GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 13 नीति के दोहे

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Class 9 Hindi Chapter 13 नीति के दोहे GSEB Solutions PDF

 

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

 

Question 1. रहीम के अनुसार संपत्ति का महत्त्व क्या है?
Answer: रहीम के अनुसार संपत्ति का यह महत्त्व है कि उससे दूसरों की मदद की जा सकती है।
In simple words: रहीम के अनुसार, संपत्ति का असली महत्व यह है कि उसका उपयोग दूसरों की भलाई के लिए किया जाए।

Exam Tip: रहीम के दोहों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर में हमेशा कवि के मूल विचार को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

 

Question 2. छोटों का तिरस्कार क्यों नहीं करना चाहिए?
Answer: छोटों का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि जो कार्य वे करते हैं, वह बड़े नहीं कर पाते।
In simple words: हमें छोटे लोगों का अनादर नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके काम भी महत्वपूर्ण होते हैं, जो बड़े लोग नहीं कर सकते।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, छोटी चीजों या व्यक्तियों के महत्व को उजागर करने वाले तर्क प्रस्तुत करें।

 

Question 3. सुई का काम कौन नहीं कर सकता?
Answer: सुई का कार्य तलवार नहीं कर पाती।
In simple words: सुई का काम तलवार नहीं कर सकती, मतलब हर चीज का अपना महत्व होता है।

Exam Tip: इस तरह के तुलनात्मक प्रश्नों में, प्रत्येक वस्तु की विशिष्ट उपयोगिता को बताएं।

 

Question 4. उत्तम प्रवृत्ति का क्या लक्षण हैं?
Answer: अच्छे स्वभाव का यह संकेत है कि वह गलत माहौल में भी अपनी अच्छाई नहीं त्यागता।
In simple words: उत्तम स्वभाव वाला व्यक्ति बुराई के बीच भी अपनी अच्छाई कभी नहीं छोड़ता।

Exam Tip: गुणों या लक्षणों वाले प्रश्नों में, मुख्य विशेषता को परिभाषित करें और उसका महत्व बताएं।

 

Question 5. सीसे क्यों नहीं चाहिए?
Answer: रहीम के दोहों के हिसाब से, हमें किसी से कोई चीज नहीं मांगनी चाहिए, क्योंकि इससे हमारा सम्मान घटता है।
In simple words: रहीम कहते हैं कि हमें दूसरों से कुछ भी मांगने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि मांगने से हमारा आत्म-सम्मान कम होता है।

Exam Tip: यदि कोई प्रश्न स्पष्ट न हो, तो उसे पाठ के सामान्य संदर्भ और नैतिक शिक्षाओं से जोड़कर उत्तर दें।

 

Question 6. माँगने के बारे में रहीम क्या कहते हैं.?
Answer: रहीमजी कहते हैं कि कुछ मांगना मौत के बराबर है।
In simple words: रहीमजी के अनुसार, किसी से कुछ मांगना मरने जैसा है, क्योंकि यह बहुत शर्मनाक होता है।

Exam Tip: कवि के विचारों को सीधे उद्धृत करें या paraphrasing करके उनके संदेश को स्पष्ट करें।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:

 

Question 1. वृक्ष और सरोवर के उदाहरण से रहीम हमें क्या समझाते हैं.?
Answer: पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते। तालाब अपना पानी खुद नहीं पीते। रहीमजी कहते हैं कि हमें भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें अपनी इकट्ठी की गई धन-संपत्ति का उपयोग सिर्फ अपने आनंद के लिए नहीं करना चाहिए। हमें उसके माध्यम से दूसरों की सहायता भी करनी चाहिए।
In simple words: रहीमजी पेड़ और तालाब का उदाहरण देकर समझाते हैं कि जिस तरह वे दूसरों के लिए होते हैं, उसी तरह हमें भी अपनी कमाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों की मदद के लिए उपयोग करनी चाहिए।

Exam Tip: विस्तृत उत्तरों में, दिए गए उदाहरणों का उपयोग करके कवि के संदेश को विस्तार से समझाएं।

 

Question 2. रहीम कड़वे मुखवाली मनुष्य की प्रकृति को कैसे समझाते हैं?
Answer: कड़वे बोलने वाले इंसान का स्वभाव कड़वी ककड़ी जैसा होता है। कुछ लोगों की जुबान बहुत कड़वी होती है। वे हमेशा कड़वी बातें ही बोलते हैं। वे यह नहीं सोचते कि उनकी तीखी बातें सुनने वालों को कितनी ठेस पहुंचाती है। ऐसे व्यक्तियों का चेहरा ककड़ी के चेहरे जैसा होता है। कटु शब्द बोलकर दूसरों के दिल को दुख पहुंचाना गलत है। इसलिए जिस तरह ककड़ी का अगला हिस्सा काटकर उस पर नमक लगाया जाता है, वैसी ही सजा इन कड़वे बोलने वालों को भी मिलनी चाहिए।
In simple words: रहीमजी कहते हैं कि जो लोग हमेशा कड़वे शब्द बोलते हैं, वे कड़वी ककड़ी के समान होते हैं। जैसे ककड़ी का कड़वा हिस्सा काटकर नमक लगाते हैं, वैसे ही कड़वे बोलने वालों को भी सबक मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी बातें दूसरों को बहुत दुख पहुंचाती हैं।

Exam Tip: किसी व्यक्ति की प्रकृति या स्वभाव का वर्णन करते समय, उसे कवि द्वारा दिए गए उदाहरणों से जोड़कर व्याख्या करें।

 

Question 3. 'लाख प्रयत्न करने पर बिगडी हुई बात नहीं बनती' – ऐसा रहीम किस उदाहरण से समजाते हैं. ?
Answer: अगर कोई बात किसी वजह से खराब हो जाए, तो उसे ठीक करना बहुत कठिन होता है। इसे समझाने के लिए रहीमजी खराब हुए दूध का उदाहरण देते हैं। फटे हुए दूध से बनी दही में घी निकालने की क्षमता खत्म हो जाती है। फिर चाहे उसे कितना भी बिलोया जाए, उसमें से मक्खन नहीं निकलता। रहीमजी कहते हैं कि, खराब हुई बात फटे हुए दूध की तरह होती है। उसे सुधारने के लिए भले ही कितने भी प्रयास किए जाएं, वह ठीक नहीं होती।
In simple words: रहीमजी फटे हुए दूध का उदाहरण देकर समझाते हैं कि एक बार कोई बात बिगड़ जाए, तो उसे कितना भी कोशिश कर लो, वह पहले जैसी ठीक नहीं हो पाती, जैसे फटे दूध से मक्खन नहीं निकलता।

Exam Tip: किसी कहावत या मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते समय, कवि द्वारा दिए गए उदाहरण को विस्तार से समझाना महत्वपूर्ण है।

 

3. आशय स्पष्ट कीजिए:

 

Question 1. 'रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।'
Answer: लोग अक्सर बड़े और धनी लोगों को अधिक महत्व देते हैं। समाज में अमीर और प्रसिद्ध व्यक्तियों को सम्मान मिलता है। गरीब लोगों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। पर अगर हम काम की उपयोगिता देखें, तो गरीब लोगों के काम भी कम महत्वपूर्ण नहीं होते। किसान, मजदूर और अन्य छोटे काम करने वाले, जो देश की अनमोल सेवा करते हैं, वह उच्च वर्ग के लोग नहीं कर सकते। इसलिए, बड़े लोगों का सम्मान करते समय हमें छोटे लोगों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
In simple words: रहीम कहते हैं कि बड़े लोगों को देखकर छोटों का अनादर नहीं करना चाहिए, क्योंकि छोटे लोग भी ऐसे काम करते हैं जो बड़े नहीं कर सकते, और उनके काम का भी बहुत महत्व होता है।

Exam Tip: आशय स्पष्ट करते समय, दोहे के प्रत्येक शब्द के अर्थ और उसके पीछे छिपे नैतिक संदेश को विस्तार से लिखें।

 

Question 2. चंदन विष व्याप्त नहीं, लपटे रहत भुजंग।
Answer: चंदन के पेड़ पर सांप लिपटे रहते हैं। इसके बावजूद चंदन का पेड़ साँपों के जहर से प्रभावित नहीं होता। साँपों के साथ रहने से उसकी खुशबू में कोई बदलाव नहीं आता। इसी तरह, अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति खराब संगति में रहकर भी उससे प्रभावित नहीं होते। वे अपने अच्छे गुणों से बुरे लोगों को प्रभावित करके उनका जीवन बदल सकते हैं।
In simple words: रहीमजी कहते हैं कि जिस तरह चंदन के पेड़ पर सांप लिपटे रहने पर भी वह जहरीला नहीं होता, उसी तरह अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति पर बुरी संगत का कोई गलत असर नहीं पड़ता।

Exam Tip: इस तरह के काव्यांशों में प्रकृति के उदाहरणों का उपयोग करके नैतिक मूल्यों को स्पष्ट करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः वाक्यों में लिखिए:

 

Question 1. विपदा के बारे में रहीम क्या कहते हैं?
Answer: रहीमजी कहते हैं कि कुछ समय के लिए आई परेशानी खराब नहीं होती। संकट के उस समय में हमें पता चल जाता है कि कौन हमारा भला चाहता है और कौन हमारा बुरा चाहता है। इस तरह थोड़ी देर की मुसीबत भले ही हमें थोड़ा दुख देती हो, पर वह हमें अपने सच्चे मददगारों की पहचान करा देती है। इस तरह कम समय की विपदा हमारी आँखें खोल देती है। इसलिए हमें उसे बुरा नहीं मानना चाहिए।
In simple words: रहीमजी कहते हैं कि थोड़ी देर के लिए आई मुश्किल अच्छी होती है, क्योंकि यह हमें सिखाती है कि हमारे सच्चे दोस्त और दुश्मन कौन हैं, और हमें सच्चाई दिखाती है।

Exam Tip: किसी विषय पर कवि के दृष्टिकोण को समझाते समय, उनके तर्कों और मुख्य संदेश को कई वाक्यों में स्पष्ट करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए:

 

Question 1. विपत्तिरूपी कसौटी कैसी है?
Answer: कसौटी असली और नकली वस्तुओं की पहचान करा देती है। इसी प्रकार, मुश्किल के समय सच्चे और झूठे दोस्तों का पता चल जाता है।
In simple words: विपत्ति एक कसौटी की तरह होती है, जो हमें सच्चे और झूठे मित्रों में अंतर समझने में मदद करती है।

Exam Tip: लघु उत्तरीय प्रश्नों में, मुख्य विचार को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करें।

 

Question 2. सुई और तलवार का उदाहरण देकर कवि क्या कहना चाहता है?
Answer: सुई और तलवार का उदाहरण देकर कवि यह बताना चाहते हैं कि छोटी और बड़ी सभी तरह की वस्तुओं का अपना-अपना महत्व होता है। किसी चीज को छोटा या बेकार समझकर हमें उसे फेंक नहीं देना चाहिए।
In simple words: कवि सुई और तलवार का उदाहरण देकर समझाते हैं कि हर छोटी-बड़ी चीज का अपना महत्व होता है, इसलिए किसी को भी बेकार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Exam Tip: प्रतीकात्मक उदाहरणों वाले प्रश्नों में, प्रतीक का अर्थ और उससे मिलने वाली शिक्षा को स्पष्ट करें।

 

Question 3. दीनबंधु के समान किसे बताया गया है?
Answer: दीनबंधु ईश्वर का एक नाम है। जो इंसान गरीब और लाचार लोगों की सहायता करता है, उसे दीनबंधु जैसा माना गया है।
In simple words: जो व्यक्ति गरीब और अनाथ लोगों की सहायता करता है, उसे भगवान के समान 'दीनबंधु' कहा जाता है।

Exam Tip: किसी पदवी या उपाधि के बारे में पूछे जाने पर, उसके अर्थ और जिसे वह दी गई है, उन दोनों को स्पष्ट करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

 

Question 1. बिगड़े दूध से क्या नहीं निकलेगा?
Answer: खराब दूध (के दही) से मक्खन नहीं प्राप्त होगा।
In simple words: बिगड़े हुए दूध से कभी मक्खन नहीं निकल सकता।

Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, सटीक और संक्षिप्त जानकारी दें।

 

Question 2. रहीमजी किनको मरा हुआ मानते हैं?
Answer: रहीमजी उन लोगों को मरा हुआ मानते हैं जो मांगते हैं और उन लोगों को भी जो देने से मना करते हैं।
In simple words: रहीमजी मांगने वाले और मांगने पर मना करने वाले, दोनों को मरा हुआ मानते हैं।

Exam Tip: कवि के विचारों को व्यक्त करते समय, उनके मूल शब्दों या भावों का उपयोग करें।

 

Question 3. थोड़े दिन की विपत्ति भली क्यों है?
Answer: कुछ दिन की परेशानी अच्छी होती है, क्योंकि यह हमें अपने अच्छे और बुरे चाहने वालों को पहचानने का अवसर देती है।
In simple words: थोड़े दिन की विपत्ति इसलिए अच्छी होती है क्योंकि वह हमें बताती है कि कौन हमारा शुभचिंतक है और कौन नहीं।

Exam Tip: कारण वाले प्रश्नों में, 'क्यों' का स्पष्ट और तार्किक उत्तर दें।

 

Question 4. हितकारी और अहितकारी की पहचान कब होती है?
Answer: शुभचिंतक और दुश्मन की पहचान मुश्किल के वक्त होती है।
In simple words: कौन हमारा भला चाहता है और कौन नहीं, इसकी पहचान संकट के समय ही होती है।

Exam Tip: पहचान से जुड़े प्रश्नों में, वह स्थिति या समय बताएं जब यह पहचान संभव होती है।

 

Question 5. सच्चे मित्र अपने मित्र की विपत्ति के समय क्या करते हैं?
Answer: सच्चे दोस्त अपने मित्र की परेशानी के समय उसका साथ देते हैं और उसकी मदद भी करते हैं।
In simple words: सच्चे मित्र अपने दोस्त की मुश्किल घड़ी में उसका साथ देते हैं और उसकी मदद करते हैं।

Exam Tip: मित्र धर्म से संबंधित प्रश्नों में, मित्रता के आदर्श गुणों का उल्लेख करें।

 

Question 6. ज्ञानी पुरुष धन-संपत्ति का संग्रह क्यों करते हैं?
Answer: बुद्धिमान व्यक्ति धन-संपत्ति जमा दूसरों की भलाई के लिए करते हैं।
In simple words: ज्ञानी लोग धन इसलिए इकट्ठा करते हैं ताकि वे दूसरों की सहायता कर सकें।

Exam Tip: सामाजिक व्यवहार से जुड़े प्रश्नों में, उस क्रिया के पीछे के नैतिक उद्देश्य को स्पष्ट करें।

 

Question 7. वृक्ष और सरोवर हमें किसकी शिक्षा देते हैं?
Answer: पेड़ और तालाब हमें दूसरों की भलाई करने की सीख देते हैं।
In simple words: वृक्ष और सरोवर हमें दूसरों की मदद करने का पाठ पढ़ाते हैं।

Exam Tip: प्रकृति से सीखने वाले पाठों को बताते समय, प्रकृति के कार्यों को मानव व्यवहार से जोड़कर समझाएं।

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

 

Question 1. सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
1. रहीम .......... के नवरत्नों में से एक थे। (बादशाह अकबर, राजा जयसिंह)
2. रहीम ने अल्पकाल की विपदा हमारे लिए .......... बताई है। (भली, अधम)
3. साधारण चीजों का भी अपना .......... होता है। (असर, महत्त्व)
4. दीन पर दया करनेवाला ........... के समान होता है। (तपस्वी, ईश्वर)
5. रहीम का पूरा नाम ........... था। (अब्दुर्रहीमखान खाना, शैयद रहीम)
Answer:
1. बादशाह अकबर
2. भली
3. महत्त्व
4. ईश्वर
5. अब्दुर्रहीमखान खाना
In simple words: सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों को भरें। रहीम अकबर के नवरत्नों में से एक थे। उन्होंने अल्पकाल की विपदा को भली बताया है। साधारण चीजों का भी अपना महत्व होता है। गरीबों पर दया करने वाला ईश्वर के समान होता है। रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीमखान खाना था।

Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और दिए गए विकल्पों पर ध्यान दें, ताकि सही उत्तर चुना जा सके।

 

निम्नलिखित विधान 'सही' हैं या 'गलत' यह बताइए:

 

Question 1. निम्नलिखित विधान 'सही' हैं या 'गलत' यह बताइए:
1. हमें साधारण चीज़ों की उपेक्षा करनी चाहिए।
2. साधारण चीज़ों का भी अपना महत्त्व होता है।
3. हमें कड़वे वचन बोलने चाहिए।
4. बात बिगड़ जाने पर उसे सुधारना संभव नहीं होता है।
5. मांगनेवाले को देने से इनकार करना सबसे बुरी बात है।
Answer:
1. गलत
2. सही
3. गलत
4. सही
5. सही
In simple words: दिए गए वाक्यों को पढ़ें और बताएं कि वे सही हैं या गलत। हमें सामान्य चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, उनका भी महत्व होता है। कड़वे शब्द नहीं बोलने चाहिए। बिगड़ी बात को सुधारना मुश्किल होता है और मांगने वाले को मना करना बहुत गलत है।

Exam Tip: सही-गलत वाले प्रश्नों में प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सत्यता की जाँच करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए:
1. गरीबों पर दयादृष्टि करनेवाले किसके समान हैं?
2. अपने-पराये की पहचान किस समय होती है?
3. माँगने को रहीम किसके समान बताते हैं?
Answer:
1. दीनबन्धु या भगवान के समान
2. विपत्ति के समय
3. मृत्यु के समान
In simple words: एक-एक शब्द में उत्तर दें। गरीबों पर दया करने वाले भगवान जैसे होते हैं। अपने-पराए का पता मुश्किल में चलता है। रहीम मांगने को मृत्यु जैसा बताते हैं।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में सटीक और संक्षिप्त उत्तर लिखें, जिसमें केवल एक या दो शब्द हों।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:

 

Question 1. सच्चे मित्र की कसौटी कब होती है?
(a) बीमारी में
(b) मुसाफिरी में
(c) शिक्षण काल में
(d) विपत्ति में
Answer: (d) विपत्ति में
In simple words: सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल समय में होती है।

Exam Tip: MCQ में सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और फिर सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

Question 2. लोग किसके सगे होते हैं?
(a) अपनों के
(b) परायों के
(c) संपत्ति के
(d) विपत्ति के
Answer: (c) संपत्ति के
In simple words: लोग धन-संपत्ति के साथ होते हैं, न कि हमेशा अपने या परायों के।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में मानवीय व्यवहार या प्रचलित मान्यताओं पर आधारित उत्तर का चयन करें।

 

Question 3. दीनबन्धु कौन है?
(a) धनवान
(b) बलवान
(c) भगवान
Answer: (c) भगवान
In simple words: दीनबन्धु का अर्थ है 'दीनों का मित्र' या 'गरीबों का सहायक', और यह भगवान का एक नाम है।

Exam Tip: दीनबन्धु जैसे शब्दों के अर्थ को समझें ताकि आप सही विकल्प चुन सकें।

 

Question 4. बिगड़ी हुई बात ऐसी है जैसे ...
(a) फुफकारता हुआ सांप
(b) फटा हुआ दूध
(c) सड़ा हुआ फल
(d) टूटी हुई माला
Answer: (b) फटा हुआ दूध
In simple words: बिगड़ी हुई बात फटे हुए दूध के समान है, जिसे एक बार खराब होने पर फिर से ठीक नहीं किया जा सकता।

Exam Tip: कविताओं और दोहों में दिए गए उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में पूछे जाते हैं।

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए:
1. तरुवर
2. कसौटी
3. मीत
4. लघु
5. दीनबन्धु
6. प्रकृति
7. हित
8. खीरा
9. सुजान
10. उत्तम
11. दीन
12. भुजंग
Answer:
1. वृक्ष
2. परीक्षा
3. मित्र
4. छोटा
5. भगवान
6. स्वभाव
7. भलाई
8. ककड़ी
9. सजन
10. श्रेष्ठ
11. गरीब
12. साप
In simple words: दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द लिखें।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद करते समय उनके मूल अर्थ को समझें, इससे उन्हें याद रखना आसान होगा।

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए:
1. सज्जन
2. मित्र
3. विपत्ति
4. परोपकार
5. संभव
6. अंगार
Answer:
1. दुर्जन
2. शत्रु
3. सुख
4. अपरोपकार
5. असंभव
6. ओला
In simple words: दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखें।

Exam Tip: विलोम शब्दों को समझते समय, उनके मूल शब्द के अर्थ पर ध्यान दें ताकि सही विपरीत शब्द का चयन कर सकें।

 

निम्नलिखित शब्दों का संधि-विग्रह करके लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों का संधि-विग्रह करके लिखिए:
1. सज्जन
2. परोपकार
3. सरोवर
4. उपेक्षा
5. महेश
6. संगीत
Answer:
1. सज्जन = सत् + जन
2. परोपकार = पर + उपकार
3. सरोवर = सरः + वर
4. उपेक्षा = उप + ईक्षा
5. महेश = महा + ईश
6. संगीत = सम् + गीत
In simple words: दिए गए शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़कर लिखें, जो संधि के नियमों पर आधारित हो।

Exam Tip: संधि-विग्रह करते समय संस्कृत व्याकरण के नियमों को याद रखें, खासकर स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के नियम।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए:
1. साधारण चीज़ों का अपना महत्त्व होता है।
2. मुख से कड़वे वचन बोलना अपराध है।
3. मांगने की वृत्ति बड़ी बुरी है।
4. बड़ों को देखकर छोटों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
5. आपत्ति थोड़े समय के लिए हो तो अच्छी है।
Answer:
1. महत्त्व
2. अपराध
3. वृत्ति
4. उपेक्षा
5. आपत्ति
In simple words: हर वाक्य में से वह शब्द ढूंढें जो किसी भाव, गुण या अवस्था को बताता है।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएँ अक्सर 'ता', 'त्व', 'पन', 'आई', 'ई', 'आवट' जैसे प्रत्ययों से बनती हैं; इन्हें पहचानना सीखें।

 

निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए:
1. क्लास में प्रत्येक लड़के उत्तीर्ण होगा।
2. मेरी आम सड़ी हुई है।
3. यह घर में कौन रहता है?
4. वह आदमी को दौलत का घमंड है।
5. मैं मेरा काम करता हूँ।
Answer:
1. क्लास में प्रत्येक लड़का उत्तीर्ण होगा।
2. मेरा आम सड़ा हुआ है।
3. इस घर में कौन रहता है?
4. उस आदमी को दौलत का घमंड है।
5. मैं अपना काम करता हूँ।
In simple words: इन वाक्यों में हुई व्याकरण संबंधी गलतियों को ठीक करके उन्हें सही रूप में लिखें।

Exam Tip: वाक्य शुद्ध करते समय लिंग, वचन, कारक, क्रिया और सर्वनाम की गलतियों पर विशेष ध्यान दें।

 

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए:
1. दूसरों पर की गई भलाई
2. अपने परिवार के रिश्तेदार
3. गरीबों के बन्धु
4. जिसे किसी की सहायता नहीं है
Answer:
1. परोपकार
2. सगे
3. दीनबन्धु
4. असहाय
In simple words: इन वाक्यांशों के लिए एक उचित शब्द लिखें जो उनके पूरे अर्थ को बताए।

Exam Tip: शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखते समय, वाक्यांश के मुख्य भाव को समझें और फिर सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए:
1. व्यवहार
2. अनेक
3. परोपकार
4. अनहित
5. परकाज
6. अहित
7. उपयोग
8. उपेक्षा
9. अपरोपकार
10. सुजान
11. सज्जन
12. असंभव
13. दुर्जन
14. सरोवर
15. महेश
16. संगीत
17. सुवाक्य
18. व्याख्यात
19. असहाय
Answer:
1. व्यवहार – वि + अवहार
2. अनेक – अन् + एक
3. परोपकार – पर + उपकार
4. अनाहित – अन् + हित
5. परकाज – पर + काज
6. अहित – अ + हित
7. उपयोग – उप + योग
8. उपेक्षा – उप + इक्षा
9. अपरोपकार – अ + परोपकार
10. सुजान – सु + जान
11. सज्जन – सत् + जन
12. असंभव – अ + संभव
13. दुर्जन – दुः + जन
14. सरोवर – सरः + वर
15. महेश – महा + ईश
16. संगीत – सम् + गीत
17. सुवाक्य – सु + वाक्य
18. व्याख्यान – वि + आख्यान
19. असहाय – अ + सहाय
In simple words: दिए गए शब्दों में से उपसर्ग (शब्द के शुरू में लगने वाला अंश) को अलग करके लिखें।

Exam Tip: उपसर्गों को पहचानते समय शब्द के मूल अर्थ और उपसर्ग के अर्थ पर ध्यान दें, जिससे सही विभाजन हो सके।

 

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए:

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए:
1. मित्रता
2. महत्त्व
3. विपत्ति
4. मांगनेवाला
5. हितकारी
6. जबानवाला
7. ऊपरी
8. बुराई
9. उपयोगिता
10. प्रभावित
11. अपराधी
12. बीमारी
13. मुसाफिरी
14. रिश्तेदार
15. बुद्धिमान
16. व्यक्तित्व
17. सहायता
Answer:
1. मित्रता – मित्र + ता
2. महत्त्व – महत् + त्व
3. विपत्ति – विपद् + ति
4. मांगनेवाला – मांगना + वाला
5. हितकारी – हित + कारी
6. जबानवाला – जबान + वाला
7. ऊपरी – ऊपर + ई
8. बुराई – बुरा + ई
9. उपयोगिता – उपयोग + इता
10. प्रभावित – प्रभाव + इत
11. अपराधी – अपराध + ई
12. बीमारी – बीमार + ई
13. मुसाफिरी – मुसाफिर + ई
14. रिश्तेदार – रिश्ता + दार
15. बुद्धिमान – बुद्धि + मान
16. व्यक्तित्व – व्यक्ति + त्व
17. सहायता – सहाय + ता
In simple words: दिए गए शब्दों में से प्रत्यय (शब्द के अंत में लगने वाला अंश) को अलग करके लिखें।

Exam Tip: प्रत्यय पहचानते समय मूल शब्द को अलग करें और फिर देखें कि कौन सा अंश उसके बाद जुड़कर नया अर्थ बना रहा है।

नीति के दोहे Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :
कवि रहीम बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक थे। उन्होंने नीति-व्यवहार संबंधी अनेक दोहे लिखे हैं। यहाँ उनके नौ दोहे दिए गए हैं। इनमें परोपकार, सच्ची मित्रता, तुच्छ वस्तु का महत्व आदि के बारे में बताया गया है।

कविता का सार :
सज्जन परोपकार के लिए ही धन का संग्रह करते हैं। विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है। साधारण चीजों का भी अपना महत्त्व होता है। इसलिए उनकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। दीनों पर दया करनेवाला दीनबंधु (ईश्वर) के समान होता है। मुख से कड़वे वचन बोलना अपराध है। इसकी सजा मिलनी चाहिए।

उत्तम स्वभाववाले बुरों के साथ रहकर भी उनसे प्रभावित नहीं होते। बात बिगड़ जाने पर उसे सुधारना संभव नहीं है। विपत्ति में ही अपने-पराए की पहचान होती है। मांगने की वृत्ति तो बुरी है ही, पर उससे बुरी बात किसीको देने से इनकार करना है।

कविता का अर्थ :

रहीमजी कहते हैं कि पेड़ अपने फल नहीं खाते हैं और सरोवर अपना पानी नहीं पीते। इसी प्रकार ज्ञानी पुरुष परोपकार के लिए ही धन-संपत्ति का संग्रह करते हैं।

रहीमजी कहते हैं कि जब मनुष्य के पास संपत्ति होती है तब लोग तरह-तरह से उसके सगे बन जाते हैं – उससे रिश्ते जोड़ लेते हैं। लेकिन सच्चे मित्र तो वे हैं जो विपत्ति के समय साथे देते हैं।

रहीमजी कहते है कि बड़ों को देखकर छोटों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। जो काम सुई करती है, क्या वह तलवार कर सकती है?

रहीमजी कहते हैं हैं कि असहाय और गरीब लोग सबको (आशाभरौ) नजरों से देखते हैं, पर उनकी ओर कोई नहीं देखता – उन पर कोई दयादृष्टि नहीं करता। जो असहाय और गरीबों पर दयादृष्टि करता है, वह सचमुच भगवान के समान होता है।

खीरा को खाने से पहले उसका सिर (ऊपरी भाग) काटकर अलग कर देना चाहिए। फिर उसके कटे भाग पर नमक मलना चाहिए। रहीमजी कहते है कि कड़वे मुखवालों को यही सजा मिलनी चाहिए। इस अपराध का यही दंड है।

रहीमजी कहते हैं कि उत्तम स्वभाववाले लोग बुरी संगति में रहें तो भी उसका उन पर प्रभाव नहीं पड़ता। ठीक उसी प्रकार जैसे भयंकर विषवाले साँप चंदन के पेड़ से लिपटे रहते हैं, परंतु चंदन में उनका विष फैलता नहीं।

कवि रहीम कहते हैं कि बिगड़ी बात लाख प्रयत्न करने पर भी सुधर नहीं पाती। ठीक उसी तरह जैसे फटे दूध से जमाए गए दही को कितना ही प्रथा जाए, उसमें से मक्खन नहीं निकलता।

रहीमजी कहते हैं कि यदि आपत्ति थोड़े समय के लिए हो तो अच्छी है, क्योंकि उस थोड़े-से समय में हम समझ जाते हैं कि कौन हमारा हितकारी है और कौन अहितकारी है।

रहीमजी कहते हैं कि वे मनुष्य तो (जिंदा होते हुए भी) मरे हुए हैं जो दूसरों के दरवाजे मांगने जाते हैं, परंतु उनसे भी पहले वे मर गए जिनके मुखसे 'नहीं' शब्द निकलता है- जो मांगनेवालों को देने से इनकार कर देते हैं।

नीति के दोहे शब्दार्थ :
1. तरुवर - वृक्ष, पेड़।
2. सरवर - सरोवर, तालाब।
3. पान - पानी।
4. परकाज - परोपकार, दूसरों की भलाई।
5. सुचहि - संग्रह करते हैं।
6. सुजान - सज्जन, बुद्धिमान, ज्ञानी पुरुष।
7. सगे - अपने रिश्तेदार।
8. बहु - बहुत।
9. रीत - प्रकार।
10. विपत्ति - बुरा समय।
11. कसौटी - सच्चे-झूठे की पहचान करानेवाली परीक्षा।
12. तेई - वेही।
13. मीत - मित्र।
14. बड़ेन - बड़ों को।
15. लघु - छोटे।
16. डारि - छोड़ना।
17. कहा - क्या।
18. तरवारि - तलवार।
19. दीन - गरीब, असहाय।
20. लखत हैं - देखते हैं।
21. कोय - कोई।
22. दीनबन्धु - भगवान।
23. खीरा - एक तरह की ककड़ी।
24. मलियत - मलत है।
25. नोन - नमक।
26. कए - कड़वे।
27. सजाय - सजा।
28. उत्तम - श्रेष्ठ।
29. का करि सकत - कुछ न कर सकता है।
30. कुसंग - बुरे लोगों का साथ।
31. भुजंग - साप।
32. बिगरी - बिगडी।
33. किन - चाहे।
34. थोरे - थोड़े।
35. हित - भलाई।
36. अनहित - बुराई।
37. नर - मनुष्य।
38. मांगन - मांगने।
39. मुएं - मर गए।
40. निकसत - निकलते हैं।

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