CBSE Class 10 Social Science History The Rise Of Nationalism In Europe Hindi Assignment

School Assignments for Class 10 History: India And Contemporary World II Chapter 01 The Rise Of Nationalism In Europe

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पाठ - 1

यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

याद रखने योग्य बातें :-

1. ज्यूसेपे मेत्सिनी :- वह इटली के एक प्रसिद्ध क्रान्तिकारी थे तथा इनका जन्म 1807 ई. के जेनेवा में हुआ? वह राजतन्त्र का घोर विरोधी था।

2. नेपोलियन की संहिता - इसे 1804 में लागू किया गया। इसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया इसने न केवल न्याय के समक्ष समानता स्थापित की बल्कि सम्पत्ति के अधिकार को भी सुरक्षित किया।

3. 18 वीं सदी में कई देश जैसे जर्मनी, इटली तथा स्विटजरलैण्ड आदि उस रूप में नहीं थे जैसा कि आज हम इन्हें देखते हैं ये छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित थे जिनका अपना स्वतन्त्र शासक था।

4. 1789 ई. की फ्रांसीसी क्रान्ति से पहले फ्रांस एक ऐसा राज्य था जिनके सम्पूर्ण भू भाग पर एक निरंकुश राजा का शासन था।

5. कुलीन वर्ग - ये जमीन के मालिक तथा यूरोपीय महाद्वीप का सबसे प्रभावशाली वर्ग था।

6. इंग्लैण्ड में औद्योगीकरण का आरम्भ 18 वीं सदी के दूसरे भाग में हुआ लेकिन फ्रांस और जर्मनी के राज्यों के कुछ भागों में यह 19वीं शताब्दी के दौरान ही हुआ।

7. जनमत संग्रह - एक प्रत्यक्ष मतदान जिसके द्वारा एक क्षेत्र की सारी जनता से किसी प्रस्ताव को स्वीकार तथा अस्वीकार करने के लिये पूछा जाता है।

8. उदारवाद - उदारवाद यानी Libreralism शब्द लैटिन भाषा के मूल Liber पर आधारित है जिसका अर्थ है 'आजाद' नये मध्य वर्ग के लिये उदारवाद का अभिप्राय था व्यक्ति के लिये आजादी और कानून के समक्ष समानता। राजनीतिक रूप से उदारवाद एक ऐसी सरकार पर जोर देता था जो आपसी सहमति से बनी हो।

9. निरंकुश शासक - जिस शासक पर किसी का अंकुश ना हो।

10. क्रान्तिकारी फ्रांस उदारवादी प्रजातन्त्र का पहला राजनैतिक प्रयोग था और वहाँ वोट देने और चुने जाने का अधिकार केवल उन्हीं पुरुषों को था जिनके पास सम्पत्ति थी। सम्पत्ति विहीन पुरुष और सभी औरतों को राजनैतिक अधिकारों से वंचित रखा गया थोड़े समय के लिये जैकोबिन शासक के समय सभी वयस्क पुरुषों को मताधिकार प्राप्त मगर नेपोलियन की संहिता पुनः सीमित मताधिकार वापिस लाई और उसमें महिलाओं को अव्यस्क दर्जा देते हुये उन्हें पिताओं और पतियों के अधीन कर दिया।

11. रूढ़िवाद - एक ऐसा राजनैतिक दर्शन जो तेज बदलावों की बजाय क्रमिक और धीरे-धीरे विकास को प्राथमिकता देता है।

12. 1815 में ब्रिटेन, प्रस्शा रूस और आस्ट्रिया जैसी यूरोपीय शक्तियों जिन्होंने मिलकर नेपोलियन को हराया था के प्रतिनिधि यूरोप के लिये एक समझौता तैयार करने के लिए वियना में इकट्ठे हुये इसकी अध्यक्षता आस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मैटर्निख ने की।

13. वर्साय में हुये एक समारोह से प्रुष्का के राजा विलियम प्रथम को जनवरी 1871 में जर्मनी का सम्राट घोषित कर दिया।

14. 1861 में इमैनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया।

15. राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका - राष्ट्रवादी आन्दोलन में सभी यूरोपीय राज्यों जैसे फ्रांस, जर्मनी, इटली की औरतों ने सक्रिय योगदान दिया। महिलाओं ने अपने समाचार-पत्र शुरू किये, अनेक स्वतन्त्र राजनैतिक संगठन बनाये और प्रदर्शनों में भाग लिया। इतना होने के बाद भी उन्हें असेम्बली के चुनावों में मत देने का अधिकार नहीं था।

 

बहुविकल्पीय प्रश्न

Question 1. नैपोलियन ने इटली पर आक्रमण कब किया?
(अ) 1821
(ब) 1905
(स) 1797
(द) 1795
Answer: (स) 1797
नैपोलियन ने 1797 में इटली पर आक्रमण किया था।
In simple words: नैपोलियन ने 1797 में इटली पर हमला किया था।

Exam Tip: महत्वपूर्ण तिथियों को याद रखना बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए अति आवश्यक है।

 

Question 2. 19वीं सदी में ऐसी कौन सी ताकत उभरी जिसने यूरोप की राजनैतिक और भौतिक दुनिया में भारी परिवर्तन किये?
(अ) राष्ट्र राज्य का उदय
(ब) निरंकुश राज्य का उदय
(स) पूर्ण तानाशाह
(द) पूर्ण राजशाही
Answer: (अ) राष्ट्र राज्य का उदय
19वीं सदी में राष्ट्र राज्य के उदय ने यूरोप की राजनैतिक और भौतिक दुनिया में भारी बदलाव किए।
In simple words: राष्ट्र राज्य के उभरने से यूरोप की राजनीति और समाज में बड़े बदलाव आए।

Exam Tip: 'राष्ट्र राज्य का उदय' इस अध्याय का केंद्रीय विषय है।

 

Question 3. निम्न में से कौन सा लक्षण नेपोलियन की संहिता का लक्षण नही था?
(अ) जन्म पर आधारित सुविधाओं का ना होना।
(ब) सम्पत्ति का अधिकार
(स) सब के लिये वयस्क मताधिकार
(द) कानून के समक्ष समानता
Answer: (स) सब के लिये वयस्क मताधिकार
नेपोलियन की संहिता में सभी के लिए वयस्क मताधिकार का प्रावधान नहीं था, बल्कि मताधिकार सीमित था।
In simple words: नेपोलियन की संहिता में सबको वोट देने का अधिकार नहीं मिला था।

Exam Tip: नेपोलियन संहिता की विशेषताओं और सीमाओं को अच्छे से समझें।

 

Question 4. वियना कांग्रेस किस वर्ष में आयोजित की गई?
(अ) 1815
(ब) 1816
(स) 1817
(द) 1818
Answer: (अ) 1815
वियना कांग्रेस का आयोजन वर्ष 1815 में किया गया था।
In simple words: वियना कांग्रेस 1815 में बुलाई गई थी।

Exam Tip: 1815 की वियना संधि वाटरलू के युद्ध के बाद हुई थी।

 

Question 5. निम्न में कौन 1815 की वियना सन्धि से सम्बन्धित है?
(अ) विस्मार्क
(ब) ड्यूक मैटर्निख
(स) ज्यूसेपे मेत्सिनी
(द) नेपोलियन
Answer: (ब) ड्यूक मैटर्निख
आस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मैटर्निख ने 1815 की वियना संधि की अध्यक्षता की थी।
In simple words: वियना संधि की अध्यक्षता मैटर्निख ने की थी।

Exam Tip: मैटर्निख का संबंध रूढ़िवादिता और वियना कांग्रेस से है।

 

Question 6. नैपोलियन युद्धों के दौरान हुये बदलावों को खत्म करना किस सन्धि का उद्देश्य था?
(अ) वर्साय सन्धि
(ब) वियना सन्धि
(स) म्यूनिख समझौता
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (ब) वियना सन्धि
वियना संधि का मुख्य उद्देश्य नेपोलियन के युद्धों के दौरान हुए बदलावों को समाप्त करना था।
In simple words: नेपोलियन के समय हुए परिवर्तनों को पलटने के लिए वियना संधि हुई थी।

Exam Tip: वियना संधि द्वारा यूरोप में रूढ़वादी व्यवस्था को बहाल किया गया।

 

Question 7. किसने कहा था कि जब फ्रांस छींकता है तो बाकि यूरोप को सर्दी जुकाम हो जाता है?
(अ) लुई फिलिप
(ब) बिस्मार्क
(स) विक्टर इमैनुयल
(द) मैटर्निख
Answer: (द) मैटर्निख
यह प्रसिद्ध कथन आस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मैटर्निख का था।
In simple words: मैटर्निख ने कहा था कि फ्रांस के जुकाम से पूरे यूरोप को सर्दी हो जाती है।

Exam Tip: यह उद्धरण परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।

 

Question 8. किस सन्धि ने यूनान को एक स्वतन्त्र देश के रूप में मान्यता दी?
(अ) 1815 की वियना संधि
(ब) कान्स्टेंटिनोपल संधि
(स) सार्डिनिया - पीडमोंड की संधि
(द) उपरोक्त में से कोई नही
Answer: (ब) कान्स्टेंटिनोपल संधि
1832 की कान्स्टेंटिनोपल (कुस्तुंतुनिया) संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
In simple words: कान्स्टेंटिनोपल संधि द्वारा यूनान को स्वतंत्रता मिली।

Exam Tip: यूनानी स्वतंत्रता संग्राम (1821) राष्ट्रवादियों के लिए प्रेरणा स्रोत था।

 

Question 9. आयरलैण्ड में प्रोटेस्टेंट के विरुद्ध आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया?
(अ) गैरीबाल्डी
(ब) वोल्फटोन
(स) मेत्सिनी
(द) कावून
Answer: (ब) वोल्फटोन
आयरलैण्ड में प्रोटेस्टेंटों के विरुद्ध हुए आन्दोलन का नेतृत्व वोल्फटोन और उनकी यूनाइटेड आयरिशमैन ने किया था।
In simple words: वोल्फटोन ने आयरलैंड में अंग्रेजों और प्रोटेस्टेंटों के खिलाफ आंदोलन चलाया।

Exam Tip: आयरलैंड को बलपूर्वक 1801 में यूनाइटेड किंगडम में शामिल किया गया था।

 

Question 10. आंखों पर पट्टी बांये हुऐ और तराजू लिये हुये महिला किस बात का प्रतीक है?
(अ) शान्ति
(ब) समानता
(स) न्याय
(द) स्वतन्त्रता
Answer: (स) न्याय
आँखों पर पट्टी बाँधे और तराजू लिए हुए महिला न्याय का प्रतीक है।
In simple words: यह मूर्ति न्याय (Justice) का प्रतीक मानी जाती है।

Exam Tip: रूपकों (Allegories) और उनके प्रतीकों को ध्यान में रखें।

 

लघु/दीर्घ प्रश्न :-

Question 1. फ्रांसीसी क्रान्तिकारियों ने फ्रांसीसी लोगों में सामूहिक पहचान की भावना किस प्रकार पैदा की?
Answer: फ्रांसीसी क्रांतिकारियों ने निम्नलिखित कदमों के द्वारा सामूहिक पहचान की भावना पैदा की:
1. पितृभक्ति (ला पात्री) और नागरिक (ला सितोयेन) जैसे विचारों ने एक संयुक्त समुदाय के अधिकार पर बल दिया।
2. एक नया फ्रांसीसी तिरंगा झंडा चुना गया जिसने पहले के राजशाही ध्वज की जगह ली।
3. स्टेट्स जनरल का नाम बदलकर नेशनल असेम्बली कर दिया गया।
4. नए राष्ट्रगान रचे गए, शपथ ली गई और शहीदों का गुणगान किया गया।
5. एक केंद्रीयकृत प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई और पूरे देश के लिए एक समान कानून बनाए गए।
6. एक समान भार व मान की व्यवस्था अपनाई गई तथा आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क समाप्त किए गए।
In simple words: क्रांतिकारियों ने साझी भाषा, झंडे, गान और केंद्रीय कानून के जरिए लोगों में एकता की भावना जगाई।

Exam Tip: सामूहिक पहचान के ये बिंदु दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में पूरे अंक दिलाते हैं।

 

Question 2. नेपोलियन द्वारा लागू किये गये प्रसासनिक सुधारो के विषय में बताइये?
Answer: नेपोलियन द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधार इस प्रकार हैं:
1. नेपोलियन की नागरिक संहिता (1804) लागू की गई जिसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त किए।
2. ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार किया गया और किसानों को भू-स्वामित्व दिया गया।
3. शहरी क्षेत्रों में कारीगरों की श्रेणी संघों के नियंत्रण को हटाया गया तथा परिवहन व संचार व्यवस्था में सुधार किया गया।
4. व्यापारियों तथा छोटे उत्पादकों के लिए एक समान कानून, एक जैसी भार व नाप की प्रणालियाँ तथा एक राष्ट्रीय मुद्रा चलाई गई।
In simple words: नेपोलियन ने प्रशासन को कुशल बनाया, कानून का शासन स्थापित किया और व्यापार को सरल किया।

Exam Tip: नेपोलियन के सुधारों को नागरिक संहिता 1804 से जोड़कर लिखें।

 

Question 3. 1804 की नागरिक संहिता के प्रावधानों का उल्लेख करो?
Answer: 1804 की नागरिक संहिता (जिसे नेपोलियन की संहिता भी कहा जाता है) के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित थे:
1. जन्म पर आधारित सभी विशेषाधिकारों की समाप्ति।
2. कानून के समक्ष समानता और संपत्ति के अधिकार की बहाली व सुरक्षा।
3. सामंती व्यवस्था को समाप्त किया गया और किसानों को भू-दासत्व व जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलाई गई।
4. यातायात तथा संचार व्यवस्था में सुधार किया गया।
In simple words: इस संहिता ने कानून के सामने सबको बराबर माना और संपत्ति के अधिकार को पक्का किया।

 


Question 4. यूरोप के कुलीन वर्ग की विशेषतायें बताओ?
Answer: यूरोप के कुलीन वर्ग की मुख्य विशेषताएँ थीं:
1. सामाजिक और राजनीतिक रूप से यह महाद्वीप का सबसे प्रभावशाली वर्ग था।
2. इस वर्ग के सदस्यों के पास ग्रामीण इलाकों में जायदाद और बड़ी-बड़ी जमीनें थीं।
3. वे जीवन जीने की एक समान शैली से बंधे थे जो कूटनीतिक भाषा (फ्रेंच) में बात करते थे।
4. इनके परिवार अक्सर आपस में वैवाहिक सम्बन्धों से जुड़े होते थे।
In simple words: कुलीन वर्ग अमीर, जमीन का मालिक और उच्च समाज का प्रभावशाली वर्ग था।

Exam Tip: कुलीन वर्ग और नए मध्यम वर्ग के बीच अंतर भी पूछा जा सकता है।

 

Question 5. यूरोप में उदारवादियों द्वारा समर्पित राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक आदर्श क्या थे?
Answer: उदारवादियों के आदर्श निम्नलिखित थे:
1. राजनैतिक आदर्श: कानून के समक्ष समानता, व्यक्ति की स्वतंत्रता और सहमति से बनी सरकार (संविधानवाद)।
2. सामाजिक आदर्श: विशेषाधिकारों का अंत, हालांकि वे सभी के लिए वयस्क मताधिकार के पक्ष में नहीं थे (सम्पत्तिवान पुरुषों को ही वोट का अधिकार)।
3. आर्थिक आदर्श: बाजारों की स्वतंत्रता तथा राज्य द्वारा वस्तुओं एवं पूंजी के प्रवाह पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करना।
In simple words: उदारवादी कानून की नजर में समानता, स्वतंत्र व्यापार और चुनी हुई सरकार चाहते थे।

 


Question 6. 1815 की वियाना संधि में उद्देश्य बताइये?
Answer: 1815 की वियना संधि के मुख्य उद्देश्य और प्रावधान निम्नलिखित थे:
1. नेपोलियन युद्धों के दौरान यूरोप में हुए तमाम बदलावों को खत्म करना।
2. फ्रांस में बूर्तो राजवंश की बहाली करना और निरंकुश रूढ़वादी व्यवस्था स्थापित करना।
3. भविष्य में फ्रांस के विस्तार को रोकने के लिए उसकी सीमाओं पर नए राज्य स्थापित करना (जैसे उत्तर में नीदरलैंड साम्राज्य की स्थापना और दक्षिण में जेनोवा को पिडमोंड के साथ मिलाना)।
4. रूस को पोलैंड का एक हिस्सा देना तथा प्रूशिया को पश्चिम में नए क्षेत्र देना।
In simple words: वियना संधि का उद्देश्य नेपोलियन के समय के बदलावों को मिटाना और पुराने राजाओं की सत्ता वापस लाना था।

Exam Tip: मैटर्निख की अगुवाई में हुई इस संधि से रूढ़िवादिता पुनः स्थापित हुई।

 

Question 7. औद्योगीकरण की वृद्धि ने किस प्रकार यूरोप के सामाजिक और राजनैतिक समीकरण बदल दिये?
Answer: औद्योगीकरण के परिणामस्वरुप समाज और राजनीति में निम्नलिखित परिवर्तन आए:
1. पश्चिमी और मध्य यूरोप के हिस्सों में औद्योगिक उत्पादन और व्यापार में वृद्धि से शहरों का विकास हुआ और वाणिज्यिक वर्गों का उदय हुआ।
2. श्रमिक वर्ग और नए मध्यम वर्ग (उद्यमी, व्यापारी, पेशेवर लोग) का उदय हुआ।
3. पढ़े-लिखे, उदारवादी मध्य वर्ग के बीच कुलीन विशेषाधिकारों की समाप्ति के विचारों की लोकप्रियता बढ़ी।
In simple words: कारखानों और शहरों के बढ़ने से नया मध्यम और श्रमिक वर्ग पैदा हुआ, जिससे बदलाव की मांग उठी।

Exam Tip: मध्यम वर्ग की भूमिका राष्ट्रवाद के उदय में केंद्रीय थी।

 

Question 8. 1815-1914 के दौरान अंतराष्ट्रीय आर्थिक विनिमय केन्द्रों के साथ तीन प्रकार के प्रवाहों को बताइये?
Answer: अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन मुख्य प्रवाह (जिन्हें अर्थशास्त्रियों द्वारा पहचाना गया) निम्नलिखित थे:
1. वस्तुओं का प्रवाह: व्यापार (जैसे कपड़ा या गेहूँ का वैश्विक व्यापार)।
2. पूंजी का प्रवाह: लंबी या अल्पकालिक अवधि के लिए दूर-दूर इलाकों में निवेश।
3. लोगों का प्रवाह: काम या रोजगार की तलाश में लोगों का एक देश से दूसरे देश में पलायन (श्रम का प्रवास)।
In simple words: वैश्विक अर्थव्यवस्था सामान, पूंजी और लोगों के आने-जाने पर टिकी थी।

Exam Tip: यह वैश्वीकरण के इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

 

Question 9. यूरोप के राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका क्या थी?
Answer: राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही:
1. महिलाओं ने स्वयं के राजनैतिक संगठन बनाए।
2. समाचार-पत्रों का प्रकाशन किया और उनमें लेख लिखे।
3. राजनीतिक बैठकों तथा प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
4. हालांकि इतने सक्रिय योगदान के बाद भी उन्हें लंबे समय तक असेंबली के चुनावों में मताधिकार प्राप्त नहीं हुआ।
In simple words: महिलाओं ने सभाओं, समाचार पत्रों और आंदोलनों में हिस्सा लिया, पर उन्हें वोट का अधिकार नहीं मिला।

 


Question 10. 19 वीं सदी में यूरोप में राष्ट्रवाद की लहर के कारण?
Answer: 19वीं सदी में यूरोप में राष्ट्रवाद की लहर के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. जनता पर अत्याचार और निरंकुश शासन व्यवस्था।
2. उदारवादी विचारों का तेजी से प्रसार और स्वतंत्रता, समानता तथा बंधुत्व का नारा।
3. शिक्षित मध्यम वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका।
4. नेपोलियन की प्रशासनिक व्यवस्थाओं द्वारा लाई गई एकरूपता और यातायात के साधनों का विकास।
In simple words: अत्याचार, स्वतंत्रता के विचारों और पढ़े-लिखे मध्यम वर्ग ने राष्ट्रवाद की लहर फैलाई।

Exam Tip: फ्रांसीसी क्रांति के आदर्श (स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व) राष्ट्रवाद के मुख्य आधार थे।

 

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