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Detailed Chapter 20 अलबम GSEB Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi Chapter 20 अलबम GSEB Solutions PDF
1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. पंडित शादीराम अपना ऋण क्यों नहीं उतार पाते थे ?
(a) अत्यंत गरीब थे ।
(b) बचे हुए पैसे किसी न किसी तरह खर्च हो जाते थे ।
(c) रुपये देने की उनकी दानत ही नहीं थी ।
(d) पैसे देने जितनी रकम इकट्ठी ही नहीं होती थी ।
Answer: (b) बचे हुए पैसे किसी न किसी तरह खर्च हो जाते थे ।
In simple words: पंडित शादीराम अपनी बचत नहीं कर पाते थे। जो भी पैसे बचते थे, वे किसी न किसी कारण से खर्च हो जाते थे।
Exam Tip: मल्टीपल चॉइस प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और कहानी के संदर्भ में सबसे सटीक उत्तर चुनें।
Question 2. शादीराम पुरानी पत्रिकाएँ बेचते नहीं थे क्योंकि .....
(a) उनकी कोई ज्यादा रकम नहीं मिल सकती थी ।
(b) उनके भाई की अमानत थी ।
(c) उनके रोते हुए बच्चे उनमें के चित्रों को देखकर चुप हो जाते थे ।
(d) पत्रिकाएँ उन्हें बहुत प्रिय थीं ।
Answer: (c) उनके रोते हुए बच्चे उनमें के चित्रों को देखकर चुप हो जाते थे ।
In simple words: शादीराम अपनी पुरानी पत्रिकाएँ इसलिए नहीं बेचते थे, क्योंकि उनके बच्चों को उनमें बने चित्र देखकर बहुत खुशी मिलती थी और वे रोना बंद कर देते थे।
Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर देते समय कहानी के पात्रों के स्वभाव और उनकी भावनाओं को समझें।
Question 3. सदानंद के कहने पर शादीराम ने पत्रिकाओं के चित्रों का क्या किया ?
(a) बेच दिए
(b) अलबम बनाया
(c) बच्चों को बाँट दिये
(d) दीवारों पर सजा दिये
Answer: (b) अलबम बनाया
In simple words: सदानंद की सलाह पर, शादीराम ने पत्रिकाओं के चित्रों को उपयोग करके एक फोटो अलबम तैयार किया।
Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, जैसे कि सदानंद ने शादीराम को क्या करने की सलाह दी थी।
Question 4. पंडित शादीराम को अलबम के कितने रुपये मिले ?
(a) एक हजार
(b) दो सौ
(c) दो हजार
(d) एक सौ
Answer: (a) एक हजार
In simple words: पंडित शादीराम को अलबम के लिए एक हजार रुपये मिले थे। सदानंद ने यह रुपये उन्हें दिए ताकि उनका कर्ज चुकाया जा सके।
Exam Tip: कहानी में दिए गए संख्यात्मक विवरणों को याद रखें। यदि प्रत्यक्ष रूप से नहीं दिया गया है, तो कहानी के संदर्भ से अनुमानित राशि का चयन करें।
Question 5. सदानंद का मन प्रसन्नता से नाच उठा क्योंकि .....
(a) उन्हें अपने पैसे वापस मिल गए ।
(b) पंडित शादीराम की उदारता और सज्जनता के कारण ।
(c) परमात्मा ने उनकी बात स्वीकार कर ली ।
(d) मारवाड़ी सेठ ने अलबम खरीद लिया था ।
Answer: (d) मारवाड़ी सेठ ने अलबम खरीद लिया था ।
In simple words: सदानंद बहुत खुश हुए क्योंकि मारवाड़ी सेठ ने अलबम खरीद लिया था, जिससे शादीराम को कर्ज चुकाने में सहायता मिली।
Exam Tip: चरित्रों की भावनाओं और उनके पीछे के कारणों को पहचानें, खासकर जब वे किसी महत्वपूर्ण घटना से जुड़े हों।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1. पंडित शादीराम के बचाए हुए अस्सी रुपये किसमें खर्च हो गये ?
Answer: पंडित शादीराम के बचाए हुए अस्सी रुपये लड़के की बीमारी में खर्च हो गए।
In simple words: पंडित शादीराम ने जो अस्सी रुपये बचाए थे, वे उनके बेटे की बीमारी के इलाज में काम आ गए।
Exam Tip: छोटे उत्तरों के लिए, प्रश्न में पूछे गए विशिष्ट तथ्य को सीधा और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. पंडित शादीराम पुरानी पत्रिकाएँ क्यों नहीं बेच देते थे ?
Answer: पंडित शादीराम के स्वर्गीय बड़े भाई के समय की पत्रिकाओं को देखकर रोते बच्चे शांत हो जाते थे। इसलिए पंडित शादीराम पुरानी पत्रिकाएँ नहीं बेचते थे।
In simple words: शादीराम अपनी पुरानी पत्रिकाएँ नहीं बेचते थे क्योंकि उनके रोते हुए बच्चे अपने बड़े भाई की पुरानी पत्रिकाएँ देखकर चुप हो जाते थे।
Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों की आदतों और उनके पीछे के कारणों को याद रखें।
Question 3. सदानंद ने शादीराम को पुरानी पत्रिकाओं से क्या करने की सलाह दी ?
Answer: लाला सदानंद ने शादीराम को पुरानी पत्रिकाओं से अच्छी-अच्छी तस्वीरें छाँट लेने की सलाह दी।
In simple words: लाला सदानंद ने शादीराम को सुझाव दिया कि वे पुरानी पत्रिकाओं में से अच्छी तस्वीरों को निकाल लें।
Exam Tip: सलाह या निर्देश से संबंधित प्रश्नों में, दिए गए सुझाव को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 4. लाला सदानंद की बीमारी के समय पंडित शादीराम किस तरह सेवा करते थे ?
Answer: पंडित शादीराम लाला सदानंद के लिए दिन-रात माला फेरते थे। यही उनकी औषधि थी जिसे वे अपनी आत्मा की पूरी शक्ति और मन से कर रहे थे।
In simple words: लाला सदानंद की बीमारी के समय पंडित शादीराम दिन-रात उनके लिए प्रार्थना करते थे। यह सेवा वे पूरे मन से करते थे, मानो यही उनकी दवा हो।
Exam Tip: पात्रों के संबंधों और उनके द्वारा एक-दूसरे के प्रति व्यक्त किए गए स्नेह को दर्शाने वाले कृत्यों को याद रखें।
Question 5. 'अलबम सेठ से मैंने मंगवा लिया है ।' – ऐसा सदानंद ने शादीराम से क्यों कहा ?
Answer: शादीराम ने सदानंद के सिरहाने अलबम देख लिया था। इसलिए वह अलबम छीनकर सदानंद ने शादीराम से कहा कि अलबम सेठ से मैंने मंगवा लिया है ताकि उन्हें शंका न हो।
In simple words: शादीराम ने सदानंद के पास अलबम देखा था। सदानंद ने यह बात इसलिए कही ताकि शादीराम को यह संदेह न हो कि सदानंद ने ही अलबम खरीदा है, बल्कि उन्हें लगे कि किसी और सेठ ने खरीदा है।
Exam Tip: कहानी में किसी चरित्र द्वारा कहे गए विशेष संवादों के पीछे के इरादे को समझें।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. पंडित शादीराम कर्ज अदा करने के लिए क्यों बेचैन थे ?
Answer: पंडित शादीराम ने कई साल पहले लाला सदानंद से कर्ज लिया था। पर भले मानस लाला सदानंद कभी उनसे पैसों का तकादा नहीं करते थे। पंडित शादीराम पेट काट-काटकर पैसे बचाते, फिर भी कोई-न-कोई काम निकल आता कि सारा पैसा उड़ जाता। इस कारण शादीराम कर्ज अदा करने के लिए बेचैन थे।
In simple words: शादीराम कई साल पहले लाला सदानंद से कर्ज ले चुके थे। सदानंद कभी पैसे नहीं मांगते थे, लेकिन शादीराम को यह कर्ज एक बोझ लगता था। वे पैसे बचाने का प्रयास करते थे, पर हमेशा किसी न किसी काम में खर्च हो जाते थे, इसलिए वे कर्ज चुकाने के लिए चिंतित रहते थे।
Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर देते समय कहानी के भावनात्मक और नैतिक पहलुओं को भी शामिल करें।
Question 2. लाला सदानंद ने शादीराम की समस्या का क्या हल निकाला ?
Answer: कर्ज को लेकर परेशान शादीराम की समस्या का हल निकालने के लिए लाला सदानंद ने शादीराम के घर पर पड़ी सुंदर तस्वीरोंवाली पत्रिकाओं से अच्छी-अच्छी तस्वीरें छांटने के लिए उनसे कहा। इन तस्वीरों का अलबम बनाकर विज्ञापन देने पर कलकत्ते के मारवाड़ी सेठ ने पत्र लिखकर यह अलबम खरीद लिया। इस तरह लाला सदानंद ने शादीराम की समस्या का हल निकाला।
In simple words: सदानंद ने शादीराम की कर्ज की समस्या हल करने के लिए एक योजना बनाई। उन्होंने शादीराम को पुरानी पत्रिकाओं से अच्छी तस्वीरें छांटकर एक अलबम बनाने को कहा। फिर, उन्होंने विज्ञापन दिया और एक मारवाड़ी सेठ ने अलबम खरीद लिया, जिससे शादीराम को पैसे मिल गए।
Exam Tip: समस्या-समाधान वाले प्रश्नों में, समस्या और उसके समाधान दोनों को विस्तार से समझाएं।
Question 3. शादीराम ने अपना कर्ज कैसे चुकाया ?
Answer: कर्ज को लेकर परेशान शादीराम को कर्ज से मुक्त करने के लिए लाला सदानंद ने शादीराम के घर पर पड़ी सुंदर तस्वीरोंवाली पत्रिकाओं से अच्छी-अच्छी तस्वीरें छाँटने के लिए उनसे कहा। इन तस्वीरों का अलबम बनाकर विज्ञापन देने पर कलकत्ते के मारवाड़ी सेठ ने पत्र लिखकर यह अलबम खरीद लिया। उन पैसों से शादीराम ने अपना कर्ज चुका दिया।
In simple words: शादीराम ने अपना कर्ज चुकाने के लिए, सदानंद के कहने पर पुरानी पत्रिकाओं से तस्वीरें छांटकर एक अलबम बनाया। उस अलबम को एक मारवाड़ी सेठ ने खरीदा, और उन पैसों से शादीराम ने अपना ऋण वापस कर दिया।
Exam Tip: प्रक्रिया-आधारित प्रश्नों में, घटनाओं के क्रम को सही ढंग से प्रस्तुत करें।
Question 4. पंडित शादीराम लाला सदानंद से यह क्यों न कह सके कि वे झूठ बोल रहे हैं ?
Answer: रोगी लाला सदानंद के सिरहाने अलबम देखकर पंडित शादीराम समझ गए कि किसी सेठ ने नहीं बल्कि लाला सदानंद ने खरीदा था। होश आने पर लाला सदानंद ने कहा कि सेठ से उन्होंने अलबम मंगवा लिया। इस पर पंडित शादीराम समझ गए कि लाला सदानंद झूठ बोल रहे हैं लेकिन पहले से भी अधिक सज्जन, अधिक उपकारी और उच्च मनुष्य से वे यह कह न पाए।
In simple words: शादीराम ने देखा कि सदानंद ने ही अलबम खरीदा है, न कि कोई सेठ। जब सदानंद ने बहाना बनाया, तो शादीराम समझ गए कि वह झूठ बोल रहे हैं। लेकिन सदानंद के अच्छे स्वभाव और उनकी मदद को देखते हुए, शादीराम उनसे कुछ कह नहीं पाए।
Exam Tip: चरित्रों के नैतिक संघर्षों और उनके निर्णय लेने के कारणों को स्पष्ट करें।
Question 5. शादीराम का ऋण उतरने की बजाय दुगुना क्यों हो गया ?
Answer: पंडित शादीराम की कर्ज मुक्ति के लिए अलबम बनवाकर लाला सदानंद ने मारवाडी सेठ को बिकवा दिया। इन पैसों से पंडित शादीराम ने लाला सदानंद का कर्ज उतार दिया। जब पंडित शादीराम ने जाना कि अलबम मारवाडी सेठ के बजाय लाला सदानंद ने खरीदा है, तब वे समझ गए कि पहले का कर्ज तो अदा नहीं हुआ और इस अलबम के लिए दिए गए पैसों के रूप में कर्ज बड़कर दुगुना हो गया।
In simple words: सदानंद ने अलबम बेचकर शादीराम को पैसे दिलवाए, जिससे शादीराम ने अपना पुराना कर्ज चुका दिया। लेकिन बाद में शादीराम को पता चला कि सदानंद ने ही अलबम खरीदा था। इससे उन्हें लगा कि उन्होंने अपना पुराना कर्ज तो चुकाया नहीं, बल्कि अलबम के पैसे भी अब सदानंद को वापस करने हैं, जिससे उनका कर्ज दोगुना हो गया।
Exam Tip: कहानी के मोड़ को समझाएं और यह भी बताएं कि पात्रों ने घटनाओं को कैसे समझा।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. पंडित शादीराम के दिल में क्यों शांति नहीं थी ?
Answer: पंडित शादीराम गरीब थे, पर दिल के बुरे न थे। उन्हें अपने यजमान लाला सदानंद से लिया गया कर्ज बोझ के समान लगता था। वे चाहते थे कि जिस तरह भी हो, उनका रुपया अदा कर दें। वैसे लाला सदानंद को इस रकम की ज्यादा परवाह न थी। वे चाहते थे कि शादीराम रुपए देने की कोशिश न करें। उन्होंने इसके लिए कभी तकादा तक नहीं किया था, पर शादीराम सोचते थे कि वे कुछ नहीं कहते, तो क्या हुआ, इसका मतलब यह थोड़े ही है कि मैं भी निश्चिंत हो जाऊँ! इसलिए शादीराम के दिल में शांति न थी।
In simple words: शादीराम गरीब थे पर ईमानदार थे, और वे सदानंद का कर्ज चुकाना चाहते थे। लेकिन सदानंद, जो शादीराम की गरीबी समझते थे, उनसे पैसे नहीं लेना चाहते थे। उन्हें पैसे की परवाह नहीं थी और वे चाहते थे कि शादीराम कर्ज चुकाने का तनाव न लें, इसलिए उन्होंने कभी पैसे नहीं मांगे।
Exam Tip: चरित्रों की आंतरिक भावनाओं और उनके नैतिक मूल्यों को विस्तार से समझाएं।
Question 2. पंडित शादीराम खुशी से क्यों झूमने लगा ?
Answer: लाला सदानंद ने पंडित शादीराम से अलबम बनाने के लिए पत्रिकाओं से अच्छी तसवीरे छाँटने के लिए कहा, तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि उनका यह प्रयत्न सफल होगा। लेकिन जब सौ-दो सौ बढ़िया चित्र जमा हो गए, तो उन्हें देखकर वे उछल पड़े। वे चित्रों की ओर इस तरह देखते जैसे हर चित्र दस-दस का नोट हो। यद्यपि आशा अभी दूर थी, पर लाला सदानंद की दी हुई आशा पर अब उन्हें पूरा विश्वास हो गया। इसलिए पंडित शादीराम भविष्य की कल्पना करते हुए खुशी से झूमने लगे।
In simple words: सदानंद ने शादीराम को पत्रिका से चित्र निकालकर अलबम बनाने के लिए कहा। पहले शादीराम को लगा कि यह सफल नहीं होगा। लेकिन जब बहुत सारे सुंदर चित्र जमा हो गए और उन्हें हर चित्र दस-दस रुपये का लगने लगा, तो उन्हें बहुत खुशी हुई। सदानंद की दी गई उम्मीद पर उन्हें पूरा भरोसा हो गया, जिससे वे भविष्य के बारे में सोचकर आनंदित हो उठे।
Exam Tip: किसी पात्र की खुशी या अन्य भावनाओं के कारणों को समझाएं, साथ ही उन घटनाओं का भी उल्लेख करें जो उन भावनाओं को पैदा करती हैं।
Question 3. लाला सदानंद ने शादीराम से रुपये लेने से मना क्यों दिया ?
Answer: लाला सदानंद एक भले मानस और दयालु व्यक्ति थे। वे जानते थे कि पंडित शादीराम बहुत गरीब थे और उनके लिए कर्ज चुकाना बहुत कठिन था। सदानंद को पैसों की इतनी परवाह नहीं थी जितनी शादीराम की परेशानी की। वे चाहते थे कि शादीराम को कर्ज चुकाने का बोझ महसूस न हो, इसलिए उन्होंने रुपये लेने से मना कर दिया।
In simple words: लाला सदानंद ने शादीराम से रुपये लेने से मना किया क्योंकि वे जानते थे कि शादीराम गरीब थे। वे चाहते थे कि शादीराम को कर्ज चुकाने की चिंता न करनी पड़े और वे उनकी मदद करना चाहते थे।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में जहां कहानी में प्रत्यक्ष उत्तर नहीं होता, चरित्रों के स्वभाव और उनके कार्यों के पीछे की नैतिकता को ध्यान में रखकर उत्तर दें।
Question 4. विचार स्पष्ट कीजिए ।
Answer: लाला सदानंद एक सज्जन, भले मानस, संवेदनशील और दूसरों की मदद करनेवाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कई वर्ष पहले अपने पुरोहित पंडित शादीराम को कर्ज दिया था, लेकिन इतने दिनों बाद भी उन्होंने शादीराम से पैसों का कभी तकादा नहीं किया, बल्कि उनकी विवशता को देखते हुए वे चाहते थे कि वे रुपए न लौटाएं तो अच्छा हो। दूसरों की मदद करने में भी वे पीछे नहीं रहते। पंडित शादीराम की सहायता करने के उद्देश्य से ही उन्होंने उनसे पत्रिकाओं से अच्छे चित्र छांटकर जमा करने के लिए कहा था। उन्होंने चित्रों से स्वयं अलबम बनाया, विज्ञापन दिया और किसी सेठ के नाम से पत्र भेजकर अलबम स्वयं अपने पास रखकर शादीराम को रुपए दिलाए। यह सब उन्होंने इसलिए किया, ताकि शादीराम के आत्मसम्मान पर आंच न आए और उन्हें यह लगे कि रुपए उन्हें अपनी चीज के मूल्य के रूप में मिले हैं, दान में नहीं। इतना ही नहीं, अपने घर में पंडित शादीराम के हाथ में अलबम देखकर वे उनका विश्वास बनाए रखने के लिए झूठ बोलते हैं कि 'अलबम अब उन्होंने सेठ साहब से मंगवा लिया है।'
In simple words: लाला सदानंद बहुत दयालु और मददगार व्यक्ति थे। उन्होंने कई साल पहले शादीराम को कर्ज दिया था, पर कभी पैसे नहीं मांगे। वे चाहते थे कि शादीराम को कर्ज लौटाने की परेशानी न हो। शादीराम की मदद करने के लिए उन्होंने उन्हें पत्रिका से चित्र छांटकर अलबम बनाने को कहा। सदानंद ने अलबम खुद बनाया और उसे एक सेठ के नाम पर बेचकर शादीराम को पैसे दिए, ताकि शादीराम को लगे कि उन्हें अपनी मेहनत का पैसा मिला है, दान नहीं। उन्होंने शादीराम का विश्वास बनाए रखने के लिए झूठ भी बोला।
Exam Tip: विचार स्पष्ट करने वाले प्रश्नों में, चरित्र के विभिन्न गुणों और उनके कार्यों का गहराई से विश्लेषण करें।
5. सूचनानुसार लिखिए :
Question 1. पर्यायवाची शब्द दीजिए :
1. हाथ - ......
2. आँख - ......
3. ऋण - ......
4. अंधकार - ......
5. परमात्मा - ......
Answer:
1. हाथ – कर
2. आँख – नेत्र
3. ऋण – कर्ज
4. अंधकार – अंधियारा
5. परमात्मा – ईश्वर
In simple words: पर्यायवाची शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ एक जैसा होता है। यहाँ दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द बताए गए हैं।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद करते समय, उनके सूक्ष्म अर्थ भेदों को भी समझने का प्रयास करें, हालाँकि परीक्षा में सबसे सामान्य शब्द स्वीकार्य होते हैं।
Question 2. विलोम (विरोधी) शब्द दीजिए :
1. ठंडी x ......
2. परवाह x ......
3. सज्जन x ......
4. जीवित x ......
5. निराशा x ......
6. सफल x ......
7. दया x ......
Answer:
1. ठंडी x गरमी
2. परवाह x लापरवाही
3. सज्जन x दुर्जन
4. जीवित x मृत
5. निराशा x आशा
6. सफल x असफल
7. दया x निर्दयता
In simple words: विलोम शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ एक-दूसरे के विपरीत होता है। यहाँ दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द बताए गए हैं।
Exam Tip: विलोम शब्दों का अभ्यास करते समय, प्रत्येक शब्द के विपरीत अर्थ को स्पष्ट रूप से समझने पर ध्यान दें।
Question 3. निम्नलिखित वाक्यों में से भाववाचक संज्ञा खोजकर बताइए :
1. लाला सदानंद पंडितजी की विवशता को जानते थे, परंतु भलमनसी के सामने आँखें नहीं उठती थीं ।
2. पंडित शादीराम को अब कोई आशा नहीं थी ।
3. आपने जो दया और सज्जनता दिखाई है, उसमें मरते दम तक न भलँगा ।
4. आप झूठ बोल रहे हैं ।
Answer:
1. विवशता, भलमनसी
2. आशा
3. दया, सज्जनता
4. झूठ
In simple words: भाववाचक संज्ञाएँ ऐसे शब्द होते हैं जो किसी गुण, अवस्था या भाव को दिखाते हैं, जिन्हें हम छू नहीं सकते। दिए गए वाक्यों में से ऐसी संज्ञाएँ चुनी गई हैं।
Exam Tip: भाववाचक संज्ञा अक्सर प्रत्ययों जैसे -ता, -त्व, -पन, -आई, -ई, -हट, -ना, -आवट आदि से बनती है।
Question 4. मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य-प्रयोग कीजिए :
(i) ठंडी आह भरना
(ii) पेट काट कर बचाना
(iii) भार उतारना
Answer:
(i) ठंडी आह भरना – दुःखी होना
वाक्य : लंबी बीमारी से परेशान माँ ठंडी आह भरने लगी।
(ii) पेट काटकर बचाना – थोड़े खर्च में काम चलाना
वाक्य : माँ ने पेट काटकर हमें पढ़ाया।
(iii) भार उतारना – जिम्मेदारी से छुटकारा पाना
वाक्य : कर्ज उतरते ही सेठ के सिर से भार उतर गया।
In simple words: मुहावरे ऐसे वाक्यांश होते हैं जिनका शाब्दिक अर्थ कुछ और होता है, लेकिन उनका प्रयोग किसी विशेष भाव को बताने के लिए किया जाता है। यहाँ दिए गए मुहावरों का अर्थ और उनका वाक्य में प्रयोग बताया गया है।
Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग दोनों को सटीक रूप से लिखें। वाक्य ऐसा होना चाहिए जिससे मुहावरे का अर्थ स्पष्ट हो।
Hindi Digest Std 10 GSEB अलबम Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार-पांच वाक्यों में लिखिए :
Question 1. लाला सदानंद शादीराम से रुपए क्यों नहीं लेना चाहते थे?
Answer: पंडित शादीराम गरीब थे, पर दिल के बुरे नहीं थे। वे लाला सदानंद के कर्ज के रुपए अदा करने का पूरा प्रयास करते थे, पर किसी-न-किसी कारण से इकट्ठा किया गया रुपया उन्हें खर्च कर देना पड़ता था। इसलिए उन्हें मन मारकर रह जाना पड़ता था। लाला सदानंद अपने पुरोहित शादीराम की विवशता को जानते थे। उन्हें इस रकम की परवाह न थी और चाहते थे कि शादीराम कर्ज के रुपए देने का प्रयास न करें। इसीलिए उन्होंने शादीराम को कभी तकादा भी नहीं किया था।
In simple words: शादीराम गरीब थे पर ईमानदार थे, और वे सदानंद का कर्ज चुकाना चाहते थे। लेकिन सदानंद, जो शादीराम की गरीबी समझते थे, उनसे पैसे नहीं लेना चाहते थे। उन्हें पैसे की परवाह नहीं थी और वे चाहते थे कि शादीराम कर्ज चुकाने का तनाव न लें, इसलिए उन्होंने कभी पैसे नहीं मांगे।
Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर देते समय, मुख्य पात्रों के गुणों और उनके कार्यों के पीछे की गहरी भावनाओं को स्पष्ट करें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. लाला सदानंद ने शादीराम से अपने रुपयों का कभी तगादा क्यों नहीं किया?
Answer: लाला सदानंद ने शादीराम से उसने रुपयों का कभी तगादा नहीं किया, क्योंकि वे उनकी विवशना जानते थे।
In simple words: सदानंद ने शादीराम से कभी अपने पैसे नहीं मांगे क्योंकि वे शादीराम की आर्थिक परेशानी को अच्छी तरह समझते थे।
Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, मुख्य कारण को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. लाला सदानंद के सिरहाने रखी सख्ख चीज क्या थी?
Answer: लाला सदानंद के सिरहाने रखी सख्त चीज वही अलबम था जो किसी सेठ ने नहीं, बल्कि स्वयं लाला सदानंद ने खरीदा था।
In simple words: सदानंद के पास रखी हुई सख्त चीज वास्तव में वही अलबम था जिसे उन्होंने खुद खरीदा था, न कि किसी और सेठ ने।
Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण वस्तुओं और उनके वास्तविक स्रोत को याद रखना महत्वपूर्ण है।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
1. शादीराम के दिल में ..... न थी। (बेचैनी, शांति)
2. ..... को पढ़ने का शौक था। (शादीराम के बड़े भाई, शादीराम)
3. पंडित शादीराम के घर में पड़ी पत्रिकाएँ ..... थीं। (सचित्र, मानचित्र)
4. पत्रिकाओं के चित्र देखकर बच्चों के ..... थम जाते थे। (खेल, आंसू)
5. पंडित शादीराम को यह आशा न थी कि कोयले की खान में ..... मिल जाएगा। (सोना, हीरा)
6. पंडित शादीराम छाँटे गए चित्र को इस तरह देखते हैं मानो उनमें से हर एक ........ नोट हो। (पचास-पचास, दस-दस) ।
7. यह किसी आदमी की करवट न थी, यह ..... की करवट थी। (भाग्य, समय)
8. सदानंद के कहने पर शादीराम ने पत्रिकाओं के चित्रों का ..... बनाया। (पुस्तक, अलबम)
9. शादीराम को सदानंद के अंतिम समय पर उनके सिरहाने से....... मिला। (खजाना, अलबम)
Answer:
1. शांति
2. शादीराम के बड़े भाई
3. सचित्र
4. आँसू
5. हीरा
6. दस-दस
7. भाग्य
8. अलबम
9. अलबम
In simple words: यहाँ दिए गए वाक्यों में खाली स्थानों को कहानी के अनुसार सही शब्दों से भरा गया है। प्रत्येक वाक्य के लिए उपयुक्त विकल्प कोष्ठक में से चुना गया है।
Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, कहानी के तथ्यों और संदर्भ को ध्यान से पढ़ें ताकि सही विकल्प का चुनाव हो सके।
निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. पंडित शादीराम की अलमारी में क्या था?
(a) पुस्तकें
(b) पत्रिकाएँ
(c) अलबम
(d) चित्र
Answer: (b) पत्रिकाएँ
In simple words: पंडित शादीराम की अलमारी में पुरानी पत्रिकाएँ रखी हुई थीं।
Exam Tip: कहानी के शुरुआती विवरणों को याद रखें, खासकर वस्तुओं और उनके स्थानों के बारे में।
Question 2. अलबम भेजने के लिए किसने पत्र लिखा था?
(a) कलकत्ते के मारवाडी शेठ ने
(b) बिहार के मारवाडी शेठ ने
(c) दिल्ली के सेठ ने
(d) अहमदाबाद के मारवाडी सेठ ने
Answer: (a) कलकत्ते के मारवाडी शेठ ने
In simple words: अलबम भेजने के लिए एक मारवाड़ी सेठ ने पत्र लिखा था, जो कलकत्ता से थे।
Exam Tip: कहानी में घटनाओं के प्रमुख पात्रों और उनके स्थानों को याद रखें।
Question 3. शादीराम पुरानी पत्रिकाएँ .....
(a) मित्रों को बांटते थे।
(b) बेचते थे।
(c) बेचते नहीं थे।
(d) बेचकर बड़ी कमाई करते थे।
Answer: (c) बेचते नहीं थे।
In simple words: शादीराम अपनी पुरानी पत्रिकाएँ बेचते नहीं थे क्योंकि उनके बच्चे उनके चित्रों को देखकर खुश होते थे।
Exam Tip: किसी पात्र के व्यवहार और उसके पीछे के कारणों को समझने पर ध्यान दें।
Question 4. अलबम के पाँचसौ रुपये किसे मिले ?
(a) पंडित वंशीधर को
(b) पंडित शादीराम को
(c) पंडित अलोपीदिन को
(d) पंडित मनमोहनजी को
Answer: (b) पंडित शादीराम को
In simple words: अलबम के पाँचसौ रुपये पंडित शादीराम को दिए गए थे।
Exam Tip: कहानी में पैसों के लेन-देन और प्रमुख प्राप्तकर्ताओं को याद रखें।
Question 5. कलकत्ते के मारवाडी सेठ ने पत्र क्यों लिखा?
(a) पैसे मंगवाने
(b) साड़ियाँ मंगवाने के लिए
(c) अलबम भेजने के लिए
(d) कपड़ों के लिए
Answer: (c) अलबम भेजने के लिए
In simple words: कलकत्ता के मारवाड़ी सेठ ने पत्र इसलिए लिखा था क्योंकि वे अलबम को अपने पास मंगवाना चाहते थे।
Exam Tip: कहानी में पत्रों या संदेशों के उद्देश्य को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 6. वह करवट आदमी की नहीं थी तो किसकी थी?
(a) भाग्य
(b) संभावना
(c) आशा
(d) धीरज
Answer: (a) भाग्य
In simple words: वह करवट किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भाग्य की थी।
Exam Tip: कहानी में प्रतीकात्मक वाक्यांशों के अर्थ को समझें।
Question 7. शादीराम के दिल में क्या नहीं था?
(a) श्रद्धा
(b) शांति
(c) चिंता
(d) आशा
Answer: (b) शांति
In simple words: शादीराम के मन में शांति नहीं थी क्योंकि उन्हें हमेशा कर्ज की चिंता रहती थी।
Exam Tip: पात्रों की आंतरिक स्थिति और उनकी मुख्य भावनाओं को पहचानें।
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1. पर्यायवाची शब्द लिखिए:
1. सिर – .....
2. भाग्य - .....
3. दुःख - .....
4. शक्ति – .....
5. परंतु – .....
6. खर्च - .....
7. प्रयत्न - .....
8. साहस - .....
9. सहसा - .....
10. तसवीर - .....
11. विवशता - .....
Answer:
1. सिर – माथा
2. भाग्य – किस्मत
3. दुःख – कष्ट
4. शक्ति – बल
5. परंतु – लेकिन
6. खर्च – व्यय
7. प्रयत्न – कोशिश
8. साहस – हिम्मत
9. सहसा – अचानक
10. तसवीर – चित्र
11. विवशता – मजबूरी
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द (पर्यायवाची) लिखे गए हैं।
Exam Tip: विभिन्न संदर्भों में शब्दों के सही पर्यायवाची का चुनाव करने के लिए व्यापक शब्दावली का ज्ञान आवश्यक है।
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1. विरोधी शब्द लिखिए:
1. यजमान x .....
2. खर्च x .....
3. लगातार x .....
4. प्रकाश x .....
5. पुरोहित x .....
6. हलकी x .....
7. निश्चिंत x .....
8. टूटना x .....
9. अत्याचार x .....
10. आँसू x .....
11. बढ़िया x .....
12. भाग्य x .....
13. आशा x .....
14. खुशी x .....
15. दूर x .....
16. सिरहाना x .....
17. उपकारी x .....
18. होश x .....
19. पसंद x .....
20. जीवनदायिनी x .....
21. सज्जनता x .....
Answer:
1. यजमान x मेहमान
2. खर्च x आमदनी
3. लगातार x कभी-कभी
4. प्रकाश x अंधकार
5. पुरोहित x यजमान
6. हलकी x भारी
7. निश्चिंत x चिंतित
8. टूटना x जुड़ना
9. अत्याचार x सदाचार
10. आँसू x मुस्कान
11. बढ़िया x घटिया
12. भाग्य x दुर्भाग्य
13. आशा x निराशा
14. खुशी x गम
15. दूर x निकट
16. सिरहाना x पैताना
17. उपकारी x अपकारी
18. होश x बेहोश
19. पसंद x नापसंद
20. जीवनदायिनी x जानलेवा
21. सज्जनता x दुर्जनता
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द (विलोम) प्रस्तुत किए गए हैं।
Exam Tip: विलोम शब्दों का अभ्यास करते समय, शब्दों के सटीक विपरीत अर्थ को समझने का प्रयास करें।
निम्नलिखित संधि को छोड़िए:
Question 1. संधि को छोड़िए:
1. आशीर्वाद - ........
2. दुर्बल – ........
3. अपेक्षा - ........
4. समाचार - ........
5. निश्चित – ........
6. मनोहर - ........
Answer:
1. आशीर्वाद = आशी: + वाद
2. दुर्बल = दुः + बल
3. अपेक्षा = अप + ईक्षा
4. समाचार = सम् + आचार
5. निश्चिंत = निः + चिंत
6. मनोहर = मनः + हर
In simple words: संधि-विच्छेद में शब्दों को उनके मूल भागों में विभाजित किया जाता है। यहाँ दिए गए शब्दों को उनके घटक भागों में अलग करके दिखाया गया है।
Exam Tip: संधि-विच्छेद के नियमों को ध्यान से समझें और प्रत्येक शब्द के मूल भागों की सही पहचान करें।
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
Question 1. शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए:
1. जप करने का साधन
2. उत्पादन का प्रचार
3. दाएँ या बाएं लेटना
4. जहाँ से पत्र आदि वितरण होता है
5. वह जगह जहाँ से कोयला, धातु आदि निकाले जाते हैं
6. प्रामाणिकता के लिए खुदे नाम की छाप
7. छोटा भाला
8. धार्मिक कृत्य करनेवाला
9. पुस्तकें आदि रखने के लिए लकड़ी आदि का बना ढाँचा
10. चित्रों या फोटों का संग्रह
Answer:
1. माला
2. विज्ञापन
3. करवट
4. डाकखाना
5. खान
6. मोहर
7. बरछी
8. पुरोहित
9. अलमारी
10. अलबम
In simple words: यहाँ दिए गए वाक्यांशों या शब्दसमूहों के लिए एक ही उपयुक्त शब्द बताया गया है।
Exam Tip: वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखने में, दिए गए विवरण का सबसे सटीक और संक्षिप्त रूप चुनें।
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
Question 1. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) हृदय पर बरछिया चलना
(ii) सिर पीट लेना
(iii) धक्के खाना
(iv) भाग्य जगना
Answer:
(i) हृदय पर बरछिया चलना – हृदय में चुभन सी अनुभव करना
वाक्य : सास के ताने सुनने पर बहू के हृदय पर बरछियाँ चलने लगी।
(ii) सिर पीट लेना – बहुत निराश होना
वाक्य : परीक्षा में असफल होने पर रमेश ने सिर पीट लिया।
(iii) धक्के खाना – बुरी हालत में होना
वाक्य : अकाल के कारण किसान धक्के खाने लगे।
(iv) भाग्य जगना – अनपेक्षित लाभ होना
वाक्य : लॉटरी लगने से विजय के भाग्य जग गए।
In simple words: मुहावरे ऐसे वाक्यांश होते हैं जिनका अर्थ उनके शब्दों से अलग होता है। यहाँ मुहावरों का अर्थ बताया गया है और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करके समझाया गया है।
Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और उनके सही वाक्य प्रयोग को याद रखना महत्वपूर्ण है। वाक्य ऐसा होना चाहिए जिससे मुहावरे का अर्थ स्पष्ट हो जाए।
निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1. भाववाचक संज्ञा लिखिए:
1. सोचना - .....
2. उतरना - .....
3. गरीब - .....
4. बुरा - .....
5. उड़ना - .....
6. बीमार - .....
7. रोना – .....
8. अलग - .....
9. पैदा होना - .....
10. झूठा - .....
11. सच्चा - .....
12. बदलना - .....
13. दुर्बल - .....
14. घबराना - .....
15. सख्त - .....
16. पंडित - .....
Answer:
1. सोचना – सोच
2. उतरना – उतार
3. गरीब – गरीबी
4. बुरा – बुराई
5. उड़ना – उड़ान
6. बीमार – बीमारी<
7. रोना – रुलाई
8. अलग – अलगाव
9. पैदा होना – पेदाईश
10. झूठा – झूठ
11. सच्चा – सच्चाई
12. बदलना – बदलाव
13. दुर्बल – दुर्बलता
14. घबराना – घबराहट
15. सख्त – सख्ती
16. पंडित – पांडित्य
In simple words: भाववाचक संज्ञा किसी भाव, गुण, अवस्था या क्रिया के नाम को बताती है। यहाँ क्रिया या विशेषण शब्दों से बनी भाववाचक संज्ञाएँ दी गई हैं।
Exam Tip: भाववाचक संज्ञा बनाने के नियमों को समझें। सामान्यतः प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञाएं बनाई जाती हैं।
निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1. कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए:
1. ऋण - .....
2. चित्र - .....
3. विचार - .....
4. चिंता - .....
5. खरीदना - .....
6. डाक - .....
7. देना - .....
8. अत्याचार - .....
9. कमाना - .....
10. वैद्यक - .....
11. पत्र – .....
12. भाग्य - .....
Answer:
1. ऋण – अणी
2. चित्र – चित्रकार
3. विचार – विचारक
4. चिंता – चिंतक
5. खरीदना – खरीदार
6. डाक – डाकिया
7. देना – दाता
8. अत्याचार – अत्याचारी
9. कमाना – कमाऊ
10. वैद्यक – वैद्य
11. पत्र – पत्रकार
12. भाग्य – भाग्यवान
In simple words: कर्तृवाचक संज्ञाएँ वे शब्द होती हैं जो किसी काम को करने वाले व्यक्ति या वस्तु का बोध कराती हैं। यहाँ दिए गए शब्दों से संबंधित कर्ता का रूप दिया गया है।
Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञा बनाते समय, शब्द के मूल अर्थ और कार्य करने वाले व्यक्ति से उसके संबंध को ध्यान में रखें।
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
Question 1. समास को पहचानिए:
1. शांतिप्रिय
2. दुगुना
3. चित्रकला
4. नवोढ़ा
5. कर्मनिष्ठ
6. दवा-दारु
7. चारपाई
8. भलेमानस
9. दो-चार
Answer:
1. बहुवीहि
2. तत्पुरुष
3. द्विगु
4. द्वन्द्र
5. तत्पुरुष
6. बहुवौहि
7. कर्मधारय
8. कर्मधारय
9. द्वन्द्व
In simple words: समास शब्दों को मिलाकर एक नया शब्द बनाने की प्रक्रिया है। यहाँ दिए गए शब्दों में किस प्रकार का समास है, यह बताया गया है।
Exam Tip: समास के विभिन्न प्रकारों (जैसे तत्पुरुष, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि, कर्मधारय) और उनके नियमों को अच्छी तरह समझें ताकि सही समास पहचान सकें।
निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
प्रश्न 1.
1. ऋण -
2. चित्र -
3. विचार -
4. चिंता -
5. खरीदना -
6. डाक -
7. देना -
8. अत्याचार -
9. कमाना -
10. वैद्यक -
11. पत्र -
12. भाग्य -
Answer:
1. ऋण – ऋणी
2. चित्र – चित्रकार
3. विचार – विचारक
4. चिंता – चिंतक
5. खरीदना – खरीदार
6. डाक – डाकिया
7. देना – दाता
8. अत्याचार – अत्याचारी
9. कमाना – कमाऊ
10. वैद्यक – वैद्य
11. पत्र – पत्रकार
12. भाग्य – भाग्यवान
In simple words: यहाँ प्रत्येक मूल शब्द से उसका कर्तृवाचक रूप दिखाया गया है, जो किसी कार्य को करने वाले व्यक्ति को सूचित करता है।
Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञाएं अक्सर क्रिया से जुड़ी होती हैं और क्रिया करने वाले व्यक्ति को दर्शाती हैं, जैसे 'लिखना' से 'लेखक' या 'पढ़ना' से 'पाठक'.
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
प्रश्न 1.
1. शांतिप्रिय
2. दुगुना
3. चित्रकला
4. नवोढ़ा
5. कर्मनिष्ठ
6. दवा-दारु
7. चारपाई
8. भलेमानस
9. दो-चार
Answer:
1. बहुव्रीहि
2. तत्पुरुष
3. द्विगु
4. द्वंद्व
5. तत्पुरुष
6. बहुव्रीहि
7. कर्मधारय
8. कर्मधारय
9. द्वंद्व
In simple words: इस प्रश्न में विभिन्न शब्दों और वाक्यांशों के समास प्रकारों को पहचानने की आवश्यकता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रत्येक पद किस प्रकार से एक दूसरे से संबंधित है।
Exam Tip: समास पहचानते समय, शब्दों के अर्थ और उनके संयोजन पर ध्यान दें। अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि समास के मुख्य लक्षणों को याद रखें।
अलबम Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
आर्थिक लेन-देन में अक्सर ऋण देने वाले और ऋण लेने वाले लोगों के बीच किसी-न-किसी बात पर कटुता उत्पन्न हो जाती है। यह कहानी भी पैसों के लेनदेन से जुड़ी है, पर इसमें कर्ज देने वाले और कर्ज लेने वाले व्यक्ति के आपसी रिश्तों को बनाए रखने का मार्मिक विवरण दिया गया है। इतना ही नहीं, कहानी में कर्ज देने वाला व्यक्ति स्वयं कर्ज लेने वाले की सहायता करता है ताकि वह अपना कर्ज चुका सके।
अलबम पाठ का सार :
- शादीराम और सदानंद: पंडित शादीराम, लाला सदानंद के पुरोहित हैं।
- सदानंद से कर्ज: पंडित शादीराम ने लाला सदानंद से बहुत साल पहले पाँच सौ रुपये कर्ज के रूप में लिए थे। शादीराम गरीब हैं, पर उनका हृदय बुरा नहीं है। वे लाला सदानंद का कर्ज चुकाने की पूरी कोशिश करते हैं।
- शादीराम की विवशता: शादीराम अपना पेट काटकर सदानंद का कर्ज चुकाने के लिए रुपये जमा करते हैं, पर कभी घर में किसी की बीमारी, तो कभी किसी और कारण से रुपये खर्च हो जाते हैं। बेचारे शादीराम मन मसोसकर रह जाते हैं।
- नेक दिल सदानंद: लाला सदानंद एक नेक इंसान हैं। वे शादीराम की लाचारी अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कभी शादीराम से पैसों के लिए तकादा नहीं किया, बल्कि अंदर ही अंदर वे यह चाहते थे कि शादीराम रुपये न लौटाएं तो यह ज्यादा अच्छा रहेगा।
- शादीराम का दुःख: शादीराम को इस बात का दुःख है कि लाला सदानंद अपने पैसों के बारे में भला तकादा क्यों नहीं करते।
- लाला सदानंद शादीराम के घर: एक दिन लाला सदानंद किसी काम से पंडित शादीराम के घर जाते हैं। वे उनकी अलमारी में सुंदर चित्रों वाली कुछ पत्रिकाएं देखते हैं।
- अलबम की योजना: सदानंद के मन में उन चित्रों से अलबम बनाने का विचार आता है। वे शादीराम से अच्छे चित्र छाँटकर जमा करने के लिए कहते हैं। वे शादीराम को यह विश्वास दिलाते हैं कि इससे उन्हें कुछ कमाई हो सकती है।
- सदानंद का प्रयास: सदानंद अलबम तैयार कर उसका विज्ञापन देते हैं।
- शादीराम के भाग्य जागे: काफी समय तक कहीं से उन्हें कोई जवाब नहीं मिलता। एक दिन कलकत्ते के एक मारवाड़ी सेठ का पत्र मिलता है कि अलबम भेज दें, अगर पसंद आया तो वह खरीद लिया जाएगा।
- लाला सदानंद की बीमारी: इस घटना के छः महीने के बाद लाला सदानंद बीमार पड़ जाते हैं। पंडित शादीराम उनके लिए दिन-रात माला जपते और उन्हें 'भगवद्गीता' सुनाते थे।
- सदानंद की बेहोशी: अचानक सदानंद बेहोश हो जाते हैं। शादीराम सदानंद के सिरहाने बैठ जाते हैं। उन्हें लगता है कि सदानंद के सिरहाने कोई चुभती हुई चीज है। वे उठाकर देखते हैं, तो वह चीज वही अलबम था। उन्हें समझते देर नहीं लगती कि इस अलबम को किसी सेठ ने नहीं, खुद सदानंद ने ही खरीदा था।
- अलबम छीनना: लाला सदानंद को होश आता है, तो वे शादीराम से अलबम छीनकर बहाना बनाते हुए कहते हैं, 'यह अलबम अब मैंने सेठ साहब से मंगवा लिया है।' शादीराम को लगता है कि वे झूठ बोल रहे हैं, लेकिन अब उनकी नजर में लाला सदानंद और ज्यादा सज्जन और उपकारी लगने लगते हैं।
अलबम शब्दार्थ :
- यजमान – जो पुरोहित से धार्मिक कार्य करवाता है, वह।
- मोहर – सोने का पुराना सिक्का।
- उड़ जाना – (यहाँ) खर्च हो जाना।
- जोड़ लेना – इकट्ठा कर लेना।
- प्रतीत होना – लगना, जान पड़ना।
- दवा-दारू – चिकित्सा, उपचार।
- पुरोहित – धार्मिक कार्य कराने वाला व्यक्ति।
- विवशता – लाचारी, असहाय अवस्था।
- भलेमानस – भला आदमी।
- तात्पर्य – मतलब।
- निश्चिंत – बेफिक्र, चिंता रहित।
- सज्जनता – भलमनसी।
- अत्याचार – अनुचित आचरण, जुल्म।
- बढ़िया - अच्छा।
- हतभागे – भाग्यहीन, बदकिस्मत।
- चाव – इच्छा, उमंग।
- उमंग – जोश, उल्लास।
- निश्चय – विश्वास।
- प्रतीक्षा – इंतजार।
- आशा – उम्मीद।
- जीवनदायिनी – जीवन देने वाली।
- हृदयहारिणी – मन को मोहित करने वाली।
- हकीम – वैद्य।
- प्रार्थना – विनती।
- दुर्बल – कमजोर।
- नवोढ़ा – नव विवाहिता।
- होश – चेतना, सुध-बुध।
- उपकारी – उपकार करने वाला।
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