GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव

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Detailed Chapter 05 स्वराज्य की नींव GSEB Solutions for Class 9 Hindi

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Class 9 Hindi Chapter 05 स्वराज्य की नींव GSEB Solutions PDF

स्वाध्याय

 

1. एक-दो वाक्यों में उत्तर दीजिए :

 

Question 1. रानी लक्ष्मीबाई की चिंता का कारण क्या था?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई की चिंता का मुख्य कारण यह था कि बहुत मेहनत करने के बाद भी स्वराज्य उनके हाथ में नहीं आ रहा था.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई इसलिए चिंतित थीं क्योंकि बहुत प्रयास करने पर भी उन्हें स्वराज्य नहीं मिल पा रहा था.

Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर देते समय मुख्य कारण को स्पष्ट रूप से बताएं और वाक्य को संक्षिप्त रखें.

 

Question 2. बाबा गंगादास ने रानी लक्ष्मीबाई से क्या कहा था?
Answer: बाबा गंगादास ने रानी लक्ष्मीबाई से यह बताया था कि समाज में जाति-भेद, उच्च-नीच और विलासिता के कारण हमें स्वराज्य नहीं मिल सकता. उन्होंने कहा कि स्वराज्य केवल सेवा, तपस्या और त्याग से ही प्राप्त हो सकता है.
In simple words: बाबा गंगादास ने रानी को समझाया कि स्वराज्य सिर्फ सेवा, तपस्या और बलिदान से मिलता है, न कि सामाजिक भेदभाव या विलासिता से.

Exam Tip: किसी व्यक्ति के कथन को बताते समय उसके मूल विचार को बिना बदले स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें.

 

Question 3. रानी लक्ष्मीबाई ने क्या प्रतिज्ञा की थी?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई ने यह प्रतिज्ञा की थी कि वह झाँसी को फिर से जीत लेंगी.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी को वापस पाने की कसम खाई थी.

Exam Tip: प्रतिज्ञा वाले प्रश्नों में सीधे तौर पर बताएं कि क्या कसम खाई गई थी.

 

Question 4. जूही सेनापति तात्या का पक्ष क्यों लेती है?
Answer: जूही सेनापति तात्या का पक्ष लेती है, क्योंकि वह उससे प्यार करती है.
In simple words: जूही तात्या की तरफदारी करती है क्योंकि वह उससे प्रेम करती है.

Exam Tip: रिश्तों पर आधारित प्रश्नों में, संबंधित व्यक्ति के भावना या कारण को स्पष्ट करें.

 

Question 5. तात्या रानी लक्ष्मीबाई के सामने लज्जित क्यों हो उठे?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई ने तात्या को 'सरदार' कहकर संबोधित किया था. रानी के मुख से अपने लिए यह संबोधन सुनकर तात्या को शर्म महसूस हुई.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई द्वारा 'सरदार' कहे जाने पर तात्या को शर्म आई.

Exam Tip: पात्रों के व्यवहार के पीछे के भावनात्मक कारणों को संक्षेप में समझाएं.

 

2. पाँच-छः वाक्यों में उत्तर दीजिए :

 

Question 1. मार्ग में हिमालय अड़ने, डरावनी लहरों के थपेड़े मारने, नाविकों के सो जाने से क्या अभिप्राय है?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई को अपनी प्यारी झाँसी शत्रुओं के हाथों में चले जाने का दुःख था. स्वराज्य की मंजिल हर बार पास आकर दूर निकल जाती है. रानी स्वराज्य को करीब आते हुए देखती हैं, पर तभी हिमालय जैसी बाधाएँ उनके रास्ते में आ जाती हैं. जब वे इन बाधाओं को पार करती हैं, तो मुसीबतों के बड़े सागर सामने आ जाते हैं. जब वे उन्हें पार करना चाहती हैं, तो देखती हैं कि नाविक सो गए हैं. ये नाविक विलासिता में डूबे हुए उनके साथी सेनापति तात्या, राव साहब, बाँदा के नवाब आदि हैं.
In simple words: इन प्रतीकात्मक शब्दों का अर्थ है कि रानी लक्ष्मीबाई को स्वराज्य पाने में कई मुश्किलें (हिमालय जैसी बाधाएँ, मुसीबतों का सागर) आ रही थीं, और उनके अपने साथी (नाविक) भी विलासिता में डूबे होने के कारण उनका साथ नहीं दे रहे थे.

Exam Tip: प्रतीकात्मक प्रश्नों का उत्तर देते समय, प्रतीक का अर्थ समझाएं और उसे कहानी के संदर्भ से जोड़ें.

 

Question 2. रानी लक्ष्मीबाई देशभक्ति की एक अद्भुत मिसाल थीं- समजाइए।
Answer: रानी लक्ष्मीबाई हमारे इतिहास का एक बहुत तेजस्वी चरित्र हैं. स्वराज्य ही उनका अंतिम लक्ष्य था. इसके लिए वे बड़ा से बड़ा त्याग भी कर सकती थीं. स्वराज्य की नींव बनाने में ही वे जीवन की सार्थकता मानती थीं. उन्हें राग-रंग से सख्त नफरत थी. उन्हें यही चिंता रहती थी कि स्वराज्य के लिए लड़ रहे उनके सैनिकों की वीरता पर कोई दाग न लगे. सचमुच, रानी लक्ष्मीबाई देशभक्ति की एक अनोखी मिसाल थीं.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई एक महान देशभक्त थीं क्योंकि उनका अंतिम लक्ष्य स्वराज्य था, जिसके लिए वे कुछ भी त्यागने को तैयार थीं, और उन्हें अपने सैनिकों की वीरता पर दाग लगने की चिंता रहती थी.

Exam Tip: किसी चरित्र की विशेषता बताते समय, उस विशेषता को दर्शाने वाले कार्यों और विचारों का उल्लेख करें.

 

Question 3. 'स्वराज्य की नींव' शीर्षक कहाँ तक सार्थक है? प्रस्तुत एकांकी के लिए कोई अन्य शीर्षक दीजिए।
Answer: सन् 1857 का सैनिक विद्रोह भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है. उसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, जूही, मुंदर, तात्या टोपे, रामचन्द्र तथा रघुनाथराव आदि ने अपनी अनोखी देशभक्ति का उदाहरण दिया था. ये सभी अपना बलिदान देकर स्वराज्य की नींव के पत्थर बन गए थे. बाद में इस एकांकी के पात्रों के न्याय, तपस्या और त्याग की नींव पर ही भारत की आजादी की इमारत खड़ी हुई. इसलिए इस एकांकी का शीर्षक "स्वराज्य की नींव" बिलकुल सार्थक लगता है. इसके अन्य शीर्षक 'स्वराज्य की आधारशिला' और 'आजादी के वे परवाने' हो सकते हैं.
In simple words: 'स्वराज्य की नींव' शीर्षक एकदम सही है क्योंकि एकांकी के पात्रों ने अपने बलिदान से आजादी की लड़ाई की बुनियाद रखी. इसके दूसरे नाम 'स्वराज्य की आधारशिला' या 'आजादी के वे परवाने' भी हो सकते हैं.

Exam Tip: शीर्षक की सार्थकता बताते समय, शीर्षक के मुख्य विचार को कहानी के मुख्य घटनाओं से जोड़ें और वैकल्पिक शीर्षक भी सुझाएं.

 

Question 4. प्रस्तुत एकांकी में से उन कथनों को छाँटिए जिससे पता चलता है कि युद्ध की छाया में भी राव साहब वैभव विलास में डूबे थे?
Answer: ऐसे कथन जिनसे पता चलता है कि युद्ध की छाया में भी राव साहब वैभव विलास में डूबे थे, वे इस प्रकार हैं:
(i) जूही – "जानती हूं महारानी! हम विलासिता में डूब गए हैं."
(ii) मुंदर – "विलासिता में डूबे हैं राव साहब, बाँदा के नवाब, सेनापति तात्या."
(iii) लक्ष्मीबाई – "जूही ने उन्हें रोका है मुंदर. मैं जानती हूँ. जब राव साहब के लिए बुलाने मुंदर को आए थे तो मुंदर ने उनको बुरी तरह दुत्कार दिया था."
In simple words: जूही और मुंदर के कथन बताते हैं कि सभी विलासिता में डूबे हैं, और लक्ष्मीबाई का कहना कि मुंदर ने राव साहब को दुत्कारा था, यह भी दर्शाता है कि राव साहब नाच-गाने के लिए बुलाने आए थे.

Exam Tip: किसी पात्र के व्यवहार को दर्शाने वाले कथन देते समय, उद्धरणों का उपयोग करें और उन्हें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें.

 

3. आशय स्पष्ट कीजिए

 

Question 1. “स्वराज्य प्राप्ति से बढ़कर है स्वराज्य की स्थापना के लिए भूमि तैयार करना, स्वराज्य की नींव का पथ्थर बनना।"
Answer: कोई भी इमारत बनाने से पहले उसके लिए सही जगह का चुनाव किया जाता है. फिर मजबूत नींव डाली जाती है. नींव जितनी मजबूत होती है, इमारत भी उतनी ही मजबूत होती है. इसी तरह स्वराज्य पाने के लिए देश और समाज में उसके लिए सही माहौल बनाना आवश्यक है. यह माहौल लोगों को जगाकर ही बनाया जा सकता है. शहीदों के बलिदान लोगों को प्रेरित करते हैं और जनता में स्वराज्य पाने की इच्छा मजबूत बनती है.
In simple words: इस कथन का मतलब है कि स्वराज्य पाना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि स्वराज्य की मजबूत नींव बनाना और लोगों को उसके लिए तैयार करना, ताकि वह स्थायी हो.

Exam Tip: आशय स्पष्ट करते समय, कथन के गहरे अर्थ को साधारण भाषा में समझाएं और उसे बड़े संदर्भ से जोड़ें.

 

Question 2. “शंकाएँ अविश्वास पैदा करेंगी और उस अविश्वास से उत्पन्न निराशा को दूर करने के लिए पायल की झंकार और भी झनक उठेगी।"
Answer: राव साहब, बाँदा के नवाब आदि रानी के सहयोगी संकुचित सोच वाले व्यक्ति थे. वे अपने-अपने स्वार्थ के लिए रानी लक्ष्मीबाई के साथ जुड़े थे. उनमें न देश के प्रति प्रेम था और न एक-दूसरे पर भरोसा था. वे एक-दूसरे को शक की नजर से देखते थे. ऐसे में स्वराज्य-स्थापना की बात उनमें आपसी अविश्वास बढ़ा सकती थी. अविश्वास उनमें निराशा पैदा करता और फिर उससे पैदा होने वाले दुःख को मिटाने के लिए वे नाच-गाने में डूब जाते.
In simple words: अगर लोग एक-दूसरे पर शक करेंगे, तो यह शक भरोसा तोड़ देगा और निराशा पैदा करेगा. इस निराशा को भुलाने के लिए लोग नाच-गाने (विलासिता) का सहारा लेंगे.

Exam Tip: किसी जटिल कथन का आशय स्पष्ट करते समय, उसे सरल टुकड़ों में तोड़ें और प्रत्येक भाग का अर्थ समझाएं.

 

Question 3. "दोस्त की ठोकर अविश्वास की खाई को और चौड़ा कर देती हैं.?"
Answer: दोस्ती में एक-दूसरे पर भरोसा होना बहुत जरूरी है. ऐसे में अगर कोई दोस्त धोखा दे, तो दिल को बहुत चोट पहुंचती है. गहरा भरोसा बड़े अविश्वास में बदल जाता है और फिर पहले जैसी दोस्ती कभी नहीं रह पाती है.
In simple words: जब एक दोस्त धोखा देता है, तो वह गहरे भरोसे को बड़े अविश्वास में बदल देता है, जिससे दोस्ती पहले जैसी नहीं रहती.

Exam Tip: कथन के पीछे के मानवीय संबंध और भावनाओं को स्पष्ट रूप से उजागर करें.

 

सही शब्द चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए :

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों को सही शब्द चुनकर पूरा कीजिए।
(i) वह मिल सकता है, केवल सेवा, तपस्या औ......... (बलिदान/युद्ध)
(ii) महासागर की डरावनी ......... थपेड़े मारने लगती हैं। (लहरें/हवाएँ)
(iii) कौन कहता है कि ......... में डूब गए हैं? (विलासिता/तपस्या)
(iv) मैं ......... के लिए नाच सकती हूँ। (विजय/स्वराज्य)
(v) हमारी ......... कलंकित न होने पाए। (श्रेष्ठता/वीरता)
Answer:
(i) वह मिल सकता है, केवल सेवा, तपस्या और बलिदान से.
(ii) महासागर की डरावनी लहरें थपेड़े मारने लगती हैं.
(iii) कौन कहता है कि विलासिता में डूब गए हैं?
(iv) मैं स्वराज्य के लिए नाच सकती हूँ.
(v) हमारी वीरता कलंकित न होने पाए.
In simple words: वाक्यों को पूरा करने के लिए सही शब्द क्रमशः बलिदान, लहरें, विलासिता, स्वराज्य और वीरता हैं.

Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त शब्द चुनें.

 

5. शब्दसमूह के लिए एक शब्द :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दसमूहों के लिए एक शब्द लिखिए।
(i) धरती और आकाश के मिलने का स्थान
(ii) निराशा या क्रोध में मुंह से निकलनेवाली श्वास
(iii) दही से बननेवाला एक व्यंजन
(iv) ब्राह्मणों को खिलाया जानेवाला भोज
(v) स्वामी के प्रति श्रद्धा रखनेवाला
Answer:
(i) क्षितिज
(ii) निश्वास
(iii) श्रीखंड
(iv) ब्रह्मभोज
(v) स्वामिभक्त
In simple words: इन वाक्यांशों के लिए एक-एक शब्द क्षितिज, निश्वास, श्रीखंड, ब्रह्मभोज और स्वामिभक्त हैं.

Exam Tip: 'शब्दसमूह के लिए एक शब्द' प्रश्नों में, वाक्यांश के मुख्य अर्थ को दर्शाता हुआ एक सटीक शब्द चुनें.

 

6. उदाहरण के अनुसार शब्द बनाए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों को उदाहरण (राज्य – स्व+राज्य = स्वराज्य) के अनुसार बनाइए।
(i) देश - ........
(ii) भाव - ........
(iii) तंत्र - ........
(iv) जन – ........
Answer:
(i) देश – स्व + देश = स्वदेश
(ii) भाव – स्व + भाव = स्वभाव
(iii) तंत्र – स्व + तंत्र = स्वतंत्र
(iv) जन – स्व + जन = स्वजन
In simple words: 'स्व' उपसर्ग का उपयोग करके इन शब्दों को बनाया गया है, जैसे स्वदेश, स्वभाव, स्वतंत्र और स्वजन.

Exam Tip: शब्द बनाने वाले प्रश्नों में दिए गए उदाहरण के पैटर्न को समझें और उसी तर्क का पालन करें.

 

7. उदाहरण के अनुसार शब्द बनाए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों को उदाहरण (सुन्दर – सुन्दरता – सौंदर्य) के अनुसार बनाइए।
(i) शूर – शूरता
(ii) धीर – धीरता
(iii) उदार – उदारता
(iv) स्थिर – स्थिरता
Answer:
(i) शूर – शूरता – शौर्य
(ii) धीर – धीरता – धैर्य
(iii) उदार – उदारता- औदार्य
(iv) स्थिर – स्थिरता – स्थैर्य
In simple words: दिए गए शब्दों से दो तरह के भाववाचक संज्ञाएं बनाई गई हैं, जैसे शूर से शूरता और शौर्य.

Exam Tip: जब शब्दों से अन्य शब्द बनाने को कहा जाए, तो दिए गए उदाहरण की संरचना का पूरी तरह से अनुसरण करें, जिसमें मूल शब्द से निकले सभी रूप शामिल हों.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पांच-छः वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. रानी लक्ष्मीबाई निराश क्यों हो गई?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई के स्वराज्य पाने के सभी प्रयास विफल हो रहे थे. झाँसी उनके हाथ से निकल गई थी. उनके पास शक्ति थी, फिर भी वे कमजोर थीं. तात्या जैसे योग्य सेनापति के होने के बावजूद सेना में अनुशासन की कमी थी. रानी के साथी विलासिता में डूबे हुए थे. वे युद्ध में बहादुरी दिखाने के बजाय ब्रह्मभोज के आयोजन में लगे हुए थे. ग्वालियर जैसा मजबूत किला हाथ में होने के बाद भी वे कुछ नहीं कर पा रही थीं. दुश्मन का शिकार बनने के बजाय वे अविश्वासों का शिकार बन रही थीं. अपने पक्ष की ऐसी स्थिति देखकर रानी लक्ष्मीबाई बहुत निराश हो गईं.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई निराश थीं क्योंकि उनके स्वराज्य पाने के सारे प्रयास नाकाम हो रहे थे, झाँसी हाथ से निकल गई थी, सेना में अनुशासन की कमी थी, उनके साथी विलासिता में डूबे थे, और वे दुश्मन से लड़ने के बजाय आपसी अविश्वास में फंसी थीं.

Exam Tip: किसी पात्र की निराशा के कारणों को बताते समय, सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से समझाएं.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. झांसी के बारे में रानी लक्ष्मीबाई क्या निश्चय करती हैं?
Answer: रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी झाँसी अंग्रेजों को न देने की प्रतिज्ञा की थी, लेकिन वह उनके हाथ से निकल गई. फिर भी वे हिम्मत नहीं हारती हैं और झाँसी को फिर से जीतने का दृढ़ निश्चय करती हैं.
In simple words: झाँसी हाथ से निकल जाने पर भी रानी लक्ष्मीबाई ने हार नहीं मानी और उसे वापस जीतने का संकल्प लिया.

Exam Tip: निश्चय संबंधी प्रश्नों में, पात्र के संकल्प और उसके पीछे के कारण को स्पष्ट करें.

 

Question 2. बाबा गंगादास ने किसे स्वराज्य-प्राप्ति से बढ़कर बताया था?
Answer: बाबा गंगादास ने यह बताया था कि स्वराज्य-प्राप्ति से बढ़कर है स्वराज्य की स्थापना के लिए जमीन तैयार करना. उन्होंने कहा था कि स्वराज्य की नींव का पत्थर बनकर ही स्वराज्य हासिल किया जा सकता है.
In simple words: बाबा गंगादास ने कहा था कि स्वराज्य पाने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण स्वराज्य की नींव बनाना और उसके लिए जमीन तैयार करना है.

Exam Tip: महत्वपूर्ण व्यक्तियों के विचारों को उनके मूल अर्थ के साथ संक्षेप में बताएं.

 

Question 3. जूही ने किसे दुत्कार दिया था?
Answer: तात्या राव साहब के सामने नाचने के लिए जूही को बुलाने आया था. तब खरी-खोटी सुनाकर जूही ने तात्या को दुत्कार दिया था.
In simple words: तात्या ने जूही को नाचने के लिए बुलाया, जिस पर जूही ने उसे डांटकर भगा दिया.

Exam Tip: प्रत्यक्ष प्रश्नों में, घटना और संबंधित पात्रों को संक्षेप में स्पष्ट करें.

 

Question 4. जूही किसके लिए नाच सकती थी? किसके लिए नहीं?
Answer: जूही स्वराज्य के लिए नाच सकती थी. जो लोग विलासिता में डूबे हुए थे, उनके लिए वह नाच नहीं सकती थी.
In simple words: जूही स्वराज्य के लिए नाचने को तैयार थी, लेकिन विलासी लोगों के लिए नहीं.

Exam Tip: किसी पात्र की प्राथमिकताएं बताते समय, वे किसके लिए क्या कर सकते हैं और किसके लिए नहीं, यह स्पष्ट करें.

 

Question 5. लक्ष्मीबाई को कौन-सा दर्द कचोट रहा था?
Answer: लक्ष्मीबाई के सहयोगी विलासिता में डूबे हुए थे, लेकिन लक्ष्मीबाई उन्हें त्याग नहीं सकती थीं. उन्हें यही दर्द परेशान कर रहा था कि उनके अपने साथी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे थे.
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई को इस बात का दर्द था कि उनके सहयोगी विलासिता में डूबे थे, फिर भी वह उन्हें छोड़ नहीं सकती थीं.

Exam Tip: पात्रों के आंतरिक संघर्ष को बताते समय, उनके मन की पीड़ा और उसके कारण को संक्षेप में समझाएं.

 

Question 6. पेशवा की हार का समाचार पाकर रानी ने क्या कहा?
Answer: पेशवा की हार का समाचार सुनकर रानी ने कहा, "यह अच्छा हुआ, अब पेशवा की आँखें खुलेंगी."
In simple words: पेशवा की हार का समाचार सुनकर रानी ने कहा कि यह अच्छा हुआ, अब पेशवा को वास्तविकता समझ आएगी.

Exam Tip: किसी पात्र के कथन को उद्धरण के साथ प्रस्तुत करें और उसके पीछे के अर्थ को स्पष्ट करें.

 

Question 7. तोपों की आवाज़ सुनकर रानी ने तात्या से क्या व्यंग्य किया?
Answer: तोपों की आवाज सुनकर रानी ने तात्या पर व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद ब्रह्मभोज के उपलक्ष्य में ये तोपें चल रही हैं. उन्होंने पूछा कि श्रीखंड और लाडू के लिए घी-शक्कर की कमी तो नहीं पड़ी.
In simple words: तोपों की आवाज सुनकर रानी ने तात्या से मज़ाक में कहा कि यह ब्रह्मभोज के लिए हैं, और पूछा कि मिठाइयों के लिए सामग्री कम तो नहीं पड़ी.

Exam Tip: व्यंग्यात्मक कथनों की व्याख्या करते समय, व्यंग्य के पीछे छिपे अर्थ और भावना को स्पष्ट करें.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :

 

Question 1. (i) झाँसी अपना कौन-सा राज्य अंग्रेजों से वापस लेने का निश्चय करती हैं?
(ii) रानी लक्ष्मीबाई की दो सखियों के नाम बताइए।
(iii) जूही युद्ध के समय कौन-सी जिम्मेदारी संभालती थी?
(iv) रानी लक्ष्मीबाई किस बात से तात्या पर नाराज़ थी?
Answer:
(i) झाँसी और ग्वालियर
(ii) जूही और मुंदर
(iii) तोपखाने की जिम्मेदारी
(iv) अनुशासनहीनता से
In simple words: रानी झाँसी और ग्वालियर वापस लेना चाहती थीं, उनकी सखियाँ जूही और मुंदर थीं, जूही तोपखाने की जिम्मेदारी संभालती थी, और रानी तात्या से अनुशासनहीनता के कारण नाराज़ थीं.

Exam Tip: 'एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए' वाले प्रश्नों में केवल मुख्य जानकारी या शब्द ही लिखें, पूरे वाक्य बनाने से बचें.

 

Question 2. जूही देश के लिए किसे ठुकरा सकती है?
Answer: जूही देश के लिए अपने प्रेमी तात्या साहब को भी ठुकरा सकती है.
In simple words: देश के लिए जूही अपने प्रेमी तात्या साहब को छोड़ सकती है.

Exam Tip: पात्रों के त्याग और प्राथमिकताएं बताते समय, उनकी मजबूत भावनाओं को उजागर करें.

 

Question 3. जूही अपनी कला को किनके गले की फांसी नहीं बना सकती?
Answer: जूही अपनी कला को विलासिता में डूबे हुए लोगों के गले की फांसी नहीं बना सकती.
In simple words: जूही अपनी कला का उपयोग विलासी लोगों के मनोरंजन के लिए नहीं कर सकती.

Exam Tip: पात्रों के सिद्धांतों और मूल्यों को स्पष्ट रूप से बताएं.

 

Question 4. रोज कौन था?
Answer: रोज अंग्रेज़ी सेना का सेनापति था.
In simple words: रोज ब्रिटिश सेना का कमांडर था.

Exam Tip: प्रमुख पात्रों के पद या भूमिका को सीधे और स्पष्ट रूप से बताएं.

 

Question 5. युद्ध में जाते समय रानी को क्या लगता है?
Answer: युद्ध में जाते समय रानी को लगता है कि यह उनके जीवन का अंतिम युद्ध है.
In simple words: रानी को लगता है कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी लड़ाई है.

Exam Tip: पात्रों की आंतरिक भावनाओं और भविष्य की आशंकाओं को संक्षेप में व्यक्त करें.

 

Question 6. युद्ध में जाते समय मुंदर ने रानी के सामने क्या इच्छा प्रकट की?
Answer: युद्ध में जाते समय मुंदर ने रानी के साथ रहने की इच्छा प्रकट की.
In simple words: मुंदर ने युद्ध में रानी के साथ रहने की इच्छा जताई.

Exam Tip: सहायक पात्रों की वफादारी और इच्छाओं को स्पष्ट करें.

 

विभाग 1: गद्यलक्षी

 

निम्नलिखित विधान 'सही' है या 'गलत' यह बताइए:

 

Question 1.
(i) झांसी की रानी ने निश्चय किया कि मैं ग्वालियर का किला नहीं दूंगी.
(ii) रानी की सेना के पास शक्ति है, फिर भी वह दुर्बल है.
(iii) तात्या ब्रह्मभोज में लगे हुए थे.
(iv) जूही अच्छी नर्तकी थी.
(v) लक्ष्मीबाई स्वराज की नींव का पत्थर बनना चाहती थीं.
Answer:
(i) गलत
(ii) सही
(iii) सही
(iv) सही
(v) सही
In simple words: पहला कथन गलत है, बाकी सभी कथन सही हैं.

Exam Tip: सही/गलत वाले प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और कहानी के तथ्यों के आधार पर निर्णय लें.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :

 

Question 1. (i) झाँसी अपना कौन-सा राज्य अंग्रेजों से वापस लेने का निश्चय करती हैं?
(ii) रानी लक्ष्मीबाई की दो सखियों के नाम बताइए।
(iii) जूही युद्ध के समय कौन-सी जिम्मेदारी संभालती थी?
(iv) रानी लक्ष्मीबाई किस बात से तात्या पर नाराज़ थी?
Answer:
(i) झाँसी और ग्वालियर
(ii) जूही और मुंदर
(iii) तोपखाने की
(iv) अनुशासनहीनता से
In simple words: रानी झाँसी और ग्वालियर वापस लेना चाहती थीं, उनकी सखियाँ जूही और मुंदर थीं, जूही तोपखाने की जिम्मेदारी संभालती थी, और रानी तात्या से अनुशासनहीनता के कारण नाराज़ थीं.

Exam Tip: 'एक-एक शब्द में उत्तर दीजिए' वाले प्रश्नों में केवल मुख्य जानकारी या शब्द ही लिखें, पूरे वाक्य बनाने से बचें.

 

निम्नलिखित वाक्य कौन-किससे कहता है? यह लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्य किसने किससे कहे हैं?
(i) "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी।"
(ii) "महारानी, आप तो गीता पढ़ती हैं।"
(iii) "ओह, समझी! तुम तो उनका पक्ष लोगी ही?"
(iv) "बाईसाहब, आप यूँ कब तक फटकारती रहेंगी?”
(v) “सरकार, आज में बराबर आपके साथ रहूंगी।”
(vi) “और मैं तोपखाना संभालूंगी।”
Answer:
(i) रानी लक्ष्मीबाई ने जूही से कहा.
(ii) जूही ने रानी लक्ष्मीबाई से कहा.
(iii) मुंदर ने जूही से कहा.
(iv) तात्या ने रानी लक्ष्मीबाई से कहा.
(v) मुंदर ने रानी लक्ष्मीबाई से कहा.
(vi) जूही ने रानी लक्ष्मीबाई से कहा.
In simple words: ये वाक्य रानी लक्ष्मीबाई, जूही, मुंदर और तात्या के बीच हुए संवाद के हिस्से हैं, जिसमें प्रत्येक ने एक-दूसरे से कुछ कहा है.

Exam Tip: संवाद आधारित प्रश्नों में, बोलने वाले और सुनने वाले दोनों पात्रों का सही उल्लेख करें.

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए:

 

Question 1. जूही के अनुसार रानी को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि ...
(a) वे बहादुर थीं.
(b) उनके साथ कई वीर थे.
(c) वे गीता पढ़ती थीं.
Answer: (c) वे गीता पढ़ती थीं.
In simple words: जूही के विचार से रानी को निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि वे गीता पढ़ती थीं, जो उन्हें शक्ति देती है.

Exam Tip: वाक्यांश पूरा करते समय, कहानी के संदर्भ में सबसे सटीक और कारण बताने वाले विकल्प का चुनाव करें.

 

Question 2. जूही बातों-बातों में सेनापति तात्या का पक्ष लेती थी, क्योंकि ...
(a) तात्या के प्रति उसके मन में प्रेम था.
(b) तात्या के पास बड़ी सेना थी.
(c) तात्या रानी लक्ष्मीबाई के कृपापात्र थे.
Answer: (a) तात्या के प्रति उसके मन में प्रेम था.
In simple words: जूही तात्या का पक्ष इसलिए लेती थी क्योंकि वह उससे प्यार करती थी.

Exam Tip: किसी पात्र के व्यवहार के पीछे के व्यक्तिगत कारणों को चुनें जो कहानी में स्पष्ट रूप से बताए गए हों.

 

Question 3. पेशवा की हार से लक्ष्मीबाई को खुशी हुई, क्योंकि ....
(a) वे मन ही मन उनसे ईर्ष्या करती थीं.
(b) वे उसे अपने रास्ते का काटा मानती थीं.
(c) पेशवा की आँखें खुलने के लिए यह जरूरी था.
Answer: (c) पेशवा की आँखें खुलने के लिए यह जरूरी था.
In simple words: पेशवा की हार से रानी लक्ष्मीबाई खुश हुईं क्योंकि उन्हें लगा कि अब पेशवा को वास्तविकता समझ में आएगी.

Exam Tip: पात्रों की प्रतिक्रियाओं के पीछे के तार्किक या रणनीतिक कारणों को चुनें.

 

Question 4. रानी का मन कहता था कि
(a) उनकी विजय अवश्य होगी.
(b) वह उनके जीवन का अंतिम युद्ध था.
(c) उनके सिपाही वीरता को कलंकित नहीं होने देंगे.
Answer: (b) वह उनके जीवन का अंतिम युद्ध था.
In simple words: रानी को यह अहसास था कि यह लड़ाई उनके जीवन की आखिरी जंग हो सकती है.

Exam Tip: पात्रों के पूर्वाभास या मजबूत आंतरिक भावनाओं को दर्शाने वाले विकल्प का चयन करें.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. जिस ........ तुम जैसी नारियां रखने जा रही हैं, वह निश्चय ही महान होगा।
(a) भवन की आधारशिला
(b) क्रांति का नाम
(c) अग्नि-पथ का नाम
(d) स्वराज्य की नींव
Answer: (d) स्वराज्य की नींव
In simple words: जिस स्वराज्य की नींव नारियां रखती हैं, वह निश्चित रूप से बहुत महान होगा.

Exam Tip: मुहावरेदार वाक्यांशों में, पूरे संदर्भ के साथ सबसे सटीक रूप से मेल खाने वाले शब्द का चयन करें.

 

Question 2. मैं ........के लिए नाच सकती हूँ।
(a) विजय
(b) स्वराज्य
(c) दुश्मन
(d) प्रेमी
Answer: (b) स्वराज्य
In simple words: मैं स्वराज्य के लिए नाचने को तैयार हूँ.

Exam Tip: पात्रों के सिद्धांतों और देशभक्ति की भावना को दर्शाने वाले विकल्प को चुनें.

 

Question 3. वे ठोकर मारकर क्या दूर नहीं कर सकती ?
(a) देश के लोगों की अज्ञानता
(b) अपने सैनिकों की काहिली
(c) अपने सरदारों की मदहोशी
(d) अपने नायकों की बेहोशी
Answer: (c) अपने सरदारों की मदहोशी
In simple words: वे अपने सरदारों की लापरवाही या नशे को दूर नहीं कर सकतीं.

Exam Tip: प्रश्नों में दिए गए नकारात्मक पहलुओं को पहचानें और सही विकल्प का चयन करें जो उस अक्षमता को दर्शाता हो.

 

Question 4. जूही तात्या को कहाँ से खींचकर ला सकती है?
(a) पाताल से
(b) स्वर्ग से
(c) नरक से
(d) कहीं से भी
Answer: (a) पाताल से
In simple words: जूही तात्या को पाताल से भी वापस खींच ला सकती है.

Exam Tip: अतिशयोक्तिपूर्ण कथनों में, सबसे चरम और लाक्षणिक विकल्प का चयन करें.

 

Question 5. लक्ष्मीबाई क्या पढ़ती है?
(a) रामायण
(b) गीता
(c) गुरुचरित्र
(d) ज्ञानेश्वरी
Answer: (b) गीता
In simple words: लक्ष्मीबाई गीता पढ़ती हैं.

Exam Tip: पात्रों की व्यक्तिगत आदतों या विशेषताओं से संबंधित प्रत्यक्ष प्रश्नों में सही तथ्य को चुनें.

 

Question 6. जूही देश के लिए किसे ठुकरा सकती है?
(a) माता को
(b) पिता को
(c) सभी को
(d) सरदार को
Answer: (d) सरदार को
In simple words: जूही देश के लिए अपने सरदार को छोड़ सकती है.

Exam Tip: पात्रों की प्राथमिकताएं और त्याग दर्शाने वाले प्रश्नों में, कहानी में दिए गए विशिष्ट संबंध को चुनें.

 

Question 7. तोपें किसके उपलक्ष्य में चल रही थी?
(a) विजय के
(b) यज्ञ के
(c) ब्रह्मभोज के
(d) उत्सव के
Answer: (c) ब्रह्मभोज के
In simple words: तोपें ब्रह्मभोज के अवसर पर चल रही थीं.

Exam Tip: घटनाओं के पीछे के कारण या अवसर को सही ढंग से पहचानें.

 

Question 8. रानी लक्ष्मीबाई ने क्या प्रतिज्ञा की थी?
(a) युद्ध करने की
(b) झाँसी को फिर से जीत लेने की
(c) फिर से लड़ने की
(d) अंतिम सांस तक लड़ने की
Answer: (b) झाँसी को फिर से जीत लेने की
In simple words: रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी को दोबारा जीतने की शपथ ली थी.

Exam Tip: पात्रों की मुख्य प्रतिज्ञा या संकल्प को सटीक रूप से बताएं.

 

Question 9. जूही अच्छी ......... थी।
(a) गायिका
(b) नतंकी
(c) वारांगना
(d) विरहिणी
Answer: (b) नतंकी
In simple words: जूही एक अच्छी नर्तकी थी.

Exam Tip: पात्रों की मुख्य विशेषता या पेशे से संबंधित प्रत्यक्ष प्रश्नों में सही जानकारी चुनें.

 

विभाग 2 : व्याकरणलक्षी

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।
(i) प्रतिज्ञा
(ii) नाविक
(iii) सहसा
(iv) प्रलय
(v) देव
(vi) दुत्कार
(vii) लज्जा
(viii) नूपुर
(ix) अवरोध
(x) नेत्र
Answer:
(i) प्रतिज्ञा - प्रण
(ii) नाविक - मल्लाह
(iii) सहसा - अचानक
(iv) प्रलय - सर्वनाश
(v) देव - भाग्य
(vi) दुत्कार - तिरस्कार
(vii) लज्जा - शर्म
(viii) नूपुर - पायल
(ix) अवरोध - रुकावट
(x) नेत्र - नयन
In simple words: दिए गए शब्दों के पर्यायवाची क्रमशः प्रण, मल्लाह, अचानक, सर्वनाश, भाग्य, तिरस्कार, शर्म, पायल, रुकावट और नयन हैं.

Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के समान अर्थ वाले एक या अधिक शब्द दें.

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए।
(i) स्वतंत्र x .........
(ii) सेवक × .........
(iii) दुर्बल × .........
(iv) नाराज × .........
(v) गहरा × .........
(vi) कलंकित × .........
(vii) तीव्र × .........
Answer:
(i) स्वतंत्र x परतंत्र
(ii) सेवक × स्वामी
(iii) दुर्बल × सबल
(iv) नाराज × राजी
(v) गहरा × उथला
(vi) कलंकित × निष्कलंक
(vii) तीव्र × मंद
In simple words: दिए गए शब्दों के विपरीत शब्द क्रमशः परतंत्र, स्वामी, सबल, राजी, उथला, निष्कलंक और मंद हैं.

Exam Tip: विरोधी शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द का चयन करें.

 

निम्नलिखित शब्दों का संधि-विग्रह करके लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों का संधि-विग्रह करके लिखिए।
(i) स्वजन - ........
(ii) स्वराज्य - ........
(iii) स्वतंत्र - ........
(iv) वातावरण - ........
(v) हिमालय - ........
(vi) आशीर्वाद - ........
Answer:
(i) स्वजन = स्व + जन
(ii) स्वराज्य = स्व + राज्य
(iii) स्वतंत्र = स्व + तंत्र
(iv) वातावरण = वात + आवरण
(v) हिमालय = हिम + आलय
(vi) आशीर्वाद = आशीः + वाद
In simple words: इन शब्दों का संधि-विग्रह 'स्व+जन', 'स्व+राज्य', 'स्व+तंत्र', 'वात+आवरण', 'हिम+आलय' और 'आशीः+वाद' है.

Exam Tip: संधि-विग्रह करते समय, शब्दों को उनके मूल खंडों में तोड़ें और संधि के नियमों का पालन करें.

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :
1. कौन कहता है कि हम विलासिता में डूब गए हैं?
2. काश। हम उनकी मदहोशी दूर कर सकते तो बात ही क्या थी?
3. लेकिन आज हमें देशभक्तों की आवश्यकता है।
4. ब्राह्मणों के आशीर्वाद का स्वर और भी तेज़ हो जाएगा।
5. कलंकित पर चोर का सिर लज्जा से झुक गया।
Answer:
1. विलासिता
2. मदहोशी
3. आवश्यकता
4. आशीर्वाद
5. लज्जा
In simple words: हर वाक्य में उस शब्द को खोजें जो किसी भावना, विचार, गुण या स्थिति का नाम है, जिसे हम छू या देख नहीं सकते। यह शब्द ही भाववाचक संज्ञा कहलाता है।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञा अक्सर प्रत्यय (जैसे -ता, -त्व, -पन, -ई, -आव) के साथ आती हैं, जो आपको उन्हें पहचानने में मदद कर सकते हैं।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :
1. महासागर की डरावनी लहरें थपेड़े मारने लगती हैं।
2. हमारे पास शक्ति है, फिर भी हम दुर्बल हैं।
3. दोस्त की ठोकर अविश्वास की खाई को और भी चौड़ा कर देती है।
4. मेरा मन कहता है कि यह मेरे जीवन का अंतिम युद्ध है।
5. आपको हमें लज्जित करने का पूरा अधिकार है।
Answer:
1. डरावनी
2. दुर्बल
3. चौड़ा
4. अंतिम
5. लज्जित
In simple words: प्रत्येक वाक्य में उस शब्द को पहचानें जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, जैसे उसका रंग, रूप, आकार, संख्या या गुण। यह शब्द विशेषण होता है।

Exam Tip: विशेषण हमेशा किसी संज्ञा या सर्वनाम के पहले आता है या उसके बारे में जानकारी देता है। विशेषण संज्ञा को अधिक विशिष्ट बनाते हैं।

 

निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए :
1. वह बुद्धिमान स्त्री है।
2. सविता ने चंद्रिका को बुलायी।
3. आप यहाँ बैठो।
4. लताजी का आवाज़ मधुर है।
5. आज मौसम अच्छी है।
6. मैंने बस की टिकिट ली।
Answer:
1. वह बुद्धिमती स्त्री है।
2. सविता ने चंद्रिका को बुलाया।
3. आप यहाँ बैठिए।
4. लताजी की आवाज़ मधुर है।
5. आज मौसम अच्छा है।
6. मैंने बस का टिकट लिया।
In simple words: प्रत्येक वाक्य को ध्यान से पढ़ें और उसमें व्याकरण या शब्द-प्रयोग की गलतियों को ठीक करें। वाक्यों को सही और स्पष्ट बनाने का प्रयास करें।

Exam Tip: लिंग, वचन, कारक, क्रिया और विराम चिह्नों की गलतियों पर विशेष ध्यान दें ताकि वाक्य पूरी तरह से शुद्ध हो सकें।

 

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

 

Question 1. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) अड़ जाना – रुकावट बनना, किसी बात को मनवाने की जिद करना
(ii) थपेड़े मारना – लहरों का किनारे से टकराना, समस्याओं का तेजी से उभरना
(iii) हाथ से निकल जाना – अपने बस में न रहना
(iv) भूमि तैयार करना – आधार बनाना, भूमिका तैयार करना
(v) नींद हराम करना – गहरी चिंता में डालना
(vi) पाताल से खींच लाना – किसी इच्छित वस्तु को कहीं से भी ढूँढ़ लाना
(vii) आंखें खुलना – सत्य समझ में आना
(viii) मौत से जूझना – साहस से मौत का सामना करना
Answer:
(i) अड़ जाना: किसी बात पर हठपूर्वक रुक जाना, बाधा बनना।
वाक्य प्रयोग: मैंने अपने छोटे भाई को बहुत समझाने की कोशिश की, पर वह अपनी बात पर अड़ गया और नहीं माना।
(ii) थपेड़े मारना: लहरों का किनारे से टकराना, या समस्याओं का तेज़ी से सामने आना।
वाक्य प्रयोग: तेज़ हवा के कारण सागर की लहरें किनारे पर ज़ोर से थपेड़े मार रही थीं।
(iii) हाथ से निकल जाना: किसी वस्तु या अवसर का अपने नियंत्रण से बाहर हो जाना।
वाक्य प्रयोग: मेरी लापरवाही की वजह से एक बहुत अच्छा मौका मेरे हाथ से निकल गया।
(iv) भूमि तैयार करना: किसी कार्य के लिए आधार बनाना या उचित वातावरण बनाना।
वाक्य प्रयोग: दोनों पक्षों ने मिलकर सुलह की भूमि तैयार की ताकि शांति स्थापित हो सके।
(v) नींद हराम करना: बहुत गहरी चिंता में पड़ना, जिससे नींद न आए।
वाक्य प्रयोग: आतंकवादियों ने देश में आतंक फैलाकर सरकार की नींद हराम कर दी है।
(vi) पाताल से खींच लाना: किसी बहुत ही दुर्लभ या कठिनता से मिलने वाली वस्तु को कहीं से भी खोज लाना।
वाक्य प्रयोग: चौधरीजी चाहें तो ऐसी अद्भुत अंगूठी को पाताल से भी खोज ला सकते हैं।
(vii) आँखें खुलना: सच्चाई या वास्तविकता समझ में आना।
वाक्य प्रयोग: बिना कोई नुकसान हुए किसी की आँखें नहीं खुलती हैं, ठोकर लगने पर ही लोग सीखते हैं।
(viii) मौत से जूझना: साहस के साथ मृत्यु का सामना करना या कठिन परिस्थिति से लड़ना।
वाक्य प्रयोग: तूफानी सागर में वह कई देर तक मौत से संघर्ष करता रहा और अंत में सुरक्षित निकल आया।
In simple words: हर मुहावरे का सही अर्थ बताएं और फिर एक ऐसा वाक्य बनाएं जिसमें मुहावरे का उपयोग ऐसे हो कि उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।

Exam Tip: मुहावरे के प्रयोग से वाक्य की भाषा अधिक प्रभावशाली बनती है, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप मुहावरे का सटीक अर्थ जानते हों ताकि वाक्य में उसका सही उपयोग हो सके।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
1. दुर्बल
2. अनुशासन
3. प्रलय
4. उपलक्ष्य
5. सार्थक
6. विद्रोह
7. निराश
8. अविश्वास
9. अछूत
Answer:
1. दुर्बल – दुः (दुस) + बल
2. अनुशासन – अनु + शासन
3. प्रलय – प्र + लय
4. उपलक्ष्य – उप + लक्ष्य
5. सार्थक – स + अर्थक
6. विद्रोह – वि + द्रोह
7. निराश – निः (निस) + आश
8. अविश्वास – अ + विश्वास
9. अछूत – अ + छूत
In simple words: शब्द के शुरू में जुड़े हुए छोटे हिस्से को पहचानें जो शब्द का अर्थ बदल देते हैं। यही उपसर्ग होता है।

Exam Tip: उपसर्ग पहचानने के लिए मूल शब्द को अलग करने का प्रयास करें। जो हिस्सा बचता है, वह उपसर्ग होता है।

 

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :
1. कलंकित –
2. प्राप्ति –
3. क्षितिज –
4. नाविक –
5. रुकावट –
6. सच्चाई –
7. तूफानी –
8. सार्थकता –
9. वीरता –
10. अंतिम –
11. लज्जित –
12. प्रेमी –
13. सहयोगी –
14. विलासिता –
15. अंग्रेज़ी –
16. श्रेष्ठता –
17. औदार्य –
18. धैर्य –
19. स्थैर्य –
20. शौर्य –
21. सौंदर्य –
22. हीनता –
Answer:
1. कलंकित – कलंक + इत
2. प्राप्ति – प्राप्त + इ
3. क्षितिज – क्षिति + ज
4. नाविक – नाव + इक
5. रुकावट – रुक(ना) + वट
6. सच्चाई – सच्चा + ई
7. तूफानी – तूफ़ान + ई
8. सार्थकता – सार्थक + ता
9. वीरता – वीर + ता
10. अंतिम – अंत + इम
11. लज्जित – लज्जा + इत
12. प्रेमी – प्रेम + ई
13. सहयोगी – सहयोग + ई
14. विलासिता – बिलस + इत (इता)
15. अंग्रेज़ी – अंग्रेज़ + ई
16. श्रेष्ठता – श्रेष्ठ + ता
17. औदार्य – उदार + य
18. धैर्य – धीर + य
19. स्थैर्य – स्थिर + य
20. शौर्य – शूर + य
21. सौंदर्य – सुंदर + य
22. हीनता – हीन + ता
In simple words: मूल शब्द के आखिर में जुड़े हुए छोटे हिस्से को पहचानें, जो शब्द का अर्थ या व्याकरणिक रूप बदल देता है। यह अंत वाला हिस्सा ही प्रत्यय होता है।

Exam Tip: प्रत्यय को पहचानने के लिए, पहले शब्द से मूल शब्द को अलग करें। बचा हुआ हिस्सा जो अंत में आता है, वह प्रत्यय होता है।

 

स्वराज्य की नींव Summary In Gujarati

ગુજરાતી ભાવાર્થ લક્ષ્મીબાઈની નિરાશા : રાણી લક્ષ્મીબાઈ એ જોઈને નિરાશ થઈ ગઈ છે કે ઝાંસી, કાલપી અને ગ્વાલિયર સ્વતંત્રસેનાનીઓના હાથમાંથી જતાં રહ્યાં છે. ફક્ત ગ્વાલિયરનો કિલ્લો એમના અધિકારમાં રહ્યો છે. ઝાંસી પાછી મેળવવાનો નિશ્ચય: રાણી લક્ષ્મીબાઈ કોઈ પણ ભોગે અંગ્રેજોના હાથમાંથી ઝાંસી પાછી મેળવવાનો નિશ્ચય કરે છે.

રાણીની નિરાશાનાં કારણોઃ રાણીને એ વાતનું દુ:ખ છે કે તેમની સેનાના મોટા યોદ્ધાઓ રાવસાહેબ, બાંદાના નવાબ, રધુનાથરાવ વગેરે વિલાસમાં ડૂબેલા છે. તેમની પાસે શક્તિ છે, તોપણ તેઓ નિર્બળ છે. તાત્યા જેવો સેનાપતિ હોવા છતાં પણ સેનામાં શિસ્ત નથી. યુદ્ધની સઘન તૈયારી કરવાને બદલે બ્રહ્મભોજ કરવામાં આવી રહ્યો છે, તેને માટે શ્રીખંડ અને લાડુ તૈયાર કરાઈ રહ્યા છે. ગ્વાલિયર જેવો મજબૂત કિલ્લો તેમના હાથમાં છે, છતાં પણ તેઓ કશું કરી શક્યાં નથી.

જૂહી અને મુંદરઃ જૂહી અને મુંદર રાણી લક્ષ્મીબાઈની સખીઓ છે, જૂહી સેનાપતિ તાત્યાને અને સુંદર રઘુનાથરાવને ચાહે છે. જૂહી સારી નર્તકી છે પણ વિલાસીઓના મનોરંજન માટે નૃત્ય કરવા ઇચ્છતી નથી, સ્વરાજ્યને માટે તે પોતાના પ્રેમને પણ ઠોકર મારી શકે છે, મુંદર પણ યુદ્ધમાં રાણી લમીબાઈની સાથે જ રહેવા ઇચ્છે છે. તેને પણ પ્રેમ કરતાં સ્વરાજ્ય વધુ પ્રિય છે. યુદ્ધમાં જૂઠી તોપખાનાની જવાબદારી સ્વીકારે છે,

પેશવાની હારથી દુઃખ નહીં: રઘુનાથરાવ રાણીને મુરારમાં જનરલ રોઝની સેના દ્વારા પેશવાની ઘરના સમાચાર આપે છે. તે સાંભળીને રાણી કહે છે, “એ સારું જ થયું, હવે પેશવાની આંખો ઊપડશે."

યુદ્ધને માટે તૈયાર થવાનો આદેશ : રાણી સેનાપતિ તાત્યાને યુદ્ધ માટે તૈયાર થવાનો આદેશ આપે છે. તેઓ કહે છે, “જાઓ તલવાર સંભાળો. ઝાંઝરના ક્ષકારની જગ્યાએ તોપોનું ગર્જન થવા દો." રાણીની ચિંતા રાણીને લાગે છે કે આ તેમના જીવનનું છેલ્લું યુદ્ધ છે. તેમને કેવળ એ વાતની ચિંતા છે કે યુદ્ધમાં ક્યાંય એમની વીરતા કલંકિત ન થઈ જાય.

બાબા ગંગાદાસની વાણી : બાબા ગંગાદાસે રાણી લક્ષ્મીબાઈને કહ્યું હતું કે ફક્ત સેવા, તપસ્યા અને બલિદાનથી સ્વરાજ્ય મળી શકે છે, સ્વરાજ્યપ્રાપ્તિ કરતાં વધારે મહત્ત્વ સ્વરાજ્યની સ્થાપના માટે ભૂમિ તૈયાર કરવાનું અને સ્વરાજ્યના પાયાનો પથ્થર બનવાનું છે. લક્ષ્મીબાઈ, જૂહી, મુંદર વગેરે સ્વરાજ્યના પાયાના પથ્થરો બનવા ઇચ્છતાં હતાં.

 

स्वराज्य की नींव Summary In English

Disappointment of Laxmibai : The queen Laxmibai was disappointed when she saw that Zansi, Kalapt and Gwalior have been lost from the hands of Freedom fighters. Only the Fort of Gwalior has been in their authority.

Determination to get Zansi back: The queen Laxmibai determined to get Zansi back at any cost from the Britishers.

The reasons of the queen's disappointment: The queen is sad because the great warriors of her army like Raosaheb, the navab of Banda, Raghunathrao, etc. have been living luxurious life. Though they have strength, they are weak.

Tatya is a captain but there is no disciple in his army. Instead of preparing for the battle, they are engrossed in Brahmbhojan. Shrikhand and laddus are being prepared. The strong fort of Gwalior is in their hands, but they can't do anything.

Juhi and Mundar: Juhi and Mundar are Laxmibai's friends. Juhi loves the captain Tatya and Mundar loves Raghunathrao. Juhi is a good dancer but she does not like to dance to entertain the sensual. Mundar also wants to live with the queen Laxmibai in battle. She likes freedom rather than love. Juhi takes responsibility of the artillery in the battle.

No unhappiness by the defeat of Peshava : Raghunathrao gives news of Peshava's defeat by the army of general Rose to the queen. Hearing the news the queen says. "It is good. Now Peshava's eyes will open.”

Command to be ready for the battle : The queen commands to the captain Tatya to be ready for the battle. They say. “Go and take swords. Let the cannons roar in the place of Jingling anklets.”

The queen's worry : The queen feels that it is the last battle of her life. She worries that their bravery may not be stigmatized in the battle.

The speech of Baba Gangadas: Baba Gangadas had once told the queen Laxmibai that freedom could be gained only by service, salvation and sacrifice. It was more important to prepare background for the freedom and be the pioneer stone of the freedom than to get freedom.

 

स्वराज्य की नींव Summary In Hindi

विषय-प्रवेश :

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई हमारे देश के इतिहास का एक अमरपात्र है। उनका नाम आते ही हम श्रद्धा से नतमस्तक हो जाते है। प्रस्तुत एकांकी में लक्ष्मीबाई के साथ उनकी अन्य वीरांगनाओं के चरित्र की झलक भी देखने को मिलती है। लेखक का उद्देश्य स्वराज्य की नींव रखने में स्त्रियों की भूमिका को दिखाना है। सचमुच, इस एकांकी के पात्र स्वराज्य की नींव के पत्थर है। भारतवासियों में स्वराज्य के प्रति चेतना जगाने में उनके योगदान को हम भूल नहीं सकते।

पाठ का सार :

लक्ष्मीबाई की निराशा : रानी लक्ष्मीबाई यह देखकर निराश हैं कि झांसी, कालपी और ग्वालियर स्वतंत्रता सेनानियों के हाथ से निकल गए हैं, केवल ग्वालियर का किला उनके अधिकार में रहा है।

झाँसी लेने का निश्चय : रानी लक्ष्मीबाई किसी भी कीमत पर झाँसी अंग्रेज़ों के हाथ से वापस लेने का निश्चय करती हैं।

रानी की निराशा के कारण : रानी को दुःख इस बात का है कि उनकी सेना के बड़े योद्धा राव साहब, बौदा के नवाब, रघुनाथराव आदि विलास में डूबे हुए हैं। उनके पास शक्ति है, फिर भी वे दुर्बल हैं। तात्या जैसा सेनापति होते हुए भी सेना में अनुशासन नहीं है। युद्ध की ठोस तैयारी न कर वे ब्रह्मभोज में लगे हुए हैं। उसके लिए श्रीखंड और लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। ग्वालियर जैसा दृढ़ किला उनके हाथ में है, फिर भी वे कुछ नहीं कर रहे हैं।

जूही और मुंदर : जूही और मुंदर रानी लक्ष्मीबाई की सखियाँ हैं। जूही सेनापति तात्या को चाहती है और मुंदर रघुनाथराव को। जूही अच्छी नर्तकी है, पर वह विलासियों के मनोरंजन के लिए नाचना नहीं चाहती। स्वराज्य के लिए वह अपने प्रेम को भी ठोकर मार सकती है। मुंदर भी युद्ध में रानी लक्ष्मीबाई के साथ ही रहना चाहती है। उसे भी प्रेम से अधिक स्वराज्य प्यारा है। युद्ध में जूही तोपखाना संभालने की जिम्मेदारी लेती है।

पेशवा की हार पर दुःख नहीं : रघुनाथराव रानी को मुरार में जनरल रोज की सेना द्वारा पेशवा की हार का समाचार देता है। सुनकर रानी कहती है, "यह अच्छा ही हुआ। अब पेशवा की आँखें खुलेंगी।"

युद्ध के लिए तैयार होने का आदेश : रानी सेनापति तात्या को युद्ध के लिए तैयार होने का आदेश देती है। वह कहती है, "जाओ, तलवार संभालो। नूपुरों की झंकार के स्थान पर तोपों का गर्जन होने दो।”

रानी को चिंता : रानी को लगता है कि यह उसके जीवन का अंतिम युद्ध है। उसे केवल इसी बात की चिंता है कि युद्ध में उनकी वीरता कलंकित न हो जाए।

बाबा गंगादास की वाणी : बाबा गंगादास ने लक्ष्मीबाई से कहा था कि केवल सेवा, तपस्या और बलिदान से ही स्वराज्य मिल सकता है। स्वराज्य-प्राप्ति से भी अधिक महत्त्वपूर्ण है- स्वराज्य की स्थापना के लिए भूमि तैयार करना और स्वराज्य की नींव का पत्थर बनना। लक्ष्मीबाई, जूही, मुंदर आदि स्वराज्य की नींव के पत्थर ही बनना चाहती थीं।

 

स्वराज्य की नींव शब्दार्थ :

  • 1. मंजिल – लक्ष्य।
  • 2. जूझना – संघर्ष करना, लड़ना।
  • 3. नाविक – मांझी, मल्लाह।
  • 4. क्षितिज – वह स्थान जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए-से दिखाई देते हैं।
  • 5. लपट – ज्वाला।
  • 6. प्रलय – सृष्टि का विनाश, सर्वनाश।
  • 7. ऐशो-आराम – भोग-विलास।
  • 8. सहसा – अचानक।
  • 9. तीब्र – तेज।
  • 10. देव – ईश्वर, भाग्य।
  • 11. पक्ष लेना – तरफदारी करना।
  • 12. तथ्य – सच्चाई, सत्य।
  • 13. दुत्कारना – तिरस्कार करना, धिक्कारना।
  • 14. मदहोशी – नशे में होना।
  • 15. कचोटना – कष्ट देना।
  • 16. खाई – किले की रक्षा के लिए उसके चारों ओर खोदकर बनाई गई नहर।
  • 17. लज्जा – शर्म।
  • 18. उपलक्ष्य – निमित्त, उद्देश्य।
  • 19. नूपुर – पायल।
  • 20. राग-रंग – भोग-विलास।
  • 21. रणभूमि – युद्ध का मैदान।
  • 22. कलंकित – बदनाम।
  • 23. कलंक – बदनामी।
  • 24. पृष्ठभूमि – पीछे का भाग, भूमिका।

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GSEB Solutions Class 9 Hindi Chapter 05 स्वराज्य की नींव

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Detailed Explanations for Chapter 05 स्वराज्य की नींव

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 9 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 9 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these GSEB Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 9 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 9 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 05 स्वराज्य की नींव to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest GSEB curriculum.

Are the Hindi GSEB solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 5 स्वराज्य की नींव in printable PDF format for offline study on any device.