NCERT Solutions for Class 12 Hindi: गद्य समीक्षा
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Practice Class 12 Hindi Solutions: गद्य समीक्षा
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GSEB Std 12 Hindi Rachana गद्य-समीक्षा
निम्नलिखित प्रत्येक गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
1. उन्नति के पथ पर चलनेवाला छात्र प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व ही उठ बैठता है। नित्यकर्म से निवृत्त होकर वह स्नान करता है। तत्पश्चात् भगवान से प्रार्थना करता है कि वह सदा उसका पथ-प्रदर्शक रहे। पूजन के बाद व्यायाम करना उत्तम छात्र के लिए आवश्यक है। उसके बिना शरीर सबल, सुन्दर और सुगठित नहीं हो सकता। जिस मन्दिर में सुन्दरता न हो, उसमें बैठनेवाली मूर्ति कभी सुन्दर नहीं हो सकती।
व्यायाम के बाद थोड़ा जलपान करना अत्यंत हितकर होता है। उसके बाद दैनिक समाचारपत्र भी देखना चाहिए, ताकि संसार, देश, नगर तथा पड़ोसी की गतिविधि का परिचय हो जाए। इसका ज्ञान न होने से कभी-कभी बड़ी हानि होती है। समाचार-पठन के पश्चात् विद्यार्थी अपना पाठ्यविषयक अध्ययन करता है। वह उस पर विचार तथा नवीन अभ्यास का प्रयत्न करता है।
Question 1. उत्तम छात्र प्रात:काल में कब उठता है? स्नान के बाद वह भगवान की प्रार्थना क्यों करता है?
Answer: एक अच्छा छात्र सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाता है। स्नान करने के बाद, वह ईश्वर से प्रार्थना करता है ताकि भगवान हमेशा उसके लिए मार्गदर्शक बने रहें। यह उसे सही रास्ते पर चलने में मदद करता है।
In simple words: एक अच्छा छात्र सुबह जल्दी उठता है। नहाने के बाद वह भगवान से प्रार्थना करता है ताकि वे हमेशा उसका मार्गदर्शन करें।
Exam Tip: जब कोई प्रश्न दो भागों में हो, तो दोनों भागों का उत्तर स्पष्ट रूप से दें, पहले "कब" और फिर "क्यों"।
Question 2. छात्र के लिए व्यायाम क्यों आवश्यक माना गया है?
Answer: व्यायाम करना छात्र के लिए बहुत आवश्यक माना गया है क्योंकि इससे शरीर मजबूत, सुंदर और सुगठित बनता है। इसके बिना, शरीर स्वस्थ और आकर्षक नहीं रह सकता।
In simple words: व्यायाम छात्र के लिए जरूरी है क्योंकि यह शरीर को ताकतवर और सुंदर बनाता है।
Exam Tip: व्यायाम के महत्व को बताते समय, उसके शारीरिक लाभों पर जोर दें।
Question 3. समाचार-पठन के पश्चात् छात्र को क्या करना चाहिए?
Answer: समाचार-पठन के बाद छात्र को अपने पढ़ाई के विषयों का अध्ययन करना चाहिए। उसे उन पर सोचना चाहिए और नए अभ्यास करने की कोशिश करनी चाहिए।
In simple words: समाचार पढ़ने के बाद, छात्र को अपनी पढ़ाई करनी चाहिए और उन पर विचार करके नए अभ्यास करने चाहिए।
Exam Tip: पढ़ने के बाद अगले चरण के रूप में दिए गए निर्देशों को ध्यान से लिखें।
Question 4. छात्र के लिए दैनिक समाचारपत्र पढ़ना क्यों अनिवार्य है?
Answer: छात्र के लिए रोज अखबार पढ़ना जरूरी है क्योंकि इससे उसे दुनिया, देश, शहर और पड़ोस की गतिविधियों की जानकारी मिलती है। इस ज्ञान की कमी से कभी-कभी बड़ी परेशानियाँ हो सकती हैं।
In simple words: अखबार पढ़ना जरूरी है ताकि छात्र को दुनिया की खबरें मिलें और वह जागरूक रहे।
Exam Tip: समाचारपत्र पढ़ने की आवश्यकता बताते समय, जानकारी और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "उत्तम छात्र की प्रात:कालीन चर्या" अथवा "आदर्श विद्यार्थी" हो सकता है। यह एक अच्छे विद्यार्थी की सुबह की दिनचर्या और आदतों को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "एक अच्छे छात्र की सुबह" या "आदर्श विद्यार्थी" है।
Exam Tip: शीर्षक हमेशा पूरे परिच्छेद के मुख्य विचार को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करना चाहिए।
2. मनुष्य तो मनुष्य ही है। पशु-पक्षी भी जहाँ जन्म लेते हैं, अपने उस देश को प्रेम करते हैं। जंगल में पैदा हुए किसी जानवर को आप पिंजड़े में बंद कर सकते हैं, उसे लाख आराम पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, पर वह सुखी नहीं हो सकता। उसे तो अपने जंगल का देश ही प्यारा लगता है। उसी तरह मुक्त आकाश में उड़नेवाले पक्षी को पिंजड़े में बंद करके सब तरह का सुख पहुंचाना चाहें तो भी वह कदापि सुखी नहीं हो सकता। उसका देश खुला आकाश, पेड़ों की शाखाएं हैं और घोंसला है। वहाँ वह धूप, वर्षा और ठंड के सहकर भी सुखी रह सकता है।
Question 1. पशु-पक्षी किस स्थान से प्रेम करते हैं?
Answer: पशु-पक्षी अपनी जन्मभूमि से बहुत प्रेम करते हैं। वे उस जगह को पसंद करते हैं जहाँ उनका जन्म हुआ है।
In simple words: पशु-पक्षी उस जगह को प्यार करते हैं जहाँ वे पैदा हुए हैं।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सीधे परिच्छेद से संबंधित जानकारी का उपयोग करके उत्तर दें।
Question 2. पिंजड़े में बंद जंगली जानवर सुखी क्यों नहीं हो सकता?
Answer: पिंजड़े में बंद जंगली जानवर खुश नहीं हो सकता क्योंकि वह अपने देश को, अपनी जन्मभूमि को बहुत प्यार करता है। इसलिए, अपनी जन्मभूमि जंगल से दूर रहकर पिंजड़े में बंद जंगली जानवर कभी खुश नहीं हो सकता।
In simple words: पिंजड़े में बंद जानवर खुश नहीं हो सकता क्योंकि वह अपनी जन्मभूमि से दूर होता है और उसे स्वतंत्रता पसंद है।
Exam Tip: स्वाभाविकता और स्वतंत्रता के महत्व को स्पष्ट करें।
Question 3. पक्षी का देश कौन-सा है?
Answer: पक्षी का देश खुला आसमान, पेड़ों की शाखाएं और घोंसला है। ये वो जगहें हैं जहाँ वे स्वाभाविक रूप से रहते हैं और खुश रहते हैं।
In simple words: पक्षी के लिए उसका देश खुला आसमान, पेड़ और घोंसला हैं।
Exam Tip: पक्षियों के प्राकृतिक निवास स्थान का सटीक वर्णन करें।
Question 4. इस परिच्छेद से हमें क्या सीख मिलती है?
Answer: इस पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी जन्मभूमि के प्रति सच्चा प्रेम रखना चाहिए। जीवन का असली आनंद हमेशा आजादी में ही मिलता है।
In simple words: इस पाठ से हमें अपनी जन्मभूमि से प्यार करना और स्वतंत्रता का महत्व सीखना चाहिए।
Exam Tip: सीख वाले प्रश्नों में, मुख्य संदेश को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में व्यक्त करें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "स्वदेशप्रेम अथवा जन्मभूमि और स्वतंत्रता" हो सकता है। यह पाठ मातृभूमि के प्यार और आजादी के महत्व को उजागर करता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "अपने देश का प्यार" या "आजादी और घर" है।
Exam Tip: शीर्षक को परिच्छेद के केंद्रीय विषय को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
3. स्त्रियों की शिक्षा का स्वरूप पुरुषों की शिक्षा के स्वरूप से अलग रहना चाहिए। कताई, बुनाई, सिलाई, कटाई आदि की शिक्षा तो उन्हें दी ही जाए, किंतु इसी के साथ उन्हें कुटीर उद्योगों में भी निपुण बनाया जाना चाहिए, जिससे कि बुरा समय आने पर वे किसी की मोहताज न रहें। स्त्रियों को शिक्षित करने से हमारा घर स्वर्ग बन सकता है। नासमझ और फूहड़ औरतों से परिवार के परिवार तबाह हो जाते हैं। जिस घर की स्त्रियाँ सुशिक्षित और सुसंस्कृत होती हैं, वे घर जिंदा विश्वविद्यालय होते हैं। शिक्षा का अर्थ किताबी ज्ञान ही नहीं है और न ही अक्षरज्ञान है, वह तो जीने की कला है।
Question 1. स्त्रियों को किस प्रकार की शिक्षा देनी चाहिए?
Answer: स्त्रियों को पुरुषों से अलग तरह की शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्हें कताई, बुनाई, सिलाई, कटाई जैसी चीजें सिखाई जानी चाहिए, और साथ ही उन्हें छोटे उद्योगों में भी कुशल बनाया जाना चाहिए।
In simple words: स्त्रियों को कताई, बुनाई और सिलाई जैसे काम और कुटीर उद्योग सिखाने चाहिए।
Exam Tip: स्त्रियों की शिक्षा के विशिष्ट पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हैं।
Question 2. हमारा घर स्वर्ग कब बन सकता है?
Answer: हमारा घर स्वर्ग तब बन सकता है जब स्त्रियों को अच्छी शिक्षा दी जाए। शिक्षित और सुसंस्कृत स्त्रियाँ घर को एक जीवंत विश्वविद्यालय बनाती हैं।
In simple words: जब स्त्रियों को अच्छी शिक्षा मिलती है, तब हमारा घर स्वर्ग जैसा बन सकता है।
Exam Tip: घर को स्वर्ग बनाने में स्त्री शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करें।
Question 3. शिक्षा का अर्थ क्या है?
Answer: शिक्षा का सही मतलब केवल किताबों का ज्ञान या पढ़ना-लिखना नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है। यह हमें जीवन में सुंदरता से आगे बढ़ने में मदद करती है।
In simple words: शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।
Exam Tip: शिक्षा की व्यापक परिभाषा को बताएं, जिसमें व्यावहारिक कौशल भी शामिल हों।
Question 4. बुरे समय में स्त्रियाँ स्वावलम्बी कैसे रह सकती हैं?
Answer: स्त्रियाँ कताई, बुनाई, सिलाई जैसे काम सीखकर और छोटे उद्योगों में कुशल बनकर बुरे समय में आत्मनिर्भर रह सकती हैं। इससे वे किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी।
In simple words: स्त्रियाँ सिलाई जैसे काम सीखकर और छोटे व्यवसाय करके मुश्किल समय में आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
Exam Tip: आत्मनिर्भरता के लिए व्यावहारिक कौशल के महत्व पर जोर दें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "स्त्री-शिक्षा का महत्त्व" अथवा "शिक्षा और स्त्रियाँ" हो सकता है। यह स्त्रियों की शिक्षा के महत्व और उसके प्रभाव को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "स्त्री-शिक्षा का महत्व" या "शिक्षा और महिलाएं" है।
Exam Tip: शीर्षक को विषय के सबसे महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करना चाहिए।
4. जीवन एक अनमोल निधि है। यदि आप किसी कारणवश उसका समुचित लाभ अथवा आनंद नहीं उठा पाते, तो आपका पहला कर्तव्य है कि आप अपनी वर्तमान परिस्थिति का अच्छी तरह विश्लेषण करें। आपकी समस्या क्या है, इसे भली-भांति समझें और अपनी मुश्किलों को दूर करने का उपाय सोचें। इसके विपरीत यदि आप परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी होने देते हैं, और अपने वास्तविक एवं कल्पित कष्टों से मन को दुःखी बनाए रहते हैं, तो आप अपने जीवन का रस नहीं ले सकते।
बहुत संभव है, आपका कष्ट आर्थिक हो। परिवार के कई लोगों के भरणपोषण के लिए आपको अप्रिय अथवा अरुचिकर कार्य भी करने पड़ते हों, आपको काफी वेतन न मिलता हो अथवा किसी गंभीर कष्ट से आप दबे हों, लेकिन घबराने से क्या इन सबका निराकरण हो जाएगा? अतः समस्या से डरिए मत, उसकी शिकायत मत कीजिए, बल्कि जूझने के लिए तैयार हो जाइए।
Question 1. हम जीवन को रसमय कैसे बना सकते हैं?
Answer: हम अपनी परिस्थितियों का सामना करके और अपने असली और काल्पनिक दुखों से मन को परेशान न होने देकर जीवन को रसमय बना सकते हैं। इससे हम जीवन का पूरा आनंद ले सकते हैं।
In simple words: हम अपनी समस्याओं का सामना करके और दुखों से दूर रहकर जीवन को आनंदमय बना सकते हैं।
Exam Tip: जीवन को रसमय बनाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और समस्याओं का सामना करने की क्षमता पर जोर दें।
Question 2. जीवन का सच्चा आनंद कैसे लिया जा सकता है?
Answer: अपनी स्थिति और वर्तमान समस्या को अच्छी तरह समझकर, मुश्किलों को दूर करने का तरीका सोचने और उसे करने पर जीवन का सच्चा आनंद प्राप्त किया जा सकता है। यह हमें खुशी देता है।
In simple words: अपनी समस्याओं को समझकर और उन्हें हल करने की कोशिश करके हम जीवन का असली आनंद ले सकते हैं।
Exam Tip: सच्चे आनंद के लिए समस्याओं को समझना और समाधान खोजना महत्वपूर्ण है।
Question 3. मनुष्य अरुचिकर कार्य करने के लिए कब तैयार होता हैं?
Answer: मनुष्य अप्रिय कार्य करने के लिए तब तैयार होता है जब उसे बड़े परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी बहुत परेशान कर रही हो, उसे पर्याप्त वेतन न मिल रहा हो, या वह किसी गंभीर संकट में फंसा हो।
In simple words: जब किसी व्यक्ति पर परिवार की जिम्मेदारी, कम वेतन या कोई बड़ी मुसीबत होती है, तो वह नापसंद काम करने को तैयार हो जाता है।
Exam Tip: उन परिस्थितियों को स्पष्ट करें जो व्यक्ति को अरुचिकर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
Question 4. जीवन की समस्याओं का निराकरण किस प्रकार हो सकता है?
Answer: जीवन की समस्याओं का समाधान शिकायत करने या डरने से नहीं होता। परिस्थितियों का निडरता से सामना करने से ही जीवन की समस्याओं का हल होता है।
In simple words: जीवन की समस्याओं को शिकायत या डर से नहीं, बल्कि उनका सामना करके हल किया जा सकता है।
Exam Tip: समस्याओं के समाधान में सक्रियता और साहस की भूमिका पर बल दें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "जीवन-संग्राम" अथवा "जीवन की समस्या" अथवा "जीवन जीने की कला" हो सकता है। यह जीवन की चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीके को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "जीवन की लड़ाई" या "जीवन जीने का तरीका" है।
Exam Tip: शीर्षक को जीवन के संघर्ष और उसके समाधान के मुख्य विषय को दर्शाना चाहिए।
5. मानव के व्यक्तित्व का निर्माण करनेवाले विभिन्न तत्वों में चरित्र का सबसे अधिक महत्त्व है। चरित्र एक ऐसी शक्ति है जो मानवजीवन को सफल बनाती है। चरित्र की शक्ति ही आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता उत्पन्न करती है। चरित्र मनुष्य के क्रिया-कलाप और आचरण के समूह का नाम है। चरित्ररूपी शक्ति के सामने पाशविक शक्ति भी नष्ट हो जाती है। चरित्र की शक्ति विद्या, बुद्धि और संपत्ति से भी महान होती है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि कई चक्रवर्ती सम्राट धन, पद, वस्तु और विद्या के स्वामी थे, परंतु चरित्र के अभाव में अस्तित्वविहीन हो गए।
Question 1. चरित्र किसे कहते हैं?
Answer: मनुष्य के व्यवहार और आचरण को 'चरित्र' कहते हैं, यानी यह मनुष्य के अच्छे गुणों का समूह है। यह हमारी पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: चरित्र मनुष्य के अच्छे स्वभाव और व्यवहार को कहते हैं।
Exam Tip: चरित्र की परिभाषा देते समय, उसके नैतिक और व्यवहारिक पहलुओं को शामिल करें।
Question 2. चरित्र का क्या महत्त्व है?
Answer: चरित्र का बहुत महत्व है क्योंकि यह व्यक्तित्व का निर्माण करने वाला एक ऐसा तत्व है जो मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। यह हमें सही मार्ग पर चलने में मदद करता है।
In simple words: चरित्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें जीवन में सफल होने में मदद करता है।
Exam Tip: चरित्र के महत्व को बताते समय, सफलता और व्यक्तिगत विकास से उसके संबंध को उजागर करें।
Question 3. मानवजीवन पर चरित्र का क्या असर पड़ता है?
Answer: चरित्र से ही आत्मविश्वास जागृत होता है और आत्मनिर्भरता उत्पन्न होती है। इस तरह, चरित्र का मानवजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे व्यक्ति मजबूत और स्वतंत्र महसूस करता है।
In simple words: चरित्र से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आती है, जिससे मानवजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
Exam Tip: चरित्र के सकारात्मक प्रभावों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, जैसे आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता।
Question 4. इतिहास किस बात का साक्षी है?
Answer: इतिहास इस बात का प्रमाण है कि कई बड़े सम्राटों के पास बहुत धन, पद, ज्ञान और ऐश्वर्य था, लेकिन उनमें चरित्र नहीं था। इसलिए, उनका अस्तित्व मिट गया।
In simple words: इतिहास बताता है कि बिना चरित्र के बड़े-बड़े राजा भी नष्ट हो गए, चाहे उनके पास कितना भी धन और शक्ति क्यों न हो।
Exam Tip: ऐतिहासिक उदाहरणों का उपयोग करके चरित्र के महत्व को पुष्ट करें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "चरित्र का महत्त्व" अथवा "चरित्र ही जीवन का आधार" हो सकता है। यह मानवजीवन में चरित्र के केंद्रीय स्थान को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "चरित्र का महत्व" या "चरित्र जीवन का आधार" है।
Exam Tip: शीर्षक को चरित्र के महत्व को संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।
6. हमारे पूर्वजों ने स्त्री का बड़ा महत्त्व माना है। उन्होंने स्त्री को धार्मिक कार्यों में अग्रस्थान दिया है और उसकी बड़ी प्रशंसा की है। वे मानते थे कि जिस घर में विदुषी नारी होती है, वहाँ के नरनारी सद्गुणों से विभूषित हो जाते हैं। इसीलिए तो मनु ने कहा है कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” अर्थात् जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं।
स्त्री तो घर की रानी है। उसका प्रभाव बच्चों पर सबसे ज्यादा होता है। । बचपन में संस्कार पड़ते हैं, वे हमेशा के लिए रहते हैं। इस प्रकार स्त्री के कारण ही मानवसमाज ने उन्नति की है। स्त्री ही दुनिया में बड़े-बड़े महापुरुष पैदा करती है। मानवसमाज की उन्नति में उसका जितना हाथ है उतना किसी और का नहीं है। उसकी प्रेरणा से संसार में मनुष्य-रत्न पैदा होते हैं और मानवसमाज को उन्नति के पथ पर ले जाते हैं।
Question 1. हमारे पूर्वजों ने स्त्री को क्या महत्त्व दिया है?
Answer: हमारे पूर्वजों ने स्त्री को बहुत महत्वपूर्ण माना है। उन्होंने उसे धार्मिक और अन्य कार्यों में पहला स्थान दिया है और उसकी बहुत प्रशंसा की है।
In simple words: हमारे पूर्वजों ने स्त्री को बहुत महत्व दिया और उसे धार्मिक कामों में आगे रखा।
Exam Tip: पूर्वजों द्वारा स्त्री को दिए गए सम्मान और स्थान को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. मनु ने नारी की महत्ता को किस ऊंचाई तक पहुंचाया है?
Answer: मनु ने नारी के महत्व को ईश्वर के बराबर बताया है। उन्होंने कहा है कि जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं।
In simple words: मनु ने कहा है कि जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता रहते हैं, जिससे उनकी महत्ता ईश्वर के बराबर हो जाती है।
Exam Tip: मनु के कथन को उद्धृत करते हुए नारी के महत्व को दर्शाएं।
Question 3. बालकों के जीवन-निर्माण में स्त्री का क्या योगदान होता है?
Answer: स्त्री घर की रानी है और उसका प्रभाव बच्चों पर सबसे अधिक पड़ता है। इसलिए, बालकों के जीवन के विकास में स्त्री का योगदान बहुत महत्वपूर्ण होता है। बचपन में पड़े संस्कार हमेशा रहते हैं।
In simple words: स्त्री का बच्चों के जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है क्योंकि वह घर की रानी होती है और बचपन के संस्कार डालती है।
Exam Tip: बालकों के जीवन में स्त्री के महत्वपूर्ण और स्थायी प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 4. मानवसमाज को उन्नति के पथ पर कौन ले जाता है?
Answer: संसार में उत्पन्न होने वाले महान पुरुष मानवसमाज को उन्नति के रास्ते पर ले जाते हैं। इन महान पुरुषों को पैदा करने में स्त्री का सबसे बड़ा योगदान होता है।
In simple words: महान लोग मानव समाज को आगे बढ़ाते हैं, और इन महान लोगों को पैदा करने में स्त्रियाँ मदद करती हैं।
Exam Tip: मानव समाज की प्रगति में स्त्री की अप्रत्यक्ष लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट करें।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "नारी की महत्ता" अथवा "स्त्रियों का समाज में योगदान" हो सकता है। यह स्त्री के महत्व और समाज में उसके प्रभाव को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "नारी का महत्व" या "समाज में महिलाओं की भूमिका" है।
Exam Tip: शीर्षक को परिच्छेद के मुख्य विषय, यानी नारी के महत्व, पर केंद्रित होना चाहिए।
7. तुलसीदासजी ने उचित ही लिखा है- "का वर्षा जब कृषि सुखाने, समय चूकि पुनि का पछताने”। अवसर को खोकर पश्चात्ताप करना मूर्खता ही है। समय बलवान है और समय ही स्वर्णिम है। जिन्होंने समय को पहचानकर इसका सदुपयोग किया है, वे विश्व में महान हो गए। बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता, जीवन का हर क्षण मूल्यवान है, इसकी पहचान और सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है।
ज्ञान का अमित विस्तार है और जीवन के क्षण कुछमात्र हैं, इन दुर्लभ क्षणों को सही समय पर सही काम में लगाना बड़ी उपलब्धि है। वस्तुतः यह सोचना कि हम समय को नष्ट कर रहे हैं, एक बड़ी भूल है। सच तो यह है कि समय ही हमें नष्ट कर रहा है। काल द्वारा सबको कसा – जाता है, लेकिन उन महात्माओं को नहीं, जो इसका सदुपयोग करते हैं। गांधी, ईसा, न्यूटन, विवेकानंद आदि महान व्यक्तियों के उदाहरण हमारे सामने हैं।
Question 1. समय को समझने के बारे में हमारी क्या भूल है?
Answer: समय को समझने के बारे में हमारी गलती यह सोचना है कि हम समय को बर्बाद कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि समय ही हमें बर्बाद कर रहा है, अगर हम इसका सही उपयोग न करें।
In simple words: हमारी गलती यह सोचना है कि हम समय बर्बाद कर रहे हैं, जबकि असल में समय हमें बर्बाद कर रहा है।
Exam Tip: समय की प्रकृति और हमारी गलत धारणा के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
Question 2. तुलसीदासजी ने समय के बारे में क्या लिखा है?
Answer: तुलसीदासजी ने समय के बारे में लिखा है कि जिस तरह खेती सूख जाने के बाद बारिश का होना बेकार है, उसी तरह अवसर खोकर पछताना मूर्खता है। यह दर्शाता है कि समय का सही उपयोग कितना जरूरी है।
In simple words: तुलसीदासजी ने लिखा है कि जैसे फसल सूखने के बाद बारिश व्यर्थ है, वैसे ही मौका गंवाने के बाद पछताना मूर्खता है।
Exam Tip: तुलसीदासजी के कथन को सीधे उद्धृत करें और उसके अर्थ को समझाएं।
Question 3. जीवन में सफलता की कुंजी क्या है?
Answer: जीवन में सफलता की कुंजी समय की सही पहचान और उसका सही उपयोग करना है। जो लोग समय का सदुपयोग करते हैं, वे ही जीवन में सफल होते हैं।
In simple words: समय को सही तरीके से समझना और उसका इस्तेमाल करना ही जीवन में सफल होने का राज है।
Exam Tip: सफलता के लिए समय प्रबंधन के महत्व पर जोर दें।
Question 4. जीवन में हमें किस मूर्खता से बचना चाहिए?
Answer: जीवन में हमें समय को खोने के बाद उस पर पछतावा करने की मूर्खता से बचना चाहिए। हमें हर पल का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
In simple words: हमें समय गंवाने के बाद पछताने की मूर्खता से बचना चाहिए।
Exam Tip: समय गंवाने के नकारात्मक परिणाम और समय का मूल्य बताएं।
Question 5. इस परिच्छेद के लिए एक उचित शीर्षक दीजिए।
Answer: इस परिच्छेद के लिए उचित शीर्षक "समय का सदुपयोग" अथवा "जीवन का क्षण-क्षण अनमोल" हो सकता है। यह समय के महत्व और उसके सही उपयोग को दर्शाता है।
In simple words: इस पाठ का अच्छा शीर्षक "समय का सही उपयोग" या "जीवन का हर पल अनमोल" है।
Exam Tip: शीर्षक को समय के महत्व और उसके प्रभावी उपयोग के केंद्रीय विचार को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
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