GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions

Get the most accurate GSEB Solutions for Class 10 Hindi शब्द विचार (1st Language) here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest GSEB textbooks for Class 10 Hindi. Our expert-created answers for Class 10 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed शब्द विचार (1st Language) GSEB Solutions for Class 10 Hindi

For Class 10 students, solving GSEB textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these शब्द विचार (1st Language) solutions will improve your exam performance.

Class 10 Hindi शब्द विचार (1st Language) GSEB Solutions PDF

शब्द विचार (1st Language)

शब्द एक निश्चित क्रम में अक्षरों के समूह से बनता है, जिसका एक खास अर्थ होता है। मूल शब्द में उपसर्ग, प्रत्यय या दोनों के जुड़कर नए शब्द बनाते हैं। संधि और समास से भी नए शब्द बनते हैं।

शब्द भाषा की सबसे छोटी इकाई है, जिसका कोई अर्थ होता है। जब कोई शब्द वाक्य के बाहर अकेला होता है, तो उसे 'शब्द' कहते हैं। लेकिन जब यही शब्द वाक्य में उपयोग होता है, तो उसे 'पद' कहते हैं। उदाहरण के लिए, 'पेड़', 'आम', 'लगना' तीन अलग शब्द हैं। जब इन्हें मिलाकर 'पेड़ पर आम लगे हैं' वाक्य बनाते हैं, तो 'पेड़', 'आम', और 'लगे' को 'पद' कहा जाता है। इसका मतलब है कि जब शब्द वाक्य में इस्तेमाल होता है, तो वह 'पद' बन जाता है।

वाक्य में सही प्रयोग के लिए कभी-कभी शब्द में कुछ जोड़ना या हटाना पड़ता है, और कभी-कभी शब्द का रूप भी बदलना पड़ता है। इस तरह पद बनाने की कुछ खास विधियाँ नीचे दी गई हैं:

  • उपसर्ग या प्रत्यय जोड़ना : जैसे – अनुपस्थित, भारतीय
  • स्वतंत्र शब्द जोड़ना : जैसे – प्रजातंत्र, जनगण, विद्यालय (समास – संधि)
  • ध्वनि परिवर्तन : पीटना – पिटवाना, लूटना – लुटाना
  • अनुनासिक चिह्न लगाना : बहुवचन बनाने में (लड़कियाँ, लड़कों)

उपसर्ग

वे छोटे शब्दांश जिनका अपना कोई अर्थ नहीं होता, लेकिन जो किसी शब्द के शुरू में जुड़कर एक नया शब्द बनाते हैं, या उस शब्द के अर्थ में कुछ खास बदलाव लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उदाहरण के लिए –

अ - अचल
अति - अतिशय
अप - अपमान
नि - निवारण
प्रति - प्रतिकार
अभि - अभिमान
दर - दरअसल
आ - आजन्म
अधि - अधिनायक
दुस - दुस्साहस
निस् - निश्चल
वि - विशेष
निर् - निराकार
अन् - अनावश्यक

हिंदी में नए शब्द बनाने के लिए तीन प्रकार के उपसर्ग इस्तेमाल किए जाते हैं -

  1. तत्सम
  2. तद्भव
  3. आगत (विदेशी)

डॉ. हरदेव बाहरी ने अपनी किताब 'हिन्दी : शब्द-अर्थ-प्रयोग' में कुल 112 उपसर्गों को इकट्ठा किया है। इस जगह पर स्कूल के स्तर पर उपयोग होने वाले मुख्य उपसर्गों के उदाहरण दिए गए हैं।

हिंदी-संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम उपसर्ग):

उपसर्गअर्थनिर्मित शब्द
अभाव या मनाहीअकल्पनीय, अज्ञान, अकाल, अहिंसा, अन्याय
अतिअधिक, ऊपरअतिक्रमण, अतिरेक, अत्यधिक, अतिशय, अतीत, अत्यल्प, अतीन्द्रिय
अधिश्रेष्ठ, ऊपर, मुख्यअधिकार, अधिनायक, अधिकृत, अधिराज, अधिमास
अन्अभावअनर्थ, अनायास, अनादि, अनेक, अनुचित, अनिच्छा
अधःनीचेअधःपतन, अधोगति, अधोमुखी, अधस्थल
अनुगौण, पीछे, समान, बाद में आनेवालाअनुज, अनुकरण, अनुचर, अनुकूल, अनुसार, अनुभव, अनुरोध, अनुवाद, अनुशासन, अनुग्रह, अनुमान
अपबुरा, हीनअपयश, अपवाद, अपशब्द, अपमान, अपव्यय अपशुकन
अभिसामने, ओरअभिनंदन, अभिवादन, अभिशाप, अभियोग, अभिज्ञान, अभिलाषा, अभिभावक
अवबुरा, हीन, नीचअवगुण, अवरोध, अवनति, अवमूल्यन, अवकाश, अवज्ञा
तक, पर्यंत, समेतआजन्म, आमरण, आजीवन, आदान, आरक्षण, आकंठ, आचरण
उत्श्रेष्ठ, ऊपरउत्थान, उत्कर्ष, उद्घार, उन्नत, उन्नयन, उच्चारण, उद्घाटन, उल्लंघन
उपगौण, निकट, समानउपसर्ग, उपभेद, उपमुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष, उपदेश, उपस्थित, उपचार, उपवन, उपहार
दुर्/दुस्बुरा, कठिनदुर्गुण, दुर्भाग्य, दुष्कर, दुस्साहस, दुर्दशा, दुर्बल, दुर्दिन, दुष्कर्म
निर्/निस्बिना, रहित, निषेधनीरोग, नीरव, निष्काम, निर्जीव, निर्दोष, निस्तेज, निष्फल, निर्धन, निराशा, निस्संदेह
निनीचे, निषेधनिवारण, निषेध, निकृष्ट, निरोध, नियम, निबंध
पराविपरीत, नाशपराजय, पराभव, पराधीन, परास्त, पराक्रम
परिचारों ओरपरिक्रमा, परिधि, परिपूर्ण, परिवर्तन, परिकल्पना, पर्यटन, परिष्कार, परिजन, परिचायक
प्रअधिक, आगेप्रगति, प्रसार, प्रचार, प्रभाव, प्रख्यात, प्रबल, प्रताप, प्रस्थान, प्रक्रिया
प्रतिविरुद्ध, सामने, हर एकप्रतिकूल, प्रत्यक्ष, प्रतिदिन, प्रतिकार, प्रतिध्वनि, प्रतिहिंसा, प्रतिवादी, प्रतिरोध, प्रतिपल
विविशिष्ट, भिन्नविज्ञान, विजय, विमुख, विपक्ष, विराम, विज्ञ, विदेश, विलाप, वियोग, विहार, विमुख, विख्या, विशिष्ट, विनय, विकास
सम् (सं)पूर्णता, समान, संयोगसंयम, सम्मान, संभव, सम्मेलन, संकल्प, संगति, संग्राम, संचय, संतोष, संताप, सम्मुख, संगम, संपूर्ण
सुअच्छा, श्रेष्ठसुपुत्र, सुगम, सुअवसर, सुकीर्ति, सुबोध, स्वागत, सुकर्म, सुनयन, सुपात्र, सुलभ, सुराज, सुफल, सुजान
कुबुराकुपुत्र, कुकर्म, कुरूप, कुमति, कुख्यात, कुकृत्य
पुनः (पुनर्)फिरपुनरागमन, पुनर्जागरण, पुनर्वास, जुनर्जन्म, पुनर्नवा, पुनरुक्ति
पुरस्-पुरस्कार, पुरस्कर्ता

हिंदी के उपसर्ग (तद्भव उपसर्ग):

उपसर्गअर्थनिर्मित शब्द
अ/अनअभाव, निषेधअनपढ़, अनहोनी, अभागा, अनबन, अछूत, अथाह, अनजान, अनकहा, अनसुनी
उनकमउनतीस, उनचास, उनहत्तर, उनतालीस, उनसठ
क/कुबुराकपूत, कुचाल, कुरूप, कुलक्षण
निरहितनिडर, निपूता, निकम्मा, निहथ्था
स/सुअच्छासपूत, सहित, सचेत, सुघड़, सुजान, सुडौल
दुबुरा/कठिनता, निषेधदुबला, दुसाध्य, दुलारा
अधआधाअधपका, अधजला, अधमरा, अधमुआ, अधकचरा
बिनबिनाबिनब्याही, बिनमाँगे, बिनखाये
भरपूराभरपेट, भरसक, भरपूर
चौचारचौराहा, चौपाया, चौमासा, चौकन्ना

आगत (विदेशी उपसर्ग):

उपसर्गअर्थनिर्मित शब्द
से, के साथबदौलत, बखूबी, बनाम
नाअभावनालायक, नासमझ, नापसंद, नाबालिग
हरप्रत्येकहररोज, हरमाह, हरसाल, हरदम, हरदिल, हरतरह
लाबिनालापरवाह, लाचार, लाइलाज, लापता, लावारिस
बेअभावबेदाग, बेईमान, बेरहम, बेकसूर, बेचैन, बेकार
बदबुराबदनाम, बदमाश, बदनीयत, बदसूरत, बदकिस्मत
हमसाथ-साथहमशक्ल, हमसकल, हमजोली, हरदम
सरमुख्यसरहद, सरपंच

प्रत्यय

प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी मूल शब्द के बाद में जोड़े जाते हैं। उपसर्ग की तरह ही, प्रत्यय का इस्तेमाल भी अकेले नहीं होता; वे हमेशा शब्द के साथ मिलकर ही आते हैं।

प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं :

  1. कृत प्रत्यय
  2. तद्धित प्रत्यय

कृत प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो क्रियाओं (धातुओं) के अंत में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं। इन शब्दांशों को ही कृत प्रत्यय कहा जाता है।

उदाहरण:

प्रत्ययशब्द
अंतभिड़ंत
भूला
आवादिखावा
इयलमरियल
नीचटनी
उकभिक्षुक
धमकी
आवछिड़काव
एरालुटेरा
आकतैराक
बेलन
त्वगुरुत्व
करगिनकर
अनीयदयनीय
अनाकामना
हारपालनहार
अनभवन
तव्यकर्तव्य

तद्धित प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो संज्ञा और विशेषण शब्दों के अंत में जुड़ते हैं। इन्हें तद्धित प्रत्यय कहा जाता है।

उदाहरण:

प्रत्ययशब्द
ताप्रभुता, वीरता
त्वपुरुषत्व, व्यक्तित्व
गायक
पनबचपन
पामोटापा
ईयराष्ट्रीय
तयासाधारणतया
थाअन्यथा
मतीश्रीमती
बाजारु
पूर्वकप्रेमपूर्वक
इमानीलिमा
आइनपंडिताइन
ईनकुलीन
आनीदेवरानी

उपसर्गों की तरह ही, प्रत्यय भी संस्कृत, हिंदी, उर्दू, फारसी और अंग्रेजी भाषाओं के हो सकते हैं।

अंदाज - गोलंदाज (गेंदबाज), तीरंदाज

मंद - जरूरतमंद, दौलतमंद, अक्लमंद

आना - सालना, नज़राना, शुकराना, ज़बराना

बाज - चालबाज, धोखेबाज, कबूतरबाज

इंदा - आइंदा, नुमाइंदा, जिंदा

साज - जालसाज

इश - फरमाइश, आज़माइश, नुमाइश

दर - राजदार, समझदार

ईना - महीना, पसीना, नगीना

डॉ. हरदेव बाहरी ने 300 से ज़्यादा प्रत्ययों के उदाहरण दिए हैं। इस जगह पर भाववाचक संज्ञा, कर्तृवाचक संज्ञा, विशेषण, और प्रेरणार्थक क्रियाओं को बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य प्रत्ययों के उदाहरण विस्तार से दिए गए हैं।

उपसर्ग और प्रत्यय का एक-साथ उपयोग :

नए शब्द बनाने के लिए हिंदी में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का एक ही साथ उपयोग भी होता है। उदाहरण के लिए –

उपसर्गमूल शब्दनया शब्दप्रत्ययनवीनतम शब्द
धर्मअधर्मइकअधार्मिक
अपमानअपमानइतअपमानित
उपकारउपकारउपकारक
उपस्थितउपस्थितउपस्थित
अतिअधुनाअत्यधुनाइकअत्याधुनिक
अभिमानअभिमानअभिमानी
अनुमानअनुमानइतअनुमानित
अन्उदारअनुदारताअनुदारता
दुस्साहसदुस्साहसदुस्साहसी
बदचलनबदचलनबदचलनी
बदनामबदनामबदनामी
परिपूर्णपरिपूर्णतापरिपूर्णता
बेचैनबेचैनबेचैनी
भारतअभारतईयअभारतीय
निर्णयअनिर्णयइक + ताअनिर्णायकता
निर्दयानिर्दयनिर्दयी
निर्ष्ठरनिष्ठुरतानिष्ठुरता
अन्आक्रमणअनाक्रमकताअनक्रामकता
अपआकर्षणअपाकर्षणअपाकर्षक
गैरजरूरतगैरजरूरतमंदगैरजरूरतमंद
समाजअसमाजइकअसामाजिक
अन्उर्वरअनुर्वरताअनुर्वरता
निःस्वार्थनिःस्वार्थपनानिःस्वार्थपना
अनुक्रमअनुक्रमइकाअनुक्रमणिका
विवादविवादस्पदविवादास्पद
निहारनिहारइकानिहारिका
अन्उपचारअनुपचारइकअनौपचारिक
अन्उपचारअनुपचारइक + ताअनौपचारिकता

Free study material for Hindi

GSEB Solutions Class 10 Hindi शब्द विचार (1st Language)

Students can now access the GSEB Solutions for शब्द विचार (1st Language) prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest GSEB syllabus.

Detailed Explanations for शब्द विचार (1st Language)

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these GSEB Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 10 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for शब्द विचार (1st Language) to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Hindi are as per latest GSEB curriculum.

Are the Hindi GSEB solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 10 Hindi Vyakaran शब्द विचार (1st Language) Solutions in printable PDF format for offline study on any device.