CBSE Class 9 Hindi Unseen Prose Assignment Set 01

Official CBSE Assignments for Class 9 Hindi

Review targeted academic assignments with the CBSE Class 9 Hindi Unseen Prose Assignment Set 01. Built according to official CBSE standards for the 2026-27 term, these downloadable Class 9 Hindi worksheets support effective daily practice for Unseen Prose.

Solved Practice Assignments for Hindi

Access the complete assignment PDF for Class 9 Hindi below. Regular practice with these targeted academic tasks builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

प्रथन सत्र अप्रैल से सितम्बर

खण्ड 'क'

अपठित गद्यांश

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर छाँटकर लिखिए

विद्यार्थी जीवन को मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। विद्यार्थी काल में बालक में जो संस्कार पड़ जाते हैं, जीवन भर वही संस्कार अमि‍ट रहते हैं। इसीलिए यही काल आधारशिला कहा गया है। यदि यह नींव दृढ़ बन जाती है तो जीवन सुदृढ़ और सुखी बन जाता है। यदि इस काल में बालक कष्ट सहन कर लेता है तो उसका स्वास्थ्य सुंदर बनता है। यदि मन लगाकर अध्ययन कर लेता है तो उसे ज्ञान मिलता है, उसका मानसिक विकास होता है। जिस वृक्ष को प्रारम्भ से सुंदर सिंचन और खाद मिल जाती है, वह पुष्पित एवं पल्लवित होकर संसार को सौरभ देने लगता है। इसी प्रकार विद्यार्थी काल में जो बालक श्रम, अनुशासन, समय एवं नियमन के साँचे में ढल जाता है, वह आदर्श विद्यार्थी बनकर सभ्य नागरिक बन जाता है। सभ्य नागरिक के लिए जिन-जिन गुणों की आवश्यकता है उन गुणों के लिए विद्यार्थी काल ही तो सुंदर पाठशाला है। यहाँ पर अपने साथियों के बीच रह कर वे सभी गुण आ जाना आवश्यक हैं, जिनहें कि विद्यार्थी को अपने जीवन में आवश्यकता होती है।

1. मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यों माना गया है?
(क) पूरा जीवन विद्यार्थी जीवन पर चलता है।
(ख) क्योंकि जो संस्कार पड़ जाते हैं, जीवन भर वही संस्कार अमि‍ट रहते हैं
(ग) विद्यार्थी जीवन सुखी जीवन है।
(घ) विद्यार्थी का जीवन स्वस्थ जीवन है।
Answer: (ख) क्योंकि जो संस्कार पड़ जाते हैं, जीवन भर वही संस्कार अमि‍ट रहते हैं
गद्यांश के अनुसार विद्यार्थी काल में बालक पर पड़े संस्कार जीवन भर अमिट रहते हैं, इसलिए इसे मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी कहा गया है।
In simple words: विद्यार्थी काल के संस्कार जीवन भर साथ रहते हैं।

Exam Tip: गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर हमेशा अनुच्छेद में दी गई मूल पंक्तियों के आधार पर ही चुनें।

 

2. 'पाठशाला' शब्द में कौन सा समास है?
(क) द्वन्द्व
(ख) कर्मधारय
(ग) तत्पुरुष
(घ) अव्ययीभाव
Answer: (ग) तत्पुरुष
पाठशाला का समास विग्रह 'पाठ के लिए शाला' होता है, जिसमें कारक चिन्ह का लोप होने के कारण तत्पुरुष समास है।
In simple words: यहाँ विभक्ति चिन्ह का लोप होने से तत्पुरुष समास है।

Exam Tip: सामासिक शब्दों का विग्रह करके उसके कारक चिन्हों की पहचान करें।

 

3. जिस वृक्ष को प्रारम्भ से खाद मिल जाती है वह कैसा हो जाता है?
(क) फूल देने वाला
(ख) फल देने वाला
(ग) सौरभ बिखराने वाला
(घ) फूल, फल, सौरभ देने वाला
Answer: (घ) फूल, फल, सौरभ देने वाला
गद्यांश में स्पष्ट है कि जिस वृक्ष को उचित सिंचन और खाद मिलती है, वह पुष्पित, पल्लवित होकर संसार को सौरभ देता है।
In simple words: उचित देखभाल से वृक्ष सब कुछ प्रदान करता है।

Exam Tip: गद्यांश में दिए गए उदाहरणों के छिपे हुए अर्थ को समझकर सही विकल्प चुनें।

 

4. आदर्श विद्यार्थी से क्या तात्पर्य है?
(क) जो परिश्रमी हो
(ख) जो अनुशासित हो
(ग) जो समय के अनुरूप चल सके
(घ) उपरोक्त सभी
Answer: (घ) उपरोक्त सभी
एक आदर्श विद्यार्थी में परिश्रम, अनुशासन और समय का पालन करने जैसे सभी गुण होने आवश्यक हैं।
In simple words: आदर्श विद्यार्थी में सभी अच्छे गुण होने चाहिए।

Exam Tip: 'उपरोक्त सभी' वाले विकल्पों को ध्यान से पढ़कर परख लें कि क्या सभी बिन्दु गद्यांश में निहित हैं।

 

5. इस गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक है
(क) आदर्श नागरिक
(ख) विद्यार्थी जीवन
(ग) सुखी जीवन
(घ) मानसिक विकास
Answer: (ख) विद्यार्थी जीवन
संपूर्ण गद्यांश विद्यार्थी जीवन के महत्व, उसके संस्कारों और उसकी विशेषताओं पर केंद्रित है।
In simple words: यह गद्यांश पूरी तरह विद्यार्थी जीवन पर आधारित है।

Exam Tip: शीर्षक हमेशा गद्यांश के केंद्रीय भाव को ध्यान में रखकर चुनना चाहिए।

 

प्रश्न 2. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

काशी के सेठ गंगादास एक दिन गंगा में स्नान कर रहे थे कि तभी एक व्यक्ति नदी में कूदा और डुबकियाँ खाने लगा। सेठजी तेजी से तैरते हुए उसके पास पहुंचे और किसी तरह खींच कर उसे किनारे ले आए। वह उनका मुनीम नन्दलाल था। उन्होंने पूछा, 'आप को किसने गंगा में फेंका?' नन्दलाल बोला, 'किसी ने नहीं, मैं तो आत्महत्या करना चाहता था।' सेठजी ने इसका कारण पूछा तो उसने कहा, 'मैंने आप के पाँच हजार रुपये चुरा कर सट्टे में लगाये और हार गया। मैंने सोचा कि आप मुझे जेल भिजवा देंगे बदनामी के डर से मैंने मर जाना ही ठीक समझा।' कुछ देर सोचने के बाद सेठजी ने कहा, 'तुम्हारा अपराध माफ किया जा सकता है लेकिन एक शर्त है कि आज से कभी किसी प्रकार का सट्टा नहीं लगाओगे।' नन्दलाल ने वचन दिया कि वह अब ऐसे काम नहीं करेगा। सेठ ने कहा, 'जाओ माफ किया। पाँच हजार रुपये मेरे नाम घरेलू खर्च में डाल देना।' मुनीम भौंचक्का रह गया। सेठजी ने कहा, 'तुमने चोरी तो की है लेकिन स्वभाव से तुम चोर नहीं हो। तुमने एक भूल की है, चोरी नहीं। जो आदमी अपनी एक भूल के लिए मरने तक की बात सोच ले, वह कभी चोर हो ही नहीं सकता।'

(क) सच्चे भक्त से तात्पर्य है
(i) बिना स्वार्थ के पूजा करना
(ii) रोज मंदिर जाना
(iii) एक ही भगवान की पूजा करना
(iv) अपने धर्म में कट्टरता
Answer: (i) बिना स्वार्थ के पूजा करना
सच्चे भक्त की मुख्य पहचान उसका निष्काम और निस्वार्थ भाव से ईश्वर की आराधना करना है।
In simple words: सच्चा भक्त बिना किसी स्वार्थ के ईश्वर को भजता है।

Exam Tip: विकल्पों में से सबसे सटीक और नैतिक रूप से सही उत्तर का चयन करें।

 

(ख) मुनीम आत्महत्या क्यों करना चाहता था?
(i) जीवन से छुटकारा पाने के लिए
(ii) सेठजी को प्रभावित करने के लिए
(iii) दुनिया को दिखाने के लिए
(iv) अपराध बोध होने के कारण
Answer: (iv) अपराध बोध होने के कारण
मुनीम ने सेठजी के रुपये सट्टे में हार दिए थे और जेल तथा बदनामी के डर से उसे गहरा अपराध बोध हुआ था।
In simple words: पैसे हारने और बदनामी के डर से मुनीम ने यह कदम उठाना चाहा।

Exam Tip: घटना के मूल कारण को गद्यांश की पंक्तियों से मिला कर देखें।

 

(ग) हमें समाज में किस चीज का डर सबसे ज्यादा होता है?
(i) परिवार का
(ii) नौकरी का
(iii) रुतबे का
(iv) बदनामी का
Answer: (iv) बदनामी का
गद्यांश के अनुसार नन्दलाल को जेल जाने से अधिक अपनी सामाजिक बदनामी का भय था।
In simple words: समाज में लोग बदनामी से सबसे अधिक डरते हैं।

Exam Tip: पात्र की मनःस्थिति को गद्यांश के संदर्भ में समझें।

 

(घ) सेठजी को मालूम था कि मुनीम चोर है लेकिन फिर भी उन्होंने उसे छोड़ दिया क्योंकि
(i) बाद में उसे जीवन भर गुलाम बनाना चाहते थे
(ii) भूल सुधारने का मौका देना चाहते थे
(iii) दुनिया को प्रभावित करना चाहते थे
(iv) समाज में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाना चाहते थे
Answer: (ii) भूल सुधारने का मौका देना चाहते थे
सेठजी समझ गए थे कि मुनीम स्वभाव से चोर नहीं है, इसलिए वे उसे उसकी भूल सुधारने का अवसर देना चाहते थे।
In simple words: सेठजी ने उदारता दिखाते हुए मुनीम को सुधरने का मौका दिया।

Exam Tip: सेठजी के चरित्र की उदारता और समझदारी को पहचानें।

 

(च) गद्यांश का उचित शीर्षक हो सकता है
(i) 'चोरी की सजा'
(ii) 'मेरा प्रण'
(iii) 'सेठजी की दयालुता'
(iv) 'मुनीम जी का दुख'
Answer: (iii) 'सेठजी की दयालुता'
यह पूरी घटना सेठजी की उदारता, क्षमाशीलता और दयालुता पर आधारित है।
In simple words: शीर्षक सेठजी के दयालु स्वभाव को दर्शाता है।

Exam Tip: पूरी कथा का जो केंद्रीय पात्र या गुण हो, उसे ही शीर्षक चुनें।

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्राचीन काल में शनि को अमंगलकारी ग्रह समझ लिया था। सुनी-सुनाई बातों के आधार पर लोगों में इस ग्रह के बारे में भ्रांतियाँ फैलती चली गईं। यह ग्रह अत्यंत मंद गति से सूर्य के चारों ओर करीब तीस वर्ष में एक चक्कर पूरा करता है। शनि का दिन हमारे दिन से छोटा होता है। शनि अत्यंत ठंडा ग्रह है। शनि के वायुमंडल का तापमान शून्य से \(150^\circ\) सेंटीग्रेड नीचे रहता है। अतः यहाँ जीवन संभव नहीं है। वैज्ञानिक खोजों के आधार पर शनि के उपग्रहों की संख्या सत्रह हो गई है। शनि का सबसे बड़ा चंद्र टाइटन है। यह उपग्रह हमारे चंद्रमा से काफी बड़ा है। टाइटन की अद्भुत चीज़ इसका वायुमंडल है। इसके वायुमंडल में मीथेन गैस पर्याप्त मात्रा में है। इस पर मीथेन, पानी की तरह मानी जा सकती है। शनि को दूरबीन से देखा जाए तो इसके चारों ओर वलय या घेरे दिखाई देते हैं। इन वलयों या कंकणों से इसकी सुंदरता काफी बढ़ जाती है। इन वलयों की खोज गैलीलियो ने की थी। नई खोजों के आधार पर सौरमंडल के कई ग्रहों के वलयों की खोज हो चुकी है। शनि जितने सुंदर और स्पष्ट वलय किसी ग्रह के नहीं हैं।

(क) शनिग्रह की सुंदरता का कारण है।
(i) इसका सबसे छोटा होना।
(ii) सबसे अलग होना।
(iii) इसके के चारों ओर चमकते घेरे।
(iv) इसका सूर्य के समीप होना।
Answer: (iii) इसके के चारों ओर चमकते घेरे।
गद्यांश के अनुसार शनि के चारों ओर जो वलय (घेरे या कंकण) हैं, वही उसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं।
In simple words: शनि के चारों ओर के वलय उसकी सुंदरता का कारण हैं।

Exam Tip: वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित गद्यांशों में विशेष विशेषताओं (जैसे वलय) पर ध्यान दें।

 

(ख) शनि पर जीवन संभव नहीं है क्योंकि
(i) वहाँ क्रूर देव हैं।
(ii) बहुत गर्मी है।
(iii) बहुत ठंड है।
(iv) बहुत अँधेरा है।
Answer: (iii) बहुत ठंड है।
शनि का तापमान शून्य से \(150^\circ\) सेंटीग्रेड नीचे रहने के कारण यह अत्यंत ठंडा ग्रह है और जीवन संभव नहीं है।
In simple words: अत्यधिक ठंड के कारण वहाँ जीवन नहीं है।

Exam Tip: तापमान और पर्यावरण संबंधी कारणों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

 

(ग) धरती का उपग्रह है
(i) बुध
(ii) शनि
(iii) चंद्रमा
(iv) सूर्य
Answer: (iii) चंद्रमा
पृथ्वी (धरती) का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा है।
In simple words: चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है।

Exam Tip: सामान्य ज्ञान और गद्यांश दोनों के तथ्यों का मिलान करें।

 

(घ) मीथेन गैस को किसके समान माना गया है।
(i) अग्नि
(ii) पानी
(iii) मिट्टी
(iv) रोशनी
Answer: (ii) पानी
गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि शनि पर मीथेन को पानी की तरह माना जा सकता है।
In simple words: टाइटन पर मीथेन पानी के रूप में मानी जाती है।

Exam Tip: उपमाओं और तुलनात्मक वाक्यों को रेखांकित करें।

 

(च) शनि के वलयों की खोज करने वाले वैज्ञानिक
(i) आइन्स्टाइन
(ii) न्यूटन
(iii) सी.वी. रमन
(iv) गैलीलियो
Answer: (iv) गैलीलियो
गद्यांश के अनुसार शनि के वलयों की खोज वैज्ञानिक गैलीलियो ने की थी।
In simple words: गैलीलियो ने शनि के वलयों की खोज की थी।

Exam Tip: वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं के नामों को याद रखें।

 

प्रश्न 4. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

जिस प्रकार बीज के उगने और बढ़ने के लिए मौसम विशेष नहीं, अपेक्षित परिस्थितियों का निर्माण जरूरी है। उसी प्रकार किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, मन की सकारात्मक वृत्ति अनिवार्य है और वह सकारात्मक वृत्ति है हमारा संकल्प। संकल्पः कल्पतरुः, तेजः कल्पोद्यानम्' अर्थात संकल्प ही कल्पतरु हैं और तेज अथवा मन उन कल्पतरुओं का उद्यान हैं। जैसी कल्पना वैसा उद्यान अर्थात जीवन की दिशा और दशा। गहन संकल्प से ही संभव है पूर्ण सफलता। कुछ कर गुजरने के लिए वास्तव में मौसम अथवा बाहरी परिस्थितियाँ ही सब कुछ नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण है मन। इस संपूर्ण सृष्टि के सृजन के मूल में मन ही तो है। मन ही वह अदृश्य सूक्ष्म बीज अथवा सना है जिससे यह पृथ्वी रूपी विशाल वट वृक्ष अस्तित्व में आया और निरंतर पल्लवित-पुष्पित हो रहा है। तभी तो कहा गया है। कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए। साधन सभी जुट जाएँगे संकल्प का धन चाहिए।

(क) जीवन में कुछ कर गुजरने के लिए आवश्यक है
(i) मन और मौसम
(ii) मन
(iii) अनुकूल परिस्थितियाँ
(iv) मौसम
Answer: (ii) मन
लेखक के अनुसार किसी बड़े कार्य को करने के लिए बाहरी मौसम से अधिक दृढ़ मन की आवश्यकता होती है।
In simple words: कुछ करने के लिए मजबूत मन जरूरी है।

Exam Tip: गद्यांश के मुख्य संदेश को पहचानें।

 

(ख) कार्य में सफलता के लिए अनिवार्य है
(i) परिस्थितियाँ
(ii) लोगों की सहायता
(iii) सकारात्मक वृत्ति
(iv) पर्याप्त ज्ञान
Answer: (iii) सकारात्मक वृत्ति
सफलता के लिए मन की सकारात्मक वृत्ति यानी संकल्प सबसे अनिवार्य तत्व है।
In simple words: सकारात्मक सोच और संकल्प सफलता की कुंजी है।

Exam Tip: 'अनिवार्य' शब्द के संदर्भ को गद्यांश से जोड़ें।

 

(ग) बीज के उगने और बढ़ने के लिए जरूरी है
(i) अपेक्षित परिस्थितियाँ
(ii) मौसम विशेष
(iii) किसान का कुशल होना
(iv) उपयुक्त सभी
Answer: (i) अपेक्षित परिस्थितियाँ
गद्यांश की शुरुआत में ही कहा गया है कि बीज के उगने के लिए मौसम नहीं, अपेक्षित परिस्थितियों का निर्माण जरूरी है।
In simple words: बीज के विकास के लिए सही परिस्थितियों की आवश्यकता होती है।

Exam Tip: गद्यांश की पहली पंक्तियों को ध्यान से पढ़ें।

 

(घ) हमारी सकारात्मक वृत्ति है
(i) साहस
(ii) विवेक
(iii) बुद्धि
(iv) संकल्प
Answer: (iv) संकल्प
गद्यांश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि मन की सकारात्मक वृत्ति ही हमारा संकल्प है।
In simple words: संकल्प ही हमारी सकारात्मक सोच है।

Exam Tip: पर्यायवाची और समानार्थक वाक्यांशों को पहचानें।

 

(च) गद्यांश का उचित शीर्षक हो सकता है
(i) संकल्प का धन
(ii) धन का महत्व
(iii) कर्मठता
(iv) बीज की कथा
Answer: (i) संकल्प का धन
यह गद्यांश संकल्प, मन की शक्ति और उसके महत्व पर केंद्रित है।
In simple words: संकल्प की महिमा इस गद्यांश का मुख्य विषय है।

Exam Tip: गद्यांश की अंतिम पंक्तियाँ भी शीर्षक चुनने में मदद करती हैं।

 

प्रश्न 5. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

परिश्रम उन्नति का द्वार है। मनुष्य परिश्रम के सहारे ही जंगली अवस्था से वर्तमान विकसित अवस्था तक पहुँचा है। उसी के सहारे उसने अन्न, वस्त्र, घर, मकान, भवन, बाँध, पुल, सड़कें बनाईं तकनीक का विकास किया, जिसके सहारे आज यह जगमगाती सभ्यता चल रही है। परिश्रम केवल शरीर की क्रियाओं का ही नाम नहीं हैं। मन तथा बुद्धि से किया गया परिश्रम भी परिश्रम कहलाता है। हर श्रम में बुद्धि तथा विवेक का पूरा योग रहता है। परिश्रम करने वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। परिश्रमी व्यक्ति का जीवन स्वाभिमान से पूर्ण होता है, वह स्वयं अपने भाग्य का निर्माता होता है। उसमें आत्म-विश्वास होता है। परिश्रमी किसी भी संकट को बहादुरी से झेलता है तथा उससे संघर्ष करता है।परिश्रम कामधेनु है जिससे मनुष्य की सब इच्छाएँ पूरी हो सकती हैं। मनुष्य को मरते दम तक परिश्रम का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। जो परिश्रम के वक्त इन्कार करता है, वह जीवन में पिछड़ जाता है.

(क) वर्तमान विकसित अवस्था तक मनुष्य कैसे पहुँचा?
(i) अन्न उपजा कर
(ii) धन व बुद्धि के बल पर
(iii) परिश्रम कर
(iv) सुखों को भोग कर
Answer: (iii) परिश्रम कर
गद्यांश के आरंभ में ही उल्लेख है कि मनुष्य परिश्रम के सहारे ही जंगली अवस्था से इस विकसित अवस्था तक पहुँचा है।
In simple words: निरंतर परिश्रम से ही मनुष्य आज इस प्रगति तक पहुँचा है।

Exam Tip: गद्यांश की आरंभिक पंक्तियाँ मुख्य संदेश देती हैं।

 

(ख) मन और बुद्धि द्वारा किया जाने वाला कार्य कहलाता है?
(i) चतुरता
(ii) विश्राम
(iii) विवेक
(iv) परिश्रम
Answer: (iv) परिश्रम
गद्यांश के अनुसार केवल शारीरिक कार्य ही नहीं, बल्कि मन और बुद्धि से किया गया कार्य भी परिश्रम कहलाता है।
In simple words: मानसिक प्रयास भी परिश्रम का ही रूप है।

Exam Tip: शब्दों की परिभाषा वाले वाक्यों पर ध्यान दें।

 

(ग) परिश्रमी व्यक्ति के गुण हैं
(i) आत्मविश्वासी, स्वाभिमानी, संघर्षी एवं स्वयं का भाग्य-निर्माता
(ii) स्वाभिमानी, संघर्षी, दयालु एवं चरित्रवान
(iii) स्वयं का भाग्य-निर्माता, आत्मविश्वासी एवं दयालु
(iv) चरित्रवान, आत्मविश्वासी, भाग्यवादी, सत्यवादी
Answer: (i) आत्मविश्वासी, स्वाभिमानी, संघर्षी एवं स्वयं का भाग्य-निर्माता
परिश्रमी व्यक्ति के जीवन में स्वाभिमान, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता जैसे गुण होते हैं।
In simple words: परिश्रमी व्यक्ति आत्मानिर्भर और संघर्षशील होता है।

Exam Tip: गद्यांश में दिए गए विशेषणों की सूची से मिलान करें।

 

(घ) परिश्रम को 'कामधेनु' कहने का क्या आशय है?
(i) सारी बाधाओं को दूर करना
(ii) सारी परिस्थितियों को बदलना
(iii) सारी इच्छाओं को दबाना
(iv) सारी मनोकामनाओं को पूरा करना
Answer: (iv) सारी मनोकामनाओं को पूरा करना
कामधेनु पौराणिक रूप से सभी इच्छाएँ पूरी करने वाली गाय है; अतः परिश्रम से मनुष्य की सभी इच्छाएँ पूरी हो सकती हैं।
In simple words: परिश्रम से हर मनोकामना पूरी हो जाती है।

Exam Tip: पौराणिक प्रतीकों (जैसे कामधेनु) के लाक्षणिक अर्थ को समझें।

 

(च) कौन जीवन में पीछे रह जाता है?
(i) जो धीरे चलता है।
(ii) जो बिना सोचे तेज चलता है।
(iii) जो परिश्रम के समय इन्कार करता है।
(iv) जो आत्मविश्वास का सहारा नहीं लेता।
Answer: (iii) जो परिश्रम के समय इन्कार करता है।
गद्यांश की अंतिम पंक्ति के अनुसार जो व्यक्ति परिश्रम के वक्त इन्कार करता है, वह जीवन में पिछड़ जाता है।
In simple words: जो मेहनत से कतराता है, वह पीछे रह जाता है।

Exam Tip: गद्यांश के निष्कर्ष या अंतिम वाक्यों को ध्यान से पढ़ें।

 

प्रश्न 6. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

हमारे देश के त्योहार चाहे धार्मिक दृष्टि से मनाए जा रहे हों या नए वर्ष के आगमन के रूप में। फसल की कटाई एवं खलिहानों के भरने की खुशी में हों या महापुरुषों की याद में। सभी अपनी विशेषताओं एवं क्षेत्रीय प्रभाव से युक्त होने के साथ ही देश की राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करते हैं। ये त्योहार जहाँ जनमानस में उल्लास, उमंग एवं खुशहाली भर देते हैं, वहीं हमारे अंदर देश-भक्ति और गौरव की भावना के साथ-साथ, विश्व-बन्धुत्व एवं समन्वय की भावना भी बढ़ाते हैं। इनके द्वारा महापुरुषों के उपदेश हमें बार-बार इस बात की याद दिलाते हैं कि सद्विचार और सद्भावना द्वारा ही हम प्रगति की ओर बढ़ सकते हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि वास्तव में धर्मों का मूल लक्ष्य एक है, केवल उस लक्ष्य तक पहुँचने के तरीके अलग-अलग हैं।

1. त्योहार किससे प्रभावित होते हैं?
(क) देश की प्रगति के प्रभाव से
(ख) धार्मिक दृष्टि के प्रभाव से
(ग) क्षेत्रीय प्रभाव से
(घ) जनमानस के प्रभाव से
Answer: (ग) क्षेत्रीय प्रभाव से
गद्यांश में कहा गया है कि सभी त्योहार अपनी विशेषताओं एवं क्षेत्रीय प्रभाव से युक्त होते हैं।
In simple words: त्योहारों पर क्षेत्रीय प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई देता है।

Exam Tip: गद्यांश में दी गई विशेषताओं की पंक्तियों को ध्यान से देखें।

 

2. त्योहारों से हमें क्या लाभ हैं?
(क) महापुरुषों की याद दिलाते हैं
(ख) देश की एकता और अखंडता मजबूत करते हैं
(ग) देश भक्ति की भावना बढ़ाते हैं
(घ) उपरोक्त सभी
Answer: (घ) उपरोक्त सभी
त्योहार महापुरुषों की याद दिलाने के साथ-साथ देश की एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को भी बढ़ाते हैं।
In simple words: त्योहारों से अनेक प्रकार के राष्ट्रीय और सांस्कृतिक लाभ मिलते हैं।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में जब कई सही गुण दिए हों, तो 'उपरोक्त सभी' सही होता है।

 

3. हम उन्नति की ओर किस प्रकार बढ़ सकते हैं?
(क) सद्विचारों से
(ख) सद्विचार एवं सद्भावना से
(ग) देश की अखंडता से
(घ) महापुरुषों के उपदेश से
Answer: (ख) सद्विचार एवं सद्भावना से
गद्यांश के अनुसार महापुरुषों के उपदेश याद दिलाते हैं कि सद्विचार और सद्भावना द्वारा ही हम प्रगति कर सकते हैं।
In simple words: अच्छे विचार और भावनाएँ उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

Exam Tip: गद्यांश में प्रयुक्त 'सद्विचार और सद्भावना' जैसे मुख्य कीवर्ड्स पर ध्यान दें।

 

4. त्योहारों के माध्यम से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
(क) धर्मों का मूल लक्ष्य एक है
(ख) ईश्वर प्राप्ति के तरीके अलग-अलग हैं
(ग) अपने-अपने धर्म पर चलना चाहिए
(घ) देश भक्ति और देश के गौरव की
Answer: (क) धर्मों का मूल लक्ष्य एक है
त्योहार हमें यह सिखाते हैं कि सभी धर्मों का मूल लक्ष्य एक ही है, केवल मार्ग भिन्न हैं।
In simple words: सभी धर्मों का सार और उद्देश्य एक ही होता है।

Exam Tip: दार्शनिक या संदेशपरक पंक्तियों को सटीकता से समझें।

 

5. इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
(क) धर्म का मार्ग
(ख) देश भक्ति
(ग) त्योहारों का महत्व
(घ) हमारे त्योहार अलग हैं
Answer: (ग) त्योहारों का महत्व
संपूर्ण गद्यांश त्योहारों के सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व को रेखांकित करता है।
In simple words: गद्यांश का मुख्य विषय त्योहारों की महत्ता है।

Exam Tip: शीर्षक पूरे अनुच्छेद के सरोकार को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

 

प्रश्न 7. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर छाँटकर लिखिए

लोगों को यह कहते सुना जाता है कि एक और एक दो होते हैं, परंतु एक लोकोक्ति है 'एक और एक ग्यारह' इस कथन का अभिप्राय है कि एकता में शक्ति होती है। जब दो व्यक्ति एक साथ मिलकर प्रयास करते हैं तो उनकी शक्ति कई गुनी हो जाती है। मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज अलग-अलग इकाइयों का समूहबद्ध रूप है, जिसमें हर इकाई समाज को शक्तिशाली बनाती है। व्यष्टि रूप में एक व्यक्ति का कोई महनव नहीं, परंतु समष्टि रूप में वह समाज की एक इकाई है। बाढ़ से बचने के लिए जब एक अंधे और लंगड़े में सहयोग हुआ तो अंधे को लंगड़े की आँखें तथा लंगड़े को अंधे की टाँगे मिल गई और दोनों बच गए। एकता में बड़ी शक्ति है। जो समाज एकता के सूत्र में बँधा नहीं रहता, उसका पतन अवश्यभावी है। भारत की परतंत्रता इसी फूट का परिणाम था। जब भारतीयों ने मिलकर आज़ादी के लिए संघर्ष किया तो अंग्रेजों को यहाँ से भगाना पड़ा। गणित में शून्य के प्रभाव से अंक दस गुne हो जाते हैं। अतः समाज का हर व्यक्ति सामूहिक रूप से समाज की रीढ़ होता है।

1. लोकोक्ति के अनुसार एक और एक ग्यारह क्यों होते हैं?
(क) ग्यारह को एक और एक कहते हैं
(ख) एकता में बल होने से
(ग) एक और एक को आमने-सामने रखने से
(घ) उपरोक्त सभी
Answer: (ख) एकता में बल होने से
'एक और एक ग्यारह' होने का अर्थ है कि मिलकर काम करने या एकता होने से शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
In simple words: एकता में अपार शक्ति होती है।

Exam Tip: मुहावरों और लोकोक्तियों के प्रतीकात्मक अर्थ को समझें।

 

2. गद्यांश में आए व्यष्टि शब्द से लेखक का आशय है
(क) समूह
(ख) इकाई
(ग) 'क' एवं 'ख' दोनों
(घ) उपरोक्त से कोई नहीं
Answer: (ख) इकाई
गद्यांश में 'व्यष्टि' शब्द का प्रयोग व्यक्तिगत या एकल इकाई के अर्थ में किया गया है।
In simple words: व्यष्टि का अर्थ एक स्वतंत्र इकाई से है।

Exam Tip: कठिन शब्दों के संदर्भगत अर्थ को गद्यांश से समझें।

 

3. समाज में यदि लोग मिलजुल कर न रहें उसका क्या अंजाम हो सकता है
(क) वह समाप्त हो सकता है
(ख) उसका पतन हो सकता है
(ग) वह आजाद हो सकता है
(घ) वह शक्तिशाली नहीं रहता
Answer: (ख) उसका पतन हो सकता है
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि जो समाज एकता के सूत्र में नहीं बँधता, उसका पतन अवश्यभावी है।
In simple words: एकता के अभाव में समाज का पतन तय है।

Exam Tip: नकारात्मक परिणामों वाले वाक्यों को ध्यान से देखें।

 

4. गणित में शून्य का क्या महत्व है
(क) ग्यारह हो जाते हैं
(ख) अंक बढ़ जाते हैं
(ग) अंक दस गुने हो जाते हैं
(घ) शून्य का कोई महत्व नहीं
Answer: (ग) अंक दस गुने हो जाते हैं
गद्यांश के अनुसार गणित में शून्य के जुड़ने से अंकों का मान दस गुना हो जाता है।
In simple words: शून्य किसी अंक के साथ लगकर उसे दस गुना कर देता है।

Exam Tip: गद्यांश में दिए गए उदाहरणों (जैसे गणित का उदाहरण) को याद रखें।

 

5. इस गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक है
(क) सहयोग की भावना
(ख) समाज की इकाई
(ग) शक्तिशाली भारत
(घ) एकता में शक्ति
Answer: (घ) एकता में शक्ति
संपूर्ण गद्यांश एकता के महत्व और उसके प्रभावों को उजागर करता है।
In simple words: एकता की ताकत इस गद्यांश का केंद्रीय विषय है।

Exam Tip: मुख्य संदेश देने वाले शीर्षक को प्राथमिकता दें।

 

प्रश्न 8. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए

ग्राम-समस्याओं का निराकरण केवल मस्तिष्क-बल या बुद्धि-बल से नहीं ही हो सकता। उसके लिए वास्तविक प्रत्यक्ष अनुभव की आवश्यकता है। यह अनुभव दूर से नहीं हो सकता, लिखित विवरणों और आँकड़ों से भी नहीं, पूछताछ या जाँच-पड़ताल और दौरा करने से भी नहीं। कारण, विभिन्न प्रांतों के गाँवों की विभिन्न समस्याएँ हैं। कुछ समस्याओं में समानता है और कुछ में विषमता भी। बहुत संभव है कि एक जिले के गाँवों के साथ जो जटिल समस्याएँ लगी हुई हैं, वे दूसरे जिले के गाँवों के साथ न हों। पर अधिकांश गाँव कम-से-कम अस्सी प्रतिशत गाँव-सारे देश में ऐसे ही हैं, जिनकी समस्याएँ और आवश्यकताएँ बहुत कुछ एक-सी हैं। जब तक उनकी पूर्ति के प्रयत्न न होंगे, गाँवों की दुर्दशा बनी रहेगी, पूर्ति तभी होगी जब गाँवों में कुछ दिन रहकर वहाँ की आवश्यकताएँ समझ ली जाएँगी।

1. ग्राम की समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए प्रत्यक्ष अनुभव क्यों आवश्यक है?
(क) आँकड़े पाने के लिए
(ख) लिखित विवरण जानने के लिए
(ग) समस्याओं को महसूस करने के लिए
(घ) जाँच पड़ताल करने के लिए
Answer: (ग) समस्याओं को महसूस करने के लिए
गाँवों की वास्तविक समस्याओं को गहराई से समझने और महसूस करने के लिए प्रत्यक्ष अनुभव जरूरी है।
In simple words: समस्याओं को अनुभव करके ही उनका सही समाधान हो सकता है।

Exam Tip: लेखक के तर्कों को पहचान कर सही विकल्प चुनें।

 

2. प्रत्यक्ष अनुभव किस प्रकार पाया जा सकता है?
(क) बुद्धि बल से
(ख) जाँच पड़ताल से
(ग) समस्याएँ निराकरण से
(घ) गाँव में कुछ दिन रहकर
Answer: (घ) गाँव में कुछ दिन रहकर
गद्यांश के अंत में स्पष्ट किया गया है कि वास्तविक पूर्ति तभी होगी जब गाँवों में कुछ दिन रहकर वहाँ की आवश्यकताएँ समझी जाएँ।
In simple words: गाँव में रहकर ही प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है।

Exam Tip: समाधान देने वाली पंक्तियों पर विशेष ध्यान दें।

 

3. गाँवों की दुर्दशा कब तक बनी रहेगी?
(क) जब तक प्रत्यक्ष अनुभव नहीं होगा
(ख) समस्याओं का निदान नहीं होगा
(ग) समानता नहीं होगी
(घ) सही आँकड़े प्राप्त नहीं होंगे
Answer: (ख) समस्याओं का निदान नहीं होगा
जब तक गाँवों की आवश्यकताओं और समस्याओं की पूर्ति के प्रयत्न नहीं होंगे, तब तक उनकी दुर्दशा बनी रहेगी।
In simple words: समाधान न होने तक गाँवों की स्थिति में सुधार नहीं होगा।

Exam Tip: कारणों और परिणामों के बीच के संबंध को समझें।

 

4. 'अनुभव' शब्द में कौन सा उपसर्ग सही है
(क) अ
(ख) अन्
(ग) अनु
(घ) व
Answer: (ग) अनु
'अनुभव' शब्द में 'अनु' उपसर्ग तथा 'भव' मूल शब्द है।
In simple words: 'अनु' उपसर्ग से 'भव' जुड़कर अनुभव बनता है।

Exam Tip: उपसर्ग पहचानते समय मूल शब्द को अलग करके देखें।

 

5. इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
(क) ग्रामीण समस्याएँ
(ख) गाँव की दुर्दशा
(ग) मस्तिष्क बल
(घ) प्रत्यक्ष अनुभव
Answer: (घ) प्रत्यक्ष अनुभव
संपूर्ण गद्यांश ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए 'प्रत्यक्ष अनुभव' की अनिवार्यता पर जोर देता है।
In simple words: प्रत्यक्ष अनुभव इस गद्यांश का केंद्रीय बिंदु है।

Exam Tip: पूरे गद्यांश में जिस विचार पर सबसे अधिक बल दिया गया हो, वही शीर्षक होता है।

 

प्रश्न 9. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए।

"साहित्य का आधार जीवन है। इसी नींव पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है। उसकी अटारियाँ, मीनार और गुंबद बनते हैं। लेकिन बुनियाद मिट्टी के नीचे दबा पड़ी है। जीवन परमात्मा की सृष्टि है, इसलिए सुबोध है, सुगम है और मर्यादाओं से परिमित है। जीवन परमात्मा को अपने कामों का जवाबदेह है या नहीं हमें मालूम नहीं, लेकिन साहित्य तो मनुष्य के सामने जवाबदेह है। इसके लिए कानून हैं जिनसे वह इधर-उधर नहीं जा सकता। मनुष्य जीवन पर्यन्त आनन्द की खोज में लगा रहता है। किसी को वह रत्न द्रव्य में मिलता है, किसी को भरे-पूरे परिवार में, किसी को लंबे-चौड़े भवन में, किसी को ऐश्वर्य में। लेकिन साहित्य का आनन्द इस आनन्द से ऊँचा है। उसका आधार सुंदर और सत्य है। वास्तव में सच्चा आनन्द सुंदर और सत्य से मिलता है, उसी आनन्द को दर्शाना, वही आनन्द उत्पन्न करना साहित्य का उद्देश्य है।"

(1) साहित्य और जीवन में गहरा सम्बन्ध है क्योंकि
(क) जीवन का मुख्य आधार साहित्य है
(ख) साहित्य जीवन की मजबूत दीवार है
(ग) साहित्य का आधार जीवन है
(घ) साहित्य का आनन्द जीवन से ऊँचा है
Answer: (ग) साहित्य का आधार जीवन है
गद्यांश की पहली पंक्ति ही कहती है कि "साहित्य का आधार जीवन है", जिससे दोनों का गहरा संबंध स्पष्ट होता है।
In simple words: जीवन ही साहित्य की मजबूत नींव है।

Exam Tip: गद्यांश की आरंभिक पंक्तियाँ केंद्रीय विचार को स्पष्ट करती हैं।

 

(2) मनुष्य किसकी खोज में जीवन भर लगा रहता है -
(क) परमात्मा की
(ख) आनन्द की
(ग) साहित्य की
(घ) रत्न द्रव्य, भरे-पूरे परिवार, लंबे-चौड़े भवन एवं ऐश्वर्य को पाने की
Answer: (ख) आनन्द की
गद्यांश के अनुसार मनुष्य जीवनपर्यंत केवल आनंद की ही खोज में लगा रहता है।
In simple words: हर मनुष्य जीवन भर आनंद पाना चाहता है।

Exam Tip: गद्यांश में दिए गए 'मनुष्य जीवन पर्यन्त आनन्द की खोज में लगा रहता है' वाक्य को देखें।

 

(3) साहित्य के आनन्द का आधार-
(क) सुंदर और सत्य को पाने में है
(ख) जीवन में है
(ग) रत्न और ऐश्वर्य में है
(घ) परमात्मा में है
Answer: (क) सुंदर और सत्य को पाने में है
गद्यांश में बताया गया है कि साहित्य के आनंद का आधार सुंदर और सत्य है।
In simple words: सत्य और सौंदर्य ही साहित्यिक आनंद का आधार हैं।

Exam Tip: सत्य और सुंदर से जुड़े वाक्यों को गद्यांश में खोजें।

 

(4) 'परिमित' का तात्पर्य है-
(क) सीमित
(ख) दबा हुआ
(ग) विस्तृत
(घ) फँसा हुआ
Answer: (क) सीमित
'परिमित' शब्द का सटीक अर्थ किसी सीमा के भीतर बंधा हुआ या सीमित होना है।
In simple words: परिमित का अर्थ सीमित होता है।

Exam Tip: कठिन शब्दों के अर्थ को व्याकरण और संदर्भ के अनुसार समझें।

 

(5) 'लंबे-चौड़े भवन में' पंक्ति में 'लंबे-चौड़े' व्याकरण की दृष्टि से-
(क) क्रिया-विशेषण है
(ख) संज्ञा है
(ग) क्रिया है
(घ) विशेषण है
Answer: (घ) विशेषण है
'लंबे-चौड़े' शब्द भवन की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
In simple words: यह शब्द भवन की विशेषता प्रकट करता है।

Exam Tip: संज्ञा की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं।

 

प्रश्न 10. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए।

कालिदास उसी डालको काट रहे थे, जिस डाल पर बैठे थे। विद्योत्तमा नामक विदुषी राजकन्या का मान भंग करने का षड्यंत्र कर रहे तथाकथित विद्वान वर्ग को वह व्यक्ति (कालिदास) सर्वाधिक जड़मऔर मूर्ख लगा। सा ते उसे ही कुछ लाभ-लालच दे, कुछ टपटपा सिखा-पढ़ा, महामंडप के वेश में सजा-धजाकर राजदरबार में विदुषी राज कन्या विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ करने के लिए ले गए। उस मूर्ख के टपटपा मौन संकेतों की मनमानी व्याख्या कर षड्यंत्रकारियों ने उस विदुषी से विवाह करा ही दिया, लेकिन प्रथम रात्रि में ही वास्तविकता प्रकट हो जाने पर पत्नी के ताने से घायल होकर घर से निकले, कठिन परिश्रम और निरंतर साधना-रुपी रस्सी के आने-जाने से घिस-पीटकर महाकवि कालिदास बनकर घर लौटे। स्पष्ट है कि निरंतर अभ्यास ने तपाकर उनकी जड़मऔर को पिघलाकर बहा दिया और जो बाकी बचा था, वह खरा सोना था।

(1) कालिदास उसी डालको क्यों काट रहे थे, जिस डाल पर वे बैठे थे?
(d) वे विद्वान थे।
([k) वे जड़मऔर थे।
(x) वे महामंडप थे।
(?k) वे लकड़हारे थे।
Answer: (ख) वे जड़मति थे।
अत्यंत मूर्ख और जड़मति होने के कारण कालिदास को यह भी ज्ञान नहीं था कि वे जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काट रहे हैं।
In simple words: नासमझी के कारण वे खुद के बैठने वाली डाल काट रहे थे।

Exam Tip: पौराणिक कथाओं के प्रसिद्ध प्रसंगों को गद्यांश के संदर्भ से जोड़ें।

 

(2) कालिदास को पंडित कहा ले गए?
(d) विद्योत्तमा का राजमहल दिखाने।
([k) विद्योत्तमा से मिलाने के लिए।
(x) विद्योत्तमा के पास सजा दिलवाने।
(?k) विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ करने के लिए।
Answer: (घ) विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ करने के लिए।
विद्वानों ने अपने अपमान का बदला लेने के लिए कालिदास को विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ कराने के वास्ते राजदरबार में पहुँचाया था।
In simple words: विद्वान उन्हें विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ करवाने ले गए थे।

Exam Tip: षड्यंत्र के मुख्य उद्देश्य को पहचानें।

 

(3) विदुषी राजकन्या का विवाह जड़मति कालिदास से क्यों हो गया?
(d) कालिदास सुदर्शन व्यक्तित्व के थे।
([k) विद्वान वर्ग ने उनके मौन संकेतों की मनमानी व्याख्या की।
(x) कालिदास धनी थे।
(?k) राजकन्या कालिदास से प्रेम करती थी।
Answer: (ख) विद्वान वर्ग ने उनके मौन संकेतों की मनमानी व्याख्या की।
कालिदास के संकेतों को विद्वानों ने अपनी चतुराई से ऐसा समझाया कि विद्योत्तमा पराजित हो गई और उनका विवाह हो गया।
In simple words: विद्वानों की चाल और गलत व्याख्या के कारण विवाह हुआ।

Exam Tip: कथा के महत्वपूर्ण मोड़ पर ध्यान दें।

 

(4) कालिदास किस प्रकार महाकवि बन गए?
(d) पत्नी के प्रेम के कारण।
([k) साहित्य रचना के कारण।
(x) कठिन परिश्रम और निरंतर साधना से।
(?k) घर से त्यागकर जाने के कारण।
Answer: (x) कठिन परिश्रम और निरंतर साधना से।
पत्नी के तानों से आहत होकर कालिदास ने कठोर साधना की और निरंतर अभ्यास से महाकवि बन गए।
In simple words: कड़ी मेहनत और साधना ने उन्हें महान कवि बना दिया।

Exam Tip: सफलता के मूल कारणों को गद्यांश के निष्कर्ष से पहचानें।

 

(5) इस गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
(d) जड़मति कालिदास।
([k) विद्योत्तमा और कालिदास।
(x) महाकवि कालिदास।
(?k) करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।
Answer: (ग) महाकवि कालिदास।
यह गद्यांश एक साधारण और मूर्ख व्यक्ति के महाकवि बनने की पूरी यात्रा को दर्शाता है।
In simple words: महाकवि कालिदास की जीवनी पर आधारित यह उपयुक्त शीर्षक है।

Exam Tip: संपूर्ण प्रसंग के नायक को ध्यान में रखकर शीर्षक चुनें।

 

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