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Detailed Chapter 19 तोता और इन्द्र GSEB Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi Chapter 19 तोता और इन्द्र GSEB Solutions PDF
स्वाध्याय
1. निम्रलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Answer:
Question 1. इन्द्र कहाँ से गुजर रहे थे ?
Answer: इन्द्र काशी के पास एक सुनसान जंगल से गुजर रहे थे।
In simple words: इन्द्र भगवान काशी के पास एक शांत, खाली जंगल से जा रहे थे।
Exam Tip: जब किसी प्रश्न में 'कहाँ से' पूछा जाए, तो स्थान का उल्लेख करें और फिर क्रिया बताएं।
Question 2. इन्द्र ने खोखले वृक्ष में क्या देखा ?
Answer: इन्द्र ने खोखले वृक्ष के अंदर एक सुंदर तोता देखा।
In simple words: इन्द्र ने एक खाली पेड़ के अंदर एक खूबसूरत तोता देखा।
Exam Tip: इस तरह के सीधे प्रश्न में, आपको यह बताना चाहिए कि चरित्र ने क्या देखा या अनुभव किया।
Question 3. पेड़ क्यों सूख गया था ?
Answer: एक शिकारी ने उस पेड़ पर ज़हर लगा बाण चलाया था, जिससे पेड़ सूख गया।
In simple words: एक शिकारी ने ज़हरीला तीर मारा था, जिस वजह से पेड़ सूख गया।
Exam Tip: कारण वाले प्रश्नों में, हमेशा सटीक वजह बताएं और उसका परिणाम भी संक्षेप में दें।
Question 4. पेड़ पर किसने आफ़त ढा दी थी ?
Answer: शिकारी के ज़हर लगे बाण ने पेड़ पर संकट ला दिया था।
In simple words: एक शिकारी के ज़हरीले तीर ने पेड़ को मुसीबत में डाल दिया था।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, यह स्पष्ट करें कि किस व्यक्ति या चीज़ ने संकट पैदा किया।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 5. सूखे पेड़ पर तोते को देख इन्द्र को क्यों आश्चर्य हुआ ?
Answer: हरे-भरे, छायादार और सुंदर जंगल में एक पक्षी आमतौर पर हरे-भरे पेड़ पर ही रहना पसंद करेगा। लेकिन यह तोता उन हरे-भरे पेड़ों पर न रहकर एक सूखे पेड़ के खोखले भाग में रहता था। यह देखकर इन्द्र को बहुत हैरानी हुई।
In simple words: एक सुंदर जंगल में, तोता हरे पेड़ छोड़कर सूखे पेड़ पर रहता था, जिससे इन्द्र को अजीब लगा।
Exam Tip: जब आश्चर्य का कारण पूछा जाए, तो सामान्य स्थिति बताएं और फिर उस असामान्य स्थिति का वर्णन करें जिससे हैरानी हुई।
Question 6. तोते ने उस सूखे वृक्ष पर रहने का कारण क्या बतलाया ? क्या आप उसे ठीक समझते हो ?
Answer: तोते ने बताया कि जन्म से लेकर अब तक यह पेड़ हमेशा उसका साथी रहा है। आज उसके बुरे समय में उसे छोड़ना सही नहीं होगा। हाँ, मुझे लगता है कि तोते की बात सही है क्योंकि सच्चे साथी बुरे वक्त में एक-दूसरे का साथ देते हैं।
In simple words: तोते ने कहा कि पेड़ हमेशा उसका दोस्त रहा है, इसलिए बुरे समय में उसे छोड़ना गलत होगा। यह बात सही है।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, तोते द्वारा बताए गए कारण को स्पष्ट करें और फिर अपने विचार भी संक्षेप में व्यक्त करें कि आप इससे सहमत हैं या नहीं।
Question 7. तोते के उत्तर का इन्द्रदेव पर क्या प्रभाव पड़ा ? और उसका फल क्या हुआ ?
Answer: तोते ने इन्द्रदेव से कहा कि यह सूखा पेड़ उसके बचपन से जुड़ा है और वह इसके साथ ही अपनी आखिरी साँस लेना चाहता है। यह सुनकर इन्द्रदेव बहुत भावुक हो गए। उन्होंने उस पेड़ को फिर से जीवन दिया और वह पेड़ पहले की तरह हरा-भरा हो गया।
In simple words: तोते की बात सुनकर इन्द्रदेव बहुत दयालु हो गए। उन्होंने पेड़ को फिर से हरा कर दिया।
Exam Tip: उत्तर में, पहले इन्द्रदेव पर पड़े प्रभाव को बताएं और फिर उस प्रभाव के परिणामस्वरूप हुए कार्य और फल का विवरण दें।
3. निम्रलिखित प्रश्नों के सविस्तार उत्तर लिखिए :
Question 1. तोते ने उस पेड़ से अपने अत्यधिक लगाव के क्या-क्या कारण बतलाए हैं ?
Answer: तोते को उस पेड़ से बहुत प्रेम था। पहले वह पेड़ बहुत हरा-भरा और सुंदर था। तोते का जन्म भी उसी पेड़ पर हुआ था। उसकी हर डाली उसे अपनी जान से भी प्यारी थी। उसने उस पेड़ की आनंददायक छाया में होश संभाला था। उसे बोलना, फुदकना और उड़ना सीखना इसी पेड़ पर मिला था। बचपन से लेकर अब तक उसने तोते को ठंडी छाया दी थी। तोते ने पेड़ को अपने सुख-दुःख का सच्चा साथी माना था। उसे इसी पेड़ पर खुशी, संतोष और शांति मिलती थी। तोते ने उस पेड़ से अपने बहुत ज्यादा प्रेम के ये सब कारण बताए थे।
In simple words: तोते ने कहा कि पेड़ पर ही उसका जन्म हुआ, उसी पर उसने बोलना सीखा, और पेड़ ने उसे हमेशा खुशी और शांति दी, इसलिए उसे उससे बहुत लगाव था।
Exam Tip: विस्तृत उत्तरों में, सभी मुख्य बिंदुओं को विस्तार से लिखें और उन्हें क्रम में प्रस्तुत करें ताकि उत्तर स्पष्ट और समझने में आसान हो।
Question 2. तोता और इन्द्र का संवाद अपने शब्दों में लिखिए ।
Answer:
इन्द्र: अरे भाई तोते! इस जंगल में हरे-भरे पेड़ भरे पड़े हैं। यह अजीब है कि तुम इस सूखे पेड़ के इस खोखले भाग में एक अजनबी और नादान की तरह बैठे हो। क्या यह बेवकूफी नहीं है?
तोता: महाराज! यह पेड़ आज भले ही सूख गया है, पर पहले यह बहुत हरा-भरा और सुंदर था। पूरे जंगल में यह अपने तरीके का सबसे अच्छा पेड़ था। यह इस जंगल की शोभा था। अलग-अलग तरह की चिड़ियाँ, कोयल, तोते, मैना आदि सभी को यह पेड़ बहुत प्यारा था। मेरा जन्म इसी हरे-भरे पेड़ पर हुआ था। इसलिए मुझे इसकी हर डाली बहुत प्यारी है। इसी की छाया में मैंने अपना जीवन शुरू किया था। इसी पर मैंने बोलना, चहकना और उड़ना सीखा था। इसने मुझे बचपन से लेकर अब तक ठंडी छाया दी थी। यह मेरे सुख-दुःख का सच्चा साथी रहा है।
लेकिन आज यह पेड़ सूख रहा है। इसका एक कारण है। एक बार जंगल में एक शिकारी आया था। उसने अपने ज़हर से सने बाण से इस पेड़ पर हमला किया था। तब से यह पेड़ ज़हर के असर से दिन-ब-दिन सूखता जा रहा है। यह पेड़ मेरा बचपन का साथी है। इसी पेड़ पर रहकर मुझे खुशी, संतोष और शांति मिलती है। इसे छोड़कर मैं कहाँ जा सकता हूँ? लगता है इसके साथ-साथ मेरा भी आखिरी वक्त आ जाएगा।
इन्द्र: ओह! तो यह बात है! तोते, मैं तुमसे बहुत खुश हूँ। अब तुम्हारा जीवन सफल हो जाएगा। तुम मुझसे जो भी मांगो, मैं अभी उसे पूरा कर दूंगा।
तोता: हे देवपति! यह पेड़ सारे जंगल की शान है। आप इस पेड़ को हरा-भरा कर दीजिए।
इन्द्र: ठीक है! (तथास्तु!)
In simple words: इन्द्र ने सूखे पेड़ पर तोते को देखा और उसे मूर्ख कहा। तोते ने बताया कि यह पेड़ उसका जीवनसाथी रहा है, इसलिए वह इसे नहीं छोड़ेगा। इन्द्र तोते की निष्ठा से खुश होकर पेड़ को फिर से हरा-भरा कर देते हैं।
Exam Tip: संवाद लिखते समय, हर पात्र के नाम के बाद कॉलन लगाएं और उनके वाक्यों को सीधे लिखें। संवाद को कहानी के प्रवाह और पात्रों के स्वभाव के अनुसार रखें।
4. निम्रलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
Question 1. विस्तृत, गौरवशाली, मोदमयी, एवमस्तु
Answer:
1. विस्तृत: हिमालय का पर्वत क्षेत्र बहुत विस्तृत है।
2. गौरवशाली: हमारे देश का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है।
3. मोदमयी: उसके आने से सारा माहौल मोदमयी हो गया।
4. एवमस्तु: गुरु ने शिष्य को आशीर्वाद देते हुए कहा, "एवमस्तु!"
In simple words: आपको दिए गए शब्दों का इस्तेमाल करके वाक्य बनाने हैं, ताकि उनका मतलब स्पष्ट हो जाए।
Exam Tip: शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि वाक्य व्याकरणिक रूप से सही हो और शब्द का अर्थ उसमें ठीक से फिट बैठे।
5. शब्दसमूह के लिए एक-एक शब्द लिखिए :
Question 1.
1. जहाँ मनुष्य न हो
2. जिसमें बल न हो
3. देवों के अधिपति
4. भू के पति
Answer:
1. निर्जन
2. निर्बल
3. देवपति
4. भूपति
In simple words: शब्दों के समूह के लिए एक सही शब्द चुनें।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, शब्दों के समूह का अर्थ समझें और फिर उसके लिए सबसे सटीक एक शब्द लिखें।
निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1. पेड़ पर विषबुझा बाण किसने चलाया?
Answer: पेड़ पर ज़हर लगा बाण एक शिकारी ने चलाया था।
In simple words: शिकारी ने पेड़ पर ज़हरीला तीर मारा था।
Exam Tip: एक वाक्य के उत्तर में, मुख्य जानकारी को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. तोता कहाँ रहता था?
Answer: तोता सूखे पेड़ पर रहता था।
In simple words: तोता एक सूखे पेड़ पर रहता था।
Exam Tip: सीधे सवालों के जवाब में, मुख्य विषय और क्रिया को संक्षिप्तता से लिखें।
Question 3. तोते ने क्या वरदान मांगा?
Answer: तोते ने सूखे पेड़ को फिर से हरा-भरा करने का वरदान मांगा।
In simple words: तोते ने सूखा पेड़ फिर से हरा करने का वरदान मांगा।
Exam Tip: जब कोई मांग पूछी जाए, तो उस मांग को सीधे और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 4. तोते के जन्म के समय पेड़ कैसा था?
Answer: तोते के जन्म के समय पेड़ हरा-भरा, अपनी तरह का अनोखा, सबसे अच्छा, सबसे सुंदर और मन को मोह लेनेवाला था।
In simple words: तोते के जन्म के समय पेड़ बहुत हरा-भरा, सुंदर और अनोखा था।
Exam Tip: किसी चीज़ के वर्णन वाले प्रश्नों में, उसकी सभी खासियतों को विस्तार से बताएं।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1.
1. देवताओं के साथ...............वन से गुजर रहा था। (देवसेना, देवपति)
2. इन्द्र के अनुसार सूखे तरु पर रहना तोते की ...............थी। (अक्लमंदी, मूर्खता)
3. पेड़ की ............... छाया में तोते ने होश संभाला था। (मोदमयी, मोहमयी)
4. तोता उस पेड़ को अपना सच्चा ......... मानता था। (शत्रु, साथी)
5. इन्द्र ने खोखले वृक्ष में ..... को देखा। (सपि, तोते)
6. पेड़ पर ............... ने आफ़त ढा दी थी। (साँप, शिकारी)
7. शिकारी का बाण ............... था। (विषबुझा, आगबुझा)
8. इन्द्र ............... को देखकर दंग रह गए। (हरे पेड़, सूखे पेड)
9. सूखे तरुवर पर तोता ....... बनकर बैठा था। (सयाना, अनजान और अनाड़ी)
Answer:
1. देवपति
2. मूर्खता
3. मोदमयी
4. साथी
5. तोते
6. शिकारी
7. विषबुझा
8. सूखे पेड़
9. अनजान और अनाड़ी
In simple words: खाली जगहों में सही शब्द भरें, जो दिए गए विकल्पों में से है।
Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरण पर ध्यान दें ताकि सही विकल्प चुना जा सके।
निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. देवता और देवपति कहाँ से गुजर रहे थे?
(a) वन
(b) मंदिर
(c) शहर
(d) देवलोक
Answer: (a) वन
In simple words: देवता और देवपति जंगल से जा रहे थे।
Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और फिर सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
Question 2. इन्द्र के अनुसार कहाँ रहना तोते की मूर्खता थी?
(a) जंगल में
(b) डाली पर
(c) नदी के किनारे
(d) सूखे तरु पर
Answer: (d) सूखे तरु पर
In simple words: इन्द्र के मुताबिक, सूखे पेड़ पर रहना तोते की बेवकूफी थी।
Exam Tip: प्रश्न को ध्यान से पढ़कर समझें कि 'इन्द्र के अनुसार' पूछा गया है, न कि तोते के अनुसार।
Question 3. सूखे पेड़ पर तोते को देखकर किसे आश्चर्य हुआ?
(a) देवों को
(b) इन्द्र को
(c) मनु को
(d) बच्चों को
Answer: (b) इन्द्र को
In simple words: इन्द्र को सूखे पेड़ पर तोते को देखकर हैरानी हुई।
Exam Tip: कहानियों पर आधारित प्रश्नों में, घटनाओं के मुख्य पात्रों और उनके अनुभवों को याद रखें।
Question 4. हे देवपति! यह पेड़ सारे वन की शोभा है। आप इस पेड़ को हरा-भरा कर दीजिए।- यह वाक्य किसने कहा?
(a) मनुष्यों ने
(b) दानवों ने
(c) देवों ने
(d) तोते ने
Answer: (d) तोते ने
In simple words: तोते ने कहा कि पेड़ जंगल की सुंदरता है और इन्द्र से उसे हरा करने के लिए विनती की।
Exam Tip: ऐसे संवाद-आधारित प्रश्नों में, यह पहचानने की कोशिश करें कि कौन सा चरित्र क्या कह रहा है।
Question 5. विषबुझा बाण किसने मारा?
(a) शिकारी ने
(b) इन्द्र ने
(c) देवों ने
(d) दानवों ने
Answer: (a) शिकारी ने
In simple words: शिकारी ने ज़हर लगा तीर चलाया।
Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण विवरणों को याद रखें, जैसे कि कौन सा कार्य किसने किया।
Question 6. पेड़ की छाया कैसी थी?
(a) मोदमयी
(b) निराली
(c) घनी
(d) खुशबूदार
Answer: (a) मोदमयी
In simple words: पेड़ की छाया बहुत आनंद देने वाली थी।
Exam Tip: विशेषण वाले प्रश्नों में, कहानी में दी गई विशेषता पर ध्यान दें।
Question 7. पेड़ को सच्चा साथी कौन मानता था?
(a) तोता
(b) देव
(c) दानव
(d) शिकारी
Answer: (a) तोता
In simple words: तोता पेड़ को अपना सच्चा दोस्त मानता था।
Exam Tip: चरित्र के रिश्ते और भावनाएं कहानी के मुख्य बिंदु होते हैं, उन्हें याद रखना ज़रूरी है।
Question 8. यह सूखा पेड़ फिर से लहलहा उठे – यह वरदान किसने मांगा?
(a) शिकारी ने
(b) मनुष्यों ने
(c) देवों ने
(d) तोते ने
Answer: (d) तोते ने
In simple words: तोते ने वरदान मांगा कि सूखा पेड़ फिर से हरा हो जाए।
Exam Tip: कहानी के अंत में चरित्रों की इच्छाओं और वरदानों पर विशेष ध्यान दें।
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1.
1. महिमा -
2. अति -
3. निकट -
4. तरु -
5. मनहर -
6. डाली -
7. आफत -
8. कहानी -
9. देवपति -
10. हर्षित -
11. तन -
12. शोभा -
13. हरदम -
14. विष -
15. तुरंत -
16. बाण -
17. तोता -
18. अभिलाषा -
19. कुरूप -
20. निज -
Answer:
1. महिमा – यश
2. अति – बहुत
3. निकट – समीप
4. तरु – पेड़
5. मनहर – मनोहर
6. डाली – शाखा
7. आफत – मुसीबत
8. कहानी – कथा
9. देवपति – इन्द्र
10. हर्षित – प्रसन्न
11. तन – शरीर
12. शोभा – सुंदरता
13. हरदम – हमेशा
14. विष – ज़हर
15. तुरंत – तत्काल
16. बाण – तीर
17. तोता – शुक
18. अभिलाषा – इच्छा
19. कुरूप – भद्दा
20. निज – अपना
In simple words: दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द लिखें।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के सटीक अर्थ को दर्शाने वाला शब्द चुनें।
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1.
1. प्राचीन ×
2. पुण्य ×
3. मुर्खता ×
4. देव x
5. निकट ×
6. विस्तृत ×
7. भाग्यवान x
8. बलशाली ×
9. कुरूप ×
10. होश ×
11. छाया ×
12. विष ×
13. बचपन ×
14. अंत x
15. भारी ×
16. हर्ष x
Answer:
1. प्राचीन × नया
2. पुण्य × पाप
3. मुर्खता × समझदारी
4. देव × दानव
5. निकट × दूर
6. विस्तृत × संकुचित
7. भाग्यवान × अभागा
8. बलशाली × दुर्बल
9. कुरूप × सुंदर
10. होश × बेहोश
11. छाया × धूप
12. विष × अमृत
13. बचपन × बुढ़ापा
14. अंत × आरंभ
15. भारी × हलका
16. हर्ष × दुख
In simple words: दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखें।
Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के बिल्कुल उलटा अर्थ वाला शब्द चुनें।
निम्नलिखित संधि को छोड़िए :
Question 1.
1. निर्जन -
2. स्वागत -
3. अभ्यागत -
4. निर्जीवित -
5. व्याकुल -
6. प्रत्येक -
7. अत्यधिक -
8. एवमस्तु -
Answer:
1. निर्जन = निः + जन
2. स्वागत = सु + आगत
3. अभ्यागत = अभि + आगत
4. निर्जीवित = निः + जीवित
5. व्याकुल = वि + आकुल
6. प्रत्येक = प्रति + एक
7. अत्यधिक = अति + अधिक
8. एवमस्तु = एवम् + अस्तु
In simple words: दिए गए संधि शब्दों को उनके मूल शब्दों में अलग करें।
Exam Tip: संधि विच्छेद करते समय, सही नियमों का पालन करें और सुनिश्चित करें कि अलग किए गए दोनों शब्द सार्थक हों।
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
Question 1.
1. राजा की पत्नी
2. जिसे कोई जानता ना हो
3. दूर दूर तक फैला हुआ
4. आनंद से भरी हुई
5. नया जीवन
6. जिसमें जीवन न हो
7. एक तीर्थ नगरी
8. जो अपने काम में कुशल नहीं है
9. देवताओं का राजा
Answer:
1. रानी
2. अनजान
3. विस्तृत
4. मोदमयी
5. नवजीवन
6. निर्जीव
7. काशी
8. अनाड़ी
9. इन्द्र
In simple words: शब्दों के समूह को एक छोटे शब्द में व्यक्त करें।
Exam Tip: शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखते समय, दिए गए पूरे वाक्यांश के अर्थ को ध्यान में रखें।
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
Question 1. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
Answer:
• दंग रह जाना – अत्यधिक हैरान होना। वाक्य : अजय की प्रगति देखकर पड़ोसी हैरान हो गए।
• हाथ बंटाना – सहायता करना। वाक्य : माता-पिता के काम में मदद करनी चाहिए।
• होश संभालना – समझदार होना। वाक्य : विजय होश संभालते ही पिता के साथ व्यापार में लग गया।
In simple words: आपको मुहावरों का अर्थ बताना है और फिर उनका इस्तेमाल करते हुए एक वाक्य बनाना है।
Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग दोनों सही होने चाहिए; अर्थ स्पष्ट हो और वाक्य में उसका उचित प्रयोग हो।
निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. सुनाना -
2. खोखला -
3. पूछना -
4. मूर्ख -
5. विस्तृत -
6. कुरूप -
7. मुसकाना -
8. सच्चा -
9. साथी -
10. शिकारी -
11. मरना -
12. पूर्ण -
Answer:
1. सुनाना – सुनवाई
2. खोखला – खोखलापन
3. पूछना – पूछ
4. मूर्ख – मूर्खता
5. विस्तृत – विस्तार
6. कुरूप – कुरूपता
7. मुसकाना – मुसकान
8. सच्चा – सच्चाई
9. साथी – साथ
10. शिकारी – शिकार
11. मरना – मृत्यु
12. पूर्ण – पूर्णता
In simple words: दिए गए शब्दों से भाववाचक संज्ञाएं बनाएं।
Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएं बनाते समय, शब्द के मूल रूप से सही प्रत्यय (suffix) जोड़ें।
निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. कहानी – कहानीकार
2. जन्म – जन्मदाता
3. शिकार –
4. बोलना –
5. वर –
6. छाया –
7. मन –
8. गाना –
9. सुख –
10. विष -
Answer:
1. कहानी – कहानीकार
2. जन्म – जन्मदाता
3. शिकार – शिकारी
4. बोलना – वक्ता
5. वर – वरदाता
6. छाया – छायादार
7. मन – मनहर
8. गाना - गायक
9. सुख – सुखद
10. विष – विषधर
In simple words: दिए गए शब्दों से 'कर्ता' (काम करने वाले) को बताने वाली संज्ञाएं बनाएं।
Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञाएं बनाते समय, यह ध्यान रखें कि नया शब्द किसी काम को करने वाले व्यक्ति या वस्तु को दर्शाता हो।
निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. हर्ष –
2. बल -
3. गौरव -
4. अंत -
5. जंगल -
Answer:
1. हर्ष – हर्षित
2. बल – बलशाली
3. गौरव – गौरवशाली
4. अंत – अंतिम
5. जंगल – जंगली
In simple words: दिए गए शब्दों को विशेषण रूप में बदलें।
Exam Tip: विशेषण संज्ञाएं बनाते समय, सुनिश्चित करें कि नया शब्द किसी संज्ञा की विशेषता बताता हो।
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
Question 1.
1. पुण्यभूमि
2. देवपति
3. रात-दिन
4. आजीवन
5. मनहर
6. अनजान
7. नवजीवन
8. प्रतिदिन
Answer:
1. कर्मधारय
2. तत्पुरुष
3. द्वन्द्व
4. अव्ययीभाव
5. तत्पुरुष
6. बहुव्रीहि
7. कर्मधारय
8. द्वन्द्व
In simple words: दिए गए शब्दों में कौन सा समास है, यह पहचानें।
Exam Tip: समास पहचानने के लिए, शब्द के दोनों खंडों के अर्थ और उनके आपसी संबंध को समझें।
तोता और इन्द्र Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
‘तोता और इन्द्र’ एक बातचीत वाली कविता है। यह कहानी के रूप में लिखी गई कविता रचना है। इसमें एक जंगल में इन्द्र एक सूखे पेड़ से एक तोते के गहरे प्रेम को देखकर उस सूखे पेड़ को फिर से हरा-भरा कर देते हैं।
कविता का सरल अर्थ ...................
भाइयो सुनिए! हम आज आपको एक पुरानी कहानी सुनाते हैं। यह बहुत सुंदर और अद्भुत तथा सबसे अच्छी कहानी है। काशी एक पवित्र जगह मानी जाती थी और उसकी महानता चारों दिशाओं में फैली हुई थी। देवता और खुद इन्द्र भी काशी को देखकर बहुत खुश होते थे।
गुजर रहे थे इन्द्र ............... लखकर।
एक दिन देवराज इन्द्र काशी के पास के एक सुनसान जंगल से होकर जा रहे थे। उन्हें एक बहुत बड़ा सूखा पेड़ दिखाई दिया। उसके खोखले भाग में एक सुंदर तोता था। उस सूखे पेड़ को देखकर इन्द्र को बहुत हैरानी हुई।
पूछा तुरंत उन्होंने.........क्या हित निज मन में?
इन्द्र ने तोते से पूछा, "क्या यह मूर्खता नहीं है कि तुम इस सूखे पेड़ पर किसी अनजाने और नादान की तरह रहते हो? क्या इतने बड़े सुंदर जंगल में तुम्हें कोई हरा-भरा पेड़ ही नहीं मिला? इस सूखे पेड़ पर रहने में तुम्हें अपने मन में कौन सा लाभ दिख रहा है?"
Answer:इन्द्र ने तोते से पूछा, "तुम्हें अपने मन में कौन-सा लाभ दिखाई देता है (इस सूखे पेड़ पर रहने में)?"
तोते ने कहा, महाराज, यह पेड़ पूरे वन में अपनी तरह का सबसे अलग, सबसे बढ़िया, सबसे सुंदर और मन को लुभानेवाला था। इसकी सुंदरता के साथ-साथ यह बहुत मजबूत भी था। तब इस वन की शोभा इसी पेड़ से थी। यह बहुत भाग्यशाली था और पूरे वन में इसका बहुत सम्मान होता था।
यह पेड़ कई तरह की चिड़ियाँ, कोयल और मैना सबको बहुत प्रिय था। इन सबका इसी पेड़ पर निवास था। महाराज, आज यह पेड़ खराब दिखाई दे रहा है, पर पहले इसकी शोभा बहुत खास थी। मेरा जन्म उसी समय हुआ था, जब इसकी शोभा खास थी। बचपन से मेरा इस पेड़ से जुड़ाव रहा है। इसलिए इसकी डाली-डाली मुझे अपनी जान से भी प्यारी है।
मैंने इसकी मोदमयी छाया में बड़ा होकर एक जिम्मेदार तोता बनने का सबक सीखा। यही पेड़ है, जिसके साथ रहकर मैंने बोलना, मुस्कराना और उड़ना सीखा था। यही पेड़ बचपन से लेकर अब तक मुझे ठंडी छाया देता आया है। मेरे सुख-दुःख में यह हमेशा मेरे काम आया है।
किंतु कुछ दिन पहले वन में एक शिकारी आया था, उसने अपने जहर वाले बाण से इस पेड़ पर ऐसा हमला किया कि इस पेड़ पर मुसीबत आ गई। जहर के कारण तब से यह पेड़ दिन-प्रतिदिन सूखता जा रहा है। अब तो ऐसा लगता है कि इसके साथ-साथ मेरा भी अंतिम समय आ जाएगा।
इस पेड़ से मेरा बचपन से संबंध रहा है। अब (इसके बुरे दिनों में) इसे छोड़कर मैं कहाँ जा सकता हूँ? यदि कहीं चला भी जाऊँ, तो मुझे यहाँ जैसा सुख, संतोष और शांति नहीं मिल पाएगी। इससे तो अच्छा यह होगा कि "मैं इसके दुःख में इसका सहभागी बनूँ और अंत में इसके साथ मेरा भी अंत हो जाए।"
तोते की भावभरी बातें सुनकर इंद्रदेव दंग रह गए। इसके बाद वे बहुत खुश हुए और उन्होंने तोते से कहा, "हे पंछी, मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ। अब तुम्हारा जीवन सफल हो गया है। तुम मुझसे तुरंत कोई भी वर माँग लो। मैं इसी क्षण उसे पूरा कर दूँगा।"
तोते ने कहा, "हे देवता, मेरे जीवन की केवल एक ही इच्छा है। यह पेड़ पूरे वन की शोभा रहा है (पर अब यह सूख रहा है।) कृपा करके आप इसे हरा-भरा कर दीजिए।" इन्द्र ने कहा, 'तथास्तु' और पेड़ में फिर से नया जीवन आ गया। उसमें नई-अनोखी सुंदरता आ गई और वह फिर लहराने लगा।
In simple words: The parrot explained to Indra that the tree, though dry now, was once beautiful and provided shelter. It was his birthplace and teacher, offering comfort through good and bad times. A hunter's poisoned arrow caused it to dry. The parrot declared his loyalty to the tree until the end, finding no peace elsewhere. Indra, moved by his devotion, granted the tree new life and beauty.
Exam Tip: When describing character dialogues, ensure to capture the emotional tone and key arguments made by each speaker, showing their feelings and reasons clearly.
Gujarati Bhavarth:
ભાઈઓ, સાંભળો. અમે આજે તમને એક જૂની વાર્તા કહીએ છીએ. આ ખૂબ સુંદર અને અદ્દભુત તેમજ સૌથી સારી વાર્તા છે. કાશી પુણ્યભૂમિ ગણાતી હતી અને તેનું મહત્વ ચારેય દિશાઓમાં ફેલાયેલું હતું. દેવો અને સ્વયં ઇન્દ્ર પણ કાશી જોઈને ખૂબ જ ખુશ થતા હતા.
એક દિવસ દેવરાજ ઇન્દ્ર કાશી નજીકના એક નિર્જન વનમાંથી પસાર થઈ રહ્યા હતા. તેમણે એક મોટું સુકાયેલું વૃક્ષ જોયું. તેની બખોલમાં એક સુંદર પોપટ બેઠો હતો, તે સુકાયેલા વૃક્ષને જોઈને ઇન્દ્રને ખૂબ આશ્ચર્ય થયું.
ઇન્દ્ર પોપટને પૂછ્યું, “શું એ મૂર્ખતા નથી કે તું આ સુકાયેલા વૃક્ષ ઉપર કોઈ અપરિચિત અને મૂર્ખની જેમ રહે છે! શું આટલા મોટા સુંદર વનમાં તને કોઈ લીલુંછમ વૃક્ષ જ ન દેખાયું? આ સુકાયેલા વૃક્ષ પર રહેવામાં તને તારા મનમાં ક્યો લાભ દેખાઈ રહ્યો છે?”
પોપટે ઇન્દ્રને કહ્યું, “મહારાજ, આ વૃક્ષ આખા વનમાં પોતાના પ્રકારનું સૌથી અલગ, સૌથી સારું, સૌથી સુંદર અને મનને મોહી લેનારું હતું. સુંદર હોવા ઉપરાંત એ ખૂબ જ મજબૂત પણ હતું. ત્યારે આ વનની શોભા આ વૃક્ષને લીધે હતી. આ ખૂબ જ ભાગ્યશાળી હતું અને સમગ્ર વનમાં તેનું ખૂબ જ સન્માન હતું.
આ વૃક્ષ જુદી જુદી ચકલીઓ, પોપટ, કોયલ, મેના સૌનું ખૂબ જ પ્રિય હતું. આ સૌનો આ વૃક્ષ ઉપર નિવાસ હતો. મહારાજ, આજે આ વૃક્ષ કદરૂપું દેખાઈ રહ્યું છે, પરંતુ પહેલાં આની શોભા અનોખી હતી. મારો જન્મ પણ તે સમયે થયો હતો જ્યારે આની શોભા અનોખી હતી. બાળપણથી જ આ વૃક્ષ પ્રત્યે મારો પ્રેમ રહ્યો છે, એટલે આની બધી જ ડાળી મને પોતાના જીવ કરતાંય વહાલી છે.
આ વૃક્ષની આનંદદાયક છાયામાં હું મોટો થયો અને એક જવાબદાર પોપટ બન્યો. આ એ જ વૃક્ષ છે જેના સંબંધમાં રહીને હું બોલતાં, હસતાં અને ઊડતાં શીખ્યો હતો. આ વૃક્ષ બાળપણથી માંડીને આજ દિન સુધી મને શીતળ છાયા આપતું રહ્યું છે. મારા સુખ-દુ:ખમાં એ હંમેશા કામ આવ્યું છે.
પરંતુ કેટલાક દિવસો પહેલાં આ વનમાં એક શિકારી આવ્યો હતો, તેણે પોતાના ઝેરીલા બાણથી આ વૃક્ષ પર એવો પ્રહાર કર્યો કે એના ઉપર મુસીબત આવી પડી. ઝેરને કારણે ત્યારથી આ વૃક્ષ દિવસ-પ્રતિદિવસ સુકાઈ થઈ રહ્યું છે. હવે તો એમ લાગે છે કે તેની સાથે સાથે મારો પણ અંતિમ સમય આવી જશે.
આ વૃક્ષ સાથે મારો બાળપણથી જ સંબંધ રહ્યો છે. હવે આના ખરાબ દિવસોમાં એને છોડીને હું ક્યાં જઈ શકું? જો ક્યાંય જતો રહું તોપણ મને અહીં જેવાં સુખ, સંતોષ અને શાંતિ નહીં મળી શકે. એના કરતાં તો "હું તેના દુ:ખમાં સહભાગી બનું એ જ ઠીક કહેવાય અને છેવટે મારું પણ અવસાન થઈ જાય."
પોપટની લાગણીભરી વાતો સાંભળીને ઇન્દ્રદેવ આશ્ચર્યચકિત થઈ ગયા. તે પછી તેઓ ખૂબ પ્રસન્ન થયા અને તેમણે પોપટને કહ્યું, “હૈ પક્ષી, હું તારા પર ખૂબ જ પ્રસન્ન છું. હવે તારું જીવન સફળ થઈ ગયું છે, તું મારી પાસેથી જલદી કોઈ પણ વરદાન માંગી લે, હું તરત આ ક્ષણે એ વરદાન પૂરું કરીશ.”
પોપટે કહ્યું, "હે દેવ, મારા જીવનની ફક્ત એક જ અભિલાષા છે. આ વૃક્ષ સમગ્ર વનની શોભા રહ્યું છે, પરંતુ અત્યારે તે સુકાઈ રહ્યું છે! કૃપા કરીને આપ તેને લીલુંછમ બનાવો.” ઇન્દ્ર કહ્યું, 'તથાસ્તુ’, અને વૃક્ષમાં ફરીથી નવું જીવન આવી ગયું! તેમાં નવી અનોખી સુંદરતા આવી ગઈ અને તે ફરીથી લહેરાવા લાગ્યું.
Tota Aur Indra Shabdarth:
- प्राचीन - पुरानी।
- अति - बहुत, अधिक।
- अद्भुत - अनोखा।
- महिमा - महत्ता, बड़ाई।
- देव - देवता।
- देवपति - इन्द्र।
- लखकर - देखकर।
- निर्जन - वीरान।
- निर्जीवित - बेजान, जिसमें जान न हो।
- बेहद - असौम, बहुत अधिक।
- अनजान - अपरिचित।
- अनाड़ी - नादान।
- विस्तृत - विशाल।
- हित - कल्याण, मंगल।
- निज - अपने।
- एकमात्र - अपने ढंग का अकेला।
- बलशाली - ताकतवर।
- शोभा - सुंदरता।
- गौरवशाली - सम्मानयुक्त।
- कुरूप - बदसूरत, भद्दी शक्लवाला।
- न्यारा - निराला।
- मोदमयी - आनंददायक।
- आफत - विपत्ति, दु:ख।
- तजकर - छोड़कर।
- हर्षित - प्रसन्न।
- तरुवर - श्रेष्ठ पेड़।
- अभिलाषा - कामना, आकांक्षा।
- नवजीवन - नया जीवन।
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