GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण

Official GSEB Solutions for Class 10 Social Science: Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण

Review structured textbook solutions for Class 10 Social Science Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण. Built according to GSEB guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Chapter-wise Solutions for Social Science: Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण

View or download the dedicated Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Social Science.

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:

 

Question 1. हमें हमारी विरासत का जतन और संरक्षण हेतु हमारी भूमिका बताइए ।
Answer: भारत की महान ऐतिहासिक विरासत की सुरक्षा के लिए राज्य सरकारें, यूनेस्को और गैर-सरकारी संगठन अपनी भूमिका ठीक से निभा रहे हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हम सभी की है।

  • स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों को कक्षा में हमारी भव्य विरासत का परिचय देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को भी, बिना जाने ही, स्मारकों, स्थलों और प्राचीन अवशेषों की पहचान कर उनकी सुरक्षा और संरक्षण में मदद करनी चाहिए।
  • विरासत की सूची बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए, स्मारकों को नष्ट न होने देना चाहिए, उन्हें तोड़ा-फोड़ा न जाए या उनकी चोरी न हो, इस बात का ध्यान रखते हुए लगातार अध्ययनशील रहना जरूरी है।
  • स्थानीय स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा ऐतिहासिक स्थलों की यात्राएँ, व्याख्यान, प्रदर्शनियाँ और चर्चाएँ आयोजित करना, हमारी विरासत की समझ देना और जन-जागरूकता विकसित करना चाहिए।
  • ऐतिहासिक स्मारकों, शिल्प-कलाकृतियों और कलाकारी के नमूने एक बार नष्ट हो जाने पर फिर से मूल स्थिति में नहीं आ सकते, इसलिए उन्हें नष्ट न होने देना और उन्हें मूल स्थान से दूसरे स्थान पर न जाने देना सबकी पवित्र जिम्मेदारी है।
  • हमारा देश विशाल और विविध विरासत वाला है, इसमें प्राचीन समय के बावड़ी, झरने, तालाब और सरोवर आदि शामिल हैं, जिनकी वर्षा ऋतु के दौरान विशेष देखभाल करनी चाहिए।
In simple words: हमें अपनी विरासत की रक्षा करनी चाहिए। इसमें स्कूलों में छात्रों को इसके बारे में बताना, स्मारकों को नुकसान से बचाना, उनकी चोरी रोकना और लोगों में जागरूकता फैलाना शामिल है। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है।

Exam Tip: जब भी आप विरासत के संरक्षण पर सवाल का जवाब दें, तो उसमें सरकार, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (जैसे यूनेस्को), और नागरिकों की व्यक्तिगत भूमिका दोनों को शामिल करें। विशिष्ट उदाहरण दें जैसे स्कूलों में शिक्षा और स्मारकों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम।

 

Question 2. प्राकृतिक विरासत के जतन के लिए किये गये सरकारी प्रयास बताइए ।
Answer: प्राकृतिक विरासत की देखभाल और संरक्षण के लिए निम्न प्रयास किए गए हैं:

  • ई.स. 1952 में भारत सरकार ने भारतीय वन्यजीवों के लिए एक बोर्ड बनाया। इसके अनुसार, इसने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संसाधन उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय उद्यान, पक्षी विहार और पक्षी घरों के निर्माण के लिए सलाह देने और वन्यजीव संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने का काम किया।
  • ई.स. 1972 में वन्यजीवों से जुड़े कानून लागू किए गए। इसमें राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और आरक्षित क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
  • देश में नए राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों की रचना की गई।
  • विरासत की देखभाल और संरक्षण के लिए देश के कानूनों को एक बड़े दृष्टिकोण में रखा गया।
  • लुप्त होते प्राणियों, विशिष्ट वृक्षों और पशुओं को बचाने और उनके विनाश को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए गए हैं।
  • ई.स. 1883 में स्थापित 'मुम्बई प्राकृतिक इतिहास समिति' सबसे पुरानी संस्था है।
  • वर्तमान में, गिर फाउंडेशन और नेचर क्लब जैसी संस्थाएँ पर्यावरण के संरक्षण के काम में उपयोगी हैं।
  • हमारी अमूल्य विरासत के संरक्षण के लिए संविधान में प्रावधान किए गए हैं।
  • संविधान में विरासत की सुरक्षा करना नागरिक का मूलभूत कर्तव्य बताया गया है।
In simple words: सरकार ने प्राकृतिक विरासत की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें वन्यजीव बोर्ड बनाना, कानून लागू करना, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य बनाना, और लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के लिए कड़े नियम बनाना शामिल है।

Exam Tip: प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकारी प्रयासों का उल्लेख करते समय, विशिष्ट वर्षों और संगठनों (जैसे 1952 में वन्यजीव बोर्ड, 1972 के कानून, मुंबई प्राकृतिक इतिहास समिति) का उल्लेख करना आपके उत्तर को अधिक सटीक बनाता है।

 

Question 3. हमें हमारी विरासत की सुरक्षा और संरक्षण क्यों करना चाहिए ?
Answer: विरासत देश की पहचान होती है। इसकी उपेक्षा करने वाले राष्ट्र का कोई भविष्य नहीं होता, क्योंकि विरासत हमारे लिए मार्गदर्शक का काम करती है।

  • भूतकाल में हमने जो गलतियाँ की हैं, उन्हें वर्तमान में समझकर भविष्य के लिए योजना और विकास की दिशा निर्धारित करने में यह योजनाएँ हमें मार्गदर्शक बनती हैं।
  • देश में नई चेतना का संचार करने में विरासत बहुत उपयोगी है।
  • देश के सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के स्थलों को होने वाले नुकसान या विनाश के प्रति देश के लोगों में जागरूकता लाना अनिवार्य है।
  • विरासत के संरक्षण के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि सामान्य जनता को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
  • विरासत देश की जनता के लिए आदर्श होती है। इसलिए इसे नष्ट होने से रोकना जरूरी है।
  • विदेशी प्रजातियों के आक्रमण और हमारी असावधानी के कारण हमारी विरासत को बहुत नुकसान हुआ है। जिसके कारण उसकी देखभाल करना सरकार और समस्त जनता का नैतिक कर्तव्य है।
In simple words: हमें अपनी विरासत की सुरक्षा इसलिए करनी चाहिए क्योंकि यह हमारी पहचान है और हमें भविष्य के लिए मार्गदर्शन देती है। यह हमें अतीत की गलतियों से सीखने और नई चेतना जगाने में मदद करती है।

Exam Tip: इस प्रकार के 'क्यों' वाले प्रश्नों में, आपको विरासत के महत्व और संरक्षण न करने के नकारात्मक परिणामों दोनों पर जोर देना चाहिए। नैतिक कर्तव्य और राष्ट्र की पहचान जैसे कीवर्ड शामिल करें।

 

Question 4. प्राचीन स्मारकों, पुरातत्त्वीय स्थलों और अवशेषों के स्थलों की सुरक्षा के कानूनों की जानकारी दीजिए ।
Answer: भारतीय विरासत के सामने समय-समय पर जो जोखिम भरे और नुकसानदायक कारक उत्पन्न होते गए हैं, वैसे ही विरासत की सुरक्षा के प्रयास भी बढ़ते गए हैं।

  • पुरातत्वीय विरासत को सुरक्षित रखने के लिए संसद ने 1958 में प्राचीन स्मारकों, पुरातत्वीय स्थलों, ऐतिहासिक स्मारकों और पुरातत्वीय अवशेषों से संबंधित कानून बनाया। इसके अनुसार, प्राचीन कलाकृतियों, धार्मिक स्थानों और ऐतिहासिक स्मारकों की देखभाल की सूचना पुरातत्व विभाग को दी गई है।
  • पुरातत्व विभाग के कानून के अनुसार, कोई भी निजी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी भारत सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी स्थान की खुदाई (उत्खनन) नहीं कर सकती। इससे चोरी-छिपे होने वाली खुदाई को रोकने का काम हुआ है, जिससे वे आज तक सुरक्षित हैं।
  • केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को 'राष्ट्रीय स्मारकों' के रूप में घोषित किया है। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग को सौंपी गई है।
  • केवल सरकार द्वारा कानून बनाने से नहीं, बल्कि लोगों की नैतिक जिम्मेदारी से विरासत की सुरक्षा करनी चाहिए।
  • पुरातत्व विभाग नष्ट हुए या नष्ट होने की तैयारी में हो ऐसे स्मारकों और स्थलों का निश्चित पद्धति से देखरेख करवाता है।
  • स्मारकों की मरम्मत करते समय अनेक बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि उनका मूल स्वरूप, आकार, कद और असलियत बनी रहे यह जरूरी है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नामक सरकारी विभाग अपनी देखरेख के अधीन लगभग 500 इमारतों और स्थानों के संरक्षण का काम करता है।
  • आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी पर नागार्जुन सागर बहुउद्देशीय योजना के कारण संगमेश्वर मंदिर और पापनाशम् मंदिर समुद्री पानी में डूब गए थे। पुरातत्व विभाग ने इन मंदिरों को आंध्र प्रदेश के महबूब नगर जिले के आलमपुर विभाग में सफलतापूर्वक खिसकाकर स्थानांतरित किया।
  • विश्व के सात आश्चर्यों में से एक आगरा का ताजमहल, मथुरा की रिफाइनरी और उद्योगों के कारण वायु प्रदूषण के परिणाम स्वरूप उसका सफेद संगमरमर फीका और पीला पड़ रहा था। पुरातत्व विभाग द्वारा वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करवाकर ताजमहल की नियमित सफाई करवाने के उचित कदम उठाए हैं और ताजमहल की चमक बचाई है।
In simple words: भारत ने प्राचीन स्मारकों, स्थलों और अवशेषों की सुरक्षा के लिए 1958 में कानून बनाए हैं। यह कानून खुदाई को नियंत्रित करता है, महत्वपूर्ण स्थलों को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करता है, और सुनिश्चित करता है कि मरम्मत मूल स्वरूप को बनाए रखे। ताजमहल के लिए प्रदूषण नियंत्रण जैसे विशेष उपाय भी किए गए हैं।

Exam Tip: प्राचीन स्मारकों की सुरक्षा के कानूनों पर बात करते समय, 1958 के अधिनियम और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की भूमिका का उल्लेख करें। ताजमहल के संरक्षण जैसे विशिष्ट उदाहरण देकर आप अपने उत्तर को मजबूत कर सकते हैं।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:

 

Question 1. हमारी विरासत के जतन और संरक्षण की आवश्यकता बताइए ।
Answer: भारत की विरासत विविध प्रकार की है। सांस्कृतिक विरासत में साहित्य, शिल्प-स्थापत्य, विविध कलाएँ और प्राकृतिक विरासत शामिल होती है।

  • प्रकृति या मानव निर्मित कारकों द्वारा वे प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही हैं, इसलिए उनका संरक्षण करना बहुत अनिवार्य है।
  • विरासत देश के लोगों को गौरवान्वित करती है, जिससे जनता अपनी पहचान विरासत के साथ जोड़कर उसे आदर देती है। इसलिए इसके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यवस्थापन को अपनाना जरूरी है।
  • लुप्त हो रही कलाओं और स्थापत्य आदि का संरक्षण करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को अपने पूर्वजों द्वारा किए गए गौरवपूर्ण कार्यों की प्रेरणा मिल सके। हमारी विरासत के प्रति हमारी लापरवाही के कारण विरासत को आज भी नुकसान हो रहा है, इसलिए विरासत का संरक्षण आवश्यक हो गया है।
In simple words: हमारी विरासत, जो बहुत विविध है, को बचाने की जरूरत है क्योंकि यह हमें गर्व महसूस कराती है, हमारी पहचान है, और हमें अपने इतिहास से जोड़ती है। प्रदूषण और हमारी लापरवाही से इसे नुकसान हो रहा है, इसलिए इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।

Exam Tip: इस प्रश्न में विरासत के महत्व के साथ-साथ संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता पर भी जोर दें। सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत दोनों का उल्लेख करें, और यह बताएं कि यह हमें कैसे प्रेरित करती है।

 

Question 2. संग्रहालयों की देखभाल की जानकारी बताइए ।
Answer: भारतीय निधि व्यापार कानून (1876) के अनुसार, किसी भी नागरिक को अचानक कोई भी पौराणिक, प्राचीन या कलात्मक वस्तु घर, खेत, कुएं या तालाब आदि बनाते समय खुदाई के दौरान प्राप्त हो, तो उसे पुरातत्व विभाग को उसकी जानकारी देनी चाहिए, ताकि उसका संरक्षण उस स्थान पर या संग्रहालयों में हो सके।

  • अति मूल्यवान कलाकृतियों के संबंध में 1972 में सरकार ने कानून पास करके व्यक्तिगत या निजी संग्रहालयों की जानकारी भी प्राप्त की है।
  • यहां संस्कृत, अर्धमागधी, प्राकृत और पाली आदि हस्तप्रतों की देखभाल और उनका संग्रह होता है।
  • प्रत्येक राज्य का कार्यालय भंडार (आर्काइव्ज) में दस्तावेजों को वैज्ञानिक ढंग से देखभाल करने से इतिहासकारों और शोधकर्ताओं को उचित मार्गदर्शन मिलता रहता है।
  • प्राचीन कलाकृतियों और अति मूल्यवान वस्तुओं की देखभाल का कार्य संग्रहालयों (म्यूजियम) का बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: संग्रहालयों की देखभाल के लिए 1876 का एक कानून है, जिसके तहत यदि किसी को कोई प्राचीन वस्तु मिलती है, तो उसे पुरातत्व विभाग को बताना चाहिए। सरकार निजी संग्रहालयों की भी जानकारी रखती है, और संग्रहालयों में प्राचीन पांडुलिपियों और मूल्यवान वस्तुओं को संभालकर रखा जाता है।

Exam Tip: संग्रहालयों की देखभाल पर लिखते समय, संबंधित कानूनों और सरकारी प्रयासों के साथ-साथ संग्रहालयों द्वारा किए जाने वाले विशिष्ट कार्यों (जैसे संग्रह और संरक्षण) का भी उल्लेख करें।

 

Question 3. ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत करते समय ध्यान रखने योग्य बातों की जानकारी दीजिए ।
Answer: पुरातत्व विभाग नष्ट हुए या नष्ट होने की तैयारी में हो ऐसे स्मारकों, स्थलों की निश्चित पद्धति से मरम्मत करवाता है।

  • स्मारकों की मरम्मत करते समय कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए, जैसे कि उनके मूल स्वरूप, आकार, कद और असलियत बनी रहे यह जरूरी है।
In simple words: ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत करते समय पुरातत्व विभाग बहुत सावधानी बरतता है। सबसे जरूरी बात यह है कि मरम्मत के बाद स्मारक का मूल रूप, आकार और ऊंचाई जैसी सभी चीजें वैसी ही बनी रहनी चाहिए जैसी वह पहले थीं।

Exam Tip: ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत में "मूल स्वरूप" और "असलियत" को बनाए रखने पर जोर दें। यह दर्शाता है कि आप संरक्षण के सिद्धांतों को समझते हैं।

 

Question 4. प्रवास स्थलों की स्वच्छता और जतन के विषय में आपका मंतव्य लिखिए ।
Answer: हमारे देश के पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और जतन के लिए केंद्र और राज्य सरकारें महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं। इसके परिणाम स्वरूप, प्रवास के स्थलों पर स्वच्छता और सतर्कता से जतन के लिए आयोजन किया गया है। इसके लिए निम्न उपाय कर सकते हैं:

  • प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर जहां-तहां कचरा न फेंककर कचरा पेटी में डालना चाहिए।
  • ऐतिहासिक स्मारकों पर अनावश्यक लिखावट या चित्रों द्वारा उनको नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
  • गंदगी का उचित निकाल करना चाहिए।
  • पान, गुटका खाकर जहां भी थूकना नहीं चाहिए।
  • प्राचीन स्थलों पर/आसपास प्रदूषण नहीं करना चाहिए।
  • ऐतिहासिक स्थापत्य जैसे बावड़ी, जलाशयों, तालाबों और झरनों आदि की चौमासे के समय विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • पुरातत्वीय रासायनिक क्रियाओं द्वारा स्मारकों की सफाई करते समय बहुत सावधानी पूर्वक कार्य करना चाहिए।
  • देश-विदेश के प्रवासियों द्वारा हमारी ऐतिहासिक विरासतों को हानि न पहुंचाए, इसके लिए उन्हें जागरूक करना चाहिए।
  • प्राकृतिक आपदाओं से पर्यटन स्थलों को नुकसान हो, तो उन्हें फिर से मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
  • भूतकाल के विरासत के स्थलों के मूल स्वरूप को आंच न आए इस तरह आधुनिक विज्ञान और टेक्नोलॉजी के सहारे उनका जतन करना चाहिए।
In simple words: पर्यटन स्थलों को साफ और सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए, कचरा डस्टबिन में डालना चाहिए, स्मारकों पर कुछ भी लिखना या उन्हें प्रदूषित नहीं करना चाहिए। पुराने जल निकायों की देखभाल करनी चाहिए और आधुनिक तकनीक का उपयोग करके स्थलों को सुरक्षित रखना चाहिए।

Exam Tip: पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त करते समय, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सरकारी प्रयासों दोनों को शामिल करें। ठोस, व्यावहारिक उपायों का उल्लेख करें।

 

Question 5. 'भारत की विविधता में एकता' पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
Answer: विश्व की अति प्राचीन संस्कृतियों में से एक भारतीय संस्कृति समृद्ध और विविधतापूर्ण विरासत वाली है।

  • भारत की विविधता ही विश्व में उसकी विशिष्ट पहचान है।
  • विविध जातियों, समूहों, धर्मों, रीति-रिवाजों, संस्कृतियों और भाषाओं आदि का समन्वय भारत में हुआ है।
  • भारत में विविधता होने के कारण वह मिश्र संस्कृति का सर्जन कर सका है।
  • भारत ने 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना को विश्व में साकार किया है। आज विश्व एक विशाल परिवार है। यह भावना भारत में वेदकाल से प्रचलित है।
  • 'हमें चारों दिशाओं में से अच्छे और शुभ विचार प्राप्त हों' ऋग्वेद का संदेश भारतीय संस्कृति की विशालता और व्यापकता का दर्शन करवाता है।
  • भारत ने धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार विश्व में किया है।
  • भारत एक गैर-सांप्रदायिक देश है, धर्म की दृष्टि से भारत संसार के प्रमुख धर्मों के मिश्रण की भूमि रही है। हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, इस्लाम और ईसाई धर्मों का भारतीय संस्कृति में प्रभाव पाया जाता है।
In simple words: भारत में बहुत सारी अलग-अलग जातियाँ, धर्म और भाषाएँ हैं, फिर भी सभी लोग एक साथ रहते हैं। इस विविधता के कारण ही हमारी संस्कृति इतनी खास है और इसे दुनिया भर में 'वसुधैव कुटुंबकम्' (पूरा विश्व एक परिवार है) के रूप में जाना जाता है।

Exam Tip: 'भारत की विविधता में एकता' पर टिप्पणी लिखते समय, विभिन्न कारकों जैसे जाति, धर्म, भाषा, और संस्कृति का उल्लेख करें। 'वसुधैव कुटुंबकम्' जैसे वाक्यांशों का उपयोग आपके उत्तर को समृद्ध करता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

 

Question 1. पर्यटन उद्योग से होनेवाले लाभ बताइए ।
Answer: पर्यटन उद्योग से राज्य को आर्थिक लाभ प्राप्त होता है और लोगों की सांस्कृतिक कलाओं तथा परंपराओं को विश्व के समक्ष पेश करने के अवसर मिलते हैं।

  • इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और लुप्त होती कलाओं को नया जीवन मिलता है।
  • शैक्षणिक क्षेत्र के अभ्यासक्रमों का विकास होने से पर्यटन मार्गदर्शक (टूरिज्म गाइड) का एक स्वतंत्र व्यवसाय विकसित हुआ है।
  • विदेशी पर्यटकों के आने से विदेशी मुद्रा भारत को प्राप्त होती है और मिश्रित संस्कृति की पहचान विश्व पटल पर करवाकर प्रतिभा को उजागर करती है।
  • सांस्कृतिक विरासत के स्थलों के आसपास पक्के रास्ते, रेलवे, पानी और संचार आदि की सुविधाएँ विकसित होती हैं।
In simple words: पर्यटन उद्योग से राज्य को आर्थिक फायदा होता है और हमारी संस्कृति दुनिया को दिखाने का मौका मिलता है। इससे स्थानीय लोगों को काम मिलता है, पुरानी कलाएँ जीवित रहती हैं, टूरिज्म गाइड जैसे नए रोजगार बनते हैं, और हमें विदेशी मुद्रा मिलती है।

Exam Tip: पर्यटन उद्योग के लाभों पर चर्चा करते समय, आर्थिक लाभ (रोजगार, विदेशी मुद्रा) और सांस्कृतिक लाभ (कलाओं का पुनरुत्थान, पहचान) दोनों को कवर करें। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का उल्लेख करना भी अच्छा है।

 

Question 2. हमारी विरासत को लोग किस-किस तरह से नुकसान पहुंचाते हैं ?
Answer: विरासत के स्थलों को लोग देखने जाते हैं, वे अपने साथ खाने-पीने की वस्तुएँ ले जाते हैं, वे वहां इधर-उधर कचरा डाल देते हैं।

  • लोग स्मारकों पर चित्र बनाते हैं, नाम लिखते हैं, पान-गुटका खाकर थूकने जैसे काम करते हैं जिससे उन्हें नुकसान होता है।
  • विरासत की वस्तुएँ कीमती होती हैं। उनकी चोरी और लूटपाट करके तस्करी की जाती है।
In simple words: लोग हमारी विरासत को कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। वे पर्यटन स्थलों पर कचरा फैलाते हैं, स्मारकों पर लिखते या थूकते हैं, और कीमती वस्तुओं की चोरी करके उनकी तस्करी करते हैं।

Exam Tip: विरासत को नुकसान पहुंचाने वाले मानवीय कारकों पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे कचरा फैलाना, तोड़फोड़ और चोरी। ये सबसे सामान्य और समझने में आसान बिंदु हैं।

 

Question 3. मुंबई प्राकृतिक समिति की रचना कब की गयी थी ? यह क्या कार्य करती है ?
Answer: मुंबई प्राकृतिक इतिहास समिति की रचना सन् 1883 में की गई थी।

  • यह पर्यावरण, वन और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए कार्य करती है।
In simple words: मुंबई प्राकृतिक इतिहास समिति 1883 में बनी थी। इसका मुख्य काम पर्यावरण, जंगल और जंगली जानवरों की रक्षा करना है।

Exam Tip: जब कोई संगठन या समिति पूछी जाए, तो उसकी स्थापना का वर्ष और उसके मुख्य उद्देश्य (कार्य) दोनों का उल्लेख करें।

 

Question 4. भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग क्या कार्य करती है ?
Answer: भारत सरकार ने (संसद में) 1958 में प्राचीन स्मारकों, पुरातत्वीय स्थलों और अवशेषों का कानून पास किया था। जिसके अनुसार, प्राचीन कलाकृतियों, धार्मिक स्थानकों, ऐतिहासिक स्मारकों और पुरातत्व के स्थलों तथा अवशेषों की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग को दी थी।

  • केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को 'राष्ट्रीय स्मारकों' के रूप में घोषित किया है। उनकी जवाबदारी पुरातत्व विभाग को दी है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अपनी देखरेख में 5000 से अधिक स्मारक रखता है।
In simple words: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, 1958 में बने कानून के तहत, प्राचीन स्मारकों, स्थलों और अवशेषों की देखभाल करता है। यह केंद्र सरकार द्वारा घोषित 'राष्ट्रीय स्मारकों' की जिम्मेदारी लेता है और 5000 से ज्यादा ऐसे स्थलों को सुरक्षित रखता है।

Exam Tip: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कार्यों का वर्णन करते समय, संबंधित कानून के वर्ष (1958) और विभाग के मुख्य उत्तरदायित्वों (स्मारकों की देखभाल, राष्ट्रीय स्मारक घोषित करना) पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 5. स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म परिषद में धर्म के विषय में क्या कहा है ?
Answer: शिकागो विश्व धर्म परिषद में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 'मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि, जिस धर्म का मैं प्रतिनिधित्व करता हूँ उस धर्म ने जगत को सहिष्णुता और विश्वबंधुत्व का पाठ सिखाया है'।
In simple words: स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में कहा था कि उन्हें अपने धर्म पर गर्व है, क्योंकि यह दुनिया को सहिष्णुता (सबका सम्मान करना) और भाईचारे (सबको एक परिवार मानना) सिखाता है।

Exam Tip: जब किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के उद्धरण को उद्धृत किया जाए, तो उद्धरण को यथावत रखें और उसे उद्धरण चिह्नों में लिखें। संदर्भ (जैसे शिकागो विश्व धर्म परिषद) का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

 

Question 1. सही क्रम चुनकर जोड़े जोडिये:
1. श्री हेमचंद्राचार्य ग्रंथालय
(A) मुंबई
2. भारतीय संग्रहालय
(B) भोपाल
3. छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय
(C) पाटण
4. राष्ट्रीय मानव संग्रहालय
(D) कोलकाता
Answer: (A) 1 – C, 2 – D, 3 – A, 4 – B
In simple words: सही मिलान है: श्री हेमचंद्राचार्य ग्रंथालय पाटण में है, भारतीय संग्रहालय कोलकाता में है, छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय मुंबई में है, और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में है।

Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक जोड़ी को ध्यान से जांचें। यदि आपको कुछ नाम याद नहीं आ रहे हैं, तो जो आपको निश्चित रूप से पता हैं, उनसे शुरू करें।

 

Question 2. निम्न में से कौन-सा विधान सत्य नहीं है ?
(A) भारत ने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को विश्व में साकार की है ।
(B) 'मुझे कहते हुए गर्व होता है कि जिस धर्म का मैं प्रतिनिधि हूँ वह धर्म ने जगत को सहिष्णुता का पाठ सिखाया है ।' – स्वामी विवेकानंद
(C) डच और अंग्रेजों को भी सहिष्णुता और विश्व बंधुत्व में विश्वास करनेवाली भारतीय प्रजा ने स्वीकार किया ।
(D) प्राचीन भारतीय ज्योतिर्धरों ने भारतीय आर्थिक एकता पर बल दिया था ।
Answer: (D) प्राचीन भारतीय ज्योतिर्धरों ने भारतीय आर्थिक एकता पर बल दिया था।
In simple words: यह कथन सही नहीं है कि प्राचीन भारतीय ज्योतिर्धरों ने भारतीय आर्थिक एकता पर जोर दिया था, जबकि अन्य सभी कथन सत्य हैं।

Exam Tip: 'कौन-सा कथन सत्य नहीं है' जैसे प्रश्नों में, प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें और उसकी सत्यता का मूल्यांकन करें। अक्सर एक विकल्प अन्य विकल्पों से स्पष्ट रूप से भिन्न होता है।

 

Question 3. ताजमहल का श्वेत संगमरमर फीका और पीला पड़ रहा था उसका क्या कारण था ?
(A) भूमि प्रदूषण
(B) जल प्रदूषण
(C) वायु प्रदूषण
(D) ध्वनि प्रदूषण
Answer: (C) वायु प्रदूषण
In simple words: ताजमहल का सफेद संगमरमर फीका और पीला पड़ने का मुख्य कारण वायु प्रदूषण था, खासकर उद्योगों से निकलने वाले धुएं के कारण।

Exam Tip: विशिष्ट पर्यावरणीय समस्याओं और उनके कारणों को याद रखें। ताजमहल के मामले में, यह वायु प्रदूषण का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।

Free study material for Social Science

Social Science Class 10 Curriculum Solutions: Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण

Official GSEB Solutions for Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण

Explore reliable textbook solutions for Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण tailored for Class 10 learners. Utilizing these complete exercise answers ensures your preparation aligns exactly with official GSEB standards for Social Science.

Step-by-Step Explanations for Chapter 07 अपनी विरासत का संरक्षण

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 10 Social Science text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Next Steps in Your Social Science Revision

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 10 Social Science.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Social Science are as per latest GSEB curriculum.

Are the Social Science GSEB solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Social Science. You can access GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science GSEB solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 7 अपनी विरासत का संरक्षण in printable PDF format for offline study on any device.