड़ा लंबा, पतला, बिना शाखाओं वाला और लचीला होता है।
Exam Tip: किसी वस्तु की विशेषताओं का वर्णन करते समय, उसकी सभी प्रमुख शारीरिक गुणों को सूचीबद्ध करें।
Question 2. अलसी को हठीली क्यों कहा गया है ?
Answer: अलसी को जिद्दी इसलिए बोला गया है कि अक्सर वह चने के साथ लगाई जाती है। चने से कुछ लंबी होने से ऐसा लगता है कि जैसे ताकत लगाकर उगी है। वह लचीली होने के कारण झुकने के बाद तुरंत सीधी खड़ी हो जाती है।
In simple words: अलसी को हठीली इसलिए कहते हैं क्योंकि वह चने के साथ उगती है, ताकत लगाकर बढ़ती है, और लचीली होने के बावजूद तुरंत सीधी खड़ी हो जाती है।
Exam Tip: 'क्यों' वाले प्रश्नों में, मुख्य कारण के साथ-साथ सहायक कारणों को भी शामिल करें ताकि उत्तर पूर्ण हो।
Question 3. अलसी को देखकर कवि ने क्या कल्पना की ?
Answer: अलसी को देखकर कवि को ऐसा महसूस हुआ कि जैसे वह एक दुबली-पतली और सुंदर युवती हो। जिसकी कमर बहुत लचीली है। जो चने को एक साथी के रूप में अपनी तरफ खींच रही है।
In simple words: अलसी को देखकर कवि ने कल्पना की कि वह एक दुबली-पतली, सुंदर युवती है जिसकी कमर लचीली है और जो चने को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
Exam Tip: कवि की कल्पनाओं का वर्णन करते समय, मूल वस्तु (अलसी) को कवि ने किस मानवीय रूप में देखा, यह स्पष्ट करें।
Question 4. अलसी कहाँ उगी है, और क्या कह रही है ?
Answer: अलसी चने के पौधे के पास उससे बिल्कुल चिपककर उगी है। वह सज-संवरकर कह रही है कि मेरे सिर पर लगे इन नीले फूलों को जो छुएगा उसे वह अपना दिल दे देगी।
In simple words: अलसी चने के पास उगी है और सजी-धजी कहती है कि जो भी उसके नीले फूल को छुएगा, वह उसे अपना दिल दे देगी।
Exam Tip: दोहरे प्रश्नों में, दोनों भागों का उत्तर अलग-अलग और स्पष्ट रूप से दें।
Question 5. हृदय का दान उसको' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'दूं हृदय का दान उसको' में मानवीकरण अलंकार है। यहाँ अलसी को एक जीवित इंसान की तरह दर्शाया गया है।
In simple words: इस पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है क्योंकि अलसी को अपना दिल देने वाले इंसान की तरह दिखाया गया है।
Exam Tip: अलंकार बताते समय, अलंकार का प्रकार और उसका छोटा सा स्पष्टीकरण देना हमेशा अच्छा होता है।
Question 1. किसे सयानी कहा गया है, और क्यों ?
Answer: सरसों को सयानी कहा गया है क्योंकि दूसरी फसलों के मुकाबले सरसों थोड़ा जल्दी तैयार हो जाती है। सरसों पर पीले फूल जल्दी खिल गए हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि वह अपनी किशोरावस्था से आगे बढ़ चुकी है। वह शादी के लिए तैयार हो गई है।
In simple words: सरसों को सयानी कहा गया है क्योंकि वह जल्दी तैयार हो जाती है, उस पर पीले फूल खिल गए हैं, और वह शादी के लिए तैयार युवती जैसी लगती है।
Exam Tip: जब किसी शब्द के विशेषण के बारे में पूछा जाए, तो उसकी सटीक परिभाषा और उदाहरण दोनों दें।
Question 2. काव्यांश में किस ऋतु और माह का वर्णन है ?
Answer: काव्यांश में वसंत ऋतु और फाल्गुन महीने का वर्णन है।
In simple words: इस कविता में वसंत ऋतु और फाल्गुन महीने का उल्लेख किया गया है।
Exam Tip: ऐसे सीधे प्रश्नों में, उत्तर संक्षिप्त और बिंदु पर होना चाहिए।
Question 3. 'देखता हूँ मैं : स्वयंवर हो रहा' कवि ऐसा किस आधार पर कहता है ?
Answer: कवि देखता है कि सरसों, अलसी, चना की फसलें सजी-संवरी खड़ी हैं। चने ने अपने सिर पर लाल पगड़ी पहन ली है। अलसी सिर पर नीले फूल पहन रखे हैं। सरसों शादी के लिए तैयार होकर शादी के मंडप में बैठी है। फागुन महीने में होली के गाने गाए जा रहे हैं। इस तरह, इस पूरे माहौल को देखकर कवि को लगता है कि स्वयंवर हो रहा है।
In simple words: कवि को सरसों, अलसी, और चने की सजी-संवरी फसलें देखकर स्वयंवर जैसा लग रहा है, क्योंकि हर पौधा शादी के लिए तैयार किसी पात्र जैसा दिख रहा है, और फागुन होली के गीत गा रहा है।
Exam Tip: 'किस आधार पर' वाले प्रश्नों में, कविता से विशिष्ट विवरणों का उल्लेख करें जो कवि के कथन का समर्थन करते हैं।
Question 4. नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है ?
Answer: नगरीय संस्कृति के प्रति कवि गुस्सा दिखाते हुए कहता है कि शहरों के रिश्ते व्यावसायिक होते हैं। शहरों के मुकाबले गांव की ज़मीन प्यार के मामले में ज्यादा फलदायी है।
In simple words: कवि नगरीय संस्कृति से इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि वहाँ के रिश्ते व्यावसायिक हैं, जबकि वे मानते हैं कि गाँव की ज़मीन प्यार के मामले में ज़्यादा बेहतर है।
Exam Tip: जब 'आक्रोश' या 'नकारात्मक भाव' के बारे में पूछा जाए, तो कवि की आलोचना के बिंदु को सीधे बताएं।
Question 5. 'ब्याह-मंडप में पधारी' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'ब्याह-मंडप में पधारी' में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है क्योंकि यहाँ 'सरसों शादी के मंडप आई' ऐसा कहकर उसे जीवित इंसान का रूप दिया गया है।
In simple words: इस पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है क्योंकि सरसों को शादी के मंडप में आई हुई दुल्हन जैसा दिखाया गया है।
Exam Tip: अलंकार की पहचान के साथ, यह भी स्पष्ट करें कि किस प्रकार से निर्जीव वस्तु में मानवीय गुण या क्रिया का आरोप किया गया है।
Question 1. भूरी घास कहाँ उगी हुई हैं ?
Answer: भूरी घास तालाब की गहराई में उगी हुई हैं।
In simple words: भूरी घास तालाब की सबसे नीचे वाली सतह पर उगी हुई है।
Exam Tip: स्थानिक प्रश्नों का उत्तर देते समय, स्थान का सटीक विवरण दें।
Question 2. कवि की आँखें क्यों चौंधिया रही हैं ?
Answer: सूर्य की परछाई तालाब में गिर रही है। पानी के चमकने से परछाई एक गोल खंभे जैसी दिख रही है, उसे देखने से कवि की आँखों में चकाचौंध हो रही है।
In simple words: कवि की आँखें इसलिए चौंधिया रही हैं क्योंकि सूर्य की चमकती परछाई तालाब के पानी में गोल खंभे जैसी दिख रही है।
Exam Tip: 'क्यों' वाले प्रश्नों में, कारण को स्पष्ट रूप से बताएं और उसका परिणाम भी जोड़ें।
Question 3. 'प्यास जाने कब बुझेगी' का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: तालाब के किनारे कई पत्थर पड़े हैं। जो तालाब में उठती छोटी लहरों को छूते हैं। उसे देखकर कवि को महसूस होता है कि जैसे वे पानी पी रहे हों। वह विचार करता है कि इन पत्थरों की प्यास मालूम नहीं कब शांत होगी, क्योंकि वे इसी तरह काफी समय से पानी पी रहे हैं।
In simple words: इस पंक्ति का अर्थ है कि तालाब के किनारे के पत्थर मानो लंबे समय से पानी पी रहे हैं, और कवि सोचता है कि उनकी यह प्यास कभी खत्म होगी या नहीं, जो उनके लंबे और निरंतर अस्तित्व को दर्शाता है।
Exam Tip: किसी पंक्ति का आशय स्पष्ट करते समय, उसका शाब्दिक अर्थ और साथ ही कवि द्वारा व्यक्त किया गया गहरा भावार्थ दोनों बताएं।
Question 4. तालाब का वर्णन कीजिए।
Answer: कवि जिस खेत के किनारे बैठा है वहीं पास में एक छोटा तालाब है। उसके साफ पानी में हवा के झोकों से छोटी लहरें उठ रही हैं। तालाब के नीचे की सतह पर भूरी घास उगी है, वे भी लहरों के साथ झूल रही है। पानी में सूरज की परछाई बन रही है, जो चांदी के खंभे जैसा दिख रहा है।
In simple words: कवि के पास एक छोटा, साफ तालाब है जिसमें लहरें उठ रही हैं, भूरी घास नीचे उगी है, और सूरज की परछाई चाँदी के खंभे जैसी दिखती है।
Exam Tip: वर्णन वाले प्रश्नों में, स्थान या वस्तु के सभी महत्वपूर्ण और दृश्यमान तत्वों को विस्तार से शामिल करें।
Question 5. 'हैं कई पत्थर किनारे पी रहे चुपचाप पानी' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'हैं कई पत्थर किनारे पी रहे चुपचाप पानी' में मानवीकरण अलंकार है।
In simple words: इस पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है क्योंकि पत्थरों को चुपचाप पानी पीते हुए दिखाया गया है, जो कि एक मानवीय क्रिया है।
Exam Tip: अलंकार बताते समय, केवल नाम ही नहीं बल्कि यह भी बताएं कि उस पंक्ति में अलंकार की क्या विशेषता है।
Question 1. बगुला ध्यान-निद्रा कब त्यागता है ?
Answer: बगुला तालाब में ध्यान की अवस्था में खड़ा रहता है। परन्तु जैसे ही उसे कोई मछली दिख जाती है, वह ध्यान की मुद्रा छोड़ कर उसकी चोंच से पकड़ लेता है।
In simple words: बगुला अपनी ध्यान-निद्रा तब छोड़ देता है जब उसे कोई मछली दिखती है, और वह उसे अपनी चोंच में पकड़ लेता है।
Exam Tip: 'कब' वाले प्रश्नों में, क्रिया के होने का विशिष्ट समय या शर्त स्पष्ट करें।
Question 2. काले माथेवाली चिड़िया किस तरह शिकार करती है ?
Answer: काले माथेवाली चिड़िया पानी की सतह से कुछ ऊंचाई पर उड़ती रहती है। वह जैसे ही पानी में किसी मछली को देखती है कि बहुत होशियारी से मछली पर झपट्टा मारती है और उसे अपनी चोंच में पकड़कर आसमान में उड़ जाती है।
In simple words: काले माथेवाली चिड़िया पानी की सतह पर उड़ती रहती है और जैसे ही मछली देखती है, चतुराई से झपट्टा मारकर उसे अपनी चोंच में पकड़कर उड़ जाती है।
Exam Tip: प्रक्रिया या 'किस तरह' वाले प्रश्नों में, क्रिया के सभी चरणों को क्रमबद्ध रूप से वर्णित करें।
Question 3. बगुला किस तरह खड़ा है और क्यों ?
Answer: बगुला एक साधु की तरह खड़ा है। जैसे ही कोई मछली उसके नजदीक आती है, वह उस मछली को चोंच से पकड़कर गले के नीचे उतार लेता है।
In simple words: बगुला एक साधु की तरह ध्यान लगाकर खड़ा होता है, और जैसे ही कोई मछली पास आती है, वह उसे पकड़कर निगल लेता है।
Exam Tip: दोहरे प्रश्नों में, दोनों भागों (कैसे और क्यों) का उत्तर स्पष्ट और अलग-अलग दें।
Question 4. काले माथेवाली चिड़िया और बगुला के शिकार के तरीके में क्या भिन्नता है ?
Answer: काले माथेवाली चिड़िया पानी की सतह से कुछ ऊंचाई पर मछली की खोज में उड़ती रहती है। मछली देखते ही पानी में उस पर हमला करती है और उसे चोंच से पकड़कर आकाश में उड़ जाती है। बगुला तालाब में ध्यान लगाकर खड़ा होता है। उसे मछली का इंतजार रहता है। जैसे ही कोई मछली उसके नजदीक आती है, वह अपनी ध्यान निद्रा को त्यागकर मछली को चोंच में पकड़ लेता है और फिर गले के नीचे उतार लेता है।
In simple words: चिड़िया हवा में उड़ते हुए शिकार करती है, जबकि बगुला पानी में स्थिर खड़े होकर मछली का इंतज़ार करता है।
Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में, दोनों विषयों की समानताओं और भिन्नताओं को स्पष्ट रूप से बिंदुवार प्रस्तुत करें।
Question 5. काव्यांश में प्रयुक्त मुहावरे बताइए।
Answer: काव्यांश में 'गले में डालना' और 'झपट्टा मारना' – ये दो मुहावरे प्रयोग किए गए हैं।
In simple words: इस कविता के अंश में 'गले में डालना' और 'झपट्टा मारना' मुहावरे इस्तेमाल हुए हैं।
Exam Tip: मुहावरों की सूची वाले प्रश्नों में, केवल मुहावरे बताएं और यदि आवश्यक हो तो उनका संक्षिप्त अर्थ भी जोड़ें।
Question 1. रेल की पटरी कहाँ से गई है ?
Answer: कवि जहाँ खेत के किनारे बैठा है, वहीं से कुछ दूरी पर जमीन ऊंची है। उसी ऊंची जमीन से रेल की पटरी गुजरती है।
In simple words: रेल की पटरी वहां से गुजरती है जहाँ कवि खेत के किनारे बैठा है, लेकिन थोड़ी दूर ऊपर एक ऊंची जगह से।
Exam Tip: भौगोलिक या स्थान से संबंधित प्रश्नों में, सटीक स्थान का उल्लेख करें।
Question 2. 'ट्रेन का टाइम नहीं है' – कवि ऐसा क्यों कहता है ?
Answer: 'ट्रेन का टाइम नहीं है' – कवि ऐसा इसलिए कहता है कि अभी कोई ट्रेन आने का समय नहीं है।
In simple words: कवि ऐसा इसलिए कहता है क्योंकि अभी ट्रेन आने का कोई निश्चित समय नहीं है।
Exam Tip: कवि के विचारों या कथनों के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. बाँझ भूमि पर कैसे पेड़ उगे हैं, क्यों ?
Answer: बाँझ भूमि से मतलब बंजर ज़मीन है, जिस जमीन पर कोई हरे या फलदार पेड़ नहीं उगते हैं। इसमें कांटेदार झाड़ियों और छोटे बबूल के सिवा कुछ नहीं उग पाता है। इसीलिए दूर-दूर ऐसे ही पेड़ दिख रहे हैं।
In simple words: बंजर ज़मीन पर कांटेदार झाड़ियाँ और छोटे बबूल के पेड़ उगे हैं, क्योंकि यह भूमि अनुपजाऊ है और यहाँ कोई हरे या फलदार वृक्ष नहीं उगते।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में जो 'कैसे' और 'क्यों' दोनों पूछते हैं, दोनों पहलुओं को विस्तृत रूप से समझाएं।
Question 4. चित्रकूट की पहाड़ियों की क्या विशेषता है ?
Answer: चित्रकूट की पहाड़ियाँ ऊबड़-खाबड़, टेढ़ी-मेढ़ी और कम ऊंची हैं। ये दूर-दूर तक फैली हैं। इन पर रीवा के कांटेदार पेड़ हैं। दूसरे कोई हरे या फलदार पेड़ नहीं हैं, इन कारणों से ये पहाड़ियाँ बहुत बदसूरत दिखती हैं।
In simple words: चित्रकूट की पहाड़ियाँ ऊबड़-खाबड़, टेढ़ी-मेढ़ी, कम ऊंची हैं, जिन पर केवल कांटेदार पेड़ हैं, जिससे वे कुरूप दिखाई देती हैं।
Exam Tip: स्थान या वस्तु की विशेषताओं का वर्णन करते समय, उसके सभी प्रमुख भौतिक गुणों और उसके परिणामस्वरूप दिखने वाले प्रभाव को बताएं।
Question 5. काव्यांश में प्रयुक्त विदेशी शब्द बताइए।
Answer: काव्यांश में 'रेल', 'ट्रेन' और 'टाइम' जैसे अंग्रेजी (विदेशी) शब्द हैं।
In simple words: इस कविता के अंश में 'रेल', 'ट्रेन' और 'टाइम' जैसे अंग्रेजी के शब्द इस्तेमाल हुए हैं।
Exam Tip: भाषा-अध्ययन के प्रश्नों में, पूछे गए विशिष्ट प्रकार के शब्दों को पहचानें और सूचीबद्ध करें।
Question 1. कवि को तोते का स्वर कैसा लगता है ?
Answer: कवि को तोते का स्वर सुनने में मधुर लगता है।
In simple words: कवि को तोते की आवाज सुनने में बहुत अच्छी लगती है।
Exam Tip: कवि की व्यक्तिगत भावनाओं से संबंधित प्रश्नों में, कवि की धारणा या प्रतिक्रिया को सीधे बताएं।
Question 2. सारस के स्वर की क्या विशेषता है ?
Answer: सारस टिरटों-टिरटों की आवाज में बोलता है। उसकी आवाज जंगल के बीच से होकर दूर से आ रही है, जो कभी तेज होती है तो कभी धीमी। सारस की आवाज बड़ी लुभावनी है।
In simple words: सारस 'टिरटों-टिरटों' की आवाज में बोलता है, जिसकी आवाज जंगल से दूर से आती है, कभी तेज़ तो कभी धीमी, और यह बहुत लुभावनी होती है।
Exam Tip: 'विशेषता' वाले प्रश्नों में, वस्तु या ध्वनि के सभी प्रमुख गुणों और उसके प्रभावों को बताएं।
Question 3. सारस की आवाज सुनकर कवि की क्या इच्छा होती है ?
Answer: सारस की आवाज सुनकर कवि का मन करता है कि वह सारस के साथ उड़कर वहां जाए जहाँ यह जोड़ी रहती है।
In simple words: सारस की आवाज सुनकर कवि चाहता है कि वह सारस के साथ उड़कर उस जगह जाए जहाँ वह जोड़ी रहती है।
Exam Tip: कवि की इच्छाओं से संबंधित प्रश्नों में, कवि की सीधी मनोकामना को बताएं।
Question 4. कवि किसकी प्रेम-कहानी सुनना चाहता है ?
Answer: कवि पक्षी सारस की प्रेम-कथा को सुनना चाहता है।
In simple words: कवि यह जानना चाहता है कि सारस एक-दूसरे से क्या कहते हैं।
Exam Tip: प्रश्नों के उत्तर देते समय कवि के मन की भावनाओं को व्यक्त करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वह प्रकृति के साथ अपने जुड़ाव को दर्शाता है।
Question 5. सारस की जुगल जोड़ी कहाँ रहती है ?
Answer: सारस का युगल जोड़ा जंगल से दूर, हरे-भरे खेतों के बीच अपना निवास करता है।
In simple words: सारस का जोड़ा जंगल से दूर, हरे खेतों में रहता है।
Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में स्थान का स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक है, जो कवि की प्रकृति से निकटता को दर्शाता है।
Chand Gahan Se Lautati Ber Summary In Hindi
केदारनाथ अग्रवाल का जन्म बाँदा जिले के कमासिन नामक गाँव में हुआ था। प्रयाग और आगरा से बी.ए., एल.एल.बी, तक की शिक्षा प्राप्त करके बाँदा में वकालत करते रहे। हिन्दी के प्रसिद्ध प्रगतिवादी कवियों में अग्रवालजी का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है। नई कविता के कवियों में भी केदारनाथ का नाम शीर्ष पंक्ति में आता है। सर्वहारा वर्ग के प्रति सहानुभूति और वर्गविहीन समाज की स्थापना का स्वर इनके काव्य में सर्वत्र सुनाई देता है।
अग्रवालजी की कविताओं में कहीं भी बनावटीपन, कृत्रिमता या अनावश्यक अलंकारों की चकाचौंध नहीं है। आपने मुक्त छंद और गीतिछंद का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है। आपका शब्दचयन बड़ा सटीक और भावों की बिम्बात्मक अभिव्यक्ति अनायास ही हमारा ध्यानाकर्षित करती है। प्रकृति के प्रति उत्कट प्रेम एवं सौंदर्य चेतना का अनूठा संगम आपकी रचनाओं में दृष्टिगोचर होता है। आपकी रचनाओं में 'नींद के बादल', 'अपूर्वा', 'युग की गंगा', 'लोक और परलोक', 'फूल नहीं रंग बोलते हैं' आदि का समावेश होता है।
Kavita-Parichay:
प्रस्तुत कविता में कवि का प्रकृति के प्रति गहरा अनुराग व्यक्त हुआ है। वह चंद्र गहना नामक स्थान से लौट रहा है। लौटते समय कवि का किसान मन खेतों के सहज सौन्दर्य पर आकर्षित हो उठता है। चना, अलसी, सरसों आदि के पौधे, गुलाबी फूल, सुंदर तालाब, तालाब किनारे के पत्थर, बगुला और सारस पक्षी – ये सब कवि का मन मोह लेते हैं। इस कविता में कवि की उस सृजनात्मक कल्पना की अभिव्यक्ति है जो साधारण चीजों में भी असाधारण सौंदर्य देखती है और उस सौन्दर्य को शहरी विकास की तीव्र गति से बचाए रखना चाहती है। यहाँ प्रकृति और संस्कृति की एकता व्यक्त हुई है।
Shabdarth-Tippan:
- मेड़ - खेतों के बीच आने-जाने का रास्ता
- बीते के बराबर - छोटा-सा, एक बालिश्त (बिता) जो एक वयस्क हाथ के अंगूठे से छोटी अँगुली तक की लंबाई का एक नाप (लगभग 22.5 सेमी)
- ठिगना - नाटा, छोटे कदवाला
- मुरैठा - पगड़ी
- अलसी - एक तिलहनी पौधा, तीसी
- हठीली - जिद्दी
- सयानी - युवा, चतुर
- हाथ पीले कर - विवाह के लिए हल्दी लगाकर
- फाग - फागुन महीने में, होली के आसपास गाया जानेवाला लोकगीत
- अनुराग - प्रेम
- विजन - निर्जन, सुनसान
- पोनर - छोटा तालाब
- चकमकाना - चकाचौंध पैदा करना
- चट - तुरंत
- मीन - मछली
- झपाटे मारना - झपटना
- फौरन - तुरंत
- जल के हृदय पर - पानी की सतह पर
- चटुल - चंचल, चालाक
- उजली - सफेद, चमकदार
- स्वच्छंद - स्वतंत्र, मुक्त
- अनगढ़ - ऊबड़-खाबड़
- बाँझ - अनुपजाऊ
- रीवा - एक पेड़ जो कुछ-कुछ बबूल के पेड़ से मिलता है
- सुग्गा - तोता
- जुगुल - युगल, जोड़ा
- चुप्पे-चुप्पे - छिपकर
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