Official CBSE Practice Papers for Class 10 Hindi Course A
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Solved Model Papers for Hindi Course A
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खंड - क
(अपठित बोध)
1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [7 Marks]
“एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए”- यह शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे। आज वही भावना भारतवासियों के मन में तब जगी जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा। यह क्षण केवल भारत की अंतरिक्ष वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता और युवाओं की प्रेरणा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने और नई तकनीकों का विकास करने के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
27 जून 2025 को स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च होने के बाद, शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने 18 दिन आईएसएस पर बिताए। इस दौरान, उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में 20 से अधिक विविध प्रयोग किए।
भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी। 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए। राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में भारत की बढ़ती साख को मजबूत करती है। अब 2025 में शुभांशु शुक्ला का आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है और यह भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है। इस मिशन ने देश के लाखों बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना जगाई है।
स्रोत - विज्ञान प्रगति (मासिक पत्रिका)
(I) उपर्युक्त गद्यांश में किस विषय पर चर्चा की गई है? [1 Mark]
(A) नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने पर
(B) भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर
(C) अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने पर
(D) शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम पर
Answer: (B) भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर
Teacher's Note:
a) गद्यांश में कैप्टन शुभांशु शुक्ला के माध्यम से भारत की वर्तमान अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा की गई है।
b) विषय चुनते समय पूरे गद्यांश का सार देखें, केवल एक व्यक्ति या एक घटना पर आधारित विकल्प न चुनें।
(II) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : “एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए।”
कारण : यह कदम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानव अन्वेषण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है।
विकल्प - [1 Mark]
(A) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कथन के शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे।
b) कारण कथन की सही व्याख्या करता है, क्योंकि यह सफ़लता मानवता के उत्थान से जुड़ी है।
(III) भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा। यह क्षण भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण साबित हुआ ?
सही विकल्प / विकल्पों का चयन कीजिए :
(i) आर्थिक आत्मनिर्भरता
(ii) युवाओं के लिए प्रेरणा
(iii) अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धि
(iv) अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान
विकल्प - [1 Mark]
(A) कथन (i) और (ii) सही हैं
(B) केवल कथन (iii) सही है
(C) कथन (i) और (iv) सही हैं
(D) कथन (ii), (iii) और (iv) सही हैं
Answer: (D) कथन (ii), (iii) और (iv) सही हैं
Teacher's Note:
a) यह भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में उपलब्धि है, इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान बनी और यह मिशन युवाओं को प्रेरणा देता है।
b) 'आर्थिक आत्मनिर्भरता' का उल्लेख गद्यांश में नहीं है, इसलिए कथन (i) वाले विकल्प ग़लत हैं।
(IV) ‘भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है।’ गद्यांश के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी और 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए।
2. 2025 में शुभांशु शुक्ला राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बने। उनका आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है।
Teacher's Note:
a) केवल दो बिंदु अपेक्षित हैं, दोनों गद्यांश के तथ्यों पर आधारित हों।
b) यह भी लिखा जा सकता है कि यह मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में नया अध्याय जोड़ता है।
c) वर्ष और नाम (1969, 1984, 2025) सही लिखें।
(V) बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में कदम रखने से कैसे जागृत हुई ? [2 Marks]
Answer:
1. बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना तब जागृत होती है, जब उनके सामने किसी को अभूतपूर्व सफ़लता मिलती है।
2. शुभांशु शुक्ला के इस मिशन की सफ़लता ने बच्चों और युवाओं को बड़े सपने देखने और मेहनत करने की प्रेरणा दी है।
Teacher's Note:
a) केवल दो बिंदु अपेक्षित हैं।
b) यह बिंदु भी स्वीकार्य है कि यह मिशन भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है।
2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [7 Marks]
ज़िंदगी को
वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं,
जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं।
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!
ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो खदानें खोदते हैं,
लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं।
यज्ञ को इस शक्ति श्रम के
श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!
ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं,
शूरवीरों के चरण से रक्त-रेखा आँकते हैं।
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!
ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रलय को रोकते हैं,
रक्त से रंजित धरा पर शांति का पथ खोजते हैं।
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!
मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा।
ख़ूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा।
- केदारनाथ अग्रवाल (जो शिलाएँ तोड़ते हैं)
(I) प्रस्तुत कविता का मुख्य भाव है : [1 Mark]
(A) शूरवीरों के साहस की सराहना
(B) नौजवानों की ताकत का सम्मान
(C) किसानों और मजदूरों की प्रशंसा
(D) मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान
Answer: (D) मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान
Teacher's Note:
a) पूरी कविता में कवि ने मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान किया है।
b) केवल एक पद (जैसे शूरवीरों वाला पद) देखकर उत्तर न चुनें, पूरी कविता का भाव देखें।
(II) मैं नए विचारों से प्रेरित इंसान हूँ। श्रम और मानवता से समाज के निर्माण में सहयोग दूँगा।
यह भाव कविता की किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है ?
विकल्प : [1 Mark]
(A) ख़ूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा
(B) मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा
(C) ज़िंदगी को वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं
(D) ज़िंदगी को वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं
Answer: (B) मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा
Teacher's Note:
a) दिया गया भाव कविता की इसी पंक्ति से मेल खाता है।
b) 'नया इंसान' और 'सहयोग दूँगा' जैसे मिलते-जुलते शब्दों पर ध्यान दें।
(III) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन - जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे अपने जीवन और समाज को गढ़ने वाले होते हैं।
कारण - इतिहास गवाह है कि हमारे महापुरुषों ने मेहनत, धैर्य और संघर्ष के आधार पर सुंदर समाज का निर्माण किया।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कथन सही है, जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे ही समाज को गढ़ते हैं।
b) कारण उदाहरण देकर कथन की व्याख्या करता है, हमारे महापुरुषों ने कड़ी मेहनत से, बाधाओं का सामना करते हुए भारत का निर्माण किया।
(IV) मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने किसे माना है और क्यों? [2 Marks]
Answer:
1. मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने परिश्रम (शक्ति-श्रम) को माना है।
2. क्योंकि परिश्रम ही सफलता का मूल आधार है। हमारे जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिश्रम ही एकमात्र साधन है।
Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भाग - 'किसे' और 'क्यों' - का उत्तर अलग-अलग दें।
b) 'यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ' पंक्ति उत्तर का आधार है।
(V) यह कविता साहस और संघर्ष का प्रतीक है - कैसे ? कविता से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. संपूर्ण कविता साहस, संघर्ष और श्रम शक्ति के बल पर आगे बढ़ने का संदेश देती है।
2. जैसे "जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं" और "जो खदानें खोदते हैं, लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं"। ये पंक्तियाँ मेहनत, शक्ति और संघर्ष को दर्शाती हैं।
Teacher's Note:
a) प्रश्न में उदाहरण माँगा गया है, इसलिए कविता की पंक्ति अवश्य उद्धृत करें।
b) केवल दो बिंदु अपेक्षित हैं।
खंड - ख
(व्यावहारिक व्याकरण)
3. निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4 × 1 = 4]
(I) चैत आया और टेसू के फूल दहकने लगे।
(सरल वाक्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: चैत आते ही टेसू के फूल दहकने लगे।
Teacher's Note:
a) 'और' से जुड़े दो उपवाक्यों को 'आते ही' लगाकर एक क्रिया वाले वाक्य में बदलें।
b) सरल वाक्य में केवल एक मुख्य क्रिया होती है।
(II) उसके पास घड़ी तो थी, किन्तु ठीक नहीं थी।
(मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: जो घड़ी उसके पास थी, वह ठीक नहीं थी।
Teacher's Note:
a) 'जो - वह' जैसे संबंधवाचक शब्द जोड़कर मिश्र वाक्य बनाएँ।
b) 'किन्तु' हटाना आवश्यक है, वरना वाक्य संयुक्त ही रहेगा।
(III) जब बाबू जी रामायण का पाठ करते तब हम उनकी बगल में बैठे रहते।
(संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: बाबू जी रामायण का पाठ करते और हम उनकी बगल में बैठे रहते।
Teacher's Note:
a) 'जब - तब' हटाकर दोनों उपवाक्यों को 'और' से जोड़ें।
b) संयुक्त वाक्य के दोनों उपवाक्य स्वतंत्र होते हैं।
(IV) घर में पतोहू रो रही है, जिसे गाँव की स्त्रियाँ चुप कराने की कोशिश कर रही हैं।
(रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए) [1 Mark]
Answer: मिश्र वाक्य
Teacher's Note:
a) 'जिसे' संबंधवाचक शब्द आश्रित उपवाक्य का संकेत है।
b) एक प्रधान और एक आश्रित उपवाक्य हो तो वाक्य मिश्र होता है।
(V) जब बाबू जी हमारी ओर देखते, तब हम कुछ लजाकर और मुस्कुराकर आइना नीचे रख देते।
(रेखांकित उपवाक्य का भेद लिखिए) [1 Mark]
Answer: क्रियाविशेषण उपवाक्य
Teacher's Note:
a) 'जब' से शुरू होने वाला उपवाक्य समय बताता है, इसलिए यह क्रियाविशेषण उपवाक्य है।
b) केवल 'मिश्र वाक्य' लिखना ग़लत होगा, यहाँ उपवाक्य का भेद पूछा गया है।
4. निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4 × 1 = 4]
(I) लेखिका के पिताजी रसोई को भटियारखाना कहते थे।
(कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: लेखिका के पिताजी द्वारा रसोई को भटियारखाना कहा जाता था।
Teacher's Note:
a) कर्ता के साथ 'द्वारा' लगाएँ और क्रिया को 'कहा जाता था' रूप में बदलें।
b) काल (भूतकाल) वही रहना चाहिए।
(II) बालगोबिन भगत द्वारा पतोहू को मायके भेज दिया गया।
(कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: बालगोबिन भगत ने पतोहू को मायके भेज दिया।
Teacher's Note:
a) 'द्वारा' हटाकर कर्ता के साथ 'ने' लगाएँ।
b) क्रिया 'भेज दिया गया' को 'भेज दिया' में बदलें।
(III) चोट लगने के कारण वह चल नहीं पाया।
(भाववाच्य में बदलकर लिखिए) [1 Mark]
Answer: चोट लगने के कारण उससे चला नहीं जा सका।
Teacher's Note:
a) भाववाच्य में कर्ता के साथ 'से' लगता है (वह - उससे)।
b) अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है और क्रिया सदा एकवचन, पुल्लिंग में रहती है।
(IV) बच्चों द्वारा नेताजी को चश्मा पहनाया गया।
(वाच्य पहचानकर भेद लिखिए) [1 Mark]
Answer: कर्मवाच्य
Teacher's Note:
a) वाक्य में कर्म (चश्मा) की प्रधानता है और कर्ता के साथ 'द्वारा' लगा है।
b) सकर्मक क्रिया के साथ 'द्वारा' हो तो प्रायः कर्मवाच्य होता है।
(V) आराम से सेकंड क्लास में जाने के लिए दाम अधिक लगते हैं।
(वाच्य पहचानकर भेद लिखिए) [1 Mark]
Answer: कर्तृवाच्य
Teacher's Note:
a) वाक्य में कर्ता (दाम) की प्रधानता है और क्रिया 'लगते हैं' कर्ता के अनुसार है।
b) वाक्य में 'द्वारा' या 'से' का प्रयोग नहीं है।
5. निर्देशानुसार ‘पद परिचय’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : [4 × 1 = 4]
(I) आज भी भारत में अनेक अभिमन्यु हैं। [1 Mark]
Answer: अभिमन्यु - संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
Teacher's Note:
a) सही व्याकरणिक कोटि (संज्ञा) के साथ कोई एक अन्य बिंदु लिखना अपेक्षित है।
b) यहाँ 'अभिमन्यु' व्यक्ति विशेष नहीं, ऐसे लोगों के वर्ग का बोध कराता है, इसलिए जातिवाचक संज्ञा है।
(II) यह पुस्तक मेरी बड़ी बहन ने लिखी है। [1 Mark]
Answer: यह - विशेषण, सार्वनामिक विशेषण, विशेष्य ‘पुस्तक’, एकवचन, स्त्रीलिंग।
Teacher's Note:
a) 'यह' संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए तो सार्वनामिक विशेषण होता है।
b) विशेष्य (पुस्तक) का उल्लेख अवश्य करें।
(III) उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था। [1 Mark]
Answer: देखा था - क्रिया, सकर्मक क्रिया, भूतकाल, एकवचन, पुल्लिंग, कर्तृवाच्य।
Teacher's Note:
a) क्रिया का भेद (सकर्मक) और काल (भूतकाल) दोनों लिखें।
b) कर्म (बेटे और पतोहू) होने से क्रिया सकर्मक है।
(IV) वर्षा के बाद धीरे-धीरे हरियाली बढ़ने लगी। [1 Mark]
Answer: धीरे-धीरे - क्रिया विशेषण, रीतिवाचक क्रिया विशेषण, ‘बढ़ने लगी’ क्रिया की विशेषता।
Teacher's Note:
a) जो शब्द क्रिया के होने का ढंग बताए, वह रीतिवाचक क्रिया विशेषण होता है।
b) किस क्रिया की विशेषता बता रहा है, यह अवश्य लिखें।
(V) वाह ! भारत ने महिला क्रिकेट विश्व कप जीत लिया। [1 Mark]
Answer: वाह - अव्यय, विस्मयादिबोधक अव्यय, प्रसन्नता सूचक।
Teacher's Note:
a) मन के भाव (हर्ष, शोक, आश्चर्य) प्रकट करने वाले शब्द विस्मयादिबोधक अव्यय होते हैं।
b) कौन-सा भाव (प्रसन्नता) प्रकट हो रहा है, यह भी लिखें।
6. निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4 × 1 = 4]
(I) खड़-खड़ करताल बजा, नाच रही बेसुध हवा।
( रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए ) [1 Mark]
Answer: मानवीकरण अलंकार
Teacher's Note:
a) हवा (प्रकृति) को मनुष्य की तरह नाचते हुए दिखाया गया है।
b) जहाँ निर्जीव या प्रकृति पर मानवीय क्रियाओं का आरोप हो, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
(II) सुख स्वर्ग-सा जहाँ है, वह देश कौन-सा है ?
( रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए ) [1 Mark]
Answer: उपमा अलंकार
Teacher's Note:
a) 'सा' वाचक शब्द से सुख की तुलना स्वर्ग से की गई है।
b) सा, सी, सम, सरिस जैसे वाचक शब्द उपमा की पहचान हैं।
(III) भूप सहस दस एकहिं बारा। लगे उठावन टरत न टारा॥
( रेखांकित काव्य पंक्तियों में अलंकार पहचान कर लिखिए ) [1 Mark]
Answer: अतिशयोक्ति अलंकार
Teacher's Note:
a) दस हज़ार राजाओं का एक साथ धनुष उठाने लगना और उसका न हिलना, बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना है।
b) जहाँ किसी बात का वर्णन सीमा से अधिक बढ़ाकर किया जाए, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।
(IV) रूपक अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए। [1 Mark]
Answer: चरण-कमल बंदौं हरि राई। (यहाँ चरणों पर कमल का अभेद आरोप है।)
Teacher's Note:
a) रूपक अलंकार का कोई भी उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य है।
b) रूपक में उपमेय और उपमान में अभेद होता है, वाचक शब्द (सा, सी) नहीं होता।
(V) उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए। [1 Mark]
Answer: सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनहुँ नीलमनि सैल पर, आतप परयो प्रभात॥ (यहाँ 'मनहुँ' द्वारा उपमेय में उपमान की संभावना की गई है।)
Teacher's Note:
a) उत्प्रेक्षा अलंकार का कोई भी उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य है।
b) मनु, मनहुँ, जनु, जनहुँ, मानो, जानो जैसे वाचक शब्द उत्प्रेक्षा की पहचान हैं।
खंड - ग
(पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
7. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]
एक संस्कृत व्यक्ति किसी नयी चीज़ की खोज करता है; किंतु उसकी संतान को वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही; लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सके; पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते।
(I) संस्कृत व्यक्ति की संतान को लेखक ने किसकी संज्ञा दी है? [1 Mark]
(A) सुसंस्कृत मानव
(B) सभ्य मानव
(C) सुयोग्य मानव
(D) समृद्ध मानव
Answer: (B) सभ्य मानव
Teacher's Note:
a) संस्कृत मानव की संतान ने किसी नयी चीज़ की खोज नहीं की, उसे वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हुई है।
b) गद्यांश की पंक्ति 'सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता' उत्तर का आधार है।
(II) लेखक के अनुसार प्रस्तुत गद्यांश में एक ‘संस्कृत’ व्यक्ति कौन है? [1 Mark]
(A) जो संस्कृत विषय का विशेषज्ञ हो
(B) जो नयी वस्तुओं का उपयोग करता हो
(C) जो अनेक बातों का ज्ञान रखता हो
(D) जो किसी नयी चीज़ की खोज करता हो
Answer: (D) जो किसी नयी चीज़ की खोज करता हो
Teacher's Note:
a) लेखक के अनुसार जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा विवेक ने किसी भी नए तथ्य की खोज की, वही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है।
b) यहाँ 'संस्कृत' का अर्थ संस्कृत भाषा नहीं है, विकल्प (A) से भ्रमित न हों।
(III) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : लेखक ने ‘संस्कृत’ व्यक्ति की संतान को ‘संस्कृत’ नहीं माना है।
कारण : ‘संस्कृत’ व्यक्ति की संतान ने किसी नयी चीज़ की खोज नहीं की, बल्कि उसे वह वस्तु अपने पूर्वजों से अनायास ही प्राप्त हो गई है।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कथन सही है क्योंकि 'संस्कृत' व्यक्ति की संतान ने किसी नई चीज़ की खोज नहीं की।
b) कारण कथन की सही व्याख्या करता है क्योंकि संतान को वह वस्तु अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हुई है।
(IV) प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन / कौन-से कथन सही हैं?
उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) न्यूटन गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार करने के कारण संस्कृत मानव कहलाए।
(ii) आज भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन के समान संस्कृत कह सकते हैं।
(iii) आज का विद्यार्थी न्यूटन के सिद्धांत के साथ-साथ अन्य बातों का भी ज्ञान रखता है।
(iv) आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को अधिक सभ्य नहीं माना जा सकता है।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन (i) और (ii) सही हैं
(B) केवल कथन (iii) सही है
(C) कथन (i) और (iv) सही हैं
(D) कथन (i) और (iii) सही हैं
Answer: (D) कथन (i) और (iii) सही हैं
Teacher's Note:
a) कथन (i) और (iii) के तथ्य गद्यांश से मेल खाते हैं।
b) कथन (ii) और (iv) गद्यांश के विपरीत हैं, क्योंकि आज के विद्यार्थी को अधिक सभ्य कहा जा सकता है, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं।
(V) एक संस्कृत व्यक्ति में आम लोगों से अलग कौन-से गुण होते हैं?
उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) नई खोज करना
(ii) संस्कृति का सम्मान करना
(iii) साहसी और परिश्रमी होना
(iv) अपनी बुद्धि, विवेक के बल पर आविष्कार करना
विकल्प - [1 Mark]
(A) विकल्प (i) और (iv) सही हैं
(B) केवल विकल्प (iii) सही है
(C) विकल्प (i) और (ii) सही हैं
(D) विकल्प (i), (ii) और (iv) सही हैं
Answer: (A) विकल्प (i) और (iv) सही हैं
Teacher's Note:
a) एक संस्कृत व्यक्ति में आम लोगों से अलग गुण हैं - नई खोज करना और अपनी बुद्धि, विवेक के बल पर आविष्कार करना।
b) केवल वही गुण चुनें जिनका उल्लेख गद्यांश में है।
8. निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : [3 × 2 = 6]
(I) ‘बुढ़ापा आ गया था, किंतु टेक वही जवानीवाली’ - ‘बालगोबिन भगत’ पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: इस कथन के द्वारा बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व को स्पष्ट किया गया है। बालगोबिन वृद्ध हो गए थे, परंतु उनके नित्य-नियम में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया था। वे हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी (जीवन के अंतिम क्षणों में) गंगा स्नान करने गए थे।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) यह बिंदु भी स्वीकार्य है कि वृद्धावस्था में पहुँचकर भी उन्हें किसी का आश्रय लेना मंज़ूर नहीं था।
(II) लेखिका मन्नू भंडारी को साधारण से असाधारण बनाने में 'शीला अग्रवाल' की भूमिका पर ‘एक कहानी यह भी’ पाठ के आधार पर प्रकाश डालिए। [2 Marks]
Answer: लेखिका मन्नू भंडारी को साधारण से असाधारण बनाने में उनकी हिंदी अध्यापिका शीला अग्रवाल ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ की गई लंबी बहसों ने लेखिका को साहित्य समझने की दृष्टि प्रदान की। उन्होंने ही लेखिका को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदार बनाया।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) अन्य स्वीकार्य बिंदु - अनेक महत्त्वपूर्ण लेखकों को पढ़ने का सुझाव देना, लेखिका को साहसी और आत्मविश्वासी बनाना।
(III) कैसे कहा जा सकता है कि बिस्मिल्ला खाँ साहब सच्चे अर्थों में भारत रत्न थे। ‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ के आधार पर लिखिए। [2 Marks]
Answer: बिस्मिल्ला खाँ सच्चे अर्थों में 'भारत रत्न' थे क्योंकि भारतीयता के जीवन-मूल्य - सांप्रदायिक सद्भावना, देशभक्ति, विनम्रता, सादगी, हुनर और साधना - उनमें कूट-कूट कर भरे थे। 'भारत रत्न' व पद्मविभूषण जैसे सम्मान मिलने के बाद भी घमंड उन्हें छू तक नहीं गया था।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) यह बिंदु भी स्वीकार्य है कि बिना धन-लालसा के वे जीवन पर्यंत सादगी के साथ सुरों की साधना करते रहे।
(IV) यदि लेखक ने खीरा खा लिया होता तो क्या नवाब साहब भी खीरा खा लेते? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर तर्क सहित स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: यदि लेखक ने खीरा खा लिया होता, तो संभव है कि नवाब साहब भी खीरा खा लेते। वे भी खीरे का आनंद लेना चाहते थे, लेकिन लेखक की उपस्थिति और उसके द्वारा खीरा न खाने से नवाब साहब को अपनी शान और दिखावे को बनाए रखना पड़ा।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) उत्तर में नवाबी शान और दिखावे का तर्क अवश्य दें।
9. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]
अट नहीं रही है
आभा फागुन की तन
सट नहीं रही है।
कहीं साँस लेते हो,
घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम
पर-पर कर देते हो,
आँख हटाता हूँ तो
हट नहीं रही है।
पत्तों से लदी डाल
कहीं हरी, कहीं लाल,
कहीं पड़ी है उर में
मंद-गंध-पुष्प-माल,
पाट-पाट शोभा-श्री
पट नहीं रही है।
(I) ‘अट नहीं रही है’ कविता में किस ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है ? [1 Mark]
(A) चैत्र माह में आने वाली ग्रीष्म ऋतु का वर्णन
(B) चैत्र माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन
(C) फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन
(D) फागुन माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन
Answer: (C) फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन
Teacher's Note:
a) कविता में कवि ने फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन किया है।
b) 'आभा फागुन की' शब्द ही उत्तर का संकेत देते हैं।
(II) फागुन माह में प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?
सही विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) नव पल्लवों से युक्त डालियाँ
(ii) अनगिनत रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्प
(iii) प्रकृति का सौंदर्य चरम सीमा पर
(iv) आकाश में बादलों का छाना
विकल्प - [1 Mark]
(A) कथन (i) और (ii) सही हैं
(B) केवल कथन (iii) सही है
(C) कथन (i) और (iv) सही हैं
(D) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं
Answer: (D) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं
Teacher's Note:
a) फागुन माह में प्रकृति में जो परिवर्तन होते हैं, वे कथन (i), (ii) और (iii) में दिए गए हैं।
b) बादलों का छाना वर्षा ऋतु का लक्षण है, फागुन का नहीं।
(III) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।
कारण : फाल्गुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह धरती पर समा नहीं पा रही है और चारों ओर बिखरी हुई है।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कथन सही है, फाल्गुन की सुंदरता अतिशय है।
b) कारण कथन की सही व्याख्या करता है कि प्राकृतिक सौंदर्य धरती पर समा नहीं रहा है और चारों ओर बिखरा हुआ है।
(IV) यह कविता कवि के किस प्रेम को दर्शाती है? [1 Mark]
(A) देश प्रेम
(B) प्रकृति प्रेम
(C) कला प्रेम
(D) मानव प्रेम
Answer: (B) प्रकृति प्रेम
Teacher's Note:
a) कविता में वसंत ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का मनोरम वर्णन है।
b) इसलिए यह कविता कवि के प्रकृति प्रेम को दर्शाती है।
(V) ‘आँख हटाता हूँ तो हट नहीं रही है’ - कवि किसकी ओर से अपनी आँख हटा नहीं पा रहा है? [1 Mark]
(A) प्राकृतिक सौंदर्य की ओर से
(B) काले बादलों की ओर से
(C) ऊँचे पहाड़ों की ओर से
(D) हरे-भरे पेड़ों की ओर से
Answer: (A) प्राकृतिक सौंदर्य की ओर से
Teacher's Note:
a) चारों ओर बिखरे प्राकृतिक सौंदर्य से कवि अभिभूत है।
b) इसलिए वह प्रकृति से अपनी आँख हटा नहीं पा रहा है।
10. निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : [3 × 2 = 6]
(I) ‘सूरदास अब धीर धरहिं क्यौं ?’ - इस प्रश्न में निहित गोपियों की व्यथा का चित्रण ‘सूरदास के पद’ के आधार पर संक्षेप में लिखिए। [2 Marks]
Answer: यह प्रश्न (अब हम धीरज क्यों धरें, कैसे धरें) गोपियों की विरह-वेदना के चरमोत्कर्ष को दर्शाता है। 'अवधि अधार आस आवन की' - कृष्ण के आगमन की अनिश्चित प्रतीक्षा उन्हें तन-मन से 'बिथा सही' (पीड़ा सहने) को विवश करती है। उद्धव के योग-संदेश उनकी वेदना को 'बिरहिनि बिरह दही' जैसा बना देते हैं।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) अन्य स्वीकार्य बिंदु - "मरजादा न लही" अर्थात् सामाजिक मर्यादा टूट चुकी है और हर संभव गुहार व्यर्थ रही।
(II) “क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?” ‘आत्मकथ्य’ कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ‘दूसरों की सुनकर मौन रहना’ क्यों श्रेयस्कर मानता है? [2 Marks]
Answer: कवि के अनुसार इस छोटे से जीवन में उन्होंने अभी तक सुनाने लायक कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है। वे नहीं चाहते कि उनकी भोली व्यथा दूसरों के मनोरंजन और उपहास का विषय बने। अतः वे दूसरों की कहानियाँ सुनना और मौन रहना ही गरिमामय मानते हैं।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) 'उपहास का विषय' और 'मौन ही गरिमामय विकल्प' जैसे मुख्य शब्द अवश्य लिखें।
(III) ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में बच्चे और कवि के बीच का संबंध मुख्यतः संवादहीन है, फिर भी अत्यंत गहन और भावपूर्ण है। ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए। [2 Marks]
Answer: बच्चे और कवि के बीच बच्चे की दंतुरित मुसकान ही मुख्य संचार का माध्यम है। यह मुसकान कवि को अपार सुंदरता ('छविमान') का अनुभव कराती है। यह संवादहीन संबंध शब्दों से परे, हृदय से हृदय का जुड़ाव है, जो एक मासूम मुसकान और एक स्नेहिल दृष्टि से ही पूर्ण हो जाता है।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) अन्य स्वीकार्य बिंदु - कवि "अतिथि" और "अन्य" है, बच्चा उसे अनिमेष देख रहा है और शायद पहचान नहीं पाता।
(IV) ‘और यह कि फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग’ - यह पंक्ति संगतकार के स्वर में किस भावना और विश्वास को व्यक्त करती है?
‘संगतकार’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: यह पंक्ति संगतकार के स्वर में निहित आशा, पुनरुत्थान और अवसर की अनंतता के विश्वास को व्यक्त करती है। संगतकार असफलता को अंत नहीं मानता। उसका यह सरल कथन विश्वास दिलाता है कि क्षणिक विफलता स्थायी नहीं है और राग को फिर से शुरू किया जा सकता है।
Teacher's Note:
a) किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) प्रश्न के दोनों भाग - 'भावना' और 'विश्वास' - का उल्लेख करें।
11. पूरक पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए : [2 × 4 = 8]
(I) 'माता का अँचल' पाठ में वर्णित बच्चों के ‘खेती के खेल’ से ग्रामीण जीवन की किन सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं का पता चलता है? [4 Marks]
Answer:
1. 'माता का अँचल' पाठ में खेती का खेल ग्रामीण समाज की आर्थिक संरचना का बाल सुलभ प्रतिबिंब है।
2. बच्चों ने घिरनी से कुआँ, मूँज की रस्सी से रस्सा और कंकड़ों को बीज बनाकर खेती की पूरी प्रक्रिया नकली रूप में दोहराई।
3. यह दिखाता है कि बचपन से ही गाँव के बच्चे खेती के संघर्ष, सहयोग और उत्सव से परिचित थे।
4. गीतों में छिपा "ऊँच-नीच" का भाव भूमि विषमता और सामूहिक श्रम की महत्ता को भी उजागर करता है।
Teacher's Note:
a) किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) निष्कर्ष के रूप में लिखा जा सकता है कि यह खेल ग्रामीण जीवन का सूक्ष्म दस्तावेज़ है।
(II) ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर लिखिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के जीवन और उनके योगदान पर लेखिका की टिप्पणी क्या प्रतिबिंबित करती है? [4 Marks]
Answer:
1. लेखिका ने सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन को ‘मौत को झुठलाने’ वाला संघर्ष बताया है।
2. कटाओ जैसे दुर्गम इलाके में, जहाँ तापमान माइनस 15° सेल्सियस होता है, सैनिकों का निरंतर ड्यूटी में तैनात रहना उनके अदम्य साहस को दर्शाता है।
3. एक सैनिक का वाक्य - “आप चैन की नींद सो सकें, इसीलिए तो हम यहाँ पहरा दे रहे हैं” - लेखिका को गहराई तक विचलित कर देता है।
4. यह भाव लेखिका की राष्ट्रीय चेतना और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता को उजागर करता है।
Teacher's Note:
a) किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) अन्य स्वीकार्य बिंदु - छावनी पर लिखा नारा ‘वी गिव अवर टुडे फॉर योर टुमारो’ उनके समर्पण का प्रतीक है।
(III) ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के आधार पर बताइए कि भीतरी विवशता क्या होती है ? लेखक अज्ञेय ने इसे स्पष्ट करने के लिए किसकी चर्चा की है? [4 Marks]
Answer:
1. भीतरी विवशता मन की वह प्रबल अनुभूति और बेचैनी है, जो लेखक को अपनी अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करने के लिए विवश करती है।
2. अज्ञेय जी के अनुसार लेखक के भीतर कुछ ऐसी अनुभूतियाँ होती हैं, जिन्हें वह दूसरों तक पहुँचाना चाहता है। जब तक वह उन्हें लिखकर व्यक्त नहीं कर देता, तब तक उसके मन को शांति नहीं मिलती।
3. अज्ञेय जी ने इस बात को स्पष्ट करने के लिए अपनी प्रसिद्ध कविता ‘हिरोशिमा’ की चर्चा की है।
4. उन्होंने बताया है कि कविता लिखना उनके लिए किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि भीतर की अनुभूति को व्यक्त करने की आवश्यकता थी।
Teacher's Note:
a) किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित है।
b) प्रश्न के दोनों भाग - भीतरी विवशता का अर्थ और ‘हिरोशिमा’ कविता की चर्चा - अवश्य लिखें।
खंड - घ
(रचनात्मक लेखन)
12. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए : [1 × 6 = 6]
(i) प्रगति पथ पर अग्रसर भारत
भारत की उपलब्धियाँ
अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
देश की प्रगति के लिए हमारे कर्त्तव्य [6 Marks]
Answer: आज भारत प्रगति पथ पर तेज़ी से अग्रसर है। स्वतंत्रता के बाद भारत ने कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। हरित क्रांति ने देश को अन्न में आत्मनिर्भर बनाया। अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसरो के सफल अभियानों ने भारत का नाम ऊँचा किया है। डिजिटल भुगतान और सूचना प्रौद्योगिकी में भी भारत आगे बढ़ रहा है। इन उपलब्धियों के कारण आज अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की एक सशक्त पहचान बनी है। विश्व के बड़े मंचों पर भारत की बात ध्यान से सुनी जाती है। परंतु देश की प्रगति केवल सरकार का काम नहीं है। हम नागरिकों का भी कर्त्तव्य है कि हम ईमानदारी से अपना काम करें, नियमों का पालन करें, स्वच्छता रखें और शिक्षा को महत्त्व दें। यदि हर नागरिक अपना योगदान दे, तो भारत शीघ्र ही विकसित राष्ट्र बन सकता है।
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - आरंभ 1 अंक, विषयवस्तु 4 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) तीनों संकेत बिंदुओं को क्रम से शामिल करें और शब्द सीमा (लगभग 120 शब्द) का ध्यान रखें।
अथवा
(ii) भारतीय रसोई में बसता है सेहत का खजाना
भारतीय रसोईघर : एक औषधालय
संतुलित एवं संपूर्ण आहार
स्वादिष्ट और सेहतमंद आहार [6 Marks]
Answer: भारतीय रसोई में सचमुच सेहत का खजाना बसता है। हमारा रसोईघर एक छोटे औषधालय के समान है। हल्दी, अदरक, लहसुन, तुलसी, अजवाइन, जीरा और काली मिर्च जैसी चीज़ें केवल स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि सर्दी-खाँसी, पेट दर्द और अपच जैसी छोटी-मोटी बीमारियों में दवा का काम भी करती हैं। भारतीय भोजन संतुलित एवं संपूर्ण आहार का उत्तम उदाहरण है। दाल, चावल, रोटी, हरी सब्ज़ी, दही और सलाद से भरी थाली में शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं। भारतीय व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी होते हैं। खिचड़ी, दलिया, इडली और अंकुरित अनाज हल्के और पौष्टिक होते हैं। आज जंक फ़ूड के बढ़ते चलन के कारण हमें अपनी पारंपरिक रसोई के महत्त्व को फिर से समझना चाहिए और घर के बने भोजन को अपनाना चाहिए।
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - आरंभ 1 अंक, विषयवस्तु 4 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) मसालों और व्यंजनों के उदाहरण देकर संकेत बिंदुओं को स्पष्ट करें।
अथवा
(iii) पाश्चात्य सभ्यता की गिरफ्त में आती युवा पीढ़ी
पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ
पाश्चात्य संस्कृति का आकर्षण
मानवीय मूल्यों में बदलाव [6 Marks]
Answer: पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ है पश्चिमी देशों, जैसे यूरोप और अमेरिका की जीवन-शैली, रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा और सोचने का ढंग। आज भारत की युवा पीढ़ी तेज़ी से पाश्चात्य सभ्यता की गिरफ्त में आती जा रही है। फ़िल्में, टेलीविज़न, इंटरनेट और सोशल मीडिया के कारण युवाओं में पश्चिमी पहनावे, फ़ास्ट फ़ूड, संगीत और त्योहारों के प्रति गहरा आकर्षण पैदा हुआ है। उन्हें यह जीवन-शैली आधुनिक और आकर्षक लगती है। इस अंधानुकरण का प्रभाव हमारे मानवीय मूल्यों पर भी पड़ रहा है। संयुक्त परिवार टूट रहे हैं, बड़ों के प्रति आदर-भाव कम हो रहा है और व्यक्तिवाद तथा दिखावे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पश्चिम की अच्छी बातें, जैसे समय की पाबंदी और अनुशासन, अपनाने में कोई बुराई नहीं है, परंतु अपनी संस्कृति और संस्कारों को भूल जाना उचित नहीं है। युवाओं को संतुलित दृष्टि अपनानी चाहिए।
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - आरंभ 1 अंक, विषयवस्तु 4 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) केवल आलोचना न करें, निष्कर्ष में संतुलित सुझाव दें।
13. (A) आप रेवा/रवि हैं। दैनिक समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की भरमार को कम करने और समसामयिक विषयों पर लेखन की आवश्यकता को दर्शाते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। [5 Marks]
Answer:
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक : 10 फरवरी, 2027
सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
नई दिल्ली।
विषय : समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की भरमार कम करने हेतु।
महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से एक महत्त्वपूर्ण विषय की ओर ध्यान दिलाना चाहता/चाहती हूँ। आजकल दैनिक समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की भरमार हो गई है। कई बार पहले दो-तीन पृष्ठ केवल विज्ञापनों से भरे होते हैं, जिससे पाठकों को समाचार ढूँढ़ने पड़ते हैं। इससे समाचार-पत्र का मूल उद्देश्य ही पीछे छूट जाता है। पाठक चाहते हैं कि समाचार-पत्र में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, विज्ञान और देश-विदेश की घटनाओं जैसे समसामयिक विषयों पर अधिक लेख प्रकाशित हों। ऐसे लेख विद्यार्थियों और आम नागरिकों का ज्ञान बढ़ाते हैं। अतः आपसे निवेदन है कि विज्ञापनों की संख्या सीमित की जाए और समसामयिक विषयों पर लेखन को अधिक स्थान दिया जाए।
धन्यवाद।
भवदीय/भवदीया,
रेवा/रवि
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - प्रारूप (प्रारंभ और अंत की औपचारिकताएँ) 1 अंक, विषयवस्तु 3 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) प्रश्न के दोनों बिंदु - विज्ञापनों की भरमार कम करना और समसामयिक लेखन की आवश्यकता - पत्र में आने चाहिए।
अथवा
(B) आप रेवा/रवि हैं। आपको माताजी के पत्र से पता चला है कि आपके छोटे भाई का स्वभाव, बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। संयमित व्यवहार और मीठी वाणी का महत्त्व समझाते हुए उसे लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। [5 Marks]
Answer:
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक : 10 फरवरी, 2027
प्रिय अनुज,
सस्नेह आशीर्वाद।
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। कल माताजी का पत्र मिला। उन्होंने लिखा है कि आजकल तुम्हारा स्वभाव और बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। यह जानकर मुझे बहुत दुख हुआ। प्रिय भाई, क्रोध और कठोर शब्द दूसरों के मन को आहत करते हैं और संबंधों में दूरी ला देते हैं। संयमित व्यवहार मनुष्य के व्यक्तित्व की पहचान होता है। मीठी वाणी से हम सबका मन जीत लेते हैं और समाज में सम्मान पाते हैं। जब भी क्रोध आए, कुछ पल रुककर सोचो और फिर शांत मन से बोलो। बड़ों से आदर और छोटों से स्नेह से बात करो। मुझे विश्वास है कि तुम मेरी बात समझोगे और स्वयं में सुधार करोगे।
तुम्हारा शुभचिंतक अग्रज/तुम्हारी शुभचिंतक अग्रजा,
रेवा/रवि
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - प्रारूप 1 अंक, विषयवस्तु 3 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) अनौपचारिक पत्र में स्नेहपूर्ण संबोधन और समझाने वाली विनम्र भाषा का प्रयोग करें।
14. (A) आप आभा/अभय हैं। आपने हिन्दी विषय में एम.ए. किया है। अ.ब.स. समाचार पत्र में सामग्री लेखक (कंटेंट राइटर) की नौकरी का विज्ञापन जारी हुआ है। आपको उस पद के लिए आवेदन करना है। इसके लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए। [5 Marks]
Answer:
स्ववृत्त
नाम : आभा/अभय
पिता का नाम : क ख ग
जन्म तिथि : 15 अगस्त, 2000
पता : 25, शांति नगर, नई दिल्ली
मोबाइल नंबर : 98XXXXXXXX
ई-मेल : abha.abhay@xyz.com
शैक्षणिक योग्यता : एम.ए. (हिन्दी), बी.ए. (हिन्दी ऑनर्स), बारहवीं और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण।
कौशल : शुद्ध और प्रभावी हिन्दी लेखन, प्रूफ़ रीडिंग, कंप्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग, इंटरनेट का ज्ञान।
अनुभव : कॉलेज पत्रिका का संपादन, विभिन्न पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित।
भाषा ज्ञान : हिन्दी, अंग्रेज़ी।
घोषणा : मैं घोषित करता/करती हूँ कि उपर्युक्त सभी जानकारी सत्य है।
दिनांक : 10 फरवरी, 2027
हस्ताक्षर : आभा/अभय
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - प्रारूप 1 अंक, विषयवस्तु 3 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव क्रम से लिखें और पद (कंटेंट राइटर) के अनुसार कौशल बताएँ।
अथवा
(B) आप आभा/अभय हैं। आपकी कॉलोनी की सड़कें नगर-पालिका द्वारा नई बनवा दी गई हैं। नगर-पालिका के अध्यक्ष को नई सड़कें बनवाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन करते हुए लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए। [5 Marks]
Answer:
प्रेषक : abha.abhay@xyz.com
प्रति : adhyaksh.nagarpalika@xyz.gov.in
विषय : कॉलोनी में नई सड़कें बनवाने हेतु धन्यवाद ज्ञापन
माननीय अध्यक्ष महोदय,
मैं आभा/अभय, शांति नगर कॉलोनी का निवासी/निवासिनी हूँ। मैं कॉलोनी के सभी निवासियों की ओर से आपका हार्दिक धन्यवाद करना चाहता/चाहती हूँ। हमारी कॉलोनी की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई थीं, जिससे आने-जाने में बहुत कठिनाई होती थी और वर्षा में पानी भर जाता था। नगर-पालिका ने अब यहाँ नई सड़कें बनवा दी हैं। इससे बच्चों, बुज़ुर्गों और वाहन चालकों को बहुत सुविधा हुई है। इस सराहनीय कार्य के लिए आपको और आपके विभाग को पुनः धन्यवाद।
सधन्यवाद,
आभा/अभय
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - प्रारूप 1 अंक, विषयवस्तु 3 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) ई-मेल में प्रेषक, प्रति और विषय अवश्य लिखें तथा भाषा औपचारिक और संक्षिप्त रखें।
15. (A) इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम में भी बहुत वृद्धि हुई है। इस ओर आम नागरिक को सतर्क और जागरूक करने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में पुलिस विभाग की ओर से तैयार कीजिए। [4 Marks]
Answer:
सावधान रहें, सुरक्षित रहें !
साइबर ठगी से बचें
किसी को भी अपना ओ.टी.पी., पिन या पासवर्ड न बताएँ।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
लॉटरी और इनाम के झूठे संदेशों से बचें।
ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
जागरूक नागरिक, सुरक्षित समाज
- पुलिस विभाग
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - रचनात्मक प्रस्तुति 1 अंक, विषयवस्तु 2 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) आकर्षक शीर्षक, नारा और जारी करने वाले विभाग का नाम अवश्य दें।
अथवा
(B) अपने विद्यालय के प्राचार्य / प्राचार्या की ओर से आगामी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए शुभकामना-संदेश लगभग 40 शब्दों में लिखिए। [4 Marks]
Answer:
शुभकामना-संदेश
दिनांक : 14 फरवरी, 2027
समय : प्रातः 9 बजे
प्रिय विद्यार्थियो,
आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ ! आपने पूरे वर्ष कड़ी मेहनत की है। अब शांत मन और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। समय का सही उपयोग करें और प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें। मुझे विश्वास है कि आप सफलता प्राप्त करेंगे और विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
शुभाशीष सहित,
प्राचार्य/प्राचार्या
क ख ग विद्यालय
Teacher's Note:
a) अंक विभाजन - प्रारूप 1 अंक, विषयवस्तु 2 अंक, भाषा शुद्धता 1 अंक।
b) संदेश में दिनांक, समय, संबोधन और प्रेषक का नाम/पद अवश्य लिखें।
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