School Assignments for Class 9 Hindi: Unseen Poetry
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Practice Class 9 Hindi Assignments: Unseen Poetry
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अखंडित काव्यांश
प्रश्न 1. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प छाँटकर लिखिए
युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी
'रघुकुल में थी एक अभागिन रानी'
'धिक्कार' उसे था महास्वार्थ ने घेरा
"सौ बार धन्य वह एक लाल की माई
जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई।"
पागल-सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई,
"सौ बार धन्य वह एक लाल की माई"
प्रश्न 1(1). रघुकुल में यह अभागिन रानी कौन थी ?
(क) कौशल्या
(ख) सीता
(ग) कैकयी
(घ) गांधारी
Answer: (ग) कैकयी
काव्यांश के प्रसंग के अनुसार रघुकुल में 'अभागिन रानी' कैकयी को कहा गया है जिन्होंने अपने पुत्र भरत के लिए राम के वास्ते वनवास माँगा था।
In simple words: रघुकुल की अभागिन रानी कैकयी थीं।
Exam Tip: मैथिलीशरण गुप्त जी की रचना 'साकेत' के इस प्रसंग को याद रखें।
प्रश्न 1(2). इस काव्यांश में रानी का कौन-सा भाव प्रकट हो रहा है
(क) प्रायश्चित
(ख) सहानुभूति
(ग) क्रोध
(घ) गर्व
Answer: (क) प्रायश्चित
इस काव्यांश में रानी कैकयी के मन का पश्चाताप और प्रायश्चित का भाव प्रकट हो रहा है।
In simple words: यहाँ कैकयी अपने किए पर प्रायश्चित कर रही हैं।
Exam Tip: काव्यांश के मुख्य भाव को समझने के लिए शब्दों के चयन पर ध्यान दें।
प्रश्न 1(3). "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई" किसका कथन हो सकता है
(क) भरत
(ख) सभा
(ग) राम
(घ) मुनिगण
Answer: (ख) सभा
यह कथन उपस्थित सभा और भगवान राम के संवाद के दौरान सभा का है।
In simple words: यह बात पूरी सभा ने कही थी।
Exam Tip: पंक्ति में 'सभा चिल्लाई' स्पष्ट रूप से संकेत देती है।
प्रश्न 1(4). 'पागल-सी सभा' में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है
(क) श्लेष
(ख) उत्प्रेक्षा
(ग) अनुप्रास
(घ) उपमा
Answer: (घ) उपमा
यहाँ सभा की तुलना पागल से की गई है और 'सी' वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है, अतः उपमा अलंकार है।
In simple words: जहाँ तुलना की जाए वहाँ उपमा अलंकार होता है।
Exam Tip: 'सा', 'सी', 'से' जैसे वाचक शब्द उपमा अलंकार की पहचान हैं।
प्रश्न 1(5). अच्छे भाई की उपमा किससे दी जाती है ?
(क) राम
(ख) भरत
(ग) सभा
(घ) लाल की माई
Answer: (ख) भरत
काव्यांश में 'भरत-सा भाई' कहकर अच्छे भाई की उपमा भरत को दी गई है।
In simple words: आदर्श भाई के रूप में भरत का नाम लिया गया है।
Exam Tip: आदर्श भाई के रूप में भरत का चरित्र प्रसिद्ध है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प छाँटकर लिखिए
प्राइवेट बस का ड्राइवर है तो क्या हुआ ?
सात साल की बच्ची का पिता तो है।
सामने गीयर से ऊपर
हुक से लटकी रखी हैं
काँच की चार चूड़ियाँ गुलाबी।
बस की रफ्तार के मुताबिक
हिलती रहती हैं,
झुक कर मैंने पूछ लिया,
खा गया मानों झटका।
अधेड़ उम्र का मुच्छड़ रौबीला चेहरा
आहिस्ते से बोला : हाँ सा 'ब'
लाख कहता हूँ, नहीं मानती है मुनिया।
टाँगे हुए हैं कई दिनों से
अपनी अमानत यहाँ अब्बा की नज़रों के सामने।
Question 1. 'ड्राइवर को सात साल की बच्ची का पिता तो है' क्यों कहा गया है?
(क) ड्राइवर भी पिता हो सकता है
(ख) ड्राइवर का व्यवहार कठोर होता है
(ग) बस के ड्राइवर भी संवेदनशील होते हैं
(घ) ड्राइवर को पिता नहीं होना चाहिए।
Answer: (ग) बस के ड्राइवर भी संवेदनशील होते हैं
यह कथन ड्राइवर के कठोर चेहरे के पीछे छिपे कोमल और संवेदनशील पिता हृदय को दर्शाता है।
In simple words: कठोर दिखने वाले ड्राइवर के भीतर भी एक संवेदनशील पिता का हृदय होता है।
Exam Tip: कविता के मानवीय पक्षों को समझकर उत्तर दें।
Question 2. बस में गीयर के हुक में काँच की चूड़ियाँ किसने लटका रखी हैं?
(क) ड्राइवर ने
(ख) मुनिया ने
(ग) लेखक ने
(घ) बस वाले ने
Answer: (क) ड्राइवर ने
ड्राइवर ने अपनी बेटी की याद और उसकी अमानत को सामने रखने के लिए चूड़ियाँ लटका रखी थीं।
In simple words: ड्राइवर ने चूड़ियाँ लटका रखी थीं।
Exam Tip: प्रसंग को ध्यान से पढ़ें कि चूड़ियाँ किसने टाँगी थीं।
Question 3. बस में चूड़ियाँ टाँगने से बच्ची का क्या उद्देश्य है?
(क) चूड़ियाँ खनकती रहें
(ख) सजाने के लिए
(ग) अब्बा की नजरों के सामने रहें
(घ) चूड़ियाँ हिलती रहें
Answer: (ग) अब्बा की नजरों के सामने रहें
बच्ची चाहती थी कि उसकी चूड़ियाँ उसके अब्बा की नज़रों के सामने हमेशा रहें।
In simple words: चूड़ियाँ पिता की आँखों के सामने रहें, यही उद्देश्य था।
Exam Tip: अंतिम पंक्तियों में 'अब्बा की नज़रों के सामने' इसका स्पष्ट उल्लेख है।
Question 4. 'खा गया मानो झटका' में कौन सा अलंकार निहित है?
(क) उत्प्रेक्षा
(ख) उपमा
(ग) अनुप्रास
(घ) यमक
Answer: (क) उत्प्रेक्षा
यहाँ 'मानो' शब्द का प्रयोग कल्पना या संभावना व्यक्त करने के लिए हुआ है, अतः उत्प्रेक्षा अलंकार है।
In simple words: 'मानो' शब्द उत्प्रेक्षा अलंकार की पहचान है।
Exam Tip: मनु, मानो, जनु, जानो वाचक शब्दों से उत्प्रेक्षा अलंकार पहचानें।
Question 5. चूड़ियों के विषय में ड्राइवर से किसने पूछा?
(क) बस की सवारी ने
(ख) लेखक ने
(ग) ड्राइवर की बच्ची ने
(घ) स्वयं ड्राइवर ने
Answer: (ख) लेखक ने
कविता में लेखक झुककर ड्राइवर से चूड़ियों के बारे में पूछता है।
In simple words: लेखक ने ड्राइवर से प्रश्न किया था।
Exam Tip: कविता के वक्ता और पात्रों को ध्यान में रखें।
प्रश्न 3. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प छाँटकर लिखिए
आँधियों ने गोद में हमको खिलाया है न भूलो;
कंटकों ने सिर हमें सादर झुकाया है न भूलो;
सिंधु का मथ कर कलेजा हम सुधा भी शोध लाए;
औ हमारे तेज से सूरज लजाया है न भूलो ए।
वे हमीं तो हैं कि इक हुँकार से यह भूमि काँपी,
वे हमीं तो हैं, जिन्होंने तीन डग में सृष्टि नापी,
और वे भी हम, कि जिनकी सभ्यता के विजयरथ
धुल उड़कर छोड़ आई छाप अपनी विश्वव्यापी।
वक्र हो आई भ्रुकुटि तो ये अचल नगराज डोले,
दश दशाओं के सबल दिक्पाल ये गजराज डोले,
डोल उठी है धरा, अंबबर, भुवन, नक्षत्र-मंडल,
ढीठ अत्याचारियों के अहंकारी ताज डोले।
सुयश की प्रस्तर-शिला पर चिह्न गहरे हैं हमारे,
ज्ञान-शिखरों पर धवल ध्वज-चिह्न लहरें हैं हमारे,
वेग जिनका यों कि जैसे काल की अंगड़ाइयाँ हों,
उन तरंगों में निडर जलयान ठहरे हैं हमारे。
लास्य भी हमने किए हैं और तांडव भी किए हैं,
वंश मीरा और शिव के, विष पिया है और जिए हैं,
दूध माँ का, या कि चंदन या कि केसर जो समझ लो
यह हमारे देश की रज है, कि हम इसके लिए हैं。
(क) 'हम' शब्द का प्रयोग किया गया है
(i) कवि के लिए
(ii) मानव मात्र के लिए
(iii) भारत वासियों के लिए
(iv) संपूर्ण विश्व के लिए
([ख) किसकी छाप विश्व व्यापी है?
(i) पाश्चात्य सभ्यता की
(ii) मिश्र सभ्यता की
(iii) माया सभ्यता की
(iv) भारतीय सभ्यता की
(ग) पर्वत से लेकर क्रूर शासक तक कब डोलने लगते हैं?
(i) भूकंप आने पर
(ii) भारतवासियों के क्रोध आने पर
(iii) ज्वालामुखी फटने पर
(iv) प्रलय आने पर
(?घ) भारतवासियों के स्वभाव की विशिष्टता है
(i) मानव मात्र के प्रति संवेदना
(ii) अपनी शक्ति के प्रति अहंकार
(iii) सुख-सुविधाओं के लिए लालसा
(iv) सृष्टि के विनाश की चाह
(ङ) 'तांडव' और 'विष' का उल्लेख किसके संदर्भ में किया गया है?
(i) मीरा
(ii) कृष्ण
(iii) पार्वती
(iv) शिव
Question 1. (क) 'हम' शब्द का प्रयोग किया गया है
(i) कवि के लिए
(ii) मानव मात्र के लिए
(iii) भारत वासियों के लिए
(iv) संपूर्ण विश्व के लिए
Answer: (iii) भारत वासियों के लिए
यहाँ 'हम' शब्द भारत के गौरवशाली निवासियों और देशवासियों के लिए प्रयोग हुआ है।
In simple words: 'हम' भारतवासियों के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Exam Tip: देशभक्ति से जुड़ी कविताओं में 'हम' देशवासियों को संबोधित करता है।
Question 2. (ख) किसकी छाप विश्व व्यापी है?
(i) पाश्चात्य सभ्यता की
(ii) मिश्र सभ्यता की
(iii) माया सभ्यता की
(iv) भारतीय सभ्यता की
Answer: (iv) भारतीय सभ्यता की
काव्यांश में भारत की विजययात्रा और सभ्यता की विश्वव्यापी छाप का वर्णन है।
In simple words: भारतीय सभ्यता की छाप पूरी दुनिया पर है।
Exam Tip: काव्यांश की पंक्तियों 'सभ्यता के विजयरथ' से इसका उत्तर मिलता है।
Question 3. (ग) पर्वत से लेकर क्रूर शासक तक कब डोलने लगते हैं?
(i) भूकंप आने पर
(ii) भारतवासियों के क्रोध आने पर
(iii) ज्वालामुखी फटने पर
(iv) प्रलय आने पर
Answer: (ii) भारतवासियों के क्रोध आने पर
जब भारतवासियों की त्यौरियाँ चढ़ती हैं और वे क्रोधित होते हैं, तो पर्वत और अहंकारी शासक भी डोल जाते हैं।
In simple words: भारतवासियों के क्रोध से बड़े-बड़े पर्वत और शासक काँप जाते हैं।
Exam Tip: संदर्भ के अनुसार शक्ति और क्रोध के प्रभाव को समझें।
Question 4. (घ) भारतवासियों के स्वभाव की विशिष्टता है
(i) मानव मात्र के प्रति संवेदना
(ii) अपनी शक्ति के प्रति अहंकार
(iii) सुख-सुविधाओं के लिए लालसा
(iv) सृष्टि के विनाश की चाह
Answer: (i) मानव मात्र के प्रति संवेदना
भारतीय संस्कृति और स्वभाव में त्याग, प्रेम और संपूर्ण मानवता के प्रति संवेदना प्रमुख विशेषता है।
In simple words: सबकी भलाई सोचना भारतीयों का स्वभाव है।
Exam Tip: भारतीय संस्कृति की उदारता को ध्यान में रखें।
Question 5. (ङ) 'तांडव' और 'विष' का उल्लेख किसके संदर्भ में किया गया है?
(i) मीरा
(ii) कृष्ण
(iii) पार्वती
(iv) शिव
Answer: (iv) शिव
कविता में भगवान शिव के तांडव और विषपान का स्मरण किया गया है।
In simple words: तांडव और विष का संबंध भगवान शिव से है।
Exam Tip: पौराणिक संदर्भों को पहचानना आसान होता है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर के सही विकल्प छाँटकर लिखिए
बहुत बड़ी बर्बादी की
इस धरती पर आबादी की
यूँ फसल उगाते जाओगे
अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं
जब सिर धुन धुन पछताओगे।
तुम कितने जंगल तोड़ोगे,
कितने वृक्षों को काटोगे,
इस शस्य श्यामला धरती को
कितने टुकड़ों में बाँटोगे ?
है किंचित तुमको सब्र नहीं
क्या ये भी तुमको खबर नहीं ?
ये धरती तो बस धरती है,
ये धरती कोई रबर नहीं,
बोते हो पेड़ बबूलों के
फिर आम कहाँ से खाओगे ?
वह बढ़ती जाती बदहाली,
खो गई सुबह की तरुणार्ई,
खो गई शाम की वह लाली,
बिन वर्षा के इस धरती पर,
तुम कैसे अन्न उगाओगे ?
यह गंगा भी अब मैली है,
जल की हर बूँद विषैली है,
इस दूषित जल के पीने से,
नित नई बीमारी फैली है।
Question 1. (क) मनुष्य धरती पर फसल उगा रहा है
(i) घृणा की फसल
(ii) प्रेम की फसल
(iii) बढ़ती जनसंख्या की फसल
(iv) आम की फसल
Answer: (iii) बढ़ती जनसंख्या की फसल
कवि ने अनियंत्रित आबादी और पर्यावरण दोहन को बढ़ती बर्बादी के रूप में दर्शाया है।
In simple words: यहाँ बढ़ती आबादी और उसकी समस्याओं की बात की गई है।
Exam Tip: पहली पंक्तियों के भाव से मिलान करें।
Question 2. (ख) 'शस्य श्यामला धरा' से अभिप्राय है
(i) काली सूखी धरा
(ii) हरी-भरी उपजाऊ धरा
(iii) बंजर धरा
(iv) सूखी फटी धरा
Answer: (ii) हरी-भरी उपजाऊ धरा
'शस्य श्यामला' का अर्थ फसलों से हरी-भरी और उपजाऊ धरती होता है।
In simple words: हरी-भरी और उपजाऊ धरती को शस्य श्यामला कहते हैं।
Exam Tip: कठिन शब्दावली (पर्यायवाची) का अर्थ याद रखें।
Question 3. (ग) गंगा का जल कैसा हो गया है ?
(i) निर्मल व पवित्र
(ii) अथाह
(iii) सूख गया है
(iv) मैला व प्रदूषित
Answer: (iv) मैला व प्रदूषित
काव्यांश के अनुसार गंगा का जल मैला और विषैला हो गया है।
In simple words: गंगा का पानी प्रदूषित हो चुका है।
Exam Tip: अंतिम छंद की पंक्तियाँ सीधे उत्तर देती हैं।
Question 4. (घ) काव्यांश संदेश दे रहा है
(i) पर्यावरण को बचाने का
(ii) वृक्षारोपण का
(iii) जनसंख्या वृद्धि रोकने का
(iv) उपर्युक्त सभी
Answer: (iv) उपर्युक्त सभी
यह काव्यांश पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण का संदेश देता है।
In simple words: कविता पर्यावरण और जनसंख्या नियंत्रण दोनों की प्रेरणा देती है।
Exam Tip: बहुविकल्पीय में 'उपर्युक्त सभी' अक्सर सही होता है जब सभी बिंदु प्रासंगिक हों।
Question 5. (ङ) इस काव्यांश का उपयुक्त शीर्षक होगा
(i) बर्बादी
(ii) शस्य श्यामला धरा
(iii) बबूल की फसल
(iv) उपर्युक्त सभी
Answer: (iv) उपर्युक्त सभी
यह सभी शीर्षक कविता के मुख्य भावों को दर्शाते हैं।
In simple words: सभी दिए गए शीर्षक कविता के अनुकूल हैं।
Exam Tip: केंद्रीय भाव के आधार पर शीर्षक का चयन करें।
प्रश्न 5. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर के सही विकल्प छाँटकर लिखिए
नहीं, ये मेरे देश की आँखें नहीं हैं
पुते गालों के ऊपर
नकली भवों के नीचे
छाया प्यार के छलावे बिछाती
मुकुर से उठाई हुई
मुसकान मुसकराती
ये आँखें
नहीं, ये मेरे देश की नहीं हैं...........
तनाब से झुर्रियाँ पड़ी कोरों की दरार से
शराड़े छोड़ती घृणा से सिकुड़ी पुतलियाँ-
नहीं, वे मेरे देश की आँखें नहीं हैं...........
वन डालियों के बीच से
चौंकी अनपहचानी
कभी झाँकती हैं वे आँखें,
मेरे देश की आँखें,
खेतों के पार
मेड़ की लीक धारे
क्षिति-रेखा खीजती
सूनी कभी ताकती हैं
वे आँखें
डलिया हाथ से छोड़ा
और उड़ी धूल के बादल के
बीच में से झलमतारते
जाड़ों की अमावस में से
मैले चाँद-चेहरे सकुचाते
में टँकी थकी पलकें
उठाईद्र
और कितने काल-सागरों के पार तैर आई मेरे देश की आँखें...........
Question 1. (क) 'पुते गालों एवं नकली भवों' से कवि का क्या आशय है।
(i) तरक्की एवं बनावटीपन
(ii) आधुनिकता एवं विकास
(iii) छलावा एवं बनावटीपन
(iv) छलावा एवं सूनापन
Answer: (iii) छलावा एवं बनावटीपन
शहरों की कृत्रिमता, दिखावा और बनावटी जीवनशैली को इससे दर्शाया गया है।
In simple words: बनावटी और कृत्रिम रूप को दर्शाया गया है।
Exam Tip: शहरी दिखावे और ग्रामीण सहजता की तुलना समझें।
Question 2. (ख) कवि किस प्रकार की आँखों को अपने देश की आँखें नहीं मानता ?
(i) शर्माती और सकुचाती, प्यार का छलावा करती आँखों को
(ii) तनाव और घृणा से भरी, प्यार का इज़हार करती आँखों को
(iii) ग्रामीण जन-जीवन की सहजता से भरी आँखों को
(iv) तनाव और घृणा से भरी, प्यार का छलावा करती आँखों को
Answer: (iv) तनाव और घृणा से भरी, प्यार का छलावा करती आँखों को
कवि कृत्रिम, छलावा भरी तथा घृणा से युक्त आँखों को देश की असली आँखें नहीं मानता।
In simple words: बनावटी और घृणा से भरी आँखें देश की नहीं हैं।
Exam Tip: कवि की दृष्टि में देश की पहचान कृत्रिमता से दूर है।
Question 3. (ग) कवि किन आँखों को अपने देश की आँखें मानता है ?
(i) जिनमें तनाव और घृणा भरी हो
(ii) जिनमें ग्रामीण जन-जीवन की सहजता हो
(iii) जिनमें प्यार का छलावा हो
(iv) जिनमें ग्रामीण जन-जीवन की जटिलता हो
Answer: (ii) जिनमें ग्रामीण जन-जीवन की सहजता हो
कवि गाँवों और खेतों में बसने वाले सरल व सहज लोगों की आँखों को देश की असली आँखें मानता है।
In simple words: ग्रामीण जीवन की सहजता वाली आँखें ही देश की आँखें हैं।
Exam Tip: भारत की वास्तविक आत्मा गाँवों में बसती है, यही केंद्रीय भाव है।
Question 4. (घ) कवि देश की पहचान के विषय में क्या कहना चाह रहा है ?
(i) देश की पहचान गाँवों के जीवन की सहजता के कारण नहीं शहरी बनावटीपन के कारण है।
(ii) देश की पहचान शहरों के विकास के कारण है गाँवों के पिछड़ेपन के कारण नहीं है।
(iii) देश की पहचान शहरों के बनावटीपन के कारण नहीं गाँवों के जीवन की सहजता के कारण है।
(iv) देश की पहचान सूनी ताकती आँखों के कारण नहीं पुते गालों के कारण है।
Answer: (iii) देश की पहचान शहरों के बनावटीपन के कारण नहीं गाँवों के जीवन की सहजता के कारण है।
कवि स्पष्ट करते हैं कि देश की असल पहचान दिखावटी शहरी जीवन में नहीं, बल्कि ग्रामीण सरलता में है।
In simple words: देश की पहचान गाँवों की सादगी से है, शहर के दिखावे से नहीं।
Exam Tip: विकल्प लंबा होने पर भी मूल संदेश पर ध्यान दें।
Question 5. (ङ) इस काव्यांश का उपयुक्त शीर्षक होगा
(i) मुसकराती मुस्कान
(ii) गर्वीली भवें
(iii) छाया प्यार की
(iv) आँखें मेरे देश की
Answer: (iv) आँखें मेरे देश की
कविता की प्रमुख पंक्ति 'आँखें मेरे देश की' ही इसका सबसे उपयुक्त शीर्षक है।
In simple words: उपयुक्त शीर्षक 'आँखें मेरे देश की' है।
एक बड़ा बरगद का पेड़ खड़ा है
उसके नीचे कुछ छोटे-छोटे पौधे
बड़े सुशील विनम्र
देखकर मुझकोयों बोले-
हम भी कितने खुशनकिस्मत हैं
जो खतरों का नहीं सामना करते
आसमान से पानी बरसे, आँधी गरजे,
बिजली कड़के, आग बरसे
हमको कोई फिय नहीं है
एक बड़े की वरद छत्रछाया के नीचे
हम अपने दिन बिता रहे हैं
बड़े सुखी हैं।
मैंने देखा
एक बड़ा बरगद का पेड़ खड़ा है
उसके नीचे कुछ छोटे-छोटे पौधे
असंतृप्त औ 'रूष्ट
देखकर मुझकोयों बोले
हम भी कितने बदनकिस्मत हैं
जो खतरों का नहीं सामना करते
वे कैसे टपर को उठ सकते हैं
इसी बड़े की छाया ने ही
हमको बौना बना रखा
हम बड़े दुःखी हैं।"
Question 1. (1) इस कविता में बरगद प्रतीक है -
(क) बूढ़े व्यक्ति का
(ख) बड़े - बुजुर्गों का
(ग) पुरानी परम्पराओं का
(घ) रूढ़ियों का
Answer: (ख) बड़े - बुजुर्गों का
बरगद का पेड़ समाज के संरक्षकों, अभिभावकों या बुजुर्गों का प्रतीक है जो नई पीढ़ी को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
In simple words: बरगद बड़ों या अभिभावकों का प्रतीक है।
Exam Tip: प्रतीकात्मक कविताओं में रूपक को समझें।
Question 2. (2) 'छोटे-छोटे पौधे' प्रतीक है -
(क) छोटे बच्चों का
(ख) नवजात शिशु का
(ग) नई पीढ़ी का
(घ) नई परम्पराओं का
Answer: (ग) नई पीढ़ी का
छोटे पौधे समाज की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जो स्वतंत्र होना चाहती है।
In simple words: छोटे पौधे नई पीढ़ी के प्रतीक हैं।
Question 3. (3) बड़े सुशील विनम्र छोटे-छोटे पौधे अपने आपको खुशनकिस्मत इसलिए मानते हैं क्योंकि-
(क) बरगद की विशाल छत्र-छाया में वे अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं
(ख) उन्हें धूप नहीं लगती
(ग) उन्हें खतरों का सामना नहीं करना पड़ता
(घ) वे वर्षा, आँधी और तूफान का सामना नहीं करना चाहते
Answer: (क) बरगद की विशाल छत्र-छाया में वे अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं
आरंभ में पौधे स्वयं को सुरक्षित मानकर संतुष्ट दिखाई देते हैं।
In simple words: सुरक्षित महसूस करने के कारण वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं।
Question 4. (4) दूसरे अंश में छोटे-छोटे पौधे असंतुष्ट और रूष्ट हैं क्योंकि-
(क) वे बरगद को अपना दुश्मन मानते हैं
(ख) वे बरगद को खतरनाक मानते हैं
(ग) उन्हें बरगद से कोई लगाव नहीं हैं
(घ) वे बरगद की छाया को अपने विकास में बाधा मानते हैं
Answer: (घ) वे बरगद की छाया को अपने विकास में बाधा मानते हैं
उनका मानना है कि अतिसंरक्षण ने उन्हें बौना बना दिया है।
In simple words: वे मानते हैं कि बरगद की छाया उनके विकास में रुकावट है।
Question 5. (5) वे अपने-आपको बदनकिस्मत इसलिए मानते हैं क्योंकि
(क) वे अपने छोटे स्वरूप से खुश नहीं हैं
(ख) उन्हें चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल रहा
(ग) वे आजादी चाहते हैं, जो उन्हें मिल नहीं रही
(घ) वे बरगद के आश्रय में रह रहे हैं
Answer: (ख) उन्हें चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल रहा
संरक्षण के कारण वे स्वयं को स्वतंत्र रूप से विकसित करने में असमर्थ पाते हैं।
In simple words: चुनौतियाँ न मिलने से उनका विकास रुक गया है।
Question 1. (1) मनुष्य के लिए शर्मनाक है-
(क) स्वार्थी भावनाएँ
(ख) पराधीनता का जीवन
(ग) वीरोचित कार्य
(घ) विद्रोह
Answer: (ख) पराधीनता का जीवन
गुलामी और परवशता का जीवन जीना मनुष्य के लिए शर्म की बात है।
In simple words: पराधीनता का जीवन शर्मनाक है।
Question 2. (2) 'स्वार्थ साधना व सीमाओं में बाँधना' संकेत करता है-
(क) आतंकवाद की ओर
(ख) राजतंत्र की ओर
(ग) प्रजातंत्र की ओर
(घ) पंततंत्र की ओर
Answer: (घ) पंततंत्र की ओर
यह गुलामी और स्वार्थी व्यवस्था की ओर संकेत करता है।
In simple words: यह परतंत्रता की ओर इशारा करता है।
Question 3. (3) 'विधि के मथे भाग्य पटक' पंक्ति किन व्यक्तियों की ओर संकेत करती है?
(क) आशावादी
(ख) निराशावादी
(ग) भाग्य वादी
(घ) कर्मवादी
Answer: (ग) भाग्य वादी
यह उन लोगों की ओर संकेत है जो केवल भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं।
In simple words: यह भाग्यवादी प्रवृत्ति पर कटाक्ष है।
Question 4. (4) पृथ्वी पर स्वर्ग स्थापित होगा-
(क) मनुष्य की पारस्परिक एकता से
(ख) ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति से
(ग) मनुष्य की विविध कल्पनाओं से
(घ) मनुष्य के परिश्रम व साहस से
Answer: (घ) मनुष्य के परिश्रम व साहस से
अपने पौरुष और पुरुषार्थ के बल पर ही जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है।
In simple words: परिश्रम और साहस से ही समाज में सुख आएगा।
Question 5. (5) काव्यांश का उचित शीर्षक हो सकता है-
(क) कर्म करो
(ख) शर्म करो
(ग) विद्रोह करो
(घ) क्रांति करो
Answer: (ग) विद्रोह करो
कविता में बार-बार 'विद्रोह करो' का आह्वान किया गया है।
In simple words: सही शीर्षक 'विद्रोह करो' है।
Question 1. (1) कवि किसे धन्यवाद देता है?
(क) राही को।
(ख) मित्रों को।
(ग) परिवार जन को।
(घ) जीवन-मार्ग पर जिस-जिससे स्नेह मिला।
Answer: (घ) जीवन-मार्ग पर जिस-जिससे स्नेह मिला।
जीवन के रास्ते में मिलने वाले हर स्नेही यात्री को कवि धन्यवाद देता है।
In simple words: स्नेह देने वाले हर राही को कवि धन्यवाद कहता है।
Question 2. (2) जीवन-मंजिल को तय कर लेना खेल क्यों नहीं है?
(क) समय का अभाव।
(ख) लघु जीवन।
(ग) सीमित पग-डग।
(घ) निर्धनता।
Answer: (ख) लघु जीवन।
जीवन का सफर लंबा और कठिन है जबकि मनुष्य का जीवन सीमित है।
In simple words: जीवन छोटा और मार्ग कठिन है।
Question 3. (3) कवि की 'थकावट' कब दूर हुई?
(क) जब स्नेह के दो शब्द मिले।
(ख) जब आराम मिला।
(ग) जब साथ मिला।
(घ) जब वह प्रसन्न हुआ।
Answer: (क) जब स्नेह के दो शब्द मिले।
स्नेह भरे दो शब्द मिलते ही सारी थकावट और कमजोरी दूर हो जाती है।
In simple words: प्यार के दो शब्द मिलने से थकान मिट गई।
Question 4. (4) हमेशा हमारे साथ क्या रहता है?
(क) साथियों का साथ।
(ख) साथियों की यादें।
(ग) साथियों का स्नेह।
(घ) साथियों की मित्रता।
Answer: (ख) साथियों की यादें।
राही भले ही बिछड़ जाएँ, पर उनकी यादें साथ चलती हैं।
In simple words: साथियों की यादें हमेशा साथ रहती हैं।
Question 5. (5) 'अवलंबित' शब्द का अर्थ है-
(क) विलम्ब।
(ख) परतंत्र।
(ग) आश्रित।
(घ) सहयोग।
Answer: (ग) आश्रित।
'अवलंबित' का अर्थ किसी पर निर्भर या आश्रित होना है।
In simple words: अवलंबित का अर्थ आश्रित है।
Question 1. (क) कवि नए साल से क्या कामना कर रहे हैं?
(i) स्वस्थ बने रहने की
(ii) नई उमंगों के आगमन की
(iii) सुख व समृद्धि की
(iv) लंबी आयु की
Answer: (ii) नई उमंगों के आगमन की
कवि नए साल में जीवन में नई ऊर्जा और उमंग लाने की कामना करते हैं।
In simple words: कवि नई उमंगें आने की कामना करते हैं।
Question 2. (ख) मौसम के आने-जाने से अभिप्राय है-
(i) क्रमशः ऋतुओं का आवागमन
(ii) अतिथियों का आवागमन
(iii) पशु-पक्षियों का आवागमन
(iv) सुखों व दुःखों का आवागमन
Answer: (iv) सुखों व दुःखों का आवागमन
मौसम का परिवर्तन जीवन में आने वाले सुख और दुख के चक्र का प्रतीक है।
In simple words: मौसम का आना-जाना सुख-दुख के परिवर्तन को दिखाता है।
Question 3. (ग) "भले जीत का जश्न मना..." पंक्ति में कवि क्या प्रेरणा दे रहे हैं?
(i) सफलता-असफलता को समान भाव से स्वीकारने की
(ii) सफलता में स्वयं को भूल जाने की
(iii) असफलता में हताश हो जाने की
(iv) परिस्थितियों के अनुसार कर्म करने की
Answer: (i) सफलता-असफलता को समान भाव से स्वीकारने की
जीत के साथ हार को भी सहज रूप से स्वीकारने की सीख दी गई है।
In simple words: जीत और हार दोनों को समान रूप से स्वीकारें।
Question 4. (घ) 'जो शीश चढ़ाकर चले गए'-पंक्ति किनकी ओर संकेत कर रही है?
(i) ईश्वर भक्तों की ओर
(ii) शहीदों की ओर
(iii) देशवासियों की ओर
(iv) तपस्वियों की ओर
Answer: (ii) शहीदों की ओर
यह देश के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर शहीदों की ओर संकेत करती है।
In simple words: यह पंक्ति शहीदों और बलिदानियों के लिए है।
Question 5. (ङ) दुनिया में कैसे-कैसे लोग आए और चले गए?
(i) मालिक बनने वाले
(ii) किले में रहने वाले
(iii) किले बनाने वाले
(iv) उपर्युक्त सभी
Answer: (iv) उपर्युक्त सभी
कविता में विभिन्न प्रकार के स्वार्थी और अहंकारी लोगों का उल्लेख है।
In simple words: दुनिया में तरह-तरह के लोग आए और चले गए।
सच है महज संघर्ष ही
संघर्ष से हटकर जिए तो क्या जिए हम या कि तुम।
जो नत हुआ वह मृत हुआ ज्यों वृंत से झर कर कुसुम।
जो लक्ष्य भूल रूका नहीं।
जो हार देख झुका नहीं।
जिसने प्रणय पाथै माना जीत उसकी ही रही।
सच हम नहीं, सच तुम नहीं।
ऐसा करो जिससे न प्राणों में कहीं जड़ता रहे।
जो है जहाँ चुपचाप अपने-आप से लड़ता रहे।
जो भी परिस्थितियाँ मिलें
काँटें चुभें, कलियाँ खिलें।
हारे नहीं इंसान, संदेश जीवन का यही।
(1) काव्यांश के आधार पर सच का अर्थ है-
(क) सत्य के मार्ग पर चलना
(ख) लक्ष्य को केन्द्र बनाए रखना
(ग) जीवन में निरन्तर संघर्ष करना
(घ) हार न मानना
(2) 'जो है जहाँ चुपचाप अपने-आपसे लड़ता रहे'- पंक्ति में अपने-आपसे लड़ने का अभिप्राय-
(क) खुद से लड़ाई लड़ना
(ख) सबसे छुपकर लड़ना
(ग) अपनों से निरंतर संघर्ष कर आगे बढ़ना
(घ) विपरीत स्थितियों को अनुकूल बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहना
(3) 'काँटें' और 'कलियाँ' प्रतीक हैं-
(क) मित्र और शत्रु के
(न) जीवन में मिलने वाले दुःख-सुख के
(ग) प्रकृति के
(घ) विपरीत स्थितियों के
(4) 'जो नत हुआ वह मृत हुआ ज्यों वृंत से झर कर कुसुम' में प्रयुक्त अलंकार-
(क) अतिश्योक्ति अलंकार
(ख) उत्प्रेक्षा अलंकार
(ग) उपमा अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
(5) काव्यांश में प्रयुक्त शब्द 'अपने-आप में' सर्वनाम का निम्नलिखित में से कौन सा भेद है-
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(ख) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(ग) निश्चयवाचक सर्वनाम
(घ) निजवाचक सर्वनाम
Question 1. (1) काव्यांश के आधार पर सच का अर्थ है-
(क) सत्य के मार्ग पर चलना
(ख) लक्ष्य को केन्द्र बनाए रखना
(ग) जीवन में निरन्तर संघर्ष करना
(घ) हार न मानना
Answer: (ग) जीवन में निरन्तर संघर्ष करना
कविता की शुरुआत में ही स्पष्ट है कि 'सच है महज संघर्ष ही'।
In simple words: जीवन में लगातार संघर्ष करना ही सत्य है।
Question 2. (2) 'जो है जहाँ चुपचाप अपने-आपसे लड़ता रहे'- पंक्ति में अपने-आपसे लड़ने का अभिप्राय-
(क) खुद से लड़ाई लड़ना
(ख) सबसे छुपकर लड़ना
(ग) अपनों से निरंतर संघर्ष कर आगे बढ़ना
(घ) विपरीत स्थितियों को अनुकूल बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहना
Answer: (घ) विपरीत स्थितियों को अनुकूल बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहना
कठिन परिस्थितियों से हार न मानकर निरंतर प्रयत्नशील रहने को यहाँ अपने-आप से लड़ना कहा गया है।
In simple words: विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष जारी रखना।
Question 3. (3) 'काँटें' और 'कलियाँ' प्रतीक हैं-
(क) मित्र और शत्रु के
(ख) जीवन में मिलने वाले दुःख-सुख के
(ग) प्रकृति के
(घ) विपरीत स्थितियों के
Answer: (ख) जीवन में मिलने वाले दुःख-सुख के
काँटें दुखों के और कलियाँ सुख तथा खुशियों के प्रतीक हैं।
In simple words: काँटे और कलियाँ सुख-दुख को दर्शाते हैं।
Question 4. (4) 'जो नत हुआ वह मृत हुआ ज्यों वृंत से झर कर कुसुम' में प्रयुक्त अलंकार-
(क) अतिश्योक्ति अलंकार
(ख) उत्प्रेक्षा अलंकार
(ग) उपमा अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
Answer: (ग) उपमा अलंकार
यहाँ 'ज्यों' वाचक शब्द के प्रयोग द्वारा झुकने वाले की तुलना डंठल से गिरे फूल से की गई है।
In simple words: 'ज्यों' शब्द से उपमा अलंकार स्पष्ट होता है।
Question 5. (5) काव्यांश में प्रयुक्त शब्द 'अपने-आप में' सर्वनाम का निम्नलिखित में से कौन सा भेद है-
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(ख) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(ग) निश्चयवाचक सर्वनाम
(घ) निजवाचक सर्वनाम
Answer: (घ) निजवाचक सर्वनाम
'अपने-आप' शब्द कर्ता के साथ अपनी निजता का बोध कराता है, अतः यह निजवाचक सर्वनाम है।
In simple words: 'अपने-आप' निजवाचक सर्वनाम है।
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