UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 Loktantra Kya Loktantra Kyon

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 9 Social Science. Our expert-created answers for Class 9 Social Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों UP Board Solutions for Class 9 Social Science

For Class 9 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 9 Social Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों solutions will improve your exam performance.

Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों UP Board Solutions PDF

UP Board Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 लोकतंत्र लोकतन्त्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 9 Social Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 लोकतंत्र लोकतन्त्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. यहाँ चार देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे? इनके सामने 'लोकतांत्रिक', 'अलोकतांत्रिक' और 'पक्का नहीं लिखें।
(क) देश क : जो लोग देश के आधिकारिक धर्म को नहीं मानते उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं है।
(ख) देश ख : एक ही पार्टी बीते वर्षों से चुनाव जीतती आ रही है।
(ग) देश ग : पिछले तीन चुनावों में शासक दल को पराजय को मुँह देखना पड़ा।
(घ) देश घ : यहाँ स्वतन्त्र चुनाव आयोग नहीं है।
Answer:
(क) अलोकतांत्रिक
(ख) पक्का नहीं
(ग) लोकतांत्रिक
(घ) अलोकतांत्रिक
In simple words: यह प्रश्न विभिन्न देशों की विशेषताओं के आधार पर उन्हें लोकतांत्रिक, अलोकतांत्रिक या 'पक्का नहीं' में वर्गीकृत करने के लिए है। प्रत्येक देश की दी गई सूचना का विश्लेषण करके लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप वर्गीकरण किया गया है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की बुनियादी विशेषताओं (स्वतंत्र चुनाव, नागरिक अधिकार, पारदर्शिता) को समझना और विभिन्न देशों की शासन प्रणालियों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. यहाँ चार अन्य देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ दी गई हैं। इन सूचनाओं के आधार पर इन देशों का वर्गीकरण आप किस तरह करेंगे? इनके आगे 'लोकतांत्रिक', 'अलोकतांत्रिक' और 'पक्का नहीं लिखें।
(क) देश च : संसद सेना प्रमुख की मंजूरी के बिना सेना के बारे में कोई कानून नहीं बना सकती।
(ख) देश छ : संसद न्यायपालिका के अधिकारों में कटौती का कानून नहीं बना सकती।
(ग) देश जे : देश के नेता बिना पड़ोसी देश की अनुमति के किसी और देश से संधि नहीं कर सकते।
(घ) देश झ : देश के अधिकांश फैसले केन्द्रीय बैंक के अधिकारी करते हैं जिसे मंत्री भी नहीं बदल सकते ।
Answer:
(क) अलोकतांत्रिक
(ख) लोकतांत्रिक
(ग) अलोकतांत्रिक
(घ) अलोकतांत्रिक
In simple words: इस प्रश्न में विभिन्न देशों के शासन से जुड़ी जानकारी दी गई है, जिसके आधार पर उन्हें लोकतांत्रिक या अलोकतांत्रिक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिक और न्यायपालिका की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण होती है, जबकि अलोकतांत्रिक व्यवस्था में ये सीमित होती हैं।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक शासन में शक्तियों का पृथक्करण और नागरिक अधिकारों का संरक्षण महत्वपूर्ण मानदंड हैं। अलोकतांत्रिक शासन में अक्सर सेना या गैर-निर्वाचित अधिकारियों का अत्यधिक प्रभाव होता है।

 

Question 3. इनमें से कौन-सा तर्क लोकतंत्र के पक्ष में अच्छा नहीं है और क्यों?
(क) लोकतन्त्र में लोग खुद को स्वतंत्र और समान मानते हैं।
(ख) लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ दूसरों की तुलना में टकरावों को ज्यादा अच्छी तरह सुलझाती हैं।
(ग) लोकतांत्रिक सरकारें लोगों के प्रति ज्यादा उत्तरदायी होती हैं।
(घ) लोकतांत्रिक देश दूसरों की तुलना में ज्यादा समृद्ध होते हैं।
Answer:
(घ) एक लोकतंत्रीय राज्य अन्य राज्यों की तुलना में अधिक समृद्ध हो, ऐसा होना आवश्यक नहीं है। देश विदेश के लोगों की समृद्धि और खुशहाली देश के आर्थिक विकास पर निर्भर करती है न कि सरकार के स्वरूप पर। हमें ऐसे अनेक उदाहरण सरलता से प्राप्त हो जाएँगे कि देश में लोकतांत्रिक सरकार विद्यमान होते हुए भी वहाँ के लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश आज भी आर्थिक रूप से विकसित हो रहे हैं। जबकि संयुक्त अरब अमीरात जैसे राजतंत्र वाले देश आर्थिक रूप से समृद्ध हैं।
In simple words: लोकतंत्र का यह दावा कि वह हमेशा आर्थिक रूप से समृद्ध होता है, सही नहीं है। आर्थिक समृद्धि कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है, न कि केवल शासन प्रणाली पर।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र के गुणों और सीमाओं को स्पष्ट रूप से समझना महत्वपूर्ण है। आर्थिक समृद्धि का प्रत्यक्ष संबंध हमेशा लोकतांत्रिक शासन से नहीं होता, यह अन्य कारकों पर भी निर्भर करती है।

 

Question 4. इन सभी कथनों में कुछ चीजें लोकतांत्रिक हैं तो कुछ अलोकतांत्रिक । हर कथन में इन चीजों को अलग अलग करके लिखें ।
(क) एक मंत्री ने कहा कि संसद को कुछ कानून पास करने होंगे जिससे विश्व व्यापार संगठनों द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके ।
(ख) चुनाव आयोग ने एक चुनाव क्षेत्र के सभी मतदान केन्द्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया जहाँ बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ की गई थी।
(ग) संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व कभी भी 1 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है। इसी कारण महिला संगठनों ने संसद में एक-तिहाई आरक्षण की माँग की है।
Answer:
(क) लोकतांत्रिक चीज : “संसद को कुछ कानून पास करने होंगे।'
अलोकतांत्रिक चीज : “विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके ।
(ख) लोकतांत्रिक चीज : “चुनाव आयोग ने किसी चुनाव क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया ।”
अलोकतांत्रिक चीज : “बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ हुई थी ।
(ग) लोकतांत्रिक चीज : “इसी के कारण महिला संगठनों ने एक तिहाई आरक्षण की माँग की है।”
अलोकतांत्रिक चीज : “संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व कभी भी 10 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है।”
In simple words: इस प्रश्न में विभिन्न स्थितियों को लोकतांत्रिक और अलोकतांत्रिक तत्वों में विभाजित किया गया है। स्वतंत्र चुनाव, नियमों का पालन और प्रतिनिधित्व की मांग लोकतांत्रिक तत्व हैं, जबकि बाहरी दबाव या धोखाधड़ी अलोकतांत्रिक तत्व हैं।

🎯 Exam Tip: किसी भी स्थिति के लोकतांत्रिक और अलोकतांत्रिक पहलुओं को पहचानने की क्षमता विकसित करें। स्वतंत्र संस्थाओं की भूमिका और नागरिक समाज की मांगों पर ध्यान दें।

 

Question 5. लोकतन्त्र में अकाल और भुखमरी की संभावना कम होती है। यह तर्क देने का इनमें से कौन-सा कारण सही नहीं है?
(क) विपक्षी दल भूख और भुखमरी की ओर सरकार को ध्यान दिला सकते हैं।
(ख) स्वतंत्र अखबार देश के विभिन्न हिस्सों में अकाल की स्थिति के बारे में खबरें दे सकते हैं।
(ग) सरकार को अगले चुनाव में अपनी पराजय का डर होता है।
(घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।
Answer: (घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।
In simple words: अकाल और भुखमरी को रोकने में लोकतांत्रिक सरकार की जवाबदेही, विपक्षी दलों और मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 'लोगों को तर्क मानने की स्वतंत्रता' सीधे तौर पर अकाल से निपटने में सरकार की जिम्मेदारी से संबंधित नहीं है।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जवाबदेही, प्रेस की स्वतंत्रता और विपक्षी दलों की भूमिका को समझें। ये कारक संकटों के प्रभावी प्रबंधन में सहायक होते हैं।

 

Question 6. किसी जिले में 40 ऐसे गाँव हैं जहाँ सरकार ने पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है। इन गाँवों के लोगों ने एक बैठक की और अपनी जरूरतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कई तरीकों पर विचार किया। इनमें से कौन-सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है।
(क) अदालत में पानी को अपने जीवन के अधिकार का हिस्सा बताते हुए मुकदमा दायर करना।
(ख) अगले चुनाव का बहिष्कार करके सभी पार्टियों को संदेश देना।
(ग) सरकारी नीतियों के खिलाफ जन-सभाएँ करना।
(घ) सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।
Answer: (घ) यह एक अलोकतांत्रिक तरीका है।
In simple words: लोकतांत्रिक तरीकों में अदालत का सहारा लेना, चुनाव का बहिष्कार करना और जनसभाएँ करना शामिल हैं। रिश्वत देना एक गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक तरीका है क्योंकि यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक विरोध के वैध तरीकों को समझें, जिनमें कानूनी मार्ग, राजनीतिक दबाव और सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल हैं। भ्रष्टाचार के माध्यम से समाधान खोजना अलोकतांत्रिक है।

 

Question 7. लोकतन्त्र के खिलाफ दिए जाने वाले इन तर्को का जवाब दीजिए
(क) सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है। इसलिए सेना को देश का शासन करना चाहिए।
(ख) बहुमत के शासन का मतलब है मूख और अशिक्षितों का राज। हमें तो होशियारों की जरूरत है, भले ही उनकी संख्या कम क्यों न हो ।
(ग) अगर आध्यात्मिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए हमें धर्म-गुरुओं की जरूरत होती है तो उन्हीं को राजनैतिक मामलों में मार्गदर्शन का काम क्यों नहीं सौंपा जाए। देश पर धर्म गुरुओं का शासन होना चाहिए।
Answer:
(क) किसी देश की सेना रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है लेकिन यह लोगों द्वारा निर्वाचित नहीं है। इसलिए एक लोकतांत्रिक सरकार का गठन नहीं कर सकती है। निश्चय ही सेना सर्वाधिक अनुशासित एवं भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है फिर भी कोई व्यक्ति इस बात की गारण्टी नहीं दे सकता है कि सेना तानाशाह नहीं बनेगी। सैन्य शासन के अधीन नागरिकों के सभी मौलिक अधिकार छीन लिए जाएँगे । उदाहरण के लिए, जनरल ऑगस्तों पिनोशे के शासन के अधीन चिली के लोगों को अनेक कष्ट भोगने पड़े थे ।
(ख) किसी भी देश के सभी लोग कुछ सीमा तक समझदार होते हैं। सार्वभौम वयस्क मताधिकार सिद्धान्त के अनुसार भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मताधिकार प्रदान किया गया है। समाज के कुछ वर्गों की उपेक्षा करना उचित नहीं है।
(ग) तीसरा कथन उपयुक्त नहीं है। राजनीति में धर्म को शामिल करने से खतरनाक विवाद उत्पन्न हो सकता है क्योंकि भारत में अनेक धर्मों के लोग साथ-साथ रहते हैं ऐसे में किसी एक धर्म के धर्मगुरुओं को राज्य के संचालन का कार्य सौंप देने से देश में साम्प्रदायिक संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं। वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी धार्मिक नेता द्वारा सफल शासन संचालन का उदाहरण प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में धर्म को राजनीति से पृथक् रखना ही उचित है। राजनीति में धर्म का हस्तक्षेप विनाशकारी होता है। अतः सत्ता को धर्म-निरपेक्ष होना चाहिए और धार्मिक विश्वास के मामले को व्यक्ति की उसकी रुचि पर छोड़ देना चाहिए ।
In simple words: इस प्रश्न में लोकतंत्र के खिलाफ दिए गए तर्कों का खंडन किया गया है। सेना का शासन अलोकतांत्रिक है क्योंकि वह निर्वाचित नहीं होती; वयस्क मताधिकार सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है; और धर्म को राजनीति से अलग रखना चाहिए ताकि सांप्रदायिक संघर्षों से बचा जा सके।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक शासन के सिद्धांतों (प्रतिनिधित्व, समानता, धर्मनिरपेक्षता) को समझें और इन सिद्धांतों के विरुद्ध दिए गए तर्कों का खंडन करने की क्षमता विकसित करें।

 

Question 8. इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
(क) बेटी से बाप : मैं शादी के बारे में तुम्हारी राय सुनना नहीं चाहता। हमारे परिवार में बच्चे वहीं शादी करते हैं जहाँ माँ-बाप तय कर देते हैं।
(ख) छात्र से शिक्षक : कक्षा में सवाल पूछकर ध्यान मत बँटाओ ।
(ग) अधिकारियों से कर्मचारी : हमारे काम करने के घंटे कानून के अनुसार कम किए जाने चाहिए।
Answer:
(क) पहला कथन लोकतांत्रिक नहीं है क्योंकि बेटी को उसकी शादी के बारे में अपना मत प्रकट करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। बेटी को दूसरे लोगों द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए । विवाह के पश्चात् बेटी को ही अपने पति के साथ जीवन-निर्वाह करना होता है। इसलिए बेटी के विवाह में पति का चयन करते समय बेटी के विचार को महत्त्व दिया जाना चाहिए।
(ख) दूसरी कथन लोकतांत्रिक नहीं है क्योंकि छात्र को प्रश्न पूछ कर अपने मन में उत्पन्न संशय का समाधान करने का पूरा अधिकार है। अध्यापक द्वारा छात्र को प्रश्न पूछने से रोकना अलोकतांत्रिक है। उपयुक्त तो यह होता है कि शिक्षक छात्रों से कहें कि कक्षा समाप्त होने के पश्चात् छात्र अपने मन में उठे विषय से सम्बन्धित प्रश्नों का समाधान करें। शिक्षक को छात्रों के प्रश्नों का निश्चय ही समाधान करना चाहिए।
(ग) यह कथन लोकतांत्रिक है क्योंकि वह ऐसे नियम या कानून की माँग करता है जो कर्मचारियों के लिए लाभप्रद है। कर्मचारी कानूनी मानकों के अनुरूप अपने अधिकारी से किसी चीज की माँग कर सकते हैं। अतः यह कथन लोकतांत्रिक मूल्यों के सापेक्ष है।
In simple words: लोकतांत्रिक व्यवहार में विचारों की स्वतंत्रता, समानता और कानूनी अधिकारों का सम्मान शामिल है। बेटी की शादी और छात्र के सवाल पर निर्णय लेना अलोकतांत्रिक है, जबकि कर्मचारियों के अधिकारों की मांग करना लोकतांत्रिक है।

🎯 Exam Tip: व्यक्तिगत और सामाजिक संदर्भों में लोकतांत्रिक मूल्यों (समानता, स्वतंत्रता, अधिकार) को पहचानें। छात्रों को प्रश्न पूछने और बेटियों को अपनी शादी के बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. एक देश के बारे में निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें और फैसला करें कि आप इसे लोकतंत्र कहेंगे या नहीं। अपने फैसले के पीछे के तर्क भी बताएँ।।
(क) देश के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार है और चुनाव नियमित रूप से होते हैं।
(ख) देश ने अन्तर्राष्ट्रीय एजेंसियों से ऋण लिया। ऋण के साथ यह एक शर्त जुड़ी थी कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर अपने खर्चे में कमी करेगी।
(ग) लोग सात से ज्यादा भाषाएँ बोलते हैं पर शिक्षा का माध्यम सिर्फ एक भाषा है, जिसे देश के 52 फीसदी लोग बोलते हैं।
(घ) सरकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने और देश भर में हड़ताल करने का आह्वान किया है। सरकार ने उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
(ङ) देश के रेडियो और टेलीविजन चैनल सरकारी हैं। सरकारी नीतियों और विरोध के बारे में खबर छापने के लिए अखबारों को सरकार से अनुमति लेनी होती है।
Answer:
(क) सभी नागरिकों को समानता के सिद्धान्त पर मताधिकार देना और नियमित चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली के अनुरूप है परन्तु चुनाव स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष होना चाहिए।
(ख) वह देश लोकतांत्रिक हो सकता है यदि ऋण लेने वाली सरकार जनता द्वारा निर्वाचित है।
(ग) वह राज्य लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता क्योंकि नागरिकों को अपनी भाषा में शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं है।
(घ) सभी लोकतांत्रिक राज्य अपने नागरिकों को हड़ताल करने का अधिकार देते हैं, इससे राज्य अलोकतांत्रिक नहीं बन जाता ।
(ङ) यह अलोकतांत्रिक है। रेडियो तथा टेलीविजन सरकारी नहीं होना चाहिए। लोगों को समाचार-पत्रों, रेडियो तथा टेलीविजन द्वारा अपने विचार प्रकट करने तथा सरकार की जन-विरोधी नीतियों की आलोचना करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए ।
In simple words: एक लोकतांत्रिक देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, नागरिक अधिकार, भाषाई समानता और मीडिया की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है। ऋण की शर्तें, भाषाई भेदभाव, विरोध पर दमन और सरकारी मीडिया नियंत्रण अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियाँ हैं।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र के विभिन्न स्तंभों (चुनाव, अधिकार, स्वतंत्रता, मीडिया) को पहचानें और समझें कि इनमें से किसी भी स्तंभ का उल्लंघन देश के लोकतांत्रिक स्वरूप को कैसे प्रभावित करता है।

 

Question 10. अमेरिका के बारे में 2004 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार वहाँ के समाज में असमानता बढ़ती जा रही है। आमदनी की असमानता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों की भागीदारी घटने-बढ़ने के रूप में भी सामने आई। इन समूहों की सरकार के फैसलों पर असर डालने की क्षमता भी इससे प्रभावित हुई है। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें थीं
(क) सन् 2004 में एक औसत अश्वेत परिवार की आमदनी 100 डालर थी जबकि गोरे परिवार की आमदनी 162 डालर / औसत गोरे परिवार के पास अश्वेत परिवार से 12 गुना ज्यादा सम्पत्ति थी।
(ख) राष्ट्रपति चुनाव में 75,000 डालर से ज्यादा आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से 9 लोगों ने वोट डाले थे। यही लोग आमदनी के हिसाब से समाज के ऊपरी 20 फीसदी में आते हैं। दूसरी ओर 15,000 डालर से कम आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से सिर्फ 5 लोगों ने ही वोट डाले। आमदनी के हिसाब से ये लोग सबसे निचले 20 फीसदी हिस्से में आते हैं।
(ग) राजनैतिक दलों का करीब 95 फीसदी चंदा अमीर परिवारों से ही आता है। इससे उन्हें अपनी राय और चिंताओं से नेताओं को अवगत कराने का अवसर मिलता है। यह सुविधा देश के अधिकांश नागरिकों को उपलब्ध नहीं है।
(घ) जब गरीब लोग राजनीति में कम भागीदारी करते हैं तो सरकार भी उनकी चिंताओं पर कम ध्यान देती हैगरीबी दूर करना, रोजगार देना, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करने पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना दिया जाना चाहिए। राजनेता अक्सर अमीरों और व्यापारियों की चिंताओं पर ही नियमित रूप से गौर करते हैं।
इस रिपोर्ट की सूचनाओं को आधार बनाकर और भारत के उदाहरण देते हुए 'लोकतंत्र और गरीबी' पर एक लेख लिखें।
Answer: भारत में आर्थिक आधार पर अत्यधिक असमानता पायी जाती है। समाज में एक वैभवशाली, साधन सम्पन्न विलासी वर्ग है तो वहीं ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें वक्त की रोटी भी मुश्किल से मिल पाती है। इससे स्पष्ट है कि लोगों की आय में अत्यधिक असमानता पायी जाती है। मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार भारत में 26 प्रतिशत लोग गरीबी की श्रेणी में आते हैं। निर्धनता अनेक सामाजिक और आर्थिक बुराइयों को जन्म देती है। निर्धन व्यक्ति को हमेशा अपने भरणपोषण की चिन्ता सताती रहती है। ऐसे में उसके पास समाज और देश की समस्याओं के बारे में विचार करने का न तो समय होता है और न ही इच्छा । गरीब व्यक्ति चुनाव लड़ना तो दूर उसके बारे में मुश्किल से सोच पाता है क्योंकि उसके सामने आर्थिक समस्याओं का पहाड़ खड़ा रहता है। राजनीतिक दल पूँजीपतियों से पार्टी फण्ड में चन्दा लेते हैं, इसलिए यह आम धारणा है कि सरकार पर पूँजीपतियों का नियंत्रण है। प्रत्येक राजनीतिक दल गरीबों की गरीबी का राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है। चुनाव के समय सभी राजनीतिक दल गरीबी उन्मूलन की बात तो करते हैं किन्तु सत्ता में आने के बाद वे अपने इस वायदे को भूल जाते हैं। निर्धनता ने अनेक हिंसात्मक आन्दोलनों को जन्म दिया है। निश्चय ही निर्धनता भारतीय लोकतन्त्र की सफलता में बहुत बड़ी बाधा है।
In simple words: यह रिपोर्ट अमेरिका में बढ़ती आय असमानता और लोकतांत्रिक भागीदारी पर इसके प्रभाव को दर्शाती है। भारत में भी गरीबी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालती है क्योंकि गरीब लोग राजनीतिक रूप से कम सक्रिय होते हैं, और राजनेता अक्सर अमीरों के हितों को प्राथमिकता देते हैं।

🎯 Exam Tip: आर्थिक असमानता और राजनीतिक भागीदारी के बीच के संबंध को समझें। लोकतंत्र में धन और सत्ता के बीच का जटिल रिश्ता अक्सर गरीबों के हितों की उपेक्षा की ओर ले जाता है, जो इसकी सफलता के लिए एक बड़ी चुनौती है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. सार्वभौम वयस्क मताधिकार से क्या आशय है?
Answer: भारत में 18 वर्ष से अधिक की आयु का कोई भी नागरिक चाहे वह किसी भी जाति, रंग, सम्प्रदाय या सामाजिक स्थिति का हो उसे मतदान का अधिकार है।
In simple words: सार्वभौम वयस्क मताधिकार का अर्थ है कि देश के सभी वयस्क नागरिकों को, बिना किसी भेदभाव के, वोट डालने का अधिकार है।

🎯 Exam Tip: सार्वभौम वयस्क मताधिकार लोकतंत्र का एक आधारभूत सिद्धांत है जो समानता सुनिश्चित करता है।

 

Question 2. डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति किस भाषा के शब्द से हुई है?
Answer: डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द डीमोस (Demos) तथा क्रेशिया (Cratia) से हुई है, 'डीमोस' का अर्थ है जनता (लोग) तथा 'क्रेशिया' का अर्थ है शासन । अतः लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें देश का शासन जनता के हाथों में होता है।
In simple words: 'डेमोक्रेसी' शब्द ग्रीक भाषा के 'डीमोस' (जनता) और 'क्रेशिया' (शासन) से बना है, जिसका अर्थ है जनता का शासन।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की व्युत्पत्ति को जानना इसके मूल अर्थ और सिद्धांत को समझने में मदद करता है।

 

Question 3. अधिनायकवाद (तानाशाही ) का अर्थ स्पष्ट कीजिए ।
Answer: तानाशाही शासन का वह रूप है जिसमें शासन की सत्ता एक ही व्यक्ति अथवा एक ही राजनैतिक दल के हाथों में होती है। तानाशाह (अधिनायक) अपनी शक्तियों का प्रयोग अपनी इच्छानुसार करता है और वह किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं होता । नागरिकों को तानाशाह अथवा उसकी नीतियों की आलोचना करने का अधिकार नहीं होता। उसका कार्यकाल निश्चित नहीं होता और वह तब तक अपने पद पर बना रहता है जब तक शासन की शक्ति उसके हाथों में रहती है।
In simple words: तानाशाही एक ऐसी शासन प्रणाली है जहाँ सारी शक्ति एक व्यक्ति या एक दल के पास होती है, जो अपनी इच्छा से शासन करता है और जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होता।

🎯 Exam Tip: अधिनायकवाद की विशेषताओं को समझना लोकतांत्रिक शासन से इसके अंतर को स्पष्ट करता है।

 

Question 4. लोकतांत्रिक सरकार की सीमाएँ बताइए ।
Answer: एक लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है। इसमें कानून का शासन होता है जिससे सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है।
In simple words: एक लोकतांत्रिक सरकार संविधान और नागरिक अधिकारों द्वारा सीमित होती है, जहाँ कानून का शासन होता है।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक सरकार की संवैधानिक सीमाएं नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हैं और सत्ता के दुरुपयोग को रोकती हैं।

 

Question 5. लोकतन्त्र लोगों की गरिमा में वृद्धि करता है। व्याख्या करें।
Answer: राजनीतिक समानता पर आधारित होने के कारण लोकतन्त्र यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े लिखे लोगों की समाज में वही स्थिति है जो अमीर व शिक्षित लोगों की है। लोकतंत्र में लोग शासक की प्रजा नहीं बल्कि स्वयं शासक हैं।
In simple words: लोकतंत्र लोगों की गरिमा बढ़ाता है क्योंकि यह सभी नागरिकों को राजनीतिक रूप से समान मानता है, भले ही उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, और उन्हें शासक के रूप में देखता है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र का एक प्रमुख लाभ यह है कि यह राजनीतिक समानता के माध्यम से सभी नागरिकों की गरिमा और आत्म-सम्मान को बढ़ावा देता है।

 

Question 6. लोकतांत्रिक व्यवस्था दूसरों से बेहतर है क्योंकि लोकतंत्र मतभेदों और टकरावों को संभालने का तरीका उपलब्ध कराता है। व्याख्या करें।
Answer: किसी भी समाज में लोगों के हितों और विचारों में अन्तर होता है। भारत की तरह भारी सामाजिक विविधता वाले देश में इस तरह का अन्तर और भी ज्यादा होता है। भारत में विभिन्न भाषा, क्षेत्र, जाति, धर्म के लोग रहते हैं। इनके रहन-सहन में भी अन्तर है। एक समूह की पसंद और दूसरे समूह की पसंद में टकराव भी होता है। लोकतन्त्र इस समस्या का एकमात्र शांतिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। लोकतांत्रिक सरकार विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सामंजस्य कराता है।
In simple words: लोकतंत्र विभिन्न सामाजिक समूहों के मतभेदों और टकरावों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का अवसर प्रदान करता है, जिससे समाज में सामंजस्य स्थापित होता है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की यह विशेषता, कि यह मतभेदों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करता है, इसकी स्थिरता और समावेशिता के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. बेहतर सरकार और सामाजिक जीवन पर प्रभाव की दृष्टि से तीन तर्क दीजिए जो लोकतन्त्र को सुदृढ़ सिद्ध करते हैं।
Answer:
(क) लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिक अधिकार और सम्मान में वृद्धि होती है।
(ख) लोकतन्त्र में अन्य शासकीय व्यवस्थाओं की तुलना में नागरिक की स्थिति अच्छी होती है।
(ग) लोकतन्त्र राजनीतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है, यहाँ सबसे गरीब और अनपढ़ को भी वही दर्जा प्राप्त है जो अमीर और पढ़े लिखे लोगों को है। लोग किसी शासक की प्रजा न होकर खुद अपने शासक हैं।
In simple words: लोकतंत्र नागरिकों के अधिकारों और सम्मान को बढ़ाता है, उन्हें राजनीतिक रूप से समान मानता है, और उनकी स्थिति को अन्य शासन प्रणालियों की तुलना में बेहतर बनाता है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र के इन तीन मुख्य तर्कों (नागरिक अधिकार, राजनीतिक समानता, बेहतर नागरिक स्थिति) को याद रखना इसके महत्व को समझने में सहायक होगा।

 

Question 8. लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी गलती सुधारने का अवसर मिलता है। स्पष्ट कीजिए ।
Answer: ऐसा कोई शासन तन्त्र नहीं जिसमें शासन तन्त्र से कोई गलती न हो चाहे वह लोकतन्त्र ही क्यों न हो। लेकिन लोकतन्त्र में गलतियों पर विचार-विमर्श करने और उसे सुधारने की संभावना अन्तर्निहित होती है। इसका आशय यह है कि या तो शासक समूह अपना निर्णय बदले या फिर शासक समूह को ही बदला जा सकता है। गैरलोकतांत्रिक सरकारों में ऐसा नहीं किया जा सकता है।
In simple words: लोकतंत्र में गलतियाँ स्वाभाविक हैं, लेकिन इसमें गलतियों को पहचानने, उन पर चर्चा करने और उन्हें सुधारने की आंतरिक क्षमता होती है, या तो नीतियों को बदलकर या शासकों को ही बदलकर।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की यह क्षमता कि वह अपनी गलतियों से सीखकर खुद को सुधार सकता है, इसे अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर बनाती है।

 

Question 9. जिम्बाब्वे की लोकतांत्रिक व्यवस्था ने किस तरह का उदाहरण प्रस्तुत किया है?
Answer: जिम्बाब्वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि शासकों द्वारा जनता का विश्वास पाने के लिए बार-बार जनादेश पाना लोकतन्त्र की एक आवश्यकता है पर इतना ही पर्याप्त नहीं है। लोकप्रिय नेता भी अलोकतांत्रिक हो सकते हैं। लोकप्रिय नेता भी तानाशाह हो सकते हैं। जिम्बाब्वे के नेता रॉबर्ट मुगाबे अत्यधिक लोकप्रिय नेता हैं। स्वतन्त्रता के बाद से ही शासन कर रहे हैं। चुनाव नियमित रूप से होते हैं और सदा जानु पी. एफ. दल ही चुनावों में जीतता आया है। चुनाव जीतने के लिए गलत तरीके भी अपनाए जाते हैं। अतः यह उदाहरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संदेश नहीं है।
In simple words: जिम्बाब्वे का उदाहरण दिखाता है कि लोकप्रिय नेता भी अलोकतांत्रिक बन सकते हैं, जहाँ नियमित चुनाव तो होते हैं लेकिन वे निष्पक्ष नहीं होते और नेता सत्ता में बने रहने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि सिर्फ चुनाव होना ही लोकतंत्र की गारंटी नहीं है; चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए और सत्ता का सम्मान होना चाहिए।

 

Question 10. मैक्सिको में पी. आर. आई. पार्टी निरन्तर 2000 ई. से किस तरह से सत्ता में बनी हुई है? स्पष्ट कीजिए ।
Answer: मैक्सिको का यह राजनीतिक दल चुनाव में हर तरह के हथकण्डे अपनाकर किसी न किसी तरह चुनाव जीतने का प्रयास करती रही है और इसमें सफल भी रही थी। सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले सभी लोगों के लिए पार्टी की बैठकों में जाना अनिवार्य था। सरकारी स्कूलों के अध्यापक अपने विद्यार्थियों के माता-पिता से पी.आर.आई. को वोट देने को कहते थे। कई बार अन्तिम क्षणों में मतदान केन्द्रों को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह कर दिया जाता था जिससे अनेक लोग वोट नहीं डाल पाते थे । पी.आर.आई. राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के चुनाव अभियान में काफी धन खर्च करती थी।
In simple words: मैक्सिको में पी.आर.आई. पार्टी ने 2000 तक सत्ता में बने रहने के लिए विभिन्न चुनावी हथकंडों का इस्तेमाल किया, जैसे सरकारी कर्मचारियों पर दबाव डालना, मतदान केंद्रों में हेरफेर करना और चुनाव अभियान में अत्यधिक धन खर्च करना।

🎯 Exam Tip: यह उदाहरण दिखाता है कि कैसे लोकतांत्रिक दिखने वाली प्रक्रियाओं को भी सत्ताधारी दल द्वारा हेरफेर करके अलोकतांत्रिक बनाया जा सकता है। निष्पक्ष चुनाव के लिए स्वतंत्र और समान अवसर महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 11. चीन में सांसद का चुनाव किस प्रकार किया जाता है?
Answer: चीन की संसद 'राष्ट्रीय जन संसद' कहलाती है। चीन की संसद हेतु प्रत्येक पाँचवें वर्ष नियमित रूप से चुनाव होता है। इस संसद को देश का राष्ट्रपति नियुक्त करने का अधिकार है। इसमें पूरे देश से लगभग 3,000 सदस्य आते हैं। कुछ सदस्यों का चुनाव सेना भी करती है। चुनाव लड़ने से पहले सभी उम्मीदवारों को चीनी कम्युनिष्ट पार्टी से मंजूरी लेनी होती है। 2002-03 ई. में हुए चुनावों में सिर्फ कम्युनिस्ट पार्टी और उससे सम्बद्ध कुछ छोटी पार्टियों के सदस्यों को ही चुनाव लड़ने की अनुमति मिली। सरकार सदा कम्युनिष्ट पार्टी की ही बनती है।
In simple words: चीन में 'राष्ट्रीय जन संसद' के चुनाव हर पांच साल में होते हैं, लेकिन सभी उम्मीदवारों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से मंजूरी लेनी पड़ती है, जिससे केवल कम्युनिस्ट पार्टी और उसकी सहयोगी छोटी पार्टियों के सदस्य ही चुनाव लड़ पाते हैं।

🎯 Exam Tip: चीन का चुनाव मॉडल दर्शाता है कि बाहरी तौर पर चुनाव होने के बावजूद, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और विकल्प की कमी के कारण यह एक अलोकतांत्रिक व्यवस्था है।

 

Question 12. ऐसे दो देशों का उदाहरण दीजिए जहाँ नागरिकों को मतदान के समान अधिकार नहीं हैं?
Answer: एस्टोनिया ने अपने यहाँ नागरिकता के नियम कुछ इस तरह बनाए हैं कि रूसी अल्पसंख्यक समाज के
1. लोगों को मतदान का अधिकार हासिल करने में मुश्किल होती है।
2. फिजी की चुनाव प्रणाली में वहाँ के मूल निवासियों के वोट का महत्त्व भारतीय मूल के फिजी नागरिक के वोट से ज्यादा है।
In simple words: एस्टोनिया में रूसी अल्पसंख्यकों को मतदान अधिकार मिलने में कठिनाई होती है, और फिजी में मूल निवासियों के वोट का मूल्य भारतीय मूल के नागरिकों के वोट से अधिक होता है, जिससे मतदान में असमानता दिखती है।

🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' का सिद्धांत कितना महत्वपूर्ण है। जहां यह सिद्धांत लागू नहीं होता, वहां वास्तविक लोकतंत्र की कमी होती है।

 

Question 13. अर्थशास्त्रियों के अनुसार चीन में पड़े भयंकर अकाल के कारण तीन करोड़ से अधिक लोगों के मरने का प्रमुख कारण क्या था?
Answer: अर्थशास्त्रियों के अनुसार चीन में पड़े भयंकर अकाल के कारण तीन करोड़ से अधिक लोगों के मरने का मुख्य कारण वहाँ पर साम्यवादी शासन व्यवस्था को माना गया है।
In simple words: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चीन में 1958-1961 के भयानक अकाल से तीन करोड़ से अधिक लोगों की मौत का मुख्य कारण वहां की साम्यवादी शासन व्यवस्था थी, जिसने सूचनाओं को दबाया और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया नहीं दी।

🎯 Exam Tip: अलोकतांत्रिक शासन प्रणालियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी कैसे बड़े मानवीय संकटों को जन्म दे सकती है, इसे समझना महत्वपूर्ण है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. लोकतन्त्र की प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।
Answer: लोकतन्त्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
1. एक लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक वयस्क नागरिक को एक वोट देने का अधिकार है और प्रत्येक वोट का समान | महत्त्व है। कोई भी नागरिक किसी भी जाति, धर्म, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का हो वह किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ सकता है जिसका अर्थ यह है कि सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है।
2. एक लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है।
3. लोकतांत्रिक देशों में शासकों का चयन जनता करती है जो सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।
4. इसमें स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव लोगों के सामने वर्तमान शासकों को बदलने का एक विकल्प एवं अच्छा अवसर प्रदान करते हैं।
5. चुनाव के पहले और बाद में भी विपक्षी दलों को स्वतन्त्र रूप से काम करते रहने की अनुमति है।
6. इसमें अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता होती है और लोग मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं।
7. ऐसी सरकारें राजनैतिक समानता के मौलिक सिद्धान्त पर आधारित होते हैं।
In simple words: लोकतंत्र में सभी वयस्क नागरिकों को समान मतदान का अधिकार होता है, सरकारें संवैधानिक कानूनों और नागरिक अधिकारों के तहत काम करती हैं, चुनाव स्वतंत्र व निष्पक्ष होते हैं, और लोगों को अपने विचार व्यक्त करने व मौलिक अधिकारों का प्रयोग करने की स्वतंत्रता होती है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की इन सात विशेषताओं को याद रखें क्योंकि ये किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार स्तंभ हैं और इसके सफल संचालन के लिए अनिवार्य हैं।

 

Question 2. लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख दोषों का उल्लेख कीजिए।
Answer: लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख दोष इस प्रकार हैं
1. लोकतंत्र भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है क्योंकि यह चुनावी प्रतिस्पर्धा पर आधारित है।
2. निर्वाचित नेता लोगों के सर्वश्रेष्ठ हितों से परिचित नहीं होते हैं। ऐसे में वे अनेक गलत निर्णय करते हैं जिससे जन सामान्य को कष्ट होता है।
3. लोकतन्त्र में नेता बदलते रहते हैं। यह अस्थिरता का कारण बनता है।
4. लोकतन्त्र राजनैतिक प्रतिद्वन्दिता एवं शक्ति का खेल है। इसमें नैतिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
5. जनसाधारण को यह पता नहीं होता है कि उनके लिए क्या करना अच्छा है, उन्हें कोई निर्णय नहीं लेने दिया जाता है।
In simple words: लोकतंत्र के प्रमुख दोषों में भ्रष्टाचार, अस्थिरता, नैतिक मूल्यों की कमी, जनता की निर्णय लेने में अनभिज्ञता, और कभी-कभी नेताओं का जनहित से भटकना शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की आलोचनाओं को जानना इसके सुधार के क्षेत्रों को समझने में मदद करता है। इन दोषों को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. प्रत्यक्ष लोकतन्त्र को स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में राज्य की इच्छा जनता द्वारा आम सभाओं के माध्यम से प्रकट की जाती है। इसमें जनता अपने प्रतिनिधियों को निर्वाचित करके नहीं भेजती, वरन् स्वयं एकत्रित होकर अधिकारियों को नियुक्त करती है, कर निर्धारित करती है तथा कानून बनाती है। ऐसा प्रजातन्त्र छोटे-छोटे राज्यों में ही स्थापित किया जा सकता है। प्राचीन यूनान तथा रोम के नगर-राज्यों में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र प्रणाली प्रचलित थी। आधुनिक राष्ट्र राज्यों में इसे लागू नहीं किया जा सकता फिर भी स्विट्जरलैण्ड के कुछ कैंटनों, अमेरिका तथा रूस के कुछ राज्यों तथा गणतन्त्रों में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की व्यवस्था है। प्रत्यक्ष प्रजातंत्र के आधुनिक साधनों में जनमत संग्रह, प्रस्तावाधिकार तथा प्रत्यावर्तन के साधन हैं। इन साधनों द्वारा मतदाता कानून के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकते हैं। जनमत संग्रह का थोड़ा-बहुत प्रयोग अन्य देशों में भी किया जाता है।
In simple words: प्रत्यक्ष लोकतंत्र वह प्रणाली है जहाँ नागरिक सीधे तौर पर शासन में भाग लेते हैं, कानूनों का निर्माण करते हैं, और अधिकारियों को नियुक्त करते हैं, न कि प्रतिनिधियों के माध्यम से।

🎯 Exam Tip: प्रत्यक्ष लोकतंत्र की अवधारणा और इसके उदाहरणों को समझें, विशेष रूप से यह कैसे बड़े और छोटे राज्यों में लागू होता है। जनमत संग्रह जैसे आधुनिक साधन इसके उदाहरण हैं।

 

Question 4. अप्रत्यक्ष लोकतंत्र का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: अप्रत्यक्ष (प्रतिनिधि) लोकतन्त्र वर्तमान समय में ऐसे राज्यों में पाया जाता है जहाँ का क्षेत्रफल तथा जनसंख्या अधिक होती है। जनसंख्या व क्षेत्रफल की विशालता के कारण ही अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र का विकास हुआ, जिसमें मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो देश का शासन चलाते हैं। ये प्रतिनिधि एक निश्चित समय के लिए चुने जाते हैं। यदि ये प्रतिनिधि जनता की इच्छानुसार या जनमत के अनुसार कार्य नहीं करते तो अगले चुनाव में जनता उन्हें वोट नहीं करेगी और वे चुनाव हार कर सत्ता से बाहर हो जायेंगे। इस तरह जनता के प्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायी बने रहते हैं। वर्तमान समय में जहाँ भी प्रजातंत्रात्मक शासन प्रणाली अपनायी गयी है वहाँ प्रतिनिधि प्रजातन्त्र प्रणाली ही पायी जाती है।
In simple words: अप्रत्यक्ष लोकतंत्र वह प्रणाली है जहाँ बड़ी आबादी वाले देशों में नागरिक अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो उनके नाम पर शासन करते हैं और जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।

🎯 Exam Tip: अप्रत्यक्ष लोकतंत्र की पहचान (प्रतिनिधियों द्वारा शासन) और इसके बड़े देशों में प्रासंगिकता को समझना आवश्यक है।

 

Question 5. भारत में लोकतन्त्र का भविष्य बताइए ।
Answer: यद्यपि भारत के लोकतांत्रिक विकास के मार्ग में अनेक बाधाएँ हैं लेकिन भारत में अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में लोकतन्त्र का भविष्य उज्ज्वल है। ये सभी चुनाव प्रायः स्वतन्त्र और निष्पक्ष रूप से कराए गए हैं। न केवल भारतीय जनता बल्कि राजनीतिक दलों को भी लोकतन्त्र में दृढ़ विश्वास है। भारतीय मतदाता अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए आंदोलन करने तथा बड़ी-से-बड़ी कुरबानी देने के लिए तैयार रहते हैं। चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की स्थापना की गई है जो पूर्ण रूप से निष्पक्ष होकर कार्य करता है। भारत में न्यायपालिका भी स्वतन्त्र है जो लोकतन्त्र पर होने वाले किसी भी आघात को रोकती है। यद्यपि भारत के अधिकांश लोग अशिक्षित हैं, परन्तु वे राजनीतिक दृष्टि से जागरुक हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय लोकतन्त्र के सफल भविष्य के बारे में चिंता की कोई बात नहीं है।
In simple words: भारत में लोकतंत्र का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि यहां स्वतंत्र चुनाव होते हैं, जनता और राजनीतिक दलों का लोकतंत्र में विश्वास है, और चुनाव आयोग व न्यायपालिका जैसे स्वतंत्र संस्थान इसकी रक्षा करते हैं।

🎯 Exam Tip: भारतीय लोकतंत्र की सफलता के कारणों (स्वतंत्र चुनाव, मजबूत संस्थाएं, नागरिक चेतना) को समझना इसके स्थायित्व को दर्शाता है।

 

Question 6. लोकतन्त्र की त्रुटियों को कैसे सुधारा जा सकता है?
Answer: लोकतन्त्र स्वयं की गलतियों को सुधारने की अनुमति देता है। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि लोकतन्त्र में कोई गलती नहीं हो सकती। सरकार का कोई भी स्वरूप इसकी गारण्टी नहीं दे सकता। लोकतन्त्र का गुण यह है कि ऐसी गलतियाँ लम्बे समय तक छिपी नहीं रहतीं। इन गलतियों पर सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है और गलती सुधारने का अवसर भी उपलब्ध रहता है या तो शासकों को अपने निर्णय बदलने पड़ते हैं अन्यथा शासकों को बदल दिया जाता है।
In simple words: लोकतंत्र में गलतियों को सार्वजनिक चर्चा के माध्यम से सुधारा जा सकता है, जिससे शासकों को निर्णय बदलने पड़ते हैं या उन्हें बदला जा सकता है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की आत्म-सुधार की क्षमता इसकी एक महत्वपूर्ण विशेषता है; यह इसे अन्य प्रणालियों से अलग करती है जहां गलतियों को छिपाया जाता है।

 

Question 7. “लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराता है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए ।
Answer: किसी भी समाज के लोगों में मत एवं हितों में विवाद हो सकता है। भारत में ये मतभेद और भी गहरे हैं। लोग विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्ध रखते हैं, वे अलग-अलग भाषाएँ बोलते हैं, अलग-अलग धर्म का पालन करते हैं और वे विभिन्न जातियों से सम्बन्ध रखते हैं। एक समूह की प्राथमिकता दूसरे समूह के साथ टकराव का कारण बन सकती है। इस विवाद को बल प्रयोग से भी हल किया जा सकता है। जो भी समूह अधिक शक्तिशाली होगा वह अपनी शर्ते मनवा लेगा और दूसरे लोगों को इसे स्वीकार करना होगा। किन्तु यह आक्रोश का कारण बनेगा। लोकतन्त्र इस समस्या का एकमात्र शांतिपूर्ण हल उपलब्ध कराता है। लोकतन्त्र में कोई भी स्थायी विजेता नहीं होता। विभिन्न समूह परस्पर शांतिपूर्वक रह सकते हैं। भारत जैसे विविधता । भरे देश में लोकतन्त्र विभिन्न प्रकार के लोगों को एक साथ रहने में मदद करता है।
In simple words: लोकतंत्र विभिन्न सामाजिक समूहों के मतभेदों और हितों के टकरावों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का अवसर देता है, जिससे कोई स्थायी विजेता या हारने वाला नहीं होता और सभी एक साथ रह सकते हैं।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की यह क्षमता कि वह विविधता वाले समाजों में संघर्षों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रबंधित करता है, इसकी स्थिरता और समावेशिता के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. “1958-1961 ई. के बीच का चीन का अकाले सरकारी नीतियों का परिणाम था।” स्पष्ट कीजिए।
Answer: चीन में 1958 से 1961 ई. के बीच भीषण अकाल पड़ा। इस अकाल में लगभग 3 करोड़ लोग मारे गये । उस समय चीन की अर्थव्यवस्था भारत की अर्थव्यवस्था से अच्छी नहीं थी। चीन में लोकतांत्रिक व्यवस्था न होने के कारण सरकार लोगों की अधिक फिक्र नहीं करती थी। यदि चीन में बहुदलीय चुनावी व्यवस्था होती, विपक्षी दल होता और सरकार की आलोचना कर सकने वाली स्वतन्त्र मीडिया होती तो इतने सारे लोग भूख से नहीं मरे होते।
In simple words: 1958-1961 के चीन का भीषण अकाल सरकारी नीतियों का परिणाम था, क्योंकि अलोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार लोगों की परवाह नहीं करती थी, और विपक्षी दलों या स्वतंत्र मीडिया की कमी ने स्थिति को और खराब कर दिया।

🎯 Exam Tip: यह उदाहरण दिखाता है कि अलोकतांत्रिक शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी कैसे बड़े मानवीय संकटों को जन्म दे सकती है।

 

Question 9. लोकतन्त्र को सरकार के अन्य स्वरूपों की अपेक्षा बेहतर क्यों माना जाता है?
Answer: लोकतन्त्र को सरकार के अन्य स्वरूपों से बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि यह लोगों की आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करता है। लोकतन्त्र शासक या तानाशाह की सनक पर निर्भर नहीं है। लोकतन्त्र लोगों के लिए है तथा एक लोकतांत्रिक सरकार सदैव लोगों के प्रति उत्तरदायी है जिसका विवरण इस प्रकार है
1. यह राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है जो यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े-लिखे लोगों की भी समाज में वही स्थिति है जो अमीर व शिक्षित लोगों की है। इस प्रकार लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा में वृद्धि करता है।
2. लोकतन्त्र सरकार के अन्य स्वरूपों की अपेक्षा बेहतर है क्योंकि यह हमें इसकी गलती सुधारने का अवसर प्रदान करती है।
3. लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराता है।
4. लोकतन्त्र निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार करता है क्योंकि यह मंत्रणा एवं परिचर्चा पर आधारित होता है।
5. लोकतन्त्र प्रत्येक समस्या का शान्तिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। यह भारत जैसे देश के लिए उपयुक्त है जिसमें भाषा, धर्म एवं संस्कृति आधारित भिन्नताएँ पायी जाती हैं। भारतीय लोकतन्त्र ने भिन्नता में एकता बनाए रखते हुए एक शांतिपूर्ण समाज उपलब्ध कराया है।
In simple words: लोकतंत्र अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है क्योंकि यह राजनीतिक समानता, आत्म-सुधार की क्षमता, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और बेहतर निर्णय लेने की प्रक्रिया के माध्यम से लोगों की गरिमा और आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करता है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र के इन मुख्य लाभों को समझना महत्वपूर्ण है, जो इसे अन्य शासन प्रणालियों से श्रेष्ठ सिद्ध करते हैं।

 

Question 10. किन्हीं दो देशों के नाम बताएँ जहाँ नियमित रूप से चुनाव कराए जाते हैं किन्तु उन्हें लोकतांत्रिक देश नहीं कहा जा सकता? इसके कारण भी बताएँ।
Answer: चीन और मैक्सिको लोकतांत्रिक देश नहीं हैं क्योंकि चीन में चुनाव लोगों को कोई गम्भीर विकल्प उपलब्ध नहीं कराते। उन्हें शासन कर रहे दल (कम्युनिस्ट पार्टी) और उसके द्वारा अनुमोदित उम्मीदवारों को ही चुनना पड़ता है। मैक्सिको में 1930 (इसकी आजादी के दिन से) से सन् 2000 तक प्रत्येक चुनाव में पी. आर. आई. (इंस्टीटयूशनल रिवोल्यूशनरी पार्टी) ही विजयी होती आई थी क्योंकि विपक्षी दल कभी भी जीत ही नहीं पाए। पी.आर.आई. चुनाव में गन्दे हथकण्डे अपनाकर जीतने के लिए कुख्यात थी। किसी प्रकार के चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं है। अपितु चुनाव में उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक को चुनने की स्थिति भी होनी चाहिए। किन्तु मैक्सिको में शासक दल को पराजित नहीं किया जा सकता था, चाहे लोग उसके विरुद्ध ही क्यों न हों। इसलिए लोकतन्त्र एक स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव पर आधारित होना चाहिए जिसमें सत्ताधारी दल के हार जाने के भी पूर्ण अवसर हों। लेकिन चीन और मैक्सिको में ऐसा नहीं है।
In simple words: चीन और मैक्सिको ऐसे देश हैं जहाँ नियमित चुनाव होते हैं, लेकिन उन्हें लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता। चीन में उम्मीदवारों को केवल सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से ही चुना जाता है, जबकि मैक्सिको में पी.आर.आई. ने चुनावी धांधली से दशकों तक सत्ता बनाए रखी, जिससे वास्तविक विपक्षी विकल्प समाप्त हो गए।

🎯 Exam Tip: यह समझना आवश्यक है कि केवल चुनाव आयोजित करना ही लोकतंत्र नहीं है। चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष होने चाहिए और मतदाताओं को वास्तविक विकल्प प्रदान करने चाहिए ताकि सत्ताधारी दल को हारने का अवसर भी मिले।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. लोकतांत्रिक एवं अलोकतांत्रिक सरकारों के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए ।
Answer: लोकतांत्रिक एवं अलोकतांत्रिक सरकारों के मध्य अन्तर लोकतांत्रिक सरकार

लोकतांत्रिक सरकारअलोकतांत्रिक सरकार
(1) कोई भी नागरिक किसी भी जाति, धर्म, सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का हो वह किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ सकता है जिसका अर्थ यह है कि सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है।(1) देश के नागरिकों को वोट देने का अधिकार नहीं होता।
(2) लोकतन्त्र परिचर्चा पर आधारित होता है और लोकतांत्रिक सरकार में लोग अपने चर्चा करने के अधिकार का प्रयोग करते हैं।(2) अलोकतांत्रिक सरकार तानाशाही पर आधारित होती है। शासक वही करते हैं जो उन्हें पसन्द हो।
(3) इसमें स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव लोगों के सामने वर्तमान शासकों को बदलने का एक विकल्प एवं अच्छा अवसर प्रदान करते हैं।(3) अलोकतांत्रिक सरकार में या तो चुनाव होते ही नहीं और यदि होते हैं तो वे प्रायः निष्पक्ष नहीं होते अपितु उन्हें थोपा जाता है।
(4) इसमें अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता होती है और लोग मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं।(4) इसमें अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता नहीं होती और लोगों को मौलिक अधिकार प्राप्त नहीं होते।
(5) उदाहरण : भारत।(5) उदाहरण: सऊदी अरब, जिम्बाब्वे।
(6) लोकतन्त्र सरकार का सर्वश्रेष्ठ स्वरूप है क्योंकि शासक जनता के प्रति जवाबदेह हैं और उन्हें जनता की जरुरतों को पूरा करना पड़ता है।(6) शासक जनता और उनकी जरूरतों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
(7) लोकतांत्रिक सरकार में लोग अपने शासकों को स्वयं चुनते हैं और उन्हें निर्णय लेने का अधिकार होता है।(7) अलोकतांत्रिक सरकार में लोग अपने शासकों को स्वयं नहीं चुनते और उन्हें निर्णय लेने का अधिकार नहीं होता।
(8) संसद एक अलग अंग है और इसमें सेना का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।(8) संसद सेना के प्रमुख की सहमति के बिना सेना के बारे में कोई कानून पारित नहीं कर सकती।

In simple words: लोकतांत्रिक सरकारें नागरिकों को समान अधिकार देती हैं, संवैधानिक सीमाओं में रहकर काम करती हैं, स्वतंत्र चुनाव कराती हैं और जनता के प्रति जवाबदेह होती हैं। इसके विपरीत, अलोकतांत्रिक सरकारें नागरिकों के अधिकारों को सीमित करती हैं, तानाशाही पर आधारित होती हैं, निष्पक्ष चुनाव नहीं करातीं और जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होतीं।

🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक और अलोकतांत्रिक सरकारों के बीच के मुख्य अंतरों को एक तुलनात्मक तालिका के रूप में याद रखना उत्तर लिखने में सहायक होगा।

 

Question 2. भारतीय लोकतन्त्र की प्रमुख समस्याएँ बताइए तथा उन समस्याओं को दूर करने के उपाय बताइए ।
Answer: भारतीय लोकतन्त्र की प्रमुख समस्याएँ इस प्रकार हैं
1. असामाजिक तत्वों की भूमिका- चुनावों में असामाजिक तत्वों की भूमिका बहुत बढ़ गयी है। चुनावों के दौरान मतदाताओं पर किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव डाला जाता है। चुनाव के दौरान मत खरीदे और बेचे जाते हैं और मतदान केन्द्रों पर कब्जा किया जाता है।
2. जातिवाद और सम्प्रदायवाद- जातिवाद एवं सम्प्रदायवाद भारतीय लोकतन्त्र के सम्मुख उपस्थित एक गम्भीर समस्या है। चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन करते समय सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरण को महत्त्व देते हैं। मतदाता भी मतदान करते समय जातिवाद तथा सम्प्रदायवाद से प्रभावित होकर मतदान करते हैं। कई राजनीतिक दलों का गठन भी सम्प्रदाय तथा जातिवाद के आधार पर किया गया है। जातिवाद के आधार पर लोगों में आपसी झगड़े होते रहते हैं जो लोकतन्त्र की बड़ी समस्या का कारण बनते हैं।
3. सामाजिक तथा आर्थिक असमानता- किसी भी देश में लोकतन्त्र की सफलता के लिए सामाजिक एवं आर्थिक समानता का होना अनिवार्य होता है। भारत में इसका अभाव है। समाज में सभी नागरिकों को समान नहीं समझा जाता। जाति, धर्म तथा वंश आदि के आधार पर नागरिकों में भेदभाव किया जाता है। आर्थिक दृष्टि से अमीर तथा गरीब की खाई बहुत बड़ी है।
4. निरक्षरता- भारत में बहुत बड़ी संख्या में लोग अनपढ़ हैं। उन्हें अपने अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में पूरा ज्ञान नहीं है। अनपढ़ व्यक्ति देश की समस्याओं को ठीक प्रकार से नहीं समझ सकते । उनका दृष्टिकोण संकुचित होता है और वे जातिवाद, भाषावाद तथा सम्प्रदायवाद की भावनाओं में पड़े रहते हैं। अनपढ़ता के कारण देश में राजनीतिक समस्याओं के बारे में स्वस्थ जनमत का निर्माण नहीं हो सकता। अतः निरक्षरता लोकतन्त्र की सफलता में बाधक बनती है।

लोकतंत्र की समस्याओं को दूर करने के उपाय
1. सरकार द्वारा लोकतन्त्र में व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं।
2. चुनावों में धर्म तथा जाति के प्रयोग में कड़ी पाबन्दी लगा देनी चाहिए, धर्म अथवा जाति के आधार पर राजनैतिक । दलों के गठन को रोका जाए और चुनावों के दौरान धर्म अथवा जाति के आधार पर वोट माँगने वाले उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर देना चाहिए।
3. नागरिकों में सामाजिक व आर्थिक असमानता को दूर करने के उपाय करने चाहिए।
4. नागरिकों को शिक्षित करने का प्रबन्ध करना चाहिए। शिक्षित तथा राजनीतिक दृष्टि से जागरूक नागरिक ही कुशल ईमानदार तथा निःस्वार्थी प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकते हैं।
5. समाज में लोकतंत्रीय मूल्यों का विकास करना चाहिए, प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह अन्य नागरिकों के अधिकारों तथा स्वतंत्रताओं का आदर करें।
In simple words: भारतीय लोकतंत्र की मुख्य समस्याओं में असामाजिक तत्वों का प्रभाव, जातिवाद, सांप्रदायिकता, सामाजिक-आर्थिक असमानता और निरक्षरता शामिल हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए चुनावों में धर्म-जाति के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना, सामाजिक-आर्थिक समानता लाना, नागरिकों को शिक्षित करना और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करना आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियों और उनके समाधानों को समझना एक संपूर्ण उत्तर के लिए महत्वपूर्ण है। समस्याओं और उनके निवारण के उपायों को बिंदुवार प्रस्तुत करें।

 

Question 3. लोकतन्त्र किसे कहते हैं? लोकतन्त्र के गुण-दोषों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: लोकतन्त्र से आशय-वह शासन पद्धति जिसमें शासक लोगों द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं, को लोकतन्त्र कहते हैं। इस प्रकार लोकतन्त्र का अर्थ है लोगों द्वारा शासन । लोकतंत्र के गुण :
1. लोकतन्त्र में किसी की भी जय या पराजय स्थायी नहीं होती।
2. लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराती है।
3. लोकतन्त्र नागरिकों की गरिमा में वृद्धि करता है क्योकि यह राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है जो यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े-लिखे लोगों की भी समाज में वही स्थिति है जो अमीर | व शिक्षित लोगों की है। लोग किसी शासक की प्रजा नहीं हैं अपितु वे स्वयं शासक हैं।
4. लोकतन्त्र लोगों की जरूरतों को प्रत्युत्तर देती है। एक लोकतांत्रिक सरकार सदैव लोगों के प्रति जवाबदेह है।
5. लोकतन्त्र निर्णय करने की गुणवत्ता में सुधार लाती है क्योंकि ये संविधान एवं परिचर्चा पर आधारित होते हैं।
6. लोकतन्त्र प्रत्येक समस्या का शांतिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। यह भारत जैसे देश के लिए उपयुक्त है जिसमें भाषा, धर्म एवं संस्कृति आधारित भिन्नताएँ पायी जाती हैं।
भारतीय लोकतन्त्र ने भिन्नता में एकता बनाए रखते हुए एक शांतिपूर्ण समाज उपलब्ध कराया है।
1. लोकतन्त्र भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है क्योंकि यह चुनावी प्रतिस्पर्द्ध पर आधारित है।
2. जनसाधारण को पता नहीं होता कि उनके लिए क्या अच्छा है; न ही उन्हें कोई निर्णय लेने का समय होता है।
3. लोकतन्त्र में नेता बदलते रहते हैं। यह अस्थिरता का कारण बनता है।
4. लोकतन्त्र राजनैतिक प्रतिद्वन्द्विता एवं शक्ति का खेल है। इसमें नैतिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
5. निर्वाचित नेता लोगों के सर्वश्रेष्ठ हितों से परिचित नहीं होते। यह गलत निर्णयों का कारण बनता है।
In simple words: लोकतंत्र जनता द्वारा निर्वाचित शासकों की शासन पद्धति है, जो राजनीतिक समानता, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और बेहतर निर्णय लेने के गुणों से युक्त है। हालांकि, इसमें भ्रष्टाचार, अस्थिरता, और कभी-कभी जनता की अनभिज्ञता जैसे दोष भी होते हैं।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की परिभाषा, उसके गुण और दोषों को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक बिंदु को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 4. 'लोकप्रिय सरकारें अलोकतांत्रिक हो सकती हैं और लोकप्रिय नेता स्वेच्छाचारी हो सकते हैं।' जिम्बाब्वे के सन्दर्भ में इस कथन की व्याख्या कीजिए।
Answer: जिम्बाब्वे ने सन् 1980 में स्वतन्त्रता प्राप्त की। इस देश में तभी से जानु पी. एफ. दल का शासन है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से इस देश पर रॉबर्ट मुगाबे का शासन है। जिम्बाब्वे में नियमित रूप से चुनाव कराए जा रहे हैं और हर बार रॉबर्ट मुगाबे का दल चुनाव में विजयी हो रहा है। रॉबर्ट मुगाबे यद्यपि अपने देश में लोकप्रिय है किन्तु वह चुनाव में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है। राष्ट्रपति की शक्तियाँ बढ़ाने और उसे कम जवाबदेह बनाने के लिए संविधान में कई बार संशोधन किए जा चुके हैं। विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को सताया जाता है और उनकी सभाओं को तितर-बितर किया जाता है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों एवं आन्दोलनों को गैर कानूनी घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति की आलोचना का अधिकार सीमित है। मीडिया पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है और केवल सत्ताधारी दल की विचारधारा का प्रसार करते हैं। स्वतन्त्र अखबारों को सत्ताधारी दल के विरुद्ध कुछ भी लिखने पर सताया जाता है। सरकार न्यायालय के ऐसे फैसलों की परवाह नहीं करती जो उसके विरुद्ध जा रहे हों और जजों पर दबाव डाला जाता है। उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि लोकतन्त्र में शासकों का लोकप्रिय अनुमोदन किया जाए, यही पर्याप्त नहीं है। लोकप्रिय सरकारें आलोकतांत्रिक हो सकती हैं और लोकप्रिय नेता स्वेच्छाचारी हो सकता है।
In simple words: जिम्बाब्वे का उदाहरण दर्शाता है कि रॉबर्ट मुगाबे जैसे लोकप्रिय नेता, भले ही नियमित चुनावों से सत्ता में आए हों, सत्ता बनाए रखने के लिए अनुचित तरीकों का उपयोग करके और नागरिक स्वतंत्रताओं को दबाकर अलोकतांत्रिक और स्वेच्छाचारी बन सकते हैं।

🎯 Exam Tip: यह विश्लेषण करने के लिए महत्वपूर्ण है कि कैसे लोकप्रियता और वैधता के बीच एक अंतर हो सकता है, और कैसे सत्ता का दुरुपयोग वास्तविक लोकतंत्र को कमजोर कर सकता है।

 

Question 5. क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी राज्यों के लिए उपयुक्त है?
Answer: अनेक लोगों का विचार है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल उन्हीं देशों के लिए उपयुक्त है जो आर्थिक तथा औद्योगिक दृष्टि से विकसित हैं। उनके विचार में यह प्रणाली भारत एवं पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों के लिए उपयुक्त नहीं है। उन विचारकों का कहना है कि देश का ठीक तथा शीघ्र विकास तानाशाही शासन में ही संभव है क्योंकि उसमें अनुशासन रहता है और निर्णय शीघ्र किया जा सकता है। वाद-विवाद में समय नष्ट नहीं करना पड़ता और निर्णय लेते समय सरकार को अगले चुनावों को ध्यान में रखना पड़ता है। किन्तु यह विचार उपयुक्त नहीं है।
यदि हम संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैण्ड तथा भारत जैसे लोकतंत्रीय देशों की ओर ध्यान करें तो हमें यह बात स्पष्ट दिखाई देगी कि इन देशों की सरकारें देश के विकास के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। सरकार द्वारा नागरिकों की भलाई के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं और लोगों को समान रूप से शिक्षा तथा रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके दूसरी ओर तानाशाही शासन में तानाशाह द्वारा नागरिकों की भलाई की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता और लोगों को भी सरकार की आलोचना करने का अधिकार नहीं होती। देश के विकास की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता और थोड़ा-बहुत विकास का लाभ तानाशाह तथा शासक दल के अन्य सदस्यों द्वारा हथिया लिया जाता है। वे गैर-कानूनी तथा भ्रष्ट उपायों से धन इकट्ठा करने में लगे रहते हैं।
In simple words: लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी राज्यों के लिए उपयुक्त है, भले ही वे विकसित हों या विकासशील। हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि तानाशाही तेजी से विकास के लिए बेहतर है, लेकिन लोकतांत्रिक देश नागरिकों के कल्याण और अधिकारों को प्राथमिकता देकर दीर्घकालिक और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हैं, जबकि तानाशाही अक्सर भ्रष्टाचार और नागरिकों की उपेक्षा करती है।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र और तानाशाही के बीच विकास के मॉडल की तुलना करें। लोकतांत्रिक देशों में नागरिक कल्याण और समावेशी विकास पर जोर दें, जबकि तानाशाही में दक्षता की कीमत पर मानवाधिकारों की उपेक्षा और भ्रष्टाचार को उजागर करें।

UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 9 Social Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 9 Social Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 9 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Social Science Class 9 Solved Papers

Using our Social Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 9 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Social Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Social Science UP Board solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Social Science. You can access UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science UP Board solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Social Science Chapter 2 लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों in printable PDF format for offline study on any device.