UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 The Fundamental Unit of Life

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 9 Science. Our expert-created answers for Class 9 Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई UP Board Solutions for Class 9 Science

For Class 9 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 9 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई solutions will improve your exam performance.

Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई UP Board Solutions PDF

UP Board Solutions For Class 9 Science Chapter 5 The Fundamental Unit Of Life (जीवन की मौलिक इकाई)

पाठच - पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 66)

Question 1. कोशिका की खोज किसने और कैसे की?
Answer: कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में की। उसने कॉर्क की पतली काट को स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से अवलोकन करने पर पाया कि इसमें अनेक छोट-छोटे प्रकोष्ठ हैं, जिसकी संरचना मधुमक्खी के छत्ते जैसी प्रतीत हुई। इन प्रकोष्ठों को रॉबर्ट हुक ने कोशिका का नाम दिया।
In simple words: रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की पतली काट में छोटे-छोटे प्रकोष्ठ देखे, जिन्हें उन्होंने कोशिका नाम दिया।

🎯 Exam Tip: कोशिका की खोज का वर्ष और वैज्ञानिक का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. कोशिका को जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई क्यों कहते हैं ?
Answer: सभी जीव-जन्तु जो हम अपने आस-पास देखते हैं, कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं। कुछ जीव एक- कोशी होते हैं तथा अन्य बहुकोशी होते हैं । प्रत्येक बहुकोशी जीव एक कोशिका से ही विकसित हुआ है। कुछ जीवों में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ भी होती हैं। प्रत्येक कोशिका में कुछ मूलभूत कार्य करने की क्षमता होती है जो सभी जीवों का गुण है। प्रत्येक कोशिका में कुछ विशिष्ट अंग होते हैं जो विशिष्ट कार्य करते हैं इन्हें कोशिकांग कहते हैं। इन कोशिकांगों के कारण ही एक कोशिका जीवित रहती है। ये कोशिकांग मिलकर कोशिका बनाते हैं। प्रत्येक कोशिकांग विभिन्न कार्य करता है। जैसे-नये पदार्थ का निर्माण, अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन आदि । अतः कोशिका जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई है।
In simple words: कोशिका को जीवन की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई कहा जाता है क्योंकि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं और कोशिकाएं जीवन के सभी मूलभूत कार्य करती हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में कोशिकांगों के कार्यों का उल्लेख करना अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायक होता है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 68)

Question 1. CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका से कैसे अन्दर तथा बाहर जाते हैं ? इस पर चर्चा करें ।
Answer: CO2 की सांद्रता जब कोशिका में उच्च हो जाती है तो विसरण द्वारा ये कोशिका से बाहर निकल जाती है और जब CO2 की सांद्रता निम्न होती है तो बाहर से यह कोशिका में आ जाती है। जल के अणु परासरण के कारण कोशिका की वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाता है।
In simple words: CO2 विसरण प्रक्रिया द्वारा कोशिका में अंदर-बाहर जाती है, जो सांद्रता के अंतर पर निर्भर करता है। पानी परासरण द्वारा वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली से उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर बढ़ता है।

🎯 Exam Tip: विसरण और परासरण की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझना और परिभाषित करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. प्लाज्मा झिल्ली को वर्गात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं?
Answer: प्लाज्मा झिल्ली को अर्धपारगम्य झिल्ली इसलिए कहते हैं क्योंकि ये कोशिका में आने-जाने वाले पदार्थों पर नियन्त्रण रखती है। यह कुछ पदार्थों को अन्दर आने व बाहर जाने देती है जबकि कुछ पदार्थों को अन्दर आने व बाहर जाने से रोकती है अतः इसे अर्धपारगम्य झिल्ली कहते हैं।
In simple words: प्लाज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली इसलिए कहते हैं क्योंकि यह केवल कुछ चुनिंदा पदार्थों को कोशिका के अंदर या बाहर जाने देती है, सभी पदार्थों को नहीं।

🎯 Exam Tip: वर्णात्मक पारगम्यता की सटीक परिभाषा और इसके महत्व को समझाना महत्वपूर्ण है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 70)

Question 1. क्या अब आप निम्नलिखित तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों को भर सकते हैं, जिससे कि प्रोकैरियोटी तथा यूकैरियोटी कोशिकाओं में अंतर स्पष्ट हो सके?
Answer:

प्रोकैरियोटी कोशिकायूकैरियोटी कोशिका
1. आकार प्रायः छोटा होता है।
(1 – 10 µm) \(1~\mu \text{m} = 10^{-6}~\text{m}\)
1. आकार प्रायः बड़ा होता है।
(5 – 100 µm)
2. केन्द्रकीय क्षेत्र -
झिल्ली द्वारा घिरा हुआ नहीं होता और उसे न्यूक्लिओलस कहते हैं।
2. केन्द्रकीय क्षेत्र -
सुस्पष्ट जो चारों ओर से केन्द्रकीय झिल्ली से घिरा होता है।
3. क्रोमोसोम-एक3. क्रोमोसोम-एक से अधिक
4. झिल्लीयुक्त कोशिका अंगक अनुपस्थित4. झिल्लीयुक्त कोशिका अंगक उपस्थित।

In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं छोटी होती हैं और उनमें स्पष्ट केन्द्रक या झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएं बड़ी होती हैं और उनमें एक सुस्पष्ट केन्द्रक और झिल्ली से घिरे कोशिकांग होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच के मुख्य अंतरों को तालिकाबद्ध रूप में याद करना परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 73)

Question 1. क्या आप दो ऐसे अंगकों का नाम बता सकते हैं जिनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है ?
Answer: हाँ-दो ऐसे अंगक केन्द्रक व माइटोकोण्डिया हैं जिनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ पाया जाता है।
In simple words: केन्द्रक और माइटोकॉण्ड्रिया दो ऐसे कोशिकांग हैं जिनमें अपना डीएनए होता है, जो उन्हें आनुवंशिक जानकारी रखने और कुछ प्रोटीन स्वयं बनाने की क्षमता देता है।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो कोशिकांगों के स्वायत्तता को दर्शाता है, इसे अच्छे से याद रखें।

 

Question 2. यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक या रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है, तो क्या होगा ?
Answer: यदि किसी भौतिक या रासायनिक प्रभाव के कारण कोशिका का जैविक संगठन नष्ट हो जाएगी तो कोशिका मृत हो जाएगी ।
In simple words: यदि कोशिका का आंतरिक संगठन भौतिक या रासायनिक क्षति के कारण नष्ट हो जाता है, तो वह अपने कार्यों को नहीं कर पाती और मर जाती है।

🎯 Exam Tip: कोशिका के जैविक संगठन की अखंडता जीवन के लिए मौलिक है, इस बिंदु को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 3. लाइसोसोम को आत्मघाती थैली क्यों कहते हैं ?
Answer: लाइसोसोम में शक्तिशाली जल अपघटनीय, एंजाइम होते हैं जो सभी कार्बनिक पदार्थों को पचाने में सहायक होते हैं। यदि पूर्ण क्षतिग्रस्त या मृत कोशिकाओं को नष्ट करने की आवश्यकता हो तो वे अपनी झिल्ली तोड़कर एक ही बार में अपना सारा द्रव्य मुक्त कर देते हैं और क्योंकि इस क्रिया में ये स्वयं भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए इन्हें आत्मघाती थैली भी कहा जाता है।
In simple words: लाइसोसोम को आत्मघाती थैली कहते हैं क्योंकि इनमें पाचक एंजाइम होते हैं जो कोशिका के क्षतिग्रस्त होने पर अपनी झिल्ली तोड़कर पूरी कोशिका को पचा सकते हैं, जिससे अंततः कोशिका की 'आत्महत्या' हो जाती है।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम के भीतर मौजूद एंजाइमों और उनकी कार्यप्रणाली का उल्लेख करना आवश्यक है।

 

Question 4. कोशिका के अन्दर प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
Answer: केन्द्रिका (Nucleolus) में ही राइबोसोम्स का संश्लेषण होता है। ये राइबोसोम्स ही प्रोटीन का संश्लेषण करते हैं।
In simple words: प्रोटीन का संश्लेषण मुख्य रूप से राइबोसोम पर होता है, जो केन्द्रिका में बनते हैं और कोशिकाद्रव्य में पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रिका और राइबोसोम दोनों का प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका को स्पष्ट करें।

अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 75)

Question 1. पादप कोशिकाओं तथा जन्तु कोशिकाओं में तुलना करो।
Answer: जन्तु कोशिका व पादप कोशिका में निम्नलिखित अन्तर हैं-

जन्तु कोशिकापादप कोशिका
1. जन्तु कोशिकाएँ आकार में प्रायः छोटी होती हैं।1. पादप कोशिकाएँ, जन्तु कोशिकाओं से बड़ी होती हैं।
2. कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
सुदृढ़
2. पादप कोशिकाओं की प्लाज्मा झिल्ली सेलुलोस की.
कोशिका भित्ति द्वारा चारों ओर से घिरी होती है।
3. एककोशीय प्रोटोजोअन यूग्लीना के अतिरिक्त, किसी भी जन्तु कोशिका में लवक नहीं होते हैं।3. लवक उपस्थित होते हैं।
4. जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ अनेक, छोटी
अस्थायी होती हैं।
4. अधिकांश परिपक्व पादप कोशिकाओं में स्थायी तथा
केन्द्रीय रस रिक्तिका होती है।
5. जन्तु कोशिकाओं में एकल, अत्यधिक जटिल तथा
महत्त्वपूर्ण सुस्पष्ट गॉल्जी उपकरण होता है।
5. पादप कोशिकाओं में, डिक्टिओसोम नामक गॉल्जी
उपकरण की अनेक सरलतर इकाइयाँ होती हैं।
6. जन्तु कोशिकाओं में तारककाय तथा तारककेन्द्र
होते हैं।
6. पादप कोशिकाओं में तारककाय तथा तारककेन्द्र का
अभाव होता है।

In simple words: जन्तु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति और लवक नहीं होते और रिक्तिकाएं छोटी होती हैं, जबकि पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति, लवक और बड़ी केन्द्रीय रिक्तिकाएं होती हैं।

🎯 Exam Tip: जन्तु और पादप कोशिकाओं के बीच के प्रमुख संरचनात्मक अंतरों को तालिका बनाकर प्रस्तुत करना अधिक प्रभावी होता है।

 

Question 2. प्रोकैरियोटी कोशिकाएँ, युकेरियोटी कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं ?
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच भिन्नताएँ

प्रोकैरियोटिक कोशिकायूकैरियोटिक कोशिका
1. कोशिका का आकार प्रायः छोटा (1– 10 µm)
होता है।
1. कोशिका का आकार प्रायः बड़ा (5 – 100 µm) होता
है।
2. केन्द्रक अनुपस्थित होता है (केन्द्रकीय क्षेत्र या
केन्द्रकाभ केन्द्रक झिल्ली से नहीं घिरा होता है)।
2. केन्द्रक उपस्थित होता है (केन्द्रक पदार्थ केन्द्रक झिल्ली
से घिरा होता है)।
3. इसमें केवल एक गुणसूत्र होता है।3. इसमें एक से अधिक गुणसूत्र होते हैं।
4. केन्द्रिक (nucleolus) अनुपस्थित होती है।4. केन्द्रिक उपस्थित होता है।
5. झिल्लीबद्ध कोशिका अंगक अनुपस्थित होते हैं।
अंतर्द्रव्यी
5. कोशिका अंगक जैसे माइटोकॉण्ड्यिा, प्लास्टिड्स
जालिका, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम, परॉक्सीसोम,
इत्यादि, उपस्थित होते हैं।
6. कोशिका विभाजन विखण्डन अथवा मुकुलन
(budding) द्वारा होता है (सूत्री विभाजन (mitosis)
नहीं होता है)।
6. कोशिका विभाजन सूत्री अथवा अर्धसूत्री कोशिका विभाजन
द्वारा होता है।

In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं सरल होती हैं जिनमें केन्द्रक झिल्ली और झिल्लीदार कोशिकांग नहीं होते, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएं जटिल होती हैं जिनमें सुस्पष्ट केन्द्रक और कई झिल्लीदार कोशिकांग मौजूद होते हैं।

🎯 Exam Tip: दोनों प्रकार की कोशिकाओं के बीच के मुख्य अंतरों को जैसे केन्द्रक, आकार, गुणसूत्रों की संख्या और कोशिकांगों की उपस्थिति के आधार पर स्पष्ट करें।

 

Question 3. यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए या टूट जाए तो क्या होगा ?
Answer: यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए या टूट जाए। तो कोशिका के भीतर होने वाली क्रियाएँ संभव नहीं होंगी। अतः कुछ समय में कोशिका नष्ट हो जाएगी।
In simple words: प्लाज्मा झिल्ली के फटने या टूटने से कोशिका के अंदरूनी कार्य रुक जाते हैं और कोशिका अपने पर्यावरण से नियंत्रित आदान-प्रदान नहीं कर पाती, जिससे अंततः कोशिका नष्ट हो जाती है।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मा झिल्ली के महत्व और उसके टूटने के गंभीर परिणामों पर जोर दें।

 

Question 4. यदि गॉल्जी उपकरण न हो तो कोशिका के जीवन में क्या होगा ?
Answer: गॉल्जी उपकरण चिकने, चपटे व नलिकाकार उपक्रम समूह के रूप में केन्द्रक के पास उपस्थित होता है। ये प्रायः समान्तर पंक्तियों में एक ढेर के रूप में होते हैं और स्रवण का कार्य करते हैं। इनका मुख्य कार्य कोशिका में संश्लेषित पदार्थों के पैकेज बनाकर कोशिका के अन्दर (प्लाज्मा झिल्ली व लाइसोसोम) व बाहर के लक्ष्यों को भेजना है। यह लाइसोसोम को बनाने में भी सहायक है। यदि गॉल्जी उपकरण कोशिका में नहीं होगा तो स्रवण का कार्य, संश्लेषित पदार्थों के पैकेज बनाकर अन्दर व बाहर स्थानान्तरण तथा लाइसोसोम्स बनाने का कार्य नहीं होंगे ।
In simple words: गॉल्जी उपकरण की अनुपस्थिति में, कोशिका में संश्लेषित पदार्थों की पैकेजिंग, उनका परिवहन और लाइसोसोम का निर्माण बाधित हो जाएगा, जिससे कोशिका के कई महत्वपूर्ण कार्य रुक जाएंगे।

🎯 Exam Tip: गॉल्जी उपकरण के मुख्य कार्यों (पैकेजिंग, स्रवण, लाइसोसोम निर्माण) को सूचीबद्ध करें।

 

Question 5. कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर है?
Answer: माइटोकॉण्डिया कोशिका को बिजलीघर (Power house) है। ये दोहरे आवरण से घिरा होता है। और इसमें कोशिका के भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है तथा ऊर्जा उत्पन्न होती है। मुक्त हुई ऊर्जा (A.T.P.) ऐडिनोसीन ट्राईफॉस्फेट के रूप में संगृहीत हो जाती है। जो शरीर के विभिन्न कार्यों में प्रयोग की जाती है। इनके पास अपना DNA और राइबोसोम्स होता है जिससे अपने लिए प्रोटीन का संश्लेषण भी कर सकते हैं।
In simple words: माइटोकॉण्ड्रिया कोशिका का बिजलीघर है क्योंकि यह भोजन से ऊर्जा (ATP के रूप में) बनाता है, जो कोशिका के सभी कार्यों के लिए आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉण्ड्रिया को ऊर्जा घर क्यों कहा जाता है, इसका कारण (ATP उत्पादन) स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 6. कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
Answer: कोशिका झिल्ली का निर्माण करने वाले प्रोटीन, कोशिका द्रव्य में पाई जाने वाली खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका द्वारा संश्लेषित होती है। लिपिड का निर्माण चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका द्वारा कार्बनिक कणों के स्रवण से होता है। ये प्रोटीन व लिपिड़ ही कोशिका झिल्ली का निर्माण करते हैं।
In simple words: कोशिका झिल्ली के प्रोटीन खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका में और लिपिड चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका में संश्लेषित होते हैं।

🎯 Exam Tip: खुरदरी और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका के अलग-अलग कार्यों को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

Question 7. अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?
Answer: अमीबा अन्तःग्रहण विधि द्वारा अपना भोजन प्राप्त करता है। इसकी कोशिका झिल्ली अत्यधिक लचीली होती है जिसके कारण यह बाहर के वातावरण में से भोजन के कण और अन्य पदार्थ ग्रहण कर लेता है। इस कार्य के लिए इसके कूटपाद आगे की ओर बढ़कर भोजन के कण को पूरा घेर लेते हैं और इस प्रकार भोजन जीवद्रव्य में पहुँच जाता है।
In simple words: अमीबा एंडोसाइटोसिस नामक प्रक्रिया द्वारा भोजन ग्रहण करता है, जिसमें यह अपने कूटपादों का उपयोग करके खाद्य कणों को घेरता है और उन्हें कोशिका के अंदर ले जाता है।

🎯 Exam Tip: एंडोसाइटोसिस और कूटपाद (pseudopodia) जैसे प्रमुख शब्दों का सही उपयोग करें।

 

Question 8. परासण क्या है?
Answer: वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा पानी के अणुओं की उच्च सान्द्रण क्षेत्र से निम्न सान्द्रण क्षेत्र की तरफ गति को परासरण कहते हैं। पानी की गति उसमें घुले हुए पदार्थों पर निर्भर करती है।
In simple words: परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें जल के अणु एक वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर बढ़ते हैं।

🎯 Exam Tip: परासरण की परिभाषा में 'वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली' और 'उच्च से निम्न सांद्रता' जैसे प्रमुख तत्वों का उल्लेख करना सुनिश्चित करें।

 

Question 9. निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें| छिले हुए आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो, इन चारों को खोखला करो जिससे कि आलू के कप बन जाएँ। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है। आलू के प्रत्येक कप को जल वाले बर्तन में रखो। अब
(a) कप 'A' को खाली रखो,
(b) कप 'B' में एक चम्मच चीनी डालो,
(c) कप 'C' में एक चम्मच नमक डालो तथा
(d) उबले आलू से बनाए गए कप 'D' में एक चम्मच चीनी डालो ।
आलू के इन चारों कपों को दो घंटे तक रखने के पश्चात् उनका अवलोकन करो तथा निम्न प्रश्नों का उत्तर दो
(i) 'B' तथा 'C' के खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया ? इसका वर्णन करो ।
(ii) 'A' आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
(iii) 'A' तथा 'D' आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ ? इसका वर्णन करो।
Answer:
(i) आलू बहुत-सी कोशिकाओं से बना हुआ होता है। कोशिकाओं की कोशिका झिल्ली अर्द्धपारगम्य होती है। आलू A व C के खाली भाग में क्रमशः चीनी तथा नमक भरा है जबकि इनके बाहरी भाग पानी के सम्पर्क में हैं। अतः पानी का सान्द्रण आलू के अन्दर की तुलना में बाहर के बर्तन में अधिक होता है। अतः पानी की गति परासरण के कारण बाहर के बर्तन से आलू के अन्दर की तरफ होता है। अतः आलू का B व C में पानी भर जाता है।
(ii) इस प्रयोग में खाली कप A इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह दर्शाता है कि यदि दो विलयनं लिए जाएँ जिनका सान्द्रण बराबर होता है तो पानी के अणुओं में कोई गति नहीं होती ।
(iii) आलू कप A व D में पानी इसलिए नहीं भरता क्योंकि आलू कप D उबले हुए आलू से बना है। अतः उसकी कोशिकाएँ मृत हो जाती हैं तथा कोशिका झिल्ली अर्द्धपारगम्यता खो देती है। अतः परासरण नहीं होता जिससे पानी बाहरी बर्तन से आलू में प्रवेश नहीं करता। आलू कप A को खाली रखा गया है। अतः अर्द्धपारगम्य कोशिका झिल्ली के दोनों तरफ का सान्द्रण बराबर होता है। अतः पानी के अणु बाहर से अन्दर की तरफ गति नहीं करते। अतः आलू कप A व D में पानी नहीं भरता है।
In simple words: यह प्रयोग दर्शाता है कि परासरण कैसे काम करता है: जीवित आलू कोशिकाएं चीनी/नमक के समाधान में पानी खींचती हैं (B, C), जबकि उबले आलू (मृत कोशिकाएं) या खाली कप (D, A) पानी नहीं खींचते क्योंकि परासरण केवल जीवित, अर्धपारगम्य झिल्ली वाली कोशिकाओं में होता है।

🎯 Exam Tip: आलू के प्रयोग में परासरण, वर्णात्मक पारगम्यता, और जीवित व मृत कोशिकाओं के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएं। नियंत्रण (खाली कप A) और उबले आलू (D) के महत्व को दर्शाना न भूलें।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. एक कोशिकीय जीवों के उदाहरण दीजिए।
Answer: एक कोशिकीय जीवों के उदाहरण
(1) अमीबा,
(2) पैरामीशियम ।
In simple words: अमीबा और पैरामीशियम ऐसे जीव हैं जो केवल एक कोशिका से बने होते हैं।

🎯 Exam Tip: एककोशिकीय जीवों के कम से कम दो उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. जटिल बहुकोशिकीय जीवों के उदाहरण दीजिए।
Answer: जटिल बहुकोशिकीय जीवों के उदाहरण-
(i) मनुष्य,
(ii) विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी तथा
(iii) वृक्ष
In simple words: मनुष्य, पशु-पक्षी और वृक्ष बहुकोशिकीय जीव हैं, जो अनेक कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।

🎯 Exam Tip: बहुकोशिकीय जीवों के उदाहरण देते समय विभिन्न श्रेणियों (मानव, पशु, पादप) से उदाहरण शामिल करना अच्छा है।

 

Question 3. 'कोशा' किसे कहते हैं?
अथवा
कोशिको क्या है ?

Answer: कोशा (Cell)- जीवन की संरचनात्मक इकाई कोशा कहलाती है। कोशा जैव संगठन का प्रथम जैविक स्तर है।
In simple words: कोशा या कोशिका जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है, जिससे सभी जीव बनते हैं।

🎯 Exam Tip: कोशिका की परिभाषा में 'संरचनात्मक' और 'क्रियात्मक' दोनों शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 4. कोशिका की खोज किस वैज्ञानिक ने की थी ?
Answer: कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी।
In simple words: रॉबर्ट हुक वह वैज्ञानिक थे जिन्होंने कोशिका की खोज की।

🎯 Exam Tip: कोशिका की खोज से संबंधित वैज्ञानिक का नाम और वर्ष (1665) याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. कोशिका में केन्द्रक की खोज किस वैज्ञानिक ने की ?
Answer: कोशिका में केन्द्रक की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की।
In simple words: रॉबर्ट ब्राउन ने कोशिका के भीतर केन्द्रक की खोज की।

🎯 Exam Tip: कोशिकांगों की खोज से जुड़े वैज्ञानिकों के नाम याद रखें।

 

Question 6. कोशिकाद्रव्य को जीवद्रव्य नाम किस वैज्ञानिक ने दिया?
Answer: कोशिकाद्रव्य को जीवद्रव्य नाम जे. ई. पुरकिन्जे ने दिया ।
In simple words: जे. ई. पुरकिन्जे ने कोशिकाद्रव्य को जीवद्रव्य नाम दिया।

🎯 Exam Tip: जीवद्रव्य शब्द के प्रवर्तक का नाम याद रखना एक सीधा प्रश्न हो सकता है।

 

Question 7. कोशिका सिद्धान्त क्या है ?
Answer: कोशिका सिद्धान्त-कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई है।”
In simple words: कोशिका सिद्धांत बताता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं और कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई है।

🎯 Exam Tip: कोशिका सिद्धांत के मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 8. कोशिका सिद्धान्त किन-किन वैज्ञानिकों ने प्रतिपादित किया ?
Answer: कोशिका सिद्धान्त को एम. जे. श्लीडन एवं टी. श्वान ने प्रतिपादित किया।
In simple words: एम. जे. श्लीडन और टी. श्वान ने मिलकर कोशिका सिद्धांत प्रस्तुत किया।

🎯 Exam Tip: कोशिका सिद्धांत के प्रतिपादकों के नाम सही ढंग से याद रखें।

 

Question 9. 'कोशिका भित्ति' से क्या समझते हो ?
Answer: कोशिका भित्ति (Cell wall)- पादप, कोशिका प्लाज्मा झिल्ली के बाहर सेल्यूलोज से बनी एक परत द्वारा घिरी होती है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं।
In simple words: कोशिका भित्ति पौधों की कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली के बाहर स्थित एक कठोर परत है, जो सेल्यूलोज से बनी होती है और कोशिका को संरचनात्मक सहायता प्रदान करती है।

🎯 Exam Tip: कोशिका भित्ति की संरचना (सेल्यूलोज) और कार्य (संरचनात्मक सहायता) दोनों को बताएं।

 

Question 10. 'कोशिकाद्रव्य' (साइटोप्लाज्म) किसे कहते हैं ?
Answer: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)-कोशिका के अन्दर पाया जाने वाला तरल द्रव्य कोशिकाद्रव्य (साइटोप्लाज्म) कहलाता है। यह एक चिपचिपा, रंगहीन, समांगी, तरल, कोलाइडी अर्द्ध-पारदर्शक पदार्थ है।
In simple words: कोशिकाद्रव्य वह जेली जैसा पदार्थ है जो प्लाज्मा झिल्ली के अंदर और केन्द्रक के बाहर होता है, जिसमें कोशिका के सभी कोशिकांग तैरते रहते हैं।

🎯 Exam Tip: कोशिकाद्रव्य की भौतिक विशेषताओं (चिपचिपा, रंगहीन, कोलाइडी) का उल्लेख करें।

 

Question 11. 'कोशिकांग' किसे कहते हैं ?
Answer: कोशिकांग (Cell Organelles) कोशिकाद्रव्य में कई अन्य जीवित संरचनाएँ पायी जाती हैं जो कोशिकांग कहलाती हैं।
In simple words: कोशिकांग कोशिका के अंदर पाए जाने वाले छोटे-छोटे अंग होते हैं जो विशिष्ट कार्य करते हैं, जैसे ऊर्जा उत्पादन, प्रोटीन संश्लेषण और अपशिष्ट निपटान।

🎯 Exam Tip: कोशिकांगों को परिभाषित करते समय उनके 'विशेष कार्य' पर जोर दें।

 

Question 12. 'केन्द्रक' किसे कहते हैं ?
Answer: केन्द्रक (Nucleus)- कोशिका के अन्दर पायी जाने वाली संरचना केन्द्रक' कहलाती है।
In simple words: केन्द्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है, जिसमें कोशिका की आनुवंशिक सामग्री (डीएनए) होती है और यह कोशिका के कार्यों को नियंत्रित करता है।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक को 'कोशिका का नियंत्रण कक्ष' के रूप में पहचानें और उसके मुख्य कार्य (आनुवंशिक सामग्री) को बताएं।

 

Question 13. 'अन्तःप्रद्रव्यी जालिका' किसे कहते हैं?
Answer: अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum)- केन्द्रक से जुड़ी हुई लम्बी धागेनुमा असंख्य शाखाओं वाली झिल्लियों का जाल, अन्तःप्रद्रव्यी जालिका कहलाती है।
In simple words: अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का एक नेटवर्क है जो केन्द्रक से कोशिकाद्रव्य तक फैला होता है और प्रोटीन व लिपिड के संश्लेषण तथा परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🎯 Exam Tip: अंतर्द्रव्यी जालिका की संरचना (झिल्लियों का जाल) और इसकी केन्द्रक से जुड़ाव को स्पष्ट करें।

 

Question 14. राइबोसोम किसे कहते हैं?
Answer: राइबोसोम (Ribosomes)- अन्त:प्रद्रव्य जालिका की सतह पर पायी जाने वाली संरचना राइबोसोम कहलाती है।
In simple words: राइबोसोम छोटे कणिकाएं हैं जो प्रोटीन संश्लेषण के लिए जिम्मेदार होते हैं, या तो मुक्त रूप से कोशिकाद्रव्य में तैरते हुए या अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े हुए।

🎯 Exam Tip: राइबोसोम को 'प्रोटीन फैक्ट्री' के रूप में याद रखें।

 

Question 15. 'हरित लवक' किसे कहते हैं?
Answer: हरित लवक (Chloroplast)- कोशिका के अन्दर पाये जाने वाला हरे रंग का कोशिकांग हरित लवक कहलाता है।
In simple words: हरित लवक, जिसे क्लोरोप्लास्ट भी कहते हैं, पौधों की कोशिकाओं में पाया जाने वाला हरा रंग का कोशिकांग है जो प्रकाश संश्लेषण करता है।

🎯 Exam Tip: हरित लवक के रंग और उसके मुख्य कार्य (प्रकाश संश्लेषण) को बताएं।

 

Question 16. 'माइटोकॉण्डिया' किसे कहते हैं ?
Answer: माइटोकॉण्डिया (Mitochondria) कोशिका में पाया जाने वाला वह कोशिकांग जो ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायक होता है, माइटोकॉण्ड्रिया कहलाता है।
In simple words: माइटोकॉण्ड्रिया कोशिकांग है जो भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करके कोशिका के लिए शक्ति प्रदान करता है।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉण्ड्रिया के कार्य (ऊर्जा उत्पादन) पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 17. कोशिका का ऊर्जा घर किसे कहते हैं?
Answer: माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा घर या पावर हाउस कहते हैं।
In simple words: माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का 'ऊर्जा घर' कहा जाता है क्योंकि यह कोशिकीय श्वसन द्वारा अधिकांश ऊर्जा (ATP) का उत्पादन करता है।

🎯 Exam Tip: यह एक सीधा प्रश्न है, उत्तर में माइटोकॉण्ड्रिया का नाम देना पर्याप्त है।

 

Question 18. 'पक्ष्माभिका' (सीलिया) किन्हें कहते हैं?
Answer: पक्ष्माभिका (सीलिया) (Cilia)- जन्तु कोशिका की सतह पर पायी जाने वाली सूक्ष्म उभरी हुई। संरचना, पक्ष्माभिका (सीलिया) कहलाती है।
In simple words: पक्ष्माभिका कोशिका की सतह पर छोटे, बाल जैसे प्रवर्ध होते हैं जो गति और पदार्थ के परिवहन में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: पक्ष्माभिका के आकार (सूक्ष्म, उभरी हुई) और कार्य (गति) को बताएं।

 

Question 19. 'कशाभिका (फ्लेजिला)' किन्हें कहते हैं?
Answer: कशाभिका (Flagella)- “कोशिका की सतह पर पायी जाने वाली लम्बी, पतली तथा चाबुक के समान संरचना कशाभिका (फ्लेजिला) कहलाती है।”
In simple words: कशाभिका कोशिका की सतह पर लंबे, पतले, चाबुक जैसे उपांग होते हैं जो कोशिका की गति में सहायक होते हैं।

🎯 Exam Tip: पक्ष्माभिका और कशाभिका के बीच के अंतर को उनके आकार और कार्य के संदर्भ में स्पष्ट करें।

 

Question 20. कोशिका झिल्ली को बनाने वाले प्रोटीन का नाम बताइये ।
Answer: कोशिका झिल्ली को बनाने वाले प्रोटीन का नाम लिपोप्रोटीन है।
In simple words: कोशिका झिल्ली मुख्य रूप से लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है, और इस प्रोटीन को लिपोप्रोटीन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: कोशिका झिल्ली के मुख्य घटकों (लिपिड और प्रोटीन) को याद रखें।

 

Question 21. अवर्णी लवक क्या होते हैं ?
Answer: अवर्णी लवक (Leucoplasts)- भोज्य पदार्थों का संग्रह करने वाले रंगहीन लवक अवर्णी लवक कहलाते हैं।
In simple words: अवर्णी लवक रंगहीन प्लास्टिड होते हैं जो पौधों की कोशिकाओं में भोजन (जैसे स्टार्च, तेल, प्रोटीन) को संग्रहीत करते हैं।

🎯 Exam Tip: अवर्णी लवक के रंग (रंगहीन) और मुख्य कार्य (भोजन संग्रह) को बताएं।

 

Question 22. अवर्णी लवक कहाँ पाये जाते हैं ?
Answer: अवर्णी लवक पौधों के उस भाग में पाये जाते हैं जहाँ सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता ।
In simple words: अवर्णी लवक पौधों के उन हिस्सों में पाए जाते हैं जहाँ सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता, जैसे जड़ें और भूमिगत तने।

🎯 Exam Tip: अवर्णी लवक की स्थिति को उनके कार्य (भोजन संग्रह) से जोड़कर याद रखें।

 

Question 23. अवर्णी लवक का क्या काम है ?
Answer: अवर्णी लवक का कार्य-अवर्णी लवक को कार्य मांड, तेल, वसा तथा प्रोटीन आदि भोज्य पदार्थों का संचय करना है।
In simple words: अवर्णी लवक का मुख्य कार्य पौधों में स्टार्च, तेल और प्रोटीन जैसे खाद्य पदार्थों का भंडारण करना है।

🎯 Exam Tip: अवर्णी लवक द्वारा संग्रहित होने वाले पदार्थों के उदाहरण याद रखें।

 

Question 24. हरित लवक कहाँ पाया जाता है ?
Answer: हरित लवक पौधों के हरे भाग में पाया जाता है।
In simple words: हरित लवक पौधों के हरे भागों, जैसे पत्तियों और हरे तनों में पाए जाते हैं, जहाँ प्रकाश संश्लेषण होता है।

🎯 Exam Tip: हरित लवक की स्थिति को उसके प्रकाश संश्लेषण के कार्य से जोड़ें।

 

Question 25. हरित लवक का रंग हरा क्यों होता है ?
Answer: हरित लवक में हरे रंग का वर्णक पर्णहरिम या क्लोरोफिल होता है इस कारण इसका रंग हरा होता है।
In simple words: हरित लवक का रंग हरा क्लोरोफिल नामक हरे वर्णक की उपस्थिति के कारण होता है, जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है।

🎯 Exam Tip: क्लोरोफिल के नाम और कार्य (हरे रंग का वर्णक) को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 26. क्लोरोप्लास्ट (हरित लवक) का प्रमुख कार्य बताइये ।
Answer: क्लोरोप्लास्ट का कार्य-क्लोरोप्लास्ट का प्रमुख कार्य प्रकाश संश्लेषण है।
In simple words: क्लोरोप्लास्ट का मुख्य कार्य प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करना है।

🎯 Exam Tip: क्लोरोप्लास्ट के एकल और सबसे महत्वपूर्ण कार्य (प्रकाश संश्लेषण) पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 27. वर्णी लवक किसे कहते हैं ?
Answer: वर्णी लवक-पौधों में पाये जाने वाले रंग-बिरंगे (हरे रंग को छोड़कर) लवक वर्णी लवक कहलाते हैं।
In simple words: वर्णी लवक रंगीन प्लास्टिड होते हैं जो पौधों के फूलों, फलों और पत्तियों को रंग प्रदान करते हैं, क्लोरोफिल के हरे रंग को छोड़कर।

🎯 Exam Tip: वर्णी लवक को हरे रंग को छोड़कर अन्य रंग देने वाले प्लास्टिड के रूप में परिभाषित करें।

 

Question 28. वर्णी लवक पौधों के किन भागों में पाये जाते हैं ?
Answer: वर्णी लवक पुष्पों, दलों एवं फलों में पाये जाते हैं।
In simple words: वर्णी लवक पौधों के उन हिस्सों में पाए जाते हैं जिन्हें रंग की आवश्यकता होती है, जैसे फूल, पंखुड़ियाँ और फल।

🎯 Exam Tip: वर्णी लवक के स्थान को उनके रंग प्रदान करने के कार्य से जोड़ें।

 

Question 29. वर्णी लवक का कार्य क्या है ?
Answer: वर्णी लवक का कार्य पुष्पों, पत्रों एवं फलों को आकर्षक बनाना है।
In simple words: वर्णी लवक का मुख्य कार्य पौधों के फूलों और फलों को रंगीन और आकर्षक बनाना है, जो परागणकों और बीज फैलाने वालों को आकर्षित करता है।

🎯 Exam Tip: वर्णी लवक के कार्य को पौधों के प्रजनन और बीज फैलाव में उसकी भूमिका से जोड़ें।

 

Question 30. गॉल्जी बॉडी, गॉल्जीकार्य या गॉल्जी उपकरण की खोज किसने की थी ?
Answer: गॉल्जी बॉडी, गॉल्जीकाय या गॉल्जी उपकरण की खोज केमिलियो गॉल्जी ने की।
In simple words: कैमिलो गॉल्जी ने गॉल्जी उपकरण की खोज की थी, जिसे उनके नाम पर गॉल्जी बॉडी भी कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: कोशिकांगों की खोज से जुड़े वैज्ञानिकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 31. आत्महत्या करने वाली थैली या सुसाइड बैग्स किन्हें कहते हैं ?
Answer: आत्महत्या करने वाली थैली या सुसाइड बैग्स लाइसोसोम्स को कहते हैं।
In simple words: लाइसोसोम को कोशिका की 'आत्मघाती थैली' कहते हैं क्योंकि ये कोशिका के पुराने या क्षतिग्रस्त हिस्सों को पाचक एंजाइमों से तोड़कर साफ करते हैं।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम के इस विशेष नाम और इसके पीछे के कारण (पाचक एंजाइमों की उपस्थिति) को याद रखें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. अन्तःप्रद्रव्यी जालिका के कार्य लिखिए।
Answer: अन्तःप्रद्रव्यी जालिका के कार्य
1. यह प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होते हैं।
2. यह कोशिका विभाजन के समय केन्द्रकीय झिल्ली के निर्माण में भाग लेता है।
3. यह ग्लाइकोजन के उपापचय में सहायता करता है।
4. यह केन्द्रक से विभिन्न आनुवंशिक पदार्थों को कोशिकाद्रव्य के विभिन्न अंगों तक पहुँचाता है।
In simple words: अंतर्द्रव्यी जालिका प्रोटीन संश्लेषण, कोशिका विभाजन के दौरान केन्द्रकीय झिल्ली निर्माण, ग्लाइकोजन उपापचय और आनुवंशिक पदार्थों के परिवहन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होती है।

🎯 Exam Tip: अंतर्द्रव्यी जालिका के विभिन्न कार्यों को बिंदुवार याद रखें, विशेषकर प्रोटीन संश्लेषण और परिवहन।

 

Question 2. गॉल्जीकाय या गॉल्जी उपकरण के कार्य लिखिए ।
अथवा
गॉल्जी उपकरण के कोशिका में क्या कार्य हैं ?

Answer: गॉल्जीकाय या गॉल्जी उपकरण के कार्य
1. ये लाइसोसोम्स का निर्माण करते हैं।
2. ये अनेक प्रकार के स्रावी पदार्थों का निर्माण करते हैं।
3. ये स्रावण द्वारा कोशिका भित्ति का निर्माण करते हैं।
4. ये अनेक कार्बोहाइड्रेट्स के दीर्घ अणुओं का संश्लेषण करते हैं।
5. ये शुक्राणुजनन के समय शुक्राणु के ऊपरी भाग (एक्रोसोम) का निर्माण करते हैं।
In simple words: गॉल्जी उपकरण लाइसोसोम का निर्माण, स्रावी पदार्थों का प्रसंस्करण, कार्बोहाइड्रेट का संश्लेषण और शुक्राणु में एक्रोसोम के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करता है।

🎯 Exam Tip: गॉल्जी उपकरण के विविध कार्यों को याद रखें, विशेषकर पैकेजिंग और स्रावण।

 

Question 3. प्याज के शल्क-पत्र की झिल्ली की कोशिकाओं का चित्र बनाइये ।
Answer: प्याज के शल्क-पत्र की झिल्ली की कोशिकाओं का चित्र-
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र प्याज के शल्क-पत्र की झिल्ली की कोशिकाओं को दर्शाता है। इसमें कोशिकाएं आयताकार रूप में व्यवस्थित हैं, जिनमें केन्द्रक, रिक्तिका और कोशिकाद्रव्यी धागे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जो एक विशिष्ट पादप कोशिका संरचना को प्रदर्शित करते हैं।
In simple words: प्याज की झिल्ली की कोशिकाएं आयताकार होती हैं जिनमें एक स्पष्ट केन्द्रक, बड़ी रिक्तिका और कोशिकाद्रव्यी धागे होते हैं, जो एक पौधे की कोशिका की मूल संरचना को दिखाते हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के आरेख वाले प्रश्न में, नामांकित भागों को याद रखना और उनकी स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. निम्नलिखित घटकों के कार्य लिखिए
(i) राइबोसोम
(ii) गॉल्जीकाय
(iii) माइटोकॉण्डिया
(iv) रसधानी
(v) पादप कोशाभित्ति
(vi) क्रोमोसोम्स
(vii) क्लोरोप्लास्ट
(viii) केन्द्रिका
(ix) प्लाज्मा मेम्ब्रेन ।
Answer:

क्रमांकघटककार्य
(i)राइबोसोमकोशिका में प्रोटीन का
संश्लेषण करना।
(ii)गॉल्जीकायकोशिकीय पदार्थों का
स्त्रावण एवं संचयन करना।
(iii)माइटोकॉण्ड्यिाऑक्सीश्वसन द्वारा ऊर्जा का
उत्पादन करना ।
(iv)रसधानीकोशिका में स्स्रावित होने
वाले पदार्थ एवं खाद्य पदार्थों
का संचय
करना ।
(v)पादप
कोशाभित्ति
पान्दप कोशिका को दृढ़ता एवं
आकृति प्रदान करना।
(vi)क्रोमोसोमआनुवंशिक लक्षणों को एक
पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक
पहुँचाना।
(vii)क्लोरोप्लास्टप्रकाश-संश्लेषण की क्रिया
में सहयोग करना।
(viii)केन्द्रिकाRNA का संश्लेषण करना
तथा राइबोसोम का निर्माण
करना।
(ix)प्लाज्मा मेम्ब्रेनकोशिका में पदार्थों के प्रवेश
एवं निष्कासन पर नियन्त्रण
रखना।

In simple words: ये घटक कोशिका के आवश्यक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जैसे प्रोटीन संश्लेषण (राइबोसोम), ऊर्जा उत्पादन (माइटोकॉण्ड्रिया), पदार्थ भंडारण (रसधानी), संरचनात्मक सहायता (कोशिका भित्ति), और आनुवंशिक जानकारी का वहन (क्रोमोसोम)।

🎯 Exam Tip: कोशिका के प्रत्येक महत्वपूर्ण घटक और उसके विशिष्ट कार्य को याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. एक प्राणी (जन्तु) कोशिका की आन्तरिक संरचना को स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइये ।
अथवा
जन्तु कोशिका का नामांकित चित्र बनाइए।

Answer: इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा प्रदर्शित प्राणी (जन्तु) कोशिका की संरचना का नामांकित चित्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखी गई एक प्राणी (जन्तु) कोशिका की आंतरिक संरचना को दर्शाता है। इसमें विभिन्न कोशिकांग जैसे केन्द्रक कला, केन्द्रक, माइटोकॉण्ड्रिया, गॉल्जीकाय, लाइसोसोम, रसधानी (रिक्तिका), खुरदरी और चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका, राइबोसोम और कोशिका कला स्पष्ट रूप से नामांकित हैं, जो जन्तु कोशिका की जटिलता को प्रदर्शित करते हैं।
In simple words: यह चित्र एक जन्तु कोशिका की आंतरिक संरचना को दिखाता है, जिसमें केन्द्रक, माइटोकॉण्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण, अंतर्द्रव्यी जालिका और अन्य महत्वपूर्ण कोशिकांग स्पष्ट रूप से नामांकित हैं।

🎯 Exam Tip: जन्तु कोशिका के प्रमुख कोशिकांगों की स्थिति और संरचना को याद रखें, विशेषकर जब रेखाचित्र बनाने या पहचानने को कहा जाए।

 

Question 6. एक पादप कोशिका की आन्तरिक संरचना का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइये। अथवा एक पादप कोशिका का नामांकित चित्र बनाइए ।
Answer: इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा प्रदर्शित पादप कोशिका की आन्तरिक संरचना का नामांकित चित्र-
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखी गई एक पादप कोशिका की आंतरिक संरचना को दर्शाता है। इसमें कोशिका भित्ति, कोशिका कला, केन्द्रक, केन्द्रिका, हरित लवक, माइटोकॉण्ड्रिया, गॉल्जीकाय, अंतःप्रद्रव्यी जालिका और बड़ी केन्द्रीय रिक्तिका जैसे प्रमुख कोशिकांग स्पष्ट रूप से नामांकित हैं, जो पादप कोशिका की विशेषताओं को उजागर करते हैं।
In simple words: यह चित्र एक पादप कोशिका की आंतरिक संरचना को दिखाता है, जिसमें कोशिका भित्ति, हरित लवक, बड़ी रिक्तिका, केन्द्रक और अन्य कोशिकांगों की स्थिति और संरचना स्पष्ट रूप से नामांकित है।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिका के अद्वितीय घटकों जैसे कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट पर विशेष ध्यान दें जब रेखाचित्र बनाने या पहचानने को कहा जाए।

 

Question 7. जन्तु एवं पादप कोशिका में अन्तर लिखिए।
Answer: जन्तु एवं पादप कोशिका में अन्तर-

जन्तु कोशिकापादप (वनस्पति) कोशिका
1. कोशिका भित्ति नहीं पायी जाती है।1. सेल्यूलोज की बनी कोशिका भित्ति पायी जाती हैं।
2. प्रायः लवक नहीं पाये जाते हैं।2. लवक पाये जाते हैं।
3. रिक्तिकाएँ नहीं होतीं अथवा बहुत छोटी होती हैं।3. बड़े पायी जाती हैं।
4. तारककाय (सेण्ट्रोसोम) व्यापक रूप में पाया
जाता है।
4. तारककाय केवल शैवाल एवं कवकों में पाया जाता है।
5. कोशिका विभाजन के समय कोशिका एक खाँच
द्वारा दो भागों में बँटती है जो बाहर से अन्दर की
ओर बढ़ती है।
5. कोशिका विभाजन के समय पादप कोशिका के मध्य में
एक पट्टिका बनती है जो अन्दर से बाहर की ओर बढ़ती
है।
6. भोज्य-पदार्थ ग्लाइकोजन एवं वाल्यूटिन के कणों
के रूप में संचित रहता है।
6. कवक के अतिरिक्त पादप कोशिका में भोजन मण्ड के
रूप में संचित रहता है।
7. जन्तु कोशिकाओं में लाइसोसोम पाया जाता है।7. पादप कोशिकाओं में लाइसोसोम नहीं पाया जाता है।

In simple words: जन्तु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति और लवक नहीं होते और रिक्तिकाएं छोटी होती हैं, जबकि पादप कोशिकाओं में सेल्यूलोज की कोशिका भित्ति, लवक और बड़ी रिक्तिकाएं होती हैं।

🎯 Exam Tip: जन्तु और पादप कोशिकाओं के बीच के मुख्य संरचनात्मक अंतरों को याद रखना और उन्हें तालिकाबद्ध रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक है।

 

Question 8. माइटोकॉण्डिया के कार्य लिखिए ।
Answer: माइटोकॉण्डिया के कार्य
(1) ये भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा मुक्त करते हैं तथा इस ऊर्जा को ATP के रूप में संचित करते हैं जो जैविक कार्यों में प्रयुक्त होती है।
(2) ये प्रोटीन का संश्लेषण भी करते हैं।
(3) ये अण्डों का योक तथा शुक्राणुओं के मध्यमान का निर्माण करते हैं।
In simple words: माइटोकॉण्ड्रिया मुख्य रूप से भोजन से एटीपी के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, प्रोटीन संश्लेषण में भी भाग लेता है, और कुछ जीवों में अंडे के योक व शुक्राणुओं के मध्यभाग के निर्माण में सहायता करता है।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का 'पावरहाउस' के रूप में उसकी भूमिका पर विशेष जोर दें।

 

Question 9. लाइसोसोम के कार्य लिखिए ।
Answer: लाइसोसोम के कार्य
1. ये कोशिका में पाये जाने वाले प्रकीर्णो (Enzyme) का स्रावण एवं संग्रहण करते हैं।
2. ये मृत या पुरानी कोशिकाओं का भक्षण करते हैं।
3. ये कोशिका में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म जीवों व कणों का पाचन करते हैं।
4. ये भोजन की कमी के समय कोशिकाओं तथा कोशिकाद्रव्य में उपस्थित अवयवों का पाचन करते हैं।
5. ये उपवास या रोग की स्थिति में शरीर को पोषण देते हैं।
6. शुक्राणु इन्हीं के कारण अण्डाणु में प्रवेश करते हैं।
7. इन्हें आत्महत्या करने वाली थैली (Suicide bags) कहते हैं।
In simple words: लाइसोसोम कोशिका में पाचक एंजाइमों का संग्रहण करते हैं, पुरानी या मृत कोशिकाओं और बाहरी कणों का पाचन करते हैं, तथा कोशिका को आपातकालीन पोषण प्रदान करते हैं, इसलिए इन्हें 'आत्मघाती थैली' भी कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम को 'आत्मघाती थैली' क्यों कहा जाता है, इस कार्य को उसके पाचक एंजाइमों से जोड़कर स्पष्ट करें।

 

Question 10. तारककाय (सेण्ट्रोसोम) के कार्य लिखिए ।
Answer: तारककाय (सेण्ट्रोसोम) के कार्य
1. ये जन्तु कोशिकाओं में कोशिका विभाजन के समय त रूप रेशों का निर्माण करते हैं।
2. ये शुक्राणु में स्थित दो सेण्ट्रिओल में से कशाभ का अक्षीय तन्तु बनाते हैं।
3. ये सेण्ट्रिओल पक्ष्मों व कशाभों के काइनेटोसोम या आधारकाय बनाते हैं।
In simple words: तारककाय कोशिका विभाजन में तर्कु रेशों का निर्माण करता है, शुक्राणुओं में अक्षीय तंतु बनाता है, और पक्ष्मों व कशाभों के लिए आधारकाय के रूप में कार्य करता है।

🎯 Exam Tip: तारककाय के कार्यों को कोशिका विभाजन और गति से जोड़कर याद रखें।

 

Question 11. सूक्ष्मकाओं के कार्य लिखिए।
Answer: सूक्ष्मकाओं के कार्य
1. ये कोशिकाओं के कंकाल का निर्माण करती हैं।
2. ये कोशिका के आकार, विस्तार को नियमित करती हैं।
3. ये कोशिकाओं की गति एवं गुणसूत्रों का नियन्त्रण करती हैं।
4. ये कोशिकाद्रव्य चक्रण में सहायता करती हैं।
In simple words: सूक्ष्मकाएं कोशिका के कंकाल का निर्माण करती हैं, कोशिका के आकार, गति और गुणसूत्रों को नियंत्रित करती हैं, तथा कोशिकाद्रव्य चक्रण में मदद करती हैं।

🎯 Exam Tip: सूक्ष्मकाओं के कार्यों को कोशिका की संरचना, गति और आंतरिक संगठन से जोड़कर याद रखें।

 

Question 12. रिक्तिकाओं के कार्य लिखिए।
Answer: रिक्तिकाओं के कार्य
1. ये भोजन के पाचन, उत्सर्जन आदि क्रियाओं में सहायता करती हैं।
2. ये कोशाओं में परासरण नियन्त्रण का कार्य करती हैं।
3. ये भोज्य पदार्थों का संग्रहण करती हैं।
4. टोनोप्लास्ट के अर्द्ध-पारगम्य होने के कारण, ये कोशा के अन्दर विभिन्न पदार्थों के संवहन का कार्य करती हैं।
In simple words: रिक्तिकाएं कोशिका में भोजन के पाचन, उत्सर्जन, परासरण नियंत्रण, खाद्य पदार्थों के संग्रहण और पदार्थों के संवहन जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्तिका के विभिन्न कार्यों, विशेष रूप से पादप कोशिकाओं में उसके बड़े आकार और भूमिका पर ध्यान दें।

 

Question 13. माइटोकॉण्ड्रिया को सचित्र वर्णन कीजिए ।
Answer: माइटोकॉण्ड्रिया का वर्णन-माइटोकॉण्डिया सभी यूकैरियोटिक कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में पाया जाता है। यह दोहरी झिल्ली का बना होता है जिसमें एक तरल पदार्थ भरा रहता है। इसे बाह्य कक्ष कहते हैं। माइटोकॉण्ड्रिया की आन्तरिक झिल्ली के बीच की गुहा को आन्तरिक कक्ष कहते हैं। इसमें मैट्रिक्स (आधानी) भरा होता है। आन्तरिक झिल्ली अन्दर की ओर अंगुलियों जैसी संरचनाएँ बनाती है जिन्हें क्रिस्टी कहते हैं। क्रिस्टी की सतह पर ऑक्सीसोम (F कण) नामक संरचनाएँ पाई जाती हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक संरचना को दर्शाता है, जिसमें बाहरी और आंतरिक झिल्ली, क्रिस्टी (आंतरिक झिल्ली के मोड़), मैट्रिक्स, F-कण (ऑक्सीसोम) और राइबोसोम नामांकित हैं। यह दर्शाता है कि माइटोकॉण्ड्रिया में कुण्डलित दोहरे स्ट्रैंड वाले DNA और RNA भी पाए जाते हैं।
In simple words: माइटोकॉण्ड्रिया एक दोहरी झिल्ली वाला कोशिकांग है जिसमें ऊर्जा उत्पादन होता है। इसकी आंतरिक झिल्ली मुड़कर क्रिस्टी बनाती है, जिसमें ऑक्सीसोम होते हैं, और इसके अंदर मैट्रिक्स होता है जिसमें अपना DNA और राइबोसोम होते हैं।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉण्ड्रिया की दोहरी झिल्ली संरचना, क्रिस्टी और मैट्रिक्स के महत्व पर ध्यान दें, साथ ही इसके DNA और राइबोसोम की उपस्थिति को भी उजागर करें।

 

Question 14. कोशिका झिल्ली के प्रमुख कार्य लिखिए ।
Answer: कोशिका झिल्ली के प्रमुख कार्य
1. यह कोशिका को एक आकार प्रदान करती है।
2. यह कोशिका के जीवित अंगों की सुरक्षा के लिए एक आवरण प्रदान करने का कार्य भी करती है।
3. इसका मुख्य कार्य कोशिका के अन्दर और उसके बाहरी माध्यमों के बीच आणविक आदान-प्रदान को नियन्त्रित करना है।
In simple words: कोशिका झिल्ली कोशिका को आकार देती है, उसके आंतरिक अंगों की रक्षा करती है, और कोशिका के अंदर व बाहर पदार्थों के आदान-प्रदान को नियंत्रित करती है, जिससे उसकी अखंडता बनी रहती है।

🎯 Exam Tip: कोशिका झिल्ली के तीन मुख्य कार्यों (आकार, सुरक्षा, नियंत्रण) को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

Question 15. गॉल्जीकाय या गॉल्जी बॉडी या गॉल्जी उपकरण का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: गॉल्जीकार्य या शल्जी उपकरण का वर्णन-गॉल्जीकाय दोहरी झिल्ली की बनी संरचनाएँ हैं। जो एक खाली स्थान के द्वारा एक-दूसरे से अलग-अलग स्थित होती हैं। इनमें तीन घटक होते हैं।
(1) चपटे कोष,
(2) आशय,
(3) रिक्तिकाएँ।
एक जन्तु कोशिका में 3 से 7 एवं पादप कोशिका में 10 से 20 गॉल्जीकाय पाये जाते हैं।
In simple words: गॉल्जीकाय, जो दोहरी झिल्लीदार संरचनाओं से बना है, कोशिका में पदार्थों की पैकेजिंग, प्रसंस्करण और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, तथा लाइसोसोम और अन्य स्रावी घटकों के निर्माण में भी शामिल होता है।

🎯 Exam Tip: गॉल्जी उपकरण की संरचना (चपटे कोष, आशय, रिक्तिकाएँ) और इसके कार्यों (पैकेजिंग, स्रावण, लाइसोसोम निर्माण) को याद रखें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. एक जन्तु कोशिका का वर्णन कीजिए ।
Answer: जन्तु कोशिका का वर्णन - जन्तु कोशिका में अग्रलिखित भाग होते हैं
1. कोशिका कला (झिल्ली) - यह तीन परतों की बनी होती है- बीच की परत लिपिड की तथा शेष दो प्रोटीन की। यह अर्द्ध-पारगम्य झिल्ली होती है।
2. अन्तःप्रद्रव्यी जालिका - झिल्लियों से बना नलिकाकार तन्त्र जो बाहर कोशिका कला से तथा अन्दर केन्द्रक कला से जुड़ा हुआ है। इस तन्त्र की सतह पर राइबोसोम पाये जाते हैं।
3. राइबोसोम - प्रोटीन एवं राइबोन्यूक्लिक अम्ल से बनी कणिकामय संरचनाएँ।
4. लाइसोसोम - एकल झिल्ली से घिरी गोल संरचनाएँ जिनमें हाइड्रोजन एन्जाइम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
5. सेण्ट्रोसोम - केन्द्रक के निकट पाई जाने वाली संरचना जिसके खोखले भाग में तीन-तीन सूक्ष्म नलिकाओं के 9 समूह होते हैं।
6. माइटोकॉण्ड्रिया - दो झिल्लियों से घिरी गोल अथवा चपटी संरचना जिसकी बाहरी झिल्ली चिकनी तथा भीतरी झिल्ली माइटोकॉण्डिया की गुहिका में फँसी होती है जिसमें क्रिस्टी नामक अंग्रलासर प्रवर्ध निकले रहते हैं। यह कोशिका का ऊर्जा घर (Power house) होती है।
7. गॉल्जी बॉडी - सिस्टर्नी नलिकाओं तथा गुहिकाओं से मिलकर बनी अर्द्धचन्द्राकार रचनाएँ हैं। यह सिस्टर्नी जाल के रूप में होती है।
8. केन्द्रक - यह दोहरी केन्द्रक कला से घिरा हुआ गोल अथवा चपटे आकार का सबसे बड़ा कोशिकांग है। केन्द्रक में उपस्थित कणिकामय द्रव्य केन्द्रकद्रव्य कहलाता है। इसमें क्रोमेटिन तन्तुओं का जाल-सा बिछा रहता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र गॉल्जीकाय की संरचना को दर्शाता है, जिसमें रिक्तिकाएँ, कोष और आशय जैसे घटक समतल इकाई झिल्लियों के गुच्छों के रूप में व्यवस्थित हैं, जो यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
In simple words: जन्तु कोशिका में कोशिका झिल्ली, अंतर्द्रव्यी जालिका, राइबोसोम, लाइसोसोम, सेंट्रोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी बॉडी और केन्द्रक जैसे प्रमुख अंग होते हैं जो विभिन्न जैविक कार्यों को सम्पन्न करते हैं।

🎯 Exam Tip: जन्तु कोशिका के प्रत्येक अंगक के कार्यों और उनकी संरचना को स्पष्ट रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर रेखाचित्रों के साथ।

 

Question 2. वनस्पति कोशिका का वर्णन कीजिए।
Answer: वनस्पति कोशिका का वर्णन-वनस्पति कोशिका की संरचना भी जन्तु कोशिका की तरह होती। है। लेकिन इसमें तारक काय (सेण्ट्रोसोम) नहीं पाया जाता है। इसके अतिरिक्त इसमें जन्तु कोशा के अतिरिक्त निम्नलिखित भाग और पाये जाते हैं
1. कोशिका भित्ति - सेल्यूलोज का बना कोशिका का आवरण होता है।
2. लवक - वनस्पति कोशा में तीन प्रकार के लवक पाये जाते हैं- (1) अवर्णी लवक, (2) हरित लवक तथा (3) वर्णी लवक । हरित लवक के कारण ही पौधों के विभिन्न भाग हरे दिखाई देते हैं।
3. रसधानी - कोशिका के मध्य में विस्तृत रसधानी उपस्थित होती है।
In simple words: वनस्पति कोशिका जन्तु कोशिका के समान होती है, लेकिन इसमें सेंट्रोसोम नहीं होता। इसकी मुख्य पहचान कोशिका भित्ति, तीन प्रकार के लवक (जैसे हरित लवक जो हरा रंग देता है), और एक बड़ी केंद्रीय रसधानी की उपस्थिति है।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिका के विशिष्ट अंगों जैसे कोशिका भित्ति और लवकों की भूमिका को समझना, और जन्तु कोशिका से इसके अंतर को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. समसूत्री विभाजन की कितनी प्रावस्थाएँ होती हैं ? उनके नाम लिखिए।
Answer: समरूपी विभाजन की प्रावस्थाएँ - समसूत्री विजन की निम्नलिखित पाँच प्रावस्थाएँ होती हैं।
1. विश्रामावस्था (Resting Period) अथवा अन्तरालावस्था या इण्टरफेज (Interphase)
2. पूर्वावस्था या प्रोफेज (Prophase)
3. मध्यावस्था या मेटाफेज (Metaphase)
4. आश्वावस्था या एनाफेज (Anaphase)
5. अत्यावस्था या टीलोफेज (Telophase)
In simple words: समसूत्री विभाजन में पाँच मुख्य अवस्थाएँ होती हैं- इंटरफेज (तैयारी), प्रोफेज, मेटाफेज, एनाफेज और टेलोफेज (विभाजन)। इन चरणों के माध्यम से एक कोशिका दो समान नई कोशिकाओं में विभाजित होती है।

🎯 Exam Tip: कोशिका विभाजन की सभी प्रावस्थाओं के नाम और उनके मुख्य घटनाक्रमों को क्रमबद्ध तरीके से याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. अतःप्रद्रव्यी जालिका का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: अन्तः प्रद्रव्यी जालिका का वर्णन अन्तःप्रद्रव्यी जालिका में सूक्ष्म आशय (थैलियाँ) एवं नलिकाओं का जालक तन्त्र होता है। यह केन्द्रक झिल्ली से कोशिका झिल्ली तक कोशिकाद्रव्य में फैली रहती हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) की संरचना को दिखाता है, जिसमें सिस्टर्नी (समानांतर नलिकाएँ), जलाकार (ट्यूबलर संरचनाएँ) और आशय (छोटी थैलियाँ) शामिल हैं। यह कोशिका में पदार्थों के परिवहन और संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: अंतर्द्रव्यी जालिका कोशिका के भीतर एक बड़ा जाल है जो थैलियों और नलिकाओं से बना होता है, और यह केन्द्रक से कोशिका झिल्ली तक फैला होता है। यह प्रोटीन और लिपिड बनाने और उन्हें कोशिका के अंदर भेजने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: अंतर्द्रव्यी जालिका की संरचना (सिस्टर्नी, नलिकाएँ, आशय) और इसके प्रमुख कार्यों (प्रोटीन व लिपिड संश्लेषण) को समझना आवश्यक है।

 

Question 5. तारककाय का संचित्र वर्णन कीजिए ।
Answer: तारककाय (Centrosome) का वर्णन-तारककाय जन्तु कोशिकाओं में केन्द्रक के पास पाया जाता है। इसके अतिरिक्त यह शैवाल तथा कवक की कोशिकाओं में भी पाया जाता है। प्रत्येक तारककाय में तारक केन्द्र होते हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र तारककाय की दो दृश्यों को दर्शाता है: (अ) एक जोड़ा तारककाय जिसमें दो सेण्ट्रिओल होते हैं, और (ब) तारककाय का अनुप्रस्थ काट (T.S.) जो इसकी ट्रिपलेट माइक्रो ट्यूब्यूल व्यवस्था को दिखाता है। यह कोशिका विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: तारककाय जन्तु कोशिकाओं में केन्द्रक के पास होता है और शैवाल व कवक में भी मिलता है। यह तारक केन्द्रों से बना होता है और कोशिका विभाजन में मुख्य भूमिका निभाता है।

🎯 Exam Tip: तारककाय की उपस्थिति (जन्तु कोशिकाओं में), इसकी संरचना (तारक केन्द्र) और कोशिका विभाजन में इसकी भूमिका को याद रखें।

 

Question 6. लाइसोसोम का सचित्र वर्णन कीजिए ।
Answer: लाइसोसोम का वर्णन-लाइसोसोम 0.2 से 0.8 तक व्यास वाली इकाई झिल्ली की बनी गोलाकार या अण्डाकार संरचनाएँ होती हैं। इनमें पाचक प्रकोण्व (Digestive enzyme) पाये जाते हैं। इनमें 24 प्रकार के एन्जाइम पाये जाते हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र लाइसोसोम की आंतरिक संरचना को दर्शाता है, जिसमें एक एकल झिल्ली से घिरी रिक्तिका और माइलिन बॉडी जैसी संरचनाएं दिखाई गई हैं। लाइसोसोम में पाचक एंजाइम होते हैं और यह कोशिका के अपशिष्ट निपटान में मदद करता है।
In simple words: लाइसोसोम छोटी, गोल संरचनाएँ होती हैं जिनके अंदर शक्तिशाली पाचक एंजाइम होते हैं। ये एंजाइम कोशिका के अपशिष्ट और क्षतिग्रस्त भागों को पचाने का काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम की संरचना (एकल झिल्ली, गोलाकार) और उसके पाचक एंजाइमों की उपस्थिति, साथ ही उसके "आत्मघाती थैली" के कार्य को याद रखें।

 

Question 7. राइबोसोम का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: राइबोसोम का वर्णन-राइबोसोम्स सघन, गोलाकार, कणिकामय संरचनाएँ हैं तथा कोशिका में उपस्थित सबसे छोटे कोशिकांग हैं। इनका व्यास लगभग 250A होता है। ये केवल RNA एवं प्रोटीन से निर्मित होते हैं तथा कलाविहीन कणों के रूप में क्लोरोप्लास्ट, माइटोकॉण्ड्रिया, केन्द्रक के अन्दर या अन्त:प्रद्रव्यी जालिका के ऊपर या कोशिकाद्रव्य में स्वतन्त्र रूप से पाये जाते हैं। ये अपारदर्शी होते हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र राइबोसोम की संरचना को दर्शाता है, जिसमें दो उप-इकाइयाँ एक साथ मिलकर प्रोटीन संश्लेषण करती हैं। ये कोशिका के भीतर आरएनए और प्रोटीन से बनी छोटी कणिकामय संरचनाएं होती हैं।
In simple words: राइबोसोम बहुत छोटे, गोलाकार कण होते हैं जो RNA और प्रोटीन से मिलकर बनते हैं। ये कोशिका के अंदर प्रोटीन बनाने का मुख्य कार्य करते हैं और अंतर्द्रव्यी जालिका पर या कोशिकाद्रव्य में स्वतंत्र रूप से पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: राइबोसोम के आकार, उसकी RNA और प्रोटीन से बनी संरचना, और सबसे महत्वपूर्ण, उसके प्रोटीन संश्लेषण के कार्य को याद रखें।

 

Question 8. लवक का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: लवक का वर्णन-लवक अधिकांश पादप तथा कुछ प्रकाश-संश्लेषी एक कोशिकीय जन्तुओं (Protozoa) की कोशिकाओं में पाई जाने वाली छोटी-छोटी बिम्ब के समान, गोल अथवा अण्डाकार दोहरी दीवार युक्त संरचना होती है। ये तीन प्रकार के होते हैं
1. अवर्णी लवक,
2. हरित लवक तथा
3. वर्णी लवक ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र तीन मुख्य प्रकार के लवकों- अवर्णी लवक (ल्यूकोप्लास्ट), हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट), और वर्णी लवक (क्रोमोप्लास्ट) की संरचनाओं को दर्शाता है। प्रत्येक लवक का अपना विशिष्ट कार्य होता है, जैसे भोजन का भंडारण, प्रकाश संश्लेषण, और पौधों को रंग प्रदान करना।
In simple words: लवक पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले दोहरी झिल्ली वाले अंग होते हैं जो तीन प्रकार के होते हैं: अवर्णी लवक (भोजन भंडारण), हरित लवक (प्रकाश संश्लेषण के लिए हरा रंग), और वर्णी लवक (पौधों के अन्य रंग)।

🎯 Exam Tip: लवकों के तीनों प्रकार (अवर्णी, हरित, वर्णी) को उनके विशिष्ट कार्यों और पौधों के विभिन्न भागों में उनकी उपस्थिति के साथ याद रखें।

 

Question 9. प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अन्तर बताइये ।
Answer:

कोशिकांग
(Organelles)
प्रोकैरियोटिक कोशिका
(Prokaryotic cell)
यूकैरियोटिक कोशिका
(Eukaryotic cell)
1. कोशिका भित्तिअमीनो अम्ल की बनी होती है।पादप कोशिका में सेल्यूलोज की बनी होती है, किन्तु जन्तु कोशिका में अनुपस्थित होती है।
2. प्लाज्मा कलाउपस्थित, सरल होती है।उपस्थित, जटिल होती है।
3. अन्तः प्रद्रव्यी जालिकाअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
4. गॉल्जी कायअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
5. राइबोसोम70 S प्रकार के होते हैं।80 S प्रकार के होते हैं।
6. माइटोकॉण्ड्यिाअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
7. लाइसोसोमअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
8. रिक्तिकाएँअनुपस्थित होती हैं।केवल पादप कोशिकाओं में उपस्थित होती हैं।
9. केन्द्रक कलाअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
10. केन्द्रक रसकोशिकाद्रव्य से भिन्न नहीं होता है।कोशिका द्रव्य से केन्द्रक कला द्वारा भिन्नित रहता है।
11. आनुवंशिक पदार्थDNA या RNA उपस्थित रहता है।केवल DNA उपस्थित रहता है।
12. गुणसूत्रकेवल एकल संरचना होती है, जो DNA या RNA से बनती है।यह एक से अधिक होते हैं, जो DNA तथा प्रोटीन के बनते हैं।
13. केन्द्रिकाअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
14. सेन्ट्रिओलअनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।

In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ छोटी होती हैं, इनमें स्पष्ट केन्द्रक नहीं होता और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएँ बड़ी होती हैं, इनमें सुस्पष्ट केन्द्रक होता है और सभी झिल्ली-बद्ध कोशिकांग मौजूद होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच मुख्य अंतरों को एक तालिका के रूप में याद रखना तुलनात्मक अध्ययन के लिए अत्यधिक उपयोगी है।

 

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है
(a) फेफड़ों में
(b) हृदय में
(c) अस्थिमज्जा में
(d) गुर्दो में ।
Answer: (c) अस्थिमज्जा में
In simple words: लाल रक्त कणिकाएँ, जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम करती हैं, अस्थिमज्जा (bone marrow) में बनती हैं।

🎯 Exam Tip: लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण स्थल को याद रखें, जो अस्थिमज्जा है।

 

Question 2. कोशिका का ऊर्जागृह कहलाता है-
(a) लाइसोसोम
(b) माइटाकण्डूया
(c) गाजीबॉडी नीलॉटी
(d) केन्द्रक।
Answer: (b) माइटाकण्डूया
In simple words: माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जागृह कहते हैं क्योंकि यह भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करता है, जिसे ATP के रूप में संग्रहित किया जाता है।

🎯 Exam Tip: कोशिका के ऊर्जागृह के रूप में माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य को समझना और याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. राइबोसोम संश्लेषण करता है
(a) प्रोटीन का
(b) RNA का
(c) DNA का
(d) इन सभी का
Answer: (a) प्रोटीन का
In simple words: राइबोसोम कोशिका के अंदर प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं, जो शरीर के कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं।

🎯 Exam Tip: राइबोसोम का प्राथमिक कार्य प्रोटीन संश्लेषण है, इसे ध्यान में रखें।

 

Question 4. पौधों में हरा रंग निम्न के कारण होता है
(a) वर्णी लवक
(b) अवर्णी लवक
(c) हरित लवक
(d) ये सभी ।
Answer: (c) हरित लवक
In simple words: पौधों का हरा रंग हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट) में मौजूद क्लोरोफिल नामक वर्णक के कारण होता है, जो प्रकाश संश्लेषण में भी मदद करता है।

🎯 Exam Tip: पौधों के हरे रंग के लिए हरित लवक और क्लोरोफिल की भूमिका को याद रखें।

 

Question 5. मानव शरीर में सबसे बड़ी कोशिका है
(a) नर्व सेल
(b) मसल सेल
(c) लिवर सेल
(d) किडनी सेल
Answer: (a) नर्व सेल
In simple words: मानव शरीर में तंत्रिका कोशिका (नर्व सेल) सबसे लंबी कोशिका होती है, जो संदेशों को मस्तिष्क से शरीर के अन्य भागों तक ले जाती है।

🎯 Exam Tip: मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका के रूप में तंत्रिका कोशिका को याद रखें।

 

Question 6. जन्तु कोशिका में प्रोटोप्लाज्म तथा अन्य वातावरण के बीच रोधिका है
(a) सेल वाल
(b) न्यूक्लियर मेम्ब्रेन
(c) टोनोप्लास्ट
(d) प्लाज्मा मेम्ब्रेन
Answer: (d) प्लाज्मा मेम्ब्रेन
In simple words: प्लाज्मा मेम्ब्रेन (कोशिका झिल्ली) जन्तु कोशिका में प्रोटोप्लाज्म और बाहरी वातावरण के बीच एक सुरक्षात्मक परत के रूप में कार्य करती है, पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।

🎯 Exam Tip: जन्तु कोशिका की बाहरी सीमा के रूप में प्लाज्मा झिल्ली के कार्य और स्थान को याद रखें।

 

Question 7. शब्द सेल' देने वाले थे
(a) ल्यूवेन हुक
(b) रॉबर्ट हुक
(c) फ्लेमिंग।
(d) रॉबर्ट ब्राउन
Answer: (b) रॉबर्ट हुक
In simple words: रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की पतली काट में छोटे-छोटे प्रकोष्ठ देखे और उन्हें 'सेल' नाम दिया।

🎯 Exam Tip: कोशिका शब्द देने वाले वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक का नाम और वर्ष याद रखें।

 

Question 8. कोशिका सिद्धान्त प्रस्तावित करने वाले थे
(a) श्लीडेन तथा श्वान
(b) वाट्सन तथा क्रिक
(c) डार्विन तथा वैलेस
(d) मेण्डेल तथा मॉर्गन
Answer: (a) श्लीडेन तथा श्वान
In simple words: कोशिका सिद्धान्त, जो बताता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं, श्लीडेन और श्वान द्वारा प्रस्तावित किया गया था।

🎯 Exam Tip: कोशिका सिद्धांत के प्रतिपादकों (श्लीडेन और श्वान) को याद रखना आवश्यक है।

 

Question 9. निम्नलिखित की अनुपस्थिति के कारण पादप कोशिका जंतु कोशिका से भिन्न होती है
(a) एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(b) माइटोकॉण्ड्रिया
(c) राइबोसोम
(d) सेण्ट्रियोल
Answer: (d) सेण्ट्रियोल
In simple words: पादप कोशिकाओं में सेण्ट्रियोल (तारककाय) अनुपस्थित होता है, जबकि जन्तु कोशिकाओं में यह पाया जाता है, जिससे पादप कोशिकाएँ जन्तु कोशिकाओं से भिन्न होती हैं।

🎯 Exam Tip: पादप और जन्तु कोशिकाओं के बीच मुख्य अंतरों में से एक के रूप में सेंट्रियोल की अनुपस्थिति को याद रखें।

 

Question 10. सेन्ट्रोसोम निम्नलिखित में पाया जाता है
(a) साइटोप्लाज्मा
(b) न्यूक्लियस
(c) कोमोसोम
(d) न्यूक्लियोलस
Answer: (a) साइटोप्लाज्मा
In simple words: सेन्ट्रोसोम (तारककाय) कोशिका के साइटोप्लाज्म में स्थित होता है, खासकर केन्द्रक के पास।

🎯 Exam Tip: सेन्ट्रोसोम के स्थान के रूप में साइटोप्लाज्म को याद रखें।

 

Question 11. कोशिका का बिजलीघर है
(a) क्लोरोप्लास्ट
(b) माइटोकॉण्डिॉन
(c) गॉल्जी अपरेटस
(d) न्यूक्लियोलस
Answer: (b) माइटोकॉण्डिॉन
In simple words: माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका के लिए ऊर्जा पैदा करता है, इसलिए इसे कोशिका का बिजलीघर कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉन्ड्रिया को "कोशिका का बिजलीघर" के रूप में पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 12. कोशिका के भीतर श्वसन (ऑक्सीकरण) का स्थान है
(a) राइबोसोम
(b) गॉल्जी अपरेटस
(c) माइटोकॉण्डुिऑन
(d) एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम
Answer: (c) माइटोकॉण्डुिऑन
In simple words: कोशिका के अंदर श्वसन और ऑक्सीकरण की प्रक्रियाएँ मुख्य रूप से माइटोकॉन्ड्रिया में होती हैं।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिकीय श्वसन और ऊर्जा उत्पादन के प्रमुख स्थल के रूप में याद रखें।

 

Question 13. पाचक थैला कहलाता है
(a) सेण्ट्रोसोम
(b) लाइसोसोम
(c) मेसोसोम
(d) क्रोमोसोम
Answer: (b) लाइसोसोम
In simple words: लाइसोसोम में पाचक एंजाइम होते हैं जो कोशिका के अपशिष्ट पदार्थों को पचाते हैं, इसलिए इन्हें "पाचक थैला" या "आत्मघाती थैली" भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम को "पाचक थैला" या "आत्मघाती थैली" के रूप में इसके कार्य के कारण याद रखें।

 

Question 14. राइबोसोम निम्नलिखित के केन्द्र हैं
(a) रेस्पिरेशन
(b) फोटोसिथेसिस
(c) प्रोटीन सिन्थेसिस
(d) फैट सिन्थेसिप
Answer: (c) प्रोटीन सिन्थेसिस
In simple words: राइबोसोम कोशिका के अंदर प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया का मुख्य स्थान होते हैं।

🎯 Exam Tip: राइबोसोम का सीधा संबंध प्रोटीन संश्लेषण से है, इसे याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 15. द्विक झिल्ली निम्नलिखित में अनुपस्थित होती है
(a) माइटोकॉण्डुिऑन
(b) क्लोरोप्लास्ट
(c) न्यूक्लियस
(d) लाइसोसोम
Answer: (d) लाइसोसोम
In simple words: लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरा होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और केन्द्रक में दोहरी झिल्ली पाई जाती है।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम की एकल झिल्ली संरचना को याद रखें, जो इसे अन्य दोहरी झिल्ली वाले अंगों से अलग करती है।

 

Question 16. केवल पादपों में पाये जाने वाला कोशिकांगक है
(a) गॉल्जी अपरेटस
(b) माइटोकॉण्डिया
(c) प्लास्टिड
(d) राइबोसोम
Answer: (c) प्लास्टिड
In simple words: प्लास्टिड, जैसे कि हरित लवक, केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं और प्रकाश संश्लेषण, भंडारण या रंग प्रदान करने में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिड्स की पहचान पादप कोशिकाओं के विशिष्ट अंग के रूप में करें।

 

Question 17. केन्द्रक तथा कला परिबद्ध कोशिकांगक रहित जीव हैं
(a) डिप्लॉयड्स
(b) प्रोकैरियोट्स
(c) हैप्लॉयड्स
(d) यूकैरियोट
Answer: (b) प्रोकैरियोट्स
In simple words: प्रोकैरियोट्स ऐसे जीव हैं जिनकी कोशिकाओं में स्पष्ट केन्द्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोट्स की परिभाषा को याद रखें, जिसमें केन्द्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों की अनुपस्थिति शामिल है।

 

Question 18. जंतु कोशिका निम्नलिखित के द्वारा सीमित होती है
(a) प्लाज्मा मेम्ब्रेन
(b) सेल मेम्ब्रेन
(c) सेल वाल ।
(d) बेसमेन्ट मेम्ब्रेन
Answer: (a) प्लाज्मा मेम्ब्रेन
In simple words: जन्तु कोशिका की बाहरी सीमा प्लाज्मा मेम्ब्रेन (कोशिका झिल्ली) होती है, जो कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग करती है।

🎯 Exam Tip: जन्तु कोशिका की बाहरी परत के रूप में प्लाज्मा मेम्ब्रेन को याद रखें।

 

Question 19. एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम का जाल निम्नलिखित में उपस्थित होता है
(a) न्यूक्लियस
(b) न्यूक्लिमेलस
(c) साइटोप्लाज्म
(d) क्रोमोसोम्स
Answer: (c) साइटोप्लाज्म
In simple words: एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम कोशिका के साइटोप्लाज्म में एक व्यापक जाल के रूप में फैला होता है।

🎯 Exam Tip: एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम के स्थान के रूप में साइटोप्लाज्म को याद रखें।

 

Question 20. लाइसोसोम निम्नलिखित के आशय (reservoirs) हैं
(a) फैट
(b) RNA
(c) सिक्रीटरी ग्लाइकोप्रोटीन्स
(d) हाइड्रोलिटिक एन्जाइम्स
Answer: (d) हाइड्रोलिटिक एन्जाइम्स
In simple words: लाइसोसोम में विभिन्न प्रकार के हाइड्रोलिटिक एंजाइम जमा होते हैं जो पदार्थों को पचाने का काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम में हाइड्रोलिटिक एंजाइमों की उपस्थिति और उनके कार्य को याद रखें।

 

Question 21. पादप कोशिका की रसधानी को घेरनेवाली झिल्ली कहलाते हैं
(a) टोनोप्लास्ट
(b) प्लाज्मा मेम्ब्रेन
(c) न्यूक्लियर मेम्ब्रेन
(d) सेले वाल
Answer: (a) टोनोप्लास्ट
In simple words: पादप कोशिका की बड़ी केंद्रीय रसधानी को घेरने वाली एकल झिल्ली को टोनोप्लास्ट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: पादप रसधानी को घेरने वाली झिल्ली के नाम (टोनोप्लास्ट) को याद रखें।

 

Question 22. कोशिका स्रवण निम्नलिखित के द्वारा किया जात है
(a) प्लास्टिड्स
(b) एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(c) गॉल्नो अपरेटस
(d) न्यूक्लियोलस
Answer: (c) गॉल्नो अपरेटस
In simple words: गॉल्जी उपकरण (गॉल्जी अपरेटस) कोशिका में स्रवण प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदार होता है, जिसमें पदार्थों का पैकेजिंग और परिवहन शामिल है।

🎯 Exam Tip: गॉल्जी उपकरण के प्रमुख कार्य के रूप में कोशिकीय स्रवण को याद रखें।

 

Question 23. सेण्ट्रियोल निम्नलिखित से सम्बद्ध है
(a) DNA सिन्थेसिस
(b) शिरोडक्शन
(c) स्पिण्डिल निर्माण
(d) रेस्पिरेशन
Answer: (c) स्पिण्डिल निर्माण
In simple words: सेण्ट्रियोल कोशिका विभाजन के दौरान स्पिंडल फाइबर (तर्कु तंतु) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🎯 Exam Tip: सेण्ट्रियोल का मुख्य कार्य कोशिका विभाजन के दौरान स्पिंडल फाइबर के निर्माण से संबंधित है।

 

Question 24. जंतु कोशिका और पादप कोशिका के बीच प्रमुख अंतर है
(a) न्यूट्रिशन
(b) ग्रोथ
(c) पूवमेन्ट
(d) रेस्पिरेशन
Answer: (a) न्यूट्रिशन
In simple words: जन्तु कोशिकाएँ विषमपोषी होती हैं, जबकि पादप कोशिकाएँ स्वपोषी होती हैं और प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाती हैं, जो न्यूट्रिशन में प्रमुख अंतर है।

🎯 Exam Tip: पादप और जन्तु कोशिकाओं के पोषण के तरीके में मूलभूत अंतर को याद रखें।

 

Question 25. केन्द्रक रहित जंतु कोशिका में निम्नलिखित का भी अभाव होता है
(a) क्रोणेम
(b) राइबोसोम
(c) लाइसोसोम
(d) एन्डोप्लामिक रेटिकुलम
Answer: (a) क्रोणेम
In simple words: केन्द्रक रहित जन्तु कोशिका में क्रोमोसोम (क्रोणेम) का भी अभाव होता है क्योंकि क्रोमोसोम मुख्य रूप से केन्द्रक के अंदर पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक की अनुपस्थिति क्रोमोसोम की अनुपस्थिति से संबंधित है, इस सहसंबंध को समझें।

 

Question 26. प्लाज्मोलिसिस निम्नलिखित के कारण होती है
(a) ऐब्जॉर्पशन
(b) एण्डॉस्मोसिस
(c) ऑस्मोसिस
(d) एक्सॉस्मोसिस
Answer: (d) एक्सॉस्मोसिस
In simple words: प्लाज्मोलिसिस वह प्रक्रिया है जिसमें कोशिका से पानी बाहर निकल जाता है (एक्सॉस्मोसिस) जिससे कोशिका झिल्ली सिकुड़ जाती है।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मोलिसिस के कारण के रूप में एक्सॉस्मोसिस (बहिःपरासरण) को याद रखें।

 

Question 27. पादप कोशिका निम्नलिखित के कारण फूल जाती है
(a) प्लाज्मोलिसिस
(b) एक्सॉस्मोसिस
(c) एण्डॉस्मोरिस
(d) इलेक्ट्रोलिसिस
Answer: (c) एण्डॉस्मोरिस
In simple words: पादप कोशिका एंडॉस्मोसिस (अंतःपरासरण) के कारण फूल जाती है, जब पानी कोशिका के अंदर चला जाता है और कोशिका भित्ति पर दबाव डालता है।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिका के फूलने के पीछे के कारण (एंडॉस्मोसिस) को समझें।

 

Question 28. बाह्य विलयन में, निलेय सान्द्रण उच्चतर होने पर कहलाता है ।
(a) हाइपोटॉनिल
(b) आइसटॉनिक
(c) हाइपरटॉनिक
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) हाइपरटॉनिक
In simple words: जिस बाहरी विलयन में विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर से अधिक होती है, उसे हाइपरटॉनिक विलयन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: हाइपरटॉनिक विलयन की परिभाषा को याद रखें, जिसमें बाहरी विलयन में विलेय की उच्च सांद्रता होती है।

 

Question 29. हाइपोटॉनिक विलयन में रखी कोशिका
(a) सिकुड़ जाये।
(b) प्लाज्मोलिसिस प्रदर्शित कोगी ।
(c) फूल जायेगी
(d) आकृति अथवा कार अपरिवर्तित रहे ।
Answer: (c) फूल जायेगी
In simple words: हाइपोटॉनिक विलयन में रखी कोशिका पानी को अंदर सोख लेती है (एंडॉस्मोसिस) और परिणामस्वरूप फूल जाती है।

🎯 Exam Tip: हाइपोटॉनिक विलयन में कोशिका के व्यवहार (फूलना) को एंडॉस्मोसिस के साथ जोड़कर याद रखें।

 

Question 30. सूर्यप्रकाश की विकिरण ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित होकर निम्नलिखित के रूप में संगृहीत होती है
(a) AMP
(b) ADP
(c) ATP
(d) APP
Answer: (c) ATP
In simple words: प्रकाश संश्लेषण के दौरान सूर्यप्रकाश की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलकर ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में संग्रहित किया जाता है, जो कोशिका के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा के रासायनिक रूप में ATP के भंडारण को याद रखें, जो जीवन प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है।

UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 9 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 9 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 9 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Science Class 9 Solved Papers

Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 9 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Science UP Board solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Science. You can access UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science UP Board solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मूलभूत इकाई in printable PDF format for offline study on any device.