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Detailed Chapter 06 कालिदास का प्राणीप्रेम GSEB Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi Chapter 06 कालिदास का प्राणीप्रेम GSEB Solutions PDF
स्वाध्याय
1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. हरिणशावक इनमें से किसके बाणों से घायल हुआ था ?
(अ) कालिदास
(ब) मल्लिका
(क) दन्तुल
(ड) अम्बिका
Answer: (क) दन्तुल
In simple words: हिरण का छोटा बच्चा दन्तुल के तीर से चोटिल हो गया था.
Exam Tip: Always remember the main characters and their actions in the story to correctly identify who caused the injury.
Question 2. कालिदास हरिणशावक के अंगों पर .......... का लेप लगाना चाहता है ।
(अ) हवाई
(ब) तेल
(क) मरहम
(ड) घृत
Answer: (ड) घृत
In simple words: कालिदास उस छोटे हिरण के शरीर पर घी का लेप लगाना चाहते थे.
Exam Tip: Pay attention to the specific remedies or actions characters take for injured animals in the narrative.
Question 3. 'मेरी वेश-भूषा ही इस बात का परिचय देती है कि मैं यहाँ का निवासी नहीं हूँ ।' – यह वाक्य कौन किस से कहता है ?
(अ) कालिदास दन्तुल से
(ब) दन्तुल कालिदास से
(क) मल्लिका दन्तुल से
(ड) दन्तुल मल्लिका से
Answer: (ब) दन्तुल कालिदास से
In simple words: दन्तुल ने कालिदास से कहा कि उसके कपड़े बताते हैं कि वह इस जगह का नहीं है.
Exam Tip: When analyzing dialogues, it's crucial to identify the speaker and the listener accurately. Context also helps in understanding the implication of the statement.
Question 4. उज्जयिनी की राज्यसभा का प्रत्येक व्यक्ति कालिदास को किसलिए जानता है ?
(अ) 'ऋतुसंहार' के लिए
(ब) 'गीतसंहार' के लिए
(क) 'संगीतसंहार' के लिए
(ड) 'नाट्यसंहार' के लिए
Answer: (अ) 'ऋतुसंहार' के लिए
In simple words: उज्जैन के राजदरबार में सब लोग कालिदास को उनकी रचना 'ऋतुसंहार' की वजह से जानते हैं.
Exam Tip: Knowing the famous works of poets and writers helps in answering such questions directly. Associate the author with their key literary contributions.
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1. कालिदास कौन थे ?
Answer: कालिदास संस्कृत भाषा के महान साहित्यकार थे.
In simple words: कालिदास संस्कृत साहित्य के एक बड़े लेखक थे.
Exam Tip: For single-sentence answers, be concise and directly address the question. Focus on the most important identity of the person.
Question 2. हिरणशावक किसके बाणों से घायल हुआ था ?
Answer: हरिण-शावक दन्तुल के बाणों से घायल हुआ था.
In simple words: छोटे हिरण को दन्तुल के तीर से चोट लगी थी.
Exam Tip: Identify the specific cause and perpetrator of events mentioned in the story.
Question 3. कालिदास हिरण को कहाँ ले गये ?
Answer: कालिदास हरिण-शावक को मल्लिका के घर ले गये.
In simple words: कालिदास हिरण के बच्चे को मल्लिका के घर ले गए थे.
Exam Tip: Remember key locations and actions of the main characters. These details help in establishing the flow of the narrative.
Question 4. अंत में दन्तुल ने कालिदास को कैसे पहचाना ?
Answer: मल्लिका द्वारा परिचय पाकर दन्तुल ने कालिदास को पहचाना.
In simple words: मल्लिका ने कालिदास का परिचय दिया, और तब दन्तुल उन्हें पहचान पाया.
Exam Tip: Understand how conflicts or misunderstandings are resolved in the story. Often, an external character helps to clarify identities or situations.
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. माँ के रुष्ट होने के पीछे मल्लिका क्या अनुमान करती है ?
Answer: मल्लिका कालिदास के साथ बरसात में बाहर गई थी. इसलिए वह बहुत बुरी तरह भीगकर घर लौटी थी. मल्लिका अनुमान करती है कि उसकी मां के रुष्ट होने का यही कारण है.
In simple words: मल्लिका ने सोचा कि उसकी माँ इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि वह कालिदास के साथ बारिश में भीगकर घर लौटी थी.
Exam Tip: When a character speculates about another's feelings, identify the specific event or action that forms the basis of their guess.
Question 2. दन्तुल कौन था ? वह मल्लिका के घर कैसे पहुँचा ?
Answer: दन्तुल उज्जयिनी राज्य का राजपुरुष था. उसके बाण से एक हरिण-शावक घायल हुआ था. घायल हरिण-शावक अपनी जान बचाने के लिए कालिदास की गोद में आ गया था. कालिदास उसे लेकर मल्लिका के घर आ गए थे. रास्ते में हरिण-शावक के टपकते खून को देखते हुए राजपुरुष दन्तुल अपने शिकार को खोजते हुए मल्लिका के घर पहुँचा था.
In simple words: दन्तुल उज्जैन का राजपुरुष था. उसका तीर लगने से एक छोटा हिरण घायल हो गया था. वह हिरण कालिदास की गोद में चला गया. कालिदास हिरण को मल्लिका के घर ले गए. दन्तुल खून के निशान देखकर शिकार को ढूंढते हुए मल्लिका के घर पहुंच गया.
Exam Tip: Provide a complete yet concise answer, covering both parts of the question: who the character was and how they reached the specific location.
Question 3. मल्लिका ने दन्तुल को हरिणशावक के लिए हठ न करने के लिए क्यों कहा ?
Answer: दन्तुल कालिदास से घायल हरिण-शावक लेने पर अड़ा हुआ था. मल्लिका ने दन्तुल से कहा कि तुम्हारे लिए घायल हरिणशावक को पाना अधिकार का प्रश्न है, जबकि कालिदास के लिए उसे न देना संवेदना का प्रश्न है. अधिकार के प्रश्न से संवेदना का प्रश्न अधिक महत्त्वपूर्ण है. इसलिए मल्लिका ने दन्तुल को हरिण-शावक के लिए हठ न करने के लिए कहा.
In simple words: दन्तुल घायल हिरण को कालिदास से लेना चाहता था. मल्लिका ने कहा कि दन्तुल के लिए यह अधिकार की बात है, पर कालिदास के लिए यह दया की बात है. उन्होंने समझाया कि दया अधिकार से ज़्यादा ज़रूरी है, इसलिए दन्तुल को ज़िद छोड़ देनी चाहिए.
Exam Tip: Focus on the moral or ethical arguments presented by characters in their dialogues. Understanding their reasoning is key to answering 'why' questions.
Question 4. कालिदास दन्तुल को अपराधी न मानने के लिए क्या तर्क देता है ?
Answer: राजपुरुष दन्तुल ने जिस क्षेत्र में हरिण-शावक का आखेट किया था, उस क्षेत्र में हरिणों का आखेट करना मना था. राजपुरुष दन्तुल बाहर से आया था, इसलिए उसे यहाँ के नियम की जानकारी नहीं थी. कालिदास दन्तुल को हरिण-शावक का आखेट करने के लिए अपराधी न मानने के लिए यह तर्क देते हैं.
In simple words: कालिदास ने कहा कि दन्तुल ने जहाँ हिरण का शिकार किया, वहाँ शिकार करना मना था. पर दन्तुल उस जगह का नहीं था, इसलिए उसे वहाँ के नियम नहीं पता थे. इस वजह से कालिदास उसे दोषी नहीं मानते.
Exam Tip: When a character defends another, note the specific points or circumstances they bring up. The arguments used often highlight important themes like ignorance of rules or regional customs.
Question 5. उज्जयिनी की राजसभा कवि कालिदास का सम्मान किस तरह करना चाहती है ?
Answer: उज्जयिनी की राज्यसभा का प्रत्येक व्यक्ति 'ऋतुसंहार' के लेखक कवि कालिदास को जानता है. सम्राट ने स्वयं 'अतुसंहार' पढ़ा है और उसकी प्रशंसा की है. इसलिए उज्जयिनी की राज्यसभा कवि कालिदास को राजकवि का सम्मान देकर उन्हें सम्मानित करना चाहती है.
In simple words: उज्जैन की राजसभा कालिदास को राजकवि का सम्मान देकर उन्हें इज़्ज़त देना चाहती है, क्योंकि सब उन्हें 'ऋतुसंहार' के लेखक के रूप में जानते थे और सम्राट ने भी उस किताब की तारीफ की थी.
Exam Tip: When describing recognition or honor, specify the reason for it (e.g., specific work or achievement) and the form of honor given.
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. घायल हरिणशावक को बचाने के लिए कालिदास ने क्या-क्या किया ?
Answer: राजपुरुष दन्तुल के बाण से घायल होकर हरिण-शावक अपनी जान बचाने के लिए कुलाचे भरता हुआ कालिदास की गोद में आ गया था. तब कालिदास ने उसे अपनी गोद में समेट कर उसके घायल बदन को सहलाते हुए उसे तरह-तरह से सांत्वना दी थी – ठीक उसी तरह जैसे वे किसी पायल बच्चे को पुचकार कर धीरज बंधा रहे हो. मल्लिका के घर उन्होंने उसे दूध पिलाया, जिससे उसे राहत मिली. मल्लिका के घर राजपुरुष ने हरिण-शावक को अपनी संपत्ति बताते हुए कालिदास से उसे सौंप देने का हठ किया तो कालिदास ने स्पष्ट शब्दों में उसे जवाब दिया कि इस क्षेत्र में आखेट नहीं होता और यह हरिणशावक पार्वत्य भूमि की संपत्ति है. कालिदास अंत में राजपुरुष की परवाह नहीं करते और घायल हरिण-शावक को अपने साथ लेकर अपने घर जाने के लिए निकल पड़ते हैं. इस प्रकार कालिदास ने हरिण-शावक को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया.
In simple words: कालिदास ने घायल हिरण के बच्चे को अपनी गोद में लिया और उसे पुचकार कर हिम्मत दी. उन्होंने उसे मल्लिका के घर ले जाकर दूध पिलाया. जब राजपुरुष दन्तुल ने हिरण को अपनी संपत्ति बताकर मांगा, तो कालिदास ने कहा कि इस क्षेत्र में शिकार करना मना है और हिरण पहाड़ी ज़मीन की संपत्ति है. आख़िर में, कालिदास दन्तुल की बात नहीं माने और हिरण को अपने घर ले जाने के लिए निकल पड़े. इस तरह उन्होंने हिरण को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की.
Exam Tip: For action-oriented questions, list the sequence of actions clearly and explain the motivation behind each step taken by the character.
Question 2. कालिदास हरिणशावक को क्यों बचाना चाहते थे ?
Answer: कालिदास एक संवेदनशील व्यक्ति थे. उनके हृदय में प्राणियों के प्रति बहुत प्यार था. वे उस पार्वत्य भूमि के निवासी थे, जहाँ लोग पशु-पक्षियों को अपनों में से, अर्थात् अपने मित्र मानते थे. कालिदास के क्षेत्र में हरिणों का आखेर अपराध माना जाता था. आहत हरिण-शावक को देखकर वे स्वयं आहत थे और उसे हर हालत में जीवित रखने का प्रयास कर रहे थे. उन्होंने राजपुरुष दन्तुल से स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि यह घायल हरिण-शावक उनकी पार्वत्य भूमि की संपत्ति है. वह यह सोचकर भूल कर रहा है कि वे इसे उसे सौंप देंगे. इन पंक्तियों से प्राणियों के प्रति कालिदास के प्रगाढ़ प्रेम का पता चलता है. जिस व्यक्ति के मन में प्राणियों के प्रति इतना प्रेम हो, वह एक घायल हरिण-शावक की जान बचाना क्यों नहीं चाहेगा. मूक प्राणियों की रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है. इसलिए कालिदास हरिण-शावक की जान बचाना चाहते थे.
In simple words: कालिदास बहुत भावुक व्यक्ति थे और जानवरों से बहुत प्यार करते थे. वह उस पहाड़ी इलाके से थे जहाँ लोग पशु-पक्षियों को अपने दोस्त मानते थे. उनके इलाके में हिरणों का शिकार करना गलत माना जाता था. घायल हिरण को देखकर उन्हें खुद भी चोट महसूस हुई, और वे उसे हर हाल में बचाना चाहते थे. उन्होंने दन्तुल से कहा कि यह हिरण उनकी पहाड़ी ज़मीन की संपत्ति है. कालिदास का यह व्यवहार जानवरों के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है, और उनका मानना था कि बेज़ुबान जीवों की रक्षा करना सबका कर्तव्य है.
Exam Tip: When explaining a character's motivation, delve into their personality traits, beliefs, and the cultural context that influences their actions. Connect their internal values to their external behavior.
Question 3. हरिणशावक के लिए कालिदास और दन्तुल के बीच में हुए संवाद को अपने शब्दों में लिखिए ?
Answer: राजपुरुष दन्तुल के बाण से आहत हरिण-शावक को अपनी बाहों में लेकर कालिदास मल्लिका के घर आता है. तभी हरिण-शावक के शरीर से टपकती हुई खून की बूंदों के सहारे राजपुरुष दन्तुल वहाँ पहुँचता है और कालिदास से हरिण-शावक की मांग करता है. इस बात को लेकर दोनों के बीच संवाद होता है. दन्तुल कालिदास से कहता है कि वे उसके बाण से आहत हरिणशावक उठा लाए हैं. वह उसकी संपत्ति है. इसलिए वे उसकी संपत्ति लौटा दें. इसके जवाब में कालिदास कहते हैं कि जिस क्षेत्र में उसने हरिण-शावक पर बाण चलाया है, उस प्रदेश में हरिणों का आखेट नहीं होता. वह बाहर से आया है इसलिए उसे इस जुर्म के लिए अपराधी नहीं माना जा रहा है, यही क्या कम है. दन्तुल फिर कहता है कि अपराध का निर्णय क्या उन जैसे ग्रामीण करेंगे? वह राजपुरुषों के लंबे अधिकार की धौंस जमाता है और हरिण-शावक को अपनी संपत्ति बताते हुए दे देने के लिए कहता है. कालिदास कहते हैं कि हरिण-शावक पार्वत्य भूमि की संपत्ति है. इसके बाद कालिदास घायल हरिण-शावक को लेकर अपने घर रवाना हो जाते हैं.
In simple words: दन्तुल के तीर से घायल हिरण को लेकर कालिदास मल्लिका के घर पहुंचे. खून के निशानों का पीछा करते हुए दन्तुल भी वहाँ पहुँच गया और हिरण को अपनी संपत्ति बताकर वापस मांगा. दन्तुल ने कहा कि कालिदास ने उसके तीर से घायल हिरण को उठाया है, जो उसकी संपत्ति है, और उसे वापस कर देना चाहिए. कालिदास ने जवाब दिया कि दन्तुल ने जहाँ शिकार किया, वहाँ हिरणों का शिकार मना है. उन्होंने दन्तुल को बताया कि वह बाहरी है, इसलिए उसे अपराधी नहीं माना जा रहा है. दन्तुल ने ग्रामीण लोगों द्वारा अपराध तय करने पर सवाल उठाया और अपने अधिकारी होने का रौब दिखाया, हिरण को अपनी संपत्ति कहकर उसे सौंपने को कहा. इस पर कालिदास ने कहा कि घायल हिरण पहाड़ी ज़मीन की संपत्ति है. इसके बाद, कालिदास घायल हिरण को लेकर अपने घर जाने लगे.
Exam Tip: When asked to narrate a dialogue, summarize the key arguments and counter-arguments of each character, maintaining the essence of their positions.
5. आशय स्पष्ट कीजिए
Question 1. शिकारी व्यक्ति और किसी की जान बचानेवाले, दोनों में बहुत फर्क होता है। शिकारी को शिकार करके किसी के प्राण लेने में कोई झिझक नहीं होती, बल्कि वह इसे अपनी बहादुरी और मनोरंजन के रूप में देखता है। वह शिकार करना अपना शौक मानता है और शिकार पर अपना अधिकार मानता है। पर संवेदनशील व्यक्ति का हृदय किसी घायल प्राणी को देखकर द्रवित हो उठता है। वह उसका प्राण बचाने के लिए अपनी जान लड़ा देता है। अधिकार जतानेवाला व्यक्ति प्राण लेने पर खुश होता है, जबकि संवेदनशील व्यक्ति किसी की जान बचाकर खुश होता है। यदि कोई किसी को प्राण दे नहीं सकता है, तो उसे किसी का प्राण लेने का भी अधिकार नहीं है।
Answer: पार्वत्य क्षेत्र में मनुष्य और पशु-पक्षी में कोई अंतर नहीं है. दोनों प्राणधारी हैं और पायल होने पर दोनों को ही दर्द होता है. इसलिए पर्वतीय भूमि में मनुष्य और पक्षु-पक्षी में सजातीय रिश्ता है. इस भूमि में जैसे मनुष्य को मारना अपराध है, ठीक उसी तरह पशु-पक्षियों को मारना भी अपराध है. इस क्षेत्र में कोई व्यक्ति किसी पशु का शिकार कर उसे अपनी संपत्ति जताना चाहे, तो यहां के निवासियों को यह कदापि बर्दाश्त नहीं होता. इसीलिए कालिदास राजपुरुष दन्तल से यह वाक्य कहते हैं. पार्वत्य भूमि के पशु-पक्षी की जान बचाने के लिए इस क्षेत्र के लोग अपनी जान लड़ा देते हैं. क्योंकि वे इन्हें अपने से अलग नहीं मानते.
In simple words: शिकारी और जान बचाने वाले लोगों में बड़ा अंतर होता है. शिकारी को शिकार करके किसी की जान लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती, वह इसे अपना साहस और मनोरंजन समझता है. वह शिकार को अपना शौक और अधिकार मानता है. पर, संवेदनशील व्यक्ति का दिल किसी घायल जीव को देखकर पिघल जाता है. वह उसकी जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देता है. जो व्यक्ति दूसरों की जान नहीं दे सकता, उसे किसी की जान लेने का भी कोई अधिकार नहीं है.
Exam Tip: When asked to clarify meaning, explain the underlying philosophy or moral lesson. Differentiate between contrasting viewpoints (like hunter vs. savior) and elaborate on the core values of each.
Question 2. यह हरिणशावक पार्वत्य-भूमि की संपत्ति है, राजपुरुष और इसी पार्वत्य-भूमि के निवासी हम इसके सजातीय हैं।
Answer: पार्वत्य क्षेत्र में मनुष्य और पशु-पक्षी में कोई अंतर नहीं है. दोनों प्राणधारी हैं और पायल होने पर दोनों को ही दर्द होता है. इसलिए पर्वतीय भूमि में मनुष्य और पक्षु-पक्षी में सजातीय रिश्ता है. इस भूमि में जैसे मनुष्य को मारना अपराध है, ठीक उसी तरह पशु-पक्षियों को मारना भी अपराध है. इस क्षेत्र में कोई व्यक्ति किसी पशु का शिकार कर उसे अपनी संपत्ति जताना चाहे, तो यहां के निवासियों को यह कदापि बर्दाश्त नहीं होता. इसीलिए कालिदास राजपुरुष दन्तल से यह वाक्य कहते हैं. पार्वत्य भूमि के पशु-पक्षी की जान बचाने के लिए इस क्षेत्र के लोग अपनी जान लड़ा देते हैं. क्योंकि वे इन्हें अपने से अलग नहीं मानते.
In simple words: इस बात का मतलब है कि पहाड़ी इलाके में इंसान और जानवर एक बराबर हैं, सब जीव हैं और दर्द महसूस करते हैं. यहाँ के लोगों के लिए जानवरों को मारना इंसानों को मारने जैसा ही गुनाह है. इसलिए यह हिरण का बच्चा इस पहाड़ी ज़मीन का ही है, और हम, जो यहाँ रहते हैं, इसके अपने जैसे ही हैं. कोई भी इस इलाके में किसी जानवर का शिकार करके उसे अपनी चीज़ नहीं बता सकता; यहाँ के लोग उसकी जान बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि वे जानवरों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं.
Exam Tip: Explain the cultural and ecological significance embedded in the statement. Highlight the sense of community and shared existence between humans and animals in that specific region.
6. शब्द का अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
Question 1. आस्तरण, रुष्ट, दूर्वा, आखेट
Answer:
1. **आस्तरण** – बिछौना. (वाक्य: उसने मेहमान के लिए जमीन पर साफ आस्तरण बिछाया.)
2. **रुष्ट** – नाराज़. (वाक्य: मेरी बात से मेरी माँ रुष्ट हो गईं.)
3. **दूर्वा** – दूब (एक प्रकार की घास). (वाक्य: बच्चे बगीचे में दूर्वा पर खेल रहे थे.)
4. **आखेट** – शिकार. (वाक्य: राजा जंगल में आखेट के लिए गए.)
In simple words: यहाँ शब्दों के अर्थ दिए गए हैं और फिर उनका एक-एक वाक्य में उपयोग दिखाया गया है.
Exam Tip: Provide a clear, concise meaning for each word and construct a simple sentence that correctly demonstrates its usage. Ensure the sentences highlight the word's meaning.
7. विशेषण बनाइए :
Question 1.
1. शरीर
2. गाँव
3. प्रदेश
4. दिन
5. पीड़ा
Answer:
1. शरीर – शारीरिक
2. गाँव – गवार
3. प्रदेश- प्रादेशिक
4. दिन – दैनिक
5. पीड़ा – पीड़ित
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों से विशेषण रूप बनाए गए हैं.
Exam Tip: Understand the rules for converting nouns into adjectives. Practice with various suffixes like -इक, -ई, -मान, -वंत, etc.
8. भाववाचक संज्ञा बनाइए :
Question 1.
1. कोमल
2. बहुत
3. रुष्ट
Answer:
1. कोमल – कोमलता
2. बहुत – बहुतायत
3. रुष्ट – रुष्टि
In simple words: इन शब्दों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाई गई हैं.
Exam Tip: Recognize common suffixes used to form abstract nouns (भाववाचक संज्ञा), such as -ता, -त्व, -पन, -आई, -आहट, -ई, -ईय, आदि.
9. दो-दो समानार्थी शब्द लिखिए :
Question 1. लहू, हरिण, ऋतु, दूध
Answer:
1. लहू – मृग, रक्त
2. हरिण – मृग, सारंग
3. ऋतु – मौसम, बहार
4. दूध – दुग्ध, क्षीर
In simple words: इन शब्दों के दो-दो मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं.
Exam Tip: Expand your vocabulary by learning multiple synonyms for common words. This improves both writing and comprehension.
10. सविग्रह समास भेद बताइए :
Question 1. अनुसरण, हिरण शावक, प्रतिदिन, निःशस्त्र
Answer:
1. अनुसरण – अनु + सरण (अव्ययीभाव समास)
2. हिरण शावक – हिरण का शावक (तत्पुरुष समास)
3. प्रतिदिन – प्रत्येक दिन (अव्ययीभाव समास)
4. निःशस्त्र – बिना शस्त्र के (अव्ययीभाव समास)
In simple words: यहाँ शब्दों के समास विग्रह किए गए हैं और फिर उनके प्रकार बताए गए हैं.
Exam Tip: To identify समास भेद, first do the समास विग्रह (splitting the compound word). Then, based on which part is prominent or how the parts relate, determine the type of समास.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. दन्तुल कालिदास तक कैसे पहुंचा?
Answer: दन्तुल रक्तबिंदुओं का अनुसरण करके कालिदास तक पहुंचा था.
In simple words: दन्तुल खून के निशान देखकर कालिदास तक पहुंच गया था.
Exam Tip: For 'how' questions, provide the specific method or means by which an event occurred.
Question 2. उज्जयिनी की राज्यसभा का प्रत्येक व्यक्ति कालिदास को कैसे जानता था?
Answer: उज्जयिनी की राज्यसभा का प्रत्येक व्यक्ति कालिदास को 'ऋतुसंहार' के कवि के कारण जानता था.
In simple words: उज्जैन के राजदरबार में सब लोग कालिदास को उनकी किताब 'ऋतुसंहार' के लेखक के रूप में जानते थे.
Exam Tip: Link individuals to their well-known achievements or works, especially in literary or historical contexts.
Question 3. दन्तुल ने हरिण-शावक को अपनी संपत्ति क्यों कहा?
Answer: हरिण-शावक दन्तुल के बाणों से घायल हुआ था इसलिए दन्तुल ने उसे अपनी संपत्ति कहा.
In simple words: दन्तुल ने हिरण के बच्चे को अपनी संपत्ति कहा क्योंकि उसने उसे अपने तीर से घायल किया था.
Exam Tip: When a character makes a claim, identify the basis of that claim in the narrative.
सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :
Question 1. दन्तुल को खेद था कि उसने कालिदास के साथ ...
(अ) दुष्टता का व्यवहार किया था.
(ब) अशिष्टता का व्यवहार किया था.
(क) हिंसा का व्यवहार किया था.
Answer: (ब) अशिष्टता का व्यवहार किया था.
In simple words: दन्तुल को बुरा लगा कि उसने कालिदास के साथ ठीक से व्यवहार नहीं किया.
Exam Tip: Pay attention to the emotional state of characters and the specific nature of their actions, especially when choices involve shades of meaning (e.g., rudeness vs. cruelty).
Question 2. अंबिका रुष्ट थी, क्योंकि ...
(अ) वहाँ राज कर्मचारी आए थे.
(ब) कालिदास हरिण-शावक को आस्तरण पर लिटानेवाला था.
(क) पुत्री मलिका वर्षा में कालिदास के साथ थी.
Answer: (क) पुत्री मलिका वर्षा में कालिदास के साथ थी.
In simple words: अंबिका नाराज़ थी क्योंकि उसकी बेटी मल्लिका कालिदास के साथ बारिश में बाहर गई थी.
Exam Tip: Identify the direct cause of a character's emotion as presented in the story. Look for the immediate preceding event.
Question 3. यदि दन्तुल कालिदास के क्षेत्र का निवासी होता तो वह ...
(अ) पगड़ी न पहनता.
(ब) संस्कृत भाषा में बात करता.
(क) हरिणों का शिकार न करता.
Answer: (क) हरिणों का शिकार न करता.
In simple words: अगर दन्तुल कालिदास के इलाके का रहने वाला होता, तो वह हिरणों का शिकार नहीं करता.
Exam Tip: Understand the local customs and rules mentioned in the story. Hypothetical questions often test this understanding.
Question 4. हरिण-शावक को पाना कालिदास के लिए ...
(अ) अनुभूति का प्रश्न था.
(ब) संवेदना का प्रश्न था.
(क) अभ्यास का प्रश्न था.
Answer: (ब) संवेदना का प्रश्न था.
In simple words: हिरण के बच्चे को बचाना कालिदास के लिए दया और सहानुभूति का मामला था.
Exam Tip: Differentiate between intellectual understanding (अनुभूति), emotional empathy (संवेदना), and practical skill (अभ्यास). The context clearly points to emotional connection.
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1.
1. 'कालिदास का प्राणीप्रेम' इस नाटक में ........... के प्रति प्रगाढ़ प्रेम व्यक्त हुआ है. (वनराज, वन्य प्राणियों)
2. एक बाण प्राण ले सकता है तो ......... का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है. (ऊंगलियों, हाथों)
3. कालिदास ने हरिण को ........... पिलाया. (अमृत, दूध)
4. मल्लिका की मां को ........... की चिंता रहती है. (अपवाद, विवाद)
5. अंबिका ........... की माँ थी. (कालिदास, मल्लिका)
6. हरिण-शावक ........... के बाणों से घायल हुआ. (दुष्यंत, दन्तुल)
7. कालिदास ........... भाषा के महाकवि थे. (हिन्दी, संस्कृत)
Answer:
1. वन्य प्राणियों
2. ऊंगलियों
3. दूध
4. अपवाद
5. मल्लिका
6. दन्तुल
7. संस्कृत
In simple words: यहाँ दिए गए खाली स्थानों को सही विकल्पों से भरा गया है, जो पाठ की जानकारी पर आधारित हैं.
Exam Tip: Read the context carefully to choose the most appropriate word from the given options. These often test your attention to detail in the story.
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1.
1. हरिण –
2. घृत –
3. आहत –
4. पीड़ा –
5. निकट –
6. बरतन –
7. चिता –
8. हठ –
9. साहस –
10. बाण –
11. प्रशंसा –
12. ललाट –
13. आखेट –
14. अपराधी –
15. पर्याप्त –
16. तल्य –
17. भाजन –
18. व्यथित –
19. आस्तरण –
20. अपवाद –
Answer:
1. हरिण – मृग
2. घृत – घी
3. आहत – घायल
4. पीड़ा – दर्द
5. निकट – समीप
6. बरतन – पात्र
7. चिंता – फिक्र
8. हठ – ज़िद
9. साहस – हिम्मत
10. बाण – तीर
11. प्रशंसा – तारीफ
12. ललाट – भाल
13. आखेट – शिकार
14. अपराधी – दोषी
15. पर्याप्त – काफी
16. तल्य – शय्या
17. भाजन – पात्र
18. व्यथित – दुःखी
19. आस्तरण – बिछौना
20. अपवाद – निंदा
In simple words: दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द यहाँ लिखे गए हैं.
Exam Tip: Memorize a wide range of synonyms to improve your Hindi vocabulary. Practice recognizing subtle differences in meaning between similar words.
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1.
1. कोमल ×
2. दक्षिण ×
3. पीड़ा ×
4. थोड़ा ×
5. रुष्ट ×
6. निकट ×
7. शीघ्र ×
8. सम्मान ×
9. मिलन ×
10. देर ×
11. आवश्यक ×
12. निःशस्त्र ×
Answer:
1. कोमल × कठोर
2. दक्षिण × उत्तर
3. पीड़ा × राहत
4. थोड़ा × बहुत
5. रुष्ट × प्रसन्न
6. निकट × दूर
7. शीघ्र × विलंब
8. सम्मान × अपमान
9. मिलन × बिछोह
10. देर × जल्दी
11. आवश्यक × अनावश्यक
12. निःशस्त्र × सशस्त्र
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द बताए गए हैं.
Exam Tip: Practice identifying antonyms by focusing on the core meaning of each word and then thinking of its opposite. This also enhances vocabulary.
निम्नलिखित संधि को छोड़िए :
Question 1.
1. निःसंदेह
2. दुर्लभ
3. निष्प्राण
4. निर्दोष
Answer:
1. निःसंदेह = निः + संदेह
2. दुर्लभ = दुस् (दुः) + लभ
3. निष्प्राण = निः + प्राण
4. निर्दोष = निः + दोष
In simple words: इन शब्दों को संधि नियमों के हिसाब से अलग-अलग किया गया है.
Exam Tip: Understand the different types of Sandhi (स्वर, व्यंजन, विसर्ग) and their rules. Practice splitting words into their original components.
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
Question 1.
1. व्यंग्य से भरा हुआ
2. जिसके पास शस्त्र न हो
3. राजसभा का कवि
4. तलवार का हाथ में रखनेवाला भाग
5. चौकड़ी भरना
6. जो आवश्यकता अनुसार हो
7. पशु का बच्चा
8. पीछे-पीछे चलना
9. हस्तरेखा की विद्या
10. जिसके पास शस्त्र हो
Answer:
1. व्यंग्यात्मक
2. निःशस्त्र
3. राजकवि
4. मूठ
5. कुलाँच
6. पर्याप्त
7. शावक
8. अनुसरण
9. सामुद्रिक
10. सशस्त्र
In simple words: कई शब्दों के समूह के लिए एक अकेला शब्द बताया गया है.
Exam Tip: This exercise improves conciseness in writing. Practice associating phrases with single words to enhance expression.
निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. पुचकारना
2. जीना
3. घूमना
4. व्यक्ति
5. दूर
6. निकट
7. माता
8. पशु
9. पुरुष
10. कवि
11. थपथपाना
Answer:
1. पुचकारना – पुचकार
2. जीना – जीवन
3. घूमना – घुमाव
4. व्यक्ति – व्यक्तित्व
5. दूर – दूरी
6. निकट – निकटता
7. माता – मातृत्व
8. पशु – पशुता
9. पुरुष – पुरुषत्व
10. कवि – कवित्व
11. थपथपाना – थपथपाहट
In simple words: इन क्रियाओं और विशेषणों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाई गई हैं, जो किसी भाव या अवस्था को दर्शाती हैं.
Exam Tip: Focus on the various suffixes (-त्व, -ता, -पन, -आई, -आहट, -ई, -य) that convert verbs or adjectives into abstract nouns, representing qualities or states.
निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. कर्म
2. दृष्टि
3. प्रश्न
4. प्रशंसा
5. निवास
6. अभ्यास
7. निर्णय
8. व्यंग्य
9. अपराध
10. लेखन
11. पीडा
12. चिंता
13. चोरी
14. आखेट
15. लेख
16. शिकार
Answer:
1. कर्म – कर्मचारी
2. दृष्टि – दृष्टा
3. प्रश्न – प्राश्निक
4. प्रशंसा – प्रशंसक
5. निवास – निवासी
6. अभ्यास – अभ्यासी
7. निर्णय – निर्णायक
8. व्यंग्य – व्यंग्यकार
9. अपराध – अपराधी
10. लेखन – लेखक
11. पीड़ा – पीड़क
12. चिता – चिंतक
13. चोरी – चोर
14. आखेट – आखेटक
15. लेख – लेखक
16. शिकार – शिकारी
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों से 'काम करने वाले' (कर्ता) को दर्शाने वाली संज्ञाएँ बनाई गई हैं.
Exam Tip: Understand that कर्तृवाचक संज्ञा refers to the doer of an action or the one who possesses a quality. Practice forming these nouns by adding appropriate suffixes or by using derived forms.
निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. चिता
2. परिचय
3. अकस्मात
4. रक्त
5. व्यंग्य
6. संकोच
7. प्रशंसा
8. समुद्र
9. निर्णय
10. पर्वत
11. भूमि
12. पशु
13. निर्भर
Answer:
1. चिता – चिंतित
2. परिचय – परिचित
3. अकस्मात – आकस्मिक
4. रक्त – रक्तिम
5. व्यंग्य – व्यंग्यात्मक
6. संकोच – संकोचित
7. प्रशंसा – प्रशंसित
8. समुद्र – सामुद्रिक
9. निर्णय – निर्णायक
10. पर्वत – पर्वतीय
11. भूमि – भौमिक
12. पशु - पाशविक
13. निर्भर – निर्भित
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों से विशेषण रूप वाली संज्ञाएँ बनाई गई हैं, जो किसी चीज़ की विशेषता बताती हैं.
Exam Tip: Practice forming adjectives from nouns, verbs, or adverbs. Focus on common suffixes like -इत, -इक, -मय, -ीय, -एला, -ई, आदि.
निम्नलिखित समास को पहचानिए:
Question 1.
1. रुचि-अरुचि
2. राज्यसभा
3. राजकवि
4. कालिदास
5. गाँववासी
6. प्रतिदिन
Answer:
1. द्वन्द्व
2. तत्पुरुष
3. तत्पुरुष
4. तत्पुरुष
5. तत्पुरुष
6. अव्ययीभाव
In simple words: यहां आपको दिए गए शब्दों के जोड़े या समूहों में प्रयोग हुए समास के प्रकार की पहचान करनी है। समास वह तरीका है जिसमें दो या दो से अधिक शब्दों को जोड़कर एक नया, छोटा शब्द बनता है।
Exam Tip: समास के प्रकारों को याद रखें (जैसे द्वन्द्व, तत्पुरुष, अव्ययीभाव, कर्मधारय, द्विगु, बहुव्रीहि) और प्रत्येक की पहचान करने के नियमों को समझें।
कालिदास का प्राणीप्रेम Summary In Hindi
विषय-प्रवेश:
कालिदास का प्राणीप्रेम' लेखक मोहन राकेश के जाने-माने नाटक 'आषाढ़ का एक दिन' का एक छोटा भाग है। इस भाग में बाण से घायल हिरन के बच्चे की देखभाल और उसकी जान बचाने के रूप में कवि कालिदास की बहुत दया और वन्य प्राणियों के प्रति उनका गहरा प्यार दिखा है।
पाठ का सार:
घायल हरिण-शावक:
बाण से घायल हिरन का एक छोटा बच्चा उछलता-कूदता हुआ कवि कालिदास की गोद में आ गया था। उसके शरीर से रक्त गिर रहा था। कवि उसे अपनी बाहों में उठा लेते हैं और उसे लेकर निकल पड़ते हैं।
हरिण-शावक को सांत्वना:
कवि रास्ते में हरिण-शावक को तसल्ली देते हुए उससे बातचीत करते हैं। वे उससे कहते हैं – हम जिएंगे। एक बाण से घायल होकर भी हम मर नहीं सकते। हम दर्द सहन कर सकते हैं। उंगलियों का हल्का छूना हमें प्राण दे सकता है। हमारे अंगों पर घी का लेप लगेगा। हम जंगल में घूमेंगे ... और दूब खाएंगे।
मल्लिका का आश्चर्य:
मल्लिका द्वार की ओर बढ़ती है, तो घायल हरिण-शावक को देखकर उसे अचंभा होता है। उसने कुछ समय पहले इधर से कुछ सरकारी कर्मचारियों को घोड़े पर गुजरते देखा था। उसे संदेह होता है, शायद उन्हीं में से किसी का यह बुरा काम हो।
हरिण-शावक की तीमारदारी:
कालिदास हरिण-शावक को दुलारते और उसे तसल्ली देते हैं। वे उसे दूध पिलाते हैं।
राजपुरुष का प्रवेश:
इसी समय राजपुरुष दन्तुल घर में अंदर आता है। वह अपने बाण से घायल हरिण-शावक को मांगता है।
कालिदास उससे कहते हैं कि इस इलाके में हिरणों का शिकार नहीं होता। तुम इस बात से अनजान हो, इसलिए तुम्हें दोषी नहीं समझा जा रहा, यह कम बात नहीं है। दन्तुल कालिदास को अपने अधिकार का डर दिखाता है। कालिदास उससे कहते हैं, यह हरिण-शावक पहाड़ी क्षेत्र की संपत्ति है। वे हरिण-शावक को लेकर जाने लगते हैं। राजपुरुष अपनी तलवार की मूठ पर हाथ रखकर उनके पीछे जाना चाहता है।
मल्लिका का तर्क:
मल्लिका राजपुरुष को रोक कर उसे बताती है कि वह घायल हरिण-शावक के लिए जिद न करे। यह हरिण-शावक उसके लिए हक का सवाल है, तो कालिदास के लिए यह दया का सवाल है। कालिदास हथियार रहित होने पर भी तुम्हारे शस्त्र की फिक्र नहीं करेंगे।
राजपुरुष के रुख में परिवर्तन:
मल्लिका के मुंह से 'कालिदास' नाम सुनकर राजपुरुष दन्तुल हक्का-बक्का रह जाता है। उसे अफसोस होता है कि जिस व्यक्ति से वह उलझ रहा था वे ही कवि कालिदास हैं, जिन्हें उज्जयिनी का राजा उनके काव्य 'ऋतुसंहार' के लिए इज्जत देकर उन्हें राज्य के राजकवि का पद देना चाहता है। दन्तुल मल्लिका से कहता है कि आचार्य वररुचि इसी मकसद से उज्जयिनी से यहाँ आए हैं। मल्लिका यह सुनकर हैरान हो जाती है।
राजपुरुष दन्तुल कवि कालिदास के साथ असभ्य व्यवहार करने के लिए दुःख जताता है और कहता है कि उसे उनसे माफी मांगनी चाहिए।
टिप्पणी कालिदास:
कालिदास संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध कवि थे। अपने अद्भुत लेखन से संस्कृत भाषा को विश्व-भाषा का दर्जा दिलानेवाले महाकवि कालिदास विश्व कवि हैं।
कालिदास ने 'रघुवंशम्' व 'कुमारसंभवम्' नाम के दो महाकाव्य, 'मेघदूतम्' तथा 'ऋतुसंहारम्' नाम के दो छोटे काव्य और 'अभिज्ञानशाकुंतलम्', 'विक्रमोर्वशीयम्' व 'मालविकाग्निमित्रम्' नाम के तीन नाटक लिखे थे, जो पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उनके काव्य-नाटकों का अनुवाद दुनिया की लगभग सभी भाषाओं में हुआ है।
कालिदास का प्राणीप्रेम शब्दार्थ:
- हरिण-शावक - हिरन का बच्चा, मृग-छौना।
- पुचकारना - प्यार जताना।
- टपकना - चूना, बूंद-बूंद कर गिरना।
- आहत - घायल, चोट खाया हुआ।
- स्पर्श - छूना।
- आस्तरण - बिछौना, बिस्तर।
- विश्राम - आराम करना, थकावट दूर करना।
- घृत - घी।
- वनस्थली - वन की भूमि, जहाँ वन हो।
- दूर्वा - दूब।
- आकृतियाँ - शक्ल, (यहां अर्थ) मनुष्य।
- वक्ष - छाती। थपथपाना - थपकी देना।
- औटाना - आग पर रखकर गाढ़ा करना।
- अनिष्ट - हानिकर, बुरा।
- रोमांच - आनंद से रोएं खड़े होना।
- उड़ेलना - ढालना, तरल पदार्थ एक से दूसरे बरतन में डालना।
- कुलांच - चौकड़ी, छलांग, उछाल।
- अनुमान - आभास, अंदाजा।
- अपवाद - निंदा।
- भाजन - बरतन, पात्र।
- ड्योढ़ी - द्वार, देहली।
- आसन - वह चीज जिस पर बैठा जाए।
- आकस्मिक - अचानक या सहसा होनेवाला।
- अनुसरण - पीछे-पीछे चलना।
- व्यंग्यात्मक हंसी - चिढ़ाने के अंदाजवाली हंसी।
- ललाट - मस्तक, माथा।
- सामुद्रिक - हस्तरेखा विद्या, ज्योतिष।
- लांछन - दोष, कलंक।
- आखेट - शिकार।
- अपराधी - अपराध करनेवाला।
- पार्वत्य भूमि - पर्वतीय भूमि, पहाड़ी जमीन।
- सजातीय - एक ही जातिवाले, एक ही तरह के जीव।
- तल्प - शय्या।
- सहसा - एकाएक।
- हठ - जिद्द।
- संवेदना - दूसरों के कष्टों के प्रति सहानुभूति का भाव।
- निःशस्त्र - जिसके पास कोई हथियार न हो।
- तर्क - वाद-विवाद।
- उज्जयिनी - उज्जैन।
- राज्यसभा - राजा की सभा।
- राजकवि - जिसे राज्य से 'राज कवि' का सम्मान मिला हो।
- अशिष्टता - असभ्यता।
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