School Assignments for Class 9 Hindi: All topics
Explore structured practice materials through the CBSE Class 9 Hindi Revision Assignment Set 01. Tailored for Class 9 learners, utilizing these Hindi assignments ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final CBSE evaluations.
Practice Class 9 Hindi Assignments: All topics
Access the complete assignment PDF for Class 9 Hindi below. Regular practice with these targeted academic tasks builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
गिल्लू - पाठ पर आधारित पुनरावृत्ति कार्य :-
Question 1. गिल्लू के शारीरिक सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
Answer: गिल्लू एक बेहद सुंदर और आकर्षक जीव था। उसके छोटे-छोटे प्रवाल जैसी चमकती हुई आँखें थीं, शरीर पर घने और मुलायम रोएँ थे जिन पर सफेद और भूरी धारियाँ बनी हुई थीं। उसकी पूँछ लंबी और झाड़दार थी जो उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा देती थी। जब वह अपने छोटे-छोटे पंजों से कुछ खाता था, तो उसका अंदाज बहुत ही मनमोहक लगता था।
In simple words: गिल्लू की सुंदर आँखें, मुलायम रोएँ और लंबी पूँछ उसके आकर्षक रूप को दर्शाती हैं।
Exam Tip: महादेवी वर्मा की रचनाओं में प्रकृति और जीवों के सूक्ष्म चित्रण पर विशेष ध्यान दें।
Question 2. अपने पालतू पशु के दैनिक जीवन के बारे में लिखिए और एक परियोजना तैयार कीजिए।
Answer: पालतू पशु (जैसे कुत्ता या बिल्ली) का दैनिक जीवन बहुत ही अनुशासित और स्नेह से भरा होता है। सुबह उठकर वह अपने मालिक के साथ टहलने जाता है, निर्धारित समय पर भोजन करता है, दिनभर घर के आसपास खेलता है और शाम को विश्राम करता है। इस पर परियोजना तैयार करते समय पशु की दिनचर्या, उसके खान-पान, स्वास्थ्य और उसकी आदतों के चित्र व विवरण को शामिल किया जाना चाहिए।
In simple words: पालतू पशु की दिनचर्या में उसका खाना, सोना और मालिक के साथ खेलना शामिल होता है।
Exam Tip: परियोजना में व्यावहारिक अनुभवों और चित्रों का समावेश करें।
Question 3. इस पाठ को पढ़कर आपको क्या प्रेरणा मिली (१००) शब्दों में लिखिए।
Answer: 'गिल्लू' पाठ से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि प्रकृति और मूक प्राणियों के प्रति हमारे मन में करुणा, प्रेम और संवेदनशीलता होनी चाहिए। जिस प्रकार लेखिका महादेवी वर्मा ने एक घायल गिलहरी के बच्चे की बिना किसी स्वार्थ के सेवा की और उसे नया जीवन दिया, उससे यह सीख मिलती है कि जानवर भी मनुष्य की तरह स्नेह की भाषा समझते हैं। यह पाठ हमें सिखाता है कि हमें सभी जीवों के जीवन अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रति क्रूरता के बजाय दयालुता का व्यवहार करना चाहिए।
In simple words: यह पाठ हमें जानवरों के प्रति प्रेम और दया भाव रखने की प्रेरणा देता है।
Exam Tip: शब्द सीमा (100 शब्द) का ध्यान रखें और अपने भावों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।
Question 4. प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया- इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस पंक्ति का आशय गिल्लू की मृत्यु से है। जब गिल्लू का जीवनकाल पूरा हो गया और उसकी मृत्यु का समय आया, तो सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही उसकी जीवनलीला समाप्त हो गई। लेखिका ने इसे बहुत ही काव्यात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है कि जैसे सुबह नया सवेरा होता है, वैसे ही गिल्लू इस संसार को छोड़कर एक नए लोक में अनंत यात्रा के लिए सो गया।
In simple words: सुबह की पहली किरण के साथ गिल्लू की मृत्यु हो गई और वह हमेशा के लिए सो गया।
Exam Tip: काव्यात्मक पंक्तियों के अर्थ लिखते समय प्रसंग और लेखक की भावनाओं को अवश्य जोड़ें।
Question 5. गिल्लू को मुक्त करने के लिए लेखिका ने क्या उपाय किया।
Answer: गिल्लू को खिड़की के रास्ते बाहर की दुनिया से जोड़ने और उसे अपनी प्रजाति के साथ घुलने-मिलने का अवसर देने के लिए लेखिका ने उसकी जाली का एक कोना खोल दिया था। उस खुले हुए रास्ते से गिल्लू बाहर जाता था और अन्य गिलहरियों के साथ खेलता था, जिससे उसे अपनी स्वतंत्रता का अनुभव होता था।
In simple words: लेखिका ने गिल्लू के लिए खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया ताकि वह बाहर जा सके।
Question 1. गोधूलि के विषय में अपने विचार लिखिए।
Answer: गोधूलि वह बेला है जब शाम के समय गायें चरकर वापस गाँवों की ओर लौटती हैं और उनके पैरों से उड़ने वाली धूल आकाश में छा जाती है। यह समय भारतीय संस्कृति और साहित्य में बहुत ही पवित्र और सुंदर माना गया है। यह दिन और रात का संधि काल होता है, जो मन को शांति और विश्राम का संदेश देता है।
In simple words: शाम के समय गायों के लौटने पर उड़ने वाली धूल और उस बेला को गोधूलि कहा जाता है।
Exam Tip: सांस्कृतिक महत्व वाले शब्दों के अर्थ स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. धूल न होती तो क्या होता पक्ष और विपक्ष में बोलने के लिए अपने विचार लिखिए।
Answer: पक्ष में विचार: यदि धूल न होती तो वायुमंडल में अशुद्धियाँ कम होतीं, बीमारियाँ घटतीं और चीजें साफ-सुथरी रहतीं।
विपक्ष में विचार: धूल के बिना प्रकृति का चक्र अधूरा है। धूल ही मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है, पौधों का पोषण करती है और ग्रामीण संस्कृति व सौंदर्य का आधार है। धूल के बिना हमारी संस्कृति और जुड़ाव का वह रूप नहीं रहता जो हमारी मिट्टी से है।
In simple words: धूल के होने से जहाँ स्वच्छता प्रभावित होती है, वहीं इसके बिना प्रकृति और जीवन का सृजन भी अधूरा है।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में पक्ष और विपक्ष दोनों दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से प्रस्तुत करें।
Question 3. लेखक ने मनुष्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य किसे कहा है और क्यों?
Answer: लेखक ने मनुष्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह माना है कि वह भौतिक उन्नति और कृत्रिमता की अंधी दौड़ में अपनी असलियत यानी अपनी माटी और धूल से कट गया है। मनुष्य शहरी चमक-धमक और बनावटी जीवनशैली को अपनाने के चक्कर में अपनी संस्कृति और प्राकृतिक जड़ों से दूर हो गया है, जो उसका सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।
In simple words: अपनी मिट्टी और प्रकृति से दूर हो जाना ही मनुष्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।
Exam Tip: लेखक के वैचारिक संदेश को अपने उत्तर का आधार बनाएँ।
Question 4. धूल से संबंधित एक कविता लिखिए।
Answer:
चरणों की है जो सरताज,
वही माटी है अपनी लाज।
इसी धूल में जन्म लिया है,
इसी ने हमको जीवन दिया है।
रत्नजटित हो भले गगन, पर,
धूल बिना है जीवन बंजर।
In simple words: यह कविता धूल के महत्व और हमारे जीवन में उसकी उपयोगिता को दर्शाती है।
Exam Tip: कविता में लय और तुकबंदी का विशेष ध्यान रखें।
Question 5. अपने शब्दों में लिखिए कि धूल का सुंदर रूप क्या है?
Answer: धूल का सबसे सुंदर रूप ग्रामीण संस्कृति, गोधूलि बेला और बच्चों के शरीर पर रमी हुई धूल में दिखाई देता है। जब ग्रामीण परिवेश में शाम के समय गायों के खुरों से धूल उड़ती है या शिशु के मुँह पर धूल जमती है, तो वह रूप अत्यंत मनोरम और पावन प्रतीत होता है। यही धूल हीरे की चमक का वास्तविक आधार भी है।
In simple words: बच्चों के चेहरे पर लगी धूल और गोधूलि बेला का दृश्य धूल का सबसे सुंदर रूप है।
Exam Tip: पाठ के मुख्य सौंदर्यबोध को अपने शब्दों में पिरोकर लिखें।
पद (रैदास) - कविता पर आधारित पुनरावृत्ति कार्य :-
Question 1. भाव स्पष्ट कीजिए
(क) जैसे चतवत चंद चकोरा।
(ख) तुम चंदन हम पानी।
(ग) तुम मोती हम धागा।
Answer:
(क) जैसे चकोर पक्षी बिना पलक झपकाए लगातार चंद्रमा को निहारता रहता है, वैसे ही भक्त की नजरें और उसका मन हमेशा अपने आराध्य ईश्वर पर टिका रहता है।
(ख) जिस प्रकार चंदन की सुगंध पानी में पूरी तरह घुल जाती है और पानी के संपर्क में आने से अपनी महक चारों ओर बिखेर देता है, उसी प्रकार भगवान रूपी चंदन की भक्ति भक्त रूपी पानी में समाहित हो जाती है।
(ग) जिस प्रकार सुंदर मोतियों को धागे में पिरोकर एक सुंदर माला बनाई जाती है, उसी प्रकार भक्त और भगवान का संबंध भी अटूट और अभिन्न है।
In simple words: ये पंक्तियाँ भक्त और भगवान के अटूट प्रेम और समर्पण के रिश्ते को दर्शाती हैं।
Question 2. नामदेव , कबीर , तिलोचन , सधना व सैनु कौन थे ?
Answer: ये सभी भक्त काल के प्रसिद्ध संत और कवि थे, जो समाज के विभिन्न जातियों और व्यवसायों से संबंध रखते थे। इन्होंने अपनी रचनाओं और भक्ति के माध्यम से समाज में व्याप्त आडंबरों का विरोध किया और निर्गुण ईश्वर की भक्ति का संदेश दिया।
In simple words: ये सभी भक्ति आंदोलन के महान संत और समाज सुधारक थे।
Question 3. इस काव्यांश में कवि ने ईश्वर की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ?
Answer: कवि रैदास ने इस काव्यांश में ईश्वर की यह विशेषता बताई है कि ईश्वर सर्वशक्तिमान, कृपालु और गरीबों व दलितों को उच्च स्थान देने वाले हैं। वे अपने भक्तों से अगाध प्रेम करते हैं, वे राजाओं से भी अधिक सम्मानित हैं और उनकी कृपा से ही अछूत और दीन-हीन व्यक्ति भी समाज में आदरणीय बन जाते हैं।
In simple words: ईश्वर सभी को समान दृष्टि से देखते हैं और अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं।
Exam Tip: रैदास की सामाजिक समरसता की भावना को उत्तर में जरूर शामिल करें।
दुख का अधिकार - पाठ पर आधारित पुनरावृत्ति कार्य :-
Question 1. पाठ को आधार बनाकर एक कहानी लिखिए।
Answer: इस पाठ के आधार पर कहानी का सार यह है कि समाज में गरीब वर्ग के लोगों को अपने दुख को मनाने का भी अधिकार नहीं होता। एक तरफ जहाँ संभ्रांत महिलाएँ अपनों की मृत्यु पर एसी कमरों में विलाप करती हैं, वहीं एक गरीब बुढ़िया को पेट भरने के लिए खरबूजे बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि उसका जवान बेटा दुनिया से जा चुका होता है। समाज उसकी गरीबी को उसकी बेशर्मी मान लेता है, जो मानवीय संवेदनाओं की कमी को दर्शाता है।
In simple words: यह कहानी समाज की असमानता और गरीबों की लाचारी को बयां करती है।
Question 2. साँप अनेक प्रजाति के होते हैं । सभी छात्र एक पत्रिका बनाएँगे जिसमें साँपों की सभी प्रजाति का वर्णन चित्र सहित हो ।
Answer: यह एक रचनात्मक गतिविधि है। छात्र विभिन्न प्रकार के साँपों (जैसे कोबरा, करैत, वाइपर, अजगर आदि) के चित्र एकत्रित करेंगे और उनकी विशेषताओं, विषैले या विषहीन होने की प्रकृति तथा उनके आवास के बारे में संक्षिप्त जानकारी लिखकर एक सुंदर भित्ति पत्रिका या प्रोजेक्ट फाइल तैयार करेंगे।
In simple words: छात्र साँपों के चित्र और उनकी जानकारियों को एकत्रित करके एक आकर्षक पत्रिका तैयार करें।
Question 3. बुढ़या को रोते देखकर लेखक को कैसा लगा । यदि आप लेखक के स्थान पर होते तो क्या करते ?
Answer: बुढ़िया को फफक-फफक कर रोते देख लेखक के हृदय में टी उठी और उसे बहुत पीड़ा हुई। लेखक को यह महसूस हुआ कि दुख मनाने का अधिकार केवल अमीर वर्ग को ही प्राप्त है। यदि हम लेखक के स्थान पर होते, तो उस बुढ़िया के पास बैठकर उसकी पीड़ा को समझते, उसे ढांढस बंधाते और समाज की इस संवेदनहीनता के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास करते।
In simple words: बुढ़िया का दुख देखकर लेखक का मन व्यथित हो गया; हम भी उसकी मदद और सांत्वना देते।
Question 4. दुखी लोगों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है । अपने विचार लिखिए ।
Answer: दुखी और लाचार लोगों के प्रति हमारा यह नैतिक कर्तव्य है कि हम उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। उनकी आर्थिक या मानसिक मदद करें, उनके दुख को समझें और उन्हें अकेला न छोड़ें। समाज में समानता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें ताकि हर व्यक्ति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और जीने का सम्मानजनक अधिकार मिल सके।
In simple words: हमें दुखी लोगों की सहायता करनी चाहिए और उनके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।
Question 5. बाज़ार के दृश्य का वर्णन कीजिए ।
Answer: बाजार में खरीदारों और दुकानदारों की चहल-पहल होती है। जगह-जगह विभिन्न वस्तुएँ सजी होती हैं। इस पाठ के संदर्भ में बाजार का वह दृश्य उभरता है जहाँ खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया बैठी है, लेकिन शोक के कारण कोई उससे खरबूजे खरीदने को तैयार नहीं है, जबकि चारों तरफ लोग अपनी दैनिक खरीदारी में व्यस्त हैं।
In simple words: बाजार में लोगों की भीड़ और विभिन्न दुकानों पर सामान बिकने का दृश्य दिखाई देता है।
Question 1. निम्नलिखित दोहे के माध्यम से कवि ने किस बात की ओर संकेत किया है ?
रहीमन धागा प्रेम का , मत तोड़ो चटकाय ।
टूटे से फिर ना मिले , मिले गाँठ परि जाय ॥
रहीमन निज मन की बिथा , मन ही राखो गोय ।
Answer: कवि रहीम इस दोहे के माध्यम से यह संकेत करते हैं कि प्रेम का रिश्ता बहुत नाजुक होता है। इसे कभी भी गुस्से में झटका देकर तोड़ना नहीं चाहिए। यदि एक बार यह संबंध टूट जाए तो दोबारा जुड़ने पर भी उसमें पहली जैसी मिठास नहीं रहती, बल्कि बीच में गांठ (मनमुटाव की दरार) पड़ जाती है। इसलिए अपने मन के दुख को दूसरों के सामने प्रकट करके अपनी हँसी नहीं उड़ानी चाहिए, बल्कि उसे अपने मन में ही छिपा कर रखना चाहिए।
In simple words: प्रेम के रिश्ते को कभी नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि टूटने के बाद उसमें दरार हमेशा रह जाती है।
Question 2. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
एकै साधे सब सधै , सब साधे सब जाय ।
रहीमन मूलहं सींचबो , फूलै फले अघाय ॥
चित्रकूट में रमि रहे , रहमन अवध नरेस ।
जा पर बिपदा पड़त है , सो आवत यह देस ॥
क. पेड़ किस प्रकार फलता फूलता है ?
Answer: पेड़ अपनी जड़ों (मूल) को सींचने से ही पूरी तरह फलता-फूलता है।
In simple words: जड़ को सींचने से पेड़ हरा-भरा रहता है।
ख. सभी कार्य किस प्रकार संपन्न हो जाते हैं ?
Answer: एक समय में किसी एक मुख्य कार्य या ईश्वर पर ध्यान केंद्रित करने से सभी कार्य स्वतः ही सफल हो जाते हैं।
In simple words: एक बार में एक ही काम पर ध्यान देने से सभी कार्य पूरे हो जाते हैं।
घ. चित्रकूट में जाने से क्या होता है ?
Answer: चित्रकूट शांत और प्राकृतिक स्थल है जहाँ व्यक्ति विपत्ति या दुखों के समय शांति पाने के लिए निवास करता है।
In simple words: चित्रकूट जाने से दुखों और विपत्तियों में मन को शांति मिलती है।
Question 3. रहीम के दोहों की क्या विशेषताएँ हैं ?
Answer: रहीम के दोहे गागर में सागर के समान होते हैं। इनमें कम शब्दों में बहुत बड़ा उपदेश, नीति की बातें और जीवन का गहरा अनुभव छिपा होता है। इनके दोहे सरल भाषा, सटीक दृष्टांतों और व्यावहारिक ज्ञान से परिपूर्ण होते हैं जो आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
In simple words: रहीम के दोहे सरल भाषा में जीवन की गहरी सीख देते हैं।
Question 1. भाई साहब ने लेखक को कौन -सा काम करने को कहा ?
Answer: भाई साहब ने लेखक को पढ़ाई के सिलसिले में कोई कठिन या विशिष्ट कार्य करने अथवा डाँट-फटकार के साथ अनुशासन में रहने और अपनी गलतियों से सीखने को कहा।
In simple words: भाई साहब ने लेखक को अध्ययन से जुड़ा कार्य करने का निर्देश दिया।
Question 2. प्रस्तुत कहानी में आप लेखक के स्थान पर होते तो क्या करते ?
Answer: यदि हम लेखक के स्थान पर होते, तो बड़े भाई साहब के आदेशों और नसीहतों को सकारात्मक रूप से लेते, अपनी कमियों को सुधारते और खेलकूद के साथ-साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान केंद्रित करते ताकि बड़ों का आशीर्वाद बना रहे।
In simple words: हम बड़ों की सीख का पालन करते और अपनी पढ़ाई तथा खेल में संतुलन बनाते।
Question 3. बचपन की किसी घटना को आधार बना कर एक कहानी लिखिए।
Answer: बचपन में एक बार बारिश के मौसम में कागज की नाव बनाकर पानी में तैराने का मेरा बहुत मन था। मैंने अपनी नई कॉपी से पन्ने फाड़कर कई नावें बनाईं और उन्हें गली के बहते पानी में छोड़ दिया। जब घर पहुँचकर माँ ने कॉपियों के फटे पन्ने देखे, तो मुझे मेरी उस गलती का अहसास हुआ और मैंने कसम खाई कि भविष्य में कभी पढ़ाई की चीजों का नुकसान नहीं करूँगा।
In simple words: बचपन में बारिश के पानी में नाव चलाने और पढ़ाई के नुकसान से जुड़ी एक सीखप्रद घटना।
Question 4. इस पाठ को पढ़ने के बाद किन - किन बाल सुलभ शरारतों का पता चलता है ?
Answer: इस पाठ को पढ़ने से बच्चों की स्वाभाविक शरारतों जैसे छिपकर खेलना, बड़ों की डाँट से बचना, पढ़ाई से जी चुराना, पतंगबाजी करना और विभिन्न प्रकार के रोमांचक खेल खेलना आदि बाल सुलभ प्रवृत्तियों का पता चलता है।
In simple words: बच्चों का पढ़ाई से भागना, छिपकर खेलना और मौज-मस्ती करना बाल सुलभ शरारतें हैं।
Question 5. यह घटना कब की है ? तब कैसा मौसम था ?
Answer: यह घटना लेखक के बचपन के दिनों की है जब मौसम सुहाना, वर्षाऋतु या ठंडी हवाओं से युक्त था, जो बच्चों को खेलने के लिए अत्यधिक आकर्षित करता था।
In simple words: यह घटना बचपन के सुहाने और ठंडे मौसम के समय की है।
Free study material for Hindi
All topics Printable Assignments & Solutions for Class 9 Hindi
Class 9 Hindi All topics Printable Assignments
Access structured practice assignments for All topics designed in alignment with the latest CBSE curriculum for Class 9 Hindi. These printable sets cover objective and descriptive problem types to support thorough revision.
Why Practice Class 9 Hindi Assignments?
- Exam Alignment: Questions strictly follow contemporary CBSE sample papers and grading schemes.
- Comprehensive Coverage: Features objective drills, case studies, and structured descriptive problems for All topics.
- Pacing & Precision: Regular problem-solving builds critical calculation speed and test-taking accuracy.
How to Approach Hindi All topics Assignments
- Initial Reading: Begin by reading the NCERT book for Class 9 Hindi to build a baseline understanding.
- Independent Testing: Attempt assignment questions unassisted, then verify work using provided answer keys.
- Supplementary Aids: Leverage revision notes and worksheets whenever you encounter difficult topics.
FAQs
You can download free PDF assignments for Class 9 Hindi All topics from StudiesToday.com. These practice sheets have been updated for the 2026-27 session covering all concepts from latest NCERT textbook.
Yes, our teachers have given solutions for all questions in the Class 9 Hindi All topics assignments. This will help you to understand step-by-step methodology to get full marks in school tests and exams.
Yes. These assignments are designed as per the latest CBSE syllabus for 2026. We have included huge variety of question formats such as MCQs, Case-study based questions and important diagram-based problems found in All topics.
Practicing topicw wise assignments will help Class 9 students understand every sub-topic of All topics. Daily practice will improve speed, accuracy and answering competency-based questions.
Yes, all printable assignments for Class 9 Hindi All topics are available for free download in mobile-friendly PDF format.